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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। सोमवार 3 मार्च 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बच्चों के शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो एवं किशोर न्याय अधिनियम पर आधारित इस कार्यशाला में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। कार्यशाला में सभी जिलों के महिला बाल विकास, शिक्षा, जनजातीय कल्याण एवं गृह विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहेंगे।  

नीट यूजी परीक्षा फॉर्म भरने के इच्छुक कैंडिडेट्स के पास आगामी 7 मार्च को अंतिम दिन जल्द भरें परीक्षा फॉर्म

नई दिल्ली नीट यूजी परीक्षा फॉर्म भरने के इच्छुक कैंडिडेट्स को जल्द ही अपना एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर लेना चाहिए। इसके पीछे कारण यह है कि, आगामी शुक्रवार (07 मार्च, 2025) को इस एग्जाम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि है। ऐसे में लास्ट समय पर अप्लाई करने से कई बार सर्वर पर लोड बढ़ता और आवेदन करने में टेक्निकल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी समस्या से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना आवेदन पत्र भरकर सबमिट कर देना चाहिए। अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर लॉगइन करना होगा। एनटीए की ओर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर अंडरग्रेजुएट परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन 07 फरवरी, 2025 को जारी किया गया था। सूचना जारी होने के बाद ही, आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब आगामी 07 मार्च, 2025 को आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने वाली है। बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से देश भर के सरकारी मेडिकल काॅलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस समेत अन्य प्रोगाम में दाखिलाा मिलता है। नीट यूजी परीक्षा के लिए देनी होगी ये एप्लीकेशन फीस   नीट यूजी प्रवेश परीक्षा फॉर्म भरने वाले जनरल वर्ग के आवेदकों को 1,700 रुपये फीस देनी होगी। वहीं, सामान्य- ईडब्ल्यूएस और ओबीसी-एनसीएल के लिए 1,600 रुपये देने होंगे। इसके अलावा, एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी और थर्ड जेंडर के अभ्यर्थियों 1,000 रुपये फीस देनी होगी। कब होगी नीट यूजी परीक्षा नीट यूजी परीक्षा 2025 का आयोजन 4 मई को किया जाएगा। यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में कराई जाएगी। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक 3 घंटे के लिए आयोजित की जाएगी। एग्जाम सिटी स्लिप 26 अप्रैल, 2025 तक जारी की जाएंगी। नीट यूजी परीक्षा 2025 के लिए प्रवेश पत्र 1 मई तक जारी किए जाएंगे। नीट यूजी परीक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी नीट यूजी परीक्षा के संबंध में एनटीए ने से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इसके मुताबिक, कैंडिडेट्स 011-40759000/011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं या फिर neetug2025@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं। इसके अलावा, ज्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट्स पोर्टल् पर विजिट कर सकते हैं।

दो संभागों में गर्मी बढ़ रही है तो रात में तापमान में गिरावट, इस बीच कहीं पर हल्‍की बारिश का भी अनुमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में इन दिनों मिला जुला मौसम देखने को मिल रहा है। जहां दिन में गर्मी बढ़ रही है तो रात में तापमान में गिरावट आ जाती है। इस बीच कहीं पर हल्‍की बारिश का भी अनुमान है। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। इसी क्रम में फरवरी माह के अंतिम दिन गुरुवार को पूरे प्रदेश में दिन और रात के तापमान में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबलपुर में 19 वर्ष बाद तो इंदौर में छह वर्ष बाद फरवरी में इतनी गर्मी पड़ी है। भोपाल एवं ग्वालियर भी दो वर्ष बाद फरवरी इतना गर्म रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार शनिवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अभिलाष श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान पर बना प्रेरित चक्रवात अब और मजबूत होकर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। कम दबाव के क्षेत्र से महाराष्ट्र तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो गुजरात से होकर जा रही है। मौसम विभाग का यह है अनुमान मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि हवाओं का रुख दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है इसी क्रम में शुक्रवार को जबलपुर में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे अधिक तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस वर्ष 2006 में दर्ज किया गया था। वहीं, इंदौर में वर्ष 2019 के फरवरी माह के सर्वाधिक तापमान के बराबर 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे अधिक तापमान दोनों नगरों में वर्ष 2023 में 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।  

