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एयरफोर्स के लिए 70 एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट की डील हुई, ट्रेनर एयरक्राफ्ट लीज पर लेने का विचार

नई दिल्ली  इंडियन एयरफोर्स के पास फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ ही ट्रेनर एयरक्राफ्ट की भी कमी है। जिसे दूर करने के लिए हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से ट्रेनर एयरक्राफ्ट खरीदने की डील साइन हुई है और ये ट्रेनर एयरक्राफ्ट इस साल सितंबर से मिलने की उम्मीद है। ट्रेनर एयरक्राफ्ट की कमी पूरी करने के लिए एयरफोर्स ट्रेनर एयरक्राफ्ट को लीज पर लेने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से रक्षा मामलों की संसदीय कमेटी को यह जानकारी दी गई है। संसदीय कमिटी ने जब रक्षा मंत्रालय से एयरफोर्स के ट्रेनर एयरक्राफ्ट और सिमुलेटर की संख्या के बारे में पूछा तो रक्षा मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि एयरफोर्स के पास जो ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं उनमें बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट, इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर और एडवांस्ड जेट ट्रेनर हैं। सभी मॉर्डन एयरक्राफ्ट के सिमुलेटर्स हैं। एयरफोर्स के पास ट्रेनिंग के लिए कुल 14 सिमुलेटर उपलब्ध हैं। बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट लीज पर लेने का विकल्प रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में एयरफोर्स के पास ट्रेनर एयरक्राफ्ट की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए HAL के साथ 70 एचटीटी-40 इंडिजिनियस ट्रेनर एयरक्राफ्ट की डील साइन हुई है। जिसकी डिलवरी इस साल सितंबर से होनी है। जब ये ट्रेनर एयरक्राफ्ट एयरफोर्स में ऑपरेशनलाइज हो जाएंगे उसके बाद 36 अतिरिक्त एचटीटी-40 लिए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एयरफोर्स बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट लीज पर लेने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। अभी ट्रेनर एयरक्राफ्ट की संख्या करीब 260 करीब दो साल पहले कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी ने एयरफोर्स के लिए 70 HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट लेने को मंजूरी दी थी। तब कहा गया था कि छह साल में ये सभी 70 ट्रेनर एयरक्राफ्ट एयरफोर्स को मिल जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक एयरफोर्स के पास अभी ट्रेनर एयरक्राफ्ट की संख्या करीब 260 है जबकि स्वीकृत संख्या 388 है। एयरफोर्स के पास ट्रेनर एयरक्राफ्ट के तौर पर 75 एयरक्राफ्ट पीसी-7 मार्क-2 बेसिक ट्रेनर हैं। 86 किरण मार्क-1 और मार्क 1 ए हैं जो इंटमीडिएट जेट ट्रेनर हैं। 99 हॉक मार्क-132 एडवांस्ड जेट ट्रेनर हैं और 42 किरण मार्क टू हैं। प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन का पूरा प्रोग्राम एयरफोर्स की तरफ से संसदीय कमेटी को बताया गया कि एयरफोर्स तकनीकी रूप से संवेदनशील सेवा है। इसलिए एयर वॉरियर्स की ट्रेनिंग और स्किल डिवेलपमेंट मानव संसाधन विकास का अहम हिस्सा है। इसके लिए सर्विस से जुड़े कोर्स में प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन का पूरा प्रोग्राम है। एयरफोर्स की तरफ से बताया गया कि ट्रेनिंग में सिमुलेटर के इस्तेमाल पर काफी जोर दिया गया है। अब जो अधिकतर सिमुलेटर एयरफोर्स में शामिल किए जा रहे हैं वे स्वदेशी सोर्स से हैं।

ठाकुरताल से लगी पहाड़ी पर शहर का पहला सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा

जबलपुर शहर के ठाकुरताल से लगी पहाड़ी पर शहर का पहला सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है। वन विभाग ने मार्च तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन बजट में देरी से निर्माण कार्य थम गए हैं। अभी इसे पूरा होने में दो माह और लगेंगे। कई काम अधूरे, मार्च में तय की गई थी डेड लाइन जानकारों के अनुसार सिटी फॉरेस्ट में पुलिया निर्माण का कार्य अधूरा है। पर्यटकों को फॉरेस्ट की जैव विविधता समझाने के लिए लगने वाले साइन बोर्ड तैयार नहीं हुए हैं। कई वन प्रजातियों की पहचान भी बाकी है। परिसर में विश्राम स्थल का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।  पेड़ों की मिलेगी जानकारी वन विभाग के अनुसार सिटी फॉरेस्ट में पर्यटक विभिन्न पेड़-पौधों की जानकारी देख सकेंगे। हर पौधे और वृक्ष के पास सूचना पट लगाए जाएंगे। जिनमें उस प्रजाति की वैज्ञानिक व आम जानकारी होगी। इसके लिए वन विभाग और एसएफआरआई के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। 125 एकड़ में वन भ्रमण पथ सिटी फॉरेस्ट 125 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। यहां वन भ्रमण पथ भी तैयार किया जा रहा है। यहां से प्रकृति और वन्य जीवों को भी देखा जा सकेगा।  सिटी फॉरेस्ट निर्माण के कुछ काम अभी शेष रह गए हैं। हमारी कोशिश है कि इसे खोलने से पहले सभी काम पूरा कर लिए जाएं।     ऋषि मिश्रा, वन मंडल अधिकारी

समूचे प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर शिफ्ट करते हुए पेपरलेस बनाया

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने एजुकेशन पोर्टल की तर्ज पर समूचे प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर शिफ्ट करते हुए पेपरलेस बनाया है। विभाग का यह एक अभिनव प्रयोग है, जो खेलों की पारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिये महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित मान्यता प्राप्त एमपी बोर्ड के समस्त विद्यालय, सीबीएसई के ऐसे विद्यालय, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के एवं स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं में शामिल होना चाहते हैं, वे इस पोर्टल पर निश्चित पंजीयन शुल्क के साथ आवश्यक अभिलेख अपलोड करते हुए पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 14 से 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगिता के लिये एक ही बार कराना होगा। सिस्टम में प्रति वर्ष आवश्यकतानुसार अपग्रेड किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। विद्यालय में अध्ययन कर रहे नियमित खिलाड़ियों की दर्ज संख्या के मान से निर्धारित खेल शुल्क का संकलन इसी पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा, जो स्वत: ही संचालनालय, संयुक्त संचालक संभाग और जिला शिक्षा अधिकारी के खाते में शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत अनुसार अंतरित हो जायेगा। यह सिस्टम खेलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं खिलाड़ियों की आयु के बारे में प्रमाणीकरण के साथ अपात्र खिलाड़ी को किसी भी स्तर पर प्रतियोगिता में शामिल होने से रोकता है। खेल-कूद गतिविधियों का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारी शिक्षक संवर्ग कर्मचारी एवं व्यायाम शिक्षकों के जिला स्तर से राज्य स्तर की विभागीय खेल-कूद प्रतियोगिता नियमित रूप से की जा रही है। विभागीय प्रतियोगिताओं में क्रिकेट (लेदर बॉल), वालीबॉल, कबड्डी, बेडमिंटन, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स (महिला-पुरूष) खेल शामिल हैं। उक्त प्रतियोगिता में जिले से राज्य स्तर की प्रतियोगिता चयन प्रक्रिया में टीम चयन तक करीब 8 हजार स्कूल के विद्यार्थी सहभागिता करते हैं। इस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश के 11 खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स को किया क्वालीफाई मध्यप्रदेश के शालाओं में पढ़ने वाले 11 खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2025 की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिये क्वालीफाई किया है। जिन खिलाड़ियों का चयन हुआ है, उनमें जूडो में नितिन बलहारा, सुभावना जोशी, सुनैन्सी, सुएंजिल कोठारी-बॉक्सिंग, सुश्रीवल्ली श्रीवास्तव-शूटिंग, सुनव्या गुप्ता-शूटिंग, युगप्रताप सिंह राठौर-शूटिंग और एथलेटिक्स में अवधेष, प्रिंस यादव, सुसृष्टि एवं सुवर्षा का चयन भी हुआ है।  

जबलपुर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए JCTSL का बड़ा फैसला, इन 10 रूट्स पर चलेंगी 100 बसें

