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मीरा राजपूत ने शेयर की पहाड़ों में बिताए खूबसूरत पलों की तस्वीरें, स्वादिष्ट बर्फी का लुत्फ उठाती आईं नजर

मुंबई,  शाहिद कपूर की पत्नी, मीरा राजपूत ने सोशल मीडिया पर पहाड़ों में बिताए खूबसूरत पलों को साझा किया। उन्होंने अपने परिवार के साथ समय बिताया, प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और वहां के स्थानीय व्यंजन का लुत्फ उठाया। मीरा ने इंस्टाग्राम पर कई खूबसूरत तस्वीरें शेयर की। इन तस्वीरों में खिलते फूल, सुंदर वादियां, पहाड़ी मिठाइयां और उनकी बेटी की खास कलाकारी नजर आ रही है। तस्वीरों को देख साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह ट्रिप उनके लिए बहुत ही खुशहाल और यादगार रहा। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरों में पहली फोटो में पहाड़ों की खूबसूरत वादियां नजर आ रही हैं। इसके बाद दूसरी तस्वीर में वह पहाड़ी बर्फी का आनंद लेती दिख रही हैं। तीसरी तस्वीर में खिलता हुआ सुंदर फूल है। अन्य तस्वीरें उनके ट्रिप की मस्तियों को बयां कर रही हैं। पोस्ट में शेयर की गई हर एक फोटो के बारे में बताते हुए मीरा ने लिखा, ”बीता हुआ हफ्ता- आखिर तक स्क्रॉल करें मेरे पसंदीदा पलों के लिए: पहली तस्वीर: पहाड़-जो ताजगी देते हैं, दूसरी तस्वीर: मिठाइयां-हर पहाड़ी जगह में एक मिठाई की दुकान होती है जहां सबसे अच्छी बर्फी मिलती है। तीसरी तस्वीर: खुशी के फूल, चौथी तस्वीर: मैं बचा हुआ खाना खत्म करती हूं। पांचवीं तस्वीर: मिस्सी की जीत का जश्न, छठी तस्वीर: मेरा गर्व, सातवीं तस्वीर: मुंबई की स्ट्रीट आर्ट जिसे मिस नहीं किया जा सकता।” इससे पहले पोस्ट में मीरा ने अपने देवर और अभिनेता ईशान खट्टर को अपना ‘फैन’ बताया था। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर एक सेल्फी शेयर की थी, जिसमें वह एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए नजर आए। दोनों कैमरे की ओर मुस्कुराते हुए पोज दे रहे थे। इस तस्वीर के कैप्शन में मीरा ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ”सच बताती हूं, ये फैन हैं।” बता दें कि शाहिद कपूर ने मीरा राजपूत से साल 2015 में शादी की थी। उस वक्त मीरा सिर्फ 20 साल की थीं। दोनों की अरेंज मैरिज थी। शाहिद को पहली ही मुलाकात में मीरा काफी पसंद आ गई थीं, लेकिन मीरा ने हां कहने में करीब छह महीने लगाए। साल 2016 में इस कपल ने बेटी मिशा का स्वागत किया। इसके बाद साल 2018 में बेटे जैन ने जन्म लिया।  

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही

भोपाल कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही है। अमृतसर सांसद गुरमीत सिंह औजला ने तीन दिन शहर में रहकर इसके लिए मंथन किया। इस दौरान कई नाम सामने आए, लेकिन प्रदेश प्रभारी के एक बयान से कई दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीर है। नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी एक दिन पहले प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी(Harish Chaudhary) और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया विभाग की वर्चुअली मीटिंग ली थी। इसमें चौधरी ने कहा था कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी, लेकिन 45 वर्ष से अधिक के नेताओं को अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। कई नेताओं की उम्र 45 वर्ष से अधिक इंदौर में दावेदारी करने वाले कई नेता 45 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं। ऐसे में अरविंद बागड़ी, अश्विन जोशी जैसे नेताओं की दावेदारी खटाई में पड़ सकती है। हालांकि चौधरी ने विशेष परिस्थितियों में रियायत देने की बात भी कही है।

किन चीजों का गुप्त दान करने से मिलता है पुण्य फल?

हिंदू धर्म में दान को पुण्य का सबसे बड़ा साधन माना जाता है। दूसरों की भलाई के लिए किया गया दान ना केवल जीवन को सुखमय बनाता है, बल्कि भगवान का आशीर्वाद भी दिलाता है। कुछ गुप्त दान ऐसे हैं, जो रंक को राजा बना सकते हैं। आइए, जानें 5 ऐसी चीजों के दान के बारे में, जो पुण्य फल प्रदान करते हैं। माचिस का दान मंगलवार को माचिस का गुप्त दान हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन माचिस दान करने से जीवन के कई कष्ट, जैसे आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बाधाएं दूर होती हैं। यह दान गुप्त रूप से करें, ताकि इसका पुण्य फल दोगुना हो। नमक का दान नमक का दान हिंदू धर्म में महापुण्य का कार्य माना जाता है, खासकर जब इसे भंडारे में किया जाए। भंडारे में नमक दान करने से ना केवल जरूरतमंदों का भोजन स्वादिष्ट बनता है, बल्कि यह आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाता है। इस गुप्त दान से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। आसन का दान मंदिर में आसन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है। जब भक्त इस आसन पर बैठकर पूजा करते हैं, तो उसका कुछ पुण्य आपको भी प्राप्त होता है। आसन का दान करने से जीवन में शांति, सुख और आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह दान भगवान के प्रति आपकी श्रद्धा को दर्शाता है और आपके कार्यों में सफलता दिलाता है। लोटा का दान मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए लोटा दान करना महादेव को प्रसन्न करने का सरल तरीका है। यह गुप्त दान भगवान शिव की कृपा दिलाता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। लोटा दान करने से परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। दीपक का दान कार्तिक मास में मिट्टी के दीयों का दान मंदिर में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दान माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रसन्न करता है। दीपक का प्रकाश नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सकारात्मकता लाता है। इस दान से पूजा का पूरा फल मिलता है और जीवन में समृद्धि आती है। गुप्त दान से सुख-शांति माचिस, नमक, आसन, लोटा और दीपक का गुप्त दान हिंदू धर्म में पुण्य फल देने वाला माना जाता है। ये छोटे-छोटे दान जीवन से कष्टों को हटाते हैं और सुख, समृद्धि व ईश्वर का आशीर्वाद दिलाते हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए गुप्त दान करें और पुण्य अर्जित करें।  

विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स’ अब ‘द बंगाल फाइल्स’ नाम से होगी रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड फिल्मकार विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स’ अब ‘द बंगाल फाइल्स’ नाम से रिलीज होगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री अब अपनी ट्रिलॉजी की तीसरी फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स: द बंगाल चैप्टर’ के साथ तैयार हैं, जिसे अब ‘द बंगाल फाइल्स: राइट टू लाइफ’ नाम से रिलीज़ किया जाएगा। यह फिल्म 05 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म के मेकर्स अभिषेक अग्रवाल, पल्लवी जोशी और विवेक अग्निहोत्री ने ये फैसला खासतौर पर पब्लिक डिमांड पर लिया है। ये फिल्म विवेक रंजन अग्निहोत्री की फाइल्स ट्रिलॉजी की तीसरी किस्त है, जिसमें इससे पहले ‘द ताशकंद फाइल्स’ (2019) और ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) आ चुकी हैं। अगली फिल्म 1940 के दशक में विभाजन से पहले वाले बंगाल में हुए सांप्रदायिक दंगों पर आधारित है, खासतौर पर डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखाली दंगों पर फोकस करती है। विवेक अग्निहोत्री ने इन घटनाओं को हिंदुओं का नरसंहार बताया है और इस फिल्म के ज़रिए वो भारतीय इतिहास के इस अनदेखे हिस्से को सामने लाना चाहते हैं।इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर और पल्लवी जोशी जैसे शानदार कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। शूटिंग के दौरान कई मुश्किलें आईं, खासकर सुरक्षा को लेकर, जिसकी वजह से कोलकाता के बजाये मुंबई में फिल्माया गया। बावजूद इसके, विवेक अग्निहोत्री और उनकी टीम ने ये प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है और अब ये अहम कहानी पूरे देश के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं। ‘द दिल्ली फाइल्स’ को विवेक अग्निहोत्री ने लिखा है और इसे अभिषेक अग्रवाल और पल्लवी जोशी ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म तेज नारायण अग्रवाल और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस द्वारा पेश की गई है।  

