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आज मंगलवार 13 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज 13 मई के दिन मजबूत रोमांटिक बॉन्डिंग देखने को मिलेगी। नौकरी में बेस्ट परिणाम देने के लिए कोशिश करें। स्मार्ट वित्तीय डिसीजन लेने के लिए आपकी मौद्रिक स्थिति अच्छी है। कोई बड़ी मेडिकल समस्या भी जीवन पर प्रभाव नहीं डालेगी। वृषभ: आज पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इसके अलावा ऐसी किसी भी बात को लेकर डिस्कस न करें, जिससे रिश्तों में कड़वाहट बढ़े। आपके इनोवेटिव विचार वर्कप्लेस पर काम आएंगे। कोई गंभीर समस्या नहीं होगी। मिथुन: आज के दिन खुद को हेल्दी रखें। काम का प्रेशर ज्यादा न लें। आज उत्साह आपकी सबसे बड़ी संपत्ति रहेगी। रिलेशनशिप की दिक्कतों को ज्यादा बढ़ने न दें। आज जीवनसाथी से मतभेद हो सकता है। कर्क: आज आपकी लीडरशिप स्किल को भी परखा जाएगा। आज का दिन आपके लिए सरप्राइज से भरपूर रहेगा। चुनौतियों को स्टेपिंग स्टोन में बदलना आप जानते हैं। लव के मामले में डेट पर जाना अच्छा रहेगा। इससे आपका बॉन्ड स्ट्रॉंग होगा। सिंह: आज का दिन मिक्स्ड एनर्जी वाला रहेगा। समझदारी से वित्तीय डीसीजन लें क्योंकि आज पैसा खूब कमाएंगे। करियर में ग्रोथ और बदलाव का एक महत्वपूर्ण समय है। आप चुनौतियों और रोमांचक अवसरों के मिश्रण का सामना कर सकते हैं। कन्या: आज का दिन आपके लिए पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहेगा। आज मुश्किलों को मुस्कुराहट के साथ पार करें। प्यार का जश्न मनाएं और रोमांटिक संबंधों से अहंकार को दूर रखें। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। तुला: आज किसी भी तरह की बहस में आज न उलझें। सभी मसले सुलझाकर रोमांटिक लाइफ बरकरार रखें। उत्पादकता का कोई बड़ा मुद्दा पेशेवर जीवन पर असर नहीं डालेगा। दूसरों की भावनाओं के प्रति आपको सेंसिटिव रहना चाहिए। वृश्चिक: आज का दिन प्रेम, करियर और वित्त में वृद्धि के पर्याप्त अवसरों का वादा करता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करने की सलह दी जाती है। अपनी मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने पर फोकस करें। फिटनेस पर गौर फरमाएं। धनु: आज अप्रत्याशित बदलाव का अनुभव हो सकता है, जो समृद्धि और विकास का अवसर लाएगा। हेल्थ के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। सर्वोत्तम परिणाम पाने के लिए परिवर्तन को खुली बांहों से स्वीकार करें। मकर: आज बदलावों भरे दिन के लिए रेडी रहें। अवसरों और व्यक्तिगत विकास पर अपना फोकस रखें। आज का दिन आपको पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर सोच-विचार करने के लिए मोटिवेट कर रहा है। विकास के अवसर मिलेंगे, जिससे आपको काफी अच्छा लाभ होगा। कुम्भ: आज उथल-पुथल भरे दिन का सामना करेंगे। प्रेम जीवन को बरकरार रखने के लिए सोल्यूशन पर फोकस करें। चुनौतियान आपको डराती नहीं हैं। ऑफिस में शांत रहें और सभी कार्य पूरे करें। आर्थिक रूप से भाग्यशाली होने के लिए हर विकल्प पर विचार करें। मीन: आज का दिन शानदार रहेगा। प्रेम संबंधी मुद्दों को सकारात्मक सोच के साथ सुलझाएं। ऑफिस में कोई बड़ी परेशानी नहीं रहेगी। आर्थिक रूप से आप समृद्ध हैं। आपका स्वास्थ्य आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं देगा।

अमेरिका नहीं चाहता था कि पाकिस्तान बिखर जाए, कर्ज पर टिकी इकॉनमी, भारत के सामने घुटने टेकने पड़े

