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KKR ने DC को 14 रन से हराया, डुप्लेसिस ने 62 रन बनाए; नरेन को तीन विकेट

नई दिल्ली  इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (IPL 2025)के 48वें मैच में मंगलवार (29 अप्रैल) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 14 रन से हराया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 8 साल बाद जीत दर्ज की। इससे पहले वह 2017 में जीती थी। दिल्ली ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 204 रन बनाए। दिल्ली कैपिटल्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 190 रन बनाए। कोलकाता के लिए अंगकृष रघुवंशी और रिंकू सिंह ने अच्छी पारी खेली। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क ने 3 विकेट लिए। दिल्ली कैपिटल्स के लिए फाफ डुप्लेसिस ने बेहतरीन अर्धशतक जड़ा। चोट के बाद अक्षर पटेल ने शानदार पारी खेली। विपराज निगम ने भी शानदार पारी खेली। कोलकाता के लिए सुनील नरेन ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए। दिल्ली कैपिटल्स 9 मैच में 12 अंक के साथ तीसरे नंबर पर है। उसे 2 मई को सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ना है। कोलकाता नाइट राइडर्स के 10 मैच में 9 अंक हो गए हैं। वह 7वें नंबर पर है। उसे 1 मई को मुंबई इंडियंस से भिड़ना है। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत झटके के साथ हुई थी। अनुकूल रॉय ने पहले ही ओवर में अभिषेक पोरेल को रसेल के हाथों कैच आउट कराया। वह सिर्फ चार रन बना सके। इसके बाद तीसरे और चौथे नंबर पर आए करुण नायर 15 और केएल राहुल सात रन बना पाए। चौथे विकेट के लिए फाफ डुप्लेसिस को कप्तान अक्षर पटेल का साथ मिला। दोनों के बीच 42 गेंदों में 76 रनों की साझेदारी हुई। नरेन ने अक्षर को अपना शिकार बनाया। वह चार चौके और तीन छक्के की मदद से 43 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, फाफ डुप्लेसिस ने 31 गेंदों में इस सत्र का अपना दूसरा पचासा पूरा किया। वह 45 गेंदों में 62 रन बनाकर पवेलियन लौटे। दिल्ली के लिए विप्रज निगम ने 38 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। उनके अलावा ट्रिस्टन स्टब्स ने एक रन, आशुतोष शर्मा ने सात रन और मिचेल स्टार्क खाता खोले बगैर आउट हो गए। वहीं, दुष्मंथा चमीरा और कुलदीप यादव क्रमश: दो और एक रन बनाकर नाबाद रहे।

अप्रैल के महीने में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, अब मई के पहले सप्ताह में बारिश से मिलेगी राहत

आगरा एक बार फिर आगरा प्रदेश में तीसरा गर्म शहर रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं 42.8 डिग्री के साथ उरई पहले और 42.4 डिग्री के साथ झांसी दूसरे नंबर पर रहा। माैसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगरा में 3 और 4 मई को बारिश हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।   अप्रैल के महीने में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच रही है। 24 अप्रैल को पारा 43.2 पर पहुंच गया था। 25 अप्रैल को भी पारा ऊपर चढ़ा और 43.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। हालांकि दो दिन से गिरावट दर्ज की जा रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री पर रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24 डिग्री पर रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री, जबकि न्यूनतम 25.4 दर्ज किया गया था। अगले ही दिन न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री की कमी हो गई। माैसम विभाग के मुताबिक, गर्मी से अभी राहत नहीं मिलेगी। 3 और 4 मई को हल्की बारिश हो सकती है। ताज पर गर्मी से पांच पर्यटकों की हालत बिगड़ी तेज धूप और गर्मी के कारण ताजमहल पर 5 पर्यटकों की हालत खराब हो गई। चक्कर आने लगे। बुखार के साथ उल्टी भी हुईं। इन्हें डिस्पेंसरी में उपचार दिया गया। इससे हालत में सुधार हुआ। राजस्थान के अरुण कुमार, पश्चिम बंगाल की फातिमा बेगम, रुहीना बेगम, रोहतक के दलवीर सिंह और कन्नौज के रामगोपाल सिंह की ताजमहल के दीदार के दौरान गर्मी से तबीयत बिगड़ गई। घबराहट और उल्टी की शिकायत होने पर इनको डिस्पेंसरी में इलाज दिया गया। हालत में सुधार होने के बाद ताजमहल देखकर चले गए।  जिलों की स्थिति जिला, अधिकतम उरई – 42.8 झांसी – 42.4 आगरा – 41.6 बांदा – 41.2 लखीमपुर खीरी- 40  मौसम अधिकतम – 41.6 न्यूनतम – 24.0 एक्यूआई : 42 सूर्योदय : 5:49 सूर्यास्त : 6:42

प्रवाह पोर्टल का उपयोग करने के आरबीआई ने सभी बैंक, वित्तीय कंपनियां और अन्य विनियमित संस्था को दिए निर्देश

