LATEST NEWS

39 दिन का नवजात कोविड पॉजिटिव, अब तक 15 कोरोना संक्रमित आए सामने

जोधपुर प्रदेश में रविवार को कोरोना के तीन नए केस सामने आए हैं, जिनमें सबसे चौंकाने वाला मामला जोधपुर एम्स से सामने आया है। यहां 39 दिन का एक नवजात कोरोना पॉजिटिव पाया गया, जिसका जन्म 16 अप्रैल को हुआ था। फिलहाल नवजात को एम्स के एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। नवजात के माता-पिता नागौर जिले के डीडवाना कस्बे के निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक रविवार को जोधपुर एम्स में भर्ती नवजात के अलावा उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में एक युवक और जयपुर में अजमेर के केकड़ी निवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग की रिपोर्ट भी कोविड पॉजिटिव पाई गई है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि राज्य में कोविड का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रदेश में बीते चार माह और 25 दिनों के भीतर अब तक कुल 15 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें फलौदी, बीकानेर और सवाई माधोपुर से एक-एक केस, कुचामन, अजमेर और जोधपुर से दो-दो केस तथा जयपुर और उदयपुर से तीन-तीन मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। जोधपुर एम्स में अभी तक कुल पांच कोविड पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से अधिकतर सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती थे। चिंता की बात यह है कि नवजात शिशु का जन्म ही एम्स में हुआ था और जन्म के बाद से ही उसे एनआईसीयू में रखा गया था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि संक्रमण नवजात तक कैसे पहुंचा? इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। वहीं बाकी चार मरीजों की ट्रेवल या कॉन्टेक्ट हिस्ट्री भी फिलहाल अस्पष्ट है। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि हाल ही में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में विशेषज्ञों की बैठक हुई थी, जिसमें मौजूदा संक्रमण को ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट JN.1 से जुड़ा बताया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैरिएंट घातक नहीं है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। मरीज सामान्य लक्षणों के साथ डॉक्टर से परामर्श लेकर रूटीन दवाइयों से ठीक हो सकते हैं। गौरतलब है कि JN.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन के BA.2.86 स्ट्रेन से विकसित हुआ है और इसे दिसंबर 2023 में WHO ने वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया था। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। यह वैरिएंट तेजी से फैलता है लेकिन गंभीर लक्षण कम दिखाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोविड के लक्षण कई दिनों या हफ्तों तक बने रहें तो वह  लॉन्ग कोविड की स्थिति हो सकती है। ऐसे मामलों में विशेष निगरानी और देखभाल की आवश्यकता होती है। भले ही कोविड का यह नया वैरिएंट ज्यादा खतरनाक न हो लेकिन राज्य में एक बार फिर से इसके मामले सामने आना सतर्कता बरतने की जरूरत को रेखांकित करता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संक्रमण की चेन को समझने और नियंत्रण की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

बिना इंटरनेट डाटा ट्रांसफर, जानें कैसे करें

अगर आपको डाटा ट्रांसफर करना है तो इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी ही। पीसी से डाटा मोबाइल पर भेजना तो इंटरनेट का इस्तेमाल करना ही होगा और स्मार्टफोन पर रिसीव करना है तो भी इंटरनेट डाटा की खपत तय है, लेकिन इन सिंपल ट्रिक्स से आप बिना इंटरनेट के डाटा ट्रांसफर कर सकते हैंः 1. सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से जेंडर एप डाउनलोड करें। यह एक डाटा ट्रांसफर एप है। इसकी खासियत है कि यह एप बिना इंटरनेट, यूएसबी और वाई-फाई के डाटा ट्रांसफर करता है। 2. अब पीसी में जेंडर एप डाउनलोड करें। 3. इसके बाद पीसी और मोबाइल दोनों को डाटा ट्रांसफर के लिए साथ रखें। 4. अब जैसे ही आप फोन पर जेंडर एप खोलेंगे, उसे पता चल जाएगा कि साथ रखें डिवाइस में जेंडर इंस्टॉल है। 5. इसके बाद डिवाइस के ग्रुप में ऐड करें। 6. अब जिन फाइल्स को भेजना है उन्हें सेलेक्ट करके सेंड ऑप्शन पर क्लिक करके भेज दें। 7. इस एप की खासियत है कि आप किन्हीं भी दो डिवाइसेज के बीच डाटा ट्रांसफर कर सकते है। आप चाहे तो दो स्मार्टफोन्स के बीच या फिर चार डिवाइसेज को कनेक्ट उनके बीच भी डाटा ट्रांसफर कर सकते है।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा राज्य में 8वीं आर्थिक गणना, 2025-26 के सुचारू रूप से संचालन की तैयारियो, प्रगति की निगरानी तथा समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव/मुख्य सचिव द्वारा नामित अधिकारी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया है। समिति में प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वित्त, नगरीय विकास एवं आवास, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा एवं प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ) क्षेत्र संकार्य प्रभाग (एफ.ओ.डी) सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, सदस्य/राज्य चार्ज अधिकारी तथा आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय को सदस्य-सचिव/ राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। समिति मुख्यत: आर्थिक गणना के संचालन में तैयारियों, प्रगति की निगरानी तथा आने वाली प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं का नियमित आधार पर समीक्षा और समाधान करेगी। राज्य में पर्याप्त संख्या में सुपरवाइजर्स की तैनाती तथा मासिक आधार पर क्षेत्रीय कार्य की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। राज्य में पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करना, राज्य और एन.एस.ओ (एफ.ओ.डी) के पर्यवेक्षकों द्वारा किए पर्यवेक्षण के आधार पर डेटा की शुद्धता पर रिपोर्ट तैयार करना, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों को सहयोग के लिए संवेदनशील बनाना तथा जिला-स्तरीय प्राप्त फीडबैक की निगरानी करना तथा यदि कोई समस्या हो तो उसका समाधान समिति द्वारा किया जायेगा।  

छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा, AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश-CM साय

रायपुर छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।” ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु नवीनीकरण एवं नवीन आवेदनों के लिए ऑनलाइन आवेदन तीन चरणों में आमंत्रित

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट postmatric-scholarship.cg.nic.in पर ऑनलाइन किया जा रहा है। छात्रवृत्ति हेतु प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन तीन चरणों में आमंत्रित किया गया है। नवीनीकरण के लिए विद्यार्थियों द्वारा आवेदन प्राप्ति की तिथि 31 मई, 31 अगस्त और 30 नवम्बर 2025 तक तथा नवीन विद्यार्थियों द्वारा आवेदन प्राप्ति की तिथि 31 अगस्त, 30 सितम्बर और 30 नवम्बर 2025 तक निर्धारित हैं। विद्यार्थियों को उनके आधार सीडेड बैंक खाते में भुगतान 7 कार्य दिवस में प्राप्त होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जावेगा एवं ड्रॉफ्ट प्रपोजल एवं सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जावेगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे।              सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति हेतु पात्रता के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय-सीमा 2.5 लाख रूपए प्रतिवर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय-सीमा 1 लाख रूपए प्रतिवर्ष, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा।  छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से आधार सीडेड बैंक खाते में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने सक्रिय एवं आधार सीडेड बैक खाते की प्रविष्टि ऑनलाइन करते समय सुनिश्चित कर लें। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति,  अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इसके लिए राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन किया जाना अनिवार्य है।

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

दिल की सेहत पर ही निर्भर करती है, हमारे शरीर की सेहत। और दिल को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी है कि हम संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्याहयाम करें। पर्याप्त नींद हार्वर्ड के 70,000 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींद हमारे दिल को सेहमतमंद रखने में काफी मदद करती है। इस अध्य यन में पाया गया कि जो लोग रात को एक घंटा अधिक सोते हैं, उन्हेंु दिल की बीमारी अन्यव लोगों की तुलना में कम होती है। वहीं सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका अधिक होती हैद्य कोलेस्ट्रॉल कम करें रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्वॉरूप दिल तक कम मात्रा में खून पहुंचता है। इसलिए आपको चाहिए कि अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें और इसकी नियमित जांच भी करवाते रहें। उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने की संभावना को बढ़ा देता है। नियमित रूप से व्यायाम करें नियमित रूप से व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह होने की आशंका भी कम हो जाती है। मधुमेह रोगियों के बीच हार्ट अटैक का खतरा ज्याकदा होता है। गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह के रोगियों में सभी मौतों में से लगभग आधी दिल की बीमारी के कारण होती हैं। फैट से बचें भोजन में तेल का प्रयोग कम कर ताजी हरी सब्जियों और फल की मात्रा बढ़ाएं। ये रेशेदार और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं जो खून की वाहिकाओं में खराब कोलेस्ट्रोल के असर को कम करती हैं। इनके प्रतिदिन प्रयोग से दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही जंक फूड का सेवन कम से कम करें। भोजन समय पर करें। धूम्रपान न करें सिगरेट पीना महिलाओं में दिल की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण है। मध्य म वर्ग की महिलाओं में तंबाकू के कारण लगभग 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामलें देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा यह बात सिद्ध की जा चुकी है कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने का खतरा आम व्यक्तियों की तुलना में दोगुनी होता है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। वजन को नियंत्रित करें यदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उसे तेजी से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण असंतुलित भोजन और व्यायाम की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों का सेवन। साथ ही नियमित रूप से आधे घंटे टहलना। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रोल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तनाव में कमी मनोवैज्ञानिक तनाव को हार्ट अटैक की मुख्य वजह मानते हैं। तनाव के प्रभाव को कम करने के और दैनिक आधार पर सामना करने वाले तनाव का प्रबंधन के लिए स्वस्थ तरीके खोजें। इसके अलावा, पौष्टिक आहार योजना और नियमित रूप से व्यायाम आपके स्वापस्य्नी  पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। शराब का सेवन कम अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन हाई बीपी ओर दिल की बीमारियों का नेतृत्व कर सकता हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम मात्रा में शराब के सेवन से कोलेस्ट्रॉल सही रहता है और इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है।  

