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एसी के ब्लास्ट होने से अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में लगी आग, अफरा-तफरी मची, जान बचाते हुए गिरी लड़कियां

नई दिल्ली ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में एक बड़ी घटना घटी, जब अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एक एयर कंडीशनर (एसी) के ब्लास्ट होने से लगी, और ये आग इतनी तेजी से फैल गई कि हॉस्टल में मौजूद लड़कियां किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में कामयाब हुईं। आग के दौरान कुछ लड़कियां हॉस्टल की बालकनी से लटकते हुए और सीढ़ियों का सहारा लेते हुए बाहर निकलीं। एक सोशल मीडिया वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियां अपनी जान की परवाह किए बिना बिल्डिंग से उतरने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन एक लड़की का संतुलन बिगड़ जाता है और वह फर्स्ट फ्लोर से गिरकर नीचे गिर जाती है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गिरने के बाद लड़की को चोट लगने की आशंका जताई जा रही है, जबकि आसपास के लोग उसकी मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हॉस्टल में आग के चलते धुएं का गुबार भी दिखाई दे रहा था, जिससे हालात और खतरनाक हो गए थे। वीडियो में एक लड़की एसी के आउटडोर यूनिट पर बैठकर नीचे उतरने की कोशिश करती है, लेकिन सीढ़ियों पर पैर रखने से पहले ही उसका पैर फिसल जाता है और वह गिर जाती है। इस घटना को देख रहे लोग घबराए हुए थे और जल्दी से उसे मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना न केवल हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दिल्ली एनसीआर में हजारों छात्र-छात्राएं पीजी और हॉस्टल में रहते हुए अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण ऐसी घटनाओं का सामना करते हैं। सरकार की अनदेखी और सुरक्षा नियमों की अवहेलना के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो किसी भी छात्र के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

फिल्म द भूतनी से संजय दत्त का पहला लुक पोस्टर रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड के माचो हीरो संजय दत्त की आनेवाली फिल्म द भूतनी से उनका पहला लुक पोस्टर रिलीज हो गया है। संजय दत्त पिछले कुछ समय से अपनी आगामी फिल्म ‘द भूतनी’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।यह फिल्म इस साल की बहुचर्चित फिल्मों में से एक है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।मेकर्स ने इस फिल्म से संजय दत्त का पहला लुक पोस्टर जारी किया, पोस्टर में वह ‘बाबा’ के रूप में नजर आ रहे हैं। संजय दत्त के अलावा इस फिल्म के स्टारकास्ट मॉनी रॉय, सनी सिंह, पलक तिवारी के पोस्टर भी जारी किए गए हैं। संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया। साथ में पोस्ट में लिखा, जिनसे भूत, प्रेत, जिन और पिशाच भी जाएंगे डर के भाग, बाबा लगाएंगे सबकी वाट। ट्रेलर 29 मार्च को। भूतनी के लिए तैयार हो जाइए, 18 अप्रैल से सिनेमाघरों में। संजय दत्त फिल्म द भूतनी में बाबा का रोल निभाएंगे।पोस्टर में उन्हें एक पेड़ की शाखाओं से बंधा हुआ दिखाया गया है, जबकि उनके हाथ में आग की लपटों में घिरी दो तलवारें नजर आ रही हैं। फिल्म द भूतनी में मॉनी रॉय, सनी सिंह, पलक तिवारी, आसिफ खान जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन सिद्धांत सचदेव ने किया और इसका लेखन भी उन्होंने ही किया है। संजय दत्त ने इस फिल्म का निर्माण दीपक मुकुट के साथ किया है।  

फ़िल्म सिकंदर के गाना हम आपके बिना का टीजर रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान ख़ान और रश्मिका मन्दाना स्टारर फ़िल्म सिकंदर के गाना हम आपके बिना का टीजर रिलीज़ कर दिया गया है। फ़िल्म सिकंदर जैसे-जैसे रिलीज़ के करीब आ रही है, वैसे-वैसे एक्साइटमेंट भी ऊंचाई पर पहुंच रहा है। इसी बीच मेकर्स ने फिल्म की रोमांटिक झलक पेश ‘हम आपके बिना’ गाने के साथ पेश की है। गाने का टीज़र रिलीज़ कर दिया गया है, जबकि पूरा गाना आज शाम चार बजे रिलीज किया जाएगा। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर टीज़र शेयर करते हुए लिखा,मोहब्बत जो वक्त से परे है! #हमआपकेबिना सांगआज 4 बजे होगा आउट! गाना ‘हम आपके बिना’ को अरिजीत सिंह ने अपनी सुरीली आवाज़ दी है। इसका संगीत प्रीतम ने तैयार किया है और इसके बोल समीर ने लिखे हैं। फिल्म सिकंदर का निर्देशन ए.आर. मुरुगदॉस ने किया है और फ़िल्म का निर्माण साजिद नाडियाडवाला ने किया है।सिकंदर’, 30 मार्च को ईद के मौके पर रिलीज़ होगी।  

सुकून के साथ कॅरियर की उड़ान भरे मानवअधिकारों में

भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां कॅरिअर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानव अधिकार एक चिर-परिचित क्षेत्र है। परन्तु, यह जानना व समझना सचमुच महत्वपूर्ण है कि मानव अधिकारों की पकड़ व समझ आपको बेहतर भविष्य के साथ-साथ मानवता के कल्याण का सहभागी भी बना सकती है। राजगार विशेषज्ञ मनु सिंह बताते हैं कि मानवाधिकार राष्ट्रीयता, निवास-स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या नैतिक स्रोत, रंग, धर्म, भाषा या किसी अन्य स्थिति से परे सभी व्यक्तियों में निहित अधिकार हैं। हम सभी, बिना किसी भेदभाव के अपने मानवाधिकार के समान रूप से हकदार हैं। ये अधिकार परस्पर संबंधी, एक-दूसरे पर आश्रित होते हैं। सार्वभौमिक मानवाधिकारों को प्रायः समझौतों, प्रचलित अंतर्राष्ट्रीय विधि, सामान्य सिद्धांतों तथा अंतर्राष्ट्रीय विधि के अन्य स्रोतों के रूप में विधि द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा इनका आश्वासन दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि व्यक्तियों या समूहों के मानवाधिकारों तथा मूलभूत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए कई रूपों में कार्य करने एवं कई कृत्यों से दूर रहने के दायित्व निर्धारित करते हैं। आखिर मानव अधिकार क्या हैं? सबसे पहले यह जान लें कि मानवाधिकार संविधान में निम्नलिखित बातें शामिल हैंः-सुरक्षा अधिकार-जो व्यक्तियों की, हत्या, जनसंहार, उत्पीड़न तथा बलात्कार जैसे अपराधों से रक्षा करते हैं। स्वतंत्रता अधिकार-जो विश्वास एवं धर्म, संगठनों, जन-समुदायों तथा आंदोलन जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। राजनीतिक अधिकार-जो स्वयं को अभिव्यक्ति, विरोध, वोट देकर तथा सार्वजनिक कार्यालयों में सेवा द्वारा राजनीति में भाग लेने की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। उपयुक्त कार्यवाही अधिकार-जो मुकदमे के बिना कैद करने, गुप्त मुकदमे चलाने तथा अधिक सजा देने जैसी विधिक प्रणाली के दुरूपयोग से रक्षा करते हैं। समानता अधिकार-जो समान नागरिकता, विधि के समक्ष समानता एवं पक्षपात रहित होने का आश्वासन देते हैं। कल्याण अधिकार (ये आर्थिक तथा सामाजिक अधिकारों के रूप में जाने जाते हैं)। जिनमें शिक्षा का तथा अत्यंत निर्धनता और भुखमरी से रक्षा का प्रावधान है। सामूहिक अधिकार-जो विजाति-संहार के विरुद्ध एवं देशों द्वारा उनके राष्ट्रीय क्षेत्रों तथा संसाधनों के स्वामित्व के लिए समूहों को रक्षा प्रदान करते हैं। पारस्परिक निर्भरता व निष्पक्षता सभी मानवाधिकार अविभाज्य हैं, भले ही वे नागरिक या राजनीतिक अधिकार हों, ऐसे ही अधिकार विधि के समक्ष जीवन, समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार, आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार, कार्य करने, सामाजिक सुरक्षा तथा शिक्षा के अधिकार और इसी तरह विकास एवं स्व-निर्धारण के अधिकार अहरणीय, परस्पर एक दूसरे पर निर्भर और परस्पर जुड़े हुए हैं। एक अधिकार में सुधार लाने से अन्य अधिकारों के विकास में सहयता मिलती है। इसी तरह एक अधिकार के हरण से अन्य अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। निष्पक्षता अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि में एक मजबूत सिद्धांत है। यह सिद्धांत सभी बड़े मानवाधिकार समझौते में व्याप्त है और कुछ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सम्मेलनों जैसे कि सभी प्रकार के जातीय भेदभावों के उन्मूलन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभावों ने उन्मूलन से जुड़े सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को प्रस्तुत करता है। यह सिद्धांत सभी मानवाधिकारों तथा स्वतंत्रता के संबंध में सभी पर लागू होता है और यह सिद्धांत, लिंग, जाति, रंग तथा ऐसे अन्य वर्गों की सूची के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। समानता का सिद्धांत निष्पक्षता के सिद्धांत का पूरक है। यह सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा में उल्लिखितय इस अनुच्छेद-1 में उल्लिखित इस तथ्य से भी प्रकट होता है कि सभी मनुष्य जन्म से ही स्वतंत्र होते हैं तथा मान-सम्मान तथा अधिकारों में भी समान होते हैं। अधिकार और जिम्मेदारी भी मानवाधिकार अधिकारों तथा दायित्वों-दोनों को अपरिहार्य बनाते हैं। राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत दायित्वों तथा कार्यों को, मानवाधिकारों को आदर देने, उनकी रक्षा करने तथा उन्हें पूरा करने वाला मानते हैं। आदर देने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मानवाधिकारों के प्रयोग में हस्तक्षेप करने से अथवा उसके प्रयोग को घटाने से बचना चाहिए। रक्षा के दायित्वों के संबंध में राष्ट्रों को, मानवाधिकारों के दुरूपयोगों से व्यक्तियों या समूहों की रक्षा करनी चाहिए। पूरा करने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मूल मानवाधिकारों के प्रयोगों के कारगर बनाने के लिए सकारात्मक रूख अपनाना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर पर, जब कि हम अपने मानवाधिकारों के हकदार हैं, हमें अन्यों के मानवाधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए। मानवाधिकार संगठन भारत में मानवाधिकार अभी भी अपने विकास चरण में है। फिर भी इस क्षेत्र में विशेषज्ञता कर रहे छात्रों के लिए अनेक अवसर खुले हुए हैं। विकलांगों, अनाथ, दीन-हीन, शरणार्थियों, मानसिक विकलांगों तथा नशीले पदार्थ सेवियों के साथ कार्य करने वाले समाजसेवी संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों में करियर के अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार व्यवसायी सामान्यतः मानवाधिकार एवं नागरिक स्वतंत्रता के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्थापित गैर-सरकारी संगठनों में भी कार्य कर सकते हैं। ये गैर-सरकारी संगठन मानवाधिकार सक्रियतावाद, आपदा एवं आपातकालीन राहत, मानवीय सहायता बाल एवं बंधुआ मजदूरों, विस्थापित व्यक्तियों, संघर्ष समाधान तथा अन्यों में सार्वजनिक हित के मुकदमेबाजी के क्षेत्र में भी कार्य करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों को, मानवाधिकार में विशेषज्ञता करने वाले व्यक्तियों की निररंतर तलाश रहती है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संगठन भी शामिल हैं। भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां कॅरिअर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने की संभावना है। पाठ्यक्रम अवधि … Read more

मध्यप्रदेश को आगामी दो से तीन वर्षों में दो चरणों में 1230 मेगावॉट विद्युत की अतिरिक्त उपलब्धता रहेगी

भोपाल मध्यप्रदेश को आगामी दो से तीन वर्षों में दो चरणों में 1230 मेगावॉट विद्युत की अतिरिक्त उपलब्धता रहेगी। इसके लिये बिजली कंपनी के मुख्यालय जबलपुर में आरईसी ने अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को ट्रांसमिशन एसपीव्ही सौंपा। इस परियोजना के तहत मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड के बंधौरा (सिंगरौली) पॉवर जनरेटिंग प्लांट से मध्यप्रदेश के हिस्से की 1230 मेगावॉट विद्युत निकासी के लिये ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार किया जाना है। पारेषण अद्योसंरचना होगी विस्तारित एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता देवाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने 1230 मेगावॉट विद्युत प्रदाय हेतु मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड से पॉवर परचेस अनुबंध किया था। मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड द्वारा 2X800 मेगावॉट क्षमता के पॉवर जनरेटिंग प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। पॉवर प्लांट से मध्यप्रदेश के हिस्से की 1230 मेगावॉट विद्युत निकासी हेतु नियामक आयोग के विनियमानुसार टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धा बोली प्रक्रिया के अंतर्गत पारेषण अधोसंरचना के विस्तार हेतु मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी/एस.टी.यू. से अनुरोध किया गया था। शासन ने निविदा प्रक्रिया समन्वयक (बी.पी.सी.) के लिये आर.ई.सी.पी.डी.सी.एल. (आरईसी पॉवर डेवलपमेंट एंड कंसलटेंसी लिमिटेड) को नियुक्त किया। टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धा बोली (टीबीसीबी) में मेसर्स अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 2000 करोड़ रूपये की इस परियोजना को अन्य बिडर्स के मध्य न्यूनतम दर के आधार पर हासिल करने में सफलता प्राप्त की। पारेषण सेवा अनुबंध हस्ताक्षरित चक्रवर्ती ने जानकारी दी कि वैधानिक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी एवं मेसर्स अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के मध्य पारेषण सेवा अनुबंध (ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित हुये, जिसके तहत टी.बी.सी.बी. में 400 के.व्ही., 220 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. की विभिन्न ट्रांसमिशन लाइनों सहित दो 400 के.व्ही. के सब-स्टेशन रीवा (सगरा) एवं अमरपाटन (मैहर) में स्थापित किये जाने है।

वुडबॉल नेशनल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन, जीते 3 गोल्ड, 4 सिल्वर और 6 ब्रांज

गरियाबंद नागपुर में आयोजित वुडबॉल नेशनल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपनी शानदार प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन कर दिया है. 23 मार्च से 26 मार्च तक चले इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने कुल 3 गोल्ड, 4 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल जीते.  इस टीम में गरियाबंद के कलेक्टर दीपक अग्रवाल भी शामिल थे, जिन्होंने सीनियर केटेगरी में 1 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. वुडबॉल नेशनल चैंपियनशिप : महाराष्ट्र वुड बॉल संघ द्वारा नागपुर में आयोजित इस 4 दिवसीय नेशनल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ वुड बॉल संघ से सीनियर और जूनियर कैटेगरी में 20 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लिया. मेडल प्राप्त करने वाले अन्य खिलाड़ी: गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने अपनी शानदार प्रदर्शन से सीनियर स्ट्रोक डबल कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता.  उन्होंने महज 22 स्ट्रोक में 6 गेट पार कर यह सम्मान प्राप्त किया.  वहीं सिंगल कैटेगरी में उन्होंने टॉप 6 खिलाड़ियों में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता. इसके अलावा, दीपक अग्रवाल की टीम के विपुल कुमार दास, दुर्गा भोईहर और शालिनी केवट की जोड़ी ने स्ट्रोक इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया. छत्तीसगढ़ के लिए मेडल जीतने वाले अन्य खिलाड़ी हैं – आकाश दुबे, अभिशेष पांडेय, विशाल पोपाट, जयेश तिवारी, श्रृंगी, आफताब, पूजा चौधरी, नवीन गुप्ता, पूजा साहू, चंचल खुटे, अरना कुलश्रेष्ठ, पुष्कर साहू, दिव्या भगत, मनुप्रिया खेमका, शिवानी, और सुनीता बघेल.  इन खिलाड़ियों ने सीनियर और जूनियर केटेगिरी में डबल और सिंगल इवेंट्स में भाग लेकर मेडल जीते. यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ वुड बॉल संघ की लगातार मेहनत और खिलाड़ियों के समर्पण को दर्शाता है, जिससे राज्य का नाम वुडबॉल खेल में रोशन हुआ है.

iPhone यूजर्स WhatsApp को अपने डिफॉल्ट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप के रूप में कर सकेंगे सेट