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 10 मई की शाम को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता हो गया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से आई तस्वीरों में जश्न का सा माहौल था, जबकि भारत में जैसे चुप्पी साध ली गई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे अपनी जीत बताते हुए पाकिस्तानी सेना को बधाई तक दे डाली। US-चीन एकमत: पाकिस्तान में मनाई जा रही खुशी समझौते की है या फिर इसलिए कि ट्रंप ने हार से बचा लिया? भारत के लोग इसे किस नजरिए से देखें? यह मसला दो देशों के बीच का था, तो ट्रंप ने इसकी घोषणा क्यों की? क्या इसका संदेश यह नहीं जाता कि ट्रंप हर हाल में पाकिस्तान को बचाना चाह रहे थे। वैसे चीन भी नहीं चाहता था कि भारत-पाकिस्तान टकराव जारी रहे क्योंकि कुछ मामलों में उसकी भी भद्द पिट रही थी, अमेरिका ने उसकी इच्छा पूरी कर दी। तो क्या पाकिस्तान मसले पर अमेरिका और चीन एकमत थे? ट्रंप की बेचैनी: सिद्धांत रूप से चीन के लिए दक्षिण एशिया में पाकिस्तान का वही महत्व है, जो पश्चिम एशिया में अमेरिका के लिए इस्राइल का। अमेरिका भी पाकिस्तान को इसी नजरिए से देख रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि इसी वजह से ट्रंप इतने बेचैन थे? समझौते के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मालिक ने जो ट्वीट किया, उसके कुछ तो मायने हैं, ‘संघर्ष विराम 10 मई 2025 : हमने भारत के भविष्य को यह पूछने के लिए छोड़ दिया है कि पाकिस्तानी आतंकवादी हमले (22 अप्रैल को पहलगाम में) के बाद अपनी कार्रवाइयों से भारत ने कोई राजनीतिक या रणनीतिक लाभ हासिल किया या नहीं।’ ऐसा ही कुछ पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने भी अपने ट्वीट की अंतिम पंक्ति में लिखा है, ‘ …हम हर बार घटनाओं पर आधारित प्रतिक्रिया देकर अपने लोगों की जान नहीं गंवा सकते। यह तीसरी बार है, अब आगे कोई और मौका नहीं।’ अनसुनी पुकार: ट्रंप के लिए यह खुशी का अवसर हो सकता है, वह दुनिया को यह संदेश देने में कामयाब हो गए कि अमेरिका अब भी दुनिया का लीडर है। उनके विदेश मंत्री ने इसका भरपूर प्रचार भी कर दिया। अमेरिका मानव हानि से बड़ा आहत दिखा। होना भी चाहिए। लेकिन क्या भारत से अधिक कोई राष्ट्र मानवीय संवेदनाओं से संपन्न है? स्पष्टतया नहीं। 1990 के दशक से ही भारत दुनिया को पाकिस्तान की आतंकी हरकतों का सबूत देता चला आ रहा है, पर किसी ने नहीं सुना। लेकिन, जैसे ही 9/11 की घटना हुई, अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ दी। अमेरिका ने जब काबुल में तबाही फैलाई, तो क्या आम अफगानी नहीं मरा? पाकिस्तान पर मौन: काबुल के बाद अमेरिका ने बगदाद को निशाना बनाया, जिसका कोई औचित्य नहीं था। हां, उसे सद्दाम हुसैन की तरफ से कुछ खतरे दिख रहे होंगे, और उसने बगदाद का ध्वंस कर दिया। दुनिया उस समय मौन थी या तालियां बजा रही थी। दुनिया इस बात पर भी मौन रही कि दक्षिण एशिया में आतंकवाद का एपीसेंटर पाकिस्तान है, और उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। आतंक की जड़: यह स्थापित हो चुका है कि पाकिस्तान ही एशिया में आतंकवाद की जड़ है। लेकिन, अमेरिका ने अफगान वॉर में उसे सिपहसालार बना लिया था। यह बात तो अमेरिकी सेना के जनरल डेविड पेट्रास ने भी कही थी कि अल-कायदा, पाकिस्तानी तालिबान, अफगान तालिबान, TNSM (तहरीक-ए-नफज-ए-शरीयत-ए-मोहम्मदी) के बीच सिम्बियोटिक रिलेशनशिप है, फिर भी अमेरिका खामोश रहा। दबाव बढ़ रहा था: अंतरराष्ट्रीय मीडिया की खबरें बता रही थीं कि पाकिस्तान काफी दबाव में है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा था, ‘भारत ने आतंकी संगठनों पर कार्रवाई कर पाकिस्तान को यह संदेश दिया है कि अब वह ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। पाकिस्तान अंदरूनी समस्याओं से जूझ रहा है। इमरान खान जेल में हैं, चुनाव विवादित रहे हैं। देश आर्थिक संकट में है…।’ पाकिस्तान में घबराहट: वहां तख्तापलट या मार्शल लॉ लागू होने की आशंकाएं जोर पकड़ रही थीं। टॉप लीडर और वरिष्ठ सैन्य अफसर अपना पैसा विदेश भेजने लगे थे। पाकिस्तान के स्टेट बैंक की जांच में यह बात पता चली। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के ओपन एक्सचेंज मार्केट से डॉलर मिलना मुश्किल होने लगा था। उसके पास 12 दिन का आयात बिल चुकाने भर का विदेशी मुद्रा भंडार ही बचा था। अगर IMF से बेलआउट पैकेज की अगली किस्त न जारी होती, तो पाकिस्तान की आर्थिक गतिविधियां ही ठप पड़ जातीं। अब सवाल है कि जिस IMF में अमेरिकी इच्छा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता, वहां भारत के विरोध के बाद भी पाकिस्तान को कर्ज मिल जाना क्या संकेत देता है? बिखरने से बचाया: अमेरिका को अच्छी तरह मालूम था कि कर्ज पर टिकी इकॉनमी की वजह से पाकिस्तान को भारत के सामने घुटने टेकने पड़ेंगे। अमेरिका नहीं चाहता था कि ऐसा हो और पाकिस्तान बिखर जाए। ऐसे तो दक्षिण एशिया में भारत के लिए कोई चुनौती ही नहीं रह जाती। अमेरिका को यह स्वीकार नहीं था। उसे पाकिस्तान को बचाना था और इसका एक ही रास्ता था, समझौता।

पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, वह अपने कर्जों को चुकाने के लिए काफी नहीं: मूडीज

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो चुका है। दोनों देशों के बीच हुए इस संघर्ष में पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। बताया जा रहा है कि तीन दिन से कुछ ज्यादा समय तक चली इस लड़ाई में पाकिस्तान को करीब 4 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। यह रकम हाल ही में आईएमएफ से मिले 2.4 बिलियन डॉलर के लोन के मुकाबले कहीं ज्यादा है। ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर से आईएमएफ या किसी दूसरी संस्था से लोन लेने के लिए हाथ फैला सकता है। पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। भारतीय सेना ने पिछले हफ्ते मंगलवार रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले से पाकिस्तान बौखला गया था और उसने भारतीय सेना और सीमा से सटे आम नागरिकों को निशाना बनाया। भारत ने भी पाकिस्तान के इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था। दोनों देशों के बीच तीन दिन तक संघर्ष चला। शनिवार को सीजफायर हो गया। पाकिस्तान को कितना नुकसान? तीन दिन से कुछ ज्यादा समय चले इस संघर्ष में पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान हुआ है। अमेरिका की एनालिस्ट सहर खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान मीडिया की एक खबर को शेयर करते हुए एक पोस्ट की है। इस पोस्ट में उन्होंने बताया है कि इस संघर्ष में पाकिस्तान को करीब 4 अरब डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी है। सहर खान ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपनी पोस्ट में बताया है कि पाकिस्तान को किस चीज में कितना नुकसान हुआ है: मिलिट्री ऑपरेशंस: 25 मिलियन डॉलर प्रतिदिन ड्रोन और मिसाइल ऑपरेशंस: 300 मिलियन डॉलर शेयर मार्केट में गिरावट: 2.5 बिलियन डॉलर पीएसएल सस्पेंड होने से: 10 मिलियन डॉलर एयरस्पेस बंद होने से: 20 मिलियन डॉलर कितना मंजूर हुआ लोन? भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में पाकिस्तान को 2.4 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया है। इस बेलआउट पैकेज में एक मौजूदा कार्यक्रम से 1 अरब डॉलर और 1.4 अरब डॉलर का नया लोन शामिल है। भारत ने आईएमएफ में इस वोटिंग के दौरान भाग नहीं लिया, क्योंकि भारत इस बेलआउट पैकेज के खिलाफ था। पाकिस्तान को आईएमएफ से जितना लोन मिला है, उससे कहीं ज्यादा रकम वह खर्च कर चुका है। भरत नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने सहर खान की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है, ‘उन्होंने यानी पाकिस्तान ने IMF का लोन जारी होने से पहले ही इसे खर्च कर दिया।’ पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी बुरी पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अभी बहुत खराब है। मूडीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, वह अगले कुछ सालों में अपने कर्जों को चुकाने के लिए काफी नहीं है। पाकिस्तान के पास अभी करीब 15 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। वहीं, भारत के पास 688 अरब डॉलर से भी ज्यादा का भंडार है। पाकिस्तान कई देशों से लोन ले चुका है। साल 1948 से अकेले अमेरिका ने पाकिस्तान को 40 अरब डॉलर की आर्थिक और सैन्य मदद दी है। अगर कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप को भी मिला लें, तो यह आंकड़ा 55 अरब डॉलर से ज़्यादा हो जाता है।

