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शुभांगी अत्रे ने कहा, ‘फिल्म की शूटिंग और टीवी शो की शूटिंग में अंतर होता है’

मुंबई, दर्शकों के पसंदीदा शो ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर फिल्म बनने जा रही है। फिल्म में शो के मूल कलाकार ही मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। शो में ‘अंगूरी भाभी’ का किरदार निभाने वाली शुभांगी अत्रे इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शुभांगी ने कहा, “मैं एक एक्टर और एक कलाकार हूं, और कोई फर्क नहीं पड़ता कि माध्यम क्या है, चाहे वह टीवी, फिल्में, ओटीटी या थिएटर हो, मैं पूरी लगन और अनुशासन के साथ अपना 100 प्रतिशत देने में विश्वास करती हूं। बेशक, ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर अब एक फिल्म बनाई जा रही है, इसलिए काम काफी हद तक वैसा ही है जैसा हम टेलीविजन पर करते हैं। लेकिन फिर भी, एक अलग तरह की घबराहट और उत्साह होता है।” उन्होंने कबूल किया कि किसी फिल्म की शूटिंग करना टीवी शो की शूटिंग से बिल्कुल अलग होता है। शुभांगी ने कहा, “भले ही मैं वर्षों से अंगूरी का किरदार निभा रही हूं, लेकिन फिल्म के लिए परफॉर्म करना अलग लगता है। हालांकि, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हूं और अपनी पूरी कोशिश कर रही हूं, जैसा कि मैं हमेशा करती हूं। मैं वाकई बहुत खुश हूं, लेकिन साथ ही, मैं थोड़ी नर्वस भी महसूस कर रही हूं। मैं बस अपने प्रशंसकों से ढेर सारा प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाएं चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “सबसे पहले, हमारी फिल्म में कुछ नए कलाकार शामिल हुए हैं, इसलिए उनके साथ केमिस्ट्री बनाना एक नया अनुभव है। दूसरा, टीवी पर, हम अक्सर प्रदर्शन करते समय सुधार करते हैं, लेकिन एक फिल्म में, हमें बहुत सटीक होना पड़ता है। चूंकि एक फिल्म का रनटाइम 2 से 2.5 घंटे का होता है, इसलिए हम अनावश्यक संवाद नहीं जोड़ सकते हैं, जैसा कि हम कभी-कभी टीवी सीरियल शूटिंग में करते हैं।” शुभांगी फिल्म में एक्शन सीक्वेंस भी करती नजर आएंगी। उन्होंने बताया, “यह मेरे लिए कुछ नया है और मैं वास्तव में उत्सुक हूं कि स्क्रीन पर कैसे दिखाई देंगे।” उन्होंने बताया कि यह न केवल उनके लिए बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी एक सपना सच होने जैसा है। उन्होंने कहा, “मेरे पिता इस समय कैंसर से जूझ रहे हैं, लेकिन वे इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत खुश हैं। मेरे माता-पिता दोनों ने मुझे अपना आशीर्वाद दिया है और आज जब मैंने अपने पिता से बात की, तो उन्होंने मुझसे कहा कि एक बार फिल्म रिलीज हो जाए, तो हम सब इसे देखने के लिए एक साथ थिएटर जाएंगे। यह विचार ही मुझे भावुक कर देता है।”  

जाने क्या है डोनाल्ड ट्रंप की बनाई ऑरेंज लिस्ट, जिसमें पाकिस्तान के साथ रूस का भी आया नाम

