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रायपुर : जिला उपभोक्ता आयोगोें के अध्यक्ष एवं सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यशाला 31 मई को

रायपुर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल 31 मई को जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। प्रशिक्षण पंडरी, पुराना बस स्टैण्ड के पास छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग भवन के सम्मेलन कक्ष में सबेरे सवा 10 बजे से शुरू होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अमरेश्वर प्रताप साही एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया द्वारा उपस्थित उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रशिक्षित किया जायेगा।

रायपुर : संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2024 और 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित

रायपुर : संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2024 और 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित रायपुर, संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2024 और 2025 के लिए प्रदर्शनकारी कला क्षेत्रों के उत्कृष्ट युवा कलाकारों से 07 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। संगीत, नृत्य, रंगमंच, पारम्परिक-लोक-आदिवासी संगीत, नृत्य, रंगमंच तथा पपेटरी-मूक अभिनय तथा पारम्परिक संश्रित कलाएं जैसे वाद्ययंत्र निर्माण तथा मुखौटा निर्माण के कलाकार आवेदन कर सकते हैं। ऐसे कलाकारों से जिनकी आयु दिनांक 1 अप्रैल 2025 को न्यूनतम 40 वर्ष या अधिक हो आवेदन संक्षिप्त बायो-डेटा, जन्म प्रमाण-पत्र की छायाप्रति, यथोचित फोटोग्राफ, उपलब्धियों के संबंध में अखबारों में प्रकाशित आलेखों की कतरनों की छायाप्रतियां जमा करना आवश्यक है। पुरस्कार के लिए कलाकार संगीत नाटक अकादमी के वेबसाईट के माध्यम https://www.sangeetnatak.gov.in/award-honours/nomination के माध्यम से संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के वेबसाईट https://sangeetnatak.gov.in/ से 14 जुलाई तक सीधे नामांकन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित प्रपत्र में स्पष्ट पूर्ण रूप से भरे गए प्रस्ताव तथा ऑनलाईन नामांकन की जानकारी सहित आवेदन पत्र दिनांक 07 जुलाई, 2025 तक संचालक, संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, सेक्टर-27, नवा रायपुर अटल नगर, छ.ग. को प्रेषित किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त होने वाले नामांकन पर विचार नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए आवेदक संस्कृति विभाग में संपर्क कर सकते हैं।

जगदलपुर : नवीन संगीत महाविद्यालय जगदलपुर में प्रवेश हेतु 15 जून तक आवेदन पत्र आमंत्रित

जगदलपुर नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय जगदलपुर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत बीपीए पाठ्यक्रम अंतर्गत 40 सीटों पर प्रवेश जारी है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 जून 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। उक्त महाविद्यालय वर्तमान में बस्तर एकेडमी डांस आर्ट एवं लिटरेचर (बादल) आसना जगदलपुर में संचालित है। यहां शास्त्रीय गायन (हिन्दुस्तानी), लोकसंगीत, कथक नृत्य विषय संचालित है। विद्यार्थियों को इसमें से कोई एक मुख्य विषय एवं कोई एक सहायक विषय लेना होगा। साथ ही हिन्दी भाषा या अंग्रेजी भाषा तथा पर्यावरण विषय अनिवार्यतः लेना होगा। उक्त बीपीए पाठ्यक्रम स्नातक में चार वर्ष की डिग्री कोर्स है। यह महाविद्यालय इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से संबंद्ध है। संगीत सीखने के इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश हेतु आवेदन फार्म शासकीय दंतेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय जगदलपुर अथवा बस्तर एकेडमी, बादल आसना जगदलपुर से प्राप्त कर सकते हैं। प्राचार्य नवीन संगीत महाविद्यालय जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर प्रावीण्यता सूची तैयार की जाएगी और आवश्यकता अनुसार अभिरुचि परीक्षा ली जाएगी। चयन सूची 30 जून 2025 को जारी की जाएगी और सीट रिक्त होने की स्थिति में द्वितीय सूची निकाली जाएगी।

आधा यूपी हीट इंडेक्स के डार्क रेड जोन में, मौसम का नया पैटर्न, कम तापमान में ज्यादा गर्मी, उमस भरी गर्मी से जूझे कानपुर वाले

