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चैत्र नवरात्रि का छठवां दिन कल, मां कात्यायनी की करें पूजा

मां भवानी की छठवां स्वरूप मां कात्यायनी का है. माना जाता है कि देवी दुर्गा की छठी शक्ति मां कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के घर हुआ था, इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यानी का स्वरूप दिव्य और भव्य है. इनका शुभ वर्ण हैं और स्वर्ण आभा से मण्डित हैं. इनकी चार भुजाओं में से दाहिने तरफ का ऊपरवाला हाथ अभय मुद्रा में और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है. बाएं हाथ में ऊपर कर हाथ में तलवार और निचले हाथ में कमल है. इनका वाहन सिंह है. शीघ्र विवाह, वैवाहिक जीवन में खुशहाली और दुश्मनों पर विजय पाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा अचूक मानी जाती है. मां कात्यायनी पूरे ब्रजमंडल की अधिष्ठदात्री देवी हैं. इनके आशीर्वाद से भक्त को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है. मां कात्यायनी की पूजा विधि नवरात्रि के छठें दिन मां कात्यायनी की पूजा करन के लिए स्नान कर पूजा स्थल की साफ-सफाई कर लें. उसके बाद अपने हाथ में एक कमल का फूल लेकर मां कात्यायनी का ध्यान करें. इसके बाद मां कात्यायनी का पंचोपचार से पूजा कर, उन्हें लाल फूल, अक्षत, कुमकुम और सिंदूर अर्पित करें. इसके बाद उनके सामने घी या कपूर जलाकर आरती करें. अंत में मां के मन्त्रों का उच्चारण करें. इस दिन मां कात्यायनी की पूजा में सफेद या पीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. मां कात्यायनी शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती हैं. शत्रुओं पर विजय पाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा की जाती है और देवी स्वयं नकारात्मक शक्तियों का अंत करने वाली देवी हैं. मां कात्यायनी का भोग और रंग नवरात्रि के चौथे दिन मां कात्यायनी की पूजा में देवी को शहद या शहद से बने हलवे को भोग लगाना शुभ माना जाता है. कहते हैं कि ऐसा करने सौंदर्य में निखार और वैवाहिक जीवन में मिठास बढ़ती है. इसके अलावा धन-वैभव की वृद्धि होती है. वहीं मां कात्यायनी की पूजा में स्लेटी या ग्रे रंग के कपड़े पहनने चाहिए. मां कात्यायनी के मंत्र जाप पहला मंत्र सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते ।। दूसरा मंत्र ऊं क्लीं कात्यायनी महामाया महायोगिन्य घीश्वरी, नन्द गोप सुतं देवि पतिं मे कुरुते नमः।। तीसरा मंत्र पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्त अनुसारिणीम्। तारिणीं दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम्।। ये भी पढ़ें:- किचन में रात को रख दें ये 1 चीज, कभी नहीं होगी धन की कमी! मां कात्यायनी का ध्यान मंत्र वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम्। सिंहारूढा चतुर्भुजा कात्यायनी यशस्विनीम्॥ स्वर्णवर्णा आज्ञाचक्र स्थिताम् षष्ठम दुर्गा त्रिनेत्राम्। वराभीत करां षगपदधरां कात्यायनसुतां भजामि॥ पटाम्बर परिधानां स्मेरमुखी नानालङ्कार भूषिताम्। मञ्जीर, हार, केयूर, किङ्किणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥ प्रसन्नवदना पल्लवाधरां कान्त कपोलाम् तुगम् कुचाम्। कमनीयां लावण्यां त्रिवलीविभूषित निम्न नाभिम्॥ मां कात्यायनी की आरती |Maa Katyayni Aarti जय जय अम्बे जय कात्यायनी। जय जग माता जग की महारानी॥ बैजनाथ स्थान तुम्हारा। वहावर दाती नाम पुकारा॥ कई नाम है कई धाम है। यह स्थान भी तो सुखधाम है॥ हर मन्दिर में ज्योत तुम्हारी। कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥ हर जगह उत्सव होते रहते। हर मन्दिर में भगत है कहते॥ कत्यानी रक्षक काया की। ग्रंथि काटे मोह माया की॥ झूठे मोह से छुडाने वाली। अपना नाम जपाने वाली॥ बृहस्पतिवार को पूजा करिए। ध्यान कात्यानी का धरिये॥ हर संकट को दूर करेगी। भंडारे भरपूर करेगी॥ जो भी माँ को भक्त पुकारे। कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥

सीएम राईज स्कूल सजवानी (बड़वानी) में स्कूल चले हम अभियान के तहत प्रवेशोत्सव का आयोजन

बड़वानी  स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2025 में सीएम राईज माडल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़वानी में मनाया गया ।     पूर्व केबिनेट मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, विधायक श्री राजन मण्डलोई, कलेक्टर सुश्री गुंचा सनोबर, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री काजल जावला, एसडीएम श्री भूपेन्द्र रावत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  के रूप में उपस्थित थे ।    इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथियो द्वारा सरस्वती पूजन के पश्चात नवीन सत्र में प्रवेश लिये बच्चो का तिलक एवं फूल देकर स्वागत किया तथा बच्चो को निःशुल्क पुस्तक वितरण एवं गणवेश भी किया ।     इस दौरान जनप्रतिनिधियो एवं प्रशासनिक अधिकारियो ने विद्यार्थियो को सम्बोधित कर उन्हें नवीन सत्र में प्रवेश की बधाई एवं उनके उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाऐं प्रेषित की । जीवन में शिक्षा के महत्व को लेकर अपने विचार रख बच्चो को प्रेरित किया। वहीं सभी बच्चो एवं उनके अभिभावको से अनुरोध है कि वह शिक्षा का प्रकाश हर बच्चे तक पहुंचाऐं । बच्चो का नामांकन आवश्य करवाये एवं जो भी बच्चे किसी कारणवश शाला छोड़ चुके है उन्हें पुनः स्कूल से जोड़े ।

गाजा में लंबे समय तक बने रहेंगे इजरायली सैनिक, सेना के नए चीफ ने की आक्रामक तैयारी

तेल अवीव इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने बुधवार को गाजा में सैन्य अभियान के बड़े विस्तार की घोषणा की। इस अभियान के दौरान गाजा के एक बड़े हिस्से पर कब्जा करने की योजना है, ताकि उन्हें इजरायल के सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल किया जा सके। बयान में, कैट्ज ने कहा कि अभियान में “युद्ध क्षेत्रों से गाजा की आबादी को बड़े पैमाने पर निकालना” भी शामिल होगा। हालांकि उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। बयान के अनुसार, सैन्य अभियान का विस्तार “आतंकवादियों और आतंकी ढांचे के क्षेत्र को कुचलने और साफ करने के लिए किया जाएगा, जबकि बड़े क्षेत्रों पर कब्जा किया जा सके।” दक्षिणी राफा से लोगों को बाहर निकलने को कहा मंगलवार देर रात अरबी मीडिया के लिए इजरायली सेना के प्रवक्ता ने गाजा के दक्षिणी राफा क्षेत्र के निवासियों को अपने घर छोड़ने और उत्तर की ओर जाने का आदेश दिया। सीएनएन ने पिछले महीने ही बताया था कि इजरायल गाजा में एक बड़े जमीनी हमले की योजना बना रहा है, जिसमें एन्क्लेव के एक बड़े हिस्से को साफ करने और उस पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को युद्ध में भेजना शामिल होगा। गाजा पर जारी है इजरायली बमबारी बुधवार को कैट्ज के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गाजा पट्टी के इस विस्तारित अभियान में अतिरिक्त इजरायली सैनिक शामिल होंगे या नहीं। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब इजरायल ने गाजा पट्टी पर हवाई बमबारी जारी रखी है। नासेर अस्पताल और खान यूनिस में यूरोपीय अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी गाजा में रात भर इजरायली हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं। अस्पतालों में आ रहे लोगों के शव नासेर अस्पताल के अनुसार, मारे गए लोगों में कम से कम 13 लोग – जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मरने वाले लोग राफा क्षेत्र से विस्थापित होने के बाद एक आवासीय घर में शरण लिए हुए थे। अल अवदा अस्पताल के अनुसार, दो लोग मध्य गाजा में एक अलग हमले में मारे गए। इजरायल ने दो सप्ताह पहले गाजा पर अपना आक्रमण फिर से शुरू किया, जिससे हमास के साथ दो महीने पुराना युद्धविराम टूट गया। इजरायल ने पहले से ही गाजा में मानवीय सहायता की पूरी नाकाबंदी कर दी थी। गाजा में लंबे समय तक बने रहेंगे इजरायली सैनिक इजरायल ने चेतावनी दी कि उसके सैनिक गाजा के कुछ हिस्सों में तब तक स्थायी रूप से मौजूद रहेंगे जब तक कि शेष 24 बंधकों की रिहाई नहीं हो जाती, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अभी भी जीवित हैं। तब से एन्क्लेव में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि गाजा पट्टी में खाद्य आपूर्ति समाप्त हो रही है। इजरायली सेना के नए चीफ ने की आक्रामक तैयारी इजरायली सेना के नये चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर के नेतृत्व में इजराइली सेना पिछले कई सप्ताह से गाजा में बड़े पैमाने पर अभियान की योजना बना रही है। इस तरह के निर्णय से इजराइली सेना इस क्षेत्र पर कब्जा कर सकती है और वर्षों तक विद्रोहियों से लड़ सकती है। लेकिन गाजा में लंबे समय तक आक्रमण करने से इजराइली जनता का कड़ा प्रतिरोध भी हो सकता है, जिनमें से अधिकांश लोग युद्ध की वापसी के बजाय बंधकों की रिहाई के लिए समझौते की मांग कर रहे हैं।

UPI के जरिए मार्च महीने में ट्रांजैक्शंस के टूटे सारे रिकॉर्ड, 24.77 लाख करोड़ रुपए का हुआ लेन-देन

नई दिल्ली भारत के डिजिटल पेमेंट रेवोल्यूशन ने एक और नया मील का पत्थर छू लिया है। मार्च 2025 में UPI के जरिए 24.77 लाख करोड़ रुपये के लेन-देन हुए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लगातार बढ़ रही है UPI की लोकप्रियता नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, UPI ट्रांजैक्शंस का ग्रोथ रेट जबरदस्त बना हुआ है। पिछले 11 महीनों से हर महीने लेन-देन का कुल मूल्य 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है।     सालाना तुलना: मार्च 2024 की तुलना में इस साल 25% की वृद्धि हुई है।     वॉल्यूम ग्रोथ: लेन-देन की संख्या में 36% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।          मार्च में कुल ट्रांजैक्शंस: 18.3 बिलियन (यानी 1830 करोड़ ट्रांजैक्शंस)। तिमाही प्रदर्शन भी शानदार जनवरी से मार्च 2025 के दौरान UPI ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू 70.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी अवधि से 24% ज्यादा है।     दैनिक औसत लेन-देन: ₹79,903 करोड़, जो फरवरी से 1.9% अधिक रहा।     UPI ट्रांजैक्शंस की संख्या: 2.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।     प्रति ट्रांजैक्शन औसत मूल्य: ₹1,353.6, जो दर्शाता है कि लोग अब छोटे लेकिन अधिक फ्रीक्वेंट ट्रांजैक्शंस कर रहे हैं।  UPI की बढ़त जारी रहेगी? UPI की सफलता को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत जल्द ही डिजिटल पेमेंट्स के मामले में नया वैश्विक बेंचमार्क सेट कर सकता है। सरकार, NPCI और फिनटेक कंपनियों की लगातार कोशिशों से आने वाले महीनों में यह आंकड़ा और भी ऊंचाई छू सकता है।  

जिले में 4.60 किमी सड़क निर्माण कार्य के लिए राज्य शासन से 7 करोड़ रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

कोरिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार सुदूर अंचलों में अधोसंरचना विकास हेतु कार्यों की स्वीकृति और बजट आवंटन जारी है। इसी कड़ी में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक श्याम बिहारी जायसवाल तथा बैकुंठपुर विधानसभा के विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े के प्रयासों से कोरिया जिले को एक और महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृति प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने कोरिया जिले के अमरपुर-चिरमिरी मुख्य जिला मार्ग से लावापारा झलरापारा होते हुए बाबा पहरी मुख्य मार्ग तक 4.60 किमी. सड़क निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 26 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह कार्य 2024-25 के बजट में शामिल किया गया है और इस मार्ग के निर्माण से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क नेटवर्क को सुधारने में मदद मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य की स्वीकृति के साथ कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं।कार्य की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुल और पुलिया के डिज़ाइन और ड्राइंग की स्वीकृति सक्षम अधिकारी से प्राप्त करने के बाद ही कार्य प्रारंभ होगा। यह कार्य शासकीय भूमि पर ही किया जाएगा, क्योंकि भू-अर्जन का कोई प्रस्ताव नहीं है। कार्य की निविदा प्रक्रिया प्रमुख अभियंता कार्यालय के निविदा प्रकोष्ठ से की जाएगी। कोरिया कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा है कि यह कार्य जिले के यातायात व्यवस्था को सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा साथ ही जिला के विकास को गति मिलेगी और स्थानीय निवासियों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी।

सीएम योगी बने शिक्षक: विद्यालय के लोकार्पण पर बच्चों को अनुशासन और मेहनत की दी सीख, सेल्फी भी ली

बरेली नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना स्थित अटल आवासीय विद्यालय के लोकार्पण पर सीएम योगी का अलग अंदाज दिखा। वह स्कूली बच्चों से घुल-मिल गए। उन्हें अनुशासन और मेहनत की सीख दी। बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना में 73 करोड़ की लागत से तैयार अटल आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को इन विद्यालयों से राष्ट्रवाद की शिक्षा मिलेगी। ये विद्यालय राष्ट्रभक्त तैयार करने के साथ ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। आवासीय विद्यालय में कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक बन गए। उन्होंने बच्चों से सवाल किए। जवाब सुनकर मुस्कुराए और पुरस्कार में टॉफी दी। बच्चों को दुलारते हुए मेहनत करने की सीख दी। मंच पर पांच बच्चों को शैक्षिक किट दी। अभिभावकों को भी नसीहत दी। सीएम ने बच्चों संग सेल्फी भी ली।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 100 अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण की योजना शुरू की थी। 16 विद्यालय बनकर शुरू हो गए हैं। बरेली में 17वां विद्यालय बनकर तैयार है। यहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा मिलेगी। अभी तक यहां के बच्चे लखनऊ में पढ़ रहे थे। इस वर्ष से छठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चे यहां पढ़ने आ गए हैं। जो बच्चे छठवीं से सातवीं और नौवीं से दसवीं में गए हैं, उनको 15 अप्रैल को यहां शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों-अभिभावकों से दोतरफा संवाद किया। बरेली की नौवीं कक्षा की दुर्गेश कुमारी से सीएम ने पहले नाम पूछा, फिर बोले- अच्छे से पढ़ाई करना। दुर्गेश ने अपने जवाब से सीएम को आश्वस्त किया। बदायूं के अंशदेव गौतम ने सीएम से कहा कि उन्हें यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगा। बदायूं के ही शिवांश ने बताया कि सीएम ने नाम-पता पूछने के साथ ही कक्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि सरकार पर विश्वास रखें। बच्चों को बार-बार घर न बुलाएं। बच्चों से कहा कि अनुशासन में रहिएगा। समय पर जागिए, भोजन लीजिए, खेलकूद और पढ़ाई कीजिए। इसके अलावा कोई और एजेंडा नहीं होना चाहिए।   सीएम ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा अटल आवासीय विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। विद्यालय प्रांगण में मित्रवन, वेटलैंड संरक्षण वन, विरासत वन, मियावाकी पद्धति का प्रचार करने के लिए वन विभाग ने प्रदर्शनी भी लगाई।  

क्षेत्र के युवाओं को ‘पूना पर्रियान’ के तहत कराया जा रहा शारीरिक रूप से दक्ष

उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल “पूना पर्रियान“ (नई उड़ान) के तहत क्षेत्र के ऐसे युवा छात्र जो सेना अग्निवीर, जल, थल, वायु सेना भर्ती, पुलिस एसआई भर्ती, पुलिस आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती या अन्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए विकासखंड भानुप्रतापपुर मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर ग्राम चौगेल (मुल्ला) में पूर्व से संचालित कैम्प में शारीरिक दक्षता हेतु फिजिकल गतिविधियां कराई जा रही हैं।            जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने बताया कि चौगेल (मुल्ला) के पुराना कैम्प में क्षेत्र के युवाओं के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ प्रतिभागियों की मेंटल एबिलिटी की तैयारी भी कराई जा रही है। सभी छात्रों के लिए प्रातः 06 बजे से 09 बजे तक विभिन्न प्रकार की प्रैक्टिस कराने के बाद 10 बजे से मेंटल एबिलिटी की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। छात्र भविष्य में सेना, अग्निवीर, एसआई भर्ती, पुलिस, आबकारी, वनरक्षक या अन्य ऐसे रोजगार जहां फिजिकल टेस्ट आवश्यकता हो, उन क्षेत्रों की तैयारी कराई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा भी इस पूना पर्रियान (नई उड़ान) की सतत मानिटरिंग एवं सुपरविजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी इच्छुक युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसका लाभ अवश्य उठाएं।

सुरक्षा कैंप लगने से बदलने लगी गांव की तस्वीर, बना पहला पक्का आवास

बीजापुर नक्सलवाद का  काला धुँध साफ होने  के  साथ  नक्सल प्रभावित  गाँवों में  विकास  की  रोशनी पहुंचने  लगी है। इसका सबसे  बड़ा  उदाहरण है  बीजापुर   जिले  ग्राम पंचायत धरमारम, जहां आजादी  के बाद  पहला  पक्का  आवास  बना  है।  प्रधानमंत्री  आवास योजना के  अंतर्गत 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला गुंडी बुचमा का  पक्का  आवास  बनकर  तैयार है।   पति की मृत्यु के बाद भी गुंडी बुचमा ने हिम्मत नहीं हारी आतंक और भय के माहौल में उसने अपने बेटे को शिक्षा से जोड़े रखा। वर्तमान में केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में गुंडी बुचमा का आवास बनकर तैयार है। क्षेत्र में गुंडी बुचमा का आवास आजादी के 77 वर्ष बाद सच्ची आजादी का एहसास करा रही है। गुंडी बुचमा के आवास की कहानी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है चूंकि ग्राम पंचायत धरमारम माओवाद से प्रभावित गांव होने के कारण शासकीय योजनाओं का संचालन कठिन था। आजादी केे 77 वर्ष बाद भी आंतक और भय में ग्रामीण जीने को मजबूर थे। नक्सल प्रभाव के कारण ग्राम पंचायत में पानी, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही थी। गुंडी बुचमा एक अकेली महिला जो अपने बच्चे को खेती-बाड़ी कर पालन-पोषण कर रही थी। अपने बच्चे को दूसरे पंचायत में भेज कर 12वीं तक पढ़ाया, जो की उनके लिए एक उपलब्धि है। गांव में सुरक्षा कैंम्प लगने के साथ माओवाद का अंधियारा भी छटने लगा। वित्तीय वर्ष 24-25 में ग्राम पंचायत के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। शुरूआत में ग्रामीण डर की वजह से आवास निर्माण करने में डर रहे थे। समय के साथ गुंडी बुचमा ने आवास का निर्माण प्रारंभ किया। वर्तमान में उनका पक्का  छत वाला आवास बनकर तैयार हो गया है। गुंडी बुचमा के पुत्र का कहना है कि माओवाद के डर से किसी तरह झोपड़ी में बिना बिजली, सड़क, पानी के जीवन कट रहा था। अब हमारा पक्का  आवास  बन  गया है। सुरक्षा कैम्प लगने के साथ धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही हैं। मैं शासन प्रशासन का धन्यवाद करता हूं।

1681 लोकोमोटिव का उत्पादन करके भारत ने अमेरिका और यूरोप को पीछे छोड़ा

लोकोमोटिव उत्पादन में बना नया कीर्तिमान 1681 लोकोमोटिव का उत्पादन करके भारत ने अमेरिका और यूरोप को पीछे छोड़ा भोपाल देश में रेलवे लोकोमोटिव का उत्पादन बढ़कर 1681 हो गया है जो संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के कुल लोको उत्पादन से भी अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश के सभी लोकोमोटिव इकाइयों की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साल भारत में 1472 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ था। इस तरह इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 19% अधिक लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ है। मेड इन इंडिया की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिए गए निर्णयों के आलोक में देश में लोकोमोटिव का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। 2004 से 2014 तक की अवधि में देश में कुल 4695 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ था जिसका राष्ट्रीय वार्षिक औसत 469.5 रहा जबकि 2014 से 2024 के बीच देश में 9168 रेलवे लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ और वार्षिक औसत करीब 917 रहा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1681 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ है। इस वर्ष चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में 700, बनारस लोकोमोटिव वर्क्स में 477, पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में 304, मधेपुरा में 100 और मरहौरा में 100 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ है। देश में सबसे अधिक लोकोमोटिव मालगाड़ियों को चलाने के लिए उत्पादित किए गए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बनाए गए 1681 लोकोमोटिव में  WAG 9/9H लोकोमोटिव 1047, WAG 9HH लोकोमोटिव 7, WAG 9 Twin 148, WAP 5 लोकोमोटिव 2, WAP 7 लोकोमोटिव 272, NRC लोकोमोटिव 5, WAP 12 B लोकोमोटिव 100, WDG 4G/6G लोकोमोटिव 100 शामिल रहे।

12 अप्रैल मनाई जाएगी हनुमान जयंती

हनुमान जन्मोत्सव यानी इस साल 12 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन पूर्णिमा तिथि अप्रैल 12, 2025 को 03:21 बजे तड़के सुबह से शुरू होगी और अगले दिन 13 अप्रैल को 05:51 बजे सुबह तक रहेगी। आपक बता दें कि हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति को सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। हनुमान जी हर संकट को पल में हटा देते हैं। हनुमान जी देवी अंजना की संतान थे। हनुमान जन्मोत्सव पूजा सामग्री अगर आप भी इस दिन पूजा करना चाहते हैं , तो पूजा के लिए सामग्री आप यहां से नोट कर सकते हैं। इस दिन आप पूजा के लिए लाल आसन लाएं, हनुमान जी की प्रतिमा, उसमें लाल सिंदर चढ़ाने के लिए चमेली का तेल , लाल फूल, हनुमान चालीसा बजरंग बाण आरती भोग के लिए प्रसाद बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू अर्पित किए जाते हैं। कैसे करें पूजा इस दिन हनुमान जी की पूजा के लिए सबसे पहले मंदिर में घी की ज्योत प्रज्वलित करें। हनुमान जी को गंगा जल से अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें एक साफ कपड़े से पौंछ लें। सिंदूर और घी या चमेली के तेल को मिलाकर भगवान को अर्पित करें। फिर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। हनुमान जी को चोला चढ़ाने के बाद चांदी या सोने का वर्क भी चढ़ा दें। हनुमान जी को जनेऊ अर्पित करें और फिर उन्हें लड्डयों का भोग लगाएं। हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद आरती के बाद क्षमा प्रार्थना करें। हनुमान चालीसा का एक से अधिक बार पाठ करें।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत लाभान्वित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी

  ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं सहित दिव्यांगजनों को मिलेगा तीर्थ यात्रा का अवसर जगदलपुर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देश के अनुसार योजनांतर्गत वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजनों के अलावा विधवा तथा परित्यक्त महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। जिन्हें निर्धारित 19 तीर्थ स्थानों में से चयनित तीर्थ स्थान की यात्रा कराई जायेगी। वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं की यात्राएं एक साथ संचालित की जाएगी। दिव्यांगजनों हेतु पृथक से विशेष यात्राएं संचालित की जाएगी। बस्तर जिले हेतु मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत क्रमशः 394 एवं 28 व्यक्तियों को यात्रा पर भेजे जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। उक्त लक्ष्य में चयनित हितग्राही, सहायकों सहित शासकीय अनुरक्षक एवं सुरक्षा कर्मी आदि सम्मिलित होंगे। इसे दृष्टिगत रखते हुए 394 के लक्ष्य अनुसार तीर्थदर्शन यात्रा के लिए जिले के नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र से तथा 25 प्रतिशत हितग्राही नगरीय क्षेत्र से चयनित किया जाएगा। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु हितग्राहियों के चयन में 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल अन्त्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी और 20 प्रतिशत हितग्राही एपीएल परिवारों के नागरिक होंगे जो आयकर दाता न हो। शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत 19 तीर्थ स्थलों में से चिन्हांकित यात्रा का कार्यक्रम प्राप्त होने पर पात्रतानुसार चयनित व्यक्तियों को तीर्थयात्रा पर भेजा जा सकेगा। वरिष्ठ नागरिकों, विधवा, परित्यक्त महिलाओं और दिव्यांगजन के चयन यथा आवेदन पत्र प्राप्ति के समय यह ध्यान में रखा जाए कि वरिष्ठ नागरिक की आयु न्यूनतम 60 वर्ष से कम न हो, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं की आयु 60 वर्ष से कम हो एवं दिव्यांगजनों की आयु 18 वर्ष से कम न हो। वर्तमान में शासकीय सेवा में सेवारत अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारी न हो एवं आयकर दाता न हों। आवेदक का मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा पर जाने हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम होने के संबंध में चिकित्सकीय प्रमाण पत्र पर चिकित्सक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय में होगी आवेदन की प्रक्रिया        मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत लाभान्वित होने के लिए सम्बन्धित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय में आवेदन पत्र जमा किए जा सकेंगे। सम्बन्धित नगर निगम या नगर पंचायत क्षेत्र के आवेदन पत्र के साथ संबंधित वार्ड के पार्षद द्वारा आवेदक की आयु तथा प्रथम बार मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन यात्रा पर जाने के संबंध में प्रमाण पत्र की प्रति, आवेदक का रक्त समूह संबंधी प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाए। स्वास्थ्य परीक्षण में अनफिट पाये जाने पर अनफिट यात्रियों को तीर्थयात्रा पर नहीं भेजा जाएगा। इस हेतु प्रत्येक नगरीय निकाय तथा जनपद पंचायत द्वारा प्रदत्त लक्ष्य अनुसार 25 प्रतिशत अतिरिक्त पात्र व्यक्तियों की आवेदन यथा सूची तैयार कर रखी जाएगी, जिन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा, चयनित हितग्राही के यात्रा पर नहीं जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची से पात्र हितग्राहियों को तीर्थयात्रा पर भेजा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक के आवेदन पत्र के साथ संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा आवेदक की आयु तथा प्रथम बार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत् यात्रा पर जाने के संबंध में प्रमाण पत्र की प्रति अनिवार्यतः संलग्न होना आवश्यक है। आवेदक के आवेदन पत्र के साथ स्वयं का पासपोर्ट फोटो तथा राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र या उम्र के सत्यापन हेतु अन्य प्रमाण पत्र जिसमें आवेदक की जन्म तिथि अंकित हो की प्रति संलग्न होना चाहिए। साथ ही संपर्क हेतु दूरभाष नम्बर या मोबाइल नंबर भी उल्लेखित हो एवं आवेदन में वांछित जानकारियों पूर्णतः अंकित की गई हो आदि का भली-भांति परीक्षण कर लिया जाए। 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक के साथ 21 से 50 वर्ष का व्यक्ति जो आवेदक द्वारा सहायक के रूप में नामित किया हो, वे जाने हेतु पात्र होंगे। इसी प्रकार से दिव्यांगजन तीर्थयात्री के साथ तीर्थ दर्शन यात्रा पर साथ जाने हेतु 21 से 50 वर्ष का व्यक्ति जो सम्बन्धित द्वारा नामांकित हो, वे सहायक के रूप में अनिवार्यतः भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा के लिए केवल श्रवण बाधित, मूक-बधिर, दृष्टि बाधित एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजन का ही चयन किया जाए। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश सभी जनपद पंचायतों एवं संबंधित नगरीय निकायों को प्रेषित कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री चौहान ने बनासकांठा पहुंच कर घायल श्रमिकों का हाल जाना, बंधाया ढांढस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ देर रात गुजरात के बनासकांठा पहुंचकर मध्यप्रदेश के घायल श्रमिकों एवं उनके परिजन से मुलाकात कर हाल-चाल जाना। मंत्री चौहान ने घायल श्रमिकों के परिजन से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही राज्य सरकार के द्वारा घायल मजदूरों के उचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। मंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुजरात, बनासकांठा में घटना स्थल पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन से जानकारी प्राप्त की। बनासकांठा जिले के डीसा अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों के इलाज के लिये उचित प्रबंध के निर्देश दिए। साथ ही घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। मंत्री चौहान ने कहा कि स्थानीय प्रशासन दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी करेगा। मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे में मृतक एवं घायल श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश सरकार ने पटाखा फैक्ट्री हादसे में घायल मृतकों के परिजनों को रुपये 2-2 लाख तथा घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रूपये और गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये एवं घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।  

वक्फ की जमीन पर कॉलेज और अस्पताल बने प्रधानमंत्री मोदी को हिंदू धर्म गुरु ने खून से लिखा पत्र

 मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खून से पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि वक्फ की जमीन पर कॉलेज और अस्पताल बना दिए जाएं। दिनेश फलाहारी ने खून से लिखा है कि 1947 में हिंदुओं के लिए हिंदुस्तान दिया गया था और मुसलमानों के लिए जिन्ना ने  पाकिस्तान मांग लिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने हिंदुओं को हमेशा ठगने का काम किया है। कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड बनाकर हिंदुस्तान की बेशकीमती जमीन मुसलमानों को दे दी। आगे लिखा है कि आप हिंदुओं के गौरव हैं, आपसे ही उम्मीद बची है। वक्फ बोर्ड की इस अवैध संपत्ति की जांच करा कर इस पूरी संपत्ति को कॉलेज, अस्पताल और पुलिस क्वार्टर के लिए दे दी जाए, जिससे जन समुदाय उसका लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति वक्फ बोर्ड का समर्थन करता है, वह देश विरोधी है। उन पर देशद्रोह की कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए, जिससे ये लोग पाकिस्तान में मजार और मस्जिद बना सकें और भाईचारा कायम कर सकें। ऐसे लोगों का हिंदुस्तान में कोई काम नहीं है। दिनेश फलाहारी ने पीएम मोदी को ट्वीट करके यह पत्र भेज दिया है। बता दें यह वही दिनेश फलाहारी हैं, जिन्होंने तीन वर्ष पहले प्रण लिया था कि जब तक मथुरा वाली मस्जिद, श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से नहीं हट जाएगी, तब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करेंगे। आज तक वे बिना भोजन के ही रह रहे हैं और जहां भी जाते हैं, नंगे पैर ही जाते हैं।

जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो अपने भीतर तुरंत उतार लें ये खूबियां

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।

मौनी रॉय ने करवाई ‘प्लास्टिक सर्जरी’

मुंबई इंडस्ट्री में सर्जरी कराना आम बात है। कभी वो सेलेब्स को सुंदर बना देता है और कभी तो उनके चेहरे का नक्शा ही बदल देता है। कुछ ऐसा ही हाल हुआ है एक्ट्रेस मौनी रॉय के साथ। बीते दिन उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उनके माथे पर लाइन्स दिखाई दे रही थीं। और लोग सर्जरी का नतीजा बता रहे थे। अब एक दूसरा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उनके होंठ लोगों को अजीब लग रहे हैं। वह सूजे हुए थे। मौनी रॉय एक इवेंट में पहुंची थीं। वहां उनके होंठ ने सबका ध्यान खींचा। वह नई हेयरस्टाइल में दिखाई दीं। कई लोगों ने उनके उस लुक की तारीफ की। मगर कुछ ने उन्हें प्लास्टिक सर्जरी की दुकान बता दिया। माथे पर गड्ढा और बदले हुए होंठों पर लोगों ने रिएक्ट किया। कुछ ने इसे बोटॉक्स और लिप फिलर का नतीजा बताया। मौनी रॉय का कॉस्मेटिक सर्जरी वाला लुक मौनी रॉय का वीडियो देखकर एक यूजर ने लिखा, ‘मौनी अब मौनी जैसी भी नहीं दिखतीं। मुझे तो कैप्शन देखना पड़ा कि ये कौन हैं।’ एक यूजर ने लिखा, ‘सर्जरी कर कर के वाट लगा दी है। पहचन में ही नहीं आ रही है और ये क्यूट कैसे हो सकता है।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘सर्जरी की दुकान, पूरे फेस का डिजाइन बन गया है। जैसे बच्चे ड्रॉइंग करते हैं टेढ़ा-मेढ़ा। वैसे ही डॉक्टर ने भी कुछ कलाकारी कर दी है।’ एक ने लिखा, ‘कितनी सर्जरी करवानी पड़ती है इनको जवान लगने के लिए।’ मौनी रॉय की सजंय दत्त के साथ फिल्म मौनी रॉय अब 18 अप्रैल को रिलीज होने वाली फिल्म ‘द भूतनी’ में नदर आएंगी। इसमें संजय दत्त, सनी सिंह, आसिफ खान के अलावा पलक तिवारी अहम भूमिका में हैं। फइल्म को सिद्धांत कुमार सचदेव ने डायरेक्ट किया है और संजय दत्त, मान्यता दत्त, दीपक मुकुट, हुनर मुकुट ने प्रोड्यूसर किया है।

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