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‘बस्तर पंडुम’ में डॉ. कुमार विश्वास सुनाएंगे ‘बस्तर के राम’

रायपुर बस्तर क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपराओं के उत्सव ‘बस्तर पंडुम’ में डॉ. कुमार विश्वास “बस्तर के राम” कथा का वाचन करेंगे। 3 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन बस्तर क्षेत्र में शांति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए सोपान तय करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “बस्तर पंडुम 2025” को बस्तर की आत्मा से जुड़ा एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण बताते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, आस्था और आकांक्षाओं का उत्सव है। सीएम ने कहा कि ‘बस्तर के राम’ जैसे कार्यक्रम बस्तर की धरती को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि विकास का सबसे सशक्त मार्ग संस्कृति और परंपरा से होकर जाता है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि यह उत्सव बस्तर को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा और हमारी जनजातीय परंपराएं आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। उल्लेखनीय है कि दंडकारण्य क्षेत्र का रामायण काल में विशेष स्थान रहा है और श्रीराम ने अपने वनवास काल का कुछ समय दंडकारण्य के जंगलों में व्यतीत किया था। डॉ. कुमार विश्वास बस्तर क्षेत्र के परिपेक्ष्य में श्री राम के महत्व पर अपनी राम कथा “बस्तर के राम” का वाचन करेंगे। बस्तर पण्डुम आयोजन में डॉ. कुमार विश्वास की वाणी में जब राम कथा की गूंज बस्तर की वादियों में फैलेगी तो इसमें सिर्फ शब्द नहीं बल्कि शांति, एकता और पुनर्जागरण की एक भावना होगी। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में श्रीराम के प्रवास का स्मरण कर अपनी समृद्ध पौराणिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे। शांति का मार्ग संस्कृति से होकर गुजरता है : विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने “बस्तर के राम” के आयोजन पर कहा कि “बस्तर पण्डुम” और “बस्तर के राम” जैसे आयोजन बस्तर क्षेत्र को भारत और विश्व से जोड़ते एक सांस्कृतिक सेतु की तरह है, जो हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर क्षेत्र के समेकित विकास के संकल्प का परिचायक है। बस्तर क्षेत्र आज गर्व से साक्षी बन रहा है कि हिंसा का अंत संभव है और शांति का मार्ग संस्कृति से होकर गुजरता है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग के स्थानीय कला, संस्कृति एवं जीवन शैली संरक्षण-संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए राज्य शासन की ओर से “बस्तर पण्डुम 2025” का आयोजन किया जा रहा है, जिसके उ‌द्घाटन सत्र में शाम 6 बजे “बस्तर के राम” कार्यक्रम किया जाना निर्धारित है।

राजस्थान के कई हिस्सों में बादल छाए रहने का अनुमान, यहाँ होगी हल्की बारिश

जयपुर राजस्थान के अनेक भागों में अगले कुछ द‍िन बादल छाए रहने व हल्की बारिश होने का अनुमान है. मौसम केंद्र जयपुर के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. प्रवक्ता के अनुसार राज्य के दक्षिण-पूर्वी भागों में 31 मार्च से तीन अप्रैल तक बादल छाए रहने का अनुमान है. उदयपुर-कोटा संभाग में दो अप्रैल और जयपुर, अजमेर एवं कोटा संभाग में तीन अप्रैल को कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि आगामी चार से पांच दिन में न्यूनतम एवं अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसी तरह तीन से चार अप्रैल को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में अधिकतम तापमान 41 डिग्री से 42 डिग्री सेल्सियस रह सकता है जो सामान्य से दो-तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है.

केकेआर के बल्लेबाज मैदान पर फेल हो रहे थे, स्टैंड्स में उतरता जा रहा था सुहाना खान का चेहरा

मुंबई इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2025 में अपने डेब्यू मैच में चार विकेट लेकर बायें हाथ के तेज गेंदबाज अश्वि‍नी कुमार ने तबाही मचा दी. अश्विनी आईपीएल के पहले मैच में चार विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने, उन्होंने इत‍िहास तो रचा ही, वहीं मुंबई के ल‍िए जीत का सबसे बड़ा ट्रम्प कार्ड भी बने. अश्व‍िनी के बाद 41 गेंद में नाबाद 62 रन बनाकर रयान रिकेलटन ने मुंबई इंडियंस की जीत तय कर दी. इस तरह गत चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स को सोमवार (31 मार्च) को मुंबई से इस आईपीएल मैच में आठ विकेट से हार म‍िली. मुंबई की यह जीत टूर्नामेंट में उसकी बोहनी भी रही. पंजाब के 23 वर्ष के अश्वि‍नी ने आईपीएल में पहला मैच खेलते हुए 24 रन देकर चार विकेट हास‍िल किए. मुंबई ने इस सीजन में पहली बार वानखेड़े स्टेडियम पर खेलते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को 16.2 ओवर में 116 रन पर आउट कर दिया जो इस सत्र में उसका न्यूनतम स्कोर है. मुकाबले में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम 16.2 ओवरों में 116 रनों पर ढेर हो गई. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत खराब रही और उसने पावरपप्ले के अंदर ही 4 विकेट खो दिए. मुंबई के ट्रेंट बोल्ट ने सुनील नरेन (0) को बोल्ड कर दिया. फिर दीपक चाहर ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (1) को पवेलियन भेजा. इसके बाद अश्विनी कुमार ने डेब्यू मैच की पहली गेंद पर कप्तान अजिंक्य रहाणे को तिलक वर्मा के हाथों कैच आउट करवा दिया. फ‍िर दीपक चाहर ने वेंकटेश अय्यर (3) को न‍िपटाया. वेंकटेश के आउट होने के समय केकेआर का स्कोर 4 विकेट खोकर 41 रन हुआ. इसके कुछ देर बाद ही अंगकृष रघुवंशी (26) भी हार्द‍िक पंड्या की गेंद पर आउट हो गए. इस तरह कोलकाता की टीम का स्कोर 45/5 हो गया कुल मिलाकर कोलकाता की टीम को यहां से संभलने का मौका नहीं मिला और उसके एक के बाद एक विकेट ग‍िरते गए. फिर डेब्यूटेंट अश्विनी कुमार का जादू एक बार फ‍िर चला. उन्होंने रिंकू सिंह (17), ‘इम्पैक्ट सब’ मनीष पांडे (19) और आंद्रे रसेल (5) को आउट करके कोलकाता नाइट राइडर्स की हालत पस्त कर दी. हर्षित राणा को विघ्नेश पुथुर ने पवेलियन भेजा. रमनदीप सिंह 22 रन बनाकर मिचेल सेंटनर की फ‍िरकी में फंसकर आउट हुए. कोलकाता के गेंदबाज भी रहे फेल बेहद मामूली टारगेट को चेज करते हुए ‘इम्पैक्ट सब’ रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन ने मुंबई इंडियंस को अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों ने मिलकर पहले विकेट लिए 5.2 ओवरों में 46 रन जोड़े, लेकिन रोहित आंद्रे रसेल की गेंद पर हर्षित राणा को 13 रन पर कैच दे बैठे. फ‍िर रयान रिकेल्टन ने कोलकाता के गेंदबाजों पर टूट पड़े और तूफानी फिफ्टी जड़ी. साउथ अफ्रीकी  रिकेल्टन ने पांच चौके और चार छक्के की मदद से 41 बॉल पर नाबाद 62 रन कूटे. सूर्यकुमार यादव भी 27 रन पर नाबाद लौटे. केकेआर की ओर से दोनों विकेट आंद्रे रसेल ने लिए. कोलकाता के सुनील नरेन (3 ओवर 32 रन), हर्ष‍ित राणा (2 ओवर 28 रन) महंगे साबित हुए. वहीं वरुण चक्रवर्ती (3 ओवर 12 रन) और स्पेंसर जॉनसन (2 ओवर 14) ने रन तो नहीं दिए, लेकिन विकेट भी नहीं ले पाए. जो उनकी हार की वजह बना. आईपीएल डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6/12- अल्जारी जोसेफ (MI) बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, 2019 5/17- एंड्रयू टाई (गुजरात लॉयन्स) बनाम राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स, 2017 4/11- शोएब अख्तर (KKR) बनाम दिल्ली कैपिटल्स, 2008 4/24- अश्विनी कुमार (MI) बनाम केकेआर, 2025* 4/26- केवोन कूपर (RR) बनाम पंजाब किंग्स, 2012 4/33- डेविड विजे (RCB) बनाम मुंबई इंडियंस, 2015     हिटमैन ने फिर किया बल्ले से निराश मुंबई इंडियंस ने तो जीत का खाता खोल लिया है, लेकिन उसके लिए चिंता का सबब दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा का फॉर्म बन चुका है. रोहित कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 13 रन बनाकर आंद्रे रसेल की गेंद पर हर्षित राणा के हाथों लपके गए. रोहित इस मैच में ‘इम्पैक्ट सब’ के तौर पर उतरे, लेकिन वो बल्ले से इम्पैक्ट नहीं डाल सके. इससे पहले रोहित शर्मा ने गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ 8 रन बनाए थे और तब उनका विकेट मोहम्मद सिराज ने लिया था. जबकि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान का खाता भी नहीं खुला था. उस मैच में रोहित को खलील अहमद ने चलता किया था. यानी रोहित शर्मा ने आईपीएल 2025 में अब तक तीन पारियों में 7 की औसत से 21 रन बनाए हैं और वो तीनों पारियों में तेज गेंदबाज का शिकार बने. वैसे रोहित शर्मा का आईपीएल में खराब फॉर्म पिछले कुछ सीजन से चल रहा है. देखा जाए तो आईपीएल 2020 से अब तक सिर्फ 8 मौके ऐसे आए, जब रोहित शर्मा ने किसी आईपीएल मैच में 50 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया. इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 105 रन रहा, जो उन्होंने पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बनाया था. हालांकि उस शतकीय पारी के बावजूद मुंबई को तब हार का सामना करना पड़ा था. रोहित ने पिछले पांच आईपीएल सीजन में से सिर्फ एक में 400 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसके चलते उनके मौजूदा प्रदर्शन पर और भी सवाल उठ रहे हैं. आईपीएल में रोहित शर्मा के आंकड़े (2020 से अब तक)  साल  मैच  रन  एवरेज   शतक  अर्धशतक  2020  12  332  27.66  0  3  2021  13  381  29.30  0  1  2022  14  268  19.14  0  0  2023  16  332  20.75  0  2  2024  14  417  32.08  1  1  2025  3*   21  7.00  0  0 हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 260 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 6649 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 43 अर्धशतक शामिल रहे. रोहित का आईपीएल में सर्वाध‍िक स्कोर 109* रन रहा है. वहीं उनका एवरेज 29.42 और स्ट्राइक-रेट 131.04 रहा है. रोहित ने अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को पांच बार आईपीएल चैम्पियन बनाया. लेकिन पिछले सीजन में उनकी जगह मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाने का फैसला किया. हार्दिक मौजूदा सीजन में भी मुंबई इंडियंस की कप्तानी कर रहे हैं.

भाजपा स्थापना दिवस: 6 अप्रैल को हर घर पर लहराएगा झंडा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बीजेपी के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, संभाग और जिला प्रभारी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री जामवाल शामिल हुए। बैठक में भाजपा स्थापना दिवस मनाने समेत कई विषय पर चर्चा हुई। बैठक के आजीवन सहयोग निधि से लेकर भाजपा के स्थापना दिवस को लेकर चर्चा की गई। पार्टी के स्थापना दिवस को धूमधाम से मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। जिसमें 6 से 14 अप्रैल तक भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। साथ ही 8 और 9 अप्रैल को मंडल स्तर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं 14 अप्रैल को डॉ आंबेडकर जयंती पर आयोजन किए जाएंगे। बैठक को वीडी शर्मा ने कहा कि, 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस है। जिसे लेकर व्यापक तैयारियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि, इस मौके पर बूथ स्तर तक दिवस मनाया जाएगा। सभी 65,014 बूथों पर प्राथमिक सदस्यों की सम्मेलन होगी। 6 अप्रैल को ही हर घर पर झंडा होगा। उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश में एक करोड़ 75 लाख सदस्य और एक लाख से ऊपर सक्रिय सदस्य हैं। सभी कार्यकर्ता प्रत्येक घर पर बीजेपी का झंडा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि, 8 और 9 अप्रैल को सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन होगा। 7 से 12 अप्रैल के बीच में गांव से चलो अभियान शुरू किया जाएगा। वहीं तीन दिन लगातार गांव और बस्ती चलो अभियान में जुटेंगे। 14 अप्रैल को बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर कई कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि, वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर भी अभियान चलाएंगे।

EV: नितिन गडकरी का एलान – लिथियम बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, जानें डिटेल्स