कानपुर नौतपा के दूसरे दिन उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने जोर मारा। शुष्क हवाएं चलीं पर नमी अधिक होने के कारण उमस बढ़ गई। हीट इंडेक्स के कारण आधे से ज्यादा यूपी के जिले रेड जोन में चले गए हैं। मौसम विभाग ने चेताया है कि अधिक तापमान से ही नहीं ज्यादा हीट इंडेक्स से भी हीट स्ट्रोक हो सकता है। अप्रैल से लेकर अब तक मौसम में बदलाव रहा है। इसे मौसम के पैटर्न में आ रहे बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। मई में अब तक केवल छह दिन ऐसे रहे हैं जब दिन का पारा 40 डिग्री या इससे अधिक रहा है। 40 के ऊपर पारे से हीट वेव मानी जाती है। मई में हीट वेव की स्थिति कमजोर रही है। मौसम के नए पैटर्न में कम तापमान में भी ज्यादा गर्मी का अहसास होना है.यह स्थिति सेहत के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य तौर पर पारा ड्राई बल्ब तापमान के आधार पर मापा जाता है। यह थर्मामीटर के आधार पर मापा जाता है। शरीर का तापमान केवल ड्राई बल्ब के आधार पर नहीं बल्कि वेट बल्ब तापमान और इसके आधार पर हीट इंडेक्स जैसी वजह तय करती है। हमें कितनी गर्मी महसूस हो रही है। वेट बल्ब तापमान में हवा की आर्द्रता को भी ध्यान में रखा जाता है। जब आर्द्रता अधिक होती है तो पसीना आसानी से नहीं सूखता, जिसके कारण शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती और ज्यादा गर्मी महसूस होती है भले ही तापमान कम हो। इंडेक्स बढ़ने पर हीट स्ट्रोक का खतरा मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि द लैंसेट न्यूरोलॉजी जर्नल में पब्लिश स्टडी के मुताबिक हीट इंडेक्स यदि रेड है तो इससे हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। यदि ऑरेंज है तो देर तक धूप में रहने से ऐसा हो सकता है। डार्क ग्रीन की स्थिति में लंबे समय तक रहने से थकान हो सकती है। आने वाले दिनों में आंधी-पानी की संभावना बनी रहेगी। मई के अंतिम दिनों में हल्की बारिश संभव है। उमस भरी गर्मी से जूझे कानपुर वाले सोमवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री रहा जो सामान्य से कम रहा। रात का पारा 28 डिग्री रहा। सामान्य से अधिक रहा। नमी का अधिकतम प्रतिशत 66 और न्यूनतम 45 फीसदी रहा। इस तरह कानपुर का हीट इंडेक्स 62 रहा। यह रेड जोन में आता है।  

पहले दिन झालखम्हरिया, खट्टी, किशनपुर, टेंका, गेर्रा एवं छिबर्रा क्लस्टर में पहुंचेगी यात्रा

महासमुंद “विकसित कृषि संकल्प यात्रा“ 29 मई से आरंभ होगी। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने समय सीमा की बैठक में संबंधित विभाग को इसके प्रचार-प्रसार हेतु दृश्य एवं श्रव्य माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विशेष रूप से मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने और फसल चक्र परिवर्तन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान के लिए 29 मई से 12 जून तक प्रत्येक दिन 3 टीमों द्वारा अलग-अलग विकासखण्डों में दो-दो पालियों में कार्यक्रम  आयोजित किया जाएगा। टीम में कृषि वैज्ञानिक सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग, कृषि सखी, कृषक मित्र, पशु सखी, प्रगतिशील कृषक, एफपीओ के सदस्य एवं लखपति दीदी सम्मिलित होंगे। प्रथम पाली में प्रातः 10ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे तक एवं द्वितीय पाली में दोपहर 02ः00 बजे से शाम 05ः00 बजे तक कार्यक्रम आयोजित होगा। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि इसकी शुरुआत गुरुवार 29 मई को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत सहकारी समिति झालखम्हरिया एवं खट्टी से होगा। जिसके सफल संचालन के लिए श्री मनीराम उईके वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोनों पालियों में 7-7 ग्राम पंचायत के कृषक सम्मिलित होंगे। इसी तरह पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत प्रथम पाली में सहकारी समिति किशनपुर एवं द्वितीय पाली में टेंका में कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें क्रमशः 9 एवं 7 ग्राम पंचायत शामिल होंगे। अभियान के संचालन हेतु श्री रोहित कुमार बरिहा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। इसी तरह सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत प्रथम पाली में क्लस्टर ग्राम पंचायत गेर्रा मिडिल स्कूल एवं द्वितीय पाली में छिबर्रा पंचायत भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें क्रमशः 2 एवं 4 ग्राम पंचायत शामिल होंगे। इसके लिए श्री बी.एल. मिर्धा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

