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श्रीजी डिज़ाइन एंड आर्किटेक्ट कार्यालय का भव्य उद्घाटन महापौर योगेश ताम्रकार के करकमलों से संपन्न

The grand inauguration of Shreeji Design and Architect office was done by the hands of Mayor Yogesh Tamrakar जितेन्द्र श्रीवास्तवश्रीजी डिजाइन एंड आर्किटेक्ट के प्रोपराइटर आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे के कार्यालय का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय महापौर योगेश ताम्रकार एवं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव जी द्वारा किया । आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे, एडवोकेट राजेश खरे (बंटू) एवं विशिष्ट जनों द्वारा अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छे से किया गया। माननीय महापौर जी ने अपने उद्बोधन में कहा की शहर के विकास के लिए ऐसे ही युवा एवं अनुभवी आर्किटेक्ट्स की जरूरत है उन्होंने अपने उद्बोधन में सतना के विकास के लिए किया जा रहे कार्यों का विस्तृत विवरण भी दिया आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे को कंसल्टेंसी के व्यवसाय में कार्य करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ आर्किटेक्ट एवं ऑल इंडिया आर्किटेक्ट इंजीनियर फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्षआशीष श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में माननीय महापौर से अनुग्रह किया कि सतना नगर निगम और स्मार्ट सिटी सतना के जो प्रस्तावित प्रोजेक्ट है उसके लिए शहर के यह नए आर्किटेक्ट्स को भी मौका दिया जाए जिससे कि उनकी प्रतिभा में निखार आ सके, माननीय महापौर से आग्रह किया कि आर्किटेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन नगर निगम में अलग से किया जाए एवं इंजीनियर का अलग से किया जाए जिसमें की आर्किटेक्ट्स को प्रमुखता से आगे काम करने का मौका मिल सके, कार्यक्रम में एडवोकेट राजेश खरे बंटू ने माननीय महापौर , अध्यक्ष महोदय का एवं यहां उपस्थित जनों का धन्यवाद किया एवं आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे को शुभकामनाएं दी, इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रशांत श्रीवास्तव ने किया

मंदिर का निर्माण केवल पूजा-अर्चना के लिए ही नहीं , सनातनी संस्कार को मजबूती भी मिलेगी:मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज महासमुंद के बसना विकासखंड के बोहारपार में कर्मा माता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने वहां नवनिर्मित कर्मा माता मंदिर में पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बोहारपार में बहुत ही सुंदर एवं भव्य कर्मा माता मंदिर की स्थापना की गई है। इस मंदिर के निर्माण से सनातन की परंपरा और सनातन का विचार अवश्य ही फलीभूत होगा। उन्होंने भक्त माता कर्मा की महिमा बताए हुए कहा कि इस मंदिर का निर्माण केवल पूजा-अर्चना के लिए ही नहीं हुआ है। इस मंदिर से सनातनी संस्कार को मजबूती भी मिलेगी। उप मुख्यमंत्री  साव ने मंदिर परिसर में अहाता निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की की घोषणा की। सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री संपत अग्रवाल और श्री संदीप साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि मंदिर निर्माण के लिए योगदान देने वाले सभी लोगों को मैं आज प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए विधायक निधि से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू ने मंदिर निर्माण के लिए शुभकामना देते कहा कि आज के समय में घर में संस्कार बचाना जरूरी है, तब जाकर एक बेहतर समाज का निर्माण होगा। तभी माता कर्मा मंदिर का लक्ष्य सही मायनों में पूर्ण होगा। तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, बसना नगर पंचायत अध्यक्ष खुशबू अग्रवाल, प्रदेश साहू संघ के उपाध्यक्ष श्री मालकराम साहू और जिला साहू संघ के अध्यक्ष श्री धरम दास साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा ट्रक और ट्रेलर में टक्कर,14 लोगों की मौत और 30 घायल

 रायपुर रायपुर में रविवार देर रात मिनी ट्रक और ट्रैलर की टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई। 13 लोग घायल हुए हैं। ट्रक में सवार ये सभी लोग छठी के कार्यक्रम से लौट रहे थे। ट्रक खरोरा के बाना गांव से आ रहा था। बंगोली में इसे रायपुर से आ रहे ट्रेलर ने टक्कर मार दी. घायलों को रायपुर मेडिकल अस्पताल लाया गया है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब ग्राम चटौद के ग्रामीण एक स्वराज माजदा वाहन से विवाह समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे में कुछ घायलों की हालत गंभीर है। मृतकों में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं।     जानकारी के अनुसार सारागांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने माजदा वाहन को जोरदार टक्कर मार दी।     टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि माजदा में सवार लोगों में से कई की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार आज उनके गांव में दोपहर को किया जाएगा। वहीं बच्चों सहित 13 घायलों का इलाज मेकाहारा में जारी है, सभी खतरे से बाहर हैं। बता दें कि ट्रेलर झारखंड पासिंग है। टोल नाके से बचने के चक्कर में ड्राइवर ने दूसरा रास्ता पकड़ा और हादसा हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि कई महिलाओं और बच्चों के शरीर के टुकड़े हो गए। मिनी ट्रक में सवार होकर वापस घर लौट रहे थे। इस दौरान ट्रेलर के साइड से करीब 3 फीट बाहर निकले लोहे (हैवी मशीन का हिस्सा) से टक्कर हो गई। छठी से लौट रहा था साहू परिवार रायपुर SSP डॉ. लाल उमेद सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, चटोद गांव निवासी पुनीत राम साहू का परिवार और रिश्तेदार बाना गांव में छट्ठी कार्यक्रम से लौट रहे थे। यह सभी मिनी ट्रक में सवार थे। इस दौरान बंगोनी गांव के पास पहुंचे थे। तभी सामने से आ रहे ट्रेलर के ऊपर लोड मशीनरी पार्ट के साइड से निकले लोहे से गाड़ी टकरा गईं। हादसे के बाद मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर ट्रेलर के पीछे आ रही दूसरी ट्रक में जा भिड़ी। शरीर के दो टुकड़े हुए, लाशें सड़क पर बिखरी कुछ ही सेकंड में मिनी ट्रक एक के बाद एक दो गाड़ियों से टकरा गई। भीषण एक्सीडेंट के बाद उसमें सवार महिलाएं और बच्चे बुरी तरह जख्मी हो गए। इनमें से कई हवा में उछलकर सड़क पर गिर गए। जिससे उनका सिर फट गया और मौत हो गई। कुछ बच्चे और महिलाएं ट्रक के लोहे की बॉडी में टकरा गए। पुलिस ने पीछा कर ट्रेलर चालक को पकड़ा पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मिनी ट्रक सबसे पहले ट्रेलर के साइड से निकले लोहे के पार्ट से टकराई है। जो ट्रक की बॉडी से करीब 3-3 फीट दोनों तरफ बाहर निकला हुआ था। अंधेरे की वजह से वह दिखा नहीं। ट्रेलर का ड्राइवर अमित कुमार बर्मन है जो पश्चिम सिंहभूम जिला झारखंड का रहने वाला है। ट्रेलर का मालिक भी वही है। एक्सीडेंट के बाद वह मौके से फरार हो गया था लेकिन पुलिस ने पीछा करके उसे पकड़ लिया। डीजल टैंक फटने से बचा, आग का था खतरा ट्रेलर से टकराने के बाद मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर एक अन्य ट्रक के डीजल टैंक के हिस्से में टकराई। जिससे ट्रक में भरा हुआ डीजल सड़क पर पूरी तरह बिखर गया। इस भीषण टक्कर के दौरान अगर कोई चिंगारी निकलती तो वह सड़क पर बिखरे हुए डीजल में फौरन आग पकड़ लेती। जिससे आशंका थी कि डीजल का टैंक ब्लास्ट हो जाता और मिनी ट्रक में घायल पड़े लोग आग की चपेट में आ जाते।     मृतकों में एक वर्ष से कम उम्र का बच्चा भी शामिल है। 50 से अधिक लोग थे सवार     हादसे के समय माजदा वाहन में 50 से अधिक लोग सवार थे, जो शादी पश्चात आयोजित छट्ठी कार्यक्रम से लौट रहे थे।     हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग वाहन में फंसे रह गए जिन्हें ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। इलाज जारी, मौके पर अफसर तैनात     घायलों को तत्काल खरोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और रायपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।     कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। खरोरा पुलिस मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव कार्य जारी है। वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल में पहुंच गए हैं। सड़क पर एंबुलेंस की लगी रही लाइन इस घटना के बाद खरोरा से रायपुर की ओर एक के बाद एक एंबुलेंस दिखने लगी। आसपास से गुजर रहे लोग अपनी गाड़ियों से उतरकर घायलों को एंबुलेंस में चढ़ाने लगे। मौके पर जिला प्रशासन और पुलिसकर्मी भी पहुंचे। शुरुआत में कुछ घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन गंभीर हालत होने की वजह से उन्हें मेकाहारा रेफर कर दिया गया। फिलहाल मेकाहारा में घायलों का इलाज और मृतकों का पोस्टमॉर्टम जारी है। वहीं परिजनों को शव सौंपने के बाद उनके गांवों में अंतिम संस्कार किया जाएगा। मृतक परिजनों और घायलों के लिए सहायता राशि का ऐलान हादसे पर सीएम साय ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर लिखा है कि संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। घायलों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी X पर पोस्ट कर लिखा है कि सड़क हादसे में 13 लोगों के मौत की खबर है। मैं परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घटना की जांच होगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी” वहीं भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर लिखा है कि “कल और आज को मिलाकर सड़क दुर्घटनाओं में 23 लोगों की मृत्यु हुई है। मैं उनके प्रति शोक व्यक्त करता हूं…सरकार इसको गंभीरता से ले और आगे ऐसी दुर्घटनाएं ना हों। कांग्रेस ने मृतकों को 50 लाख और घायलों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की है।  

CM योगी के आदेश पर ‘अवैध कब्जा मुक्त अभियान’ तेज गति से जारी, 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों की ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर ‘अवैध कब्जा मुक्त अभियान’ तेज गति से जारी है. खासतौर पर नेपाल सीमा से लगे जनपदों में सरकार ने अवैध रूप से बनीं मस्जिदों, मजारों, ईदगाहों और मदरसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों में 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया है. नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में सख्त कार्रवाई अधिकारियाें का कहना  है कि सीमा क्षेत्रों में गैर-मान्यता प्राप्त, बिना अनुमति संचालित धार्मिक संरचनाएं न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन रही थीं, बल्कि ये भूमि अतिक्रमण के गंभीर उदाहरण भी थीं. जिन जिलों में यह कार्रवाई हुई, उनमें प्रमुख रूप से श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, पीलीभीत, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी शामिल हैं. श्रावस्ती में 100 से अधिक अवैध निर्माण चिह्नित श्रावस्ती में 10 और 11 मई को जिला प्रशासन ने 104 मदरसे, 1 मस्जिद, 5 मजार और 2 ईदगाह को अवैध घोषित किया. इनमें से कुछ को सील कर दिया गया जबकि एक अवैध मदरसे को ध्वस्त किया गया. जिले के प्रशासन ने बताया कि दो निजी भूमि पर बने गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को भी सील किया गया है. भूमि प्रबंधक समिति अब आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है. बहराइच: 170 से अधिक निर्माणों पर बुलडोजर चला बहराइच में 13 मदरसे, 8 मस्जिद, 2 मजार और 1 ईदगाह को सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने पाए गए. इनमें से 5 निर्माणों को सील कर दिया गया, जबकि 11 को ध्वस्त कर दिया गया है. कुल मिलाकर, नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर दायरे में 171 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं. सिद्धार्थनगर: 23 अवैध निर्माणों पर सख्ती सिद्धार्थनगर में शनिवार और रविवार को 4 मस्जिद, 18 मदरसे और एक अन्य निर्माण को अवैध पाया गया. इनमें से 20 को नोटिस जारी किया गया, 5 मदरसों को सील किया गया और 9 को ध्वस्त किया गया है. प्रशासन की यह कार्रवाई क्षेत्र में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कानूनी व्यवस्था की स्थापना का प्रतीक है. महाराजगंज: गैर मान्यता प्राप्त मदरसों पर कड़ी कार्रवाई महाराजगंज के नौतनवा तहसील के ग्राम परसामालिक में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा गैर मान्यता प्राप्त मदरसे को बंद करवाकर उसकी चाबी पुलिस को सौंपी गई. जिले में अब तक 29 मदरसे और 5 मजारें जो अवैध रूप से सार्वजनिक या निजी भूमि पर बनी थीं, उन्हें ध्वस्त किया जा चुका है. यह स्पष्ट करता है कि सरकार अब किसी भी अवैध संस्थान को संरक्षण नहीं देने वाली. लखीमपुर खीरी: सीलिंग और ध्वस्तीकरण दोनों साथ लखीमपुर खीरी में दो दिनों में 2 मस्जिद, 1 मजार, 1 ईदगाह, और 8 मदरसों को अवैध घोषित किया गया. इनमें से एक को नोटिस दिया गया, जबकि 9 को सील किया गया और 3 को ध्वस्त किया गया. प्रशासन ने जनपद में सभी चिह्नित स्थलों के खिलाफ कार्रवाई को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अंजाम दिया है. पीलीभीत: अवैध मस्जिद को नोटिस, जवाब मांगा गया पीलीभीत के ग्राम भरतपुर में 0.0310 हेक्टेयर भूमि पर बनी एक मस्जिद को अवैध करार देते हुए नोटिस जारी किया गया है. संबंधित पक्ष से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है. इसके बाद अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी. यह प्रक्रिया बताती है कि योगी सरकार कानूनी ढांचे को मजबूत करते हुए कार्रवाई कर रही है. बलरामपुर: निर्माणाधीन मदरसा भी नहीं बचा बलरामपुर में सार्वजनिक भूमि पर निर्माणाधीन मदरसे को रविवार को ध्वस्त कर दिया गया. यहां अब तक 30 मदरसे, 10 मजार और 1 ईदगाह को अवैध पाते हुए ध्वस्त किया गया है. इनमें 10 मदरसे, 10 मजार और 1 ईदगाह सार्वजनिक भूमि पर स्थित थे, जबकि 20 मजारें निजी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित थीं.  

उप मुख्यमंत्री साव ने सभी नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के घोयनबहारा में आयोजित सूरमाल साहू समाज के सामूहिक आदर्श विवाह स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह में समाज के 28 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वर्ष 1975 में इस आयोजन की नींव रखने वाले वरिष्ठ दंपत्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता, एकजुटता और पारिवारिक मूल्यों का अद्भुत उदाहरण है। पिछले 50 वर्षों से निरंतर इस परंपरा को निभाना अनुकरणीय है। समाज में एकजुटता और सहयोग का यह स्वरूप हमें भविष्य के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में घोयनबहारा में सामुदायिक शेड के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बागबाहरा से पिथौरा मार्ग में भव्य स्वागत द्वार के निर्माण की भी घोषणा की। यह द्वार क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करेगा। सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में शुरू किया गया यह सामूहिक विवाह आयोजन आज एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है। यह केवल विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सह-अस्तित्व और समानता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए समाज की इस सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। विधायक श्री द्वारिकाधीश यादव, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, साहू समाज के जिला अध्यक्ष श्री धरमदास साहू, जिला स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष श्री येतराम साहू, सूरमाल साहू समाज के संरक्षक श्री नारायण लाल साहू, श्री भेखलाल साहू और श्री देवेश साहू सहित समाज के सैकड़ों गणमान्यजन एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे।