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कुल 43 देशों पर ट्रैवल बैन लगाने की तैयारी में है। इन देशों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस समेत कई बड़े मुल्क शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन देशों को तीन सूचियों में विभाजित किया गया है। ये लिस्ट हैं- रेड, ऑरेंज और येलो। इनमें से रेड लिस्ट वाले देशों का मतलब है कि उनके यहां के लोगों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑरेंज लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा रूस भी इसी सूची में है। इस लिस्ट में कुल 10 देश शामिल हैं, जिनके नागरिकों को आंशिक पाबंदियां झेलनी होंगी। दरअसल प्रभावी लोगों और बिजनेस से जुड़े मामलों के लिए आने वालों को एंट्री मिलेगी। वहीं प्रवासियों और पर्यटकों की एंट्री पर पाबंदियां रहेंगी। क्या है ऑरेंज और रेड लिस्ट का मतलब इसके अलावा नागरिकों को एंट्री से पहले व्यक्तिगत साक्षात्कार से गुजरना होगा। पाकिस्तान और रूस के अलावा म्यांमार, बेलारूस, हैती, लाओस, एरिट्री, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और तुर्कमेनिस्तान भी इस नारंगी लिस्ट का हिस्सा हैं। वहीं 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है। इसमें शामिल देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इन देशों में अफगानिस्तान और भूटान भी शामिल हैं, जो भारत के पड़ोसी मुल्क हैं। रेड लिस्ट में शामिल अन्य देशों में क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। वहीं 22 देशों को शामिल करते हुए एक येलो लिस्ट का भी ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इसमें शामिल देशों को बताया जाएगा कि वे किन खामियों को दूर कर लें तो पाबंदियों से बच सकते हैं। किन देशों को रखा गया येलो लिस्ट में, बचाव का तरीका भी बताया यदि 60 दिनों की टाइम लिमिट के बीच भी वे खामियों को दूर नहीं कर सके तो फिर पाबंदियां झेलनी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार येलो लिस्ट में शामिल देशों से समय-समय पर पूछा जाएगा कि कौन से यात्री आ रहे हैं। पासपोर्ट जारी करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। यदि इन खामियों को वे दूर कर लेंगे तो उनके नागरिकों को अमेरिका प्रवेश की अनुमति मिलेगी अन्यथा नहीं। इस सूची में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा शामिल हैं। इसके अलावा कंबोडिया, कैमरूम, चाड, कॉन्गो, माली, लाइबेरिया, वानुआतू, जिम्बाब्वे आदि देश शामिल हैं। यह दूसरी बार है, जब डोनाल्ड ट्रंप ट्रैवल बैन लगाने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में मुस्लिम बहुल 7 देशों के लोगों की एंट्री पर बैन लगाया था। इन देशों में ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन शामिल थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया टॉपर्स की डायरी जीत के राज पुस्तक का विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में डॉ. कनिका शर्मा की पुस्तक ‘टॉपर्स की डायरी जीत के राज’ का विमोचन किया। इस अवसर पर श्री गौरव शर्मा, श्री सुनील शर्मा और परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक की विषय-वस्तु की सराहना की। यह पुस्तक विशेष रूप से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने, परीक्षाओं के भय को समाप्त करने और सकारात्मक मानसिकता, व्यवस्थित दिनचर्या, बेहतर खान-पान और पोषण का ध्यान रखने, लेखन क्षमता में सुधार, भाषा की शुद्धता और भविष्य की योजना बनाकर कार्य करने जैसे पहलुओं पर मार्गदर्शन देती है।  

जियो स्टूडियोज के बैनर तले बन रही वेब सीरीज पान पर्दा जर्दा की शूटिंग हुई पूरी

मुंबई,  जियो स्टूडियोज़ ने, रिलायंस एंटरटेनमेंट और ड्रीमर्स एंड डूअर्स कंपनी के सहयोग से गैंगस्टर ड्रामा पान पर्दा जर्दा की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। मोना सिंह, तन्वी आज़मी, तान्या मानिकतला, प्रियांशु पेनयुली, सुशांत सिंह, राजेश तैलंग और मनु ऋषि सहित कई दमदार कलाकारों से सजी यह सीरीज मध्य भारत की अवैध अफीम तस्करी की पृष्ठभूमि पर आधारित एक ऐसी सम्मोहक कहानी जहां परिवार और प्रियजनों के बीच युद्ध की रेखाएं खींची जाती हैं और निष्ठाएं बदल जाती हैं, यह श्रृंखला, एक्शन, ड्रामा और साज़िश की एक रोमांचक कहानी बुनती है। ज्योति देशपांडे और नमित शर्मा निर्मित, मनोरंजक पटकथा, शानदार टीम और भव्य पैमाने के साथ पान पर्दा ज़र्दा डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बनने के लिए तैयार है। जियो स्टूडियोज और रिलायंस एंटरटेनमेंट जल्द ही इस सिनेमाई अनुभव को दुनिया भर के दर्शकों के लिए लेकर आएंगे।  

नाइट ड्यूटी कर रहे रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई की हार्ट अटैक से मौत, पुलिस विभाग ने जताया शोक

