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वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्हा-किसली से माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व्स की 52 वर्ष की यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में आगे भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

लिए 7 फेरे , सुहागरात मनाई, 8 दिन तक संस्कारी बहू बनकर भी रही… फिर लाखों रुपए का माल समेट कर फरार

ग्वालियर ग्वालियर शहर में एक बार फिर लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है, जो अपने दूल्हे के घर में हाथ साफ करके फरार हो गई। वह लाखों रुपए का माल तो समेट कर तो ले ही गई साथ ही में उस परिवार को बदनामी का दाग भी दे गई। युवक ने पहले भोपाल जाकर इस महिला के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए शादी की थी और फिर इसके बाद परिवार के सभी लोगों के सामने उसके साथ सात फेरे भी लिए थे। इसके बाद महिला 8 दिन उसके साथ पत्नी बनकर भी रही। इसी बीच एक दिन जब दूल्हा नौकरी पर गया, तो सही मौका पाकर लुटेरी दुल्हन दहेज में मिला सोना और और नगदी लेकर फरार हो गई। वहीं जब युवक ने पत्नी के आधार कार्ड की जांच कराई तो वह भी फर्जी निकला। लुटेरी दुल्हन का यह पूरा मामला ग्वालियर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रॉय कॉलोनी का है। यहां रहने वाले युवक शिवम कुमार के परिजन उसकी शादी के लिए कई दिनों से लड़की तलाश कर रहे थे। इसी बीच शमशाबाद आगरा निवासी उसकी बहन के ससुर ने भोपाल में एक लड़की को तलाश कर रिश्ते की बात चलाई। बातचीत के बाद मामला जम गया और बात शादी तक आ पहुंची, लड़का भी लड़की को देखकर राजी हो गया और इसके बाद भोपाल में दोनों के परिवारों के बीच शादी का मुहूर्त निकाला गया और धूमधाम से शादी की गई, इसके बाद दूल्हा और दुल्हन ग्वालियर आ गए। कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चला और दोनों आठ दिन तक एक-दूसरे के साथ भी रहे, परंतु आठवें दिन दुल्हन दहेज में मिला पूरा सामान लेकर ससुराल से फरार हो गई। ग्वालियर की लुटेरी दुल्हन। दुल्हन के घर से गायब होते ही दूल्हे ने सबसे पहले उसे फोन लगाया, लेकिन उसका मोबाइल बंद आया। इसके बाद उसने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन उसमें भी उसको सफलता हासिल नहीं हुई। दरअसल जब वह फैक्ट्री से लौटा तो देखा कि घर में उसकी पत्नी नहीं है। ऐसी में उसने सबसे पहले अपनी पत्नी पूजा को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद आया इसके बाद उसने अपनी बहन को कॉल कर जानकारी दी और इंतजार करता रहा। जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो युवक को दुल्हन के गायब होने पर शक हुआ। इसके बाद युवक सबसे पहले महिला के आधार कार्ड की सच्चाई जानने पहुंचा, जहां पता चला कि आधार कार्ड तो फर्जी है। इस बात का पता चलते ही युवक फौरन घर पहुंचा और घर में रखी ज्वेलरी और कैश चेक किया। इसके बाद तो युवक के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई, क्योंकि वह महिला लॉकर में रखे जेवर और कैश लेकर फरार हो चुकी थी। फिलहाल दुल्हन के फरार होने की शिकायत युवक के द्वारा ग्वालियर थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि युवक थाने में शिकायत करने आता है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।

रामकी इनवायरो के इंसीनेटर में 900 डिग्री से अधिक तापमान पर यूका कचरे को जलाया गया

During the Nutrition Fortnight

धार धार जिले में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण के लिए तीसरा ट्रायल रन सफलता के साथ पूरा किया गया। रामकी इनवायरो में स्थित इंसीनेटर में 900 डिग्री से अधिक तापमान पर कचरे को जलाया गया। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, मध्यप्रदेश के रीजनल ऑफिसर श्रीनिवास द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ट्रायल हाई कोर्ट के आदेशानुसार किया गया था। तीसरे ट्रायल रन की शुरुआत 10 मार्च को शाम 7:41 बजे हुई थी, जिसमें 12 मार्च सुबह 8:43 बजे तक कचरा जलाया गया। इस ट्रायल रन में लगभग 37 घंटे का समय लगा और कुल 10 टन कचरा जलाया गया। इस ट्रायल रन में 10 टन कचरा 270 किलो प्रति घंटे की दर से जलाया गया। ये अब तक का सबसे तेज और सफल ट्रायल साबित हुआ। इससे पहले दो ट्रायल रन और हो चुके हैं। पहले ट्रायल रन में 135 किलो प्रति घंटे की दर से कचरा जलाया गया। वहीं दूसरे ट्रायल रन में  10 टन कचरा 180 किलो प्रति घंटे की दर से जलाया गया। यह यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुरूप परिणाम इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी और आसपास के गांवों में विशेष संयंत्र लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, पर्यावरण मानकों के अनुरूप कचरे का निस्तारण किया गया और यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित पाई गई। हाई कोर्ट के आदेश के तहत हुआ ट्रायल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निस्तारण मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। हाई कोर्ट के आदेशानुसार तीन ट्रायल रन किए गए, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कचरे को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से नष्ट किया जा सके।

ज्यादा तनाव और लगातार स्ट्रेस सेहत के लिए खतरनाक, इन आसान तरीको से करे कम

स्ट्रेस सिर्फ मानसिक नहीं बल्कि शारीरिक रूप से भी असर डालता है। हल्का तनाव सामान्य है लेकिन ज्यादा और लगातार स्ट्रेस सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। यह हार्ट अटैक हाई ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है। एक्सरसाइज अच्छी नींद और सोशल इंटरैक्शन से इसे कम किया जा सकता है। आइए जानें आखिर एक इंसान कितना स्ट्रेस लेने के लिए बना है? हमारे आस-पास स्ट्रेस या तनाव के बारे में लोग काफी मजाकिया लहजे में बात करते हुए मिल जाते हैं। कई तो स्ट्रेस से गुजर रहे लोगों पर कमेंट करने से भी चूकते हैं कि तुम्हें किस बात का स्ट्रेस है भला! लेकिन क्या आपको पता है ये आम सा लगने वाला स्ट्रेस गंभीर असर भी छोड़ सकता है। क्या आपके भी मन में ये सवाल उठता है कि आखिर एक इंसान कितना स्ट्रेस झेल सकता है? ये भी स्ट्रेस है क्या वैसे तो किसी मुश्किल काम के दौरान स्ट्रेस होने की आशंका ज्यादा होती है, लेकिन कई बार डरावनी फिल्म देखकर या डेट पर जाने जैसी बातों से भी स्ट्रेस हो सकता है। खतरा या कुछ आसामान्य महसूस होने पर आपका शरीर अचानक ही एड्रेनलाइन या कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन से भर जाता है। ऐसे में आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है, ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है, एनर्जी भी बढ़ी हुई महसूस होती है ताकि आप अचानक आए इस स्ट्रेस से लड़ पाएं। इसका असर तो कुछ देर रहता है और शरीर फिर सामान्य स्थिति में भी आ जाता है। ऐसा किसी खास स्थिति या काम को लेकर होता है जब आप तनाव महसूस करते हैं। लेकिन जैसे ही स्थिति सामान्य होती है आपको अच्छा महसूस होने लगता है। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक हमारा शरीर कम मात्रा में स्ट्रेस लेने के लिए बना है, लेकिन जब यह स्ट्रेस लंबा या क्रॉनिक हो जाता है, तो हमारे शरीर पर उसके कई बुरे परिणाम देखने को मिलते हैं। पेट में भी कुछ-कुछ होता है पेट में तितली उड़ने की बात तो करते हैं, लेकिन स्ट्रेस उसे सही मायने में महसूस कराता है। कोई भी प्रेजेंटेशन देने से पहले आपको पेट में कुछ गड़बड़ या दर्द जैसा महसूस हो सकता है। कई बार स्ट्रेस के पीछे बड़े कारण भी दिख सकते हैं, जैसे पति-पत्नी की आपसी लड़ाई या फिर भूकंप या आतंकवादी हमले जैसी स्थिति में भी ऐसा हो सकता है। बार-बार होने से क्या होता है अगर बार-बार एक्यूट स्ट्रेस रहता है, तो उससे दिल की आर्टरीज में सूजन तक हो सकती है। हार्ट अटैक आने के कई सारे कारणों में ये भी एक कारण होता है। वहीं, कोई व्यक्ति स्ट्रेस से किस तरह लड़ता है, उसका असर कोलेस्ट्रॉल लेवल पर भी पड़ता है। कैसे मैनेज करें इसे     दोस्त बनाएं और लोगों से मिलते-जुलते रहें     एक्सरसाइज करना ना भूलें     हर रात अच्छी नींद लें     अगर आपको लगातार स्ट्रेस महसूस हो रहा है, तो किसी साइकोलॉजिस्ट से मिलें।  

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विष्णु राजोरिया का निजी अस्पताल में निधन

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विष्णु राजोरिया का मंगलवार शाम निजी अस्पताल में निधन हो गया है। उनकी इच्छानुसार नेत्रदान किया गया है। वे कई संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। वे कुछ दिन से बीमार थे। बुधवार सुबह 11 बजे सुभाष नगर विश्राम घाट में अंतिम संस्कार होगा।  पूर्व मंत्री विष्णु राजोरिया मंगलवार शाम भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 83 साल के थे। उन्होंने’ करीब 6 दशक पहले मासिक पत्रिका शिखर वार्ता के साथ करियर महाविद्यालय, कैरियर अस्पताल और आदर्श प्रायवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। वे प्रदेश की अनेक शैक्षणिक एवं सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के अध्यक्ष एवं सदस्य भी रहे है। परिजन ने किया नेत्रदान राजोरिया के बड़े पुत्र आशीष राजोरिया ने बताया कि, वे कुछ समय से बीमार थे। छोटे बेटे मनीष राजोरिया नें बताया कि, पिताजी की इच्छानुसार परिजन ने उनके नेत्रदान का संकल्प पूरा किया। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास बी-244, ‘शाहपुरा से सुबह- 11 बजे सुभाष नगर स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेगी। देशभर में शोक की लहर पूर्व मंत्री के निधन पर कांग्रेस, भाजपा एवं अन्य राजनीतिक दलों के अनेक, वर्तमान मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक समेत तमाम नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक प्रकट किया।

