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रायपुर संभाग आयुक्त कावरे लेंगे बैठक, कलेक्टरों से लेकर जिला पंचायत सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त होंगे शामिल

रायपुर  रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने आज अपने संभाग के सभी कलेक्टरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस मीटिंग में भारत माला प्रोजेक्ट की गड़बड़ी मामले को लेकर भी चर्चा करेंगे। बैठक में सुशासन तिहार और राजस्व मामलों में प्रगति को लेकर भी बातचीत होगी। कलेक्टरों के साथ बैठक में जिला पंचायत सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त भी शामिल होंगे। मुआवजा वितरण से संबंधित सभी पहलुओं पर राय शुमारी होगी। संबंधित जिलों के दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक भारत माला प्रोजेक्ट में मुआवजा प्रकरण में नए सिरे से रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद फिर से शिकायतों का परीक्षण किया जाएगा। सही नहीं पाए जानें पर उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार ने भारत माला प्रोजेक्ट के मुआवजा वितरण में अब तक 43 करोड़ के गड़बड़ी स्वीकारी है। कैबिनेट की बैठक में मामले में सामने आए भ्रष्टाचार की जांच EOW को सौंपने का फैसला किया गया था। मामले में EOW जांच कर रही है। अब छापेमारी के अलावा गिरफ्तारियां का सिलसिला भी हो गया शुरू है। सुशासन और राजस्व मामलों पर भी चर्चा रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे आज की बैठक में कलेक्टरों से राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ को लेकर जानकारी लेंगे। 5 मई से अभियान का महत्वपूर्ण दौर शुरू होने वाला है। गांव-गांव में शिविर लगाए जाएंगे। खुद मुख्यमंत्री किसी भी शिविर में अचानक पहुंचेंगे।

महासचिव गुटेरेस ने जयशंकर और PAK पीएम शहबाज को किया फोन, ‘पहलगाम हमले में हमारा कोई हाथ नहीं…

इस्लामाबाद पाकिस्तान के नेता देश की जनता के सामने भारत को चुनौती दे रहे हैं। पाकिस्तान के नेता देश की संसद में बाबरी मस्जिद की बुनियाद की ईंट रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की सरकार भारत के हमले से डरकर यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद ‘भारत को सलाह’ देने की अपील की है। शहबाज शरीफ ने यूएन सेक्रेटरी से उस वक्त बात की है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की छूट दे दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अगले 24 से 48 घंटे में भारतीय हमले की आशंका जता रहे हैं। पाकिस्तान के नेता अपने अवाम के सामने सीना फुलाकर खड़ी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सामने देश की सरकार छाती पीट रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के नेता बार बार इसलिए भाकत से हमले की आशंका जता रहे हैं, ताकि अंतर्राष्ट्रीय संगठन हस्तक्षेप करे और भारत को हमले से रोके। कई इंटरनेशनल रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध में पैसों के लिए पाकिस्तान ने भारी मात्रा में हथियार बेच डाले हैं, लिहाजा पाकिस्तान के पास ज्यादा दिनों तक लड़ने के लिए गोला-बारूद ही नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान की कोशिश देश की अवाम के सामने खुद को मजबूत दिखाने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मध्यस्थता के लिए राजी करना है। एंटोनियो गुटेरेस ने एस जयशंकर से भी बात की  यूनाइटेड नेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर UN ने चिंता जताई महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और ऐसे टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अपना सहयोग देने की पेशकश की. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत ने पहलगाम हमले के संबंध में पाकिस्तान के खिलाफ अपने आरोपों के लिए एक भी सबूत नहीं दिया है. बौखलाए पाक आधिकारी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने में भारत का हाथ है. यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रहा पाकिस्तान मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गये एक बयान में कहा गया है कि “शहबाज शरीफ ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार कर दिया है।” इसके अलावा शहबाज शरीफ के कार्यालय ने कहा है कि “प्रधानमंत्री इस बात पर जोर देते हुए, कि भारत द्वारा किसी भी दुस्साहस की स्थिति में पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूरी ताकत से रक्षा करेगा, प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भारत को जिम्मेदारी से काम करने और संयम बरतने की सलाह देने की अपील की है।” इसके बाद यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी टोनियो गुटेरेस ने भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फोन करके दोनों पक्षों से तनाव कम करने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा है कि “उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके दुखद परिणाम हो सकते हैं।” इसके अलावा उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए अपने ऑफिस से मदद का ऑफर दिया है। लेकिन दूसरी तरफ पहलगाम आतंकी हमले के बाद मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की आजादी दे दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक “प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं में पूर्ण विश्वास और भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर फैसला लेने का पूरा ऑपरेशनल फ्रीडम है।” उन्होंने भारतीय सेना के सामने भारत के ‘आतंकवाद को कुचलने के लिए राष्ट्रीय संकल्प’ बताया है। इसके अलावा आज प्रधानमंत्री मोदी एक के बाद एक चार बड़ी बैठकें करने वाले हैं। जिनमें पहली बड़ी बैठक कैबिनेट की सुरक्षा कमेटी की होगी। ये बैठक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और संभावना है कि यहीं से पाकिस्तान के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाना है, उसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंडला के प्रभारी सहायक संचालक द्वारा खरीदी में जमकर की कमीशन खोरी