रायपुर : तटबंध निर्माण कार्य के लिए 77.35 लाख रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले के विकासखण्ड-डौण्डीलोहारा के अंतर्गत ग्राम बड़ाजुंगेरा में स्थित स्थानीय नाले पर तटबंध निर्माण कार्य के लिए 77 लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को तटबंध निर्माण कार्य कराने प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

महाविद्यालय परिसर को सुरक्षित करने के लिए बाउंड्रीवॉल बनाने की मिली मंजूरी, परिसर होगा सुरक्षित

बीना  शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लंबी मांग के बाद बाउंड्रीवॉल निर्माण कराने को स्वीकृति मिली है। यह निर्माण 155.90 लाख रुपए में होना है और इस कार्य की निर्माण एजेंसी बिल्डिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन है। यह कार्य कुछ माह बाद शुरू होने की उम्मीद है।  महाविद्यालय परिसर को सुरक्षित करने के लिए पूर्व में भी बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया था, जो जर्जर हो गई है और कई जगह गिर भी चुकी है। बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त होने के कारण अंदर मवेशी पहुंच रहे हैं, जिससे परिसर में लगे पेड़ सुरक्षित नहीं हैं। खेल मैदान भी खराब हो रहा है। साथ ही असामाजिक तत्व भी अंदर पहुंच जाते हैं। महाविद्यालय प्रबंधन लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था और जनभागीदारी समिति में भी प्रस्ताव रखा था। प्राचार्य डॉ. एमएल सोनी ने बताया कि बाउंड्रीवॉल निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा। इसके बनने से परिसर सुरक्षित होगा। जनभागदारी समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर यह मांग की गई थी। मुख्य गेट से होगी एंट्री बाउंड्रीवॉल बनने के बाद विद्यार्थियों की एंट्री एक ही गेट से होगी और बाहरी व्यक्ति सीधे अंदर नहीं पहुंच पाएंगे। अभी जगह-जगह से बाउंड्रीवॉल टूटी होने से विद्यार्थियों के अलावा अन्य व्यक्ति अंदर पहुंच जाते हैं।