पोंटिंग ने कहा – रोहित ने जब यह घोषणा की होगी तो उनके दिमाग में कोई खास लक्ष्य रहा होगा

नई दिल्ली 2021 में जब रोहित शर्मा 34 साल के थे तो उनको टीम इंडिया की कप्तानी मिली थी। 2022 में पहली बार उन्होंने आईसीसी इवेंट में कप्तानी की। टीम टी20 विश्व कप 2022 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार गई। अगले साल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भारत हार गया और उसी साल वनडे विश्व कप का फाइनल भी भारत ने गंवाया। हालांकि, इसके बाद टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 उनकी कप्तानी में भारत ने जीती और अब वे कुछ महीने के बाद 38 साल के हो जाएंगे। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से टी20 विश्व कप जीतने के बाद वे रिटायरमेंट ले चुके हैं। ऐसे में उनके वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट को लेकर बातें हो रही हैं, लेकिन रोहित शर्मा ने साफ कर दिया है कि वे रिटायरमेंट नहीं ले रहे। इस पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा है कि रोहित के दिमाग में ये बात है कि उनको कब रिटायर होना है। आईसीसी रिव्यू पर मेजबान क्रिस्टल अर्नाल्ड के साथ बात करते हुए पोंटिंग ने कहा कि रोहित ने जब यह घोषणा की होगी तो उनके दिमाग में कोई खास लक्ष्य रहा होगा। उन्होंने कहा, “जब आप अपने करियर के उस बिंदु पर पहुंचने लगते हैं, तो हर कोई आपके रिटायर होने का इंतजार कर रहा होता है। मुझे नहीं पता कि क्यों, जब आप अभी भी उतना ही अच्छा खेल सकते हैं, जितना उन्होंने (फाइनल में) खेला है, मुझे लगता है कि वह बस उन सवालों को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश कर रहे थे और कह रहे थे, ‘नहीं, मैं अभी भी काफी अच्छा खेल रहा हूं। मुझे इस टीम में खेलना पसंद है। मुझे इस टीम का नेतृत्व करना पसंद है।” रिकी पोंटिंग ने हिटमैन को लेकर आगे कहा, “और मुझे लगता है कि उन्होंने जो कहा, उसका मतलब है कि उनके मन में अगले (50 ओवर) विश्व कप (2027 में) खेलने का लक्ष्य अवश्य होगा।” पोंटिंग का मानना ​​है कि रोहित के दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले 2027 पुरुष क्रिकेट विश्व कप तक कप्तान बने रहने के फैसले के पीछे एक अधूरे काम को फिनिश करने की भावना हो सकती है। ये अधूरा काम है वनडे विश्व कप जीतना, जो वे 2023 में चूक गए थे। 10 मैच जीतने के बाद फाइनल में उनको हार मिली थी। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने कहा, “मुझे लगता है कि शायद यह तथ्य कि वे पिछले फाइनल मैच को हार गए थे और वह कप्तान थे, शायद यही बात उनके दिमाग में चल रही है। टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और वनडे विश्व कप जीतने की कोशिश में बस एक और मौका है। मेरा मतलब है कि जब आप उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेलते हुए देखेंगे, तो आप यह नहीं कहेंगे कि उनका समय अभी खत्म हो गया है।”

हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान

रायपुर : श्रीरविशंकर और उनके संस्थान के परोपकार और मानवता के कल्याण के कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रीरविशंकर द्वारा नक्सल विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीरविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीरविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीरविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीरविशंकर और मुख्यमंत्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीरविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीरविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीरविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नाडे़ से रेपिस्ट पिता ने जेल में लगाई फांसी, बेटी के साथ रेप करने के जुर्म में 2 दिन पहले हुई थी सजा