आज भारत की न्यूजीलैंड से होगी भिड़ंत, भारत की प्लेइंग 11 में हो सकता है 1 बदलाव

दुबई चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम आखिरी लीग मैचआज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसके बाद भी यह मैच महत्वपूर्ण होगा। इस मैच के नतीजे से यह तय होगा कि ग्रुप ए की अंक तालिका में पहले और दूसरे स्थान पर कौन होगा। इससे तय होगा कि सेमीफाइन में भारत किससे भिड़ेगा और न्यूजीलैंड का किससे सामना होगा। भारतीय टीम इस मैच में 1 बदलाव के साथ उतर सकती है। तेज गेंदबाजी विभाग में बदलाव हो सकता है। न्यूजीलैंड की टीम में पांच बाएं हाथ के बल्लेबाज की मौजूदगी और पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान मोहम्मद शमी की पिंडली में आई मामूली परेशानी के कारण भारतीय टीम प्रबंधन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को खिला सकता है। शुक्रवार के अभ्यास सत्र में इसके संकेत मिले तो पंजाब के इस तेज गेंदबाज के शमी की जगह लेने की पूरी संभावना है। शमी लंबे समय तक चोट से दूर रहने के बाद हाल ही में भारतीय टीम में लौटे हैं। अर्शदीप ने 13 ओवर फेंके अर्शदीप ने गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल की निगरानी में ट्रेनिंग ली और पूरे रनअप के साथ 13 ओवर फेंके, जबकि शमी ने कम रनअप के साथ केवल 6-7 ओवर फेंके। वह पूरी ताकत से गेंदबाजी नहीं कर रहे थे। 23 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी ने पारी का तीसरा ओवर फेंकने के तुरंत बाद फिजियो से अपने दाहिने पैर का उपचार करवाया था। शुक्रवार को ट्रेनिंग सत्र के दौरान खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज से पता चलता है कि भारत महत्वपूर्ण सेमीफाइनल से पहले शमी को एक बहुत जरूरी ब्रेक दे सकता है। गेंदबाजी लाइनअप में बदलाव के संकेत मीडिया से बातचीत में केएल राहुल इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि भारत प्रलोभन के बावजूद विजयी संयोजन में बदलाव करेगा या नहीं, लेकिन सहायक कोच रेयान डोएशेट ने बाद में शाम को संकेत दिया कि गेंदबाजी लाइनअप में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिए यह बड़ा मैच होगा। यह उनका 300वां वनडे मुकाबला होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें। भारत की संभावित प्लेइंग 11 रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। भारतीय टीम में हर कोई फिट, बदलाव की उम्मीद कम : केएल राहुल भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल का कहना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने जा रहे चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम ग्रुप स्टेज मैच के लिए मोहम्मद शमी और रोहित शर्मा दोनों ही उपलब्ध होंगे। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी मुश्किल में दिखे थे और उन्होंने अपना कोटा पूरा नहीं किया था। रोहित को भी हैमस्ट्रिंग में समस्या महसूस हुई थी। हालांकि भारतीय टीम एक हफ्ते के लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरने वाली है। राहुल ने कहा, “मुझे इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है, लेकिन इतना पता है कि हर कोई ठीक है। मुझे जहां तक पता है किसी के भी मैच मिस करने की चिंता नहीं है। शायद आज की ट्रेनिंग के बाद हमें अधिक जानकारी मिलेगी।” भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। इस मैच के दो दिन बाद यानि 4 मार्च को भारत को अपना सेमीफाइनल मैच खेलना है। लगातार पड़ रहे मैचों के बीच क्या भारतीय टीम किसी खिलाड़ी को आराम देने वाली है? तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत, स्पिनर वरूण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर अभी तक एक भी मैच नहीं खेले हैं। क्या आखिरी लीग मैच में उन्हें उतारा जा सकता है? यह पूछने पर राहुल ने कहा ,”मैं नेतृत्व समूह का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन मुझे यकीन है कि इसका लालच तो होगा। मैं इस स्थिति में पहले रहा हूं जब आपके पास खिलाड़ियों को आजमाने का मौका होता है। लेकिन मुझे नहीं पता कि यह चैंपियंस ट्रॉफी में होगा या नहीं। हमें सेमीफाइनल से पहले एक ही दिन का ब्रेक मिला है। अभी छह दिन का ब्रेक है और हम चाहते हैं कि सभी खिलाड़ियों को मौका मिले। यह मेरा विचार है, लेकिन पता नहीं कल शायद कुछ और हो।” विकेटकीपर राहुल को पता है कि उनके कारण ऋषभ पंत को बाहर बैठना पड़ रहा है। ये बात उनके दिमाग में चलती रहती है, लेकिन राहुल का कहना है कि इससे उनके खेलने के तरीके पर कोई असर नहीं पड़ता। राहुल ने कहा, “दबाव तो रहता ही है, मैं झूठ नहीं बोलूंगा। वो एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और हम सभी ने देखा है कि वो क्या कर सकते हैं। वो कितने आक्रामक हो सकते हैं और कितनी तेजी से मैच का रुख बदल सकते हैं। टीम के लिए भी हमेशा एक लालच रहता है चाहे जो भी कप्तान हो या कोच हो कि या तो उन्हें खिलाएं या मुझे। ये हमेशा चलता रहता है। लेकिन मेरे लिए अगर मुझे मौका दिया जाता है, तो मैं यही देखता हूं कि मैं टीम के लिए क्या सबसे अच्छा कर सकता हूं। “मैं ऋषभ से मुकाबला करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं और ना ही उनकी तरह खेलने की कोशिश करता हूं। जब उन्हें मौका मिलेगा तो वो भी किसी और की तरह खेलने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्हें उनके खेल और टीम को जो योगदान दे सकते हैं उसकी वजह से चुना जाता है और मेरे साथ भी वही बात लागू होती है। इसलिए मैं अपने खेल से चिपका रहता हूं और वही करने की कोशिश करता हूं जो मुझे सबसे अच्छा आता है।”  

करनैल सिंह स्टेडियम में आज से बहुप्रतीक्षित टी-20 त्रिकोणीय श्रृंखला खेली जायेगी

नयी दिल्ली भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की बधिर टीमों के बीच आज से नई दिल्ली के करनैल सिंह स्टेडियम में बहुप्रतीक्षित टी-20 त्रिकोणीय श्रृंखला खेली जायेगी। इस त्रिकोणीय श्रृंखला का आयोजन भारतीय बधिर क्रिकेट संघ (आईडीसीए) की ओर से किया जा रहा है। भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय बधिर क्रिकेट टीमें दो से आठ मार्च तक होने वाली श्रृंखला में भाग लेंगी। त्रिकोणीय श्रृंखला के बाद, भारतीय बधिर क्रिकेट टीम 10 से 12 मार्च तक ऑस्ट्रेलिया के साथ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय पुरुष चयन समिति द्वारा चुनी गयी भारतीय बधिर क्रिकेट टीम की अगुवाई वीरेंद्र सिंह करेंगे। टी-20 अंतरराष्ट्रीय त्रिकोणीय सीरीज की शुरुआत भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कल होने मैच से होगी और इसमें छह लीग मैच खेले जायेंगे। त्रिकोणीय श्रृंखला का फाइनल आठ मार्च को होगा। इस अवसर पर आईडीसीए के अध्यक्ष सुमित जैन ने कहा, “ यह त्रिकोणीय सीरीज विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह खेल की सच्ची भावना को प्रदर्शित करती है और तीन प्रमुख क्रिकेट देशों की बधिर क्रिकेट टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होगा। मेरी ओर से भी टीमों के खिलाड़ियों को शुभकामनायें। मैं विशेष रूप से हमारी भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन देखने के लिये उत्साहित हूं। यह हमारे खिलाड़ियों के लिये टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के रूप में स्थापित करने का बड़ा अवसर है। ” भारतीय बधिर टीम इस प्रकार है: वीरेंद्र सिंह (कप्तान), उमर अशरफ (विकेट कीपर), अभिषेक सिंह, आकाश सिंह, यशवंत नायडू, संजू शर्मा, संतोष कुमार मोहपात्रा, कुलदीप सिंह, विवेक कुमार, सुदर्शन ई, कृष्णा गौड़ा (विकेटकीपर), एम. श्रमित, सिबुन नंदा, अंकित जांगिड़ और शरीक मजीद।  

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं पर जोर, दुड़मा वाटरफॉल बना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

रायपुर छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दुड़मा वॉटरफॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है, जिससे यह अब पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है. छत्तीसगढ़ के विविध प्राकृतिक स्थलों में जलप्रपातों का विशेष स्थान है. ये जलप्रपात न केवल पर्यावरण की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यटकों के आकर्षण का भी प्रमुख केंद्र बनते हैं. ऐसा ही एक प्रसिद्ध जलप्रपात है दुड़मा वाटरफॉल, जो अपनी अविरल जलधारा, सुरम्य वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने दुड़मा वाटरफॉल को विकसित करके देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का शानदार काम किया है. ये वाटरफॉल आज देश और दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, और अब यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है. छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. ‘दुड़मा वाटरफॉल,’ इसी विरासत का अनमोल रत्न है जिसे राज्य के मुखिया ने बहुत ही कुशलता से संवारा है. ‘दुड़मा वाटरफॉल,’ अब न केवल स्थानीय लोगों के बीच बल्कि राज्यभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है. दुड़मा वाटरफॉल का सौंदर्य स्वर्ग से कम नहीं है. यहाँ का शांत वातावरण, दूर-दूर तक फैले पहाड़, झरने की तेज़ आवाज़ और आसपास की हरियाली इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत बनाती है. बारिश के मौसम में यह झरना अपनी पूरी भव्यता के साथ और भी खूबसूरत लगता है इसीलिए दूर-दूर से पर्यटक यहाँ इसकी अद्भुत छटा का आनंद लेने आते हैं.दुड़मा वॉटरफॉल, जो पहले स्थानीय लोगों तक ही सीमित था, अब सरकार की पहल से एक सुव्यवस्थित और आधुनिक पर्यटन स्थल में बदल चुका है. यहां अब आधुनिक विश्राम स्थल, वॉच टावर, सुरक्षा बैरिकेड्स, कैफेटेरिया और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जैविक कचरा प्रबंधन और सोलर लाइटिंग जैसी हरित पहल भी की गई हैं. दुड़मा वाटरफॉल का भौगोलिक परिचय दुड़मा वाटरफॉल भारत के प्रमुख झरनों में से एक है, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा में स्थित है. यह जलप्रपात माचकुंड नदी में स्थित है और लगभग 157 मीटर (515 फीट) की ऊँचाई से गिरता है यह जल प्रपात. इसके आसपास का क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और प्राकृतिक गुफाओं से घिरा हुआ है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है.प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यह जलप्रपात जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 28 किलोमीटर दूर छिंदगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत चिपुरपाल में स्थित है जहां तक पहुँचना राज्य सरकार के प्रयासों ने बहुत आसान और सुविधाजनक बना दिया है. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य राज्य में सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसे पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा”पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जिससे सड़क संपर्क, पार्किंग और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है. दुड़मा वाटरफॉल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व दुड़मा जलप्रपात का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत ज़्यादा है.स्थानीय आदिवासी समुदाय इसे पवित्र स्थल मानते हैं और यहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. माचकुंड नदी को भी धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है, जिससे इस स्थल की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रयास सरकार ने दुड़मा वाटरफॉल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं. इसमें सड़क निर्माण, रिसॉर्ट्स और होटल्स की स्थापना, ट्रेकिंग ट्रेल्स का विकास और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था शामिल है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह एक बेहतरीन उदाहरण है. सरकार और जिला प्रशासन की पहल से दुड़मा वाटरफॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है. यहाँ तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क, मिनी गार्डन, दुकानों, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं. दुड़मा वाटरफॉल की प्राकृतिक सुंदरता सोशल मीडिया पर भी वायरल है. वीडियो मेकर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने इस स्थल की मनमोहक तस्वीरों और वीडियो को साझा कर इसे और भी लोकप्रिय बना दिया है. दुड़मा में पिकनिक मनाने पहुंचे मडियम सोड़ी ने कहा, मैंने इस जगह की खूबसूरती के बारे में सुना था, लेकिन यहाँ आकर इसकी प्राकृतिक छटा को देखकर मन प्रसन्न हो गया. यह जगह परिवार के साथ समय बिताने के लिए शानदार है. वहीं दंतेवाड़ा जिले से आए मनसा बघेल ने बताया, मुझे दुड़मा की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली. मैंने अपने दोस्तों को यहाँ चलने के लिए कहा और हम सभी ने यहाँ आकर खूब आनंद लिया. दुड़मा वाटरफॉल के चारों ओर का हरा-भरा जंगल और ठंडी हवाएं इसे और भी खास बनाती हैं. यहाँ की शांतिपूर्ण और सुरम्य वातावरण पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है. यह जलप्रपात हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है, चाहे वह प्रकृति प्रेमी हों या एडवेंचर के शौकीन. दुड़मा वाटरफॉल को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. यहाँ आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मूलभूत ढांचे को और मजबूत किया गया है. इसके अलावा, पर्यटन विभाग भविष्य में और अधिक सुविधाओं को जोड़ने की योजना बना रहा है.छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा में दुड़मा वाटरफॉल ने एक नई पहचान बनाई है. यह स्थल न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका का भी साधन बन रहा है. पर्यटकों के उत्साह और साय सरकार की पहल से यह स्पष्ट है कि दुड़मा वाटरफॉल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थल बन चुका है. दुड़मा वाटरफॉल में पर्यटन और रोमांचक गतिविधियाँ दुड़मा वाटरफॉल केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं … Read more

12 मार्च से इंडिगो एयरलाइंस कर सकती है जयपुर, दिल्ली और मुंबई की सभी उड़ानें बंद

जैसलमेर होली से पहले जैसलमेर के निवासियों और पर्यटकों के लिए बुरी खबर सामने आई है। इंडिगो एयरलाइंस 12 मार्च के बाद जयपुर, दिल्ली और मुंबई के लिए अपनी सभी उड़ानें बंद कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो 13 मार्च से जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट पूरी तरह से वीरान हो जाएगा। सिविल एयरपोर्ट के निदेशक प्रमोद मीणा ने बताया कि इंडिगो ने फिलहाल 12 मार्च तक के लिए ही शेड्यूल जारी किया है, लेकिन उसके बाद हवाई सेवाओं को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। एयरलाइन की वेबसाइट पर 12 मार्च के बाद कोई बुकिंग उपलब्ध नहीं है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि उड़ानें अस्थायी रूप से बंद की जा सकती हैं। होली पर पर्यटन को झटका पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि होली के दौरान जैसलमेर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन इसी समय फ्लाइट सेवाओं का बंद होना पर्यटन उद्योग के लिए घाटे का सौदा साबित होगा। जैसलमेर में पर्यटन सीजन के दौरान करीब चार महीने तक हवाई सेवाएं संचालित होती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं। यदि पूरे साल उड़ानें जारी रहें तो न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को मेडिकल इमरजेंसी और अन्य आवश्यक यात्राओं में भी सहूलियत मिलेगी। पहले भी रुक चुकी हैं उड़ानें जैसलमेर में एयर कनेक्टिविटी की शुरुआत स्पाइसजेट ने की थी, जो समर और विंटर शेड्यूल के अनुसार अपनी सेवाएं संचालित करता था। 2021 में पर्यटन व्यवसायियों और स्पाइसजेट के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत घाटे की भरपाई का अनुबंध किया गया था। हालांकि, पर्याप्त यात्रियों की संख्या मिलने के कारण एयरलाइन को घाटा नहीं उठाना पड़ा। स्थायी हवाई सेवा की मांग स्थानीय लोगों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसलमेर में सालभर हवाई सेवाओं का संचालन जरूरी है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब देखना होगा कि इंडिगो इस फैसले पर पुनर्विचार करती है या नहीं, या फिर जैसलमेर एक बार फिर हवाई सेवाओं से वंचित रह जाता है।

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक की स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में बेहतर रैंकिंग के लिए दिए सख्त निर्देश

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में बेहतर रैंकिंग के लिए पुख्ता तैयारी के निर्देश दिए हैं. उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में सर्वेक्षण के दौरान मूल्यांकन के लिए प्रमुख दस मापदण्डों, 54 प्रमुख संकेतको एवं 166 सह-संकेतकों की जानकारी देते हुए सभी बिन्दुओं पर निकायों को वांछित तैयारियां रखने को कहा. इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्होंने इस संबंध में निकायों द्वारा अब तक की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय क्षेत्रों में दर्शनीय स्वच्छता के लिए सार्वजनिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित सफाई, ट्विन-बिन्स की उपलब्धता, शत-प्रतिशत ठोस अपशिष्ट संग्रहण एवं परिवहन, सीटीयू, ब्लैक स्पॉट, जीवीपी से मुक्त शहर, बैक-लेन. नालियों एवं जल-स्त्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने आगामी समीक्षा बैठकों में सभी नगरीय निकायों के स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के परिणामों की निकायवार समीक्षा करने की बात कही. निकायों के प्रदर्शन एवं रैंकिंग के विश्लेषण के बाद इसमें गिरावट पाए जाने पर राज्य शासन स्तर द्वारा कार्यवाही की जाएगी. उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में निकायों में लंबित विद्युत देयकों के निपटान एवं 15वें वित्त आयोग से संबंधित कार्यवाहियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी नगरीय निकायों को 15 दिनों में विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान तैयार कर संचालनालय भेजने को कहा.

मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक उन्नत अर्थव्यवस्था बनने की भारत की महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण: IMF

संयुक्त राष्ट्र भारत की विवेकपूर्ण नीतियों की सराहना करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी बोर्ड ने कहा है कि देश का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों को अपनाने में मदद कर सकता है. आईएमएफ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया, “भारत का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल करने के लिए जरूरी अहम और चुनौतीपूर्ण संरचनात्मक सुधारों को लागू करने में मदद कर सकता है.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आजादी के सौ साल पूरे होने की समय सीमा तय की है. रिपोर्ट में आईएमएफ के कार्यकारी निदेशकों ने भारतीय अधिकारियों की विवेकपूर्ण व्यापक आर्थिक नीतियों और सुधारों की सराहना की, जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और एक बार फिर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान दिया है. रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के वित्तीय क्षेत्र का स्वास्थ्य, मजबूत कॉरपोरेट बैलेंसशीट और अच्छा डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर दर्शाता है कि देश की वृद्धि दर मध्यम अवधि में तेज रहेगी. साथ ही जनकल्याण की योजनाएं भी जारी रहेंगी. रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि भू-आर्थिक विखंडन और धीमी घरेलू मांग से उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए, व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उचित नीतियां जारी रखना आवश्यक है. इसके अलावा, रिपोर्ट में भारत द्वारा हाल ही में घटाए गए टैरिफ का भी स्वागत किया गया है. इससे देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी. पिछले महीने पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटोमोबाइल से लेकर शराब तक कई प्रकार के आयात पर टैरिफ कम कर दिया था. “महिला भागीदारी को लेबर फोर्स में बढ़ाना चाहिए” आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा कि संरचनात्मक सुधार देश में उच्च-गुणवत्ता की नौकरियां पैदा करने और निवेश के लिए काफी जरूरी हैं. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत को लेबर मार्केट सुधारों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और महिला भागीदारी को लेबर फोर्स में बढ़ाना चाहिए.

हमने दो सीजन से अपने घरेलू मैदान पर खेलने का इंतजार किया है और अब यह सपना पूरा हो रहा है: दीप्ति शर्मा

लखनऊ वुमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के तीसरे सीजन में पहली बार यूपी वॉरियर्स की टीम अपने घरेलू मैदान, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में खेलेगी। टीम 28 फरवरी को लखनऊ पहुंची। दीप्ति शर्मा की कप्तानी वाली यह टीम 3 मार्च को गुजरात जायंट्स, 6 मार्च को मुंबई इंडियंस और 8 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगी। कप्तान दीप्ति शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमने दो सीजन से अपने घरेलू मैदान पर खेलने का इंतजार किया है और अब यह सपना पूरा हो रहा है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना हमेशा खास होता है, और हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं टीम के कोच जॉन लुईस ने कहा कि यूपी वॉरियर्स की सफलता के लिए अनुकूलनशीलता (एडप्टेबिलिटी) महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम के पास संतुलित संयोजन है और खिलाड़ी चुनौती के लिए तैयार हैं। युवा खिलाड़ी वृंदा दिनेश ने कहा, यूपी वॉरियर्स के लिए खेलना मेरे लिए बड़े गर्व की बात है। मैंने अब तक इस अनुभव का पूरा आनंद लिया है और लखनऊ में खेलने को लेकर उत्साहित हूं। कैप्री स्पोर्ट्स की निदेशक जिनिशा शर्मा ने कहा कि यूपी वॉरियर्स न केवल क्रिकेट में बल्कि महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और खेल के विकास में भी योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि टीम यूपी क्रिकेट एसोसिएशन और स्कूलों के साथ मिलकर युवा लड़कियों को क्रिकेट से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। यूपी वॉरियर्स डब्ल्यूपीएल 2025 टीम कप्तान: दीप्ति शर्मा (कप्तान), उमा छेत्री (विकेटकीपर), चिनेल हेनरी, पूनम खमनार, किरण नवगिरे, दिनेश वृंदा, जॉर्जिया वोल, ग्रेस हैरिस, अलाना किंग, तहलिया मैकग्राथ, श्वेता सेहरावत, अंजलि सरवानी, सोफी एक्लेस्टोन, राजेश्वरी गायकवाड़, साइमा ठाकोर, आरुषि गोयल, क्रांति गौड़, गौहर सुल्ताना।  

तमिलनाडु के IAS का शर्मसार करने वाला बयान, 3 साल की बच्ची ने यौन उत्पीड़न के लिए आरोपी को उकसाया

चेन्नै  तमिलनाडु में मायिलादुथुराई के कलेक्टर एपी महाभारती ने तीन साल की बच्ची से जुड़े POCSO केस पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि हो सकता है बच्ची ने खुद आरोपी लड़के को उकसाया हो। इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, शुक्रवार शाम को उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जगह इरोड नगर निगम के कमिश्नर एच एस श्रीकांत को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया। यह मामला एक 16 साल के लड़के का है। उस पर स्कूल जाने वाली एक 3 साल की छोटी बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। पुलिस ने बताया कि लड़के ने बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। जब बच्ची भागने लगी तो लड़के ने ईंट से उस पर हमला कर दिया। इससे बच्ची के सिर और चेहरे पर चोटें आईं। लड़के को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पॉक्सो ऐक्ट की मीटिंग में कही बात इस मामले में कलेक्टर महाभारती का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे POCSO एक्ट पर एक मीटिंग में बोल रहे हैं। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार उस बच्ची ने सुबह लड़के के चेहरे पर थूका था। हो सकता है इसी वजह से लड़के ने ऐसा किया हो। दोनों पक्षों को देखना ज़रूरी है।’ विवाद के बाद आईएएस ने दी सफाई विवाद के बाद एपी महाभारती ने सफाई दी। उन्होंने कहा, ‘मेरे कमेंट्स को गलत तरीके से लिया गया।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा इरादा गलत नहीं था। मैंने अच्छे इरादे से यह बात कही थी।’ भड़के अन्नामलाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने इस मामले में कलेक्टर की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ‘मायिलादुथुराई के जिला कलेक्टर ने दावा किया है कि साढ़े तीन साल की पीड़िता भी इस भयानक यौन उत्पीड़न मामले में कुछ हद तक दोषी है। BJP तमिलनाडु की तरफ से हम उनकी इस शर्मनाक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं।’ अन्नामलाई ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार पीड़ितों को दोष देते रहे हैं और उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक करते रहे हैं। यही वजह है कि जिला कलेक्टर ने ऐसा बयान दिया है।’ डीएमके सांसद ने भी सुनाई द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी ने भी इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोग खुद को पढ़ा-लिखा या इंसान कैसे कह सकते हैं? और हमसे ऐसी बातें सहन करने की उम्मीद क्यों की जाती है?’ यह घटना एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि बच्चों के यौन उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मामलों में अधिकारियों को किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। कलेक्टर का बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और इससे पीड़िता और उसके परिवार को और भी तकलीफ पहुंची है। इस मामले में सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे बयान न दिए जाएं। बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और हमें इसके लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए।

भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अपील,डामर की सड़कों पर ना करें होलिका दहन

भोपाल  मध्य प्रदेश में हर साल होलिका दहन का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसे लेकर शहर के कामकाजी लोगों में खासा उत्साह देखा जाता है। भाग दौड़ वाली जिंदगी से खुशी के कुछ पल निकालकर वे लोग अपनों के साथ मस्ती मजाक करने बाहर आते हैं। उन्हे इस दौरान अपनी कुछ जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। ऐसा मानना है भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का। उन्होंने शहरवासियों से होलिका दहन सड़कों पर न करने की अपील की है। होलिका दहन से सड़कों को नुकसान पहुंचता है और करोड़ों रुपये का खर्चा आता है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को पत्र भी लिखा है। उन्होंने होलिका दहन के लिए सड़कों के अलावा दूसरी जगहों पर व्यवस्था करने को कहा है। यह अपील खासतौर पर होलिका दहन के त्यौहार से पहले की गई है। ताकि समय रहते इस पर एक्शन लिया जा सके। डामर पर होलिका दहन से रोड को नुकसान भोपाल में हजारों जगहों पर होलिका दहन होता है। कई लोग डामर की सड़कों पर ही होलिका दहन कर देते हैं। इससे सड़कें खराब हो जाती हैं और डामर पिघल जाता है। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का मानना है कि इस वजह से हर साल काफी आर्थिक का नुकसान होता है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए शहर की सड़कों की मरम्मत की गई थी। अब इन नई सड़कों को नुकसान से बचाना जरूरी है। ताकि लंबे समय तक लोग इनका लाभ उठा सकें। सूर्यवंशी ने लोगों से होलिका दहन सड़कों पर न करने का आग्रह किया है। उन्होंने होलिका दहन के लिए ऐसी जगह चुनने को कहा है जहां डामर न हो। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और नगर निगम के पैसे की भी बचत होगी। उनका मानना है कि लोग अनजाने में ही सड़कों पर होलिका दहन कर देते हैं। इसलिए इस बार लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

छत्तीसगढ़ में दिखा पानी पर घोंसला बनाने वाला दुर्लभ पक्षी ब्लैक-नेक्ड ग्रीब

खैरागढ़. छत्तीसगढ़ में पहली बार दुर्लभ पक्षी ब्लैक-नेक्ड ग्रीब देखा गया है, जो प्रदेश की जैव विविधता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. बिलासपुर के कोपरा डैम में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है. यह पक्षी विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी खोज मानी जा रही है. छत्तीसगढ़ में इस दुर्लभ पक्षी के दिखने का यह पहला रिकॉर्ड है. 14 दिसंबर, 2024 को एक नियमित बर्डवॉचिंग सर्वे के दौरान डॉ. लोकश शरण ने इस अनोखे पक्षी को देखा, उसी समय इसकी तस्वीरें भी खींची गई. बाद में, इन तस्वीरों को विशेषज्ञों और विश्वसनीय वैज्ञानिक स्रोतों से मिलाने के बाद पुष्टि हुई कि यह वास्तव में ब्लैक-नेक्ड ग्रीब ही है. इस खोज के बाद, बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी और शोधकर्ता कोपरा डैम पहुंचने लगे. अनुराग विश्वकर्मा और उनकी टीम द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आया कि यहां 113 पक्षी प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है, जिनमें पेंटेड स्टॉर्क, वूली-नेक्ड स्टॉर्क, मिस्र का गिद्ध, यूरेशियन कर्ल्यू और ब्लैक-टेल्ड गॉडविट जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां शामिल हैं. लेकिन अब ब्लैक नेक्ड ग्रीब का यहां देखे जाने से पक्षी विज्ञानियों की जिज्ञासा बढ़ा दी है. ब्लैक-नेक्ड ग्रीब अपनी अनूठी बनावट के कारण आसानी से पहचाना जा सकता है. इसकी गहरी लाल आंखें, माथे का उठा हुआ भाग और सिर पर काले रंग की टोपी जैसी आकृति, जो आंखों के नीचे तक फैली होती है, इसे अन्य ग्रीब प्रजातियों से अलग बनाती है. यह आकार में छोटे लिटिल ग्रीब और बड़े ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब के बीच होता है. यह पक्षी आमतौर पर यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के ठंडे इलाकों में पाया जाता है और सर्दियों में प्रवास करते हुए भारत के कुछ हिस्सों में पहुंचता है. यह पानी पर तैरते हुए घोंसले बनाता है, जो जलीय पौधों और घास से बने होते हैं. हर साल, इसके उड़ने वाले पंख झड़ जाते हैं, जिससे यह 1-2 महीने तक उड़ नहीं पाता. दिलचस्प बात यह है कि यह दुनिया के सबसे सामाजिक ग्रीब प्रजातियों में से एक है और हजारों की संख्या में झुंड बनाकर प्रवास करता है. खासकर सर्दियों में जब यह नमकीन समुद्री झीलों की ओर जाता है. क्या कोपरा डैम बन सकता है नया प्रवासी ठिकाना? बिलासपुर से 12-13 किमी की दूरी पर स्थित कोपरा डैम को सिंचाई और पेयजल स्रोत के रूप में जाना जाता है. लेकिन ब्लैक-नेक्ड ग्रीब की मौजूदगी यह संकेत देती है कि यह जगह प्रवासी पक्षियों के लिए एक नया ठिकाना बन सकती है. इससे पहले यह प्रजाति गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और गंगा के मैदानी इलाकों में देखा गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में पहली बार इसका दस्तावेजीकरण हुआ है. इस खोज को उत्तर प्रदेश जर्नल ऑफ जूलॉजी ने वॉल्यूम-46 में 28 फरवरी 2025 को प्रकाशित किया है. यह शोध प्रकृति शोध एवं संरक्षण सोसाइटी के डॉ. लोकेश शरण और प्रतीक ठाकुर ने लिखा है. आने वाले समय में कोपरा डैम और आसपास के क्षेत्रों में दूसरे दुर्लभ पक्षियों का भी दस्तावेजीकरण किया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह स्थान प्रवासी पक्षियों के अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है. ब्लैक-नेक्ड ग्रीब की यह उपस्थिति सिर्फ एक नई प्रजाति की खोज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस खोज से यह भी साबित होता है कि राज्य में अभी कई अनदेखे प्राकृतिक रहस्य छिपे हुए हैं, जिन्हें खोजे जाने की जरूरत है. पक्षी प्रेमियों, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे छत्तीसगढ़ को बर्डवॉचिंग के एक नए गंतव्य के रूप में उभरने का मौका मिल सकता है.

गुड़ी रेंज में वन भूमि पर से 1600 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराई, अब बनेंगे वॉच टॉवर

खंडवा जिले के गुड़ी रेंज में वन भूमि पर काबिज अतिक्रमण कारियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। नहारमाल बीट से कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक 1600 एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है। इसके साथ ही अब इस जमीन को अतिक्रमण कारियों से बचाने के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। दरअसल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदे जा रहे हैं। इससे की यहां फिर से खेती नहीं हो सके। अब वाच टावर से निगरानी वन विभाग गुड़ी रेंज में वॉचटावर से निगरानी की तैयारी में है। जंगल में गश्त करने के साथ ही वॉचटावर से भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए पांच वॉचटावर बनाए जाने का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा है। वॉचटावर में वनकर्मी और वन सुरक्षा समिति के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। हर एक वॉचटावर में एक कमरा भी होगा। जहां वनकर्मी रह भी सकेंगे। फिलहाल इस क्षेत्र में एक भी पक्का वॉचटावर नहीं है। इससे की कर्मचारी यहां रहकर निगरानी कर सके। जहां वन चौकी बनना थी वहीं अब वॉच टॉवर गुड़ी रेंज के पास ही सरमेश्वर रेंज के सीताबेड़ी बीट में वन चौकी बनना तय थी। चौकी के भवन के लिए खड़ी की गई दीवारों को अतिक्रमण कारियों ने तोड़ दिया था, मलबा भी फैलाकर चले गए थे। कई बार अतिक्रमणकारियों ने रात में आकर काम को रुकवा दिया था। इसके बाद अब यहां वॉचटावर बनाए जाने की तैयारी की गई है। इसके लिए वन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।     डीएफओ राकेश कुमार डामोर ने बताया वन भूमि को अतिक्रमण से बचाने पांच वॉचटॉवर का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा है। वॉचटॉवर से निगरानी में आसानी होगी। वनकर्मियों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी।

भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 5.8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जानें इंदौर-ग्वालियर का हाल

भोपाल  ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में मध्य प्रदेश को ₹26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। यह समिट दो दिन चला। भोपाल को सबसे ज़्यादा ₹5.8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इंदौर और उज्जैन को लगभग ₹4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। अडानी ग्रुप, टोरेंट पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और अवाडा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों ने निवेश का वादा किया। ये निवेश रिन्यूएबल एनर्जी, हॉस्पिटैलिटी, माइनिंग, फ़ूड प्रोसेसिंग, IT, डेटा सेंटर और अर्बन डेवलपमेंट जैसे कई क्षेत्रों में होंगे। भोपाल संभाग में सबसे अधिक दिलचस्पी भोपाल और आसपास के इलाकों में ग्रीन एनर्जी, एविएशन, हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स, हेल्थकेयर, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और अर्बन डेवलपमेंट में निवेश की खास रुचि दिखाई गई। NHAI ने इंदौर-भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना का ऐलान किया। इस प्रोजेक्ट में ₹1.3 लाख करोड़ का निवेश होगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ MoU साइन हुआ है। यह MoU जमीन अधिग्रहण और स्थानीय सहायता के लिए है। केन्स टेक्नोलॉजी ने भोपाल के IT पार्क में SMT मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹352 करोड़ निवेश करने का वादा किया है। इससे करीब 1,650 नौकरियां पैदा होंगी। InAvia Aviation Consultants GmbH और MP सिविल एविएशन के बीच ₹500 करोड़ के निवेश से भोपाल में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल यूनिट बनाने के लिए MoU साइन हुआ। प्रधान एयर के साथ एक और MoU हुआ। इसके तहत ₹150 करोड़ के निवेश से मध्य प्रदेश में उज्जैन एयर नाम की एक छोटी इंट्रा-स्टेट एयरलाइन शुरू होगी। नीतियां कर रहीं आकर्षित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च भोपाल में अपनी एक सुविधा स्थापित करेगा। इससे क्षेत्र के शैक्षणिक और अनुसंधान परिदृश्य को और समृद्ध करेगा। MPIDC के मैनेजिंग डायरेक्टर चंद्रमौली शुक्ला ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि हर सेक्टर पर केंद्रित नई नीतियों से प्रमुख निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने में मदद मिली है। आकर्षक नीतियों और राज्य में भूमि की उपलब्धता के कारण लगभग हर क्षेत्र ने शिखर सम्मेलन में निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इंदौर क्षेत्र में बहुत सारी पूछताछ हुई थी। शिखर सम्मेलन के दौरान विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन और शहरी विकास ने अधिकतम निवेश के इरादे हासिल किए हैं। यानी हर सेक्टर के लिए नई नीतियां बनाई गई हैं। इससे निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिली है। राज्य में अच्छी नीतियां और ज़मीन उपलब्ध होने के कारण लगभग हर क्षेत्र को निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर क्षेत्र में निवेशकों ने काफी पूछताछ की। सबसे ज़्यादा निवेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, माइनिंग और अर्बन डेवलपमेंट में आए हैं। इंदौर में भी दिलचस्पी इंदौर क्षेत्र ने ₹4.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए। इंदौर में टोरेंट पावर और अक्षत ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड ने बड़े निवेश का वादा किया है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में, इंडो यूरोपियन रिसर्च एंड हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, रुसान फार्मा लिमिटेड, अल्फा लैबोरेटरीज लिमिटेड और मयंक वेलफेयर सोसाइटी इंडेक्स सिटी हॉस्पिटल ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह समिट मध्य प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रस्तावों से लाखों नौकरियां पैदा होंगी। यह समिट राज्य के विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है संभाग- निवेश की प्रस्तावित राशि     भोपाल – 5 लाख 82 हजार 93 करोड़     उज्जैन- 4 लाख 77 हजार 506 करोड़     शहडोल – 1 लाख 58 हजार 402 करोड़     जबलपुर – 1 लाख 6 हजार 970 करोड़     रीवा – 68 हजार 475 करोड़     इंदौर– 4 लाख 76 हजार 245 करोड़     नर्मदापुरम– 2 लाख 93 हजार 522 करोड़     सागर – 53 हजार 657 करोड़     चंबल – 52 हजार 92 करोड़     ग्वालियर – 27 हजार 363 करोड़     कुल- 22 लाख 96 हजार 325 करोड़ रुपए गौरतलब है कि एमपी में निवेशकों को लुभाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले रीजनल समिट आयोजित किए गए थे। रीजनल समिट के जरिए सरकार की कोशिश की थी कि हर क्षेत्र में विकास हो। उसका भी प्रभाव देखने को मिला है।

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