रायपुर : नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान

रायपुर : नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान मनरेगा के तहत बने चेकडेम से 20 किसानों के 17 एकड़ भूमि में बढ़ी सिंचाई सुविधा रायपुर नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कानकिसान की मेहनत सफल तभी हो सकती है जब किसान के पास समय पर सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो। ग्राम पंचायत बरदर में नाले के किनारे रहने वाले कई किसानों के पास सिंचाई का संसाधन न होने से उन्हें अपने खेतों से मनचाहा लाभ नहीं मिल पाता था। गांव के किनारे बहने वाले नाले से पूरा बारिश का पानी बहकर आगे हसदेव नदी में जाकर मिलता था और उसके बाद गर्मी आते तक वह नाला पूरी तरह से जल विहीन हो जाता था। बारिश में खेतों मे कटाव करके बहने वाली बारिश का पानी बाद में सिंचाई तो दूर उनके पशुओं के लिए पेयजल भी नहीं दे पाता था। लेकिन बीते वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए गए एक पक्के चेक डेम से अब गांव का एक कोना हर मौसम में हरा भरा रहता है। यहां आधा दर्जन किसान पंपों के सहारे अपने 17 एकड़ से अधिक खेतों में सिंचाई का लाभ लेते हुए दो फसलें और तीन फसलें तक लेने लगे हैं। मई की तपती गर्मी में भी बरदर के दर्जन भर किसानों के खेतों में उड़द की फसल लहलहा रही है।  मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के जनपद पंचायत खड़गवां का एक ग्राम पंचायत बरदर है। यहां गांव के किनारे से एक मोरघनिया नाला बहता है। यह एक बरसाती नाला है जिसमे बारिश में तो पर्याप्त जल रहता था। लेकिन बारिश खत्म होने के बाद से इसमें जल कम होने लगता था और गर्मी आते तक यह पूरी तरह से सूख जाता था। इस नाले को नरवा विकास के तहत चयनित कर इसका सर्वे किया गया और उपयुक्त जगह पर गत वर्ष एक पक्का चेक डेम बनाया जाना प्रस्तावित किया गया। ग्राम सभा से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार कार्य की स्वीकृति प्रदान करते हुए ग्राम पंचायत बरदर को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी सहायक राहुल की देखरेख में ग्राम पंचायत ने समय सीमा में कार्य को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा किया। इस कार्य से एक हजार से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार भी ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। चेक डेम बन जाने के बाद यहां बड़ी मात्रा में जल संचय किया जा रहा है। चेकडेम से पीछे लगभग एक किलोमीटर तक बैकवाटर होने से आस पास का जल स्तर बेहतर हो रहा है। साथ ही किसानों को अपनी फसलों में सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भी उपलब्ध हो पा रहा है। मोरघनिया नाले में बने चेक डेम से ग्राम पंचायत में रहने वाले किसान सत्यनारायण, फागुनाथ सिंह, राजकुमार, बलदेव, बाबूलाल, राजकिशुन, सुरेश और शिवप्रसाद जैसे कुल 20 किसानों के लगभग 17 एकड़ से अधिक भूमि में दो फसली सिंचाई सुविधा बढ़ गई है। इन किसानों ने बताया कि पहले सूख जाने वाले नाले में चेकडेम बन जाने से सिंचाई की दिक्कत समाप्त हो गई हैं अब हम अपनी मर्जी से फसलों की बुआई करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं। वर्तमान में इस चेक डेम से लगी भूमि से लगभग दस एकड़ में उड़द और सब्जी की फसल लगी हुई है। इसके पहले किसानों ने धान और गेहूं की भरपूर फसल लेकर अच्छा मुनाफा कमाया है। कुल मिलाकर एक संसाधन से कई घरों में जीवन की शैली और स्तर में परिवर्तन साफ नजर आ रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी नरेगा के तहत बने एक पक्के चेक डेम ने उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में परिवर्तन लाना आरंभ किया है।

रायपुर : खेल विभाग में सीधी तथा संविदा पदों पर होगी शीघ्र भर्ती: खेल मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर : खेल विभाग में सीधी तथा संविदा पदों पर होगी शीघ्र भर्ती: खेल मंत्री टंक राम वर्मा राज्य खेल अलंकरण के लिए खिलाड़ियों से आवेदन पत्र आमंत्रित कराने के निर्देश खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर   खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में खेल विभाग में वित्त विभाग के अनुमति प्राप्त सीधी भर्ती तथा संविदा के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए है। उन्होंने राज्य खेल अलंकरण के लिए भी आवेदन पत्र आमंत्रित कराने के लिए अधिकारियों से कहा है। निवास कार्यालय रायपुर हुई बैठक में सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार सहित खेल संचालनालय के अधिकारी भी उपस्थित थे। खेल मंत्री वर्मा ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा संचालित खेल गतिविधियों, अधोसंरचनात्मक कार्यों, युवा गतिविधियों आदि विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने खेल अधिकारियों को राज्य खेल अलंकरण वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लिए आवेदन आमंत्रित करने हेतु विज्ञापन तत्काल जारी करने कहा। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग में स्वीकृत एवं वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त सीधी भर्ती तथा संविदा के रिक्त पदों पर शीघ्रातिशीघ्र भर्ती की कार्यवाही की जाए। छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2025-26 के बजट में सम्मिलित निर्माण कार्यों के प्रस्ताव, पारंपरिक खेलों की प्रतियोगिताओं का संभाग मुख्यालयों में आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियांे को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रचार प्रसार के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिलों को आबंटित राशि के मदवार समीक्षा करते हुए मैदानी स्तर पर कबड्डी मैट की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक ब्लॉक में नियमानुसार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने कहा। उद्योग समूहों के सी.एस.आर. मद से प्रारंभ की जाने वाली नवीन खेल अकादमियों की समीक्षा तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नवीन आवासीय अकादमी सी.एस.आर. मद से प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने खेल अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित कार्यों की स्वीकृति के लिए अपेक्षित जानकारियां जिलों से शीघ्र मंगाकर प्रस्ताव भेजा जाए इसके साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की विगत वर्षों की लंबित घोषणा की पूर्ति हेतु आगामी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। इसी तरह जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों में प्रशिक्षक (पास्ट चैम्पियन एथलीट) की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण केन्द्र के संचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

रेयान रिकेल्टन ने स्वीकार किया कि पीबीकेएस से सात विकेट की हार एक चेतावनी की तरह

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस (एमआई) के सलामी बल्लेबाज रेयान रिकेल्टन ने स्वीकार किया कि आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) से सात विकेट की हार एक चेतावनी की तरह है लेकिन उन्हें विश्वास है कि पांच बार की चैंपियन टीम में एलिमिनेटर जीतने के लिए जरूरी क्षमता है। मुंबई ने सोमवार को पंजाब के खिलाफ अपने अंतिम लीग मैच में हारकर शीर्ष दो में जगह बनाने का मौका गंवा दिया। इस हार के बाद अब उसे गुरुवार को एलिमिनेटर में उतरना होगा, जहां उसका सामना गुजरात टाइटंस (जीटी) या रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से होगा। रिकेल्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हमें इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। इसलिए यह हमारे लिए एक चेतावनी की तरह है।’’ इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि नॉकआउट से पहले मुंबई को कुछ क्षेत्रों में सुधार करना होगा। रिकेल्टन ने कहा, ‘‘यह अंत नहीं है। ईमानदारी से कहूं तो टीम बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है, हमें सिर्फ बल्ले, गेंद और क्षेत्ररक्षण में कुछ चीजों में और बेहतर करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास एलिमिनेटर जीतने के लिए कौशल और अच्छे खिलाड़ी हैं। हमारे खिलाड़ी निश्चित रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जिनमें हमें सुधार करने की जरूरत है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम अगले मैच में दमदार प्रदर्शन करेंगे।’’ वहीं, मुंबई के कप्तान हार्दिक पंड्या ने पंजाब के खिलाफ हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम ने 20 रन कम बनाए। मुंबई के 185 के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 18.3 ओवर में तीन विकेट पर 187 रन बनाकर जीत दर्ज की। हार्दिक ने कहा, ‘‘विकेट जिस तरह से खेल रहा था उसे देखते हुए हमने 20 रन कम बनाए। ऐसा होता है। हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन आज रात ऐसा नहीं कर पाए। हमने पांच ट्रॉफी जीती हैं, यह हमेशा मुश्किल रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप थोड़ा भी मौका देते हो तो दूसरी टीमें हावी हो जाती हैं। यह एक छोटी सी चूक है। यह अभी भी ताजा है, बाद में समस्याओं की पहचान की जाएगी। हालांकि हमारे बल्लेबाजों को 20 और रन बनाने के लिए मौकों का फायदा उठाने की जरूरत थी।’’  

सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली 18 माओवादियों ने किया सरेंडर, नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ के एंटी नक्सल ऑपरेशन पर तैनात सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण बस्तर डिवीजन और PLGA बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली सहित कुल 18 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित है। बीहड़ जंगलों में सुरक्षा बलों के नए कैंप खुलने और फोर्स के एक्शन से नक्सलियों में दहशत है। पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के डर से 18 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुकमा एसपी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सरेंडर करने वाले 2 पुरुष नक्सलियों पर 8-8 लाख, 1 पुरूष और 1 महिला नक्सली पर 5-5 लाख, 6 पुरुष नक्सलियों पर 2-2 लाख और 1 पुरुष नक्सली पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सरेंडर करने वालों में एक महिला और 18 पुरुष नक्सली शामिल है। सभी ने नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन के सामने बगैर हथियार सरेंडर किया है। सभी को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा। सुकमा के एसपी किरण जी चव्हाण ने बताया,”नियाद नेलनार’योजना से प्रभावित होकर आज 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 4 नक्सली बटालियन नंबर 1 से जुड़े हैं। 4 बटालियनों से संबंधित नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है। चूंकि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है,उन्हें राज्य सरकार के तहत चल रही सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। मैं सभी नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करता हूं।” इन नक्सलियों ने किया सरेंडर 1. मड़कम आयता, जिला सुकमा, PLGS बटालियन नंबर 1 हेर्ड क्वार्टर कंपनी नंबर 3, प्लाटून नंबर 2 सेक्शन ‘‘बी’’ का पीपीसीएम, इनामी 8 लाख 2. भास्कर उर्फ भोगाम लक्खा, सुकमा, पीएलजीए बटालियन नंबर-1, प्लाटून नंबर 3, सेक्शन ‘‘ए’’ का पार्टी सदस्य, इनाम 8 लाख 3. मड़कम/कलमू देवे सुकमा , दक्षिण बस्तर डिवीजन टेलर टीम कमाण्डर (एसीएम) इनाम 5 लाख 4. लक्ष्मण उर्फ माड़वी छन्नू, सुकमा, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो सप्लाई टीम सदस्य/एसीएम इनाम 05 लाख 5. हेमला मंगलू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सरकार डीएकेएमएस अध्यक्ष कमेटी जन सम्पर्क शाखा अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 6. कुंजाम भीमा, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी मिलिशिया इनचीफ ईनाम 2 लाख 7. मड़कम भीमा, सुकमा, साकलेर आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, इनाम 2 लाख 8. मुचाकी मंगा, सुकमा, भण्डारपदर आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 9. कोरसा संतोष उर्फ सोमलू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 10. तेलाम माड़ा, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, इनाम 2 लाख 11. वेट्टी बण्डी उर्फ देवेन्द्र कुमार, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मेडिकल टीम अध्यक्ष 12. सोयम हिंगा, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मिलिशिया सदस्य 13. माड़वी मुन्ना, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मिलिशिया सदस्य 14. माड़वी गंगा, बीजापुर, कोमटपल्ली आरपीसी मिलिशिया 15. पदाम सुकालू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सरकार मेडिकल कमेटी अध्यक्ष 16. डोडी मंगलू उर्फ मधु, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम 1 लाख 17. माड़वी लच्छु, सुकमा, नागाराम आरपीसी मिलिशिया सदस्य 18. हेमला हड़मा, जिला सुकमा, नागाराम आरपीसी मिलिशया सदस्य लीडर के मारे जाने से नक्सल संगठन में दहशत दरअसल, नक्सल लीडर और संगठन के महासचिव खूंखार नक्सली नंबाला उर्फ बसवा राजू के अबूझमाड़ में मारे जाने के बाद माओवादी संगठन में दहशत है। एनकाउंटर में मारे जाने के डर से नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। इससे पहले बीजापुर जिले में 32 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। छत्तीसगढ़ के नक्सली पड़ोसी राज्य तेलंगाना में भी सरेंडर कर रहे हैं। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के दौरान तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। बता दें कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन मार्च-2026 तय की गई है। इसके बाद से बस्तर संभाग के नक्सल क्षेत्र में सुरक्षा बलों का एक्शन लगातार जारी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

जल बचायें, क्योंकि जल की हर बूंद में समाया है जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शीतलदास की बगिया में घाटों की सफाई की सफाई मित्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की सुबह भोपाल शहर स्थित शीतलदास की बगिया पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के घाटों की सफाई में सेवा कार्य (श्रमदान) किया और सफाई मित्रों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां घाटों की सफाई की। मुख्यमंत्री ने सफाई नौका में बैठकर सफाई कर्मियों से चर्चा की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने की आत्मीय अपील भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से आव्हान किया कि हर संभव तरीके से जल बचाईये, क्योंकि जल की हर बूंद में जीवन है, अमृत है। इसकी हर बूंद में हमारा सुनहरा भविष्य समाया है। जल बचाना हमारी आज की जरूरत भी है और बेहतर कल के लिए जिम्मेदारी भी। आज जल बचेगा, तभी हमारा कल सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी संभव उपाय किये जायें। जल बचाना सिर्फ सरकार की ही क्यूं, पूरे समाज, हर वर्ग, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आज जल सहजेंगे, तभी तो हमारा आने वाला कल संवरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत उपयोग के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जिसके तहत पुरानी बावड़ियों, कुंओं, तालाबों, सरोवरों और अन्य परम्परागत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अपने-अपने स्तर पर पानी बचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है, यह पुण्य भावना प्रदेश के हर नागरिक के मन में होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफाई मित्रों को “सफाई दूत” निरुपित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि हमारे जीवन की शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि अपने घर, आस-पड़ोस और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता दें और जल स्रोतों की स्वच्छता व संरक्षण को प्राथमिकता दें। बड़ा बाग की पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन भी किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शीतलदास की बगिया से बड़ा बाग स्थित ऐतिहासिक पुरानी बावड़ी पहुंचें और वहां जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम भोपाल द्वारा कराए जा चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विरासत से विकास” की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और पुरानी विरासतों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण के लिए अद्भुत व्यवस्थाएं बनाई थीं। आज जरूरत है कि हम उन ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन करें और उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संजोकर रखें। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सबकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूर्ण किए जाएं। इस दौरान लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम सभापति किशन सूर्यवंशी, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त, अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। बड़े बाग की पुरानी बावड़ी नगर निगम भोपाल के जोन क्रमांक 05 वार्ड क्रमांक 09 में स्थित जल संरचनाओं में बड़े बाग की बावड़ी का महत्वपूर्ण स्थान है। बावड़ी का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व किया गया था। बावड़ी तीन मंजिला है, इसकी दीवार सीढियों और मुंडेर से लेकर मेहराब तक बेल पत्तियां बनी है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम भोपाल द्वारा इस बावड़ी से प्लास्टिक वेस्ट, फ्लोटिंग पदार्थ एवं लगभग 40 क्यूबिक मीटर सिल्ट निकाली गयी। बावड़ी की दीवारों से नुकसानदेह खरपतवार को अलग किया गया, जिससे बावड़ी की आवक क्षमता 2000 लीटर प्रति घंटा हो गयी है। वर्तमान में इसके जल का उपयोग निस्तार कार्यों में हो रहा है। बावड़ी में दीवारों एवं सीढ़ियों की मरम्मत कर इनकी रंगाई-पुताई, पलेग स्टोन बिछाने एवं लोहे की जाली (फेब्रीकेशन) लगाने का कार्य भी किया गया है।  

