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भारत के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का कहर जारी, इन 8 राज्यों में प्रचंड गर्मी का अलर्ट लेकिन कई राज्यों में होगी बारिश

नई दिल्ली भारत के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का कहर जारी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में लू चलने और तापमान में बढ़ोतरी के कारण मौसम विभाग ने हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, राहत की खबर यह है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश का अनुमान है, जिससे कुछ हद तक तापमान में गिरावट हो सकती है। दिल्ली और 8 अन्य राज्यों में हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली और 8 अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं। इन राज्यों में 10 अप्रैल तक लू की स्थिति बनी रहेगी। मुंबई और पड़ोसी जिलों में येलो अलर्ट मुंबई और इसके पड़ोसी जिले ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। आईएमडी ने इन इलाकों में 10 अप्रैल तक उमस और गर्मी के साथ येलो अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों ने नागरिकों को हीटस्ट्रोक, मांसपेशियों में ऐंठन और चकत्ते जैसी समस्याओं से बचने के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है। दिल्ली में बारिश की संभावना दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि 48 घंटे बाद हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि 11 अप्रैल तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों में भी लू का प्रभाव जारी रहेगा, लेकिन 10 अप्रैल के बाद बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जब उत्तर भारत में तापमान बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में 12 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चलने की संभावना है। इसके अलावा, बिहार में आज हल्की बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान जताया गया है। ओडिशा में बारिश और येलो अलर्ट ओडिशा के विभिन्न जिलों में बारिश की संभावना है, और इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। रायगढ़, कोरापुट, मयूरभंज और कालाहांडी जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है।इस मौसम में सभी को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, खासकर गर्मी और उमस से बचने के लिए।

SBI बैंक ने किया बड़ा बदलाव, बदल दिए विड्रॉल के नियम, अब एटीएम सर्विस चार्ज को भी बढ़ा दिया

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ATM लेन-देन के नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अगर आपका भी SBI में अकाउंट है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब आपको फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट, सर्विस चार्जेज और अन्य बदलावों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। आइए, जानते हैं कि एसबीआई ने किन-किन नियमों में बदलाव किया है और इसका आपके ATM लेनदेन पर क्या असर पड़ेगा। फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा में बदलाव SBI ने अब एटीएम पर फ्री लेन-देन की संख्या में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, सभी ग्राहकों को अब हर महीने SBI एटीएम पर 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन और दूसरे बैंकों के एटीएम पर 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन करने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा, अगर आपके खाते में 25,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच औसत बैलेंस है, तो आपको दूसरे बैंकों के एटीएम पर 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे। वहीँ, 50,000 रुपये से 1,00,000 रुपये के बीच बैलेंस रखने वाले खाताधारकों के लिए भी यही नियम लागू होंगे। लेकिन अगर आपके खाते में 1,00,000 रुपये से अधिक औसत मासिक बैलेंस है, तो आपको SBI और अन्य बैंक के एटीएम पर असीमित मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगे। यानी आपके लिए कोई ट्रांजैक्शन लिमिट नहीं होगी। एटीएम सर्विस चार्ज में बदलाव SBI ने अब एटीएम सर्विस चार्ज को भी बढ़ा दिया है। अगर आप अपनी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद SBI एटीएम का उपयोग करते हैं, तो बैंक 15 रुपये + GST वसूल करेगा। वहीं, दूसरे बैंकों के एटीएम पर यह शुल्क 21 रुपये + GST होगा। इसके अलावा, बैलेंस इंक्वायरी और मिनी स्टेटमेंट जैसी सेवाओं के लिए, फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद SBI एटीएम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन दूसरे बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करने पर प्रति ट्रांजैक्शन 10 रुपये + GST का शुल्क लिया जाएगा। अगर आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण एटीएम ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, तो 20 रुपये + GST का जुर्माना लगेगा। 1 मई 2025 से, SBI ग्राहकों को अपनी मुफ्त मासिक सीमा पार करने के बाद प्रत्येक एटीएम ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये का शुल्क देना होगा। इन बदलावों से स्पष्ट है कि अब SBI के ग्राहक को ज्यादा सतर्कता के साथ अपने ATM ट्रांजैक्शन की योजना बनानी होगी। बैंक द्वारा किए गए इन बदलावों से जहां कुछ ग्राहकों के लिए राहत मिलेगी, वहीं कुछ को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है।

मोहन सरकार ने की बढ़ी तैयारीआजादी से पहले के कई नियम-कानून करेगी खत्म

भोपाल मोहन यादव सरकार आजादी के पहले से लागू 9 विभागों के नियमों और अधिनियमों में बदलाव करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने तैयारी कर ली है, लेकिन इन विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी यह नहीं बता पा रहे हैं. यह स्थिति तब है जब विधि विभाग ने संबंधित विभागों को उनके डिपार्टमेंट से संबंधित बदलाव के दायरे में आने वाले नियमों की पूरी जानकारी भी दे रखी है। जिन अधिनियमों की समीक्षा होनी है, उनमें लाइसेंस प्रणाली, किसानों की कर्जमाफी, अकाल राहत, साहूकारी नियंत्रण और नशीले पदार्थों के व्यापार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। विधि और विधायी कार्य विभाग का कहना है कि जिन विभागों में ऐसे अधिनियम और नियम लागू हैं जो देश की आजादी से पहले बनाए गए थे, उन्हें या तो निरस्त किए जाने की जरूरत है या फिर मौजूदा हालात के अनुसार उनमें संशोधन किया जाना चाहिए। ऐसे नियमों की जानकारी संबंधित विभागों से शीघ्र मांगी गई है ताकि एकत्रित जानकारी के आधार पर शासन स्तर पर फैसला किया जा सके। इन 9 विभागों से मांगी गई जानकारी विधि और विधायी कार्य विभाग ने 9 विभागों से उनके पुराने नियमों और अधिनियमों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त या संशोधित किए जाने को लेकर जानकारी मांगी है। इसके लिए विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र भेजे गए हैं। ये विभाग हैं शामिल     जल संसाधन विभाग     गृह विभाग     उद्योग और व्यापार विभाग     नगरीय विकास और आवास विभाग     वाणिज्यिक कर विभाग     पशुपालन विभाग     राजस्व विभाग     किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग     स्कूल शिक्षा विभाग चार महीने में नहीं बता पाए अफसर विधि विभाग ने चार महीने पहले ही इन विभागों से जानकारी मांगी थी। इस दौरान विभाग ने तीन बार पत्र भी भेजे, लेकिन संबंधित अधिकारी यह नहीं बता पाए हैं कि उनके विभाग के कौन-से नियम और अधिनियम अब प्रासंगिक नहीं हैं, जिन्हें निरस्त या संशोधित किया जाना चाहिए।

