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पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने कहा-टी20 विश्व कप 2024 के बाद मुझे लगा कि PCB ने मुझे नजरअंदाज कर दिया है

कराची पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने कहा कि टी20 विश्व कप 2024 के बाद उन्हें ‘पाकिस्तान क्रिकेट ढांचे’ द्वारा दरकिनार और नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने पिछले साल के अंत में अपने संन्यास के पीछे का कारण संवाद की कमी बताया। आमिर और इमाद वसीम ने पिछले साल के टी20 विश्व कप में खेलने के लिए संन्यास से वापसी की थी लेकिन पाकिस्तान का प्रदर्शन काफी खराब रहा और 2009 का चैंपियन सुपर आठ चरण में जगह बनाने में भी विफल रहा। इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल दिसंबर में लगातार दिनों में संन्यास की घोषणा की। आमिर ने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘टी20 विश्व कप के बाद मुझे लगा कि पाकिस्तान क्रिकेट ढांचे ने मुझे दरकिनार और नजरअंदाज कर दिया है। टी20 विश्व कप समाप्त होने के बाद किसी ने मेरे से बात तक नहीं की। किसी ने मुझे नहीं बताया कि मैं भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हूं या नहीं। एक समझदार व्यक्ति संकेतों को समझता है- यदि आप योजनाओं में नहीं हैं तो आपको अपने बारे में सोचना होगा। मैंने ठीक यही किया। मैंने अब अपना मन बना लिया है- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बहुत-बहुत धन्यवाद।’ बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने इससे पहले दिसंबर 2020 में 28 साल की उम्र में कोच मिस्बाह उल हक और वकार यूनिस के साथ मुद्दों का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। आमिर ने कहा कि जब PCB ने उन्हें अमेरिका और वेस्टइंडीज में होने वाले विश्व कप में खेलने के लिए कहा तो उन्होंने काउंटी क्रिकेट खेलने के अनुबंध को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया। आमिर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने जितना कमाया उससे ज्यादा पैसा खर्च कर दिया। मैं अपने ट्रेनर के साथ यात्रा करता था और वो सारा खर्च मेरी जेब से होता था। लेकिन वो अलग मामला है।’

किसान के 2 एकड़ में आग लगने की वजह से किसान की सारी फसल जलकर राख, मदद के लिए आगे आए गुरु रंधावा

मुंबई ‘नाच मेरी रानी’, ‘हाई रेटड’ और ‘पटोला’ जैसे हिट गाने गा चुके मशहूर सिंगर गुरु रंधावा अक्सर चर्चा में रहते हैं। वे हमेशा अपनी गायकी से लोगों का दिल जीत लेते हैं। हाल ही में इस सिंगर ने पंजाब के किसानों (जिनकी फसल भीषण आग से नष्ट हो गई) की मदद के लिए आगे आए है और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने का फैसला लिया है। दरअसल, हाल ही में एक किसान का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके पास सिर्फ 2 एकड़ जमीन है और 2 एकड़ में आग लगने की वजह से किसान की सारी फसल जलकर राख हो गई है। इस बीच, किसान की बेटी रोते हुए अपने पिता को सांत्वना देती है। जब यह वीडियो गुरु रंधावा तक पहुंचा तो उनका दिल दहल गया। गुरु ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “यह देखकर बहुत दुख हुआ।” क्या आप मुझे परिवार का संपर्क नंबर दे सकते हैं? मैं एक किसान के रूप में अपने परिवार की मदद करना चाहता हूं। मैं उनका दर्द समझ सकता हूं। अगर किसी को पता हो तो कृपया नंबर कमेंट करें। धन्यवाद, जय जवान, जय किसान। यह भी बताया जा रहा है कि उक्त किसान गांव माड़ी मुस्तफा, तहसील बाघापुराना, जिला मोगा का निवासी है, जिसके निवासी भी सिंगर के इस फैसले की प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं अगर गुरु रंधावा के वर्क फ्रंट की बात करें तो गायक और एक्टर गुरु रंधावा इन दिनों अपनी नई पंजाबी फिल्म ‘शौंकी सरदार’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं, जिनकी यह बहुचर्चित फिल्म जल्द ही दुनियाभर में रिलीज होने वाली है।