union minister nitin gadkari says fall in lithium battery prices will boost ev sector केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत में काफी गिरावट आएगी। जिससे वे आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती बन जाएंगे। सोमवार को गडकरी ने कहा कि भारत में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और इसमें सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है। इसलिए पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से हटकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बहुत जरूरी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि बैटरी तकनीक में हो रही प्रगति भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल पर निर्भरता न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये ईंधन आयात पर खर्च हो रहे हैं। इस वजह से साफ ऊर्जा को अपनाना देश के विकास के लिए जरूरी है। ठाणे में एक ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक साइकिल लॉन्च के मौके पर गडकरी ने कहा कि शहरीकरण बढ़ने के कारण साइक्लिंग को भी एक टिकाऊ शहरी परिवहन विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिससे ग्लोबल ऑटो मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। ईवी की लागत कम होगीगडकरी ने कहा कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में आई तेज गिरावट (अब 100 डॉलर प्रति kWh) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा सुलभ बना दिया है। और उनकी कीमतें पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर आने के करीब हैं। उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले लिथियम की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट थी, जो अब घटकर लगभग 100 डॉलर रह गई है। यह और कम होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी कम हो जाएंगी, जिससे आम लोगों को ये सस्ते में मिल सकेंगे।” गडकरी ने कहा, “प्रदूषण हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है।” उन्होंने दोहराया कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही जरूरी नहीं है। बल्कि यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन समाधान की खोज में बैटरी से चलने वाले वाहनों (BEV) के महत्व को दोहराया। नई बैटरी तकनीकों पर शोधगडकरी ने कहा कि भारत में बैटरी तकनीक पर लगातार शोध हो रहा है, जिसमें सेमी-कंडक्टर्स, लिथियम-आयन, जिंक-आयन, सोडियम-आयन और एल्युमिनियम-आयन बैटरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग एक बड़ा निर्यात अवसर है। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यापार संतुलन सुधरेगा। गडकरी ने हाल ही में हीरो के एक संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब के लुधियाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत टू-व्हीलर अब निर्यात की जा रही हैं, और हमें घरेलू बाजार से ज्यादा फायदा निर्यात से हो रहा है।” मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, “बजाज और टीवीएस जैसे पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माताओं ने एक बार चार्ज करने पर 125 किलोमीटर की रेंज वाले वाहन बनाए हैं। लखनऊ और कानपुर शहरों के युवाओं ने 60 किलोमीटर की रेंज वाली बाइक का निर्माण शुरू कर दिया है।” इस अध्ययन से पता चलता है कि एक बाइक आम तौर पर प्रति दिन अधिकतम 24-26 किलोमीटर की यात्रा करती है। बायोफ्यूल और किसानों के लिए नई संभावनाएंगडकरी ने कहा कि सरकार कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बायो-सीएनजी और बायो-एविएशन फ्यूल शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा दाता भी बनेंगे।” सरकार की नीति “आयात प्रतिस्थापन, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी” तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। गडकरी ने बताया कि सरकार पराली से बायोफ्यूल बनाने की योजना पर भी काम कर रही है> जिससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा के किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन अब हम इसे बायोफ्यूल में बदल रहे हैं। इस दिशा में 400 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें से 60 पहले से ही काम कर रहे हैं।” शहरी परिवहन में साइक्लिंग को बढ़ावागडकरी ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष साइकिल ट्रैक बनाए जाने चाहिए। ताकि पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को प्रोत्साहन मिले, सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। उन्होंने कहा, “भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वैकल्पिक ईंधन और ग्रीन मोबिलिटी समाधानों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।” गडकरी ने दोहराया कि भारत हरित तकनीकों को अपनाकर प्रदूषण कम करने, आयात लागत घटाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। “पहले लोग विश्वास नहीं करते थे”गडकरी ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बाइक्स के बारे में बात की थी, तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “जब मैंने इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक की बात की थी, तो लोग हंसते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में टाटा ने हाइड्रोजन सेल से चलने वाले ट्रक पेश किए हैं, जो भारत में उन्नत तकनीक और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, युवा इंजीनियरों की प्रतिभा और कृषि नवाचारों के मेल से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहेगा।

शराब के लिए दिल्ली से बुरी खबर, पांच दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने रामनवमी और गुड फ्राइडे सहित महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों पर शराब की दुकानें बंद रखने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में पांच ड्राई डे घोषित किए हैं। आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली में शराब की दुकानें राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल), गुड फ्राइडे (18 अप्रैल), बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) और ईद-उल-जुहा (6 जून) को बंद रहेंगी। दुकानों के बाहर आदेश प्रदर्शित करने के निर्देश आबकारी आयुक्त सनी सिंह ने कहा कि दिल्ली आबकारी नियम, 2010 के नियम 52 के प्रावधानों के अनुसार शराब लाइसेंसधारियों के लिए ड्राई डे घोषित किए गए हैं। लाइसेंसधारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने लाइसेंस प्राप्त परिसर में आदेश को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें।

दुनियाभर में सोशल मीडिया पर छाया घिबली आर्ट

दुनियाभर में सोशल मीडिया पर इस वक्त जो एक चीज हर प्रोफाइल पर दिख रही है, वह है घिबली आर्ट। एक्स से लेकर इंस्टाग्राम और फेसबुक तक लोग लगातार एआई के जरिए अपनी और सेलिब्रिटीज की कार्टून नुमा तस्वीरों को देखते और इनका इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। इन सबके बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पहुंच और इसके खतरों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई है। दरअसल, जापान की कॉमिक बुक्स और कार्टून शो के लिए इस्तेमाल होने वाली जिस घिबली आर्ट को बनाने में एक जमाने में कई दिनों से लेकर महीनों का समय लग जाता था, अब एआई ने उन्हें कुछ ही सेकंड्स या मिनट्स में बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर यह घिबली आर्ट है क्या? इसकी शुरुआत कहां से हुई? चैटजीपीटी ने इसे वायरल ट्रेंड कैसे बनाया? कौन-कौन इस फीचर का इस्तेमाल कर सकता है? जापान के एक स्टूडियो की आर्ट को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बार-बार बनाना कानूनी हद तक कितना सही है? घिबली की शुरुआत करने वाले कलाकारों का इस पर क्या कहना है? और इस आर्ट को लेकर एआई की पहुंच के बारे में क्या चर्चाएं हैं? लोगों को इतनी पसंद क्यों आ रही घिबली स्टाइल तस्वीरें? घिबली तस्वीरों की खास बात यह है कि इसके कैरेक्टर हाथ से बनाए जाते थे। इनमें हमेशा हल्के पेस्टल रंगों का इस्तेमाल होता था और इन्हें तड़क भड़क से दूर ही दिखाया गया। घिबली आर्ट के विश्लेषकों का कहना है कि घिबली की सादगी और शांति ही लोगों को अपनी ओर खींचती है। ऐसे में कुछ ही वर्षों के अंदर इस स्टूडियो ने करोड़ों लोगों को अपना फैन बना लिया है। चैटजीपीटी ने इसे वायरल ट्रेंड कैसे बनाया? चैटजीपीटी ने बीते मंगलवार को अपना बिल्ट-इन इमेज जेनरेशन फीचर शुरू किया। ओपनएआई के जीपीटी-4o टूल ने एआई चैटबॉट को घिबली स्टाइल की तस्वीरें प्रॉसेस करने के फीचर से जोड़ दिया। नतीजा यह रहा कि एआई ने ऐसी फोटोज बनाना शुरू कर दिया, जो कि जापानी एनिमेटर हयाओ मियाजाकी की हाथ से बनाई हुई आर्ट जैसी ही लगती थीं। इसके चलते बुधवार तक घिबली इमेज पूरी दुनिया में वायरल होना शुरू हो गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि यूजर्स के निर्देशों और उसके आधार पर तस्वीरों को घिबली स्टाइल में तैयार करने की चैटजीपीटी की क्षमता ने इसे बाकी चैटबॉट से अलग खड़ा कर दिया। जहां मेटा एआई और एक्स का ग्रोक अभी भी घिबली स्टाइल तस्वीरों में मियाजाकी की तस्वीरों जैसी डिटेल्स नहीं ला पाए हैं, वहीं चैटजीपीटी का यह स्पेशल फीचर देखते ही देखते वायरल हो रहा है। प्रोफाइल फोटोज से लेकर बॉलीवुड फिल्म और बहुत कुछ, सब घिबली में बदला? घिबली आर्ट लोगों को किस कदर पसंद आई हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया में बॉलीवुड फिल्मों से लेकर सेलिब्रिटीज, लोगों की अपनी प्रोफाइल पिक्चर्स, निजी यादों की तस्वीरों से लेकर खेल के दृश्यों तक सब कुछ घिबली के अंदाज में बदल चुका है। 2024 के पेरिस ओलंपिक से लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क तक, सबसे घिबली स्वरूप दुनिया में आ चुके हैं। घिबली बनाने के लिए चैटजीपीटी पर अभी भी होड़ मची है। कुछ यूजर्स ने पहले एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया था कि घिबली वर्जन इमेज चैटजीपीटी के प्रीमियम वर्जन में बनाया जा सकता है। हालांकि, बाद में कई यूजर्स ने पाया कि यह फ्री वर्जन में काम कर रहा है। इसके बाद चैटजीपीटी यूजर्स के बीच तस्वीरों को घिबली में बदलने की होड़ लग गई। इसी बीच सैम अल्टमैन ने X पर ट्वीट कर बताया कि उनके जीपीयू ‘पिघल’ रहे हैं। दरअसल, चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट कमांड से तस्वीरों को क्रिएट करने के लिए ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट, यानी GPU का इस्तेमाल करते हैं। ट्रेंड के बढ़ने से इनके GPU में दबाव बढ़ता है और ये ओवरहीट होने लगते हैं, जिससे प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है। ऐसे में GPU को नुकसान से बचाने के लिए कुछ प्रोसेसिंग को रोकना या सीमित करना पड़ता है। सैम अल्टमैन ने पोस्टा किया- “यह देखना बहुत मजेदार है कि लोग चैटजीपीटी की बनाई तस्वीरों को पसंद कर रहे हैं। लेकिन हमारे जीपीयू पिघल रहे हैं। हम इसे और अधिक कुशल बनाने पर काम करते हुए अस्थायी रूप से कुछ दर सीमाएं लागू करने जा रहे हैं। उम्मीद है कि इसमें ज़्यादा समय नहीं लगेगा! चैटजीपीटी फ्री टियर को जल्द ही प्रतिदिन 3 जनरेशन मिलेंगी।” हालांकि, उनके इस पोस्ट पर शायद ही किसी का ध्यान गया हो, क्योंकि शनिवार-रविवार को चैटजीपीटी पर घिबली बनाने वालों की इतनी संख्या जुड़ी कि प्लेटफॉर्म क्रैश कर गया। इसके बाद ऑल्टमैन ने पोस्ट कर कहा कि क्या आप सब प्लीज इमेज जनरेट करना थोड़ा कम कर सकते हैं? हमारी टीम को नींद चाहिए! कैसे बना सकते हैं घिबली इमेज? चैटजीपीटी अपने लेटेस्ट मॉडल GPT-4o का इस्तेमाल कर रहा है। घिबली इमेज जनरेशन इसी मॉडल से संभव हो पाया है। इसका सबसे रोचक पहलू यह है कि यह Studio Ghibli की प्रसिद्ध कार्टून शैली को बखूबी दोहरा सकता है। आप भी आसानी के घिबली इमेज जनरेट कर सकते हैं…  घिबली वायरल हुई तो इसके कॉपीराइट से जुड़ा मसला क्या है? जैसे-जैसे घिबली तस्वीरें दुनिया में वायरल हुई हैं। वैसे ही इसे लेकर विवाद की भी शुरुआत हुई है। सबसे बड़ा विवाद है एआई की पहुंच को लेकर। दरअसल, सोशल मीडिया पर विवाद है कि कैसे एआई कलाकारों के रचनात्मक कार्यों को कुछ ही क्षणों में कॉपी कर लेता है। वह भी इसके लिए उन्हें जरूरी श्रेय और आर्थिक मुआवजा दिए बिना। चैटजीपीटी पर घिबली आर्ट बनाने को लेकर कॉपीराइट का विवाद इन्हीं चर्चाओं के बाद शुरू हुआ है। खुद चैटजीपीटी ने भी प्रीमियम सेवा का इस्तेमाल न करने वाले कई यूजर्स को यह संदेश दिया कि वह कॉपीराइट के अंतर्गत आने वाले एनिमेशन स्टूडियो की तरह की तस्वीरें नहीं बना सकता, क्योंकि उसकी आर्ट स्टाइल सुरक्षा मानकों में आती है। इसके बावजूद कुछ ही घंटों बाद चैटजीपीटी पर लोगों ने फिर से घिबली तस्वीरें बनाना जारी रखा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ओपनएआई जो कर रहा है, वह न तो कानूनी तौर पर सही है और न … Read more