रायसेन ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई फूल सिंह उइके (55) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सोमवार सुबह उन्हें घबराहट महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी बेटी पलक को फोन किया। बेटी के थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पल्स नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक एएसआई फूल सिंह उइके रविवार को नाइट ड्यूटी पर थे। सोमवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने थाने में घबराहट और बेचैनी महसूस की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले बेटी पलक को फोन किया और बताया उनकी तबीयत खराब हो रही है। चूंकि सुबह का समय था और थाने में सीमित स्टाफ ही मौजूद था, इसलिए उन्होंने बेटी के साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों को भी सूचना दी। बेटी पलक ने तुरंत थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों की मदद से पिता को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बेटी पलक अपने पिता को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कमलेश कुमार खुरपुसे जिला अस्पताल पहुंचे और फूल सिंह की बेटी पलक को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है। यातायात थाना प्रभारी लता मालवीय ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद फूल सिंह के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला बैतूल रवाना किया गया। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पार्थिव शरीर के साथ मौजूद रहे, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग मिल सके। फूल सिंह उइके को उनके साथी पुलिसकर्मी एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानते थे। उनकी ड्यूटी के प्रति निष्ठा और व्यवहार के कारण थाने के कर्मचारियों में उनका विशेष सम्मान था। परिवार में पत्नी का पहले ही हो चुका है निधन फूल सिंह उइके के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी का आठ साल पहले कैंसर से निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से उनकी बेटी पलक उनके साथ रायसेन में रह रही थी। फूल सिंह मूल रूप से बैतूल जिले के खंजनपुर के रहने वाले थे और पिछले चार साल से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ थे। उनका बाकी पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में रहता है। पुलिस विभाग ने जताया शोक एएसआई की आकस्मिक मृत्यु से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। सहकर्मियों ने फूल सिंह को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और मुश्किल परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते थे। उनके निधन को पुलिस विभाग ने बड़ी क्षति बताया है।

मुझे अस्पताल में देखने पीएम मोदी पहुंचे थे, सोनिया और ममता बनर्जी मेरा हाल पूछती रहीं: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल का गवर्नर रहने के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी के बीच कई बार गहरे मतभेद दिखते थे। ममता सरकार और गवर्नर हाउस के बीच यह मतभेद टकराव में भी बदलते दिखे थे, लेकिन जगदीप धनखड़ और सीएम ममता बनर्जी के निजी रिश्तों पर उसका कोई असर नहीं दिखता। इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। खुद उपराष्ट्रपति ने बताया कि ममता बनर्जी उनके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान परिवार के संपर्क में रहीं। सोमवार से राज्यसभा की कार्यवाही फिर से संभालने वाले धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के संपर्क में रहीं। उनकी कुशलता की जानकारी लेती रहीं। उन्होंने कहा कि मुझे अस्पताल में देखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। इसके अलावा टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी आए थे। सदन में उपराष्ट्रपति की दीर्घायु की कामना की गई तो वहीं नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आपको अभी और आराम करने की जरूरत है। दरअसल उपराष्ट्रपति धनखड़ को हृदय रोग से संबंधित समस्या थी और उन्हें चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी नेताओं ने मेरी चिंता की। इसके लिए मैं आभारी हूं। जगदीप धनखड़ को 9 मार्च को दिल्ली एम्स में एडमिट कराया गया था। उन्हें अस्पताल से 12 मार्च को छुट्टी मिल गई थी, लेकिन आराम करने के लिए कहा गया था। उपराष्ट्रपति और सदन के चेयरमैन धनखड़ सोमवार को सदन पहुंचे तो जेपी नड्डा ने प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि हम आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य लाभ के बाद पहली बार सदन में आए हैं। यह सदन उनका स्वागत करता है और उनके स्वस्थ, मंगलमय एवं दीर्घ जीवन की कामना करता है। विपक्ष के नेता मल्ल्किार्जुन खरगे ने सभापति को स्वस्थ जीवन की शुभकामनायें दी और कहा कि अभी उन्हें आराम करना चाहिए। खरगे ने कहा कि उनका उत्साह और कर्तव्यपरायणता सभी को प्रेरित करती है। धनखड़ ने सदन का आभार व्यक्त करते हुए कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनकी पत्नी डा सुदेश धनखड़ के संपर्क में रहीं और कुशलक्षेम की जानकारी लेती रहीं। कई और मुख्यमंत्री भी उनका लगातार हाल पूछते रहे।

राकेश टिकैत पहुंचे आत्महत्या करने वाले किसान के घर, पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद में अपनी ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले किसान के घर आज किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे. जहां उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया. वहीं उन्होंने पीड़ित परिजनों को सहयोग दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखने की बात कही है. बता दें कि पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिघनपुर में 11 मार्च की सुबह परिजनों को किसान पूरन निषाद की लाश उसके खेत में पेड़ पर लटकी हुई मिली. इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी. मृत किसान के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने झलप स्थित ग्रामीण सेवा सहकारी बैंक से डेढ़ लाख का केसीसी कर्ज लिया था. इसके अलावा भी साहूकारों से लगभग डेढ़ लाख का कर्ज लिया था. बिजली कटौती से हो रहा था फसल को नुकसान मृत किसान के बेटे तुलेश्वर निषाद ने बताया कि खेत में बोर खुदवाए थे, एक बोर चल रहा था, लेकिन बिजली कटौती की वजह से खेत सूख गया. छह से आठ घंटे कटौती होती है. ऑपरेटर अगर सो जाता है तो रात भर बिजली गुल रहती है. बिजली कटौती से खेत में लगी खड़ी फसल को हो रहे नुकसान की वजह से पिता ज्यादा परेशान थे. कलेक्टर ने एसडीएम को दिए जांच के निर्देश इस मामले में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लहंगे का कहना है कि बिजली कटौती के कारण ही किसान ने आत्महत्या की है, यह कहना मुश्किल था. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. एसडीएम और थानेदार को जांच के लिए कहा गया है. कांग्रेस की जांच कमेटी भी परिजनों से मिले घटना के दो दिन बाद यानी 13 मार्च को कांग्रेस की ओर से गठित जांच समिति ने परिजनों से मुलाकात की थी. कांग्रेस की जांच टीम ने सिघनपुर पहुंचकर मृतक किसान के परिवार से बातचीत की और आत्महत्या के पीछे के कारणों की जानकारी ली. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. 

