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कुपोषण से मुक्ति की दिशा में कदम: C-MAM मॉडल और समुदाय सहभागिता के माध्यम से बाल पोषण जागरूकता कार्यक्रम

Step towards freedom from malnutrition

Step towards freedom from malnutrition: Child nutrition awareness programme through C-MAM model and community participation जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्र.-04, सेक्टर-02 खेरमाई वार्ड के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में “C-MAM(समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन मॉड्यूल)के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन तथा जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व” थीम पर आधारित विविध गतिविधियों का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर किया गया। समस्त आंगनबाड़ी केंद्र में आज तृतीय मंगल दिवस पर “अन्नप्राशन दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 6 माह की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का सामूहिक अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों की माता, पिता,अभिभावकों से बच्चों के आहार की बारंबारता, उसकी प्रकृति के विषय में चर्चा की गई। उन्हें जानकारी दी गई की 6 माह के बाद बच्चों के वृद्धि तथा विकास तेजी से होता है।जिसके लिए मां का दूध ही केवल पर्याप्त नहीं होता है। यही वह समय है जबकि बच्चों को ऊपरी आहार की शुरूआत करने की आवश्यकता होती है। बच्चों का भोजन सादा होना चाहिए। इसमें मिर्च मसाले का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा बच्चों के भोजन की प्रकृति अर्द्धठोस होनी चाहिए। बच्चों के आहार की मात्रा, बारंबारता, भोजन में खाद्य विविधता एवं स्वच्छता विषय पर परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवस का आयोजन किया गया।जिसमें निर्धारित बच्चों का वजन ऊंचाई लेकर उनका पोषण स्तर ज्ञात किया गया तथा बच्चों के पोषण स्तर के संबंध में माता-पिता से चर्चा की गई बच्चों के पोषण स्तर के आधार पर माता-पिता तथा देखभालकर्ता को आवश्यक समझाइश/परामर्श भी दिया गया। केंन्द्र क्रमांक-30 में ‘वीएचएसएनडी दिवस’ का आयोजन किया गया। जहां एएनएम की उपस्थिति में वार्ड अंतर्गत समस्त चिन्हांकित सेम बच्चों की भूख की जांच की गई तथा भूख की जांच में फेल बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र(NRC) रेफर किया गया। साथ ही नवीन चिन्हांकित सेम,मेंम बच्चों को एएनएम की उपस्थिति में दवाओं का वितरण किया गया एवं पूर्व में C-MAM कार्यक्रम में पंजीकृत बच्चो को प्रदाय दवाओ के अनुपूरन का फॉलो अप एवं निर्धारित साप्ताहिक फॉलो अप भी किया गया। वीएचएसएनडी दिवस पर चिन्हांकित 0 से 6 वर्ष तक के सभी सेम, मैंम तथा गंभीर कम वजन के बच्चों,के माता पिता तथा अभिभावको को कुपोषण के संकेतो,लक्षणों,दुष्प्रभाव तथा उससे बचाव के उपायो तथा उपचार के संबंध में आवश्यक परामर्श दिए गए।

नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आया, एफआईआर दर्ज कराई गई

सागर  सागर जिले में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर संदीप जी आर ने संपूर्ण जिले में नरवाई जलाने प्रतिबंध लगाया है। गत कुछ दिनों में घटित कई घटनाओं के चलते अब नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसके चलते प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। सागर जिले के पथरिया हाट में खेत में आग लगने से दो किसानों की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। इस घटना में घनश्याम अहिरवार की लगभग दो एकड़ की खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल जल गई। इससे 50,000 का नुकसान हुआ। वहीं, राजू साहू की तीन एकड़ की फसल जलकर राख हो गई, जिससे एक लाख का नुकसान हुआ। घनश्याम अहिरवार ने बताया कि उन्होंने बहादुर चौहान को आग लगाने से मना किया था, लेकिन उन्होंने गाली-गलौज करते हुए आग लगा दी। दो किसानों पर केस दर्ज तहसील केसली अंतर्गत ग्राम पुतर्रा में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने से आग फैल गई, जिससे पड़ोसी किसान की खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई थी। घटना 5 अप्रैल 2025 की दोपहर लगभग 3 बजे की बताई गई है। शिकायत में उल्लेख है कि ग्राम पुतर्रा के कृषक ताराबाई पति कैलाश लोधी के पुत्र रघुवीर और लक्ष्मीनारायण लोधी ने अपनी खेत की नरवाई में आग लगा दी थी। यह आग फैलकर ग्राम पुतर्रा के ही प्रताप पिता कनई लोधी की खड़ी फसल तक पहुंच गई और पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। बिजली के शॉर्ट सर्किट से खेत में लगी आग बांदरी अंतर्गत ग्राम मोठी में मंगलवार दोपहर को एक बगीचा वाले खेत में अचानक आग लग गई, जिससे लगभग दो लाख रुपये की कृषि संपत्ति जलकर खाक हो गई। यह आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। ग्राम जूना में नरवाई जलाने से गेहूं की फसल जलकर राख ग्राम जूना के कोटवार प्रीतम पिता रामप्रसाद चढ़ार आवेदन के आधार पर थाना रहली में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट ग्राम जूना के ही निवासी रामअवतार पिता प्रभु कुर्मी के विरुद्ध दायर की गई है। बताया कि 5 अप्रैल 2025 को करीब 11:15 बजे आरोपी रामअवतार ने अपने खेत में फसल अवशेष (नरवाई) में आग लगाई। इसके चलते ग्राम जूना की भूमि एवं ग्राम मड़ला के कुछ हिस्सों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। ग्राम पडरिया में फसलें जलकर राख ग्राम पडरिया थाना सानौधा में आग की एक घटना में कई किसानों की खड़ी नरवाई, भूसा और फलदार वृक्ष जलकर नष्ट हो गए। रवि की गेहूं की फसल हार्वेस्टर से कटने के बाद खेतों में बची नरवाई नदी की ओर से आई आग की चपेट में आ गई, जिससे कई किसानों की सम्पत्ति को नुकसान हुआ। इस आग में मीना उर्फ राजेश्वरी, विनोद कुमारी, गजेन्द्र सिंह, राजू रजक, हरिराम, पुष्पेन्द्र सिंह सहित लगभग 20 से अधिक किसानों की फसल और पेड़ जलकर नष्ट हो गए। उपरोक्त सभी मामलों में प्रशासन ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासन के आदेशानुसार खेतों में फसल अवशेष जलाना प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान में Starlink को मिला अप्रूवल, भारत में नहीं मिली अनुमति

नई दिल्ली सैटेलाइट इंटरनेट के लिए एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारलिंक को भारत में अप्रूवल मिलना बाकी है, लेकिन दुनिया के कई देश मंजूरी देते जा रहे हैं। भारत के पड़ोसी पाकिस्‍तान और बांग्‍लोदश स्‍टारलिंक को अपने यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने का अप्रूवल दे चुके हैं। अब कंपनी को सोमालिया में भी काम करने का लाइसेंस मिल गया है। वही सोमालिया जहां बड़ी संख्‍या में समुद्री लुटेरे रहते हैं, जो समुद्र से गुजरने वाले शिप्‍स को निशाना बनाते हैं। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एलन मस्‍क ने यह जानकारी शेयर की है। गौरतलब है कि कंपनी अफ्रीकी मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाती जा रही है। अफ्रीकी देशों की लिस्‍ट में अब सोमालिया भी स्‍टारलिंक की सेवाएं अफ्रीका के कई देशों में चल रही हैं। अब इस लिस्‍ट में सोमालिया का नाम जुड़ गया है। कहा जा रहा है कि सोमालिया में सैटेलाइट इंटरनेट शुरू होने से वहां के लोगों को बिजनेसमैन को फायदा होगा। हालांकि इसके लिए लोगों को कितनी रकम खर्च करनी होगी, यह जानकारी अभी नहीं है। गौरतलब है कि सोमालिया की गिनती गरीब देशों में होती है और स्‍टारलिंक की सेवाएं काफी खर्चीली मानी जाती हैं। क्‍या कंपनी वहां के लोगों के लिए सस्‍ता प्‍लान लेकर आएगी, यह देखने वाली बात होगी। भारत में जियो-एयरटेल कर चुके हैं पार्टनरशिप भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए जियो और एयरटेल ने स्‍टारलिंक के साथ साझेदारी कर ली है। कहा जाता है कि दोनों बड़ी टेलिकॉम कंपनियां स्‍टारलिंक के प्रोडक्‍ट्स को अपने स्‍टोर्स पर बेचेंगी। लेकिन भारत में अभी यह सर्विस कमर्शल रूप से शुरू नहीं हो पाई है। भारत सरकार सुरक्षा संबंधी पहलुओं को निपटाना चाहती है और आश्‍वस्‍त होना चाहती है कि स्‍टारलिंक अपनी सेवाएं पूरी तरह देश से ही ऑपरेट करे। यही वजह है कि हमारे यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू होने में वक्‍त लग रहा है। बांग्‍लोदश और पाकिस्‍तान भी स्‍टारलिंक को अपने यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए अनुमति दे चुके हैं। हालांकि दिलचस्‍प बात है कि पाकिस्‍तान ने एलन मस्‍क के एक्‍स को अपने यहां बैन किया हुआ है। इस पर वहां का हाई कोर्ट तक सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुका है। स्‍टारलिंक की सेवाएं शुरू होने से तमाम देशों में उन इलाकों तक भी हाईस्‍पीड इंटरनेट उपलब्‍ध होगा, जहां अभी तक फाइबर सेवाएं नहीं पहुंच सकी हैं। इस साल सर्विस शुरू होने की उम्‍मीद विभिन्‍न एक्‍सपर्ट ने स्‍टारलिंक की सेवाएं भारत में इस साल शुरू होने की उम्‍मीद जताई है। हालांकि यह सब स्‍पेक्‍ट्रम वितरण पर निर्भर करेगा। अगर इसमें देरी हुई तो सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं में देर हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल पंचायत दिवस से शुरू होगी नगद भुगतान की सुविधा सहित अन्य डिजिटल सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता और सरपंचों के बीच हुआ एमओयू रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने “आवास प्लस प्लस” सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा “मोर दुवार साय सरकार” महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।

एपमी उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव, अब यूजी के फाउंडेशन ग्रुप में 9 की जगह इतने पेपर देने होंगे

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने यूजी प्रथम वर्ष (बीकॉम, बीए, बीएससी, बीबीए आदि) के पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव किए हैं। आगामी 2025-26 नया शैक्षणिक सत्र से छात्रों को अब पहले के 9 पेपर की जगह 10 पेपर देने होंगे। यह बदलाव (उच्च शिक्षा विभाग का आदेश) छात्रों को अधिक विविधतापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर ज्ञान एक्वायर कर सकें। वैकेशनल और वेल्यू एडेड विषय इसके अलावा, एक नया वेल्यू एडेड विषय जोड़ा गया है। यह अनिवार्य होगा और छात्रों को अपने डिग्री के साथ इसे लेना होगा। वेल्यू एडेड विषय छात्रों के प्रोफेशनल स्किल्स को बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे वे रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे। यह बदलाव छात्रों के करियर विकास के लिए भी अहम साबित होगा। मल्टी-डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट की शुरुआत बता दें कि, ओपन इलेक्टिव सब्जेक्ट को अब मल्टी-डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट कहा जाएगा। इसमें ऐसे विषय जोड़े गए हैं जो छात्रों को डिफरेंट व्यूपॉइंट्स से शिक्षा देंगे। इनमें अंडर स्टैंडिंग इंडिया, डिजिटल एंड टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशंस और हेल्थ एंड योगा एजुकेशन जैसे विषय शामिल हैं। छात्रों को हर साल इनमें से एक विषय का चयन करना जरूरी होगा, जिससे उन्हें मलटीडायमेंशनल मिल सके। इसका उद्देश्य यह (decision of higher education department) नया सिस्टम छात्रों को बिजनेस और सोशल पर्सपेक्टिव से तैयार करने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। इसके जरिए छात्रों को मॉडर्न एजुकेशन दी जाएगी, जो न केवल विषय आधारित ज्ञान बल्कि व्यावसायिक क्षमताओं को भी बढ़ावा देगा।

आज इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में भंडारा, एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद, चलित प्रसादी की रहेगी व्यवस्था

इंदौर रणजीत हनुमान मंदिर पर आज चलित भंडारा होगा। एक लाख से ज्यादा भक्तों के लिए प्रसाद वितरित की जाएगी। मंदिर में फूल बंगला भी सजेगा। भगवान का सुंदर शृंगार होगा। मंदिर में लगातार बढ़ती भक्तों की संख्या को देखते हुए इस बार भी चलित भंडारा करने का निर्णय लिया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया शाम को भगवान की आरती और छप्पन भोग अर्पित करने के बाद भंडारे की शुरुआत होगी। इस बार भक्त अपने घर भी प्रसादी ले जा सकेंगे। मंदिर के ग्राउंड में बैठाकर प्रसादी खिलाने की व्यवस्था नहीं रहेगी। क्योंकि इससे मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़ ज्यादा बढ़ जाती है और उन्हें घंटों प्रसादी के लिए इंतजार करना पड़ता है। राम भाजी, नुक्ती और पूरी का खास पैकेट उन्होंने बताया कि भक्तों को चलिए भंडारे में प्रसादी देने के लिए पैकेट की व्यवस्था रहेगी। ग्राउंड में आने के साथ ही एक काउंटर से भक्तों को एक थालीनुमा पैकेट मिलेगा जो तीन खन का रहेगा। दूसरे काउंटर से राम भाजी, अगले काउंटर से चार से पांच पूरी और चौथे काउंटर से नुक्ती उस पैकेट में परोसी जाएगी। इस पैकेट में ही उसका ढक्कन भी होगा, जिसे बंद करने के बाद भक्त आसानी से उसे ले जा सकेंगे। प्रसादी के लिए 70 क्विंटल से ज्यादा आटा, 160 डिब्बे तेल, 65 डिब्बे शुद्ध घी, 800 क्विंटल बेसन और 16 बोरी शक्कर और मसाले लगेंगे। एक लाख से ज्यादा भक्त प्रसादी ग्रहण करेंगे। चलित भंडारा शाम से शुरू होकर रात तक चलेगा। पिछले साल हुए हादसे से लिया सबक दरअसल पिछले साल 1 मई को आयोजित भंडारे में एक युवक की प्रसाद वितरण के दौरान मौत हो गई थी। इस हादसे में विजय (48) पुत्र सुंदरलाल प्रजापत निवासी गोविंद कॉलोनी मल्हारगंज रात 11.15 बजे पुलिस लाइन से कैंपस में आने के बाद चक्कर खाकर गिर गए थे। यहां मौजूद कार्यकर्ताओं की सहायता से उन्हें बाहर लाकर यूनीक हॉस्पिटल भेजा गया था। यहां डाक्टरों ने साइलेंट अटैक से मौत की पुष्टि करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जिला प्रशासन ने भगदड़ और धक्का मुक्की वाले घटनाक्रम को पूरी तरह अफवाह बताया था। गेट नहीं खोलने से हुआ था हादसा, बेकाबू थी भीड़ इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी जय निवासी स्कीम नंबर 71 ने बताया था कि वह 8 बजे से लाइन में लगा था। पहली बार भंडारे में आए थे। उनके आगे ही कुछ दूरी पर विजय खड़े थे। मंदिर प्रशासन पास वाले को अंदर एंट्री दे रहा था। रात करीब 11:15 बजे वह गेट के पास पहुंचे ही थे। इस दौरान गेट खोलने को लेकर भगदड़ हुई। जिसमें विजय घबराकर वहीं गिर गए। कुछ लोग उन पर चढ़ते हुए बाहर निकले। कुछ लोग वहीं जमीन पर गिर गए। वहां लगे बैरिकेड्स भी टूट गए। घबराहट में विजय बाहर ही नहीं निकल पाए। इसके बाद चार लोगों ने उन्हें उठाकर बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। जय ने बताया कि वह 20 सालों से रणजीत हनुमान मंदिर पर दर्शन करने जा रहे हैं। लेकिन ऐसा हादसा देखकर डर गए। उनके मुताबिक वह भी इस दौरान दबते हुए बचे।  

कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता ओर सरपंचों के बीच हुआ एमओयू

सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती ग्राम पंचायतों में खुलेंगे अटल डिजिटल सुविधा केंद्र कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता ओर सरपंचों के बीच हुआ एमओयू मोर दुआर साय सरकार महाअभियान की शुरूआत बिलासपुर बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में  बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया।  जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित किया गया। सभी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संबोधन को सुना।         जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, विधायक कोटा श्री अटल श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सदस्यगण, प्रभारी कलेक्टर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, समाज प्रमुख श्री महेश चंद्रिकपुरे , श्री बसंत अंचल मौजूद थे। कार्यकम की शुरूआत भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया ।      कार्यक्रम में हर विकासखण्ड से चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सीएससी-वीएलई सेवा प्रदाताओं के मध्य एमओयू (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए। डिजिटल सुविधा केन्द्र का उद्देश्य ग्राम पंचायत कार्यालयों को डिजिटल सुविधा केन्द्र के तौर पर विकसित करना है। इन सुविधा केन्द्र में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से पैसे आसानी से निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे, तथा पेंशन बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायत में ही ले सकेंगे। 24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस के अवसर पर डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया जाएगा।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि बाबा साहब का संपूर्ण जीवन संघर्ष का अनुपम मिसाल है। उन्होंने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो भारत को लोकतंत्र, समानता और न्याय की मजबूत नींव प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जनहितैषी अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार सुशासन के लिए वचनबद्ध हैं। कार्यक्रम को कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव और महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायत एंबेसडर की भूमिका को और प्रभावी बनाने हेतु कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई । उन्हें कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। जहाँ एंबेसडर नियुक्त नहीं हैं, वहाँ उपयुक्त प्रतिनिधि का चयन कर उन्हें नियुक्त किया जाएगा। *मोर दुआर साय सरकार महाअभियान की शुरूआत*15 से 30 अप्रैल तक चलने वाले विशेष पखवाड़ा के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की  जानकारी लाभार्थियों तक पहुँचाने और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी देने महाअभियान की शुरूआत की गई। भूजल संरक्षण हेतु जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।  विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के स्थाई प्रतीक्षा सूची एवं आवास प्लस सूची में छूटे हुए ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित करने हेतु इनकी पहचान के लिए सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु पीएम आवास एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा।

ChatGPT 4.1 लॉन्च, पहले से ज्यादा समझदार हुआ AI

नई दिल्ली OpenAI ने अपनी लेटेस्ट ChatGPT 4.1 सीरीज को लॉन्च कर दिया है। इसके बाद ChatGPT की कोडिंग करने की क्षमता, लंबे सवालों और कंटेंट को समझने की काबिलियत में काफी सुधार आया है। इस सीरीज में GPT 4.1, GPT 4.1 mini और GPT 4.1 nano को लॉन्च किया गया है। बता दें कि ChatGPT के आने के बाद से ही यह चर्चाओं में है। ऐसे में इसका नया वर्जन आने पर लोगों के बीच उत्सुकता देखी जाती है। बताया जा रहा है कि इस नए वर्जन के बाद ChatGPT की क्षमताओं में काफी सुधार होगा। ChatGPT 4.1 के नए फीचर्स पहले के मुकाबले अब ChatGPT ज्यादा समझदार हो गया है। अब यह सवालों को ज़्यादा अच्छे से समझता है और ज़्यादा सटीक और स्मार्ट जवाब देता है। इसका मतलब है कि अगर आप थोड़ा उलझा हुआ या अधूरा सवाल भी पूछें, तो ये अब ज़्यादा सही जवाब देने में सक्षम है। इससे पहले तक सवाल साफ न होने पर यह उसके बारे में ज्यादा जानकारी मांगता था या फिर जवाब देने से मना कर देता था। लंबा कंटेंट अब बाएं हाथ का खेल अभी तक ChatGPT को लंबा कंटेंट समझने में मुश्किल होती थी। ChatGPT 4.1 के बाद ये समस्या दूर हो जाएगी। अब आप लंबा कंटेंट या बड़ें सवाल ChatGPT से पूछेंगे, तो वह उनके जवाब भी आसानी से दे पाएगा। इससे यह बड़े दस्तावेज़, रिपोर्ट, या स्क्रिप्ट को बेहतर तरीके से समझ सकता है। कंपनी का यहां तक भी कहना है कि अब आप एक पूरी किताब भी ChatGpt को देकर उसे प्रोसेस करने के लिए कह सकते हैं। गलतियों में कमी और ज्यादा सटीक ChatGPT 4.1 में गलतियों की गुंजाइश और कम हो जाएगी। पहले ChatGPT से गलत जानकारी भी मिलती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पहले देखने में आता कि ChatGPT तथ्यों तक सीमित रहने की जगह मनगढ़ंत बातें भी बताने लगता था। नई सीरीज में इस समस्या को भी दूर किया गया है। मल्टीटास्किंग और लॉजिक में बेहतर अब यह कई काम एक साथ कर पाएगा और लॉजिक का इस्तेमाल करने की इसकी क्षमताओं का विकास किया गया है। कहने का मतलब है कि ये अब मुशकिल मैथ्स, लॉजिकल पज़ल्स, और कोडिंग से जुड़ी समस्याओं को पहले से बेहतर तरीके से हल कर सकता है। इसका मतलब है कि ये अब सिर्फ चैटबॉट नहीं, बल्कि एक सच्चा असिस्टेंट बन गया है।

बाबा साहब का जीवन करोड़ों लोगों के अधिकारों की रोशनी है-जिला पंचायत उपाध्यक्ष

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती एवं सामाजिक समरसता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेशानुसार जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट निर्देशानुसार और प्रभारी जिला पंचायत सीईओ श्री नितेश उपाध्यक्ष के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसमें जनपद सदस्य, सरपंच गण और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह मुख्य अतिथि थीं, जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजेश साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दौरान विभिन्न समाजों के प्रमुखों को मंच पर सम्मानित किया गया। जनपद सदस्य श्री रामजीत लकड़ा ने डॉ. अंबेडकर की जयंती पर सामाजिक समरसता और न्याय की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने ‘मोर दुवार साय सरकार’ जैसे अभियानों को ग्राम विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। जनपद सदस्य अनीता चौधरी ने बाबा साहब के संघर्ष और उनके द्वारा दिए गए समानता, शिक्षा और अधिकार के सिद्धांतों को याद किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया, और उनका यह संघर्ष आज भी समाज को प्रेरणा देता है। वही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने भी इस अवसर पर बाबा साहब के योगदान की सराहना की और उनके विचारों को समाज के जागरण के रूप में बताया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यरत पंचायत एंबेसडरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया और जिन पंचायतों में एंबेसडर नियुक्त नहीं थे, वहां उपयुक्त प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना थी, जिसमें जिले के तीनों विकासखंडों में से 19 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और CSC सेवा प्रदाताओं के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए गए जिसमें सभी जो काम तहसील में होता था वह काम अब ग्राम पंचायत  में  ही होगा। इसमें महतारी वंदन योजना की पैसा भी ग्राम पंचायत स्तर में मिलेगा । इन डिजिटल केंद्रों का औपचारिक शुभारंभ 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस पर किया जाएगा। इसके साथ ही “मोर दुवार साय सरकार” महाअभियान की घोषणा की गई, जो 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पर विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हितग्राहियों को योजना की प्रक्रिया से अवगत कराकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रह जाए। जल संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई और उपस्थित जनों को जल संवर्धन के प्रति जागरूक किया गया। वही कार्यक्रम छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, ग्राम विकास और जल संरक्षण जैसे विषयों पर प्रदेशवासियों को प्रेरित किया। उन्होंने वर्षा जल संचयन, नल का उपयोग बंद करने और पानी की बर्बादी को रोकने के उपायों पर जोर दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय जल मिशन के तहत सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जल शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में अन्य प्रमुख अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। इस बैठक में जनपद सदस्य अनिता सिंह, प्रिया, उजीत नारायण सिंह, रामजीत लकड़ा, सरपंच सोनू किन्नर, NRLM अधिकारी सिमेंद्र सिंह, जिला समन्वयक  राजेश कुमार जैन, ई डिस्टिक मैनेजर नारायण सिंह पोर्ते, अभीषेक गुप्ता, तीनों विकासखण्ड के सरपंच और जनप्रतिनिधी  सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

कर्नाटक में 85 फीसदी से ज्यादा होगा आरक्षण, BC को 51% आरक्षण देने की तैयारी

कर्नाटक कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार की जाति जनगणना रिपोर्ट चर्चा में है। सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वे रिपोर्ट अब मंत्रिमंडल के सामने है और 17 अप्रैल को इस पर चर्चा होनी है। उसी दिन सिफारिशों पर फैसला होगा। रिपोर्ट और उसकी सिफारिशें अभी पब्लिक डोमेन में नहीं हैं। मगर, सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मौजूदा आरक्षण 32 से 51 फीसदी तक किए जाने का प्रस्ताव है। बीजेपी और जेडीएस जैसे विपक्षी दल इस रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं। सूबे की राजनीति पर असर रखने वाले दो प्रमुख समुदाय लिंगायत और वोक्कालिगा बीते कई सालों में जाति आधारित जनगणना के प्रभावों पर चर्चा करते रहे हैं। OBC जनसंख्या सूबे की कुल आबादी का 70 फीसदी है। अगर इन सिफारिशों पर अमल किया जाता है तो राज्य में आरक्षण का कोटा 85 फीसदी से ज्यादा होने की संभावना है। राज्य में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी और SC-ST के लिए पहले से ही 24 फीसदी आरक्षण तय है। कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन के बाद सिद्धारमैया सरकार ने जिस तरह रिपोर्ट को स्वीकार करने में तेजी दिखाई है, उससे माना जा रहा है कि आलाकमान की ओर से हरी झंडी मिल गई है। राहुल गांधी ने गुजरात में कहा था कि पार्टी शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC-ST और OBC के लिए कोटा पर लगी 50 प्रतिशत की सीमा को हटा देगी। राहुल ने कहा था, ‘हम हर उस दीवार को गिरा देंगे, जो SC-ST और OBC आरक्षण को 50 फीसदी तक सीमित कर रही है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बीते दिनों रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे वैज्ञानिक तरीके से नहीं तैयार किया गया। उन्होंने सीएम सिद्धारमैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने ये रिपोर्ट तैयार की, उन्होंने ये डेटा घर-घर जाकर नहीं लिया। हालांकि, फरवरी महीने में ही सिद्धारमैया ने रिपोर्ट के वैज्ञानिक ना होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि रिपोर्ट पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से तैयार हुई है। उनकी सरकार इसकी सिफारिशों को मानेगी। अपने पहले कार्यकाल में सिद्धारमैया ने कर्नाटक कमिटी ने सर्वे किया जिसकी रिपोर्ट 2016 में तैयार हो गई थी। मगर, रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई। उसके बाद की सरकारों ने भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। साल 2020 में बीजेपी की सरकार ने जयप्रकाश हेगड़े को जाति जनगणना आयोग का प्रमुख बनाया। हेगड़े ने पिछले साल फरवरी में रिपोर्ट सीएम सिद्धारमैया को सौंप दी थी।

विधायक गोलू शुक्ला के बेटे के खिलाफ FIR हुई दर्ज, रुद्राक्ष शुक्ला समेत 7 पर केस, लाल बत्ती वाली कार भी जब्त

देवास मध्यप्रदेश के इंदौर-3 सीट से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला और उसके साथियों द्वारा देवास माता मंदिर पर पुजारी से मारपीट के मामले में नया मोड़ आया है. पुलिस ने सोमवार देर रात रुद्राक्ष समेत 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इनमें इंदौर के अमन शुक्ला, हनी, उज्जैन के लोकेश चंदवानी, मनीष तेजवानी, अनिरुद्ध सिंह पंवार और देवास के जीतू रघुवंशी का नाम शामिल है. मंदिर के पुजारी ने विधायक के बेटे और उसके साथियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था. क्या है मामला दरअसल, बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला 11 अप्रैल को आधी रात को करीब एक दर्जन वाहनों से अपने साथियों को लेकर देवास की माता टेकुरी पहुंचा था. आरोप है कि मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद रुद्राक्ष और उसके साथियों ने जबरन पट खोलने की मांग की. इसे लेकर पुजारी के बेटे के साथ मारपीट और गाली गलौज की गई. इसे लेकर पुजारी से विवाद भी हुआ. शनिवार को पुजारी ने मामले में पुलिस से शिकायत की. उन्होंने कहा कि बेटे के साथ मारपीट की गई और मुझे भी धमकाया गया. एसपी ने दी जानकारी एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि सोमवार को पीड़ित पुजारी उपदेशनाथ के बयान हुए. इन बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केस दर्ज किए गए हैं.  हनी के विरुद्ध गाली गलौच, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया ह.। वहीं, जीतू के खिलाफ जो केस दर्ज हुआ था, उसमें आरोपी बढ़ाए गए हैं. काफिला लेकर घूम रहा था रुद्राक्ष एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि शुक्रवार रात गाड़ियों का काफिला लेकर रुद्राक्ष शुक्ला शहर में घूम रहा था. इनमें से 6 गाड़ियां टेकरी पर गईं थीं. गाड़ियों को ट्रेस कर केस दर्ज किया गया है. वहीं एक गाड़ी नीचे थी, उस पर भी केस दर्ज किया गया है. इनमें से चार गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है. एक वीडियो में रुद्राक्ष की गाड़ी टेकरी पर जाती दिख रही है. रुद्राक्ष की गाड़ी भी होगी जब्त रुद्राक्ष समेत 9 आरोपियों के नाम FIR में शामिल है. फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है. वहीं रुद्राक्ष शुक्ला जिस इंदौर पासिंग कार 0009 में सवार था, वह भी जल्द पुलिस जब्त कर सकती है. वीडी शर्मा ने अपनाया था कड़ा रुख इस पूरे मामले में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि किसी का भी बेटा हो, इस प्रकार की घटना दुर्घटना करने का हक नहीं दिया गया है. वीडी शर्मा ने कहा कि प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है. कोई भी हो, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसपी बोले- आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि सोमवार को पीड़ित पुजारी उपदेशनाथ के बयान हुए। इन बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केस दर्ज किए गए। हनी के विरुद्ध गाली गलौच, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहीं, जीतू के खिलाफ जो केस दर्ज हुआ था, उसमें आरोपी बढ़ाए गए हैं। जैसा कि बताया जा रहा है कि 25-30 युवक थे। इस हिसाब से आरोपियों की संख्या बढ़ेगी। एसपी गेहलोद ने कहा, ‘जांच में सामने आया कि शुक्रवार रात गाड़ियों का काफिला लेकर रुद्राक्ष शहर में घूमा था। इनमें से 6 गाड़ियां टेकरी पर गई थीं। इन्हें ट्रेस कर केस दर्ज किया है। एक गाड़ी नीचे थी, उस पर भी केस दर्ज किया है। चार को जब्त कर लिया है। वीडियो में रुद्राक्ष की गाड़ी टेकरी पर जाती दिख रही है।’ कांग्रेस ने पुजारी के पैर धोकर मांगी क्षमा इधर, मां चामुंडा टेकरी पुजारी से मारपीट मामले में कांग्रेस लगातार हमलावर है। सोमवार को पार्टी नेताओं ने मंदिर पहुंचकर पुजारी के पैर धोकर क्षमा मांगी। इंदौर पुजारी संघ ने आरोपी को तीन दिन में माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है। पुजारियों के संरक्षण के लिए कानून बनाने की भी मांग उठाई गई। इससे पहले शनिवार को कोतवाली थाने पर आवेदन देने के बाद पुजारी परिवार द्वारा रुद्राक्ष शुक्ला के नाम का भी जिक्र कर मारपीट के आरोप लगाए गए थे। चामुंडा माता मंदिर के पुजारी ने अब यह कहा मंदिर के पुजारी अशोक नाथ ने बताया- उस दिन रात 12 बजे के बाद 30-40 लोग माता टेकरी आए थे। 12 बजे दोनों मंदिरों के पट बंद हो गए थे। बेटा उपदेश वहां मौजूद था। उसे कुछ मालूम नहीं था कि वो लोग कौन हैं। उसने सभी लोगों को बाहर से ही दर्शन कराए। तिलक भी लगाया। इतने में देवास के जीतू रघुवंशी ने बेटे से पूछा- चाबी किसके पास है? मैं कलेक्टर की अनुमति लेकर आया हूं। उसने पट खोलने के लिए कहा। उपदेश ने पट खोलने से मना किया। इस पर रघुवंशी बोला कि पट तो खोलने पड़ेंगे। इसके बाद बेटे का कान पकड़ कर बदतमीजी और गाली-गलौज की। विधायक जी के बेटे तो अपने वाहन से नीचे तक जा चुके थे। सारी हरकत जीतू ने की। विधायक जी के बेटे ने पट खोलने के लिए नहीं कहा। उन्हें तो कुछ मालूम ही नहीं था। जो हुआ, वह तो गलत है। जिसने हमारे साथ अभद्रता की थी, उसके ऊपर हम शनिवार को ही कार्रवाई करवा चुके हैं। अशोक नाथ ने कहा कि इंदौर के मठ के साथ हम भी खड़े हैं। अगर हमारी मांग पर कायमी नहीं होती तो हम अभी तक अनशन पर बैठ जाते। पुलिस की कार्रवाई से हम संतुष्ट हैं। जीतू रघुवंशी के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं है।

​कृषि विभाग में निकली बंपर भर्ती, 25 अप्रैल से शुरू होगी आवेदन प्रकिया

 बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने कृषि निदेशालय के अधीन आने वाले फील्ड असिस्टेंट के 201 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bssc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन पद का नाम: फील्ड असिस्टेंट पदों की संख्या: 201 पदों का विवरण: अनारक्षित : 79 पद अनुसूचित जाति : 35 पद अनुसूचित जनजाति: 2 पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग: 37 पद पिछड़ा वर्ग: 21 पद आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग: 20 पद योग्यता : मान्यता प्राप्त संस्थान से आईएससी या एग्रीकल्चर में डिप्लोमा आयु सीमा : न्यूनतम 18 और अधिकतम 42 वर्ष चयन प्रकिया : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम वेतन : 20,200 रुपए प्रतिमाह आवेदन शुल्क : सामान्य : 540 रुपए अन्य : राज्य से बाहर सभी उम्मीदवार : 540 रुपए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य अतीत के स्वर्णिम पृष्ठ का प्रकटीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन, न्याय, वीरता और दानशीलता का स्थापित किया महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया विक्रमादित्य के शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव बधाई के पात्र: राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देता है: दिल्ली मुख्यमंत्री श्रीमती गुप्ता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निरंतर तीन दिन हुआ महानाट्यसम्राट विक्रमादित्य का मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की राजधानी में लाल किले की प्राचीर पर ऐतिहासिक महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन उस युग को जीवंत करने का प्रयास है। यह विश्व में भारत द्वारा सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने की दिशा में कारगर रहेगा। फिल्मों के निर्माण और डिजिटल युग के बावजूद प्राचीन नाट्य परम्परा से परिचित करवाने वाले इस महानाट्य के अंश अविस्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में तीन दिवसीय महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के मंचन के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में महानाट्य के कलाकारों का सम्मान भी किया गया। इसमें अनेक जनप्रतिनिधि, धर्म और आध्यात्म क्षेत्र की हस्तियां और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे। विरासत से विकास के मंत्र पर हो रहा है कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास का मंत्र दिया है। वास्तव में वर्तमान काल अदभुत है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को प्रधान सेवक मानते हैं। आज भारत की गरिमा विश्व में निरंतर बढ़ रही है। एक समय था जब सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, वीरता और सुशासन के महत्व को स्थापित किया। सम्राट विक्रमादित्य के युग को पुन: महानाट्य के माध्यम से जीवंत किया गया है। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पक्षों को महानाट्य के माध्यम से आमजन सामने लाने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है। नाट्य विधा प्राचीन विधा है, इसका आज भी है महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाट्य विधा एक प्राचीन विधा है। आज के डिजिटल युग में भी इस विधा का महत्व बरकरार है। फिल्मों के निर्माण के साथ अनेक माध्यमों से कला और संस्कृति के दर्शन होते हैं लेकिन महानाट्य से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और शासन काल को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह महानाट्य हमारे इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ और गौरवशाली अतीत से परिचय करवाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन के लिए आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्रदान करने के लिये दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। विशिष्ट अतिथियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में महानाट्य के मंचन को देखने के लिए पधारे राज्य सभा के उप सभापति हरवंश सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, स्वामी अचलानंद जी, मध्यप्रदेश के मंत्रीगण राकेश सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नरेंद शिवाजी पटेल, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद का उपस्थिति के लिए आभार माना और संस्कृति मंत्रालय एवं विक्रमादित्य शोध पीठ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। केंदीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारत के इतिहास के महान योद्धा और कुशल शासक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति में आयोजित महानाट्य के माध्यम से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इनकी गौरवगाथा को राष्ट्रीय पटल पर लाने का श्रेष्ठ काम किया है। भविष्य में इसे विश्व पटल पर भी पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं भी सम्राट विक्रमादित्य के शासन की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य से भावनात्मक रूप से विगत 18 वर्षों से जुड़े हुए हैं। जब वे सम्राट विक्रमादित्य के पिताकी भूमिका निभाते आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विरासत और विकास को जोड़ने का प्रशंसनीय काम किया है। राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि अतीत के प्रेरक प्रसंगों से भविष्य गढ़ने की ताकत और ऊर्जा मिलती है। वर्तमान युग भारत के पुनर्जागरण का युग है, ऐसे में इतिहास के गौरवशाली प्रसंग प्रेरणा देते हैं। सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, धर्म, कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई के पात्र हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को महानाट्य रूप में प्रस्तुत करने का सौभाग्य दिल्ली को प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल्लीवासियों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकारें को अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृतियों का आदान-प्रदान कर शीर्ष पर ले जाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभिन्न प्रदेशों की संस्कृतियों को माला के मोतियों की तरह पिरो कर जनता तक पहुंचाने की शुरुआत की है। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद वीडी शर्मा, आचार्य अचलानंद जी महाराज, गृह और ऊर्जा मंत्री दिल्ली शासन आशीष सूद भी उपस्थित थे।  

भारत के टॉप पांच भगोड़े व्यवसायी जो बैंकों को करोड़ों का चूना लगाकर विदेश में ऐश

मुंबई देश के बैंकों का पैसा लेकर भागे कर्जदारों की लिस्ट लंबी है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा पेश किया है, जिनपर तमाम बैंकों के 87,295 करोड़ रुपये बकाया हैं. इसमें सबसे ऊपर मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और ऋषि अग्रवाल (Rishi Agarwal) जैसे नाम शामिल हैं. वित्त राज्य मंत्री डॉक्टर भागवत सिंह कराड़ (Dr Bhagwat Karad) ने ये आंकड़ा राज्यसभा में शेयर किया है. एससीबी का 40,825 करोड़ बकाया राज्यसभा में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड़ (Bhagwat Karad) ने बताया कि मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Gitanjali Gems) सहित टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर बैंकों का 87,295 करोड़ रुपये का बकाया है. राज्य मंत्री ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में कहा कि इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में से टॉप-10 पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) का 40,825 करोड़ रुपये बकाया है. मेहुल चोकसी सबसे बड़ा डिफॉल्टर बीते पांच सालों का आकंड़ा पेश करते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत सिंह कराड़ ने कहा कि एससीबी ने इस अवधि में 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि माफ भी की है. इसके बावजूद इसका इतना बकाया है. इसके साथ ही इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में भगोड़े मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Mehul Choksi’s Gitanjali Gems Limited) सबसे बड़ी विलफुल डिफॉल्टर है, जिस पर बैंकों का 8,738 करोड़ रुपये बकाया है. चोकसी के बाद ये बड़े नाम लिस्ट में शामिल अन्य डिफॉल्टर्स की बात करें तो मेहुल चोकसी के बाद ऋषि अग्रवाल की एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard Limited), आरईआई एग्रो लिमिटेड (REI Agro Limited) और एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (Era Infra Engineering Limited) का नाम आता है. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि एससीबी ने पिछले पांच वर्षों के दौरान 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि को बट्टे खाते में डाल दिया है. पीटीआई के मुताबिक, आरबीआई ने सूचित किया है कि एससीबी में शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर 31 मार्च, 2023 तक 87,295 करोड़ रुपये का बकाया था. मेहुल चौकसी 2018 में पीएनबी धोखाधड़ी केस सामने आने के बाद मेहुल चौकसी एंटीगुआ भाग गया था। वहीं सीबीआई और ईडी उसे गिरफ्तार करने की कोशिश में लगी रहीं। एजेंसियों के आग्रह के बाद उसे बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। उसपर 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। प्रत्यर्पण की कोशिश मेहुल चौकसी नामचीन हीरा कारोबारी थे। बीते सात सालों में चौकसी तीन देशों में रहे। वहीं रिपोर्ट्स में बताया गया कि अब वह स्विट्जरलैंड भागने की फिराक में था। इससे पहले ही बेल्जियम में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नीरव मोदी मेहुल चौकसी के साथ ही उनके भांजे नीरव मोदी भी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। 19 मार्च में उन्हें लंदन में गिरफ्तार किया गया था। नीरव मोदी ने 2018 में ही भारत छोड़ दिया था। लंदन के वेस्टमिन्स्टर कोर्ट में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला चल रहा था। विजय माल्या किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने भारतीय बैंकों को 9 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया। कर्ज लेने के बाद बिना चुकाए ही वह विदेश चले गए। वहीं किंगफिशर एयरलाइन भी बंद हो गई। 2016 से वह लंदन में रह रहे हैं। भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। लग्जरी लाइफ बताया जाता है कि विजय माल्या विदेश में भी ऐश की जिंदगी जी रहे हैं। भारत में भी वह अपनी लग्जरी लाइफ स्टाइल के लिए जाने जाते थे। नितिन संदेसरा नितिन संदेसरा गुजरात के कारोबारी हैं। उनपर 5700 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोप है। उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। जानकारी के मुताबिक 2017 में उनके खिलाफ जांच शुरू होने के बाद वह नाइजीरिया भाग गए। उनके पास नाइजीरिया और अलाबनिया की नागरिकता है। ललित मोदी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 2010 से ही भारत से फरार हैं। उनपर आईपीएल नीलामी में बड़ी धोखाधड़ी के आरोप हैं। भारत कई बार उनके प्रत्यर्पण का प्रयास कर चुका है। BCCI ने लगा दिया था बैन ललित मोदी ने 2008 में आईपीएल की शुरुआत करवाई थी। उनपर आरोप था कि बिना अनुमति के ही अवैध तरीके से उन्होंने प्रसारण के अधिकार की नीलामी की। इसके बाद 2013 में बीसीसीआई ने उनपर बैन लगा दिया। टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट कंपनी का नाम                                       बकाया गीतांजलि जेम्स लिमिटेड                           8,738 करोड़ रुपये एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड                  5,750 करोड़ रुपये         आरईआई एग्रो लिमिटेड                           5,148 करोड़ रुपये एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड                         4,774 करोड़ रुपये कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड           3,911 करोड़ रुपये रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड              2,894 करोड़ रुपये विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी लिमिटेड     2,846 करोड़ रुपये फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड                     2,518 करोड़ रुपये श्री लक्ष्मी कॉटसिन लिमिटेड                     2,180 करोड़ रुपये जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड                 2,066 करोड़ रुपये आरबीआई ने दी है IBA को सलाह डॉक्टर भागवत कराड़ ने आगे कहा कि आरबीआई ने भारतीय बैंक संघ (IBA) को सलाह भी जारी की है कि बैंकों को इनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर प्रतिकूल असर डाले बिना जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों या बैंकों के साथ धोखाधड़ी वाले कर्जदारों के साथ समझौता करने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने RBI के 8 जून, 2023 के फ्रेमवर्क फॉर कॉम्प्रोमाइज सेटलमेंट्स एंड टेक्निकल राइट-ऑफ्स शीर्षक वाले परिपत्र का जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि विनियमित संस्थाएं (RI) धोखाधड़ी या जानबूझकर डिफॉल्टर के रूप में वर्गीकृत खातों के संबंध में समझौता निपटान या तकनीकी राइट-ऑफ कर सकती हैं.  

छत्तीसगढ़ राज्य में अब पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान, लाइसेंस की जरूरत खत्म

रायपुर : छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की जरूरत खत्म छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया छत्तीसगढ़ राज्य में अब पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान, लाइसेंस की जरूरत खत्म रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है। क्या बदला और क्यों है यह अहम पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। व्यवसायियों को कैसे होगा फायदा अब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है। राज्य और जनता को क्या लाभ इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है। छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

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