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खंडवा  जिला जेल में को उसे वक्त सनसनी फैल गई जब कैदियों ने जेल में शोर मचाना शुरू किया। उसने बताया कि एक सजायाफ्ता कैदी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। घटना की जानकारी लगते हीं खंडवा जिला जेल की सुपरिटेंडेंट के साथ सीनियर जेलर मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी तत्काल खंडवा जिला प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे घटनास्थल पर पहुंचे। यहां फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी तत्काल मौके पर बुलाया गया। मामले को लेकर जिला प्रशासन ने ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए हैं। चार दिन पहले ही कैदी को सुनाई गई थी सजा मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा से कुछ दिन पहले ही दंडित किया गया था। पोक्सो एक्ट के इस मामले में 4 साल से आरोपी के मामले की सुनवाई खंडवा के विशेष न्यायालय में चल रही थी। आरोपी पर अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। जो DNA जांच में सही पाया गया था। हालांकि आरोपी ने जिस तरह से मौत को गले लगाया उससे जेल में हड़कंप मच गया। पत्नी से हुए झगड़े का बदला बेटी से लिया आरोपी को जिस मामले में विशेष न्यायालय ने सजा सुनाई थी वह घटना 6 जुलाई 2021 की है। आरोपी की पत्नी और आरोपी के बीच झगड़े के बाद पत्नी अपनी मायके चली गई थी। जबकि 11 साल की बेटी घर पर ही थी। पत्नी के झगड़े से नाराज आरोपी ने आधी रात को अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। बेटी के शोर मचाने पर उसकी गला दबाकर हत्या करने की भी कोशिश की थी। अस्पताल में कुछ दिनों तक संघर्ष करने के बाद बेटी ने दम तोड़ दिया था। घटना की होगी ज्यूडिशियल जांच खंडवा जिला जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट आदित्य चतुर्वेदी ने बताया कि इस मामले की जानकारी खंडवा जिला प्रशासन के साथ जिला कोर्ट को भी दे दी गई है। लिहाजा इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच का आदेश के बाद मंगलवार रात को मृतक के शव को खंडवा जिला अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था के बीच भिजवाया गया। बुधवार को मामले में पोस्टमार्टम किया जाएगा।

MP में शिक्षकों की 10758 भर्ती के लिए आवेदन का एक और मौका, परीक्षा 20 मार्च से

भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) की ओर से निकाली गई तृतीय वर्ग के शिक्षकों की 10758 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की विंडो एक बार फिर से खोल दी गई है। अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए 10 मार्च से 17 मार्च 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद चयन मंडल ने आवेदन की विंडो फिर से खोली है। इससे पहले इस भर्ती के लिए 28 जनवरी से 11 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इस भर्ती के लिए परीक्षा 20 मार्च 2025 से होगी। एग्जाम दो शिफ्टों में होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 11 बजे तक होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी स्कूल शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल संगीत गायन-वादन व नृत्य) और जनजातीय विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन वादन , नृत्य) चयन परीक्षा 2024 से टीचरों के 10758 पदों पर भर्ती की जाएगी। रिक्तियों में 7929 पद माध्यमिक शिक्षक विषयों के लिए हैं जिसके लिए एमपीटीईटी पास बीएड या डीएलएड डिग्रीधारक/ डिप्लोमाधारक आवेदन कर सकते हैं। पदों का ब्योरा माध्यमिक शिक्षक (विषय) तृतीय श्रेणी – अकादमिक, पद संख्या – 7929 (स्कूल शिक्षा विभाग 7082 + जनजातीय कार्य विभाग 847)- MPTET 2018 व MPTET 2023 पास करने वाले इसमें बैठ सकेंगे। माध्यमिक शिक्षक खेल – तृतीय श्रेणी – 338 वैकेंसी एमपी खेल पात्रता परीक्षा 2023 में पास हुए युवा इसमें आवेदन कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षक संगीत – गायन वादन तृतीय श्रेणी – पद संख्या – 392 माध्यमिक शिक्षक संगीत गायन वादन पात्रता परीक्षा 2023 में पास इसमें आवेदन कर सकेंगे। तृतीय श्रेणी – पद संख्या – 1377 (स्कूल शिक्षा विभाग 724 + जनजातीय कार्य विभाग 653) प्राथमिक शिक्षक संगीत – गायन वादन पद संख्या – 452 (स्कूल शिक्षा विभाग 422 + जनजातीय कार्य विभाग 30) शिक्षक भर्ती परीक्षा राज्य के 13 शहरों में होगी। इनमें बालाघाट, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच,रीवा रतलाम, सागर, सीधी और उज्जैन शामिल हैं ।

माशिमं की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रत्येक परीक्षक को गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए

 भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रत्येक परीक्षक को गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए हैं। मंडल ने तय किया है कि इस बार कापियों की जांच तीन चरण में की जाएगी। नंबर दर्ज करने में गलती होने पर मूल्यांकनकर्ताओं पर जुर्माने का भी प्रावधान किया है। अगर किसी मूल्यांकनकर्ता ने परीक्षार्थी का प्राप्तांक चढ़ाने में गलती की, तो प्रत्येक ऐसी गलती पर उसे 100 रुपये का जुर्माना देना होगा। 13 मार्च से शुरू हो रहा मूल्यांकन     10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन 13 मार्च से शुरू हो रहा है। माशिमं से तय नियमों के मुताबिक, मूल्यांकनकर्ताओं को अपना काम शुरू करने से पहले एक आदर्श उत्तर की कॉपी दी जाएगी।     इसके आधार पर उन्हें मिली कॉपियों की जांच करनी है। एक मूल्यांकनकर्ता कॉपी की जांच के बाद प्रत्येक प्रश्न के उत्तर पर अंक देगा। अंत में परीक्षार्थी को मिले सभी अंकों का जोड़ मुखपृष्ठ पर लिखा जाएगा।     अंकों का जोड़ करते समय यदि किसी परीक्षार्थी को 90 या 99 अंक आ रहे हैं, तो उसकी कॉपी दोबारा जांची जाएगी। सामान्य परिस्थितियों में भी मूल्यांकन के बाद दूसरा मूल्यांकनकर्ता नंबरों का मिलान करेगा।     अगर प्रत्येक उत्तर को मिले अंक और मुखपृष्ठ पर लिखे प्राप्तांक का जोड़ ठीक नहीं होगा, तो मूल मूल्यांकनकर्ता पर जुर्माना लगेगा। तीसरी जांच रैंडम होगी यानी जांची जा चुकी कॉपियों के बंडल से कुछ कॉपियां निकालकर कभी भी जांची जाएंगी। …ताकि कोर्ट में न देखना पड़े नीचा अगर इसमें गलती मिली तो भी जुर्माना लगेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा हर साल पुनर्मूल्यांकन के आवेदनों की वजह से कॉपियों की दोबारा जांच करानी पड़ती है। कई बार होता है जब परीक्षार्थी का दावा सही होता है और उसके अंक बढ़ जाते हैं। इसकी वजह से कई बार न्यायालय में मंडल की स्थिति लज्जाजनक हो जाती है।

सिगरेट फेफड़ों के अलावा कई अंगों को पहुंचाती है नुकसान

क्या आपको लगता है कि सिगरेट पीने से सिर्फ फेफड़े खराब होते हैं? अगर हां, तो आपको सच जानकर झटका लग सकता है! सिगरेट का धुआं धीरे-धीरे पूरे शरीर को जहर की तरह नुकसान पहुंचाता है। दिल से लेकर दिमाग तक, त्वचा से लेकर आंखों तक – कोई भी अंग इस जहर से बच नहीं पाता। क्या आपने कभी सोचा है कि जो सिगरेट आपको कुछ मिनटों की राहत देती है, वो आपकी जिंदगी के सालों को चुरा रही है? धूम्रपान की वजह से दिल के दौरे, स्ट्रोक, आंखों की रोशनी कम होने और यहां तक कि अंधेपन का खतरा भी बढ़ जाता है। इस नेशनल नो स्मोकिंग डे 2025 , आइए मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. सुनील सेखरी से जानते हैं कि सिगरेट किन-किन अंगों को नुकसान पहुंचाती है और क्यों इसे छोड़ना आपकी सेहत के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट होगा। दिल     सिगरेट पीने वालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 2 से 4 गुना ज्यादा होता है!     सिगरेट का निकोटीन और टार रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को संकीर्ण कर देते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।     धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।     ब्लड प्रेशर हमेशा हाई रहता है, जिससे धीरे-धीरे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिल लंबे समय तक हेल्दी रहे, तो सिगरेट से दूरी बना लें! दिमाग     क्या आपको पता है कि सिगरेट पीने से याददाश्त कमजोर हो सकती है और डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है?     धुएं में मौजूद केमिकल्स ब्रेन सेल्स को डैमेज करते हैं, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।     यह नर्व सिस्टम को कमजोर करता है, जिससे एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता कम होती जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग तेज रहे और भविष्य में भूलने की बीमारी से बचना है, तो सिगरेट छोड़ दें! त्वचा     सिगरेट का धुआं आपकी स्किन से नमी और जरूरी पोषक तत्वों को छीन लेता है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां, झाइयां और बेजान त्वचा नजर आने लगती है।     कोलेजन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे त्वचा लटकने लगती है और आप समय से पहले बूढ़े दिखने लगते हैं।     सिगरेट पीने वालों की त्वचा जल्दी डल और सांवली पड़ जाती है, क्योंकि धूम्रपान से त्वचा की ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। किडनी     क्या आपको पता है कि सिगरेट पीने से किडनी कैंसर होने का खतरा 50% तक बढ़ जाता है?     धुएं में मौजूद टॉक्सिन्स  किडनी के टिशूज को डैमेज कर देते हैं, जिससे किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है।     यह ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जो किडनी फेलियर की सबसे बड़ी वजह बन सकता है। आंखें     सिगरेट का धुआं आंखों की नाजुक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे रक्त संचार धीमा हो जाता है और दृष्टि कमजोर होने लगती है।     लंबे समय तक धूम्रपान करने से मोतियाबिंद और धुंधली दृष्टि की समस्या जल्दी हो सकती है।     सिगरेट पीने वालों में एज-रेलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा 3 गुना ज्यादा होता है, जिससे उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी पूरी तरह जा सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी आंखें हमेशा स्वस्थ रहें और आपको बुढ़ापे में भी साफ दिखे, तो सिगरेट से जल्द से जल्द दूरी बना लें।