चावल बनाने को लेकर हुआ विवाद, बीजेपी नेता की पत्नी ने खुद को गोली से उड़ाया

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीजेपी नेता अतुल सिंह चौहान की पत्नी गुंजन ने खुद को गोली मार ली। खाने में चावल बनाने को लेकर महिला का अपने पति और सास के साथ विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि गुंजन गुस्से में अपने कमरे के अंदर चली गई और दो मिनट बाद खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही अतुल सिंह कमरे की ओर दौड़े। उनकी पत्नी खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थी। यह पूरा मामला जिले के नवी कोट नंदा नई बस्ती इलाके का है। जहां, प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह चौहान, पत्नी गुंजन और पूरे परिवार के साथ रहते हैं। अतुल भाजपा के नेता भी है, उन्होंने पार्टी कि टिकट से पार्षद चुनाव भी लड़ा था। घटना के दिन अतुल काम पर गया हुआ था। दोपहर डेढ़ बजे उसकी पत्नी गुंजन सिंह (28) ने WhatsApp पर मैसेज भेज कर उसके खाने के लिए घर बुलाया। मैसेज मिलने के कुछ ही देर बाद अतुल घर पहुंच गया। जिसके बाद गुंजन ने अपनी सांस को खाना परोसा। शुगर की मरीज थी सांस पुलिस ने बताया कि गुंजन की सास शुगर की मरीज है। उन्होंने खाने में परोसे गए चावल को लेकर बहू को टोका। इस बात को लेकर सास और बहू के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों एक दूसरे पर बुरी तरह भड़क गए। इस दौरान अतुल ने अपनी मां का साथ दिया। जिससे पत्नी बर्दाश्त नहीं कर पाई और गुस्से में कमरे की ओर चली गई। थोड़ी देर बाद कमरे से गोली की आवाज सुनाई दी। अतुल दौड़ते हुए मौके पर पहुंचा और देखा कि उसकी पत्नी खून से लथपथ फर्श में पड़ी हुई थी। जांच में जुटी पुलिस अतुल सिंह ने परिजनों की मदद से पत्नी गुंजन को आनन फानन में राम सागर मिश्र अस्पताल लाया। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे डॉक्टरों ने केजीएमयू ट्रामा सेंटर ले जाने को कहा। परिजन उसे तुरंत ट्रॉमा सेंटर लेकर गए। जहां, प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला ने पेट में सटा कर 32 बोर पिस्टल से गोली मारी थी। जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

कश्मीर घूमने गए जयपुर के युवक की आतंकी हमले मौत, रात तक राजस्थान पहुंचेगा पार्थिव शरीर

जयपुर कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में जयपुर के नीरज उधवानी की भी मृत्यु हुई है। नीरज जयपुर के मॉडल टाउन स्थित फॉरेस्ट व्यू रेजीडेंसी कॉलोनी के रहने वाले वाले थे। नीरज की हाल में शादी हुई थी। वे दुबई में नौकरी करते थे। नीरज के बड़े भाई किशोर उधवानी इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार नीरज अपनी पत्नी के साथ कश्मीर घूमने गए थे। घटना वाले दिन उनकी पत्नी होटल में ही ठहर गई थीं, जबकि नीरज घूमने के लिए बाहर निकल गए थे। इसी दौरान आतंकियों ने नीरज को गोली मार दी। उनका पार्थिव शरीर सुबह 11:45 पर कश्मीर से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। दिल्ली से शाम 8:15 बजे तक उनकी बॉडी जयपुर पहुंचेगी। इसके बाद परिवारजन गुरुवार को ही उनका अंतिम संस्कार करेंगे। शहीद स्मारक पर आज श्रद्धांजलि सभा पहलगाम के आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को संबल देने के लिए आज जयपुर में शाम 6:30 बजे शहीद स्मारक पर राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान जयपुर द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।  