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत, ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, जानें कब तक कर सकते हैं दाखिल

नई दिल्ली इनकम टैक्स विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा में यह विस्तार टैक्सपेयर्स को दस्तावेज एकत्र करने और दिशा-निर्देशों और अनुपालन मानदंडों में बदलावों के साथ तालमेल बिठाने के लिए अधिक समय प्रदान करेगा। आईटीआर फॉर्म, सिस्टम डेवलपमेंट की जरूरतों और टीडीएस क्रेडिट रिफ्लेक्शन में कई महत्वपूर्ण संशोधन हुए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ट्वीट किया, “इससे सभी के लिए एक सहज और अधिक सटीक फाइलिंग अनुभव सुनिश्चित होगा। औपचारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।” यह फैसला इस साल ITR फॉर्म में किए गए महत्वपूर्ण अपडेट, फाइलिंग सिस्टम में आवश्यक समायोजन और TDS क्रेडिट रिफ्लेक्शन में देरी के मद्देनजर लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, आईटीआर की डेडलाइन सभी कैटेगरी के टैक्‍सपेयर्स के लिए एक सहज और अधिक सटीक टैक्‍स फाइलिंग अनुभव सुनिश्चित करना है. CBDT ने कहा कि संशोधित समयसीमा के बारे में औपचारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी. यह विस्तार सैलरीड कर्मचारी, कारोबारी और अन्य नॉन-ऑडिट टैक्‍सपेयर्स को बहुत जरूरी राहत प्रदान करता है, जिन्हें आम तौर पर फाइलिंग सीजन के दौरान अंतिम समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. टैक्‍सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे अतिरिक्त समय का उपयोग फॉर्म 26AS को सत्यापित करने, टीडीएस क्रेडिट का मिलान करने और सटीक रिटर्न दाखिल करने में करें. 12 लाख तक की टैक्‍स छूट,लेकिन… गौरतलब देश में 1 अप्रैल 2025 से न्यू टैक्स रिजीम लागू हो चुके हैं. 12 लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा न्यू टैक्स रिजीम के साथ 75000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन का भी लाभ मिलने वाला है. यानी जिनकी सैलरीड इनकम सालाना 12.75 लाख रुपये है, उन्हें कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. बता दें, इससे पहले न्यू टैक्स रिजीम 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता था. इसका सबसे ज्यादा फायदा मिडिल क्लास को होना है. हालांकि आईटीआर भरने में इस बार 12 लाख टैक्‍स छूट का लाभ नहीं मिलेगा, क्‍योंकि यह आईटीआर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भरा जाएगा और टैक्‍स छूट वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया गया है.   ITR की लास्‍ट डेट चूकने के बाद क्‍या होगा? अगर आपने नियत तिथि तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है, जो अब 15 सितंबर, 2025 है, तो आपके पास अभी भी विलंबित रिटर्न दाखिल करने का विकल्प है. हालांकि आपको लागू विलंब शुल्क देना पड़ेगा, लेकिन अधिकांश कटौती और छूट उपलब्ध रहेंगी.  वहीं आप किसी भी नुकसान को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए विलंबित रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 है.

युक्तियुक्तकरण से विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। मुख्यमंत्री साय  ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा। स्कूल शिक्षा सचिव ने जानकारी दी कि एक ही परिसर में पढ़ाई की निरंतरता बने रहने से बच्चों की ड्रॉपआउट दर घटेगी, और छात्र ठहराव दर में सुधार होगा।शालाओं के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को बार-बार प्रवेश लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा यात्रा अधिक सहज और निरंतर होगी। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से विद्यालय परिसरों में बेहतर अधोसंरचना तैयार करना भी सरल होगा, जिसमें पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सुविधाएं साझा की जा सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है, जहां एकीकृत परिसर में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि  इस प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक समन्वय किया गया है, न कि किसी पद को समाप्त किया गया है। इस कदम से शिक्षकों का न्यायसंगत वितरण संभव होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकेगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्रों और शिक्षकों के अनुपात के प्रावधानों का पालन करते हुए युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिसकी राज्य में  शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। “छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल वर्तमान शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी, सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था का आधार तैयार करेगी।स्कूल शिक्षा विभाग का स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का दूरदर्शी निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा मंर एक सशक्त पहल है।युक्तियुक्तकरण से न केवल शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