नई दिल्ली Apple ने iOS 18.2 अपडेट के साथ iPhone यूजर्स को थर्ड-पार्टी ऐप्स को डिफॉल्ट मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप सेट करने की सुविधा दी थी। अब जल्द ही iPhone यूजर्स WhatsApp को अपने डिफॉल्ट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप के रूप में सेट कर सकेंगे। WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के iPhone बीटा वर्जन 25.8.10.74 के कुछ यूजर्स को यह फीचर मिल रहा है। यानी, जब भी कोई यूजर किसी ऐप में किसी नंबर पर टैप करेगा, तो कॉल या मैसेज के लिए Apple के Phone और Messages ऐप की बजाय WhatsApp का इस्तेमाल होगा। सभी यूज़र्स के लिए कब आएगा यह फीचर? यह फीचर फिलहाल चुनिंदा WhatsApp बीटा यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है। अभी यह साफ नहीं है कि इसे सभी यूजर्स के लिए कब तक रोलआउट किया जाएगा। WhatsApp इससे पहले भी बहुत सारे फीचर्स लेकर आया है। व्हाट्सऐप स्टेटस को लेकर भी नया फैसला लिया गया है। व्हाट्सऐप स्टेटस लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो एक नया फीचर लाया गया है। WhatsApp की तरफ से iOS ऐप के लिए नया फीचर लाया गया था। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपने वॉट्सऐप स्टेटस में म्यूजिक को शेयर कर पाएंगे। स्टेटस इंटीग्रेड होगा आसान बीटा ट्रैकर की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई थी, इसमें कहा गया था कि इस लेटेस्ट फीचर को वॉट्सऐप के लेटेस्ट बीटा वर्जन में स्पॉट किया गया है। वॉट्सऐप यूजर्स जिस म्यूजिक को स्टेटस में शेयर करना चाहते हैं, उसे अपने स्टेटस में इंटीग्रेट कर पाएंगे। यह फीचर यूजर्स के वाट्सऐप स्टेटस लगाने की प्रक्रिया को आसान बना देगा। जबकि इससे पहले तक यूजर्स को म्यूजिक को कॉपी और पेस्ट करना होता था, उसके बाद उसे शेयर करना होता है। लेकिन अब म्यूजिक को स्टेटस पर शेयर करना आसान हो गया है। Spotify से हाथ मिला रहा व्हाट्सऐप व्हाट्सऐप की तरफ से फीचर ट्रैकर के लिए Spotify से इंटीग्रेट कर रहा है। यहां यूजर्स को प्रीव्यू का ऑप्शन भी दिया जाएगा। दूसरी तरफ वॉट्सऐप चैट और चैनल के लिए नया मोशन फोटो शेयर करने का फीचर दिया जा रहा है। कंपनी की तरफ से बहुत जल्द इस सर्विस की शुरुआत की जा सकती है। इस नए फीचर में यूजर्स को फोटो लेते समय रिकॉर्ड किए गए ऑडियो और वीडियो के साथ एक शार्ट क्लिप शेयर करने की सुविधा भी दी जाती है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में ये नया फीचर देखने को मिल सकता है। iOS यूजर्स लाइव फोटो के लिए इसका इस्तेमाल कर पाएंगे।

CID में नजर आएंगे डायरेक्टर और एक्टर तिग्मांशु धूलिया

मुंबई पॉपुलर क्राइम टीवी शो ‘सीआईडी’ में अब डायरेक्टर और एक्टर तिग्मांशु धूलिया नजर आएंगे। उन्होंने साढ़े छह साल बाद इस शो में वापसी की है। मेकर्स ने आने वाले एपिसोड में दर्शकों को चौंकाने का पूरा इंतजाम कर लिया है। आने वाले एपिसोड में जबरदस्त और शॉकिंग ट्विस्ट देखने को मिलने वाले हैं। इसी ट्विस्ट के तहत तिग्मांशु धूलिया अब CID में ‘आई गैंग’ के खूंखार और बदनाम लीडर बारबोसा के रोल में वापसी कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2018 में ‘सीआईडी: 20 साल बाद’ में यह रोल प्ले किया था। अब बारबोसा के रोल में वापसी कर रहे हैं। CID के बारबोसा स्पेशल एपिसोड में क्या होगा? बारबोसा (तिग्मांशु धूलिया) का सिर्फ एक ही मिशन है, और वो है सीआईडी ब्यूरो को तोड़ने का मिशन। इस बार ‘आई गैंग’ की भयावह योजना सीआईडी टीम में हड़कंप मचा देगी। जैसे-जैसे उनका खतरनाक खेल सामने आएगा, यह ब्यूरो की नींव को हिला देगा। तिग्मांशु धूलिया को ‘सीआईडी’ से जुड़ने पर था इस बात का डर CID मेकर्स का दावा है कि बारबोसा की वापसी से ‘सीआईडी’ में अहम मोड़ आएगा। कहानी ऐसी होगी, जो दर्शकों को सीट से बांधे रखेगी। सस्पेंस और एक्शन ऐसा होगा कि दिल की धड़कने भी बढ़ जाएंगी। वहीं, ‘सीआईडी’ में अपनी वापसी पर तिग्मांशु धूलिया बोले, ‘जब मैं 6.5 साल पहले पहली बार CID में शामिल हुआ था, तो मैं थोड़ा हिचक रहा था। मैं सोचता था कि मैं ओवरशेडो हो जाऊंगा, लेकिन मैं हैरान था कि दर्शकों ने वास्तव में मेरे बारबोसा के किरदार और ‘आई गैंग’ की तारीफ की। मेरा कमाल का एक्सपीरियंस रहा। लोगों की डिमांड पर मुझे वापस बुलाया गया है।’ तिग्मांशु धूलिया ने की CID टीम की तारीफ तिग्मांशु धूलिया ने आगे कहा, ‘CID के साथ मेरा सफर जबरदस्त रहा है। पूरी टीम कमाल की है और टैलेंटेड है। उनका प्रोफेशनलिजम बेजोड़ है। ऐसा डेडिकेशन इस इंडस्ट्री में मिल पाना मुश्किल है। जो बात इसे और भी खास बनाती है, वह यह है कि तकनीशियनों से लेकर कलाकारों तक, अधिकांश क्रू परिचित चेहरे हैं, जिससे लगता है कि जैसे यह घर वापसी है। मुझे यह अनुभव बिल्कुल पसंद आ रहा है।’