अनूपपुर के इस जिले में बनेगा AI आधारित चेक पोस्ट, खनिज के अवैध परिवहन पर रखेगा निगरानी

अनूपपुर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने के लिए विभाग अब एआई की मदद से इस पर कार्रवाई करेगा। जिसके लिए एआई चेक गेट कोतमा से बिजुरी जाने वाले मार्ग पर ग्राम डोंगरिया के समीप स्थापित कर दिया गया है। कुछ दिनों में इसका मॉनिटरिंग एवं कमांड रूम खनिज कार्यालय में स्थापित हो जाएगा। इसके पश्चात यहां से गुजरने वाले प्रत्येक वाहनों में किए जा रहे खनिज के परिवहन की निगरानी हो सकेगी। खनिज वाहनों की सूचना विभाग को भेजेगा एआई चेक गेट अनूपपुर जिला खनिज संपदा से भरपूर है, जहां रेत, पत्थर एवं कोयला जिले में भरपूर मात्रा में है। ऐसे में इनका अवैध उत्खनन एवं परिवहन किए जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इसको देखते हुए संचालनालय खनिज विभाग ने जिले में एआई चेक गेट बनाते हुए अब हाईवे पर खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने की योजना बनाई है। इस चेक गेट में दोनों ओर तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही यहां इसका सिस्टम भी लगाया गया है। एआई चेक गेट यहां से निकलने वाले वाहनों की जांच करते हुए अवैध उत्खनन एवं परिवहन कर ले जाने वाले वाहनों की ट्रैकिंग करेगा और इसकी सूचना खनिज कार्यालय को भेजेगा। जहां से विभाग ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर होगी चौकसी जिले में कोयले के परिवहन तथा कोयले की हेरा फेरी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, जिसको देखते हुए मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस जगह पर एआई चेक गेट को लगाया गया है। विभाग ने इसे स्थापित करने के लिए तीन स्थान का चयन करते हुए वरिष्ठ कार्यालय को भेजा था जिसके पश्चात छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र से लगे हुए डोंगरिया के समीप इसे स्थापित करने का निर्धारण किया गया। यह क्षेत्र मुख्य रूप से कोयला क्षेत्र है, जहां पूरे संभाग में कई कोयला खदानें संचालित हैं जिनमें ज्यादातर छत्तीसगढ़ के रास्ते इन कोयले का परिवहन कर ले जाया जाता है। सॉफ्टवेयर से होगी मॉनिटरिंग एआई चेक गेट के स्थापित होने के बाद जिले में संचालित रेट खदानों की जिओ फेसिंग की जाएगी। इसके बाद खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को भी जीपीएस युक्त किए जाने की योजना है। चेक गेट के सॉफ्टवेयर को एटीपी जारी करने वाले पोर्टल के साथ इंटीग्रेट कर बिना रॉयल्टी के खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों को चिन्हित करेगा, फिर ऐसे वाहनों के विरुद्ध सूचना एआई चेक गेट खनिज विभाग को भेजेगा और विभाग सूचना मिलने के बाद इन वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।     एआई चेक गेट की स्थापना की जा रही है, जो कि ऑटोमेटिक अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग करते हुए इसकी सूचना विभाग को भेजेगा। इसके लिए कमांड रूम स्थापित होगा, जहां इसके लिए अलग से कर्मचारी शासन से नियुक्त किए गए हैं।     -ईशा वर्मा, खनिज निरीक्षक अनूपपुर  

लश्कर क्षेत्र में दूध डेयरियों पर दूध के दाम 11 अप्रेल से तीन रुपए लीटर बढ़ाए जा रहे , अब 58 रुपए लीटर में मिलेगा

ग्वालियर  तेज गर्मी के साथ रोजमर्रा की चीजों पर महंगाई भी अब अपना असर दिखाने लगी है। लश्कर क्षेत्र में दूध डेयरियों पर दूध के दाम 11 अप्रेल से सीधे तीन रुपए लीटर बढ़ाए जा रहे हैं। 55 रुपए लीटर बिकने वाला दूध अब 58 रुपए लीटर में मिलेगा। बता दें कि इससे पहले 1 अप्रैल से उपनगर ग्वालियर(Milk Price Hike in MP) में भी दूध के दामों में दो रुपए लीटर की बढ़ोतरी करते हुए 60 रुपए लीटर किया जा चुका है। दूध के दाम बढ़ाने को लेकर मंगलवार को दूध डेयरी व्यवसायी संघ की महत्वपूर्ण बैठक सिटी सेंटर स्थित निजी होटल में की गई, जिसमें सभी दूध कारोबारियों ने दूध के दाम तीन रुपए लीटर बढ़ाने का निर्णय लिया। दूध उत्पादकों की मांग के बाद बढ़ाए दाम बैठक में व्यापारियों ने बताया कि पिछले दो वर्ष से दूध के दाम नहीं बढ़ाए गए थे। दूध उत्पादक पिछले कई दिनों से दामों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। इसके आधार पर दूध के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। बैठक में दूध डेयरी व्यवसायी संघ संपूर्ण भारत के महासचिव नरेन्द्र मांडिल, हरमीत सिंह सेठी, ग्वालियर अध्यक्ष राहुल पाल, सचिव स्पर्श जैन आदि उपस्थित रहे। आवक अभी भी हो रही भरपूर ग्वालियर शहर की दूध डेयरियों पर रोजाना करीब साढ़े चार लाख से पांच लाख लीटर दूध की खपत होती है। गर्मी बढऩे के बावजूद अभी भी दूध की आवक भरपूर है। 14 अप्रेल से शुरू होने वाले सहालग के चलते दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग और निकलेगी।