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन से मेडिकल टेस्ट है जरूरी

गर्भधारण के दौरान समय-समय पर कई तरह की जांच की जाती हैं। इससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है। साथ ही कोई कंप्लीकेशन ना हो इसकी जानकारी भी चिकित्सक को मिल जाती है। यदि कोई कंप्लीकेशन होती भी है तो चिकित्सक समय रहते उसका इलाज कर बच्चे और मां को किसी भी परेशानी से बचाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि गर्भधारण के दौरान डिलिवरी तक कौन-कौन सी चिकित्सा जांच की जाती हैं सीबीसी यानी कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट डॉक्टर आपका सीबीसी टेस्ट आपके गर्भवती होने के बाद करेगा। इससे आपके रक्त में लाल और सफेद कोशिकाओ का पता लगाया जाता है । इसके साथ ही हीमोग्लोबिन, हेमैटक्रीट और प्लेटलेट्स कणों को भी काउंट किया जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त में मौजूद प्रोटीन होता है जो कि सेल्स को ऑक्सीजन देता है और हेमैटक्रीट शरीर में लाल रक्त कणों को जांचने का माप है। दोनों में से किसी के भी कम होने पर एनीमिया कहा जाता है। प्लेटलेट्स रक्त में थक्का जमने में सहायता करती हैं। महिला नार्मल डिलिवरी के दौरान तकरीबन आधा लीटर रक्त खो देती है। ऐसे में रक्त की कमी होने पर बच्चे और मां दोनों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती है। आरएच फैक्टर टेस्ट आरएच फैक्टर टेस्ट में लाल रक्त कणों के सरफेस में प्रोटीन की मात्रा देखने को किया जाता है। अगर प्रोटीन होता है तो इसे आरएच पॉजिटिव कहा जाता है अन्यथा नेगेटिव। यह टेस्ट लगभग 85 प्रतिशत महिलाओं में पॉजिटिव ही आता है। यूरिन टेस्ट डॉक्टर यूरिन टेस्ट से ही गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की सही जानकारी लगा पाते हैं। इसमें मुख्यत शुगर की जांच की जाती है। इसके साथ ही किडनी के इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए यूरिन में प्रोटीन की मात्रा, जांच की जाती है। इस टेस्ट के माध्यम से बैक्टीरिया की जांच की जाती है जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का पता चल पता  है। केटोन्स की भी जांच होती है जिससे यह पता लगता  है कि शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह वसा का  इस्तेमाल ऊर्जा के लिए तो नहीं कर रहा है। रक्तचाप की जांच गर्भवती महिला के रक्तचाप की जांच की जाती है ताकि रक्तचाप ज्यादा या कम दोनों ही होने की स्तिथी में महिला को किसी भी प्रकार की हानि से बचाया जा सके। भ्रूण का अल्ट्रासाउंड भ्रूण के शारीरिक विकास को देखने के लिए समय समय पर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसमें प्लेसेंटा की स्थिति और बच्चे के शरीर का हर माप देखा जाता है। बच्चे की मूवमेंट और अन्य क्रियाओं का भी पता अल्ट्रासाउंड से ही चलता है। मल्टीपल मार्कर स्क्रीनिंग यह दो तरह का होता है। ट्रिपल स्क्रीन टेस्ट और क्वाड स्क्रीन टेस्ट। यह आहार नाल न्यूरल टयूब में किसी भी तरह के डिफेक्ट को देखने के लिए किया जाता है। भ्रूण की हृदय गति मापना हर महीने भ्रूण की हृदय गति में बदलाव आता है। जन्म के समय भी यह बदल जाती है। डॉक्टर समय-समय पर जांच कर यह चेक करते हैं की हार्ट बीट सामान्य है या नहीं। यदि ह्रदय गति कम आये तो माना जाता है कि बच्चे को ऑक्सीजन कम मिल रही है।  

साइबर ठगी के बढ़ते जाल को लेकर जयपुर कमिश्नरेट की तरफ से नई पहल

जयपुर राजधानी जयपुर के पुलिस कमिश्नरेट में आज से साइबर सपोर्ट सेंटर शुरू किया गया है। इस सेंटर के जरिए राजस्थान में साइबर ठगी के शिकार लोगों की मदद की जाएगी और उनकी काउंसिंग की जाएगी ताकि वे भविष्य में इस तरह की ठगी का शिकार होने से बचें। अक्सर साइबर क्राइम का शिकार बच्चे, महिलाएं एवं बुजुर्ग अवसाद में भी चले जाते हैं। ऐसे में यह सेंटर इस तरह के पीड़ित लोगों की काउंसिलिंग करेगा, जिससे वे मानसिक अवसाद से बाहर निकल सकें। डीजीपी यूआर साहू व डीजी साइबर क्राइम हेमंत प्रियदर्शी ने इस सेंटर की शुरुआत की है। यह सेंटर मुंबई स्थित एनजीओ रेस्पांसिबल नेटिजन्स द्वारा संचालित किया जाएगा। कोगटा फाउंडेशन इसमें आर्थिक सहयोग करेगा। यह सेंटर ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए लोगों को मुकाबला करने, साइबर अपराधों के पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने और #CyberSafe Jaipur अभियान के अंतर्गत साइबर वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है। जानकारी के अनुसार साइबर अपराध के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे होते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार साइबर स्पेस का उपयोग करने वाले 3 में से 1 बच्चे को ऑनलाइन बुलिंग का सामना करना पड़ता है। करीब 70 प्रतिशत बच्चों को साइबर खतरों का हर स्टेज पर सामना करना पड़ रहा है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार फाइनेंस से जुड़े साइबर अपराधों में 24.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। साइबर धोखाधड़ी के कारण 2024 में 2054 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। राजस्थान में हर रोज 3 हजार साइबर मामले दर्ज हो रहे हैं। इनमें से 45.25 प्रतिशत अपराध पैसों के लेन-देन, 30.16 प्रतिशत यूपीआई घोटाले से संबंधित हैं। वहीं लगभग 12 प्रतिशत अपराध सोशल मीडिया  व 11 प्रतिशत यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं। साइबर अपराध के शिकार लोगों ने बीते 3 साल में 1581 करोड़ रुपए गंवा दिए, वहीं समय पर पुलिस के हस्तक्षेप के कारण 676 करोड़ रुपए बैंकों से निकाले जाने बचा लिए गए। यह केंद्र रिस्पॉन्सिबल नेटिजन्सव के तहत संचालित होगा। इस टीम में परियोजना समन्वयक, वरिष्ठ परामर्शदाता और मनोवैज्ञानिक, कानूनी और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, प्रशिक्षित प्रशिक्षक और कार्यशाला संचालक एवं केस डॉक्यूमेंटेशन के लिए फ्रंट डेस्क अधिकारी शामिल होंगे।  इस सेंटर में साइबर ठगी के शिकार लोगों को ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग और इंटरनेट की लत के मामलों के लिए परामर्श व मनोवैज्ञानिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही तकनीकी और कानूनी सहायता के तहत अकाउंट रिकवरी, धोखाधड़ी रोकथाम, पुलिस रेफरल उपलब्ध कराई जाएगी।  जागरूकता कार्यक्रम- छात्रों, कानून प्रवर्तन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऑनलाइन सुरक्षा सत्र, जन जागरूकता अभियान- साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु पहल। साइबर वेलनेस सहायता- तत्काल हस्तक्षेप और दीर्घकालीन पीड़ित सहायता दिए जाने की योजना है।  

इंदौर: एमवाय अस्पताल में लापरवाही उजागर होने से बचने मीडिया का अस्पताल में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया !

इंदौर एमपी के इंदौर में स्थित एमवाय अस्पताल (Maharaja Yashwantrao Hospital or MYH) में वहीं के स्टाफ द्वारा किराये के कर्मचारियों से कैजुअल्टी में काम कराने के खुलासे के बाद प्रबंधन मनमानी को दबाने में जुट गया है। आए दिन अस्पताल की लापरवाही उजागर होने से किरकिरी न हो, इसलिए एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने मीडिया का अस्पताल में प्रवेश प्रतिबंधित (Media Banned) कर दिया है। दलील दी कि कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों के फोटो-वीडियो बनाने से परेशानी होती है। इसलिए मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाई है। मालूम हो, एमवायएच में एवजियों का मामला उजागर होने से प्रबंधन की काफी फजीहत हुई थी। अस्पताल के कुछ लोगों ने कैजुअल्टी में काम करने के लिए 500 रुपए रोज पर अनाधिकृत रूप से कर्मचारियों को रख लिया था। यह काम वर्षों से चल रहा था, लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने एक्शन नहीं लिया। मामला उजागर होने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सख्ती के तौर पर मरीजों के साथ आने वालों से मुख्य गेट पर पूछताछ की जा रही है। कैजुअल्टी में मरीज के साथ एक ही परिजन को नियमानुसार जाने की अनुमति है। मरीजों की आवाज खामोश करने की साजिश मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध का काला आदेश मरीजों की पीड़ा को खामोश करने की साजिश है। अस्पताल में सेवाभावी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की कमी नहीं है। वे हर पल इस प्रयास में रहते हैं कि किस तरह मरीज की पीड़ा कम की जाए। तकलीफ उन्हें है जो सरकारी नौकरी में आराम की गुंजाइश तलाशते हैं। वे नहीं चाहते हैं कि उनके अस्पताल से नदारद होने या मनमानी करने की बात उजागर हो। अस्पताल में मीडियाकर्मी या और किसी को मरीजों के इलाज में अड़चन बनने की इजाजत नहीं है। लेकिन, इस काले आदेश को वापस लेना होगा। मामले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को भी हस्तक्षेप करना होगा। ताकि मनमर्जी जारी रहे एमवायएच में डॉक्टरों के समय पर नहीं आने, मरीजों से दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही उजागर होती रहती है। मरीजों के परिजन से मारपीट, शव ले जाने में एंबुलेंस माफिया की मनमानी और निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने जैसे घटनाक्रम साबित हो चुके हैं। कहा जा रहा है कि इन्हें दबाने के लिए अधीक्षक ने मीडिया पर प्रतिबंध का आदेश दिया है। चार दिन बाद भी नहीं लगे फोटो एमवायएच में पीजी स्टूडेंट्स द्वारा बाहरी लोगों को किराये पर रखकर ओटी टेक्नीशियन व ड्रेसर का काम लिया जा रहा था। मामले में कार्रवाई नहीं हुई और नौकरी पर रखे एवजियों के फोटो भी नहीं लगाए गए। पुलिस को भी सूचना नहीं दी है। नाम सामने नहीं आने से पुलिस पूछताछ नहीं कर पा रही है।

उज्जैन महाकालेश्वर में इस साल 6 सवारियां निकाली जाएँगी, शेड्यूल जारी

उज्जैन सावन-भादौ महीने में उज्जैन महाकालेश्वर में बाबा महाकाल की सवारी (Mahakal Sawari 2025)की को लेकर महाकाल मंदिर समिति की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। अगर आप भी महाकाल की सवारी के लिए उत्सुक हैं। तो आपको बता दें कि इस साल 2025 में 11 जुलाई को सावन (Sawan 2025) का महीना शुरू हो रहा है। सावन के इस महीने में महाकाल की पहली सवारी 14 जुलाई को और आखिरी या शाही सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। 2024 में निकाली गई थीं सात सवारियां, बाबा ने बैलगाड़ी पर किया था नगर भ्रमण बता दें कि पिछले साल 2024 में सावन-भादौ (Sawan Bhado 2024) महीने में कुल 7 सवारियां निकाली गई थीं। 22 जुलाई को पहली और 2 सितंबर को अंतिम या शाही सवारी का आयोजन किया गया था। बता दें कि पिछले साल महाकाल बैलगाड़ी पर बैठकर नगर भ्रमण पर निकलते थे और भक्तों का हाल जानते थे। इस साल 6 सवारियां यहां जाने सवारियों की डेट –इस साल 2025 में 11 जुलाई से सावन मास आरंभ, यहां देखें जुलाई से अगस्त तक महाकाल सवारी की पूरी डेट लिस्ट… जुलाई 2025 (July 2025) में महाकाल सवारी – पहली सवारी – 14 जुलाई – दूसरी सवारी – 21 जुलाई – तीसरी सवारी- 28 जुलाई अगस्त 2025 (August 2025) में महाकाल सवारी – चौथी सवारी- 4 अगस्त – पांचवी सवारी- 11 अगस्त – छठी या शाही सवारी- 18 अगस्त भक्तों के साथ सावन सोमवार उपवास पर रहेंगे महाकालेश्वर बता दें कि सावन-भादौ के महीने में बाबा महाकाल भक्तों के साथ स्वयं भी उपवास रखते हैं। इस दौरान उपवास रखे हुए ही वे अपने भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकल पड़ते हैं। महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ता है। बता दें कि इस बार नागपंचमी का पर्व 29 मई को मनाया जाएगा।

