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मुंबई को गुजरात टाइटन्स के हातो मिली हार, सीधे नंबर 3 पर पहुंची गुजरात टाइटन्स

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2025 के 9वें लीग मैच में मुंबई इंडियंस को गुजरात टाइटन्स के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ गुजरात टाइटन्स आईपीएल के इस सीजन की पॉइंट्स टेबल में टॉप 3 में पहुंच गई है, जबकि मुंबई इंडियंस का दो मैचों के बाद खाता नहीं खुल पाया। पॉइंट्स टेबल में अन्य टीमों का हाल क्या है? ये जान लीजिए। पंजाब किंग्स को नंबर तीन से खिसकना पड़ गया है। आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी नंबर वन की पोजिशन पर है। आरसीबी के खाते में 2 मैचों के बाद 4 अंक हैं और नेट रन रेट प्लस में 2.266 का है। वहीं, नंबर दो पर लखनऊ सुपर जायंट्स है, जिसने दो में से एक मैच जीता है और नेट रन रेट प्लस में 0.963 का है। तीसरे स्थान पर अब पंजाब किंग्स नहीं, बल्कि गुजरात टाइटन्स है, जिसने दो में से एक मैच जीता है और नेट रन रेट इस टीम का +0.625 है। पंजाब किंग्स 2 अंक और +0.550 नेट रन रेट के साथ चौथे स्थान पर है। पॉइंट्स टेबल में पांचवें पायदान पर दिल्ली कैपिटल्स है, जिसने एक ही मुकाबला खेला है और उसमें भी करीबी अंतर से जीत हासिल की थी। डीसी का नेट रन रेट +0.371 है। वहीं, लिस्ट में छठे नंबर पर सनराइजर्स हैदराबाद है, जिसने 2 में से एक मैच जीता है, लेकिन नेट रन रेट घटकर -0.128 हो गया है। सातवें नंबर पर कोलकाता नाइट राइडर्स है, जिसने दो में से एक मैच जीता है। केकेआर का नेट रन रेट -0.308 है। चेन्नई सुपर किंग्स आठवे नंबर पर है। सीएसके ने भी दो में से एक मैच जीता है और नेट रन रेट सीएसके का भी माइनस में पहुंच गया है। सीएसके का नेट रन रेट इस समय -1.013 है। आठवें पायदान पर मुंबई इंडियंस है, जिसने अभी तक एक भी मैच नहीं जीता और नेट रन रेट भी -1.163 है। सबसे आखिरी यानी दसवें स्थान पर राजस्थान रॉयल्स है। राजस्थान को भी दोनों मैचों में हार मिली है और नेट रन रेट -1.882 का रह गया है।

जल-स्रोतों, नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिये आज से जल गंगा संवर्धन अभियान होगा शुरू

भोपाल प्रदेश के नगरीय निकायों के जल-स्रोतों, नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिये आज से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान में नगरीय निकायों द्वारा अधिक से अधिक जन-भागीदारी के प्रयास किये जा रहे हैं। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने नगर निगम, नगरपालिका परिषद और नगर परिषद को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। नगरीय निकायों द्वारा केन्द्र सरकार की अमृत-2.0 योजना अंतर्गत जल संरचनाओं के उन्नयन का कार्य भी वर्तमान में किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 30 मार्च, 2025 वर्ष प्रतिपदा के दिन क्षिप्रा नदी के तट पर किया जा रहा है। इसी दिन अन्य जिलों के नगरीय निकायों में जन-समुदाय की उपस्थिति में जल संरक्षण एवं संवर्धन के एक कार्य की शुरूआत जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की जायेगी। नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय की अपील नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों से 30 मार्च से 30 जून तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने की अपील की है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा है कि जल-स्रोतों के संरक्षण का दायित्व सरकार के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक का भी है। उन्होंने इस अभियान में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये महिला जन-प्रतिनिधियों से विशेष आग्रह किया है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों में धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जायेगा। अभियान के दौरान विशेष दिनों पर होंगे आयोजन जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान गंगा दशहरा 5 जून को नगरीय निकायों में प्रसिद्ध लोक कलाकार की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। बट सावित्री पूर्णिमा के अवसर पर जल संरचनाओं के आसपास पौध-रोपण का कार्य भी किया जायेगा। इस दिन मातृ शक्ति को वृक्षों के लाभ से परिचित कराते हुए प्रकृति और पौध-संरक्षण की शपथ दिलायी जायेगी। विक्रमोत्सव-2025 में 30 जून को जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन होगा। नगरीय निकायों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि जल संरचनाओं में मिलने वाले गंदे पानी के नालों को स्वच्छ भारत मिशन-2.0 के अंतर्गत लिक्विड बेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के माध्यम से डायवर्सन के बाद शोधित कर जल संरचनाओं में छोड़ा जाये। पेयजल सुविधा के लिये शहर के मुख्य स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाये। नगरीय क्षेत्र की कॉलोनी में रैन-वॉटर हॉर्वेस्टिंग प्रणाली को स्थापित किया जाये। घरों और सार्वजनिक स्थानों पर उपयोग किये जा रहे पानी के अपव्यय को रोकने के लिये लीकेज सुधारने की व्यवस्था की जाये। नगरीय निकायों को उक्त निर्देशों के साथ हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) बनाये जाने के लिये भी कहा गया है। जल संरचनाओं के गहरीकरण के दौरान निकलने वाली मिट्टी को किसानों को दिये जाने के लिये कहा गया है। प्रत्येक नगरीय निकाय को जलदूत, जल मित्र और अमृत मित्र तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। नगरीय निकायों द्वारा कार्यक्रम की मॉनीटरिंग के लिये माय भारत पोर्टल का उपयोग किया जायेगा।  

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या पर बीसीसीआई ने ठोका लाखों का फाइन, मैच के दौरान फिर दोहराई वही गलती

नई दिल्ली हार्दिक पांड्या IPL 2025 के पहले मैच में मुंबई इंडियंस के लिए इसलिए नहीं खेले, क्योंकि उन पर एक मैच का बैन था। आईपीएल 2024 में तीन बार मुंबई इंडियंस ने स्लो ओवर रेट से गेंदबाजी की। इसके लिए उनको एक मैच के लिए बैन किया गया था। हालांकि, आईपीएल के 18वें सीजन के टीम के दूसरे मैच में वे उतरे और कप्तानी की बागडोर संभाली। हालांकि, इस मैच में भी उनकी कप्तानी में टीम ने वही गलती दोहराई, जिसके लिए उनको बैन झेलना पड़ा। इसके लिए अंपायरों ने उनको बीच मैच में ही सजा दे दी। बाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने कप्तान हार्दिक पांड्या पर लाखों का फाइन लगाया है। दरअसल, शनिवार 29 मार्च को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुंबई इंडियंस ने समय रहते 20वें ओवर की शुरुआत नहीं की। इसके लिए मुंबई इंडियंस को सजा ये मिली कि वे आखिरी ओवर में गेंदबाजी करते समय सिर्फ चार ही खिलाड़ियों को 30 गज के दायरे के बाहर रख सकते हैं। इसका नुकसान पर जाहिर तौर पर मुंबई इंडियंस को हुआ था, क्योंकि कुछ रन आखिरी के ओवर में चले गए थे। इसके बाद आईपीएल के आयोजकों ने कप्तान हार्दिक पांड्या पर 12 लाख रुपये का फाइन लगाया है। आईपीएल की ओर से जारी आधिकारिक मीडिया रिलीज में कहा गया है, “मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या पर जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि उनकी टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के मैच नंबर 9 के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखी। चूंकि यह आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत उनकी टीम का सीजन का पहला अपराध था, जो न्यूनतम ओवर-रेट अपराधों से संबंधित है, पांड्या पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।” आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि इस बार आईपीएल में स्लो ओवर रेट के तीन अपराधों के बावजूद किसी खिलाड़ी को बैन नहीं किया जाएगा। इस बार डिमेरिट पॉइंट्स सिस्टम बीसीसीआई ने लागू किया है। पिछले सीजन दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अहम मैच से बाहर हो गए थे। वहीं, हार्दिक पांड्या को इस सीजन एक मैच का बैन अपने पिछले सीजन के चलते झेलना पड़ा।

टीबी की दवा में फार्मूला तो मिल गया, लेकिन इस श्रेणी की केवल तीन दवाएं ही यहां उपलब्ध हैं, नहीं मिल रही एक दवा

भोपाल बिगड़ी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी (एमडीआर-टीबी) के इलाज के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2024 में चार नई दवाओं को मंजूरी दी थी। मध्य प्रदेश में इनका फार्मूला तो मिल गया, लेकिन इस श्रेणी की केवल तीन दवाएं ही यहां उपलब्ध हैं। इसकी वजह से इलाज शुरू करने में देरी हो सकती है। गांधी मेडिकल कालेज (जीएमसी) से संबद्ध क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान के अधीक्षक रतन कुमार वैश्य बताते हैं कि टीबी का इलाज संभव है, लेकिन इसके लिए दवा का कोर्स पूरा करना पड़ता है। जब कोई मरीज बीच-बीच में दवाएं छोड़ता रहता है तो टीबी का जीवाणु उन दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। ऐसे में सामान्य उपचार उस मरीज पर बेअसर हो जाता है। उसे ही टीबी रोग का बिगड़ जाना कहा जाता है। बिगड़ी टीबी के उपचार के लिए इस तरह की विशेष दवाओं की जरूरत होती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले वर्ष बेडाक्विलाइन, प्रीटोमैनिड, लाइनज़ोलिड, और मोक्सीफ्लोक्सासिन (बीपीएएलएम) नाम की तीन दवाओं के संयोजन की मंजूरी दी थी। इन दवाओं का कोर्स मरीज की स्थिति के अनुसार छह से नौ महीने तक चल सकता है। कहा गया था कि ये दवाएं उन मरीजों पर भी असर करेंगी, जिन पर पारंपरिक उपचार प्रभावी नहीं रहा। लेकिन इन दवाओं में प्रीटोमैनिड दवा मध्य प्रदेश में अभी मौजूद नहीं है, इसका कंटेंट नहीं मिल पाया है। इसके लिए अभी मरीजों को और इंतजार करना पड़ेगा। इस बीच राज्य क्षय रोग प्रशिक्षण केंद्र प्रदेश के टीबी विशेषज्ञों को इस दवा के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित कर रहा है।  

छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की सौगातें देने आज आएंगे PM मोदी

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। इस यात्रा के दौरान वे, प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के मोहभट्टा गांव में आयोजित होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री का शेड्यूल – 2:30 बजे: वायुसेना के विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। – 2:35 बजे: हेलिकॉप्टर से बिलासपुर के मोहभट्टा के लिए रवाना। – 3:30 – 4:30 बजे: विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण। – 4:45 बजे: रायपुर के लिए प्रस्थान। – 5:30 बजे: दिल्ली के लिए रवाना। बिजली परियोजनाओं की आधारशिला – एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (800MW) – 9,790 करोड़ रुपये की लागत से। – सीएसपीजीसीएल सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) – 15,800 करोड़ रुपये की लागत से। – पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) – 560 करोड़ रुपये की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन। तेल और गैस क्षेत्र में बड़े कदम – सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना – 1,285 करोड़ रुपये की लागत से 200 किमी हाई-प्रेशर पाइपलाइन और 800 किमी एमडीपीई पाइपलाइन। – विशाखापट्टनम-रायपुर पाइप लाइन (VRPL) परियोजना – 2,210 करोड़ रुपये की लागत से 540 किमी लंबी पाइपलाइन। रेलवे क्षेत्र में नई सौगातें – 108 किमी लंबी सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला। – 2,690 करोड़ रुपये की लागत से 111 किमी लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण। – अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत। – छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण का उद्घाटन। सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार – एनएच-930 (37 किमी) झलमला-शेरपार खंड का उन्नयन। – एनएच-43 (75 किमी) अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड का 2-लेन में उन्नयन। – एनएच-130डी (47.5 किमी) कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन। शिक्षा और आवास क्षेत्र में सुधार – राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों का उद्घाटन। – रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना। – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश। छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली, रेल, सड़क, गैस और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नव संवत्सर, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा की दी शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चैत्र माह के प्रथम दिन से हिन्दू नववर्ष का शुभारंभ होता है, जो नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी दिन से शक्ति उपासना के पर्व – नवरात्रि का आरंभ भी होता है, जो पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा, महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह पर्व आशा, उत्साह और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव है, जिसे विशेष रूप से महाराष्ट्रीयन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता, चंद्रहासिनी देवी जैसे देवी स्वरूपों में हमारी आस्था रची-बसी है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति के रंग में रंग जाती है। देवी आराधना से सामाजिक समरसता, ऊर्जा और आंतरिक चेतना का संचार होता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मां भगवती से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और सभी परिवारों में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।

प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का जल गंगा संवर्धन महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से शुरू होने जा रहा है

भोपाल प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जाएगा।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में लगभग 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर “शासकीय नहर” के रूप में अंकित किया जाएगा।     बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का सफाई कार्य होगा।     फ्लशबार की मरम्मत और स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी होंगे।     सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे।  

मप्र के छतरपुर में राजीनामा न करने पर फायरिंग, एक मौत और आधा दर्जन घायल

छतरपुर। जिले के एक गांव में आपसी रंजिश को लेकर दो पक्षों में फायरिंग की वारदात हो गई। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई और लगभग आधा दर्जन लोग घायल है। घायलों को उपचारार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायरिंग की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के खिरवा गांव की है। दोपहर में चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों में मामूली विवाद हुआ था। विवाद सुलह होने के बाद देर रात फिर फायरिंग की बड़ी घटना हो गई जिससे भुज्जन पाल 40 वर्ष की मौत हो गई है। घायल पक्ष का आरोप है कि 307 के मामले में मृतक पक्ष पर आरोपी पक्ष आपसी राजीनामा का दबाब बना रहा था। इसी बात को लेकर की आधा दर्जन लोगों ने फायरिंग कर दी। 100 डायल के जरिए घायलों को जिला अस्पताल छतरपुर पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लगते ही देर रात काग्रेस के पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों से चर्चा। जानकारी घायल सज्जन पटेल ने दी।

मध्य प्रदेश में गंभीर अपराधों की विवेचना कर शीघ्र निपटान के लिए जिलों को चार श्रेणियों में बांट दिया, दिए निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में गंभीर अपराधों की सूची के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने गंभीर अपराधों की विवेचना कर शीघ्र निपटान के लिए जिलों को चार श्रेणियों में बांट दिया है। इसके साथ ही सभी जिलों को अपराधों के निराकरण के लिए वार्षिक लक्ष्य भी दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की सीआइडी शाखा के माध्यम से डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों से गंभीर, सनसनीखेज और जघन्य अपराधों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न श्रेणियों में शामिल जिले और वार्षिक लक्ष्य ए-श्रेणी के जिलों में इंदौर शहर, भोपाल शहर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, देवास, धार, उज्जैन,रतलाम, रीवा है। इनके लिए 40 गंभीर अपराध का लक्ष्य रखा गया है। – बी- श्रेणी के जिलों में बैतूल, खरगोन, रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, छतरपुर, सिंगरौली, सीहोर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, विदिशा, मुरैना, खंडवा, बड़वानी, इंदौर देहात, राजगढ़, सतना, सीधी, भिंड, सिवनी, गुना, शहडोल, मंदसौर, अशोकनगर, पन्ना, बालाघाट, नर्मदापुरम, दतिया, टीकमगढ़, दमोह, शाजापुर, कटनी हैं। इनके लिए 20 गंभीर अपराध का लक्ष्य। – सी- श्रेणी के जिलों में आलीराजपुर, श्योपुर, हरदा, अनूपपुर, डिंडौरी, नीमच, मऊगंज, उमरिया, आगर-मालवा, मैहर, भोपाल देहात, बुरहानपुर हैं। इनके लिए 15 गंभीर अपराध। – डी-श्रेणी के जिलों में निवाड़ी, पांढुर्णा, रेल भोपाल, रेल जबलपुर, रेल इंदौर के लिए पांच गंभीर अपराध का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गंभीर एवं सनसनीखेज अपराधों में ये शामिल हत्या के वीभत्स प्रकरण जैसे जिंदा जला देना, दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थल पर गोली, चाकू, तलवार या अन्य हथियार से निहत्थे व्यक्ति की हत्या कर देना, सामूहिक हत्याकांड। – संगठित अपराध एवं गंभीर श्रेणी के आर्थिक अपराध। – हत्या के साथ डकैती, बैंक, सराफा एवं सार्वजनिक स्थल पर दिनदहाड़े डकैती। – सामूहिक बलात्कार/नाबालिग के साथ दुष्कृत्य। – आतंकवादी कृत्य। – अपहरण के साथ हत्या। – पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों की चोरी जिनसे जनसामान्य की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हों। – अन्य ऐसे आपराधिक प्रकरण जिनसे जनता में भय/दहशत या असुरक्षा की भावना पैदा होती हो। – तेजाब से हमलों के प्रकरण। – 12 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ बलात्कार और नाबालिग बालिकाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की हुई सभी आपराधिक घटनाएं। – नक्सलियों द्वारा घटित अपराध। – बड़े स्तर के सफेदपोश अपराध जैसे बड़े एवं महत्वपूर्ण बैंक धोखाधड़ी, मनी लांडरिंग, बड़े साइबर फ्राड आदि। – बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाली फैक्ट्री (जैसे नकली दूध, मावा, तेल, घी, मिठाई, नमकीन, मसाला आदि) के विरुद्ध पंजीबद्ध किए गए महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरण। – साइबर क्राइम एवं एनडीपीसी एक्ट के बड़े स्तर के महत्वपूर्ण प्रकरण जिसका समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। – वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं गंभीर अपराध।  

एलन मस्क के खिलाफ अमेरिका में फूंक दी टेस्ला की कई कारें

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास एलन मस्क की मुसीबतें इन दिनों जा रही है। अमेरिका की सरकार में दक्षता विभाग के प्रमुख का पद संभाल रहे मस्क के खिलाफ दुनियाभर में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शनिवार को हजारों लोगों ने सड़क कर उतरकर मस्क के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान लोगों ने टेस्ला की कारों की भी निशाना बनाया। लोगों ने टेस्ला की कई कारें को आग के हवाले कर दिया। वहीं अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में भी लोग मस्क के प्रति नाराजगी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक लोग DOGE प्रमुख के रूप में मस्क की नीतियों का विरोध करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मस्क ने इस विभाग के तहत काम कर लोगों की संवेदनशील जानकारी हासिल की है और सरकारी खर्च में कटौती करने का हवाला देते हुए एजेंसियों को बंद करने कर दिया है। इससे हजारों लोगों की नौकरी एक झटके में छीन गई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। टेस्ला के शोरूम को बनाया निशाना एलन मस्क के इन कदमों को लेकर लोग बेहद नाराज हैं और इसीलिए वे मस्क की संपत्ति को निशाना बना रहे हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की अनुमानित 340 बिलियन डॉलर की संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा टेस्ला कंपनी के शेयर हैं। शनिवार को अमेरिका मेंटेस्ला के सभी 277 शोरूम और सेंटर पर लोगों की भीड़ टूट पड़ी। टेक्सास, न्यूजर्सी, मैसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यूयॉर्क, मिनेसोटा और अमेरिका के कई अन्य हिस्सों में टेस्ला डीलरशिप के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया। नारे लगाते दिखे लोग प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग ‘टेस्ला को जलाओ, लोकतंत्र बचाओ’, ‘अमेरिका को मस्क से मुक्त करो’, ‘नाजी कारें न खरीदें’ जैसे पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं। शिकागो के एक शोरूम के बाहर कई दर्जन लोगों ने “एलन मस्क को जाना होगा!” जैसे नारे लगाए हैं। वहीं ब्रिटेन में भी प्रदर्शनकारियों ने मस्क के फैसले के विरोध में ‘नाजी कार न खरीदें’, ‘दिवालिया एलन’ जैसे नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर टेस्ला की कारों को आग लगा दी। मस्क को मिला है राष्ट्रपति का साथ बता दें कि अमेरिका में इससे पहले भी टेस्ला की गाड़ियों को निशाना बनाया गया है। मस्क ने कहा है कि वे हमलों से स्तब्ध हैं और यह पागलपन तुरंत रुकना चाहिए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एलन मस्क का साथ देते दिखे हैं। उन्होंने कहा है कि टेस्ला की गाड़ियों पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और उन्हें 20 साल तक के लिए जेल भेज दिया जाएगा।

पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों से RBI के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 अप्रैल तक KYC डिटेल अपडेट करने की अपील की है

मुंबई अगर आप पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहक हैं तो आपके लिए काम की खबर है। पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 अप्रैल, 2025 तक अपने नो योर कस्टमर (KYC) डिटेल अपडेट करने की अपील की है। बता दें कि यह 31 मार्च, 2025 तक KYC अपडेट होने वाले खातों पर लागू होता है। ऐसे में KYC अपडेट न करने पर खाता बंद भी हो सकता है। बैंक ने कहा कि ग्राहक सहायता के लिए निकटतम PNB ब्रांच में जा सकते हैं या फिर आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। क्यों जरूरी है केवाईसी? बता दें कि केवाईसी एक अनिवार्य प्रोसेस है जो बैंकों को अपने ग्राहकों की पहचान वेरिफिकेशन करने में मदद करती है। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय घोटालों जैसी धोखाधड़ी गतिविधियों को रोका जा सकता है। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों को खाते की सुरक्षा और विनियामक अनुपालन बनाए रखने के लिए समय-समय पर KYC डिटेल अपडेट करना चाहिए। केवाईसी को अपडेट करने की जरूरत किसे है? बता दें कि केवाईसी अपडेट की यह आवश्यकता केवल उन ग्राहकों पर लागू होती है जिनके खाते 31 मार्च, 2025 तक रिन्यूअल के लिए हैं। प्रभावित ग्राहकों को यह पुष्टि करने के लिए अपने एसएमएस, ईमेल या आधिकारिक पीएनबी अधिसूचनाओं की जांच करनी चाहिए कि उन्हें अपने विवरण अपडेट करने की आवश्यकता है या नहीं।   पंजाब नेशनल बैंक में KYC कैसे अपडेट करें? PNB ग्राहकों को अपने KYC डिटेल अपडेट करने के लिए कई सुविधाजनक तरीके प्रदान करता है- – किसी भी PNB शाखा में जाएं। जरूरी डॉक्यूमेंट पर्सनली जमा करें। – PNB ONE या इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं (IBS) का उपयोग करें। पात्र ग्राहकों के लिए, KYC अपडेट ऑनलाइन किए जा सकते हैं। – रजिस्टर्ड ईमेल या पोस्ट के जरिए भेजें। ग्राहक अपने KYC डॉक्यूमेंट ईमेल या डाक सेवाओं के माध्यम से अपनी आधार ब्रांच में जमा कर सकते हैं।  

केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार खत्म, आगामी एक अप्रैल से सरकार की एकीकृत पेंशन योजना लागू होने वाली है

मुंबई केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया फाइनेंशियल ईयर काफी खास होने वाला है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आगामी एक अप्रैल से सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू होने वाली है। इस योजना के लागू होने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के पास पेंशन के लिए एक नया विकल्प होगा। आइए डिटेल जान लेते हैं। एकीकृत पेंशन योजना के बारे में इस योजना के तहत सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों में मिले औसत बेसिक सैलरी की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है। बीते दिनों पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। यह अधिसूचनो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा 24 जनवरी, 2025 को जारी यूपीएस अधिसूचना का अनुसरण करती है। पीएफआरडीए के मुताबिक यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। एक अप्रैल से लागू ये नियम एक अप्रैल, 2025 तक सेवा में मौजूदा केंद्र सरकार के एनपीएस में आने वाले कर्मचारी और केंद्र सरकार की सेवाओं में अप्रैल, 2025 को या उसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों समेत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के नामांकन को सक्षम करते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की इन सभी श्रेणियों के लिए नामांकन और दावा फॉर्म एक अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। कर्मचारियों के पास फॉर्म को भौतिक रूप से जमा करने का विकल्प भी है। क्या है अधिसूचना में अधिसूचना के मुताबिक, कर्मचारी को सेवा से हटाए जाने या बर्खास्त किए जाने या इस्तीफे के मामले में यूपीएस या सुनिश्चित भुगतान विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्ण सुनिश्चित भुगतान की दर 25 वर्षों की न्यूनतम योग्यता सेवा के अधीन और सेवानिवृत्ति से तुरंत पहले 12 मासिक औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत होगी। अधिसूचना से 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को यूपीएस और एनपीएस के बीच चयन करने का विकल्प मिलेगा। एनपीएस एक जनवरी, 2004 को लागू हुआ था। पुरानी पेंशन योजना से कैसे अलग बता दें कि जनवरी, 2004 से पहले प्रभावी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत कर्मचारियों को उनके कार्यकाल के अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता था। ओपीएस के उलट यूपीएस अंशदायी प्रकृति की है। इसमें कर्मचारियों को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत योगदान करना होगा, जबकि नियोक्ता (केंद्र सरकार) का योगदान 18.5 प्रतिशत होगा। हालांकि, अंतिम भुगतान उस कोष पर मिलने वाले बाजार रिटर्न पर निर्भर करता है, जिसे ज्यादातर सरकारी बॉन्ड में निवेश किया जाता है।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नए रिजीम को लेकर कई ऐलान किए थे, जो एक अप्रैल से लागू होने वाले हैं

नई दिल्ली आगामी एक अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत होने वाली है। इस फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे बदलाव होने वाले हैं जिसका फायदा मिडिल क्लास को फायदा मिलेगा। इनमें से एक फैसला इनकम टैक्स से जुड़ा है। दरअसल, बीते एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नए रिजीम को लेकर कई ऐलान किए थे, जो एक अप्रैल से लागू होने वाले हैं। आइए सिलसिलेवार जान लेते हैं। 12 लाख रुपये तक की छूट निर्मला सीतारमण ने नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को पूरी तरह से इनकम टैक्स से छूट देने की घोषणा की। इनकम टैक्स छूट नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले टैक्सपेयर्स को मिलेगी। वेतनभोगी करदाताओं के लिए 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड कटौती के साथ अब 12.75 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया है। इससे 25 लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों को टैक्स में 1.1 लाख रुपये की बचत होगी। कितने लोगों को होगा फायदा इनकम टैक्स छूट लिमिट को सात लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने से एक करोड़ लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। टैक्स स्लैब में बदलाव से 6.3 करोड़ लोगों यानी 80 प्रतिशत से अधिक टैक्सपेयर्स को लाभ होगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कर छूट सीमा को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। नए इनकम टैक्स का स्लैब नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये से अधिक सालाना आय होने पर चार लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री होगी। इसके बाद चार से आठ लाख रुपये की आय पर पांच प्रतिशत, आठ से 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत और 12 से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत कर लगेगा। वहीं, 16 से 20 लाख रुपये के बीच की आय पर 20 प्रतिशत, 20-24 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। – अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वाले व्यक्तियों के लिए समय सीमा को भी बढ़ाकर चार साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अपडेटेड आईटीआर को वे टैक्सपेयर दाखिल करते हैं जो निर्धारित समय पर अपनी सही आय की जानकारी नहीं दे पाए थे। फिलहाल ऐसे रिटर्न संबंधित कर आकलन वर्ष के दो साल के भीतर दाखिल किए जा सकते हैं। लगभग 90 लाख टैक्सपेयर्स ने अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करके स्वेच्छा से अपने आय विवरण को अपडेटेड किया है।

भारत के पास प्राचीन ज्ञान है, उसके साइंटिफिक वेलिडेशन की है जरूरत : डॉ. मनोज कुमार पटेरिया

भोपाल शोध एवं अनुसंधान पर आधारित दो दिवसीय कार्यक्रम “शोध शिखर विज्ञान पर्व 2025” का रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) परिसर में समापन सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. भरत शरण सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मनोज कुमार पटेरिया, पूर्व अध्यक्ष, CSIR–NIScPR एवं डॉ. नम्रता पाठक, वैज्ञानिक-जी, एनजीपी और एसएमपी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) उपस्थित रहे। अन्य अतिथियों में स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आरएनटीयू की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरू आरपी दुबे और सीवीआरयू खंडवा के कुलगुरू डॉ. अरूण जोशी उपस्थित रहे। इस दौरान अपने वक्तव्य में प्रो. भरत शरण ने शोधार्थियों से भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लिए कार्य करने की बात कही। उन्होंने प्राचीन समय के कई उद्धरण देते हुए भारत की प्राचीन उपलब्धियों से अवगत कराया जिसमें 1750 के समय में भारत दुनिया का जीडीपी का 25 प्रतिशत सम्भालता था, स्थापत्य कला में उत्कृष्टता हडप्पा से लेकर हम्पी तक देखी जा सकती है। इसी प्रकार गणित शास्त्र, विद्युत शास्त्र, धातु विज्ञान और खगोल विज्ञान की कई अवधारणाओं का भी जिक्र किया। आगे उन्होंने शोधार्थियों से बात करते हुए कहा कि रिसर्च के लिए महंगे उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि शोधार्थी कि सिर्फ खोजी दृष्टि बनाए रखने की जरूरत होती है। डॉ. मनोज कुमार पटेरिया ने अपने अपने वक्तव्य में आरएनटीयू द्वारा स्थापित किए टेक्नोलॉजी ट्रांस्फर सेंटर की सराहना की और कहा कि रिसर्च को इंडस्ट्री रेडी बनाने के लिए इन सेंटर्स का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके अलावा उन्होंने शोधार्थियों को कहा कि भारत के पास बहुत सारा प्राचीन ज्ञान है परंतु साइंटिफिक वेलिडेशन की कमी के कारण दुनिया उसकी ओर देख नहीं पाती है। ऐसे में इस पहलू पर कार्य किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इससे पहले डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत आज रिसर्च में 40वें स्थान पर है और हमारा रिसर्च पर निवेश भी विकसित राष्ट्रों के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए लम्बी दूरी तक करना बाकी है जिसके लिए हमें गति की आवश्यकता है। गति के लिए जो तकनीक हमें चाहिए उसके लिए शोध शिखर जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। वहीं, डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने अपने वक्तव्य में दो दिन तक चले शोध शिखर विज्ञान पर्व की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इसमें 7 समानांतर सत्रों में 1500 से अधिक प्रतिभागी, 100 से अधिक वक्ताओं, 176 संस्थाओं, 75 से अधिक प्रोजेक्ट्स, 300 से अधिक शोध पत्रों की प्रतिभागिता रही। इसके अलावा 25 से अधिक शोध एवं उत्पादों के कॉमर्शियालाइजेशन पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कार्यक्रम मे इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी; मेडिकल साइंस, साइंस एंड एग्रीकल्चर; एजुकेशन एंड लॉ; मैनेजमेंट कॉमर्स एंड ह्यूमेनिटीज कैटेगरी में प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा साइंस कम्यूनिकेशन में प्रथम एवं द्वितीय विनर्स को भी सम्मानित किया गया। नवागत विषयों पर विज्ञान लेखकों ने की चर्चा कथा सभागार में हिन्दी में विज्ञान संचार के नये विषयों का चयन: प्रस्तावना और विचार भाग 1 का आयोजन किया गया। इस सत्र में प्रमुख वक्ताओं ने अपने वक्तव्य दिये। सभी अतिथियों का स्वागत मोमेंटो और उत्तरी प्रदान कर किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता आरएनटीयू के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे द्वारा की गई। उन्होंने सत्र का संचालन करते हुए अपना महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके बाद वक्ताओं में वैज्ञानिक कृष्णानंद पांडेय ने स्वास्थ्य और संचार की आवश्यकता, भारत में प्रमुख रोगों की स्थिति, पोषण जैसे विषयों को रेखांकित करने और उन पर पुस्तक लेखन की आवश्यकता पर जोर दिया। गोरखपुर विवि से पधारे डॉ. शरद मिश्रा ने कहा कि आज के दौर में विज्ञान और अध्यात्म, धर्मग्रंथों में विज्ञान, एंटीबायोटिक्स जैसे विषयों पर पुस्तक की जरूरत को बताया। विज्ञान पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए: डॉ. विनीता चौबे ने साझा किए विचार “विज्ञान पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए” विषय पर विचार-विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनीता चौबे, विज्ञान कथाकार मनीष मोहन गोरे, डॉ. कुलवंत सिंह, समीर गांगुली, और डॉ. मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विनीता चौबे ने अपने उद्बोधन में बताया कि विज्ञान प्रसार के उद्देश्य से “इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए” पत्रिका का प्रकाशन किया गया था। उन्होंने पुराने समय का जिक्र करते हुए बताया कि जब पोस्टकार्ड और अंतरदेशीय पत्रों का दौर था, तब बस्तर और झाबुआ जैसे स्थानों से लोग 12-15 पृष्ठों के लेख भेजते थे। यह पत्रिका की लोकप्रियता का प्रतीक था। आज, इस पत्रिका की 35 हजार से अधिक प्रतियां हर माह प्रकाशित हो रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान की समृद्ध और आलोकित परंपरा की बात की।

PM मोदी आज 30 मार्च को दिखाएंगे हरी झंडी, मिलेगी ये सुविधाएं

बिलासपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  30 मार्च को बिलासपुर का दौरा करने वाले हैं। वे यहां एक घंटे के लिए रहेंगे। इस दौरान वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां कर ली हैं। सभा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना जांच के किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। लोगों को सभास्थल पर पहुंचने के लिए घर से दो से तीन घंटे पहले निकलने की हिदायत दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश भर से करीब 3 हजार जवान बिलासपुर पहुंचे हैं। बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। सभास्थल और आसपास के इलाकों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सीएम से लेकर कलेक्टर तक सब अलर्ट मोड पर गुरुवार को कलेक्टर अवनीश शरण ने एक मीटिंग की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि लोगों के बैठने और वाहन पार्किंग के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इससे गर्मी में लोगों को सभास्थल तक आने के लिए ज्यादा दूर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के अफसर भी बिलासपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट में देर शाम जिला और पुलिस प्रशासन के अफसरों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। सभास्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन इस बात का ध्यान रख रहा है कि लोगों को गर्मी में किसी तरह की परेशानी न हो। नेत्रालय का शिलान्यास और सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की सुविधा का उद्घाटन करेंगे. वहीं छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. पीएम के इस दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश भी होगा. पीएम मोदी 30 मार्च को हिंदू नववर्ष की शुरुआत के अवसर पर नागपुर के रेशिमबाग स्थित ‘स्मृति मंदिर’ में आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक एम. एस. गोलवलकर के स्मारक स्मृति मंदिर में स्थित हैं. इसके साथ ही वह दीक्षाभूमि में डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे, जहां वो 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. पीएम मोदी का महाराष्ट में कार्यक्रम पीएम मोदी 30 मार्च को सुबह करीब 9 बजे नागपुर में स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद दीक्षाभूमि जाएंगे. इसके बाद वह सुबह करीब 10 बजे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे. यह माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान और अनुसंधान केंद्र का एक नया विस्तार भवन है. इसकी स्थापना गुरुजी माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी. इस योजना के तहत 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 ओपीडी और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे. वहीं, पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की गोला-बारूद सुविधा का दौरा करेंगे. जहां वह यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा काउद्घाटन करेंगे. यह 1250 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी है. यह लोइटरिंग म्यूनिशन और अन्य युद्ध सामग्री का परीक्षण करने के लिए लाइव म्यूनिशन और वारहेड परीक्षण सुविधा है. छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक कई कार्यक्रम पीएम मोदी महाराष्ट्र के बाद सीधे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए रवाना होंगे. जहां वह दोपहर करीब 3:30 बजे कई विकास परियोजनाओं का आधारशिला रखेंगे ,साथ ही 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वे बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1x800MW) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपए से अधिक है. पीएम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) की शुरूआत करेंगे. इसकी लागत 15,800 करोड़ रुपय से अधिक है. इसके अलावा वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (WRES) के तहत 560 करोड़ से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी वहां ओयजित एक रेली को भी संबोधित करेंगे. इस दौरान धानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PAMY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा. पीएम मोदी इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे. इसके अलवा प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल समर्पित करेंगे. छत्तीसगढ़ को पीएम मोदी देंगे ये सौगात     कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना की आधारशिला रखेंगे.     हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (VRPL) परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी.     विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई रेल और सड़क परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.     पीएम 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखेंगे.  

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