चैंपियंस ट्रॉफी से पाकिस्तान को 800 करोड़ नुकसान, खिलाड़ियों की सैलरी काटने पर मजबूर PCB

लाहौर  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी के बाद भारी आर्थिक नुकसान से जूझ रहा है। टूर्नामेंट में पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। लगभग 869 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद पीसीबी को सिर्फ 52 करोड़ रुपये की ही कमाई हुई, जिससे उसे 739 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इस नुकसान की भरपाई के लिए PCB ने घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में भारी कटौती की है। पाकिस्तान को तगड़ा झटका चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पाकिस्तान के लिए दोहरी मार साबित हुई। एक तो मेजबान होने के बावजूद पाकिस्तानी टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। दूसरा, टूर्नामेंट के आयोजन में भारी खर्च के बाद भी PCB को अपेक्षित लाभ नहीं हुआ, बल्कि भारी नुकसान उठाना पड़ा। इससे PCB की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। PCB ने टूर्नामेंट के लिए स्टेडियमों के नवीनीकरण, आयोजन और अन्य तैयारियों पर कुल 869 करोड़ रुपये खर्च किए। नाकामी का उदाहरण बना चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान को पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड और दूसरे मैच में भारत ने हराया. बांग्लादेश के खिलाफ ग्रुप का आखिरी मैच रावलपिंडी में बारिश के कारण धुल गया. उसने इस टू्र्नामेंट के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे, लेकिन टीम के शर्मनाक प्रदर्शन सबको निराश कर दिया. चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान के लिए अरबों रुपये की बर्बादी साबित हुई. यह वित्तीय और लॉजिस्टिक नाकामी का उदाहरण बन गया. लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने एकमात्र घरेलू मैच के लिए पीसीबी ने करीब 100 मिलियन डॉलर खर्च कर दिया. करोड़ों रुपये का नुकसान स्टेडियमों के नवीनीकरण पर ही लगभग 560 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो उनके मूल बजट के आधे से भी ज्यादा थे। बाकी 347 करोड़ रुपये टूर्नामेंट की अन्य तैयारियों पर खर्च किए गए। हालांकि, मेजबानी फीस और टिकटों की बिक्री से PCB को केवल 52 करोड़ रुपये की ही आमदनी हुई। इस प्रकार, PCB को कुल 739 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पाकिस्तान में 29 साल बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। PCB को उम्मीद थी कि इस टूर्नामेंट से उसे अच्छी कमाई होगी। लेकिन, नतीजा इसके उलट निकला। टूर्नामेंट से होने वाले नुकसान ने PCB की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इससे PCB को घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में भारी कटौती करने का फैसला लेना पड़ा है। खिलाड़ियों के पैसे कटेंगे पीसीबी के इस फैसले से घरेलू खिलाड़ी काफी निराश हैं। टीम XI के खिलाड़ियों की फीस में 90 प्रतिशत की कटौती की गई है। रिजर्व खिलाड़ियों को तो पिछली फीस की तुलना में सिर्फ 12.50 प्रतिशत राशि ही मिल रही है। यह कटौती खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका है। चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन में हुए भारी नुकसान के बाद पीसीबी की आर्थिक स्थिति चिंताजनक हो गई है। इससे PCB के आगे के कार्यक्रमों पर भी असर पड़ सकता है। यह देखना होगा कि पीसीबी इस मुश्किल से कैसे निपटता है और अपनी आर्थिक स्थिति को कैसे सुधारता है। इस घटना ने पीसीबी के लिए एक बड़ी सीख छोड़ दी है। भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर वित्तीय योजना बनाने की आवश्यकता है। साथ ही, टीम के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा ताकि दर्शकों की संख्या बढ़े और राजस्व में वृद्धि हो। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में पीसीबी के लिए चुनौतियों कम नहीं होंगी। उसे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही, टीम के प्रदर्शन में सुधार लाना भी जरूरी होगा। तभी पाकिस्तान क्रिकेट फिर से अपनी पुरानी शान हासिल कर पाएगा। यह समय PCB के लिए आत्ममंथन करने का है। बगैर मैच जीते 5 दिन में बाहर हुई थी पाकिस्तानी टीम यह पीसीबी के कुल बजट का 50 प्रतिशत ज्यादा है. 40 मिलियन डॉलर (करीब 347 करोड़ भारतीय रुपये) टूर्नामेंट की तैयारी में खर्च किए. इतना कुल खर्च करने के बाद पीसीबी को करीब 52 करोड़ रुपये का ही फायदा हुआ है. ऐसे में उसे टूर्नामेंट में करीब 85% नुकसान झेलना पड़ा. पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपने घर में हुए इस चैम्पियंस ट्रॉफी में शर्मनाक प्रदर्शन किया था. यह टीम बगैर कोई मैच जीते 5 दिन में ही बाहर हो गई थी. टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी. पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत ने हराया, जबकि बांग्लादेश के खिलाफ मैच बारिश से धुल गया था.