टीम इंडिया के लिए गौतम गंभीर 2026 टी20 विश्व कप, 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वर्ल्ड कप का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खत्म होने के बाद से अगले तीन महीने तक भारतीय टीम एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेलेगी, क्योंकि इस दौरान आईपीएल का आयोजन होगा और 20 जून से इंग्लैंड का दौरा शुरू होगा। इस दौरान टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ी तो आईपीएल खेलेंगे, लेकिन उस समय हेड कोच गौतम गंभीर क्या कर रहे होंगे? ये एक सवाल आपके दिमाग में भी आया होगा। आप सोच रहे होंगे कि बाकी कोचों की तरह वे घर पर आराम करेंगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। कुछ दिन के ब्रेक के बाद वे फिर से काम पर जुट जाएंगे और टीम इंडिया के लिए 2026 टी20 विश्व कप, 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वर्ल्ड कप का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे। जून के तीसरे सप्ताह से टीम इंडिया को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में खेलनी है, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र का हिस्सा होगी। गंभीर इसी सीरीज की तैयारी के लिए इंग्लैंड जाएंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो गंभीर ने 20 जून से शुरू हो रहे टेस्ट दौरे से पहले इंडिया ‘ए’ टीम के साथ इंग्लैंड जाने का फैसला किया है। बीसीसीआई के पास डेवलेपमेंट्स टीमों के लिए कोई नॉमिनेटेड कोच नहीं है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गंभीर सिर्फ ऑब्जर्वर के तौर पर ट्रेवल करेंगे या फिर बोर्ड वीवीएस लक्ष्मण को कोच के तौर पर भेजेगा। जब से राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के हेड कोच बने थे, तभी से इंडिया ए और अंडर 19 टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी नेशनल क्रिकेट एकेडमी के प्रमुख को मिलती रही है। ऐसा पहली बार होगा कि मुख्य टीम का कोच इंडिया ए टीम के साथ ट्रेवल करेगा। सूत्रों ने टीओआई को बताया कि गंभीर 2027 वनडे विश्व कप के लिए अगले दो वर्षों के लिए सभी प्रारूपों के रोडमैप पर काम कर रहे हैं, इस चरण में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और 2026 टी20 विश्व कप भी शामिल होंगे। बीसीसीआई के अधिकारी ने बताया, “ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद से ही गंभीर बीसीसीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने रिजर्व पूल के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए इंडिया ‘ए’ टीम के साथ यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की है। गंभीर द्वारा कुछ वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों के लिए आग्रह करने के बाद भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती है, इसलिए भविष्य में उनसे और अधिक प्रयास करने की उम्मीद की जा सकती है।” गंभीर ने पिछले साल जुलाई से कार्यभार संभाला है और वे घर पर 3-0 से न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारे हैं, लेकिन कई सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं। सूत्र ने आगे बताया, “पहचाने गए महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक इंडिया ‘ए’ दौरों को फिर से शुरू करना है। द्रविड़ के एनसीए छोड़ने के बाद से केवल कुछ ही ‘ए’ सीरीज हुई हैं और वे सभी मार्की सीरीज के लिए शेडो टूर थे। गंभीर का भी मानना ​​है कि अधिक ‘ए’ दौरे होने चाहिए। इसलिए वह स्थिति का खुद जायजा लेना चाहते हैं।” टेस्ट के अलावा गंभीर को ये भी देखना है कि वनडे में आगे कौन खेलेगा? रोहित, विराट और जडेजा ने रिटायरमेंट नहीं लिया, लेकिन सवाल ये है कि क्या वे वर्ल्ड कप 2027 में खेलेंगे?

पूरे देश में विख्यात है बालोद मेला, कदंब के वृक्ष की अनोखी लीला

बालोद छत्तीसगढ के बालोद व दुर्ग जिले की सीमा पर बसा एक गांव है ओटेबंद बगीचा, जो बालोद जिले में गुंडरदेही ब्लॉक में आता है। ओटेबंद के विष्णुधाम मंदिर में मेला लगाता है। इस गांव के मंदिर की अपनी विशेष पहचान है। यहां एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान विष्णु क्षीरसागर की मुद्रा में विराजमान हैं। यहां फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष को मेला आयोजित होता है। 11 दिन से यहां मेला लगा हुआ है और इसकी शुरुआत वर्ष 1961 से हुई थी। यहां पूरे देश भर से साधु-संत आते हैं और यहां एक ऐसा कदंब का वृक्ष है, यहां श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होती है। आइए जानते है इस मंदिर की विशेषता और इस मेले का महत्व। बालोद और दुर्ग जिले में यह एकलौता मंदिर है। जहां पर भगवान विष्णु शयन और लक्ष्मी के पैर दबाते क्षीरसागर में आराम की मुद्रा को दिखाया गया है। इस गांव के मंदिर में आप वृहद रूप से एक बड़े क्षेत्र पर बने इस मूर्तियों की श्रृंखला को देखकर आश्चर्य रह जाएंगे कि इसकी बनावट बहुत ही सुंदर है। हर कोई जब इस मंदिर में जाता है तो इस क्षीरसागर रुपी मुद्रा को देखने के लिए आतुर होता है। और यहां पहुंच कर लोग भगवान विष्णु लक्ष्मी सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन करते है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष में लगता है मेला मंदिर समिति के सदस्य एवं स्थानीय जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल चंद्राकर ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष में यह मेला लगता है और यह मेले के पूर्णाहुति का समय है। 1961 से यहां 11 दिनों तक महायज्ञ का आयोजन होता है। मंदिर की स्थापना 1993 से शुरू हुई थी, 1996 में पूरी हुई और सनातन हिन्दू महर्षि करपात्री महराज यहां आए। उन्होंने इस तीर्थ को तपोभूमि की संज्ञा दी और यहां चार शंकराचार्य का आगमन भी हो चुका है। कदंब के वृक्ष की अनोखी लीला मंदिर समिति के संस्थापक सदस्य वीरेंद्र कुमार दिल्लीबार ने बताया कि यहां सबसे बड़ी मान्यता है कि कदंब के वृक्ष पर सच्ची आस्था से मांगी गई श्रद्धालु की हर मन्नत पूरी होती है। उन्होंने कहा कि इंदौर का एक परिवार जिनके कोई संतान नहीं थे उन्होंने यहां पर मन्नत मांगी और एक वर्ष के भीतर उन्हें संतान सुख की प्राप्ति हुई। एक व्यक्ति जिसका ट्रक घर से गायब हो गया था, उसने इस जगह पर मन्नत मांगी और उसका ट्रक दो दिनों के भीतर मिल गया। उन्होंने कहा जिन्हें मन्नत मांगना होता है, वह इस कदंब की वृक्ष में जहां पर राधा रानी विराजमान हैं, श्री कृष्णा विराजमान हैं, वहां नारियल बांधते हैं। लगता है विराट मेला यहां पर भगवान विष्णु महायज्ञ का आयोजन होता है, जो कि अनवरत 11 दिनों तक चलता है और अभी हम मेला समापन की ओर हैं और इस मेले की सबसे खास बात यह है कि पूरे छत्तीसगढ़ सहित देश के कोने-कोने से लोग यहां पर आते हैं। 

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों के कब्जे में पूरी ट्रेन, 200 लोग अभी भी बने हुए हैं बंधक, बंधकों को छुड़ाने में पाकिस्तानी सेना के छूट रहे पसीने