13 लोगों में ब्रेन चिप इम्प्लांट करने की योजना बना रही चीनी कंपनी न्यूसाइबर

 बीजिंग एक चीनी रिसर्च इंस्टीट्यूट और टेक कंपनी ने सोमवार को घोषणा की कि वे इस साल के अंत तक 13 लोगों में अपनी ब्रेन चिप इम्प्लांट करने की योजना बना रहे हैं। यह कदम एलन मस्क की न्यूरालिंक को मरीजों के डेटा संग्रह में पीछे छोड़ सकता है। बीजिंग स्थित चाइनीज इंस्टीट्यूट फॉर ब्रेन रिसर्च (सीआईबीआर) और न्यूसाइबर न्यूरोटेक ने पिछले एक महीने में तीन मरीजों में अपनी सेमी-इनवैसिव वायरलेस ब्रेन चिप ‘बेनाओ नंबर 1’ इम्प्लांट की है। इस साल 10 और मरीजों के लिए तैयारी कर रही है। सीआईबीआर के डायरेक्टर और न्यूसाइबर के मुख्य वैज्ञानिक लुओ मिनमिन ने यह जानकारी दी। 50 लोगों पर क्लिनिकल ट्रायल की योजना न्यूसाइबर चीनी सरकार की कंपनी है। अब इसकी नजर और बड़े ट्रायल पर है। लुओ ने बीजिंग में टेक-केंद्रित झोंगगुआनकुन फोरम के मौके पर पत्रकारों से कहा कि अगले साल मंजूरी मिलने के बाद हम औपचारिक क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेंगे, जिसमें करीब 50 मरीज शामिल होंगे। कौन हैं इस दौड़ में? अमेरिकी बीसीआई कंपनी सिंक्रॉन, जिसमें अरबपति जेफ बेजोस और बिल गेट्स जैसे निवेशक शामिल हैं। वर्तमान में मानव ट्रायल के मामले में वैश्विक नेता है। इसके पास कुल 10 मरीज हैं, जिसमें छह अमेरिका में और चार ऑस्ट्रेलिया में हैं। मस्क की न्यूरालिंक के पास अभी तीन मरीज हैं, जिनमें उसकी चिप इम्प्लांट की गई है। वायरलेस ब्रेन चिप्स का विकास न्यूरालिंक पूरी तरह से वायरलेस ब्रेन चिप्स पर काम कर रही है, जो मस्तिष्क के अंदर इम्प्लांट की जाती हैं, जिससे सिग्नल की गुणवत्ता अधिकतम हो। दूसरी ओर, इसके प्रतिद्वंद्वी सेमी-इनवैसिव चिप्स पर ध्यान दे रहे हैं, जो मस्तिष्क की सतह पर लगाई जाती हैं। इससे सिग्नल की गुणवत्ता में कमी आती है, लेकिन मस्तिष्क के ऊतकों को नुकसान और सर्जरी के बाद की जटिलताओं का जोखिम कम होता है। इस महीने चीनी राज्य मीडिया द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि पक्षाघात से पीड़ित मरीज ‘बेनाओ नंबर 1’ का उपयोग कर रोबोटिक आर्म से पानी का कप डाल रहे हैं। अपनी सोच को कंप्यूटर स्क्रीन पर ट्रांसमिट कर रहे हैं। लुओ ने कहा “बेनाओ नंबर 1 के सफल मानव ट्रायल की खबर के बाद हमें मदद के लिए अनगिनत अनुरोध मिले हैं।” बंदर पर परीक्षण     पिछले साल सीआईबीआर और न्यूसाइबर ने मानव ट्रायल शुरू नहीं किया था। उस समय उन्होंने घोषणा की थी कि उनकी एक इनवेसिव चिप ‘बेनाओ नंबर 2’ को एक बंदर पर सफलतापूर्वक टेस्ट किया गया, जिसके बाद वह रोबोटिक आर्म को नियंत्रित करने में सक्षम हुआ।     लुओ ने बताया ‘बेनाओ नंबर 2’ का वायरलेस संस्करण है, जो न्यूरालिंक के उत्पाद से मिलता-जुलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 12 से 18 महीनों में इसका पहला मानव परीक्षण होगा। भविष्य की योजनाएं     सिंक्रॉन ने हाल ही में एनवीडिया के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिसमें चिपमेकर की एआई प्लेटफॉर्म को कंपनी के बीसीआई सिस्टम में एकीकृत किया जाएगा। लुओ ने कहा कि सीआईबीआर और न्यूसाइबर निवेशकों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं। फंड जुटाने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन ‘बेनाओ’ के साथ साझेदारी करने वाली कंपनियों को “दूरदर्शी” होना चाहिए।     उन्होंने कहा, “बीसीआई के मामले में निकट भविष्य में बिक्री की संभावना बहुत सीमित है।” लुओ ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘बेनाओ’ का चीनी सेना से कोई संबंध नहीं है और यह विभिन्न प्रकार के पक्षाघात से पीड़ित मरीजों की मदद पर केंद्रित है। न्यूसाइबर का स्वामित्व झोंगगुआनकुन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पास है, जिसने 2023 में 9 बिलियन युआन (1.24 बिलियन डॉलर) से अधिक का राजस्व अर्जित किया।  

संघ के बिना BJP की कामयाबी नामुमकिन नहीं, बीजेपी-RSS ने बना लिया 2029 का भी प्लान!

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी राजनीतिक सफलता का श्रेय आरएसएस को हमेशा ही देते रहे हैं। हालांकि 11 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद वह रविवार को पहली बार आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे। पीएम मोदी इससे पहले 2013 में लोकसभा चुनाव की बैठक को लेकर नागपुर आए थे। पीएम मोदी ने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केबी हेडगेवार के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आरएसएस की तारीफ खरते हुए कहा कि यह एक संगठन नहीं बल्कि राजनीति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि संघ एक अमर संस्कृति के वट वृक्ष की तरह है जो कि आधुनिकता से भी ओतप्रोत है। आरएसएस कार्यकर्ता के तौर पर ही शुरू हुआ राजनीतिक सफर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय चेताना का जो बीज 100 साल पहले बोया गया था वह एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के कार्यकर्ता पूरे देश में तन-मन से लोगों की सेवा कर रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सफर 1972 में आरएसएस प्रचारक के तौर पर ही शुरू हुआ था। उनकी सक्रियता के चलते ही उन्हें 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया था। आरएसएस के एक सीनियर पदाधिकारी ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि बीजेपी का वैचारिक मेंटॉर आरएसएस है। इसके बावजूद बीजेपी ने आरएसएस से दूरी ही दिखाने की कोशिश की। सरकार और संघ का काम पूरी तरह अलग होता है। कई नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि उनका भविष्य आरएसएस की वजह से ही तय हो पाया है। फिर भी मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आरएसएस कभी सरकार के कामकाज में कोई दखल नहीं देता है और ना ही इसका कोई राजनीतिक अजेंडा है। आरएसएस से अनबन की भी थी चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह भी चर्चा थी की आरएसएस और बीजेपी की बन नहीं रही है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यहां तक कहा था कि बीजेपी अब आत्मनिर्भर है। वहीं जब बीजेपी को हिंदी बेल्ट में सीटों का नुकसान हुआ तो आरएसएस प्रमुख ने भी कई बार इशारों-इशारों में खुले मंच पर नसीहत दे डाली। हालांकि लोकसभा में झटके के बाद बीजेपी ने फिर आरएसएस को अहमियत देनी शुरू की और इसका प्रभाव हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में दिखाई दिया। हालांकि आरएसएस नेता एचवी शेषाद्री ने कहा कि यह कोई डिबेट ही नहीं थी। जो लोग बीजेपी और आरएसएस दोनों को नहीं जानते हैं वही अनबन की अफवाह उड़ा रहे थे। इसके अलावा दो अहम कार्यक्रम भी आने वाले दिनों में होने वाले हैं। एक है बेंगलुरु में होने वाली बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक और दूसरी आरएसएस का शताब्दी वर्ष समारोह। ऐसे में दोनों ही संगठन अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने में ललगे हैं। अगले महीने बेंगलुरु में होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी ऐलान कर सकती है। ऐसे में पीएम मोदी का आरएसएस मुख्यालय जाना अहम मानाजा रहा है। दो प्रधानमंत्रियों के दौरे के बीच कितना कुछ बदल चुका है? पच्चीस साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आंगन में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की आमद हुई है. अटल बिहारी वाजपेयी ने बतौर प्रधानमंत्री संघ के दफ्तर का दौरा 27 अगस्त 2000 को किया था. ये संघ की स्थापना का 75वां साल था. अब 25 वर्ष बाद RSS की यात्रा के शताब्दी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर संघ मुख्यालय की यात्रा की है. 11 साल पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की अपनी पहली यात्रा में नरेंद्र मोदी ने संघ को भारत की अमर संस्कृति का ‘वट वृक्ष’ बताया. आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान साल 2000 में यहां का दौरा किया था. संयोग है कि पीएम मोदी जब आरएसएस के दफ्तर पहुंचे हैं तो ये उनका तीसरा कार्यकाल है. संघ भारतीय संस्कृति का अक्षय वटवृक्ष- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए भारतीय संस्कृति की चेतना कभी समाप्त नहीं हुई. स्वतंत्रता संग्राम से पूर्व डॉ.हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर ने भी इस राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया. उन्होंने 100 वर्ष पहले जिस वटवृक्ष का बीजारोपण किया था, वह आज विशाल रूप में फैल चुका है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि संघ का यह वटवृक्ष आदर्श और सिद्धांतों की वजह से टिक पाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की राष्ट्रीय संस्कृति का कभी न समाप्त होने वाला अक्षय वटवृक्ष है. अब एक चौथाई सदी पहले उस मुलाकात की बात करते हैं जो तब हुई जब बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संघ कार्यालय नागपुर पहुंचे थे. RSS और भारतीय जनता पार्टी के रिश्ते को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से गहरा माना जाता है, जो समय के साथ विकसित हुआ है 10 मार्च, 2000 को के एस सुदर्शन संघ के प्रमुख बने तो देश में पीएम की कुर्सी पर वो व्यक्ति था जो कभी स्वयंसेवक रहा था. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी  के जमाने में स्वदेशी जागरण मंच, विहिप, भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ जैसे संघ के अनुषांगिक संगठनों से कई मौकों पर टकराव होता रहा. हालांकि संघ के प्रति वाजपेयी की निष्ठा पर कोई सवाल ही नहीं था. 1995 में ऑर्गनाइजर में लिखे एक लेख में संघ को अपनी आत्मा बताया था. उन्होंने लिखा था, “आरएसएस के साथ लंबे जुड़ाव का सीधा कारण है कि मैं संघ को पसंद करता हूं. मैं उसकी विचारधारा पसंद करता हूं और सबसे बड़ी बात, लोगों के प्रति और एक दूसरे के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण मुझे भाता है और यह बस आरएसएस में मिलता है.” अटल के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक दौर ऐसा भी आया, जब उनके संघ से रिश्ते कुछ असहज हो चले थे. उस वक्त संघ और सहयोगी संगठनों के नेता व्यक्तिगत हमले करने से भी नहीं चूकते थे. जबकि संघ में व्यक्तिगत नहीं बल्कि नीतिगत आलोचना की परंपरा रही. संघ विचारक दिलीप देवधर के अनुसार केएस सुदर्शन अपने विचारों को लेकर बहुत दृढ़ रहते थे. यह अटल बिहारी वाजपेयी जानते थे. यही वजह रहा कि भले ही रज्जू भईया ने उन्हें 1998 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था, मगर उन्हें सर संघचालक का … Read more