मंडला मंडला जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है जिसका फायदा अधिकारी खूब उठाते हैं मनमाने तरीके से योजनाओं का संचालन कर   भ्रष्टाचार मचाए हुए हैं , शासन  द्वारा अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई जाती है आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग के लिए शासन ने अनेक सुविधा प्रदान की है छात्रावास में पढ़ने वाले बच्चे बच्चियों के लिए छात्रवृत्ति के साथ-साथ और भी अनेक सुविधाएं प्रदान की जाती है ताकि वह अपना भविष्य अच्छे से सवार  सके, किंतु जिले में बैठे भ्रष्ट अधिकारी इसमें भी अपना फायदा देखकर बच्चों के हक का पैसा खाने में परहेज नहीं करते है।     ऐसा ही एक मामला पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंडला  का है मेरे द्वारा सूचना के  अधिकार के माध्यम से जानकारी निकाली गई इसमें स्पष्ट भ्रष्टाचार दिख रहा है , शासन द्वारा पढ़ने वाले बच्चों के लिए ठंड के दिनों में पिछड़ा वर्ग छात्रावास बालक एवं कन्या छात्रावास के लिए कंबल एवं चद्दर प्रदान करने के लिए राशि जारी की गई थी, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण के सहायक संचालक द्वारा बच्चों के लिए जो कंबल के क्रय किए गए वह घटिया क्वालिटी के है इनके द्वारा कंबल जबलपुर से किया गया है जबकि इन्हें मंडला से ही क्रय किया जाना था। जबलपुर से क्रय करने के बावजूद कम्बल चादर घटिया क्वालिटी की है एक कंबल का मूल प्रति 775 रुपया है और चादर का मूल प्रति₹200 है उनके द्वारा प्रदान किए गए बिल के आधार पर मेरे द्वारा जब पिछड़ा वर्ग बालक छात्रावास में जाकर अधीक्षक से मिलकर कंबल व चादर का अवलोकन किया गया तो देखने में लगा कि प्रति कंबल 250 ₹300 एवं चंदर मुश्किल से 70,75 की प्रति चादर मूल्य होगा जबलपुर से क्रय किए जाने के बावजूद सहायक संचालक द्वारा घटिया सामग्री क्रय कर बच्चों को प्रदान की गई है इसमें भी उनके द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया है, पिछड़ा वर्ग के छात्रावास अधीक्षक से चर्चा करने पर उनके द्वारा कहा गया कि ही राशि छात्रावास में दिए जाना चाहिए था ताकि हम अपने हिसाब से अच्छी क्वालिटी की सामग्री करें कर सके। दोनों छात्रावास में लगभग डेढ़ सौ कंबल चादर प्रदान किए गए हैं विभाग में पूर्व में भी इनके द्वारा अनेक प्रकार की अनिमितता की गई है चाहे पैरामेडिकल छात्रवृत्ति का मामला हो या पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक लोन का मामला हो यहां पर मनमानी तरीके से कार्य किया जा रहा है । उच्च अधिकारियों को मामले की गंभीरता को देखते हुए सूक्ष्म जांच कर जिम्मेदार पर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए।

