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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामनगर महाविद्यालय इकाई की कार्यकारिणी घोषित

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामनगर महाविद्यालय इकाई की कार्यकारिणी घोषित महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष रतन सेन एवं विपिन सिंह इकाई मंत्री बने। सतना  रामनगर आज अभाविप, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय इकाई रामनगर की सत्र 2024-25 की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें प्रमुख प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अमर सिंह बघेल, अमरपाटन नगर मंत्री उत्कर्ष तिवारी, प्रमुख रुप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय कार्यकारिणी में इकाई अध्यक्ष रतन सेन एवं महाविद्यालय इकाई विपिन सिंह, इकाई उपाध्यक्ष निखिल गुप्ता, नेहा मिश्रा, इकाई सहमंत्री किशन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, रिचा निगम, सीपाली यादव, SFD हरीशिका SFS प्रमुख हरिओम कलामंच प्रमुख प्राची पटेल, खेलों भारत प्रमुख वंशिका सिंह, NSS प्रमुख भावन तिवारी, कला संकाय प्रमुख राजेश सोंधीया वाणिज्य संकाय प्रमुख अनुष्का मिश्रा विज्ञान संकाय प्रमुख श्रृष्टि तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य सानिया फारूखी, निपेन्द सिंह, अंकिता पटेल, घोषित हुए।

जगदीश गुरूजी नहीं रहे, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम साँस

बिलासपुर  तोरवा नाका निवासी जगदीश शर्मा का  शुक्रवार की सुबह निधन हो गया । वे 76 वर्ष के थे। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।वे शेखर शर्मा के पिता ,शशिकांत शर्मा के बड़े भाई और नितेश शर्मा के बड़े पिताजी थे ।

मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।  

राज्यपाल श्री डेका से कर्नल सोबती ने सौजन्य भेंट की

रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में अम्बिकापुर सैनिक स्कूल की प्राचार्य कर्नल रीमा सोबती ने सौजन्य भेंट की। प्राचार्य ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मालनपुर में “मध्यम घनत्व फाइबर बोर्ड एवं संबद्ध उत्पाद संयंत्र” का शिलान्यास करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भिंड जिले के मालनपुर में “मध्यम घनत्व फाइबर बोर्ड एवं संबद्ध उत्पाद संयंत्र” का शिलान्यास करेंगे।मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मीडियम डेंसिटी फाइबर बोर्ड (एमडीएफ), प्लाईवुड और अन्य मूल्य-वर्धित उत्पादों के विनिर्माण हेतु एक मेगा-स्तरीय अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। यह राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम है और इससे प्रदेश में रोजगार, कृषि-आधारित उद्योगों और हरित पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का योगदान एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस कंपनी का नेतृत्व कुछ दृढ़ संकल्पित, दूरदर्शी और अनुभवी उद्योगपतियों द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण सफलता प्राप्त की है और अब मध्यप्रदेश में एक अत्याधुनिक मेगा-विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट बड़े भजन रामनामी मेला के लिए दिया विशेष निमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में  अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने सक्ती जिले के ग्राम जमगहन में 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले बड़े भजन रामनामी मेला में मुख्यमंत्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं रायगढ़ जिले के रामनामी संप्रदाय से जुड़े सदस्यगण बड़ी संख्या में  उपस्थित थे।

रायपुर : विश्व वानिकी दिवस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन संरक्षण का किया आह्वान

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु (ऑक्सीजन) का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं।  पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है।पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है। छत्तीसगढ़ – जंगलों से घिरा प्रदेश, वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।  प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ।

जीएसटी में बड़ा बदलाव 1 अप्रैल से लागू होगा यह नया नियम, क्या बदलावों से व्यापारियों पर असर पड़ेगा?

नई दिल्ली भारत में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस बदलाव के तहत, इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इस नए सिस्टम के माध्यम से, राज्य सरकारें एक ही स्थान पर दी जा रही शेयर्ड सर्विसेज पर उचित टैक्स वसूल करने में सक्षम होंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही तरीके से वितरण सुनिश्चित करना है। ISD मैकेनिज्म के तहत, यदि एक बिजनेस कई राज्यों में ऑपरेट करता है, तो उसे अपने कॉमन इनपुट सर्विसेज के इनवॉइस को एक स्थान पर केंद्रीकृत करने की अनुमति मिलती है। इन सर्विसेज में घरेलू या इम्पोर्टेड सर्विसेज शामिल हो सकती हैं। यह मैकेनिज्म व्यापारियों को यह सुविधा देता है कि वे अपनी शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सही तरीके से वितरित कर सकें। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्या होता है? इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वह टैक्स है जो एक रजिस्टर्ड बिजनेस या इंडिविजुअल किसी वस्तु या सेवा की खरीद पर चुकता करता है। इसे उस समय आउटपुट टैक्स के भुगतान के दौरान घटाया जा सकता है। सरल शब्दों में, ITC एक व्यापार के लिए भुगतान किए गए जीएसटी टैक्स का लाभ है, जिसे वह अपने द्वारा बेची गई वस्तुओं या सेवाओं पर चुकाए गए टैक्स से घटा सकता है। पुरानी व्यवस्था और ISD के लाभ इससे पहले, व्यवसायों को अपने अलग-अलग जीएसटी रजिस्ट्रेशंस के बीच ITC का वितरण करने के लिए ISD या क्रॉस-चार्जिंग मेथड का इस्तेमाल करने का विकल्प था। अब, ISD मैकेनिज्म को लागू करने से, विभिन्न शाखाओं के लिए ITC का वितरण और भी आसान हो जाएगा। अगर किसी व्यापार ने ISD मैकेनिज्म का उपयोग नहीं किया, तो वह अपनी शाखाओं के लिए ITC प्राप्त नहीं कर सकेगा। इसके अलावा, अगर ITC का गलत वितरण होता है, तो टैक्स अथॉरिटीज उस राज्य से ब्याज सहित राशि वसूल सकती हैं। गलत डिस्ट्रीब्यूशन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो 10,000 रुपये या गलत डिस्ट्रीब्यूटेड ITC के मूल्य के बराबर हो सकता है, जो भी अधिक हो। क्या होगा अगर नियमों का पालन न किया गया? ISD मैकेनिज्म के तहत किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर, टैक्स अथॉरिटीज उस राज्य से ब्याज के साथ राशि वसूलने का अधिकार रखती हैं। साथ ही, यदि कोई व्यवसाय ITC के वितरण में गलतियां करता है, तो उसे जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। यह जुर्माना 10,000 रुपये या गलत वितरण किए गए ITC के मूल्य का होगा, जो भी ज्यादा हो। क्या बदलावों से व्यापारियों पर असर पड़ेगा? इस बदलाव का व्यापारियों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें अपने बिजनेस संचालन में इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम को सही तरीके से लागू करना होगा। अगर वे इसमें कोई लापरवाही करते हैं, तो उन्हें टैक्स या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए व्यापारियों को 1 अप्रैल 2025 से पहले इस नए नियम को समझना और अपनी प्रणाली में लागू करना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो 2025 (CITEX 2025): MSMEs और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एक प्रमुख पहल

रायपुर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के सहयोग से, PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) पहली बार “छत्तीसगढ़ इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो 2025 (CITEX 2025)” का आयोजन कर रहा है। यह एक्सपो 20-23 मार्च 2025 तक सेंट पॉल चर्च कंपाउंड, सिविल लाइंस, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। CITEX 2025 का उद्घाटन 20 मार्च को किया गया। CITEX 2025, छत्तीसगढ़ के MSMEs और संबंधित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के समर्थन के लिए एक प्रमुख पहल है। यह एक्सपो मध्य भारत का एक अनूठा व्यापार मंच होगा, जो छोटे और मध्यम उद्यमों के व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करेगा। इस एक्सपो के माध्यम से MSMEs को उचित बाजार संपर्क प्राप्त करने, बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ सहायक इकाई या आपूर्तिकर्ता के रूप में जुड़ने के अवसर मिलेंगे। CITEX 2025 का उद्घाटन में श्री किशोर इरपाते, सहायक निदेशक, MSME DFO, MSME मंत्रालय, भारत सरकार और श्री ओपी बंजारे, महाप्रबंधक, CSIDC, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री प्रदीप टंडन, अध्यक्ष, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर, श्री प्रतीक सिंह, सह-अध्यक्ष, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर, श्री आदित्य त्रिपाठी, वरिष्ठ सचिव, PHDCCI, और श्री सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर उपस्थित रहे। CITEX 2025: MSMEs और उद्योगों के लिए एक बड़ा अवसर छत्तीसगढ़ के MSMEs और निर्यातकों के सतत विकास को समर्थन देने की आवश्यकता के मद्देनजर, CITEX 2025 एक परिवर्तनकारी पहल है। यह एक्सपो स्थानीय उत्पादों और MSMEs को उपयुक्त स्थानों पर सही तरीके से स्थापित करने के लिए हितधारकों के सहयोग को गहरा करेगा। CITEX 2025 विभिन्न क्षेत्रों के MSMEs की भागीदारी को आकर्षित करेगा, जिनमें शामिल हैं हस्तशिल्प, फर्नीचर और खिलौने,रत्न एवं आभूषण, निर्माण उपकरण कृषि और खाद्य प्रसंस्करणआयुष शिक्षा, हरित और वैकल्पिक ऊर्जा होटल उद्योग एडवेंचर पर्यटन इस एक्सपो में लगभग साठ MSMEs अपने स्टॉल लगाएंगे, और यह उन्हें बाजार से जुड़ने और व्यापारिक लीड प्राप्त करने में महत्वपूर्ण रूप से लाभान्वित करेगा। एक्सपो में सरकारी अधिकारियों, उद्योग हितधारकों, कारीगरों, पेशेवरों, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, नागरिक समाज के सदस्यों, मीडिया और उपभोक्ताओं की बड़ी भागीदारी होगी। CITEX, MSMEs के विकास और संबंधित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PHDCCI की वार्षिक प्रमुख पहल होगी। यह छत्तीसगढ़ के MSMEs और विभिन्न उद्योग हितधारकों के लिए एक प्रभावशाली मंच बनने की उम्मीद है, जहां वे अपनी औद्योगिक उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। CITEX 2025 छत्तीसगढ़ के MSMEs और उद्योगों को स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को बाजार में स्थापित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।

25 मार्च से पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन

रायपुर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है. इच्छुक छात्र 25 मार्च से 25 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं. प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित होगी, जिसकी प्रस्तावित तिथि 15 मई से 18 मई 2025 के बीच निर्धारित की गई है. जानिए महत्वपूर्ण तिथियां और पंजीयन शुल्क ऑनलाइन पंजीयन की तिथि: 25 मार्च 2025 से 25 अप्रैल 2025 तक प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि: 2 मई 2025 ऑनलाइन परीक्षा की प्रस्तावित तिथि: 15 मई 2025 से 18 मई 2025 तक ऑनलाइन पंजीयन शुल्क: 700/ रुपए अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.prsu.ac.in पर जा सकते हैं. कौन कर सकता है आवेदन? पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन पंजीयन के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के परीक्षार्थी, जिनका परीक्षा परिणाम घोषित किया जा चुका है अथवा ऐसे परीक्षार्थी जो वर्तमान में स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं. वे ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. महत्वपूर्ण निर्देश आवेदक ऑनलाइन पंजीयन एवं अन्य निर्देशों के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.prsu.ac.in का निरंतर अवलोकन करते रहें.

कांग्रेस निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाकर सक्रिय कार्यकर्ताओं को देगी जिम्मेदारी

श्रीगंगानगर कांग्रेस पार्टी ने संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र के समन्वयक मूलाराम भादू ने संकेत दिए हैं कि निष्क्रिय पदाधिकारियों को जल्द ही हटाया जाएगा। उनकी जगह पर संगठन में सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ताओं को अवसर मिलेगा। भादू ने सादुलशहर और मिर्जावाला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व ने निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने का निर्णय लिया है। आने वाले स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की तैयारियों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी, श्रीगंगानगर के प्रवक्ता अमित नागपाल ने जानकारी दी कि जिला स्तर पर लगभग 50% पदाधिकारी निष्क्रिय पाए गए हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। उन्होंने कहा कि जो लोग संगठन में रहकर भीतरघात कर रहे हैं और अन्य राजनीतिक दलों के लिए काम कर रहे हैं, उन पर भी नजर रखी जा रही है। ऐसे पदाधिकारियों के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी जा रही है। सादुलशहर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी ने की। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष अंतराम कारगवाल, संगठन महामंत्री श्यामलाल शेखावटी, महासचिव शंकर असवाल, अजय गौड़, सचिव मुकेश मिड्डा और संजय जांगिड़ सहित कई नेता मौजूद रहे। मिर्जावाला ब्लॉक कमेटी की बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष लालचंद मिर्जावाला और पंचायत समिति श्रीगंगानगर के प्रधान सुरेंद्रपाल सिंह बराड़ ने भाग लिया। बैठकों के इस दौर के बाद कांग्रेस पार्टी मंडल और बूथ स्तर की बैठकों का आयोजन करेगी। पार्टी के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) को विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि वे मतदाता सूची की जांच और चुनावी प्रक्रियाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकें। कांग्रेस द्वारा किए जा रहे इस संगठनात्मक बदलाव से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इटारसी-बुदनी-खातेगांव होकर बन रही नई रेल लाइन, इंदौर -देवास रेल लाइन में मांगलिया गांव के पास जुड़ेगी, रास्ते में भोपाल नहीं पड़ेगा

जबलपुर जबलपुर से इंदौर के बीच नई रेल लाइन गाडवारा-बुदनी होकर नहीं इटारसी-बुदनी-खातेगांव होकर बन रही। ये लाइन इंदौर-देवास रेल लाइन में मांगलिया गांव के पास जुड़ेगी। इस रास्ते में भोपाल नहीं पड़ेगा। इस नई लाइन के बनने के बाद जबलपुर से इंदौर के सफर का समय दो घंटे तक कम हो जाएगा। जबलपुर-इंदौर (गाडरवारा एवं बुदनी होकर) नई रेल लाइन की प्रगति पर नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी द्वारा पूछे गए सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में ये जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बुदनी से इंदौर के बीच नई रेल लाइन निर्माण कार्य प्रक्रिया में है। इस परियोजना के गाडरवारा-बुदनी रेलखंड के दोनों अंतिम स्टेशन पूर्व से इटारसी होकर रेलमार्ग से जुड़े हुए हैं। आठ साल पुरानी परियोजना दोनों के मध्य नवीन रेल लाइन से उनकी दूरी में ज्यादा अंतर नहीं आ रहा है। इसलिए गाडरवारा-बुदनी के मध्य नई रेल लाइन बिछाना तर्कसंगत नहीं है। आठ वर्ष पुरानी परियोजना- जबलपुर(गाडरवारा)-इंदौर (मांगलियागांव) नई रेल लाइन की घोषणा वर्ष 2016-17 के बजट में हुई थी। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में था। वर्ष 2021-22 के बजट में एक हजार रुपये के आवंटन से परियोजना की बंद फाइल फिर खुल गई। उसके बाद के बजट में भी परियोजना को आवंटन जारी हुए। गत दो बजट में आवंटन बढ़ने के बाद परियोजना के इंदौर-बुदनी रेलखंड में रेल लाइन निर्माण प्रक्रिया ने गति पकड़ी। इंदौर-बुदनी का कार्य जारी लोकसभा में रेल मंत्री ने बताया कि इंदौर (मांगलियागांव) और बुदनी के बीच (205 किलोमीटर) नई रेल लाइन का कार्य 3261.82 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है। मार्च-2024 तक 948.37 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना को 1107.25 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। चार किमी का अंतर इटारसी होकर गाडरवारा से बुदनी रेल मार्ग से जुड़ा है, जिसकी दूरी 141 किमी है। इंदौर नई रेल लाइन परियोजना में प्रस्तावित गाडवारा-बुदनी रेलखंड की दूरी 137 किमी है। मात्र चार किलोमीटर की दूरी कम करने के लिए अलग से लाइन बिछाना रेलवे को अब खर्चीला लग रहा है।

सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना :मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान कहा कि सिंहस्थ 2028 ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है. सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना है, जिसे देखते हुए अभी से व्यवस्था की जा रही है. सीएम मोहन यादव ने सिहंस्थ 2028 को लेकर से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को अद्भुत और ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार अभी से कार्य कर रही है. सिंहस्थ 2028 के लिए 2000 करोड़ का बजट इसी साल जोड़ा गया है. प्रदेश सरकार सिंहस्थ को पूरी तरह सफल बनाने की कोशिश कर रही है. कितने करोड़ आएंगे श्रद्धालु? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जब पूछा गया कि कितने श्रद्धालुओं की सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है? तो उन्होंने कहा कि कम से कम 25 करोड़ श्रद्धालुओं के सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है. इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए सरकार 25 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं जुटा रही है. सिंहस्थ को लेकर साधु-संत से वादा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने साधु संतों से वादा किया है कि सिंहस्थ 2028 का स्नान शिप्रा नदी के जल से ही होगा. शिप्रा नर्मदा लिंक योजना के बाद शिप्रा नदी में पर्व और त्योहारों के दौरान नर्मदा का जल भी प्रवाहित किया जाता है. शिप्रा नदी के जल से सिंहस्थ के अमृत स्नान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सरकार सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. बता दें कि सिंहस्थ भले ही साल 2028 में हो लेकिन सूबे की मोहन यादव सरकार अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है. मुख्यमंत्री का दावा है कि सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही हैं, हाल ही में सरकार ने 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते देने का ऐलान बजट में किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाला है, जबकि अब सरकार ने प्रमोशन का रास्ता भी साफ कर दिया है. मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 9 साल बाद फिर से पदोन्नति मिलेगी, क्योंकि सीएम मोहन यादव ने 9 साल से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को फिर से बहाल करने का फैसला कर दिया है, जिससे प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है. मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन दरअसल, मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ रिटायर कर्मचारियों को राज्य पुनर्गठन की धारा-49 से मुक्त करने का ऐलान कर दिया है. सीएम मोहन के इस ऐलान से प्रदेश के सरकारी कर्मचारी खुश नजर आ रहे हैं. क्योंकि पिछले 9 साल से प्रमोशन की राह देख रहे कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म हो जाएगा. जिसके लिए मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने सीएम मोहन यादव का धन्यवाद भी जताया है. सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में न्यू मार्केट में सरकरी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का शिलान्यास किया था, इस दौरान उन्होंने यह घोषणा की है. जिसमें सरकारी कर्मचारियों के मंडलों के प्रमुख भी थे. यह इलाका भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आता है, जहां राजधानी के सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी रहते हैं, ऐसे में कर्मचारी संगठन लंबे समय से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को हटाने की मांग भी कर रहे थे, जिसे सीएम मोहन यादव ने पूरा कर दिया है. 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा भत्ता बता दें कि इससे पहले बजट में भी मोहन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया था, अब 1 अप्रैल से राज्य के सभी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के हिसाब से ही महंगाई भत्ते दिए जाएंगे. अब तक पुरानी पद्धति चल रही थी, लेकिन 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते मिलने से सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा. जबकि अब प्रमोशन का रास्ता भी साफ हो गया है. 

UFBU ने 24-25 मार्च को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान, चार दिन तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी

मुंबई अगर आप अगले हफ्ते बैंक जाने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने 24 और 25 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इससे देशभर में सार्वजनिक और निजी दोनों बैंकों की सेवाएं बाधित हो सकती हैं। हड़ताल का आह्वान भारतीय बैंकों के संगठन इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ बातचीत असफल होने के बाद किया गया। किन बैंकों पर पड़ेगा असर? हालांकि SBI, PNB, BoB, ICICI और HDFC बैंक ने हड़ताल को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हड़ताल का असर सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks) पर पड़ सकता है। इससे ग्राहकों को चार दिन तक बैंकिंग सेवाओं में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। क्या है UFBU और कौन से बैंक यूनियन इसमें शामिल हैं? यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियन्स (UFBU) एक संगठन है जिसमें 9 प्रमुख बैंक यूनियन्स शामिल हैं। यह 8 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें शामिल प्रमुख यूनियन्स हैं- ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA)। बैंक यूनियनों की मांगें क्या हैं? बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगें सरकार और IBA के सामने रखी हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:     बैंकों में सभी पदों पर पर्याप्त भर्ती की जाए, ताकि शाखाओं में स्टाफ की कमी न हो और ग्राहक सेवा बेहतर हो सके।     बैंकों में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।     सभी बैंकों के लिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाए, जैसे कि RBI, बीमा कंपनियों और सरकारी विभागों में लागू है।     परफॉर्मेंस रिव्यू और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को वापस लिया जाए, जिससे नौकरी की सुरक्षा बनी रहे और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्वायत्तता कमजोर न हो।     बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्राहकों द्वारा किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार से बचा जा सके। मैनपावर घटने से बैंकिंग सेवाएं हो रहीं प्रभावित बैंक कर्मी संगठनों ने कहा कि पिछले 11 साल में देश के सार्वजनिक बैंकों में एक लाख 39 हजार 811 कर्मी घट गए हैं। ये पद्द रिक्त हैं। सरकारी बैंकों में ग्राहकों की सेवा के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। बैंक शाखाओं में कर्मियों की बड़ी कमी के कारण संतोषजनक सेवाएं नहीं मिलने से अनियंत्रित लोगों कर्मियों पर हमला कर देते हैं। इस लिए बैंकों में पर्याप्त संख्या में कर्मियों की नियुक्ति की जाए और कर्मियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाय, ताकि ग्राहकों को संतोषजनक सेवाएं प्रदान की जा सकें और कर्मचारियों पर अनावश्यक कार्यभार कम किया जा सके। बैंककर्मियों की मांग     सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने     बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच दिन काम का नियम लागू करने     परफॉर्मेंस रिव्यू और पीएलआई संबंधित सरकारी निर्देश वापस हो     अनियंत्रित जनता के हमले से बचाने के लिए बैंक कर्मियों की सुरक्षा     सरकारी बैंकों में कामगार, अधिकारी और निदेशकों के रिक्त पदों की नियुक्ति     सरकारी कर्मियों के तर्ज पर 25 लाख रुपए की सीमा बढ़ाने के लिए ग्रेच्युटी अधिनियम में संशोधन     सरकारी बैंकों में खाली पदों को जल्द भरा जाए।     ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन कर इसकी अधिकतम सीमा ₹25 लाख की जाए, जैसा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू है।     बैंकिंग क्षेत्र में स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग को बंद किया जाए।     बैंकिंग सेक्टर में किसी भी प्रकार की अनुचित श्रम नीतियों पर रोक लगाई जाए। चार दिन तक बैंक सेवाएं रहेंगी प्रभावित 22 मार्च को महीना का चौथा शनिवार है, जो सभी सरकारी और निजी बैंकों के लिए अवकाश होता है। 23 मार्च को रविवार होने के कारण बैंकों की छुट्टी रहेगी। 24 और 25 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिन तक प्रभावित रहेंगी। किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के उपाध्यक्ष पंकज कपूर ने ANI को बताया कि हड़ताल के कारण चेक क्लीयरेंस, नकद लेन-देन, ऋण सेवाएं और धन प्रेषण जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी। हालांकि, ATM, UPI और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन बड़ी राशि के ट्रांजेक्शन और चेक क्लीयरेंस में देरी हो सकती है।  

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