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आज बुधवार 22 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज सेहत आपकी अच्छी रहने वाली है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल के कारण आप परेशान हो सकते हैं। लव लाइफ अच्छी होगी। अगर आप किसी नई व्यावसायिक पार्टनरशिप पर विचार कर रहे हैं- तो कोई भी कमिटमेंट करने से पहले सभी फैक्ट्स को जांचना जरूरी है। वृषभ राशि- आज आपका दिन आरामदायक रहेगा। आप मानसिक तनाव से दूरी से राहत महसूस करेंगे। अगर आप थोड़ा अतिरिक्त पैसा कमाने के तरीके तलाश रहे हैं तो सुरक्षित वित्तीय योजनाओं में निवेश करें। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताएंगे। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ इमोशनल बातचीत करने वाले हैं। मिथुन राशि- आज का दिन बेहतरीन है जो आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराएंगे। पैसों की कमी आज परिवार में अनबन हो सकती है। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों से बात करने से पहले अच्छी तरह सोच लें और उनसे सलाह लें। अपने खाली समय का उपयोग कोई नई चीज सीखने के लिए करें। कार्यस्थल पर आपका कोई प्रतिस्पर्धी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, इसलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। कर्क राशि- सेहत के नजरिए से बहुत अच्छा दिन है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज आप अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों से धन मैनेजमेंट और बचत के बारे में सलाह ले सकते हैं। शाम को अचानक मिली अच्छी खबर पूरे परिवार के लिए खुशी और उत्साह लेकर आती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कारोबार की स्थिति अच्छी होगी। सिंह राशि- दोस्तों के साथ शाम सुखद रहेगी। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें, वरना परिवार का माहौल खराब हो सकता है। भावुकता पर काबू रखें। आज आप ऑफिस में अपने दृष्टिकोण और काम की क्वालिटी में सुधार का अनुभव करेंगे। बिजी शेड्यूल वाले लोग लंबे समय के बाद दिन के आखिर में कुछ समय अकेले बिता पाएंगे। कन्या राशि- आज आपको निवेश से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन संबंधी मामलों में आप अच्छे रहने वाले हैं। सिंगल जातकों का शादी ब्याह तय हो सकता है। कार्यस्थल पर आज सब कुछ आपके पक्ष में नजर आ रहा है। आज का दिन आपके पार्टनर के रोमांटिक पक्ष को दिखाएगा। तुला राशि- आज आपका दिन आराम से भरा रहने वाला है, लेकिन आप मानसिक दबाव महसूस कर सकते हैं। काम का बोझ आपको परेशान कर सकता है। आज आपको ऐसे दोस्तों से दूर रहने की जरूरत है जो आपसे पैसे उधार मांगते हैं और फिर वापस नहीं करते हैं। परिवार के साथ सोशल एक्टिविटी आनंददायक रहेंगी। आपकी व्यावसायिक समझ लाभ दिलाएगी। वृश्चिक राशि- आज आप धन कमाने में अच्छे रहेंगे लेकिन धन का प्रयोग समझदारी से करना बेहतर रहेगा। आपकी लव लाइफ के लिहाज से दिन शानदार है। कोई महत्वपूर्ण फैसला लेते समय उसके बारे में अच्छे से विचार करें। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कार्यस्थल पर आपको परेशानियों से निजात मिलेगी। धनु राशि- आज बिजी शेड्यूल के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। कार्यस्थल पर आपको मनमुताबिक रिजल्ट देने के लिए अपने प्रयासों पर फोकस करने की जरूरत है। आज जीवनसाथी आपको सरप्राइज कर सकता है। मकर राशि- आज आप एक्टिव रहेंगे। आज आपकी सेहत आपका पूरा साथ देगी। आज घर से बाहर निकलने से पहले अपने बड़ों का आशीर्वाद लें, इससे आपको लाभ होगा। आज अपने लवर या पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्ते अच्छे होंगे। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। कुंभ राशि- आज शारीरिक लाभ के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। किसी आकस्मिक स्रोत से धन की प्राप्ति हो सकती है, जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। आपको अपने कामकाज में कोई बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है। आज जीवनसाथी के रूखा व्यवहार आपको परेशान कर सकता है। मीन राशि- आज कोई अटका हुआ काम पूरा हो सकता है। कोई पुराना मित्र शाम को आपसे मिल सकता है और पुरानी यादें ताजा कर सकता है। कार्यस्थल पर अपना टैलेंट दिखाने के कोई मौके मिलेंगे। अपना समय और ऊर्जा दूसरों की मदद करने में लगाएं- लेकिन उन मामलों में नहीं उलझें जिनका आपसे कोई लेना-देना नहीं है। आर्थिक व रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी।

यूपी: सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मि‍यों के आएंगे अच्‍छे द‍िन! शोषण से मुक्ति के साथ म‍िलेंगे ये कई फायदे

लखनऊ सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम कर रहे कार्मिकों के अच्छे दिन जल्द आने वाले हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के लिए तैयार प्रस्ताव पर परामर्शी विभागों ने अपने परामर्श दे दिए हैं। विभागों से मिले सुझावों के बाद यह तय माना जा रहा है कि कार्मिकों के ईपीएफ, ईएसआई, बीमा, चिकित्सा, भत्ते आदि का प्रबंधन आउटसोर्स निगम करेगा, जबकि मानदेय मौजूदा व्यवस्था के तहत आउटसोर्स एजेंसियां ही देंगी। पूरा मानदेय समय से कार्मिकों के खाते में जाए इसका पर्यवेक्षणीय दायित्व निगम के पास रहेगा। परामर्शी विभागों से सुझावों के मिल जाने के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग अब प्रस्ताव पर मुख्य सचिव का मार्गदर्शन लेगा। जिसके बाद इसे मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री की सहमति लेने के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा निगम के गठन के लिए जो प्रस्ताव परामर्शी विभागों को भेजा गया था उसमें यह प्रस्तावित किया गया था कि कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान निगम के माध्यम से किया जाए। सूत्र बताते हैं कि परामर्शी विभाग कार्मिक, वित्त व न्याय ने तकनीकी, कानूनी और वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से ही करने का परामर्श दिया है। एजेंसियों द्वारा समय से पूरा मानदेय कर्मचारी के बैंक खाते में चला जाए इस पर निगम की निगाहें रहेंगी। प्रस्तावित मसौदे में यह सुनिश्चित किया गया है कि एजेंसियां अपने स्तर से किसी कर्मचारी हटा नही सकेंगी। आउटसोर्स की भर्तियां चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी में सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। निगम का गठन हो जाने पर आउटसोर्स कार्मिकों को शोषण से मुक्ति के साथ ही अवकाश, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक व पारिवारिक सुरक्षा का लाभ मिलने लगेगा। कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके स्वजन को 30 लाख रुपये तक की सहायता बैंक के माध्यम से मिलेगी। इसके लिए कार्मिक को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। 12 आकस्मिक अवकाश और 10 चिकित्सीय अवकाश भी मिलेंगे। न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये और उससे अधिक हो जाएगा। जिस पद के सापेक्ष कर्मचारी को सेवा में लिया जाएगा उस पद के स्थाई कार्मिक को मिलने वाले वेतन के आसपास ही आउटसोर्स कार्मिक को मानदेय मिलने की उम्मीद है। कर्मचारी 60 वर्ष की उम्र तक आउटसोर्स की नौकरी कर सकेंगे। 1000 रुपये से लेकर 7500 रुपये तक पेंशन दिए जाने का प्रस्ताव भी है।

भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा, मित्र देशों से नहीं होगी कोई बात

नई दिल्ली भारतीय सांसदों की टीम अगले कुछ दिनों तक 33 देशों का दौरा करेगी। वहां के सांसदों, सरकार के प्रतिनिधियों, मीडिया और थिंक टैंकों व आम जनों से मिलकर ना सिर्फ पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्हें जानकारी देगी, बल्कि पाकिस्तान के आतंकी चेहरे का भी पर्दाफाश करेगी। विदेश जाने वाली टीम में कौन-कौन होगा? इस टीम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विदेश मंत्रालय के कुछ पुराने व अनुभवी राजनयिक भी हैं। टीम कब से कब तक करेगी दौरा? सात हिस्सों में बंटी इस टीम का दौरा 23 मई से शुरू होगा और तीन जून, 2025 को समाप्त होगा। टीम कहां-कहां जाएगी? टीम कहां-कहां जाएगी, इसका फैसला करने के समय इस बात का ख्याल रखा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की मदद करने वाले किसी भी देश का दौरा नहीं किया जाए। यानी भारतीय टीम तुर्की, चीन, अजरबैजान नहीं जा रही। विदेश मंत्रालय की तरफ से जो जानकारी दी गई है, उससे यह भी पता चलता है कि उन देशों को खास तौर पर तवज्जो दी गई है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य हैं। देखा जाए तो यूएनएससी के पांच स्थाई सदस्यों में से चीन को छोड़कर अन्य चारों देश अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का दौरा भारतीय प्रतिनिधिमंडल करेगा। इसी तरह से 10 अस्थाई सदस्यों में से पाकिस्तान और सोमालिया को छोड़कर मौजूदा अन्य आठ अस्थाई सदस्य देश अल्जीरिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, गुयाना, पनामा, स्लोवेनिया और ग्रीस की यात्रा पर भारतीय टीम जाएगी। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भी पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के अलावा यूएनएससी के अन्य स्थाई सदस्यों के प्रमुखों से टेलीफोन पर बात की थी। जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 10 अस्थाई सदस्यों में पाकिस्तान को छोड़ कर अन्य नौ सदस्यों के विदेश मंत्रियों के साथ विमर्श किया था। इन सभी को भारत में सीमा पर आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाक के समर्थन में चल रही गतिविधियों के बारे में बताया गया था। किन देशों में नहीं जाएगी टीम? विदेश मंत्रालय मानता है कि जिस तरह से तुर्की व चीन ने पूरे मामले में भारत के विचारों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, उसे देखते हुए इन्हें अपने पक्ष के बारे में अब जानकारी देने का कोई मतलब नहीं है। बहरहाल, भारतीय दल इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी ) के कई सदस्य देशों की यात्रा करने वाला है, जिनमें कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मलेशिया, यूएई, कतर और मिस्र हैं। इनमें से कई देशों के साथ भारत के बेहद पारंपरिक रिश्ते है। बता दें कि जब पहलगाम हमला हुआ था, तब पीएम मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। सऊदी अरब पाकिस्तान का भी मित्र देश है, लेकिन तब सऊदी अरब ने ना सिर्फ इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मदद की पेशकश भी की थी। इसके बाद में ओआईसी की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ एक बयान भी जारी हुआ था। ऐसे में भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा।

रिपोर्ट: भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई

नई दिल्ली भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। हालिया भारत-पाक संघर्ष में दोनों ही देशों ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, जिसके चलते भारतीयों की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया दी जा रही है। वीजा प्रॉसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केवल 36 घंटों के भीतर, वीजा आवेदन प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ने वाले यूजर्स की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एटलिस के संस्थापक और सीईओ मोहक नाहटा ने कहा, “प्रतिक्रिया तीव्र और व्यवहारिक थी। लोगों को कुछ गंतव्यों से बचने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं थी। वे सहज ज्ञान, जानकारी और विकल्पों तक पहुंच के आधार पर आगे बढ़े। यह मॉडर्न ट्रैवल को दिखाता है।” उन्होंने आगे कहा, “इसी भावना में हमने भारत के साथ खड़े होकर और राष्ट्रीय भावना के साथ एकजुटता दिखाते हुए तुर्की और अजरबैजान के लिए सभी मार्केटिंग प्रयासों को भी रोक दिया।” दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से आने वाले यात्रियों ने तुर्की जाने के लिए आवेदनों में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करवाई, जबकि इंदौर और जयपुर जैसे टियर 2 शहरों से आने वाले यात्रियों की रुचि अधिक मजबूत रही, जो केवल 20 प्रतिशत कम रही। अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करने वाले यात्रियों की प्रकृति में भी बदलाव आया। पारिवारिक यात्राओं सहित ग्रुप वीजा रिक्वेस्ट में लगभग 49 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोलो और कपल रिक्वेस्ट में 27 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पता चलता है कि ग्रुप ट्रैवलर्स, जो अक्सर पहले से योजना बनाते हैं और राजनीतिक भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, व्यक्तिगत यात्रियों की तुलना में अधिक निर्णायक रूप से प्रतिक्रिया करते हैं। एटलिस डेटा ने उम्र और इरादे के बारे में शुरुआती संकेत भी प्रकट किए। 25 से 34 वर्ष की आयु के यात्रियों के जल्दी से अपना रास्ता बदलने की संभावना सबसे अधिक थी, जिन्होंने तुर्की के लिए मिड-प्रोसेस एप्लिकेशन गिरावट में 70 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। दिलचस्प बात यह है कि महिला यात्रियों के गंतव्य को पूरी तरह से बदलने की संभावना अधिक थी, जिसमें वियतनाम या थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए आवेदन फिर से शुरू करने की प्रवृत्ति 2.3 गुना अधिक थी। जब तुर्की और अजरबैजान का रुझान कम हुआ, तो वैकल्पिक गंतव्यों की लोकप्रियता में उछाल आया। आंकड़ों से पता चला कि इसके बाद के दिनों में वियतनाम, इंडोनेशिया और मिस्र के लिए आवेदनों में 31 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई।

मंत्री छगन भुजबल ने कहा- मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा

मुंबई महाराष्ट्र सरकार में मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि मंत्री पद की शपथ ली है। मुझे कौन सा विभाग मिलेगा, इसके बारे में मैं कैसे कह सकता हूं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करेंगे कि मुझे कौन सा विभाग मिलेगा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए मैं बीते 25 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। पूर्व में मैंने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कई रैलियां की। मुझे खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए स्वीकृति दे दी है। देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने के बाद भुजबल ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, समता परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन सभी का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अब तक मुझे प्यार और स्नेह दिया है।” भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे (2019-24) के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में संभाली थी। बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, लेकिन भुजबल को मंत्री पद नहीं दिया था। इससे आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उनके बारे में विचार नहीं किया गया।

उत्तराखंड के मदरसों में गूंजेगा सेना का पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर की कहानी, मौलाना की जुबानी

देहरादून  पाकिस्तान की कायराना हरकत के जवाब में भारतीय सेना का पराक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए सबने देखा। अब उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मदरसों में अब छात्र-छात्राओं को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने यह फैसला लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे सेना के पराक्रम की कहानियों से परिचित हों। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। उत्तराखंड में कुल 451 मदरसे हैं, जिनमें लगभग 50 हजार बच्चे पढ़ते हैं। मुफ्ती शमून कासमी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उनके साथ कुछ शिक्षाविद और बुद्धिजीवी भी मौजूद थे। उन्होंने रक्षा मंत्री को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए बधाई दी। कासमी ने बताया कि उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सशस्त्र बलों ने बेजोड़ शौर्य का परिचय दिया। इसका मतलब है कि उत्तराखंड वीरों की धरती है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारी सेना ने अद्भुत बहादुरी दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता ने सेना के शौर्य को सराहा है। कासमी ने आगे कहा कि मदरसों के बच्चों को भी सैनिकों की बहादुरी के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चैप्टर शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही पाठ्यक्रम समिति की बैठक बुलाई जाएगी। रक्षा मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कई लोग शामिल थे। इनमें रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा, इस्लामिक सेंटर के पूर्व अध्यक्ष सिराज कुरैशी और आईसीएफए के अध्यक्ष एमजे खान जैसे लोग मौजूद थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण अभियान था। इसकी सफलता की कहानी अब मदरसों के बच्चों को पढ़ाई जाएगी। इससे बच्चों को देश के सैनिकों के बलिदान और शौर्य के बारे में पता चलेगा। यह फैसला उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे देश के इतिहास और सेना के पराक्रम से परिचित हों। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने तबाह किए आतंकी ठिकाने भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने स्पष्ट करते हुए 6 और 7 मई की दरमियानी रात को एक साहसिक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुल 9 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे भारत-विरोधी आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. इस सुनियोजित और रणनीतिक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया. यह सभी आतंकी गुट भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इन्हीं ठिकानों से उन्हें प्रशिक्षण, हथियार और दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे. भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर इन ठिकानों की पहचान की गई थी, जिसके बाद सेना ने सटीक लक्ष्य साधकर ऑपरेशन को अंजाम दिया. भारत के सैन्य इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन सिंदूर की सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान में भारत ने सिर्फ और सिर्फ आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया. पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की तकनीकी दक्षता और सटीकता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ नीति पर पूरी मजबूती से कायम है. ऑपरेशन सिंदूर, भारत के सैन्य इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है. इस अध्याय के बारे में उत्तराखंड के मदरसों के छात्र विस्तार से पढ़ेंगे. उत्तराखंड में कितने मदरसे हैं? BBC की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 451 मदरसे मदरसा शिक्षा परिषद (मदरसा बोर्ड) से पंजीकृत हैं, लेकिन करीब 500 मदरसे बिना पंजीकरण के चल रहे हैं.

विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस: अतुलनीय मध्यप्रदेश जहां हर रंग में बसी है एक पहचान

भोपाल   मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान यहां की परंपराओं, लोक कलाओं और विविध बोलियों में रची-बसी है। यहां संस्कृति केवल संग्रहालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है, जो हर उत्सव, हर गीत और हर रंग में झलकती है। मध्यप्रदेश की आत्मा उसके जनजातीय समुदायों, लोक कलाकारों और ग्रामीण कारीगरों में बसती है। संस्कृति के ये रंग केवल भारतीय पर्यटकों बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर खींचते हैं। चूंकि “भारत गांवों में बसता है”, इसलिए विश्व के पर्यटकों को मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से अवगत कराने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा होमस्टे की अवधारणा को साकार किया गया है। इसमें पर्यटक प्रकृति की गोद में शांति के अनुभव के साथ वहां की परंपराओं, रीति–रिवाजों, त्यौहारों, कलाओं और खान–पान का आनंद ले रहे हैं। मध्य प्रदेश के छह अनूठे सांस्कृतिक क्षेत्रों–बुंदेलखंड, बघेलखंड, महाकौशल, निमाड़, मालवा और चंबल के 120 से अधिक गांवों में 200 से अधिक होम स्टे का निर्माण कराया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ ग्रामीण परिवेश की सुखद अनुभूति पर्यटकों को हो रही है।   प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा, मध्यप्रदेश की संस्कृति केवल कलाओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है, जो हर गांव, हर त्योहार और हर गीत में धड़कती है। विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने और उसका सम्मान करने का अवसर देता है। मध्य प्रदेश की छह सांस्कृतिक क्षेत्रों की विविधता के बावजूद हम एकता के सूत्र में बंधे हुए हैं। हम वैश्विक मंच पर समृद्ध संस्कृति को पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।   उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक क्षेत्रों के अनुसार यहां बघेली, बुंदेली, मालवी, निमाड़ी, गोंडी लोक भाषाएं हैं। प्रसिद्ध भगोरिया के साथ–साथ सैलेया, करमा, तेरहवी जैसे नृत्य परंपराओं को प्रदर्शित करते हैं। विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव, विश्व रंग, लोकरंग जैसे सांस्कृतिक उत्सव कला को वैश्विक मंच प्रदान करते हैं। वहीं गोंड चित्रकला और भील कला पीढ़ी दर पीढ़ी इन जनजातियों को विरासत में मिली है। ध्रुपद गायन और वीणा वादन शास्त्रीय परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन क्षेत्रों के गांवों में संचालित हैं होम स्टे मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक क्षेत्र चंबल में लगभग 7 गांवों, मालवा में 22, निमाड़ में 17, महाकौशल में 37, बुंदेलखंड में 19 और बघेलखंड के 19 और बघेलखंड के 19 गांवों में  होम स्टे का संचालन किया जा रहा है।    सांस्कृतिक क्षेत्र और उनकी विशेषताएं बुंदेलखंड : वीरता और कला का संगम बुंदेलखंड, अपनी वीर गाथाओं और ऐतिहासिक किलों के लिए प्रसिद्ध, बुंदेली भाषा और लोक कथाओं का केंद्र है। यहां का दीपावली उत्सव और बूंदी के लड्डुओं की मिठास पर्यटकों को आकर्षित करती है। विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव, सांस्कृतिक उत्सव का अनूठा प्रदर्शन है। वहीं भूरा रोटी, कोदो-कुटकी पुलाव, बैंगन का भरता, महुआ के लड्डू आदि बुंदेलखंड के पाककला कौशल का एक सच्चा प्रमाण है। बघेलखंड : प्रकृति और संस्कृति का मेल रीवा और सतना जैसे क्षेत्रों में बसे बघेलखंड में बघेली भाषा और आदिवासी परंपराएं जीवंत हैं। यहां का मडई उत्सव, जिसमें आदिवासी समुदाय अपनी कला और नृत्य का प्रदर्शन करते हैं और सामुदायिक एकता को प्रदर्शित करते हैं। बघेलखंड की गोंड और कोल जनजातियां अपनी अनूठी चित्रकला और लोक संगीत से सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देती हैं। डुबकी वाले आलू, कढ़ी-चावल,  सत्तू पराठा, तिलकुट, ठेकुआ आदि का स्वाद यहां की पाककला की परंपरा को दर्शाते हैं। महाकौशल : इतिहास और आध्यात्मिकता का केंद्र जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में फैला महाकौशल, अपनी हिंदी और छत्तीसगढ़ी प्रभाव वाली बोली के साथ जाना जाता है। त्रिपुरी नृत्य और दशहरा उत्सव यहां की सांस्कृतिक पहचान हैं। नर्मदा जयंती जैसे त्योहार इस क्षेत्र की आध्यात्मिकता और पर्यावरण के प्रति सम्मान को दर्शाते हैं। यहां स्वीटकॉर्न वड़ा, पोहा जलेबी, कोदो कुटकी की खीर, सिक्या खीर आदि पारंपरिक व्यंजनों के रूप में परोसे जाते हैं।   निमाड़ : रंग-बिरंगे उत्सवों का गढ़ निमाड़, अपनी निमाड़ी बोली और जीवंत लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है, भगोरिया हाट उत्सव का घर है। यह उत्सव, जिसमें युवा अपने जीवनसाथी चुनते हैं, संगीत, नृत्य और रंगों का अनूठा संगम है। भील और भिलाला जनजातियों की पारंपरिक कला और शिल्प इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को और समृद्ध करते हैं।  बाफला रोटी और दाल, चक्‍की की शाक, भरता, मालपुआ, खोपरापाक, दाल पानीये यहां के प्रसद्ध व्यंजन व पकवान हैं। मालवा : साहित्य और संगीत का स्वर्ग उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों वाला मालवा, मालवी भाषा और साहित्यिक परंपराओं का केंद्र है। यहां का तानसेन संगीत समारोह और रंगपंचमी उत्सव सांस्कृतिक जीवंतता को दर्शाते हैं। मालवा की लोक कथाएं और भक्ति संगीत इस क्षेत्र को एक अनूठा सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान करते हैं। पोहा-जलेबी, भुट्टे का कीस, दाल बाफला, सेव टमाटर की सब्जी, इंदौरी चाट और नमकीन मध्य प्रदेश आने वाले हर पर्यटक की पहली पसंद होते हैं। चंबल : वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत का क्षेत्र चंबल में कला, वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध परंपरा यहां देखने को मिलती है। चंबल में चंबली बोली और लोक नृत्य प्रसिद्ध हैं। बेड़ई आलू, बेसन की रोटी और लहसुन की चटनी, गोंद के लड्डू यहां के पांरपरिक पाककला को प्रदर्शित करते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राहुल गांधी के सरकार से सवाल पूछने पर रामदास आठवले ने कहा- पाकिस्तान की भाषा बोल रहे

दमन केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश दादर एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव के दौरे पर पहुंचे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सरकार से सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। आठवले ने कहा कि ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करके राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का नुकसान किया है। ऐसे समय में सबको पीएम मोदी के साथ खड़ा रहना चाहिए, चाहे पक्ष हो या विपक्ष। लेकिन विपक्षी दल कभी कहता है कि हम सब साथ हैं और अगले ही क्षण वह सबूत मांगने लगता है। अगर वह इसी तरह से पाकिस्तान के सपोर्ट में रहेंगे, तो पाकिस्तान उनको अवॉर्ड दे सकता है। उल्लेखनीय है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को लेकर विपक्ष संसद का विशेष सत्र बुलाने और इस ऑपरेशन के बारे में विस्तार से चर्चा की मांग कर रहा है। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में कुछ जासूस मिले हैं जो पाकिस्तान के लिए काम कर रहे थे। हरियाणा की ज्योति मल्होत्रा जैसे गद्दार हैं जो देशहित में काम नहीं करते। देश में रहकर भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। ये सब आईएसआई के एजेंट हैं। उन पर सरकार को शिकंजा कसना जरूरी है। उन्होंने दादरा एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव को राज्य का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यहां की जनसंख्या को देखते हुए राज्य बनाना कुछ कठिन जरूर होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राज्य में गुजरात के वलसाड जिले को भी शामिल किया जाना चाहिए।

चिकित्सा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में मंत्रिपरिषद का महत्वपूर्ण निर्णय: राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने एवं चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में आज मंत्रिपरिषद द्वारा दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्णयों से न केवल चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी, बल्कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्राप्त होंगी। मंत्रिपरिषद ने जिला इंदौर स्थित गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड़ रुपए की लागत से 1450 बिस्तरीय नवीन शिक्षण चिकित्सालय भवन, 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम तथा बाह्य विकास कार्यों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना इंदौर एवं आसपास के क्षेत्रों के लाखों नागरिकों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी एवं मेडिकल एजुकेशन की संरचना को आधुनिक बनाएगी। रीवा जिले में स्थित श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संजय गांधी चिकित्सालय के व्यापक उन्नयन के लिए 321.94 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस योजना में नवीन ओ.पी.डी. भवन, मेटरनिटी ब्लॉक, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल, मल्टी लेवल पार्किंग, 171 आवास, अत्याधुनिक किचन, डोरमेट्री, न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक तथा कैंसर इकाई के लिये बंकर जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं। इससे विंध्य क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी एवं रीवा मेडिकल कॉलेज की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को जनकल्याण की सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सशक्त भारत – स्वस्थ भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।  

अमानक स्‍तर का कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्‍लैक लिस्‍ट किया जाएगा

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अमानक स्तर का विद्युतीय निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि कंपनी कार्य क्षेत्र में उपभोक्‍ता हित की योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीय एवं निर्माण कार्यों में गुणवत्‍ता तथा नियम एवं शर्तों के अनुसार यदि कोई कमी पाई जाती है तो कार्य करने वाली एजेंसी और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु कंपनी द्वारा वृत्‍त स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया है। यदि स्‍क्रीनिंग कमेटी ठेकेदार अथवा एजेंसी को दोषी मानती है तो कंपनी ऐसे ठेकेदारो/ एजेंसी को ब्‍लैक लिस्‍ट करेगी।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी  के महाप्रबंधक (संचा.-संधा./ शहर) द्वारा वृत्‍त स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन करके ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के संबंध में अनियमितता की जांच की जाएगी। जांच में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर तुरंत 7 दिवस में गुणवत्ता सुधार का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी संबंधित ठेकेदार की कार्य प्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो वृत्‍त स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई कर क्षेत्र स्तरीय कमेटी द्वारा ब्लैक लिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी। महाप्रबंधक (संचा.-संधा./ शहर) द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी में 2 उप महाप्रबंधक स्‍तर के अधिकारी तथा एक प्रबंधक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों में प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना, पूर्ण जमा योजना, सुपरविजन चार्ज योजना, सामान्य विकास योजना, पीव्‍हीटीजी, डीएजेजीयूए व अन्य योजना के ठेकेदारों के कार्य कमेटी के जांच के दायरे में आएंगे।  

कुछ लोग पाकिस्तान के पाखंडी प्रोपेगेंडा के प्रॉक्सी प्रमोटर्स की भूमिका निभा रहे हैं, जो ठीक नहीं है: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ‘भारत के विमानों के लापता होने’ को लेकर सवाल उठाया। एक्सपर्ट्स ने उनके प्रश्न पर हैरानी जताई तो भाजपा नेता उनकी समझ पर अफसोस कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मुख्तार अब्बास नकवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे अब हमारी सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सवाल उठा रहे हैं। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “कुछ लोग पाकिस्तान के पाखंडी प्रोपेगेंडा के प्रॉक्सी प्रमोटर्स की भूमिका निभा रहे हैं, जो ठीक नहीं है। यह वही लोग हैं, जो कभी देश के संविधान पर, तो कभी संसद पर, तो कभी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करते हैं। अब वे सेना और हमारी सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। वे बुरी स्थिति में हैं। अब जो प्रतिनिधिमंडल विदेश जा रहा है, वह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि देश का प्रतिनिधिमंडल है। जो देश की बात रखने जा रहा है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी की बात रखेगा। अक्ल के दुश्मनों को समझ नहीं आ रहा है और वे सिर्फ सवाल करने की प्रतिस्पर्धा में लगे हुए हैं। यह उनकी सियासत के लिए हानिकारक है।” पाकिस्तान द्वारा भारत की नकल करते हुए विदेश में प्रतिनिधिमंडल भेजने पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “पाकिस्तान विदेश क्यों जा रहा है? क्या यह बताने जा रहा है कि उसके आतंकी कारखाने शांति के प्रतीक बन रहे हैं? क्या वे यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके आतंकवाद के कारखाने अब सद्भाव की खाद पैदा कर रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा, “क्या वे यह स्वीकार करेंगे कि उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और उसे संरक्षण दिया और अब उसे सुधार रहे हैं? नकल करने के लिए भी बुद्धि की आवश्यकता होती है। दुनिया में कौन उन पर विश्वास करेगा? पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर केवल शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा।” सुप्रीम कोर्ट में वक्फ मामले की सुनवाई पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “वक्फ संशोधन को इसके तार्किक अंत तक पहुंचना चाहिए, यह जरूरी है क्योंकि वक्फ व्यवस्था में मौजूद असंवैधानिक अराजकता और मनमानी को संवैधानिक प्रतिबद्धता के दायरे में लाना आवश्यक है। इस अराजकता को संवैधानिक व्यवस्था से बदलना महत्वपूर्ण है। कुछ लोग इस मामले को लेकर कोर्ट गए हैं और मुझे विश्वास है कि जो भी फैसला होगा, वह राष्ट्रीय हित में होगा।”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खगोल वैज्ञानिक डॉ. नार्लीकर के निधन पर शोक व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक डॉ. जयंत नार्लीकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया” एक्स” पर कहा कि डॉ.नार्लीकर का निधन वैज्ञानिक जगत के लिए बड़ी क्षति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. नार्लीकर की ख्याति मात्र वैज्ञानिक नहीं बल्कि एक संस्थान के रूप में थी। उन्होंने युवाओं के बौद्धिक भविष्य के लिए शिक्षण एवं नवाचार के केंद्र स्थापित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. नार्लीकर ने विज्ञान को आम नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजन को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को नमन से हुई मंत्रि-परिषद बैठक की शुरुआत

भोपाल इंदौर के राजवाड़ा में आयोजित मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के नमन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजवाड़ा के समीप स्थित उद्यान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा श्री जगदीश देवड़ा सहित मंत्रीगण श्री प्रहलाद सिंह पटेल, श्री राकेश सिंह, श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री तुलसीराम सिलावट और अन्य मंत्रीगणों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्यों का मालवी परम्परा के अनुरूप पगड़ी पहनाकर स्वागत-सत्कार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रीगणों ने इस स्मृति को चिर स्थायी बनाये रखने के लिये सामूहिक फोटो भी खिंचवाये। मुख्यमंत्री ने राजवाड़ा के दरबार हाल के जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के गौरव राजवाड़ा के प्रसिद्ध दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापना कार्य का शुभारंभ किया। यह कार्य संस्कृति विभाग के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा प्रदेश की समृद्ध, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण की दिशा में कराया जा रहा है। इससे दरबार हॉल के गौरव को पुन: लौटाया जायेगा। दरबार हॉल के लिये 11 करोड़ 21 लाख रूपये सिंहस्थ मद के तहत स्वीकृत किये गये हैं। यह कार्य होने से इंदौर की पहचान होल्करकालीन स्थापत्य की कला को उसका मूल भव्य स्वरूप प्राप्त होगा। सांस्कृतिक गतिविधियों, धरोहर भ्रमण और विरासत पर्यटन के एक सक्रिय केन्द्र के रूप से पुनः: विकसित किया जायेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन 31 मई को भोपाल में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व भारत की अमोल निधि है। लोकमाता के सुशासन के साथ ही न्याय, शिक्षा, समाज कल्याण, धर्म कल्याण, जल संरक्षण और संवर्धन आदि के कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए इंदौर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई है। मालवा का गौरवशाली और स्वर्णिम इतिहास रहा है। इसे रेखांकित करने के आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालवा के ऐतिहासिक व्यक्तित्व मल्हार राव होल्कर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, बाजीराव आदि को स्मरण करते हुए मालवा की धरती को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के राजवाड़ा के दरबार हाल में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा वाक्य “विरासत से विकास की ओर” से प्रेरणा लेकर विरासत के संरक्षण और संवर्धन करते हुए विकास की अवधारणा को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जनजातीय वीरांगना रानी दुर्गावती की स्मृति में जबलपुर में आयोजित की गई थी। आज लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 3 जून को पचमढ़ी में जनजातीय राजा श्री भभूत सिंह की स्मृति में मंत्रि-परिषद की बैठक का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश में अग्रणी प्रदेश है। कृषि और कृषि उत्पाद को बढ़ावा देने के साथ कृषकों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। खेत में उपज से कारखाने और कारखाने से उद्योग तक की संकल्पना को चरितार्थ करते हुए उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में 26 से 28 मई की अवधि में कृषि-उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। म.प्र. सरकार किसानों तक नवीनतम तकनीक पहुंचाने, खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों को बढावा देने तथा किसानों को अपने उत्पाद का सही मूल्य दिलाने के हर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में 31 मई को भोपाल में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित होगा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला उद्यमियों, कामगारों, महिला स्व-सहायता समूहों, लाड़ली बहनों का महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश से 2 लाख से अधिक महिलाओं की सहभागिता होगी। महा सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री मोदी इंदौर मेट्रो का लोकार्पण तथा सतना एवं दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 20 मई से 31 मई 2025 तक कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और अन्य स्थानों पर सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन होंगे। 22 मई को कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रित महानाट्य “अहिल्याकथान संनादति” का मंचन किया जाएगा। 23 मई को ग्राम-महिदपुर, उज्जैन में देवी अहिल्या पर केंद्रीत महिला कवि सम्मेलन आयोजित होगा। ग्वालियर में 24 मई को नर्मदापुरम में 26 मई को, 27 मई को भोपाल में और बैतूल में 28 मई को महानाट्य “अहिल्याकथान संनादति” का मंचन होगा। इंदौर में 28 मई को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रीत एकल कविता पाठ और सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी, वहीं 29 मई को लता मंगेशकर ऑडिटोरियम, इंदौर में देवी अहिल्या केंद्रीत महानाट्य “शिवयोगिनी अहिल्या” का मंचन होगा। अंतिम दिन, 31 मई को राजवाड़ा परिसर, इंदौर में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के साथ प्रदेशव्यापी आयोजन का समापन होगा। यह आयोजन लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के योगदान को याद करने और उनकी विरासत को सम्मान देने का एक प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि- परिषद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक्सीडेंट में घायल प्रत्येक व्यक्ति के लिए “108 एम्बुलेंस, एयर एम्बुलेंस” तो शुरू की ही है, इसके साथ ही भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “राहवीर योजना” प्रारंभ की गई है। इस योजना को भी प्रदेश में लागू कर दिया है, इसके क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर को आदेशित कर दिया है। योजना में प्रावधान है कि यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में किसी घायल व्यक्ति को उसके गोल्डन-ऑवर (प्रारंभिक 1 घंटे) में चिकित्सा हेतु अस्पताल तक पहुंचाता है, और उसकी जान बच जाती है, उस स्थिति में उसे  25 हजार रूपये का ईनाम दिया जाएगा, जो पूर्व में 5 हजार रूपये था ।

विकसित मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र पर मंत्रि-परिषद का मंथन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष पर राजवाड़ा इंदौर में विकसित मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र पर मंत्रि-परिषद ने मंथन किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई के आदर्शो और मूल्यों अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लक्ष्यों और प्रक्रिया पर सदस्यों की विस्तृत चर्चा हुई। वर्ष 2047 तक प्रदेश का समेकित विकास करते हुए सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 15.03 लाख करोड़ से बढ़ाकर 250 लाख करोड़ (2 ट्रिलियन डॉलर) करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को एक लाख 60 हजार रूपये से बढ़ाकर 22 लाख रूपये करने का भी लक्ष्य रखा गया है। अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि दृष्टि पत्र में वर्ष 2047 में एक समृद्ध मध्यप्रदेश की परिकल्पना की गयी है जो कि सभी के सामूहिक प्रयासों से संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की नींव पर निर्मित होगा। इस प्रकार वर्ष 2047 का मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास के अनुसरण से निर्मित होगा। मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने एवं प्रदेश के समग्र सामाजिक आर्थिक विकास के उद्देश्य से हितधारक परामर्श एवं जन सहयोग से विकसित मध्यप्रदेश@2047 दृष्टि पत्र को तैयार किया गया है। दृष्टि पत्र को धरातल पर वास्तविक रूप से साकार करने के लिए रोडमैप का मंत्रि-परिषद के सदस्यों के समक्ष सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया। दृष्टि पत्र में वर्ष 2047 में अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में विस्तृत रूप से मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अवगत कराया गया। 8 थीमैटिक ग्रुप्स में उद्योग, कृषि एवं सम्बंधित क्षेत्र तथा वनोत्पाद, सेवाएं और अधोसंरचना एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन एवं नागरिक सेवाओं का प्रदाय और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन पर प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को बताया गया कि मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र के क्रियान्वयन के लिए उच्च स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया जायेगा। राज्य के सभी विभागों की योजनाओं, लक्ष्यों एवं कार्य बिंदुओं की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। साथ ही लाइव डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा। शत-प्रतिशत साक्षरता , नवकरणीय ऊर्जा को 75 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र अनुसार वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। सकल घरेलू उत्पाद में कृषि 43%, सेवाएं 36 और उद्योग 21% योगदान देते हैं। वर्ष@2047 तक उद्योगों और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देकर, रोजगार के अवसर सृजित कर अर्थव्यवस्था को संतुलित करते हुए जीडीपी में कृषि का योगदान 24-28%, उद्योग का योगदान 21-25% और सेवाओं का योगदान 49-53 % तक लाने का प्रयास किया जायेगा। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए प्रति व्यक्ति औसत आयु को 67.4 वर्ष से बढ़ाकर वर्ष @ 2047 तक 84 वर्ष से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही साक्षरता दर को 75.2% से बढ़ाकर वर्ष@ 2047 तक 100 प्रतिशत करने का प्रयास किया जाएगा। ऊर्जा के क्षेत्र में कुल ऊर्जा स्त्रोत में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 22.5 से बढ़ाकर 75% से अधिक किया जाएगा।

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