एजेंसियों का दावा हमलावर आतंकी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव के साथ प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के डिजिटल सबूत पाकिस्तान से जुड़ते नजर आ रहे हैं. भारत की खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि हमले के संदिग्ध आतंकियों के डिजिटल फुटप्रिंट मुजफ्फराबाद और कराची स्थित सेफ हाउस तक पहुंच रहे हैं. इससे इस हमले के क्रॉस बॉर्डर लिंक का सबूत मिल रहा है. बता दें कि इस हमले में अबतक 28 सैलानियों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हैं. खुफिया सूत्रों ने घटनास्थल से बरामद फॉरेंसिक एनालिसिस और हमले में बचे लोगों से मिली जानकारी के आधार पर कहा है कि आतंकियों ने सेना के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियारों का इस्तेमाल हमले के लिए किया. इसका ये अर्थ निकलता है कि हमलावर पूरी तरह से ट्रेंड थे और उन्हें सभी जरूरी हथियार मिले थए. भारत की एजेंसियों को घटनास्थल के आस-पास एडवांस कैटेगरी के संचार उपकरण मिले हैं. इससे ये संकेत मिलता है कि आतंकियों को बाहर से लॉजिस्टिक सपोर्ट और सहयोग मिल रहा था.   खुफिया एजेंसियों का दावा है कि हमलावर आतंकी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव के साथ प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में थे. पहलगाम हमले के संदिग्धों के डिजिटल कनेक्शन पाकिस्तान स्थित मुजफ्फराबाद और कराची के ‘सेफ हाउस’ पर पाए गए, जिससे सीमा पार आतंकियों के संबंध के साक्ष्य मजबूत हुए. सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हथियारों की प्रकृति और हमले की सटीकता से पता चलता है कि आतंकियों ने प्रशिक्षित संचालकों से सैन्य सहायता ली थी. बता दें कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) जो छद्म नाम लेकर आतंकी हमले करता है ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. खुफिया एजेंसियों के अनुसार आतंकवादी पूरी तैयारी के साथ हमले के लिए आए थे. आतंकवादियों ने अपनी पीठ पर बैग टांग रखे थे, जिसमें सूखे मेवे, दवाइयां और संचार उपकरण थे.  5 से 6 विदेशी आतंकवादियों का एक समूह कुछ समय से जंगल में छिपा हुआ था और स्थानीय लोगों की मदद से पहलगाम की रेकी कर रहा था. तैयारी पूरी होने के बाद दहशतगर्दों ने मौका देखकर हमला कर दिया. खुफिया एजेंसियों का दावा है कि 3 से4 आतंकवादियों ने एके-47 से लगातार फायरिंग की. इस दौरान 2 पाकिस्तानी आतंकवादी पश्तो भाषा बोल रहे थे. उनके साथ 2 स्थानीय आतंकी (आदिल और आसिफ) भी थे. ये दो स्थानीय आतंकवादी बिजभेरा और त्राल के हैं. पाकिस्तानी आतंकियों ने बॉडी कैमरा पहनकर सब कुछ रिकॉर्ड किया. माना जा रहा है कि पहलगाम में आतंकवादी हमला 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले की तर्ज पर किया गया था. इस आतंकवादी हमले का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना था. इस हमले के पीछे संभवतः पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई का हाथ है. खुफिया एजेंसियों ने इस हमले को अंजाम देने वाले 4 आतंकियों की एक साथ तस्वीरें जारी की है. इन तस्वीरों में सबसे दायीं ओर पाकिस्तानी सेना से रिटायर आसिफ फौजी भी शामिल है. जांच से ताल्लुक रखने वाले एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, “यह सिर्फ एक अलग-थलग आतंकी घटना नहीं है. हमलावरों को सीमा पार से निर्देशित, सुसज्जित किया गया था और उन्हें सपोर्ट दिया गया. उनका उद्देश्य क्षेत्र को अस्थिर करना और शांति को पटरी से उतारना है.” गृह मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है. वरिष्ठ खुफिया और सैन्य अधिकारियों की अध्यक्षता में इस सप्ताह के अंत में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक होने की उम्मीद है. यह घटना क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी समूहों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति में बदलाव का संकेत देती है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सैन्य-ग्रेड हथियारों और एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों का उपयोग कश्मीर में हाइब्रिड युद्ध के एक नए चरण की ओर इशारा करता है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद के साथ, हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल व्यापक नेटवर्क के बारे में अधिक विवरण सामने आने की संभावना है. पाकिस्तान ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में क्या कहा? बता दें कि पहलगाम अटैक के बाद पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. पाकिस्तान ने इस घटना से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि उसका इससे कोई लेना-देना नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले से पाकिस्तान का कोई लिंक नहीं है. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. हम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है.    

