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बाबा केदार के दर्शन के लिए आए तीर्थयात्री भी टोकन सिस्टम से दर्शन की आसानी से काफी खुश नजर आए

रुद्रप्रयाग उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। बाबा केदार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इस साल टोकन सिस्टम लागू किया है, ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से मंदिर में दर्शन कर सकें। उल्लेखनीय है कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देशभर से बाबा केदार के दर्शन के लिए आए तीर्थयात्री भी टोकन सिस्टम से दर्शन की आसानी से काफी खुश नजर आए। देहरादून से शुभ कुमार, छत्तीसगढ़ से डॉ. दीपिका तथा अन्य श्रद्धालुओं ने इसके लिए प्रशासन की सराहना की। उनका कहना है कि लाइन में खड़े होने और घंटों इंतजार करने का झंझट खत्म हो गया है। टोकन में टाइम स्लॉट है, जिससे अपने नंबर पर आसानी से मंदिर में दर्शन करने में सुविधा हो रही है। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले हेलीपैड के पास टोकन सिस्टम लगाया गया है, जिससे यात्रियों को दर्शन से पहले अपना नंबर पता चल जाएगा, इस बीच यात्री केदारपुरी घूम सकेंगे। छत्तीसगढ़ के रायपुर से आईं डॉ. दीपिका ने कहा कि टोकन व्यवस्था से बहुत आसानी हो गई है। इसमें टाइम स्लॉट है, इसलिए लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। इससे लोगों को बहुत सुविधा हो रही है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि यहां बहुत अच्छी सुविधा है। बाबा के दर्शन के लिए टोकन मिल रहा है। समय पर दर्शन हो रहे हैं। गाजियाबाद के एक श्रद्धालु ने कहा कि मंदिर में दर्शन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। टोकन की व्यवस्था बहुत अच्छी है। लाइन से बाबा के बहुत अच्छे दर्शन हो रहे हैं। राज्य सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। कपाट खुलने के बाद पहले ही दिन (शुक्रवार को) दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। पहले दिन रिकॉर्ड 30,154 तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए।

शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र सहित परिवार के 4 लाेगाें की माैत

शिवपुरी रन्नाैद थाना क्षेत्र के माढ़ा गणेशखेड़ा पेट्राेल पंप के सामने तेज रफ्तार कार ने बाइक काे टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र सहित परिवार के 4 लाेगाें की माैत हाे गई है। मृतकाें में दाे बच्चियां भी शामिल हैं। घटना के बाद कार सवार गाड़ी काे वहीं छाेड़कर भाग गए। पुलिस ने माैके पर पहुंचकर शवाें काे पीएम के लिए पहुंचाया। कार काे जब्त करके थाने में रखवा दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक मृतक पक्ष के लाेग नहीं पहुंचे हैं।   कार सवाल गाड़ी छोड़कर फरार शनिवार दाेपहर रन्नाैद निवासी संजय राजपूत की कार ने खरैह की तरफ से आ रही बाइक काे टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक सवार पिता किशनलाल आदिवासी (57), पुत्र बंटी उर्फ सियानंद आदिवासी (30), पूनम पिता सियानंद आदिवासी (6), सलाेनी पिता सियानंद आदिवासी (4) सभी निवासी खाेराना की माैके पर ही माैत हाे गई। हादसा के बाद लाेगाें की भीड़ जमा हाेते देख कार सवार लाेग गाड़ी काे छाेड़कर भाग गए। घटना की जानकारी मिलने पर रन्नाैद थाना प्रभारी अरविंद चाैहान माैके पर पहुंचे और शवाें काे उठाकर पीएम के लिए पहुंचाया। कार काे जब्त कर लिया है। विवाह आयाेजन में शामिल हाेने जा रहे थे पुलिस कार मालिक से संपर्क करने में जुटी हुई है। वहीं सूत्राें के मुताबिक कार काे विवाह आयाेजन में जाने के लिए किसी ने बुक किया था। हादसे के बाद कार में सवार लाेगाें ने अपना सामान निकाला और पीछे से आ रही दूसरी कार में रख दिया। इसी कार में बैठकर कार सवार रवाना हाे गए। परिवार के चार लोगों की मौत कार और बाइक की टक्कर में चार लाेगाें की माैत हुई है। मृतकाें में पिता-पुत्र और दाे बच्चियां शामिल हैं। अभी मृतक पक्ष के लाेग नहीं पहुंचे हैं, इसलिए अधिक जानकारी उनके आने के बाद ही मिल पाएगी।  

मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले के दुधाखेडा में 400 करोड़ रुपए से अधिक लागत के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षेत्र की आस्था के केंद्र दुधाखेड़ी माता मंदिर परिसर को देवी लोक के रूप में भव्य रूप से विकसित किया जाएगा। इसके विकास कार्यों और सौन्दर्यीकरण के लिए प्रत्येक कार्य होगा मुख्यमंत्री ने दुधाखेड़ी माता मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना तथा दर्शन किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराना हमारी सरकार का संकल्प है। इसके लिए प्रदेश में विशाल पैमाने पर औद्योगिकरण तथा सिंचाई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मंदसौर जिले के ग्राम दुधाखेड़ी में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहाँ 400 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरोठ भानपुरा क्षेत्र का ऐतिहासिक विकास हो रहा है। यह क्षेत्र अब देश में चहूंओर से जुड़ रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे तथा अन्य मार्गों के निर्माण से गरोठ भानपुरा क्षेत्र देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ रहा है। उज्जैन-गरोठ मार्ग निर्माण से हमारी सरकार ने उज्जैन से इस क्षेत्र के हजारों साल पुराने संबंध को और पक्का करने का कार्य किया है। इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रहे हैं क्षेत्र में अब चीते दौड़ते हुए दिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरोठ भानपुरा क्षेत्र का ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व है। यहां पर भानपुरा शंकराचार्य जी की पीठ स्थापित है मुख्यमंत्री द्वारा शंकराचार्य श्री सत्यमित्रानंद जी महाराज के कार्यों का जिक्र करते हुए धर्म तथा राष्ट्र के लिए विभिन्न शंकराचार्य के कार्यों तथा भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। गीता भवन बनाये जा रहे हैं। गरोठ भानपुरा में भी गीता भवन बनाया जाएंगे। कामधेनु योजना से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे निरंतर इस क्षेत्र में आते रहेंगे तथा विकास की सौगात मिलती रहेगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने अपने संबोधन में कहां कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व रूप से सिंचाई क्षमता वृद्धि में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के 50 लाख हैक्टेयर भूमि के रकबे में सिंचाई उपलब्ध करा दी गई है। आगामी 2 वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर तथा 5 वर्षों में प्रदेश का 100 लाख हैकटेयर रकबा सिंचित कर दिया जाएगा। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो के सपने को साकार करने की दिशा मे हमारी सरकार द्वारा काम किया जा रहा है। इस दिशा में पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसका लाभ पूरे मालवा क्षेत्र को मिलेगा। इस परियोजना से प्रदेश का 6 लाख हेक्टर से अधिक रकबा सिंचित हो सकेगा। शत प्रतिशत सिंचित रकबे के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लोकार्पित की गई। शामगढ़-सुवासरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना, ताखा जी सिंचाई परियोजनाओ के साथ ही अन्य परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना भी शामिल है। सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उज्जैन-गरोठ मार्ग का निर्माण कराकर ऐतिहासिक कार्य किया गया है। प्रदेश शासन द्वारा गांधी सागर, नीमच जावद तथा मल्हारगढ़ आदि परियोजनाओं के निर्माण से सिंचाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास की ओर आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन विकास किया जा रहा है। गांधी सागर क्षेत्र में चीता छोड़ने से लेकर हिंगलाजगढ़ माता मंदिर जैसे स्थान पर्यटन के नक्शे में सम्मिलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दुधाखेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में 223 करोड़ 26 लाख रुपए लागत से निर्मित शामगढ़-सुवासरा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना विस्तारीकरण, 60 करोड़ 3 लाख रुपए लागत की ताखाजी सूक्ष्म मध्यम सिंचाई परियोजना, 2 करोड़ 48 लाख रुपए लागत से शामगढ़ बोलिया मार्ग कंधारी नदी पर पुल निर्माण तथा 7 करोड़ 71 लाख रुपए लागत से निर्मित अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भवन गरोठ तथा तहसील कार्यालय भवन निर्माण का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 102 करोड़ 64 लाख रुपए लागत के गरोठ बोलिया मार्ग टू-लेन निर्माण और 4 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाला गरोठ शामगढ़ मार्ग से दादावाड़ी से हिंगोरिया मार्ग का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से आमसभा में उपस्थित नागरिकों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा वृहद पुष्प हार से आत्मीय अभिनंदन किया गया। दुधाखेड़ी माता मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गांधी सागर डैम का छायाचित्र भेंट किया।  

मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बादल छाए और भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश, अगले तीन दिन भारी बारिश

भोपाल मध्य प्रदेश में शनिवार को सक्रिय मौसमी तंत्रों ने मौसम का रुख बदल दिया। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बादल छाए और भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। कई क्षेत्रों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली, जिससे तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और अन्य साइक्लोनिक सिस्टम के कारण अगले तीन-चार दिन आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। जिलों में आंधी और बारिश का दौर भोपाल में शाम चार बजे के बाद तेज हवाएं चलीं और रात तक कई हिस्सों में बारिश हुई। गुना में 35-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और 15 मिनट तक बारिश हुई, जबकि आरोन में 45 मिनट तक तेज बौछारें पड़ीं। राजगढ़, सीहोर, रायसेन, छतरपुर, दमोह, पन्ना, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, शाजापुर, सागर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, विदिशा, देवास, मुरैना, शिवपुरी, खंडवा, जबलपुर, टीकमगढ़, सतना, शहडोल और अनूपपुर में भी बारिश और हल्की आंधी दर्ज की गई। टीकमगढ़ में धूल भरी आंधी और काली घटाओं से दिन में अंधेरा छा गया, कई पेड़ उखड़ गए। दतिया में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। श्योपुर में गिरे ओले श्योपुर जिले के कराहल तहसील के 12 से अधिक गांवों में 15 मिनट तक बारिश के साथ बेर के आकार के ओले गिरे। इससे कराहल के उपार्जन केंद्र पर खुले में रखा 40 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। मौसम विज्ञानी एके शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश और आसपास सक्रिय दो साइक्लोनिक सिस्टम के कारण मौसम में बदलाव जारी रहेगा। मौसमी तंत्र बने बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में डेढ़ किमी ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड से उत्तरी ओडिशा तक एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन प्रभावी है। इन तंत्रों के कारण प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। रविवार को ओलावृष्टि की आशंका मौसम विभाग ने रविवार को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और डिंडोरी में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इन जिलों में किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम का यह बदला मिजाज अगले कुछ दिनों तक राहत और चुनौतियां दोनों ला सकता है।

हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा: फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदमों की बात कर रहा है। इसी बीच, जेकेएनसी नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा। बहुत हो गया, आखिर कब तक छाती पीटते रहेंगे?” उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है और सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए, यह प्रधानमंत्री अच्छी तरह से जानते हैं। महबूबा मुफ्ती के एक बयान पर जब फारूक अब्दुल्ला से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि उनका निशाना प्रधानमंत्री पर होता है। मैं ऐसी कोई बात नहीं करूंगा। आज पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है और उम्मीद है कि वह ऐसा कदम उठाएंगे जिससे आतंकवाद का अंत हो सके।” पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “उनसे कहिए कि थोड़ा इंतजार करें, सब्र रखने में ही सब कुछ होगा। इससे ही सब कुछ ठीक होगा।” दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए फिर से सबूत मांगा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में “कहां हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक?” उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई। हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवार को इंसाफ चाहिए। बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित है और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहा है।

दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन बिल, 2025’ को दी मंजूरी, ऐतिहासिक कदम उठाया

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) बिल, 2025’ को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य सभी 1677 निजी स्कूलों में फीस को पारदर्शी तरीके से नियंत्रित करना है। इस कदम को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो लंबे समय से स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और उत्पीड़न की शिकायत कर रहे थे। वहीं धन्यवाद ज्ञापन के दौरान अभिभावकों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “इस एक्ट के माध्यम से सभी 1677 स्कूलों की फीस को पारदर्शी रूप से नियंत्रित किया जाएगा। पिछली सरकारों के कार्यकाल में फीस लगातार बढ़ रही थी। पहली बार किसी सरकार ने यह एक्ट बनाया है। जल्द ही दिल्ली सरकार इतनी व्यवस्थित हो जाएगी कि लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर हो जाएंगे। हम जल्द ही विधानसभा बुलाकर और एक्ट पर मुहर लगाकर इसे दिल्ली की जनता को सौंप देंगे।” हमारा उद्देश्य छात्रों का मानसिक उत्पीड़न बंद हो: आशीष सूद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “आप सरकार के विपरीत, हमारी सरकार ने उन सभी रास्तों को बंद कर दिया है जिनके माध्यम से बच्चों को लूट का माध्यम बनाया जाता था। पिछली सरकार यह कर सकती थी, लेकिन अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, उन्होंने स्कूलों द्वारा छात्रों पर दबाव डालकर वसूली गई राशि के लिए मेज के नीचे समझौता किया। 27 वर्षों तक फीस हर साल लगातार बढ़ रही थी। हमारी सरकार ने डीएम कमेटी भेजी, जिसके बाद पहली बार कोर्ट ने डीपीएस को फटकार लगाई। हमारा एकमात्र उद्देश्य है कि छात्रों का मानसिक उत्पीड़न बंद हो।”

शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की मंत्री दिलीप जायसवाल ने समीक्षा की

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा सीधी जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए जल जीवन मिशन अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री जायसवाल ने हैण्डपम्पों के संधारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन गांवों में गंभीर जल संकट है वहां हैण्डपंप खनन की कार्यवाही भी की जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सभी बसाहटों को जोड़ें मंत्री श्री जायसवाल ने निर्माण एजेन्सियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में समय-सीमा और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 में जिले की 250 जनसंख्या वाली सभी बसाहटों को जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि जिले के सभी मार्गों के मरम्मतीकरण का कार्य जून माह तक पूर्ण कर लें। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी तथा विद्युतीकरण के कार्य प्राथमिकता से करें। सभी मजरे-टोलों में विद्युतीकरण का कार्य इस अभियान के दौरान प्राथमिकता से कर लें। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। लोगों को जोड़कर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को एक जन आंदोलन बनाएं। अभियान के दौरान चिन्हित कार्यों को 30 जून के पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लें। रोगी कल्याण समिति की बैठक मंत्री श्री जायसवाल ने जिला रोगी कल्याण समिति की सामान्य सभा की बैठककी अध्यक्षता करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक अपने निर्धारित समय पर उपस्थित रहें। मरीजों को निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध करायें। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सुविधा तथा जननी वाहनों की सेवाओं के संचालन में कड़ी निगरानी रखें। शिकायतों की जांच कर लापरवाही पाए जाने पर संचालक के विरूद्ध कार्रवाई करें। थाना मड़वास एवं सेमरिया का लोकार्पण मंत्री श्री जायसवाल ने चौकी से थाना में उन्नयन के बाद थाना मड़वास और सेमरिया का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा अपराधों में नियंत्रण रखने के लिए थानों के परिसीमन की कार्रवाई की गई है। थाना मड़वास और सेमरिया के उन्नयन से क्षेत्र की जनता को सहूलियत होगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पीड़ित व्यक्तियों के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करें। आपराधिक मामलों में तत्परता से कार्यवाही करते हुए दोषियों को दण्ड दिलाने तथा पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें। तहसील कार्यालय मड़वास का लोकार्पण मंत्री श्री जायसवाल ने 1 करोड़ 24 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन मड़वास का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य सरकार किसान के विकास के लिए अनवरत कार्य कर रही है। पीएम किसान योजना तथा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से किसानों को प्रति वर्ष 12 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। सरकार आज किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए राजस्व महा अभियान का संचालन समय-समय पर किया जाता है, जिससे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में कमी आई है। 

विदिशा रेलवे स्टेशन का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया निरीक्षण

 भोपाल  भोपाल मंडल में स्थित विदिशा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत जारी पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण आज माननीय केंद्रीय मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय  भारत सरकार शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर का भ्रमण कर यात्री सुविधाओं, निर्माणाधीन संरचनाओं तथा आधुनिकीकृत यात्री प्रतीक्षालयों की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने यात्रियों के हित में कार्यों की गति और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्टेशन का पुनर्विकास कार्य न केवल सुविधाजनक बल्कि सौंदर्यात्मक रूप से भी प्रभावशाली होना चाहिए ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके। साथ ही, उन्होंने स्टेशन परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं दिव्यांगजन अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। श्री चौहान ने निर्माण कार्यों की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विदिशा स्टेशन का कायाकल्प होने से पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यों की प्रगति में पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध रूप से निर्माण पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर माननीय विधायक विदिशा मुकेश टंडन, माननीय विधायक कुरवाई  हरी सिंह सप्रे सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं रेलवे की ओर से मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) ऋतुराज शर्मा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (मध्य) के. के. निगम एवं वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सामान्य)  संजय मानोरिया उपस्थित रहे। मंडल रेल प्रबंधक ने माननीय मंत्री को कार्य की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि स्टेशन पर आधुनिक टिकट काउंटर, लिफ्ट, एस्केलेटर, विस्तारित फुट ओवर ब्रिज, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा आकर्षक फसाड तैयार किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान आम जनता में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। कई यात्रियों ने मंत्री जी से मिलकर स्टेशन विकास को लेकर अपने अनुभव साझा किए। माननीय मंत्री की यह यात्रा स्टेशन पुनर्विकास को नई दिशा प्रदान करने वाली साबित हुई, जिससे संबंधित अधिकारियों को प्रेरणा मिली और स्थानीय नागरिकों में रेलवे के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ।

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों को समय सीमा में करें पूर्ण : राज्य मंत्री पटेल

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने ग्वालियर में फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब सहित स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री श्री पटेल ने हाउसिंग बोर्ड के सिविल इंजीनियरों एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को निर्देशित किया कि वे निर्माण कार्य में तेजी लाएं और तय समय-सीमा में कार्य पूरा करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव को कार्य की नियमित निगरानी करने तथा इसे प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव, डीएचओ-2 डॉ. प्रबल प्रताप सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर कु. अनुभूति शर्मा, फूड ऑफिसर श्री लोकेन्द्र सिंह, एम.पी. हाउसिंग बोर्ड से ई.ई. श्री दास गुप्ता, श्रीमती नीरू राजपूत, श्री बसंत यादव, एसडीओ श्री रतन काकवानी, श्री शुभम गुप्ता तथा भोपाल से फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब के प्रभारी श्री राकेश जैन भी मौजूद रहे।  

खुशहाल कृषक और उन्नत कृषि मध्यप्रदेश की पहचान है, 6 हजार 850 लोगों को मिलेगा रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर जिले के सीतामऊ में आयोजित ‘कृषि उद्योग समागम-2025’ में ‘खाद्य प्र-संस्करण उद्यमियों से संवाद’ कार्यक्रम में कहा कि खुशहाल कृषक और उन्नत कृषि मध्यप्रदेश की पहचान है। खाद्य प्र-संस्करण से जहां उद्योगों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, वहीं किसान भी आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संचालित राज्य सरकार का संकल्प भी यही है। कृषि आधारित उद्योगों के लिए हमारी सरकार सरल व अनुकूल नीतियों का निर्माण कर उद्यमियों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 3812 करोड़ की लागत की 11 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण, भूमि-पूजन हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर 6850 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कृषि संबंधी उद्योगों की संभावनाओं पर निवेशकों से चर्चा की। साथ ही नीमच-मंदसौर जिले में नवीन उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को आशय प्रमाण पत्र (लेटर ऑफ इन्‍टरेस्‍ट) भी प्रदान किए गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के दरवाजे निवेशकों के लिए हमेशा खुले हैं। सरकार निवेशकों के मार्ग की सभी बाधाएं हटाने का काम कर रही है। हम सब प्रदेश की उन्नति के लिए संकल्पबद्ध हैं। सरकार हरसंभव सहयोग के लिए निवेशकों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यानिकी क्षेत्र में 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली पानी एवं बेहतर सड़क की सुविधा के साथ ही औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीतियां उपलब्ध हैं। औद्योगिक निवेश के लिए प्रदेश में बेहतर वातावरण है। उन्होंने कहा कि प्रति बीघा गेहूं के उत्पादन में मध्यप्रदेश ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह के आयोजन बड़े शहरों में ही होते थे, परंतु अब हमने संभाग एवं जिला स्तर पर भी इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने का निर्णय लिया है और इसकी शुरुआत आज मंदसौर जिले से हुई है। राज्य सरकार सभी प्रकार के निवेशकों को समान रूप से निवेश के अवसर उपलब्ध करा रही है। मुख्य सचिव श्री अनुरागजैन ने कहा कि मध्यप्रदेश को रोजगारोन्मुखी बनाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि इसके लिए उद्योगों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक है। जीडीपी में भी कृषि का योगदान 44 प्रतिशत है। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि से कृषि क्षेत्र में उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। मंदसौर, नीमच क्षेत्र मसालों के लिए विख्यात रहा है। यहां खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों में पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार में सरलता के लिए राज्य सरकार ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अनुपम राजन ने कहा कि कृषि उद्योग समागम की पहली कड़ी सीतामऊ मंदसौर में आयोजित हुई है। इसमें विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप इस प्रकार के समागम संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की पर्याप्त संभावना विद्यमान है। इस संबंध में राज्य शासन की नीतियां भी निवेशकों, उद्योगपतियों के लिए अनुकूल हैं और राज्य सरकार भी खाद्य प्र-संस्करण को प्रदेश में नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है। एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला ने निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत विभिन्न नीतियों के संबंध में जानकारी दी। उद्योगपति श्री अजय भटनागर ने भी अपने अनुभव साझा किए। निवेशकों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री श्री निर्मला भूरिया, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं निवेशक उपस्थित रहे।

एमपी ट्रांसको रतलाम में हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के तत्वावधान में काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन एवं जिला रोगी कल्याण समिति रतलाम के सहयोग से रतलाम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन तकनीक (सीपीआर) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सीपीआर प्रशिक्षण के साथ हुई स्वास्थ्य जांच शिविर के दौरान डॉ. राजेश मैडा एवं डॉ. शीतल पाटीदार के निर्देशन में चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा सीपीआर सहित विभिन्न जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही एमपी ट्रांसको के कर्मचारियों की मधुमेह, रक्तचाप, दंत परीक्षण आदि की जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श भी दिया गया। गर्मी के मौसम में लू, सड़क दुर्घटनाओं एवं विद्युत से संबंधित दुर्घटनाओं से बचाव के लिये जन-जागरूकता भी इस शिविर का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य था।

यूसीसी पर फैलाई जा रही हैं भ्रांतियां, पहलगाम घटना पर सख्त रुख: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

हरिद्वार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर आयोजित परिचर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमें बहुमत दिया, हमने वादा निभाया। कुछ लोग यूसीसी को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन हम जन जागरूकता के जरिए हर भ्रम का जवाब देंगे। पहलगाम जैसी घटनाओं का जवाब देने के लिए भारत तैयार है। मीडिया से बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि यूसीसी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ किया कि यूसीसी के तहत मूल निवास प्रमाण पत्र देने जैसी बातें पूरी तरह निराधार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सशक्तिकरण और समाज में समानता लाने के लिए यूसीसी एक ऐतिहासिक कदम है। 2022 के चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने इसे लेकर जो विश्वास दिखाया, हमने उस पर खरा उतरने का प्रयास किया है। अब यह कानून राज्य में लागू हो चुका है और इससे न्याय प्रक्रिया और अधिक सरल होगी।” सीएम धामी ने बताया कि सरकार जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यूसीसी से जुड़ी सही जानकारी देगी। जातिगत जनगणना को लेकर भी सीएम धामी ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और इस दिशा में भी केंद्र सरकार गंभीरता से काम कर रही है। वहीं, पहलगाम हमले को लेकर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भारत अब कमजोर नहीं है और हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। चारधाम यात्रा को लेकर भी सीएम ने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन राज्य सरकार ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नरवाई जलाने से बचें किसान : मशीनों से होगा नरवाई का निष्पादन, जमीन को बनाएं उपयोगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रहा है। नीति आयोग के अनुसार मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से प्रगति करने वाला राज्य है। आने वाले समय में प्रगति की गति और तेज होने वाली है। राज्य सरकार कृषकों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने जा रही है। अब किसान सौर ऊर्जा से स्वयं बिजली बनाएंगे और पम्प चलाएंगे। उनके द्वारा अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली पैदा करने पर राज्य सरकार किसानों से बिजली खरीदेगी और उसका भुगतान भी करेगी। किसानों को मात्र 10 प्रतिशत राशि पर सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। पांच, तीन, दो हार्स पॉवर तक के सौर पम्प के लिए मात्र 10 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष राशि राज्य सरकार द्वारा किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति मिलेगी। तीन साल में 32 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान, कृषि पम्प चलाने, घर में बिजली के उपयोग या अन्य प्रयोजनों के लिए अपनी बिजली स्वयं बना सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीतामऊ (मंदसौर) में कृषि उद्योग समागम : 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौर, नीमच क्षेत्र के किसानों द्वारा ली जा रही विविधतापूर्ण उपजों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा इसे प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ही सीतामऊ में उन्नत कृषि पर केन्द्रित यह आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदेशी तकनीक से लेकर स्थानीय जुगाड़ तक को प्रोत्साहित करते हुए खेती को फायदेमंद बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम उन्नत खेती को उद्योग का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं, इसीलिए कृषि उत्पादों के उचित मूल्य, लंबे समय तक संधारण और स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध कराकर किसानों का लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी हैं। मध्यप्रदेश में संतरा, केला सहित कई महत्वपूर्ण उत्पाद बड़ी मात्रा में होते हैं। इनकी ब्रांडिंग भी हमारे प्रदेश के नाम पर हो, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी किसानों को उन्नत कृषि अपनाने और बागवानी, फलोद्यान, प्रसंस्करण सहित कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियां अपनाते हुए सम्पन्न बनने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरवाई जलाने की जानकारी सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। गेहूं की फसल के बाद बचे अवशेष में आग लगाने से खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से नरवाई जलाने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के निराकरण के लिए मशीनें उपलब्ध कराई जा रही है और उन पर अनुदान की व्यवस्था भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ों परियोजना से उज्जैन संभाग के सभी किसानों की जिन्दगी बदलेगी। हर खेत तक सिंचाई के लिये पानी पहुँचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौपालन को प्रोत्साहित कर दुग्ध उत्पादन की क्षमता बढ़ाई जा रही है। गौमाता हमारी संस्कृति की प्रतीक हैं, गाय-भैंस पालन को प्रोत्साहित करने के लिए 25 गाय-भैंस पालने पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का उत्पादन वर्तमान में 9 प्रतिशत है, इसे हमें 20 प्रतिशत तक ले जाना है। किसानों को 200 गाय-भैंस पालन अर्थात 8 यूनिट तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। दूध-दही हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है, “जिसके घर गाय वह गोपाल और जिस के घर गाय का कुल वह घर गोकुल” का भाव हमारा परिवेश में रचा-बसा है। अच्छी खेती के साथ दूध उत्पादन, बागवानी, फलोद्यान जैसी गतिविधियां बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार अनुदान उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपना जीवन उपयोगी बनाने के लिए, किसान खेत की एक-एक इंच जमीन को बेहतर बनाएं। प्रदेश के हर जनपद में एक-एक वृंदावन गांव विकसित किया जाएगा, जहां उन्नत कृषि के लिए विशेष प्रोत्साहन के साथ स्कूल-कॉलेज सहित सभी अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बेसहारा, लावारिस, अपाहिज गौमाता की देख-रेख के लिए 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए प्रति गाय की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार ने आपदा में तत्काल मदद करने के उद्देश्य से एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन आरंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर, नीमच क्षेत्र की समृद्ध पुरातत्व सम्पदा का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके संरक्षण के लिए राज्य सरकार संवेदनशीलता से प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सिंचाई का रकबा बढ़ाने, बिजली की उपलब्धता को सुगम बनाने के साथ ही किसान सम्मान निधि देते हुए किसान की मेहनत का सम्मान किया गया है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से प्रदेश में सिंचाई के रकबे में और अधिक विस्तार होने जा रहा है। कृषि और उद्यानकी के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है प्रदेश : मंत्री श्री कुशवाह उद्यानकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है, प्रदेश में कृषि और उद्यानकी के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है राज्य शासन का प्रयास कृषि के साथ उद्यानकी के क्षेत्र में नवीन उन्नत तकनीकी अच्छी गुणवत्ता के बीज का प्रयोग करके उत्पादन को बढ़ावा देना है। उत्पादित माल की मूल्य संवर्धन के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने का कार्य मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार में अनेक अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही है किसानों को उनके उत्पादन का बेहतर लाभ प्राप्त हो सके । इसके लिए क्रेता विक्रेता सेलर्स मीट का आयोजन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्यानकी में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है प्रदेश मसाला फसलों का उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य बन गया है राज्य सरकार का प्रयास है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की मध्यप्रदेश में स्थापना करके उत्पादित माल की बेहतर कीमत किसानों को प्राप्त हो सके। उन्होंने कृषि उद्योग समागम को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी किए जाएंगे। 95 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने … Read more

भारतमाला परियोजना के निर्माण का डिप्टी सीएम साव ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों से ली गुणवत्ता की जानकारी

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अचानक निर्माणधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का औचक निरीक्षण करने अभनपुर पहुंचे, यहां उन्होंने निर्माणधीन ओवरब्रिज एवं सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान भारत माला प्रोजेक्ट एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सबसे पहले अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज कार्य का औचक निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता की जानकारी ली। साथ ही कार्य को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने की बात कही। इस दौरान अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट कार्य की संपूर्ण जानकारी दी। डिप्टी सीएम अरुण साव ब्रिज निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत भेलवाडीह के पास पहुंचे, यहां उन्होंने सड़क निर्माण के संबंध पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों से सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि, निर्माण में सभी मानकों का ध्यान रखा गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने निरीक्षण के बाद कहा कि भारत सरकार की यह क्रांतिकारी परियोजना है, इसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। इस हाइवे के बन जाने के बाद विशाखापट्टनम जाने में लंबी दूरी तय करना नहीं पड़ेगा। साथ ही यह आर्थिक गलियारा के रूप में महत्वपूर्ण साबित होगा। गौरतलब है कि, रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे का अधिकतर कार्य पूर्ण हो गया है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश पहुंच सकेंगे। यह रायपुर को धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम शहर को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे विशाखापट्टनम बंदरगाह पर समाप्त होगा। इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 किमी सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्सलेन सड़क बनना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने कई किसानों की जमीनें अधिग्रहित की है. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है, लेकिन कई किसानों को अब भी मुआवजा नहीं मिल सका है. विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद इस मामले में जांच का फैसला लिया गया था. क्या है भूमि अधिग्रहण नियम? भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत हितग्राही से यदि 5 लाख कीमत की जमीन ली जाती है, तो उस कीमत के अलावा उतनी ही राशि यानी 5 लाख रुपए सोलेशियम के रूप में भी दी जाएगी. इस तरह उसे उस जमीन का मुआवजा 10 लाख दिया जाएगा. इसके तहत 5 लाख की यदि जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उसके 10 लाख रुपए मिलेंगे और 10 लाख रुपए सोलेशियम होगा. इस तरह हितग्राही को उसी जमीन के 20 लाख रुपए मिलेंगे.

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हमारा पूरा समर्थन: अमेरिका

न्यूयॉर्क अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘हमारा पूरा समर्थन” है। मंत्रालय ने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान से एक ऐसा उचित समाधान तलाशने की दिशा में काम करने का आग्रह किया है जो दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक शांति एवं क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका स्थिति पर ‘‘बारीकी से नजर रख रहा है।” विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग बात की। ब्रूस ने कहा, ‘‘जैसा कि (अमेरिका के) राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी से कहा था, अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री मोदी को हमारा पूरा समर्थन है।” ब्रूस ने बताया कि रुबियो ने ‘‘दोनों देशों से जिम्मेदारी से एक ऐसा समाधान तलाशने की दिशा में काम करने का आग्रह किया जो दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक शांति एवं क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखे। जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, हम कई स्तरों पर दोनों देशों की सरकारों के संपर्क में हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार लगातार संपर्क में है। हम दोनों पक्षों से जिम्मेदारी से कोई समाधान निकालने के लिए कह रहे हैं। मैं आपको इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दे सकती।” अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान से तनाव कम करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उसने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है और पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच में पाकिस्तान से सहयोग करने का आग्रह किया है। जयशंकर के साथ बुधवार रात को फोन पर हुई बातचीत में रुबियो ने पहलगाम में हुए ‘‘भयावह” आतंकवादी हमले में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ सहयोग को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता जताई। ब्रूस ने एक बयान में बताया कि रुबियो ने दक्षिण एशिया में तनाव कम करने और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत से पाकिस्तान के साथ काम करने का आग्रह किया।   विदेश मंत्री जयशंकर ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके दोषियों, उनका सहयोग करने वालों और साजिश रचने वालों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।” रुबियो ने शरीफ के साथ बातचीत में पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की निंदा करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा पाकिस्तानी अधिकारियों से ‘‘इस अमानवीय हमले” की जांच में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने पाकिस्तान को तनाव कम करने, सीधे संचार को फिर से स्थापित करने और दक्षिण एशिया में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। रुबियो और शरीफ ने ‘‘आतंकवादियों को हिंसा के जघन्य कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।”    

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