अमेरिका और चीन के बीच हुई ट्रेड डील, ट्रंप के हाई टैरिफ से मिलेगी राहत

वाशिंगटन अमेरिका और चीन ने हाल ही में एक-दूसरे पर लगाए गए भारी शुल्कों को कम करने का फैसला किया है। दोनों देशों के बीच दो दिनों तक चली उच्च-सतरीय वार्ता के बाद आज (सोमवार को) जिनेवा में एक संयुक्त बयान जारी किया गया है, जिसके अनुसार, अमेरिका और चीन एक-दूसरे के उत्पादों पर अस्थायी रूप से यानी 90 दिनों के लिए टैरिफ कम करने पर सहमत हो गए हैं। ताकि व्यापार तनाव को कम किया जा सके और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को आपसी मतभेद सुलझाने के लिए तीन महीने का वक्त मिल सके। सोमवार को जारी किए गए बयान के अनुसार, अधिकांश चीनी आयातों पर अमेरिका ने 145% टैरिफ को 115 फीसदी घटाकर सिर्फ 30% तक लाने का अस्थाई फैसला किया है।इसमें फेंटेनाइल से जुड़ी दर भी शामिल है। चीन भी अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए 125% टैरिफ को 115 फीसदी तक घटाकर अब 10% तक लाने पर सहमत हुआ है। हालांकि, इस डील में पेच यह है कि यह सिर्फ 90 दिनों के लिए ही है। चर्चा जारी रखने पर भी बनी सहमति अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर 145 प्रतिशत शुल्क दर को घटाकर 30 प्रतिशत करने पर जबकि चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर अपनी दर को घटाकर 10 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ग्रीर और अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेनेवा में संवाददाता सम्मेलन में शुल्क कटौती की घोषणा की। दोनों अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने व्यापार मुद्दों पर चर्चा जारी रखने की रुपरेखा तैयार की है। दो दिन की वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन में बेसेंट ने कहा कि उच्च शुल्क स्तर से दोनों पक्षों के सामान पर पूरी तरह रोक लग गई ऐसा परिणाम कोई भी पक्ष नहीं चाहता। बेसेंट ने कहा, ‘‘ इस सप्ताहांत दोनों प्रतिनिधिमंडलों की आम सहमति यह है कि कोई भी पक्ष अलगाव नहीं चाहता है। इन उच्च उच्च शुल्क से जो हुआ … वह अवरोध के बराबर था। कोई भी पक्ष ऐसा नहीं चाहता। हम व्यापार चाहते हैं। हम अधिक संतुलित व्यापार चाहते हैं। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने चीन पर अमेरिकी शुल्क को बढ़ाकर 145 प्रतिशत कर दिया था और चीन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी आयात पर 125 प्रतिशत का शुल्क लगाया था। इतने अधिक शुल्क का मतलब है कि दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं जिससे व्यापार बाधित हो रहा है, जो पिछले वर्ष 660 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक था। अमेरिका और चीन की घोषणा से शेयर बाजारों में उछाल आया। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में करीब तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई। जर्मनी तथा फ्रांस के बाजार में 0.7 प्रतिशत की तेजी आई।

चंद्रपुर में दो दिन में बाघ ने चार लोगों की ले ली जान, ग्रामीणों में दहशत

राजनांदगांव महाराष्ट्र के टाइगर बेल्ट में एक दुखद घटना हुई। दो दिन में बाघ ने चार लोगों की जान ले ली। शनिवार दोपहर को बाघ ने एक ही हमले में तीन महिलाओं को मार डाला था। यह पहली बार है जब एक बाघ ने एक साथ इतने लोगों की जान ली है। इसके बाद रविवार को एक और ग्रामीण की मौत हो गई। यह घटना सिंदेवाही वन रेंज के पास मेंढमाल गांव के जंगल में हुई। वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक बाघ ने एक ही हमले में तीन लोगों को मार डाला और एक को घायल कर दिया। कुछ महिलाएं तेंदूपत्ता इकट्ठा करने जंगल में गई थीं। तभी एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद, वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। वन विभाग ने बाघ की पहचान करने के लिए इलाके में कैमरे लगाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि वन्यजीवों के रहने की जगह कम होती जा रही है। महाराष्ट्र में पिछले तीन सालों में जंगली जानवरों के हमलों में 225 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें बाघों के हमलों में हुई हैं। इलाके की गश्त बढ़ाई गई वरिष्ठ वन अधिकारियों ने कहा कि एक बार जब बाघ की पहचान हो जाएगी, तो उसे बेहोश करने और पकड़ने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को औपचारिक अनुरोध भेजा जाएगा। गांव वाले इस हमले से बहुत दुखी हैं। उन्होंने बाघ को तुरंत पकड़ने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को जंगल में न जाने की चेतावनी दी है। इस हमले के साथ, चंद्रपुर जिले में 2025 में वन्यजीवों से संबंधित मौतों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। ये सभी मौतें बाघों के हमलों में हुई हैं। पिछले साल, ऐसी 29 मौतें हुई थीं, जिनमें से 27 बाघों के हमलों में हुई थीं। 2023 में, यह संख्या 25 थी। सबसे ज्यादा मौतें 2022 में हुई थीं, जब 51 लोग मारे गए थे। इनमें से 44 को बाघों ने और 7 को तेंदुओं ने मारा था।

भारत और पाक के बीच सीजफायर:ट्रंप की मध्यस्थता से लेकर पहलगाम हमले पर भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली/रायपुर भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होते ही एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंफ के सीजफायर के एलान से लेकर पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को लेकर सरकार से सवाल कर रही है. कांग्रेस की ओर से अबकी बार मोर्चा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने संभाला है. छत्सीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. जब भी संकट आया कांग्रेस ने राजनीति की बजाय देशहित को आगे रखा. 1971 में अमेरिका के दबाव के बावजूद इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में राजनीति नहीं राष्ट्रवाद चाहिए. दुश्मन के सामने कमजोरी नहीं ताकत दिखाएं. सरकार बताए कि क्या अमेरिका के दबाव में हममें अपनी नीति बदल दी? कांग्रेस ने अपने तमाम कार्यक्रम रद्द किए. संकट के समय जब पूरा देश एकजुट था तब सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता राजनीतिक बयानबाजी कर रहे थे. संसद का बुलाया जाए विशेष सत्र कांग्रेस नेता ने कहा, कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन हम पारदर्शिता की मांग करते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सीज फायर का ऐलान क्या कूटनीतिक नाकामी नहीं है? क्या हमनें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार कर ली? क्या शिमला समझौता रद्द हो गया? हम आतंक के खिलाफ लड़ रहे थे, बीच में कश्मीर का मुद्दा आ गया! संसद का विशेष सत्र बुलाकर बताया जाए कि संघर्ष विराम की शर्तें क्या हैं? सर्वदलीय बैठक बुलाकर शंकाओं का समाधान किया जाए. पहलगाम के आतंकियों का क्या हुआ? भूपेश बघेल ने सीजफायर के साथ-साथ पहलगाम आतंकी हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी प्रवक्ता का ये कहना कि बदला ले लिया गया है, जो कई सवाल उठाता है. पहलगाम के चारों आतंकियों का क्या हुआ? वो पकड़े गए या मारे गए? सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी किसकी है? क्या गृहमंत्री इस्तीफा दे रहे हैं?

भारत के हमले से रहीम यार खान एयरबेस का रनवे तहस-नहस, एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित

लाहौर पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान रहीम यार खान एयरबेस अब काम नहीं कर पा रहा है. भारत की ओर से किए गए जवाबी हमले ने इस एयरपोर्ट के रनवे को तहस-नहस कर दिया है. अब पाकिस्तान ने फिलहाल एक सप्ताह के लिए इस एयरबेस को एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित कर दिया है. पाकिस्तान ने इस बाबत नोटम (NOTAM) नोटिस टू एयरमैन जारी किया है. ये नोटिस पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार शाम को जारी किया है. ये नोटम 10 मई को पाकिस्तानी समय के अनुसार 4 बजे शाम से प्रभावी हो गए हैं और 18 मई 5 बजे तक प्रभावी रहेगा. यानी कि इतने समय तक रहीम यार खान नूर बेस काम नहीं करेगा. पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि बंद करने का कारण वर्क इन प्रोग्रेस है. लेकिन पाकिस्तान ने शातिराना चालाकी करते हुए ये नहीं बताया है कि वो जंग जैसे इतने अहम समय में अपने सैन्य हवाई अड्डे पर क्या काम कर रहा है. नोटम में कहा गया है कि फिलहाल ये एयरबेस उड़ान के लिए संचालित नहीं होगा. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दक्षिणी भाग में इस महत्वपूर्ण एयरबेस को अस्थायी रूप से बंद करना और बंद करने का समय और इसकी टाइमिंग इस एयरबेस पर भारत की ओर से किए गए तगड़े हमले की पुष्टि करती है. रहीम यार खान एयरबेस, जिसे आधिकारिक तौर पर शेख जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Shaikh Zayed International Airport) के नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहीम यार खान शहर के पास स्थित है. यह हवाई अड्डा शहर से लगभग 4.6 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. रहीम यार खान एयरबेस पर हमले का असर रविवार शाम को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक ब्रीफिंग में, भारतीय वायु सेना ने उपग्रह चित्रों से पुष्टि की कि रहीम यार खान वायु सेना अड्डे के रनवे पर भारत ने स्ट्राइक किया था. इस हमले में ये हवाई अड्डा तबाह हो गया था. नोटम के लिए जारी इस मैसेज में लिखा गया है. “RWY NOT AVBL FOR FLT OPERATION WIP” अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार, NOTAM में कोड ‘WIP’ का उपयोग प्रगति पर चल रहे कार्य को दर्शाता है. अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के अनुसार, ‘WIP’ हवाई अड्डे की सतह पर किए जा रहे किसी भी कार्य को दर्शाता है. यह देखते हुए कि NOTAM में विशेष रूप से एयरबेस पर रनवे का उल्लेख किया गया है, यह दर्शाता है कि रनवे पर ही प्रगति पर काम चल रहा है. रहीम यार खान एयरबेस में शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी है. फ्लाइटराडार24 पर उपलब्ध एयरपोर्ट डेटा के अनुसार, इसका एकमात्र रनवे- रनवे 01/19- बिटुमिनस सरफेस वाला है और इसकी लंबाई 3,000 मीटर या 9,843 फीट है. यूं तो इस एयरपोर्ट को पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (PCAA) द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग पाकिस्तान वायु सेना (PAF) द्वारा भी सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है. बता दें कि 10 मई को पाकिस्तानी हमले का जवाब देते हुए भारत ने पड़ोसी मुल्क के कई सैन्य एयरपोर्ट को निशाना बनाया. भारत के मिसाइल हमले में रफीकी, मुरीद, चकलाला, सुक्कुर, रहीम खान एयरबेस, चुनियां एयरबेस, नूर खान एयरबेस, सरगोधा एयरबेस को मुख्य रूप से निशाना बनाया. भारत के हमले में रहीम खान एयरबेस को तगड़ा नुकसान पहुंचा था. और इसकी हवाई पट्टी पर बड़ा गड्ढ़ा बन गया था. अब पाकिस्तान इन मलबों को साफ कर रहा है. और गड्ढे की मरम्मत कर रहा है. एयरबेस का मुख्य रनवे जो लगभग 3,000 मीटर लंबा है, पूरी तरह से तबाह हो गया. सैटेलाइट इमेजरी और वीडियो फुटेज में रनवे पर बड़ा गड्ढा दिखाई देता है. रिपोर्ट के अनुसार भारत के हमलों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर और दो हैंगर तबाह हो गए. रडार यूनिट और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा, जिससे एयरबेस की संचालन क्षमता अस्थायी रूप से ठप हो गई है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने इन एयरबेसों पर अपने फाइटर जेट्स से एयर-टू-सरफेस मिसाइलें दागीं. भारत ने रविवार को कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 आतंकी मारे गए हैं. जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी जवान और अधिकारी मारे गए हैं.  

भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार, मृत्यु दर 130 से घटकर 93 हुई

नई दिल्ली भारत में मातृ और शिशु मृत्य दर में वर्ष 2014 से 2021 के बीच बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य एवं परिवारण कल्याण मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2014-16 के दौरान जो मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख पर 130 थी वह 2021 में घटकर 93 रह गई है। इसी तरह शिशु मृत्यु दर में भी कमी आई है। 2014 में प्रति एक हजार शिशुओं में 39 की मौत होती थी जो अब घटकर 27 रह गई है। यह जानकारी भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) की ओर से जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट में दी गई। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह 2030 तक मातृ मृत्यु दर को 70 तक कम करने के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आठ राज्यों केरल (20), महाराष्ट्र (38), तेलंगाना (45), आंध्र प्रदेश (46), तमिलनाडु (49), झारखंड (51), गुजरात (53), और कर्नाटक (63) ने पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इन राज्यों ने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और मातृ देखभाल सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए हैं। नवजात मृत्यु दर में आई कमी नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 2014 में 26 से घटकर 2021 में 19 हो गई, जबकि पांच वर्ष से कम आयु की मृत्यु दर 45 से घटकर 31 हो गई। ये संकेतक भारत में नवजात और बच्चों की देखभाल में महत्वपूर्ण प्रगति के दर्शाते हैं। इसके अलावा, जन्म के समय लिंगानुपात 2014 में 899 से सुधरकर 2021 में 913 हो गया। यह लैंगिक संतुलन में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। कुल प्रजनन दर (टीएफआर) भी 2014 में 2.3 से घटकर 2021 में 2.0 पर स्थिर रही, जो जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में प्रगति को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर भारत का बेहतर प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु अनुमान इंटर-एजेंसी समूह (यूएन-एमएमईआईजी) की 2000-2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का एमएमआर 2020 से 2023 तक 23 अंक कम हुआ। 1990 से 2023 तक भारत में एमएमआर में 86 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह कमी केवल 48 प्रतिशत थी। संयुक्त राष्ट्र शिशु मृत्यु अनुमान समूह (यूएन-आईजीएमई) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने यू5एमआर में 78 प्रतिशत, एनएमआर में 70 प्रतिशत, और आईएमआर में 71 प्रतिशत की कमी दर्ज की, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है। वहीं सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 और 2021 में भारत की अतिरिक्त मृत्यु दर 9.3% रही। आयुष्मान भारत को क्रेडिट इस प्रगति का श्रेय सरकार की आयुष्मान भारत को दिया जा सकता है। यह विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम है। इसके तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाता है। मंत्रालय ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य इकाइयों, जैसे मातृ प्रतीक्षा गृह, मातृ-शिशु स्वास्थ्य विंग, ऑब्स्टेट्रिक हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), और नवजात स्थिरीकरण इकाइयों (एनबीएसयू) की स्थापना पर ध्यान केंद्रित किया है। गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त संस्थागत प्रसव, सिजेरियन डिलीवरी, मुफ्त परिवहन, दवाएं, निदान, और पोषण सहायता सुनिश्चित की गई है। वहीं, नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 26 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 19 हो गई है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 45 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 31 हो गई है। जन्म के समय लिंग अनुपात 2014 में 899 से सुधरकर 2021 में 913 हो गया है। कुल प्रजनन दर 2021 में 2.0 पर स्थिर है, जो 2014 में 2.3 से उल्लेखनीय सुधार है। एसआरएस 2021 रिपोर्ट के अनुसार, देश में केरल (20), महाराष्ट्र (38), तेलंगाना (45), आंध्र प्रदेश (46), तमिलनाडु (49), झारखंड (51), गुजरात (53), कर्नाटक (63)। राज्य पहले ही एमएमआर (2030 तक <=70) का एसडीजी लक्ष्य प्राप्त कर चुके हैं। वहीं, बारह (12) राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पहले ही यू5एमआर (2030 तक <=25) का एसडीजी लक्ष्य प्राप्त कर चुके हैं- केरल (8), दिल्ली (14), तमिलनाडु (14), जम्मू और कश्मीर (16), महाराष्ट्र (16), पश्चिम बंगाल (20), कर्नाटक (21), पंजाब (22), तेलंगाना (22), हिमाचल प्रदेश (23), आंध्र प्रदेश (24) और गुजरात (24)। इसके अलावा, 6 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले ही एनएमआर का एसडीजी लक्ष्य (वर्ष 2030 तक <=12) प्राप्त कर चुके हैं, जिसमें शामिल हैं -केरल (4), दिल्ली (8), तमिलनाडु (9), महाराष्ट्र (11), जम्मू और कश्मीर (12) और हिमाचल प्रदेश (12)। दरअसल, सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं को गरिमापूर्ण, सम्मानजनक और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी देने के लिए एकीकृत किया गया है। यह पूरी तरह से निःशुल्क है। इसमें देखभाल से इनकार करने के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। वहीं, आयुष्मान भारत विश्‍व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन पहल है जो प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है, जिससे वित्तीय सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित होती है। केंद्रित सहयोग यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में निःशुल्क परिवहन, दवा, निदान और पोषण सहायता के साथ-साथ सीजेरियन सेक्शन सहित नि:शुल्क संस्थागत प्रसव का अधिकार हो। समावेशी और न्यायसंगत पहुँच सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय ने मातृत्व प्रतीक्षा गृह, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग, प्रसूति उच्च निर्भरता इकाइयाँ (एचडीयू)/गहन देखभाल इकाइयाँ (आईसीयू) नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाइयाँ (एनबीएसयू), बीमार नवजात शिशु देखभाल इकाइयाँ (एसएनसीयू), माँ-नवजात शिशु देखभाल इकाइयाँ, और जन्म दोषों की जाँच के लिए समर्पित कार्यक्रम स्थापित करके स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत किया है। वहीं, समय से पहले प्रसव के लिए प्रसवपूर्व कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स की व्यवस्‍था, निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (सीपीएपी) का उपयोग, और सुनने और दृष्टि की जांच के लिए संरचित अनुवर्ती जैसी प्रमुख नैदानिक ​​व्‍यवस्‍थाएं नवजात शिशु के जीवित रहने के परिणामों में सुधार करने में योगदान करती हैं। इन उपायों से सालाना लगभग 300 लाख सुरक्षित गर्भधारण और 260 लाख स्वस्थ जीवित जन्म होते हैं।

तनाव के बीच भारत ने चीन पर कंसा शिकंजा, 5 साल के लिए सोलर ग्लास पर लगाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (India-Pakistan Tension) कम हो गया है और सीमा पर सीजफायर लागू है. एक ओर जहां अमेरिका की ओर से Indo-PAK Ceasefire का ऐलान बीते शनिवार को किया गया था, तो उसी दिन चीन पाकिस्तान को उकसाते हुए नजर आया था. अब सीजफायर के बाद भारत ने China को तगड़ा झटका दिया है, जिसका असर 5 साल तक ड्रैगन पर देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं भारत सरकार ने ऐसा क्या फैसला लिया है? 5 साल के लिए लगाई एंटी डंपिंग ड्यूटी   India-Pakistan के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद भारत सरकार ने चीन को निशाने पर लिया है और उस पर नया टैरिफ बम फोड़ा है. जी हां, चीन से आयातित टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा दी है और ये अगले पांच साल के लिए लगाई गई है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने 460 डॉलर-681 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के बीच एंटी डंपिंग ड्यूटी को नोटिफाई किया है. क्यों लिया भारत सरकार ने फैसला? अब सवाल कि भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बाद सीजफायर और चीन का पाकिस्तान को उकसाने के बीच भारत सरकार (Indian Govt) ने आखिर ड्रैगन को लेकर ये फैसला क्यों लिया. तो बता दें कि भारत के डीजीटीआर (DGTR) यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज ने ये पाया कि चीन बहुत कम कीमतों पर टाइटेनियम डाइऑक्साइड देश में डंप कर रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है और इसीके मद्देनजर ये एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला लिया गया है. इन सेक्टर्स पर दिखेगा असर यहां बता दें कि टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) का इस्तेमाल तमाम सेक्टर्स में किया जाता है. इनमें पेंट, प्लास्टिक, कागज, खाद्य उद्योग शामिल हैं. ऐसे में इनसे जुड़ी भारतीय कंपनियों पर सरकार के इस फैसले का असर देखने को मिलेगा. खासतौर पर पेंट्स कारोबार से जुड़ी भारतीय कंपनियों Asian Paints, Berger Paints, Shalimar Paints समेत अन्य आने वाले दिनों में फोकस में रहेंगी. US के साथ China की बनी बात! उधर दूसरी ओर ग्लोबल ट्रेड वॉर का मुद्दा बने अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं. दरअसर, US-China ट्रेड डेफिसिट को कम करने को  लेकर जेनेवा में डील फाइनल हो गई है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, उन्होंने चीन के साथ दो दिवसीय बैठकों के बाद एक समझौता किया है, जिससे अमेरिका को अपना 1.2 ट्रिलियन डॉलर व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि, ये खुलासा नहीं किया कि कैसे अमेरिका का ट्रेड डेफिसिट कम होगा और न ही उन्होंने टैरिफ कटौती पर स्पष्ट ऐलान नहीं किया है.

