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राज्य मंत्री पटेल ने प्रशासन को फर्जी सूचनाओं से सतर्क रहने के दिए निर्देश

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल ने देवास में उनके नाम का दुरुपयोग कर शासकीय सर्किट हाउस में रुकने के प्रयास तथा हंगामा करने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा जनप्रतिनिधियों के नाम का उपयोग कर शासकीय प्रतिष्ठानों का अनुचित लाभ लेना, समाज में भ्रम फैलाना और शांति भंग करना निंदनीय और दंडनीय अपराध है। राज्यमंत्री श्री पटेल ने प्रशासन को यह भी निर्देशित किया है कि किसी भी जनप्रतिनिधि से जुड़ी सूचना प्राप्त होने पर उसकी पुष्टि केवल अधिकृत एवं आधिकारिक माध्यम से ही की जाए। इससे न केवल भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा, बल्कि ऐसे असामाजिक तत्व प्रशासन को गुमराह कर शासकीय संसाधनों का दुरुपयोग भी नहीं कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि दिनांक 13 मई 2025 की रात्रि को तीन युवक—देवेन्द्र पटेल, मनोज कुमार पटेल एवं हरी मोहन पटेल ने मंत्री के नाम की धौंस देकर सर्किट हाउस, देवास में रुकने की जबरन कोशिश की। युवकों ने शराब के नशे में अभद्र भाषा का उपयोग कर शांति व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न किया। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने शांति भंग करते हुए खुद को मंत्री का आदमी बताकर दबाव बनाने की कोशिश की। राज्य मंत्री श्री पटेल ने उक्त मामले में प्रशासनिक सजगता की सराहना की है और संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। थाना नाहर दरवाजा पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को अनुविभागीय अधिकारी देवास के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  

जलवायु की चुनौतियाँ हम सभी के सामने हैं और इसमें हर व्यक्ति की भूमिका :मंत्री सारंग

भोपाल जलवायु परिवर्तन को भारतीय कृषि के लिए एक तात्कालिक और गंभीर संकट बताते हुए, मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल में आयोजित “क्षेत्रीय नीति संवादः जलवायु परिवर्तन और इसका कृषि पर प्रभाव” विषयक कार्यक्रम में जलवायु चेतना और सामूहिक प्रयासों को गति देने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए कहा, “जलवायु की चुनौतियाँ हम सभी के सामने हैं और इसमें हर व्यक्ति की भूमिका है। अब समय है कि हम सभी मिलकर निर्णायक कदम उठाएं।” सस्टेनेबिलिटी मैटर्स द्वारा इंडियागरी और सॉलिडरिदाद के सहयोग से आयोजित इस संवाद में कृषि वैज्ञानिकों, नीति विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और किसानों ने हिस्सा लिया। सभी का उद्देश्य था- जलवायु के अनुकूल कृषि की दिशा में सामूहिक और वैज्ञानिक समाधान खोजने का प्रयास करना। मंत्री सारंग ने यह भी आश्वस्त किया कि इस तरह के संवादों को राज्य सरकार पूरा समर्थन देगी ताकि व्यावहारिक समाधान सामने आएं। उन्होंने कहा, “ऐसे विचार-मंथन अत्यंत आवश्यक हैं क्योंकि इन्हीं से ठोस नीतियाँ और सहयोगी मॉडल तैयार होते हैं।” सॉलिडरिदाद के जनरल मैनेजर डॉ. सुरेश मोटवानी ने जलवायु-संवेदनशील कृषि और बदलते मौसम में अनुकूलन’ विषय पर सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा, “सच्ची जलवायु लचीलापन खेत स्तर से शुरू होती है, लेकिन इसके लिए नवाचार और समेकित नीति समर्थन भी जरूरी है। अब कृषि केवल उत्पादन नहीं, बल्कि आजीविका, पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य सुरक्षा की रक्षा का माध्यम भी है।” कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने जल-गहन खेती की बजाय माइक्रो-इरिगेशन, वॉटर शेड डेवलपमेंट और विकेन्द्रीकृत जल शासन जैसे टिकाऊ उपायों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जलवायु विज्ञान को जोड़ने वाली संस्थागत संरचनाओं की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि किसानों की आवाज भी जलवायु योजना में शामिल हो। सस्टेनेबिलिटी मैटर्स के कार्यकारी निदेशक और ग्रेमैटर्स कम्युनिकेशंस के निदेशक डॉ. नवनीत आनंद ने संवाद को अकादमिक चर्चा से आगे ले जाकर नीति-निर्माण से जोड़ने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा, “हमें जलवायु चिंता से जलवायु कार्रवाई की ओर बढ़ना होगा। मध्यप्रदेश में कृषि की गहराई और नवाचार को अपनाने की तत्परता है, जिससे यह राज्य नेतृत्व करने में सक्षम है। यह मंच विज्ञान, मिट्टी, नीति और स्थिरता को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है।” इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, भोपाल के जलवायु परिवर्तन अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. भास्कर सिन्हा ने विधायकों को जागरूक करने और केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं के प्रमाची मूल्यांकन के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र की आवश्यकता बताई। संवाद के दौरान दो प्रमुख पैनल चर्चाएँ आयोजित की गई, जिनमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सहित अनेक प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स 2025 के आयोजन के साथ हुआ, जिसमें देशभर में कृषि क्षेत्र में स्थायी बदलाव लाने वाले अग्रणी प्रयासों को सम्मानित किया गया। इस वर्ष आठ श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। सॉइल हेल्थ चैंपियन का सम्मान निको रूज़ेन सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर रिजनरेटिव एग्रीकल्चर और बिहार कृषि विभाग को संयुक्त रूप से मिला। बिहार कृषि विभाग को क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर और वॉटर कंजर्वेशन श्रेणियों में भी सम्मानित किया गया। एग्री एक्रेस को एजीटेक स्टार्ट-अप ऑफ़ द ईयर घोषित किया गया, जबकि दिलीप धाकड़ को उनके मधुमक्खी पालन स्टार्ट-अप डी-मालवा के लिए यंग अग्रिप्रेन्योर अवार्ड से नवाजा गया। कम्युनिटी-लेड एग्रीकल्चर सस्टेनेबिलिटी अवार्ड भरतखंड कंसोर्टियम ऑफ़ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी एलटीडी. को दिया गया। प्रोग्रेसिव फार्मर रिकॉग्निशन श्रेणी में शिवेंद्र सिंह राजपूत (ग्राम बधेर), संजना बामनिया (ग्राम धानखेड़ी, सीहोर) और प्रेम सिंह (ग्राम भीलखेड़ा, विदिशा) को जलवायु-संवेदनशील कृषि में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह भोपाल संवाद एक राष्ट्रीय श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका अगला आयोजन चंडीगढ़, पटना और गुवाहाटी में होगा, ताकि भारत की कृषि के लिए एक’ क्षेत्रीय रूप से सुसंगत और समावेशी जलवायु कार्य योजना तैयार की जा सके।  

25 मई को पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे, सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को बुलाया

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 मई को एनडीए के सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में बिहार के सीएम नीतीश कुमार, आंध्र के चंद्रबाबू नायडू के आने की संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र से अजित पवार और एकनाथ शिंदे जैसे लीडर भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में पीएम नरेंद्र ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा मौजूदा राजनीतिक स्थितियों पर भी बात होने की संभावना है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से छिड़ी जंग और फिर सीजफायर होने से एक वर्ग निराश बताया जा रहा है। इसे लेकर भाजपा नेतृत्व गंभीर है। ऐसे में एनडीए के साथियों को भरोसे में लेने की कवायद भी यह बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ राजनाथ सिंह और अमित शाह जैसे सीनियर नेता भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि राजनाथ सिंह और अमित शाह भी इस बैठक में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कुछ ब्रीफ कर सकते हैं। भाजपा की कोशिश है कि ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सुरक्षा बलों की जीत के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाए। यही नहीं इस मामले में किसी भी तरह की राजनीति से भी बचने की सलाह पीएम नरेंद्र मोदी ने दी है। उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों से कहा था कि राजनीतिक मामलों पर टिप्पणियां करने से फिलहाल बचें। ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से सेना को ही समर्पित किया जाए। इसका राजनीतिक श्रेय न लिया जाए। भाजपा के सीनियर नेताओं की तरफ से यह संदेश हर प्रदेश यूनिट को भी दिया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय न लिया जाए। दरअसल पीएम मोदी बिलकुल नहीं चाहते कि इस मौके पर किसी भी तरह का राजनीतिक वाद-विवाद छिड़े। भाजपा की ओर से अपने कार्यकर्ताओं को भी साफ कहा गया है कि वे यही कहें कि ऑपरेशन सिंदूर वाला ऐक्शन आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए था। यह पाकिस्तान के साथ जंग छेड़ने वाली बात नहीं थी। इसके अलावा भारत की ओर से पाकिस्तानी सेना को टारगेट भी नहीं किया गया। लेकिन पाकिस्तान की सेना ने भारत के खिलाफ हमले किए तो उसे करारा जवाब दिया गया। पीएम मोदी ने भी आदमपुर एयरबेस पर दी गई अपनी स्पीच में ऐसी ही बात की थी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश, जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा पुरस्‍कार

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार दो श्रेणी में प्रदान किये जायेंगे। इस संबंध में म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्‍त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि एक पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में समग्र रूप से उत्कष्ट कार्य पर और दूसरा मनरेगा अन्‍तर्गत खेत-तालाब निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने पर दिया जाएगा। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने पर पुरस्कार प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में दिया जाएगा। विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को निर्देश पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिले के कलेक्टर को क्रमश: 1 लाख 50 हजार रुपये, 1 लाख 25 लाख रुपये और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्‍कार क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जबकि, जिले के अमले के लिए क्रमश: 6 लाख, 4 लाख 50 हजार और 3 लाख रुपये की पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों को पुरस्कार देने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय समिति द्वारा चयन किया जाएगा। इसके साथ ही यदि अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिला, जनपद, पंचायत में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों का स्थानांतरण हो जाता है तो उन्हें पदस्थापना की कार्य अवधि के समानुपात में पुरस्कार की राशि प्रदान की जाएगी। जिन नवगठित जिलों में जिला पंचायत गठित नहीं है उन जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त रूप से उनकी जनपदों के प्रदर्शन के आधार पर समानुपातिक रूप से पुरस्कार दी जाएगी। राज्य स्तर पर किया जाएगा सत्यापन जल गंगा संवर्धन अभियान की अवधि पूर्ण होने पर मनरेगा डेशबोर्ड/ पोर्टल/JGSA dashboard पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों की रैंक के आधार पर उपरोक्त श्रेणियों का चयन किया जाएगा। इसका सत्यापन राज्य स्तर पर किया जाएगा। खेत-तालाब में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले व विकासखंड को भी मिलेगा पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में खेत-तालाब के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य वाले जिले व विकासखंड को पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए “ए” व “बी” दो श्रेणी होगी। “ए” श्रेणी में 4 या उससे कम जनपदों को शामिल किया जाएगा। है। इसी तरह से बी श्रेणी में 5 या उससे अधिक जनपदों को शामिल किया जाएगा। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के लिए भी ए व बी श्रेणी निर्धारित की गई। ए श्रेणी में 70 या उससे कम ग्राम पंचायतों वाली जनपद पंचायतों को शामिल किया गया, जबकि “बी” श्रेणी के लिए 71 या उससे अधिक ग्राम पंचायत वाली जनपदों को शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश में जिला स्तर व विकासखंड स्तर की दोनों श्रेणियों के लिए 1-1 पुरस्कार दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार “ए” व “बी” श्रेणी में आने वाले कलेक्टर को 1 लाख रुपये, मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 75 हजार रुपये, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को 50 हजार रुपये और जिले के अमले के लिए 2 लाख 75 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी। विकासखंड स्तर पर भी “ए” व “बी” श्रेणी में आने वाले जनपद पंचायत सीईओ को 50 हजार रुपये, सहायक यंत्री जनपद पंचायत को 30 हजार रुपये और जनपद अमले को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाएगी।  

शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश की समाप्ति तक की अवधि में संभाग और जिला स्तर पर समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया है। शिविर में किये जाने वाले कार्यों के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये हैं। शिविर में क्रमोन्नति वेतनमान, समयमान वेतनमान, वेतन वृद्धि, सेवा अभिलेखों के अपडेटेशन पर विशेष कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही आगामी 3 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण का कोष एवं लेखा द्वारा परीक्षण किया जाकर वसूली योग्य प्रकरणों में सेवा से पूर्व वसूली का निर्धारण किया जायेगा। शिविर में पेंशन और अन्य लम्बित स्वतत्वों का निराकरण, अन्य लम्बित अभ्यावेदनों का निराकरण किया जायेगा। जिला और संभागीय कार्यालयों को 30 मई तक समय-सारणी का निर्धारण संबंधित संयुक्त संचालक के मार्गदर्शन में किये जाने के लिये कहा गया है। समय-सारणी की सूचना लोक शिक्षण संचालनालय को दिये जाने के लिये कहा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी समीक्षा शिविरों में होने वाली प्रतिदिन की कार्यवाही की 5 जून तक प्रति कार्य-दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भोपाल से समीक्षा की जायेगी। प्रकरणों पर निराकरण नहीं होने पर लम्बित आवेदन और न्यायालयीन प्रकरण निर्मित होने पर संबंधित संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। लम्बित प्रकरणों के संबंध में आवेदक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संयुक्त जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।  

सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देकर फंसे मंत्री विजय शाह, अब खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

भोपाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी जानकारी मीडिया से साझा करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में सूबे के काबीना मंत्री विजय शाह के खिलाफ बुधवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं इस मामले को लेकर विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं और उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की है. उन्होंने याचिका पर ⁠जल्द सुनवाई की मांग की है. दरअसल कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान को लेकर हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. जिसके बाद मंत्री शाह पर FIR दर्ज हुई है. ये याचिका एओआर शांतनु कृष्णा के माध्यम से दाखिल की गई है. मानपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले का मीडिया की खबरों के आधार पर बुधवार को ही खुद संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर शाह के खिलाफ मानपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने का कृत्य), धारा 196 (1) (बी) (अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला ऐसा कृत्य जिससे सार्वजनिक शांति भंग होती हो या भंग होने की आशंका हो) और धारा 197 (1) (सी) (किसी समुदाय के सदस्य को लेकर ऐसी बात कहना जिससे अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर विपरीत असर पड़ता हो या उनके बीच शत्रुता या घृणा या दुर्भावना की भावना पनपती हो या पनपने की आशंका हो) के तहत दर्ज की गई है. इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बयान के संदर्भ में कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं.” मानपुर पुलिस थाने में बुधवार रात 11:30 बजे के आस पास दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 12 मई (सोमवार) को रायकुण्डा गांव में हलमा (सामूहिक श्रमदान और सामुदायिक सहभागिता की जनजातीय परम्परा) के कार्यक्रम के दौरान शाह के संबोधन के कुछ अंश प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए. शाह ने बयान को लेकर मांगी थी माफी शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए बुधवार को माफी मांग ली और कहा कि वह ‘बहन सोफिया’ और सेना का हमेशा सम्मान करते हैं. अगर किसी व्यक्ति को उनकी बातों से ठेस पहुंची है, तो वह 10 बार माफी मांगने के लिए तैयार हैं.  शाह ने कर्नल सोफिया को ‘देश की बहन’ करार दिया और कहा कि उन्होंने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर काम किया है. HC के आदेश के बाद FIR दर्ज मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार रात इंदौर जिले में एफआईआर दर्ज की गई है. मंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 3 अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की गई है. उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 196(1) (B) और 197 (1)(C) के तहत FIR दर्ज की गई है. मंत्री ने मांगी माफी मंत्री की वीडियो वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. साथ ही उनके इस्तीफे की मांग भी की जा रही है. इसी बीच मंत्री ने वीडियो जारी कर के माफी भी मांगी है और सोफिया कुरैशी को अपनी बहन बताया है. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, हाल ही में मैंने जो बयान दिया अगर उसकी वजह से किसी भी समाज की भावना आहत हुई है, तो इसके लिए मैं दिल से न सिर्फ शर्मिंदा हूं बल्कि बेहद दुखी भी हूं और सभी से माफी चाहता हूं. उन्होंने सोफिया कुरैशी को लेकर आगे कहा, हमारे देश की वो बहन, सोफिया कुरैशी, जिन्होंने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर जो काम किया है, उन्हें हमारी सगी बहन से भी ऊपर सम्मानित मानता हूं. सोफिया कुरैशी को बताया बहन कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री ने कहा, मैं भारतीय सेना और बहन सोफिया के उन सभी साथियों का दिल से सम्मान करता हूं, जिन्होंने हमारी बहनों का बदला लेने के लिए, हिंदुस्तान की मान-मर्यादा की रक्षा करते हुए, हमारे विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. मेरी भावना और मंशा यही थी कि मैं उनके अदम्य साहस और बलिदान को समाज के सामने सम्मानपूर्वक रखूं, लेकिन दुख के लम्हों में मुझ से कुछ ऐसे शब्द निकल गए जो नहीं निकलने चाहिए थे. आज मैं पूरे समाज, समुदाय, बहन सौफिया और सभी आर्मी जवानों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. मैं हमेशा बहन सोफिया और हमारी सेना के वीरों का सम्मान करता हूं और एक बार फिर सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. मंत्री ने क्या बयान दिया था ऑपरेशन सिंदूर के बाद मंत्री लोगों के संबोधित कर रहे थे इसी दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र किया और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की. मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को उन आतंकवादियों की बहन बताया, जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की. यही नहीं, मंत्री ने पीएम मोदी पर भी व्यंग्य कसते हुए कहा था कि उन्होंने आतंकवादियों की बहन को सेना में भेजा है.  