2 अप्रैल को Lok Sabha में पेश हो सकता है Waqf Amendment Bill

 नई दिल्ली संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है. इस चरण की कार्यवाही के भी चार दिन बाकी हैं और अब सरकार वक्फ बिल लाने की तैयारी में है. वक्फ बिल 2 अप्रैल को संसद में आ सकता है. सूत्रों की मानें तो वक्फ बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किया जा सकता है. सरकार अगर 2 अप्रैल को वक्फ बिल संसद में लाती है तो उसे दोनों सदनों से पारित कराने के लिए इस सत्र में केवल दो ही दिन का समय मिलेगा. वक्फ संशोधन विधेयक संसद के पिछले सत्र में लोकसभा में पेश किया गया था. विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच पेश हुए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया था. वक्फ बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई में जेपीसी गठित की गई थी. वक्फ संशोधन विधेयक को जेपीसी के पास भेजा गया था बताया जा रहा है कि उसी आधार पर सरकार की ओर से ईद के बाद संभवत: मंगलवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक पेश किया जा सकता है। कोशिश यह होगी कि इसी सत्र में कम-से-कम एक सदन से विधेयक पारित हो जाए। अगस्त 2024 में वक्फ संशोधन विधेयक को जेपीसी के पास भेजा गया था। विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या जरूरी बजट सत्र के पहले सप्ताह में जेपीसी ने अपनी रिपोर्ट भी दे दी थी। बताते हैं कि सरकार ने रिपोर्ट देख ली है और उसी अनुसार पुराने विधेयक में कुछ बदलाव की तैयारी हो गई है। विपक्षी दलों को इसका अहसास है कि सरकार के पास किसी विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या है। भाजपा बना रही यह योजना ऐसे में विपक्षी दलों की ओर से भाजपा के सहयोगी दलों-जदयू, तेदेपा और लोकजनशक्ति पार्टी के नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश हो रही है और सार्वजनिक बयानों में उन्हें आगाह भी करने की कोशिश हो रही है। भाजपा सूत्रों के अनुसार सहयोगी दलों में किसी तरह का संशय नहीं है। उनके नेता जेपीसी में भी मौजूद थे और उनके सुझावों पर अच्छे से विचार किया गया। फिर भी विधेयक पेश होने से पहले सहयोगी दलों के नेताओं को औपचारिक रूप से इस बारे में बताया जा सकता है। विधेयक पारित कराने मे सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी सूत्रों के अनुसार, कोशिश यह होगी कि कम-से-कम एक सदन से विधेयक पारित करा लिया जाए। यह तय है कि इस पर संसद गर्म रहेगी। वैसे यह भी तय है कि विधेयक पारित कराने मे सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी और चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। बजट सत्र चार अप्रैल को खत्म हो रहा है। अमित शाह बोले- संसद के इसी सत्र में पेश होगा वक्फ विधेयक गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वक्फ (संशोधन) विधेयक संसद के इसी सत्र में फिर से पेश किया जाएगा। अगस्त 2024 में इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। चार अप्रैल को समाप्त होने वाले मौजूदा बजट सत्र में अब केवल चार कार्यदिवस बचे हैं। विपक्ष मुसलमानों को गुमराह कर रहा है- शाह अमित शाह ने एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हम इसी सत्र में संसद में वक्फ विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित कानून से किसी को डरना नहीं चाहिए, क्योंकि नरेन्द्र मोदी सरकार संविधान के दायरे में रहकर वक्फ अधिनियम में संशोधन कर रही है। विपक्ष मुसलमानों को गुमराह कर रहा है। मुसलमानों के किसी भी अधिकार पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा। विपक्ष सिर्फ झूठ पर झूठ बोल रहा है। एनडीए के दो घटक दलों जेडीयू और टीडीपी के रुख की भी चर्चा हो रही है लेकिन माना जा रहा है कि इस बिल को लेकर दोनों दलों की चिंताओं का निवारण हो गया है. जेपीसी में भी दोनों दलों के सदस्य थे ही, जेपीसी की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट की जिस बैठक में संशोधित रिपोर्ट के आधार तैयार नए बिल को मंजूरी दी गई थी, उसमें भी एनडीए के दोनों घटक दलों के कोटे के मंत्री मौजूद थे. राज्यसभा में छोटे दलों के समर्थन की उम्मीद राज्यसभा में एनडीए वक्फ बिल पारित कराने के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे है. ऐसे में सरकार को कुछ छोटे दलों के समर्थन की उम्मीद है. राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद सरकार ने पहले भी कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए हैं और इस बार भी नजर फ्लोर मैनेजमेंट पर होगी.

नए वित्तीय वर्ष कर्मचरियों को वेतनवृद्धि होने जा रही

भोपाल  01 अप्रैल 2005 यानी मंगलवार से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है. नए वित्तीय वर्ष से टैक्स और बैंक से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं. मध्यप्रदेश में भी कई नए बदलाव 01 अप्रैल से होने जा रहे हैं. इन बदलावों से प्रदेश के कर्मचारी वर्ग से लेकर छात्र तक प्रभावित होंगे. आम आदमी पर इन बदलावों का सीधा असर पड़ने वाला है. ये असर आम आदमी की जेब का भार बढ़ाएगा. वहीं, कर्मचरियों को वेतनवृद्धि होने जा रही है. अब ज्यादा देना होगा टोल टैक्स भोपाल से इंदौर की यात्रा करने पर वाहन चालकों को टोल टैक्स के रूप में अब ज्यादा राशि देनी होगी. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 01 अप्रैल से टोल की दरों को बढ़ा दिया है. इससे भोपाल से इंदौर-देवास बायपास, मांगलिया और इंदौर-अहमदाबाद रोड से गुजरना महंगा हो जाएगा. अब कार चालकों को 100 रुपए का भुगतान करना होगा, जबकि अभी तक सिर्फ 65 रुपए का भुगतान करना होता था. इसी तरह टैक्सी, मिनी बस और लाइट मोटर व्हीकल को 160 रुपए का भुगतान करना होगा, अभी 105 रुपए देने होते थे. बिजली बिल का झटका भी लगेगा मध्य प्रदेश के लोगों की जेब पर भार 01 अप्रैल से बढ़ने जा रहा है. विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में 3.46 फीसदी की औसत वृद्धि को मंजूरी दे दी है. अब यह बढ़ी हुई बिजली दरें 01 अप्रैल से लागू होने जा रही हैं. इस तरह मई माह में आना वाला बिजली बिल बढ़ी हुई दरों के साथ ही आएगा. उधर, ऐसे बिजली उपभोक्ता जो प्रदेश में स्मार्ट मीटर का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें बिजली दरों में राहत मिलेगी. सौर ऊर्जा अवधि के दौरान बिजली शुल्क में 20 फीसदी की छूट उपभोक्ताओं को मिलेगी. विद्युत नियामक आयोग ने लो टेंशन और हाई टेंशन के मामले में उपभोक्ताओं को न्यूनतम शुल्क में राहत दी है. कर्मचारियों की जेब में आएगा पैसा मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 01 अप्रैल से बड़ा लाभ होने जा रहा है. कर्मचारियों को 01 अप्रेल से सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा. इस वजह से अब बढ़ा हुआ पैसा कर्मचारियों की जेब में आएगा. राज्य सरकार ने 01 अप्रैल से सांतवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने का कैबिनेट में निर्णय लिया था. इस वजह से हाउस रेंट के अलावा तमाम मदों में 7 वें वेतनमान के हिसाब से पैसा मिलेगा. मकान खरीदना होगा महंगा वहीं, कर्मचारियों का पैसा बढ़ेगा, लेकिन प्रदेश में मकान खरीदना और महंगा हो जाएगा. 01 अप्रैल से प्रदेश में जमीनों की कीमतों में बढोत्तरी हो गई है. भोपाल में जमीन की कीमतों में 14 फीसदी और इंदौर में 30 फीसदी तक कीमतें बढ़ गई हैं. उधर, अब प्रदेश में रजिस्ट्रियां और स्टांप सिर्फ संपदा 2 पोर्टल पर ही होंगे. 01 अप्रैल से संपदा 1 पोर्टल को बंद किया जा रहा है. संपदा 2 पोर्टल पर पंजीयन और संपत्ति को सर्च करना आसान हो जाएगा.

अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका

Now Ghibli images can be created for free on ChatGPT, Sam Altman made a big announcement on the trend going viral, know how OpenAI का ChatGPT अभी काफी चर्चा में है. इससे Studio Ghibli स्टाइल की इमेज जनरेशन की बाढ़ आ गई है. कंपनी के नेटिव इमेज जेनरेशन फीचर रोलआउट करने के बाद से ही यूजर्स AI से फोटो को बनवा रहे हैं. Studio Ghibli को वायरल ट्रेंड बन चुका है. कंपनी ने बताया कि Studio Ghibli की वजह से महज एक घंटे में 10 लाख नए यूजर्स जुड़ गए. Sam Altman ने X पर ऐलान किया, “ChatGPT का लॉन्च 26 महीने पहले सबसे पागलपन भरे वायरल मोमेंट्स में से एक था, जब हमने 5 दिन में 10 लाख यूजर्स जोड़े थे. अब पिछले एक घंटे में ही 10 लाख यूजर्स और जुड़ गए.” उन्होंने आगे कहा, “अब इमेज जेनरेशन फ्री यूजर्स के लिए भी रोलआउट हो गया है.” यानी यूजर्स फ्री में ChatGPT से Ghibli Style Image बनवा सकते हैं. आपको बता दें कि 26 मार्च 2025 को OpenAI ने ChatGPT Plus, Pro और Team यूजर्स के लिए यह फीचर लॉन्च किया था. जापान के मशहूर Studio Ghibli स्टाइल आर्टवर्क ने सोशल मीडिया यूजर्स को इतना इंप्रेस किया कि लोग अपनी तस्वीरों को पॉपुलर ऐनिमे फिल्म्स की स्टाइल में बदलने लगे. हालांकि, फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर कुछ देरी के बाद आज यानी 1 अप्रैल 2025 को आया है. ChatGPT पर फ्री में बनेगी Ghibli Style इमेजआपको बता दें कि अभी Ghibli Style Image की धूम मची हुई है. सभी अपनी Ghibli Style Image बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. ChatGPT के फ्री ना होने पर यूजर्स इसके अल्टरनेटिव से अपनी Ghibli Style फोटो बनवा रहे हैं. लेकिन, अब इसके फ्री होने के बाद यूजर्स ChatGPT से ही Ghibli Style इमेज बनवा सकते हैं. आपको बस ChatGPT में अपना अकाउंट बनाना होगा. इसके बाद आप अपनी फोटो को इसमें अपलोड करके Ghibli Style में कन्वर्ट करने का कमांड दे सकते हैं. इसके बाद यह आपकी इमेज को Ghibli Style में बदल देगा. हालांकि, फ्री होने की वजह से इस पर थोड़ी लिमिट हो सकती है. Studio Ghibli से OpenAI को फायदाआपको बता दें ति OpenAI ने ChatGPT को नवंबर 2022 में लॉन्च किया था. यह एक कन्वर्सेशनल AI टूल था, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स लेकर इंसानों जैसे जवाब देता है. अब इमेज जेनरेशन जैसे फीचर्स के साथ ये और भी पावरफुल हो गया है. अब Studio Ghibli स्टाइल इमेज ने ChatGPT को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन OpenAI के सामने अब सिस्टम को स्टेबल रखने और बिजनेस वैल्यू देने की चुनौती है

बुस एक काम करे और करे अयोध्या में रामलला के मुफ्त दर्शन

इंदौर  इंदौर में भिक्षावृत्ति की सूचना देने पर जिला प्रशासन की तरफ से इनाम की घोषणा के बाद अब राशन दुकानों पर कालाबाजारी और मिलावट आदि की जानकारी देने वालों को अब अयोध्या के राम मंदिर जाने का मौका मिलेगा. साथ उन्हें वहां रहने और खाने की सुविधा भी दी जाएगी. जबकि नकद पुरस्कार चाहने वालों को 1100 से 2100 रुपये तक दिए जाएंगे. इंदौर नगर निगम परिषद में गरीबी उपशमन विभाग के प्रमुख मनीष शर्मा ने यह घोषणा की है. अब तक 40 से ज्यादा अनाज व्यापारियों के खिलाफ दर्ज की गई है एफआईआर जानकारी के मुताबिक इंदौर में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जरूरतमंद हितग्राहियों को राशन की दुकान से मिलने वाला अनाज खुले बाजार में व्यापारियों को बेच दिया जाता है. इसकी धर पकड़ के लिए अभियान चलाकर अब तक 40 से ज्यादा अनाज व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इसके अलावा कुछ व्यापारियों के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की गई है. हालांकि अब भी बड़े पैमाने पर या तो राशन की दुकान संचालक सरकारी अनाज को बेच देते हैं. ऐसे तमाम मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इंदौर नगर निगम के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा उर्फ मामा ने ऐसे मामलों की सूचना देने वालों के लिए बाकायदा पुरस्कार देने की घोषणा की है. अयोध्या की फ्री टिकट के साथ ही रहने-खाने की निशुल्क होगी व्यवस्था एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के मुताबिक “शहर में अब कोई भी राशन माफिया को पकड़ता है या उन्हें अनाज की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की सूचना देता है तो उन्हें अयोध्या जाकर तीर्थ यात्रा करने का फ्री टिकट और रहने-खाने की व्यवस्था की जाएगी. जबकि नकद राशि चाहने वालों को 1100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. जबकि बड़े मामलों में पुरस्कार की यह राशि 2100 रुपए होगी.” दरअसल यह पहला मामला है जब शहर में राशन माफिया के खिलाफ धरपकड़ और कार्रवाई को लेकर निजी तौर पर किसी पुरस्कार के तौर पर तीर्थ यात्रा करने की घोषणा की गई हो. इसे लेकर मनीष शर्मा का मानना है “सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अनाज लोगों के निजी उपयोग के लिए है लेकिन कई राशन दुकानदार इसे वापस खरीद कर राशन माफिया को बेच देते हैं. बाजार में राशन कार्ड के आधार पर लिया गया चावल 15 से 17 रुपए किलो तक बेच दिया जाता है जो केंद्र सरकार और शासन की गरीबी उपशमन योजना के खिलाफ है.” गुजरात महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों में जा रहा राशन का अनाज दरअसल इंदौर में बीते कुछ सालों में ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं या चावल शहर में किराए के गोदाम या अन्य स्थानों पर चोरी छुपे रखा गया था. छापेमारी की कार्रवाई में गेहूं और चावल के हजारों कट्टे बरामद हुए हैं. जिसको देखते हुए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई का फैसला किया है. बीते दिनों अरविंदो कॉलेज के पास एक गोदाम में छापे की कार्रवाई के दौरान एक वाहन और 800 कट्टे बरामद हुए लेकिन कोई उस पर दावा करने नहीं आया.

MP में अब हिंदी और अंग्रेजी नहीं बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी पढ़ाई होगी: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब हिंदी और अंग्रेजी नहीं बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी पढ़ाई होगी. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजभवन में आयोजित ‘कर्मयोगी बनें’ कार्यशाला में की. इस कार्यशाला में सीएम के साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के साथ विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि “हमारे यहां विद्यार्थियों को केवल हिंदी ही नहीं तमिल-तेलुगू जैसी भाषा में भी पढ़ाने के लिए हम प्रेरित करेंगे. जो बच्चे इसमें जाएंगे उनको विशेष अंक देकर प्रोत्साहन देंगे. ये भाषाओं का गुलदस्ता हमारा है, हमें इस पर गर्व होना चाहिए.” ‘हर व्यक्ति अपने कर्मों से बंधा’ सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि “भगवत गीता में कर्म, अकर्म और विकर्म को समझााने का प्रयास किया गया है. जिसने जन्म लिया है, उसे सांस लेना, सोना और खाना भी कर्म है. हर व्यक्ति अपने कर्मो से बंधा हुआ है. हम जो भी कार्य करें, उसका दोष भगवान को न दें. हमने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है. लेकिन वर्तमान में जिनको जैसी बातें करनी है, वो राजनीतिक दृष्टि से करते होंगे. हम तो राष्ट्रनीति के आधार पर सोचते हैं. हम अपने कर्मो के आधार पर जिस जगह भी पहुंचते हैं, वहां पूरी निष्ठा, उर्जा और आनंद के साथ काम करना चाहिए.” हम मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण कर रहे राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की होगी. इतिहास साक्षी है, जापान, जर्मनी, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया 4 से 5 दशक पहले ऐसे ही मोड़ पर थे. जहां से एकजुट होकर उन्होंने अपने राष्ट्र के विकास की नई इबारत लिखी. आज भारत भी उसी दौर से गुजर रहा है और हम मिलकर विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं.” राज्यपाल ने कर्मयोगी की परिभाषा बताते हुए कहा कि “व्यक्तिगत लाभ, सफलता-असफलता की चिंता किए बगैर निरंतर कार्य करने वाला ही सच्चा कर्मयोगी है.”

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, इन लोगों को मिलेगा 5 लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड

नईदिल्ली नए फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे नियम लागू होंगे, जो बजट में लागू हुए थे। बीते एक फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के हित में भी कई बड़े ऐलान किए थे। इनमें से एक ऐलान- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का है। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की लिमिट को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। किस तरह की जरूरतों के लिए मददगार बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड एक बैंकिंग उत्पाद है जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि वस्तुएं खरीदने में मददगार है। इसके साथ ही फसल उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए समय पर और किफायती क्रेडिट प्रदान करता है। 2019 में केसीसी योजना को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था। बता दें कि चालू किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों के तहत राशि 31 दिसंबर, 2024 तक 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। इससे 7.72 करोड़ किसानों को फायदा हुआ है। मार्च, 2014 में चालू केसीसी की राशि 4.26 लाख करोड़ रुपये थी। बजट में कटौती बीते एक फरवरी को पेश बजट में सरकार ने कृषि क्षेत्र के बजट में कटौती की थी। केंद्र सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि मंत्रालय का बजट आवंटन 2.75 प्रतिशत घटाकर 1.37 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस कमी की भरपाई संबद्ध क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए आवंटन से हुई है, जिसमें मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए आवंटन को 37 प्रतिशत बढ़ाकर 7,544 करोड़ रुपये और खाद्य प्रसंस्करण के लिए आवंटन को 56 प्रतिशत बढ़ाकर 4,364 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और खाद्य प्रसंस्करण के लिए कुल बजट आवंटन वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। नई योजनाओं के लिए आवंटन विस्तृत होने के बाद इसके चालू वर्ष के संशोधित अनुमान 1.47 लाख करोड़ रुपये को पार करने की उम्मीद है।

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