उत्तराखंड में फिर लौटे टूरिस्ट, नैनीताल-मसूरी में भीड़-होटल फुल; ट्रैफिक डायवर्ट

देहरादून  पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई थी। केदारनाथ-बदरीनाथ सहित उत्तराखंड के चारों धामों में भी भक्तजनों की संख्या में भी कमी देखी गई थी। लेकिन, भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने लगा है। यूपी के सहारनपुर, मुरादाबाद, मेरठ, मुज्जफरनगर, बिजनौर सहित दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से पर्यटक भारी संख्या में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड में नैनीताल, हल्द्वानी, मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि टूरिस्ट स्पॉटों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने लगा है। नैनीताल, मसूरी, हरिद्वार और आसपास क्षेत्रों के पर्यटन कारोबार को राहत मिलने की उम्मीद है। टूरिस्ट स्पॉटों में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली। नैनीताल जू, हिमालयन बॉटनिकल गार्डन, वुडलैंड वाटरफॉल, जीरो प्वाइंट, माल रोड में पर्यटक दिनभर चहलकदमी करते दिखाई दिए। नौकायन का लुत्फ लेने को भी भीड़ उमड़ी। अप्रैल तीसरे सप्ताह से नैनीताल की ओर पर्यटकों का आना कम होने लगा था। मई की शुरुआत में शहर में घटना के बाद होटल, होम स्टे करीब खाली हो गए थे। हालांकि, रविवार को पर्यटकों की संख्या बढ़ने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली। सुबह से नौकायन को अच्छी भीड़ रही। जू में दिनभर में 876, बॉटनिकल गार्डन में 300 , वाटरफॉल में 877 पर्यटक आए। वहीं मेट्रोपोल पार्किंग में पर्यटकों के 180 और डीएसए पार्किंग में 270 वाहन पार्क हुए। पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। पर्यटकों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट बुद्ध पूर्णिमा स्नान को लेकर पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार है। पर्यटकों की भीड़ और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं सहित चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी बनाया गया है। भारी वाहनों को हाईवे पर नारसेन बॉर्डर पर रोका जा रहा है। हरिद्वार में पार्किंग पूरी तरह से फुल है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक भी डायवर्ट किया नेशनल हाईवे सहित शहर की सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। सोमवार सुबह से ही हरिद्वार की हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों में आस्था की डुबकी लगाने के लिए तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली है। होटल पूरी तरह पैक-पार्किंग भी फुल उत्तराखंड के कई पर्यटन स्थलों में एडवांस बुकिंग होने शुरू हो गई है। नैनीताल, मसूरी, हरिद्वार आदि शहरों में होटल पूरी तरह से पैक हैं। इसी के साथ ही पार्किंग भी फुल हो गए हैं। टूरिस्टों की भारी भीड़ को देखते हुए होटल कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। चारधाम यात्रा रूट सहित पर्यटन स्थलों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। 24 घंटे में 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब निरंतर उमड़ रहा है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बीते 24 घंटों में 16,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालु रेल, बस और निजी वाहनों के माध्यम से टनकपुर पहुंच रहे हैं, जिस कारण ककराली गेट से लेकर मुख्य मंदिर तक लगातार भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। मंदिर मार्ग भक्ति, श्रद्धा और आस्था के अद्भुत वातावरण से गुंजायमान है। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षाकर्मी, सीसीटीवी निगरानी, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, शौचालय, महिला सहायता केंद्र, साफ-सफाई इत्यादि सहित सम्पूर्ण मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस फोर्स की ओर से मंदिर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को सतर्कता के साथ लागू किया गया है। भीड़ नियंत्रण, मार्गदर्शन एवं सहायता सेवाओं को पूरी मुस्तैदी से संचालित किया जा रहा है।

सीएम साय बोले – टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की यात्रा वैश्विक खेल जगत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय रही

रायपुर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज़ विराट कोहली द्वारा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी विराट कोहली के क्रिकेट करियर को ‘एक स्वर्णिम अध्याय’ बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विराट कोहली को अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर टैग करते हुए लिखा, देश के गौरव, क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है। टेस्ट क्रिकेट में उनकी यह यात्रा न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए बल्कि वैश्विक खेल जगत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय रही है। उन्होंने देश के लिए अनेक महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं और भारत को जीत दिलाई है एवं अपने करोड़ों प्रशंसकों को गौरव की अनुभूति कराई है। टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान सदैव भारतीय क्रिकेट और युवाओं की प्रेरणा के रूप में स्मरणीय रहेगा।     गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। रोहित के संन्यास लेने के 5 दिन बाद विराट कोहली ने भी क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट से विदाई ले ली है। इस तरह स्टार बल्लेबाज़ के 14 साल के लंबे युग का अंत हो गया है। 269 विराट की टेस्ट कैप का नंबर है। भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं कोहली विराट कोहली ने 20 जून 2011 को भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था और आखिरी मुकाबला उन्होंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में खेला, जो सिडनी में 3 जनवरी 2025 से खेला गया था। अपने 14 साल के टेस्ट करियर के दौरान उन्होंने 123 टेस्ट मैचों की 210 पारियों में 46.85 के औसत से 9230 रन बनाए। इसमें सात दोहरे शतक समेत कुल 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। 13 बार वे इस फॉर्मेट में नाबाद रहे। 1027 चौके और 30 छक्के उन्होंने अपने टेस्ट करियर में जड़े। विराट कोहली 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के नियमित टेस्ट कप्तान घोषित किए गए थे। तब महेंद्र सिंह धोनी ने बीच दौरे पर टेस्ट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। इसके बाद कोहली साल 2022 तक टेस्ट में भारत की कप्तानी करते रहे। साल 2022 की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे के बाद कोहली ने टेस्ट की कप्तानी छोड़ दी थी। कोहली टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल भारतीय कप्तान रहे। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 68 मैचों में 40 जीत दर्ज की और 17 में हार का सामना किया। टीम ने इस दौरान 11 मैच ड्रॉ भी खेले। विराट की जीत का प्रतिशत 58.82 रहा, जो पूर्व कप्तानों सौरव गांगुली, एमएस धोनी और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे दिग्गजों से ज्यादा है। कोहली की कप्तानी में भारत ने सबसे ज़्यादा समय तक टेस्ट में नंबर एक टीम रहने का रिकॉर्ड बनाया। साथ ही टीम ने विदेशी ज़मीन पर कई इतिहास रचे। कोहली T20I से पहले ही रिटायरमेंट ले चुके हैं। उन्होंने पिछले साल T20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के साथ ही T20 इंटरनेशनल फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। विराट अब रोहित के साथ सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते नजर आएंगे।

ABCDEFG थैंक्यू थैंक्यू सीएम जी, सहायक शिक्षकों के समायोजन किए जानें पर निकाली आभार रैली

रायपुर साय कैबिनेट की 30 अप्रैल को हुई बैठक में बर्खास्त 2,621 बी.एड. डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई. सभी सहायक शिक्षकों के समायोजन किए जानें का फैसला लिया गया. राज्य सरकार द्वारा सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला विज्ञान) के पद पर समायोजन किए जाने के निर्णय को लेकर आज रायपुर में हजारों की संख्या में शिक्षकों ने आभार रैली निकाली. इस दौरान शिक्षकों ने ‘ABCDEFG थैंक्यू थैंक्यू सीएम जी’ नारे लगाए. राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम से लेकर सुभाष स्टेडियम तक यह रैली निकाली गई. इस आभार रैली में प्रदेश के कोने-कोने से सहायक शिक्षक शामिल होने के लिए पहुंचे. शिक्षकों ने समायोजन के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया, साथ ही समायोजन प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की मांग भी दोहराई. रैली में उमड़े अभूतपूर्व जनसैलाब ने यह साफ कर दिया कि प्रदेश के बी.एड. प्रशिक्षित शिक्षक सरकार के साथ सहयोग करने को पूरी तरह तैयार हैं. वे न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि इसकी मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहरा रहे हैं.

विदेश सचिव की ट्रोलिंग भड़के अखिलेश यादव बोले – निर्णय तो सरकार का होता है, किसी अधिकारी का नहीं

लखनऊ भारत-पाक के बीच सीजफायर ऐलान के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी आलोचना की है. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा- निर्णय तो सरकार का होता है, किसी अधिकारी का नहीं. ये बेहद संवेदनशील, निंदनीय, शर्मनाक, आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के एक बहुत बड़े अधिकारी और उसके परिवार के खिलाफ कुछ असामाजिक-आपराधिक तत्व सरेआम अपशब्दों की सारी सीमाएं तोड़ रहे हैं. लेकिन उनके मान-सम्मान की रक्षा के लिए न तो भाजपा सरकार, न ही उनका कोई मंत्री सामने आकर ऐसी अवांछित पोस्ट करनेवालों के खिलाफ किसी कार्रवाई की बात कर रहा है. अखिलेश यादव ने लिखा- ऐसी पोस्ट और बयानों से, दिन-रात एक करके देश के लिए समर्पित रहनेवाले सत्यनिष्ठ अधिकारियों का मनोबल टूटता है. कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा सरकार अपनी नाकामी और नाकामयाबी के लिए किसी और की ओर ध्यान भटकाकर खुद को बचना चाह रही हो. भाजपा सरकार से हमारी खुली मांग है कि इन सबकी तुरंत गहरी जांच हो और इनके सोशल मीडिया एकाउंट्स और बैंक खाते से लेकर ई-पेमेंट के सभी एकाउंट्स का पूरा ब्यौरा निकाला जाए. आज ही, तुरंत, तत्काल अभी ही ईडी, सीबीआई, साइबर सिक्योरिटी व अन्य जांच एजेंसियों को असली काम पर लगाया जाए और पता किया जाए कि इनके पीछे कौन सी ताकतें काम कर रही हैं और ये राष्ट्र विरोधी लोग किस विदेशी ताकतों से पैसा लेकर देश में अमन-चैन-शांति को भंग करना चाहते हैं. सपा प्रमुख ने लिखा- जो भाजपा सरकार बात-बात पर देश की सुरक्षा की आशंका के नाम पर प्रतिष्ठित यू ट्यूब चैनल्स को बंद कर देती है, वो ऐसे लोगों के बारे में चुप क्यों है? अगर ये सब भाजपा की रजामंदी से नहीं हो रहा है तो ये और भी गंभीर मसला है और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक बात भी है. क्योंकि ऐसे तत्व देश के अंदर बैठे हैं और भाजपा सरकार उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ पा रही है. ये वही लोग हैं, जो किसी के भी खिलाफ सरेआम जहरीली बातें लिखते हैं, लेकिन उनका बाल भी बांका नहीं होता. चंद पैसों के लिए बिक जानेवाले ये लोग किसी के भी सगे नहीं हो सकते हैं. ऐसे लोगों को रोकने के लिए भाजपा सरकार ने अगर 24 घंटे में कोई कदम नहीं उठाया तो देश की जनता को ये समझते देर नहीं लगेगी कि ये किसके लोग हैं, किसके लिए काम करते हैं, कौन उन्हें बचा रहा है और क्यों. भाजपा की चुप्पी उसकी संलिप्तता मानी जाएगी.

आईफोन की बैटरी को लम्बे समय तक इन तरीकों से बढाएं

एप्पल यूं तो अपनी डिवाइसेज में पहले से ही अच्छी बैटरी लाइफ देती है चाहे फिर वह आईफोन, आईपैड, मैक, एप्पल वाच या अन्य कोई डिवाइस हो। फिर भी बीते समय एप्पल पर अपने आई-फोन मॉडल्स में जल्दी लाइफ खोने वाली बैटरी का इस्तेमाल कर फोन को स्लो करने के आरोप लगे थे। इसके लिए कंपनी ने 113 मिलियन डॉलर (लगभग 819 करोड़ रुपये) केवल अपने ‘बैटरी गेट’ केस को सुलझाने में अदा किए थे। जबकि एप्पल का कहना है कि यह केवल इसलिए किया गया था कि लम्बे समय तक बैटरी की क्षमता बरकरार रहे। उसके बाद से ही कंपनी ने यूजर्स के लिए बैटरी और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट जैसे फीचर्स भी अपने मॉडल्स में देना शुरू कर दिए। इन फीचर्स में कुछ सामान्य प्रयास जो कि एप्पल अपनी ओर से यूजर्स को प्रयोग करने की सिफारिश करता है वे हैं- लेटेस्ट सॉफ्टवेयर को अपडेट रखना, उच्च परिवेश तापमान से बचाव रखना, चार्जिंग के समय कुछ केस को डिवाइस से अलग कर देना और जब लम्बे समय तक डिवाइस को स्टोर करना हो तो उसे आधी चार्ज हुई अवस्था में ही स्टोर करके रखना। एप्पल ने अपनी वेबसाइट पर एक पेज भी इसके लिए बनाया है जिसमें बैटरी लाइफ को बढ़ाने और आईफोन की लाइफ ज्यादा से ज्यादा बनाए रखने के कुछ टिप्स दिए गए हैं। इनमें से सबसे प्रथम स्टेप है डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर से अपडेट रखा जाए।   हाउ तो अपडेट आईफोन -अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाएं। -यहां पर जनरल पर टैप करें। -उसके बाद सॉफ्टवेर अपडेट पर टैप करें। यहां पर आपको उपलब्ध अपेडट दिखाई देता है। यदि आपको अपडेट यहां पर उपलब्ध दिखाई दे जाता है तो इस पर टैप करें और आपका आईफोन अपडेट होना शुरू हो जाएगा। इसके लिए यह सुनिश्चित कर लें कि फोन में पर्याप्त बैटरी हो। वैकल्पिक तौर पर आप अपने आईफोन को कम्प्यूटर से कनेक्ट करके इसे लेटेस्ट आईट्यून्स वर्जन से अपडेट कर सकते हैं। बैटरी लाइफ को स्क्रीन की ब्राइटनेस एडजस्ट करके भी बढाया जा सकता है। जहां तक संभव हो सके वाइ-फाई कनेक्शन का प्रयोग करें। इससे बैटरी अधिक समय तक चल पाती है। आप आईफोन स्क्रीन की ब्राइटनेस डिम भी कर सकते हैं या फिर ऑटो-ब्राइटनेस को टर्न-ऑन कर सकते हैं।   How to Dim display brightness, Turn on auto brightness -इसके लिए Control Centre को ओपन करें। -ब्राइटनेस स्लाइडर को बिल्कुल नीचे तक ड्रैग करके ले आएं। -ऑटो ब्राइटनेस को एक्टिवेट करने के लिए Settings में जाएँ। -यहां पर General पर टैप करें। -इसके बाद Accessibility पर टैप करें। -अब Display Accommodations पर टैप करें। -यहां पर Auto-Brightness को On पर सेट कर दें। How to Enable Low Power Mode आईफोन यूजर बैटरी कम होने की स्थिति में लो-पावर मोड को भी सक्रिय कर सकते हैं। जब हैंडसेट की बैटरी 20 प्रतिशत या उससे कम पर आती है तो आपको एक नोटिफिकेशन प्राप्त होती है। यहीं से आप एक सिंगल टैप के द्वारा ही Low Power Mode को टर्न ऑन कर सकते हैं।   How to manually turn on Low Power Mode: -सबसे पहले Settings में जाएँ। -स्क्रॉल डाउन करके Battery पर टैप करें। -अब Low Power Mode पर जाएं और On पर सेट कर दें। आईफोन बैटरी की खपत को जांचने के लिए यूजर्स बैटरी सेटिंग्स में जाकर चेक सकते हैं। बैटरी की खपत को कम करने के लिए यूजर्स Background App Refresh और location services को टर्न-ऑफ कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स देखें-   How to Prevent apps from refreshing in the background     सबसे पहले Settings में जाएं।     अब General पर टैप करें।     इसके बाद Background App Refresh पर टैप करें।     यहां पर Off को सिलेक्ट करें और Background App Refresh अब पूर्ण रूप से रुक जाएगा।   How to Turn off location services for apps     सबसे पहले Settings में जाएं।     अब Privacy पर टैप करें।     उसके बाद Location Services पर टैप करें। यहां पर आपको उन ऐप्स की जानकारी मिलेगी जो कि लोकेशन सर्विसेज का प्रयोग कर रही हैं। यहां से ऐप की लोकेशन सर्विस को टर्न-ऑफ करने का ऑप्शन मिल जाता है। जिसके बाद फोन की बैटरी लम्बे समय तक चल पाती है।  

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में संत कंवरराम जी की प्रतिमा का किया अनावरण

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतो का जीवन और आदर्श हमेशा अनुकरणीय होते हैं, जैसे सूर्य स्वयं जलकर हम सबको प्रकाश देता है ,वैसे ही संत भी स्वयं तप कर हम सबके जीवन को ज्ञान और आनंद से प्रकाशित करते हैं । संत कंवरराम जी भी ऐसे ही एक महान संत थे । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को उज्जैन की सिंधी कॉलोनी अलखधाम नगर के सार्वजनिक उद्यान में संत कंवरराम जी की प्रतिमा का अनावरण समारोह में यह बात कही। उन्होनें समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा आयोजित दिव्यांग जनों को नि:शुल्क हवाई यात्रा करवाने पर बने गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ दिन है। आज वैशाख माह की पूर्णिमा है। आज बुध्द पूर्णिमा है। संत कंवरराम जी ने लोगों को सच्चाई और नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वे सबको साथ में लेकर चलने में विश्वास रखते थे । इस उद्यान में संत कंवरराम जी की प्रतिमा स्थापना से सबको उनका आर्शिवाद मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरपालिका निगम के अधिकारियों से कहा कि उद्यान का नियमित रुप से रख-रखाव किया जाए। उन्होंने अलखधाम नगर के उद्यान को आदर्श उद्यान बनाए जाने के लिए शासन की ओर से सहयोग राशी प्रदान करने की घोषणा भी की। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दिव्यांग जनों को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा के प्रमाण पत्र वितरण के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांग जनों की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा यह एक अत्यंत प्रशंसनीय कार्य किया गया है जो की सबके लिए अनुकरणीय भी है। उल्लेखनीय है की समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा अब तक 47 दिव्यांग जनों को धार्मिक हवाई यात्रा नि:शुल्क करवाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी ओर से संस्था के पदाधिकारीयों को शुभकामनाऐं दी। कार्यक्रम में श्याम माहेश्वरी ने संस्थान के बारे में जानकारी प्रदान की। दौलत खेमचंदानी के द्वारा संत कंवरराम जी का जीवन परिचय दिया गया। उन्होनें बताया कि संत कंवर राम जी एक प्रसिद्ध भारतीय संत और कवि थे, जिन्होंने भक्ति साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कविताओं में जीवन के मूल्यों, प्रेम, और अध्यात्म की गहराई को व्यक्त किया गया है। संत कंवर राम जी का जन्म राजस्थान में हुआ था। उनकी कविताओं में सादगी, प्रेम, और अध्यात्म की भावना देखने को मिलती है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ आवाज उठाई। संत कंवर राम जी की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। उनकी रचनाओं में प्रेम, भक्ति, और अध्यात्म की भावना प्रमुख है। उनकी कविताएं लोगों को प्रेरित करती हैं और जीवन के मूल्यों को समझने में मदद करती हैं। संत कंवर राम जी की विरासत आज भी जीवित है। उनकी कविताएं और शिक्षाएं लोगों को प्रेरित करती हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करती हैं। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, समर्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्याम माहेश्वरी, किशोर खंडेलवाल, वासु केसवानी, वट्ठिल नागर, दिपक बेलानी, रवि सोलंकी, महेश परियानी, गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के पदाधिकारी मनीश विश्नोई एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

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