Motorola Edge 60 Pro को लॉन्च के लिए तैयार

नई दिल्ली Motorola अपने अगले बड़े मिड-बजट स्मार्टफोन Motorola Edge 60 Pro को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह स्मार्टफोन Edge 50 Pro का अपग्रेडेड वर्जन होगा और इसमें चार कैमरे, 12GB RAM और 512GB स्टोरेज जैसी टॉप-टियर फीचर्स मिलेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola एक नया Extra Button पेश करेगा, जो iPhone 16 और Nothing Phone 3a सीरीज की तरह होगा। फीचर्स की झलक Motorola Edge 60 Pro में चार कैमरा सेटअप मिलने वाला है। साथ ही Sony LYTIA सेंसर के साथ OIS सपोर्ट भी इसमें दिया जाएगा। नया Action Button बेहतर कंट्रोल्स के लिए मिलने वाला है। साथ ही 5100mAh की बैटरी, 68W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा। Android 15 OS और 144Hz AMOLED डिस्प्ले भी दिया जाएगा। iPhone जैसा Action Button और दमदार कैमरा सेटअप लीक्स के मुताबिक, Motorola Edge 60 Pro में लेफ्ट साइड पर एक Extra Button होगा, जो iPhone 16 के कैमरा कंट्रोल फीचर की तरह काम करेगा। स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होगा, जिसमें- 50MP प्राइमरी कैमरा (Sony LYTIA सेंसर, OIS सपोर्ट), 10MP सेकेंडरी कैमरा, 13MP थर्ड कैमरा और 20MP सेल्फी यानी फ्रंट कैमरा मिलेगा। Motorola Edge 60 Pro की कीमत कितनी हो सकती है ? रिपोर्ट्स के अनुसार, Motorola Edge 60 Pro की कीमत EUR 649.89 (लगभग 60,000 रुपए) हो सकती है। स्मार्टफोन ब्लू, ग्रीन और पर्पल कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। अभी Motorola के इस फोन का बज भी इंटरनेट पर बना हुआ है। दरअसल ये फोन मोटोरोला का अपग्रेडेड डिवाइस होने वाला है। जिसका यूर्स लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब फोन के आने की घोषणा हो चुकी है। Motorola Edge 60 Fusion दूसरी तरफ, इससे पहले Motorola Edge 60 Fusuion को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। फोन को लेकर कहा गया था कि यह नया स्मार्टफोन Moto Edge 50 Fusion का अपग्रेडेड वर्जन होगा और इसकी ऑफिशियल लॉन्च डेट 2 अप्रैल को तय की गई है। लीक्स में फोन की कीमत और स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा भी किया गया था। Moto Edge 60 Fusion की कीमत 25,000 रुपये से कम हो सकती है, क्योंकि इसके पिछले मॉडल Moto Edge 50 Fusion की शुरुआती कीमत 22,999 रुपये थी। लीक हुई तस्वीरों से यह भी पता चला है कि यह स्मार्टफोन ब्लू, पिंक और पर्पल रंगों में उपलब्ध होगा। फोन की स्पेसिफिकेशन भी लीक हुई थीं। इसमें दावा किया गया था, Moto Edge 60 Fusion में 6.7-इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

अल्पाइन पर्वतारोहण में जनजातीय प्रतिभा: जशपुर के पर्वतारोहियों का अनूठा अभियान

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जनजातीय रॉक क्लाइम्बर्स के एक चयनित समूह को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हिमालयी गाइड के साथ अल्पाइन पर्वतारोहण अभियान के लिए मियार घाटी भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल में रोहित व्यास एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। यह भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जहां एक राज्य सरकार भारतीय हिमालय में ऐसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण के लिए जनजातीय पर्वतारोहियों को प्रायोजित कर रही है। अल्पाइन पर्वतारोहण की विशिष्टता अल्पाइन शैली में पर्वतारोहण, पारंपरिक पर्वतारोहण से भिन्न होता है। इसमें हल्के उपकरणों का उपयोग, छोटे दलों में और बिना किसी पूर्व-स्थापित शिविरों या फिक्स्ड रस्सियों के पहाड़ों पर चढ़ना शामिल है। यह पर्वतारोहण की सबसे शुद्ध और चुनौतीपूर्ण शैली मानी जाती है, जिसे मुख्यतः पेशेवर पर्वतारोहियों द्वारा ही किया जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य स्तर पर युवाओं में साहसिक खेलों को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हिमालय में तकनीकी पर्वतारोहण को प्रोत्साहित करना है। यह पहल भारतीय पर्वतारोहण के पुनरुद्धार में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। जशपुर प्रशासन युवाओं के लिए एक जीवन शैली के रूप में साहसिक खेलों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, जिससे स्थानीय गाइडों के लिए आय के अवसर पैदा हो रहे हैं और क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। रोहित व्यास (आईएएस) ने कहा, “इस अभियान के माध्यम से, हम जशपुर की छवि को बदलना चाहते हैं। हम जनजातीय युवाओं की ताकत और क्षमता को देश के सामने प्रदर्शित करना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भारत के प्रगतिशील और रचनात्मक भविष्य की झलक देना चाहते हैं।” इस अभियान का नेतृत्व राज्य की प्रसिद्ध एडवेंचर कंपनी पहाड़ी बकरा एडवेंचर के निदेशक स्वप्निल शिरीष राचेलवार कर रहे हैं, जिन्हें वैदिक वाटिका, जशप्योर, एड्वेनॉम, काफ़ी मीडिया और रनर्सएक्सपी जैसे स्थानीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्रों पर लाने में योगदान दिया है, साथ ही मिस्टिक हिमालयन ट्रेल और क्रेग डेवलपमेंट इनिशिएटिव जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों का भी सहयोग है। अभियान के लिए जशपुर जिले के रॉक क्लाइम्बर्स तेजल भगत, सचिन कुजूर, प्रतीक नायक, रूषनाथ भगत और रवि का चयन किया गया है। यह अभियान सितंबर में निर्धारित है, जिसमें पहली प्रारंभिक कार्यशाला कल से देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर, छत्तीसगढ़ के प्रथम साहसिक खेलों को समर्पित क्षेत्र में शुरू होगी। पूरे वर्ष, चयनित भारतीय कोचों और एथलीटों की भागीदारी के साथ आगे की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस अभियान से क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत होने और जनजातीय प्रतिभा को भारतीय पर्वतारोहण समुदाय से परिचित कराने की उम्मीद है, जिससे देश में साहसिक खेलों के विकास में योगदान मिलेगा।

राजस्थान में प्रचंड गर्मी से मिली थोड़ी रहत

जयपुर राजस्थान में झुलसाने वाली गर्मी के बीच उत्तरी हवाओं के चलने से राहत का सिलसिला भी शुरू हो गया है। प्रदेश का अधिकतम पारा जहां 42 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं अब इसमें तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। प्रदेश में बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में यह बढ़ोतरी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से थी। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि अब मार्च अंत तक इसमें राहत रहेगी। तापमान में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिला। गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर में पारा तेजी से चढ़ा। वहीं पूर्वी राजस्थान में भी भीषण गर्मी का प्रभाव कम नहीं है। बुधवार को धौलपुर देश का सबसे गर्म इलाका रहा। गुरुवार को मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान में लू चलने का अलर्ट जारी भी किया था। लेकिन अब अगले 2-3 दिन उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट होने से गर्मी से खासी राहत मिलेगी। आगामी 48 घंटो में उत्तर हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री गिरावट होने की प्रबल संभावना है। वहीं 28 मार्च से 3 अप्रैल तक पहले सप्ताह के दौरान वर्षा का भी पूर्वानुमान है। इससे राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट हो सकती है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह यानी 4 से 10 अप्रैल भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। प्रदेश के अन्य शहरों में तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। प्रदेश के अधिकांश शहरों में हवा में आर्द्रता की मात्रा 10 से 40 प्रतिशत के बीच रही। अजमेर में अधिकतम तापमान 32.5 व न्यूनतम 15.8 डिग्री रहा। भीलवाड़ा में 33 व न्यूनतम 13.3 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम 32 व न्यूतनम 16.9 डिग्री रहा। पिलानी में अधिकतम 31.1 व न्यूनतम 13.5 डिग्री रहा। सीकर में अधिकतम 29.5 व न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में अधिकतम 32.9 व न्यूनतम 15.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री व न्यूनतम 14.8 डिग्री दर्ज किया गया।  

पीएचडीसीसीआई ने लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से IP जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर आज मार्च 2025 को IGKV डायरेक्टर रिसर्च सर्विसेज, IGKV, कृषक नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) में किया। इस कार्यशाला में डॉ. हुलास पाठक (प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं CEO, RKVY RAFTAAR एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर, IGKV) एवं डॉ. अमित दुबे (वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ सरकार) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में   पीएचडीसीसीआई छत्तीसगढ़ राज्य चैप्टर के सदस्य श्री निखिल अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) का आज के आधुनिक युग में विशेष महत्व है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान और विचार आज के उद्योगों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए बौद्धिक संपदा की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और व्यापारिक रहस्य (ट्रेड सीक्रेट्स) नवाचारों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे व्यवसायियों, उद्यमियों, कलाकारों और शोधकर्ताओं को लाभ मिलता है। डॉ. हुलास पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान को साझा करना आवश्यक है, लेकिन उद्यमियों को अपने विचारों को कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी स्वयं लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में नई कृषि उत्पादों के लिए विशाल बाजार मौजूद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कृषि और अन्य उत्पादों पर व्यापक शोध कर रहा है, जो इस क्षेत्र में नवाचार के अनेक अवसर प्रदान करता है। डॉ. अमित दुबे ने कहा कि केवल शोध करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत ने विश्व स्तर पर 4 लाख से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध का असली प्रभाव उसके व्यावहारिक उपयोग में निहित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि माइक्रोसॉफ्ट ने कंप्यूटर उद्योग में क्रांति ला दी, और आज भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोगों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नवाचारकों और उद्यमियों को सलाह दी कि वे अपने उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग स्वयं करें, क्योंकि यदि इसे किसी अन्य संस्था द्वारा किया जाता है, तो लाभ भी वही उठाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने MSME मंत्रालय, भारत सरकार की SCIPP योजना के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। तकनीकी सत्र में श्री आशीष वर्मा (असिस्टेंट मैनेजर, एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर, IGKV), श्री कुलदीप पटेल (संस्थापक एवं CEO, फसल बाजार), श्री देवेश पटेल (संस्थापक, वन कप), श्री निपुर वर्मा (संस्थापक, राइस बाउल), एवं श्री सजल मल्होत्रा (स्टार्टअप संस्थापक, आत्मीक भारत) ने अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। अंत में, श्री सुमित दुबे (रेजिडेंट डायरेक्टर, पीएचडीसीसीआई छत्तीसगढ़ राज्य चैप्टर) ने सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

जनजातीय समुदायों के लिए वन आधारित आजीविका पर कार्यशाला

रायपुर  जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित – संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।       मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल  बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। श्री साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।            मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।               वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और  महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के  समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।        कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ  शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।      मुख्यमंत्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकन        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया  कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने ‘गमलों से जंगल की ओर’ अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। श्री साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की।