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 1 मई, 2025 से सभी बैंकों, वित्तीय कंपनियों और अन्य विनियमित संस्थाओं को प्राधिकरण, लाइसेंस और अनुमोदन से जुड़ा कोई भी आवेदन जमा करने के लिए प्रवाह पोर्टल का उपयोग करने को कहा है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में, आरबीआई ने कहा, 01 मई, 2025 से, विनियमित संस्थाओं को पोर्टल में पहले से उपलब्ध आवेदन पत्रों का उपयोग करके रिजर्व बैंक को नियामक प्राधिकरण, लाइसेंस, अनुमोदन के लिए आवेदन जमा करने के लिए प्रवाह का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसने यह भी कहा, “सभी विनियमित संस्थाओं को उपरोक्त निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। पोर्टल तक पहुँचने, आवेदन जमा करने और ट्रैकिंग आदि से संबंधित निर्देश पोर्टल पर ही उपलब्ध हैं।” प्रवाह का मतलब है नियामक आवेदन, सत्यापन और प्राधिकरण के लिए मंच। यह आरबीआई की ओर से 28 मई, 2024 को लॉन्च किया गया एक सुरक्षित, वेब-आधारित पोर्टल है। PRAVAAH (Platform for Regulatory Application, Validation, and Authorisation) का उद्देश्य एक एकल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। जहां व्यक्ति और कंपनियां आरबीआई से विभिन्न अनुमतियों के लिए आवेदन कर सकें। अपने लॉन्च के बाद से, PRAVAAH को लगभग 4,000 आवेदन और अनुरोध प्राप्त हुए हैं। हालांकि, आरबीआई ने देखा कि कुछ बैंक और वित्तीय कंपनियाँ अभी भी पोर्टल के बाहर पुराने तरीकों का उपयोग करके आवेदन जमा कर रही थीं। तेज प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने और पारदर्शिता में सुधार करने के लिए, आरबीआई ने अब सभी विनियमित संस्थाओं के लिए केवल PRAVAAH पोर्टल का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (लघु वित्त बैंकों, स्थानीय क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित), शहरी सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, केंद्रीय सहकारी बैंकों, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित), प्राथमिक डीलरों, भुगतान प्रणाली ऑपरेटरों और क्रेडिट सूचना कंपनियों पर लागू होता है। PRAVAAH पोर्टल सभी आवश्यक आवेदन फॉर्म प्रदान करता है। उपयोगकर्ता प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे अपने आवेदन जमा करने और ट्रैक करने के निर्देश आसानी से पा सकते हैं। आरबीआई ने अलग से सहायता के लिए एक उपयोगकर्ता पुस्तिका, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) की सूची और वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध कराए हैं। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेज, अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है।

इंदौर और भोपाल के महानगर बनने का रास्ता साफ,5-5 शहरों को मिलाया जायेगा

भोपाल इंदौर और भोपाल के महानगर बनने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने मप्र मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 का ड्राफ्ट तैयार करने की नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मेट्रोपॉलिटन एरिया के गठन के प्रस्ताव पर समीक्षा बैठक हुई। नगरीय आवास एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने प्रेजेंटेशन में बताया कि इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया के प्रथम चरण का काम पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी गई है। दोनों शहरों के विकास का जिम्मा मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी का होगा। पढ़िए इंदौर-भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में कौन-कौन से क्षेत्र आएंगे और इसका स्वरूप क्या होगा? 5 जिलों के 1756 गांव होंगे शामिल इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया में पांच जिले इंदौर, देवास, उज्जैन, धार और शाजापुर को शामिल किया गया है। कुल क्षेत्रफल करीब 9 हजार वर्ग किमी का होगा। इस एरिया की आबादी 55 लाख के करीब होगी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया को डेवलप करने का काम तेजी से हो रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण( आईडीए) को नोडल एजेंसी बनाया है। आईडीए ने डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्त कर ली है। मेट्रोपॉलिटन एरिया को 4 चरणों में डेवलप किया जाना है, जिसमें इंसेप्शन, सिचुएशन एनालिसिस, रीजनल एवं इन्वेस्टमेंट प्लान और डीपीआर शामिल है। इसके पहले चरण यानी इंसेप्शन का काम पूरा हो चुका है यानी ये तय हो गया है कि मेट्रोपॉलिटन एरिया का कुल क्षेत्रफल कितना होगा? इनमें कौन-कौन से जिले शामिल होंगे, तहसील और गांवों की संख्या कितनी होगी? अब सिचुएशन एनालिसिस का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा यानी इसमें शामिल जिलों की अलग-अलग तहसील, निकायों का डेटा, वहां की जनसंख्या, स्थापित उद्योग, क्षेत्र की विशेषता की स्टडी होगी। इसके बाद वहां की भौगोलिक, आर्थिक, धार्मिक-सामाजिक स्थिति का आकलन होगा। कहां कौन सी इंडस्ट्री है, किस तरह की जरूरतें हैं, इसका भी खाका तैयार होगा। इसके बाद रीजनल एवं इन्वेस्टमेंट प्लान बनेगा, जिसमें ये देखा जाएगा कि मेट्रोपॉलिटन एरिया का समान रूप से विकास हो सके। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट जारी की जाएगी। 7863 वर्ग किमी के एरिया में बनेगी इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल पर इंदौर और भोपाल को महानगरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर के अलावा उज्जैन, देवास और धार जिले को भी मिलाया जाएगा। मेट्रोपॉलिटन सिटी में पूरा इंदौर शामिल होगा जबकि उज्जैन, देवास और धार का कुछ हिस्सा भी इसमें जोड़ा जाएगा। इंदौर में इसके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की घोषणा की और तुरंत ही इसपर अमल करने के निर्देश देकर प्लान बनवाए। इंदौर महानगर की कवायद तेजी से चल रही है। कुल 7863 वर्ग किमी का एरिया निर्धारित किया इंदौर नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के लिए प्रशासन ने योजना तैयार कर ली है। इसके लिए कुल 7863 वर्ग किमी का एरिया निर्धारित किया है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में 19 निकाय शामिल किए जाएंगे। अगले दो ढाई दशकों में विकास का खाका तैयार करने के लिए डेढ दर्जन से ज्यादा विभागों से रिपोर्ट तलब ​की गई है। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी भी विकसित की जाएगी जिसमें भोपाल के साथ ही सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ जिलों के हिस्सों को मिलाया जाएगा। भोपाल मेट्रोपॉलिटन के लिए प्रारंभिक योजना में भोपाल की 59 ग्राम पंचायतें और रायसेन जिले के मंडीदीप की 9 ग्राम पंचायतें शामिल की गई थीं। अब इनमें कई नए एरिया जुड़ेंगे। खाका फाइनल होने के बाद भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनाई जाएगी। केंद्र सरकार व राज्य सरकार के बीच एमओयू होगा। अवंतिका मेट्रोपॉलिटन रीजन नाम संभावित समीक्षा बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि दोनों महानगरों का नाम क्या होगा? इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए तीन नामों का विकल्प रखा गया है।     इंदौर-उज्जैन महानगरीय क्षेत्र     मालवा महानगरीय क्षेत्र     अवंतिका महानगरीय क्षेत्र सूत्र बताते हैं कि बैठक में तीसरे विकल्प यानी अवंतिका महानगरीय क्षेत्र पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। हालांकि, अंतिम फैसला मेट्रोपॉलिटन एक्ट बनने के बाद लिया जाएगा। इंदौर में तेजी से काम की वजह इंदौर मेट्रोपॉलिटन के तेजी से हो रहे काम की वजह है सिंहस्थ 2028। दरअसल, इंदौर का जो एरिया तय हुआ है उसमें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) को जोड़ा गया है। सरकार की कोशिश है कि इससे उद्योगों और व्यापार को नई गति मिले। इससे देवास, पीथमपुर, उज्जैन और बदनावर जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इंदौर, देवास और अन्य शहरों को मजबूत सड़क, रेल और हवाई मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।   भोपाल के लिए जून में कंसल्टेंट की नियुक्ति भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में भोपाल- सीहोर- रायसेन-विदिशा और राजगढ़ जिले के ब्यावरा को शामिल किया गया है। भोपाल विकास प्राधिकरण को मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलप करने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। हालांकि अभी तय नहीं है कि इन जिलों का कितना क्षेत्रफल भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल होगा। साल 2022 में शिवराज सरकार ने भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंडीदीप तक विस्तार करने के लिए मेट्रोपॉलिटन एरिया के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दी थी। उस वक्त भोपाल मेट्रोपॉलिटन का प्रांरभिक एरिया डिफाइन किया था, जिसमें भोपाल की 59 ग्राम पंचायतें और मंडीदीप निवेश क्षेत्र (रायसेन) की 9 ग्राम पंचायतें शामिल की गई थी। समीक्षा बैठक में बताया गया कि कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया गया है, जो जून में ओपन होगा। भोजपाल महानगरीय क्षेत्र हो सकता है नाम इंदौर की तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए भी तीन नाम सुझाए गए हैं…     भोपाल महानगरीय क्षेत्र     मध्य प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र     भोजपाल महानगरीय क्षेत्र

