Jabalpur RTO takes major action: School buses are rigorously inspected, with several found to have serious safety flaws.
नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं—खामियां दूर होने तक संचालन पर रोक, उल्लंघन पर कड़ी कार्यवाही तय
विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/ अर्पिता श्रीवास्तव
जबलपुर। शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाया। परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश (ग्वालियर) उमेश जोगा के निर्देश पर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा के नेतृत्व में संभागीय परिवहन सुरक्षा उड़नदस्ता टीम ने 24 अप्रैल 2026 को स्कूल वाहनों की व्यापक जांच की।
यह कार्रवाई दमोह नाका क्षेत्र स्थित सेंट वेंडर किड्स जोन स्कूल, वर्धमान एवं आदित्य कॉन्वेंट स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों में संचालित बसों पर केंद्रित रही।

जांच में बड़ा खुलासा:
कई स्कूल वाहनों में फिटनेस, परमिट, पीयूसी, फर्स्ट एड बॉक्स, पैनिक बटन जैसी अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर कमी पाई गई। इतना ही नहीं, कुछ वाहनों पर स्कूल का नाम और संपर्क नंबर तक अंकित नहीं था—जो सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

RTO की सख्त चेतावनी:
सभी संबंधित स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कमियां दूर होने तक वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए। आदेश की अवहेलना पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ड्राइवर-कंडक्टर को सख्त निर्देश:
चालकों एवं परिचालकों को हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्र-छात्राओं का सुरक्षित परिवहन हो सके।
एलपीजी वाहनों पर प्रतिबंध के बावजूद उल्लंघन:
कलेक्टर जबलपुर के 23 फरवरी 2026 के आदेश के अनुसार एलपीजी संचालित वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ वाहनों द्वारा नियमों की अनदेखी सामने आई।
अभिभावकों से अपील:
प्रशासन ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को केवल मानक अनुसार सुरक्षित वाहनों से ही स्कूल भेजें।
अभियान रहेगा जारी:
आरटीओ विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।
कार्यवाही में शामिल टीम:
इस विशेष अभियान में प्रभारी राजेंद्र साहू, उप निरीक्षक अक्षय पटेल, परिवहन आरक्षक इम्तियाज हुसैन, पीयूष मरावी, आशुतोष मोघे, उमाशंकर उपाध्याय, अशोक खार्पडे, निमिषा तिवारी सहित समस्त स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।