राजभवन में कर्मयोगी बने कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत : राज्यपाल पटेल प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजभवन में “कर्मयोगी बने” कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत है। कर्मयोग दैनिक जीवन में उच्चतर उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने का वह रास्ता है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी विभिन्न भाषाए, बोलियां, मनोभाव और मूकभाव सभी संस्कृति के वह आभूषण है, जिन पर हमें गर्व है। प्रदेश में अन्य भाषाओं तमिल, तेलुगू आदि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई जाएगी। यह बातें राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। कार्यशाला का आयोजन राजभवन मध्यप्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के सहयोग से किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने छिंदवाड़ा के पारंपरिक बुनकरों द्वारा तैयार उत्तरीय परिधान और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में उप कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रोफेसर शांतिधुलीपुड़ी पंडित, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े भी मंचासीन थे। कर्मयोगी कार्य संस्कृति को बनायें सशक्त राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हमारे देश ने ज्ञान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। दुनिया में भारत की नई पहचान और साख बनी है। हमारा देश ऐसे मोड़ पर है, जहां से एकजुट और एकमत प्रयासों से राष्ट्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 4-5 दशक पूर्व आज के विकसित राष्ट्रों में भी ऐसे ही मोड़ आए थे। नागरिकों के कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित प्रयासों से राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकसित भारत निर्माण के लिए कर्मयोगी, भावी पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति चाहें जो भी हो, व्यक्तिगत लाभ की इच्छा, परिणाम, सफलता और असफलता किसी की भी चिंता किए बिना लगातार कार्य करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्मयोग पथ के अभ्यासी को शुरु-शुरु में परिणामों की चिंता, समाज की अपेक्षाएं, मान्यताएं और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में समय की कमी आदि की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी चुनौतियां सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन, ध्यान, साधना तथा चिंतन के नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से दूर हो जाती है। राज्यपाल पटेल ने शिक्षा के तीर्थ स्थलों के प्रमुखों अपेक्षा की है कि वे कर्मयोग के सिद्धांतों पर शिक्षण, शोध कार्य के साथ ही विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करें। व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में स्थिर भाव से कार्य की संस्कृति के द्वारा शैक्षणिक समुदाय के भीतर करुणा, सहानुभूति और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनायें। कर्मयोग के अभ्यास के लिए प्रेरक वातावरण निर्माण के कार्य करे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्य शाला का चिंतन कर्मयोग के वैचारिक, व्यवहारिक आयामों को प्रकाशित करेंगे। निःस्वार्थ कर्तव्य पालक कर्म योगियों के निर्माण का मंच बनेगा। कार्य शाला कर्मवाद के पुर्नजागरण की पहल: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मयोगी कार्य शाला का आयोजन अद्भुत है। कार्यक्रम का भाव और भावना अभूतपूर्व है। सौभाग्य की बात है कि 5 हजार वर्ष पूर्व प्रदेश की धरती से शिक्षित कर्मयोगी के कर्मवाद का पुनर्जागरण प्रदेश से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्मयोगी ऋषि परंपरा का अक्षरक्ष: प्रतिरूप है। प्रधानमंत्री जी के मनोभावों के आधार पर सुशासन के दृष्टिगत होने वाले सभी सुशासन के प्रयोगों को अंतिम कड़ी तक पहुँचाने का प्रयास मिशन कर्मयोगी है। निष्काम भाव, अहंकार से मुक्त बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के लिए निरंतर कार्य करना ही कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता अद्भुत है, जो अतिरंजित बातों को भी सुन लेती है। सही, अच्छी बातों को सद्भावना के साथ लेकर आगे चलती है। इसी लिए आज दुनिया भारतीय दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का दायरा असीमित है, जिसमें सारे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन है। भारत के तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के केंद्र सम्पूर्ण मानवता के लिए कार्य करते थे। भारत ने कभी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया। कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करना : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोगी बने कार्य शाला दूरगामी पहल है। कार्य शाला का चिंतन शिक्षा जगत में आमूल चूल परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। समय और परंपराओं का अनुपालन मात्र राष्ट्र जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। राष्ट्र की आवश्यकता लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। कर्मयोग का चिंतन इसी अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों का सर्वश्रेष्ठ पालन आवश्यक है। नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाए : बाला सुब्रह्मण्यम मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए टीम इंडिया जरूरी है। टीम इंडिया के लिए कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाना होगा। जरूरी है कि कर्मचारी विकसित भारत के भविष्य के लिए तैयार रहे। इसके लिए जीवन की सीख के द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा। क्षमता वृद्धि के लिए नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाना होगा। इसके लिए विकास का संकल्प, … Read more

भारत में टेस्टेड, भारत के लिए निर्मित – OPPO F29 सीरीज, ड्यूरेबल चैंपियन का हुआ भारत में लॉन्च

भारत के कामकाजी लोगों के लिए निर्मित, OPPO F29 27 मार्च से ₹23,999 में मिलेगा। F29 Pro 1 अप्रैल से ₹27,999 के शुरुआती मूल्य में मिलेगा। OPPO F29 सीरीज है ड्यूरेबल चैंपियन, जो SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा IP66, IP68 और IP69 वाटर रजिस्टेंस के लिए भारत में टेस्टेड है। F29 सीरीज उद्योग के पहले हंटर एंटीना आर्किटेक्चर के साथ मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ 300% बढ़ा देता है। Natonal, मार्च 2025: OPPO India ने ट्रू ड्यूरेबल चैंपियन OPPO F29 सीरीज़ पेश की है। यह ड्यूरेबल स्मार्टफोन और विश्वसनीय नेटवर्क प्रदान करती है। भारत में टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित F29 सीरीज़ में विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग, मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती, बेहतर कनेक्टिविटी और शक्तिशाली बैटरी परफॉरमेंस का बेहतरीन मिश्रण है। इन सभी खूबियों के साथ यह खूबसूरत और स्लिम स्मार्टफोन व्यस्त गलियों से लेकर मुश्किल रास्तों तक हर चुनौती का सामना कर सकता है।   भारत के लिए टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित OPPO F29 सीरीज़ में उद्योग का अग्रणी डस्ट एवं लिक्विड प्रोटेक्शन दिया गया है। इसलिए यह केरल के मानसून और राजस्थान की भारी गर्मी से लेकर कश्मीर की बर्फीली ठंड तक भारत के चुनौतीपूर्ण वातावरण को सहन कर सकता है। IP66, IP68 और IP69 मानकों के लिए भारत में SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा टेस्टेड F29 सीरीज अपने सेगमेंट में सबसे मजबूत स्मार्टफोन है। IP66 रेटिंग के कारण यह पानी की तेज धार का सामना कर सकता है। इसलिए यह वेंडर्स से लेकर कंस्ट्रक्शन कर्मियों तक उन सभी लोगों के लिए उत्तम है, जो गीले वातावरण में काम करते हैं। IP68 रेटिंग के कारण यह 30 मिनट तक 1.5 मीटर गहरे पानी में डूबने पर भी सुरक्षित रहता है। यानी पानी से भरे गड्ढों और रसोई के सिंक में गिरने पर भी यह सुरक्षित रहेगा। वहीं IP69 रेटिंग के कारण यह 80 डिग्री °C तक के उच्च दबाव, उच्च तापमान वाले पानी की धार को सहन कर सकता है। इसलिए यह उद्योगों में या बहुत ज़्यादा नमी वाले मौसम में काम करने के लिए उत्तम है। F29 सीरीज बेहतर लिक्विड रेजिस्टेंस के कारण भारी बारिश, नदी के पानी, गर्म झरनों, जूस, चाय, दूध, कॉफी, बीयर, भाप, बर्तन धोने के पानी, डिटर्जेंट का घोल, बर्फीला पानी क्लीनिंग फोम और गंदे पानी के गिरने पर भी सुरक्षित रहती है। अगर यह पानी में डूब जाए, तो एक अद्वितीय कंपन वाली साउंड स्पीकर से पानी को बाहर निकाल देती है। OPPO India के हेड, प्रोडक्ट कम्युनिकेशंस, सैवियो डिसूज़ा ने कहा, “OPPO F29 सीरीज़ भारत के लिए निर्मित है – इसमें ड्यूरेबिलिटी के साथ मजबूती, कनेक्टिविटी और परफ़ॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण है। उद्योग में सर्वश्रेष्ठ IP रेटिंग और मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती के साथ हमारा जबरदस्त हंटर एंटीना और शक्तिशाली बैटरी, ये सभी विशेषताएं भारत में सड़क पर चलने वालों के लिए विकसित की गई हैं। इस सारे विशिष्ट फीचर्स को एक स्लिम, स्टाइलिश डिवाइस में पैक किया गया है, जो इस सेगमेंट में एक नया कीर्तिमान स्थापित करती है।” मजबूती से निर्मित – 360° आर्मर बॉडी और मिलिट्री-ग्रेड की ड्यूरेबिलिटी F29 सीरीज़ का हर हिस्सा सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इसमें 360° आर्मर बॉडी है, जिसमें स्पंज बायोनिक कुशनिंग दी गई है। यह इसके गिरने पर झटकों को अवशोषित कर लेती है। इसमें फाइबरग्लास से बना एक एलिवेटेड बैटरी कवर है। संरचनात्मक मजबूती के लिए कठोर साइड फ्रेम तथा कैमरे की सुरक्षा के लिए एक मजबूत लेंस प्रोटेक्शन रिंग दिया गया है। डिवाइस की सुरक्षा के लिए बॉक्स में एक कवर भी आता है, जिसके कोने अतिरिक्त पैडिंग के साथ उभरे हुए डिज़ाइन के हैं, ताकि स्मार्टफोन के कोने सुरक्षित रहें और स्क्रीन पर हल्का ओवरलैप होने के कारण यह सीधी टक्कर से सुरक्षित रहती है। F29 सीरीज एयरोस्पेस-ग्रेड AM04 एल्युमीनियम अलॉय फ्रेम द्वारा निर्मित है, जो इसके पूर्ववर्ती डिवाइस की तुलना में 10% ज्यादा ड्यूरेबल है। इसे 14 कठोर मिलिट्री स्टैंडर्ड (MIL-STD-810H-2022) परीक्षणों से गुजारा गया है। अत्यधिक तापमान और बारिश से लेकर झटके, धूल, साल्ट मिस्ट और कंपन तक F29 सीरीज हर मामले में ड्यूरेबल रहती है, जिनमें अन्य स्मार्टफोन फेल हो जाते हैं।   शक्तिशाली एंटीना – रोड वॉरियर्स के लिए निर्मित यह रोड वॉरियर्स के लिए बनाया गया है, जिसकी कनेक्टिविटी बेजोड़ है। OPPO F29 सीरीज में OPPO का एक्सक्लूसिव हंटर एंटीना आर्किटेक्चर पेश किया गया है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ को 300% बढ़ा देता है। यह दूरदराज के क्षेत्रों, हाईवे, अंडरपास और बेसमेंट पार्किंग में भी अच्छा काम करता है। इसमें आधुनिक सिम्मेट्रिकल लो-फ्रीक्वेंसी एंटीना लेआउट है, जो न्यूनतम सिग्नल लॉस करता है, फिर चाहे आप कॉल पर हों या कंटेंट स्ट्रीम कर रहे हों। यह 84.5% एंटीना कवरेज प्रदान करता है, जो इस सेगमेंट में सबसे अधिक है। चाहे आप गेम खेल रहे हों, या हॉरिज़ोंटल मोड में वीडियो देख रहे हों, यह हमेशा बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है। TÜV रीनलैंड सर्टिफिकेशन के साथ यह हर जगह स्थिर और विश्वसनीय नेटवर्क सुनिश्चित करता है।   स्लिम, शक्तिशाली और एफिशिएंट – इंजीनियरिंग चमत्कार F29 सीरीज़ अपनी मजबूती के साथ बहुत आकर्षक भी है। इसमें जबरदस्त शक्ति के साथ एक पतला और स्टाइलिश डिज़ाइन है। OPPO F29 की मोटाई 7.65mm है और इसका वज़न 185 ग्राम से भी कम है, इसमें फ़्लैट AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 93.7% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात है। ये दोनों स्मार्टफ़ोन 10-बिट कलर डेप्थ और 1200 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ इमर्सिव विज़ुअल प्रदान करते हैं, जो गेमिंग, स्ट्रीमिंग या आउटडोर काम करने के लिए उत्तम हैं। वहीं OPPO F29 प्रो की मोटाई 7.55mm है, इसका वजन मात्र 180 gm है, और इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.7 inch का क्वाड-कर्व्ड इनफिनिट व्यू AMOLED डिस्प्ले तथा बॉर्डरलेस व्यूइंग के लिए 93.5% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात दिया गया है। इसका अल्ट्रा वॉल्यूम मोड ऑडियो को 300% बढ़ा देता है, ताकि मॉल जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में या ट्रैफ़िक में फंसे होने पर भी कोई नोटिफ़िकेशन या फ़ोन कॉल मिस ना हो। ये दोनों मॉडल हैंड्स-फ़्री मोड के साथ आते हैं, जो वॉल्यूम सबसे ज्यादा बढ़ जाने पर स्पीकर फ़ोन को अपने आप शुरू कर देता है। साथ ही ग्लव मोड और स्प्लैश टच की मदद से गीले हाथ या दस्ताने पहनकर भी टचस्क्रीन चलाई … Read more

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