अक्षय तृतीया को जैन धर्म में क्यों कहा जाता है इक्षु तृतीया

  अक्षय तृतीया केवल सनातनियों का ही नहीं, बल्कि जैन धर्मावलम्बियों का भी एक महान धार्मिक पर्व है. इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान ने एक वर्ष की पूर्ण तपस्या करने के पश्चात इक्षु (शोरडी-गन्ने) रस से पारायण किया था. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभनाथ को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके पीछे कथा प्रचलित है कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर श्री आदिनाथ भगवान ने सत्य व अहिंसा का प्रचार करने के लिए और अपने कर्म बन्धनों को तोड़ने के लिए संसार के भौतिक सत्य और अहिंसा के प्रचार करने के लिए प्रभु विचरण कर रहे थे,ऐसा करते-करते आदिनाथ प्रभु हस्तिनापुर गजपुर पहुंचे जहां इनके पौत्र सोमयश का शासन चल था. क्यों कहा जाता है इक्षु तृतीया प्रभु का आगमन की बात सुनकर सभी नगर वासी दर्शन के लिए उमड़ पड़े. सोमप्रभु के पुत्र राजकुमार श्रेयांस कुमार ने प्रभु को देखकर उसने आदिनाथ को पहचान लिया और तत्काल शुद्ध आहार के रूप में प्रभु को गन्ने का रस दिया, जिससे आदिनाथ ने व्रत का पारायण किया. जैन धर्मावलंबियों के अनुसार गन्ने के रस को इक्षुरस भी कहते हैं इस कारण यह दिन इक्षु तृतीया एवं अक्षय तृतीया के नाम से विख्यात हो गया. इसे कहा जाता है वर्षीतप भगवान श्री आदिनाथ ने अक्षय तृतीया के दिन लगभग 400 दिन की तपस्या के पश्चात पारायण किया था. उनकी ये तपस्या एक वर्ष से अधिक समय की थी इसलिए जैन धर्म में इसे वर्षीतप से सम्बोधित किया जाता है. जैन धर्मावलम्बी आज भी रखते हैं वर्षीतप आज भी जैन धर्मावलम्बी वर्षीतप की आराधना कर अपने को धन्य समझते हैं. यह तपस्या प्रति वर्ष कार्तिक के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से आरम्भ होती है और दूसरे वर्ष वैशाख के शुक्लपक्ष की अक्षय तृतीया के दिन पारायण कर पूर्ण की जाती है. तपस्या आरम्भ करने से पूर्व इस बात का पूर्ण ध्यान रखा जाता है कि प्रति मास की चौदस को उपवास करना आवश्यक होता है. इस प्रकार का वर्षीतप करीबन 13 मास और दस दिन का हो जाता है. उपवास में केवल गर्म पानी का सेवन किया जाता है. ये तपस्या आरोग्य जीवन के लिए भी उपयोगी ये तपस्या धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि आरोग्य जीवन बिताने के लिए भी उपयोगी है. संयम से जीवनयापन करने के लिए इस प्रकार की धार्मिक क्रिया करने से मन को शान्त, विचारों में शुद्धता आती है. इसी कारण है कि मन, वचन एवं श्रद्धा से जुड़े इस दिन को जैन धर्म में विशेष महत्वपूर्ण समझा जाता है. दान की भावना इस दिन जैन अनुयायी आहार दान, ज्ञान दान, औषधि दान और अभय दान का पुण्य करते हैं. जैन धर्म में माना जाता है कि इस दिन किया गया पुण्य कभी क्षीण नहीं होता अर्थात अक्षय रहता है.  

भोपाल स्टेशन पर रेलकर्मियों की ईमानदारी और सजगता एक बार फिर यात्रियों की सेवा में मिसाल बनकर सामने आई

 भोपाल दिनांक 29 अप्रैल 2025 को अपराह्न लगभग 16:10 बजे, एक यात्री श्री अल्फ्रेड टोनी जो ट्रेन संख्या 12618 मंगला एक्सप्रेस से एर्नाकुलम स्टेशन की यात्रा पर थे, वे भोपाल स्टेशन परिसर में स्थित “ड्रॉप एंड गो” क्षेत्र में टैक्सी से उतरे। यात्रा की जल्दी में वे अपना एक बैग वहीं भूल गए और प्लेटफॉर्म की ओर रवाना हो गए। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर कार्यरत रेलवे कुली श्री छगनलाल (बिल्ला क्रमांक 75) की नजर उस लावारिस बैग पर पड़ी। अपनी ईमानदारी और सजगता का परिचय देते हुए उन्होंने बिना देर किए वह बैग उपस्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) श्री जावेद अंसारी को सौंप दिया। श्री अंसारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैग की जांच की, जिसमें नकदी के साथ कई महत्वपूर्ण बैंकिंग दस्तावेज मिले। दस्तावेजों में अंकित मोबाइल नंबर से उन्होंने यात्री श्री अल्फ्रेड टोनी से संपर्क किया और उन्हें उनके बैग के सुरक्षित होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही श्री टोनी तुरंत स्टेशन पर उपस्टेशन अधीक्षक कार्यालय में पहुँचकर बैग प्राप्त किया। उन्होंने भोपाल रेल प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं बहुत खुश और आभारी हूँ कि इतनी जिम्मेदारी और ईमानदारी से मेरा सामान मुझे वापस मिल गया। रेल प्रशासन का यह व्यवहार यात्रियों के विश्वास को और मज़बूत करता है।” इस सराहनीय कार्य पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने कहा— “भोपाल मंडल में कार्यरत हमारे कर्मचारी यात्रियों की सेवा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। श्री छगनलाल की ईमानदारी और श्री जावेद अंसारी की तत्परता ने यह सिद्ध कर दिया है कि हमारे स्टाफ न सिर्फ कर्मठ हैं, बल्कि मानवीय मूल्यों को भी निभाते हैं। रेल प्रशासन को उन पर गर्व है।” भोपाल रेल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि रेलवे केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि यात्रियों के विश्वास और सुरक्षा का संरक्षक भी है।

एमएफपी पार्क में आदिवासी समितियों को दरकिनार कर व्यापारिक सिंडिकेट से हो रही खरीदी

Purchases are being made from commercial syndicates in MFP Park bypassing the tribal committees पूर्व विधायक उरेती ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग भोपाल। मध्यप्रदेश में लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र (एमएफपी पार्क) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। आदिवासी हितों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच भाजपा के पूर्व आदिवासी विधायक दुलीचंद उरेती ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय गैर विभागीय जांच की मांग की है। उरेती का आरोप है कि सहकारी संस्थान के नाम पर एमएफपी पार्क व्यापारिक सिंडिकेट को फायदा पहुंचा रहा है, जबकि आदिवासी समितियों और वनधन केंद्रों को खरीदी प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है।पूर्व विधायक उरेती ने आरोप लगाया कि एमएफपी पार्क द्वारा रॉ मटेरियल की खरीदी में सहकारी समितियों के बजाय पसंदीदा निजी फर्मों से टेंडर के माध्यम से सामग्री खरीदी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से भरी हुई है। कई बार टेंडर की शर्तें ऐसी रखी जाती हैं कि केवल बड़ी व्यापारिक कंपनियां ही हिस्सा ले सकें। इस कारण से असली हितग्राही—आदिवासी संग्राहक और समितियां—प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। गूग्गल खरीदी में घोटाले का आरोप उरेती ने हाल ही में गूग्गल खरीदी में हुई अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें नियमों को ताक पर रखकर एमओयू के माध्यम से एक निजी व्यापारी से ऊंचे दामों पर खरीदी की गई, जिससे संस्था को लाखों का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में एक एसडीओ को बचा लिया गया जबकि एसीएफ की रिपोर्ट में कई वरिष्ठ अधिकारी दोषी पाए गए। आठ वर्षों में 100 करोड़ से अधिक की खरीदी शिकायती पत्र में बताया गया कि बीते आठ वर्षों में एमएफपी पार्क ने करीब 100 करोड़ रुपये की लघु वनोपज खरीदी की है। यह खरीदी बिना संचालक मंडल की स्वीकृति या वनोपज संघ से अनुमति लिए बिना की गई। परफॉर्मेंस गारंटी जैसी शर्तों का उल्लंघन कर फर्मों को लाभ पहुंचाया गया।टेंडर प्रक्रिया आदिवासियों के खिलाफ उरेती ने कहा कि निविदा शर्तों में ऐसा प्रावधान कर दिया गया है कि जिन फर्मों का टर्नओवर एक करोड़ रुपये हो और जिनके पास मान्यता प्राप्त लैब रिपोर्ट हो, वही हिस्सा ले सकती हैं। इससे आदिवासी समितियां और छोटे व्यापारी पूरी तरह से बाहर हो जाते हैं। यहां तक कि प्रदेश में उपलब्ध वनोपज जैसे आंवला, हर्र, बहेड़ा, शहद, महुआ आदि को भी निजी फर्मों से ऊंचे दामों पर खरीदा जा रहा है। गैर विभागीय जांच समिति की मांग पूर्व विधायक उरेती ने मांग की है कि वनोपज खरीदी के लिए जारी मौजूदा टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए और एक निष्पक्ष, गैर विभागीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। साथ ही विगत दस वर्षों के एमओयू, खरीदी गई सामग्री, संबंधित फर्मों और भुगतान की गहन जांच की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आदिवासी संग्राहकों, वन समितियों और वनधन केंद्रों के माध्यम से खरीदी सुनिश्चित की जाए।एमएफपी पार्क में हो रही अनियमितताएं एक बार फिर इस सवाल को जन्म देती हैं कि आदिवासी कल्याण के नाम पर चलाई जा रही योजनाओं का असली लाभ किसे मिल रहा है। यदि आरोप सही हैं, तो यह आदिवासियों के अधिकारों और संसाधनों की खुली लूट है, जिसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।

जस्टिस बीआर गवई देश के 52वें CJI नियुक्त हुए, 14 मई को लेंगे शपथ

नई दिल्ली जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई को मंगलवार को भारत का अगला प्रधान न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया है। जस्टिस गवई 14 मई को भारत के अगले सीजेआई का पदभार संभालेंगे। भारत के विधि मंत्रालय ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी कर जस्टिस गवई को भारत के 52वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। इससे पहले निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक 16 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस गवई के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को की थी। बता दें कि मौजूदा सीजेआई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का कार्यकाल 13 मई को खत्म हो रहा है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, “भारत के संविधान में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई को 14 मई 2025 से भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करते हुए प्रसन्नता हो रही है।” छह महीने का होगा कार्यकाल बता दें कि जस्टिस गवई जस्टिस केजी बालकृष्णन के बाद अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले दूसरे CJI होंगे। जस्टिस केजी बालकृष्णन 2010 में भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मौजूदा CJI खन्ना के बाद सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा और इस साल 23 दिसंबर को उनका कार्यकाल खत्म हो जाएगा। महाराष्ट्र से आते हैं जस्टिस गवई 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे जस्टिस गवई ने 1985 में अपना कानूनी करियर शुरू किया था। जस्टिस गवई ने 1987 में बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू करने से पहले शुरुआत में पूर्व एडवोकेट जनरल और हाईकोर्ट जज स्वर्गीय राजा एस भोंसले के साथ काम किया था। अगस्त 1992 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया। 2000 में वे उसी बेंच के लिए सरकारी वकील और सरकारी अभियोजक बन गए। 14 नवंबर 2003 को जस्टिस गवई को बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और 2005 में वे स्थायी न्यायाधीश बन गए। जस्टिस गवई 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे।

कुलदीप ने रिंकू को जड़ द‍िए चांटे, याद आया हरभजन-श्रीसंत का 2008 का क‍िस्सा

नई दिल्ली दिल्ली कैप‍िटल्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच 29 अप्रैल को अरुण जेटली स्टेडियम में मुकाबला हुआ. जहां दिल्ली की टीम अपने घरेलू मैदान पर लगातार दूसरा मैच हार गई. कोलकाता ने उनको 14 रन से हरा दिया. इस मुकाबले के बाद मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीड‍ियो क्लिप वायरल हुई. जहां मैच खत्म होने कुछ पल बाद ही दिल्ली कैप‍िटल्स के स्प‍िनर कुलदीप यादव को लाइव टीवी पर केकेआर के बल्लेबाज रिंकू सिंह को दो बार थप्पड़ मारते हुए देखा गया यह घटना तब हुई जब दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के ख‍िलाड़ी मैच के बाद पोस्ट प्रजेंटेशन के ल‍िए खड़े हुए थे. सोशल मीडिया पर वायरल ,क्लिप में कुलदीप, रिंकू और कुछ अन्य खिलाड़ी मैच के बाद हंसते हुए नजर आ रहे हैं. लेकिन फ‍िर अचानक लेग स्पिनर कुलदीप ने रिंकू को थप्पड़ मारा, एकबारगी को लगा यह शायद मजाक में हुआ है. लेकिन यह रिंकू को अच्छा नहीं लगा, वह यह देखकर शर्मिंदा और हैरान दिखे. इसके बाद कुलदीप ने उन्हें फिर से थप्पड़ मारा. लेकिन इस बार रिंकू गुस्से में नजर आए. चूंकि क्लिप में कोई ऑडियो नहीं है, इसलिए कुलदीप की हरकत के पीछे का संदर्भ पता नहीं चल पाया है. न ही कमेंटेटरों ने मैच के बाद अपने विश्लेषण के दौरान इस घटना के बारे में कुछ कहा. लेकिन सोशल मीडिया पर फैन्स कुलदीप से नाराज नजर आए. उन्होंने इसे उनका “सबसे खराब व्यवहार” कहा, जबकि कुछ ने बीसीसीआई से उन्हें बैन करने की मांग कर डाली. याद आया श्रीसंत-भज्जी का थप्पड़कांड 2008 के आईपीएल में श्रीसंत और हरभजन सिंह के बीच ‘थप्पड़कांड’ एक चर्चित घटना थी. तब हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद हरभजन सिंह को पूरे सीजन के लिए बैन कर दिया गया था. उस सीजन में, हरभजन सिंह मुंबई इंडियंस के लिए और श्रीसंत किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए खेल रहे थे. एक मैच के दौरान, इन दोनों के बीच मैदान पर बहस हो गई, जो बाद में थप्पड़ तक पहुंच गई. हरभजन ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया था. दिल्ली Vs कोलकाता के मैच में क्या हुआ? अक्षर पटेल की अगुआई वाली द‍िल्ली कैप‍िटल्स ने दिल्ली में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मेजबानी की थी, तो वे प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने से महज दो जीत दूर थे. पहले बेंगलुरु अब कोलकाता से लगातार दो मैच खेलने के बाद दिल्ली प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान से खिसककर चौथे स्थान पर आ गई है. इस मुकाबले में दिल्ली में नौ विकेट पर 204 रन बनाने में सफल रही. वहीं रनचेज करते हुए दिल्ली ने सात ओवर में 3 विकेट पर 62 रन बना लिए थे. फाफ डु प्लेसिस (62) और अक्षर पटेल (43) ने चौथे विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी कर टीम को जीत की दौड़ में बनाए रखा. इसके बाद सुनील  (3/29) ने महत्वपूर्ण समय पर तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर दिल्ली की पारी को पटरी से उतार दिया, जिससे मेजबान टीम 20 ओवरों में नौ विकेट पर 190 रन ही बना सकी और अरुण जेटली स्टेडियम में चार घरेलू मैचों में अपनी तीसरी हार का सामना करना पड़ा.

पहलगाम हमले की रील देख रहे छात्र को पीटा, वीडियो देख हुई शिनाख्त, जीआरपी अरेस्ट करने के लिए रवाना

 इंदौर भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन में हिंदू युवक से विवाद करने वाले मुस्लिम युवकों की पहचान जीआरपी ने कर ली है। ये आरोपी सेंधवा के रहने वाले हैं, जिन्हें पुलिस पकड़ने के लिए रवाना हो गई है। बता दें कि अनमोल पुत्र हिंदू सिंह परमार निवासी खंडवा नाका ने आरोप लगाया था कि वह ट्रेन में पहलगाम हमले से संबंधित रील देख रहा था, तभी वहां बैठे मुस्लिम युवकों ने आक्रोशित होकर मारपीट की थी, जिससे हाथ और गले में चोट आई है। यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की थी। शिकायतकर्ता ने घटना को तोड़ मरोड़कर पेश किया     इस बीच, पुलिस का यह भी दावा है कि शिकायतकर्ता छात्र ने घटना को तोड़ मरोड़कर पेश किया है। पहले युवक स्वयं को छात्र बता रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया है कि वह जिम ट्रेनर है।     उज्जैन में ट्रेन में चढ़ने के दौरान उसका आरोपियों से विवाद हुआ था, वहां आरपीएफ पुलिस ने मामला सुलझाया था। वहीं ट्रेन का एक वीडियो भी पुलिस को मिला है, जिसमें युवक के साथ दो साथी भी नजर आ रहे हैं।     पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान हो गई है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीआई रश्मि पाटीदार के मुताबिक, छात्र द्वारा लगाए गए आरोप और वीडियो की जांच की जा रही है। वायरल हुआ वीडियो, तो पुलिस ने दर्ज किया केस बता दें कि घटना के बाद युवक जब शिकायत लेकर जीआरपी थाने पहुंचा तो सुनवाई नहीं हुई। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद प्रकरण दर्ज हुआ। पुलिस ने 36 घंटे बाद मामले में प्रकरण दर्ज किया। युवक ने आरोप लगाया कि मुस्लिम युवक बोल रहे थे पहलगाम में 28 लोग शहीद हुए हैं। हम चंदन नगर में रहते हैं। 29वां तुझे बना देंगे। युवक ने बताया कि ट्रेन में बैठकर शुजालपुर से इंदौर आ रहा था।

Kolkata के बड़ा बाजार में होटल में भीषण आग, 14 लोगों की मौत, बालकनी से कूदकर बचाई लोगों ने जान

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फलपट्टी मछुआ के एक होटल में आग की घटना सामने आई है, जिसमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई है. एजेंसी के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, “मंगलवार को मध्य कोलकाता में फलपट्टी मछुआ के पास एक होटल में लग गई. हादसे में करीब 14 लोगों की मौत हो गई है.” कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, “यह आग लगने की घटना रात करीब 8:15 बजे ऋतुराज होटल के परिसर में हुई. चौदह शव बरामद किए गए हैं और टीमों द्वारा कई लोगों को बचाया गया है.” कोलकाता पुलिस ने बताया कि होटल में कुल 60 लोग थे. मरने वालों की संख्या 14 बताई जा रही है, जिसमें 11 पुरुष, एक महिला और 2 बच्चे शामिल हैं. कुल 8 शवों की पहचान कर ली गई है. इसके साथ ही, 13 लोग घायल हैं, जिनमें से 12 को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई है और एक भर्ती है. पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मार्केट… PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दस दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन पूर्वी भारत के सबसे बड़ी थोक मार्केट बड़ाबाजार में भीड़भाड़ वाले इलाके में आपातकालीन सेवाओं को काम करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. आग लगने के दौरान कई लोगों ने इमारत की खिड़कियों और संकरी दीवारों से भागने की कोशिश की. पुलिस आयुक्त ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और घटना की जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है. केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार से प्रभावित लोगों को तुरंत बचाने की गुजारिश की है और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा उपायों की ‘कड़ी निगरानी’ करने का आह्वान किया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं राज्य प्रशासन से आग्रह करता हूं कि प्रभावित लोगों को तुरंत बचाया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जरूरी मेडिकल और मानवीय सहायता दी जाए. इसके अलावा, मैं भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए फायर सिक्योरिटी उपायों की समीक्षा और सख्त निगरानी की अपील करता हूं.” मेयर ने किया घटनास्थल का दौरा कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और पुलिस आयुक्त वर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया और अग्निशमन कार्यों का निरीक्षण किया. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कोलकाता नगर निगम की आलोचना की. सरकार ने ANI से कहा, “यह एक दुखद घटना है, आग लग गई. इमारत में बहुत सारे लोग फंस गए. कोई सुरक्षा नहीं थी. मुझे नहीं पता कि निगम क्या कर रहा है.”  

