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भोपाल में लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया, NCW की रिपोर्ट में चौंका देने वाले खुलासे

भोपाल भोपाल में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनसे दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच में बड़ा राजफाश हुआ है।मध्यप्रदेश के भोपाल में कॉलेज में पढ़ने वाली हिंदू छात्राओं से रेप और ब्लैकमेलिंग केस में NCW यानी नेशनल कमीशन फॉर वूमेन की जांच समिति ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इस मामले में महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का कहना है कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर फंसाया था. पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया भोपाल में तीन से पांच मई के बीच आए आयोग के जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। इस अपराध के पीछे बड़े संगठित नेटवर्क की आशंका व्यक्त करते हुए आयोग ने कहा है कि आरोपितों ने छात्राओं को महंगे उपहार, वस्त्र और मोटर साइकिलों के माध्यम से आकर्षित कर प्रेमजाल में फंसाया। आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए। इनके माध्यम से ब्लैकमेल किया। आयोग ने राज्य सरकार से इस संबंध में गहन जांच कराने की सिफारिश की है। बता दें कि मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। इस प्रकरण में अभी तक छह पीड़ित लड़कियां सामने आ चुकी हैं, इनमें दो सगी बहनें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. इस समिति ने बीती 3 मई से 5 मई तक भोपाल में पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों, पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की. समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया जहां पीड़िताओं को नशीली दवाएं देकर उनके साथ अमानवीय कृत्य किए गए. जांच समिति में निर्मल कौर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, झारखंड (अध्यक्ष),   निर्मला नायक, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर (सदस्य), और  आशुतोष पांडे, अवर सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग (सदस्य) शामिल थे. कमेटी के प्रमुख निष्कर्षों में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट, कपड़ों और घुमाने का लालच देकर प्रेमजाल में फंसाया. उन्हें नशीले पदार्थ देकर आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गईं और ब्लैकमेल किया गया. पीड़िताएं मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं, फिर भी उन्होंने साहस दिखाकर FIR दर्ज कराई. आरोपियों की सामान्य पारिवारिक स्थिति के बावजूद उनकी विलासितापूर्ण जीवनशैली ड्रग तस्करी जैसे संगठित अपराध की संभावना को दर्शाती है. कमेटी ने पाया कि आरोपियों ने पीड़िताओं पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला, जो एक साजिशपूर्ण नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. कमेटी ने सुझाव दिया कि इसकी राज्यव्यापी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपियों को किसी संगठन से वित्तीय सहायता मिल रही थी. मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार किया मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। आयोग ने झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर के नेतृत्व में टीम बनाई थी। टीम ने पीड़ित छात्राओं, उनके स्वजन, संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की। समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया, जहां आरोपितों ने पीडि़ताओं को नशीली दवाएं खिलाकर उनके साथ गलत काम किया। राज्यव्यापी जांच के लिए आयोग ने कहा राष्ट्रीय महिला आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपितों का तरीका सुनियोजित है और गिरोह बनाकर अपराध किया गया। उनके द्वारा पीडि़त छात्राओं पर मतांतरण के लिए भी दबाव डाला जाता रहा। ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए राज्यव्यापी जांच की जा सकती है। किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित जा रहा? यह भी पता लगाया जा सकता है कि क्या इन्हें किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। आरोपितों की पारिवारिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है परंतु उनकी जीवनशैली अत्यधिक विलासितापूर्ण है, जिस कारण ड्रग्स तस्करी जैसे संगठित अपराध की आशंकाओं की जांच की भी आवश्यकता दिखती है। वीडियो वायरल करने की दी धमकी आरोपियों ने लालच देकर छात्राओं को फंसाया. इसके बाद नशा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया. इसके बाद आरोपियों ने पीड़िताओं को धमकाया भी कि वे दूसरी छात्राओं को इनके चंगुल में फंसाए, अगर ऐसा नहीं किया तो उनके वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए जाएंगे. सीएम को सौंपी रिपोर्ट महिला आयोग का कहना है कि इस मामले में सिर्फ यौन अपराध ही नहीं, बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन और संगठित आपराधिक नेटवर्क की भी भूमिका सामने आ रही है. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएम मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सौंपी है. इसमें पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए कठोर कार्रवाई की मांग की है. ॉ बड़े नेटवर्क की आशंका जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि कुछ मामलों में पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी डाला गया है. इसके साथ ही यह भी पाया गया कि आरोपी सामान्य आर्थिक स्थिति से थे, लेकिन उनकी जीवन-शैली इशारा करती है कि उनके तार ड्रग तस्करी या फिर किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. बता दें कि NCW की टीम 3 से 5 मई तक भोपाल दौरे पर रही. टीम ने इस दौरान पीड़ित छात्राओं, उनके परिवारों, पुलिस अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की थी. बाहरी फंडिंग की जांच की सिफारिश महिला आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराए, जिसमें बाहरी फंडिंग, वैचारिक प्रभाव और प्राइवेट संस्थानों द्वारा सरकारी योजनाओं, जमीन और शिक्षा निधियों के दुरुपयोग की संभावना को भी शामिल किया जाए.  

IIT इंदौर का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 85% से ज्यादा छात्रों को नौकरी, टॉप कंपनियों की लगी कतार

 इंदौर  IIT इंदौर ने इस बार अपने प्लेसमेंट सीजन में नया कीर्तिमान रच दिया है। 1 दिसंबर 2024 से शुरू हुए इस प्लेसमेंट सीजन में अब तक करीब 400 जॉब ऑफर मिल चुके हैं। जिनमें 85% से अधिक बी.टेक छात्रों को शानदार नौकरियां मिल चुकी हैं। खास बात यह रही कि इस बार सैलरी पैकेज और कंपनियों की भागीदारी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। औसतन वेतन में 13 प्रतिशत वृद्धि संस्थान के अनुसार इस वर्ष औसतन वार्षिक वेतन पैकेज 27.30 लाख रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष 25.45 लाख रुपये था। यह 13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अब तक 343 बीटेक छात्रों ने विभिन्न कंपनियों से प्राप्त प्रस्तावों को स्वीकार किया है। प्लेसमेंट प्रक्रिया दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुई थी और यह जुलाई 2025 तक जारी रहेगी, ताकि अभी तक चयन से वंचित 52 से अधिक छात्रों को भी अवसर मिल सके। एक से अधिक ऑफर पाने वाले छात्र भी शामिल कुल 395 बीटेक छात्रों में से 343 को 800 से अधिक नौकरियों के प्रस्ताव मिले, जिसमें कई छात्रों को एक से अधिक कंपनियों से ऑफर प्राप्त हुए। 130 कंपनियां प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुईं, जिनमें गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सैक्स, डीई शा, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, सी-डॉट, एलएंडटी, डेलॉइट, एक्सेंचर, आइसीआइसीआइ बैंक, बीएनवाई मेलॉन जैसी प्रमुख नाम शामिल हैं। कई क्षेत्रों से आए प्रस्ताव इस वर्ष प्लेसमेंट में आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा व पर्यावरण, कंसल्टेंसी, फिनटेक, बैंकिंग, सेमीकंडक्टर और कंस्ट्रक्शन जैसे विविध क्षेत्रों की कंपनियों ने भाग लिया और अच्छे पैकेज के प्रस्ताव दिए। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 अधिक कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लिया। प्लेसमेंट सीजन जुलाई तक जारी रहेगा आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने बताया कि प्लेसमेंट जुलाई तक चलेगा और शीर्ष दस कंपनियों ने संस्थान में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि एक छात्र को 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है, जबकि 85 प्रतिशत विद्यार्थियों को जॉब ऑफर मिल चुके हैं। 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 13% की औसत बढ़त इस बार IIT इंदौर में प्लेसमेंट के दौरान ऑफर किया गया सर्वोच्च पैकेज पहली बार 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। वहीं औसत सैलरी भी 13% की छलांग लगाते हुए 27 लाख रुपये प्रति वर्ष तक जा पहुंची। यह न केवल संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि इंडस्ट्री द्वारा छात्रों की काबिलियत को दिए जा रहे महत्व को भी रेखांकित करता है। 130+ कंपनियों ने किया कैंपस विज़िट, कोर सेक्टर्स की वापसी प्लेसमेंट प्रक्रिया में इस बार 130 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि टेक कंपनियों के साथ-साथ कोर इंजीनियरिंग फर्मों की भी वापसी देखने को मिली — जिससे छात्रों को विभिन्न सेक्टर्स में अवसर मिले। आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में छात्रों को जॉब ऑफर मिले। गूगल से लेकर बीपीसीएल तक टॉप ब्रांड्स की लंबी लिस्ट गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सॅक्स, डीई शॉ, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, बीईएल, सी-डॉट, एल एंड टी, जिंदल स्टेनलेस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सेंचर, डेलॉइट, सैमसंग, पेटीएम, ब्लैकरॉक जैसे दिग्गजों ने IIT इंदौर के छात्रों को जॉब ऑफर दिए। इससे साफ है कि इंडस्ट्री में इस संस्थान के टैलेंट की डिमांड लगातार बढ़ रही है। नौकरी ही नहीं, रिसर्च और स्टार्टअप की राह भी चुनी कुछ छात्रों ने शानदार प्लेसमेंट ऑफर के बावजूद उच्च शिक्षा और स्टार्टअप की राह चुनी है। कई छात्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ में मास्टर्स या पीएचडी के लिए जा रहे हैं, जबकि कुछ ने अपने खुद के उद्यम की शुरुआत की है।

प्याज के भाव औंधे मुंह गिर जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरा

गुना सब्जी में जायका बढ़ाने वाली प्याज की अकड़ निकल गई है। 15 दिन पहले तक यह 15 रुपए किलों में थोक में बिक रही थी, अब स्थिति यह है कि पांच रुपए किलों में भी इसे कोई नहीं खरीद रहा है। प्याज के भाव औंधे मुंह गिर(Onion Rate Decreases) जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। स्थानीय स्तर पर ही प्याज की अच्छी पैदावार होने की वजह से इसके भाव नरम थे। लेकिन पिछले कई दिनों से मौसम में आए परिवर्तन और बारिश से इसके खराब होने का अंदेशा पैदा हो गया है। इस वजह से किसान मंडी में प्याज बेचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।  मंगलवार को नानाखेड़ी स्थित थोक सब्जी मंडी में प्याज की बंपर आवक रही, लेकिन इस हिसाब से खरीददार नहीं पहुंचे। इस कारण से इसके दाम 10 रुपए किलो घट गए। 15 रुपए किलों में बिकने वाली प्याज को पांच रुपए में भी कोई खरीदने को तैयार नहीं था। इस वजह से किसान परेशान होते रहें, उनका कहना था कि ऐसी स्थिति रहीं तो गुना तक आने का भाड़ा तक निकलना मुश्किल हो जाएगा। गुना में ही इस बार अच्छी पैदावार पिछली बार प्याज की कम पैदावार होने की वजह से इसके दाम आसमान पर पहुंच गए थे। थोक में ही 25 से 30 रुपए किलों में बिकी थी। यही वजह रही कि किसानों इस बार भी अच्छा लाभ कमाने के चक्कर में बड़े रकबे में प्याज की खेती की है। पिपरौदा निवासी किसान कमलेश सिंह ने बताया कि पिछली बार प्याज महंगी बिकी थी, इसी को देखते हुए इस बार ज्यादातर किसानों ने प्याज की बोवनी की तरफ रुझान किया। इसकी अधिक पैदावार होने से इसके दाम गिर गए हैं। क्योंकि प्याज एक ऐसी उपज है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। इसलिए किसान इसे जल्दी से जल्दी बेचना चाहता है। इधर बारिश और तेज गर्मी की वजह से भी इसके खराब होने की आशंका है। महाराष्ट्र की थोक मंडियों में भी स्थिति बुरी प्याज कारोबारी(Onion Rate Decreases) इमरान राईन ने बताया कि महाराष्ट्र की थोक मंडियों में प्याज एक रुपए से लेकर 7 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। इसमें ज्यादातर ऐसी प्याज है, जो लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है। हालांकि पिछली बार महाराष्ट्र की मंडी में ही प्याज 15 से 20 रुपए किलों बिकी थी। इसी तरह एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में प्याज के भाव में गिरावट है। राज्य की दूसरी मंडियों में हालात और भी खराब हैं। इस बार स्थानीय स्तर पर अच्छी पैदावार की वजह से बाहर से भी प्याज नहीं मंगाई जा रही है। इसका असर हर मंडी पर पड़ा है।

न्यायालयों में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को एक की जगह अब दो सप्ताह का अवकाश

जबलपुर मध्य प्रदेश में कार्यरत न्यायालयीन कर्मचारियों के अच्छी खबर है, जबलपुर उच्च न्यायालय ने सभी न्यायालयों में पदस्थ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि की है, उच्च न्यायालय ने इसके लिए अलग अलग आदेश जारी किये हैं मध्य प्रदेश के न्यायालयों में काम करने वाले कर्मचारियों  के लिए अभी तक एक सप्ताह के ग्रीष्मकालीन अवकाश की सुविधा प्रदान की गई थी यानि न्यायालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में कर्मचारी एक सप्ताह का अवकाश ले सकता था लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए वृद्धि की गई है। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को एक की जगह अब दो सप्ताह का अवकाश   हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि  05 जुलाई 2018 की कंडिका-4 में दिए आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए, जिला स्थापना एवं कुटुम्ब न्यायालय की स्थापना पर कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिनका वेतनमान छठवे वेतन आयोग के अनुसार ग्रेड-पे रुपये 3600/- एवं उससे अधिक है, ऐसे कर्मचारियों को एक सप्ताह के स्थान पर अब दो सप्ताह का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता हैं एवं रुपये 3600/- ग्रेड पे से कम वेतनमान प्राप्त करने वाले समस्त कर्मचारियों को (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर) एक सप्ताह के स्थान पर 10 दिवस का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश में भी वृद्धि इसी तरह उच्च न्यायालय ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश में भी वृद्धि की है, कोर्ट ने अपने आदेश में बताया कि समस्त नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर द्वारा 17 मई 2025 को दिए गए आवेदन को स्वीकार करते हुए मुख्यपीठ जबलपुर ने 09 मई 2025 को दिए आदेश मेंआंशिक संशोधन करते हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को स्वीकृत 1 सप्ताह के ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाकर 10 दिवस का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है।

वैभव सूर्यवंशी IPL 2025 में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे, इस मामले में पूरन-अभिषेक जैसों की भी चमक पड़ी फीकी

नई दिल्ली 14 साल के वैभव सूर्यवंशी IPL 2025 में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। जब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें ऑक्शन में 1.1 करोड़ रुपए की मोटी रकम खर्च कर अपने स्क्वॉड में शामिल किया तब ही लोग समझ गए थे कि इस खिलाड़ी में कुछ तो खास बात है, क्योंकि टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ हैं। हर कोई जानता है कि राहुल द्रविड़ से बेहतर नए खिलाड़ियों को कोई और नहीं तराश सकता। हालांकि राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआत से ही वैभव को प्लेइंग XI में मौका नही दिया। पहले इस खिलाड़ी ने डगआउट में बैठकर अपनी नबज को कंट्रोल किया और IPL के बड़े मंच को समझा और फिर जैसे ही उन्हें आधे सीजन के बाद खेलने का मौका मिला तो उन्होंने पूरी दुनिया को अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया। वैभव सूर्यवंशी को IPL 2025 में कुल 7 ही मैच खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने 206.56 के स्ट्राइक रेट के साथ 252 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और एक अर्धशतक बनाया। वैभव का हाईएस्ट स्कोर 101 रनों का रहा। वैभव ने इन 7 मैचों में चौकों से ज्यादा छक्कों की बरसात की। 7 मैचों में उन्होंने 18 चौके लगाए, जबकि 24 बार तो उन्होंने गेंद को सीधा बाउंड्री के बाहर भेजा। वैभव की तूफानी बल्लेबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि IPL 2025 में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने के मामले में निकोलस पूरन और अभिषेक शर्मा जैसे विस्फोटक बल्लेबाज उनके आगे पानी भरते नजर आए। जी हां, वैभव का स्ट्राइक रेट इस सीजन 206.56 का रहा, जबकि कम से कम 250 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में पूरन और अभिषेक उनके पूछे रहे। पूरन का स्ट्राइक रेट इस सीजन 197.82 का है जबकि अभिषेक का 192.26 का। आईपीएल 2025 में उच्चतम बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट (कम से कम 250 रन): 1. 206.55 – वैभव सूर्यवंशी (252 रन) 2. 197.82 – निकोलस पूरन (455 रन) 3. 192.26 – अभिषेक शर्मा (373 रन) 4. 190.37 – पीयूष आर्य (356 रन) हालांकि वैभव सूर्यवंशी के आगे असली चुनौती अगले सीजन की होगी। IPL 2026 में सभी टीमें उनके खिलाफ गेम प्लान बनाकर उतरेगी। ऐसे में इस युवा बल्लेबाज को अधिक तैयारी के साथ मैदान पर उतरना होगा और निरंतरता दिखानी होगी।

बाबर-रिजवान को फिर नहीं मिला मौका, बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए किया टीम का ऐलान

कराची पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों की घरेलू सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। गौर करने वाली बात ये है कि इस टीम में स्‍टार बल्‍लेबाज बाबर आजम और तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी समेत कई बड़े नाम शामिल नहीं हैं। पाकिस्तान ने कोच के तौर पर माइक हेसन की पहली सीरीज होगी, जिसके लिए 16 सदस्‍यीय टीम घोषित की गई है। बल्लेबाज सलमान अली आगा कप्तान बने रहेंगे, जबकि ऑलराउंडर शादाब खान उनके डिप्टी होंगे। पीसीबी ने पीएसएल में प्रदर्शन के आधार पर चुनी टीम पीसीबी के चयनकर्ताओं ने अनुभवी सफेद गेंद के खिलाड़ी फखर जमान, हारिस रऊफ और नसीम शाह को भी टीम में शामिल किया है। लेकिन बाबर आजम, मोहम्‍मद रिजवान और शाहीन अफरीदी को टीम में जगह नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि पीसीबी ने घोषणा की है कि टीम का चयन मौजूदा पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) सीजन के दौरान प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। चोट से उबरने के वाले सैम अयूब का भी चयन मेजबान टीम में चोट से उबरने वाले आक्रामक बल्लेबाज सैम अयूब की भी वापसी हुई है। फरवरी में दूसरे टेस्ट में फील्डिंग करते समय टखने में फ्रैक्चर होने के कारण अयूब को इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के दक्षिण अफ्रीका दौरे के बीच में ही बाहर कर दिया गया था। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने मौजूदा पीएसएल सीजन में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की है। साहिबजादा फरहान की सात साल वापसी  वहीं, 29 वर्षीय बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को पीएसएल में उनके प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया है और 2018 के बाद पहली बार टी20 इंटरनेशनल के लिए टीम में वापसी की है। फरहान ने पीएसएल में अब तक 10 मैचों में 154.50 की स्ट्राइक रेट से 394 रन बनाए हैं और इस इवेंट में रन बनाने के मामले में सबसे आगे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज पाकिस्तान के नए कोच माइक हेसन के लिए पहली सीरीज होगी, जिसका शेड्यूल आने वाले दिनों में घोषित किया जाएगा। पाकिस्तान टीम सलमान अली आगा (कप्तान), शादाब खान (उप-कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, हारिस रऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद वसीम जूनियर, मुहम्मद इरफान खान, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब।

चयनकर्ता कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने CSK vs RR मैच के बाद एमएस धोनी पर अपनी भड़ास निकाली

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने CSK vs RR मैच के बाद एमएस धोनी पर अपनी भड़ास निकाली है। उनका मानना है कि धोनी के रिफ्लेक्स अब स्लो हो चुके हैं और उनके घुटने भी जवाब दे चुके हैं। अब उन्हें IPL से रिटायरमेंट ले लेनी चाहिए। बता दें, ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद धोनी ने बीच सीजन में सीएसके की कमान एक बार फिर संभाली, हालांकि वह भी टीम को प्लेऑफ में नहीं पहुंचा पाए। चेन्नई ने अभी तक खेले 13 में से 10 मैच हारे हैं, टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी 10वें पायदान पर हैं। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “धोनी की उम्र भी बढ़ रही है, आप उनसे बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते। लेकिन साथ ही, आप बार-बार आकर खेल को खराब नहीं कर सकते, अगर आप ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं, तो कह दें कि आप ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं और चले जाएं। यह एक ऐसा फैसला है जो सिर्फ धोनी ही ले सकते हैं। क्या वह खेलना जारी रखेंगे? अगर खेलना जारी रखेंगे, तो किस भूमिका में: कप्तान, विकेटकीपर या फिनिशर? ईमानदारी से कहूं तो, उनके रिफ्लेक्स कम हो गए हैं। उनके घुटने शायद जवाब दे चुके हैं, उनकी फिटनेस, रिफ्लेक्स लेवल, सब कुछ निश्चित रूप से कम हो गया है और इसके अलावा, टॉप ऑर्डर फ्लॉप हो रहा है।” श्रीकांत ने आगे कहा कि धोनी की अपनी पुरानी शैली को दोहराने में असमर्थता ने चेन्नई को काफी हद तक प्रभावित किया है। धोनी ने इस सीजन खेले 13 मैचों में 24.50 की औसत के साथ मात्र 196 ही रन बनाए हैं। श्रीकांत ने आगे कहा, “आज चेन्नई सुपर किंग्स के साथ समस्या यह है कि धोनी अपने खेल को दोहराने में सक्षम नहीं हैं। स्पिनर उन्हें बांध रहे हैं। एक समय था जब वह स्पिनरों की गेंदों को स्टैंड में मारते थे। ईमानदारी से कहें तो वह संघर्ष कर रहे हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने किया आईएफएस को कमजोर करने वाले मप्र सरकार के आदेश को किया खारिज

Supreme Court rejects MP government’s order weakening IFS भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को मप्र सरकार द्वारा 29 जून, 2024 को जारी किए गए एक विवादास्पद आदेश को खारिज कर दिया। इस आदेश में कहा गया था कि गैर-वन अधिकारी – विशेष रूप से कलेक्टर और संभागीय आयुक्त – प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के एपीएआर संशोधन प्रक्रिया के आदेश को अनुचित ठहराते हुए वर्ष 2002 में पूर्ववर्ती आदेश को यथावत रखा। यानि अब डीएफओ और एपीसीसीएफ के एपीएआर में कलेक्टर कमिश्नर और प्रमुख सचिव टिप्पणी नहीं लिखेंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश से आईएफएस अफसर की जहां जीत हुई है वही प्रदेश के नौकरशाही खासकर एसीएस अशोक वर्णवाल की किरकिरी हुई है।पर्यावरण अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल और अन्य द्वारा दायर याचिका के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने माननीय न्यायमूर्ति मसीह के साथ मिलकर यह फैसला सुनाया। बुधवार को सुप्रीम न्यायालय ने प्रशासनिक औचित्य और पारिस्थितिकी संवेदनशीलता के सिद्धांतों को बरकरार रखते हुए आदेश को निर्णायक रूप से रद्द कर दिया। पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हमें यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि विवादित सरकारी आदेश प्रकृति में अवमाननापूर्ण है, क्योंकि यह सरकारी आदेश इस न्यायालय के दिनांक 22 सितम्बर 2000 और 19 अप्रैल 2024 के पूर्वोक्त आदेशों का उल्लंघन करता है और इसे इस न्यायालय से स्पष्टीकरण/संशोधन मांगे बिना ही जारी किया गया है। हम ऐसे सरकारी आदेश जारी करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू कर सकते थे। हालांकि, हम ऐसा करने से खुद को रोकते हैं। उक्त सरकारी आदेश इस न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण रद्द किए जाने योग्य है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अधिवक्ता बंसल ने आदेश की संवैधानिकता और प्रशासनिक सुदृढ़ता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि इसने भारतीय वन सेवा की संस्थागत अखंडता का उल्लंघन किया है और वन संरक्षण प्रयासों को कमजोर किया है। उन्होंने प्रस्तुत किया कि महत्वपूर्ण वन और वन्यजीव संरक्षण कार्य का आकलन करने में गैर-वन अधिकारियों को शामिल करना न केवल अनुचित होगा, बल्कि टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ (2000) और संतोष भारती बनाम मध्य प्रदेश राज्य जैसे ऐतिहासिक पर्यावरण मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित कानूनी मिसालों के भी विपरीत होगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य का आदेश भारतीय वन सेवा की स्वायत्तता और तकनीकी अध्यादेश का उल्लंघन करता है और भारत के वन प्रशासन के लिए इसके दूरगामी परिणाम हैं। क्या थी एपीएआर लिखने की नई व्यवस्था? 29 जून 24 को जारी आदेश के तहत राज्य शासन ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एपीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। राज्य शासन के आदेश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका कर्ता एडवोकेट गौरव कुमार बंसल ने अपने याचिका में कहा है कि 29 जून 24 के अपने आदेश के तहत मध्य प्रदेश राज्य ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए पीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। आईएफएस का संरक्षण जरूरी जहां भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का समग्र काम राजस्व और प्रशासनिक मामलों पर केंद्रित है और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का काम कानून और व्यवस्था पर केंद्रित है, वहीं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों का काम प्रकृति में अधिक तकनीकी है। वह पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित हैं। इस अद्वितीय भूमिका के कारण, कई बार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जब उनके संरक्षण प्रयास राज्य अधिकारियों द्वारा अपनाए गए विकासात्मक उद्देश्यों से टकराते हैं। ऐसे आईएफएस अफसरों का संरक्षण अधिक जरूरी है। अतः एपीआर लिखने की प्रक्रिया में संशोधन गैर वाजिब है।

ग्राम पंचायत सचिव गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस ने 15000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

अनूपपुर भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर लोकायुक्त पुलिस बहुत सख्ती से काम कर रही है, इसी क्रम में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने एक्शन लेते हुए आज एक घुसखोर ग्राम पंचायत सचिव को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक अनूपपुर जिले के ग्राम पोस्ट भाद तहसील कोतमा निवासी आवेदक राजेंद्र कुमार सोनी ने एक शिकायती आवेदन लोकायुक्त कार्यालय में दिया था जिसमें ग्राम पंचायत सचिव पर रिश्वत मांगे जाने का आरोप था। पुलिया के निर्माण की स्वीकृत राशि को बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग   शिकायती आवेदन में राजेंद्र कुमार सोनी ने बताया कि वो ठेकेदारी करता है,  ग्राम भाद में पुलिया के निर्माण की स्वीकृत राशि को बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव बृजेश तिवारी द्वारा 20000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है, आवेदन मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। 5000 रुपये पहले ही ले चुका था आरोपी सत्यापन के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत राशि के रूप में 5000 रुपये ले लिए तथा शेष राशि 15000 रुपये लेने के लिए सहमत हो गया, इस आधार पर एसपी के निर्देश पर रीवा लोकायुक्त पुलिस की एक टीम गठित की गई और आरोपी बृजेश तिवारी के बताये अनुसार ग्राम पंचायत कार्यालय चुकान,जनपद पंचायत अनूपपुर पहुंच गई। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा ग्राम पंचायत सचिव   प्लान के मुताबिक आवेदक राजेंद्र कुमार सोनी ने जैसे ही आरोपी ग्राम पंचायत सचिव बृजेश तिवारी को रिश्वत की राशि 15000 रुपये दिए पहले से तैयार लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत में ली गई राशि बरामद कर ली और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है।

इंदौर में विरोधी देशों का व्यापार रुकेगा, देश के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा

इंदौर  अंग्रेजों को सबक सिखाने के लिए महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के तहत 22 अगस्त 1921 को विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का आंदोलन चलाया था। उन्होंने विदेशी वस्त्रों की होली जलाई थी। अब एक बार फिर विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार की एक मुहिम इंदौर में शुरू हुई है। इस बार निशाने पर चीन और बांग्लादेश हैं। इंदौर रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन ने चीन और बांग्लादेश के कपड़ों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। नियम बनाकर एसोसिएशन के व्यापारी सदस्यों पर लागू भी कर दिया है। एसोसिएशन के सदस्य व्यापारी यदि चीन या बांग्लादेश निर्मित वस्त्र व एसेसरीज बेचते पाए गए तो उन पर भारी जुर्माना भी लगा दिया जाएगा। दोनों देशों के कपड़ों के बहिष्कार का निर्णय  इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बीते दिनों पाकिस्तान से हुए संघर्ष में चीन का दुश्मन देश की मदद करना और बांग्लादेश में बढ़ी भारत विरोधी भावना व्यापारियों के इस निर्णय का कारण बनी है। दोनों देशों के वस्त्रों के बहिष्कार के निर्णय को तुरंत लागू कर दिया गया है। एसोसिएशन के सदस्य व्यापारियों को सूचना दी गई है कि जो इन देशों में निर्मित, आयातित वस्त्र या एसेसरीज बेचता पाया जाएगा, उस पर एक लाख 11 हजार रुपये का जुर्माना एसोसिएशन लगाएगा। इस निर्णय का असर सबसे पहले राजवाड़ा और मध्य क्षेत्र के पुराने परंपरागत बाजार में नजर आएगा। अन्य एसोसिएशनों को लिखेंगे पत्र इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट शहर के अन्य बाजारों के वस्त्र व्यापारी व संगठनों को भी बुधवार से पत्र लिखना शुरू करेगा। एसोसिएशन के अनुसार मध्य क्षेत्र में प्रतिबंध लागू होने के बाद अन्य व्यापारियों से अपील की जाएगी कि वे भी दोनों देशों में निर्मित कपड़ों को न बेचें। व्यापारी एसोसिएशन के अनुसार इससे दुश्मन देशों का व्यापार तो प्रभावित होगा ही, दूसरा लाभ यह कि भारतीय वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। 50 अन्य एसोसिएशनों को लिखेंगे पत्र चीन और बांग्लादेश में निर्मित गारमेंट का शहर के रिटेल काउंटरों खासतौर पर मध्य क्षेत्र के काउंटरों से ही सालाना करीब 50 करोड़ का कारोबार होता है। यह कहना है इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन का। इसमें 70 प्रतिशत हिस्सेदारी महिला वस्त्रों, 30 प्रतिशत पुरुष वस्त्रों की और शेष किड्स गारमेंट व अन्य सामग्री होती है। जैन कहते हैं बड़े व्यापारी कारोबार बंद करेंगे तो सीधे आयातकों पर असर होगा और इन देशों से आने वाले वस्त्रों पर लगाम लगेगी। वस्त्रों से जुड़ी एसेसरीज क्लिप, बेल्ट, टैग आदि भी इन देशों में बनी हुई न हो, इसका परहेज भी किया जाएगा। इसका अभियान शुरू किया है।

कियारा के बिकिनी लुक पर राम गोपाल वर्मा का अश्लील कमेंट, यूजर्स बोले ‘ठरकी बुड्ढा

मुंबई फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा उस वक्त मुसीबत में फंस गएजब उन्होंने फिल्म वॉर 2 के टीजर से अभिनेत्री कियारा आडवाणी की वायरल बिकिनी तस्वीरों पर अश्लील कैप्शन लिखा। नेटिजन्स ने उन्हें अपने इस कमेंट के लिए जमकर सुनाया। मामला इतना बढ़ गया की उन्हें ये पोस्ट भी डिलीट करनी पड़ी। लोग उन्हें कहने लगे कि वो अपने होश में नहीं हैं। एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। वॉर 2 के मेकर्स ने 20 मई को अपकमिंग ड्रामा का टीजर रिलीज किया। इसके एक सीन में कियारा आडवाणी के छोटी सी झलक दिखाई पड़ी जिसमें वो बिकिनी लुक में नजर आ रही हैं। टीजर रिलीज के बाद से उनके इस अंदाज की हर तरफ चर्चा हो रही है। रामगोपाल वर्मा ने डिलीट किया पोस्ट तरफ जहां एक तबका कियारा के इस लुक की तारीफ कर रहा है वहीं एक तबका उनकी आलोचना भी कर रहा है। इसमें फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा भी हैं। राम गोपाल वर्मा को सोशल मीडिया पर तब कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा जब उन्होंने वॉर 2 के टीजर से कियारा आडवाणी की बिकिनी फोटो शेयर की और उस पर एक भद्दा कमेंट किया। जब लोग उन्हीं को चौरतरफा घेरने लगे तो उन्हें अपना पोस्ट डिलीट करना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर हो रहा डिबेट राम गोपाल वर्मा ने टीजर से कियारा की एक क्लिप एक्स पर शेयर की जिसमें उन्होंने लिखा,”हमारे देश और समाज के बजाय, अगर ऋतिक और जूनियर एनटीआर के बीच कियारा आडवाणी को लेकर जंग है। तो पक्का ये मूवी ब्लॉबस्टर होगी।” कियारा के बारे में राम गोपाल वर्मा की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए और उनको जमकर भला-बुरा कहने लगे। रेडिट पर इस बात को लेकर एक डिबेट छिड़ गया। रामगोपाल वर्मा को लोगों ने सुनाई खरी-खोटी सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा,”क्या बकवास है।” दूसरे ने लिखा, “यह बात वो सार्वजनिक रूप से कह रहा है…क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि वह निजी तौर पर कैसा है?” एक ने लिखा, क्या फूंक कर बैठा है। चौथे ने कमेंट किया, आज दारू पीकर बैठा होगा। एक अन्य लिखा, ठरकी बुड्ढा। ये मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि रामगोपाल वर्मा को अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी। कियारा आडवाणी ने लिखा प्यारा नोट वहीं कियारा ने सोशल मीडिया पर अपनी तारीफ के बाद एक पोस्ट शेयर किया। कियारा ने लिखा, ‘इसमें बहुत कुछ पहला है। पहली यस राज फिल्म, पहली एक्शन फिल्म और इन दो हीरो के साथ पहली फिल्म। अयान के साथ पहली फिल्म और पहला बिकीनी शॉट।’ वॉर 2 इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये फिल्म साल 2019 में आई वॉर का सीक्वल है। इस मूवी को अयान मुखर्जी ने डायरेक्ट किया है।

हाई कोर्ट ने डॉ. अजय मेहता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द , सीबीआई की रिपोर्ट में भी आर्थिक लेन-देन की बात नहीं कही गई

जबलपुर व्यापमं घोटाले में फंसे डॉ. अजय कुमार मेहता को जबलपुर हाईकोर्ट बेंच से राहत मिली है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने व्यापमं घोटाले में उनके खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। साक्ष्यों के अनुसार याचिकाकर्ता ने किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन नहीं किया है। सीबीआई की रिपोर्ट में भी आर्थिक लेन-देन की बात नहीं कही गई है। व्यापमं घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में अंक घोटाले के संबंध में डॉ. अजय मेहता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर यह जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। डॉ. मेहता पर आरोप था कि इस घोटाले में उन्होंने मिडिलमैन की भूमिका निभाते हुए मुख्य आरोपी से अभ्यर्थियों को मिलवाया था। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि कोई भी आर्थिक लेन-देन, व्यक्तिगत लाभ या आपराधिक साजिश का प्रमाण व दस्तावेज न होने के बावजूद उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। सीबीआई ने युगलपीठ को बताया कि मुख्य आरोपी नितिन मोहिंद्रा बोर्ड में सिस्टम एनालिस्ट था। उसके कार्यालय से कुछ एक्सेल शीट जब्त की गई थीं, जिनमें उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर, प्राप्त अंक, खाली छोड़े गए उत्तर विकल्प और उम्मीदवारों को दिए जाने वाले अंक का उल्लेख था। एक्सेल शीट में बिचौलियों के नाम और लेन-देन की गई रकम का भी उल्लेख किया गया था। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि सह-आरोपी नितिन मोहिंद्रा ने अपने बयान में वर्तमान आवेदक का नाम नहीं लिया है। आवेदक ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि नितिन मोहिंद्रा उसका दोस्त था। सीबीआई के आरोप पत्र में भी किसी आर्थिक लेन-देन या किसी अन्य प्रकार से लाभ पहुंचाने का कोई उल्लेख नहीं है। आरोप पत्र में ऐसा कोई तत्व नहीं है, जिसके आधार पर आवेदक के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके। युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ एफआईआर निरस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता ने पैरवी की।

इंदौर नगर निगम को जलसंकट की चिंता, वाणिज्यिक भवनों मालिकों को जल संवर्धन और वाटर रिचार्जिंग यूनिट का निर्माण करना अनिवार्य

इंदौर इंदौर में पंद्रह दिन बाद मानसून की  आमद हो सकती है और अब नगर निगम को जलसंकट की चिंता सताई है। नियमों का हवाला देते हुए निगमायुक्त शिवम वर्मा ने नगर निगम सीमा क्षेत्र के रहवासी, औद्योगिक और वाणिज्यिक भवनों मालिकों को जल संवर्धन और वाटर रिचार्जिंग यूनिट का निर्माण करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए जुलाई माह की मियाद दी गई है। यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि निर्माण नहीं किया जाता है तो फिर नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत जुर्माना भी भरना होगा। इसके अलावा इंदौर में होने वाले निर्माण कार्यों और कार सर्विस सेंटर में बोरिंग और नर्मदा के जल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वे अब तरी करने और गाडि़यां धोने के लिए ट्रीटेंड वाॅटरों का ही इस्तेमाल कर पाएंगे। अफसरों ने कहा कि इंदौर में 48 स्थानों पर ट्रीटेड वाॅटर के हाइड्रेड लगाए गए है। वहां से पानी लेकर उसका उपयोग किया जाए। यदि बोरिंग का उपयोग मिला तो फिर बोरिंग नगर निगम अधिगृहित कर लेगा। इंदौर में नर्मदा से 500 एमएलडी पानी आता है, लेकिन ज्यादातर निजी बोरिंगों में पानी नहीं होने के कारण जलसंकट शहर में छाया हुआ है। शहर में नगर निगम 200 से ज्यादा टैंकरों से पानी बांट रहा है। पानी की डिमांड लगातार बनी हुई है। इंदौर के 25 प्रतिशत इलाके में नर्मदा लाइन नहीं है। वहां सबसे ज्यादा जलसंकट बना हुआ है।

महेंद्र सिंह धोनी की युवाओं को सलाह- कैसे 200 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करें

नई दिल्ली आईपीएल 2025 चेन्नई सुपर किंग्स और महेंद्र सिंह धोनी के लिए काफी खराब रहा। 5 बार की चैंपियन टीम आईपीएल पॉइंट्स टेबल में आखिरी पायदान पर है। मंगलवार को उसे राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में शिकस्त झेलनी पड़ी। इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने 17 गेंद में 16 रन बनाए थे। मैच के बाद उन्होंने आईपीएल में अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले युवा भारतीय बल्लेबाजों को इसका मंत्र दिया कि कैसे 200 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करें। धोनी ने वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे समेत सभी युवा बल्लेबाजों को सलाह दी कि उम्मीदें बढ़ने पर वे खुद पर दबाव न लाएं। थाला ने निरंतरता को बरकरार रखने और दबाव की स्थिति में भी शांत बने रहने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर आप अपनी पूर्ण क्षमता को महसूस करना चाहते हो तो आपको ऐसा करना पड़ेगा। मैच के बाद सीएसके के कप्तान ने कहा, ‘उन्हें निरंतरता की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन अगर आप 200 प्लस का स्ट्राइक रेट चाहते हैं तब निरंतरता बरकरार रखना मुश्किल होगा। उनके पास किसी भी स्थिति में छक्के जड़ने की काबिलियत है। जब आपसे उम्मीदें बढ़ जाएं तब प्रेशर मत लो। सीनियर खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ से सीखो; ये सबकुछ गेम को समझने से जुड़ा है। मेरी उन सभी युवाओं को यह सलाह है जिन्होंने अच्छा किया है।’ 43 साल के महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार के मैच में 17 गेंद में 16 रन बनाए थे। अपनी इस छोटी सी पारी में उन्होंने सिर्फ एक बाउंड्री लगाई थी। धोनी ने इस आईपीएल में अब तक 13 मैच में 196 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 135.17 का है। मंगलवार के मैच में सीएसके ने निर्धारित 20 ओवर में 187 रन का स्कोर खड़ा किया था। युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने 20 गेंद में 43 रन की पारी खेली। जवाब में राजस्थान ने 18वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 33 गेंदों में 57 रन की पारी खेली।

आज ग्वालियर-चंबल में लू, 40 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट- क्या है वजह?

भोपाल  मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश के साथ भीषण गर्मी का दौर चल रहा है. लगातार 20 दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है. वहीं कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है. मंगलवार को छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, अनूपपुर समेत 17 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई, जबकि खजुराहो और नौगांव में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. मौसम के दो रंग के बीच IMD ने बुधवार, 21 मई के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिले में लू चलेगी, जबकि  राजधानी भोपाल, इंदौर समेत 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मध्य प्रदेश के इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, ग्वालियर, श्योपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, दतिया और छतरपुर में लू चलने की संभावना है. MP के 40 जिलों में आज होगी बारिश, 9 जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट   नर्मदापुरम, बुरहानपुर, खरगोन, बैतूल, हरदा, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां आंधी 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी. इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सिंगरौली, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, गुना, राजगढ़, रायसेन, देवास, आगर-मालवा, रतलाम, धार, नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. 45 डिग्री के पार पहुंचा MP का पारा मंगलवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला. छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा. दअसल, छतरपुर के खजुराहो में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि  नौगांव में पारा 45 डिग्री सेल्सियस रहा. टीकमगढ़ में 44.8 डिग्री, ग्वालियर में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सतना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, शिवपुरी-रीवा में 43 डिग्री सेल्सियस, गुना में 42.8 डिग्री सेल्सियस, सीधी में 42.4 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 41.5 डिग्री सेल्सियस, मंडला में 41.4 डिग्री सेल्सियस, उमरिया-सागर में 40.6 डिग्री सेल्सियस और रायसेन में तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में पारा 40.8 डिग्री सेल्सियस, राजधानी भोपाल में 39 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 36.5 डिग्री और इंदौर में पारा 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

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