एम्स भोपाल ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कसी कमर, 20 बेड का वार्ड तैयार,टास्क फोर्स का किया गठन

भोपाल देश में कोरोना के दो नए वैरिएंट के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। मध्यप्रदेश में अब तक इंदौर में 6 मामले ही सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य संस्थाओं को सारी तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं। एम्स भोपाल ने भी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक एम्स में 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार कर लिया गया है। वहीं वेंटीलेटर से युक्त एक आईसीयू भी कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। जबकि जिला अस्पताल जेपी और हमीदिया में किसी तरह की तैयारी नहीं दिख रही है। लोगों को जागरूक होना जरूरी कोरोन के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट (जेएन. 1) के दो सब-वैरिएंट (एनबी. 1.8.1 और आईएफ 7) एक्टिव हैं। एमपी में अभी तक इंदौर में 6 मरीज मिले हैं। जिसमें से एक वृद्धा की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को जागरूक होना जरूरी है। जो लोग विदेश से यात्रा कर लौटे हैं, उन्हें एहतियातन जांच कराना चाहिए। यदि सर्दी-जुकाम या वायरल से पीड़ित होते हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और ट्रैवल हिस्ट्री भी न छिपाएं। चार साल में धूल खा रही मशीन हमीदिया अस्पताल में कोरोना के वैरिएंट की जांच करने वाली जीनोम सिक्वेसिंग मशीन धूल खा रही है। गौरतलब है कि चार साल पहले कोरोना लहर के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने जीएमसी में पांच करोड़ रुपए की लागत से जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन स्थापित की थी। लेकिन तब से अब तक इस मशीन से एक भी टेस्ट नहीं हो सका। यही नहीं जीएमसी की वायरोलॉजी लैब की हालत भी खराब है। यहां कोरोना टेस्ट के लिए रिएजेंट तक नहीं है।  नए वेरिएंट से डर नहीं बचाव है जरूरी एक बार फिर कोरोनावायरस (Coronavirus in Madhya Pradesh) ने अपना डरावना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत के भी 20 राज्यों में Covid-19 मरीजों की बड़ी संख्या सामने आ रही है. कोविड-19 के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के असर से मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं है. इंदौर और उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. अब कोविड के नए रूप के बीच एमपी और राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या हाल है और खुद को कैसे बचाना है, भोपाल के वरिष्ठ डॉक्टर सुरेशचंद्र शर्मा से जानिए. कोरोनावायरस के नए वेरिएंट के बढ़ते असर के बीच भोपाल के रेडक्रॉस हॉस्पिटल में एडिशनल सुपरीटेंडेंट वरिष्ठ डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इस नए वायरस का राजधानी भोपाल में अब तक तो कोई खास असर नहीं दिखा है, हां बस वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है लेकिन वो कोविड नहीं है. कोरोना का ये वेरिएंट जरूर नया है, पर हमें अपनी वही पुरानी आदत जैसे- मास्क लगाना और लगातार हाथ धुलने की आदत को अपनाना होगा. कोरोना के खिलाफ एक ही ब्रह्मास्त्र कोविड-19 के दो नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के भारत में केस मिलने के बाद पब्लिक में डर को लेकर डॉ शर्मा ने कहा कि इस वायरस से डरने की नहीं बल्कि हमें वही अपनी पुरानी आदतों को अपनाना होगा. इसके साथ ही कोरोना के खिलाफ हमें सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र यानी सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करना है. इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अभी जाने से बचना है. बाकी इस बीमारी में डर नहीं बस सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य प्रदेश कोविड से लड़ाई को कितना तैयार? दुनियाभर के कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते केस का डर भारत में भी दिखने लगा है. जिसके चलते केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारें भी स्वास्थ सुविधाओं को पुख्ता करने में जुट गई हैं. कोरोना के इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. जिसके बाद राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सीएमएचओ समेत बड़े अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया. भोपाल के सीनियर डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने तैयारियों को लेकर कहा कि भोपाल पूरी तरह से कोरोना के इस नए हमले से लड़ने को तैयार है. नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। एम्स पूरी तरह तैयार है। समय पर जांच, बेहतर इलाज और सही जानकारी देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को सही जानकारी मिले और डर की जगह सतर्कता बरती जाए। संस्थान ने तेज जांच और इलाज के लिए जरूरी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया है।  

MP में पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए मंगलवार को 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया. गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन अधिकारियों को एडिशनल एसपी और डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदोन्नत कर नई नियुक्तियाँ दी गई हैं. प्रमुख रूप से, 2013 बैच के सहायक सेनानी संजय कौल को डिप्टी कमांडेंट बनाकर 14वीं बटालियन SAF ग्वालियर में तैनात किया गया है. वहीं, नीरज कुमार ठाकुर को 25वीं बटालियन भोपाल में डिप्टी कमांडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भोपाल मुख्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारियों को AIG स्तर पर पदोन्नति दी गई है, जिनमें रवि कुमार द्विवेदी, अलरिज बिसेंट सिंह, विपिन शिल्पी और स्वाति मुराब वाडेकर शामिल हैं. विशेष शाखा, SAF, RAPTC, हॉक फोर्स, हाईकोर्ट सुरक्षा, और जिला इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है. गीता डोंगरे चौहान को एएसपी पीटीसी इंदौर, नरेश बाबू अन्नोटिया को एएसपी ट्रैफिक इंदौर और दीपक नायक को एडिशनल डीसीपी सुरक्षा भोपाल नियुक्त किया गया है. गृह विभाग ने जारी किया आदेश, पुलिस विभाग में संतुलन बनेगा इसके अलावा, रणजीत सिंह राठौर, सुभाष शर्मा, वेदांत प्रकाश शर्मा, सूरजमल राजोरिया, अजय प्रिय आनंद और निहित उपाध्याय सहित कई अधिकारियों को अलग-अलग बटालियनों और इकाइयों में डिप्टी कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया है. गृह विभाग की इस कार्यवाही को पुलिस महकमे के भीतर नेतृत्व और जिम्मेदारियों में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. दीपक नायक, अमित कुमार, नदीम को भोपाल में मिली जिम्‍मेदारी दीपक नायक, सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा भोपाल में नियुक्त किया गया है. अमित कुमार मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (स्टाफ ऑफिसर), पुलिस कमिश्नर कार्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. नदीम उल्लाह खान, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल को उप सेनानी, सुरक्षा वाहिनी, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. सुरेश कुमार दामले, एसडीओपी बरेली, जिला रायसेन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल नियुक्त किया गया है. नरेश बाबू, गीता डोंगरे को इंदौर में मिली नई जिम्‍मेदारी नरेश बाबू अन्नोटिया, सहायक पुलिस आयुक्त ट्रैफिक जोन 1, नगरीय पुलिस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस उपयुक्त ट्रैफिक, इंदौर में पदस्थ किया गया है. गीता डोंगरे चौहान, उप पुलिस अधीक्षक पीटीएस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इंदौर में पदोन्नति दी गई है. अजय प्रिय आनंद बालाघाट तो निहित उपाध्याय पहुंचे छिंदवाड़ा अजय प्रिय आनंद, सहायक सेनानी 23वीं बटालियन भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ किया गया है. निहित उपाध्याय, सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा में नियुक्त किया गया है. रविंद्र कुमार बोयट, एसडीओपी मूंदी, नर्मदा नगर जिला खंडवा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आगर मालवा में पदस्थ किया गया है सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीओपी पोहरी, जिला शिवपुरी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला दमोह में तैनाती मिली है. ज्योति उमठ, नगर पुलिस अधीक्षक गुना को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन में पदोन्नत किया गया है. भावना मरावी, एसडीओपी गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर में पदस्थ किया गया है.

रेलकर्मी की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास में गिरते यात्री को बचाया

रेलकर्मी की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास में गिरते यात्री को बचाया भोपाल एक्सप्रेस के ट्रेन मैनेजर की तत्परता से एक यात्री की जान बची भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण दिनांक 26 मई 2025 को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब एक सतर्क रेलकर्मी की तत्परता से एक यात्री की जान बचाई गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि दिनांक 26.05.2025 की रात लगभग 22:40 बजे जब गाड़ी संख्या 12155 भोपाल एक्सप्रेस रानी कमलापति स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 से रवाना हो रही थी, तभी एक यात्री—कपिल लीलानी, निवासी विदिशा (उम्र 45 वर्ष)—चलती ट्रेन के पीछे दौड़ते हुए उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन के अंतिम छोर पर पहुँचते ही जैसे ही उन्होंने डिब्बे के हैंडल को पकड़ने का प्रयास किया, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर पड़े। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर वैभव भारतीय ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे यात्री एक गंभीर दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। इसके बाद उन्होंने यात्री को ब्रेक वैन में लाकर न केवल उनकी स्थिति की जानकारी ली, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य जांच भी सुनिश्चित की। जब यात्री की हालत सामान्य पाई गई, तब ट्रेन को पुनः सावधानीपूर्वक रवाना किया गया।   घटना के समय ट्रेन में तैनात ट्रेन मैनेजर वैभव भारतीय ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे यात्री रन ओवर होने से बच गए। तत्पश्चात उन्होंने यात्री को ब्रेक वैन में लाकर प्राथमिक पूछताछ की तथा उनकी चोटों का जायजा लिया। यात्री की स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने पुनः ट्रेन को रवाना किया। रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास न करें। ऐसे प्रयास जानलेवा हो सकते हैं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकते हैं।

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