सुशासन तिहार अभियानराज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है। पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है। इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।     नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को अक्षय तृतीया पर्व की दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अक्षय तृतीया पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर भगवान श्री विष्णु और मां लक्ष्मी से सभी प्रदेशवासियों पर कृपा बनाए रखने और अक्षय सुख, समृद्धि व प्रसन्नता प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

घरों में नल सुविधा होने से प्रसन्न सुमित्रा ने बताया कि पहले तो जिंदगी की सबसे बड़ी समस्या पानी भरना ही था

रायपुर जल जीवन मिशन योजनांतर्गत दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिला के दुरस्थ अंचल के निवासरत ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल मिलने से लागों के चेहरों में स्पष्ट रूप से मुस्कान देखी जा सकती है। दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत बालपेट के आश्रित ग्राम भैरमबंद निवासी श्रीमती सुमित्रा भास्कर कहती है कि ’’पहले मुझे पीने का पानी लेने के लिए अपने घर से दूर मेन रोड पार करने के बाद लंबी दूरी तय कर हैण्डपम्प से लाना पड़ता था। जहां अन्य महिलाएं भी पानी लेने, कपड़े धोने व नहाने जाती थी। खासकर गृष्म काल में लंबे इंतजार के बाद मुझे पानी मिलता था। नहाने और कपड़े धोने के लिए मैं बच्चों को लेकर नदी जाती थी। दिनभर में कुल 5 से 7 गुण्डी पानी लाने के कारण मेरा पूरा दिन केवल पानी भरने और घर के दैनिक कामों में ही गुजर जाता था’’। कमोबेश यही व्यथा यहां के हर ग्रामीण महिलाओं की रही है। जो अपने परिवारजनों के लिए दैनिक कार्यों और पेयजल के लिए नदियों कुओं और हैंड पंप में ही अपने दिनचर्या का अधिकतर समय व्यतीत करने में विवश थी। परन्तु अब स्थितियां बदली है और वे अब जल जीवन मिशन योजना के लाभ से स्वच्छ पेयजल के साथ-साथ अपना और अपने बच्चों के भविष्य को आधुनिक स्वरूप दे रही है। घरों में नल सुविधा होने से प्रसन्न सुमित्रा भास्कर ने बताया कि पहले तो जिंदगी की सबसे बड़ी समस्या पानी भरना ही था जिसके कारण कभी कुछ करने का सोच भी नहीं सकती थी। उन्होंने बताया कि वे सरस्वती स्व सहायता समूह में सदस्य हैं लेकिन उसमें भी कभी ठीक से समय नहीं दे पाती थी। काफी समय पानी भरने में ही व्यतीत हो जाता था और शुद्ध पानी भी नहीं मिल पाता था। उन्होंने बताया कि ग्राम भैरमबंद जिला दंतेवाड़ा के मुख्यालय से लगभग 07 किमी की दूरी पर स्थित है। ग्राम भैरमबंद में कुल घरों की संख्या 60 और कुल जनसंख्या 323 है, ग्राम में कुल 03 बसाहट पटेलपारा, राउतपारा, स्कूलपारा है। ग्राम में 01 प्राथमिक शाला और 01 आंगनवाड़ी है यहां जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन के तहत कुल 11.5 लाख लागत की योजना बनाकर, पहले से कुल 03 जीआई स्ट्रक्चर एवं 1400 मीटर पाईप लाईन का विस्तार कर ग्राम के सभी घरों में जल जीवन मिशन योजना को पहुंचाया गया है। इससे ग्रामीणों को न केवल घरों में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है बल्कि यहां के स्कूलों और आंगनबाड़ी में अध्ययनरत बच्चों को पेयजल एवं मध्यान्ह भोजन हेतु शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है। सुमित्रा भास्कर ने बताया कि अब मेरे घर में जल जीवन मिशन योजना का नल लग जाने से सुबह 7 बजे से ही घर में पानी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि सिलाई में बहुत रूचि होने से लाईवलीहुड कॉलेज में फैशन डिजाइनर का कोर्स कर रही हैं। सुमित्रा ने बताया कि अपने दोनों बच्चों को तैयार कर उन्हें आंगनबाड़ी और स्कूल भेज कर घर का पूरा काम 9 बजे तक निपटा कर लाईवलीहुड की बस से सिलाई प्रशिक्षण के लिए चली जाती है और शाम को 4 बजे वापस आ जाती है। अब तो पूरा दिन ही व्यवस्थित हो गया है। इस प्रकार जल जीवन मिशन के माध्यम से पानी भरने के श्रम से मुक्ति तो मिली है साथ ही समय की बचत होने से मुझे अपने स्वरोजगार के सपने को भी साकार करने का मौका मिला है। सिलाई प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांतघर में ही सिलाई सेंटर खोलने की योजना है। शासन की जल जीवन मिशन योजना की प्रशंसा करते हुए वे यह भी कहती है, जल जीवन मिशन योजना ने तो जैसे मुझे साफ पानी देने के साथ नयी जिंदगी ही दे दी। पहले हैंडपंप का पानी पीने और नदी में नहाने के कारण मेरे जैसी कई महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता था। तबीयत खराब होने से दवाई का खर्चा और घर परिवार में परेशानी अलग होती थी। पर अब तो नल के स्वच्छ पानी से पूरा परिवार स्वस्थ है। जल जीवन मिशन योजना लाने के लिए हम महिलाएं शासन का आभार व्यक्त करती हैं।

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने की निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा

रायपुर : कनेक्टीविटी बढ़ाने सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करें पूर्ण – डॉ. कमलप्रीत सिंह अनुबंध के मुताबिक समय-सीमा में कार्य को पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश – डॉ. कमलप्रीत सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने की निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा रायपुर राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बस्तर राजस्व संभाग में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर की स्थानीय जरूरतों के अनुसार कनेक्टीविटी बढ़ाने सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से संचालित कर अनुबंध के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने को कहा। उन्होंने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में ज्यादा ध्यान केंद्रित करने के साथ ही भारत माला परियोजना की सड़क को जोड़ने वाली सड़कों सहित दस वर्षों से अधिक पुराने राज्य मार्गों के नवीनीकरण कार्य पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने वर्किंग सीजन में कार्यों में तेजी लाते हुए टीम भावना के साथ काम कर आशातीत परिणाम हासिल करने को कहा। उन्होंने बारिश के पहले पूर्ण होने वाले पुल-पुलियों के लिए पहुंच मार्ग अनिवार्यतः बनाने के निर्देश दिए। इससे लोगों को आवाजाही में मदद मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बस्तर में प्रगतिरत सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की कार्यवार समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कार्यादेश जारी होने के साथ ही सभी कार्यों में योजनाबद्ध ढंग से प्रगति के लिए पर्याप्त निर्माण सामग्री, मशीनरी, उपकरण और श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड विजिट कर निर्धारित तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों का अनुपालन तथा कार्य प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। ठेकेदारों को क्षमता के अनुरूप दें काम डॉ. सिंह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ठेकेदारों को उनकी क्षमता के अनुरूप कार्य देने को कहा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के पास प्लांट, मशीनरी, उपकरण इत्यादि संसाधनों की उपलब्धता पर नजर रखें, एक साथ तीन-चार निर्माण कार्य लेने वाले ठेकेदारों के कार्यों की मॉनिटरिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। नियमित निर्माण कार्य नहीं करने वाले, धीमी प्रगति वाले, अतिरिक्त समय देने के बाद भी निर्माण कार्य में प्रगति नहीं लाने वाले तथा काम को लम्बे समय तक बंद रखने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई करें। काम को अपूर्ण छोड़कर जाने वाले ठेकेदारों को काली सूची में डालें और उन्हें सभी निविदाओं से बाहर रखें। भवन निर्माण के लिए सही स्थल का करें चयन लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सार्वजनिक भवनों के निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर उपयुक्त स्थलों के चयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भवनों तथा आवासों का सदुपयोग सुनिश्चित हो, इसे दृष्टिगत रखते हुए वहां सड़क, पेयजल एवं बिजली की उपलब्धता सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुलभ कराएं। सड़कों के निर्माण में रोड-सेफ्टी का रखें ध्यान डॉ. सिंह ने सड़कों के निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थलों को चिन्हित कर संकेतक बोर्ड व ब्लिंकर लगाने तथा डिवाइडर एवं गति अवरोधकों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने सड़क सुरक्षा सम्बन्धी सभी मानकों को शामिल कर नवीन सड़कों के निर्माण के लिए कारगर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीन आरआरपी फेज-एक और आरसीपीएलडब्ल्यूईए के प्रगतिरत कार्यों के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों, भवनों एवं सेतु निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण तथा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल निर्माण कार्यों के प्राक्कलन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता जी.आर. रावटे, मुख्य अभियंता (सेतु निर्माण) एस.के. कोरी और मुख्य अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिकी) टी.आर. कुंजाम सहित बस्तर एवं कांकेर मण्डल के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता तथा ठेकेदार भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

260 पशुओं का टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत

रायपुर सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के दूरस्थ पहाड़ी गांव घटोन में पहली बार पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित इस गांव तक हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा 5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराए जाने के बाद पहली बार चिकित्सा टीम पहुंच सकी। कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में 260 पशुओं को खुरपका और चेचक रोग से बचाव के टीके लगाए गए, वहीं 25 बीमार पशुओं का इलाज किया गया। इसके साथ ही बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की भी शुरुआत की गई। ग्रामीणों की मांग पर मिली सुविधा गौरतलब है कि घटोन गांव के अधिकतर लोग बकरी पालन से अपनी आजीविका चलाते हैं। ग्रामीण बकरियों को अपनी आर्थिक मजबूती का आधार यानी “एटीएम” मानते हैं। हाल ही में आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा सुविधाओं की मांग की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने इस शिविर का आयोजन किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि उन्नत नस्ल की बकरियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विशेषज्ञों की टीम ने दी सेवाएं शिविर में लखनपुर के पशु चिकित्सक डॉ. सफदर और डॉ. नेहा सिंह ने पशुओं की जांच और उपचार किया। अंबिकापुर से उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. आरपी शुक्ला और डॉ. सीके मिश्रा भी शिविर में मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य और नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। इस पहल से घटोन के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। सड़क निर्माण और चिकित्सा शिविर जैसी योजनाओं से अब गांव में विकास की नई किरण दिखाई देने लगी है।

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