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मानसिक रूप से बीमार निकला सलमान खान को धमकी देने वाला शख्स

मुंबई बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने वाले एक शख्स को पुलिस ने गुजरात के वडोदरा जिले से ढूंढ निकाला है। मंगलवार को पुलिस ने जानकारी दी कि यह 26 साल का युवक मानसिक रूप से अस्थिर है और उसका इलाज चल रहा है। रविवार को मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर एक मैसेज आया, जिसमें सलमान खान को धमकी दी गई थी। मैसेज में कहा गया था कि सलमान की गाड़ी को बम से उड़ा दिया जाएगा और उनके घर में घुसकर उन पर हमला किया जाएगा। सलमान को पहले से ही वाई-प्लस सिक्योरिटी दी गई है, लेकिन इस धमकी के बाद मुंबई की वर्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2)(3) के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया। साथ ही, पुलिस ने सलमान के बांद्रा स्थित घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि यह धमकी वडोदरा के वाघोडिया तालुका में रहने वाले एक शख्स ने भेजी थी। वडोदरा के पुलिस अधीक्षक रोहन आनंद ने जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार को मुंबई पुलिस की एक टीम वाघोडिया पुलिस के साथ उस शख्स के घर पहुंची। जांच में सामने आया कि यह 26 साल का युवक मानसिक रूप से अस्थिर है और उसका इलाज भी चल रहा है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए मुंबई आने का नोटिस दिया और वापस लौट आई। सलमान खान को पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। पिछले साल अप्रैल में दो बाइक सवारों ने सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाई थीं। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने भी सलमान को धमकियां दी थीं। गैंग ने सलमान से बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने को कहा था, क्योंकि सलमान पर 1998 में एक काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था। इन धमकियों के बाद मुंबई पुलिस ने सलमान को वाई-प्लस सिक्योरिटी दी थी। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान की फिल्म ‘सिकंदर’ हाल ही में रिलीज हुई है। इस फिल्म में उनके साथ  रश्मिका मंदाना भी हैं। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई है। 

श्रेयस अय्यर का धमाका, दूसरी बार इस अवॉर्ड को किया अपने नाम

मुंबई टीम इंडिया के विस्फोटक मिडल-ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर ने मार्च महीने के लिए आईसीसी का प्रतिष्ठित ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड जीता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मंगलवार को ये ऐलान किया। अय्यर को न्यूजीलैंड के जैकब डफी और रचिन रविंद्र से कड़ी टक्कर मिली। अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में बल्ले से गदर मचा दिया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 243 रन ठोके थे और हाईएस्ट रन-स्कोरर थे। श्रेयस अय्यर की विस्फोटक पारियों ने टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बनने में बड़ी भूमिका निभाई। प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया आईसीसी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया छापी है। प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह अविश्वसनीय तौर पर स्पेशल है, खासकर उस महीने में जब हमने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी उठाई हो- एक ऐसा पल जिसे हमेशा संजोकर रखेंगे।’ फरवरी के लिए शुभमन गिल चुने गए थे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर श्रेयस अय्यर से पहले भारत के शुभमन गिल ने आईसीसी प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता था। उन्हें फरवरी महीने के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना गया था। इस तरह लगातार दो महीनों से टीम इंडिया के खिलाड़ी आईसीसी के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में किया था कमाल अय्यर ने चैपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग मुकाबले में 79 गेंद पर 98 रनों की पारी खेली थी। इसी तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 45 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। फाइनल में भी उनका बल्ला खूब गरजा। न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में अय्यर ने 48 गेंदों पर 62 रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आईपीएल में भी खूब रन बरसा रहा श्रेयस अय्यर का बल्ला श्रेयस अय्यर का बल्ला इस आईपीएल सीजन में भी खूब रन बरसा रहा है। पंजाब किंग्स के कप्तान ने अबतक 5 मैचों में 208 के स्ट्राइक रेट से 250 रन बना चुके हैं।

तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

कोटा कोटा से श्योपुर जा रहे स्टेट हाईवे नंबर 70 पर मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। सुल्तानपुर थाना इलाके में तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। इनमें पति-पत्नी और बेटा शामिल हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन पलट गए और सड़क से नीचे उतर खाई में गिर गए। सुल्तानपुर थाना अधिकारी सत्यनारायण मालव ने बताया कि कार कोटा से सुल्तानपुर होकर बारां जिले के मांगरोल के पास रामपुरा भगतान जा रही थी। वहीं बाइक सवार लियाकत श्योपुर से इटावा सुल्तानपुर होकर अपने गांव भौंरा जा रहा थे। हादसा मोरपा गोराजी के पास हुआ। मालव का कहना है कि भीषण हादसे में बाइक सवार सड़क से काफी दूर झाड़ियां में जा गिरे।   इधर, मौके पर 108 एंबुलेंस पहुंची और इनको सुल्तानपुर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई गई। घटना में बाइक सवार भौंरा निवासी लियाकत उर्फ बीरा, उसकी पत्नी सितारा, बेटा लईक (8 माह ) और साले की लड़की जोया (17) की मौत हो गई। घटना के बाद सुल्तानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। दुर्घटना में दोनों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कार सवार लोगों को भी चोटें आई है, इन्हें भी अस्पताल ले जाया गया।

कोरबा में नगर निगम के लाखों रुपए का एक्सिस बैंक ने किया गबन, प्रबंधन तलब

कोरबा नगर निगम कोरबा को मालूम हुआ कि सीएमएस कंपनी के द्वारा डेली कलेक्शन की जो राशि एक्सिस बैंक को भेजी जा रही है। वह जमा ही नहीं हुई। यह राशि कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि 79 लाख 42 हजार रुपये है। वर्ष 2023 से जनवरी 2024 तक का यह किस्सा बताया जा रहा है। मामला प्रकाश में आने पर नगर निगम में इस बारे में सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी प्रमोद डनसेना ने बताया कि बैंकिंग संस्थान के खिलाफ बीएनएस की धारा के अंतर्गत गबन का प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा कि मामला एक्सिस बैंक की कोरबा शाखा में हुए कथित गबन से जुड़ा है। जिसमें नगर पालिका निगम कोरबा के खाते से 79,42,274 रुपये की राशि गायब होने का आरोप है। प्रदीप कुमार सिकदार ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई है। जो नगर पालिका निगम कोरबा में प्र. सहायक लेखा अधिकारी हैं। आरोप है कि तत्कालीन एक्सिस बैंक प्रबंधन ने उक्त राशि का गबन किया है। मामले की जांच के लिए नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट में पाया कि एक्सिस बैंक की कोरबा शाखा में निगम के खाते में उक्त राशि जमा नहीं की गई थी। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। मामले के मुख्य बिंदु: – आरोपी: तत्कालीन एक्सिस बैंक प्रबंधन, शाखा पावर हाउस रोड कोरबा – गबन की गई राशि: 79,42,274 रुपये – मामले की जांच: नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी – कार्रवाई: एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है

मौसम ने छत्तीसगढ़ में बदली करवट, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 24 जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पिछले एक हफ्ते से मौसम बदला हुआ है। 4 दिन आंधी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जिलों में आज बूंदाबांदी की संभावना है। आंधी बारिश के बावजूद सबसे ज्यादा गर्म राजनांदगांव है, जहां 39 डिग्री टेम्प्रेचर है। हीं अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में बदलाव के आसार नहीं है। उसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम आज धूप-छांव वाला मौसम होगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री था जो सोमवार को लुढ़क कर 37.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर में 3 डिग्री लुढ़का दिन का पारा यहां सोमवार को दिन का पारा सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा। जिसकी वजह से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात का पारा 23.8 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अगले 2 दिन अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। रायपुर में धूप- छांव भरा रहा मौसम सोमवार को राजधानी रायपुर में धूप- छांव वाला मौसम रहा और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को दिन का टैम्प्रेचर 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा था। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण रविवार को सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री रहा। जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 3 डिग्री कम था। वहीं रात का पारा 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा।

शिक्षा का अधिकार प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिले, एक और दो मई को होगा सीटों का आवंटन

रायपुर  शिक्षा का अधिकार (Right to Education) से निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू है। प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिल चुके हैं। हालांकि अभी दूसरे चरण में आवेदन करने की तिथि निर्धारित है, लेकिन आवेदन शुरू नहीं हुए। दरअसल, पहले चरण की अंतिम तिथि आठ अप्रैल को थी। 2025-26 सत्र में प्रदेशभर के 6,732 स्कूल में प्रवेश दिए जाएंगे। इस सत्र 51,978 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे। दरअसल, शिक्षा सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए केजी-वन और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए कार्रवाई जारी है। अब 25 अप्रैल तक नोडल अधिकारी मिले दस्तावेजों की जांच करेंगे। लॉटरी से सीटों का आवंटन एक और दो मई को किया जाएगा। इसके बाद पांच से 30 मई तक चिह्नित स्कूलों में लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया चलेगी। दोगुने मिले थे आवेदन, फिर भी नहीं भरी सीटें गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Admissions) के अंतर्गत बीते सत्र निजी स्कूलों में आठ हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। बीते सत्र में प्रदेशभर में 6,749 निजी स्कूलों में 54,367 सीटें थी। इनमें 46,219 में दाखिला हुआ। जबकि 8,000 सीटें खाली रह गई हैं। वहीं, एक लाख 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। फिर भी सीटें नहीं भर पाई हैं। यह स्थिति तब बनी है, जब सीटों की संख्या से दोगुना आवेदन आया था। वहीं, रायपुर जिले में लगभग 800 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 6,000 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से लगभग 1,000 सीटें खाली रह गई थी। वहीं, इस सत्र भी ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। प्रदेश में शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश देने के लिए लॉटरी प्रणाली को लागू किया है। इसके तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत भरी जानी अनिवार्य हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन होंगे आवेदन प्रदेश में सत्र 2025-26 में 403 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और 348 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय संचालित है। इन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने निर्धारित कर दी है। प्रवेश के लिए आवेदन पांच मई तक कर सकते हैं। इन विद्यालयों में प्रवेश आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन सेजेस पोर्टल से करना होगा। एक विद्यार्थी एक विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकेगा। वहीं, पहले चरण की प्रवेश की अन्य आवश्यक कार्रवाई 11 मई से 15 मई को होगा। अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आवंटन छह मई से 10 मई तक होंगे। महतारी दुलार योजना में देना होगा पालक का डेथ सर्टिफिकेट महतारी दुलार योजना अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को विशेष प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी पालक का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। इसी तरह बीपीएल एवं आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पालकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कुल रिक्त पदों के 25 प्रतिशत सीटों पर आवेदक बच्चों का प्रवेश लॉटरी सिस्टम से होगा। यानी कंप्यूटर के माध्यम से रेंडमली चयन किया जाएगा। रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर लॉटरी से चयन किया जाएगा। सीटें खाली रहने पर दूसरे चरण की प्रक्रिया द्वितीय चरण नवीन स्कूल पंजीयन, दर्ज संख्या प्रविष्टि एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन दो जून से 16 जून तक किया जाएगा। फिर छात्र पंजीयन (आवेदन) 20 जून से 30 जून तक होगा। नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच एक जुलाई से आठ जुलाई तक होगा। लॉटरी एवं आवंटन 14 जुलाई से 15 जुलाई को होगा। स्कूल में दाखिला प्रक्रिया 18 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा।

संजीव गोयनका ने कभी उन्हें अपनी पुरानी टीम और उसकी कप्तानी से बेआबरू करके निकाल दिया था

नई दिल्ली महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर से अपने पुराने अवतार में दिखते नजर आ रहे हैं। ‘बेस्ट फिनिशर’ का अवतार, ‘माही मार रहा है’ वाला अवतार…और ‘कैप्टन कूल’ का अवतार। उन्होंने सोमवार को लखनऊ सुपर जॉइंट्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स की जीत की इबारत लिखी। उस टीम के खिलाफ जिसके मालिक संजीव गोयनका ने कभी उन्हें अपनी पुरानी टीम और उसकी कप्तानी से बेआबरू करके निकाल दिया था। सोमवार के मैच के बाद दिलचस्प नजारा देखने को मिला। नजारा धोनी और गोयनका की मुलाकात का। धोनी और गोयनका की मुलाकात लखनऊ सुपर जॉइंट्स के खिलाफ अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स को जिताने के बाद महेंद्र सिंह विरोधी टीम के मालिक संजीव गोयनका से बातचीत करते दिखे। दोनों की मुलाकात और बातचीत की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। इस दौरान लखनऊ सुपर जॉइंट्स के कप्तान ऋषभ पंत भी वहां मौजूद थे। गोयनका ने कभी धोनी को अपनी टीम से निकाल फेंका था महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल में कभी संजीव गोयनका की टीम का हिस्सा रह चुके हैं। हिस्सा क्या रहे थे, टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। अभी लखनऊ सुपर जॉइंट्स के मालिक संजीव गोयनका कभी राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट्स के मालिक थे। यह टीम सिर्फ दो सीजन ही खेली और भंग हो गई। 2016 के आईपीएल में पहली बार यह टीम दिखी थी जिसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे। 2017 के सीजन से पहले ही गोयनका ने अचानक धोनी को टीम और उसकी कप्तानी से निकाल दिया था। CSK बनाम LSG मैच का परिणाम अगर सोमवार के मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जॉइंट्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाए। कप्तान ऋषभ पंत ने 49 गेंदों में 63 रन और मिचेल मार्श ने 25 गेंद में 30 रन की पारी खेली। रविंद्र जडेजा और मथीशा पथीराना ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने एमएस धोनी की 26 रनों की तेज नाबाद पारी और शिवम दुबे की 43 नाबाद रन की पारी की बदौलत 5 विकेट से जीत हासिल की। चेन्नई के लिए रचिन रविंद्र ने 37 और शायक रशीद ने 27 रन बनाए। लखनऊ के रवि विश्नोई ने 2 विकेट हासिल किए।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया है। छात्रों ने इस संबंध में कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। यह कैंप 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया गया था, जिसमें विश्वविद्यालय के कुल 159 छात्र शामिल हुए थे। ईद के दिन नमाज पढ़वाने का आरोप छात्रों का कहना है कि 30 मार्च को ईद के दिन कैंप में सभी छात्रों को एकत्र कर नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों का आरोप है कि NSS कोऑर्डिनेटर और प्रोग्राम ऑफिसर ने इसे धार्मिक सद्भावना का प्रतीक बताते हुए अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करवाई। कैंप (Bilaspur NSS Camp) में शामिल 159 छात्रों में केवल 4 मुस्लिम छात्र थे, जबकि बाकी सभी छात्र हिंदू समुदाय से थे। कोटा ब्लॉक के शिवतराई में लगा था कैंप छात्रों ने बताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से कोटा ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र शिवतराई में 26 मार्च से 1 अप्रैल तक कैंप लगा था, वहीं नमाज पढ़वाया गया है। छात्रों का आरोप- योगा क्लास में नमाज पढ़ने मजबूर किया छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब एनएसएस कैंप में रोज सुबह योगा क्लास लगाया जाता था, तब वहां हिंदू छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। छात्रों ने नमाज पढ़ने का विरोध भी किया। लेकिन, प्रोग्राम ऑफिसर और कोआर्डिनेटर उन्हें डराते-धमकाते रहे और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी देते रहे। छात्रों ने बताया कि बाकी दिनों की तरह एनएसएस कैंप में सुबह 6:15 से 7:00 बजे योग करने छात्र एकत्रित हुए, जिसमें कुल 159 छात्र कैंप में थे। इसमें 4 छात्र मुस्लिम थे। 31 मार्च को मुसलमानों का त्योहार ईद उल फितर था अचानक से कोऑर्डिनेटर ने चारों मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाया और बाकी छात्रों को मुस्लिम छात्रों द्वारा जो मंच पर नमाज अदा करने की प्रक्रिया की गई और उसका जस का तस दोहराने और सीखने का आदेश दिया। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी करेगी जांच गुरु घासीदास सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की मीडिया प्रभारी MN त्रिपाठी ने बताया कि यूनिवर्सिटी को इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया से जानकारी मिली है, जिसकी जांच और सच्चाई का पता लगाने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की गई है। तथ्य जुटा रही पुलिस कोनी थाना टीआई लखेश्वर केंवट ने बताया कि यूनिवर्सिटी के छात्रों ने शिकायत कर NSS कैम्प में नमाज पढ़ाने का आरोप लगाया, जिसकी जांच की जा रही है। मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी जानकारी लेकर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। अपराध घटित होना पाए जाने पर केस दर्ज किया जाएगा। छात्रों का मोबाइल कराया जमा छात्रों ने बताया कि एनएसएस कैंप के दौरान उनका मोबाइल जमा करा लिया गया था, ताकि वो इसका वीडियो-फोटो न बना सके। यही वजह है कि उनके पास इस घटना का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस दौरान छात्रों को नमाज पढ़ने के तरीके सिखाए गए। छात्रों के धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन शिकायत दर्ज कराने वाले छात्रों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी सहमति के धार्मिक गतिविधियों में शामिल किया गया, जो उनकी व्यक्तिगत आस्था के खिलाफ है। छात्रों का यह भी कहना है कि यदि ऐसी स्थिति उल्टी होती, तो भारी हंगामा होता। मामले को लेकर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्रों द्वारा की गई शिकायत को कोनी थाना पुलिस ने स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्या कहता है संविधान ? यह मामला एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में धर्म और सेकुलरिज़्म की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ रहा है। बता दें, भारतीय संविधान अनुच्छेद 25 के तहत हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है, लेकिन किसी पर धर्म विशेष का पालन थोपना असंवैधानिक है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।

अतीक का पूरा साम्राज्य खत्म, हत्याकांड के बाद से पत्नी शाइस्ता और अशरफ की पत्नी जैनब व गुड्डू मुस्लिम फरार

प्रयागराज प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को सरेआम उमेश पाल की गोली और बम मार कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या में अतीक अहमद के बेटे असद के साथ कई शूटर सीसीटीवी में उमेश पाल और उसके सुरक्षा में लगे दो पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ बम और गोलियां चलाते दिखे थे. हमले में उमेश पाल और सुरक्षा में लगे दो जवानों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी. इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के साथ बेटे असद के अलावा कई साथियों को आरोपी बनाया गया था. इसी मर्डर केस के जांच के दौरान 15 अप्रैल को अतीक अहमद और अशरफ अहमद की काल्विन हॉस्पिटल के गेट पर में तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. फिलहाल अतीक और अशरफ को मारने वाले तीनों शूटर इस वक्त जेल में बंद हैं और बाहर भी नहीं निकलने चाहते हैं. तीनों ने अतीक की हत्या दबादबा बनाने और चर्चित होने के लिए की थी. अहमद ब्रदर की हत्या के 2 साल पूरे हो गए हैं. हालांकि अभी भी अहमद ब्रदर की हत्या का केस जिला अदालत में ट्रायल पर है. हत्या के 2 साल बीत जाने के बाद अतीक अहमद की तकरीबन 3000 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की गई है. ये संपत्तियां अतीक ने जरायम की दुनिया से कमाए गए पैसे से हासिल की थी. जरायम के पैसे से अतीक अहमद ने पूरा अंपायर खड़ा किया था. जिस पर प्रदेश सरकार ने अपने कार्यवाही का डंडा चलाया. 2 साल में जानिए क्या हुआ अतीक और अशरफ की हत्या के 2 सालों में उसका पूरा परिवार अलग-अलग पड़ गया है. अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन  को भी उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया था. फिलहाल वह फरार है.  पुलिस ने शाइस्ता परवीन पर इनाम भी घोषित कर रखा है. वहीं, अतीक अहमद के पांच बेटों में एक बेटे असद को पुलिस ने झांसी में हुए एनकाउंटर में मार गिराया था. क्योंकि असद उमेश पाल मर्डर केस में वांछित था. जबकि अतीक अहमद के दो बड़े बेटे में सबसे बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है, तो वही छोटा बेटा अली अहमद प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. अतीक गैंग के आधे मेंबर जेल में, आधे फरार अतीक अहमद के चकिया वाले घर से महज 200 मीटर की दूरी पर उसके साढ़ू इमरान का घर है। अब यह पूरी तरह से जमींदोज हो चुका है। करीब दो साल का वक्त बीत गया, कोई मलबा तक उठाने नहीं आया। इसी तरह से अतीक के फाइनेंसर रहे माशूक उद्दीन, अतीक के शूटर रहे असद के घर, अशरफ की पत्नी जैनब के भाई जैद मास्टर के घर को भी जमींदोज किया गया। ये सभी अतीक के गैंग IS-227 के सदस्य रहे हैं। इसी तरह से गुड्डू मुस्लिम, शूटर अरमान और साबिर, खालिद जफर के घर और जमीन को कुर्क किया गया। उमेश पाल मर्डर केस के बाद अतीक गैंग में शामिल लोगों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। 2023 और 2024 में अतीक गैंग के सदस्यों की लिस्ट जारी हुई। 2023 में गैंग में कुल सदस्यों की संख्या 66 थी। 2024 में जब लिस्ट जारी हुई तो इसके सदस्यों की संख्या 34 हो गई। प्रशासन ने 2025 में लिस्ट को दोबारा से जारी करने की तैयारी कर रखी है। अंदाजा है कि इस बार भी करीब 30 मेंबर रहेंगे। इसमें आधे से ज्यादा जेल में हैं। कुछ फरार हैं। कुछ नए अपराधी शामिल किए जाने हैं। अतीक अहमद के दो छोटे बेटे पहले बाल सुधार गृह में बंद थे, बालिग़ होने के बाद दोनों प्रयागराज के बमरौली हटवा में अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहे हैं. वही अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा भी पिछले दो सालों से फरार है. इन पर भी उमेश पाल मर्डर में साजिश रचने का आरोप लगा है. अशरफ के एक बेटी और बेटा हैं, जो अभी छोटे हैं, फिलहाल यह दोनों बच्चे कहां हैं ये किसी को नहीं पता है. बसपा शासन काल से अतीक अहमद पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ था, क्योंकि अतीक अहमद और अशरफ अहमद पर बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप था. अतीक और अशरफ पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन ऐसा कहा जाता था कि अतीक के रसूख के चलते कोई आरोप तय नहीं हो पाता था. बदलते दौर के साथ प्रदेश में सरकार बदलने लगी वैसे वैसे अतीक का रुतबा भी कम होने लगा, पिछले कई चुनाव में अतीक अहमद को हार का सामना करना पड़ा. कई चुनाव तो उसने जेल से ही लड़ा. लेकिन जीत नहीं मिली. उत्तर प्रदेश सरकार ने माफिया और भू माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जिसमें अतीक अहमद के अपराध से अर्जित किए गए हजारों करोड़ों रुपए की संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अब अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के 2 साल बीत जाने के बाद पुराने घर कसरिया गांव में भी ताला लगा है. जबकि कसारी मसारी के घर को भी बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है. इसके अलावा अतीक अहमद के चकिया कार्यालय के आगे बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया गया है. उमेश मर्डर केस के तीन आरोपी फरार उमेश पाल मर्डर केस के बाद अतीक अहमद के परिवार का रसूख को खत्म हो गया. उमेश पाल हत्याकांड में शामिल असद, गुलाम, विजय चौधरी उर्फ उस्मान, ड्राइवर अरमान, को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया, तो वहीं इसी मर्डर में शामिल गुड्डू मुस्लिम, अरबाज, साबिर अभी भी फरार हैं. इन सभी पर पुलिस ने 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था और उमेश पाल के अपहरण मामले में अतीक अहमद के वकील शोहलत हनीफ, और दिनेश पासी को आजीवन कारावास की कोर्ट ने सजा सुनाई थी. अतीक और अशरफ का केस लड़ रहे विजय मिश्रा को भी पुलिस ने उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया है. ऐसा कहा जा रहा है था कि विजय मिश्रा ने ही उमेश पाल की हत्या से पहले हत्यारों को लोकेशन दी थी. अतीक के किस बेटे को गैंग लीडर बनाया जा सकता है इस गैंग में नंबर 1 … Read more

विवेक दहिया ने पत्नी दिव्यांका त्रिपाठी संग तलाक की खबरों पर चुप्पी तोड़ी बोले -झूठी चीजों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए

मुंबई हाल ही दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया के तलाक की खबरें आने लगीं, जिससे फैंस को तगडा झटका लगा था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि दिव्यांका और विवेक शादी के 9 साल बाद तलाक लेने जा रहे हैं। अब कपल ने तलाक की खबरों पर रिएक्ट किया है, और सच बताया है। विवेक और दिव्यांका ने कहा कि वो इन खबरों पर हंस रहे थे और ऐसी बातों को सीरियसली नहीं लेते। विवेक दहिया ने तलाक की खबरों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘बहुत मजे आ रहे हैं। मैं और दिव्यांका, हम लोग हंस रहे थे। हम लोग आइसक्रीम खाते-खाते सोच रहे थे कि अगर और लंबा होगा तो पॉपकॉर्न भी मंगवा लेंगे।’ विवेक बोले- क्लिकेबट सब समझता हूं, इसमें कुछ सच नहीं विवेक दहिया ने आगे कहा, ‘मैं भी व्लॉगिंग करता हूं और मुझे पता है कि ये क्लिकबेट क्या होता है। मैं ये सबकुछ अच्छे से समझता हूं। कुछ सनसनीखेज डाल दोगे तो लोग आएंगे और उसे देखेंगे। लेकिन, उसमें कुछ होता नहीं है। ऐसी झूठी और फर्जी चीजों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।’ विवेक दहिया और दिव्यांका त्रिपाठी की लव स्टोरी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक की की लव स्टोरी की बात करें, तो उनकी पहली मुलाकात टीवी शो ‘ये है मोहब्बतें’ के सेट पर हुई थी। साथ काम करते हुए दोनों को प्यार हुआ, और फिर 8 जुलाई 2016 को शादी कर ली। विवेक और दिव्यांका ने कई शोज में साथ काम किया। उन्होंने डांस रियलिटी शो ‘नच बलिए 8’ भी जीता था। शरद मल्होत्रा संग रहा अफेयर, हुआ था गंदा ब्रेकअप विवेक से शादी से पहले दिव्यांका एक्टर शरद मल्होत्रा को डेट कर रही थीं। पर कुछ साल बाद ही उनका ब्रेकअप हो गया था। इसकी वजह से दिव्यांका बुरी तरह टूट गई थीं। फिर दिव्यांका की जिंदगी में विवेक दहिया की एंट्री हुई और दोनों ने एक-दूसरे को हमसफर बना लिया।

आईपीएल में आज ही के दिन रचा गया था इतिहास, 549 रनों के साथ बना था एक मैच का सबसे बड़ा स्कोर

नई दिल्ली IPL 2025 का रोमांच अपने चरम पर है। पिछले सीजन की तरह इस सीजन भी रनों की खूब बरसात हो रही है और फैंस इसका जमकर मजा उठा रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद से टूर्नामेंट की शुरुआत से ही फैंस उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वह इस बार आईपीएल में 300 का आंकड़ा छूएगी। हैदराबाद ने सीजन के अपने पहले ही मुकाबले में 286 रन बनाकर बता दिया कि वह फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश कर रही है। हालांकि एसआरएच अपने पिछले रिकॉर्ड को मात्र 2 रन से तोड़ने से चूक गई जो उन्होंने आज ही के दिन 2024 में बनाया था। सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ IPL का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करते हुए 287 रन बोर्ड पर लगाए थे। यह मैच आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है क्योंकि इस मुकाबले में IPL का ही नहीं बल्कि टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा मैच टोटल बना था। जी हां, उस मैच में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने ट्रैविस हेड के तूफानी शतक के दम पर निर्धारित 20 ओवर में मात्र 3 विकेट के नुकसान पर 287 रन बनाए थे। हेड ने 41 गेंदों पर 8 चौकों और 9 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 102 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा हेनरिक क्लासेन ने 31 गेंदों पर 67 रन बनाए थे। इस विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को फाफ डु प्लेसी और विराट कोहली ने धमाकेदार शुरुआत दी थी। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 6.2 ओवर में 80 रनों की पार्टनरशिप हुई थी। कोहली के विकेट गिरने के बाद आरसीबी की गाड़ी पर अचानक ब्रेक लग गई थी। 80 पर 1 विकेट गिरने के बाद आधी आरसीबी की टीम 10 ओवर के बाद 122 के स्कोर पर पवेलियन लौट चुकी थी। तब ऐसा लगने लगा था कि मेजबान टीम 200 के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। मगर तब दिनेश कार्तिक ने अपने टी20 करियर की सबसे बेस्ट पारियों में से एक खेली और 35 गेंदों पर 83 रन बनाए। एक समय पर कार्तिक ने हैदराबाद की धड़कने बढ़ा दी थी, मगर वह आरसीबी को जीत नहीं दिला पाए। बेंगलुरु की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाए। इसी के साथ सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मिलकर टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक मैच का सबसे बड़ा 549 रनों का टोटल बनाया। आईए एक नजर डालते हैं टी20 क्रिकेट में बने सबसे बड़े मैच टोटल की लिस्ट पर- टी20 क्रिकेट में बने सबसे बड़े मैच टोटल 549 – RCB बनाम SRH, बेंगलुरु, 2024 529 – SRH बनाम RR, हैदराबाद, 2025 523 – KKR बनाम PBKS, कोलकाता, 2024 523 – SRH बनाम MI, हैदराबाद, 2024

मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं

नई दिल्ली टीम इंडिया के विस्फोटक मिडल-ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर ने मार्च महीने के लिए आईसीसी का प्रतिष्ठित ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड जीता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मंगलवार को ये ऐलान किया। अय्यर को न्यूजीलैंड के जैकब डफी और रचिन रविंद्र से कड़ी टक्कर मिली। अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में बल्ले से गदर मचा दिया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 243 रन ठोके थे और हाईएस्ट रन-स्कोरर थे। श्रेयस अय्यर की विस्फोटक पारियों ने टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बनने में बड़ी भूमिका निभाई। प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया आईसीसी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया छापी है। प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह अविश्वसनीय तौर पर स्पेशल है, खासकर उस महीने में जब हमने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी उठाई हो- एक ऐसा पल जिसे हमेशा संजोकर रखेंगे।’ फरवरी के लिए शुभमन गिल चुने गए थे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर श्रेयस अय्यर से पहले भारत के शुभमन गिल ने आईसीसी प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता था। उन्हें फरवरी महीने के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना गया था। इस तरह लगातार दो महीनों से टीम इंडिया के खिलाड़ी आईसीसी के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में किया था कमाल अय्यर ने चैपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग मुकाबले में 79 गेंद पर 98 रनों की पारी खेली थी। इसी तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 45 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। फाइनल में भी उनका बल्ला खूब गरजा। न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में अय्यर ने 48 गेंदों पर 62 रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आईपीएल में भी खूब रन बरसा रहा श्रेयस अय्यर का बल्ला श्रेयस अय्यर का बल्ला इस आईपीएल सीजन में भी खूब रन बरसा रहा है। पंजाब किंग्स के कप्तान ने अबतक 5 मैचों में 208 के स्ट्राइक रेट से 250 रन बना चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बाल तस्करी रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किये, यदि कोई नवजात शिशु चोरी होता है तो अस्पतालों का लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी नवजात बच्चे को हॉस्पिटल से चुराया जाता है तो सबसे पहले उस अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड होना चाहिए. कोर्ट ने यह टिप्पणी दिल्ली- एनसीआर में नवजात बच्चों की तस्करी के गैंग के पर्दाफाश से जुड़ी खबर पर संज्ञान लेते हुए की. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के बच्चों की तस्करी के मामले में आदेश सुनाया और दिल्ली में इस गैंग के पकड़े जाने की घटना का जिक्र किया है. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली गैंग के पर्दाफाश की घटना अपने आप मे हतप्रभ कर देने वाली है और कोर्ट के दखल की जरूरत है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से इस बारे में स्थिति जांच रिपोर्ट भी तलब की है. कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि दिल्ली के अंदर और बाहर से सक्रिय इस तरह के बच्चा चोर गिरोहों से निपटने के लिए उनकी ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं? कोर्ट ने स्वतः संज्ञान के मामले पर अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय कर दी है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच अस्पतालों से बच्चा चोरी करने वाले गिरोह से जुड़े एक मामले में जमानत को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सभी आरोपियों को निचली अदालत में सरेंडर करने को कहा. साथ ही सीजेएम वाराणसी और एसीजेएम वाराणसी को निर्देश दिया कि दो सप्ताह के भीतर सत्र न्यायालय में मामले दर्ज किया जाए और एक सप्ताह के भीतर चार्ज फ्रेम किया जाए. इसके अलावा इस मामले से जुड़े कुछ आरोपी फरार हैं तो उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट गैर जमानती वारंट जारी किया जाए. साथ ही कोर्ट ने तस्करी किए गए बच्चों को RTE के तहत स्कूल में भर्ती कराया जाता है और उन्हें शिक्षा प्रदान करना जारी रखता है. ट्रायल कोर्ट बीएनएसएस और यूपी राज्य कानून के तहत मुआवजे के संबंध में आदेश पारित करने के लिए भी निर्देश दिया. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाई कोर्ट को बाल तस्करी के मामलों में लंबित मुकदमे की स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मुकदमों को छह महीने में परीक्षण पूरा करने और मामलों के प्रतिदिन सुनवाई के आधार पर किए जाएंगे. कोर्ट ने यह भी कहा कि हमारे द्वारा जारी निर्देशों को लागू करने में बरती गई किसी भी ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा और उसे अवमानना के रूप में माना जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बाल तस्करी के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर यूपी के प्रशासन की आलोचना की और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए राज्यों को सख्त दिशा-निर्देश दिए. बेंच ने निचली अदालतों को ऐसे मामलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश दिया. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी नवजात की तस्करी होती है तो अस्पतालों के लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएं. शीर्ष अदालत ने कहा, देश भर के हाई कोर्ट को बाल तस्करी के मामलों में लंबित मुकदमों की स्थिति के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया जाता है. इसके बाद 6 महीने में मुकदमे को पूरा करने और दिन-प्रतिदिन सुनवाई करने के निर्देश जारी किए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने यह सख्त टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें तस्करी करके लाए गए एक बच्चे को उत्तर प्रदेश के एक दंपत्ति को सौंप दिया गया था जो बेटा चाहते थे. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी थी. आरोपियों की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले से निपटने के तरीके को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों को फटकार लगाई. बेंच ने कहा, आरोपी को बेटे की चाहत थी और उसने 4 लाख रुपये में बेटा खरीद लिया. अगर आप बेटे की चाहत रखते हैं तो आप तस्करी किए गए बच्चे को नहीं खरीद सकते. वो जानता था कि बच्चा चोरी हुआ है. शीर्ष अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट ने जमानत आवेदनों पर ऐसी कार्रवाई की, जिसके कारण कई आरोपी फरार हो गए. अदालत ने कहा, ये आरोपी समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं. जमानत देते समय हाई कोर्ट से कम से कम यह अपेक्षित था कि वो हर सप्ताह पुलिस थाने में उपस्थिति दर्ज कराने की शर्त लगाता. पुलिस सभी आरोपियों का पता लगाने में विफल रही. सरकार की खिंचाई करते हुए जजों ने कहा, हम पूरी तरह से निराश हैं… कोई अपील क्यों नहीं की गई? कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई. ‘अस्पतालों का लाइसेंस रद्द होगा’ बाल तस्करी के मामलों को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई नवजात शिशु चोरी होता है तो अस्पतालों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाना चाहिए. अदालत ने आदेश दिया, यदि किसी अस्पताल से नवजात शिशु की तस्करी की जाती है तो पहला कदम ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस निलंबित करना होना चाहिए. यदि कोई महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म देने आती है और बच्चा चोरी हो जाता है, तो पहला कदम लाइसेंस निलंबित करना होना चाहिए. बेंच ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा. इसे न्यायालय की अवमानना ​​माना जाएगा.  

रॉबर्ट वाड्रा जमीन सौदे मामले में ईडी के सामने हुए पेश

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और जानेमाने कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को जमीन सौदा मामले में दूसरी बार तलब किया है। समन के तहत वे मंगलवार सुबह ईडी दफ्तर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह कार्रवाई जनता की आवाज दबाने की कोशिश है। इससे पहले ईडी ने उन्हें समन कर 8 अप्रैल को पेश होने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत वाड्रा का बयान दर्ज करेगी। इससे पहले संघीय जांच एजेंसी ने एक अन्य धन शोधन मामले में वाड्रा से पूछताछ की थी। क्या है मामला? दरअसल, ईडी ने मंगलवार को हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में रॉबर्ट वाड्रा को समन भेजा है। वाड्रा पहले समन पर उपस्थित नहीं हुए थे, जो 8 अप्रैल को जारी किया गया था। उन्हें पूछताछ के लिए ईडी के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया, क्योंकि केंद्रीय जांच एजेंसी उनकी फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। ईडी के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुड़गांव के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ का प्लॉट 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। उनकी कंपनी ने इसके बाद जमीन को रियल एस्टेट दिग्गज डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया। मुझे कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं: वाड्रा इससे ईडी दफ्तर जाते वक्त रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि सरकार बदले के तहत कारवाई कर रही है। मुझे नहीं पता कि आखिर गलती क्या है। मुझे किसी से भी कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं है। मैं कुछ भी गलत नहीं किया है। मेरे खिलाफ जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सब कुछ मुझे परेशान करने और फंसाने के लिए किया जा रहा है। इस मामले में कुछ भी नहीं है। पिछले 20 सालों में मुझे 15 बार बुलाया गया और हर बार 10 घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई। मैंने 23000 दस्तावेज जमा किए हैं। मुझसे जो भी पूछा जाएगा, उन्हें सब बताएंगे। राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी इससे पहले बीते दिन ही रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस पार्टी को लगता है कि उन्हें यह कदम उठाना चाहिए, तो वह अपने परिवार के आशीर्वाद से यह कदम उठाएंगे। एएनआई से खास बातचीत में वाड्रा ने कहा था कि राजनीति से उनका जुड़ाव काफी हद तक गांधी परिवार से उनके जुड़ाव के कारण है। पिछले कुछ सालों में कई राजनीतिक दलों ने उन्हें राजनीतिक चर्चाओं में खींचने की कोशिश की है और अक्सर चुनाव या अन्य मुद्दों के दौरान उनके नाम का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है।

एमपी में शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य, फिर भी 4 हजार शिक्षकों का सत्यापन बाकी

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में बच्चों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे बढ़ते मामलों पर रोक के लिए शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हुआ। बावजूद इसके राजधानी के 95 प्रतिशत निजी स्कूल ऐसे हैं जहां अनजान शिक्षक हैं। स्कूलों ने करीब 4 हजार शिक्षकों की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को नहीं दी। ऐसे में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों से विभाग अनजान है। राजधानी में करीब 1200 निजी स्कूल हैं। इनमें चार से पांच हजार का स्टाफ है। पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य राजधानी के लिए निजी स्कूल में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के पुलिस वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया। आदेश जारी करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। इस मामले को एक साल से ज्यादा बीत गया। शिक्षक सत्र भी खत्म हो गया लेकिन निजी स्कूलों के स्टाफ और शिक्षकों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास नहीं पहुंची। आकस्मिक निरीक्षण कर होगी जांच निजी स्कूलों में स्टाफ सहित शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। कितने शिक्षकों का वेरिफिकेशन हो पाया इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। इसे जांचने स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण कर जांच होगी। अगर कहीं यह सत्यापन नहीं हुआ तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।- नरेन्द्र अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी

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