सलमान खान और रश्मिका मंदाना स्टारर सिकंदर के नए गाने ‘सिकंदर नाचे’ का टीजर रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की आने वाली फिल्म सिकंदर के नए गाने ‘सिकंदर नाचे’ का टीजर रिलीज हो गया है। ‘जोहरा जबीं’ और ‘बम बम भोले’ के बाद अब मेकर्स ने ‘सिकंदर नाचे’ का टीजर रिलीज किया है। यह गाना अपने कूल और स्वैग से भरे हुक स्टेप्स से स्टेज पर धमाल मचाने वाला है। इस गाने से सलमान खान, प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला और कोरियोग्राफर अहमद खान की जोड़ी ‘किक’ के ब्लॉकबस्टर सॉन्ग ‘जुम्मे की रात’ के बाद फिर से साथ आ रही है।इस रीयूनियन के साथ ‘सिकंदर नाचे’ एक और चार्टबस्टर बनने के लिए तैयार है। ग्रैंड सेटअप और तुर्की से खास तौर पर आए डांसर्स की जबरदस्त भीड़ कल धमाका करने वाली है। सलमान इस ईद पर फिल्म सिकंदर के साथ बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं, जिसमें उनके साथ रश्मिका मंदाना भी नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन ए. आर. मुरुगदॉस ने किया है।इस फिल्म को साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया है।  

रेलवे की अभूतपूर्व प्रगति: वैश्विक निर्यात और रोजगार के नए आयाम

नई दिल्ली रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने अपने हालिया संबोधन में भारतीय रेलवे की उल्लेखनीय प्रगति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। रेलवे के विकास एवं निर्यात के क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। प्रमुख उपलब्धियां एवं जानकारियां: 1. वैश्विक निर्यात में रेलवे की बड़ी भूमिका: भारतीय रेलवे अब विभिन्न देशों को आधुनिक रेल उपकरणों का निर्यात कर रहा है। प्रमुख निर्यात निम्नानुसार हैं: मेट्रो कोच: ऑस्ट्रेलियाबोगियां: यूके, सऊदी अरब, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया प्रोपल्शन सिस्टम: फ्रांस, मैक्सिको, रोमानिया, स्पेन, जर्मनी, इटलीयात्री कोच: मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश, श्रीलंका इंजन (लोकोमोटिव): मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश 2. भविष्य की योजनाएं:बिहार के सारण जिले के मारहोड़ा में बने लोकोमोटिव (इंजन) का निर्यात जल्द ही शुरू होगा। आगामी दिनों में 100 से अधिक लोकोमोटिव का निर्यात किया जाएगा, जिससे ‘मेड इन बिहार’ लोकोमोटिव पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे।तमिलनाडु में निर्मित पहिए (Forged Wheel) का भी जल्द ही वैश्विक निर्यात शुरू होगा। 3. तकनीकी उपलब्धि:चिनाब ब्रिज में इस्तेमाल किए गए 30,000 टन स्टील का वजन 4 एफिल टावर के बराबर है, जो भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। 4. रोजगार में वृद्धि:पिछले 10 वर्षों में रेलवे ने 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है, जो कि पहले की तुलना में काफी अधिक है।पिछली सरकार के समय यह आंकड़ा 4 लाख था, जबकि वर्तमान में 1 लाख लोगों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें लोको पायलट की भर्ती भी शामिल है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन उपलब्धियों को भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता और आधुनिकरण का परिणाम बताया। रेलवे का निरंतर विकास देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रहा है।

