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9 मार्च की रात पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव, 10, 11, 12 मार्च को दोबारा भयंकर बारिश और बर्फबारी

नई दिल्ली देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते दिल्ली-NCR समेत कई मैदानी इलाकों में सर्द हवाएं चल रही हैं। इस ठंड ने मार्च में भी जनवरी जैसी ठिठुरन लौटा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि एक और पश्चिमी विक्षोभ जल्द सक्रिय होने वाला है, जिससे मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि दिल्ली-NCR समेत देशभर में आगे कैसा रहेगा मौसम?   पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में बदलाव भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 13 दिनों से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में सर्द हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। 9 मार्च तक यही स्थिति बनी रहेगी, लेकिन 9 मार्च की रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 10 से 12 मार्च के बीच पहाड़ी राज्यों में दोबारा बारिश और बर्फबारी की संभावना है। गर्मी और ठंड के बीच बंटा देश महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, कोंकण और कर्नाटक में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जहां पारा 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार में ठंडी हवाओं का असर बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश में स्थिति और गंभीर हो गई है, जहां 500 से अधिक सड़कें और बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। IMD के अनुसार, 9 मार्च के बाद उत्तर-पश्चिमी राज्यों—दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिर से बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी। मौसम के इस बदलाव के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।  

अरविन्द केजरीवाल के काफिले का वीडियो तेजी से हो रहा वायरल, दिख रहा ट्रंप से भी बड़ा सुरक्षा घेरा: स्वाति मालीवाल

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के करीब एक महीने बाद अरविंद केजरीवाल ‘मन की शांति’ की तलाश में विपश्यना के लिए पंजाब पहुंचे हैं।  वह अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ पंजाब के होशियारपुर पहुंचे। वह होशियारपुर से लगभग 11 किलोमीटर दूर आनंदगढ़ गांव में स्थित धम्म धजा विपश्यना केंद्र में 10 दिन तक रहेंगे। इस बीच अरविंद केजरीवाल के काफिले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कभी वीआईपी कल्चर की खिलाफत करने वाले अरविंद केजरीवाल जब पंजाब पहुंचे तो उनके आगे पीछे गाड़ियों का लंबा काफिला दिखा। लाल-नीली बत्तियों वाली कई गाड़ियां आगे पीछे थीं। पूर्व मुख्यमंत्री के इस काफिले के वीडियो के साथ के साथ लोग तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। ‘आप’ की बागी राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी वीडियो शेयर करते हुए केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि उनका काफिला ट्रंप से भी बड़ा है। स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा, ‘जिस पंजाब की जनता ने इतना प्यार दिया उससे इतना डर लगता है केजरीवाल जी को? सारी दुनिया को वीआईपी कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज खुद डोनाल्ड ट्रंप से भी बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं। गजब ही है… कैसे पंजाब जैसे महान सूबे को सबने अपने ऐश आराम के साधन निकालने का जरिया बना लिया है।’ गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को जेड कैटिगरी की सुरक्षा प्राप्त है। भाजपा ने भी साधा निशाना केजरीवाल के काफिले को लेकर भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी तंज कसा। सिरसा ने कहा, ‘कल अरविंद केजरीवाल विपश्यना के लिए पंजाब पहुंच गए। नजारा देखने वाला था। 50 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला था। 2-2 करोड़ की गाड़ियां थीं। 100 से ज्यादा पुलिस कमांडो चल रहे थे। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां थीं। और ये शांति लेने गए थे, कैसी शांति है जिसके लिए पंजाब के लोगों के खजाने से लाखों रुपया उड़ाया जा रहा है। कैसी शांति है जिसके लिए सारे होशियारपुर को जगाया जा रहा है। ये कैसी शांति है जिसके लिए 100 कमांडो सुरक्षा में निकले हैं। केजरीवाल वह मसीहा हैं जो वैगनार में निकले थे और जैसे ही सत्ता मिली अपना असली रंग दिखाया। अब विपश्यना के लिए भी उनको 100 कमांडो चाहिए। 50 गाड़ियों का काफिला चाहिए।’ केजरीवाल विपश्यना सत्र में पहले भी शामिल होते रहे हैं। इससे पहले वह जयपुर, नागपुर, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास धर्मकोट और बेंगलुरु सहित कई स्थानों पर जा चुके हैं। यह दूसरी बार है जब केजरीवाल विपश्यना सत्र के लिए आनंदगढ़ आए हैं। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2023 में 10 दिवसीय सत्र में भाग लिया था।

बेखौफ क्रिकेट खेलने लेकिन शांत बने रहने से टी20 में सफलता मिली : रहाणे

मुंबई कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू टी20 में मिली सफलता का श्रेय शांत रहते हुए बेखौफ क्रिकेट खेलने को दिया। रहाणे ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के पिछले सत्र में 164.56 की स्ट्राइक रेट से 469 रन बनाये जिसमें पांच अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिये खेलते हुए भी कामयाबी हासिल की थी। स्किलहब आनलाइन गेम्स फेडरेशन के ब्रांड दूत रहाणे ने यहां मंगलवार को कहा, ‘‘मैं हमेशा पारी के सूत्रधार की भूमिका निभाने की सोचता था। पिछले दो तीन साल से हालांकि मैने आजादी के साथ बेखौफ क्रिकेट खेलने पर जोर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं यही करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन अपनी प्रक्रिया भी नहीं छोड़ी है। अपने स्वाभाविक खेल को बरकरार रखा है।सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मेरा प्रदर्शन अच्छा था जिससे काफी आत्मविश्वास मिला।’’ रहाणे ने कहा, ‘‘यह अपने खेल पर भरोसा करके वर्तमान में रहने और शांतचित्त रहने के बारे में है। मैने हमेशा अपने खेल में सुधार और उसका पूरा मजा लेने पर जोर दिया।’’ चैम्पियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया पर चार विकेट से मिली जीत के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि भारत फाइनल में पहुंच गया है। मैं टीम को बधाई देता हूं और मुझे यकीन है कि वे फाइनल में अच्छा खेलेंगे। अतीत को भुलाकर वर्तमान पर फोकस करते हुए ही भारत ने आस्ट्रेलिया को हराया।’’  