शेयर बाजार में शानदार तेजी, भारत-पाक तनाव कम होने से सेंसेक्स 2200 अंक से पार

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर (Indo-PAK Ceasefire) असर देखने को मिला और Sensex खुलते ही 81,000 के पार कारोबार करता दिखाई दिया. बीते सप्ताह शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने वाले सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स ओपने होने के आधे घंटे बाद 2287 अंकों की तेजी लेकर ट्रेड करने लगा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की निफ्टी भी 691 अंक चढ़ गया.   सेंसेक्स-निफ्टी न खुलते ही मचाया गदर सोमवार को पहले से ही शेयर मार्केट (Share Market) में तेजी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे. एशियाई बाजारों में तेजी के बाद BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 79,454.47 से करीब 1500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 80,803.80 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और फिर मिनटों में ये 1926 अंक चढ़कर 81,380 के आस-पास कारोबार करता दिखाई देने लगा और आधे घंटे के कारोबार के बाद ये इंडेक्स 2287.22 अंक या 2.88% की तेजी लेकर 81,741.69 पर कारोबार करने लगा. सेंसेक्स की तहह ही NSE Nifty भी अपने पिछले बंद 24,008 की तुलना में चढ़कर 24,420 पर खुला और कुछ ही देर में ये 582.75 अंक की तेजी लेकर 24,593.75 पर कारोबार करता हुआ दिखा और आधे घंटे में ये भी 691.85 अंक या 2.88% चढ़कर 24,699.85 अंक पर पहुंच गया. रॉकेट बने ये 10 बड़े शेयर शेयर बाजार में तेजी के बीच लार्जकैप कंपनियों में शामिल जो शेयर सबसे तेज रफ्तार के साथ भागे, उनमें Top-10 Stocks में Axis Bank (4%), Adani Ports (3.88%), Bajaj Finserv (3.75%), Eternal Share (3.61%), Bajaj Finance Share (3.61%), NTPC Share (3.50%), Tata Steel Share (3.40%), Reliance Share (3.23%), ICICI Bank Share (2.90%) और HDFC Bank Share (2.85%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था. बात करें, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के बारे में, तो Midcap Index में शामिल Escorts Share (7.63%), Suzlon Share (7.32%), First Cry Share (7.22%), Dixon Tech Share (6.40%), RVNL Share (6.30%), IREDA share (5.43%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में Punjab Chemical (13%) और KPEL 10% की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को आई थी बड़ी गिरावट   बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट देखने को मिली थी और शुक्रवार को तो BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 80,334.81 की तुलना में फिसलते हुए 78,968 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की थी और दिनभर रेड जोन में ट्रेड करता रहा. हालांकि मार्केट क्लोज होते-होते इसकी गिरावट कुछ कम हुई, फिर भी ये इंडेक्स अंत में 880.34 अंक या 1.10 फीसदी फिसलकर 79,454.47 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग बंद होने पर 265.80 अंक या 1.10% की गिरावट के साथ 24,008 पर बंद हुआ था. सीजफायर के बाद मिल रहे थे अच्छे संकेत   Indo-Pak Ceasefire के बाद बाजार के लिए विदेशों से अच्छे संकेत मिल रहे थे, जिनका असर भी देखने को मिला है. जहां आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी स्टॉक मार्केट (US Stock Market) मिले-जुले स्तर पर बंद हुए थे. तो वहीं सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ज्यादातार एशियाई बाजार तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. Gift Nifty तो शुरुआती कारोबार में ही 525 अंकों की छलांग लगाते हुए 24,610 के लेवल पर जा पहुंचा था. तनाव में टूटा, अब सीजफायर के बाद भागा बीते 22 अप्रैल को श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई थी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेनाओं की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और POK में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए थे. इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी की और ड्रोन व मिसाइल अटैक किया, जिसपर भी भारत की ओर से करारा प्रहार करते हुए उसे घुटनों पर ला दिया. इस बढ़े तनाव के बीच जहां पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट हर रोज क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) होता नजर आया, तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी दो दिन लगातार गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, अब India-Pakistan के बीच सीजफायर हो चुका है और इसका असर एशियाई समेत भारतीय बाजार पर साफ दिखा है. 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में पहुँचकर उन्होंने वहाँ विभिन्न प्रदेशों से आए लोक कलाकारों से मुलाकात कर संवाद किया और उनका हौसला बढ़ाया। मालवा उत्सव में देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकार अपने लोक कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्सव में बुनकर और अन्य हस्तशिल्प कलाकारों ने अपनी पारंपरिक हस्तकला, बुनकरी, मिट्टी और धातु की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोककला की जीवंत प्रस्तुति है। यह आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करता है, बल्कि जनमानस को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मालवा की सांस्कृतिक समृद्धि और उत्सवों की परंपरा को गौरव बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय शिल्पकारों को आर्थिक संबल भी प्राप्त होता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में सांसद तथा लोक संस्कृति मंच के संस्थापक श्री शंकर लालवानी ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मालवा उत्सव कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से लगातार 25 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक राजबाड़ा और लालबाग के विकास के लिए राशि स्वीकृत करने हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मालवा उत्सव में बनाए भजिए और चखा स्वाद लालबाग परिसर में पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों के साथ ही भित्तिचित्रों की प्रदर्शनी, हस्तशिल्प और व्यंजन स्टॉल लगाये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक स्टॉल पर भजिए तले और उनका स्वाद चखा। रेजा कार्य, बटिक प्रिंट, ताँबे व पीतल की मूर्तियाँ, और आदिवासी चित्रकलाओं ने दर्शकों का ध्यान खींचा। उत्सव में सांस्कृतिक मंच पर लोकनृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

MPPSC और सीए की बड़ी परीक्षाएं शुरू, जानें पूरी टाइमलाइन और कोर्ट अपडेट

इंदौर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की कई अहम परीक्षाएं भले ही अदालतों में अटकी हुई हैं, लेकिन 18 मई से एक बार फिर से परीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 सहित अन्य कई चयन सूचियां फिलहाल रुकी हुई हैं, फिर भी आयोग द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं संचालित होंगी। पहली परीक्षा 18 मई को सहायक संचालक-पशु चिकित्सा और सहायक शल्यज्ञ-2024 के लिए आयोजित की जाएगी। इसके बाद 1 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 होगी, जिसमें 16 विषयों की परीक्षा शामिल है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा कोर्ट की अनुमति पर निर्भर राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025, 9 से 14 जून के बीच प्रस्तावित है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि अदालत की अनुमति पर निर्भर है, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर अभी रोक लगी हुई है। मामले में अलग से सुनवाई जारी है। अगस्त से दिसंबर तक भरपूर परीक्षा कार्यक्रम 27 जुलाई को 12 अन्य विषयों के लिए सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा होगी। अगस्त में कई बड़ी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 अगस्त को सहायक संचालक संस्कृति-2024 और स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा शामिल है। 21 सितंबर को सहायक संचालक तकनीकी परीक्षा-2024 होगी। अक्टूबर में सबसे ज्यादा परीक्षाएं होंगी। 12 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2024, दंत चिकित्सा परीक्षा-2024 (श्रम विभाग) और सहायक अनुसंधान अधिकारी परीक्षा-2024 आयोजित की जाएंगी। नवंबर और दिसंबर में होंगी प्रमुख परीक्षाएं 23 नवंबर को सहायक प्रबंधक परीक्षा-2024 और आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी परीक्षा-2024 एक ही दिन आयोजित की जाएगी। दिसंबर में भी दो प्रमुख परीक्षाएं होंगी। 7 दिसंबर को सहायक पंजीयक परीक्षा-2024 और 14 दिसंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं रसायनज्ञ परीक्षा-2024 का आयोजन किया जाएगा। सीए परीक्षा की तिथियों में हुआ बदलाव सीए फाइनल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं अब 9 से 14 मई के बजाय 16 से 24 मई के बीच होंगी। फाइनल ग्रुप 2 का पांचवां पेपर 10 मई के स्थान पर अब 16 मई को, और छठा पेपर 13 मई के स्थान पर 18 मई को होगा। इंटरमीडिएट ग्रुप 2 का चौथा पेपर 9 मई की जगह 20 मई को, पांचवां 11 के बजाय 22 मई को और छठा 14 मई के स्थान पर 24 मई को लिया जाएगा। सीए फाउंडेशन परीक्षा मई 2025 में 15, 17, 19 और 21 तारीख को निर्धारित की गई है। सभी परीक्षाएं पूर्व में तय परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित होंगी। स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस में केवल 23 पद राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा-2024 में सिर्फ 23 पद ही उपलब्ध रहेंगे। लंबे समय से अतिरिक्त पदों की प्रतीक्षा के बावजूद कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अभ्यर्थी कम से कम 100 पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह परीक्षा 24 अगस्त को इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में ओएमआर शीट पर आधारित होगी। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू भी शामिल होगा। परीक्षा में पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन (150 अंक, 50 प्रश्न) का होगा और दूसरा प्रश्नपत्र संबंधित विषय (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल 300 अंक, 100 प्रश्न) का होगा। कुल 450 अंकों की लिखित परीक्षा के बाद 50 अंकों का इंटरव्यू होगा। सीयूईटी-यूजी और जेईई एडवांस्ड: प्रवेश परीक्षाएं भी जारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सीयूईटी-यूजी 2025 के लिए 13 से 16 मई के पेपरों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा 3 जून तक चलेगी। वहीं जेईई एडवांस्ड के एडमिट कार्ड, जो पहले 11 मई को जारी होने थे, अब 12 मई को जारी होंगे। पहला पेपर 18 मई को सुबह 9 से 12 बजे और दूसरा दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। इस परीक्षा का परिणाम 2 जून को घोषित किया जाएगा।  