ऑपरेशन सिंदूर का इनाम, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को मिला प्रमोशन

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ पिछले महीने हुए संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने वाले डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को प्रमोशन दिया गया है. जनरन घई ऑपरेशन सिंदूर के बारे में प्रेस ब्रीफिंग से चर्चा में आए थे. पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष में वो सेना का प्रमुख चेहरा रहे हैं. उनके प्रमोशन को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का इनाम के तौर पर देखा जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रेस ब्रीफिंग कर चर्चा में आए लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को प्रमोशन मिला है. उन्हें डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) के पद पर पदोन्नत किया गया है. भारतीय सेना के सभी ऑपरेशनल वर्टिकल डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सुरक्षा) को रिपोर्ट करेंगे. लेफ्टिनेंट जनरल घई सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) का कार्यभार संभालते रहेंगे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया था प्रेस कॉन्फ्रेंस लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान के साथ जारी संघर्ष पर जानकारी देते थे. उन्होंने सीजफायर के बाद भी प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था और बताया था कि पाकिस्तानी डीजीएमओ के साथ उनकी बात हुई थी. जिसमें पाकिस्तान की ओर से युद्ध विराम के बारे में गुहार लगाई गई थी. तब भारत ने अपनी शर्तों के आधार पर सीजफायर के लिए तैयार हुआ. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम) से हुए सम्मानित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 4 जून को सशस्त्र बलों के कई शीर्ष अधिकारियों और भारतीय तटरक्षक बल तथा सीमा सड़क संगठन के अन्य कर्मियों को असाधारण सेवा प्रदान करने के लिए विशिष्ट सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया था. सम्मान पाने वालों में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भी शामिल थे. सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम) से सम्मानित किया गया.  

रवि शास्त्री ने विकेट के पीछे माही की बिजली सी फुर्ती की तुलना पॉकेटमार से की है, इस अंदाज में की एमएस धोनी की तारीफ

नई दिल्ली महान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने की उपलब्धि। भारत के 11वां क्रिकेटर बनने का सौभाग्य जिन्हें यह सम्मान मिल चुका है। एमएसडी के इस मील के पत्थर को छूने पर पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री ने खास अंदाज में उनकी तारीफ की है। उन्होंने विकेट के पीछे माही की बिजली सी फुर्ती की तुलना पॉकेटमार से की है। शास्त्री ने कहा कि उनके हाथ तो पॉकेटमार के हाथ से भी तेज चलते हैं। बड़े मैच में बतौर बल्लेबाज आप नहीं चाहेंगे कि विकेट के पीछे धोनी हो। बटुआ गायब हो जाएगा। महेंद्र सिंह धोनी का विकेट के पीछे होना ही बल्लेबाजों के लिए खतरे की घंटी होती है। कहते हैं न कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। जरा सी चूक हुई और बल्लेबाज को पवैलियन का रास्ता नापना पड़ जाता था। पूरी दुनिया उनकी कप्तानी, बल्लेबाजी और उससे भी कहीं ज्यादा विकेटकीपिंग की कायल रही है। रवि शास्त्री ने विकेट कीपिंग के दौरान उनके हाथों की तेजी की तुलना पॉकेटमार से की है। आईसीसी समारोह के दौरान शास्त्री ने कहा, ‘उनके हाथ पॉकेटरमार से भी तेज हैं। अगर आप कभी भारत में हों और किसी बड़े मैच के लिए जा रहे हों, खासकर अहमदाबाद में तो आप कभी यह नहीं चाहते कि एमएस आपके पीछे हों; पीछे देखिए। बटुआ गायब हो जाएगा।’ शास्त्री ने कहा कि धोनी हमेशा अपने भावनाओं पर नियंत्रण रखते हैं। वह शतक बनाएं या बिना खाता खोले आउट हों, एक जैसे रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘जब कभी वह शून्य पर आउट होते हैं तब भी वैसे ही रहते हैं जब वह विश्व कप जीतते हैं। शतक बनाने पर भी वैसे ही रहते हैं, दोहरा शतक पर भी वैसा ही रहते हैं।’ महेंद्र सिंह धोनी अपनी कप्तानी में भारत के सिर पर टी-20 और वनडे वर्ल्ड कप का ताज सजा चुके हैं। अपने नेतृत्व में चैंपियंस ट्रॉफी का सिरमौर बना चुके हैं। अब वह आईसीसी हॉल ऑफ फेम का हिस्सा हैं।  

रायपुर में नकली माइनिंग अधिकारी बनकर वसूली की कोशिश, दो गिरफ्तार

रायपुर  खुद को खनिज विभाग का अधिकारी बताकर हाइवा चालकों से अवैध रूप से वसूली करने की कोशिश कर रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी अविनाश शर्मा और विनय यादव फर्जी खनिज अधिकारी बनकर नया रायपुर क्षेत्र में हाइवा वाहनों और ट्रकों को रोककर वाहन चालकों से पैसा मांग रहे थे. हाइवा चालकों को शक हुआ कि दोनों युवक सरकारी अधिकारी नहीं हैं, क्योंकि दोनों के पास कोई आधिकारिक आईडी या अनुमति पत्र नहीं था. इसके बाद ट्रक चालकों ने इसकी सूचना थाना राखी पुलिस को दी. सूचना मिलते ही राखी थाना की टीम मौके पर पहुंचकर दोनों से पूछताछ की. पहले तो दोनों ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताया, लेकिन जब पुलिस ने उनसे पहचान पत्र और सरकारी दस्तावेज मांगे, तो वे घबरा गए और साफ हो गया कि वे फर्जी अधिकारी हैं. पुलिस ने तत्काल दोनों आरोपियों – अविनाश शर्मा और विनय यादव को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान उन्होंने कबूल किया कि वे सरकारी अधिकारी नहीं हैं, और अवैध वसूली के इरादे से ट्रक चालकों को रोक रहे थे. पुलिस ने उनके पास से एक फर्जी दस्तावेज, एक मोबाइल फोन और एक बाइक जब्त की है, जिसका इस्तेमाल वे वसूली में कर रहे थे. राखी थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS 296, 126, 308, 204,3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है. इसमें धोखाधड़ी, सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी करने और डराने-धमकाने जैसी धाराएं शामिल हैं. आरोपियों के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. पहले भी कर चुके हैं ठगी की कोशिश प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले भी अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की हरकत कर चुके हैं. वे रात के समय सुनसान रास्तों पर ट्रकों को रोकते थे और खुद को खनिज निरीक्षक बताकर चालकों से दस्तावेज मांगते थे. फिर छोटी-मोटी कमियों को बताकर जुर्माना या रिश्वत के नाम पर पैसे वसूलते थे. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इनके साथ अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं. जेल से निकलते ही फिर कर दिया कांड आरोपियों में शामिल आरंग के ब्राह्मणपारा निवासी अविनाश शर्मा के खिलाफ हाल ही में एक युवती ने लगातार अभद्र व्यवहार करने एवं अश्लील गालियों के साथ जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था. आरोपी अविनाश शर्मा युवती की फर्जी अश्लील फोटो को वायरल करने की धमकी दे रहा था, जिसे मना करने पर उसने मारपीट भी की. युवती की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था. जेल से बाहर निकलते ही फिर कांड कर दिया.