सेहत में जबरदस्त सुधार के लिए रोज खाएं एक कीवी

क्या आप जानते हैं कि कीवी विटामिन-सी का पावरहाउस है। यह छोटा, स्वादिष्ट फल पोषक तत्वों से भरा होता है, जिसे रोज खाने से आपकी सेहत में कई सुधार देखने को मिलेंगे। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-के, विटामिन-ई, फोलेट, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व कूट-कूटकर भरे होते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आप रोजाना एक कीवी खाना शुरू कर दें, तो आपके शरीर में क्या-क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोज एक कीवी खाने के फायदे । इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है कीवी में विटामिन-सी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। विटामिन-सी शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जो इन्फेक्शन और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। रोजाना एक कीवी खाने से सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी समस्याओं से बचाव होता है। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है कीवी में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों की गतिविधि को बेहतर तरीके से चलाने में मदद करता है। कीवी में मौजूद एक्टिनिडिन एंजाइम प्रोटीन को पचाने में मदद करता है, जिससे पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद कीवी में पोटैशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके अलावा, कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी सहायक होते हैं। त्वचा के लिए गुणकारी कीवी में विटामिन-सी और विटामिन-ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद हैं। ये तत्व त्वचा को निखारने, झुर्रियों को कम करने और त्वचा की इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करते हैं। कीवी खाने से त्वचा में नमी बनी रहती है और यह उम्र बढ़ने के लक्षणों को धीमा करता है। नींद की गुणवत्ता में सुधार कीवी में सेरोटोनिन पाया जाता है, जो नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करता है। रोजाना सोने से पहले एक कीवी खाने से नींद अच्छी आती है और नींद न आने की समस्या दूर होती है। आंखों के लिए लाभदायक कीवी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं। ये तत्व आंखों को मोतियाबिंद और उम्र से जुड़ी आंखों की परेशानियों से बचाने में मदद करते हैं। वजन घटाने में सहायक कीवी में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन घटाने में मदद करता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इच्छा को कम करता है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छा फल है। हड्डियों को मजबूत बनाता है कीवी में विटामिन-के और कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव करता है। तनाव कम करने में मददगार कीवी में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव को कम करने में मदद करते हैं। यह मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाता है और मूड को अच्छा रखता है।

वो हमपर टैक्स लगाएंगे, तो हम भी लगाएंगे… ट्रंप ने भारत को अधिक टैरिफ पर दी चेतावनी