मंत्री परमार बोले विद्यार्थियों के रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना, सृजन का उद्देश्य

मप्र के विद्यार्थियों में है नवाचारों से समाज के प्रश्नों के समाधान करने का सामर्थ्य : तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार होनहार विद्यार्थियों को नवाचारों के लिए मंच देने की अभिनव पहल है “सृजन” विद्यार्थियों के रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना, “सृजन” का उद्देश्य आरजीपीवी में आयोजित दो दिवसीय सृजन महोत्सव नवाचार के लिए बना उत्कृष्ट मंच भोपाल विद्यार्थियों के रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना, सृजन का उद्देश्य है। सृजन के माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को नवाचारों के लिए मंच मिला है। इससे विद्यार्थी, सामाजिक समस्याओं और चुनौतियों के प्रति संवेदनशील होंगे। समाज के प्रश्नों के समाधान करने का सामर्थ्य प्रदेश के विद्यार्थियों में हैं, हमारे विद्यार्थी समाधानकारक नवाचारों के लिए आगे आ रहे हैं। भविष्य में प्रदेश के यही विद्यार्थी, स्टार्टअप के केंद्र बनेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से नवाचारों को लेकर विद्यार्थियों को मंच देने की यह अभिनव पहल है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में रविवार को इनोवेट एमपी मिशन की दृष्टि से सृजित “सृजन” कार्यक्रम के समापन समारोह में कही। मंत्री परमार ने कहा कि हर वर्ष सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को अपनी नवाचारी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच मिल सके। परमार ने “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस” की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन गर्व का दिन है, आज ही के दिन हमारा देश परमाणु शक्ति संपन्न शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित हुआ था। तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की परम्परा में दस्तावेजीकरण (पेटेंट) नहीं था लेकिन वर्तमान वैश्विक परिधियों में दस्तावेजीकरण की आवश्यकता है। इसके लिए हमें भारतीय समाज में हर विद्या-हर क्षेत्र में विद्यमान ज्ञान को युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में पुनः शोध एवं अनुसंधान कर, दस्तावेजीकरण से समृद्ध करना होगा। भारत के नवाचारों को विश्वमंच पर, दस्तावेजीकरण के साथ रखना होगा। परमार ने कहा कि आज के युवा विद्यार्थियों के पुरुषार्थ और परिश्रम से, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना साकार होगी। ज्ञानमेव शक्ति के आधार पर, भारत पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनेगा। आज के युवा विद्यार्थी ही, वर्ष 2047 का विकसित भारत गढ़ेंगे। पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर ही भारत वर्ष 2047 तक, विश्व में अन्य देशों की ऊर्जा की आपूर्ति करने में सामर्थ्यवान देश बनेगा। साथ ही खाद्यान्न के क्षेत्र में भी विश्व का भरण पोषण करने वाला देश भी बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से विद्यार्थियों के नवाचारी शोधों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के साथ साथ, उनके नवाचारों के दस्तावेजीकरण के लिए यह अभिनव पहल की गई है। परमार ने सृजन में नवाचार के लिए पुरुस्कृत होने वाले सभी शोधार्थी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई भी दीं। परमार ने कहा कि ऐसे विद्यार्थी जो सृजन के इस संस्करण में पुरुस्कृत नहीं हो सकें हैं, उनके नवाचारी प्रोजेक्ट्स को दस्तावेजीकरण तक की यात्रा में, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहयोग करेगा। परमार ने सृजन के आयोजकों, संस्थाओं, प्रतिभागी एवं पुरस्कृत विद्यार्थियों और उनके मेंटर्स को शुभकामनाएं भी दीं। मंत्री परमार ने समापन समारोह के पूर्व, सृजन अंतर्गत शोधार्थी विद्यार्थियों के चयनित नवाचारी प्रोजेक्ट्स पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी प्राप्त की। इस प्रदर्शनी में 1600 से अधिक प्राप्त प्रविष्टियों में से चयनित 150 नवाचारी प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शन के लिए स्थान दिया गया था। सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ये प्रोजेक्ट्स किये गए डिस्प्ले और इन श्रेणियों में हुआ पुरस्कार वितरण नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को जोड़ने वाला दो दिवसीय सृजन कार्यक्रम, प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों के लिए एक अहम मंच के रूप में सिद्ध हुआ, जब रूरल टेक्नोलॉजी, क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी, इंडस्ट्री 4.0/ 5.0, वेस्ट मैनेजमेंट, लाइफ साइंस / स्वास्थ विज्ञान एवं स्मार्ट एजुकेशन के विषय पर प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों एवं मेंटर के माध्यम से 1627 प्रविष्टियों में से 150 चयनित प्रविष्टियों के माध्यम से उच्च शिक्षा की 10 एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों के 26 इस प्रकार कुल 36 प्रविष्टियों ने विभिन्न श्रेणियों में पुरुस्कार प्राप्त कर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार के अभिनव महोत्सव को विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार रूप देने के लिए एक धरातल तैयार कर दिया। विश्वविद्यालय परिसर में 150 चयनित प्रोजेक्ट्स की आयोजित प्रदर्शनी का हज़ारों की संख्या में प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं उद्यमियों ने अवलोकन किया। दो दिवसीय सृजन के समापन सत्र में मंच से अंतिम चरण में चयनित 36 प्रतिभागियों को पुरुस्कार प्रदान किये गए। समापन सत्र में 6 श्रेणियों में प्रथम पुरुस्कार प्राप्त करने वाले प्रोजेक्ट को 20 हज़ार रूपये, द्वितीय स्थान को 10 हज़ार,एवं तृतीय स्थान को 5 हज़ार रूपये की पुरुस्कार राशि प्रदान की गई, इस प्रकार कुल 36 पुरूस्कार प्रदान किये गए, इसमें 26 तकनीकी शिक्षा संस्थानों से एवं 10 उच्च शिक्षा संस्थानों के रूप में शामिल हैं। रूरल टेक्नोलॉजी में 6 पुरुस्कार दिए गए हैं, इनमें पंडित शम्भूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी शहडोल, शासकीय ऑटोनोमस होलकर साइंस कॉलेज इंदौर, शासकीय जेएसटीपीजी कॉलेज बालाघाट, सागर इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी गांधीनगर, डॉ. भीमराव आंबेडकर पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्वालियर एवं यूआईटी आरजीपीवी शिवपुरी शामिल हैं। क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी में वीआईटीएम ग्वालियर, वैष्णव पॉलिटेक्निक कॉलेज इंदौर, शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज जबलपुर, एक्रोपोलिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंदौर एवं एनआआई इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस को पुरुस्कार दिए गए। इंडस्ट्री 4.0/5.0 में एमआईटीएस ग्वालियर, यूआईटी आरजीपीवी भोपाल, शासकीय महिला पॉलिटेक्निक भोपाल, जवाहरलाल नेहरु स्मृति शासकीय पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज शुजालपुर, ज्ञान गंगा कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी जबलपुर को पुरस्कार मिले। वेस्ट मैनेजमेंट में शासकीय पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस सागर, शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुख़र्जी साइंस एंड कॉमर्स कॉलेज, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस नीलकंठेश्वर शासकीय कॉलेज खंडवा, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज राजगढ़, आईपीएस अकादमी इंदौर, बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी भोपाल को पुरुस्कार दिए गए। हेल्थ साइंस में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज बालाघाट, पंडित शम्भुनाथ शुक्ला यूनिवर्सिटी शहडोल, एलएनसीटी भोपाल, आईआईएसटी इंदौर, यूआईटी आरजीपीवी भोपाल, प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट को पुरस्कृत किया गया। स्मार्ट एजुकेशन में ज्ञान गंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस जबलपुर, यूआईटी आरजीपीवी भोपाल, वीएनएस ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट भोपाल, मालवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं एमिटी स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को पुरुस्कार दिए गए। साथ ही प्रत्येक प्रतिभागी को प्रतिभागिता का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। प्रदर्शित किये गए … Read more

CM डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट दौरे पर रहेंगे, 64 पुलिस जवानों को मिलेगा आउट ऑफ टर्म प्रमोशन, 7500 से अधिक खदानों की हुई जियो टैगिंग

बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम सुबह 11:55 बजे इंदौर एयरपोर्ट से गोंदिया के लिए प्रस्थान करेंगे। करीब 12:50 पर गोंदिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से लांजी तहसील के लिए करेंगे प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1:10 बजे लांजी पहुंचकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लांजी की बावड़ी में किये गए कार्य का अवलोकन करेंगे। रानी अवंति बाई स्टेडियम में आयोजित हो रहें मुख्य कार्यक्रम में सीएम शामिल होंगे। 64 पुलिस जवानों को टर्न प्रमोशन     मुख्यमंत्री रानी अवंति बाई स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे प्रदेश के 64 पुलिस जवानों को “आउट ऑफ टर्न प्रमोशन” देकर सम्मानित करेंगे। यह विशेष पदोन्नति उन पुलिसकर्मियों को दी जा रही है, जिन्होंने सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपर्स होंगे सम्मानित मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। इससे युवाओं में प्रोत्साहन की भावना जगेगी और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। सीएम मोहन यादव का आज का क्रायक्रम सुबह 10:05 बजे से 10:10 बजे तक वे उज्जैन के पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित आस्था गार्डन में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। सुबह 10:55 बजे से 11:00 बजे तक मुख्यमंत्री अशोक बुद्ध विहार, जीरो प्वाइंट ब्रिज, उज्जैन पहुंचेंगे और आयोजन में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1:10 बजे वे लांजी स्थित बावड़ी पहुंचेंगे, जहां वे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कराए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे रानी अवंति बाई स्टेडियम, लांजी में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान वे 64 पुलिस जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान करेंगे और कक्षा 10वीं व 12वीं में प्रदेश में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। दोपहर 3:20 बजे से 4:00 बजे तक वे गोंदिया एयरपोर्ट से विमान द्वारा भोपाल के स्टेट हेंगर के लिए उड़ान भरेंगे। अवैध उत्खनन रोकने को लेकर सरकार सख्त मध्य प्रदेश में अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सरकार सख्त नजर आ रही है। अब आसमान से भी इस पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन निगरानी तंत्र लॉन्च होगा। खनिज विभाग  रेत समेत अन्य खनिजों के निगरानी के लिए तंत्र को विकसित कर रहा है। 7500 से अधिक खदानों की जियो टैगिंग की जा चुकी है। अब स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन होते ही इसकी जानकारी मिल जाएगी।

इंटरलॉकिंग प्रणाली के माध्यम से संरक्षा में मजबूती ,भोपाल मंडल में तकनीकी उन्नयन से यात्रियों को लाभ

भोपाल रेल संरक्षा और परिचालन दक्षता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे द्वारा तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस क्रम में, इंटरलॉकिंग प्रणाली एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो ट्रेन संचालन में सिग्नल, ट्रैक स्विच और पॉइंट्स के बीच समन्वय स्थापित कर किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम करती है। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि जब तक मार्ग पूर्ण रूप से सुरक्षित न हो, तब तक सिग्नल ‘हरा’ न हो और ट्रेन उस मार्ग पर प्रवेश न करे। भोपाल मंडल में हाल ही में आठ स्टेशनों पर इंटरलॉकिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है, जहां अब इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से न केवल संचालन सुरक्षित हुआ है, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी नगण्य हो गई है। वर्तमान में मंडल के 50 से अधिक स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, बीना गुड्स यार्ड में पुरानी यांत्रिक प्रणाली को हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग को लागू किया गया है, जिससे असुरक्षित परिस्थितियों की संभावना में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल संरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि ट्रेनों का संचालन अधिक दक्षता से संभव हो पाया है। इसी प्रकार, मंडल के तलवड़िया यार्ड का भी सफलतापूर्वक पुनर्संयोजन किया गया है, जिसमें टर्नआउट अपग्रेड, सैंड हम्प की स्थापना एवं सिग्नलिंग के पुनर्निर्धारण जैसे कार्य सम्मिलित हैं। इससे लूप लाइनों पर ट्रेनों के आगमन व प्रेषण की प्रक्रिया अधिक सुगम व सुरक्षित हुई है। इसके अतिरिक्त, भोपाल–इटारसी खंड में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली की स्थापना से सेक्शन की परिचालन क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई है। इसका प्रत्यक्ष लाभ ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार के रूप में यात्रियों को मिल रहा है। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में कार्यरत 901 तकनीकी कर्मचारियों को समय-समय पर इरिसेट सिकंदराबाद एवं भायकला मुंबई जैसे संस्थानों में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है, जिससे वे नवीनतम तकनीकों के अनुरूप दक्ष बने रहें। आगामी महीनों में मंडल के कई अन्य स्टेशनों पर भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, आईबीएस , एसएसआई, सीटीसी और ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के कार्य प्रस्तावित हैं। ये सभी पहल रेलवे को और अधिक संरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगी। भोपाल मंडल यात्रियों की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीकी सुदृढ़ता की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इंटरलॉकिंग प्रणाली का यह सशक्त नेटवर्क रेलवे की संरचना को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।

राज्यपाल ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दी शुभकामनाएं

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि भगवान बुद्ध ने प्रेम, करूणा एवं अहिंसा की भावना को सर्वोपरि मानते हुए पूरे विश्व को नई राह दिखाई। उन्होंने कहा कि आज भी भगवान बुद्ध की शिक्षा प्रासंगिक है। इस समय आवश्यकता है कि समाज में सामाजिक सद्भाव और बंधुत्व कायम रखने के लिए उनके आदर्शों को अपनाते हुए उनके बताए हुए रास्ते पर चलें।

आज से शुरू हो सकती हैए मार्गों के चौड़ीकरण की कार्रवाई, 800 से ज्यादा मकान-दुकान प्रभावित होंगे

उज्जैन सिंहस्थ-2028  से पहले मार्गों के चौड़ीकरण की कार्रवाई आज से शुरू होने की संभावना है। चौड़ीकरण का श्रीगणेश वीडी क्लॉथ मार्केट से तेलीवाड़ा चौराहे तक के भाग में भवनों के प्रभावित हिस्सों को हटाने से होगी। नगर निगम ने नोटिस जारी करने के साथ ही फाइलन सेंट्रल लाइनिंग और भवनों के प्रभावित हिस्सों में निशान लगाने जैसी आखिरी कार्रवाई पूरी कर ली है।   टुकड़ो-टुकड़ों में चौड़ीकरण सिंहस्थ को लेकर वीडी क्लॉथ मार्केट (बियावानी), तेलीवाड़ा से ढाबा रोड होते हुए छोटी पुलिया तक और कोयला फाटक से कंठाल होते हुए छत्रीचौक तक मार्ग चौड़ीकरण किया जाना है। दोनों ही मार्गों पर टुकड़ो-टुकड़ों में चौड़ा किया जाएगा ताकि रहवासियों को अधिक परेशानी न हो। शनिवार को निगम टीम ने कोयला फाटक से छत्रीचौक मार्ग पर कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक फाइनल सेंट्रल लाइनिंग की। इसी तरह वीडी क्लॉथ मार्केट से छोटी पुलिया तक मार्ग अंतर्गत बियावानी चौराहा से तेलीवाड़ा चौराहा तक लाइनिंग व भवनों के प्रभावित हिस्सों पर लाल निशान लगाए गए। अब निगम टीम क्षेत्र में अनाउसमेंट कर भवनों के प्रभावित हिस्सों को हटाने का आह्वान करेगी। निगम द्वारा कार्रवाई कर चिह्नित हिस्सों को हटाया जाएगा। चौड़ीकरण के लिए सोमवार को निगम का अमला मशीनों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। शुरुआत वीडी क्लॉथ मार्केट से तेलीवाड़ा चौराहा क्षेत्र में होगी। करीब ४५० मीटर भाग में निगम भवनों के उन भागों को हटाएगा, जो चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। रहवासियों में हलचल, जगह खाली करने लगे निशान लगाने की कार्रवाई के दौरान क्षेत्रवासियों में हलचल रही। हर कोई नप्ती की कार्रवाई बारीकी से देखने के साथ ही यह पूछता रहा कि कब से चौड़ीकरण शुरू होगा। कुछ लोगों ने नप्ती को लेकर आपत्ति भी थी, जिस पर दोबारा सीमांकन किया गया। इधर कुछ लोगों ने स्वेच्छा से भवन का प्रभावित हिस्सा खाली करना शुरू कर दिया है। जिन दोनों मार्गों का चौड़ीकरण किया जाना है, वह पुराने शहर के व्यस्ततम मार्ग होने के साथ मुख्य बाजार हैं। इन मार्गों का अधिकतर भाग व्यावसायिक है। ऐसे में चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की यातायात व्यवस्था खासी प्रभावित होने की आशंका है। ट्रैफिक डायवर्ट करने की स्थिति बनेगी। 5 से 10 फीट तक टूटेंगे भवन चौड़ीकरण अंतर्गत सेंट्रल लाइनिंग से सडक़ के दोनों ओर भवनों में निशान लगाए हैं। इस आधार पर किसी भवन का 5 फीट तो किसी का 10 फीट से अधिक हिस्सा चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। कार्रवाई में चिह्नित भवनों में से कई ५० से ७५ फीसदी तक प्रभावित हो रहे हैं। एक मार्ग पर 546, दूसरे पर 354 भवन प्रभावित वीडी क्लॉथ मार्केट, तेलीवाड़ा से ढाबा रोड होते हुए छोटी पुलिया लंबाई- 1.60 किमी चौड़ा होगा- 15 मीटर भवन प्रभावित होंगे- 546 धार्मिक स्थल- 33 कुल लागत- 26.86 करोड कोयला फाटक से कंठाल होते छत्रीचौक लंबाई- 1.23 किमी चौड़ा होगा- 15 मीटर भवन प्रभावित होंगे- 354 धार्मिक स्थल- 14 लागत- 15 करोड़ चौड़ीकरण को लेकर संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सेंट्रल लाइनिंग के साथ भवनों के प्रभावित हिस्सों पर निशान लगाने की कार्रवाई की है। पहले चरण में वीडी क्लॉथ मार्केट से तेलीवाड़ा चौराहे तक चौड़ीकरण किया जाएगा। कुछ ने स्वच्छता से भवन का प्रभावित हिस्सा हटाना शुरू कर दिया है।– आशीष पाठक, निगमायुक्त

जल संरचनाओं के स्थल चयन के लिये जीआईएस तकनीक का उपयोग

जल गंगा संवर्धन अभियान में गाँव तक पहुँचने वाली नहरों की सफाई के कार्य को भी प्राथमिकता दी जा रही जल संरचनाओं के स्थल चयन के लिये जीआईएस तकनीक जल संरचनाओं के स्थल चयन के लिये जीआईएस तकनीक का उपयोग भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संचयन और जल संरक्षण को लेकर विभिन्न गतिविधियाँ जन-भागीदारी के साथ की जा रही हैं। ग्राम पंचायतों में तालाब गहरीकरण और नये तालाबों के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने रुचि प्रकट की है। इसके साथ ही गाँव तक पहुँचने वाली नहरों की सफाई के कार्य को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह अभियान प्रदेश में 30 जून तक संचालित होगा। जल संरचनाओं के स्थल चयन के लिये जीआईएस तकनीक ग्वालियर जिले में वर्षा जल सहेजने के लिये हर ग्राम पंचायत में 4-4 कुओं को रिचार्ज करने का लक्ष्य रखा गया है। लम्बे समय तक पेयजल के प्रमुख स्रोत रहे ऐसे कुएँ, जो सूख चुके हैं, उन्हें रिचार्ज किया जा रहा है। जिले में 965 संरचनाएँ चिन्हित की गयी हैं, जहाँ काम शुरू कर दिया गया है। इस वर्ष 15 नये अमृत सरोवर स्थल चिन्हित किये गये हैं। इनमें से 6 कार्यों की स्वीकृति भी जारी कर दी गयी है। मनरेगा में खेत-तालाबों को भी मंजूरी दी गयी है। खेत-तालाब के स्थल चयन के लिये जीआईएस तकनीक की मदद ली गयी है। इससे पानी की उपलब्धता की जानकारी मिलती है। ग्राम खरखरी में जल चौपाल लगाकर ग्रामवासियों ने बनायी योजना कटनी जिले के ग्राम खरखरी में जल चौपाल लगाकर ग्रामवासियों ने बावड़ी के संरक्षण की योजना तैयार की है। नवांकुर संस्था ने जल संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिये गाँव-गाँव में जन-जागरूकता अभियान चलाया है। जिले में प्राचीन बावड़ियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से जन-भागीदारी से साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। शेढ़ नदी में बनाये तीन सौ बोरी-बंधान नरसिंहपुर जिले के कई ग्रामों में नदी-नालों एवं झरनों में बोरी-बंधान कर बहते जल को रोककर उसका उपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत अंडिया-डोंगरगाँव की शेढ़ नदी में जन-समुदाय की सहभागिता से तीन सौ बोरी-बंधान बनाये गये है। बोरी-बंधान के माध्यम से नदी में बहते पानी को रोका गया और 3 फुट पानी का ठहराव हुआ। पानी का ठहराव होने से किसानों, नागरिकों और पशु-पक्षियों को भरपूर पानी मिलेगा। यह कार्य विकासखण्ड नरसिंहपुर की नवांकुर संस्था और नागरिकों की सहभागिता से किया गया। भगवानपुरा में गोमुख नदी की साफ-सफाई खरगोन जिले के भगवानपुरा में गोमुख नदी की साफ-सफाई की गयी। यह कार्य 30 जून तक चलेगा। कार्य के साथ नागरिकों को जल को सहेजने की शपथ दिलायी गयी। जिले में नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के साथ पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल-स्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई की जा रही है। जल-स्रोतों के आसपास पौध-रोपण के लिये कार्य-योजना भी तैयार की गयी है।  

CM ने इंदौर में आयोजित द चेंजमेकर कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित “द चेंजमेकर कॉन्क्लेव” में विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। हँसी, प्रेरणा और विचारों के आदान-प्रदान से भरपूर यह आयोजन नवाचार, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित रहा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि पूरा प्रदेश इंदौर जैसा बने, यही हमारी सोच है। उन्होंने जन विश्वास अधिनियम सहित कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि अब उद्योग स्थापना के लिए 29 विभागों की अनुमति की आवश्यकता नहीं रह गई है,  जिससे औद्योगिक विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म निर्माण,  वेब सीरीज जैसे प्रोजेक्ट्स को पर्यटन के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है और अनुदान की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों, युवाओं , महिलाओं और किसानों के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में खेल स्टेडियम और हेलीपैड बनाए जा रहे हैं, पाँच रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है और जल उपयोग की दिशा में भी ठोस कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड गठित  किए गए। स्वागत भाषण में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि विकट परिस्थितियों के बावजूद, इन चेंजमेकर्स अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन लाए हैं। यह कार्यक्रम राजनीति और समाज के बीच एक सार्थक सेतु का कार्य करेगा। नगरीय विकास एवं आवास कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, सुमित मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के चेंजमेकर उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने क्लाइमेट मिशन इंदौर की रिपोर्ट का विमोचन किया। उन्होंने ग्राम पंचायत, ई- कोर्ट, कृषि, खेल, न्यायपालिका, डेयरी जैसे विविध विषयों पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यक्रम की “मूल भावना बहुत अच्छी है। सरकार के माध्यम से हम प्रयासरत हैं कि प्रदेश में प्रत्येक श्रेणी के नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलें। ‘ द चेंजमेकर कॉन्क्लेव’ सकारात्मक पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है।”  

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