क्वेटा पाकिस्तान के बलूच अलगाववादी विद्रोहियों ने बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक ट्रेन पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया है। ट्रेन में 200 से ज्यादा बंधक मौजूद हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल जूझ रहे हैं। ये ट्रेन बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर के लिए जा रही थी। बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से 160 किमी की दूरी पर सिबी शहर के पास पहाड़ी इलाके में ट्रेन पर हमला किया, जब यह क्षेत्र में पड़ने वाली कई सुरंगों से गुजर रही थी। बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बंधकों के कब्जे में होने का दावा किया है। अब तक क्या हुआ? पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से 160 दूर सुरंगों की शृंखला से गुजर रही थी, उस दौरान उस पर हमला किया गया। 9 डिब्बों वाली ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान जारी है। अधिकारियों ने अब तक 104 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया है। क्वेटा में पाकिस्तान रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत लगभग 70 यात्री हमले की जगह से लगभग 6 किमी दूर पानिर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में नौ बोगियां जिनमें तकरीबन 500 लोग सवार हैं, जिनमें सेना और सीक्रेट एजेंट की भी अच्छी-खासी तादाद है. पेशावर जा रही ट्रेन जैसे ही टनल में घुसी, उसी वक्त घात लगाकर बैठे बलूच विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया. ताजा खबर के मुताबिक अभी तक 104 बंधकों को छुड़ा लिया गया है. रेस्क्यू कराए गए बंधकों में 50 से ज्यादा पुरुष, 30 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे भी हैं. पाकिस्तानी सेना के लिए कितना मुश्किल है रेस्क्यू ऑपरेशन? सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए हैं. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि पेहरा कुनरी और गदालर के बीच जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर फायरिंग कर बीएलए के आतंकियों ने उस पर कब्जा किया था. ठ्रेन को टनल नंबर 8 में रोका गया. बोलन के जिला पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद दिलावर का कहना है कि यह पूरा इलाका पहाड़ी है, जो सुरंगों से पटा पड़ा है. उन्होंने बताया कि हाईजैक हुई ट्रेन इस समय बोलन दर्रे में खड़ी है. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है, जिस वजह से मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है. इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें भी हैं. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इन सब चुनौतियों के बावजूद सेना का मनोबल बना हुआ है. बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. BLA की मांग है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग किया जाए. BLA की सबसे प्रमुख मांग है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार या सुरक्षा एजेंसी का कोई भी नुमांइदा वहां नहीं होना चाहिए. इसके अलावा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी बलूचिस्तान से होकर गुजरता है. BLA इसका विरोध करती है. पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने 16 बलूच चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों का खंडन किया है और इसे पाकिस्तानी आर्मी का प्रोपेगैंडा बताया है। बीएलए ने बंधकों को छुड़ाने की खबरों को भी खारिज किया और दावा किया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इंसानियत के नाते छोड़ा गया है। समूह ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है और उनका स्थिति पर पूरा नियंत्रण है। हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी समूह ने दावा किया कि उन्होंने कम से कम छह सैन्य कर्मियों को मार दिया और रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे ट्रेन को रुकना पड़ा। बीएलए ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई अभियान शुरू किया तो बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही बीएलए ने बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है और 48 घंटे तक इसके पूरा न होने पर हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी दी है। कैसे बीएलए की बढ़ी ताकत? विश्लेषकों का मानना है कि बीएलए की बढ़ती ताकत और उसका मुकाबला करने में राज्य की विफलता पुरानी रणनीतियों पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है। वाशिंगटन डीसी में स्थित बलूचिस्तान विशेषज्ञ मलिक सिराज अकबर ने कहा कि बीएलए छोटे पैमाने पर हमले करने से लेकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन करने तक विकसित हो गया है। समूह अब यात्री ट्रेन पर हमला कर रहा है, जो दिखाता है कि सरकार के पास उन्हें रोकने की क्षमता नहीं है। इसके साथ ही समूह अब मीडिया में बने रहने के तरीकों को सीख गया है, जो उसे नए लड़ाकों की भर्ती के लिए आकर्षित करने में मदद कर रहा है। ट्रेन पर हमले के बाद समूह ने लगातार सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, जिसमें लगातार घटनाक्रम पर अपडेट दिया है। यही नहीं, इसने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों को भी गलत ठहराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है। जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वह दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जहां मोबाइल नेटवर्क और संसाधन पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में पाकिस्तानी आर्मी के लिए एक कड़ा अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है। BLA ने बलूच कैदियों की रिहाई के लिए पाक सरकार को दिया 48 घंटे का … Read more

अमेरिका ने बनाया दबाव, युद्धविराम पर यूक्रेन ने जताई सहमति, ट्रंप बोले- पुतिन भी हो जाएंगे तैयार

वाशिंगटन करीब तीन वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के खत्म होने के आसार बढ़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को यूक्रेन द्वारा रूस के साथ युद्धविराम पर सहमति जताने का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि पुतिन भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान दोनों पक्षों पर हो रही भारी संख्या में सैनिकों और नागरिकों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध अब खत्म होना चाहिए और युद्धविराम बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “यूक्रेन ने युद्धविराम पर सहमति दे दी है। थोड़ी देर पहले इसे मंजूरी मिली थी। अब हमें रूस से संपर्क करना है। उम्मीद है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन भी इस पर सहमत होंगे। शहरों में धमाके हो रहे हैं और लोग मारे जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो। यह एक पूर्ण युद्धविराम होगा। यूक्रेन ने इस पर सहमति दे दी है और उम्मीद है कि रूस भी सहमत होगा। युद्धविराम बहुत महत्वपूर्ण है। यदि हम रूस को इस पर सहमत करवा सकें तो यह बहुत अच्छा होगा। यदि हम ऐसा नहीं कर पाते हैं तो हम इसके लिए प्रयास करते रहेंगे।” आपको बता दें कि यूक्रेन ने अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार किया है, जिसमें 30 दिनों के युद्धविराम की बात की गई थी। जेलेंस्की ने रूस के साथ तुरंत बातचीत करने की भी सहमति दी थी। मंगलवार को यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बैठक में ट्रंप के सलाहकारों ने और अधिक दबाव डाला और यूक्रेन ने युद्धविराम पर सहमति जताई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “आज हमने एक प्रस्ताव रखा जिसे यूक्रेन ने स्वीकार किया है। यह युद्धविराम और तत्काल वार्ता की शुरुआत करेगा।” रुबियो ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेन का युद्धविराम के लिए तैयार होना स्थायी शांति के करीब एक कदम था। जेलेंस्की को व्हाइट हाउस में फिर आमंत्रित किया गया: ट्रंप ट्रंप ने  कहा कि सऊदी अरब के जेद्दा में अमेरिका-यूक्रेन बैठक के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को व्हाइट हाउस में फिर से आमंत्रित किया गया है। जब ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि क्या ज़ेलेंस्की को व्हाइट हाउस में वापस आमंत्रित किया जाएगा, तो उन्होंने कहा जरूर, बिल्कुल।

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