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इंदौर एयरपोर्ट पर यात्रियो का आरोप फ्लाइट कैंसिल की नहीं मिली जानकारी, शारजहां जाने वाली थी फ्लाइट

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर की देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर फ्लाइट की टाइमिंग में बदलाव के बाद परेशान यात्रियों ने जमकर हंगामा किया. पैसेंजर्स ने आरोप लगाया कि उन्हें फ्लाइट कैंसिल होने की कोई भी जानकारी नहीं दी गई थी. दरअसल पूरा विवाद इंदौर से शारजहां जाने वाली फ्लाइट को लेकर हुआ. इंडिया की फ्लाइट को रात 10:10 पर इंदौर से टेक ऑफ होना थी. फिर रात 12:05 पर शारजाह एयरपोर्ट पर लैंडिंग का वक्त था. लोगों का कहना है कि सभी यात्रियों को एयरलाइन कंपनी की ओर से फ्लाइट रेडी होने का मैसेज भी आया था. इसके बाद जब यात्री एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें चेक इन काउंटर पर फ्लाइट को लेकर कोई जवाब नहीं मिला. एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा एयरपोर्ट पहुंचे कई यात्रियों का वीजा खत्म होने वाला था. तो वहीं कई यात्री अपने जरूरी काम से सफर कर रहे थे, लेकिन फ्लाइट टेक ऑफ ही नहीं हुई. इसके बाद लोगों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि 50 से अधिक यात्रियों को इंदौर एयरपोर्ट पर एंट्री मिल गई थी. तो वहीं दर्जनों यात्री ऐसे भी थे जिन्हें एयरपोर्ट पर एंट्री ही नहीं मिल पाई. यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट में मौजूद कोई भी जिम्मेदार शख्स ने फ्लाइट को लेकर कोई जवाब नहीं किया. किसी भी यात्री को फ्लाइट कैंसिल होने का मैसेज भी नहीं मिला था.  

इंदौर में दो दिन बारिश के साथ तेज हवा का अलर्ट

इंदौर पंजाब और उत्तर पश्चिमी राजस्थान में से बने चक्रवाती सिस्टम के इंदौर से होकर गुजरने से रविवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। मजबूत सिस्टम के कारण 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी दक्षिण पूर्वी हवाएं चली। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश में इंदौर में सबसे तेज हवा रविवार को दर्ज की गई। इसी के साथ यहां 69.8 मिली मीटर ( 2.72 इंच) बारिश दर्ज की गई। मई में 24 घंटे में होने वाली ये 100 साल में सबसे अधिक बारिश रही। इसके पहले इंदौर में 29 मई 1886 को 24 घंटे में 99.1 एमएम बारिश हुई थी।  मौसम विभाग के अनुसार, एक चक्रवातीय सिस्टम उत्तर प्रदेश से होते हुए तमिलनाडु तक बना हुआ है, जो मध्य प्रदेश से होकर गुजर रहा है। इस कारण से तेज हवा-आंधी, बारिश व ओला वृष्टि की स्थिति बन रही है। इंदौर में रविवार को 24 घंटे में होने वाली सर्वाधिक वर्षा भी दर्ज हुई। रविवार 3.30 बजे से बारिश के साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरना शुरू हो गए। लगभग आधा घंटे में ही हवा और आंधी तेज हुई व चक्रवात का रूप ले लिया। शाम 4 बजे के लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। एक घंटे की राहत के बाद 5 बजे फिर से मौसम बदला व पूर्वी-दक्षिण-पूर्वी हवा ने असर दिखाया। इस दौरान ओले भी गिरे। दो दिन बारिश के साथ तेज हवा का अलर्ट अचानक बदले मौसम से लोग घबरा गए। रास्ते से गुजरते लोगों को जहां जगह मिली, ओले से बचने के लिए खड़े हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक चक्रवातीय सिस्टम के असर से तेज हवा और बारिश की संभावना बनी रहेगी। शहर में अनेक स्थानों पर आंधी से पेड़ उखड़ गए तो कहीं-कहीं बड़ी शाखाएं टूट कर सड़क पर गिर गईं।

करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे लगी मुख्यमंत्री साय की चौपाल, ग्रामीणों से की बातचीत

सक्ती सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती जिले के ग्राम करिगांव का दौरा किया। अपनी सहज शैली में मुख्यमंत्री ने पीपल के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने शासकीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली, ग्रामीणों की समस्याएं, मांगें और शिकायतें सुनीं। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें नोनी मैया दाई मंदिर के सौंदर्यीकरण, नए ग्राम पंचायत भवन के निर्माण और पटवारी को सप्ताह में एक दिन गांव में बैठकर राजस्व मामलों के समाधान के निर्देश शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रही है। उनके साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव पी. दयानंद भी मौजूद थे। उन्होंने महतारी वंदन योजना, पीएम आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, पीडीएस और आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने गांव की आंगनबाड़ी और स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए उन्होंने कम पानी वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी। तालाब किनारे की जमीन से संबंधित शिकायत पर तत्काल कलेक्टर को नाप-जोख कर समाधान करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को कई आवेदन भी सौंपे। मुख्यमंत्री के अचानक दौरे से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर सरपंच कंचन मधुकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

देवास जिले के थानों की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए एक नवाचार किया, लगाए QR कोड

 देवास देवास जिले के थानों की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए एक नवाचार किया गया है। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने जिले के सभी 21 थानों के क्यूआर कोड तैयार कराए हैं। इन क्यूआर कोड को स्कैन कर आमजन पुलिस के संबंध में अपना फीडबैक दे सकेंगे। यह फीडबैक सीधे एसपी तक पहुंचेगा। आमजन बता सकेंगे कि थाने में आने के बाद उन्हें कैसा महसूस हुआ। जनता द्वारा दिए गए फीडबैक को भी थानों की मासिक रैंकिंग में शामिल किया जाएगा। प्रदेश में यह पहली बार है कि किसी जिले के हर थाने का क्यूआर कोड होगा। अलग थानों के लिए बनाए गए अलग QR कोड शनिवार को पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसपी गेहलोद ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को क्यूआर कोड वितरित किए। सभी थानों के अलग-अलग क्यूआर कोड बनाए गए हैं, जिन्हें थाने के मुख्य द्वार पर लगाया गया है। एसपी गेहलोद ने जानकारी दी, क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर एक गूगल फॉर्म खुलेगा। इसमें सबसे पहले संबंधित व्यक्ति को अपना नाम व नंबर और फिर फीडबैक दर्ज करना होगा। एसपी ने दिए निर्देश एसपी ने बताया कि ‘नाम व नंबर दर्ज करने के बाद इसमें पूछा जाएगा कि थाने पर आने के बाद संबंधित व्यक्ति का ओवरऑल अनुभव कैसा रहा। इसमें अलग-अलग ऑप्शन आएंगे जिसमें अच्छा, बहुत अच्छा, बुरा और बहुत बुरा शामिल रहेगा। यह भी दर्ज करना होगा कि वह थाने पर किससे मिले और किस काम से आए थे।जब संबंधित व्यक्ति फीडबैक भरकर सबमिट करेगा तो वह सीधे एसपी कार्यालय आएगा। यहां टीम तैनात रहेगी जो पूरा डेटा तैयार करेगी। फर्जी फीडबैक न भरवाए जाएं, इसलिए व्यक्ति से एसपी कार्यालय से कॉल कर जानकारी ली जाएगी।’ एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि ‘अगर बुरा या बहुत बुरा की बात दर्ज करता है तो कारण पूछा जाएगा। अगर फीडबैक में बात आती है कि पुलिसकर्मी ने गंभीर कदाचरण किया है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। मई माह के फीडबैक के आधार जून में हम थानों की रैंकिंग भी इसी आधार पर तय करेंगे। इसके बाद सभी एसडीओपी कार्यालय व एसपी ऑफिस पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे।’

सुशासन का अर्थ-सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान करना : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिले के करिगांव में अचानक पहुँचकर ग्रामवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लिमगांव की बजाय सीधे बन्दोरा गांव में उतरा, जिससे प्रशासनिक अमला कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ गया। प्रशासन पहले से ही लिमगांव में मुख्यमंत्री की अगवानी की तैयारी में जुटा था, परन्तु मुख्यमंत्री के करिगांव पहुँचने से पूरी व्यवस्थाएं तत्काल वहाँ स्थानांतरित करनी पड़ीं। करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर सहज वातावरण में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते रहे। ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत कमल का फूल भेंट कर किया। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ है सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान देना। प्रशासनिक व्यवस्था तभी सफल मानी जाती है जब अंतिम व्यक्ति की बात सीधे शासन तक पहुँचे।

वक्फ कानून : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अगली सुनवाई 15 मई को

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई 15 मई को न्यायमूर्ति बीआर गवई के समक्ष निर्धारित की है। बीआर गवई देश के अगले मुख्य न्यायधीश होंगे। ऐसे में याचिका अब उनके सामने ही रखी जाएगी। मौजूदा सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पिछली सुनवाई में अदालत ने कानून के दो मुख्य पहलुओं पर रोक लगा दी थी। 17 अप्रैल को सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार व जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ को केंद्र की ओर से आश्वासन दिया गया था कि वह 5 मई तक न तो वक्फ बाय यूजर समेत वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करेगा, न ही केंद्रीय वक्फ परिषद व बोर्डों में कोई नियुक्ति करेगा। केंद्र ने उसे सुने बिना कानून पर रोक न लगाने का आग्रह भी किया था। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 5 मई तय की थी।

आतंकियों का ठिकाना दिखाने ले जा रहे युवक ने क्यों लगाई नाले में छलांग? हुई मौत

श्रीनगर जम्मू- कश्मीर में पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल एक्शन में हैं। इसी बीच नदी के किनारे एक युवक की लाश मिले। इस लेकर सियासत शुरू हो गई। सुरक्षाबलों पर आरोप लगे, क्योंकि युवक को पूछताछ के लिए उठाया गया था। मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसने आरोपों को पलटकर रख दिया। इस वीडियो में दिख रहा है कि युवक खुद सुरक्षाबलों से बचकर भाग रहा है। वह नदी में छलांग लगा देता है और बह जाता है। युवक पर आतंकियों को शरण देने और उनकी मदद करने का आरोप था। फिलहाल मामले में न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। युवक की उम्र 23 साल थी और उसका नाम इम्तियाज अहमद मगरे थे। युवक को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद शुरू की गई थी। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तगंमार्ग का रहने वाला था इम्तियाज इम्तियाज अहमद मगरे नाम का यह युवक कुलगाम जिले के दमहाल हांजीपोरा इलाके के तंगमार्ग का रहने वाला था। वह दिहाड़ी मजदूर था। उसका शव रविवार की सुबह एक नदी में मिला। पुलिस का कहना है कि वह एक आतंकवादी ठिकाने का पता लगाने के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था, तभी डूब गया। वीडियो में क्या एक ऊंची जगह से बनाए गए वीडियो में 23 वर्षीय व्यक्ति इम्तियाज अहमद मगरे को वन क्षेत्र से कुछ समय के लिए बाहर निकलने के बाद अचानक चट्टानी नदी में कूदते हुए दिखाया गया है। इम्तियाज को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि उसने कुलगाम में तंगमार्ग के जंगल में छिपे आतंकवादियों को खाना और शेल्टर दिया था। आतंकियों के ठिकाने की थी इम्तियाज को जानकारी जम्मू- कश्मीर पुलिस का दावा है कि इम्तियाज मगरे को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। उसने दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस ने कहा कि सुबह जब CASO (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया, तो वह ड्रोन वीडियोग्राफी के माध्यम से कड़ी निगरानी में नदी के पास ठिकाने वाली जगह पर गया। इसके बाद, उसने विशव नाला में छलांग लगा दी। शायद उसने नदी के रास्ते भागने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है इन कारणों से वो कूदा होगा पहला- सुरक्षाबलों ने बचकर भागा कि कहीं वे ज्यादा सख्त पूछताछ ना करें. दूसरा- आतंकियों का ठिकाना दिखाने से उसका आतंक फैलाने का मकसद पूरा नहीं हो पाता तीसरा- आतंकियों का ठिकाना दिखाने के बाद आतंकियों से भी वह खतरा महसूस करता जंगल में आतंकियों का ठिकाना बताने जा रहा था मागरे पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि कुलगाम में ही एक जंगल में आतंकियों के छिपने का ठिकान है और 4 मई को सेना उसे हाइडआउट का रास्ता बताने के लिए अपने साथ ले जा रही थी. इसी बीच इम्तियाज ने नाले में कूदकर अपनी जान दे दी और ये पूरी घटना कैमरा में कैप्चर हो गई क्योंकि सेना के जवान ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे थे. इस मामले को लेकर इम्तियाज के घरवाले सेना और पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वो किस तरह से कूदा और उसकी मौत हो गई.  पुलिस का दावा X पर लीक हुए एक 38 सेकंड के वीडियो में मगरे को नदी के किनारे की ओर बढ़ते हुए, फिर दौड़ते हुए और तेज बहते पानी में कूदते हुए दिखाया गया है। पुलिस ने कहा कि इम्तियाज को 23 अप्रैल को तंगमार्ग जंगल में सुरक्षा बलों के ध्वस्त किए गए एक पुराने ठिकाने के बारे में भी पता था। जम्मू-कश्मीर में सियासत हालांकि इम्तियाज की मौत के मामले में सियासत गरमा गई है। पॉपुलर डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और पूर्व मंत्रियों की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इम्तियाज अहमद मगरे की मौत की साजिश का आरोप लगाया। सामाजिक कल्याण मंत्री सकीना इटू ने युवक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने उपराज्यपाल से न्यायिक जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मगरे बहुत गरीब परिवार से था। उसकी मौत सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हुई। ये एजेंसियां सीधे केंद्र सरकार को रिपोर्ट करती हैं।

मध्य प्रदेश के कई जिले में आधी रात के बाद भूकंप आने से हड़कंप मच गया, किसी भी प्रकार के हताहत की खबर नहीं

 बड़वानी / मुलताई मध्य प्रदेश के बड़वानी और मुलताई(बैतूल) क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 दर्ज की गई। बड़वानी में रविवार शाम 5 से 5:15 बजे के बीच करीब डेढ़-दो मिनट तक कंपन महसूस हुआ। भूकंप का केंद्र नर्मदा नदी से पांच किमी दूर था। स्थानीय भूकंप केंद्र की एमईक्यू मशीन ने इसकी पुष्टि की। व्यवसायी हेमंत अग्रवाल ने बताया कि उनके कार्यालय में छत का पंखा हिलने लगा। भूकंप केंद्र ने की पुष्टि बड़वानी में स्थापित भूकंप केंद्र के ऑपरेटर हुकुम कुमार ने बताया कि केंद्र पर एमईक्यू मशीन संचालित होती है, जो 24 घंटे सुचारू रूप से चलती है। प्रतिदिन सुबह 8-9 बजे डेली रिपोर्ट नर्मदा नगर (पुनासा) सेंटर से जारी होती है। रविवार शाम बड़वानी क्षेत्र में करीब 5 से 5.15 के मध्यम डेढ़-दो मिनट के दरमियान जमीनी हलचल दर्ज की गई है। एमईक्यू मशीन में इसकी तीव्रता 2.8 रिक्टर स्केल दर्ज हुई है। बर्तन खड़कने और फर्नीचर हिलने लगे वहीं, बैतूल के मुलताई में शनिवार देर रात 9:40 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसका केंद्र मुलताई क्षेत्र के पास था। इंदिरा गांधी वार्ड में सबसे अधिक कंपन महसूस हुआ, जहां बर्तन खड़कने और फर्नीचर हिलने की बात सामने आई। इंदिरा गांधी वार्ड के बबलू साहू ने बताया वे घर में टीवी देख रहे थे तभी उन्हें अचानक खिडक़ी हिलने का अहसास हुआ वे तुरंत घर से बाहर निकले। तब तक कुछ और लोग भी बाहर निकल गए थे। नेहरू वार्ड निवासी सलमान शाह ने बताया कि वार्ड में काफी लोगों ने कंपन महसूस किया है। वेबसाइट पर इसकी तीव्रता 2.8 बताई जा रही है जो कि काफ़ी कम है, इसीलिए बहुत से लोगों ने तो इसे महसूस भी नहीं किया। मामले में एसडीएम से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

बुरहानपुर के शाहपुर वन परिक्षेत्र में मिला गर्भवती बाघिन का शव, पेट में तीन शावकों की हुई पुष्टि.

बुरहानपुर  जिले के शाहपुर वन परिक्षेत्र के चौंडी बीट क्रमांक 428 में गर्भवती बाघिन मृत अवस्था में मिली है. दरअसल बाघिन के पेट में 3 शावक पल रहे थे, पेट में पल रहे तीन शावकों की भी जान चली गई है. बाघिन का शव, 2-3 दिन पुराना बताया गया, फॉरेंसिक जांच में बाघिन के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है. 10 दिन में होने वाला था प्रसव जानकारों के मुताबिक, बाघिन का प्रसव 7-10 दिन में संभावित था. डीएफओ के मुताबिक, बाघिन की उम्र ढाई से तीन साल है. फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा. बता दें कि जिले में 1 साल में 3 बाघों की मौत हो चुकी हैं. ऐसे में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है. जंगल में मिला बाघिन का शव बता दें कि, 2 मई की रात्रि को चौंडी के जंगल में मादा बाघ की मौत का मामला सामने आया है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद नई दिल्ली से एनटीसीए और भोपाल से मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक की टीम भी मौके पर पहुंची. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घटना स्थल निरीक्षण किया गया, आसपास से सेंपल जुटाए गए, साथ ही डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल एवं उसके आस-पास छानबीन की कार्रवाई की गई है. डीएफओ विद्या भूषण सिंह ने बताया कि, ”बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, पोस्टमार्टम टीम में एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ प्रशांत देशमुख, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. हमजा नदीम, वन्यजीव चिकित्सक डॉ हीरासिंह भंवर, पशु चिकित्सक डॉ अंजू अचाले, डॉ रविन्द्र मौजूद थे.” बाघिन के सभी अंग सुरक्षित डीएफओ ने कहा कि, ”पोस्टमार्टम के दौरान बाघिन के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं. बाघिन का अंतिम संस्कार खंडवा सीसीएफ रमेश गणावा, डीएफओ विद्या भूषण सिंह, एसडीओ अजय सागर, तहसीलदार गोविंद सिंह रावत सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया.”

नाबालिग लड़की को भगाने वाला आरोपी पुलिस कस्टडी से हथकड़ी सहित फरार

बुरहानपुर मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में पुलिस कस्टडी से हथकड़ी सहित आरोपी युवक के फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक के फरार होने से थाने सहित पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। थाने की पुलिस ने घटना की जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है। फिलहाल पुलिस आरोपी युवक की तलाश में जुट गई है। नाबालिग लड़की को भगाने का आरोप दरअसल मामला बुरहानपुर जिले के शाहपुर थाने का है, जहां हथकड़ी सहित आरोपी युवक पुलिस कस्टडी से फरार हो गया है। आरोपी युवक पर नाबालिग लड़की को भगाने का आरोप था। आरोपी को इसी मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोपी शिवाजी पिता हीरामन महाजन कोदरी क्षेत्र शाहपुर का निवासी है। पुलिस सरगर्मी से युवक की तलाश में जुट गई है। पुलिस उसके छिपने के संभावित स्थानों और रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही है।

बदायूं में हार्ट अटैक से दुल्हन की मौत, शादी की खुशियां बदलीं मातम में

बदायूं बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर पिनौनी में शादी से चंद घंटे पहले दुल्हन की मौत हो गई। सोमवार को मुरादाबाद से बरात आनी थी, लेकिन रविवार की रात अचानक दुल्हन की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गईं। हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई गई है। इस घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गई। लड़का पक्ष को सूचना मिली तो वहां भी मातम छा गया। नूरपुर पिनौनी निवासी दिनेश पाल सिंह की 20 वर्षीय बेटी दीक्षा की शादी मुरादाबाद में तय हुई थी। सोमवार को उसकी बरात गांव में ही आनी थी। इसको लेकर तैयारियां चल रही थीं। परिवार के सभी सदस्य डांस करके रात 12 बजे सोने को गए। परिजनों ने बताया कि रात को करीब डेढ़ बजे दीक्षा के पेट में दर्द उठा और वह टॉयलेट गई। वहीं उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई। घरवालों ने बताया कि टॉयलेट में ही उसकी बहुत तेजी से सांस आ रही थी। लड़की की मां सरोज ने उसे संभाला, तब तक उसकी गर्दन अकड़ गई। आनन फानन गांव के ही चिकित्सक को बुलाया, तब तक दीक्षा की सांस थम गईं। दुल्हन की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार में इकलौती थी दीक्षा दिनेश पाल सिंह के चार बेटों में से दीक्षा इकलौती और सबसे बड़ी थी। वह इस्लामनगर के एक डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही थी। परिवार वालों के मुताबिक उसे दिल की बीमारी थी। दिल्ली से उसका उपचार चल रहा था। आशंका है कि हार्ट अटैक से दुल्हन की मौत हुई है। हल्दी और मेहंदी में कराया फोटोशूट दीक्षा ने अपनी हल्दी में खूब फोटो शूट कराएं। इसको परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया में भी शेयर किया। इसी तरह मेहंदी में भी दुल्हन की तरह सजकर फोटो शूट कराया। शादी से पहले दुल्हन की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।  

महाकाल मंदिर के शंख द्वार पर लगी भीषण आग, दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, आग पाया काबू

उज्जैन उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर के शंख द्वार पर रविवार को अचानक भीषण आग लग गई, जिसकी लपटें और धुआं करीब एक किलोमीटर दूर से नजर आया। आग की सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार, आग मंदिर परिसर के कंट्रोल रूम में लगी बैटरी से लगी थी। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के तुरंत बाद ही महाकाल मंदिर समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। आग लगने के बाद मंदिर में भक्तों का प्रवेश रोक दिया गया। महाकाल मंदिर में सोमवार को जिस समय ये घटना हुई उस समय मंदरि में काफी भीड़ थी। सोमवार के चलते मंदिर में भीड़ ज्यादा थी। गनीमत रही कि आग की इस घटना में किसी के हताहत होने खबर नहीं है। घटना की जानकारी लगते ही कलेक्टर रोशन सिंह, महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति सामान्य, दोबारा भक्तों का प्रवेश शुरू महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार हादसा मंदिर के गेट नंबर-1 पर स्थित अवंतिका गेट के कंट्रोल रूम की छत पर हुआ। छत पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम लगा हुआ है। इस सिस्टम की बैटरी में किसी कारण से आग लगी थी। हादसे में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरियां जल गईं। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कुछ ही देर बाद ही आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल बैटरी में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा। घटना के बाद मंदिर में भक्तों का प्रवेश रोक दिया गया था। आग पर काबू पाने और स्थिति सामान्य होने के बाद मंदिर के गेट को दोबारा खोल दिया गया है।    

नरवाई की आग में एक 65 वर्षीय महिला की मौत, तीन दर्जन से ज्यादा घर जलकर राख

छतरपुर पराली जलाना जमीन के साथ साथ किसान के परिवार के लिए भी घातक साबित हो रहा है। ताजा मामला में छतरपुर के खेतों में आग लग गई। इस आग का अंजाम बुरा हुआ। नरवाई की आग में एक 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दो गांवों के तीन दर्जन से ज्यादा घर जलकर राख हो गए। शाम को छतरपुर जिले के रामटोरिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई। मध्य प्रदेश में फसल अवशेष जलाने के मामले देश में सबसे ज्यादा हैं। यहां पंजाब और हरियाणा से भी ज्यादा पराली जलाई जाती है। आग लगने से दो बच्चे भी घायल हो गए, लेकिन अब वे खतरे से बाहर हैं। आग ने गांवों को चपेट में लिया खेतों में पराली जलाने से उठी आग ने छल्ला और माजरा चिरोला गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। माजरा चिरोला में लगभग 30 घर और छल्ला में 10 से 15 घर क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने की वजह से इलाके में खड़ी फसल भी जल गई। दमकल गाड़ियों ने लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नुकसान का सर्वे पूरा कर लिया गया है। तेज हवाओं ने आग को फैलाया अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि कटाई के बाद घरों में रखा गेहूं और कृषि उपकरण भी जल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पराली जलाने में एमपी आगे सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि मध्य प्रदेश फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण में सबसे आगे है। इसके बाद राज्य सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगा दी है। सरकार ने किसानों को ऐसा करने से रोकने के लिए यह भी कहा है कि एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का कोई लाभ नहीं मिलेगा। नरवाई जलाना पर्यावरण के लिए भी बुरा पराली जलाने से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। इससे निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला बना देता है। सांस लेने में तकलीफ होती है और कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। सरकार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रही है। उन्हें पराली का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पराली कई तरह उपयोगी सरकार किसानों को पराली से खाद बनाने और उसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कह रही है। इससे किसानों को भी फायदा होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता भी कम हो जाती है। इसलिए, किसानों को पराली जलाने से बचना चाहिए।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पीएम मोदी से की मुलाकात

नई दिल्ली रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच यह अहम मुलाकात चल रही है। इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में यह अहम बैठक हुई थी। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भी शनिवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और उन्हें अरब सागर में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की समग्र स्थिति से अवगत कराया था। लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास पर बैठक राष्ट्रीय राजधानी में लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर हुई यह बैठक पीएम की अध्यक्षता में उस बैठक के कुछ दिनों बाद हुई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए थे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक भी हुई थी पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई थी। हमले में आतंकियों ने 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। सरकार ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के भारत के राष्ट्रीय संकल्प को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और इसके पीछे के साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा मिलेगी। सरकार ने सशस्त्र बलों को भारत के पलटवार के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने के लिए पूरी आजादी भी दी। सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी। विपक्षी दलों ने आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ सरकार की ओ से की गई किसी भी कार्रवाई के लिए अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है। सीसीएस को दी गई ब्रीफिंग में आतंकी हमले के सीमा पार संबंधों को उजागर किया गया। यह पाया गया कि यह हमला जम्मू-कश्मीर में चुनावों के सफल आयोजन और आर्थिक विकास की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति के मद्देनजर हुआ। सरकार ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कड़ी कार्रवाइयां कीं। सरकार ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। इसके अलावा भी मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगाई हैं।

रेलवे की राहत वाली खबर: गर्मियों की भीड़भाड़ और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समर स्पेशन ट्रेनें संचालित की जाने की घोषणा

भोपाल  इन दिनों गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। समर वेकेशन के चलते लोग इधर-उधर सफर पर निकल रहे हैं। कोई चारधाम यात्रा में जा रहा है तो कोई अन्य टूरिस्ट स्पॉट का दीदार करना चाहता है। ऐसे में यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिल सके और टिकट की समस्या न हो, इसके लिए रेलवे ने इंतजाम किए हैं। दरअसल, गर्मियों की भीड़भाड़ और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समर स्पेशन ट्रेनें संचालित की जाने की घोषणा की गई है। इन ट्रेनों का संचालन मई से जून के बीच किया जाएगा। इससे यात्रियों को टिकट के वेटिग लिस्ट और टिकट कैंसिल की समस्या से राहत मिलेगी। भोपाल मंडल से चलने वाली ट्रेन की लिस्ट ये है। ये है समर स्पेशल ट्रेन पश्चिम रेलवे की तरफ से गाड़ी नंबर 09407/09408 अहमदाबाद-दानापुर-अहमदाबाद साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन को चलाने का निर्णय लिया गया है। विशेष किराए पर चलाई जाने वाली इस ट्रेन को सात-सात ट्रिप्स के लिए चलाया जाएगा। खास बात यह है कि इस ट्रेन का संचालन मई और जून के दौरान किया जाएगा। जिससे विशेष रूप से बिहार और मध्यप्रदेश के यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा। ट्रेन के स्टॉपेज के लिए संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा और सतना रेलवे स्टेशन तय किये गए हैं। भोपाल के संत हिरदाराम नगर में रहेगा ठहराव अहमदाबाद से दानापुर (09407) यह रेलगाड़ी 6 मई से 17 जून 2025 तक हर मंगलवार को अहमदाबाद स्टेशन से सुबह 9:20 बजे प्रस्थान करेगी। संत हिरदाराम नगर रात 9:00 बजे, बीना पर मध्य रात्रि 12:10 बजे, सागर 1:30 बजे, दमोह 3:00 बजे, कटनी 6:00 बजे, सतना 7:45 बजे होते हुए ट्रेन बुधवार रात 7:00 बजे दानापुर पहुंचेगी। दानापुर से अहमदाबाद (09408) : ट्रेन वापसी में 7 मई से 18 जून 2025 तक हर बुधवार को दानापुर से रात 10:30 बजे रवाना होगी। सतना सुबह 8:50 बजे, कटनी मुड़वारा 10:35 बजे, दमोह 12:10 बजे, सागर 1:25 बजे, बीना 4:05 बजे, संत हिरदाराम नगर में 7:00 बजे होते हुए ट्रेन शुक्रवार सुबह 7:15 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।

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