आतंकी हमले में शहीद हुए अधिकारी के घर पहुंचे कलेक्टर, जाने कब इंदौर पहुंचेगा शव

 इंदौर  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam Terror Attack) में हुए आतंकी हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल की मौत हो गई। सुशील नथानियल का पार्थिव शरीर एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 803 से आज देर शाम 8:15 बजे इंदौर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए आज सुबह शोकाकुल परिवार से मुलाकात की थी। मामले की सूचना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सुबह हीरानगर क्षेत्र में जाकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि, दुख की इस घड़ी में शासन और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। वहीं इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने सुशील नथानियल के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। कलेक्टर ने कहा कि हर संभव मदद का प्रयास किया जाएगा। पहलगाम से सुशील नथानियल का पार्थिव शरीर एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 803 से आज देर शाम 8:15 बजे इंदौर लाया जाएगा। इसके साथ ही उनकी बेटी को कुछ माइनर इंज्रीज है। उसका इंदौर में इलाज कराया जाएगा और प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसारन घाटी इलाके में मंगलवार दोपहर 2.45 बजे हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई। इस हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल भी मारे गए। वहीं उनकी बेटी आकांक्षा को भी चोट लगी है। सुशील आलीराजपुर में एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। आज सुबह जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए परिवार का ढाढस बढ़ाया। कांग्रेस MLA ने सरकार से एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और बेटी के इलाज की मांग की है।  मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के हीरानगर थाना इलाके में आने वाले वीणा नगर के बी-सेक्टर के मकान नंबर-68 में रहने वाले एलआईसी अधिकारी सुशील नथानियल की मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों ने गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद से उनके घर ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है तो वहीं, शहर के साथ साथ प्रदेशभर में शोक की लहर है। हत्या की सूचना फैलते ही रिश्तेदारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में शहरवासी बुधवार सुबह से ही सुशील के घर पहुंच रहे हैं तो वहीं, कलेक्टर आशीष सिंह और शहर के सभी राजनैतिक दलों के नेता लगातार शोकाकुल परिवार से ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।  आतंकी हमले के शिकार हुए एलआईसी अफसर सुशील नथानियल के घर बुधवार सुबह कलेक्टर आशीष सिंह पहुंचे। सबसे पहल उन्होंने शोकाकुल परिवार के साथ घटना पर ढांढस बंधाया। साथ ही शोकाकुल परिवार के साथ-साथ पड़ोसियों और रिश्तेदारों तक को विश्वास दिलाया कि, दोषियों को किसी शर्त पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पीड़ित परिवार को शासन से हर संभव मदद मुहैय्या कराने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान कलेक्टर सिंह ने शोकाकुल परिवार के सदस्यों के संबंध में तो जानकारी ली ही, साथ ही सवाल किया कि, हादसा का शिकार हुए सदस्य कब गए थे कश्मीर। परिवार से मिले कलेक्टर कलेक्टर आशीष जैन के अनुसार, देर रात तक सुशील का शव इंदौर आ जाएगा और गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। आपको बता दें कि सुशील की मौत के शोक में आज लगभग पूरा शहर बंद है। विधायक मेंदोला और प्रभारी महापौर भी पहुंचे आतंकी घटना को लेकर इलाके के रहवासियों में काफी आक्रोश है। रात से लेकर अबतक मृतक सुशील के घर शहरवासियों का तांता लगा हुआ है। इसी क्रम में बुधवार को क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला और प्रभारी महापौर राजेन्द्र राठौर के अलावा भाजपा-कांग्रेस के कई नेता भी पहुंचे हैं। उन्होंने वहां मौजूद मृतक नथानियल के रिश्तेदार विकास और अन्य से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही मृतक और उसके बारे में जानकारी भी ली और परिवार को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है। इस आतंकी घटना में घायल मृतक की बेटी आकांक्षा की हालत ठीक है। उसके पैर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे भी पिता के शव के साथ इंदौर लाया जा रहा है। अलीराजपुर में पदस्थ थे सुशील नथानियल मिली जानकारी के अनुसार अलीराजपुर में पदस्थ बीमा अधिकारी सुशील नथानियल 15 अप्रैल को पत्नी जेनिफर, बेटे ऑस्टिन उर्फ गोल्डी जो खिलाड़ी है और बैंक ऑफ बड़ौदा गुजरात में पदस्थ बेटी आकांक्षा के साथ जम्मू कश्मीर रवाना हुए थे। पड़ोसियों ने बताया- परिवार काफी मिलनसार है और सबके दुख सुख में खड़े रहने के लिए तत्पर रहता है, जब लोगों ने इस तरह की घटना उनके साथ होना सुनी तो सभी स्तब्ध रह गए। बताया जा रहा है कि आतंकी द्वारा चलाई गई गई गोली बीमा अधिकारी सुशील की बेटी आकांक्षा के पैर में लगी है। 30 साल पहले इंदौर आकर बसे थे सुशील घटनाक्रम को लेकर क्षेत्रीय पार्षद राजू भदौरिया ने बताया कि, रिश्तेदार और परिवार के कुछ लोग कल ही घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। रात तक सुशील के शव को इंदौर लाया जाएगा। आतंकियों की गोली की शिकार घायल महू मेन स्ट्रीट की जेनिफर तथा सुशील नथानियल की बेटी आकांक्षा को इंदौर लाया जा रहा है। सुनील का पैतृक घर जोबट में है। 30 साल पहले वे इंदौर में रहने आए थे। फिलहाल, सुशील का शव इंदौर लाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतिम संस्कार कल किया जाएगा। हालात सामान्य बनाए रखने के लिए सुनील के घर के आसपास भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। 4 दिन पहले कश्मीर घूमने निकला था परिवार ये भी बता दें कि, बीमा अधिकारी सुशील नथानियल के परिवार में 4 सदस्य हैं। ये सभी चार दिन पहले ही एक साथ जम्मू कश्मीर घूमने गए थे। राहत की बात ये है कि, घर के सभी सदस्यों की जांन बच गई है। बस बेटी के पैर में गोली लगने की खबर है। जबकि, घर के अन्य सदस्य ठीक हैं।

भोपाल में आतंकवादियों के खिलाफ मुस्लिम समाज का फूटा गुस्सा, पुतला फूंककर लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

भोपाल भोपाल आज बुधवार दोपहर में वक्फ बोर्ड परिसर में पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संपूर्ण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हे और वहां हमारे हिन्दू भाइयों के आस्था केंद्र धार्मिक स्थल भी हैं। कश्मीर का मुसलमान भी इन धार्मिक स्थलों की यात्रा में सदैव हिन्दू भाइयों का सहयोगी रहा है। निर्दोष यात्रियों के कत्लेआम से शेष भारत का मुस्लिम समुदाय भी आहत हुआ है। मध्यप्रदेश में भी लोगों ने आतंकवादियों की इस कायराना हरकत की निंदा की है। भोपाल में जय हिंद सेना ने भारत माता चौराहे पर प्रदर्शन किया, तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला जलाया। भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’ और ‘मोदी जी 56 इंच का सीना दिखाना होगा’ जैसे नारे लगाए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। इस कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब आतंकियों को जरूर मिलेगा। पूर्व सीएम कमलनाथ और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी इस हमले की निंदा की है। सीएम बोले- आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ कायराना आतंकी हमला घोर निंदनीय है। इस कायराना और अमानवीय कृत्य में कई निर्दोष लोगों की जान गई है। मैं सभी दिवंगतों की पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस घृणित कृत्य में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि हमले में सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। गंजबासौदा में संगठन के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला फूंका गंजबासौदा में बुधवार को पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आतंकवाद और पाकिस्तान का पुतला जलाया है। इस दौरान बरेठ रोड स्थित संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के पास ABVP के करीब 50-60 पदाधिकारी कार्यकर्ता एकत्रित हुए. अभाविप के जिला संयोजक बोले- आतंकवाद को खत्म करने का समय आ गया प्रदर्शन के दौरान अभाविप के जिला संयोजक शुभम सिंह ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को समाप्त करने का समय आ गया है। जब तक आतंक की जड़ प्रहार नहीं किया जाएगा, तब तक देश के निर्दोष नागरिक ऐसी घटनाओं का शिकार होते रहेंगे। ABVP कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ किया प्रदर्शन अभाविप के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया और पाकिस्तान की आतंक समर्थक नीतियों की निंदा की। कार्यक्रम में अभाविप के कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सभी ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई।

मैं गृह मंत्री से अनुरोध करता हूं कि पाक को आतंकी राष्ट्र घोषित करें और इंटरनेशनल कोर्ट में इस मुद्दे को उठाएं: कपिल सिब्बल

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम के पास बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले की निंदा करते हुए राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा कि इस जघन्य वारदात के लिए जिम्मेदार आतंकियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) में मुकदमा चलाया जाना चाहिए। पाकिस्तान को ‘आतंकी राष्ट्र’ घोषित करे भारत कपिल सिब्बल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पाकिस्तान को ‘आतंकी राष्ट्र’ घोषित करने और इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में कार्यवाही होनी चाहिए। मैं गृह मंत्री से अनुरोध करता हूं कि पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करें और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में इस मुद्दे को उठाएं।” “पागलपन और सनक की हद” हालांकि, भारत ने अभी तक ‘रोम संविधि’ पर हस्ताक्षर नहीं किया है, जो कि ICC का अधारभूत समझौता है। ऐसे में भारत ICC की कार्यवाहियों में औपचारिक रूप से भाग नहीं ले सकता। हमले को “पागलपन और सनक की हद” बताते हुए सिब्बल ने कहा, “यह एक पागलपन है, लेकिन बहुत ही सुनियोजित पागलपन है। बैसारन घाटी एक ऊंचाई पर स्थित है, जहां कोई गाड़ी नहीं जा सकती। ऐसे में सुरक्षाबलों को पहुंचने में समय लगता है। आतंकियों ने इस स्थान को सोच-समझकर चुना होगा। उनके पास AK-47 जैसे घातक हथियार थे, उन्होंने पुरुषों को अलग कर टारगेट किया। ये सब पहले से प्लान किया गया था।” इलाके में बंद का आह्वान हमले के बाद स्थानीय समुदाय में रोष है और इलाके में बंद का आह्वान किया गया है। पर्यटकों से गुलजार रहने वाला पहलगाम इलाका इस वक्त वीरान नजर आ रहा है। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कपिल सिब्बल ने यह भी दावा किया कि अगर सरकार पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने का कदम उठाती है, तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। यह हमला न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, बल्कि घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर पर्यटन स्थल बैसारन में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। यह पिछले कई वर्षों में कश्मीर में आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए सबसे भयावह आतंकवादी हमलों में से एक था।

पहलगाम आतंकी हमले पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- तंकवाद का धर्म होता है और पीड़ितों का भी, दी कड़ी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम से मंगलवार को दिल दहला देने वाली खबर आई। यहां आतंकियों ने घाटी घूमने आए पर्यटकों पर गोलियां चलाईं। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई। पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले से हर कोई हैरान है। आम जनता से लेकर बॉलीवुड सितारों तक सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर हर कोई नाराजगी और संवेदनाएं जता रहा है। अब इस मामले में कंगना रनौत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने अपने इंस्टाग्राम पर हमले की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा आतंकवाद का धर्म होता है और पीड़ितों का भी। पहलगाम हमले पर कंगना रनौत का पोस्ट कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम पर दो पोस्ट शेयर किए। पहली पोस्ट में हमले की तस्वीर है। इस तस्वीर के साथ कंगना ने लिखा- “आतंकवाद का धर्म होता है और पीड़ितों का भी।” कंगना ने दूसरे पोस्ट में पीड़ितों का वीडियो शेयर किया है। इसे शेयर करने के साथ कंगना ने लिखा- “इन लोगों ने आम नागरिकों पर गोलियां बरसाईं जिनके पास खुद को बचाने के लिए कुछ भी नहीं था। इतिहास में हर लड़ाई जंग के मैदान में लड़ी गई है, लेकिन जब से इन नपुंसकों को हथियार मिले हैं ये मासूम लोगों पर गोलियां चला रहे हैं, इन डरपोक लोगों से कैसे लड़ा जाए जो केवल जंग के मैदान के बाहर लड़ना चाहते हैं।” कंगना रनौत का पोस्ट कंगना रनौत के अलावा कई सारे बॉलीवुड और टीवी के सितारों ने इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जताई है। टीवी एक्टर अली गोनी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा- आज पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले से मैं बहुत दुखी और गुस्से में हूं। निर्दोष लोगों के खिलाफ यह हिंसा इस्लाम की शांति की शिक्षा के विपरीत है। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हमें इस तरह की बुराई के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

क्या आप जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर के गुरु उनकी बल्लेबाजी के दौरान मिडल स्टंप पर सिक्का क्यों रखते थे?

नई दिल्ली सचिन तेंदुलकर लोग उन्हें क्रिकेट का भगवान कहते हैं। इकलौते खिलाड़ी जिनमें महानतम बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन को अपना अक्स दिखा। ऐसा खिलाड़ी जिसने क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक को तहस-नहस कर डाला। सबसे ज्यादा रन। सबसे ज्यादा शतक। और भी न जाने कितने रिकॉर्ड। बेमिसाल अनुशासन और विनम्रता उनकी महानता को चार चांद लगाती हैं। सचिन तेंदुलकर गुरुवार यानी 24 अप्रैल को 53 वर्ष के हो जाएंगे। क्या आप जानते हैं कि उनके गुरु रमाकांत आचरेकर उनकी बल्लेबाजी के दौरान मिडल स्टंप पर सिक्का क्यों रखते थे? सचिन तेंदुलकर…जिसे बयां करने के लिए शब्द भी कम पड़ जाएं सचिन की बात हो तो उन्हें बयां करने के लिए शब्दकोश के शब्द भी जैसे कम लगने लगते हैं। सच तो यही है कि यूं ही कोई सचिन तेंदुलकर नहीं बन जाता है। उसके लिए चुनौतियों को अवसर बनाना पड़ता है। लगन, मेहनत, दृढ़ता, जिद, जुनून, जज्बा, प्रेरणा, अनुशासन, विनम्रता, सफलता की कभी न मिटने वाली भूख…इन तमाम विशेषणों, तमाम गुणों को अगर परिभाषित करना हो तो बस सचिन को देख लीजिए। ये शब्द, ये विशेषताएं भी जैसे उनका शुक्रगुजार हों कि उनकी शख्सियत ने दुनिया को दिखाया कि इन शब्दों के असली अर्थ क्या हैं। सचिन तेंदुलकर को उनके गुरु रमाकांत आचरेकर ने तराशा और क्या खूब तराशा। यूं ही कोई सचिन तेंदुलकर नहीं बन जाता सचिन तेंदुलकर 10-11 की उम्र में प्रैक्टिस के लिए बांद्रा ईस्ट से 315 नंबर की बस पकड़कर शिवाजी पार्क जाया करते थे। वह 11 वर्ष की उम्र में पहली बार रमाकांत आचरेकर से मिले थे। कोच उन्हें एक मैदान से दूसरे मैदान तक ले जाते थे। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने अपनी न्यूज वेबसाइट पर सचिन तेंदुलकर से बातचीत पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें शुरुआती दिनों में मास्टर ब्लास्टर की दिनचर्या के बारे में बताया गया है। सचिन को कई बार एक ही दिन में 10-12 गेम तक खेलने पड़ते थे। गर्मियों में वह साढ़े 7 बजे सुबह से 2 घंटे तक नेट प्रैक्टिस कर बल्लेबाजी में पसीना बहाते थे। उसके बाद वह सीधे शिवाजी पार्क जाते थे। गर्मी के मौसम में 60 दिनों में वह 55 गेम खेलते थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ सचिन तेंदुलकर ये मैच आम तौर पर दोपहर बाद साढ़े 4 बजे तक खत्म होते थे। उसके बाद 5 बजते-बजते तेंदुलकर एक बार फिर नेट में पहुंच जाते थे और अगले 2 घंटे तक फिर पसीना बहाते थे। इस दौरान वह 5 छोटे-छोटे ब्रेक लेते थे। मिडल स्टंप पर सिक्का रखने का वो किस्सा कोच रमाकांत आचरेकर अपने प्रिय शिष्य के लिए प्रैक्टिस के आखिरी 15 मिनट के सेशन में कुछ ऐसा करते थे जिसने सचिन को और ज्यादा निखारा। इसे मनोविज्ञान की भाषा में रिवॉर्ड ऐंड मॉटिवेशन सेशन कह सकते हैं। इस दौरान सचिन विकेट पर बल्लेबाजी का प्रैक्टिस किया करते थे। गुरु आचरेकर मिडल स्टंप पर एक रुपये का सिक्का रख दिया करते थे। सचिन अगर बिना आउट हुए पूरा सेशन निकाल लेते थे तो वह सिक्का उनका। यह बड़ी चुनौती थी क्योंकि 11 नहीं, 25-50 और कभी-कभी 70 तक फील्डर्स हुआ करते थे। खेल के हर बड़े पुरस्कार और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजे जा चुके सचिन तेंदुलकर के लिए उस एक रुपये के सिक्के को पाना सबसे बड़े पुरस्कार के जैसे था। 2011 के वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद सचिन तेंदुलकर को कंधे पर उठाए हुए टीम इंडिया के खिलाड़ी क्रिकेट के आसमान में सूरज के उगने का जब हो गया ऐलान आचरेकर रूपी गुरु द्रोण का ये ‘अर्जुन’ सचिन तेंदुलकर जब 14 साल का हुआ तो बल्ले से ऐसा धमाका किया जो क्रिकेट के आकाश के सूरज के उगने की मुनादी थी। फरवरी 1988 का एक दिन। शिवाजी मैदान से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आजाद मैदान। एनुअल इंटर-स्कूल टूर्नामेंट हैरिस शील्ड का सेमीफाइनल मैच। शारदाश्रम विद्यामंदिर और सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के बीच मुकाबला। ‘क्रिकेट का भगवान’ विद्यामंदिर का 84 रन पर दूसरा विकेट गिरा तो सचिन तेंदुलकर बैटिंग के लिए आए। दूसरे छोर पर उनसे करीब 15 महीने बड़ा एक और लड़का था- विनोद कांबली। इन दोनों लड़कों ने दूसरे दिन लंच तक बल्लेबाजी की। टीम ने 748-2 के स्कोर पर पारी घोषित कर दी। कांबली ने नाबाद 349 और सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 326 रन ठोके। दोनों के बीच 664 रनों की रिकॉर्ड और नाबाद साझेदारी हुई। उसके बाद तो जो हुआ वह इतिहास है। खेल का यह सूरज अंतरराष्ट्रीय फलक पर ऐसे चमका कि लोगों ने उसे ‘क्रिकेट के भगवान’ का दर्जा दे दिया।