मध्यप्रदेश को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़कों और फ्लाईओवर की दी सौगात

Union Minister Nitin Gadkari gave the gift of roads and flyovers to Madhya Pradesh धार ! मध्यप्रदेश वासियों को आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने करोड़ों रूपए की सड़कों और फ्लाईओवर की सौगात दी है। जिसमे उज्जैन-बदनावर फोरलेन का नाम भी शामिल है। यह फोरलेन 1352 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो गया। जिसको बनाने में करीबन दो साल का समय लगा। 69.1 किमी लंबे यह फोरेलाने हाईब्रिड एन्युइटी मॉडल पर आधरित है। एक घंटे से भी कम में दूरी होगी पूरी बता दें कि लोकार्पण कार्यक्रम एक फैक्ट्री के सामने नवीन सर्कल पर किया गया। जिसमे केंद्रीय मंत्री के साथ साथ कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव, केंद्रीय महिला-बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। इस फोरेलाने के शुरू होने से अब उज्जैन-बदनावर की दूरी एक घंटे से भी कम में पूरी होगी। इन सड़कों का भी किया लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री ने उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क का लोकार्पण करने के साथ साथ उज्जैन-गरोठ के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण किया। इन कामों का होगा शिलान्यास इसी कार्यक्रम में संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रीयल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा. https://twitter.com/nitin_gadkari/status/1910257889408663608

पश्चिम मध्य रेल वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की समयावधि के दौरान रेल सुरक्षा बल द्वारा कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की

भोपाल  रेल सुरक्षा बल, रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारियों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करने हेतु चौबीस घंटे सतत् कार्य करते हुये सुरक्षित माल परिवहन के साथ-साथ रेल यात्रियो की सुरक्षा एवं सहायता भी कर रही है। पश्चिम मध्य रेल वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की समयावधि के दौरान रेल सुरक्षा बल द्वारा कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पश्चिम मध्य रेल के द्वारा वर्ष 2023-24 में 428 बिछड़े/घर से भागे/अपहरण का शिकार हुये बच्चों को उनके परिजनों/पुलिस/गैर सरकारी संगठन जैसे चाइल्ड लाइन इत्यादि को सुपुर्द किया था तथा वर्ष 2024-25 में 595 बिछडे/ घर से भागे/अपहरण का शिकार हुये बच्चों को उनके परिजनों/पुलिस/ गैर सरकारी संगठन जैसे चाइल्ड लाइन इत्यादि को सुपुर्द किया। ऑपरेशन अमानत ऑपरेशन अमानत के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 704 यात्रियों को उनकी खोयी हुयी संपत्ति (जैसे- मोबाइल, लैपटॉप, पर्स, ज्वैलरी इत्यादि) अनुमानित कीमत 2,04,25,289/- रूपये को सुपुर्द किया तथा वर्ष 2024-25 में 916 यात्रियों को उनकी खोयी हुयी संपत्ति (जैसे- मोबाइल, लैपटॉप, पर्स, ज्वैलरी इत्यादि) अनुमानित कीमत 1,81,87,108 /- रूपये को सुपुर्द किया। ऑपरेशन जीवन रक्षा ऑपरेशन जीवन रक्षा के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 14 यात्रियों की जान को बचाया गया तथा वर्ष 2024-25 में 31 यात्रियों की जान को बचाया गया। ऑपरेशन मेरी सहेली ऑपरेशन मेरी सहेली के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 6,985 ट्रेनों में 52,511 महिलाओं को आरपीएफ महिला अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक सहायता प्रदान की गयी। तथा वर्ष 2023-24 में 7,521 ट्रेनों में 58,312 महिलाओं को आरपीएफ महिला अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक सहायता प्रदान की गयी।

सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिये केन्द्र से मिली 5 हजार 914 करोड़ रूपये की मंजूरी

प्रदेश में 360 मटेरियल रिकवरी फेसिलिटीज से सूखे कचरे का हो रहा प्र-संस्करण इंदौर में संचालित है 500 टन प्रतिदिन क्षमता का आधुनिक सीएनजी प्लांट सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिये केन्द्र से मिली 5 हजार 914 करोड़ रूपये की मंजूरी भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों में कचरा संग्रहण, परिवहन एवं प्र-संस्करण सुविधाओं के विकास के लिये नगरीय निकायों को अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने प्रदेश के सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिये 5 हजार 914 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है। 360 मटेरियल रिकवरी फेसिलिटीज प्रदेश के 405 नगरीय निकायों में कम्पोस्टिंग इकाइयों के माध्यम से गीले कचरे का और 360 मटेरियल रिकवरी फेसिलिटीज के माध्यम से सूखे कचरे का प्र-संस्करण किया जा रहा है। इंदौर में गोबरधन बॉयो सीएनजी प्लांट इकाई के माध्यम से 500 टन प्रतिदिन क्षमता का अत्याधुनिक प्लांट संचालित किया जा रहा है। इंदौर के प्लांट से वेस्ट-टू-वेल्थ तथा सर्कुलर इकॉनामी की परिकल्पना साकार हुई है। इंदौर के प्लांट से सीएनजी के अलावा प्रतिदिन 100 टन उच्च गुणवत्ता की खाद भी तैयार की जा रही है। इसका उपयोग इंदौर शहर के आस-पास स्थानीय खेतों में किया जा रहा है। इससे खेतों में रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम हुई है। नगरीय निकायों में स्थित लीगेसी वेस्ट का निपटान की कार्य योजना नगरीय विकास विभाग ने तैयार की है। अगले 3 वर्षों में यह कार्य शत-प्रतिशत किये जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। प्रदेश में अब तक 50 स्थानीय निकायों के शत-प्रतिशत लीगेसी वेस्ट अपशिष्ट का प्र-संस्करण कार्य पूर्ण कर दिया गया है। द्वितीय चरण में 108 नगरीय निकायों में लीगेसी अपशिष्ट के प्र-संस्करण का कार्य विभिन्न चरणों में प्रक्रियाधीन है। स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिये आगामी 5 वर्षों में 4 हजार 914 करोड़ रूपये की योजनाओं की स्वीकृति भी प्राप्त की जा चुकी है। इस कार्य के लिये नगरीय विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये करीब 473 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। निकायों की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना लागत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिये 50 प्रतिशत, एक से 10 लाख की जनसंख्या के लिये 66 प्रतिशत तथा एक लाख से कम जनसंख्या वाले निकायों के लिये 90 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दी जा रही है। शेष राशि निकाय अंशदान और जन निजी भागीदारी का अंशदान होता है। निकायों में दैनिक आधार पर उत्सर्जित होने वाले कचरे का निपटान निर्धारितप्रक्रिया और मानदंडों के आधार पर किया जाता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के उन्नयन की स्वीकृति और अन्य विकास कार्यों की बहुमूल्य सौगात प्रदान करने पर केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार माना। उन्होंने कहा है कि राज्य में विकास की गति को और अधिक बढ़ाने के लिए रोड और हाईवे का विशाल नेटवर्क आकार ले रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ समृद्धि के नए द्वार खोलेगी। केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के शाहगढ़-बक्सवाहा-नरसिंहगढ़-दमोह से 63.50 किमी लंबाई के खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन में अपग्रेड करने के लिए 531.84 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 उत्तराखंड के गंगोत्री धाम को मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) पर लखनादौन से जोड़ता है। इन उन्नयन कार्यों में शाहगढ़-दमोह खंड के उन्नयन में 5 प्रमुख पुल, बक्सवाहा, भटेरा, नरसिंहगढ़ और पिपरिया चंपत में 4 बायपास और दमोह के निर्मित क्षेत्रों में सर्विस/स्लिप रोड (दोनों तरफ 1.3 किलोमीटर) शामिल हैं।  

Bhopal Metro: कारिडोर में खर्च होंगे 1122 करोड़ रुपये, वर्ष 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, 2027 से शहर के 30 किलोमीटर मार्ग में दौड़ेगी मेट्रो

 भोपाल मेट्रो की ब्ल्यू लाइन यानि रत्नागिरी से भदभदा तक प्रस्तावित लाइन में 531 संपत्तियों को हटाने के लिए चिन्हित किया गया है। इन लाइन में 6725 वर्गमीटर की जमीन नॉन टाइटल होल्डर की है। टाइटल होल्डर यानि जिनके पास संपत्ति को लेकर कोई दस्तावेज है, उनके पास 4218 वर्गमीटर जमीन है। इनके अलावा 1249 वर्गमीटर की अतिरिक्त संपत्ति भी प्रभावित होगी। मेट्रो ब्ल्यू लाइन में ये क्षेत्र होंगे प्रभावित     मेट्रो की ब्ल्यू लाइन के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित मिंटोहॉल, प्रभात चौराहा व रोशनपुरा चौराहा होगा। मिंटो हॉल के पास तो रोड का आधा हिस्सा बंद कर यहां सर्वे व पीलर के लिए काम चल रहा है। इसी तरह पुल बोगदा के पास की करीब आधी संपत्तियों- निर्माण प्रभावित होंगे। लाइन के किनारे जमीन की कीमत तय भोपाल में मेट्रो लाइन(Bhopal Metro) के किनारे जमीन की दरें प्रस्तावित गाइडलाइन में 13 हजार रुपए वर्गमीटर से 40 हजार रुपए वर्गमीटर तक तय की है। आपको मेट्रो लाइन के किनारे रहना है तो अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार तय करें कि कहां जमीन आपको सस्ती मिलेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में सबसे महंगी जमीन करोद क्षेत्र में है। गौरतलब है कि मेट्रो की पहली ओरेंज लाइन एम्स से करोद तक बिछाई जा रही है। करीब 14 किमी लंबाई के ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल हो चुका है। गाइडलाइन की दरों पर 19 मार्च तक कलेक्ट्रेट कार्यालय या पंजीयन भवन या फिर ऑनलाइन आपत्ति कर सकते हैं। गाइडलाइन में क्या खास     हाउसिंग बोर्ड के सबसे महत्वाकांक्षी और वीवीआइपी प्रोजेक्ट तुलसी ग्रीन के निर्मित क्षेत्र की रजिस्ट्री के 71 हजार वर्गमीटर के दर से होगी। इसमें करीब 20 हजार रुपए वर्गमीटर की बढ़ोतरी की गई है।     जिला प्रशासन ने मेट्रो के लिए रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर छह की ओर इरानी डेरे को लगभग हटा दिया है। पूरा बाजार हटाया जा चुका है, लेकिन गाइडलाइन में इसकी दर तय है। इरानी डेरा मार्केट के पीछे वाले हिस्से में आवासीय प्लॉट के लिए 10 हजार रुपए वर्गमीटर तो बने हुए आवासीय मकान के लिए 23 हजार वर्गमीटर की कीमत तय की है। यहां एक हेक्टेयर जमीन की दर 7.60 करोड रुपए तय की।     प्रदेश की पहली सीसी सिक्सलेन कोलार मुख्यमार्ग पर अब प्लॉट 50 हजार रुपए वर्गमीटर तो आवासीय निर्मित मकान 63 हजार वर्गमीटर कीमत का है।     टीटी नगर के स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में प्लॉट की दर यथावत 72 हजार वर्गमीटर रखी है, जबकि निर्मित भवन की कीमत 1.08 लाख रुपए है। व्यवसायिक प्लॉट 85 हजार रुपए वर्गमीटर ही रखा गया।     लैंड पुलिंग विवाद में उलझे बीडीए के मिसरोद बर्रई में आवासीय प्लॉट के लिए 25 हजार रुपए जबकि निर्मित आवासीय भवन की कीमत 38 हजार रुपए प्रतिवर्गमीटर है। बता दें कि ऑरेंज लाइन के साथ भदभदा-रत्नागिरी के बीच मेट्रो की ब्लू लाइन का काम भी शुरू हो गया है। ये पूरा प्रोजेक्ट 1006 करोड़ रुपए का है। कुल 13 किमी लंबे इस रूट पर 14 स्टेशन भी बनेंगे। दो तरह से परीक्षण मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने और जेके रोड पर पिलर के लिए टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, मिंटो हॉल के सामने स्टेशन के लिए टेस्टिंग शुक्रवार को की गई। इन जगहों पर बनेंगे 14 स्टेशन ब्लू लाइन के लिए कुल 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा शामिल हैं। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी स्टेशन एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी बनेगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जाएगा। जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है। इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंटरचेंज सेक्शन को अभी से डिजाइन करना पड़ेगा। 50 मी. की दर सिर्फ पुराने शहर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत एम्स से करोद तक 14 किमी में लाइन तय है, लेकिन लाइन से 50 मीटर दायरे में जमीन की कीमत सिर्फ शहर के पुराने हिस्से वाली लाइन पर ही तय की गई। सुभाष ब्रिज, केंद्रीय विद्यालय, एमपी नगर, रानी कमलापति से लेकर अल्कापुरी, एम्स तक अलग से कोई दर तय नहीं की। रोड किनारे वाली दर ही इसमें लागू करना तय किया है। आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन समिति ही अंतिम मंजूरी देगी। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

मुंबई-दुबई के बीच पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन का प्लान, 2 घंटे में तय करेगी 2000 किमी की दूरी

नई दिल्‍ली  मुंबई और दुबई के बीच पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन का प्लान है। यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम कर देगी। संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) का नेशनल एडवाइजर ब्यूरो इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अगर सब ठीक रहा तो 2030 तक यह ट्रेन शुरू हो सकती है। इससे मुंबई और दुबई के बीच 2,000 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 2 घंटे में तय की जा सकेगी। यह बुलेट ट्रेन से भी तेज होगी और पानी के अंदर चलेगी। अब इस प्रोजेक्ट के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं। मुंबई और दुबई के बीच अभी हवाई जहाज से यात्रा करने में काफी समय लगता है। लेकिन, पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन बन जाती है तो यह समय बहुत कम हो जाएगा। इकनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा होगी। यह ट्रेन 600 से 1,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। एक साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्‍ट यह प्रोजेक्ट कुछ साल पहले शुरू हुआ था। लेकिन, अभी तक इसे पूरी तरह से मंजूरी नहीं मिली है। इस ट्रेन से सिर्फ लोग ही नहीं, बल्कि सामान भी ले जाया जा सकेगा। इसमें कच्चा तेल (क्रूड) भी शामिल है। इस ट्रेन में सफर करने वाले लोग पानी के अंदर की दुनिया को भी देख सकेंगे। नेशनल एडवाइजर ब्यूरो का दावा है कि उन्होंने एक वीडियो भी बनाया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रेन बनने के बाद कैसी दिखेगी। वीडियो को YouTube पर अपलोड किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट में बहुत ज्यादा पैसा लगेगा। यह अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट है। क्या है अंडरवाटर रेल प्रोजेक्ट नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड ने इस प्रोजेक्ट का आइडिया 6 साल पहले यूएई-इंडिया कॉन्क्लेव अबू-धाबी में दिया था. अब्दु्ल्ला शेही ने इस प्रोजेक्ट की जो रूपरेखा खीची है उसके अनुसार इस प्रोजेक्ट में अल्ट्रा-स्पीड फ्लोटिंग ट्रेनों के माध्यम से भारत के मुंबई को दुबई के फुजैराह से जोड़ने की योजना है. इस परियोजना का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना है. फुजैराह बंदरगाह से भारत को तेल का निर्यात होगा और मुंबई के उत्तर में नर्मदा नदी से अतिरिक्त पानी को दुबई लाया जाएगा.  इसके अलावा इस रूट पर ट्रेनें चलेंगी जिससे यात्री भी मुंबई से दुबई और दुबई से मुंबई आ जा सकेंगे. अब्दुल्ला अल शेही के अनुसार अगर ये प्रोजेक्ट सफल होता है तो कई अन्य रुट पर विचार किया जा सकता है. और इसके दायरे में पाकिस्तान, बांग्लादेश के शहर भी आएंगे. अल शेही ने कहा कि हम इस क्षेत्र के लगभग 1.5 अरब लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. उनके लिए विमान के बजाय ट्रेन का उपयोग करना आसान होगा. समंदर के अंदर से होकर गुजरने वाले इस रेल रूट की लंबाई लगभग 2000 किलोमीटर होगी. और इसकी गति 600 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 1000 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी.   अल शेही के अनुसार, ट्रेन को इलेक्ट्रोमैग्नेट का उपयोग करके टनल में उठा दिया जाएगा. इसे मैग्लेव तकनीक के रूप में जाना जाता है, जो ट्रेन को 1,000 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचाएगा. इस तरह से दुबई से मुंबई तक की यात्रा मात्र 2 घंटे में पूरी हो सकेगी. अभी विमान से इस सफर को पूरा करने में 2-3 घंटे का समय लगता है. बता दें कि मैग्लैव तकनीक का इस्तेमाल कर ही जापान और चीन में बुलेट ट्रेनें चलती हैं. यह तकनीक ट्रेन को चुंबकीय बल से हवा में उठाकर घर्षण कम करती है, जिससे 1,000 किमी/घंटे तक की रफ्तार संभव होती है. उन्होंने कहा कि ट्रेन कंक्रीट सुरंगों से होकर गुजरेगी जो अरब सागर की सतह से 20-30 मीटर नीचे डूबी होंगी. इन सुरंगों को स्थिरता प्रदान करने के लिए एंकर किया जाएगा. नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अल शेही का मानना है कि इस परियोजना के साथ, UAE यात्रियों और माल दोनों के लिए अरब की खाड़ी में भारत का प्रवेश द्वार बन जाएगा, और यह यूएई की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक रणनीतिक बदलाव होगा. क्रांतकारी विचारों के लिए जाना जाता है नेशनल एडवाइजर ब्यूरो बता दें कि नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड एक स्टार्ट अप और बड़े बिजनेस घरानों के लिए काम करने वाला एक सलाहकार फर्म है. दुबई की पानी की समस्या को खत्म करने के लिए इस कंपनी ने अंटार्कटिका से हिमखंड (आइसबर्ग) को खींचकर दुबई के समंदर तक लाने का क्रांतिकारी विचार दिया है. फिर इस आइसबर्ग से पीने योग्य पानी बनाने का विचार पेश किया गया है. क्या दुनिया में चल रही है ऐसी ट्रेंने चैनल टनल (यूके-फ्रांस) इसका सबसे मशहूर उदाहरण है. जो इंग्लैंड और फ्रांस को जोड़ता है. यह 50.45 किलोमीटर लंबी सुरंग 1994 में खुली थी. इसकी गहराई 75 मीटर तक है. इसमें यूरोस्टार ट्रेनें 160 किमी/घंटे की रफ्तार से चलती हैं. भारत ने हाल ही में शुरू किया है अंडरवाटर मेट्रो बता दें कि भारत ने भी हाल ही में अंडरवाटर मेट्रो के सफल संचालन में कामयाबी पाई है. इसे एक साल पहले देश में शुरू किया गया है. यह 520 मीटर लंबी सुरंग है, जो हावड़ा और कोलकाता को जोड़ती है. अंडरवॉटर मेट्रो सर्विस कोलकाता मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड सेक्शन का हिस्सा है. यह देश की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो टनल है, जो हुगली नदी के दोनों छोर पर बसे दो शहरों को जोड़ेगी. इसके लिए 3.8 किलोमीटर की दो अंडरग्राउंड टनल तैयार की गई हैं, जिसमें 520 मीटर का हिस्सा पानी के नीचे है. इसे 45 सेकेंड में क्रॉस किया जाता है. हालांकि, मुंबई-दुबई प्रोजेक्ट की विशाल दूरी (2,000 किमी) और गहरे समुद्र में निर्माण इसे दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा और जटिल प्रोजेक्ट बनाता है. दुनिया में दुबई-मुंबई अंडरवाटर रेल प्रोजेक्ट जैसे कई मिशन पर काम हो रहा है. चीन की योजना समंदर के जरिये रूस और कनाडा को जोड़ने की है. खर्च का अनुमान इस प्रोजेक्ट की लागत का सटीक अनुमान लगाना अभी मुश्किल है क्योंकि यह योजना प्रारंभिक चरण में है. लेकिन चैनल टनल (यूके-फ्रांस) के बनने में लगे खर्चे के आधार पर इसका अनुमान लगाया जा सकता है. चैनल टनल की लागत 1994 में लगभग 21 … Read more

लाडली बहनों के खाते में आने वाले हैं 1250 रुपए, इन लाडली बहनों को नहीं मिलेंगे पैसे

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. हालांकि यह इंतजार अब खत्म होने वाला है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव 1.27 करोड़ लाडली बहनों के खाते में 23वीं किस्त जारी करेंगे. वहीं सतना और मैहर जिले की 11 हजार महिलाओं के खाते में लाडली बहना की 23वीं किस्त की राशि नहीं आएंगे. अप्रैल का महीना जारी है. ऐसे में मध्य प्रदेश की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना का 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. दरअसल, हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है. वहीं त्योहारों के मौके पर तय तारीख से पहले किस्त जारी कर दी जाती है. ऐसे में यहां जानते हैं कि इस महीने कब जारी होगी लाडली बहना की 23वीं किस्त की राशि? संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम आएंगे, ऐसे में 10 की बजाय 11 अप्रैल को योजना की किस्त जारी की जा सकती है। इससे पहले जनवरी में 10 की बजाय 12 जनवरी (स्वामी विवेकानंद जयंती) को किस्त जारी की गई थी।उम्मीद है कि आज शाम तक 23वीं किस्त के डेट को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी, तब तब बहनों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। इस बार 11 हजार बहनों को नहीं मिलेंगे पैसे     जानकारी के मुताबिक, इस बार 11 हजार महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा। 1. 27 करोड़ लाभार्थियों में से उम्र अधिक होने के चलते सतना व मैहर की 11 हजार महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा।चुंकी नियम के तहत योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की उम्र 23 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए।     वर्तमान में सतना व मैहर जिलों में तकरीबन 3 लाख 78 हजार महिलाओं को योजना का लाभ मिलता है, लेकिन 9 हजार महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, ऐसे में एमपी शासन के पोर्टल से उनका नाम ऑटोमेटिक हट गया है। इसके अलावा 2 हजार के करीब महिलाओं ने इस योजना का लाभ लेना स्वतः बंद कर दिया है। Ladli Behna Yojana: हर माह मिलते है 1250 रुपए     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।    इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना: आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।     जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। ऐसे लिस्ट में चेक करें अपना नाम, पैसा मिलेगा या नहीं     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। लाडली बहनों को 23वीं किस्त की बेसब्री से इंतजार लाडली बहना योजना के अंतर्गत 22 किस्तें महिलाओं के खाते में जारी कर दिए गए हैं. बता दें कि पिछले महीने 8 मार्च, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से लाडली बहना योजना की 22वीं किस्त जारी की गई थी. कब आएगी लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातें में हर महीने 1250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती है. लाडली बहना योजना की किस्त ज्यादातर महीने की 10 तारीख को दी जाती है. हालांकि नवरात्रि जैसे त्योहारों पर तारीख में बदलाव किया जाता है और ये किस्त पहले भी आ जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा कि 23वीं किस्त 10 अप्रैल, 2025 को ही खाते में आएगी. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है. शिवराज सिंह ने शुरू की थी लाडली बहना योजना बता दें … Read more

कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा, चार दिशाओं के लिए अलग-अलग होगी लेन

छतरपुर शहर में आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। झांसी-खजुराहो फोरलेन और कानपुर-सागर सिक्सलेन अब चंद्रपुरा में एक-दूसरे से जुडऩे जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत चंद्रपुरा में एक विशेष चंद्राकार फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे चारों दिशाओं की लेनें अलग-अलग मार्गों पर आसानी से मुड़ सकेंगी। यह निर्माण कार्य न केवल यातायात को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि छतरपुर शहर को दुर्घटना और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगा। क्या है योजना? कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा। चंद्रपुरा में विशेष चंद्रकार जंक्शन बनेगा, जो ग्वालियर जैसे मॉडल पर आधारित होगा। इससे एक लेन से वाहन झांसी की ओर, दूसरी से सतना-रीवा की ओर (पन्ना रोड से),तीसरी से कानपुर की ओर और चौथी से छतरपुर शहर में प्रवेश कर सकेंगे। रिंगरोड का बदला गया प्रस्ताव पहले छतरपुर शहर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोडऩे के लिए रिंगरोड बनाए जाने की योजना थी, लेकिन व्यावहारिक समस्याओं और भारी लागत को देखते हुए अब बाइपास का विकल्प चुना गया है। कानपुर-सागर सिक्सलेन को झांसी-खजुराहो फोरलेन से जोडकऱ सीधा संपर्क बाइपास मार्ग विकसित किया जाएगा। 43 कलोमीटर लंबा होगा बाइपास छतरपुर से गुजरने वाला प्रस्तावित सिक्सलेन बाइपास कुल 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। यह चौका, चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक जाएगा। परियोजना पर कुल 982 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त सागर रोड से साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी लागत 1671 करोड़ रुपए तय की गई है। शहर को मिलेगी दुर्घटना और जाम से राहत छतरपुर शहर दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के चौराहे पर स्थित है। बाइपास न होने के कारण यहां आए दिन भारी जाम और सडक़ दुर्घटनाएं होती रही हैं। अब यह सिक्सलेन बाइपास दोनों राजमार्गों को शहर के बाहर जोड़ देगा, जिससे भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रुकेगा और ट्रैफिक लोड घटेगा। 6 लेन के लिए तैयार होगी सडक़ संरचना प्रस्तावित फोरलेन हाइवे को भविष्य में सिक्सलेन में परिवर्तित किया जा सके, इसके लिए डीपीआर इस प्रकार तैयार की जा रही है कि अंडरपास और फ्लाईओवर पहले से ही सिक्सलेन मानकों पर बने। छतरपुर से गुजरने वाला यह मार्ग भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर का हिस्सा भी बनेगा। छतरपुर बनेगा केंद्रीय कनेक्टिविटी हब यह हाइवे बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर और सागर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भोपाल और कानपुर से जोड़ेगा। छतरपुर, जो अब तक केवल पर्यटन के लिए जाना जाता था, अब लॉजिस्टिक्स और यातायात नेटवर्क का केंद्रीय हब बनने की ओर अग्रसर है। गठेवरा के पास जुड़ेंगे सिक्सलेन व फोरलेन बाइपास शहर में पहले दोनों नेशनल हाइवे को जोड़ते हुए रिंगरोड बनाए जाने का प्रस्ताव था। लेकिन इसके लेकर आ रही परेशानियों को देखते हुए अब कानपुर सागर सिक्सलेन को झांसी खजुराहो फोरलेन से जोडक़र बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब इसी जमीन पर बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन बाइपास होने से अलग-अलग लेन के वाहन अलग-अलग आ-जा सकेंगे। चंद्रपुरा से अलग-अलग हो जाएंगे सभी लेन सागर कानपुर सिक्सलेन सागर रोड पर चौका गांव से पन्ना रोड पर चंद्रपुरा तक सिक्सलेन बाइपास बनाया जाएगा। चंद्रपुरा में ग्वालियर जैसा चंद्रकार कनेक्शन देकर सभी लेनों को अलग-अलग जोड़ा जाएगा। सागर से आ रही सिक्सलेन की एक लेन के वाहन झांसी -खजुराहो मार्ग से झांसी की ओर निकल सकेंगे। वहीं, दूसरी लेन के वाहन पन्ना रोड पर सतना-रीवा की ओर निकल जाएंगे। जबकि तीसरी लेन के वाहन कानपुर के लिए निकल सक ेंगे। एक अन्य लेन के जरिए वाहन छतरपुर शहर में आ पाएंगे। 43 किलोमीटर लंबा होगा छतरपुर शहर का बाइपास कानपुर-सागर फोरलेन प्रोजेक्ट पर छतरपुर शहर से गुजरने वाला बाइपास 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। जो चौका से होकर चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक बनाया जाएगा। इसके लिए 982 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। चुनाव बाद इसके लिए टेंडर भी होंगे। इसके अलावा सागर रोड पर चौका से छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 1671 करोड़ रुपए की लागत आएगी। छतरपुर से गुजरेगा भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर, सागर नेशनल हाइवे के रूटों से भोपाल और कानपुर महानगर से सडक़ मार्ग से जुड़ा हैं। अब इन दोनों महानगरों को फोरलेन सडक़ से जोड़ा जा रहा है। डीपीआर कुछ इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में इसे छह लेन भी किया जा सके। ये फोरलेन हाइवे छतरपुर से होकर गुजरेगा। कबरई से भोपाल के बीच अलग-अलग सेक्टर में भोपाल-कानपुर हाइवे की डीपीआर तैयार की गई है। प्रस्तावित फोरलेन हाइवे में अंडरपास और एलीवेटेड पुलों का निर्माण 6 लेन के अनुसार होगा, ताकि भविष्य में विस्तार होने पर हाइवे को 6 लेन किया जा सके।

इस बार बढ़ेंगे लू के दिन 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर पड़ेंगे : एक्सपर्ट

नई दिल्ली उत्तर और पश्चिम भारत में इस वक्त आसमानी आफत से लोग परेशान हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते में जिस तरह से मई जैसी गर्मी पड़ रही है, उससे लोग हैरान हैं, लोग डरे हुए हैं कि इस बार पिछले साल से भी ज्यादा गर्मी पड़ी तो क्या होगा? आखिर इससे राहत कब मिलेगी? साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया था पिछले साल देश ने 1901 के बाद सबसे ज्यादा गर्मी झेली लेकिन जिस तरह से अप्रैल में ही गर्मी जला रही है उसने बता दिया है कि इस बार गर्मी पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ देगी अब सवाल ये है कि क्या साल 2025 सबसे गरम साल के रूप में याद किया जाएगा? अप्रैल में ये हाल तो मई-जून में क्या होगा? उत्तर भारत के अधिकतर शहरों का यही हाल है. गर्मी और लू की वजह से बाहर निकलना मुश्किल है. घर से बाहर जाने से पहले इसी तरह से तैयार होना पड़ता है. गर्मी को लेकर लोगों का एक ही सवाल है कि मई-जून में क्या होगा? कुछ साल पहले तक इन्हीं दो महीनों में इस तरह की गर्मी पड़ती थी लू के थपेड़े झेलने पड़ते हैं लेकिन इस बार अप्रैल में ये सब देखकर लोग हैरान हैं. दो दिन अभी और सताएगी गर्मी वैसे तो पूरे उत्तर भारत में गर्मी डराने में लगी है, दिल्ली-एनसीआर वालों की हालत भी खराब है. इस सीजन में ये पहली बार है जब दिल्ली में पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा. दिल्ली में हफ्ते के पहले चार दिन तापमान 40 डिग्री या उसके पार जाने की संभावना है गुरुवार को भी तापमान 40 के पार रहेगा. मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि दिल्ली को लू की श्रेणी में रख सकते हैं. राजस्थान में यही हाल है. दिन-रात के तापमान ज्यादा है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक चला गया है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और NCR के इलाकों में यही कंडीशन है और 2 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा. दिल्लीवालों के लिए दो दिन गर्मी के लिहाज से बहुत ही भारी रहने वाले हैं यानी कि सोमवार से शुरू हुई भीषण गर्मी गुरुवार तक जारी रहेगी.  तापमान में गिरावट होने का अनुमान मौसम विभाग ने ‘येलो’ अलर्ट के दौरान लोगों को गर्मी की चपेट में आने से बचने के लिए हल्के-फुल्के और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और अपने सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की सलाह दी है.  IMD वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, इस तरह हफ्ते के आखिरी दिनों में दिल्लीवालों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी. दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में गिरावट होने का अनुमान है. क्या 2025 बनेगा अब तक का सबसे गर्म साल? पिछले साल भारत में 536 हीटवेव यानी लू देखी गईं, जो 14 सालों में सबसे ज़्यादा थी. पिछले साल पहली हीटवेव 5 अप्रैल को दर्ज की गई थी, वहीं इस बार सोमवार यानी 7 अप्रैल को इस मौसम में लू का पहला दिन था. चिंता की बात ये है कि देश में इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्मी पड़ने वाली है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश के उत्तर और पश्चिम के राज्यों यानी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली में लू के दिनों की संख्या दोगुनी होने की आशंका है. इस बार बढ़ेंगे लू के दिन आमतौर पर अप्रैल से जून के महीनों में लगातार 5-6 दिन लू चलती है, लेकिन इस बार 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर आ सकते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर हीटवेव के दिनों की संख्या दोगुनी होती है तो 2025 अब तक का सबसे गर्म साल होगा. ऐसे में पारा सामान्य से 5 डिग्री या इससे भी ज्यादा रह सकता है. तो आगे गर्मी से बड़ी जंग लड़नी अभी बाकी है, जिसका ट्रेलर अप्रैल की शुरुआत में ही दिखने लगा है.  

राहु का गोचर 18 मई को होगा, अगले 48 दिनों तक इन राशियों को होगा लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु को एक मायावी ग्रह माना जाता है जो भ्रम, मानसिक तनाव और अनिश्चितता का कारण बनता है। राहु जब वक्री यानी उल्टी चाल चलते हैं, तो यह जीवन में बड़े बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं का कारण बन सकते हैं। वर्तमान में राहु मीन राशि में विराजमान हैं लेकिन मई 2025 में राहु का गोचर कुंभ राशि में होने जा रहा है। यह बदलाव विशेष रूप से दो राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण होगा। राहु के इस गोचर से उन दो राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। यह समय उनके लिए नए अवसर, सफलता और समृद्धि का संकेत हो सकता है। कुंभ राशि में राहु का प्रवेश इन जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं में आगे बढ़ने का मौका दे सकता है। ऐसे में यह समय इन राशियों के लिए शुभ और लाभकारी साबित हो सकता है। राहु और केतु कब करेंगे राशि परिवर्तन? ज्योतिषियों के अनुसार, 18 मई 2025 का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इस दिन राहु और केतु दोनों ही ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे। इस दिन राहु कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इन दोनों ग्रहों के राशि परिवर्तन का विशेष प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ने वाला है, जिससे जीवन में बदलाव और नए अवसरों का आगमन हो सकता है। अभी राहु मीन राशि में और केतु कन्या राशि में स्थित हैं। लेकिन 18 मई के बाद राहु का कुंभ राशि में गोचर और केतु का सिंह राशि में प्रवेश जातकों के लिए बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। खासतौर पर जिन जातकों के जीवन में राहु और केतु की स्थिति प्रभावी रही है, उनके लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी या चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मेष राशि राहु के राशि परिवर्तन से मेष राशि के जातकों की किस्मत बदल सकती है। इस समय आपकी आय में बढ़ोतरी के अच्छे संकेत हैं। अगर आप किसी बड़े निवेश के बारे में सोच रहे थे, तो यह सही समय हो सकता है, जिससे आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। शेयर बाजार में निवेश करने का भी समय है और इसमें आपको अच्छा लाभ हो सकता है। इसके अलावा, जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, वे अब पूरे होंगे। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर बहुत शुभ साबित हो सकता है। इस समय आपके जीवन में खुशियां आएंगी और आपको हर दिशा में सुख-समृद्धि का अनुभव होगा। इस दौरान आप वाहन और प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना सकते हैं। साथ ही यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो वह जल्द ही सफलता की ओर बढ़ेगा। राजनीति में भी आपको कोई महत्वपूर्ण पद मिल सकता है, जो आपके करियर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। राहु को प्रसन्न करने के उपाय     सोमवार के दिन जल्दी उठकर स्नान करें और महादेव शिव की विशेष पूजा-अर्चना करें।     कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।     ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें।     नियमित रूप से इन उपायों का पालन करने से राहु की बुरी नजर का असर कम हो सकता है और जीवन में सुख-शांति बनी रह सकती है।  

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