भारत को Sweden से मिला Anti-armour हथियार, पाकिस्तान के लिए बनेगा काल

नई दिल्ली/ स्टॉकहोम  पहलगाम आतंकी हमले के बीच आशंका है कि भारत और पाकिस्तान युद्ध में फंस सकते हैं। इन सबके बीच स्वीडिश कंपनी SAAB ने भारतीय सशस्त्र बलों को AT4 Anti-Armor वीपन सिस्टम की डिलीवरी की घोषणा की है। साब इंडिया ने कहा है कि उसने कामयाबी के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को AT4 Anti-Armor सिस्टम सौंप दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में SAAB इंडिया ने कहा है कि “हमें भारतीय सशस्त्र बलों को हमारे AT4 Anti-Armor हथियार प्रणाली की सफल डिलीवरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। AT4 कम दूरी की लड़ाई के लिए एक भरोसेमंद सिंगल-शॉट समाधान के रूप में भारत के शस्त्रागार में शामिल हो गया है। भारत ने AT4CS AST वैरिएंट खरीदा है, जिसमें इमारतों, दुश्मनों के बंकरों और शहरी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाता है।” भारतीय सेना AT4 Anti-Armor से शहरी युद्ध के अलावा पहाड़ी इलाकों में बंकर बनाकर छिपे दुश्मनों पर सिंगल शॉट हमला कर सकती है। इसके अलावा इसे काफी कम स्थान से दागा जा सकता है। कई बार जवानों के पास हथियार चलाने के लिए काफी कम स्थान होता है या फिर इमारतों में छिपकर भी इसे फायर किया जा सकता है। भारत ने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए इसे स्वीडिश कंपनी साब से खरीदा है और इस वक्त, जब पाकिस्तान के साथ तनाव बना हुआ है, AT4 Anti-Armor भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा। AT4 Anti-Armor सिस्टम की खासियत AT4 Anti-Armor को जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं। ये एक मानव-पोर्टेबल हथियार है, जिसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है। ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाते होते हैं। ये एक रिकॉइललेस हथियार है, जिसे एक ही सैनिक ऑपरेट कर सकते हैं। इसकी लंबाई सिर्फ एक मीटर होती है और इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है। एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है। इसमें प्री लोडेड हीट वारहेड होता है, जो टैंक, बख्तरबंद वाहन, बंकर या दीवार को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पैदल सेना के लिए डिजाइन किया गया है। यानि एक सैनिक छिपकर आराम से किसी टैंक को उड़ा सकता है। इसका इस्तेमाल काफी आसान होता है और फायर करने के लिए इसे कुछ ही सेकंड्स में तैयार किया जा सकता है। बख्तरबंद गाड़ियों, फोर्टिफाइड पोजिशन्स, और लो-फ्लाईंग हेलीकॉप्टरों के खिलाफ ये काफी असरदार है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांसीसी सैनिक करते हैं। यूक्रेनी सैनिकों ने इससे रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया है। रूसी टैंकों को उड़ाने के लिए इसका जमकर इस्तेमाल किया गया है। हालांकि भारत इसका नया ग्राहक है, लेकिन भारतीय सेना लंबे समय से साब द्वारा डिजाइन किए गए कार्ल-गुस्ताफ शोल्डर-फायर हथियार सिस्टम का इस्तेमाल करती आ रही है। इसका उत्पादन भारत में भारत डायनेमिक्स करती है। AT4 में कार्ल-गुस्ताफ वाली सारी खूबियां हैं। AT4-CS एक हल्का, पोर्टेबल, पूरी तरह से डिस्पोजेबल एंटी-टैंक हथियार है जिसे भारतीय सेना और वायुसेना ने 2022 में प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत चुना था। पता चला है कि करीब 2,000 यूनिट का ऑर्डर दिया गया था। इसका वजन करीब 9 किलोग्राम है और इसकी प्रभावी रेंज 200 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ का इस्तेमाल भारतीय सेना द्वारा 1976 से किया जा रहा है और यह कंधे से दागा जाने वाला मुख्य हथियार रहा है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना कार्ल गुस्ताफ़ के लगभग सात अलग-अलग प्रकारों का इस्तेमाल कर रही है। कार्ल गुस्ताफ़ के गोला-बारूद की रेंज अलग-अलग है, जिसकी अधिकतम रेंज 1,500 मीटर तक है। एंटी-टैंक गोला-बारूद की रेंज 500 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ के पुराने संस्करण और पुराने गोला-बारूद का निर्माण भारत में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड और अब नए बने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है।

भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.  

पाकिस्तानी एयरलाइंस को भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर भारत सरकार बड़ा फैसला !

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव चरम पर है. इस बीच दोनों देशों की सरकारों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए गए हैं. इस बीच भारत सरकार पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने पर विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी एयरलाइंस को भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर भारत सरकार विचार कर रही है. इस फैसले के बाद पाकिस्तानी एयरलाइंस को दक्षिणपूर्व एशियाई देशों तक पहुंचने के लिए चीन और श्रीलंका के रास्ते जाना पड़ेगा. इसके साथ ही भारतीय बंदरगाहों पर पाकिस्तानी जहाजों के ठहरने पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, पाकिस्तानी एयरलाइंस भारत की ओर से किसी तरह की कार्रवाई के डर से पहले से ही भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने से बच रहे हैं. इससे पहले पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया था. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.  

प्रदेशवासियो की जेबों को लगेगा बड़ा झटका! 1 मई से इतने रुपये मंहगी हो सकती है बिजली

 जबलपुर मई माह में बिजली उपभोक्ताओं को बिल से झटका लग सकता है। बिल में करीब 50 से 100 रुपये की बढ़ोतरी होगी। विद्युत नियामक आयोग के नए टैरिफ आदेश पर करीब 4 प्रतिशत बिजली के रेट बढ़ने के निर्देश वितरण कंपनी ने एक अप्रैल को ही जारी कर दिये थे। इसके चलते जो उपभोक्ता 200 से 400 यूनिट बिजली खपत करते हैं उनको 50 से लेकर 99 रुपये तक बिजली के बिलों में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस पर रोक की मांग की है। बढ़े रेट पर रोक लगाने की मांग नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसियेशन, महिला समिति, मानव अधिकार क्रांति संगठन तथा सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसियेशन ने इस बढ़े हुए बिजली दामों पर आक्रोश जताते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत इस पर रोक लगाने की मांग की है। आयोग ने बिजली कंपनियों पर कार्रवाई नहीं की डॉ. नाजपांडे ने बताया कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के सर्कुलर 24 जनवरी 2024 के अनुसार बिजली हानि प्रतिशत 15.45 था। लेकिन बाद में एक वर्ष के भीतर इसी कंपनी के सर्कुलर दिनांक 25 मार्च 2025 के अनुसार वह 17.22 प्रतिशत हो गया है। वास्तविकता में बिजली हानि प्रतिशत घटना चाहिए था, लेकिन वह उल्टा बढ़ गया है। यह विद्युत नियामक आयोग आदेश की पूर्णतः अवहेलना हुई है। इसके बाद भी आयोग ने बिजली कंपनियों पर कार्रवाई नहीं की है। जबलपुर के नयागांव स्थित 220 केवी सबस्टेशन में रविवार की शाम को फिर से तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से 220 केवी सब स्टेशन में एक घंटे सप्लाई बंद रही। इससे शहर का बड़ा इलाका प्रभावित हुआ। उपभोक्ता परेशान हुए। लोगों द्वारा बिजली बंद होने की शिकायत भी कॉल सेंटर में की गई। जानकारी के अनुसार शाम को 220 नयागांव सबस्टेशन के आइसोलेटर में खराब आ गई थी जिसके कारण शक्ति भवन, रामपुर, आईटी पार्क, सूपाताल, संजीवनी नगर आदि 33 केवी सबस्टेशन की बिजली बंद हो गई। पूरे क्षेत्रों में करीब शाम को 6 बजे से 7 बजे तक बिजली बंद रही है। 220 सब स्टेशन से सप्लाई बहाल होने के बाद सभी जगहों की बिजली की आपूर्ति शुरु हो सकी। साउथ डिवीजन के कार्यपालन अभियंता अभिषेक विश्वकर्मा ने बताया कि 220 से सप्लाई बाधित होने कारण 33 केवी की सबस्टेशनों की सप्लाई प्रभावित हुई थी।

बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा

इंदौर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे( Delhi-Mumbai Expressway) से इंदौर भी जुड़ने जा रहा है। पिछले दिनों बदनावर आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर को इस हाई-वे से जोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद एनएचएआइ इसकी डीपीआर बनाने में जुटा है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया कि इंदौर का इंदौर-अहमदाबाद हाई-वे से घाटा बिल्लौद, लेबड़ होते हुए बदनावर से जुड़ाव हो जाएगा। बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इंदौर-अहमदाबाद रोड के अलावा उज्जैन रोड से भी नई सड़क के जरिए जुड़ा जा सकता है। इसके लिए तीन हजार करोड़ में करीब 90 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। अभी डीपीआर बनाई जा रही है। साथ ही इसे नेशनल हाई-वे का दर्जा देने पर भी काम किया जा रहा है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी। काम शुरू होने में करीब डेढ़ साल लगेंगे। दिल्ली-मुंबई की दूरी घटेगी इंदौर से मुंबई और दिल्ली जाने के लिए वर्तमान रूट के अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे(Delhi-Mumbai Expressway) से जुड़ने पर वाहनों की बड़े शहरों से आवाजाही आसान हो सकेगी। दूरी भी घटेगी।

MP में कर्मचारियों का बढ़ाकर 55 % हुआ, अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी, जाने संभावित सैलरी क्या होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया है. इस भारी बढ़त के साथ सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है. वहीं अब कर्मचारी ये गणित जानने में लगे हुए हैं कि उनकी अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी? इस आर्टिकल में जानें डीए 55 प्रतिशत होने के बाद आपकी संभावित सैलरी क्या हो सकती है? पहले जानें क्या होता है DA? नई सैलरी का गणित जानने से पहले बता दें कि DA को अंग्रेजी में डियरनेस अलाउंस कहते हैं. इसका मतलब होता है महंगाई भत्ता. सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता एक जीवनयापन भत्ता है, जो महंगाई को देखते हुए दिया जाता है. महंगाई भत्ता महंगाई के असर को कम करने कि लिए दिया जाता है. डीए यानी महंगाई भत्ता कर्मचारी के मूल वेतन से कैल्क्युलेट किया जाता है. DA के बाद वेतन कैसे कैल्क्युलेट किया जाता है? उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी अगर 15 हजार रु है, और डीए 50 प्रतिशत है तो उसका डीए 15000 का 50 प्रतिशत यानी 7500 रु होगा. वहीं कर्मचारी का सकल वेतन या ग्रॉस सैलरी 15000+7500 = 22,500 रु होगी. हालांकि, ग्रॉस सैलरी में डीए के अलावा कई अन्य तरह के भत्ते भी जोड़े जाते हैं. ये भत्ते व्यक्ति के ग्रेड पे और अन्य फैक्टर्स को देखते हुए दिए जाते हैं. इसमें HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस, ट्रेवल अलाउंस समेत कई तरह के भत्ते जोड़े जाते हैं, जिससे आखिर में ग्रॉस सैलरी कैल्क्युलेट की जाती है. इसके बाद पीएफ व अन्य टैक्स काटने के बाद नेट सैलरी बनती है, जो कर्मचारी के खाते में क्रेडिट होती है. 55 प्रतिशत DA बढ़ने के बाद कितनी होगी नई सैलरी? मान लीजिए कि आपका मूल वेतन 25,000 रु है. वहीं, अबतक 50 प्रतिशत के हिसाब से 12,500 रु महंगाई भत्ता दिया जा रहा था. ऐसे में जनवरी 2025 के बाद 5 प्रतिशत डीए बढ़ने से कुल डीए 25,000 रु का 55 प्रतिशत यानी 13,750 रु होगा. यानी हर महीने 1250 रु की बढ़ोत्तरी. एरियर में एकसाथ ये राशि मिलने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी. हालांकि, जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 तक 3 प्रतिशत के हिसाब से डीए जोड़ा जाएगा. वहीं जनवरी 2025 के बाद 2 प्रतिशत के हिसाब से. डीए बढ़ने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बढ़त ग्रेड पे के हिसाब से भी होगी. यानी जितनी ज्यादा बेसिक सैलरी होगी डीए और वेतन उतना बढ़ेगा. 5 किश्तों में सरकार देगी डीए की राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा है कि सभी शासकीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता जिस तारीख से लागू होगा उसे पांच समान किश्तों में दिया जाएगा. कर्मचारियों को कब मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी? मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा, ” प्रदेश के सभी कर्मचारियों को केंद्र के समान ही 55% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. महंगाई भत्ते में वृद्धि के फल स्वरुप एरियर राशि का भुगतान पांच समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक दिया जाएगा.”

ATM से पैसे निकालने वालों को बड़ा झटका! HDFC, PNB और IndusInd Bank ने जारी किए नए चार्ज

नई दिल्ली अगर आपकी एटीएम से बार-बार पैसे निकालने की आदत है तो इसे तुरंत बदल दें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो एक मई से आपको बड़ा नुकसान होने लगेगा। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। ये नए नियम पूरे देश में 1 मई 2025 से लागू होंगे। रिजर्व बैंक का कहना है कि इन बदलावों का मकसद एटीएम इस्तेमाल करने पर लगने वाले चार्ज को लेकर पारदर्शिता लाना है। इससे बैंकों को भी एटीएम नेटवर्क चलाने में आसानी होगी। दरअसल, हर बैंक अपने हर ग्राहक को एटीएम से पैसे निकालने की एक लिमिट तक फ्री सुविधा देता है। इसमें अपने बैंक के एटीएम और दूसरे बैंकों के एटीएम दोनों शामिल हैं। फ्री लिमिट के बाद बैंक चार्ज लेना शुरू करता है। एक मई से इस चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। फ्री लिमिट के बाद एटीएम ट्रांजैक्शन पर हर बार 1 मई के बाद प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 23 रुपये का शुल्क देना होगा। इस पर टैक्स अलग से लगेगा। अभी तक यह शुल्क 21 रुपये तक था। फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट क्या होगी? आरबीआई ने साफ कर दिया है कि अब भी मेट्रो शहरों में हर महीने 3 फ्री ट्रांजेक्शन मिलेंगे और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा रहेगी। यह लिमिट फाइनेंशियल जैसे कैश निकालने और नॉन-फाइनेंशियल जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, पिन चेंज आदि दोनों ट्रांजेक्शन पर लागू होगी। फ्री लिमिट के बाद कितना चार्ज लगेगा? अगर आप फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन करते हैं तो अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये (प्लस टैक्स) देने होंगे। ये नियम सभी एटीएम पर लागू होगा। बैंक क्या कह रहे हैं? HDFC Bank ने बताया है कि 1 मई से अपने एटीएम से कैश निकालने पर फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये + टैक्स लगेगा। वहीं बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट और पिन चेंज जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन फ्री रहेंगे। PNB ने कहा है कि अन्य बैंकों के एटीएम पर फ्री लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 11 रुपये (जीएसटी अलग) का चार्ज लगेगा। ये बदलाव 9 मई 2025 से लागू होगा। IndusInd Bank ने भी जानकारी दी है कि उनके सेविंग्स, सैलरी, एनआर और करंट अकाउंट होल्डर्स को 1 मई 2025 से फ्री लिमिट के बाद गैर-IndusInd एटीएम से निकासी पर 23 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन देना होगा। ग्राहकों के लिए सलाह ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने एटीएम ट्रांजेक्शन पर नजर रखें, खासकर जब दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल कर रहे हों। ज्यादा शुल्क से बचने के लिए कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा अपने बैंक के एटीएम का ही इस्तेमाल करें या डिजिटल पेमेंट का सहारा लें। कितनी बार है फ्री सुविधा     मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई आदि में ग्राहक महीने में तीन बार मुफ्त में एटीएम इस्तेमाल कर सकते हैं।     नॉन-मेट्रो शहरों में यह लिमिट पांच बार है। गैर-मेट्रो शहर वे होते हैं जो मेट्रो शहरों जितने बड़े नहीं होते।     यह लिमिट पैसे निकालने और दूसरी तरह के ट्रांजैक्शन, दोनों के लिए है। इसका मतलब है कि आप महीने में तीन या पांच बार ही मुफ्त में पैसे निकाल सकते हैं या बैलेंस चेक कर सकते हैं। कुछ बैंक के अलग हैं नियम कुछ बैंकों ने अधिकतम ट्रांजैक्शन में छूट दी है। इसमें एचडीएफसी बैंक भी शामिल है। एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों पर एचडीएफसी के एटीएम से पैसे निकालने पर ही चार्ज लगेगा। बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट निकालना और पिन बदलना मुफ्त होगा। अगर आप किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो पैसे निकालने के साथ-साथ बैलेंस चेक करने, मिनी स्टेटमेंट निकालने और पिन बदलने पर भी चार्ज लगेगा। होम नेटवर्क के बाहर का ATM पड़ेगा महंगा हर महीने की पहली तारीख को देश में कई नियमों में बदलाव होता है और अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 मई से भी कई बदलाव (Rule Change From 1st May) लागू होने जा रहे हैं. इसमें एटीएम से पैसे निकालने पर लगे वाले चार्ज से जुड़ा नियम भी शामिल हैं. जी हां, होम बैंक नेटवर्क के बाहर अगर किसी एटीएम मशीन से कोई भी ट्रांजैक्शन किया जाता है, या फिर बैलेंस चेक किया जाता है, तो यूजर को अब पहले से ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा. अभी भी ऐसे एटीएम का उपयोग करने वाले चार्ज अप्लाई है और 1 मई से ये और भी बढ़ने वाला है. अब इतना बढ़ने वाला है खर्च केंद्रीय बैंक (RBI) ने बीते दिनों भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के प्रस्ताव के आधार पर फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी. रिपोर्ट की मानें तो अब तक अगर ग्राहक अपने होम बैंक के ATM के बजाय किसी दूसरे नेटवर्क के बैंक एटीएम से पैसे निकालते थे, तो उन्हें हर ट्रांजैक्शन पर 17 रुपये चार्ज देना होता था, जो 1 मई से बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा. इसके अलावा अगर किसी दूसरे बैंक के ATM से बैलेंस चेक करते थे, तो इस पर 6 रुपये का शुल्क लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया जाएगा. व्हाइट लेवल ATM ऑपरेटर्स की थी मांग ATM Transaction Fee Hike की मांग लगातार व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटर्स के द्वारा की जा रही थी. उनका तर्क था कि बढ़ती परिचालन लागतों को देखते हुए पुरानी फीस कम है. NPCI के प्रस्ताव को आरबीआी की मंजूरी के बाद अब छोटे बैंकों पर दबाव ज्यादा बढ़ने की आशंका है. दरअसल, वे अपने सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण दूसरे बैंकों के एटीएम नेटवर्क पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं. ये जान लेना जरूरी है कि बढ़ी हुई इंटरचेंज फीस, वह राशि होती है जो एक बैंक दूसरे बैंक को तब देता है, जब उसका कोई ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल पैसों की निकासी के लिए करता है. गौरतलब है कि ‘व्हाइट लेबल एटीएम’ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के एटीएम की तरह काम करते हैं. इसे बैंक की बजाय निजी या गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लगाती हैं. इनसे आप डेबिट (Debit Card) और क्रेडिट कार्ट (Credit Card) के जरिए कैश विद्ड्ऱॉल, बैलेंस चेक या उन सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं, जो अन्य एटीएम में मिलती हैं. क्या है बैंकों की … Read more

चेन्नई के कई इलाको में महिलाओं की सुरक्षा में तैनात होंगे ‘रेड बटन रोबोटिक सीओपी’, 200 जगहों पर लगाने की व्यवस्था

चेन्नई  महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चेन्नई पुलिस कई नई पहल कर रही है. इसी सिलसिले में अब शहर के विभिन्न इलाकों में ‘रेड बटन रोबोटिक सीओपी’ नामक रोबोटिक पुलिस मशीनें लगाई जा रही है. पुलिस ने कहा है कि इससे महिलाएं किसी भी समय हिम्मत के साथ बाहर निकल सकती हैं. महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा और यौन अपराध की घटनाएं आज के समय में आम बात हो गई है. सिर्फ यौन उत्पीड़न और बलात्कार ही नहीं, बल्कि प्यार से इनकार करने पर हत्या, तेजाब फेंकने जैसे अपराध भी हो रहे हैं. इस वजह से ज्यादातर लड़कियां और उनके माता-पिता डर के साये में रहते हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में चेन्नई पुलिस ने आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए ‘रेड बटन रोबोटिक कॉप’ नामक सुरक्षा रोबोटिक मशीनें लगाने की कवायद शुरू की है. ये उन जगहों पर काम आएंगी जहां महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं. उन इलाकों में जहां अपराध की घटनाएं होती हैं. पहले चरण में चेन्नई में 200 जगहों पर इन्हें लगाने की व्यवस्था की गई है. रेड बटन – रोबोटिक कॉप नामक यह पुलिस मशीन कई मीटर की दूरी से 360 डिग्री पर 24 घंटे स्थिति की निगरानी और नियंत्रण कर सकती है. यह न केवल होने वाली घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड करता है, बल्कि आवाजें भी रिकॉर्ड करता है. इसी तरह अगर कोई भी व्यक्ति, चाहे वह महिला ही क्यों न हो, खतरे में है तो उसे बस इस मशीन पर बटन दबाना होगा. इससे इमरजेंसी कॉल अलार्म बजेगा. इससे आस-पास की पुलिस तुरंत इलाके में आ जाएगी. इसके अलावा इस मशीन में खतरे में फंसे लोगों और पुलिस के साथ संवाद करने की सुविधा भी है. इसमें माइक्रोफोन सुविधा और जीपीएस सुविधा सहित अत्याधुनिक सुविधाएं भी हैं. इस मशीन पर लाल बटन दबाने से खतरे में पड़े व्यक्ति या उसकी ओर से कोई दूसरा व्यक्ति तुरंत पुलिस को सूचना भेज देगा. खास बात यह है कि यह तेज आवाज करके अलार्म बजाएगा. इससे आस-पास के लोग भी मदद के लिए आ सकते हैं. इस डिवाइस में ऐसी सुविधाएं हैं जिससे खतरे में फंसे लोग सीधे वीडियो कॉल के जरिए पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं. गश्त कर रही पुलिस घटनास्थल पर क्या हो रहा है इस पर नजर रख सकती है. तुरंत जाकर कार्रवाई कर सकती है और कैमरे में रिकॉर्ड की गई फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर सकती है. रेड बटन-रोबोटी कॉप डिवाइस में 24 घंटे इंटरनेट की सुविधा होगी. चेन्नई पुलिस आयुक्त के आदेश पर 12 पुलिस जिलों के 4 पुलिस जोन में 50-50 स्थानों पर पुलिस रेड बटन-रोबोटी पुलिस डिवाइस लगाने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के लिए फील्ड सर्वे किया गया है. इसके अनुसार जून से चेन्नई में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, शॉपिंग मॉल, पूजा स्थल, शैक्षणिक संस्थान, कारखाने, आईटी कंपनियां, पार्क, अस्पताल आदि सहित आम लोगों के आने-जाने वाले क्षेत्रों में इन आयरन पुलिसकर्मियों को बड़ी संख्या में तैनात किया जाएगा.  

माध्यमिक शिक्षा मंडल इस सप्ताह मध्य प्रदेश 10वीं 12वीं परीक्षा परिणाम की तिथि व समय की घोषणा कर सकता

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं-12वीं के छात्रों का रिजल्ट को लेकर इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। खबर है कि मंडल ने रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 10 मई से पहले कभी भी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।हालांकि अभी अधिकारिक डेट व टाइम की पुष्टि होना बाकी है। एमपी बोर्ड रिजल्ट स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जारी किया जायेगा जिसके बाद छात्र mpbse.nic.in, mpresults.nic.in, mponline.gov.in वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर दर्ज कर नतीजे देख सकेंगे। रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी।इसके बाद टॉपर्स को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया जायेगा। इस साल कक्षा 10वीं, 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन 25 फरवरी से 29 मार्च के बीच किया था।कक्षा 10वीं परीक्षा 27 फरवरी से 19 मार्च और 12वीं की परीक्षा 25 फरवरी से 25 मार्च तक चली थी।दोनों कक्षाओं के करीब 18 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था।बीते साल एमपी बोर्ड 10वीं में 58.10 फीसदी  और कक्षा 12वीं रिजल्ट में 64.49 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने एग्जाम पास किया था। MP Board: पास होने के लिए चाहिए इतने अंक     एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं में छात्रों को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत नंबर लाने अनिवार्य है।     अगर एक या दो सब्जेक्ट में न्यूनतम पास प्रतिशत से कम अंक आते हैं, तो विद्यार्थी फेल माना जाएगा। ऐसे में छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा देनी होगी, जो जून में आयोजित हो सकती है। चुंकी पिछले साल कंपार्टमेंट एग्जाम 8 और 10 जून को आयोजित किया गया था।     एमपी बोर्ड रुक जाना नहीं योजना का लाभ ले सकते हैं। मध्य प्रदेश ओपन स्कूल MPSOS द्वारा 10वीं 12वीं के लिए Ruk Jana Nahi Yojana के तहत परीक्षा ली जाती है।     12वीं कक्षा में भी पास होने के लिए सभी स्ट्रीम के छात्रों को न्यूनतम 33 प्रतिशत मार्क्स जरूरी है।     अगर थ्योरी का पेपर 80 अंकों का है, तो पास होने के लिए 26 अंकों की जरूरत होगी।     12वीं में प्रैक्टिल वाले विषय में थ्योरी का पेपर यदि 70 अंक का है, तो 23 नंबर पर पास होंगे।     20 नंबर के प्रोजेक्ट में 7 अंक और 30 अंक के प्रैक्टिकल परीक्षा में 10 अंक लाने पर पास माने जाएंगे। कैसे चेक करें MP Board 10th 12th Result ? MPBSE वेबसाइट से     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर जाएं।     होमपेज पर आपको “MP Board 10th Result 2024” या “MP Board 12th     Result 2024” का लिंक दिखेगा, उसपर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और एपलीकेशन नंबर दर्ज करें।     “सबमिट” पर क्लिक करें। आपका रिजल्ट आपके स्क्रीन पर आ जाएगा।     अपना रिजल्ट चेक करने के बाद उसे डाउनलोड कर के अपने पास रख लें। SMS से कैसे करें चेक कक्षा 10वीं के लिए: मोबाइल के मैसेज बॉक्स में MPBSE10 [रोल नंबर] टाइप करें और इसे 56263 पर भेज दें। कक्षा 12वीं के लिए: मैसेज में MPBSE12 रोल नंबर लिखें और इसे 56263 पर भेज दें। Google Play Store मोबाइल ऐप से     सबसे पहले Google Play Store से MPBSE मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।     ऐप खोलें और “अपना रिजल्ट जानें” विकल्प पर टैप करें।     फिर अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर डालें।     सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।  

MP पुलिस में भर्ती के रूल बदलेंगे, आरक्षक और उपनिरीक्षक के पदों पर भर्ती के लिए अलग बोर्ड

 भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक, उपनिरीक्षक सहित तृतीय श्रेणी के अन्य पदों पर भर्ती के लिए अलग से भर्ती बोर्ड बनेगा। इसका लाभ यह होगा कि भर्ती प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकेगी। अभी कर्मचारी चयन मंडल से भर्ती की जा रही, जिसमें पूरी प्रक्रिया में लगभग दो वर्ष लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में बैठक के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाणा को इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के लिए कहा है। कैबिनेट से स्वीकृति के बाद बोर्ड बनाया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया आदि के युवाओं को पुलिस में भर्ती की विशेष योजना बनाएं। पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए बोर्ड बनाने की बात बता दें कि पुलिस मुख्यालय की चयन शाखा के अधिकारी लंबे समय से भर्ती बोर्ड बनाने का सुझाव सरकार को दे रहे थे, पर गृह विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार को बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने बोर्ड बनाने की बात कही। दरअसल, कर्मचारी चयन मंडल के पास कई परीक्षाओं का दबाव होने के कारण पहले तो लगभग छह माह भर्ती प्रक्रिया में ही देरी हो जाती है। इसके बाद भर्ती प्रारंभ होने पर परीक्षा आयोजित करने में लगभग एक वर्ष लग रहे हैं। कारण, एक बार में पुलिस आरक्षकों के छह हजार या इससे अधिक पदों पर भर्ती हो रही है। पुलिस मुख्यालय ने प्रतिवर्ष भर्ती का निर्णय लिया है, क्योंकि अभी लगभग 20 हजार पद रिक्त हैं। 500 एसआई और 7,500 पुलिस आरक्षकों के पदों पर होनी है भर्ती राज्य शासन ने पुलिस मुख्यालय को पुलिस आरक्षकों के 7,500 और उप निरीक्षकों के 500 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी है। इन पदों को भरने के लिए कर्मचारी चयन मंडल को प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय भेज चुका है। मंडल ने इस वर्ष के अंत तक इन पदों के लिए परिणाम जारी करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या एक लाख से अधिक रहती है, जिससे इस वर्ष चयन हो पाना मुश्किल है। ऐसे में अगर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने के पहले बोर्ड का गठन हो जाता है तो इन पदों को भी इसके माध्यम से भरना आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकार सिंहस्थ को देखते हुए प्रति वर्ष आरक्षकों की भर्ती करने की तैयारी में है। बोर्ड बनने से भर्ती जल्दी हो सकेगी। एमपी पुलिस में निकलेगी कांस्टेबल के 7000 और SI के 500 पदों पर भर्ती एमपी पुलिस में कांस्टेबल के 7000 और सब इंस्पेक्टर के 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल करीब साढ़े 7 हजार पदों पर ऑनलाइन आवेदन लेगा। प्रदेश के लाखों युवाओं को इस भर्ती का लंबे समय से इंतजार है। अंतिम बार 2017 में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकाली गई थी। कांस्टेबल और एसआई भर्ती की रूल बुक तैयारी होने के बाद विज्ञप्तियां esb.mp.gov.in पर जारी होंगी और यहीं से अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एमपी पुलिस एसआई भर्ती लंबे समय से न निकलने के चलते लाखों अभ्यर्थी ओवरएज हो गए हैं। ऐसे में अधिकतम आयु सीमा में छूट देने की मांग भी की जा रही है। समाचार पत्र दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मुख्यालय ने एमपी ईएसबी को भर्ती को लेकर अधियाचना भेज दी है। कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि ईएसबी और पुलिस मुख्यालय मिलकर इसके लिए रूल बुक तैयार कर रहे हैं। 10 दिन में रूल बुक बनकर तैयार होने की संभावना है। सब इंस्पेक्टर भर्ती के नियम बदले गृह विभाग ने इस बार सब इंस्पेक्टर पदों के भर्ती नियमों में भी बदलाव किया है जिसमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट भी शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 साल की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। प्रीलिम्स परीक्षा दो घंटे की होगी जिसमें कुल 100 अंक के मल्टीपल चॉइस सवाल आएंगे। नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। मेन्स एग्जाम में दो प्रश्न पत्र होंगे। प्रत्येक प्रश्न पत्र में दो सेक्शन होंगे। हर सेक्शन 150 अंकों का होगा। इस तरह कुल 600 अंक होंगे। सभी प्रश्न मल्टीपल चॉइस वाले होंगे। शारीरिक दक्षता परीक्षा 100 अंकों की होगी जिसमें दौड़, कूद और गोला फेंक होंगे। 800 मीटर की दौड़ के 40 अंक, लंबी कूद के लिए 30 अंक और गोला फेंक के लिए 30 अंक रहेंगे। इंटरव्यू 50 अंको का होगा।

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