महादेव सट्टा ऐप: ईडी ने दिल्ली-मुंबई समेत देश के 7 बड़े शहरों में बॉन्ड सहित 573 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की फ्रीज

रायपुर छत्तीसगढ़  के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐपसे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने देश के 7 बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, इंदौर, अहमदाबाद, चंडीगढ़, चेन्नई और ओडिशा के संबलपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 576.29 करोड़ रुपए की सिक्योरिटीज/बॉन्ड/डीमैट खाते फ्रीज कर दस्तावेज जब्त किए। इसमें 3.29 करोड़ रुपए नकद शामिल हैं। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का कनेक्शन दिल्ली के कुछ नेताओं से जुड़ा है। हवाला के जरिए छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक काली कमाई भेजी गई। यह भी पाया गया कि सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों को मॉरीशस और दुबई के फर्जी एफपीआई (फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स) के जरिए विदेशी निवेश और शेयर बाजार में लगाया गया, जिससे स्मॉल और मिडकैप कंपनियों के शेयरों की कीमतों में कृत्रिम उतार-चढ़ाव करके आम निवेशकों को चपत लगाई गई। कार्रवाई को लेकर ईडी की एक्स पोस्ट अधिकारियों के अनुसार, यह मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। दिल्ली के जिन नेताओं का कनेक्शन मिला है, ईडी ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। 3002.47 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति अटैच ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच में मेसर्स महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप का सिंडिकेट चलाने के इनपुट मिले हैं। इसके लिए सट्टेबाजी वेबसाइटों को नए उपयोगकर्ताओं को नामांकित करने, आईडी को सक्षम बनाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की व्यवस्था करता है। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में अपराध की आय (POC) मिली है। बता दें कि महादेव सट्टा प्रकरण में अब तक ईडी ने 170 से अधिक परिसरों में छापेमारी कर तलाशी में करीब 3002.47 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति अटैच कर चुकी है। साथ ही इस सिंडिकेट से जुड़े 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, प्रकरण की जांच कर 5 अभियोजन शिकायतों में 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।

सीएम विष्णुदेव साय का पहलगाम आतंकी हमले पर बड़ा बयान, बोले – इस तरह की घटना का बदला लेगा देश

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं का देश बदला लेगा. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से पहलगाम गए पर्यटकों के बारे में मुख्य सचिव, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से जानकारी ली. साथ ही आतंकी हमले में मारे गए रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया के परिवार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंबई दौरे पर रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में कहा कि इस तरह की घटनाओं पर देश ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे के बीच से वापस लौट गए हैं. उन्होंने लौटते ही एयरपोर्ट पर बैठक ली, इससे घटना को लेकर उनकी गंभीरता समझ आती है. सीएम साय ने सभी मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले में रायपुर के दिनेश मिरानिया का भी दुखद निधन हुआ है। स्थानीय प्रशासन परिवार के संपर्क में है। शासन-प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह मुंबई के लिए रवाना हुए, जहां वे बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रमों में शिकरत करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम को लेकर बताया कि मुंबई का दो दिवसीय दौरा है, आज टेक्सटाइल पर MOU कार्यक्रम है. वे अंतर्राष्ट्रीय स्टील कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस दौरान उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