ठंडा पानी गर्मियों में आखिर क्यों पीना है अच्छा, जान लेंगे तो शुरू कर देंगे पीना

ठंडे पानी को पीने के हमेशा नुकसान बताए जाते हैं। लेकिन ऐसा नही है, एक नियत टेंपरेचर का पानी अगर पिया जाए तो ये सेहत के लिए फायदेमंद भी होता है। कई रिसर्च में पता चला है कि खास मौकों पर ठंडा पानी पीने से बॉडी को फायदा भी होता है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में रूम टेंपरेचर से ठंडे तापमान का पानी शरीर को ये 5 तरह के फायदे दे सकता है। जिसे जानने के बाद आप भी ठंडा पानी इन मौकों पर पीना शुरू कर देंगे। एक्सरसाइज के वक्त 2012 की स्टडी के मुताबिक एक्सरसाइज के बीच में कुछ घूंट ठंडे पानी की पीने से बॉडी ओवरहीट होने से बचती है और वर्कआउट करना आसान हो जाता है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में एक्सरसाइज करने से बॉडी तेजी से हीट होती है। जिससे शरीर जल्दी थक जाता है। थोड़ा सा ठंडा पानी आपके वर्कआउट को आसान बना देता और आप पूरी एक्सरसाइज कर पाते हैं। हार्ट बर्न के लिए पिएं ठंडा पानी खाना खाने के बाद काफी सारे लोगों को सीने में जलन या एसिडिटी की शिकायत हो जाती है। सीने में जलन से बचने के लिए थोड़े से घूंट ठंडे पानी के लेना अच्छा होता है। हालांकि, एक स्टडी के मुताबिक ठंडे पानी को अगर मुंह में कुछ देर के लिए रखकर कुल्ला कर लिया जाए। तो इससे एसिडिटी और हार्ट बर्न की प्रॉब्लम में आराम मिलता है। दरअसल, ठंडे पानी की मदद से वेगस नर्व्स स्टिमुलेट होती हैं और स्टमक एसिड न्यूट्रलाइज हो जाता है। जिससे एसिड रिफ्लक्स का अटैक भी कम हो जाता है। तो अगली बार जब हार्ट बर्न या एसिडिटी बने तो ठंडे पानी को पीने की बजाय कुल्ला करें। इससे राहत मिलेगी। वेट लॉस में मदद वेट लॉस करना चाहते हैं लेकिन ठंडा-ठंडा कुछ पीने का मन करता है तो उस वक्त किसी शुगरी ड्रिंक को पीने की बजाय ठंडा पानी पिएं। ये पानी आपके कैलोरी इनटेक को कम कर कुछ कैलोरी को बर्न करने में मदद करेगा। क्योंकि बॉडी को अपने अंदर के टेंपरेचर को मेंटने करने के लि कैलोरी को बर्न करने की जरूरत पड़ेगी। इसलिए जब कुछ शुगरी ड्रिंक गर्मी में पीने का मन करे तो ठंडा पानी पिएं। हाइड्रेटिंग और रिफ्रेशिंग तपती गर्मी में रूम टेंपरेचर से थोड़ा सा ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर तेजी से हाइड्रेट होता है और साथ ही रिफ्रेशमेंट भी मिलती है। ब्रेन फंक्शन स्मूद हो जाता है शरीर को मिलने वाला हाइड्रेशन माइंड को भी रिफ्रेश करता है। जिससे ब्रेन फंक्शन स्मूद हो जाता है और आप तेजी से काम कर पाते हैं। तो अगली बार ठंडा पानी पीने का मन करें तो इन मौकों पर पीकर फायदे उठाएं।  

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस, एक्टिव मामलों की संख्या 6815 के पार, नए XFG वैरिएंट ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली  देशभर में कोराना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या मंगलवार सुबह तक 6815 पहुंच गयी और पिछले 24 घंटों के दौरान इसके संक्रमण से तीन और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 68 पहुंच गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार आज सुबह आठ बजे तक 324 नए संक्रमण के मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय मामलों की संख्या 6,815 हो गई और इस बीमारी के संक्रमण से 7644 मरीज स्वस्थ हो गये हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से तीन और मरीजों की जान जाने से मृतकों की संख्या 68 हो गयी है। इस अवधि में राष्ट्रीय राजधानी, केरल और झारखंड से एक-एक मरीज की मौत हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मामले केरल में दर्ज किए गए हैं। देश में 30 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में कोरोना सक्रिय मामलों में वृद्धि हुई है। जिनमें से केरल, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य कोरोना संक्रमण के मामले में केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य है, जहां आज सुबह तक 96 सक्रिय मामले बढ़ने के साथ इसका आंकड़ा दो हजार पार कर 2053 तक पहुंच गया और दिल्ली में लगभग 37 मामलों के घटने से संक्रमितों की कुल संख्या 691 रह गई। इसके अलावा गुजरात में 1109, पश्चिम बंगाल में 747, महाराष्ट्र में 613, कर्नाटक में 559, तमिलनाडु में 207, उत्तर प्रदेश में 225, राजस्थान में 124, हरियाणा में 108, आंध्र प्रदेश में 86, पुड्डुचेरी में नाै, सिक्किम में 36, मध्य प्रदेश में 52, छत्तीसगढ में 44, बिहार में 48, ओडिशा में 39, पंजाब मेें 30, जम्मू-कश्मीर में नौ, झारखंड में छह, असम में तीन, गोवा में पांच, तेलंगाना में 10, उत्तराखंड में छह, हिमाचल प्रदेश तीन, चंड़ीगढ़ में दो और त्रिपुरा में एक सक्रिय मामले हैं। मिजोरम और अरुणाचल कोरोना का कोई मामला नहीं मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण को कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश में कोविड मामलों में मौजूदा उछाल ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट जैसे कि जेएन.1, एनबी.1.8.1, एलएफ.7 और एक्सएफसी के कारण है। इनमें संक्रमण की संभावना अधिक है, लेकिन इनमें लक्षण हल्के हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन्हें वर्तमान में निगरानी में रखे गए वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है – अभी तक चिंता का विषय नहीं है, लेकिन सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस बीच, कोरान के लिए जिम्मेदार वायरस सार्स-सीओवी-2 खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह अब अप्रत्याशित आपातकाल की तरह व्यवहार नहीं करता है – बल्कि, यह फ्लू की तरह बीमारियों के आवर्ती चक्र का हिस्सा बन गया है। कोरोना के मामलों में वृद्धि के जवाब में, केंद्र सरकार ने अस्पतालों की तैयारी और ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न राज्यों में मॉक ड्रिल शुरू की है। XFG वैरिएंट क्या है? द लैंसेट जर्नल के अनुसार, XFG वैरिएंट ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट का वंशज है, जिसे सबसे पहले कनाडा में पाया गया था. LF.7 और LP.8.1.2 से उत्पन्न हुआ XFG वैरिएंट में चार मुख्य स्पाइक म्यूटेशन (His445Arg, Asn487Asp, Gln493Glu, और Thr572Ile) हैं. रिसर्च में कहा गया है कि यह तेजी से विश्व भर में फैल गया है. XFG वैरिएंट में मजबूत इम्यूनिटी से भी बचने की क्षमता है जो वायरस को जिंदा रहने और फैलने का रास्ता देती है क्योंकि यह शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर बच निकलने में कामयाब हो सकता है. भारत में XFG कहां पाया गया है? INSACOG के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार: महाराष्ट्र में सबसे अधिक XFG मामले (89) दर्ज किए गए हैं, इसके बाद तमिलनाडु (16), केरल (15), गुजरात (11), तथा आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल (6-6) मामले हैं. इनमें से अधिकांश मामले (159) मई 2024 में सामने आए, जबकि अप्रैल और जून में 2-2 मामले सामने आए. XFG वैरिएंट पिछले वेरिएंट्स से कैसे अलग है? भारतीय वैज्ञानिक XFG पर करीबी नजर रख रहे हैं क्योंकि इसके स्पाइक प्रोटीन में कुछ म्यूटेशन हुए हैं. यह वायरस का वह भाग है जो इसे मानव कोशिकाओं से जुड़ने और उनमें प्रवेश करने में मदद करता है. ये म्यूटेशन इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि वायरस कितनी आसानी से मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कितनी तेजी से फैलता है. जबकि कुछ म्यूटेशन वायरस की मानव कोशिकाओं से जुड़ने की क्षमता को कम कर देते हैं (जिसे विशेषज्ञ ACE2 रिसेप्टर बाइंडिंग में कमी कहते हैं), अन्य म्यूटेशन इसे इम्यून रिस्पांस से बचने में मदद करते हैं, जिसका अर्थ है कि यह शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टाम या वैक्सीन से बच सकता है. इस कॉम्बिनेशन का मतलब यह है कि XFG पहले के वैरिएंट्स जितना संक्रामक तो नहीं है लेकिन फिर भी इम्यूनिटी को चकमा देने की क्षमता शरीर को संक्रमण से बचने की ताकत को कठिन बना देती है. खासकर उम्रदराज, पुरानी बीमारी से पीड़ित और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में. कितनी जोखिम हो सकता है? एक्सपर्ट्स का कहना है, फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है जो दिखाए कि XFG के कारण अधिक गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति बन रही है. हालांकि इस XYG में इम्यूनिटी को चकमा देकर चुपचाप फैलने की इसकी क्षमता यदि और बढ़ती है तो चिंता का विषय हो सकता है. हालांकि यदि इन वैरिएंट पर अभी बारीकी से नजर नहीं रखी गई तो ये आगे चलकर जोखिम पैदा कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जितने भी वैरिएंट सामने आ रहे हैं ये सभी ओमिक्रॉन वैरिएंट और सब-वैरिएंट हैं. भारत में इनकी वृद्धि कम है और मृत्यु दर भी काफी कम है. इन वैरिएंट से जुड़ा कोई बड़ा खतरा नहीं है. हालांकि अभी देश में डबल सीजन (गर्मी) की वजह से मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़ गए हैं और इस कारण भी मरीजों की संख्या बढ़ी है. वहीं फ्लू और कोविड दोनों के लक्षण भी लगभग समान ही हैं इसलिए लोग अधिक परेशान हो रहे हैं. लेकिन फिलहाल डरने की कोई जरूरत नहीं है.

