LATEST NEWS

संभल के दबंग CO अनुज चौधरी का तबादला, हिंसा के बाद होली-जुमा बयान से हुए थे चर्चित, अब मिली ये जिम्मेदारी

संभल  संभल हिंसा के पांच महीने बाद मीडिया की सुर्खियां बने सीओ अनुज चौधरी (Anuj Chaudhary) का तबादला हो गया है। संभल सीओ की जिम्मेदारी अब आलोक भाटी को दी गई। वहीं अनुज को जिले में ही चन्दौसी सर्किल का सीओ बनाया गया है। अनुज बीते साल हुई हिंसा के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए थे। होली के दौरान जुमे की नमाज पर बयान को लेकर उनपर जांच चल रही है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शनिवार को अनुज चौधरी सहित अन्य पुलिस ऑफिसर्स का तबादला किया। ट्रांसफर आदेश के तहत सीओ संभल अनुज चौधरी का तबादला चंदौसी किया गया है। उनकी जगह ट्रेनी आईपीएस आलोक भाटी को संभल का नया क्षेत्राधिकारी बनाया गया है। वहीं संभल के बहजोई में तैनात सीओ प्रदीप कुमार सिंह को यातायात प्रभारी बना दिया गया है। अभी तक यातायात की जिम्मेदारी देख रहे संतोष कुमार को सीओ लाइन कार्यालय भेजा गया है। चंदौसी के सीओ रहे आलोक सिद्धू को बहजोई सीओ की जिम्मेदारी दी गई है। दरअसल पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने अनुज चौधरी को जुमा वाले बयान मामले में क्लीन चिट दिए जाने पर ऐतराज जताया था। ठाकुर ने 9 अप्रैल को अनुज चौधरी के खिलाफ एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) पोर्टल पर शिकायत की थी। सीओ के सेवा आचरण नियमावली का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज में उन्होंने कहा था कि अनुज सेवा और वर्दी नियमों का उल्लंघन करते हैं। वह बिना अधिकार के बयानबाजी करते हैं। अपने कार्यों को सांप्रदायिक रंग देते हैं। इससे माहौल तनावपूर्ण होता है और कुछ वर्गों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने पुलिस मुख्यालय में तैनात एसपी लॉ एंड ऑर्डर मनोज कुमार अवस्थी को जांच सौंपी थी। मनोज ने संभल के ASP उत्तरी श्रीश्चंद्र के साथ जांच की और जांच रिपोर्ट विशेष सचिव गृह विभाग को भेज दी थी। 17 अप्रैल को एएसपी संभल श्रीश्चंद्र ने सीओ को क्लीन चिट दे दी थी। अमिताभ ने डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलने की बात कही। इसके बाद इस मामले की फिर से जांच करने की निर्णय लिया गया है। एएसपी संभल ने अमिताभ ठाकुर को लिखे पत्र में फिर से जांच करने की जानकारी दी और बताया कि उनको अपने आरोपों में सबूत देने के लिए 3 दिन का समय दिया है। इसके बाद आज तबादले की खबर आ गई है।

आतंकी हमले में मारे गए हिंदूओं की आत्मा की शांति हेतु तर्पण, मुंडन और सामूहिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

ओंकारेश्वर  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मृत श्रद्धालुओं को हिंदू महासभा ने ओंकारेश्वर गौमुख घाट पर तर्पण, मुंडन करवाकर सामूहिक श्रद्धांजलि दी। हिन्दू परंपरा अनुसार शोक व्यक्त कर समाज में जागरूकता और राष्ट्ररक्षा का संकल्प भी लिया गया। आयोजन हिन्दू समाज के आत्मबोध का प्रतीक आयोजन संत सौमित्रदास त्यागी बापू (प्रदेश पदाधिकारी, संत महासभा) के सानिध्य में हुआ। नर्मदा जल से तर्पण और शास्त्र विधि से मुंडन कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में हिन्दू महासभा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। त्यागी बापू ने कहा, “कश्मीर में हुई घटना केवल पीड़ा ही नहीं, चेतना का संदेश भी है। जब तक हिन्दू समाज एकजुट होकर आत्मरक्षा के लिए सजग नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेगी। यह आयोजन हिन्दू समाज के आत्मबोध का प्रतीक है। राष्ट्ररक्षा और सामाजिक संकल्प प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक प्रदीप सिंह ठाकुर ने कहा, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अब समय है कि समाज के भीतर फैले आतंकवाद के विरुद्ध भी सजग रहा जाए। हिन्दू महासभा समाज के प्रत्येक वर्ग की सुरक्षा व अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। जिला संगठन मंत्री पं. जीतू दुबे ने कहा, यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हिन्दू समाज को एकजुट कर इस्लामिक कट्टरवाद के विरुद्ध चेतना जगाने का माध्यम है। हम सरकार से भी अपेक्षा करते हैं कि देश में रह रहे अवैध घुसपैठियों पर त्वरित कार्यवाही हो। अंत में सभी उपस्थितजनों ने नर्मदा तट पर राष्ट्र और धर्म की रक्षा हेतु कार्यरत रहने का संकल्प लिया।

जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने रद्द की छुट्टियां, वापस बुलाए सभी कर्मचारी, गोला-बारूद बनाने का आया है बड़ा ऑर्डर

जबलपुर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद देश में तनाव बढ़ गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के जबलपुर की आयुध निर्माण फैक्ट्री खमरिया ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। यह फैसला तुरंत लागू हो गया है। फैक्ट्री ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि इस साल का उत्पादन लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके। फैक्ट्री को डर है कि अगर छुट्टियां दी गईं तो सेना के लिए गोला-बारूद बनाने का काम पिछड़ जाएगा। गोला बारूद बनाने का मिला बड़ा टारगेट दरअसल, OFK को इस साल गोला-बारूद बनाने का एक बड़ा टारगेट मिला है लेकिन, अप्रैल के महीने में फैक्ट्री उतना काम नहीं कर पाई जितना उसने सोचा था। इसलिए, फैक्ट्री के बड़े अधिकारियों ने यह फैसला लिया है कि सभी कर्मचारियों को बिना छुट्टी के काम करना होगा। इससे फैक्ट्री ज्यादा गोला-बारूद बना पाएगी और सेना को समय पर गोला-बारूद मिल जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी ने दी जानकारी आयुध भंडार के जनसंपर्क अधिकारी अविनाश शंकर ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिन से अधिक की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द की गई हैं ताकि हम इस वित्तीय वर्ष का निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल कर सकें। 4000 कर्मचारी करते हैं काम खमरिया आयुध निर्माण फैक्ट्री भारतीय सेना के लिए गोला-बारूद बनाती है। इस फैक्ट्री में लगभग 4,000 कर्मचारी काम करते हैं। यह फैक्ट्री देश की सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। यहां बनने वाला गोला-बारूद सेना को दुश्मनों से लड़ने में मदद करता है। पहलगाम हमले के बाद सरकार और सेना सावधान यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार और सेना दोनों ही सावधान हैं। ऐसे में, गोला-बारूद की फैक्ट्री में उत्पादन बढ़ाना जरूरी है ताकि सेना को किसी भी हालत से निपटने के लिए तैयार रखा जा सके।

गावस्कर का मानना है कि पाकिस्तान का एशिया कप में भी हुक्का-पानी बंद होगा, खतरे में ACC, भारत का कड़ा प्रहार

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में गम और गुस्सा है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। वहीं, भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने एक बड़ी भविष्यवाणी की है। गावस्कर का मानना है कि पाकिस्तान का एशिया कप में भी हुक्का-पानी बंद होगा। उन्होंने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एससीसी) के भविष्य को भी खतरे में करार दिया। उन्होंने कहा कि ना सिर्फ पाकिस्तान को एशिया कप से बाहर किया जा सकता है बल्कि एससीसी को भी भंग किया जा सकता है। बता दें कि एशिया कप 2025 की मेजबानी भारत के पास है, जिसका आयोजन टी20 फॉर्मेट में होना है। ‘बीसीसीआई का रुख वही रहा…’ गावस्कर ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा, “भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का रुख हमेशा से वही रहा है, जो भारत सरकार उन्हें करने के लिए कहती है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि एशिया कप के मामले में इसमें कोई बदलाव होगा। एशिया कप के इस संस्करण के लिए भारत और श्रीलंका मेजबान हैं, इसलिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या चीजें बिल्कुल बदली हैं? लेकिन अगर चीजें नहीं बदली हैं तो मैं पाकिस्तान को अब एशिया कप का हिस्सा बनते नहीं देखता, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका करने जा रहे हैं।” शिया कप का आयोजन सितंबर 2025 में प्रस्तावित है। ‘केवल तीन-चार देशों का टूर्नामेंट’ उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि यह कैसे होगा। हो सकता है कि एशियन क्रिकेट काउंसिल को भंग कर दिया जाए और केवल तीन देशों या चार देशों का टूर्नामेंट हो सकता है, जिसमें हांगकांग या यूएई को आमंत्रित किया जा सकता है। एसीसी को भंग किया जा सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि अगले कुछ महीनों में क्या होता है।” इस साल की शुरुआत में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं किया था और अपने सभी मैच दुबई में खेले थे, जिसमें फाइनल भी शामिल था। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। ‘अगर दो देश लड़ रहे हैं तो…’ पूर्व कप्तान ने कहा, “ऐसा हो सकता है कि भारत एसीसी से बाहर निकलने का फैसला ले ले। हम कह सकते हैं कि हम बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान में 4 देशों का टूर्नामेंट या 5 देशों का टूर्नामेंट आयोजित करने जा रहे हैं। ऐसा हो सकता है टूर्नामेंट बांग्लादेश या श्रीलंका में आयोजित जाए लेकिन जाहिर है कि भारत भारत इसकी मेजबानी करेगा।” उन्होंने कहा, “जो कुछ हो रहा है, उसके मद्देनजर मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं होगा अगर एसीसी को भंग कर दिया जाए। मेरा मतलब है कि अगर दो देश एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं तो एक-दूसरे के साथ खेल खेलना थोड़ा मुश्किल है।”

विवादों में घिरीं डॉ. अरुणा कुमार बनी डीएमई, जूडा ने सीएम यादव को पत्र लिखकर नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग

 भोपाल  डॉ. अरुणा कुमार को डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (DME) बनाए जाने के फैसले ने एक बार फिर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए सरकार को 24 घंटे में आदेश निरस्त करने की चेतावनी दी है। दोनों संगठनों ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है। साथ ही सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर उनकी नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है। डॉ. अरुणा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने औऱ गाली गलौज करने आरोप लगे हैं। डॉ अरुणा कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है , दो बार उन्हें गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनी डिपार्टमेंट के HOD पद से हटना भी पड़ा था। वहीं एक बार उन्हें डीन पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। डॉ अरुणा कुमार को हटवाने के लिए मेडिकल टीचर्स डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से भी मुलाकात कर चुके हैं। बीते सालों डॉ. अरुणा कुमार के कार्यकाल में एक महिला जूनियर डॉक्टर ने आत्महत्या की थी और आरोप लगाया था कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आज डॉ अरुणा कुमार को पदस्थ करने के विरोध में गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के सभी चिकित्सक, जूनियर डॉक्टर्स आज दोपहर हमीदिया अस्पताल मर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस वजह से हटी थी डॉ अरुणा 31 जुलाई 2023 को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की थर्ड ईयर पीजी स्टूडेंट बाला सरस्वती ने आत्महत्या कर ली थी। 27 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट ने एनेस्थीसिया इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर जान दी थी। घटना के बाद जीएमसी परिसर में हड़कंप मच गया था। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) ने इस आत्महत्या के लिए डॉ. अरुणा कुमार को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल पर चले गए थे। संगठन ने आरोप लगाया था कि छात्रा को थीसिस सबमिशन को लेकर लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद डॉ. अरुणा कुमार को जीएमसी से हटाकर डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) में स्थानांतरित कर दिया था, जहां से वे अब तक कार्यरत थीं। अब उसी डायरेक्टोरेट में उन्हें डायरेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे एक बार फिर विरोध हो रहा है।

जगद्गुरू रामभद्राचार्य को मानद उपाधि से विभूषित करेगा डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय

सागर सागर . डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में में जल्द ही एक बड़ा दीक्षांत समारोह होने वाला है। इस बार का कन्वोकेशन खास होगा क्योंकि इसमें जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज को मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा ।विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीलिमा गुप्ता ने इसके लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अनुमति मांगी। राष्ट्रपति से अनुमति मिलने के बाद अब मई माह में दीक्षांत समारोह आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी समारोह में शामिल होने की अनुमति मांगी गई है। मई के दूसरे सप्ताह में तारीख का ऐलान विवि प्रबंधन करेगा।  जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने 80 ग्रंथों की रचना जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज जब दो महीने के थे, तब उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। इसके बावजूद उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल कीं, वे अद्वितीय हैं। वे शिक्षाविद, बहुभाषाविद, कथाकार और प्रवचनकर्ता के रूप में जाने जाते ह। स्वामी को 22 भाषाएं आती हैं और उन्होंने लगभग 80 ग्रंथों की रचना की है, जिनमें हिंदी और संस्कृत के चार महाकाव्य भी शामिल है। उन्हें 1988 में जगद्गुरु पद पर प्रतिष्ठित किया गया था। उन्होंने विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है, जिसके वे आजीवन संस्थापक कुलाधिपति हैं। उन्हें 2015 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था। तैयारियां चल रही हैं विवि में दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारी में चल रही है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अब अतिथियों की अनुमति मिलने का इंतजार है। मई के दूसरे सप्ताह में तारीख की घोषणा हो जाएगा। इस वर्ष आयोजन को अच्छा और बृहद बनाने का हम प्रयास कर रहे हैं। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज को मानद उपाधि से सम्मानित करने की अनुमति हमें राष्ट्रपति से मिल गई है। प्रो. नीलिमा गुप्ता, कुलपति, डॉ. हरिसिंह गौर विवि उपाधि देने के फैसले का विरोध, प्रोफसर, शिक्षाविद सहित तमाम लोगों ने जताई आपत्ति. डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी अपने 33वें दीक्षांत समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य को डी. लिट की मानद उपाधि देने जा रही है. इसके लिए विश्वविद्यालय को राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई है. ये बात सामने आते ही फोरम ऑफ प्रोग्रेसिव एकेडेमिया के बैनर तले देश भर के शिक्षाविद, कानूनविद, पत्रकार, समाजसेवी, पूर्व छात्र और शोध छात्र विरोध में उतर आए हैं. वो जिला और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विरोध जता रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस फैसले पर विरोध प्रकट किया है. उनका कहना है कि ये फैसला लोकतांत्रिक, सामाजिक न्याय और संवैधानिक नैतिकता के मूल्यों को कमजोर करता है. साथ ही वंचित समुदाय के लिए पीड़ादायक संदेश भी है. रामभद्राचार्य पर लगा रहे हैं गंभीर आरोप जगद्गुरु रामभद्राचार्य को दी जा रही डी. लिट की मानद उपाधि का विरोध करने वालों का तर्क है कि “रामभद्राचार्य विद्वान होने के साथ-साथ विवादास्पद भी हैं. उन्होंने कई बार अपने भाषण और वक्तव्यों में डाॅ. भीमराव अंबेडकर, बौद्ध धर्म और दलित समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की है. उनके बयान समाज में विभाजन पैदा करने वाले, जातिवादी और अपमानजनक होते हैं. ऐसे बयान हमारे संविधान के बंधुत्व, समानता और गरिमा के प्रतिकूल हैं.” सुप्रीम कोर्ट के वकील ने इस फैसले को बताया विवादास्पद इसके अलावा उनका कहना है कि “इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक डाॅ. हरीसिंह गौर प्रगतिशील सुधारक, विधि विशेषज्ञ और बौद्ध चेतना से युक्त व्यक्ति थे. जिन्होंने दलितों, महिलाओं और पिछड़ों के लिए संघर्ष किया और वैज्ञानिक सोच, लैंगिक समानता और सामाजिक उत्थान को अपने जीवन का आधार बनाया. ऐसे में यूनिवर्सिटी द्वारा ऐसे व्यक्ति को सम्मान देना, उनके मूल्यों के विपरीत, विडंबना पूर्ण और यूनिवर्सिटी की मूल आत्मा का अपमान है.” रामभद्राचार्य के बयानों को बताया नफरती इस फैसले के विरोध में उतरे लोगों का कहना है कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य को मानद उपाधि देना छात्रों, विद्वानों, दलित संगठनों, समाजिक समूहों के साथ देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में गहरे आक्रोश को जन्म देने वाला है. चारों तरफ प्रदर्शन, याचिकाएं और सार्वजनिक बयान जारी किए गए हैं, जो बताते हैं कि ये मानद उपाधि जातिगत पूर्वाग्रह और सामाजिक विभाग को वैधता प्रदान करती है. उनका कहना है कि मानद उपाधियां ऐसे लोगों को दी जाती है जो ज्ञान, सेवा, मानव अधिकार और समावेशी प्रगति जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे व्यक्ति को सम्मान देना जिनके जातिवादी वक्तव्य सार्वजनिक हैं. विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा को नुकसान पहुंचाता है. यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी विरोध में उतरे गौर यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर, शोध छात्र और छात्र इस फैसले के विरोध में हैं. यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर यूनिवर्सिटी की आचार संहिता का हवाला देते हुए नाम न छापने की शर्त पर ईटीवी भारत से कहते हैं कि “फोरम ऑफ प्रोग्रेसिव एकेडेमिया द्वारा शुरू की गई राष्ट्रव्यापी विरोध मुहिम को मैं एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और डॉ. गौर के बौद्धिक उत्तराधिकारी के नाते पूरी प्रबलता के साथ समर्थन करता हूं. यह निर्णय न केवल चिंताजनक है बल्कि शर्मनाक भी है. इसके पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन की बौद्धिक दिवालियापन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है.” उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि • इस निर्णय को अविलंब निरस्त किया जाए. • एक स्वतंत्र समिति द्वारा इस निर्णय की समीक्षा की जाए. • भविष्य में मानद उपाधि प्रदान करने के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और मूल्यों-आधारित नीति बनाई जाए. उन्होंने कहा, “यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो हम इस विरोध को राष्ट्रव्यापी अकादमिक असहयोग आंदोलन तक ले जाने के लिए बाध्य होंगे. विश्वविद्यालयों को प्रतिगामी विचारधाराओं के प्रचारक नहीं बल्कि वैज्ञानिक, समावेशी और प्रगतिशील चेतना के केंद्र बनाना हमारी ऐतिहासिक जिम्मेदारी है.”

‘जख्मी’ धोनी ब्रिगेड को चाहिए बदला, माही से आगे विराट कोहली, RCB vs CSK में किसका पलड़ा भारी?

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2025 का 52वां मुकाबला आज खेला जाएगा। दोनों टीमें शाम साढ़े सात बजे से बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। आरसीबी 10 मैचों में से सात जीतकर प्लेऑफ की दहलीज पर है। आरसीबी के खाते में 14 अंक हैं। वहीं, पांच बार की चैंपियन सीएसकी की हालत खस्ता है। उसने 10 मैचों से केवल दो जीते हैं। सीएसके महज 4 अकों के साथ तालिका में दसवें पायदान पर है और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है। जानिए, आरसीबी वर्सेस सीएसके हेड-टू-हेड रिकॉर्ड। चेन्नई को चाहिए 50 वाला बदला आरसीबी और सीएसके की मौजूदा सीजन में दूसरी बार भिड़ंत होगी। दोनों की जब 28 मार्च को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में टक्कर हुई थी, तब आरसीबी ने 50 रनों से विजय परचम फहराया था। आरसीबी को चेपॉक के ‘अभेद्य किले’ में 17 साल बाद जीत नसीब हुई थी। ‘जख्मी’ धोनी ब्रिगेड शनिवार को आरसीबी के घर में बदला लेने की फिराक में होगी। दोनों ने आईपीएल में आपस में कुल 35 मैच खेले हैं। इस दौरान सीएसके का पलड़ा भारी रहा। चेन्नई ने 21 बार बेंगलुरु को धूल चटाई। आरसीबी को सीएसक के सामने केवल 12 मर्तबा जीत मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। RCB के घर में CSK का रिकॉर्ड चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी और सीएसके में कड़ी टक्कर रही है। चेन्नई और बेंगलुरु ने अब तक यहां 11 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से पांच-पांच अपने नाम किए। एक मैच का नतीजा नहीं निकला। दूसरी ओर, चिन्नास्वामी में आरसीबी के आईपीएल रिकॉर्ड की बात करें तो यहां उसने 95 मैच खेले हैं। आरसीबी ने 44 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि 46 में हार का मुंह देखा है। एक मैच टाई हुआ और चार मुकाबले बेनतीजा रहे। उच्चतम स्कोर 287/3 है, जो एसआरएच ने आईपीएल 2024 में आरसीबी के विरुद्ध खड़ा किया। लोएस्ट स्कोर 82/10 है, जो आरसीबी ने 2008 में केकेआर के सामने बनाया। एमएस धोनी से आगे विराट कोहली आरसीबी वर्सेस सीएसके आईपीएल मैचों सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 34 मैचों में 36.60 की औसत से 1098 रन बनाए हैं। लिस्ट में दूसरे नंबर पर सीएसके कैप्टन धोनी हैं, जिनके बल्ले से 31 मुकाबलो में 806 रन निकले। उनका औसत 40.30 का है। सर्वाधिक विकेट का रिकॉर्ड चेन्नई के रविंद्र जडेजा के नाम है, जिन्होंने 21 मैचों में 18 शिकार किए। सीएसके के पूर्व ऑलराउंर ड्वेन ब्रावो ने 17 मुकाबलों में 17 विकेट हासिल किए।

भोपाल दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी फरहान का का शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की थी कोशिश, पुलिस ने पैर में मारी गोली

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप, ब्लैकमेलिंग और ‘लव जिहाद’ के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी फरहान का शॉर्ट एनकाउंटर हो गया है. दरअसल, आरोपी फरहान ने पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश की, इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई. गोली लगने के बाद फरहान को हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि लव जिहाद मामले में कुल 5 FIR हुई हैं, जिसमें लगभग सभी FIR में फरहान ही आरोपी है. भोपाल ज़ोन-1 की डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फरहान को सबूत जुटाने के लिए अशोका गार्डन पुलिस स्टेशन की एक टीम बिलकिसगंज गांव लेकर जा रही थी. रास्ते में फरहान ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और मौके का फायदा उठाकर सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनने की कोशिश की. इसी दौरान छीना-झपटी में पुलिस की पिस्तौल से गोली चल गई, जो फरहान के पैर में लगी. घायल फरहान को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे की ये घटना है. उन्होंने कहा कि जब फरहान रातीबड़ इलाके में टॉयलेट के लिए पुलिस की गाड़ी से उतरा तो एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल भी उसके साथ नीचे उतरे. इसी दौरान फरहान ने एसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया. झूमाझटकी में गोली फरहान के दाएं पैर में लग गई. इस घटना को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने X पर लिखा कि ‘एक जिहादी का शॉर्ट एनकाउंटर…’ शातिर आरोपी ऐसे फंसाते थे हिंदू लड़कियों को पुलिस पूछताछ में आरोपी फरहान ने कहा था कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उसने ‘सवाब’ का काम किया है. रिमांड अवधि के दौरान फरहान से पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने कॉलेज में हमउम्र मुस्लिम लड़कों का एक गिरोह बनाया था, जो केवल हिंदू लड़कियों से ही दोस्ती और प्रेम संबंध बनाते थे. गिरोह में यह सख्त नियम था कि कोई भी मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम संबंध नहीं बनाएगा. एक बार हिंदू लड़की से प्रेम संबंध स्थापित हो जाने के बाद, उसे हुक्का लाउंज, पब या गिरोह के सदस्यों के किराए के कमरों में ले जाया जाता था. वहां नशे की हालत में उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था और इसका वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए अन्य युवतियों से दोस्ती करने का दबाव बनाया जाता था. छठे आरोपित तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस टीआईटी कालेज से जुड़े गिरोह के साहिल सहित उसके पांच साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक आरोपित अबरार फरार है। पुलिस का कहना है कि अबरार की भी लोकेशन मिल चुकी है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। इस मामले में तीन थानों में पांच एफआईआर दर्ज हैं। टूटेगा आरोपितों का अड्डा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में आरोपित युवक टीआईटी कालेज की छात्राओं को कालेज के पास स्थित एक क्लब-रेस्टोरेंट पर लेकर जाते थे। क्लब में कई कमरे मिले हैं। बताया जा रहा है इन्हीं कमरों में पीड़िताओं से दुष्कर्म कर वीडियो बनाए गए हैं। यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपित फरहान को मौके पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन करवाया था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि क्लब की जांच की जा रही है। यदि क्लब संचालक का कोई दोष पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी और पुलिस की संस्तुति पर प्रशासन द्वारा क्लब को तोड़ा जाएगा। डांस स्टूडियो की आड़ में देह व्यापार चला रहा था साहिल     हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में सक्रिय गिरोह बड़े शातिर ढंग से वारदात को अंजाम दे रहा था। छात्राओं को इस दलदल में फंसाने के लिए हर आरोपित की भूमिका तय थी।     अब सामने आया है कि अशोका गार्डन क्षेत्र में डांस स्टूडियो चलाने वाला साहिल खान दरअसल इसकी आड़ में देह व्यापार करा रहा था।     पुलिस को दिए बयान में साहिल और फरहान के झांसे में आई कई पीड़िताओं ने यह जानकारी दी है।     पुलिस सूत्रों के मुताबिक साहिल पिछले करीब दो साल से डांस क्लास संचालित कर रहा था।     वहां आने वाली युवतियों को वह रुपयों का लालच देकर या फिर ब्लैकमेल कर देह व्यापार के धकेलता था।     वह शहर के आसपास फार्म हाउस में होने वाली पार्टियों में भी इन युवतियों को भेजता था।     आरोपित डांस स्टूडियो में आने वाली हिंदू युवतियों की दोस्ती भी अपने दूसरे दोस्तों से करवाता था।     उनकी पूरी कोशिश होती थी कि वहां पहुंची हिंदू लड़की किसी न किसी के झांसे में आ जाए।     एक बार ऐसा हुआ तो आरोपित वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे।     पीड़िताओं के इस सनसनीखेज दावे के बाद पुलिस एक बार फिर आरोपित साहिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि देह व्यापार के पूरे प्रकरण का भांडाफोड़ किया जा सके।      

भोपाल समेत 40 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, अगले 5 दिन का जानें हाल, IMD ने दी ये चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखा गया. प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है. वहीं अगले 5 दिन तक प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर देखा जा सकता है. शहडोल, मैहर, सिवनी, डिंडोरी, मंडला, उमरिया और कटनी में गिट्टी के आकार के ओले गिरे, तो वहीं उज्जैन, आगर और राजगढ़ जिले में धूल भरी आंधी चली. भिंड में 55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली है. भोपाल समेत जिलों में ऐसा रहा मौसम साथ ही नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, देवास, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मैहर, रीवा, पन्ना, उज्जैन, विदिशा, भिंड, मुरैना और ग्वालियर जैसे जिलों में बारिश हुई. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने के साथ ही अधिकांश जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में मौसम के तेवर शुक्रवार दिन में भी गरम रहे. भोपाल में दिन का पारा 41.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि बीते दिनों की अपेक्षा 0.9 डिग्री कम रहा. सुबह से तेज धूप के साथ ही पारा लगातार चढ़ता नजर आया. वहीं, रात के तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. धूल भरी आंधी चली मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के 15 जिलों में धूल भरी आंधी चली. वहीं, जबलपुर में 65 किमी/घंटा की रफ्तार से दवाओं का दौर देखा गया. शहडोल, उमरिया, जबलपुर और डिंडोरी जैसे जिलों में ओलावृष्टि का दौर भी देखा गया. प्रदेश में इन दोनों 2 से 3 सिस्टम सक्रिय बने हुए हैं, जिसमें वेस्टर्न डिस्टरबेंस जो कि इन दिनों पंजाब और राजस्थान संभाग के जिलों में सक्रिय है. इसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है. कई जिलों में हुई बारिश वहीं, दूसरी और शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का दौर देखा गया. इसमें सबसे अधिक बारिश मंडला जिले के गोगरी में 45 मिमी हुई. इसके अलावा कटनी के बिलहारी में 44 मिमी, डिंडोरी के मेहरबानी में 25.4 मिमी, शहडोल के बुढार में 25 मिमी और डिंडोरी के अमरपुर में 23 मिमी बारिश हुई. कई जिला में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से शनिवार के लिए प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुरना, विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में वज्रपात, तेज हवा, ओलावृष्टि और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, सागर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी है रतलाम में पारा 43 डिग्री पहुंचा पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा नरसिंहपुर में 43.6 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री, खरगोन में 43 डिग्री और धार में 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो अमरकंटक (अनूपपुर) में पारा सबसे कम में 17.1डिग्री दर्ज किया गया. वहीं मंडला में 18.2 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 18.6 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 19.4 डिग्री और उमरिया में 19.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. भोपाल में पारा 41 पार प्रदेश के पांच बड़े शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो रविवार को भोपाल का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यहां पारा 41.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा उज्जैन का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, इंदौर का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम?     3 मई 2025: 40 जिलों में बारिश और आंधी का असर रहेगा, कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं।     4 मई 2025: सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की आशंका। अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश संभावित है।     5 मई 2025: राजधानी भोपाल समेत लगभग पूरे प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।     6 मई 2025: इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ सहित कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कहां-कहां रहा गर्मी का असर? प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। रतलाम में तापमान 44.2 डिग्री, खंडवा और खरगोन में 43 डिग्री के पार पहुंच गया। इंदौर में 41.4 डिग्री और भोपाल में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक का बयान मौसम विभाग की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, “राज्य में सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह परिवर्तन हो रहा है। यह स्थिति 6 मई तक बनी रह सकती है।”

पिपरिया के 15 किसानों ने खेतों में नरवाई जलाई, प्रशासन ने सख्त,लगाया जुर्माना, दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

उमरिया जिले के मानपुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरिया के 15 किसानों द्वारा खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाने के साथ ही अब दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकरण में जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को पहले ही आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया था, जिसके बाद अब प्रशासन एफआईआर की कार्रवाई की ओर बढ़ गया है। शुक्रवार को तहसीलदार बरबसपुर सर्किल ने कोतवाली थाना उमरिया को पत्र सौंपते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 2023 की 223 के अंतर्गत दोषी किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आवेदन प्रस्तुत किया। जारी पत्र में सभी 15 किसानों के नाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं, जिनके विरुद्ध यह कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। बताया जा रहा है कि यह कदम किसानों को भविष्य में इस प्रकार के पर्यावरण विरोधी कृत्य से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि खेतों में नरवाई जलाने से वातावरण में अत्यधिक प्रदूषण फैलता है, जिससे न केवल हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। इसके साथ ही भूमि की उर्वरता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। शासन द्वारा लगातार नरवाई न जलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके कई क्षेत्रों में किसान इस निर्देश की अनदेखी कर रहे हैं। इस बीच, बांधवगढ़ तहसील के ग्राम महरोई में भी नरवाई जलाने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तीन किसानों पर कुल साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा शुक्रवार की शाम जारी आदेश के अनुसार इन किसानों में केशरी पिता जग्गू लोहार, टीकाराम पिता कामता विश्वकर्मा और पुरुषोत्तम पिता उदयभान राठौर शामिल हैं। सभी पर ₹2500-₹2500 का आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी हड़कंप की स्थिति है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई आगे चलकर एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी, जिससे अन्य किसान पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे। जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि किसान नरवाई जलाने से बचें और वैकल्पिक उपायों को अपनाएं, जिससे खेत की उपजाऊ क्षमता बनी रहे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।  

इंदौर : बायपास पर प्लास्टिक दाने से भरा ट्राला पलटा, ट्राले ने पहले एक बाइक सवार को चपेट में लिया

इंदौर  बायपास पर शुक्रवार शाम प्लास्टिक दाने से भरा ट्राला पलट गया।अनियंत्रित ट्राले ने पहले एक बाइक सवार को चपेट में लिया। इसके बाद डिवाइडर लांघते हुए दूसरी लेन में चल रही कार पर पलट गया।कार में महू से कान्ट्रेक्टर विजय अग्रवाल का परिवार था। हादसे में विजय की 55 वर्षीय पत्नी शीतल की मौत हो गई।     कनाड़िया टीआई सहर्ष यादव के मुताबिक घटना शाम करीब सवा सात बजे की है। ट्राला(एनएल 01एएफ 5274)तेजाजी नगर से देवास की ओर जा रहा था।    यूनो पार्क के सामने ट्राला ने एक बाइक सवार को टक्कर मारी और घसीटते हुए 20 फीट ले गया।    रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि ट्राला 15 फीट चौड़ा डिवाइडर लांघ गया और दूसरी लेन में चल रही कार(एमपी 09एसजे 0999) पर पलट गया।     कार माणक चौक महू निवासी 23 वर्षीय संस्कार अग्रवाल चला रहा था। उसकी मां शीतल अग्रवाल और बहन कार में बैठी थी। कार चकनाचूर हो गई और तीनों उसमें ही दबे रह गए। पुलिस ने क्रेन और ट्रक चालकों की मदद से कार के सब्बल से दरवाजे व कांच तोड़ कर तीनों को बाहर निकाला।रात में शीतल की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। संस्कार बीकाॅम का छात्र है।     उसके पिता विजय अग्रवाल मिलेट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस कान्ट्रैक्टर हैं। संस्कार और उसकी मां व बहन माल से खरीदी कर घर जा रहे थे।बाइक सवार को बीस फीट तक घसीटा, तिरपाल में लपेटना पड़ा शव कनाड़िया बायपास हुए हादसे को देखकर लोग दंग रह गए।     टक्कर मारने के बाद भी ट्राला नहीं रुका। बाइक चालक बाइक सहित पहियों के बीच में फंस गया।  ट्राला उसको 20 फीट दूर तक घसीटते हुए ले गया। आखिर में डिवाइडर कूद गया और कार पर पलटी खा गया। गनीमत रही कार ट्राला और उसके कैबिन के बीच के हिस्से में दबी।     एसीपी कुंदन मंडलोई के मुताबिक मिलेट्री इंजीनियर सर्विस कान्ट्रैक्टर विजय अग्रवाल और उनका परिवार बाहर जाने की तैयारी कर रहा था। उनका बेटा संस्कार अपनी मां शीतल और बहन के साथ माल में खरीदी करने आया था।  घटना से कुछ देर पूर्व ही उन्होंने विजय को काॅल कर बताया था कि वो रवाना हो गए हैं।यूनो माल के सामने पहुंचे ही थे कि ट्राला के नीचे दब गए।  राहगीर अर्पित के मुताबिक ट्राॅले ने बाइक को टक्कर मारी तब एक कार चपेट में आने से बच गई।     उसमें भी परिवार बैठा था। ट्राला लहराते हुए चल रहा था। बाइक उसके बीच में फंस गई थी। चालक नियंत्रित नहीं कर सका और उसने दाईं तरफ मौड़ा। तेज रफ्तार होने के कारण ट्राला डिवाइडर पर चढ़ा और दूसरी लेन में आ गया। सामने से संस्कार की कार आई और कैबिन और ट्राला के हिस्से में दब गई। ट्रक चालकों से सब्बल मांगे,रस्से से खींचकर निकाला। ट्राला चालक मौके से भाग चुका था।     कार में तीन लोग दबे हुए थे।लोगों को रोका और मदद मांगी। ट्रक चालकों से सब्बल लेकर कार के दरवाजे तोड़े। रस्से से दरवाजों को खींचा। संस्कार,शीतल और आस्था बुरी तरह फंसी हुई थी। उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करना पड़ी।     सड़क पर डीजल फैल चुका था। आग लगने का डर सता रहा था। ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम को सूचना दी।     कुछ देर बाद क्रेन भी पहुंच गई। करीब 45 मिनट बाद तीनों को बाहर निकाल लिया। महिलाओं के वस्त्र फट चुके थे। आस्था मां का पूछ रही थी। उसने मेरा हाथ कसकर पकड़ रखा था। मैंने बताया मां और भाई ठीक है। संस्कार के पैर और हाथ में फ्रेक्चर थे। हाथ लगाते ही चीख पड़ता था। कनाड़िया टीआइ सहर्ष यादव ने बताया बड़ी मुश्किल से उसे एम्बुलेंस ले पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक ट्राला में प्लास्टिक दाना भरा हुआ था। क्रेन लगाकर पूरा ट्राला खाली किया तो एक शव निकाला। शव को समेट कर तिरपाल में भरना पड़ा। उसकी पहचान नहीं हुई है। लोगों ने बताया ट्राला में क्लीनर भी था। उसका अभी तक पता नहीं चला है। हादसे के बाद बायपास पर दो किमी तक जाम लग गया।  सैंकड़ों ट्रक,कार और दो पहिया वाहन फंस गए। ट्राला हटाने के लिए चार क्रेन और भारी वाहन लगाने पड़े।  

सतना में शॉर्ट एनकाउंटर, बदमाश आदर्श के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल पर थाने में किया था हमला

सतना  सतना जिले के जैतवारा थाना परिसर के अंदर बैरक में प्रधान आरक्षक को गोली मारने वाले आरोपित आदर्श उर्फ अच्छू शर्मा को शुक्रवार-शनिवार की रात टिकुरी-आ कौन मार्ग पर ईट-भट्टा के पास घेराबंदी करते हुए पकड़ लिया है। घेराबंदी के दौरान आरोपित अच्छू ने पुलिस पर गोली चलाई, जो कोटर थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा को लगी। हालांकि बुलेट प्रूफ जैकेट ने उन्हें बचा लिया। जबकि जवाबी करवाई में आरोपित आदर्श उर्फ अच्छू के पाव में गोली लगी है। घायल अच्छू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता भी रात में ही जिला अस्पताल पहुंचे। आनन फानन में पहुंचाया जिला चिकित्सालय आरोपी अच्छू के पैर में गोली लगते ही उसे पकड़ कर पुलिस सीधे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंची। जहां उसका इलाज प्रारंभ कर दिया गया है। अब उसकी हालत स्थिर बताई गई है। दूसरी ओर थाना प्रभारी कोटर दिलीप मिश्रा का भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इस दौरान सीएसपी महेन्द्र सिंह, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी व अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे। दो ओर से घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी के ईंट भट्ठे के पास छुपा हुआ है। जिस पर दो टीम बनाकर उसकी दो ओर से घेराबंदी की गई। एक तरफ से थाना प्रभारी कोटर दिलीप मिश्रा अपनी टीम के साथ थे तो दूसरी ओर से रामपुर थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने अपने दल के साथ घेराबंदी की। रात ढाई बजे शॉर्ट एनकाउंटर जानकारी के अनुसार अच्छू की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग लोकेशन पर दस पुलिस पार्टियां सर्चिंग में लगाई गई थीं। लगभग ढाई बजे टिकुरी अकौना मार्ग के पास सर्चिंग कर रही पुलिस पार्टी को आरोपी के यहीं कहीं छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस बल सतर्क होकर अच्छू की सर्चिंग में जुट गया। आरोपी सिरफिरा होने से पूरी सुरक्षा के साथ दल आगे बढ़ रहा था तभी ईंट भट्ठे के पास कुछ हरकत समझ में आई। चारों ओर से इस स्थल को घेरा गया। तभी अचानक अच्छू सामने आया और पुलिस पार्टी पर गोली चला दी। गोली एसएचओ कोटर दिलीप मिश्रा की ओर दागी गई, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से वे बाल-बाल बच गए। खुद पर हमला होता देख एसएचओ ने भी फायर खोल दिया। गोली अच्छू के पांव पर लगी और वह वहीं गिर गया। उसके गिरते ही वहां मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने भाग कर उसे काबू में किया। दहशत के साथ अपराध में नाम कमाने की मंशा अच्छू गौतम पर दहशत फैलाने की सनक थी। इसी सनक में अपराध भी करता रहा है। कुछ महीने पहले इसने बदखर स्थित खत्री पेट्रोल पंप में पहुंच कर दहशत का तांडव खड़ा कर दिया था। यहां हाथ में सिगरेट सुलगा कर पंप के नोजल से सैकड़ों लीटर पेट्रोल फर्श पर बहा दिया। पेट्रोल फैलाने के दौरान लगातार वह सिगरेट पी रहा था। नशे का आदी हो चुका अच्छू को अपने घर परिवार की भी फिक्र नहीं थी। नशे की हालत में उसने अपनी दादी के घर में आग लगा दी। पूरा सामान जला गया और डर कर दादी घर छोड़ कर अन्यत्र चली गई। पुलिस कर्मी पर भी हमला उसने इसी सनक में तब किया था जब उससे जब्त की गई बाईक के चोरी के होने के संदेह पर थाने बुलाया गया था। तभी वह थाने पहुंचा था और प्रधान आरक्षक पर गोली चला दी थी। जानें क्या है पूरा मामला 28 अप्रैल को आरोपी अच्छू ने जैतवारा थाना परिसर में हेड कांस्टेबल प्रिंस गर्ग को गोली मारी थी. गोली उनके कंधे में ली. इसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गया था. फायरिंग की आवाज सुनते ही थाने का स्टाफ बाहर निकला. फिर घायल घायल कांस्टेबल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. इसके बाद आईटी ने आरोपी अच्छू की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया था. बताया जाता है कि बाइक चोरी के एक मामले में आरोपी अच्छू को थाने बुलाया गया था. इसी बात से वो काफी नाराज था. कौन है आदर्श उर्फ अच्छूं गौतम हेड कांस्टेबल पर फायरिंग की घटना के बाद आरोपी अच्छू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इस वीडियो में आरोपी पेट्रोल पंप पर जलती सिगरेट के साथ नोजल से पेट्रोल बहाता नजर आ रहा है. दशत इतनी थी कि पेट्रोल पंप के कर्मचारी डर के मारे दूर ही खड़े थे. बताया जाता है कि अच्छू को दहशत फैलानी की सनक थी. उसने नशे की हालत में अपनी दादी के घर आग लगा दी थी.

गोवा : लइराई देवी मंदिर में मची भगदड़, 7 की मौत, 40 से ज्यादा घायल, CM प्रमोद सावंत ने लिया हालात का जायजा

पणजी  गोवा के प्रसिद्ध लइराई देवी मंदिर में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब पारंपरिक ‘शिरगांव जात्रा’ के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। भगदड़ में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। नॉर्थ गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि भगदड़ के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि हर साल की तरह इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालु ‘शिरगांव जात्रा’ में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत खुद मौके पर पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। बता दें कि गोवा के श्रीगांव को लेकर कई कहनियां प्रचलित हैं। लइराई देवी का मंदिर होने की वजह से यहां पर शराब और अंडा तक प्रतिबंधित है। कोई किसी जानवर की हत्या नहीं कर सकता। इस गांव में घोड़े भी प्रवेश नहीं कर सकते। बड़ी संख्या में लोग लइराई देवी के दर्शन करने पहुंचते हैं। लइराई देवी की पूजा मुख्य रूप से गोवा में की जाती है। यहां हर साल आयोजित होने वाले जात्रा को को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह जात्रा चैत्र मास में कई दिनों तक चलती है। इसमें लोग दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। भक्त एक पवित्र झील में स्नान करते हैं। इससे पहले लोग व्रत और पूजा करते हैं। मंदिर से देवी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। शिरगांव और लइराई देवी की मान्यता – लइराई देवी का मंदिर गोवा के श्रीगांव में स्थित है, जो अपनी पवित्रता और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां शराब, अंडा और किसी भी जानवर की हत्या पर सख्त प्रतिबंध है। यहां तक कि घोड़ों का प्रवेश भी निषिद्ध है। ‘शिरगांव जात्रा’ चैत्र मास में आयोजित होती है और यह कई दिनों तक चलती है। इस आयोजन में श्रद्धालु दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं और एक पवित्र झील में स्नान करते हैं। इस दौरान व्रत, पूजा और देवी की भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाती है।

सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिले की सूची से बालाघाट हुआ बाहर, अब देश मे केवल 6 ज़िलें सर्वाधिक नक्सल प्रभावित

बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ताजा समीक्षा में बालाघाट जिले को बड़ी राहत मिली है। एक समय देश के 12 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल रहा बालाघाट अब इस सूची से बाहर हो चुका है। हालांकि, जिले को अभी ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि यहां अभी भी सतर्कता की जरूरत है, लेकिन हालात पहले से काफी सुधरे हैं। इस बदलाव की पुष्टि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने की है। एसपी ने दी जानकारी एसपी के मुताबिक, बीते वर्षों में सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई और निरंतर प्रयासों के चलते जिले में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। नक्सलियों के कई मंसूबों को सुरक्षा बलों ने विफल किया है और अब जिले में नक्सलियों का दबदबा पहले जैसा नहीं रहा। गृह मंत्रालय की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि अब देश में 58 की बजाय केवल 38 जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। इनमें भी अब केवल 6 जिले ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी की श्रेणी में ये जिले मध्य प्रदेश के अन्य दो जिले मंडला और डिंडोरी, जहां पहले नक्सल प्रभाव दर्ज किया गया था, उन्हें अब ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी’ की श्रेणी में रखा गया है। यह श्रेणी उन क्षेत्रों के लिए बनाई गई है जहां पहले नक्सलियों की सक्रियता रही है लेकिन वर्तमान में हालात काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं। इन दोनों जिलों को अब निरंतर निगरानी के साथ विकास की मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। पांच साल में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का यह सकारात्मक परिणाम है। बालाघाट पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कैंप स्थापित किए। नक्सल उन्मूलन अभियान चलाए। साथ ही क्षेत्र में सरकारी योजनाओं से विकास कार्य भी हुए। पहले देश में 58 नक्सल प्रभावित जिले थे, जिनमें 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट भी शामिल था। अब यह संख्या घटकर 38 रह गई है। इनमें केवल 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित श्रेणी में हैं। 2020 से फरवरी 2025 के बीच बालाघाट पुलिस ने कई एनकाउंटर में करोड़ों रुपए के इनामी नक्सलियों को मार गिराया। इससे जिले के जंगलों को सुरक्षित आश्रय मानने वाले नक्सलियों में पुलिस का खौफ है। कोर जोन में अब केवल एक दलम सक्रिय है। एसपी नगेन्द्र सिंह के अनुसार, श्रेणी में बदलाव के बावजूद नक्सल उन्मूलन के लिए मिली सुरक्षा कंपनियों के बलों में कोई कमी नहीं होगी। पुलिस का लक्ष्य मार्च 2026 तक जिले से नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि इस क्षेत्र के लोग मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जिले में नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले तीन दलम थे, अब एक दलम रह गया है, जिसमें 8 से 10 नक्सली हैं, जिसे लेकर हम निरंतर प्रभाव बनाए हुए हैं। मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील है कि वह प्रदेश की आत्मसमर्पण नीति के तहत, आत्मसमर्पण करें और मुख्य धारा से जुड़ें और यदि वे नहीं आएंगे तो कार्रवाई जारी रहेगी। नक्सल प्रभाव वाले जिलों में गिरावट गृह मंत्रालय की रिपोर्ट यह भी बताती है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर अपनाई गई रणनीति, जिसमें सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों और स्थानीय संवाद शामिल हैं, वास्तव में प्रभावशाली रही है। देशभर में नक्सल प्रभाव वाले जिलों की संख्या 58 से घटकर 38 हो गई है, जो नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि भले ही बालाघाट अब सर्वाधिक प्रभावित जिलों की सूची से बाहर हो गया है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेंगी। उनका कहना है कि नक्सलवाद को जिले से पूरी तरह समाप्त करने का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में बालाघाट को किसी भी नक्सली श्रेणी से बाहर करने का लक्ष्य है।

इरादा एक जैसा तो गैंगरेप में सभी बराबर के दोषी… सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गैंगरेप में किसी एक के भी सेक्सुअल एक्ट (penetrative act) पर सभी को दोषी माना जाएगा, अगर उन्होंने एक मंशा से अपराध को अंजाम दिया। कोर्ट ने गैंगरेप के दोषियों की सजा को बरकरार रखा। अभियोजन पक्ष को यह साबित करना जरूरी नहीं कि हर आरोपी ने पेनेट्रेटिव एक्ट किया। भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(g) के तहत अगर गैंगरेप का मामला है, तो एक के भी कृत्य पर सभी को दोषी ठहराया जा सकता है, अगर उन्होंने कॉमन इन्टेंशन के तहत काम किया हो। यह साझा मंशा इस धारा में अंतर्निहित है। सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका इस मामले में अभियोजन पक्ष ने यह आरोप लगाया था कि उन्होंने पीड़िता का अपहरण कर उसे अवैध रूप से बंधक बनाया और उसका रेप किया। याची ने दलील दी कि उन्होंने खुद कोई सेक्सुअल एक्ट नहीं किया, इसलिए उन्हें गैंगरेप का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, ट्रायल कोर्ट और फिर हाई कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की दलील को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विश्वनाथन के लिखित फैसले में कहा गया कि घटनाक्रम से स्पष्ट है कि पीड़िता का अपहरण, उसे गलत तरीके से कैद करना और उसका बयान कि उसके साथ यौन हमला किया गया, ये सभी फैक्ट धारा 376(2)(g) के तत्वों को साफ सिद्ध करते हैं। क्या था मामला? घटना जून 2004 की है, जब पीड़िता एक विवाह समारोह से लौट रही थी। तभी उसका अपहरण कर लिया गया और उसे कई स्थानों पर अवैध रूप से रखा गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि जलंधर कोल और अपीलकर्ता राजू नाम के दो लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। सरकारी वकील ने 13 गवाह पेश किए, जिनमें पीड़िता, उसके पिता और जांच अधिकारी शामिल थे। ट्रायल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को गैंगरेप, अपहरण और अवैध बंदीकरण के आरोप में दोषी ठहराया। राजू को आजीवन कारावास और जलंधर कोल को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद राजू सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जलंधर कोल ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में केवल जलंधर कोल द्वारा बलात्कार का उल्लेख होने के बावजूद, पीड़िता ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि राजू ने भी बलात्कार किया था। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही यह मान लिया जाए कि राजू ने बलात्कार नहीं किया, तब भी वह सामूहिक बलात्कार के लिए दोषी होगा यदि उसने साझा मंशा के तहत अन्य आरोपी के साथ कार्य किया हो। कोर्ट ने प्रमोद महतो बनाम बिहार राज्य (1989) के मामले का हवाला देते हुए कहा कि “ऐसे मामलों में यह आवश्यक नहीं कि प्रत्येक आरोपी द्वारा बलात्कार के पूर्ण कृत्य का स्पष्ट प्रमाण हो। यदि उन्होंने एकसाथ कार्य किया हो और पीड़िता के साथ दुष्कर्म की मंशा में सहभागी हों, तो सभी दोषी होंगे।” SC/ST एक्ट से राहत, लेकिन IPC धाराएं बरकरार हालांकि, कोर्ट ने राजू पर एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत दोषसिद्धि को रद्द कर दिया, क्योंकि यह साबित नहीं हो सका कि अपराध पीड़िता की जाति के आधार पर किया गया था। कोर्ट ने पाटन जमाल वली बनाम आंध्र प्रदेश राज्य के मामले का हवाला देते हुए कहा कि जाति और अपराध के बीच स्पष्ट कारण संबंध होना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़िता के प्रारंभिक बयान और बाद के बयान में कुछ अंतर होने के बावजूद उसकी समग्र गवाही विश्वसनीय है। पीठ ने कहा, “साक्ष्यों में छोटे-मोटे विरोधाभास उसकी विश्वसनीयता को कम नहीं करते। पीड़िता की गवाही में भरोसा किया जा सकता है, भले ही उसमें कोई प्रत्यक्ष समर्थन न हो।” “टू-फिंगर टेस्ट” को फिर बताया अमानवीय कोर्ट ने इस मामले में “टू-फिंगर टेस्ट” के उपयोग पर भी चिंता जताई और इसे एक बार फिर “अमानवीय और अपमानजनक” करार दिया। कोर्ट ने कहा, “किसी महिला का यौन इतिहास पूर्णतः अप्रासंगिक है… यह पितृसत्तात्मक और लिंगभेदी सोच है कि किसी यौन रूप से सक्रिय महिला की गवाही पर संदेह किया जाए।” हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने IPC की सभी धाराओं में दोषसिद्धि को बरकरार रखा, लेकिन सह-आरोपी जलंधर कोल को 10 साल की सजा मिलने के मद्देनजर, राजू की आजीवन कारावास की सजा को घटाकर 10 साल का कठोर कारावास कर दिया। 2004 का है मामला यह मामला मध्यप्रदेश के कटनी का है। एक लड़की 26 अप्रैल 2004 को एक शादी में गई थी, वहीं से उसे अगवा कर लिया गया था। इस मामले में दो को गिरफ्तार किया गया। सेशन कोर्ट ने दोनों के खिलाफ 25 मई 2005 को गैंग रेप और अन्य धाराओं में आरोप तय किए और बाद में दोनों को दोषी करार दिया गया। हाई कोर्ट ने दोनों की सजा कन्फर्म की और फिर मालमा सुप्रीम कोर्ट आया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88