आधार कार्ड, पैन कार्ड को मौत के बाद ऑनलाइन कर सकते है बंद

नई दिल्ली  व्‍यक्ति के जीते-जी उसके पास कई डॉक्‍युमेंट्स होते हैं जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जिनका इस्‍तेमाल रोजमर्रा के कागजी कामों में होता है। जब किसी की मृत्‍यु हो जाती है तो अक्‍सर परिवार के लोग उसके आधार, पैन समेत बाकी डॉक्‍युमेंट्स काे संभालकर रख देते हैं। लेकिन जिम्‍मेदारी यहीं खत्‍म नहीं होती। एक्‍सपर्ट का कहना है कि व्‍यक्ति की मौत के बाद कम से कम उसके आधार और पैन कार्ड को कैंसल करवा देना चाहिए, क्‍योंकि उसके मिसयूज होने का खतरा रहता है। अपराधी कई बार ऐसे डॉक्‍युमेंट्स को हासिल करके फ्रॉड और आर्थिक लेनदेन कर सकते हैं। व्‍यक्ति की मौत के बाद उसके पैन और आधार को ऑनलाइन कैंसल करवाया जा सकता है। कैसे? आइए जानते हैं। ​मौत के बाद व्‍यक्ति का पैन कार्ड कैसे कैंसल कराएं कोई भी पैन कार्ड उसकी ऑफ‍िशियल एक्‍सपायरी डेट तक वैलिड रहता है। अगर किसी का आकस्मिक निधन हो जाए तो उसके पैन कार्ड को कैंसल करा देना चाहिए। ऐसा नहीं कराने पर कोई उस पैन कार्ड पर अकाउंट खोल सकता है, गलत तरह से लोन ले सकता है। पैन कार्ड कैंसल कराने का ऑफलाइन तरीका भी है और ऑनलाइन भी। ऑफलाइन तरीके में एक आवेदन पत्र देना होता है। पत्र में मृतक का पूरा नाम, मृत्‍यु की तारीख, पैन कार्ड कैंसल करवाने का कारण और साथ में उस व्‍यक्ति की डिटेल दी जाती है जो पैन कार्ड कैंसल करवा रहा है जैसे मृतक व्‍यक्ति का बेटा या पत्‍नी। साथ में कुछ डॉक्‍युमेंट्स जैसे- डेथ सर्टिफ‍िकेट आदि अटैच करना होता है। वह आवेदन इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में एओ के पास जमा कराया जाता है। इनकम टैक्‍स के ई-फाइलिंग पोर्टल से एओ की डिटेल मिल जाती है। NSDL की वेबसाइट पर जाएं अगर आप यह काम ऑनलाइन करवाना चाहते हैं तो Form 49A भरना होगा, जोकि NSDL की वेबसाइट पर मिल जाएगा। वहां पैन करेक्‍शन ऐप्‍लिकेशन के ऑप्‍शन में जाकर पैन कैंसल की रिक्‍वेस्‍ट देनी होगी। उसके बाद तमाम डॉक्‍युमेंट नजदीकी NSDL PAN सर्विस सेंटर में जमा करवाने होंगे। मौत के बाद व्‍यक्ति का आधार कार्ड कैसे कैंसल कराएं रिपोर्टों के अनुसार, आधार कार्ड को कैंसल कराने का कोई विकल्‍प फ‍िलहाल उपलब्‍ध नहीं है। लेकिन आप मृतक का बायोमेट्रिक डेटा लॉक करवा सकते हैं। बायोमेट्रिक डेटा लॉक होने से मृतक के फ‍िंगरप्रिंट्स, आइरिस स्‍कैन आदि से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने का सबसे आसान तरीका है एसएमएस के जरिए। मृतक के रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर से 1947 पर एसएमएस भेजना होगा। उसमें टाइप करना होगा GETOTP और स्‍पेस देकर आधार नंबर के आखिरी 4 डिजिट लिखने होंगे। ओटीपी आने के बाद एक और एसएमएस इस फॉर्मेट में करें- LOCKUID < आधार के आखिरी 4 नंबर > <6 डिजिट OTP> आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर भी यह काम कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर लॉग इन करें। माई आधार सेक्‍शन में जाकर Lock/Unlock Biometrics को सिलेक्‍ट करें। वहां फ‍िर से आधार नंबर डालें और ओटीपी से वेरिफाई करें। आखिर में Lock Biometrics पर क्लिक कर दें। ऐसा करना क्‍यों जरूरी है हाल के दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड काफी ज्‍यादा बढ़ गए हैं। यह कोई नहीं जानता कि कब किसके साथ साइबर अपराध हो जाए। अगर कोई मृत व्‍यक्ति के आधार-पैन के साथ फर्जीवाड़ा होता है तो उसके परिवार के लिए सिचुएशन को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इन डॉक्‍युमेंट्स काे कैंसल करवा दिया जाए प्रोटेक्‍ट कर लिया जाए।

अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा का टाइम टेबल जारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल(MPBSE) 10वीं व 12वीं की परीक्षा में फेल होने वाले, अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका 17 जून से मिलेगा। जिले में बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद दोनों ही कक्षाओं के 15967 छात्र इस परीक्षा में बैठकर अपने पूरे साल को बचा सकते हैं। यहां बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों की पूरक परीक्षा नहीं आएगी। अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी और उनकी अंक सूची में सप्लीमेंट्री भी लिखा हुआ नहीं आएगा। यदि छात्र सभी विषयों में फेल हैं, तो वह सभी विषयों की परीक्षा दे सकता है। बोर्ड ने द्वितीय परीक्षा के लिए टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। दूसरी परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से लेकर अन्य जो भी नियम हैं वे फरवरी-मार्च में हुई परीक्षा वाले ही रहेंगे। इसलिए खास है यह परीक्षा दूसरी परीक्षा में छात्र सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही जो छात्र पास हो गए हैं, वे श्रेणी सुधार के लिए भी परीक्षा दे सकते है। साथ ही किसी वजह से पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे छात्र या परीक्षा में समय पर न पहुंचने वाले सभी छात्रों को इस परीक्षा में मौका मिलेगा। पूरा साल खराब नहीं होगा यानी छात्र का पूरा साल खराब नहीं होगा। साथ ही जो छात्र परीक्षा देगा परिणाम आने तक वह अगली परीक्षा में अस्थायी रूप से प्रवेश भी ले सकता है। इससे उसकी अगली परीक्षा की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी.

मुख्यमंत्री आज रीवा और सीधी भ्रमण पर रहेंगे, सीधी से लाड़ली बहनों के खातों में राशि करेंगे अंतरित

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मई को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा और सीधी जिले के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 10 बजे भोपाल से वायुयान से प्रस्थान कर सुबह 11 बजे एयरपोर्ट रीवा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा की तहसील के दिव्यगवां में मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करने के बाद आमसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल गंगा संवर्धन अभियान के 501 खेत तालाबों तथा अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे। स्वामित्व योजना से हितग्राहियों को भू अधिकार पत्रों का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 एकड़ प्रस्तावित क्षेत्र में पौध-रोपण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.55 बजे हेलीपैड सीधी पहुंचेंगे। सीधी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की मई माह की किश्त की राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में जारी करेंगे। साथ ही पेंशन हितग्राहियों और सिलेंडर रिफिलिंग की राशि भी अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री विशाल आमसभा को संबोधित करने के साथ निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।  

यमुना नदी का पानी दूषित, 2 वर्षों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट: DPCC की रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा यमुना नदी के प्रदूषण पर एक चिंताजनक रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में यमुना के जल की गुणवत्ता में गंभीर गिरावट आई है. विशेष रूप से, जनवरी 2025 में यमुना में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) का स्तर स्वीकार्य मानक से 42 गुना अधिक पाया गया है. एक स्वस्थ नदी में बीओडी की मात्रा आदर्श रूप से 3 मिलीग्राम/लीटर से कम होनी चाहिए. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के यमुना नदी के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक नजफगढ़ नाले के आउटफॉल में जैविक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) का स्तर जनवरी 2025 में 127 मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गया, जबकि जनवरी 2023 में यह 53 मिलीग्राम/लीटर था. यह पिछले दो वर्षों में सबसे उच्चतम स्तर है. ‘यमुना के कायाकल्प में प्रगति’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के मध्य में यमुना में प्रदूषण के स्तर में थोड़ी सुधार देखने को मिली थी. हालांकि 2024 की शुरुआत और अंत में यमुना में प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 और मार्च 2025 के बीच दिल्ली के प्रमुख निगरानी बिंदुओं पर प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह, ISBT कश्मीरी गेट पर BOD का स्तर नवंबर 2023 में मिलीग्राम/लीटर से बढ़कर दिसंबर 2024 में मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गया. कालिंदी कुंज के पास शाहदरा नाले के नीचे स्थिति और भी गंभीर है. जनवरी 2023 में BOD रीडिंग 56 मिलीग्राम/लीटर से बढ़कर जनवरी 2025 में 127 मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गई, जो कि पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है. डीपीसीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि दिल्ली में नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बावजूद, स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना में प्रदूषण के लिए दो मुख्य कारण हैं: एक तो अपर्याप्त वर्षा के कारण नदी के प्रवाह में कमी, और दूसरा सीवेज प्लांट की क्षमता में ठहराव. ISBT कश्मीरी गेट का स्तर भी खराब ISBT कश्मीरी गेट पर, पिछले दो वर्षों में BOD का स्तर लगभग 40 mg/l के आसपास बना रहा, लेकिन नवंबर 2023 में यह बढ़कर 52 mg/l और दिसंबर 2024 में 51 mg/l तक पहुंच गया. वहीं, कालिंदी कुंज के पास शाहदरा नाले के नीचे, जहां नदी दिल्ली से निकलती है, स्थिति और भी गंभीर है। जनवरी 2023 में BOD की रीडिंग 56 mg/l से बढ़कर जनवरी 2025 में खतरनाक 127 mg/l तक पहुंच गई, जो पिछले तीन वर्षों में उस स्थान पर सबसे उच्चतम स्तर है. डीपीसीसी की रिपोर्ट, जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत यमुना नदी के पुनरुद्धार और मासिक जल गुणवत्ता की निगरानी करती है, राजधानी में चल रही कई कार्य योजनाओं के बावजूद नदी में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में शहर की निरंतर असफलता को उजागर करती है. खराब गुणवत्ता के लिए 2 फैक्टर जिम्मेदार विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की deteriorating गुणवत्ता के लिए दो मुख्य कारण जिम्मेदार हैं: एक तो कम बारिश के कारण नदी के पर्यावरणीय प्रवाह में कमी और दूसरे, सीवेज तथा अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की क्षमता में ठहराव. उनका कहना है कि पिछले वर्ष मानसून के बाद से दिल्ली और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की मात्रा बहुत कम रही है, जिससे यमुना में प्रदूषकों का पतला होना भी कम हुआ है. यमुना नदी से जुड़े कार्यकर्ता और साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल (एसएएनडीआरपी) के सदस्य भीम सिंह रावत ने बताया कि दिल्ली के सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर में अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं किया गया है. वर्तमान में, दिल्ली में 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हैं, जिनकी कुल क्षमता 764 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) है, जबकि शहर में प्रतिदिन लगभग 792 एमजीडी सीवेज उत्पन्न होता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) 12 नए एसटीपी स्थापित करने की योजना बना रहा है.

योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती का लिया फैसला

लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में संविदा पर बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती का फैसला लिया है। प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती होगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले चरण में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती  की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। जिसकी मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस फैसले के बाद कक्षा 9 से 12 तक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि तकरीबन 2 साल पहले भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें तीन बिंदुओं को लेकर आपत्ति जताई गई थी और सुधार करने के निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि विभाग ने इस बार सरकार क मंशा अनुरूप फिर से नया प्रस्ताव भेजा है।

अब उज्जैन और सागर में खुलेंगे पोषण केंद्र, मोटे अनाज के साथ सभी सामग्री मिलेगी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर में 30 जन पोषण केंद्र खोलकर की जा चुकी है। अब इसका विस्तार उज्जैन और सागर में किया जाएगा। यहां 15-15 दुकानों को पोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मोटे अनाज से बने उत्पादों के साथ अन्य सामग्री भी दुकान संचालक रख सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि दुकान संचालकों को अतिरिक्त आय का माध्यम मिले और हितग्राहियों को भी सुविधा मिले। कारगर सिद्ध नहीं हुए नवाचार मध्य प्रदेश में अधिकतर उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है। समितियों की सरकार पर निर्भरता कम हो और आय में वृद्धि हो, इसके लिए इन्हें बहुउद्देश्यीय बनाने का प्रविधान रखा गया है। कुछ नवाचार भी हुए, पर वे अधिक कारगत सिद्ध नहीं हुए। इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया अब भारत सरकार ने उचित मूल्य की राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र की तरह संचालित करने का माडल लागू किया है। पहले चरण में इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। अगले चरण में उज्जैन और सागर में 15-15 दुकानों को जन पोषण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित होने वाली सामग्री के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार सभी वस्तुएं रखने की अनुमति होगी। इससे नागरिकों को सुविधा तो मिलेगी ही, दुकान संचालक समिति का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा।

छात्रों को डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, अब ऐसे छात्रों को इस डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, जिससे उन्हें ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी. बल्कि पॉलिटेक्निक करने के बाद स्टूडेंट सीधे बीए, बीकॉम या बीएससी के फर्स्ट ईयर में एडमिशन ले सकेंगे. इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग ने एमपी बोर्ड का प्रस्ताव भी भेजा है. इसके मंजूर होने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस पहल से पॉलिटेक्निक की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को करियर के अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को शैक्षणिक लचीलापन भी मिलेगा।  माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा। बोर्ड में चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत पॉलिटेक्निक के दो साल पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 12वीं पास के समकक्ष माना जाएगा. यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा गया है और यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह व्यवस्था लागू हो सकती है. बता दें कि तकनीकी शिक्षा विभाग वर्तमान में नए कोर्स को तैयार कर प्रवेश कराने के लिए काउंसलिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. इंजीनियरिंग में मिलता है डिप्लोमा का लाभ वर्तमान में 10वीं पास करने के बाद जो स्टूडेंट पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं, उनका डिप्लोमा तीन साल का होता है और इसे करने के बाद विद्यार्थी सीधे बीई के सेकंड ईयर में प्रवेश के पात्र होते हैं. लेकिन अब तक पॉलिटेक्निक करने वालों को कॉमर्स, आर्ट्स या अन्य मेन स्ट्रीम्स में प्रवेश नहीं मिल पाता था. ऐसे में पॉलिटेक्निक के बाद यदि छात्र नान टेक्निकल कोर्स में दाखिला लेते थे, तो उन्हें पहले 12वीं की परीक्षा पास करनी होती थी. लेकिन अब इसकी जरुरत नहीं होगी. माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग से जो प्रस्ताव मिला है उसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. इसके बाद ही निर्णय हो सकेगा. पालीटेक्निक में प्रवेश बढ़ाने के लिए लिया फैसला अधिकारियों ने बताया कि कई बार स्टूडेंट इसी कारण पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेने से हिचकिचाते हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा संस्थानों में दाखिले घटे हैं. तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है. प्रस्ताव के मुताबिक कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा. इसके बाद उसका कॉलेज में मनचाही स्ट्रीम में एडमिशन हो सकेगा.

दिल्ली-एसीआर में Vodafone Idea ने आज से शुरू की 5G सर्विस

नई दिल्ली वोडाफोन आइडिया (Vi) आज 15 मई से दिल्ली-NCR में अपनी हाई-स्पीड 5G सर्विस की शुरुआत करने जा रही है। कंपनी ने इस घोषणा के साथ दिल्ली को उन शहरों की लिस्ट में शामिल कर लिया है, जहां पहले फेज में Vi ने 5G लॉन्च किया है। इससे पहले यह सेवा मुंबई, चंडीगढ़ और पटना जैसे शहरों में शुरू की जा चुकी है। Vi का लक्ष्य है कि अगस्त 2025 तक वह देश के उन सभी 17 सर्किलों में 5G नेटवर्क उपलब्ध करा दे जहां उसके पास 5G स्पेक्ट्रम मौजूद है। Vi अपने यूजर्स को एक आकर्षक इंट्रोडक्टरी ऑफर दे रहा है जिसके तहत जिनके पास 5G-सपोर्टेड डिवाइस हैं, वे 299 रुपये या उससे ऊपर के प्लान पर अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ उठा सकते हैं। Vi 5G यूजर्स अब हाई-स्पीड नेटवर्क का इस्तेमाल स्ट्रीमिंग, गेमिंग, वीडियो कॉलिंग, फास्ट डाउनलोड्स और रीयल-टाइम क्लाउड एक्सेस जैसे कामों के लिए कर सकेंगे। Airtel और Jio पहले से आगे Vi अब दिल्ली में 5G सर्विस शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ Jio और Airtel पहले ही दिल्ली समेत देश के कई शहरों में 5G सेवा दे रहे हैं। Vi को प्रतिस्पर्धी प्लेयर्स की तरह तेजी से विस्तार करना होगा। Vi के 5G प्लान्स Vi फिलहाल मुंबई में अपने 5G यूजर्स के लिए कुछ किफायती प्लान्स ऑफर कर रही है। इनमें शामिल हैं: 299 रुपये का प्रीपेड प्लान: Vi के इस प्लान में 1GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 28 दिन की वैधता और किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। 579 रुपये का प्रीपेड प्लान: इस प्लान में 1.5GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 56 दिन की वैधता और अनलिमिटेड कॉलिंग। 451 रुपये का पोस्टपेड प्लान: जहां 5G उपलब्ध है वहां अनलिमिटेड 5G डेटा, 50GB डेटा, हर महीने 3000 SMS और अन्य बेनिफिट्स पोस्टपेड यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं।  

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