जालौर में 44.4 के पार पहुंचा पारा, 27 के बाद हल्की बारिश की संभावना

जालौर जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को इस सीजन की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। सुबह से ही तेज धूप और उमस ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस वर्ष का अब तक का सर्वाधिक तापमान रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राजस्थान की तीसरी सबसे गर्म रात रही। इससे पहले बारां में 31.8 और जैसलमेर में 31.5 डिग्री सेल्सियस की गर्म रात रिकॉर्ड की गई थी। रविवार को सुबह से ही शहर और जिले के अन्य क्षेत्रों में चिलचिलाती धूप के कारण आमजन बेहाल नजर आए। आसमान पूरी तरह साफ रहा और हवा न चलने से उमस और भी अधिक बढ़ गई। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जगह-जगह मृग-मरीचिका जैसे दृश्य नजर आए, मानो सड़क पर पानी बह रहा हो। बाहर निकलने वाले लोग गर्मी से बचने के उपाय करते दिखाई दिए। कई क्षेत्रों में कूलर और एसी तक बेअसर हो गए। विशेषकर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वर्णगिरी पहाड़ी के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में दिन के साथ-साथ रात भी भट्टी जैसी गर्म रही। दिनभर सूर्य की तपिश झेलने के बाद रात को भी पहाड़ों से गर्म हवा निकलती रही, जिससे तापमान में गिरावट नहीं आ सकी और लोग रात में भी बेचैनी महसूस करते रहे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों 26 और 27 मई को भी भीषण गर्मी और हीटवेव का असर बना रहेगा। इन दिनों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि 27 मई की शाम के बाद मौसम में परिवर्तन की उम्मीद जताई गई है। बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक और वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है। जालौर जिले के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। 28 और 29 मई को तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है और मौसम थोड़ा सामान्य हो सकता है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के मद्देनजर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें। विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा खुले में काम करते समय छाया, टोपी और सनग्लासेस का प्रयोग करने की सलाह दी है।

मिशन संडे की जांच में खुली पोल, छिंदारी डेम बना भ्रष्टाचार का जलाशय, पूरे भुगतान के बाद भी काम अधूरा

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर एक बार फिर भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के निर्देशन में संचालित ‘मिशन संडे’ टीम ने रविवार को छिंदारी गांव स्थित रानी रश्मि देवी सिंह जलाशय का निरीक्षण किया. इस जलाशय को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग को 41 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन यहां के हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अधिकांश निर्माण कार्य या तो अधूरे हैं या बेहद घटिया गुणवत्ता के हैं. किचन शेड, मचान, कुर्सियां और बैठने की अन्य व्यवस्थाएं बेहद साधारण और कमजोर सामग्री, जैसे- बांस और सस्ती लकड़ियों से बनाई गई है. यह स्पष्ट दिखा कि निर्माण कार्यों में न केवल लापरवाही बरती गई है बल्कि शासकीय धन का खुला दुरुपयोग भी हुआ है. टीम को यह भी जानकारी मिली कि इन अधूरे कार्यों का भुगतान वन विभाग द्वारा पहले ही पूरा कर दिया गया है. वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी टीम के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों ने सरकारी पैसे का खुलकर दुरुपयोग किया है. विकास के नाम पर केवल दिखावा किया गया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि विभाग ने बिना जमीनी काम किए, कागजों में ही पूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण दिखा दिया.

बांधवगढ़ में संरक्षण नहीं, विवाद की गूंज: रेंजर पर आरोप और सियासी संग्राम

There is no protection in Bandhavgarh, but controversy reverberates: allegations against the ranger and political conflict बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व इन दिनों वन्यजीव संरक्षण से ज्यादा प्रशासनिक विवादों को लेकर चर्चा में है। इलाके के रेंजर अर्पित मैराल एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। कांग्रेस नेता कुनाल चौधरी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर रेंजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं और भाजपा सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया है। कुनाल चौधरी ने कहा भाजपा सरकार का प्रशासन कोर्ट के आदेश को अपनी जेब में रख जनता से तलवे चटवा रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के रेंजर जिसके क्षेत्र में 10 हाथियों की मौत हुई थी उस मामले को दबा गए और अब ग्रामीणों के साथ लगातार बदसलूकी की जा रही है। वायरल वीडियो में ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखी जा सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेंजर ने कथित रूप से तलवे चाटने जैसी भाषा का प्रयोग किया, जिससे जनाक्रोश भड़क गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।जब इस विवाद पर रेंजर अर्पित मैराल से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला 150 एकड़ वनभूमि पर अवैध कब्जा हटाने का है। हमारी 100 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम वहां गई थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान गांव वालों का विरोध हुआ और कुछ गहमा-गहमी हो गई।रेंजर ने वीडियो में आए आरोपों को नकारते हुए कहा कि जो व्यक्ति इस वीडियो को फैला रहा है वह पहले वन विभाग में कार्यरत था, लेकिन अनुशासनहीनता के चलते हटा दिया गया था। यह पूरी साजिश उसी की है। मैंने गांव वालों के लिए ऐसा कुछ नहीं कहा। हालांकि ग्रामीण इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि रेंजर का रवैया पहले से ही तानाशाही वाला रहा है। यह पहली बार नहीं है जब रेंजर ने हमारे साथ बदसलूकी की है। कई बार अपशब्द बोले गए हैं और हमारी बात तक नहीं सुनी जाती।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet