LATEST NEWS

आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल होगा, बोले PM मोदी

दाहोद पीएम नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं, जहां उन्होंने वडोदरा में रोड शो किया. इस दौरान 30 हजार महिलाएं पीएम का स्वागत किया. रोड शो के बाद पीएम दाहोद के लिए रवाना हो गए हैं, जहां पीएम लोको निर्माण शॉप-रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का उद्घाटन किया और कर्मचारियों से मुलाकात भी की . आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल होगा, बोले PM मोदी गुजरात के दाहोद में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्य कार्रवाई नहीं है. ये हम भारतीयों के संस्कारों, हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति है. आतंक फैलाने वालों ने सपने में भी सोचा नहीं होगा कि मोदी से मुकाबला करना कितना मुश्किल होता है. बाल-बच्चों के सामने पिता को गोली मार दी. आज भी वो तस्वीरें देखते हैं तो खून खौल जाता है. ये 140 करोड़ भारतीयों को चुनौती दी इसलिए मोदी ने वही किया, जिसके लिए देशवासियों ने आपने मुझे प्रधान सेवक की जिम्मेदारी दी. मोदी जी अपनी तीनों सेनाओं को खुली छूट दी और हमारी सेना ने वो कर दिखाया जो दुनिया ने पिछले कई दशकों से नहीं देखा था. हमने सीमा पार चल रहे आतंक के नौ सबसे बड़े आतंकी ठिकाने, उन्हें ढूंढ निकाला. हिसाब-किताब पक्का कर लिया और 22 तारीख को जो खेल खेला गया था, छह तारीख की रात को 22 मिनट में हमने उन्हें मिट्टी में मिला दिया. लेकिन जब पाकिस्तानी सेना ने दुस्साहस दिखाया तो हमारी सेना ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटा दी. देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर चीज देश के अंदर बनाने की जरूरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं. दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इससे पहले पीएम मोदी ने रोड शो निकाला. पीएम मोदी ने दाहोद में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज के ही दिन 2014 में पहली बार उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. गुजरात के लोगों ने उन्हें सबसे पहले आशीर्वाद दिया, फिर करोड़ों भारतीयों ने मुझे आशीर्वाद दिया. पीएम मोदी ने आगे कहा कि हाल के वर्षों में देश ने ऐसे निर्णय लिए जो अकल्पनीय और अभूतपूर्व थे. देश ने दशकों पुरानी बेड़ियां तोड़ दी. 140 करोड़ भारतीय देश को विकसित बनाने की दिशा में लगे हैं. यह समय की मांग है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के भीतर हर चीज बनाई जाए. भारत विनिर्माण की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में भारतीय रेलवे के लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया. वहीं, उन्होंने वडोदरा में रोड शो किया जिसमें लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र घरेलू उद्देश्यों और निर्यात के लिए 9000 एचपी के इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन करेगा. ये इंजन भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाने में मदद करेंगे. पीएम मोदी का रोड शो में जोरदार स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिनों के दौरे पर आज वडोदरा पहुंचे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका यह पहला गुजरात दौरा है. यहां रोड शो के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. सड़क किनारे भारी सख्या में मौजूद लोगों ने उनके ऊपर फूल बरसाकर खुशी का इजहार किया. पीएम मोदी वडोदरा से दाहोद जाएंगे. बता दें कि पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वडोदरा में रोड शो के दौरान भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार के सदस्यों ने पुष्प वर्षा की. कर्नल सोफिया कुरैशी की जुड़वां बहन शायना भी पहुंची पीएम मोदी के रोड शो पर कर्नल सोफिया कुरैशी की जुड़वां बहन शायना सुनसारा ने कहा, ‘पीएम मोदी से मिलकर हमें अच्छा लगा. पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया है. सोफिया मेरी जुड़वां बहन है. जब आपकी बहन देश के लिए कुछ करती है, तो यह न केवल मुझे बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती है. वह अब सिर्फ मेरी बहन नहीं बल्कि देश की बहन भी है.’ कर्नल सोफिया की बहिन के अलावा उनके भाई संजय कुरैशी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी यहां आए तो यह एक शानदार पल था. हम उन्हें पहली बार देख पाए. इशारों से उन्होंने हमारा अभिवादन किया. मैं अपने रक्षा बलों और भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी बहन को यह मौका दिया. एक महिला उन महिलाओं का बदला ले रही है जिन्होंने इतना कुछ सहा है, इससे बेहतर क्या हो सकता है? वहीं, रोड शो में अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए.          पीएम मोदी का थोड़ी देर में एक लोकोमोटिव निर्माण संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम है. इसके साथ ही एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी भी दिखाएंगे. इसके बाद वे दाहोद में करीब 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वे एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री भुज जाएंगे और शाम करीब 4 बजे भुज में 53,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. वे एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. इसके अलावा, प्रधानमंत्री गांधीनगर जाएंगे और 27 मई को सुबह करीब 11 बजे गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेंगे और शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर पर वे उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे. गुजरात में पूरा रेल नेटवर्क का हुआ 100% विद्युतीकृत: पीएम मोदी PM ने कहा, ‘आज दाहोद में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया. इनमें सबसे उल्लेखनीय दाहोद में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री है. तीन साल पहले मुझे इसकी आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था. अब इस फैक्ट्री से पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक बनाया गया है. एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि गुजरात में पूरा रेलवे नेटवर्क अब 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो गया है. इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता … Read more

हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं: प्रधानमंत्री हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री आदिवासी समाज के विकास के लिए पिछले 11 वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं: प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह हम भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है: प्रधानमंत्री दाहोद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मई का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने गुजरात के लोगों के अटूट समर्थन और आशीर्वाद को स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें देश का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस विश्वास और प्रोत्साहन ने दिन-रात देश की सेवा के लिए उनके समर्पण को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऐसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय निर्णय लिए हैं, जो दशकों पुरानी बाधाओं से मुक्त हुए हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा, “आज देश निराशा और अंधकार के युग से निकलकर आत्मविश्वास और आशावाद के नए युग में प्रवेश कर चुका है।”                      मोदी ने कहा, “140 करोड़ भारतीय एक विकसित भारत के निर्माण में एकजुट हैं”, उन्होंने भारत के भीतर आवश्यक वस्तुओं के निर्माण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत अब स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, खिलौने, रक्षा उपकरण और दवाओं सहित कई तरह के उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल रेल और मेट्रो तकनीक का निर्माण कर रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर निर्यात भी कर रहा है। इस प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण दाहोद को बताते हुए, जहां हजारों करोड़ रुपये की प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया गया, मोदी ने दाहोद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उजागर किया। उन्होंने तीन साल पहले इसकी आधारशिला रखने को याद किया और गर्व व्यक्त किया कि अब पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक निर्मित किया गया है। उन्होंने लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि गुजरात ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, इसे एक उल्लेखनीय मील का पत्थर बताया और इस उपलब्धि के लिए गुजरात के लोगों को बधाई दी। दाहोद के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और इस क्षेत्र से जुड़ी कई यादों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दशकों से दाहोद आते रहे हैं और अपने शुरुआती वर्षों में वे अक्सर साइकिल से इस क्षेत्र का भ्रमण करते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन अनुभवों से उन्हें दाहोद की चुनौतियों और संभावनाओं दोनों को समझने का मौका मिला। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी वे कई बार इस क्षेत्र का दौरा करते रहे और इसके मुद्दों को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दाहोद में हर विकास पहल से उन्हें अपार संतुष्टि मिलती है और आज का दिन उनके लिए एक और सार्थक दिन है।    पिछले 10-11 वर्षों में भारत के रेलवे क्षेत्र के तेजी से विकास पर प्रकाश डालते हुए, मोदी ने मेट्रो सेवाओं के विस्तार और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरूआत पर जोर दिया, जिससे पूरे देश में कनेक्टिविटी बदल रही है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें अब लगभग 70 मार्गों पर चल रही हैं, जो भारत के परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अहमदाबाद और वेरावल के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की घोषणा की। मोदी ने आगे कहा कि भारत में आधुनिक ट्रेनों का उदय देश की प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोच और लोकोमोटिव अब घरेलू स्तर पर निर्मित होते हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है। मोदी ने कहा, “भारत रेलवे उपकरणों के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरा है”, उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और इंग्लैंड, सऊदी अरब और फ्रांस को ट्रेन कोच निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली भी भारत से रेलवे से संबंधित घटक आयात करते हैं। मोदी ने आगे कहा कि भारतीय यात्री कोच मोजाम्बिक और श्रीलंका में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और ‘मेड इन इंडिया’ लोकोमोटिव कई देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के निरंतर विस्तार को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करता है।                              प्रधानमंत्री ने कहा, “एक मजबूत रेलवे नेटवर्क सुविधा को बढ़ाता है और उद्योगों और कृषि को बढ़ावा देता है”, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई क्षेत्रों को पिछले दशक में पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में पहले केवल छोटी, धीमी गति वाली ट्रेनें थीं, लेकिन अब कई नैरो-गेज मार्गों का विस्तार किया गया है। दाहोद और वलसाड के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई रेलवे मार्गों के उद्घाटन की घोषणा करते हुए, जिससे आदिवासी क्षेत्र को बहुत लाभ होगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि कारखाने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दाहोद की रेल फैक्ट्री 9,000 हॉर्स पावर के इंजनों का निर्माण करेगी, जिससे भारत की ट्रेनों की शक्ति और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, उन्होंने कहा कि दाहोद में बनने वाले हर इंजन पर शहर का नाम होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों इंजन बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के … Read more

नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल

कृषि विकास से ही आयेगी देश में समृद्धि, मप्र की तर्ज पर हर राज्य में हों कृषि उद्योग समागम : उप राष्ट्रपति धनखड़ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम आयोजन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी बधाई कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और मंडला में बन रहे फूड पार्क राज्य स्तरीय कृषि उद्योग समागम 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में होगा नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल नई तकनीक और नवाचारों से किसानों का जीवन सुधारने के लिए सरकार चला रही किसान कल्याण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैविक खेती के प्रोत्साहन और नवाचारी किसानों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित 116 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 86 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी हुआ उपराष्ट्रपति धनखड़, राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में किया कृषि-उद्योग समागम 2025 का शुभारंभ नरसिंहपुर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह हमारी प्रगति का मूल आधार है। कृषि के क्षेत्र में विकास और नित नए नवाचार जरूरी हैं, इससे कृषि के विकास से ही देश में समृद्धि आएगी। देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाता की खुशहाली में ही हमारे देश की खुशहाली सन्निहित है। उप राष्ट्रपति धनखड़ सोमवार को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में कृषि उद्योग समागम-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलन, कन्या पूजन एवं भगवान बलराम की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर 26 से 28 मई तक चलने वाले तीन दिवसीय ‘कृषि-उद्योग समागम 2025’ का विधिवत् शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. (श्रीमती) सुदेश जगदीप धनखड़ विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री की पहल अनुकरणीय उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि देश का हर राज्य मध्यप्रदेश की इस पहल का अनुकरण करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा भी 29 मई से 12 जून तक नई दिल्ली में कृषि आधारित एक वृहद आयोजन किया जा रहा है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता गांव और किसान के खेत से निकलता है। देश में विकसित भारत के लिए महायज्ञ चल रहा है इसमें सबसे बड़ी आहूति किसान भाइयों की ही है। किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें। उन्हें खाद्य प्र-संस्करण, व्यापार और मार्केटिंग भी सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के किसान भाइयों के परिश्रम से ही ‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य पूरा होगा। किसान अधिक से अधिक कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्नदाता को उद्यमी बनाने के लिए स्थानीय सांसद और विधायक गांवों को गोद लें, किसानों को समृद्ध बनाएं, जिससे खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल हो और हर गांव में समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि देश में 720 कृषि विज्ञान केंद्र हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में सभी संस्थान बेहद सजग होकर कार्य कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत ने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। हमने जापान को पीछे छोड़ा है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम तीसरे स्थान पर पहुंचेंगे। देश के 10 करोड़ किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि देशभर में किसानों को हर तरह की सहूलियतें दी जा रही हैं। अब तक 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला है। उनके खातों में 3 लाख 46 करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दूध, फल और सब्जियों में देश का नेतृत्व करना चाहिए। कृषि सिर्फ खेती का क्षेत्र नहीं है, इसका उद्योग से बड़ा जुड़ाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सराहनीय है। प्रदेश में नारी शक्ति को जिला पंचायतों की कमान मिलना भी लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया है। यह ऐतिहासिक घटना है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने सटीक बमबारी की और उनके ठिकाने नष्ट कर दिए। देश की सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री का संकल्प एक लौहपुरूष की तरह है। भारतीय सेना के पराक्रम ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ये नया भारत है, जो 70 साल में नहीं हुआ, वो प्रधानमंत्री ने कर दिखाया। कृषि मेलों से किसानों को मिल रहा भरपूर लाभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिला मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संजोकर रखने वाला एक प्रमुख केंद्र है। यहां मां नर्मदा के तट पर बरमान में मकर संक्रांति का सुप्रसिद्ध मेला लगता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और कृषि उद्योग समागमों के जरिए किसानों को भरपूर लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। देश के किसान कड़े परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए नए-नए संयंत्र तैयार करते हैं। दोनों की मेहनत और समन्वय से ही हमारे देश के भंडार अन्न से भरे पड़े हैं। मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। … Read more

भारत ने कहा अगर पाकिस्तान बड़ा हमला करेगा तो हम उससे भी बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं: मंत्री जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में सोमवार को संसदीय सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें विदेश मामलों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में सिंधु जल संधि, सीजफायर समझौते, विदेशी दबाव और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषय प्रमुख रहे. सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री ने सभी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार देशहित में कदम उठा रही है और आगे भी हर निर्णय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देकर ही लिया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि जो भी होगा, वह ‘देशहित में और अच्छा’ होगा. विदेशी हस्तक्षेप पर जयशंकर ने बताया कि जब भी किसी देश ने भारत से जवाब मांगा, तो हमने साफ शब्दों में कहा, वह फायर करेंगे तो हम फायर करेंगे वो रोकेंगे तो हम रुकेंगे. ‘सीजफायर आपसी बातचीत से हुआ’ विदेश मंत्री ने सदस्यों को बताया कि जब अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान बड़ा हमला कर सकता है, तो भारत ने साफ कह दिया, ‘अगर पाकिस्तान बड़ा हमला करेगा तो हम उससे भी बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं.’ जयशंकर ने सदस्यों को बताया कि सीजफायर किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि दोनों देशों के DGMO के आपसी संपर्क से हुआ. पाकिस्तान की ओर से पहल करते हुए उनके DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया था. ‘कोई जानकारी चाहिए तो सरकार से संपर्क करें’ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर विदेश मंत्री ने साफ किया कि ऑपरेशन शुरू होने के आधे घंटे के भीतर पाकिस्तान को सूचित कर दिया गया था कि हमला सिर्फ आतंकी ठिकानों पर किया गया है. साथ ही उन्होंने अपील की कि इस संवेदनशील मसले पर अगर किसी को जानकारी चाहिए तो सरकार से सीधे संपर्क करें, मीडिया में बयानबाजी से बचें क्योंकि इससे माहौल बिगड़ता है. जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. ‘चीन ने नहीं दिया पाकिस्तान का खुलकर साथ’   विदेश मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिर्फ तुर्की और अजरबैजान का खुला समर्थन मिला, जबकि भारत के साथ कई देश खुले तौर पर सामने आए. जो देश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए, उन्होंने भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का समर्थन किया. सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बताया कि तुर्की और अजरबैजान भले ही पाकिस्तान के समर्थन में खुलकर आए हों, लेकिन चीन ने वैसा खुला समर्थन नहीं दिया जैसा पाकिस्तान को उम्मीद थी.  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टीविटी एवं क्रियान्वयन के लिए समिति गठित

भोपाल राज्य शासन ने राज्य की समस्त त्रिस्तरीय पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टीविटी की उपलब्धता एवं अमेंडेड भारत नेट अभियान के बेहतर क्रियान्वयन तथा निरंतर समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अमेंडेड भारत नेट समिति का गठन किया है। समिति में अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उर्जा, लोक निर्माण,वन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संचालक सह-आयुक्त पंचायत राज संचालनालय सदस्य होंगे। मुख्य महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लिमिटेड को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति द्वारा प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार अमेंडेड भारत नेट की बैठक और त्रिस्तरीय पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टीविटी की समीक्षा की जायेगी।  

राशन की कालाबाजारी की सूचना के आधार पर कलेक्टर ने दोनों दुकान संचालक औरअध्यक्ष के खिलाफ FIR करवाई

जबलपुर  कलेक्टर के निर्देशन पर कार्रवाई करते हुए दो राशन दुकान संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है , आरोप है कि जबलपुर के परियट पिपरिया शासकीय उचित मूल्य की दुकान की अध्यक्ष और विक्रेता ने मिलकर अपनी दो दुकानों से 23 लाख रुपए के राशन की कालाबाजारी कर दी। सूचना के आधार पर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने जांच के बाद दोनों दुकान संचालक और दुकान अध्यक्ष के खिलाफ FIR करवाई है। टीम गई तो दुकान में ताला लटका मिला प्रशासन को शिकायत मिली थी कि हितग्राही दुकानों के चक्कर काट काट परेशान हो गए लेकिन उन्हें कोई राशन नहीं मिला लेकिन उनके नाम की पर्ची जरूर कट गई। दुकान की अध्यक्ष शहाना बेगम और विक्रेता इमरान मंसूरी है। पुलिस ने बताया कि वार्ड-76 में शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन किया जाता है जिसको लेकर हितग्राहियों ने शिकायत की थी। दुकान अक्सर बंद रहने से राशन नहीं मिलता। जिसके बाद जांच टीम 13, 15 और 17 मई को परियट पिपरिया दुकान गई, लेकिन दुकान में ताला लटका मिला और तो और वहां दुकान का कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। हितग्राहियों के नाम आवंटन बता गड़बड़झाला अधिकारियों ने दुकान के पास से ही इमरान को फोन करके बुलाया, ताकि दुकान में मौजूद स्टॉक जांच की जा सके, लेकिन वह नहीं आया। वहीं एक टीम इसी सहकारी भंडार की चितरंजन दास वार्ड की दुकान का निरीक्षण करने 15 मई को ही पहुंची, तो वह भी बंद मिली। विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें राशन नहीं दिया गया, लेकिन उनकी पर्ची निकाल ली गई। जांच में सामने आया कि दोनों दुकानों से 8 लाख 59 हजार रुपए का गेहूं, 14 लाख 82 हजार रुपए का चावल और दो हजार रुपए की शक्कर का आवंटन हितग्राहियों के नाम बता कुल 29 लाख रुपए के राशन का गड़बड़झाला किया था। जांच के बाद गोहलपुर थाने में सहायक आपूर्ति अधिकारी ने एफआइआर दर्ज कराई।

कलियासोत नदी के बफर जोन में 1100 निर्माण, एनजीटी और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार नोटिस दे रहे

भोपाल महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नदी के जलभराव क्षेत्र में बने 36 बंगलों को 17 मई को ढहा दिया गया। लेकिन, भोपाल की कलियासोत नदी के जलभराव क्षेत्र और इसके बफर जोन में 1100 निर्माणों को अभी तक हटाने प्रक्रिया भोपाल में प्रशासन ने शुरू नहीं की। जिला प्रशासन रटा रटाया जवाब देता है।  एनजीटी और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार नोटिस दे रहे हैं। जल्द कार्रवाई करेंगे। यह जवाब पिछले 12 सालों से मिल रहा है। महाराष्ट्र में एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पांच साल में ही कार्रवाई की, लेकिन भोपाल में कलियासोत में 12 साल बाद भी कुछ नहीं हुआ। जबकि, एनजीटी व हाईकोर्ट कई बार निर्देश दे चुका हैं। नदी तालाब किनारे बड़े निर्माण -कलियासोत रिजर्वायर में 11 बड़े बंगले, फार्म हाउस व रेस्टोरेंट -नदी से 33 मीटर में 58 से अधिक बड़े प्रोजेक्ट में लाखों के फ्लैट -बड़ा तालाब एफटीएल से 50 मीटर में 12 होटल समेत 300 पक्के निर्माण -मोतिया तालाब, नवाब सिद्दीक हसन, बाग मुंशी हुसैन तालाब के अंदर तक फिलिंग -केरवा डैम के अंदर तक 2000 डंपर की फिलिंग कर निर्माण के लिए जगह बनाई -बड़ा तालाब कैचमेंट का 22 फीसदी हिस्सा आवंटित, 32 फीसदी में निर्माण कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर का कहना है कि तय निर्देश के अनुसार जांच, सर्वे और नोटिस देकर कार्रवाई तय की जा रही है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार ही कार्रवाई तय करेंगे।

एसआई भर्ती मामले में एएजी शाह ने कोर्ट में पेश किया प्रार्थना पत्र, 2 जुलाई तक टाली सुनवाई

जयपुर विवादित SI भर्ती 2021 को लेकर सरकार को हाईकोर्ट से आज राहत मिल गई है। कोर्ट ने मामले में 2 जुलाई को अगली सुनवाई करने तारीख तय कर दी है।  इससे पहले राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल विज्ञान शाह ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश किया। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में व्यस्त हैं, जिसके चलते इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। इससे पहले याचिकाकर्ताओं के वकील हरेंद्र नील ने प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा- सरकार  भर्ती पर कोई निर्णय नहीं लेना चाहती है, इसलिए इस तरह से समय निकाला जा रहा है। सरकार ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार 20 मई को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि इसके बाद 24 और 25 मई को दिल्ली में नीति आयोग की बैठक थी, जिसमें मुख्यमंत्री को भाग लेना पड़ा। इसलिए मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय नहीं हो सका। सरकार ने कोर्ट से अपील की है कि उसे अंतिम निर्णय के लिए और समय दिया जाए। इससे पहले भी सरकार ने समय की मांग करते हुए 13 मई को एक सब-कमेटी मीटिंग बुलाई थी, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के कारण कई मंत्री उसमें शामिल नहीं हो सके। साथ ही कमेटी के एक सदस्य मंत्री की तबीयत खराब होने के चलते बैठक पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद सरकार ने 21 मई को दूसरी बैठक रखी और 20 मई को इसे आयोजित भी किया, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री स्तर पर विचार-विमर्श नहीं हो सका। वहीं याचिकाकर्ताओं के वकील हरेन्द्र नील ने सरकार के इस प्रार्थना पत्र का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार जान-बूझकर फैसला टाल रही है और कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। पिछली सुनवाई में जस्टिस समीर जैन की पीठ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर 26 मई तक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदारों को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि सोमवार को कोर्ट सरकार के रुख से कितना संतुष्ट होता है और आगे क्या आदेश जारी करता है।

छत्तीसगढ़ से होगा अब पूरे देश को ट्रांसफॉर्मर सप्लाई

300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव नई दिल्ली/रायपुर विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा। इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।” यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।

नरसिंहपुर कृषि उद्योग समागम 2025 आज से: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया 3 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

नरसिंहपुर भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सोमवार को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कृषि उद्योग समागम कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और स्थानीय विधायक मौजूद रहे। मंच पर पहुंचे अतिथियों का मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री उदयप्रताप सिंह ने स्वागत किया फिर राष्ट्रीय गान के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुरु हुआ। किसान उद्योग समागम कार्यक्रम में किसान पंजीकरण कार्यालय, किसान सहायता केंद्र से कृषि में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों का मेला भी लगा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि, सरकार पहलगाम आतंकी हमले का जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया है। ऑपरेशन सिंदूर का लोहा दुनिया ने माना है। भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। पूरा देश राष्ट्र प्रेम की भावना से ओत-प्रोत है और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लौह पुरुष की तरह फैसला लिया। ये दिग्गज भी कार्यक्रम में मौजूद नरसिंहपुर में कृषि समागम मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में उपराष्ट्रति की पत्नी सुदेश धनखड़ भी मौजूद रहीं। वहीं, राज्यपाल मंगुभाई पटेल के साथ सीएम डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इसके अलावा, कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण कुशवाह, गोविंद सिंह राजपूत, ऐंदल सिंह कंषाना, प्रहलाद सिंह पटेल, राव उदय प्रताप सिंह और राज्यसभा सांसद माया नरोलिया मौजूद थीं। अबकी बार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा भारत उपराष्ट्रपति ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है कि, जिसने सिंदूर मिटाया, उसे धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय सीमा में घुसकर सेना ने क्या सटीक बमबारी की। कोई प्रमाण नहीं मांग रहा, जिन्हें चोट लगी, उन्होंने खुद प्रमाण दे दिया। अब हर व्यक्ति राष्ट्र भावना से ओत-प्रोत है। ये बड़ी उपलब्धि है। भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। जो 70 साल में नहीं हुआ, वो कठोर निर्णय पीएम ने लिया। खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा, ये बड़ा संदेश दिया है। दुनिया की तीसरी महा शक्ति बनने वाला है भारत उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने बड़ी आर्थिक उछाल लगाई। हम बड़ी कमजोर स्थिति में थे। आज भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बना है। हमने जापान जैसे बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। भारत दुनिया की तीसरी महाशक्ति बनने वाला है। विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत और गांव से निकलता है। पूंजी किसान के पास है। इससे अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा। धनखड़ बोले- देश का भविष्य खेतों में लिखा जाएगा धनखड़ ने कहा कि अमेरिका में किसान परिवार की आय सामान्य परिवार से ज्यादा है। देश को आगे बढ़ाने के लिए सांसद, विधायक कृषि आधारित उद्योग गांव को गोद लें। उसके विकास का संकल्प लें। किसान एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दें। भारत का भविष्य खेतों में लिखा जाएगा। सीएम बोले- प्रदेशभर में लगाए जाएंगे किसान मेले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 से आज तक 1 लाख 32 हजार रुपए प्रति व्यक्ति आयहुई है। आने वाले समय में बिजली बिल से मुक्ति मिल जाएगी। 32 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना लागू की है। यहां प्रदर्शनी के माध्यम से आधुनिक कृषि यंत्र आए हैं। फसल का उत्पादन बढ़ेगा। कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग कम है। इसी के मकसद से किसान मेला शुरू हुआ है। 3 दिन तक प्रदर्शनी लगेगी। किसान सब्सिडी के जरिए जो यंत्र चाहेंगे, उन्हें सरकार देगी। नरसिंहपुर में 102 हेक्टेयर में नए कृषि आधारित फूड पार्क तैयार किया जा रहा है। 1300 करोड़ से ज्यादा के उद्योग के नए संकल्प लेकर आकार लेंगे। किसान को मिलेगा 5 रुपए में परमानेंट बिजली कनेक्शन सरकार ने मद्य प्रदेश के किसान तो 5 रुपए में परमानेंट बिजली कनेक्शन मुहैय्या कराने का फैसला लिया है। किसानों को पटवारी के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बंटवारा, रजिस्ट्री और नामांतरण को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। पूरे प्रदेश में किसान मेले लगाए जाएंगे। अगले कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- इसके बाद सीहोर के पास 12-13 अक्टूबर को बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा।

मंत्री शिवराज ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से पदयात्रा की शुरुआत, ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ

 विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र में लाडकुई से भदकुई तक ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ शुरू की. इस दौरान उन्होंने मंच से ‘टाइगर अभी जिंदा है’ बोलकर लोगों में उत्साह भर दिया. अपनी पदयात्राओं के लिए ‘पांव पांव वाले भैया’ के नाम से मशहूर चौहान ने सीहोर में किसानों और ग्रामीणों से विकास पर जोर देने की अपील की. किसानों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”देश का विकास गांवों से होगा. साफ-सफाई, जल प्रबंधन, आंगनबाड़ी, स्कूल, महिलाओं का स्वावलंबन और रोजगार को प्राथमिकता दें.” मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे जोड़ा, ”मेरी पदयात्रा देखकर लोग प्रेरित होंगे कि अगर मंत्री चल रहा है, तो हमें भी गांव के लिए कुछ करना चाहिए. उन्होंने ऐलान किया कि वह रोजाना 20-25 किमी पैदल चलेंगे और सप्ताह में दो-तीन दिन यात्रा करेंगे, जिसका विस्तार बाद में अन्य लोकसभा क्षेत्रों में होगा. चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही सीहोर में मिट्टी की उर्वरता का आकलन करेगी, जिसके आधार पर किसानों को कृषि सलाह दी जाएगी. यात्रा में अधिकारी और नागरिक शामिल होंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे. उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को जमीन पर उतारने का संकल्प जताया. शिवराज की पदयात्रा में ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से रविवार को पदयात्रा की शुरुआत की। इस पदयात्रा में शिवराज की पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पासआउट बहू अमानत भी गांवों में पदयात्रा में शामिल। शिवराज बोले- खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं शिवराज ने कहा- मैं आज अकेला नहीं आया हूं। देश के जाने-माने साइंटिस्ट भी साथ आए हैं। आईसीएआर के डीजी एमएल जाट भी यहां आए हैं। ये किसानों से चर्चा करेंगे। खेती में अधिकतम उत्पादन कैसे हो, इसके लिए यहां के गांवों के खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं। तो कार्यक्रम कोई ऐसा कर्मकांड नहीं कि बस आंधी नहीं तूफान है, शिवराज सिंह चौहान है। इसमें हम किसानों, आदिवासी भाइयों-बहनों, नौजवानों, पीएम आवास के हितग्राहियों से गंभीर चर्चा करने वाले हैं। जिलाधीश सहित प्रशासन के सारे मित्र बैठकर सोचेंगे कि क्या बेहतर कर सकते हैं। शिवराज 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को उन्होंने मध्यप्रदेश के सीहोर से ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ की शुरुआत की। सबसे पहले वे लाड़कुई-भादाकुई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से संवाद किया। यहां लाेगों ने शिवराज को कंधे पर उठा लिया। इसके बाद वे परिवार के साथ जमकर थिरके। पदयात्रा में पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी शामिल हुई। उन्होंने पदयात्रा को लेकर कहा कि न दिन- न रात, पैदल चल चला शिवराज। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की ताकत सभी ने देखी। ये नया भारत है, जिसने कह दिया कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर किसी ने छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत सबके सामने सीना तानकर खड़ा करना है। बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 1991 में विदिशा जिले में पदयात्रा निकाली थी। तब उन्हाेंने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को उन्होंने मध्यप्रदेश के सीहोर से ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ की शुरुआत की। सबसे पहले वे लाड़कुई-भादाकुई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से संवाद किया। यहां लाेगों ने शिवराज को कंधे पर उठा लिया। इसके बाद वे परिवार के साथ जमकर थिरके। पदयात्रा में पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी शामिल हुई। उन्होंने पदयात्रा को लेकर कहा कि न दिन- न रात, पैदल चल चला शिवराज। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की ताकत सभी ने देखी। ये नया भारत है, जिसने कह दिया कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर किसी ने छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत सबके सामने सीना तानकर खड़ा करना है। बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 1991 में विदिशा जिले में पदयात्रा निकाली थी। तब उन्हाेंने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। शिवराज बोले-विकसित गांव बनाने होंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित भारत बनाना है। इसके लिए विकसित गांव बनाने होंगे। स्थानीय लोगों को इसमें सहभागिता करनी पड़ेगी। गांव में सफाई, जल व्यवस्था, आंगनवाड़ी, स्कूल, महिला स्वावलंबन, बेहतर रोजगार को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा मैं पैदल चलूंगा तो आपके मन में भी भाव उठेगा कि मंत्री होकर पैदल चल रहा है, हमें भी अपने गांव के लिए कुछ करना होगा। यात्रा सफल तो बाकी से भी पैदल निकलने कहूंगा शिवराज ने कहा कि दिन न रात पैदल चला चल शिवराज…. अगर यह यात्रा सफल होती है तो बाकी लोगों को भी पैदल निकलने कहूंगा। उन्होंने कहा कि यात्रा में प्रशासन और नागरिक शामिल रहेंगे। सभी साथ मिलकर सरकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने पर विचार करेंगे। जल्द ही वैज्ञानिकों की एक टीम सीहोर जिले में आएगी, जो मिट्टी की उर्वरक क्षमता की जांच करेगी। इसके आधार पर किसानों को खेती संबंधी सलाह दी जाएगी।  

पांचवीं मंजिल से बीमार बुजुर्ग… दूसरी मंजिल पर लिफ्ट के गड्ढे में रातभर फंसा रहा, मौत

खंडवा  बवासीर की बीमारी से परेशान एक 65 वर्ष से बुजुर्ग ने जिला अस्पताल की पांचवी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। पांचवी मंजिल से कूदने के बाद वह दूसरी मंजिल पर जाकर निर्माण दिन लिफ्ट के गड्ढे में फंसा रहा। सुबह किसी ने उसे दूसरी मंजिल पर फंसा हुआ देखा तो पुलिस को सूचनादी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्टाफ के साथ बुजुर्ग को दूसरी मंजिल से निकला। बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पीएम के लिए पोस्टमार्टम रूम भेजा है। बवासीर से परेशान था बुजुर्ग     मामला रविवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के सूरज को निवासी 65 वर्षीय मोहनलाल पुत्र शंकर लाल बवासीर की बीमारी से परेशान था। उसमें खून की कमी थी। डॉक्टर के अनुसार बुजुर्ग में 5 ए चबी खून ही बचा था। जिला अस्पताल की पांचवी मंजिल पर मेल मेडिकल वार्ड क्रमांक 5 में बुजुर्ग गुरुवार से भर्ती था। बुजुर्ग मोहनलाल शाम के समय स्टाफ को यह कहकर वार्ड से निकला कि वह शौच के लिए जा रहा है। उसने बाथरूम का अंदर से गेट लगा दिया। उसके बाद खिड़की से छलांग लगा दी।

MP में जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त, इन पर्यवेक्षकों को एआईसीसी ने दिए निर्देश

भोपाल  कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों (MP congress Districts Presidents List) को महत्त्वपूर्ण बनाने के अहमदाबाद अधिवेशन के प्रस्ताव (Ahmedabad Session Proposal) पर काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी देने के साथ ही एआइसीसी (AICC) ने इन्हें तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करने के लिए कहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति संगठन सृजन अभियान के तहत मध्यप्रदेश के लिए 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। मध्यप्रदेश के लिए सप्तगिरि उलाका, गुरदीप सिंह सप्पल, अखिलेश प्रताप सिंह, डॉ. अजय कुमार, विवेक बंसल, रिपुन बोरा, कृष्णा तीरथ सहित 50 नेताओं को रखा गया है। गुजरात का फार्मूला लागू करने की तैयारी कांग्रेस में अब गुजरात फार्मूला लागू करने की तैयारी है। इसके तहत पर्यवेक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जिला इकाई गठन में केन्द्रीय और राज्य पर्यवेक्षकों की राय भी मायने रखेगी। इसे पार्टी में नये बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। असल में कांग्रेस में संगठन को और मजबूत किए जाने की कवायद चल रही है। प्रयास है कि सभी कार्यकर्ताओं को मौका मिले, सिर्फ नाम के लिए पदाधिकारी न हो।

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

        जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली  

लोकायुक्त की टीम कड़ी कार्रवाई, किसान से 5 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पटवारी को रंगेहाथों पकड़ा

छतरपुर मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्माचारियों पर लगातार लोकायुक्त की टीम कड़ी कार्रवाई कर रही है। प्रदेश में रोजाना सरकारी दफ्तरों में रिश्वत लेते अधिकारियों-कर्माचारियों को रंगेहाथों पकड़ा जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे है। घूसखोरी का नया मामला छतरपुर जिले से सामने आया है। यहां किसान से 5 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पटवारी को रंगेहाथों पकड़ा है। सीमांकन की एवज में पैसे की मांग छतरपुर जिले के ग्राम पंचायत नौगांव में करारा हल्का में पदस्थ पटवारी पंकज दुबे को सोमवार को उसके निवास पर सागर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। बता दें कि पटवारी पंकज दूबे ने किसान दयाराम राजपूत से सीमांकन की एवज में पैसे की मांग की थी। किसाम ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त टीम से की। पटवारी से पूछताछ जारी सागर लोकायुक्त टीम(lokayukta team) ने शिकायात के बाद सोमवार की सुबह नौगांव में बिजली ऑफिस के बगल में पंकज दुबे पटवारी के निज निवास पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में टीम को सफलता मिली। लोकायुक्त ने पटवारी को 5000 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। वहीं पटवारी के मकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे का DVR सहित अन्य रिकॉर्ड जप्त कर लिए गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान नौगांव थाना प्रभारी सतीश सिंह सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद थें। फिलहाल पटवारी से पूछताछ जारी है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet