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मोटिवेशन: खपत और बचत के बीच बनाये रखें संतुलन

उदारीकरण के मौजूदा दौर में सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर कम होते जा रहे हैं. दूसरी ओर निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में नौकरी के मौके में बढ़ोतरी देखी जा रही है. नौकरी के स्वरुप आदि में भी अनेक बदलाव दिखाई पड़ते रहे हैं. सरकारी नौकरी में प्रचलित वेतन के स्थान पर अब निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में पैकेज या सी टी सी जैसी शब्दावली का चलन बढ़ गया है. जैसा कि हम जानते रहे हैं, वेतन का सरल व सीधा अर्थ होता है महीने के अंत में हाथ में मिलने वाली राशि. लिहाजा उस राशि से महीने भर की सारी जरूरतें पूरी करनी की अपेक्षा होती है और साथ में भविष्य के लिए कुछ बचत की भी. सामान्यतः बचत के लिए आम नौकरीपेशा आदमी गुल्लक से लेकर डाकघर या बैंक में बचत या मियादी जमा खाते का सहारा लेता रहा है. कुछ लोग बेशक सोने -चांदी खरीद कर बचत को अंजाम देते रहे हैं. जीवन बीमा को भी जोखिम प्रबंधन के साथ दृसाथ बचत का एक बेहतर जरिया माना जाता रहा है. बहरहाल, पैकेज और सी टी सी के इस जमाने में कहने को तो बहुत कमाने का एहसास होता है, परन्तु महीने के अंत में खाते में बैलेंस देखकर निराशा होती है. दिलचस्प बात तो यह भी है कि इसके बावजूद आज हमें चिंता नहीं सताती, क्यों कि हमें आजकल चार्वाक के सिद्धांत, ऋण लो और घी पीओ को घुट्टी में पिलाने की हर संभव संस्थागत कोशिशें होती हैं, जिसमें क्रेडिट कार्ड, ओवर ड्राफ्ट जैसी लुभावने व आसान, पर वास्तव में काफी मंहगी सुविधाएं शामिल हैं. ऐसे में कमाने की एक सीमा होने के बावजूद खर्च करने की सीमा उससे आगे चली जाती है. गौरतलब बात है कि जब हम अपने कमाए हुए पैसे को कैश (नकद) के रूप में खर्च करने जाते हैं तो मनोवैज्ञानिक दवाब के तहत हम सोचने लगते हैं कि खरीदे जाने वाली चीज की हमें आवश्यकता है भी कि नहीं, या हम यूं ही बिना वजह उसे खरीद रहे हैं. लेकिन अगर कैश के बजाय क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए सामान खरीदने की बात हो, तो फिर कहने ही क्या ? ज्ञातव्य है कि निम्न या मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बचत अनायास शायद ही हो पाता है. इसके लिए तो सोच दृविचार कर निर्णय लेना पड़ता है और लेना चाहिए भी. कहते है न, लक्ष्मी चंचल होती है. ऐसे भी, हमारे पॉकेट में रखा सौ रुपया अपने आप एक सौ दस रूपये होने से रहे, लेकिन इसके उलट शाम तक जरुरत दृ बेजरूरत खर्च हो कर सौ से कम होने की संभावना प्रबल रहती है. दरअसल, बचत के मुख्यतः तीन सिद्धांत प्रचलन में है . एक जिसे अधिकांश लोग अपनाते हैं और वह है, कुल मासिक कमाई से 30 दिनों में होने वाले खर्चे के बाद जो राशि बची रहे, उसे बचत के लिए रखा जाय. दूसरा यह कि महीने में सभी आवश्यक चीजों पर होने वाले अनुमानित औसत खर्च के लिए राशि अलग रख कर बची हुई राशि को वेतन मिलते ही बचत के मद में रख दें या फिर तीसरा तरीका जैसा प्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट गुरु वारेन बफेट कहते हैं वह यह कि बचत की राशि निर्धारित कर अलग रख लें, फिर बची राशि से महीने भर खर्च करें. कुछ भी करें-कहें, पैसे की फिजूलखर्च से बचने और उसकी बचत के एकाधिक फायदे तो हैं ही, व्यक्ति, समाज और देश – सबके लिए.    

मार्केट कैप में कहीं नहीं टिकता पड़ोसी देश, पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है। बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा।

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, कल 11 बजे तक रहेगा अनुराधा नक्षत्र

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. द्वितीया तिथि आज देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. आज पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक शिव योग रहेगा. साथ ही आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा. इसके अलावा आज रात 12 बजकर 11 मिनट पर सूर्य वृष राशि में प्रवेश करेंगे. जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय. शुभ मुहूर्त ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि- 14 मई 2025 को देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. अनुराधा नक्षत्र- 14 मई को आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लग जाएगा. शिव योग-14 मई को पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक. 14 मई 2025 ग्रह-गोचर- आज रात्रि के समय सूर्य और गुरु ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. राहुकाल का समय दिल्ली- दोपहर 12:18 – 01:59 PM मुंबई- दोपहर 12:35 – 02:13 PM चंडीगढ़- दोपहर 12:19 – 02:02 PM लखनऊ- दोपहर 12:03 – 01:44 PM भोपाल- दोपहर 12:17 – 01:56 PM कोलकाता- दोपहर पहले 11:33 – 01:12 PM अहमदाबाद- दोपहर 12:36 – 02:15 PM चेन्नई- दोपहर 12:05 – 01:41 PM सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 5:31 am सूर्यास्त- शाम 7:03 pm

क्या आप जानते हैं, तरबूज के यह 5 फायदे

गर्मी के दिनों में ठंडा-ठंडा, मिठास से भरा तरबूज किसे पसंद नहीं होता। लेकिन यह केवल स्वाद में ही बेमिसाल नहीं है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतरीन फल है। यकीन न हो, तो जरूर जानिए तरबूज के यह 5 अनमोल लाभ… -गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी से निपटने के लिए यह बढ़िया विकल्प है। तरबूज में पानी की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है जिसे खाने पर आपके शरीर में पानी की आपूर्ति होती है। -वजन कम करने के लिए रोजाना तरबूज का सेवन बेहतरीन विकल्प है। इसे खाने पर पेट भी जल्दी भरता है और शरीर में वसा का संग्रह भी नहीं होता। इतना ही नहीं, यह आपके शरीर को पोषण भी देता है। -तरबूज में विटामिन-ए और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता में तो इजाफा करता ही है साथ ही आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। -तरबूज का सेवन आपकी त्वचा में ताजगी और नमी बनाए रखने के साथ ही खूबसूरती को बढ़ाने में भी मददगार है। यह झुर्रियों से बचाने में भी कारगर है। तरबूज के टुकड़े को त्वचा पर रगड़ने पर त्वचा की बेहतर सफाई की जा सकती है। -तरबूज में मौजूद लाइकोपीन कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर इस गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करता है। तरबूज को काला नमक और काली मिर्च के साथ खाने पर अपचन की समस्या दूर होता है और पाचन तंत्र बेहतर कार्य करता है।  

इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के अंतर्गत विभागीय समन्वय हेतु संयुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

अलीराजपुर  दिनांक 13 मई 2025 को पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला अलीराजपुर में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (Inter-Operable Criminal Justice System – ICJS) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभागीय समन्वय सुदृढ़ करने हेतु एक संयुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में माननीय न्यायालय, पुलिस विभाग, जिला लोक अभियोजन कार्यालय, जेल प्रशासन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न आपराधिक प्रकरणों के निपटान हेतु डिजिटल प्रणाली को सशक्त बनाना, विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना एवं ICJS के पांच प्रमुख स्तंभों–पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल एवं फॉरेंसिक प्रयोगशाला के मध्य सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं त्रुटिरहित बनाना था। संयुक्त वर्कशॉप मे सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर श्री राजेश व्यास द्वारा संयुक्‍त वर्कशॉप में उपस्थित हुये माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलीराजपुर श्री अनीष कुमार मिश्रा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र सेवतिया एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री ज्योत्सना आर्य का स्वागत किया। इसके पश्चात श्री व्यास द्वारा सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली के अंतर्गत “इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS)  पोर्टल से संबंधित एक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इस प्रेजेंटेशन में निम्नलिखित सात मुख्य बिंदुओं पर विशेष जानकारी दी गई, जो निम्‍नानुसार है- Police to Court (e-Signed Chargesheet):चार्जशीट को डिजिटल रूप से तैयार कर न्यायालय को ई-साइन के माध्यम से भेजा जाना, जिससे समयबद्धता, प्रामाणिकता और कागज रहित प्रक्रिया सुनिश्चित हो। इसमें वर्तमान में तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण की निरंतर आवश्यकता है। एफएसएल रिपोर्ट की इलेक्ट्रॉनिक उपलब्धता:FSL रिपोर्ट अब CCTNS पर SHO एवं SP स्तर तक उपलब्ध होनें पर प्रकरण मे त्‍वरित कार्यवाही हो सकती है।   MedLeaPR (MLC रिपोर्ट का डिजिटल एकीकरण):CCTNS पोर्टल से MLC हेतु अनुरोध भेजे जा रहे हैं, किन्तु समस्त MLC रिपोर्ट अभी भी डिजिटल माध्यम से नहीं मिल पा रही हैं। यदि चिकित्सा संस्थानों के द्वारा MLC रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से भेजी जायेगी तो इससे भी प्रकरण में त्‍वरित निराकरण सुनिश्चित होगा। अभियोजन विभाग – E-Prosecution Portal:मसौदा चार्जशीट एवं विधिक राय अब ई-पोर्टल के माध्यम से भेजनें हेतु पुलिस विभाग के द्वारा अधिक से अधिक विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे भविष्‍य मे फिजिकल दस्तावेजों की निर्भरता कम की जा सके। Online Summon/Warrant (e-Court Integration):e-Court एवं CCTNS के माध्यम से समन/वारंट भेजनें व प्राप्‍त होनें पर समय/मानव संसाधन की बचत होगी, इस हेतु पुलिस विभाग के अधि/कर्म0 को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। E-Sakshya App (डिजिटल साक्ष्य एकत्रीकरण):यह ऐप जांच अधिकारियों को घटनास्थल से फोटो/वीडियो प्रमाण एकत्र कर डिजिटल रूप से सुरक्षित करने में सहायक है। इसके उपयोग में तकनीकी जानकारी, उपकरणों की कमी जैसी चुनौतियाँ सामने आई हैं परंतु इसमें भी अधिक से अधिक अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाकर कार्य किया जा रहा है। BAMS (जमानत पचिका मॉड्यूल) एवं उच्च न्यायालय से एकीकरण:उच्च न्यायालय द्वारा केस डायरी की मांग CCTNS माध्यम से की जाती है, एवं उत्तर भी डिजिटल रूप से भेजे जानें के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाकर दस्‍तावेजों को ऑनलाईन भेजनें हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। संयुक्त वर्कशॉप के समापन के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनीष कुमार मिश्रा द्वारा संबोधन में कहा गया कि पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, तकनीकी और त्रुटिरहित बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया और सुझाव दिया कि समयबद्ध एवं तकनीकी-आधारित अनुसंधान से प्रकरणों में शीघ्र न्याय संभव है। साथही अनुसंधान के दौरान महिलाओं/बच्‍चीयों पर होनें वाले अपराधों में पीडिता की उम्र का निर्धारण निहित दस्‍तावेजों के आधार पर किये जानें हेतु पुलिस अधिकारियों को बताया। इस संयुक्त वर्कशॉप में पुलिस विभाग के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण, थाना प्रभारी, जिला अभियोजन अधिकारी, जेल विभाग, एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

सनी देओल ने शेयर किया वीडियो, बोले ‘अर्जुन’ की आग अब भी दिलों में जल रही है

मुंबई,  सनी देओल इन दिनों अपनी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। फैंस उनकी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दर्शकों को सनी देओल की अधिकतर फिल्मों के नाम और कहानी जुबानी याद हैं। उनकी 1985 में एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था ‘अर्जुन’… लोगों ने इस फिल्म को काफी पसंद किया। इस फिल्म को 40 साल पूरे हो चुके हैं। फिल्म को लेकर सनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया।   सनी देओल ने अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म से जुड़े कुछ सीन्स साझा किए। वीडियो की शुरुआत फिल्म के एक डायलॉग से होती है, जिसमें सनी कहते हैं, ‘मैं उस महाभारत का अर्जुन हूं त्रिवेदी साहब, जिस महाभारत के दुर्योधन आप हैं।’ इसके बाद रोमांटिक और एक्शन सीन्स देखने को मिलते हैं और बैकग्राउंड में गाना ‘ममैया केरो केरो मामा’ प्ले हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए सनी ने कैप्शन में लिखा, ”’अर्जुन’ जैसी फिल्में, जो कभी क्लासिक थीं, अब समय के साथ पीछे छूट चुकी हैं। भले ही फिल्म का प्रिंट फीका पड़ गया हो, लेकिन इसकी आग अभी भी हमारे दिलों में जलती है। फिल्म की भावना, असर और जज्बा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। अब वक्त है कि हम सिर्फ फिल्मों को नहीं, बल्कि उन कहानियों की आत्मा को भी फिर से जिंदा करें, जो उन लोगों की आवाज बनी थीं, जिन्हें समाज में भुला दिया गया।” फिल्म में सनी देओल के साथ एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया नजर आई थीं। इस फिल्म को राहुल रवैल ने निर्देशित किया था। 1985 की यह छठी सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म थी। फिल्म ‘अर्जुन’ मालवंकर नाम के एक लड़के की कहानी है, जो मुंबई के मीडिल क्लास परिवार से था। इसका किरदार सनी देओल ने निभाया। फिल्म में दिखाया गया है कि वह पढ़ा-लिखा नौजवान है, फिर भी बेरोजगार है। इसमें उसके दोस्तों का एक ग्रुप भी है, जो बेरोजगार है। फिल्म की कहानी जैसे आगे बढ़ेगी, तो दर्शकों को देखने को मिलेगा कि कैसे सनी देओल सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करते हैं और सभी से बदला लेते हैं।

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के एमओयू बाद योजना की सूत्रधार अर्चना चिटनिस ने ताप्ती तट पहुंचकर किया नमन

बुरहानपुर। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना हमारे देश के खोजी और अन्वेक्षण प्रिय अभियंताओं की भूगर्भीय जल संचय हेतु ऐतिहासिक पहल है। जिसके लिए 30-35 वर्ष तक भू-वैज्ञानिक कभी ताप्ती कछार के बजाडा झोन तो कभी सतपुड़ा की तलहटी में जल रिसाव पर अपने-अपने प्रयोग कर खोजी धर्म का कर्तव्य निर्वहन करते हुए इस ताप्ती नदी के कछार में इस परियोजना की कल्पना को साकार करने में सफल हो सके हैं। जल प्रबंधन की दिशा में उठाया गया यह एक ऐतिहासिक कदम है। इस परियोजना के माध्यम से वर्षों से जल संकट झेल रहे क्षेत्रों को नई उम्मीद मिली है। हमारे वैज्ञानिकों ने जिस दूरदृष्टि, शोध और तकनीकी नवाचार से इस योजना को साकार किया है, वह वास्तव में राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। यह सिर्फ एक जल परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हमारे कदमों की एक ठोस मिसाल है। जब विज्ञान, नीति और जनकल्याण एक साथ मिलते हैं, तब ऐसे परिवर्तनकारी प्रयास जन्म लेते हैं। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना इसी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह बात ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना की सूत्रधार एवं विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कही। मंगलवार को श्रीमती चिटनिस ने ताप्ती तट स्थित बुरहानपुर जिले के ग्राम पंचायत तांदली के लिंगा गांव से मां ताप्ती को नमन किया जहां इस योजना के संबंध में उन्हें ताप्ती पाटबंधारे विकास महामंडल महाराष्ट्र के अधिकारियों ने पहली बार प्राथमिक जानकारी दी थी और इस स्थान पर ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना का बिजारोपण हुआ। जहां से श्रीमती चिटनिस ने इस कार्य को करने का बीड़ा उठाया था। तत्पश्चात श्रीमती अर्चना चिटनिस की उपस्थिति में बुरहानपुर में पत्रकारों के समक्ष योजना का प्रस्तुतिकरण कर इसकी विस्तृत जानकारियों से अवगत कराया। योजना की विस्तृत जानकारी तकनीकी विशेषज्ञ एवं पूर्व सूचना राज्य आयुक्त वी.डी.पाटिल, ताप्ती कार्पाेरेशन जलगांव महाराष्ट्र के कार्यपालन यंत्री उत्तम दाभड़े, जलगांव के अधीक्षक यंत्री यशवंतराव बडाने, वेबकाप्स के मुकेश चौहान इंदौर ने दी।प्रेसवार्ता में महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्काे, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, पूर्व महापौर अतुल पटेल, वीरेन्द्र तिवारी, प्रदीप पाटिल, गोपाल चौधरी, मनोज लधवे, राजेश चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे। योजना की सूत्रधार श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना में महाराष्ट्र के धारणी से ताप्ती नदी के दोनों कछार से नहरे बननी हैं। योजना के तहत 273 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा। जिससे 11.76 क्यूबिक मीटर जल का पुनर्भरण रिचार्ज किया जाएगा। योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 हेक्टेयर में सिंचाई प्रस्तावित है। दोनों ओर की नहरें ताप्ती कछार में स्थित भूभ्रंश फाल्ट के नजदीक से गुजरने वाली हैं तथा इन नहरों के माध्यम से कंट्रोलेड भूजल पुनर्भरण प्रस्तावित हैं। पुनर्भरण संरचना भू स्तर को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय भूजल बोर्ड सीजीडब्ल्यूबी के वैज्ञानिक निर्धारित करेंगे। इस प्रकार भूगर्भ की संरचना का आधार लेकर लगभग एक लाख करोड़ लीटर 30 टीएमसी पानी का हर वर्ष पुनर्भरण होना है। जिसमें मध्यप्रदेश का 1.23 लाख हेक्टेयर एवं महाराष्ट्र का 2.34 लाख हेक्टेयर पुनर्भरण से लाभान्वित होने वाला है तथा 48 हजार हेक्टेयर सीधी सिंचाई से लाभ होगा। जिससे मध्यप्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा तथा महाराष्ट्र के जलगांव, बुलढाणा, अकोला और अमरावती जिले के क्षेत्र सम्मिलित हैं। इस योजना की अनुमानित लागत 19 हजार करोड़ रुपए के आसपास है। इसका समुचित लाभांश क्षेत्र 3.57 लाख हेक्टेयर है। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजनांतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं। खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर: यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्यप्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है। इसकी जल भराव क्षमता 8.31 टीएमसी प्रस्तावित है। इस योजना में ताप्ती के दाएं तट पर 221 किलोमीटर और बायी तट पर 255 किलोमीटर की नहर अर्थात् महाराष्ट्र धारणी के खरिया गुटी घाट से एक ताप्ती से 3 ताप्ती होकर मध्यप्रदेश की सीमा में सतपुड़ा की तलहटी और नदी के मध्य होकर जल रिसाव की प्रक्रिया के माध्यम से योजना को क्रियान्वित की जाएगी। दाई तट नहर प्रथम चरण: प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर क़े दाएं तट से 221 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है, जो मध्यप्रदेश में 110 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 55 हज़ार 89 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। बाई तट नहर प्रथम चरण: प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर के बाएं तट से 135.64 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है जो मध्यप्रदेश में 100.42 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 44 हज़ार 993 हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। बाईं तट नहर द्वितीय चरण: यह नहर बाईं तट नहर प्रथम चरण के आर डी 90.89 किलोमीटर से 14 किलोमीटर लम्बी टनल के माध्यम से प्रवाहित होगी। इसकी लंबाई 123.97 किलोमीटर होगी, जिससे केवल महाराष्ट्र के 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की सराहना की

रायपुर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत “जशप्योर” ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने “जशप्योर” के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘जशप्योर’ न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके “जशप्योर” ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं।

डिनो मोरिया का खुलासा, ‘द रॉयल्स’ में मैंने अपने व्यक्तित्व की झलक दी

मुंबई, ईशान खट्टर और भूमि पेडनेकर की वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। इस सीरीज को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। सीरीज में एक्टर डिनो मोरिया भी हैं। दर्शकों को उनका काम पसंद आया है। लोग उनके किरदार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों से मिल रही सराहना से खुश डिनो मोरिया ने कहा है कि वह शो के किरदार में अपनी खुद की झलक दिखा रहे थे। डिनो मोरिया ने अपने किरदार के बारे में बताया कि उन्हें एक सनकी किरदार ‘सलाहुद्दीन’ को निभाने में बहुत मजा आया। यह किरदार उनकी असली जिंदगी के स्वभाव से काफी मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा, “इस किरदार को निभाना मेरे लिए एक मजेदार सफर रहा। शूटिंग के दौरान मैंने खूब मजे किए, हंसी-मजाक किया और सेट पर समय का आनंद लिया। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मुझे यह अवसर देने के लिए आपका धन्यवाद। मैं कैमरे के सामने खुद को पेश कर रहा था। अपने किरदार के जैसा मैं असल जिंदगी में हूं, मुझे यह काफी पसंद आया। यह मजेदार और खुशमिजाज था।” सीरीज में एक रॉयल फैमिली की कहानी है, जिनके महाराजा अपनी वसीयत में खूब सारा कर्ज छोड़ जाते हैं, जिससे अब शाही परिवार परेशान है। ऐसे में उन्हें एक कंपनी से ऑफर आता है कि वे उनके शाही महल को रॉयल बीएनबी में बदलना चाहते हैं। इसमें मेहमान रॉयल फैमिली के साथ रहेंगे। सीरीज में भूमि पेडनेकर ने सोफिया शेखर का किरदार निभाया है, जो एक एम्बिशियस लड़की है और अपनी कंपनी रॉयल और बीबी को टॉप पोजीशन पर पहुंचाने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगाती है। वहीं ईशान खट्टर मोरपुर के मोतीबाग महल के महाराज के बड़े बेटे अविराज सिंह की भूमिका में हैं। सीरीज में डिनो की कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी है, जो कहानी में ताजगी का तड़का लगाने का काम करती है। इस सीरीज में दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान, साक्षी तंवर, विहान समत, काव्या त्रेहान, चंकी पांडे, नोरा फतेही, उदित अरोड़ा, लीसा मिश्रा और सुमुखि सुरेश भी शामिल हैं। यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है।

विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म की ओर इशारा करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों की बहन बता आपत्तिजनक बयान दिया

इंदौर प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना उन्हें लेकर अनर्गल बातें कह दीं। उन्होंने महू विधानसभा क्षेत्र की एक सभा में कहा कि जिन लोगों ने बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, मोदीजी ने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी हालत खराब कर दी। इस तरह विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म की ओर इशारा करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों की बहन बता दिया।   विजय शाह का पूरा बयान विजय शाह ने कहा कि उन्होंने (आंतकियों ने) कपड़े उतारकर हिंदुओं को मारा। पीएम मोदी ने उनकी बहन को जहाज में उनके घर भेज ऐसी-तैसी करवा दी। विजय शाह यहीं नहीं रुके। आगे बोले कि पीएम मोदी कपड़े तो उतार नहीं सकते थे, इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा। अगर तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। हमारी बहनों के मान-सम्मान और सुहाग का बदला तुम्हारी जाति और समाज की बहन को भेजकर लिया। भारत की जिन बेटियों पर सबको नाज है, उन बेटियों को लेकर ये शर्मनाक बयान दिया गया है। उन्हें आतंकवादियों की बहन बताया गया है। विजय शाह ने दी बयान पर सफाई इस बयान पर विवाद होने के बाद विजय शाह ने मीडिया को सफाई दी कि हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया गया है। मेरे भाषण को अलग संदर्भ में न देखें। कुछ लोग इसे अलग संदर्भ में देख रहे हैं। वो हमारी बहनें हैं। उन्होंने पूरी ताकत से सेना के साथ मिलकर काम किया है। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक उषा ठाकुर भी उपस्थित थीं।   कांग्रेस ने की माफी की मांग नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस बयान की निंदा करते कहा कि सेना का अधिकारी हो या सैनिक हो, उसका कोई धर्म नहीं होता। उसका धर्म देश होता है। उसकी देशभक्ति होती है। भाजपा बार-बार मजहब (धर्म) की बात करती है और यह निंदनीय है। विजय शाह को इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने की थी कार्रवाई उल्लेखनीय है कि विजय शाह इससे पहले भी कई बार विवादित बयान देकर घिर चुके हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर द्विअर्थी बात कहने पर उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। मध्य प्रदेश में जन्मी हैं सोफिया कुरैशी बता दें, कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नियमित प्रेस ब्रीफिंग की थी। कर्नल सोफिया आर्मी कम्युनिकेशन की विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुआ।

सऊदी पहुंचे ट्रंप का भव्य स्वागत, प्रिंस सलमान के साथ बंद दरवाजों के पीछे कूटनीति शुरू, कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप

सऊदी अरब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चार दिवसीय पश्चिम एशिया दौरे के तहत सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। रियाद एयरपोर्ट पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को फिर से गति देने की कोशिशें हो रही हैं।   आर्थिक सहयोग की उम्मीद डोनाल्ड ट्रंप की यह यात्रा व्यापार और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा, तेल और तकनीक के क्षेत्र में अरबों डॉलर के समझौते हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में दोनों पक्ष कई निवेश योजनाओं पर भी विचार कर सकते हैं।  ईरान, गाज़ा और तेल जैसे मुद्दे हालांकि औपचारिक कार्यक्रमों के इतर, बंद दरवाजों के पीछे गाज़ा में चल रहे युद्ध, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल की वैश्विक कीमतों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इन मुद्दों पर खाड़ी देशों के साथ अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहा है। कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप सऊदी अरब के बाद ट्रंप कतर और संयुक्त अरब अमीरात का भी दौरा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका इन खाड़ी देशों के साथ भविष्य में ऊर्जा, सुरक्षा और निवेश को लेकर बड़ी साझेदारियों की उम्मीद कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध काफी नजदीकी रहे थे। उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी रियाद से शुरू किया था। उस समय दोनों देशों के बीच करीब 110 अरब डॉलर की रक्षा डील हुई थी।  ट्रंप का यह दौरा इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया की राजनीति में अमेरिका अभी भी एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहना चाहता है। साथ ही, यह दौरा आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मज़बूती देने का प्रयास माना जा रहा है।

भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आप पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया: देवेंद्र यादव

नई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया है। दिल्ली कांग्रेस के आरटीआई सेल की ओर से लगाई गई आरटीआई पर विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के आधार पर देवेंद्र यादव ने कहा कि सत्ता में आने के एक माह बाद ही होली मिलन समारोह के आयोजन में भाजपा ने फिजूल खर्ची के रिकार्ड तोड़ दिए। आरोप लगाया,  8,42,787 रुपये खर्च कर डाले बकौल यादव, होली मिलन समारोह में भाजपा ने अपनी वाहवाही के लिए सरकारी खजाने से 8,42,787 रुपये की राशि खर्च कर डाली। यादव ने बताया कि 2022 में आप सरकार के होली मिलन समारोह में 91,313 और 2023 में 1,16,842 रुपये खर्च हुए थे। जबकि भाजपा सरकार द्वारा होली मिलन समारोह में 8,42,787 रुपये की राशि खर्च की गई। आरटीआई के मुताबिक फूलों की व्यवस्था लोक कल्याण विभाग के उद्यान विभाग द्वारा की गई। रंग और गुलाल की व्यवस्था करने के लिए 7,500 रुपये अदा किए गए। चार लाख रुपये के खर्च का हिसाब ही नहीं जलपान की व्यवस्था दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा की गई, जिसके लिए उसे 4,22,500 रुपये की अदायगी की गई। चार लाख से अधिक राशि के खर्च की जानकारी देने में असमर्थता जताई गई है। यादव के मुताबिक जनता के पैसे का दुरुपयोग हर हाल में रोका जाना चाहिए।

वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी, कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए नहीं देना होगा कोई चार्ज

नई दिल्ली भारत में जब भी माता के दर्शन की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है मां वैष्णो देवी का। जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित ये धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सालभर देश के कोने-कोने से भक्त यहां मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, बहुत से श्रद्धालु यात्रा के खर्च को लेकर असमंजस में रहते हैं — खासकर वे जो सीमित बजट में होते हैं। कई बार लोग ये मान लेते हैं कि इस यात्रा पर जाने में बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, इसलिए वो रुक जाते हैं। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। अगर आप भी वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो ये जानकर आपको खुशी होगी कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण सुविधाएं श्रद्धालुओं को बिल्कुल मुफ्त मिलती हैं। श्राइन बोर्ड और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे हर भक्त श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सके — वो भी बिना किसी भारी खर्च के। 1. रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त कई लोग यह सोचते हैं कि वैष्णो देवी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन कटरा में किया जाता है, और इसके लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी पड़ती। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यात्रा कार्ड मिलता है, जिसे पहनकर श्रद्धालु यात्रा करते हैं। यह कार्ड न केवल पहचान का प्रमाण है, बल्कि श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी एक जरिया है। 2. फ्री में मिलता है भोजन देशभर से आने वाले भक्तों को यहां भोजन की चिंता नहीं करनी पड़ती। यात्रा मार्ग पर सेवा समितियों, धार्मिक संस्थाओं और श्राइन बोर्ड द्वारा कई स्थानों पर फ्री लंगर का आयोजन होता है। यहां भक्तों को गरम, ताजा और शुद्ध भोजन एकदम मुफ्त परोसा जाता है। सुबह-शाम भोजन की ये सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहतभरी होती है जो सीमित संसाधनों के साथ यात्रा पर आते हैं।   3. रात के विश्राम के लिए भवनों की व्यवस्था यात्रा रात में भी जारी रहती है, और कई श्रद्धालु रात के समय थकान महसूस करते हैं — खासकर बुजुर्ग यात्री। ऐसे में उन्हें विश्राम की जरूरत होती है। कटरा से भवन तक, यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर विश्राम भवन बनाए गए हैं। ये स्थान पूरी तरह से मुफ्त होते हैं, जहां तीर्थयात्री रात में ठहर सकते हैं या दिन में कुछ समय आराम कर सकते हैं। इसके अलावा, जगह-जगह सिटिंग चेयर्स भी उपलब्ध हैं। 4. मुफ्त मेडिकल सुविधाएं यात्रा के दौरान अगर किसी तीर्थयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, तो चिंता की कोई बात नहीं। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग में मेडिकल सहायता केंद्र बने हुए हैं, जहां छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज तुरंत किया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चों के लिए बेहद सहायक है। 5. स्नान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी मुफ्त श्रद्धालु यह सोचते हैं कि भवन या कटरा में स्नान आदि के लिए शुल्क देना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित स्नानगृहों में यात्री पूरी तरह से फ्री में स्नान कर सकते हैं और खुद को ताजगी के साथ यात्रा के लिए तैयार कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लंबी यात्रा के बाद भवन तक पहुंचते हैं।

गोवा के पर्यटन उद्योग में इस साल की पहली तिमाही में पर्यटकों की संख्या में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज

गोवा गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए साल 2025 की शुरुआत बेहद शानदार रही है। राज्य के पर्यटन विभाग ने इस साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.5% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। इस साल पहली तिमाही में 28,51,554 पर्यटक गोवा घूमने आए, जबकि 2024 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 25,80,155 था। यह लगातार बढ़ती संख्या दर्शाती है कि गोवा अब सिर्फ एक पारंपरिक बीच डेस्टिनेशन नहीं रह गया है बल्कि एक वैश्विक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और साल भर चलने वाला पर्यटन केंद्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे गोवा सरकार के पर्यटन विभाग की तीन-स्तरीय रणनीति का अहम योगदान रहा है। इस रणनीति में प्रमुख और उभरते बाजारों में प्रचार को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाना और पर्यटन उत्पादों में विविधता लाना शामिल है। हवाई संपर्क का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच गोवा सरकार ने रणनीतिक विमानन साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस जो पहले से ही दुबई से सीधी उड़ानें संचालित कर रही थी अब गोवा को सीधे कुवैत और अबू धाबी से भी जोड़ रही है। यह विस्तार खाड़ी देशों के विमानन भागीदारों के साथ लगातार बातचीत और मध्य-पूर्व के ट्रांजिट बाजारों को लक्षित करने के प्रयासों का ही नतीजा है। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। वैश्विक स्तर पर प्रचार और व्यापारिक साझेदारी गोवा पर्यटन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसने डब्ल्यूटीएम लंदन, आईटीबी एशिया (सिंगापुर), ताशकंद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेला और हाल ही में दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM) 2025 जैसे प्रमुख वैश्विक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। डब्ल्यूटीएम लंदन में गोवा ने भारत सरकार की ‘चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा इनिशिएटिव’ में हिस्सा लिया जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को अपने विदेशी मित्रों को भारत आने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल गोवा की उस रणनीति के अनुरूप है जिसके तहत वैश्विक स्तर पर उच्च-मूल्य और सांस्कृतिक रूप से जुड़े यात्रियों को आकर्षित किया जा रहा है। अरेबियन ट्रैवल मार्केट दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत और क्षेत्रीय पर्यटन हितधारकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों ने यूएई और भारत के बीच एक दीर्घकालिक पर्यटन पुल की नींव रखी है। इन बैठकों में गोवा को न केवल अवकाश यात्रा बल्कि सांस्कृतिक, वेलनेस और पारिवारिक पर्यटन के लिए भी एक प्रीमियम प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत किया गया।   समुद्र तटों से आगे साल भर के अनुभव गोवा अब खुद को एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है जो पर्यटकों को विविध प्रकार के अनुभव प्रदान करता है। इसमें ‘एकादश तीर्थ’ आध्यात्मिक सर्किट, वेलनेस और आयुर्वेद रिट्रीट, ग्रामीण पर्यटन और मानसून पैकेज जैसी पहलें शामिल हैं। ये विशेष रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूक यात्रियों, डिजिटल घुमंतुओं और ऑफ-सीजन में घरेलू पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। खासकर मध्य-पूर्वी बाजारों में मानसून यात्रा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। दीप पर्व, रापणकाराचो सी फूड फेस्टिवल, चिखल कालो, साओ जोआओ, फेस्टाविस्टा और ‘स्पिरिट ऑफ गोवा’ व ‘हेरिटेज फेस्टिवल’ जैसे सांस्कृतिक आयोजनों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया है और समुद्र तटों से परे अनुभवात्मक पर्यटन को मजबूती दी है। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच उद्योग संवाद आमतौर पर अप्रैल में ईस्टर के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आती है लेकिन मई में स्कूलों की छुट्टियों और घरेलू अवकाश यात्रा के कारण सुधार देखा जाता है। हालांकि वर्तमान क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के कारण भविष्य की मांग पर कुछ असर पड़ सकता है। इसके जवाब में पर्यटन विभाग ने होटल, परिवहन, यात्रा सेवा और वैकल्पिक आवास क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं ताकि मई-जुलाई की बुकिंग के रुझानों की समीक्षा की जा सके और किसी भी संभावित मंदी से निपटने के उपाय तलाशे जा सकें। इन चर्चाओं का उद्देश्य लचीलापन बढ़ाना, संयुक्त प्रचार को बढ़ावा देना और आगामी सीजन के लिए उद्योग का तालमेल सुनिश्चित करना है।  

बीजेपी ने नागपुर महानगर की जिम्मेदारी दयाशंकर तिवारी को सौंपी, कौन बनेगा मुंबई बीजेपी चीफ?

मुंबई महाराष्ट्र बीजेपी संगठन चुनावों को गति देते हुए मुंबई समेत 58 जिला अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने नागपुर महानगर की जिम्मेदारी दयाशंकर तिवारी को सौंपी है। इसी प्रकार पार्टी ने मीरा भाईंदर में दिलीप जैन को पार्टी की कमान दी है। पार्टी ने कल्याण में नंदु परब और उल्लासनगर में राजेश वधारिया को अध्यक्ष बनाया है। पुणे शहर में जिला अध्यक्ष का पद धिरज घाटे को दिया है। महाराष्ट्र में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी अभी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के पास है। पार्टी ने पूर्व मंत्री रवींद्र चव्हाण को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। उन्हें ही बावनकुले के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। महाराष्ट्र बीजेपी के 58 जिला अध्यक्षों की लिस्ट देखें। कौन बनेगा मुंबई बीजेपी चीफ? जिला अध्यक्षों के ऐलान के बाद अब मुंबई अध्यक्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई है क्यों प्रदेश प्रमुख बावनकुले की तरह ही आशीष शेलार अब मंत्री है। ऐसे में एक व्यक्ति-एक पद के हिसाब से किसी नए व्यक्ति को कमान सौंपेगी। ऐसे में जब आगे बीएमसी के चुनाव होने हैं तब मुंबई प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक और क्रिकेट प्रशासक के तौर पर सक्रिय आशीष शेलार अगस्त, 2022 में मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष बने थे। आशीष शेलार ने तब मंगल प्रभात लोढ़ा को रिप्लेस किया था। मंगल प्रभात लोढ़ा भी महायुति 2.0 सरकार में मंत्री हैं। क्या संजय उपाध्याय बनेंगे चीफ? कांग्रेस में मुंबई प्रदेश अध्यक्ष की कमान डॉ. वर्षा गायकवाड़ के हाथों में है। पार्टी ने अभी तक वर्षा गायकवाड़ को हटाने के संकेत नहीं दिए हैं। अब देखना यह है कि बीजेपी बीएमसी चुनावों से पहले कौन सा दांव खेलती है? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संजय उपाध्याय को भी फडणवीस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे सकते हैं। संजय उपाध्याय पूर्व में मुंबई बीजेपी से महासचिव भी रह चुके हैं। इसके अलावा अमित साटम, अतुल भातखलकर और पराग अलवानी के नाम चर्चा में हैं। देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने के बाद बीजेपी की नजर मुंबई में अपना मेयर बनाने पर है। बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीती थीं।

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