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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना को दिया कड़ा एक्शन लेने का निर्देश

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल के ड्रोन हमलों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाने पर भारतीय सेना को पाकिस्तान की सेना के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सूत्रों ने बताया कि, राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान सेना जो नियंत्रण रेखा के पास भारतीय नागरिकों को निशाना बना रही है, उसके विरुद्ध सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच, रक्षा मंत्री शनिवार को दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेवाओं के प्रमुखों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लेंगे. इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस गंभीर मामले पर बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सशस्त्र बलों के प्रमुखों समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. पाकिस्तान की सीजफायर उल्लंघन पर भारत का जवाब पिछले कुछ दिनों में, पाकिस्तान ने पूंछ और राजौरी सेक्टर में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. भारतीय सेना ने कई जगहों पर पाकिस्तान की सीजफायर उल्लंघन का जोरदार जवाब दिया है. शुक्रवार को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 20 से अधिक शहरों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया. पाकिस्तानी सेना को प्रभावी और सख्त जवाब दिया जाए यह हमला दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला दूसरा दिन था. इन घटनाओं के बीच, भारत की सशस्त्र सेना पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रही है और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा रहा है. राजनाथ सिंह की मांग है कि पाकिस्तानी सेना को प्रभावी और सख्त जवाब दिया जाए, जिससे सीमा पर शांति स्थापित हो सके.  

अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है:मंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि “अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के तौर पर इस समय जो हमारी ड्यूटी है, उसकी पूरी तैयारी है. उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि 2023-24 में जो कुल खाद्यान्न का उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. वो अब तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है. देश में गेंहू, धान, दलहन और तिलहन समेत सब्जी तरकारी भी पर्याप्त मात्रा में है. कृषि मंत्री शिवराज का बयान, चिंता नहीं भंडार भरे हैं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्न की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कृषि विभाग के तौर पर हमारी जवाबदारी देश में खाद्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की इन परिस्थितियों में क्या ड्यूटी है. हमारी उसको लेकर पूरी तैयारी है. जवान भी तैयार हैं, किसान और वैज्ञानिक भी तैयार हैं. शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने आंकड़ें देकर बताया कि आज की स्थिति में देश में तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है. 2023-24 में कुल खाद्न्न उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. जो 2025-26 में बढ़कर तीन हजार 474 दशमलव 42 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. इसी तरह तरह से चावल की भी कोई कमी नहीं है. 2023-24 में एक हजार 378.25 मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल एक हजार चार सौ 64.02 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है. वही गेहूं पिछले वर्ष 1132 लाख मीटिक टन था, जो अब बढ़कर 1154 लाख मीट्रिक टन हो चुका है. शिवराज ने कहा कि विपरीत मौसम में भी अन्नदाता ने ये कमाल कर दिखाया है. उन्होंने बताया कि दलहन 250.97 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है. इसी तरह से तिलहन में 428.98 लाख मीट्रिक टन है. इसी तरह से बागवानी फसलें 3621 लाख मीट्रिक टन हुई हैं. मुख्य सब्जियों में आलू 595 लाख मीट्रिक टन, प्याज 288 लाख मीट्रिक टन, टमाटर 215 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है.” सीमा पर जवान तैनात खेत में किसान तैयार कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है. एक तरफ सीमा पर हमारे जवान तैनात हैं. पाकिस्तान के हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है. दूसरी तरफ खेतों में किसान तैयार है. शिवराज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने नारा दिया था. जय जवान जय किसान. फिर अटलजी ने जोड़ा जय जवान जय विज्ञान, पीएम मोदी ने जोड़ा जय जवान जय अनुसंधान. पूरा देश मां भारती की सेवा करने में तत्पर है. भंडार भरे हुए हैं. कृषि विभाग की बैठक में तय हुआ कि 14 मई को कृषि मंत्रालय के सभी अधिकारी कर्मचारी ब्लड डोनेट करेंगे.

पाकिस्तान भारत के रिहायशी इलाकों पर लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस (Operation Bunyan Ul Marsoos) शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन के तहत वह भारत के रिहायशी इलाकों पर बीती रात से लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस दिया है, जिसका मतलब है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती है. इस ऑपरेशन को नाम देते हुए पाकिस्तान ने शनिवार तड़के भारत पर फतेह-1 मिसाइल सहित ड्रोन और मिसाइलें दागीं. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पाकिस्तान ने ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस शुरू कर दिया है. यह नाम कुरान की एक आयत से लिाय गया है, जिसका मतलब होता है मजबूत दीवार. इस ऑपरेशन के तहत भारत के कई शहरों पर हमले किए गए. लेकिन भारत ने पाकिस्तान के इस ऑपरेशन को शुरू में ही पस्त कर दिया. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का कहना है कि भारत ने उनके तीन सैन्यअड्डों पर हमला किया, जिसके जवाब में हमने भारत के पंजाब के सिख इलाकों में छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. उन्होंने कहा कि भारत ने जो शुरू किया है, हमारी सेना उसे खत्म करने की तैयारी कर रही है. पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि भारत के अन्य सैन्य ठिकानों पर भी हमले जारी है. पाक सेना ने कहा कि भारत के उन सभी ठिकानों, जहां से पाकिस्तानी नागरिकों और मस्जिदों पर हमले किए गए थे, उन्हें पाकिस्तान की ओर से निशाना बनाया जा रहा है. इससे पहले पाकिस्तान की ओर से देर रात पीओके और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया. पाकिस्तान ने रातभर में लगभग भारत के 30 से ज्यादा इलाकों में ड्रोन से हमला किया जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की बैठक बुलाई है. यह कमेटी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर फैसले लेती है.  

मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते अलग अलग तारीखों को स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी

भोपाल रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने मई में कई समर स्पेशल वीकली ट्रेन चलाने का ऐलान किया है जो मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते अलग अलग तारीखों को चलाई जाएगी। इसके अलावा एक दर्जन स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में भी विस्तार किया गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC Bharat Gaurav Train) 31 मई को एक स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है जो उज्जैन ( महाकालेश्वर/ओंकारेश्वर), द्वारका ( नागेश्वर/द्वारिकाधीश ), सोमनाथ ,नासिक (त्रयंबकेश्वर), पुणे (भीमाशंकर ), औरंगाबाद (घृष्णेश्वर )शिर्डी का दर्शन कराते हुए 12 जून को लौटेगी। यह पर्यटक ट्रेन 31 मई को धनबाद, गया, बिहारशरीफ, पटना, आरा, बक्सर समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों के लिए रुकेगी।स्लीपर क्लास के लिए 23,575 व थर्ड एसी क्लास के लिए 39,990 प्रति व्यक्ति होगा। मई में इस हफ्ते से चलेगी ये स्पेशल     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर–गया स्पेशल ट्रेन 10 मई शनिवार को दोपहर 03 बजकर 40 मिनट पर नागपुर से चलकर शाम 04.50 बजे पांढुर्णा ,आमला , बैतूल,इटारसी जबलपुर, सतना पहुंचेगी और अगले दिन 11 मई रविवार को रात 11 बजकर 45 मिनट पर गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 गया– नागपुर स्पेशल ट्रेन 13 मई मंगलवार को गया से रात 08:30 बजे निकलकर पांढुर्णा, आमला, बैतूल, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर से होते हुए 15 मई गुरुवार को दोपहर 03:50 बजे नागपुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04607 दरभंगा अमृतसर स्पेशल दिनांक 11.05.2025 से 13.07.2025 (10 ट्रिप) के बीच प्रत्येक रविवार को सुबह 04:00 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 10:30 बजे अमृतसर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04067 नई दिल्ली-भागलपुर-नई दिल्ली स्पेशल (डीडीयू-पटना- किउल-जमालपुर के रास्ते) 11 मई से 9 जुलाई तक प्रत्येक रविवार एवं बुधवार को नई दिल्ली से 14.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.50 बजे डीडीयू, 07.30 बजे पटना एवं 10.40 बजे किउल सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए 13.30 भागलपुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04068 भागलपुर-नई स्पेशल 12 मई से 10 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरूवार को भागलपुर से 14.30 बजे खुलकर 17.15 बजे किउल, 20.45 बजे पटना एवं अगले दिन 01.10 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए 14.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 03039 (हावड़ा – न्यू जलपाईगुड़ी) समर स्पेशल 10 मई (शनिवार) को हावड़ा से 00:10 बजे रवाना होगी और उसी दिन न्यू जलपाईगुड़ी 10.45 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 03040 (न्यू जलपाईगुड़ी – हावड़ा) समर स्पेशल 10 मई (शनिवार) को न्यू जलपाईगुड़ी से 12.45 बजे रवाना होगी और अगले दिन हावड़ा 00:10 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04618 अमृतसर-सहरसा द्विसाप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 12 मई से 08 जुलाई, 2025 तक प्रत्येक सोमवार एवं मंगलवार को अमृतसर से 20.10 बजे प्रस्थान कर ब्यास, जालन्धर,अम्बाला कैंट ,सहारनपुर ,मुरादाबाद,बरेली , सीतापुर जं, गोंडा गोरखपुर, छपरा समेत कई स्टेशनों से होकर सहरसा 03.00 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04617 सहरसा-अमृतसर द्विसाप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 14 मई से 10 जुलाई, 2025 तक प्रत्येक बुधवार एवं बृहस्पतिवार को सहरसा से 05.00 बजे प्रस्थान कर हाजीपुर ,छपरा,गोरखपुर ,गोंडा ,सीतापुर जं. ,बरेली, मुरादाबाद ,सहारनपुर ,अम्बाला कैंट 08.55 बजे, जलन्धर सिटी ,ब्यास से होते हु्ए अमृतसर 14.00 बजे पहुंचेगी। इन वीकली ट्रेनों की अवधि बढ़ी     गाड़ी सं. 05283 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार क्लोन स्पेशल अब 16 मई से 27 जून तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।     गाड़ी सं. 05284 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर क्लोन स्पेशल अब 17 मई से 28 जून तक प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी।     गाड़ी सं. 04030 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल  अब 20 मई से आठ जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को चलायी जाएगी।     गाड़ी सं. 04029 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल अब नौ जुलाई तक प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को चलेगी।     गाड़ी सं. 04018 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल 10 जुलाई तक प्रत्येक गुरुवार चलाई जाएगी।     गाड़ी सं. 04017 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल 11 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार चलाई जाएगी।     गाड़ी संख्या 07046 (चारलापल्ली – नाहरलगुन) समर स्पेशल को 10 मई से 31 मई तक     गाड़ी संख्या 07047 (नाहरलगुन – चारलापल्ली) समर स्पेशल को 13 मई से 03 जून तक की अवधि तक के लिए बढ़ाया गया है।     गाड़ी संख्या 07323 हुबली-बनारस  साप्ताहिक विशेष गाड़ी के संचलन अवधि का विस्तार प्रत्येक शनिवार को 17 मई से 28 जून, 2025 तक ।     गाड़ी संख्या 07324 बनारस-हुबली  साप्ताहिक विशेष गाड़ी के संचलन अवधि का विस्तार प्रत्येक मंगलवार को 20 मई से 01 जुलाई 2025 तक ।

13 मई को आयोजित होने वाले मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे

रायपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं जिला प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अम्बिकापुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आगामी 13 मई को आयोजित होने वाले “मोर आवास मोर अधिकार“ कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।     उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं जिला प्रभारी मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुंचकर अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कुर्सी, टेबल, पंखा, कूलर, पेयजल, वीआईपी दीर्घा, साउंड सिस्टम और बिजली आपूर्ति, विभिन्न विभागीय स्टॉल, ग्रीन रूम, मंच, पार्किंग जैसी अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय पर और व्यवस्थित ढंग से पूरी की करने को कहा, ताकि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।     गृह मंत्री शर्मा ने कहा कि, यह कार्यक्रम गरीबों को उनका आवासीय अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार आमजन, विशेष रूप से गरीबों, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। ’मोर आवास मोर अधिकार’ उसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।     गौरतलब है कि मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा है और आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, बैठने की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।     इस दौरान अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, महापौर मंजूषा भगत, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया

नई दिल्ली हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. दोनों देश जंग के मुहाने पर खड़े हो गए हैं और सेनाएं लामबंद हैं. शुक्रवार की शाम पाकिस्तान ने भारत की 26 जगहों पर हमले की कोशिश की थी. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. वही, भारत पर पाकिस्तान की तरफ से फतह-1 मिसाइल दागी गई. शुक्रवार रात को पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का भारत की तरफ से जवाब दिया गया. पाकिस्तान के द्वारा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के कई इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है. पाकिस्तान के एयरबेस पर तबाही शनिवार की सुबह, भारत ने राजधानी इस्लामाबाद के करीब स्थित कुल चार एयरबेसों पर मिसाइलें दागी हैं और तबाही मचा दी है. देर रात टेलीविज़न पर दिए गए बयान में पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “भारत ने अपने विमानों के ज़रिए हवा से सतह पर मिसाइलें दागीं.” वहीं, बीती रात हुए हमलों से जुड़े सभी पहलुओं पर ताजा अपडेट देने के लिए सुबह 10 बजे भारत सरकार की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. शनिवार की सुबह तड़के क्या-क्या हुआ?     जम्मू-कश्मीर में वायुसेना स्टेशन को निशाना बनाने की पाकिस्तानी कोशिशें नाकाम कर दी गईं. पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं.     गुजरात के कच्छ में पाकिस्तान के ड्रोन हमले को भारत ने नाकाम कर दिया है.     पठानकोट में भी सुबह होते ही कई विस्फोट हुए. कम से कम आधे घंटे तक रुक-रुक कर विस्फोट होते रहे, जवाबी कार्रवाई में विमान-रोधी तोपों से भी गोलीबारी की गई.     अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं.     सुबह 5.20 बजे श्रीनगर, एयरपोर्ट के पास, सुबह 4.50 बजे बारामुल्ला और उधमपुर में भी धमाके की आवाज़ें सुनी गईं.     गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.     जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए: भारत ने पाकिस्तान के नूर खान (रावलपिंडी), मुरीद (चकवाल) और रफीकी (शोरकोट) एयरबेस को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया है. इन स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है और पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर यह हमला एक बड़ा झटका माना जा रहा है. ऐसे हमले से सीमा पर तनाव और भी तीव्र हो गया है. पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद किया: तनाव के कारण पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस आज सुबह 12 बजे तक के लिए पूरी तरह बंद कर दी है. इस दौरान पेशावर जाने वाली पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट PIA218 को क्वेटा के ऊपर उड़ते देखा गया. इस्लामाबाद और अन्य प्रमुख शहरों में धमाके: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और लाहौर समेत कई बड़े शहरों में धमाके की आवाजें सुनाई दी. पाकिस्तान सेना का दावा है कि भारत ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस घटना से दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ गया है. ड्रोनों के हमलों के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार ड्रोनों से कई हमले किए जाने के बाद, भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नीलम घाटी और सियालकोट में कड़ा जवाब दिया. सोशल मीडिया पर आईं वीडियोज में दिखा भारत का मिसाइल इंटरसेप्शन: कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें भारत ने सरसा क्षेत्र के ऊपर पाकिस्तानी लॉन्ग रेंज मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकते हुए दिखाया गया है. सरसा के जिला सूचना अधिकारी ने नागरिकों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है. भारत की एडवांस डिफेंस सिस्टम का प्रभाव: S-400, L-70, Zu-23 और शकिल्का जैसे आधुनिक वायु रक्षा उपकरण लगातार सीमा पर भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाए हुए हैं. इन सिस्टम्स ने पाकिस्तान की ड्रोन हमलों और अन्य कारगर हथियारों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोक रखा है.  

युद्ध के हालात के चलते पूरे ग्वालियर जिले में हाई अलर्ट, प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी

ग्वालियर भारत पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालात के चलते पूरे देश में अलर्ट है, शहर के कई हवाई अड्डे बंद कर दिए गये हैं उड़ानें रद्द कर दी गई है, गृह मंत्रालय के निर्देश पर मॉकड्रिल और ब्लैकआउट का अभ्यास किया जा चुका है, इन सबके बीच बीती रात पाकिस्तानी हरकत के बाद जिस तरह भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया है उसने तनाव को और बढ़ा दिया है, इसी को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है ग्वालियर जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह ने 7 मई को हुए मॉकड्रिल और ब्लैकआउट की 8 मई को दिन में समीक्षा की थी और उसमें आये फीड बैक के आधार पर उसमें सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन कल 8 मई की रात जो घटनाक्रम हुआ उसको देखते हुए दोनों अधिकारी देर रात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंच गए और रात को अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग की कलेक्टर और एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें, केंद्र सरकार से मिल रहे निर्देशों के तहत तैयार रहें कलेक्टर ने कहा हमें ब्लैकआउट में जो फीडबैक मिला है उसके हिसाब से पूरे जिले में सायरन लगवाये जा रहे हैं, एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन स्थिति में हमें जिन जिन रिसोर्सेस की जरुरत पड़ सकती है उसकी लिस्ट बने और उसकी व्यवस्था करें। कंट्रोल रूम स्थापित, आपात स्थिति में कर सकते हैं कॉल हालात को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने मोती महल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया है, इस कंट्रोल रूम में शहर के नागरिक किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। कंट्रोल रूम का नंबर 0751 -2646606 है। कंट्रोल रूम ने 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रहेंगे और वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके साथ ही शहर में पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम द्वारा गर्मी के मौसम में शहर में पेयजल व्यवस्था ठीक बनी रहे, इसके लिए नगर निगम ग्वालियर द्वारा 24 घंटे 7 दिन शिकायत दर्ज करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसमें शहर के नागरिक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम का नम्बर 0751-2438355 है। सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कलेक्टर रुचिका चौहान ने हालत को देखते हुए सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किये हैं इसके तहत सोशल मीडिया यूजर ऑपरेशन सिंदूर या फिर देश की सेनाओं या फिर राष्ट्रहित से जुड़ी कोई भी भ्रामक सूचना ना तो पोस्ट करेगा और ना ही शेयर करेगा, उन्होंने कहा है जब तक कोई भी सूचना पुष्ट ना हो उसे सर्कुलेट न करें, संकटकाल में राष्ट्र का साथ दें। शहर में सायरन लगना शुरू, टेस्टिंग भी कलेक्टर के आदेश के बाद आज ग्वालियर जिले में अलग अलग स्थानों पर सायरन स्थापित होना शुरू हो गए हैं,इसी के साथ उसकी टेस्टिंग भी की जा रही है, सायरन की आवाज जनता तक पहुंचे इसके लिए साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है माइक लगाये जा आरहे हैं कलेक्ट्रेट पर इसकी टेस्टिंग भी की गई।

मध्यप्रदेश 9 स्वर्ण, 4 रजत और 5 कांस्य सहित कुल 18 पदकों के साथ चौथे स्थान पर

भोपाल दिनांक 4 से 15 मई 2025 तक खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का आयोजन बिहार में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी खेल का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियेागिता में मध्यप्रदेश 09 स्वर्ण, 4 रजत और 5 कांस्य सहित कुल 18 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है। शुक्रवार को शूटिंग खेल के प्रारंभिक मुकाबले खेले गये। इसमें 10 मी. एयर रायफल मिक्स्ड टीम और शूटिंग शाटगन के मुकाबले खेले गये। शनिवार दिनांक 10 मई 2025 को शूटिंग रायफल, पिस्टल और शॉटगन के फायनल मुकाबले खेले जायेंगे। प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:30 तक शूटिंग पिस्टल के 25 मी. स्पोर्ट्स पिस्टल वूमेन के मुकाबले खेले जावेंगें, जिसमें मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अंचल सिंह प्रतिभागिता करेंगें। कल दिनांक 10.5.2025 को बॉक्सिंग, फेंसिंग, वेटलिफ्टिंग और वूमेन हॉकी के प्रारंभिक मुकाबले  भी खेले जायेंगे।  

म.प्र.राज्य कयाकिंग-कनोइंग अकादमी के खिलाड़ी प्रिंस गोस्वामी ने जीता स्वर्ण पदक, खेल मंत्री श्री सारंग ने बधाई दी

एशिया पेसिफिक स्प्रिंट कप 2025 जापान म.प्र.राज्य कयाकिंग-कनोइंग अकादमी के खिलाड़ी प्रिंस गोस्वामी ने जीता स्वर्ण पदक, खेल मंत्री श्री सारंग ने बधाई दी भोपाल एशिया पेसिफिक स्प्रिंट कप 2025 का आयोजन 9 से 11 मई 2025 तक कीबा लेक कोमस्तु इशिकावा जापान में किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेल अकादमी भोपाल के कयाकिंग केनोइंग खिलाड़ी प्रिंस गोस्वामी में अपने खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जापान स्थित कीबा लेक कोमस्तु इशिकावा में आयोजित एशिया पेसिफिक स्प्रिंट कप में म.प्र. क्याकिंग केनोइंग अकादमी के खिलाड़ी प्रिंस गोस्वामी ने सी-1 की 1000 मीटर पुरूष स्पर्धा में 04:30.198 का समय लेकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में इस स्पर्धा में जापान के कोटारो सवाटा ने  04:32.378 का समय लेकर रजत और कांस्य पदक जापान के ही खिलाड़ी फुमिया अंडो ने 04:33.818 का समय लेकर हासिल किया। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने खेल अकादमी के कयाकिंग-केनोइंग खिलाड़ी प्रिंस गोस्वामी के खेल प्रदर्शन की सराहना कर उन्हें इस गौरवान्वित उपलब्धि की बधाई दी है।  

इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना , ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा

इंदौर  जब मध्य प्रदेश के इंदौर का नाम आता है तो यहां का पोहा याद आ जाता है. मगर, इस बार पोहा नहीं बल्कि इंदौरी ड्रोन खूब सुर्खियां बंटोर रहा है. भारत की तरफ से शुरू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है. भारत ने पाकिस्‍तान के हमलों का ऐसा जवाब दिया है कि वहां लोग अब तक खौफ में हैं. पाकिस्‍तान के हर वार की काट भारत के पास मौजूद है. पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमान जब हमले करने के लिए भारत की ओर बढ़े, तो हमारे बॉर्डर पर तैनात मिसाइलों ने उन्‍हें ढेर कर दिया. इस बीच, इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना किए गए हैं. ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा. हालांकि, पहले से ही इंदौर में बने ड्रोन का भारत-पाकिस्तान वॉर में देश की सेना इस्तेमाल कर रही है. यहां के 2 युवा इंजीनियरों की टीम दिन रात युद्ध स्तर पर ड्रोन बनाने में जुटी हुई है. बता दें, 1971 युद्ध के 54 साल बाद युद्ध में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा हैं. सबसे ज्यादा हमले ड्रोन से किए जा रहे हैं. ऐसे में देशभर के युवा अपनी सेना के लिए ड्रोन तैयार करने में जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक युवा इंजीनियरों अभिषेक शर्मा और रोशनी शुक्ला की टीम ने नभ रक्षक 1.O , नभ रक्षक 2.O थर्मल ड्रोन और नभ रक्षक 5.O ड्रोन तैयार किए हैं. अगर इनकी खासियत के बारे में बात करें तो एक हजार फीट की ऊंचाई से भी घने अंधेरे में भी ये ड्रोन दुश्मनों को ढूंढ लेने में कारगर हैं. 5 किलो वजन उठाकर ये ड्रोन 120 किलो मीटर की रफ्तार से 10 किलो मीटर का सफर बड़ी आसानी से कर सकती हैं. इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत है, रडार भी इन्हें नहीं पकड़ पाती हैं. जम्मू कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के बॉर्डर पर सर्विलांस के लिए इन ड्रोनों का आर्मी इस्तेमाल कर रही है.

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. ठाकुर का कुशलक्षेम जाना

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुक्रवार को भोपाल फ्रैक्चर हॉस्पिटल में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चिकित्सकों से उनके उपचार की जानकारी ली और डॉ. ठाकुर के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।  

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के बीच होगा एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में आज 10 मई को भोपाल में ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज’ प्रोजेक्ट का एमओयू होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना’ पर कार्य होगा. इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गए हैं. CM यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज प्रोजेक्ट है. इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे. उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा. इस परियोजना में प्रस्तावित बांध और नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी. परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी जरूरत नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, इसी क्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है. इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे. साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.  

MP में सफर होगा आसान जल्द शुरू होगी सरकारी बस सेवा, इंदौर व उज्जैन जिलों में सर्वे हुआ पूरा

इंदौर / उज्जैन लोक परिवहन सेवाओं को जमीन पर उतारने से जुड़े पहले चरण के सर्वे का काम परिवहन विभाग ने इंदौर व उज्जैन संभाग में लगभग पूरा कर लिया है। अब यहां चिह्नित किए गए मार्गों को फाइनल किया जा रहा है। उधर आठ परिवहन कंपनियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मार्गों पर रिहर्सल पूरी होते व कंपनियों के अस्तित्व में आते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रयास है कि बारिश से पहले इंदौर व उज्जैन जिले की सड़कों पर लोक परिवहन सेवाओं से अनुबंधित यात्री बसें दौड़ने लगें। बसों(MP Government bus) के रूट को चिह्नित करने के लिए अगले चरण के सर्वे का काम जबलपुर व सागर संभागों के जिलों में शुरू होगा। यह मई के अंत तक शुरू हो जाएगा। इसके लिए एजेंसी तय कर दी है। इन संभागों में सर्वे का फोकस सबसे पहले परिवहन सेवा विहीन क्षेत्रों पर होगा। अलग-अलग चरणों में किए जा रहे काम 1. परिवहन विभाग अब तक सीमित क्षेत्रों में ही सर्वे करा रहा था, अब इसका दायरा बढ़ा दिया है। 2. कंपनी एक्ट के तहत कंपनियों के गठन की प्रक्रिया का जिम्मा अलग अफसरों को सौंपा है। 3. निष्क्रिय पड़े सड़क परिवहन निगम की संपत्तियों को नए सिरे से खंगाला जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवाओं के तहत उपयोगी बनाया जा सके। 4. कंपनियों के लिए ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर का खाका तैयार करेंगे। 5. सुझाव लेने संबंधी प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि नई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। 6. सर्वे में बस ऑपरेटरों से फीडबैक लिया जा रहा है, यात्रियों से उनकी राय पूछी जा रही है ताकि जिन मार्गों को चिह्नित किया जा रहा है या किया जाना है उन पर वस्तु स्थिति साफ हो सके। 7. इसी पूरी व्यवस्था में जिला स्तरीय समितियों का गठन होना है, इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 8. सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की चल-अचल संपति, नई गठित की जाने वाली कंपनियों को दी जाएगी। इस दिशा में भी काम शुरू किया है। 9. मौजूदा सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां करेंगी। जिला स्तर पर समितियां होंगी, समन्वयक कलेक्टर होंगे, सांसद, विधायकगण, महापौर, नगर पालिका, जिला पंचायत, नगर परिषद, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, आयुक्त नगर निगम, जिला व जनपद पंचायतों के सीईओ, नपा के सीएमओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, जिला परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण व कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रह सकेंगे। समितियों का गठन इसलिए पहले असल में जिला स्तरीय निगरानी समितियों को यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना होगा। जिसमें मुख्य काम अभी मार्गों को फाइनल करने से जुड़ा है। इन मार्गों में बदलाव भी संभव है, लेकिन यह बात का विषय है। इसके अलावा स्टापेज, बस फ्रीक्वेंसी, आईटी प्लेटफार्म का सुचारु संचालन, साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी सुझाव। 6 शहरों में दौड़ेगी ई-बस, हर किलोमीटर पर इतना देना होगा किराया  प्रदेश के 6 शहरों में जल्द ईलेक्ट्रिक बस चलने वाली है. बस सर्विस की शुरुआत सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है. दरअसल, ये केंद्र सरकार की योजना है. इस प्रोजेक्ट में देश के 88 शहरों में ई बसें चलाई जानी है. इसमें से 582 बसें मध्य प्रदेश के खाते में आई है. अब जल्द इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. ये बस पॉल्यूशन को काफी कंट्रोल करेगी. इसकी साथ ही ग्रीन परिवहन को भी बढ़ावा देगी. मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में 10 नए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड जैसी मॉर्डन सुविधाएं मिलेंगी. इसमें 472 मिडी बसें होंगी. इनमें से 26 यात्री सफर कर सकेंगे, तो वहीं 110 मिनी बसें 21 सीटर होंगी. यात्रियों को 2 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया देना होगा. केंद्र सरकार से मिलेगी सब्सिडी ई बसों के संचालन के लिए केंद्र सरकार से भी सब्सिडी मिलेगी. इसके लिए सरकार 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च करेगी, जिसमें से 22 रुपये केंद्र सरकार देगी. ई बसों का संचालन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल पर होगा. ऐसे में यात्रियों को 2 रुपये प्रति किमी का किराया देना होगा, जो सिटी बस सर्विस की तुलना में काफी सस्ती है.

भारत सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए

नई दिल्ली पाकिस्तान के निर्माण में मुहम्मद अली जिन्ना की टू नेशन थ्‍योरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी. इसी आधार पर 1947 में भारत के विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण की मांग की गई थी. यह सिद्धांत मुख्य रूप से यह तर्क देता था कि भारतीय उपमहाद्वीप के हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, जिनके धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान इतने भिन्न हैं कि वे एक साथ एक राष्ट्र में नहीं रह सकते. इस सिद्धांत ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग देश, पाकिस्तान, की स्थापना को औचित्य प्रदान किया. 1971 में ही इस सिद्धांत को तिलांजलि देते हुए पूर्वी पाकिस्तान ने पाकिस्तान से अलग होकर अलग देश बांग्लादेश बना लिया. कायदे से इस सिद्धांत का अंत उसी दिन हो गया था. पर पाकिस्तान के हुक्मरान आज भी अपनी गद्दी बचाने और पाकिस्तान को बिखरने से रोकने के लिए इस सिद्धांत की दुहाई देते हैं. पहलगाम अटैक से कुछ रोज पहले ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने प्रवासी पाकिस्तानियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए टू नेशन थियरी को सही बताया था. मुनीर ने इस सम्मेलन में हिंदुओं पर अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करते हुए भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था. यही कारण है कि पाकिस्तान में भी लोगों का मानना है कि मुनीर ने अपनी महत्वाकांक्षा के चलते पहलगाम अटैक को अंजाम दिया है. पर पहलगाम हमले का खामियाजा अब पूरा पाकिस्तान भुगत रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जैसी हरकतें की हैं उससे यही लगता है कि पाकिस्तान का भविष्य अधर में है. आइये देखते हैं कि भविष्य में पाकिस्तान का क्या हाल हो सकता है? 1-पाकिस्तान में मुनीर को हटाकर कोई सैन्य तानाशाह आ जाए, आंशिक लोकतंत्र भी खत्म हो जाए पाकिस्तान में मार्शल ला का इतिहास रहा है. यहां सेना ने अतीत में कई बार सत्ता हथियाई है जैसे 1958, 1977, 1999 में. वर्तमान में भी सेना का राजनीतिक प्रभाव मजबूत है. जिस तरह वर्तमान सेना प्रमुख असीम मुनीर के खिलाफ पाकिस्तान में हवा चल रही है उससे उनके लिए खतरा बढ़ रहा है. हो सकता है कि भारत के हाथों पाकिस्तानी सेना के मुंह की खाने के बाद सेना का कोई दूसरा सैन्य अधिकारी मुनीर को कैदकर खुद तानाशाह बन जाए. पिछले दिनों पाक सेना में आंतरिक असंतोष की तमाम खबरें आईं थीं. मार्च 2025 में, पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों (कर्नल, मेजर, कैप्टन रैंक) और जवानों ने असीम मुनीर के खिलाफ एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की गई. पत्र में उन पर सेना को राजनीतिक उत्पीड़न का हथियार बनाने, लोकतांत्रिक ताकतों को कुचलने और आर्थिक बर्बादी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया. पत्र में 1971 के युद्ध की तुलना की गई, जिसमें कहा गया कि मुनीर के नेतृत्व ने सेना की प्रतिष्ठा को गटर में डाल दिया और जनता के बीच सेना को बेगाना बना दिया. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और X पोस्ट्स में दावा किया गया कि 500 जवानों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया, हालांकि सेना मुख्यालय ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. जाहिर है कि पाक सेना में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि ऐसी स्थिति में नया नेतृत्व जन्म लेता है जो हमेशा तख्तापलट से ही आता है. आम जनता भी आर्थिक संकट, आतंकवाद, और राजनीतिक अस्थिरता के कारण सैन्य शासन को स्वीकर कर लेती है. 2-पाकिस्तान की स्थिति सीरिया जैसी हो सकती है पाकिस्तान के लिए युद्ध कितना मुश्किल है यह इससे समझा जा सकता है कि पाकिस्तान सरकार अभी से आर्थिक संकट में है. जाहिर है कि ऐसी दशा में कर्ज संकट ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और बेरोजगारी बढ़नी तय है. अगर ऐसा होता है तो सामाजिक अशांति (प्रदर्शन, हड़ताल) सीरिया जैसे विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे सकती है. बलूचिस्तान में BLA और KPK में PTM हिंसा को बढ़ा सकते हैं. सोशल मीडिया पर तमाम दावे हैं कि बलूचिस्तान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है, और भारत का समर्थन इस समस्या को और बढ़ा सकता है. TTP और ISIS-खोरासान जैसे समूह सीरिया के ISIS की तरह अराजकता फैला सकते हैं, विशेष रूप से KPK और बलूचिस्तान में. जाहिर है कि पाक सेना का पूरा ध्यान भारतीय सेना से बचाव पर रहेगा. इसका प्रभाव और सरकार की अक्षमता को बढ़ाएगा जो जनता के असंतोष को और बढ़ा सकती है, जैसा सीरिया में असद के खिलाफ हुआ. 3-भारत सीमित सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए भारत की रणनीति हो सकती है कि पाकिस्तान के साथ तनाव को सीमित सैन्य संघर्ष में बदल दिया जाए. पाहलगाम हमले के बाद जिस तरह के कदम भारत ने उठाए हैं वो कुछ ऐसा ही संकेत देते हैं. सिंधु जल संधि को निलंबित करना  और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम कुछ ऐसा ही फैसला है जो बताता है कि भारत सीधे जंग में उतरने की बजाय सीमित सैन्य संघर्ष को लंबा खींचना चाहेगा. भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से सीमा पर गोलीबारी, सर्जिकल स्ट्राइक, या हवाई हमले बढ़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, और ईरान ने संयम की अपील की है पर कोई भी खुलकर किसी भी पक्ष से सामने नहीं आना चाहता है. दरअसल सीमित संघर्ष से आर्थिक नुकसान विशेष रूप से पाकिस्तान को होगा. क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर है. भारत की सैन्य श्रेष्ठता (S-400, राफेल) उसे बढ़त दे सकती है. भारत यही चाहेगा कि पाकिस्तान युद्ध में इस तरह फंस जाए कि उसकी आर्थिक रूप से कमर टूट जाए. सेना भारतीय सीमा पर फंसेगी जिसके चलते पाकिस्तान में बलूच और खैबर पख्तुनवा, सिंध आदि में स्थिति अनियंत्रित हो जाएगी. 4-पाकिस्तान कम से कम 3 टुकड़ों में बंट जाए भारत जिस तरह की आक्रामकता इस बार दिखा रहा है उससे यही लगता है कि 1971 जैसे युद्ध के लिए वो तैयार है. अगर भारत और पाकिस्तान में सीधा मुकाबला होता है तो बलूचिस्तान, सिंध, और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्र अलग होने की उड़ान भर सकते हैं. कुछ लोगों का दावा है कि भारत, अफगानिस्तान और कुछ अन्य देश इन आंदोलनों को समर्थन दे सकते हैं. पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट में है. कर्ज का बोझ ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और … Read more

कुछ सेकेंड में तबाही मचा देता है भारत का स्वदेशी रॉकेट Pinaka, पाकिस्तान हो जाओ सावधान

नई दिल्ली  शांति का संदेश पूरे विश्व को देगा लेकिन साथ ही भारत आतंकवाद से लड़ेगा. भारत अपनी संप्रभुता को चुनौती देने वालों से लड़ेगा. भारत उसके नागरिकों का खून बहाने वालों से लड़ेगा. जो जिस जुबान में बात करेगा, उसे उसकी जुबान में जवाब देगा. इस बार इन सारे समीकरण में पाकिस्तान है जिसने न सिर्फ भारत की जमीं पर अटैक करने के लिए आतंकवादियों को पनाह और ट्रेनिंग दी बल्कि भारत के उनपर एक्शन लेने के बाद आम भारतीयों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. हवाई हमले के लिए ड्रोन भेजे और मिसाइल गिराने की जुर्रत की. लेकिन इन तमाम कोशिशों के बीच भारत की सेना और उनके हथियार डिफेंस की दीवार बनकर खड़े हैं. चलिए आपको मिलाते हैं पाकिस्तान जैसे हर विरोधी के लिए भारत के अस्त्र- पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम (Pinaka multi-barrel rocket launcher) से. आपको बताएंगे कि भारत के जखीरे में यह अस्त्र खास क्यों है, यह क्या करता है. गौरतलब है कि भारतीय सेना ने हाल ही में राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपने स्वदेशी रूप से विकसित पिनाका सिस्टम की लाइव फायरिंग ड्रिल का आयोजन किया. इसे ऑपरेशन सिंदूर के पहले पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तैयारियों का संदेश माना जा रहा था. पिनाका रॉकेट लॉन्चर: 44 सेकेंड में 72 रॉकेट लॉन्च आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि पिनाका का नाम आखिर पिनाका क्यों है. पिनाका दरअसल भगवान शिव का पौराणिक धनुष का नाम है इसी पर इस मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम का नाम रखा गया है. मल्टी बैरल सिस्टम होने का मतलब है कि इससे एक साथ कई रॉकेट को लॉन्च किया जा सकता है. यह भारत के तोपखाने की शक्ति का एक मुख्य घटक है. इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने डिजाइन किया है, और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लार्सन एंड टुब्रो जैसी भारतीय रक्षा कंपनियों ने इसे बनाया है. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाया गया है. यह डिफेंस सिस्टम में पहला पिनाक के रॉकेट में GPS भी लगा होता है और यह इसमें गाइडेड सिस्टम पहले से लगा होता है. विशेषज्ञों ने कहा कि पिनाका रॉकेट मैक 4.7 (5,800 किमी/घंटा) की गति तक पहुंच सकते हैं, जिससे उन्हें रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है. भारतीय सेना में चार पिनाका रेजिमेंट सेवा में हैं और छह और ऑर्डर पर हैं. किसी जंग की स्थिति में इसका सबसे बड़ा काम यही होता है कि यह दुश्मन के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में टारगेट पर बहुत कम समय में बड़े हमला करे. जनवरी में ही सरकार ने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए गोला-बारूद के 10,200 करोड़ रुपये के ऑर्डर को मंजूरी दे दी. भारत ने पहले ही आर्मेनिया को इसका निर्यात किया है और फ्रांस के साथ भी डील करने की बात चल रही थी.

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