जबलपुर  शहरवासियों को जल्दी ही इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात मिलेगी। 10 प्रमुख रूट पर बसों का संचालन होगा। जेसीटीएसएल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर को 100 इलेक्ट्रिक बस मिलने के बाद उनके संचालन की व्यवस्था इस प्रकार होगी कि निर्धारित मार्गों के प्रमुख स्टॉप पर हर पांच मिनट में बस उपलब्ध होगी। इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध कराने के लिए वेंडर तय होने के बाद आइएसबीटी में चॉर्जिग स्टेशन स्थापित करने समेत संचालन की प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हैं।  सेंट्रलाइज होगा सिस्टम पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सेंट्रलाइज सिस्टम विकसित करने के लिए आइएसबीटी का एक्सटेंशन किया जाएगा। बसों के संचालन के लिए प्लेटफॉर्म विकसित करने के साथ ही चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया जाएगा। ताकि, बसों को यहां से संचालित करने के साथ समय पर उनकी चार्जिंग भी हो सके। वर्तमान में आइएसबीटी से साढ़े तीन सौ बसों का संचालन हो रहा है। सौ ई-बसों का संचालन शुरू होने पर यहां से संचालित बसों की संया बढ़कर साढ़े तीन सौ हो जाएगी।  36 सीटर होंगी ई-बस पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में जुड़ने वाली एयरकंडीशन इलेक्ट्रिक बस 32-36 सीटर होंगी। पीएम ई-बस योजना के तहत केंद्रीय शासन से नगर सौ इलेक्ट्रिक बस मिलनी हैं। ई-बस निर्माता कंपनी ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से बसों का संचालन करेंगी। इन ऑपरेटर पर ही संचालन से लेकर 12 साल तक मेंटेंनेंस का जिमा होगा। इन मार्गों पर होगा संचालन     तीन पत्ती से रांझी-घाना     तीन पत्ती से गोसलपुर     रेलवे स्टेशन से पनागर     रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट     दीनदयाल चौक से बरेला     दमोहनाका से भेड़ाघाट     त्रिमूर्ति नगर से ग्वारीघाट     रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट वाया सगड़ा     दमोह नाका से मेडिकल     रेलवे स्टेशन से बरगी केंद्र सरकार उपलब्ध कराएंगी बस पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत नगर में ई-बसों का संचालन सार्वजनिक, निजी भागीदारी पद्धति पर किया जाएगा। ये बस केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। निर्धारित अवधि में रखरखाव की जो लागत आएगी, वह भी केंद्र सरकार ही देगी।  प्रदूषण होगा कम विशेषज्ञों के अनुसार शहरवासियों को इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने पर शहरमें प्रदूषण मुक्त पब्लिक यातायात की सुविधा भी सुलभ होगी। शहर में सिटी बस सेवाओं के बुनियादी ढांचे के विस्तार और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है।  70 से ज्यादा बस संचालित शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नाम पर केवल मेट्रो बस ही उपलब्ध हैं। वर्तमान में 70 से ज्यादा मेट्रो बस नगर में 14 रूट पर संचालित हैं। सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी जेसीटीएसएल के अनुसार नई बसों की उपलब्धता होने पर नए रूट में बस संचालित की जाएंगी। इससे शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर बनाया जा सके।  यह है स्थिति     100 बस संचालन के लिए आइएसबीटी में बनाई जाएगी जगह     350 बस आइएसबीटी से संचालित     2015 में बनकर तैयार हुआ था     2016 में शुरू हुआ संचालन  इलेक्ट्रिक बस मिलते ही प्रमुख 10 रूट उनका संचालन शुरू किया जाएगा। हालांकि, प्रक्रिया पूरी होने से लेकर बसों का संचालन शुरू होने में छह महीने लगेंगे।     सचिन विश्वकर्मा, सीईओ, जेसीटीएसएल    

हनुमान जयंती पर इस शुभ मुहूर्त में करें बजरंगबली की पूजा

देश भर में हनुमान जयंती बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है. कथाओं के अनुसार, हनुमान जी की जन्म चैत्र माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को राजा केसरी और माता अंजनी के घर हुआ था. कहते हैं हनुमान जी अराधाना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है. दरअसल, बजरंगबली को अष्ट सिद्धियां और नौ निधि का वरदान प्राप्त है, जिससे वह अपने सभी भक्तों की विपत्तियों को समाप्त कर देते हैं. मान्यता है कि हनुमान जन्मोत्सव के दिन भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी की पूजा करने व्यक्कि की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हनुमान जयंती शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा करने का शुभ अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इस दौरान भक्त बजरंग बली की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं. हनुमान जयंती पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के साथ भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है. इस दिन सुबह उठकर स्नान कर लाल रंग के वस्त्र पहने. उसके बाद हनुमान जी को सिंदूर, लाल रंग के फूल, तुलसी दल, चोला और बूंदी के लड्डू का प्रसाद अर्पित करें. उसके बाद मंत्र जाप करें. फिर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें. अंत में आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें. इन चीजों का लगाएं भोग हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को प्रसन्न करने से लिए पान का प्रसाद, गुड़ और चना, नारियल, केले, केसर का मीठा चावल, खीर और जलेबी का भोग लगाना शुभ होता है. हनुमान जी के मंत्र     ऊं हं हनुमते नम:     ऊं हं पवन नन्दनाय स्वाहा     ऊं नमो भगवते हनुमते नम:     ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट     ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्वकपिमुखाय ठं ठं ठं ठं ठं सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा ||     अंजनी गर्भ संभूताय कपीन्द्र सचिवोत्तम रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमान रक्ष रक्ष सर्वदा     जल खोलूं जल हल खोलूं खोलूं बंज व्यापार आवे धन अपार। फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा हनुमत वचन जुग जुग सांचा।     अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुधि लाए। लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे। लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। पैठी पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे। बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। सुर-नर-मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें। कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई। जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। हनुमान जयंती का महत्व हिंदू धर्म में हनुमान जी को 8 चिरंजीवियों में से एक माना जाता है. कहते हैं वह आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे उसके जीवन के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं. इस दिन पूजा में उन्हें फूल, माला, सिंदूर चढ़ाने के साथ बूंदी या बेसन के लड्डू, तुलसी दल अर्पित करने से वह प्रसन्न होते हैं.

न्यू नोएडा के लिए चिह्नित 80 गांवों का मई में ड्रोन सर्वे होगा, किसानों से सहमति पर 15 गांवों की भूमि अधिग्रहण होगी

नोएडा  नोएडा प्राधिकरण ‘न्‍यू नोएडा’ नाम से एक नया शहर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश के दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत 209.11 वर्ग किमी (20911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में बसाया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों में ड्रोन सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। चयनित कंपनी को 10 दिन के भीतर सर्वे से संबंधित प्रेजेंटेशन (PPT) तैयार कर प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के समक्ष पेश करना होगा। डेटा का सत्यापन और अवैध निर्माण की पहचान ड्रोन सर्वे में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है, उन्हें PPT के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों की तुलना अक्टूबर 2024 की सैटेलाइट इमेज से की जाएगी, जिससे अवैध निर्माण की सही जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर निर्माण तोड़ा जाएगा। अधिसूचना और नियम अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल के अनुसार, अक्टूबर 2024 में शासन की ओर से DNGIR को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इस संबंध में 20 अप्रैल के बाद एक बैठक होगी, जिसमें ड्रोन सर्वे कंपनी को बिंदुओं और सुझावों के आधार पर निर्देश दिए जाएंगे। मई में सर्वे शुरू होगा और 10 से 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसानों से सहमति और मुआवजा न्‍यू नोएडा के पहले चरण में 15 गांवों की जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी। मुआवजे की दर पर चर्चा हुई है लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्दी ही अगली बैठक में दर तय की जाएगी। कुल 80 गांवों में लगभग 16 हजार किसान परिवारों से बातचीत होगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। ड्रोन सर्वे में ये बिंदु शामिल होंगे:     बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्ध नगर के 20 गांवों का सर्वे     खसरा नंबर के अनुसार जमीन की जांच     खाली और निर्मित भूमि की पहचान     सड़क, पार्क, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की जानकारी भूमि अधिग्रहण चार चरणों में होगा     2023–2027: 3165 हेक्टेयर     2027–2032: 3798 हेक्टेयर     2032–2037: 5908 हेक्टेयर     2037–2041: 8230 हेक्टेयर

महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं, यह उनका अधिकार है :HC

प्रयागराज यदि महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं। यह उनका अधिकार है और पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलग-अलग मजहबों से ताल्लुक रखने वाले महिला पुरुष के लिव इन में रहने के मामले में यह फैसला सुनाया है। अदालत ने यह फैसला महिला और पुरुष के एक साल 4 महीने के बच्चे की अर्जी पर दिया। बच्चे के माता-पिता का धर्म अलग है और दोनों ही 2018 से साथ रह रहे हैं। याचिका में बच्चे की ओर से कहा गया कि मेरी मां संबंधित व्यक्ति के साथ रह रही है क्योंकि उनके पहले पति की मौत हो गई थी। अब वे दोनों साथ हैं और उनसे ही मेरा जन्म हुआ है। ऐसी स्थिति में उनका साथ रहना मेरे लिए जरूरी है। इस पर जस्टिस शेखर सर्राफ और जस्टिस विपिन चंद्र दीक्षित की बेंच ने कहा, ‘हमारे विचार से संविधान में जो पैरेंट्स की परिभाषा है, उसके तहत दो वयस्क लोग साथ रह सकते हैं। भले ही उन लोगों की शादी न हुई हो।’ दरअसल याचिका में कहा गया कि महिला और युवक को परेशान किया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। इस पर अदालत ने संभल के एसपी को आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके अलावा बेंच ने कहा कि यदि ये दोनों पुलिस के पास पहुंचते हैं तो उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। उनके बच्चे को भी जरूरी सिक्योरिटी मिलनी चाहिए। बेंच ने कहा कि पुलिस को हमारे फैसले के अनुसार ही काम करना होगा। दरअसल इस मामले में महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष की ओर से धमकियां मिल रही हैं। उन्हें कई बार मारने-पीटने का प्रयास भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। इसके अलावा पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। पति की मौत के बाद शुरू हुआ लिव इन और बच्चे का जन्म अर्जी में कहा गया कि पति की मौत के बाद महिला नए रिश्ते में आई और अब लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। इसी रिलेशनशिप के दौरान बच्चे का जन्म हुआ। अब बच्चे के आधार पर ही महिला और पुरुष ने साथ रहने का अधिकार मांगा है। इसके अलावा धमकी देने वालों से सुरक्षा दिलाने की भी गुहार की है। इस मामले में हाई कोर्ट का यह फैसला कई अन्य मसलों के लिए भी नजीर बन सकता है।

इंदौर पश्चिमी रिंग रोड के लिए जमीन सर्वे का काम शुरू,किसानों को मिलेगा दोगुना मुआवजा

इंदौर  प्रशासन और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद पश्चिमी रिंग रोड(Paschimi Ring Road Indore) में आने वाली निजी जमीन का सर्वे कार्य शुरू किया गया है। सबसे पहले हातोद तहसील में शुरू हुआ सर्वे का काम गुरुवार को पूरा हो गया। तीन दिनों में तहसील के 12 गांवों की 164.8870 हेक्टेयर निजी जमीनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब देपालपुर और सांवेर तहसील के 14 गांवों की 307.1829 हेक्टेयर जमीन का सर्वे कार्य किया जाएगा। इंदौर जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा पश्चिम रिंग रोड बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू किया गया है। शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनने वाली 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड में अब किसानों को नई गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। इस पर सहमति बनने के बाद सर्वे हो रहा है। हातोद के गांवों से गुजरेगी सड़क मंगलवार से हातोद तहसील में सर्वे शुरू किया गया था। सड़क में आने वाली 158.1178 हेक्टेयर और 6.7692 हेक्टेयर अतिरिक्त निजी जमीन का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया। हातोद तहसील के 12 गांवों की 174.3415 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजर रही है। इसमें 164.8870 हेक्टेयर निजी और 9.4545 हेक्टेयर शासकीय जमीन है। शासकीय जमीन का सर्वे पहले पूरा हो चुका है। अब एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) द्वारा निजी जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। 472 हेक्टेयर निजी जमीन का होगा सर्वे पश्चिम रिंग रोड इंदौर जिले की तीन तहसीलों की 570.5678 हेक्टेयर जमीन से गुजर रहा है। इसमें 472.0699 हेक्टेयर निजी और 98.1829 शासकीय जमीन आ रही है। एक साल से निजी जमीन के सर्वे का काम रुका हुआ था, लेकिन अब सर्वे किया जा रहा है। 998 किसानों की जमीनें पश्चिमी रिंग रोड तीन तहसील के 26 गांवों से गुजर रही है। इन गांवों के 998 किसानों की जमीनें सड़क में आ रही हैं। इसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य सड़क और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए अधिग्रहित की जानी है। सबसे अधिक 512 किसान सांवेर तहसील के हैं। वहीं 333 हातोद और 153 किसान देपालपुर तहसील के हैं। सर्वे का काम पूरा किया गया     हातोद तहसील में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। तीन दिन में 12 गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन के सर्वे का काम पूरा किया गया। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। – रवि वर्मा, एसडीएम हातोद  

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 2024-25 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर अधिक

नई दिल्ली वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के इसी आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उभरते व्यापार परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम) पीयूष गोयल द्वारा निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक में ये आंकड़े सामने आए। बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों और वाणिज्य और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय उद्योग मंत्री गोयल ने लाल सागर संकट, खाड़ी क्षेत्र में इजरायल-हमास संघर्ष, रूस-यूक्रेन संघर्ष के लगातार बने रहने और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि सहित कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निर्यात में सर्वकालिक उच्च उपलब्धि के लिए निर्यातकों की सराहना की। उन्होंने निर्यातकों के प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में सीआईएम गोयल ने निर्यातकों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के बारे में भी जानकारी दी। वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जो फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक में बीटीए पर सहमत होने वाले पहले वैश्विक नेताओं में से एक थे। पीयूष गोयल ने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार वैश्विक व्यापार वातावरण में हाल के बदलावों को सफलतापूर्वक नेविगेट करने में सक्षम बनाने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि देश सक्रिय तरीके से काम कर रहा है और ऐसे समाधान तलाश रहा है जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हों। केंद्रीय उद्योग मंत्री ने निर्यातकों से कहा कि वे घबराएं नहीं और वर्तमान परिदृश्य में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम देश के लिए सही परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि विभिन्न देश टैरिफ लगाने के मामले में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, जहां तक ​​भारत का सवाल है, विनिर्माण में वृद्धि और अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की संभावना है, क्योंकि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े प्लेयर्स को आकर्षित कर सकता है, क्योंकि भारत खुद को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सक्षम रहा है। इसके अलावा, बैठक में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों ने वैश्विक व्यापार में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

पोषण पखवाड़ा में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट

During the Nutrition Fortnight

During the Nutrition Fortnight, Digambar Jain Social Group adopted Anganwadi Centre and presented educational material to the children जीतेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक-04, सेक्टर-02 में परियोजना अधिकारी रीतेश दुबे के मार्गदर्शन में “पोषण पखवाडा” कार्यक्रम के अवसर पर “दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, संस्कारधानी” महाकौशल विंध्य रीजन के अध्यक्ष अवकाश जैन,तथा सदस्य सतीश वर्धमान,अमित पारस, प्रदीप जैन,अरविंद नावेल्टी,लष्मी , संदीप जैन,राजेन्द्र के सौजन्य से “अडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम” के तहत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-32,लाल स्कूल साठिया कुआँ, हनुमानताल वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को खेलने हेतु आवश्यक खिलौने तथा शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। ताकि खेल-खेल के माध्यम से बच्चो को अनौपचारिक शिक्षा प्रदान की जा सके।जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। “सप्तम पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम अंतर्गत हनुमानताल वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार जी की उपस्थिति में उपस्थित महिलाओं,किशोरी बालिकाओं तथा बच्चों से “पोषण संवाद” किया गया। जिसमें महिलाओं को सही पोषण आहार,आहार में विविधता रखने, संतुलित थाली, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व पर विशेष चर्चा का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जन समुदाय से 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवस के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई।कार्यक्रम के अवसर पर पार्षद महोदया द्वारा उपस्थित जन समुदाय को “पोषण शपथ” दिलाई गई। तथा अति गंभीर कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराने हेतु माता-पिता को समझाइश दी गई।पार्षद महोदया द्वारा बच्चो को “पोषण मटका” कार्यक्रम के तहत बिस्किट के पैकेट प्रदान किये गए।कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्रीमती आरती पांडेय,वार्ड अंतर्गत समस्त कार्यकर्ताएं एवं सहायिकाएं उपस्थित रही।

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