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अवैध नशे पर Police का बड़ा एक्शन, पुलिस ने कंटेनर से 500 किलो गांजा किया जब्त

 कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त करते हुए कंटेनर ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है. फिलहाल पुलिस चालक से पूछताछ कर रही है. दावा किया जा रहा है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक कंटेनर ट्रक से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और उसके चालक को गिरफ्तार किया है. चालक प्रतिबंधित पदार्थ की अंतरराज्यीय तस्करी में शामिल था. कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रक को सोमवार रात कटघोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिलासपुर-अंबिकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुतार्रा-रापाखर्रा पुल के पास रोका गया. ट्रक ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रहा था. ट्रक की जांच के दौरान अंदर पैकेट में रखा 500 किलोग्राम गांजा (भांग) मिला, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. अधिकारी ने बताया कि चालक की पहचान दिल्ली के रहने वाले राहुल गुप्ता के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है. आपको बता दें कि इससे पहले भी छत्तसीगढ़ पुलिस ने राज्य के एक जिले से गांजा की जब्ती की थी. ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रही थी खेप, पुलिस ने की घेराबंदी कटघोरा पुलिस को सूचना मिली कि एक माजदा वाहन में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और सुतर्रा रापाखर्रा पुल के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। ओडिशा से उत्तर प्रदेश गांजे की तस्करी की जा रही थी। चेकिंग में भूरे रंग के टेप में लिपटे कई बड़े पैकेट मिले वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को कंटेनर के अंदर भूरे रंग के टेप में लिपटे कई बड़े पैकेट मिले। जब इन पैकेटों को खोला गया तो उनमें से गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, पूरे 500 किलो गांजे की तस्करी की जा रही थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। अंतरराज्यीय गिरोह के तार जुड़े होने की आशंका पुलिस ने इस मामले में वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा है, जो ओडिशा से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में गांजा सप्लाई करता है। ड्राइवर ने अभी तक किसी का नाम बताया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस जल्द करेगी बड़ा खुलासा फिलहाल, पुलिस ने जब्त गांजे की सही मात्रा और उसकी कीमत का आकलन करने के लिए जांच जारी रखी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 घंटे में इस मामले में बड़ा खुलासा किया जा सकता है।  

क्रिकेट का काला अध्याय- 18 मार्च 2007 को पाकिस्तान की टीम के हेड कोच बॉब वूल्मर का हुआ था निधन

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 मार्च की तारीख पाकिस्तान के लिए एक काले सच की तरह है, जबकि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ये दिन बहुत यादगार है, जबकि तीन क्रिकेटरों ने इस दिन अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला है। तीनों ही महान खिलाड़ी रहे हैं, जिनमें सचिन तेंदुलकर जैसा नाम भी शामिल है। इसके अलावा श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा और पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने भी 18 मार्च को आखिरी बार वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में उतरे थे। पाकिस्तान के लिए ये दिन इसलिए मनहूस माना जाता है, क्योंकि 18 मार्च 2007 को पाकिस्तान की टीम के हेड कोच बॉब वूल्मर का निधन हो गया था। पाकिस्तान टीम के मैच के अगले दिन उनको होटल के कमरे में मृत पाया गया था। कहा जाता है कि रहस्यमयी परिस्थितियों में उनका निधन हो गया था। यहां तक कि पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से कई दिन तक पूछताछ भी हुई थी। जमैका पुलिस ने मर्डर के एंगल से इसकी जांच की थी। हालांकि, इसमें कुछ भी संदेहास्पद नहीं पाया गया था। वहीं, भारतीय टीम के लिए 18 मार्च इसलिए खास है, क्योंकि आज ही के दिन निदहास ट्रॉफी का फाइनल खेला गया था। 2018 में एक ट्राई सीरीज इंडिया, बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेली गई थी, जिसे निदहास ट्रॉफी का नाम दिया गया था। इसका फाइनल आज ही के दिन इंडिया और बांग्लादेश के बीच हुआ था, जिसमें आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर दिनेश कार्तिक ने भारतीय टीम को जीत दिलाई थी। ये कोई रेग्युलर टूर्नामेंट नहीं था, बल्कि श्रीलंका की आजादी के वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था। वहीं, जिन तीन महान खिलाड़ियों ने 18 मार्च को अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला, उनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर कुमार संगकारा और पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने आज ही के दिन यानी 18 मार्च को अपना-अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला था। सचिन तेंदुलकर ने जहां 2012 में 18 मार्च को अपना आखिरी ओडीआई मैच खेला था, जबकि कुमार संगकारा और महेला जयवर्धन ने साल 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ आइसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इन तीनों दिग्गजों ने मिलकर 45000 से ज्यादा रन बनाए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम मोदी को सौंपा बस्तर के विकास का रोडमैप, विकास कार्यों और नक्सल उन्मूलन पर हुई चर्चा

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। सीएम ने कहा, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंचा मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति व जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें। नक्सल मुद्दों पर हुई अहम चर्चा मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। आगे सीएम साय ने कहा- सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। नई औद्योगिक नीति पर हुई विस्तृत चर्चा मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। सीएम ने बताया कि, निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। वहीं महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि, स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। महिलाओं को बनाया जा रहा सशक्त- सीएम साय सीएम साय ने पीएम मोदी को बताया कि, बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है। 30 मार्च को छत्तीसगढ़ आयेंगे पीएम मोदी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मिली बधाई इस दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें नगर निकाय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत भाजपा की नीतियों, सुशासन और जनता के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने इस जीत को स्थानीय विकास, बेहतर प्रशासन और स्थायी शांति की दिशा में बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत की रणनीति और सरकार के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनता के बीच जाकर विश्वास अर्जित … Read more

डॉ. हरिसिंह गौर विवि में प्रवेश लिए दाखिला शुरू, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के लिए 22 मार्च तक लिए जाएंगे आवेदन

सागर  देशभर के 46 केंद्रीय विवि सहित डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुरू हुई यूजी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। एन्थ्रोपोलॉजी, बिजनेस मैनेजमेंट, केमिस्ट्री, कंप्यूटर एप्लिकेशंस, इकोनॉमिक्स और अन्य विषयों में कोर्सेज में छात्र-छात्राओं को दाखिला मिलेगा। भविष्य में तकनीकी और आधुनिक जीवन में एआई के बढ़ते दखल की वजह से बीसीए में एआई विषय को जोड़ गया है। वहीं इसके साथ बीए एलएलबी, बेचलर ऑफ आट्र्स (जर्नलिज्म मॉस कम्यूनिकेशन), बेचलर ऑफ परफॉर्मनिंग आट्र्स (तबला परक्यूसन), हिंदुस्तानी वोकल म्यूजिक और बेचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नालॉजी जैसे कोर्स में भी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकते हैं। पारंपरिक कोर्स के साथ कई नए कोर्स जोड़े गए हैं। जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के बाद आसानी से रोजगार मिल सकेगा।  22 मार्च तक लिए जाएंगे आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन करती है। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 मार्च तक तक होंगे। इसके बाद 23 मार्च तक ऑनलाइन एप्लीकेशन की फीस जमा कर सकेंगे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा की टेंटेटिव तारीख भी नोटिफिकेशन में बताई है। जिसके आधार पर 8 मई से 1 जून के बीच यह परीक्षा आयोजित होगी। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नोटिफिकेशन में बताया है कि यह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड पर ही आयोजित होगी। 13 भाषाओं में होगी परीक्षा सीयूईटी यूजी की परीक्षा इस बार भी मल्टीप्ल शिफ्ट व 13 भाषाओं में होगी। इसके अलावा कैंडिडेट 37 विषयों में से चुन सकेगा। जिनमें 13 भाषा, 23 डोमेन सब्जेक्ट व 1 जनरल टेस्ट होगा। जिनमें कैंडिडेट केवल 5 विषयों का ही चुनाव कर सकते हैं। पेपर पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। सभी सब्जेक्ट में 50 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें करना अनिवार्य है। प्रत्येक पेपर को करने के लिए 1 घंटे का समय मिलेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं। विवि की वेबसाइड पर विद्यार्थियों के लिए समस्त कोर्स की जानकारी दी गई है। विवेक जयसवाल, मीडिया प्रभारी डॉ. हरिसिंह गौर विवि

न्यूजीलैंड ने 5 विकेट से जीता दूसरा T20 मैच, पाकिस्तान को न्यूजीलैंड ने की जमकर धुनाई

नई दिल्ली पाकिस्तान की टीम को हार पर हार मिलती जा रही है। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले न्यूजीलैंड की टीम ने ट्राई वनडे सीरीज में दोनों मैचों में पाकिस्तान को हराया था। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 मैच में भी पाकिस्तान को न्यूजीलैंड से हार मिली और अब पांच मैचों की टी20 सीरीज के दो मैच भी पाकिस्तान की टीम हार गई है। दुनेदिन में खेले गए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में पाकिस्तान को 5 विकेट से न्यूजीलैंड ने हरा दिया। टिम साइफर्ट ने शानदार पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड हासिल किया। बारिश से बाधित ये टी20 मैच 15-15 ओवर का खेला गया। न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान माइकल ब्रैसवेल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। ऐसे में पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी और 9 विकेट खोकर 135 रन बना सकी। पाकिस्तान के लिए कप्तान सलमान अली आगा ने 28 गेंदों में 46 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जबकि उपकप्तान शादाब खान ने 14 गेंदों में 26 रन बनाए। शाहीन शाह अफरीदी ने 14 गेंदों में 22 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी, बेन सीयर्स, जेम्स नीशम और ईश सोढ़ी ने 2-2 विकेट निकाले। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम 136 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो पहले ओवर में एक भी रन नहीं बना था, बावजूद इसके 13.1 ओवर में टीम 5 विकेट से मुकाबला जीत गई। न्यूजीलैंड की ओर से टिम साइफर्ट ने 22 गेंदों में 45 रन बनाए। 16 गेंदों में 38 रन फिन एलेन ने बनाए। 16 गेंदों में 21 रन मिचेल हे ने बनाए। हारिस राउफ को दो विकेट मिले, जबकि एक-एक सफलता मोहम्मद अली, खुशदिल शाह और जहांनाद खान को मिली। सीरीज का तीसरा मुकाबला शुक्रवार 21 मार्च को ऑकलैंड में खेला जाएगा। अगर उस मैच में पाकिस्तान को जीत नहीं मिली तो सीरीज मेजबान न्यूजीलैंड के नाम हो जाएगी।

बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में कॉरिडोर बनाने का टेंडर पर्यटन विकास निगम ने खोल

दमोह दमोह जिले और बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में कॉरिडोर बनाने का टेंडर पर्यटन विकास निगम ने खोल दिया है। छतरपुर की सरवरिया कंस्ट्रक्शन एजेंसी को यहां का टेंडर मिला है। एजेंसी को पहले चरण में फैकल्टी एरिया, गौशाला, फेसिलिटी सेंटर, हॉल और गेट बनाना है। बता दें कि जागेश्वरनाथ धाम को तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है, यहां देश भर के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। 10 दिन पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मंदिर कमेटी भूमिपूजन को लेकर कार्ययोजना बना रही है। इससे पहले जनवरी और फरवरी में दो बार पांच-पांच मुहूर्त निकाले गए थे, लेकिन भूमिपूजन के लिए मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री पिछले एक माह में कई बार बुंदेलखंड क्षेत्र में आ चुके हैं, लेकिन भूमिपूजन के लिए समय निर्धारित नहीं हो सका। बता दें कि निगम ने 10 जनवरी 2025 को टेंडर जारी किया था, जिसमें तीन एजेंसियों- ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी, श्रीराम कृपा एसोसिएट और सरवरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भाग लिया था। सरवरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 5 करोड़ 95 लाख 61 हजार रुपये की निविदा जीती। हालांकि, यह टेंडर 34 प्रतिशत बिलो दर पर लिया गया है। पांच चरणों में पूरा होगा काम जानकारी के अनुसार, मंदिर कॉरिडोर का कार्य पांच चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में पांच प्रमुख निर्माण कार्य शामिल हैं। मंदिर ट्रस्ट के पंकज हर्ष श्रीवास्तव और मीडिया प्रभारी रवि शास्त्री ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और अब भूमिपूजन होना है। मार्च में कार्यक्रम तय करने के लिए तिथि निकाली जा रही है। जैसे ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होगा, भूमिपूजन की तिथि निर्धारित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में होने वाले पांच कार्यों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्थल भी चिन्हित कर लिया गया है। महाकाल लोक की तर्ज पर बनेगा मंदिर कमेटी के अनुसार, बांदकपुर में उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 100 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर बनाया जाना है। इस टेंडर प्रक्रिया को पूरा होने में छह माह का समय लग गया क्योंकि प्रक्रिया में कई तकनीकी खामियां थीं। अब एजेंसी स्थल का निरीक्षण करेगी और भूमिपूजन के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि, अभी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। 200 से अधिक नोटिस पहले ही बांटे जा चुके हैं और दुकानदारों को स्थान खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। कई साल से की जा रही थी मांग जागेश्वरनाथ धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन यहां श्रद्धालुओं के लिए कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। पिछले तीन वर्षों से यहां कॉरिडोर निर्माण की मांग की जा रही थी। जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह के पर्यटन राज्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले बांदकपुर में कॉरिडोर निर्माण के प्रयास शुरू किए, जिसके बाद यह पहला टेंडर जारी किया गया है।  

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. मंगलवार को इस मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी. पत्रकार मुकेश की हत्याकांड की जांच एसआईटी कौ सौंपी गई थी. जांच में सामने आया था कि इस केस के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने वारदात से करीब 3-5 दिन पहले ही मर्डर की पूरी प्लानिंग कर ली थी. दरअसल, मुकेश ने सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर कुछ खबरें की थी. इसी बात से आरोपी सुरेश काफी नाराज था. फिर उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलने इस वारदात को अंजाम दिया. पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को लापता हो गए थे. उनकी बॉडी 3 जनवरी को बीजापुर के चट्टानपारा इलाके में सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक में मिला था. मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने भी एक्शन तेज कर दिया था. फिर 5 जनवरी को आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था. उससे पहले उनके भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया था. जानें कब-कब क्या हुआ     1 जनवरी 2025 की रात पूरी प्लानिंग के बाद बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था     2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी     3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से मुकेश की बॉडी पुलिस ने बरामद की थी      इसके बाद इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दे दिए थे     सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने ने 3 दिन बाद हैदराबाद से मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था.     मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर की गई रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था     रिपोर्टिंग से खफा सुरेश चंद्राकर ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की साजिश रची थी     अभी जेल में बंद हैं सभी आरोपी     जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था, एसआईटी ने उसे सील कर रखा है     हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की की लगातार मांग उठ रही है     मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है     इन्हें कोर्ट से मिली है जमानत  

टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा की फॉर्म ही नहीं, बल्कि कप्तानी भी इन दिनों सवालों के घेरे में है, परेशान हैं सौरव गांगुली

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई के चेयरमैन रहे सौरव गांगुली ने रोहित शर्मा की टेस्ट फॉर्म को लेकर बयान दिया है। सौरव गांगुली ने कहा है कि पिछले चार-पांच सालों से रोहित शर्मा का टेस्ट फॉर्म उन्हें हैरान कर रहा है। दादा का दावा है कि वह इस समयावधि में जिस तरह खेले हैं, उससे कहीं बेहतर खेल सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा की फॉर्म ही नहीं, बल्कि कप्तानी भी इन दिनों सवालों के घेरे में है। इंडिया ने पिछले 10 टेस्ट मैचों में सिर्फ 3 मुकाबले जीते हैं। इन मैचों में रोहित 8 में खेले हैं और एक बार भी अर्धशतक नहीं जड़ पाए हैं। गांगुली ने रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट में फॉर्म को लेकर चिंता जताई। गांगुली ने रेवस्पोर्ट्ज से बात करते हुए कहा, “पिछले 4-5 सालों में लाल गेंद वाले क्रिकेट में उनके फॉर्म ने मुझे हैरान कर दिया है। उनके कद और क्षमता वाला खिलाड़ी, उन्होंने जो किया है, उससे कहीं बेहतर कर सकता है। उन्हें अपनी सोच पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि हमें इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट खेलने हैं और यह एक और कठिन सीरीज होने वाली है।” रिपोर्ट्स की मानें तो रोहित शर्मा इंग्लैंड के दौरे पर भी टीम के कप्तान हो सकते हैं। पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने आगे कहा, “ठीक वैसे ही जैसे ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। गेंद सीम करेगी, स्विंग करेगी। भारत को लाल गेंद में उनके प्रदर्शन की जरूरत है, लेकिन सफेद गेंद में वह अब तक के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं।” चैंपियंस ट्रॉफी की जीत ने रोहित शर्मा की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। वे दो आईसीसी टूर्नामेंट पिछले एक साल से भी कम समय में जीत चुके हैं। ऐसे में अगर वह कप्तान के रूप में इंग्लैंड जाते हैं तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हालांकि, अभी चीफ सिलेक्टर को इस पर फैसला लेना है।

भोपाल में युवती से गलत काम का कांड उसके रिश्ते के भाई ने ही किया, अब शदी से इंकार

भोपाल  कोई अनजान व्यक्ति हैवान बने तो कहते हैं दुनिया बड़ी खराब है, लेकिन अगर कोई अपना ही दरिंदगी पर उतर आए तो क्या कहा जाए? जी हां, अगर वह रिश्ते का भाई हो तो रिश्तों का तार-तार होने से कौन रोक पाएगा। एक ऐसी ही वारदात राजधानी भोपाल में सामने आई है। यहां पर अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में एक युवती से गलत काम किया गया है। प्राइवेट नौकरी करने वाली इस युवती से गलत काम का कांड उसके रिश्ते के भाई ने ही किया है। रिश्ते के भाई ने युवती को एक दिन अकेले मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद उसे घुमाने के बहाने होटल के एक रूम में ले गया। वहां पर उसके साथ जबरदस्ती कर डाली। जब लड़की ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने लड़की को जल्द शादी करने का झांसा दे दिया। इसके बाद करीब दो साल तक दोनों कई बार शारीरिक संबंध बनाते रहे। अब जबकि युवक का मन भर गया तो वह युवती से दूरी बनाने लगा। युवक ने शादी करने की बात से साफ इनकार कर दिया। प्राइवेट नौकरी में है दोनों इसके बाद पीड़िता ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अशोका गार्डन थाने के प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि युवती की उम्र 24 साल है। वह प्राइवेट जॉब करती है। आरोपी का नाम सुभाष चंद्र मेहर है और वह मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है। आरोपी युवक-युवती का रिश्ते का भाई है। शादी में हुई दोनों की मुलाकात बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात दो साल पहले एक शादी समारोह में हुई थी। पहले फोन में बातचीत शुरू हुई और बाद में दोस्ती हो गई। बाद में मामला प्रेम प्रसंग तक पहुंच गया। इसके बाद आरोपी युवक ने लड़की को घुमाने के बहाने बुलाया। और घटना को अंजाम दिया। आरोपी को उठाने मुंबई जा सकती है पुलिस आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। अब पुलिस आरोपी युवक को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई जाने की तैयारी कर रही है। वहां जाकर युवक की गिरफ्तारी की जा सकती है।

सांसद लालवानी ने14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर महू के लिए विशेष ट्रेनिंग चलाने की मांग रखी

 इंदौर लोकसभा में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से दिल्ली और मुंबई तक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि इंदौर से दोनो शहरों में रोज हजारों यात्री सफर करते है। उनका सफर आसान बनाने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाना चाहिए। इसके अलावा पटना, रीवा, देहरादून और उदयपुर के लिए ट्रेनों को रोजाना चलाने की मांग भी सांसद लालवानी ने लोकसभा में उठाई। गौतमपुरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज देने का मसला भी सांसद लालवानी ने लोकसभा में उठाया।14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर महू के लिए विशेष ट्रेनिंग चलाने की मांग भी रखी गई हैै। जयंती पर लाखों अनुयायी अलग-अलग प्रदेशों से महू आते है। लालवानी ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पूरे देश में सिर्फ 240 रेलवे की लिफ्ट काम कर रही थी वही पिछले 10 सालों में रेलवे स्टेशन स्टेशनों पर 2,650 लिफ्ट लगी है। यूपीए सरकार के दौरान 588 किलोमीटर रेलवे लाइन का ही इलेक्ट्रिफिकेशन हो पाया वही प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 44,199 किलोमीटर का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कारण इंदौर से दाहोद, इंदौर से खंडवा एवं बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन की सौगात भी मिली है। सांसद लालवानी ने वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के पहले इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग भी रखी है। साथ ही, महू-इंदौर-देवास-उज्जैन लोकल ट्रेन भी चलाने की मांग की है।  

आज 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर वापसी करेंगीं एस्‍ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स

वाशिंगटन भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स आज मंगलवार की शाम धरती पर लौटने वाली हैं. एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं. नासा के अनुसार, सुनीता विलियम्स और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आने वाला अंतरिक्ष यान कुछ ही घंटों में आईएसएस अलग होगा और मंगलवार शाम 5:57 बजे (अमेरिकी समयानुसार) फ्लोरिडा के समुद्र में उतरेगा. भारतीय समय के अनुसार, यह बुधवार तड़के करीब 3 बजे होगा. नासा करेगा सीधा प्रसारण ड्रैगन नामक इस अंतरिक्ष यान का दल रात 11:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार) यानी भारत में मंगलवार सुबह 8:45 बजे आईएसएस से अलग होने और हैच बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगा. नासा अपने स्पेसएक्स कार्यक्रम के तहत इस वापसी यात्रा का सीधा प्रसारण करेगा. यह नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का संयुक्त मिशन है, जिसे “स्पेसएक्स क्रू 9” कहा जाता है. स्थितियों का किया आकलन नासा और स्पेसएक्स ने एजेंसी के क्रू-9 मिशन की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापसी के लिए फ्लोरिडा के तट पर मौसम और स्पलैशडाउन स्थितियों का आकलन करने के लिए रविवार को मुलाकात की। मिशन प्रबंधक 18 मार्च की शाम के लिए पूर्वानुमानित अनुकूल परिस्थितियों के आधार पर क्रू-9 की पहले वापसी के अवसर को लक्षित कर रहे हैं। मिशन प्रबंधक क्षेत्र में मौसम की स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे, क्योंकि ड्रैगन की अनडॉकिंग कई कारकों पर निर्भर करती है। ट्रंप और मस्क का जताया आभार     इनमें अंतरिक्ष यान की तत्परता, रिकवरी टीम की तत्परता, मौसम, समुद्री स्थितियां और अन्य कारक शामिल हैं। नासा और स्पेसएक्स क्रू-9 की वापसी के करीब विशिष्ट स्पलैशडाउन स्थान की पुष्टि करेंगे।     इस बीच, सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया है। मस्क द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो में विलियम्स ने कहा कि हम जल्द ही वापस आ रहे हैं, इसलिए मेरे बिना कोई योजना न बनाएं। हम जल्द ही वापस आएंगे। ये उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय मूल की दूसरी एस्‍ट्रोनॉट हाल ही में फॉक्स न्यूज पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक साक्षात्कार में मस्क ने कहा, “उन्हें राजनीतिक कारणों से वहां छोड़ दिया गया, जो अच्छा नहीं है.” सुनीता विलियम्स, जो इस साल सितंबर में 60 वर्ष की हुईं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध भारतीय मूल की दूसरी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं. उनसे पहले कल्पना चावला यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं, लेकिन 2003 में कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी. सुनीता विलियम्स का जन्म 1965 में हुआ था. उनके पिता दीपक पांड्या गुजरात से हैं, जबकि उनकी मां उर्सुलाइन बोनी पांड्या (जालोकर) स्लोवेनिया से हैं. सुनीता ने पहली बार 2006 में “डिस्कवरी” स्पेस शटल के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की थी. 1. स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने में कितना समय लगेगा? इस सफर में करीब 17 घंटे लगेंगे। नासा की ओर से इस इवेंट का एक अनुमानित शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें मौसम के कारण बदलाव भी हो सकता है। नासा के अनुसार 19 मार्च को सुबह 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू होगा। यानी, कक्षा से उल्टी दिशा में स्पेसक्राफ्ट का इंजन को फायर किया जाएगा। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वातावरण में एंट्री होगी और सुबह फ्लोरिडा के तट पर पानी में लैडिंग होगी। 3. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को स्पेस स्टेशन पर क्यों भेजा गया था? सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और NASA के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इस मिशन का उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता को टेस्ट करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। मिशन के दौरान उन्हें स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली भी उड़ाना था। 4. बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट कब और कैसे लॉन्च किया गया था? 5 जून 2024 को रात 8:22 बजे एटलस V रॉकेट के जरिए बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट लॉन्च हुआ था। ये 6 जून को रात 11:03 बजे स्पेस स्टेशन पहुंचा था। इसे रात 9:45 बजे पहुंचना था, लेकिन रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टर में परेशानी आ गई थी। बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट एटलस V रॉकेट से 5 जून 2024 को भारतीय समयानुसार रात 8:22 बजे लॉन्च हुआ। बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट एटलस V रॉकेट से 5 जून 2024 को भारतीय समयानुसार रात 8:22 बजे लॉन्च हुआ। 5. सुनीता और विल्मोर इतने लंबे समय तक स्पेस में कैसे फंस गए?     स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट के 28 रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टरों में से 5 फेल हो गए थे। 25 दिनों में 5 हीलियम लीक भी हुए। हीलियम प्रोपलेंट को थ्रस्टरों तक पहुंचाने के लिए बहुत अहम है। ऐसे में स्पेसक्राफ्ट के सुरक्षित रूप से लौटने पर चिंताएं थी।     डेटा का विश्लेषण करने के बाद, नासा ने फैसला लिया कि स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट सुनीता और बुच विल्मोर को वापस लाने के लिए सुरक्षित नहीं है, इसलिए वो अंतरिक्ष यात्रियों के बिना ही स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को 6 सिंतबर 2024 को पृथ्वी पर वापस ले आया।     अब स्पेसएक्स को एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाने की जिम्मेदारी दी गई। स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट हर कुछ महीनों में 4 एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन लेकर जाता है और वहां मौजूद पिछला क्रू स्पेस स्टेशन में पहले से पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से वापस आ जाता है।     स्पेसएक्स ने जब 28 सितंबर 2024 को क्रू-9 मिशन लॉन्च किया तो इसमें भी 4 एस्ट्रोनॉट जाने वाले थे, लेकिन सुनीता और बुच के लिए दो सीट खाली रखी गई। इनके पहुंचने के बाद क्रू-8 स्पेस स्टेशन में पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से पृथ्वी पर लौट आया।     15 मार्च 2025 को SpaceX ने 4 एस्ट्रोनॉट्स के साथ क्रू-10 मिशन लॉन्च किया। 16 मार्च को ये एस्ट्रोनॉट ISS पहुंच गए। अब क्रू-9 के चारों एस्ट्रोनॉट जिम्मेदारी क्रू-10 को हैंडओवर करने के बाद स्पेस स्टेशन पर सितंबर से पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से लौट रहे हैं। 6. क्रू-10 मिशन को इतनी देरी से क्यों भेजा गया, पहले भी भेज सकते थे? स्पेसएक्स के पास अभी 4 ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट है। एंडेवर, रेजीलिएंस, एंड्योरेंस और फ्रीडम। पांचवें स्पेसक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। क्रू-10 के लिए इसी … Read more

प्रदेश सरकार ने सीएम राईज विद्यालयों में आगामी सत्र से विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी

 सीहोर जिले के सीएम राइज स्कूल में बच्चों का दाखिला कराने के लिए अभिभावकों की भीड़ उमड़ रही है। भैरुंदा के सीएम राइज स्कूल में केजी-वन में बच्चों का प्रवेश कराने के लिए अभिभावकों में होड़ मची है। कक्षा केजी-वन में प्रवेश के लिए 30 सीटें खाली हैं, जबकि एडमिशन के लिए पहले दिन ही 50 आवेदन पत्र वितरित हो गए। जबकि, आवेदन प्रक्रिया 29 मार्च तक चलनी है। दअरसल, जिले के भैरुंदा स्थित सीएम राइज स्कूल में सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। लगातार तीसरे वर्ष सीएम राइज विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा पद्धति से अभिभावक प्रसन्न नजर आ रहे हैं। विद्यालय की लोकप्रियता और उसकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग का नतीजा यह है कि हर मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चे का प्रवेश सीएम राइज में कराने के लिए उत्सुक नजर आ रहा है। इसका नजारा प्रवेश प्रक्रिया के पहले दिन संस्थान पर आवेदन पत्र के वितरण के दौरान देखने को मिला। सीएम राइज विद्यालय की प्रवेश प्रभारी शिक्षिका चंद्रकला रैकवार और कुसुम श्रोत्रिय ने बताया कि संस्था में केजी-1 की 30 सीटों के लिए पहले ही दिन 50 आवेदन पत्र वितरित किए गए, जबकि कक्षा 9 (अंग्रेजी माध्यम) की 90 सीटों के लिए 31 आवेदन पत्र वितरित हो चुके हैं। आवेदन प्रक्रिया 29 मार्च तक जारी रहेगी, आने वाले दिनों में आवेदन संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। पहले दिन केवल आवेदन पत्र वितरित किए गए थे, किसी भी आवेदन को जमा नहीं किया गया। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और सुविधाएं स्कूल के प्राचार्य शैलेन्द्र लोया ने बताया कि विद्यालय की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं क्षेत्र के अभिभावकों के लिए पहली पसंद बना रही हैं। कक्षा नौवीं से अंग्रेजी माध्यम की उपलब्धता, निःशुल्क बस परिवहन सेवा, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन पालकों के आकर्षण का प्रमुख कारण हैं। प्राचार्य शैलेन्द्र लोया ने बताया कि यदि आवेदन पत्रों की संख्या रिक्त सीटों से अधिक होती है, तो 3 अप्रैल को दोपहर 2 बजे लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से चयन किया जाएगा।  

45 साल सेवा देने वाले कर्मचारी को पेंशन-ग्रेच्युटी का हक, हाईकोर्ट का सख्त आदेश

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने अपने एक आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि 45 वर्ष सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए सफाई कर्मी को पेंशन की फूटी कौड़ी दिए बिना गुडबाय नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने नगर पालिका दमोह की ‘योगदान नहीं, तो पेंशन नहीं’ की रवायत पर करारी फटकार लगाते हुए दिवंगत सफाई कर्मी की विधवा के हक में एक माह के भीतर छह प्रतिशत ब्याज सहित पेंशन जारी किए जाने का राहतकारी आदेश पारित कर दिया। यही नहीं 12 प्रतिशत ब्याज सहित ग्रेच्युटी राशि भी दिए जाने का आदेश सुनाया गया। याचिकाकर्ता दिवंगत सफाई कर्मी पुरुषोत्तम मेहता की दमोह निवासी विधवा सोमवती बाई वाल्मीकि की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार शर्मा, असीम त्रिवेदी और रोहिणी प्रसाद शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में नगर पालिका, दमोह के सभी तर्क दरकिनार किए जाने योग्य हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सब मनमानी को इंगित करते हैं। एक परिवार को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया     हाई कोर्ट को अवगत कराया गया कि पुरुषोत्तम मेहता ने 1964 से 2009 तक नगर पालिका, दमोह में सफाई कर्मचारी के रूप में सेवा दी। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन या ग्रेज्युटी नहीं मिली, जिससे परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया।     मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद उनकी विधवा सोमवती बाई वाल्मीकि ने न्याय की लड़ाई को गति दी। नगर पालिका का विवादास्पद तर्क है कि कर्मचारी ने पेंशन फंड में योगदान नहीं दिया।     नगर पालिका ने दावा किया कि मध्य प्रदेश नगर पालिका पेंशन नियम, 1980 के तहत पेंशन के लिए कर्मचारी का पेंशन निधि में योगदान जरूरी है, जो मेहता ने नहीं दिया। पेंशन निधि में कर्मचारी का योगदान नहीं होने से वह पेंशन का पात्र नहीं है। हाई कोर्ट ने सख्ती प्रतिक्रिया देते हुए राहत दी हाई कोर्ट ने नगर पालिका, दमोह के रुख को अनुचित करार दिया। अपनी सख्त प्रतिक्रिया में साफ किया कि नियमों में कहीं भी कर्मचारी के योगदान का प्रावधान नहीं है। यदि योगदान आवश्यक था तो नगर पालिका को वेतन से कटौती करना चाहिए था। सेवानिवृत्ति के समय यह कहना कि ‘कर्मचारी ने योगदान नहीं दिया’ उसके अधिकारों का हनन है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में जहां एक ओर कानूनी बारीकियों को रेखांकित किया, वहीं नगरपालिकाओं की संवेदनहीनता पर चिंता भी जताई। पेंशन निधि में ‘डीम्ड’ सम्मिलन का अर्थ है कि कर्मचारी स्वतः पात्र है। हाई कोर्ट ने नगर पालिका के तर्कों को सेवा कानूनों के विपरीत बताया और स्पष्ट किया कि 1980 के नियमों में पेंशन निधि में कर्मचारी के योगदान का कोई प्रविधान नहीं है। यदि योगदान जरूरी था, तो नियोक्ता का कर्तव्य था कि वह वेतन से कटौती करते। हाई कोर्ट ने नगर पालिका द्वारा “भुगतान की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है” के तर्क को निरस्त करते हुए कहा कि जब नगर पालिका ने पेंशन स्वीकृत ही नहीं की, तो राज्य पर दोष मढ़ना विधि विरुद्ध है। नगर पालिका यह तर्क तभी दे सकती थी जब वह पेंशन स्वीकृत कर चुकी होती।

कांग्रेस नेत्री ने परशुराम से की Aurangzeb की तुलना, पार्टी के अल्टीमेटम के बाद मांगनी पड़ी माफी

जबलपुर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की एक महिला पार्टी नेता को सोशल मीडिया पर हिंदू देवता परशुराम की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस भेजा है. नोटिस में पार्टी ने रेखा विनोद जैन से 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. जबलपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है, “आपने न केवल भारतीय संविधान का बल्कि कांग्रेस पार्टी के संविधान का भी उल्लंघन किया है, जिससे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि धूमिल हुई है.” उन्होंने कहा कि जैन के कृत्य ने कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष नीति का उल्लंघन किया है और यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है. ’48 घंटे के अंदर माफी…’ सौरभ शर्मा ने कहा, “आपके द्वारा किए गए कृत्य के आधार पर आपको यह कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसे मिलने के 48 घंटों के अंदर आपको पोस्ट के संबंध में अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपना जवाब भेजना चाहिए.” नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी या संतोषजनक जवाब नहीं भेजा, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस लीडर ने पोस्ट में क्या कहा था? कांग्रेस लीडर रेखा विनोद जैन ने पोस्ट में कहा था, “औरंगजेब ने अपने भाई का सिर काटकर अपने पिता को भेंट किया, जबकि परशुराम ने अपनी मां का सिर काटा था. औरंगजेब क्रूर था, कोई भी उसे आदर्श नहीं मानता. मुसलमान भी अपने बच्चों का नाम औरंगजेब नहीं रखते लेकिन हिंदुत्व के अनुयायी परशुराम के मंदिर भी बनाते हैं.” हालांकि, रेखा ने बाद में पोस्ट हटा दी और अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. रेखा विनोद ने एक अलग पोस्ट में कहा, “जैसे ही यह बात मेरे संज्ञान में आई, मैंने तुरंत उस पोस्ट को वॉल से हटा दिया. इसके साथ ही, मैं आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सभी से माफी मांगती हूं.” हालांकि, सत्तारूढ़ बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी की हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना आदत बन गई है.  

सौरभ शर्मा, चेतन गौर, शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत 29 मार्च तक बढ़ी, लोकायुक्त विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया

भोपाल मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा केस में बड़ी अपडेट सामने आई है. सौरभ शर्मा, चेतन गौर, शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत 29 मार्च तक बढ़ा दी गई है. लोकायुक्त विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है. सौरभ शर्मा को आरटीओ घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल जांच एजेंसियो की पूछताछ जारी है. इधर, पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्टशीट पेश होगी. मालूम हो कि 1 जनवरी 2025 की रात युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था. 2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से पुलिस ने मुकेश की बॉडी को बरादम किया था. इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दिए थे. सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने के 3 दिन बाद हैदराबाद से सुरेश को गिरफ्तार किया गया था. मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था. रिपोर्टिंग से नाराज सुरेश ने हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल इस मामले के सभी आरोपी जेल में बंद हैं. जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था एसआईटी ने उसे सील कर रखा है. हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की करने की लगातार मांग उठ रही है. मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा बयान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इस पूरे मामले में छोटी मछलियों पर कार्रवाई की गई लेकिन बड़ी मछलियों को हाथ तक नहीं लगाया गया. पूरी कांग्रेस पार्टी इस मामले में गोविंद सिंह राजपूत और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की मांग कर रही है. इसी कड़ी में कल हम लोकायुक्त गए थे. आज हम लोग eow आए हैं. 3-3 एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन अब तक यह पता नहीं लगा पाई आखिर 52 किलो सोना और कैश किसका था eow के अधिकारियों ने जांच कर आश्वाशन दिया है. आने वाले समय में हम प्रधानमंत्री को भी शिकायत करेंगे. रजिस्ट्री से लेकर तमाम साक्ष्य दिए हैं. उसके बाद भी कार्रवाई से बच रही है जांच एजेंसियां. हमने सदन में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की लेकिन चर्चा भी नहीं हुई.

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