ट्रंप प्रशासन के फैसलों के खिलाफ फ्रांस में उठी मांग, ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ को वापस किया जाए

पेरिस अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसलों से वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मचा रखी है। यूरोप के कई देश अमेरिका की इस बदली नीति की वजह से परेशानी से जूझ रहे हैं। ऐसे में फ्रांस ने भी अब अमेरिकी प्रशासन को धमकी दी है कि जिसने लोगों को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या वास्तव में यह संभव है? फ्रांस में सोशलिस्ट और डेमोक्रेटिक समूह के नेता राफेल ग्लुकसमैन ने टैरिफ लगाने की धमकी देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा है कि मैं उन अमेरिकियों से कहना चाहूंगा, जो वैज्ञानिकों को काम से निकाल रहे हैं, अत्याचारियों का साथ दे रहे हैं, उन्हें अब फ्रांस द्वारा 1886 में तोहफे में दिया गया ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ को वापस कर देना चाहिए। पोलिटिको के अनुसार ग्लाइक्समैन ने कहा,”फ्रांस ने इसे आपको एक उपहार के रूप में दिया था लेकिन आप इसकी कद्र नहीं करते… निश्चित है कि आप इसे तुच्छ समझते हैं। इसलिए आप इसे वापस कर दीजिए यह अपने घर यानि फ्रांस में ठीक रहेगा। ग्लुकमैन ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन लगातार अच्छे लोगों को काम से निकालता जा रहा है। अगर अमेरिकी ऐसे ही अपनी नौकरी रखना जारी रखते हैं तो यह फ्रांस के लिए फायदेमंद ही होगा। यह लोग यहां यूरोप में आए और यूरोपीय अर्थव्यवस्ता को बढ़ाने में मदद करें। ग्लुकमैन ने कहा कि दूसरी बात में अमेरिकियों से कहना चाहता हूं कि यदि आप अपने उन सभी लोगों को निकालना चाहते हैं, जिन्होंने अपनी खोज और अपनी स्वतंत्रता की भावना के साथ और मेहनत की दम पर अमेरिका को दुनिया में सबसे अग्रणी देश बनाया है तो बेशक निकाल दे। हम यहां पर यूरोप में उनका स्वागत करते हैं। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का इतिहास स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का अनावरण 28 अक्तूबर 1886 को न्यूयॉर्क के बंदरगाह में किया गया था। इसे फ्रांस ने अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा के शताब्दी वर्ष को मनाने के लिए उपहार में दिया था। इसका डिजाइन फ्रांसीसी ऑगस्टे बार्थोल्डी ने बनाया था। फ्रांस की राजधानी पेरिस में सीन नदी के एक छोटे से द्वीप पर इस प्रतिमा की एक छोटी से प्रति लगी हुई है।

PSL को ठुकराकर IPL 2025 खेलने आया ये खिलाड़ी तो पीसीबी बोर्ड को लगी मिर्ची, लिया बड़ा एक्‍शन

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन की 22 मार्च से शुरुआत हो रही है। इससे पहले सभी फ्रेंचाइजियों ने तैयारी शुरू कर दी है। साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश को मुंबई इंडियंस ने IPL 2025 के लिए रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने स्क्वॉड में शामिल किया है। उन्‍होंने चोटिल लिजाद विलियम्‍स की जगह ली। ऐसे में बॉश ने पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़ दिया था। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बॉश को लीगल नोटिस भेजा है। पीसीबी ने कॉर्बिन बॉश को अनुबंध संबंधी दायित्वों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। पीएसएल का आईपीएल के साथ ओवरलैप यह पहला सीजन है जिसमें पीएसएल का आईपीएल के साथ ओवरलैप होगा। आईपीएल 22 मार्च से 25 मई तक चलेगा और पीएसएल 11 अप्रैल से 18 मई तक चलेगा। जनवरी में आयोजित पीएसएल ड्राफ्ट में पेशावर जाल्मी ने डायमंड श्रेणी में बॉश को चुना था। लेकिन 8 मार्च को मुंबई इंडिंस ने घोषणा की कि वह उनकी टीम में चोटिल लिजाद विलियम्स की जगह लेंगे। कॉर्बिन बॉश को लीगल नोटिस पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बयान में कहा, “कानूनी नोटिस उनके एजेंट के माध्यम से दिया गया था और खिलाड़ी से उनकी पेशेवर और संविदात्मक प्रतिबद्धताओं से हटने के उनके कदम को उचित ठहराने के लिए कहा गया है। पीसीबी प्रबंधन ने लीग से उनके जाने के नतीजों को भी रेखांकित किया है और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके जवाब की अपेक्षा की है। पीसीबी इस मामले पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेगा।” PSL विंडो को बदला गया था पीएसएल फ्रेंचाइजी बॉश पर कार्रवाई कर सकती हैं। उन्हें चिंता है कि इससे खिलाड़ियों के लिए PSL के साथ साइन अप करने और फिर IPL में जाने की मिसाल कायम हो सकती है। पीसीबी ने विदेशी खिलाड़ियों की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार करने के उद्देश्य से PSL विंडो को बदल दिया था। जब पीएसएल फरवरी-मार्च विंडो में था तो खिलाड़ी SA20, ILT20 और BPL में व्‍यस्‍त रहते थे। पिछले साल जब विंडो बदली गई थी तब तय हुआ कि आईपीएल ऑक्‍शन के बाद पीएसएल ड्राफ्ट आयोजित होगा। इससे विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता के बारे में अधिक स्पष्टता हो सके। इस सीजन में आईपीएल नीलामी नवंबर 2024 में और पीएसएल ड्राफ्ट जनवरी 2025 में आयोजित किया गया था। PSL ड्राफ्ट में डेविड वार्नर, डेरिल मिचेल, जेसन होल्डर, रासी वान डेर डूसेन और केन विलियमसन शामिल थे।

दिल्ली पुलिस में पहली बार परीक्षा से नियुक्त होगा SHO, 15 पदों के लिए 122 आवेदन

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस पहली बार एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) की नियुक्ति के लिए योग्यता आधारित परीक्षा शुरू करने जा रही है। अब तक एसएचओ की नियुक्ति वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर होती थी, लेकिन इस नई प्रणाली का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। इस पहल के रूप में दिल्ली पुलिस विशेष रूप से साइबर थानों के लिए एक परीक्षा आयोजित कर रही है, जो राजधानी में डिजिटल अपराधों से निपटने में सबसे आगे रहे हैं। कुल 122 पुलिस इंस्पेक्टरों ने सिर्फ 15 उपलब्ध साइबर एसएचओ पदों के लिए आवेदन किया है, जिससे यह एक बेहद प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया बन गई है। यह परीक्षा 18 मार्च को वजीराबाद में दिल्ली पुलिस एकेडमी में होने वाली है। साइबर खतरों के बढ़ने के साथ दिल्ली पुलिस डिजिटल क्राइम के खिलाफ अपनी लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अफसरोंं की तलाश कर रही है। इस परीक्षा के माध्यम से चुने गए अफसरों को साइबर क्राइम जांच, डिजिटल फोरेंसिक और साइबर सुरक्षा प्रवर्तन का प्रबंधन सौंपा जाएगा। पश्चिमी दिल्ली के एक इंस्पेक्टर ने कहा, “प्रतियोगिता कठिन है – केवल 15 ही सफल होंगे।” उन्होंने कहा, “रोजाना पुलिस ड्यूटी और परीक्षा की तैयारी के बीच संतुलन बनाना थका देने वाला है, लेकिन हम इस भूमिका के महत्व को जानते हैं।” इस परीक्षा में उम्मीदवारों को व्यापक सिलेबस पर परखा जाएगा, जिसमें महत्वपूर्ण कानून और पुलिसिंग अधिनियम शामिल हैं, जिनमें – भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय साक्ष्य एक्ट (बीएसए), साइबर अपराध और आईटी कौशल, एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, आर्म्स एक्ट, दिल्ली पुलिस एक्ट, दिल्ली आबकारी एक्ट, कंपनी एक्ट, आदि शामिल हैं। मल्टिपल चॉइस और डिस्क्रिप्टिव प्रश्नों का संयोजन उम्मीदवारों को कानूनी ज्ञान, जांच कौशल और निर्णय लेने की चुनौती देगा। इस कदम को दिल्ली पुलिस के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। सीनियर अफसरों का मानना ​​है कि योग्यता आधारित यह प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि केवल सबसे योग्य अधिकारियों को ही नेतृत्व की भूमिका दी जाए। नाम न बताने की शर्त पर एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “इस कदम से इन्वेस्टिगेशन स्किल में सुधार के साथ पुलिसिंग के मानकों में भी सुधार होगा।” उन्होंने कहा, “यह एसएचओ की नियुक्ति का एक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी तरीका है – जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी।” परीक्षा की डेट तेजी से पास आ रही है, ऐसे में दिल्लीभर के पुलिस थानों में उत्सुकता और आखिरी समय में होने वाले बदलावों की भरमार है। इंस्पेक्टर रात-रात भर जागकर चाय की चुस्की ले रहे हैं और सहकर्मियों के साथ रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। रोहिणी के एक इंस्पेक्टर ने कहा कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है – अब सब कुछ भगवान के हाथ में है। बता दें कि, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार भविष्य में सभी पुलिस थानों में एसएचओ की नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रही है। दिल्ली पुलिस इस ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रही है, ऐसे में सभी की निगाहें 18 मार्च पर टिकी हैं। क्या यह परीक्षा भविष्य में एसएचओ की नियुक्तियों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी? यह तो समय ही बताएगा।

वरुण चक्रवर्ती से मिस्ट्री स्पिनर : क्रिकेट छोड़ बने आर्किटेक्ट, नौकरी में मन नहीं लगा तो पैशन को किया फॉलो

नई दिल्ली मिस्ट्री स्पिनर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वरुण चक्रवर्ती (33) ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी चमक बिखेरी। हाल ही में सम्पन्न हुई आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट 9 विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे हैं। 30 से 40 ट्रायल दिए लेकिन सफल नहीं हुए 13 साल की उम्र में क्रिकेट की शुरूआत करते वाले चक्रवर्ती ने स्पिनर नहीं तेज गेंदबाज का बनने सपना देखा था। लेकिन उन्हें गेंदबाजी का मौका नहीं मिलता था और टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज की कमी के कारण वह इस और चल दिए। 16 की उम्र तक उन्होंने 30 से 40 ट्रायल दिए। लेकिन चयन में सफल नहीं हुए। निराश होकर उन्होंने क्रिकेट को छोड़ने का फैसला लिया और किट अपने दोस्तों को देकर आर्किटेक्चर बनने निकल पड़े। उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई पूरी की और उसी फील्ड में कुछ साल तक नौकरी भी की। नौकरी में मन नहीं लगा तो पैशन को किया फॉलो आर्किटेक्ट की नौकरी में मन नहीं लगा और उनका ध्यान तेज गेंदबाज बनने पर था जिस कारण उन्होंने क्रिकेट में वापसी की। लेकिन एक बार प्रैक्टिस में चोटिल हो गए और सभी विकल्प आजमाने के बाद स्पिन गेंदबाजी का रूख किया। यूट्यूब से राशिद खान, अनिल कुंबले और एडम जैम्पा की बॉलिंग देख खुद को तैयारी करने लगे। जुबली क्रिकेट वनडे से IPL और फिर नेशनल टीम तक का सफर 2017 में वरुण ने तमिलनाडु के जुबली क्रिकेट वनडे टूर्नामेंट में 7 मैच में 31 विकेट लिए जिसकी बदौलत उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मौका मिला। 28 की उम्र में वरुण की आईपीएल में एंट्री हुई, जब 2019 में पंजाब ने 8.4 करोड़ रुपए में खरीदा। फिर वे कोलकाता नाइट राइडर से जुड़े और उन्हें मिस्ट्री स्पिनर का तमगा मिला। इसके बाद उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका मिला। श्रीलंका के खिलाफ 25 जुलाई 2021 को आर.प्रेमदासा स्टेडियम में उन्होंने टी20 क्रिकेट में एंट्री की। इसी दौरान साल 2021 में यूएई में हुए टी-20 विश्वकप में वरुण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उन्हें धमकियां भी मिली जिससे वरुण डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। लेकिन उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी और प्रैक्टिस भी डबल कर दी। पिछले साल आईपीएल में 21 विकेट लेकर कोलकाता को ट्रॉफी जिताई। इस सीजन के लिए कोलकाता ने उन्हें 12 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। चैम्पियंस ट्रॉफी में तीन मैच में 9 विकेट लेकर वे टूर्नामेंट के दूसरे सफल गेंदबाज और भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। इस साल भारत-इंग्लैंड के बीच हुई टी-20 सीरीज के 5 मैचों में 14 विकेट लेकर वे मैन ऑफ द सीरीज भी बने थे। इस दौरान उन्होंने एक द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया।

19 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ किया आत्मसमर्पण

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता मिली है. सरकार की महत्वपूर्ण पुनर्वास नीति और “नियद नेल्लानार” योजना से प्रभावित होकर 19 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है. इनमें से 10 नक्सलियों पर कुल 29 लाख रुपये का इनाम घोषित था. 2025 में अब तक 84 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता इस आत्मसमर्पण के साथ ही वर्ष 2025 में अब तक कुल 84 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. इसके अलावा अब तक 137 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं और 56 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया गया है. आत्मसमर्पण करने वाले सभी 19 नक्सली पूर्व में फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी जैसे अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल थे. प्रत्येक नक्सली को मिली 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि इन सभी नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, एएसपी मयंक गुर्जर (आईपीएस), डीएसपी शरद जायसवाल और अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 25-25 हजार रुपये नगद राशि प्रदान किया गया.

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