पाकिस्तान और दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत एकजुट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में इंदौर निवासी सुशील नथानियल की असामयिक मृत्यु पर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि सुशील नथानियल अलीराजपुर में एलआईसी कार्यालय में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वे स्वयं इंदौर में नथानियल की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। प्रदेश सरकार हमले में घायल नथानियल की बेटी आकांक्षा की मदद के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। दुख की इस घड़ी में सरकार मृतक के परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरा केंद्रीय नेतृत्व इस मामले पर पल-पल नजर रखे हुए हैं। कश्मीर में पर्यटकों पर हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत है। यह घटनाक्रम पूरे देश पर वज्रपात के समान है। पाकिस्तान और उसके हिमायती दहशतगर्दों को इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

बिजली कटौती पर आतिशी का तंज , बोली- लोग कर रहे कठिनाइयों का सामना, मुख्यमंत्री बना रही मजाक

नई दिल्ली दिल्ली में अत्यधिक गर्मी के बीच बिजली की कटौती ने नागरिकों की समस्याओं को बढ़ा दिया है. 40 डिग्री सेल्सियस की तपिश में कई क्षेत्रों में रात के समय घंटों तक बिजली गायब रहती है. इस स्थिति पर आम आदमी पार्टी की नेता और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे का मजाक बना रही हैं. पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्लीवाले गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से परेशान हैं, जिससे रात में नींद भी नहीं आ रही. जबकि सीएम रेखा गुप्ता का दावा है कि दिल्ली में कोई पावर कट नहीं हो रहा और लोग खुद ही लाइट बंद करके मोमबत्ती की रोशनी में डिनर कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सोशल मीडिया पर सभी दिल्लीवाले झूठ बोल रहे हैं या क्या सभी ने मोमबत्ती जलाकर डिनर करने का कार्यक्रम बना लिया है. उन्होंने सीएम से अपील की कि लोगों का मजाक उड़ाना बंद करें और उनकी बिजली की समस्या का समाधान करें. ‘रात में कई घंटों गुल रही बत्ती’ आतिशी ने बताया कि सोमवार रात दिल्ली के कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति ठप रही. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि कल तापमान 40 डिग्री था, जिससे गर्मी की स्थिति बेहद खराब हो गई थी, और रात में घंटों तक बिजली न होने से लोगों को और भी कठिनाई का सामना करना पड़ा. उन्होंने रेखा जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोग कैंडल लाइट डिनर का मजाक न उड़ाएं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करें. ‘मेरे पास आ रहीं शिकायतें’ उन्होंने शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके व्हाट्सऐप और इनबॉक्स में हर सुबह पावर कट की शिकायतें आती हैं. उदाहरण के लिए, कल रात 11:05 बजे भजनपुरा से सूचना मिली कि आधे घंटे से बिजली नहीं है. इसके बाद, 12:44 बजे संगम विहार सी-ब्लॉक, 1:51 बजे कमला नगर, 1:52 बजे उत्तम नगर और 1:53 बजे द्वारका सेक्टर 2 से लोगों ने घंटों से बिजली न होने की जानकारी दी. सोनिया विहार में तो 4:16 बजे तक बिजली गायब थी. भोगल में एक व्यक्ति ने बताया कि रात 3:30 बजे से बिजली चली गई, जबकि वह भी बीजेपी का समर्थक है. कोटला मुबारकपुर में वोल्टेज की समस्या की भी शिकायत की गई है. ‘लोगों की तकलीफ दूर कीजिए’ आतिशी ने प्रश्न उठाया कि क्या रेखा जी, ये सभी लोग झूठ बोल रहे हैं? क्या कमला नगर, संगम विहार, भोगल, उत्तम नगर और द्वारका के निवासी मोमबत्ती जलाकर डिनर कर रहे हैं? आप दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं, कृपया मजाक को छोड़कर लोगों की समस्याओं का समाधान करें. कल रात का तापमान अत्यधिक था, और इतनी गर्मी में बिजली का जाना असहनीय है. फिर भी, दिल्ली के कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली नहीं थी. लोग अपनी परेशानियों की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को लगता है कि यह सब मजाक है.

किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ई-लर्निंग के दौर में भी कम नहीं होगी पुस्तकों के अध्ययन की प्रासंगिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस (23 अप्रैल) पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का जीवन में बड़ा महत्व है, पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं, जिनके अध्ययन से जीवन को सदैव नई दिशा मिलती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और ई-लर्निंग के दौर में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दूरदर्शिता के अनुसार चिकित्सा और तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई राष्ट्रभाषा में संचालित करने का अभियान चलाया है। यह नई पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ाव के लिए प्रेरित करेगा। इससे अध्ययन की प्रासंगिकता बनी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ और मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पुस्तक दिवस पर पुस्तक मेला काफी प्रासंगिक है, प्रदेशवासी इसका लाभ उठाएं। उन्होंने पुस्तकों के अध्ययन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-लर्निंग के दौर में पुस्तकों के अध्ययन का आनंद सबसे जुदा है। किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं।  

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