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे हैं. ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले संयुक्त सत्र में कई बड़े मसलों पर बात की. उन्होंने फ्री स्पीच पर जोर दिया और टैरिफ के फैसले का खुलकर बचाव किया. उन्होंने भारत का भी जिक्र किया और कहा, चीन, कनाडा, मेक्सिको और भारत हम पर बहुत ज्यादा टैक्स लगाते हैं. ट्रंप का कहना था कि भारत जो टैक्स लगाता है, वो उचित नहीं है. ट्रंप ने भाषण में दो बार भारत का नाम लिया. उन्होंने ऐलान किया कि 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैक्स लगाया जाएगा. अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा, मेक्सिको, भारत, ब्राजील और दक्षिण कोरिया बहुत ज्यादा टैरिफ लगाते हैं. ये अच्छी बात नहीं है. जो भी देश हम पर टैरिफ चार्ज लगाएंगे, हम भी उन पर चार्ज लागू करेंगे. हम दो अप्रैल से कनाडा, मेक्सिको, चीन और भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाएंगे. टैरिफ से अमेरिका को फिर से अमीर बनाना है. ट्रंप ने कहा, हमारा प्रशासन अमेरिका की जरूरत के अनुसार बदलाव लाने के लिए प्रयास कर रहा है. यह बड़े सपने देखने और साहसिक कार्रवाई का समय है. हमने सभी पर्यावरणीय प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है जो हमारे देश को कम सुरक्षित और पूरी तरह से अप्रभावी बना रहे थे. ट्रंप ने कहा, हमने 43 दिन में जो किया है, वो कई सरकारें अपने 4 या 8 साल के कार्यकाल में भी नहीं कर पाई हैं. ट्रंप ने जो बाइडेन पर भी तंज कसा और उन्हें इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति बताया. भारत और चीन के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 2 अप्रैल को भारत और चीन समेत अन्य देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा. उन्होंने कहा, वे हम पर जो भी टैरिफ लगाएंगे, हम उन पर टैरिफ लगाएंगे. अन्य देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है और अब हमारी बारी है कि हम उन अन्य देशों के खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल करना शुरू करें. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अनगिनत अन्य देश हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलते हैं. यह बहुत अनुचित है. भारत हमसे 100 प्रतिशत टैरिफ वसूलता है. यह सिस्टम अमेरिका के लिए उचित नहीं है. यह कभी नहीं था. उन्होंने कहा, 2 अप्रैल से पारस्परिक टैरिफ लागू हो जाएंगे. यदि वे हमें अपने बाजार से बाहर रखने के लिए नॉन मोनेटरी टैरिफ लगाते हैं, तो हम उन्हें अपने बाजार से बाहर रखने के लिए नॉन मोनेटरी टैरिफ लागू करेंगे. ट्रंप के संबोधन की बड़ी बातें यहां पढ़ें:- – अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं. इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं इसलिए इसे रोकना होगा. – ट्रंप ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी सरकार पनामा नहर पर दोबारा कब्जा करेगी और हमने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि हम ग्रीनलैंड के लोगों के अधिकार का सम्मान करते हैं कि उन्हें अपने भविष्य का सम्मान करने का हक है. लेकिन हम चाहते हैं कि ग्रीनलैंड हमारा हिस्सा बने. हम आपको समृद्ध बनाएंगे इसलिए आप हमसे हाथ मिला लें वरना हम किसी न किसी तरीके से ऐसा कर ही लेंगे. लेकिन यकीन दिलाते हैं कि हम आपको सुरक्षित रखेंगे. – संसद को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि हम जल्द ही एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन करेंगे, जिसके बाद पुलिस अधिकारी किसी हत्या करने पर मौत की सजा का प्रावधान होगा. – ट्रंप ने कहा कि टैरिफ की रकम से अमेरिका फिर से समृद्ध होगा. इससे अमेरिका दोबारा ग्रेट और अमीर बनेगा और यह हो रहा है. – राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अब अवैध प्रवासियों से छुटकारा चाहिए. हमारे देश के कुछ कब्जों में इन अवैध प्रवासियों का कब्जा है. हमें इनसे छुटकारा चाहिए और हम इन्हें देश से बाहर निकालकर रहेंगे. – ट्रंप ने कहा कि यह समय बड़े सपनों और बोल्ड फैसलों का है. लेकिन अब हमारा मकसद अमेरिका को फिर से अफोर्डेबल बनाना है. अब हमारा देश Woke नहीं रहेगा. – अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा, मेक्सिको, भारत और दक्षिण कोरिया बहुत टैरिफ लगाते हैं. हम दो अप्रैल से कनाडा, मेक्सिको, चीन और भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाएंगे. जो हम पर टैक्स लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे. – डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमसे उगाहे गए पैसों को वसूल कर देश की महंगाई को काबू में करेंगे. मैं अभी तक बाइडेन की असफल नीतियों को दुरुस्त करने में लगा हुआ है. – अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन के बीच डेमोक्रेट सांसद Al Green को संसद से बाहर का रास्ता दिखाया गया. उन्हें राष्ट्रपति के संबोधन में व्यवधान डालने के लिए बाहर किया गया. – ट्रंप ने कहा कि अब सिर्फ दो ही जेंडर होंगे महिला और पुरुष. मैंने पुरुषों के महिला खेल खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है. – अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संबोधन में फ्री स्पीच की भी बात की. ट्रंप ने कहा कि मैंने कुछ दिन पहले अंग्रेजी भाषा को एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाया. गल्फ ऑफ मेक्सिको को गल्फ ऑफ अमेरिका किया. – अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने फैसला किया है कि हर एक नया फैसला लेने पर पुराने 100 फैसलों को रद्द किया जाएगा. – ट्रंप ने कहा कि यह बड़े सपनों और बोल्ड एक्शन का समय है. DOGE इसमें बेहतरीन काम कर रहा है. हमने बेहूदा नीतियों को खत्म कर दिया है. भ्रष्ट हेल्थ पॉलिसी को भी खत्म कर दिया है. बाइडेन सरकार की उन नीतियों को तुरंत प्रभाव से खत्म किया है, जिससे देश को फायदा नहीं हो रहा था. – ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मोमेंटम वापस आ गया है. हमारी रूह वापस आ गई है. हमारा गौरव वापस आ गया है. हमारा विश्वास लौट आया है और अब अमेरिकी लोग अपने सपने पूरे कर पाएंगे. – ट्रंप ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमने सिर्फ 43 दिनों में वह कर दिखाया है, जो पिछली सरकारों ने चार साल में भी नहीं किया. – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि America is Back. – … Read more

कुवैत: रमजान के दौरान सार्वजनिक स्थान पर खाने-पीने पर होगी जेल, सरकार ने जारी किया आदेश

 कुवैत इस्लाम का पवित्र महीना रमजान शुरू हो चुका है. इस पूरे महीने मुसलमान रोजा रखते हैं जिसमें सूरज उगने से पहले और डूबने के बाद ही कुछ खाया-पीया जाता है. उपवास यानी रोजा को लेकर मुस्लिम देशों में अलग-अलग नियम हैं. इसी बीच कुवैत ने एक ऐसा नियम बनाया है जिसे तोड़ने पर जेल की सजा भी हो सकती है. कुवैत के नए नियम के मुताबिक, अगर किसी ने उपवास के घंटों में सार्वजनिक जगह पर खाना-पीना किया तो उस पर 100 दिनार (28,230 रुपये) का जुर्माना लगाया जाएगा और जेल भी हो सकती है. गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नियम में सार्वजनिक जगहों पर खाने-पीने से मना किया गया है. उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ-साथ अधिकतम एक महीने की जेल भी हो सकती है. कब माना जाएगा रोजे का उल्लंघन? अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर सार्वजनिक स्थान पर खाता है, पानी पीता है या धूम्रपान करता है और अपने किए की कोई वाजिब वजह नहीं बता पाता तो इसे रोजा नियम का उल्लंघन माना जाएगा. वाजिब वजहों में बीमार होना या लंबी यात्रा करना शामिल है. कुवैती अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि जो लोग रोजा नहीं रख रहे, वो सार्वजनिक स्थानों के बजाए प्राइवेट में खाना-पीना करें. कुवैत का यह नियम वहां की कंपनियों और अन्य व्यवसायों पर भी लागू होता है. अगर कोई कंपनी या प्रतिष्ठान सार्वजनिक रूप से खाने-पीने की अनुमति देता है तो सजा के तौर पर कम से कम उसे दो महीने तक बंद कर दिया जाएगा. कुवैत की नगर पालिका ने दुकान और रेस्टोरेंट के खुले रहने के घंटों पर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत सूर्यास्त से दो घंटे पहले इफ्तार की तैयारियों के लिए वो खुले रह सकते हैं. किन मुसलमानों को रोजा न रखने की होती है छूट? रोजा रखना सभी मुसलमानों के लिए जरूरी होता है. लेकिन छोटे बच्चों को रोजा न रखने की छूट होती है. तरुणावस्था में प्रवेश करने के बाद उनका रोजा रखना भी जरूरी होता है. बच्चों के अलावा बीमार लोगों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं और यात्रा कर रहे लोगों को रोजा न रखने की छूट होती है. रोजा के नियम -यौवनावस्था में पहुंच चुके सभी स्वस्थ मुसलमानों को रमजान के महीने में उपवास करना चाहिए. -अगर कोई बीमार है तो ठीक होते ही उसे अगले दिन रोजा रखना चाहिए. -जो लोग किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और रोजा नहीं रख सकते, उन्हें फिदया अदा करना चाहिए. इसका मतलब है कि रोजा छूटने के बाद रमजान में हर दिन जरूरतमंदों को खाना खिलाना चाहिए. -रमजान के महीने में यात्रा करने से बचना चाहिए, जब तक कि बहुत जरूरी न हो. लेकिन अगर यह जरूरी हो, तो यात्रा के बाद फिर से रोजा शुरू करना चाहिए. -रोजा के वक्त सहरी और इफ्तार के सही वक्त का ध्यान रखना चाहिए और तय समय पर ही खाना चाहिए. सूरज उगने से पहले किए जाने वाले भोजन को सहरी कहते हैं और सूरज डूबने के बाद खाना खाकर रोजा तोड़ने को इफ्तार कहते हैं. -उपवास के दौरान भोजन, पानी, धूम्रपान से बचना चाहिए. इस दौरान यौन संबंधों से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है. -रोजे में झूठ बोलना, लड़ना, गाली देना और बहस करने की मनाही होती है.  

गुजरात में दो साल में 286 शेरों और 456 तेंदुओं की हो गई मौत, राज्य में 674 एशियाई शेर

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अंबानी की महत्वाकांक्षी परियोजना वनतारा का उद्घाटन किया और इसका दौरा किया। यहां पीएम मोदी वन जीवों के साथ तस्वीर भी खिचाते और शावक को दूध पिलाते नजर आए। लेकिन ठीक उसी दिन गुजरात विधानसभा में एक ऐसी रिपोर्ट पेश की गई जो जिसमें बताया गया कि राज्य में बीते दो साल में 286 शेरों की मौत हुई है। दरअसल, राज्य के वन मंत्री मुलुभाई बेरा ने मंगलवार को विधानसभा को यह जानकारी दी कि गुजरात में गत दो साल में कम से कम 286 शेरों की मौत हो गई, जिनमें 143 शावक भी शामिल हैं। इनमें से 58 शेरों की मौत अप्राकृतिक कारणों से हुईं।। बेरा ने प्रश्नकाल के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस विधायक शैलेश परमार के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्य में दो वर्षों – 2023 और 2024 – में 140 शावकों सहित 456 तेंदुओं की भी मौत हुई है। दो साल में 286 शेरों की मौत राज्य विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले दो सालों में राज्य में 143 शावकों सहित 286 एशियाई शेरों की मौत हुई है। इनमें से 58 अप्राकृतिक मौतें थीं। इसके अलावा, इसी अवधि के दौरान 456 तेंदुए और तेंदुए के शावकों की मौत की सूचना मिली। 2023 में 58 वयस्क शेर और 63 शावकों की मौत हुई, जबकि 2024 में मृत्यु दर बढ़कर 85 वयस्क शेर और 80 शावक हो गई। तेंदुओं की मौतों में सरकार ने कहा कि 2023 में 71 शावकों सहित 225 तेंदुए मारे गए, जबकि 2024 में मृत्यु दर बढ़कर 231 हो गई, जिसमें 69 शावक शामिल थे। कुल मिलाकर, 153 तेंदुए की मौतें अप्राकृतिक थीं। विशेषज्ञ का चौंकाने वाला खुलासा टीओआई से बातचीत में एक एक वन्यजीव विशेषज्ञ ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि आमतौर पर जब बड़ी बिल्लियों की बात आती है तो शावकों की मृत्यु की संख्या वयस्कों की मृत्यु से अधिक होती है। ऐसा नरभक्षण के कारण होता है। यहां तक कि शावकों के पहले तीन वर्षों तक जीवित रहने की संभावना बहुत कम है। यह लगभग 40 फीसदी है। चिंता का एक और मामला यह है कि वयस्क शेरों की मृत्यु 2023 से 2024 में 46 फीसदी बढ़ गई। विशेषज्ञ ने कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए क्योंकि इसका एक कारण किसी बीमारी का प्रकोप हो सकता है। उन्होंने कहा कि शावकों की उच्च मृत्यु दर आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि गिर में आमतौर पर एक बार में तीन शावक होते हैं। सरकार ने उठाए ये कदम अधिकारी ने कहा कि बड़ी बिल्लियों के जीव विज्ञानियों के अनुसार शेरों की आबादी में 20% तक की मृत्यु दर आमतौर पर स्वीकार्य है, लेकिन अगर यह इससे अधिक हो जाती है, तो यह चिंता का विषय है। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि शेरों और अन्य जंगली जानवरों को बीमारी या दुर्घटना से संबंधित मामलों में तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए एक पशु चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है, और एक समर्पित एम्बुलेंस सेवा भी मौजूद है। सरकार ने कहा कि अभयारण्य क्षेत्र से गुजरने वाली सार्वजनिक सड़कों पर स्पीडब्रेकर और साइनबोर्ड लगाए गए हैं। नियमित रूप से गश्त भी की जाती है, और अधिकारी वाहनों, हथियारों और वॉकी-टॉकी से लैस होते हैं। सरकार ने कहा कि चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सासन में एक हाई-टेक निगरानी इकाई स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि 286 शेरों की मौत में से 121 की मौत 2023 में तथा 165 की मौत 2024 में हुई। गुजरात एशियाई शेरों का दुनिया में अंतिक प्राकृतिक आवास है। जून 2020 में की गई आखिरी गणना के अनुसार, राज्य में 674 एशियाई शेर हैं, जिनमें से मुख्य रूप से गिर वन्यजीव अभयारण्य में हैं। मंत्री ने चल रहे बजट सत्र के दौरान विधानसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि 2023 में 225 और 2024 में 231 तेंदुओं की मौत हुई। उन्होंने बताया कि 228 शेरों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई जबकि 58 मौतें अप्राकृतिक कारणों से हुईं, जैसे वाहनों की चपेट में आना या खुले कुओं में डूब जाना। बेरा ने बताया कि तेंदुओं में 303 मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं, जबकि 153 मौतें अप्राकृतिक कारणों से हुईं। वन मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने शेरों की अप्राकृतिक मौतों को रोकने के लिए पशु चिकित्सकों की नियुक्ति और शेरों तथा अन्य जंगली जानवरों के समय पर उपचार के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जैसे विभिन्न कदम उठाए हैं।

थाना कोतवाली पुलिस ने बोलेरो गाड़ी में 10 किलो गांजा सहित 02 गांजा तस्‍कर को किया गिरफ्तार

डिंडौरी पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीम‍त‍ि वाहनी सिंह द्वारा थाना क्षेत्र मे अवैध गतिविधियो पर अंकुश लगाने हेतु जिले के समस्त थाना प्रभारियो को निर्देशित किया गया था। उसी तारतम्य मे श्रीमान अति0 पुलिस अधीक्षक महोदय  जगन्नाथ मरकाम एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) महोदय डिण्डौरी  के के त्रिपाठी के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा दो गांजा तस्‍करो को धर दबोचा हैं। उनके पास से करीब 10 किलो गांजा बरामद किया गया। दिनांक 04.03.25 को मुखबिर खास के द्वारा सूचना प्राप्‍त हुई कि ग्राम जमुनिया रोड भर्रा टोला में दो व्‍यक्‍त‍ि, एक बोलेरो वाहन में मादक पदार्थ गांजा को रखकर बेचने हेतु जाने के फिराक में हैं। जिसकी सूचना पर थाना कोतवाली पुलिस के द्वारा अविलंम्‍ब, तत्‍परता से रेड कार्यवाही हेतु वैधानिक प्रक्रि‍याओं का पालन करते हुये घटनास्थल पर पहुंची तो पुलिस को आता देख दोनों आरोपी  भागने लगे जिन्हे घेराबंदी कर बोलेरो सवारो को पकड़ा गया । उनकी कार की तलाशी ली गयी तो कार मे रखे सफेद रंग बोरी में कुल 10 किलो गांजा बरामद हुआ हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गये आरोपियो में  1.सिप्पू उर्फ़ राधेश्याम पिता नत्थू राठौर 2.लोकसिंह धुर्वे पिता कारेलाल दोनों निवासी ग्राम माड़ियारास  बताये है। जिनके विरूध्‍द थाना कोतवाली पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया हैं। जब्त मादक पदार्थ गांजा की बाजार में अनुमानित कीमत 01 लाख है। आरोपियो से 10 लाख कीमती की बोलेरो कार बरामद किया गया हैं। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरी0 दुर्गाप्रसाद नगपुरे, उनि. संजय धुर्वे, सउनि मनमोहन सिंह, प्र.आर.351 प्रवीण खम्परिया, एवं आर. विशाल पटेल, सुनील मरावी,, सतेंद्र डहेरिया, रामसिंह, कैलाश द्विवेदी, नीलेश साहू, चा. आर. मनोज कुंजाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सीएम योगी ने कहा- अबू आजमी को लेकर योगी सपा पर खूब गरजे, कहा कि उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए सपा पर जमकर हमला बोला। योगी ने कहा कि इस्लामीकरण करने वाले का सपा आदर्श मानती है। औरंगजेब को समाजवादी नायक मानते हैं। सीएम योगी ने कहा कि लोहिया के विचारों से कोसों दूर हैं। औरंगजेब क्रूर शासक था। औरंगजेब ने अपने पिता को ही जेल भेजा था। खुदा करे कि ऐसा कमबख्त किसी को पैदा न हो। अबू आजमी को लेकर योगी सपा पर खूब गरजे। कहा कि उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे। क्या उसको भारत के अंदर रहने का अधिकार होना चाहिए? समाजवादी पार्टी को इस पर जवाब देना चाहिए अबू आजमी को पार्टी से क्यों नहीं निकालते ? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि थी उसको वैसी ही सृष्टि प्रयागराज महाकुंभ में देखने को मिली। उन्होंने विधान परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान यह भी कहा कि कई पार्टियां और संगठन इस आयोजन को लेकर अनर्गल बातें कर रहे थे लेकिन सरकार उनकी मौन साक्षी बनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही थी। आदित्यनाथ ने कहा कि जब महाकुंभ का आयोजन हो रहा था उस समय हम लोग इस बात का अनुभव कर रहे थे कि बहुत सारे ऐसे माननीय सदस्य थे, या ऐसी पार्टियां थीं, ऐसे संगठन थे जो तमाम तरह के अनर्गल प्रलाप उस समय कर रहे थे लेकिन उस सबसे इतर रहकर के हम लोग उन सभी घटनाओं के मौन साक्षी बनाकर अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रहे थे। उनका कहना था कि भगवान श्री कृष्ण ने भी श्रीमद् भागवत गीता में इस बात का उल्लेख किया है कि मुझे जो जिस रूप में स्मरण करता है मैं उसी रूप में उसको दिखाई देता हूं। मुझे लगता है कि जिसकी जैसी दृष्टि थी उसको वैसी ही सृष्टि प्रयागराज में देखने को मिली। आदित्यनाथ ने कहा कि कुंभ के बारे में चर्चा वही कर सकता है जिसने महाकुंभ का दर्शन किया हो और महाकुंभ की नगरी में जाकर जो साक्षात इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन में सहभागी बना हो। उन्होंने कहा, ”यह पहला आयोजन है जिसको पूरी दुनिया की मीडिया ने सराहा है। चाहे वह ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (अमेरिकी अखबार) हो, ‘बीबीसी’ हो, ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ हो, रायटर हो, द गार्जियन हो, सीएनएन हो, इन सब ने इस महा आयोजन की तारीफ की।” मुख्यमंत्री के अनुसार, महाकुंभ प्रयागराज हर उसे व्यक्ति के मन मस्तिष्क पर छाता हुआ नजर आया है जो अपने आप में दुनिया का एक ”यूनीक इवेंट” (अद्भुत आयोजन) बनकर लंबे समय तक दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। अपने विचारों की अभिव्यक्ति मर्यादा के दायरे में हम अपनी अभिव्यक्ति को सदन के मंच पर रखें, इससे बड़ी दूसरी बात नहीं हो सकती है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े हुए सदस्यों ने जो रुचि ली है इस सदन के सामने अपने बहुमूल्य विचार रखे हैं मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।’

न्यूजीलैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 363 रनों का लक्ष्य रखा, करना होगा रिकॉर्ड रन चेज

लाहौर आज चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए दक्षिण अफ्रीका के सामने 363 रनों का लक्ष्य रखा है। अगर दक्षिण अफ्रीका को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचना है तो उसे यह रिकॉर्ड रन चेज करना होगा। यहां से जीतने वाली टीम दुबई में भारत के साथ फाइनल मैच खेलेगी। बता दें कि दोनों ही टीमें आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मुकाबलों में छाप छोड़ने में सफल नहीं रही हैं। ऐसे में दोनों के पास के यह मौका है कि वह इस धब्बे से छुटकारा पाएं। करना होगा रिकॉर्ड रन चेज न्यूजीलैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 363 रनों का लक्ष्य रखा है। अगर दक्षिण अफ्रीका को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचना है तो उसे यह रिकॉर्ड रन चेज करना होगा। इससे पहले अंतिम ओवर में माइकल ब्रेसवेल लुंगी एन्गिडी की गेंद पर रिकल्टन के हाथों कैच आउट हो गए थे।

ट्रंप की नई टैरिफ नीति पर पलटवार करते हुए चीन ने कहा-अमेरिका को युद्ध चाहिए तो हम इसके लिए तैयार हैं

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति पर पलटवार करते हुए चीन ने बुधवार को कहा कि अगर अमेरिका ने व्यापारिक प्रतिबंधों के रूप में युद्ध की शुरुआत की है तो हम इसका मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। चीन ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका व्यापारिक युद्ध को आगे बढ़ाने का मन बना चुका है तो ड्रैगन इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगा। चीन के अमेरिका स्थित दूतावास ने एक बयान में कहा, “अगर अमेरिका को युद्ध चाहिए, चाहे वह टैरिफ युद्ध हो, व्यापार युद्ध हो या कोई और प्रकार का युद्ध, तो हम इसे अंत तक लड़ने के लिए तैयार हैं।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल से भारत, चीन और अन्य देशों पर टैरिफ शुल्क लगाने की घोषणा के बाद आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और चीन सहित अन्य देशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क बहुत अनुचित हैं। 2 अप्रैल से ये शुल्क लागू होंगे। ट्रंप ने कहा, “दूसरे देशों ने दशकों तक हमारे खिलाफ टैरिफ का उपयोग किया है। अब हमारी बारी है कि हम उन देशों के खिलाफ इसे इस्तेमाल करना शुरू करें। यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत, मेक्सिको और कनाडा – क्या आपने इनके बारे में सुना है? अनगिनत अन्य देशों ने हम पर जो टैरिफ लगाए हैं, वे हमारी तुलना में बहुत अधिक हैं। यह बहुत अनुचित है।” ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अब अमेरिका उन देशों के खिलाफ जवाबी कदम उठाने का मन बना चुका है जिन्होंने अमेरिकी उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाया है। चीन की तीखी प्रतिक्रिया चीन ने इस कदम का प्रतिवाद करते हुए कहा है कि वह अमेरिकी व्यापारिक रणनीति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। यह स्पष्ट रूप से एक तनावपूर्ण व्यापारिक माहौल की ओर इशारा करता है, जिसमें चीन और अमेरिका के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर मतभेद थे। चीन ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के आर्थिक संघर्ष से पीछे नहीं हटेगा और इसे अंत तक लड़ेगा। आपको बता दें कि इस व्यापारिक युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता आ सकती है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इन्फेक्शन के मामलो में तेजी, दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 3 हजार ज्यादा मामले

बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इन्फेक्शन के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं। अभी ठंड पूरी तरह से गई नहीं है और इस वजह से लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। बदलते मौसम की वजह से दिल्ली में भी वायरल इन्फेक्शन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इनमें स्वाइन फ्लू के भी काफी मामले हैं (H1N1 Virus Outbreak)। भारत में दिसंबर 2024 तक लगभग 220,414 लोग स्वाइन फ्लू से इन्फेक्टेड थे और इसकी वजह से 347 लोग अपनी जान गंवा चुके थे। यह आंकड़ा छोटा नहीं है और गंभीर चिंता का मुद्दा है। दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के लगभग 3141 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। दिल्ली के अलावा, भारत के अन्य राज्यों में भी इसके मामले बढ़े हैं। इसलिए स्वाइन फ्लू से सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। इसके कुछ लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में हम यहां बताने वाले हैं। क्या है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू, जिसे H1N1 इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक फैलने वाली बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। यह इन्फेक्शन फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह वायरस मुख्य रूप से सूअरों में पाया जाता है, लेकिन यह इंसानों में भी फैल सकता है। इसलिए इसका नाम स्वाइन फ्लू रखा गया। स्वाइन फ्लू पहली बार 2009 में एक महामारी के रूप में उभरा और तब से यह दुनिया भर में फैल चुका है। यह बीमारी इन्फेक्टेड व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके संपर्क में आने से फैलती है। स्वाइन फ्लू के लक्षण कैसे होते हैं? स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह ही होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर भी हो सकता है।     बुखार- स्वाइन फ्लू में तेज बुखार आना एक आम लक्षण है। बुखार अचानक से शुरू हो सकता है और कई दिनों तक बना रह सकता है।     खांसी और गले में खराश- इन्फेक्टेड व्यक्ति को सूखी खांसी और गले में तेज खराश हो सकती है।     सिरदर्द और शरीर में दर्द- स्वाइन फ्लू में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है।     थकान और कमजोरी- इस बीमारी में मरीज को बेहद थकान और कमजोरी महसूस होती है।     सर्दी-जुकाम- नाक बहना, छींक आना और नाक बंद होना भी स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।     उल्टी और दस्त- कुछ मामलों में रोगी को उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है।     सांस लेने में तकलीफ- गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, जो एक गंभीर लक्षण है। स्वाइन फ्लू से बचाव कैसे करें? स्वाइन फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है।     हाथों की सफाई- नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं। अगर साबुन न हो, तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। खांसने या छींकने के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करें।     मास्क का इस्तेमाल- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। अगर जाना जरूरी हो, तो मास्क पहनकर जाएं। यह इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है।     सोशल डिस्टेंसिंग- बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कम से कम 2 फीट की दूरी बनाए रखें।     मुंह ढंककर खांसें और छींकें- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या रुमाल से ढकें। उसके बाद टिश्यू को डस्टबिन में फेंक दें और हाथ धो लें।     इम्युनिटी बढ़ाएं- हेल्दी डाइट लें, पूरी नींद लें और नियमित एक्सरसाइज करें। विटामिन-सी और डी वाले फूड्स खाएं, ताकि इम्युनिटी मजबूत बने।     वैक्सीनेशन- स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए H1N1 वैक्सीन है। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को यह वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।     डॉक्टर से संपर्क करें- अगर आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से कोई दवा न लें।  

आखिर एफआईआर में जाति लिखने की क्या जरूरत है और इससे क्या फायदा होगा, हाई कोर्ट ने UP डीजीपी से मांग लिया जवाब

इलाहाबाद किसी भी केस की एफआईआर में संदिग्धों की जाति का उल्लेख करने की क्या जरूरत है? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से यह सवाल पूछा है। अदालत ने पुलिस के शीर्ष अधिकारी से कहा है कि वे बताएं कि आखिर एफआईआर में जाति लिखने की क्या जरूरत है और इससे क्या फायदा होगा। जस्टिस विनोद दिवाकर ने संस्थागत पूर्वाग्रह और कुछ समुदाय के साथ सौतेले बर्ताव के खतरे को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा, ‘डीजीपी को आदेश दिया जाता है कि वह पर्सनल एफिडेविट दाखिल करें। अगली तारीख पर वह बताएं कि आखिर किसी मामले की एफआईआर में संदिग्धों की जाति लिखने की क्या जरूरत है। एक ऐसे समाज में ऐसा क्यों जरूरी है, जहां जाति एक संवेदनशील मसला है और उसके नाम पर समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।’ जज ने कहा कि संविधान इस बात की गारंटी देता है कि देश में जातिगत भेदभाव खत्म होगा। सभी के लिए समानता और गरिमा के साथ बर्ताव किया जाएगा। पक्षपात के साथ न्याय की परिभाषा पूरी नहीं होती। न्याय सभी के लिए एक समान और एक जैसे तरीके से होना चाहिए। जस्टिस दिवाकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं में जाति और धर्म के उल्लेख करने पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि था कि याचिका में जाति या धर्म लिखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता। इसकी बजाय भेदभाव को ही बढ़ा देता है। अदालत ने 3 मार्च को जारी आदेश में कहा कि आप एफिडेविट दें और बताएं कि जाति का उल्लेख करने की क्या कानूनी जरूरत है। इसकी बजाय यह व्यवस्थागत भेदभाव ही करता है। दरअसल यह मामला 2023 में दायर एक केस को लेकर सुनवाई का है। इटावा पुलिस ने 2013 में आईपीसी और एक्साइज ऐक्ट के तहत एक केस दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी बनाए गए शख्स को लेकर पुलिस का दावा था कि वह एक अन्य शख्स के साथ कार में सवार था। जांच के दौरान गाड़ी से व्हिस्की की 106 बोतलें पाई गईं। इन बोतलों पर लिखा था- केवल हरियाणा में बिक्री के लिए। उससे पूछताछ के बाद एक और कार को पकड़ा गया, जिससे 237 बोतलें बरामद हुई थीं। इस मामले में पुलिस का दावा था कि आरोपी गैंग लीडर है, जो हरियाणा से शराब लाता है और उसकी बिहार में बिक्री होती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हरियाणा से सस्ती शराब लाकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचा जाए, जहां शराब पर बैन है। इस काम से वे मोटा मुनाफा कमा रहे थे। ऐसा करने के लिए आरोपियों की ओर से अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था। कई बार एक ही गाड़ी को नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल किया जाता था। इस मामले की एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पाया कि सभी आरोपियों की जाति का भी जिक्र किया गया है। इसको अदालत ने आपत्तिजनक माना और डीजीपी से जवाब मांगा है। केस की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी। इस सुनवाई में डीजीपी को एफिडेविट देकर कारण बताना होगा कि आखिर एफआईआर में जाति का उल्लेख क्यों किया गया।

खराब फॉर्म से जूझ रही यूपी वारियर्स के लिये मुंबई इंडियंस के खिलाफ अस्तित्व का मुकाबला

लखनऊ खराब फॉर्म से जूझ रही यूपी वारियर्स को महिला प्रीमियर लीग में बृहस्पतिवार को यूपी वारियर्स के खिलाफ हर हालत में जीत दर्ज करनी होगी। लगातार दो मैच हार चुकी यूपी वारियर्स की प्लेआफ में पहुंचने की उम्मीदें इसी मैच पर टिकी है। उसे इकाना स्टेडियम पर पिछले मैच में गुजरात जाइंट₨स ने बड़े अंतर से हराया। 81 रन से मिली हार ने उन्हें तालिका में सबसे नीचे धकेल दिया और रनरेट भी गिरा दिया। अब दो ही मैच बचे हैं और उन्हें लगातार तीसरी हार से बचना होगा। लखनऊ में डब्ल्यूपीएल के पहले मैच में बेथ मूनी ने शानदार बल्लेबाजी करके गुजरात जाइंट्स को पांच विकेट पर 186 रन तक पहुंचाया जो इस सत्र का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में बल्लेबाजों की मददगार पिच पर वारियर्स के बल्लेबाज पूरी तरह नाकाम रहे। जॉर्जिया वोल को तीसरे नंबर पर भेजने का उनका प्रयोग भी नाकाम रहा और दस ओवर के भीतर टीम ने छह विकेट 48 रन पर गंवा दिये। शीर्ष छह में से एक ही बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंच सकी। वेस्टइंडीज की चिनेले हेनरी ने 14 गेंद में 28 रन बनाकर टीम को सौ रन के पार पहुंचाया लेकिन पूरी टीम 105 रन पर आउट हो गई। हेनरी ने अब तक इस सत्र में 209 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 138 रन बनाये हैं और वह तेजी से रन बनाने में कामयाब रही हैं।यूपी की टीम वोल को फिर पारी की शुरूआत करने भेज सकती है। मध्यक्रम में ग्रैस हैरिस की भूमिका अहम होगी। कप्तान दीप्ति शर्मा का बल्ला अभी तक खामोश ही रहा है जिन्हें मोर्चे से अगुवाई करनी होगी। मुंबई इंडियंस की स्थिति बेहतर है जो छह अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। उसके पास शीर्ष पर पहुंचकर फाइनल में सीधे जगह बनाने का मौका है। डब्ल्यूपीएल में शीर्ष टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है जबकि दूसरे और तीसरे स्थान की टीम एलिमिनेटर खेलती हैं। मुंबई को अभी तीन मैच और खेलने है लिहाजा उसकी नजरें शीर्ष पर पहुंचने पर लगी होंगी। इसके लिये कप्तान हरमनप्रीत कौर को अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलना होगा। नेट स्किवेर ब्रंट को भी प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। टीमें : यूपी वारियर्स: दीप्ति शर्मा (कप्तान), अंजलि सरवानी, चमारी अथापथु, उमा छेत्री, सोफी एक्लेस्टोन, राजेश्वरी गायकवाड़, अरुशी गोयल, क्रांति गौड़, ग्रेस हैरिस, चिनेले हेनरी, पूनम खेमनार, अलाना किंग, ताहलिया मैकग्रा, किरण नवगिरे, श्वेता सहरावत, गौहर सुल्ताना, साइमा ठाकोर, दिनेश वृंदा। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यस्तिका भाटिया, नादिन डि क्लार्क, संस्कृति गुप्ता, साइका इशाक, शब्निम इस्माइल, जिन्तिमनी कलिता, जी कमालिनी, अमनदीप कौर, अमनजोत कौर, सत्यमूर्ति कीर्तना, अमेलिया केर, अक्षिता माहेश्वरी, हेली मैथ्यूज, सजीवन सजना, नैट स्काइवर ब्रंट, पारुनिका सिसोदिया और क्लो ट्रायोन। मैच का समय : शाम 7.30 से।  

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भाई आनंद कुमार पर की कार्रवाई, राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाया

लखनऊ बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालने के बाद अब उनके पिता आनंद कुमार को भी नेशनल कोआर्डिनेटर पद से हटा दिया है। उनकी जगह रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। मायावती ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि काफी लम्बे समय से निस्वार्थ सेवा व समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार, जिन्हें अभी हाल ही में नेशनल कोआर्डिनेटर भी बनाया गया था, उन्होंने पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनजर एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका स्वागत है। मायावती ने लिखा कि ऐसे में आनंद कुमार पहले की ही तरह बीएसपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते रहेंगे। अब उनकी जगह यूपी के जिला सहारनपुर के रहने वाले रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर की नई जिम्मेदारी दी गई है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा कि इस प्रकार, अब रामजी गौतम, राज्यसभा सांसद रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोआर्डिनेटर (राष्ट्रीय समन्वयक) के रूप में सीधे तौर पर मेरे दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे। सोमवार को पार्टी से आकाश को निकाला मायावती ने सोमवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकाल दिया था। इसके पहले रविवार को उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाया था। आकाश ने सोमवार को मायावती के फैसले पर प्रतिक्रिया दी थी। इससे नाराज होकर मायावती ने उन्हें बसपा से निष्कासित करने का फैसला लिया था।   ‘ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी’ मायावती ने कहा था कि आकाश को पार्टी के हित में ज्यादा बसपा से निकाले गए अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहने के कारण सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर किया गया। उन्हें इसका पश्चाताप कर परिपक्वता दिखानी थी। इसके उलट फैसले पर आकाश की प्रतिक्रिया उनके ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी है।  

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