अक्षय कुमार की फिल्म ‘हाउसफुल 5’ 100 करोड़ के क्लब में हुयी शामिल

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की फिल्म ‘हाउसफुल 5’ ने भारतीय बाजार में 100 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर ली है। बॉलीवुड फिल्मकार साजिद नाडियाडवाला की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी हाउसफुल की पांचवीं किस्त 06 जून को रिलीज हुयी है। इस फिल्म का निर्देशन तरुण मनसुखानी ने किया है। इस फिल्म में अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, जैकलीन फर्नांडिस, सोनम बाजवा, नरगिस फाखरी, फरदीन खान, श्रेयस तलपड़े, चित्रांगदा सिंह, डीनो मोरिया, चंकी पांडे, जॉनी लीवर, निकितेन धीर, सौंदर्या शर्मा, रंजीत, जैकी श्रॉफ, संजय दत्त और नाना पाटेकर जैसे सितारे हैं। फिल्म ‘हाउसफुल 5’ बॉक्स ऑफिस पर धांसू परफॉर्मेंस कर रही है। ‘हाउसफुल 5 दो अलग-अलग क्लाइमैक्स के साथ रिलीज की गयी है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ‘हाउसफुल 5’ ने पहले दिन भारतीय बाजार में 24 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की।वहीं, दूसरे दिन फिल्म ने 31 करोड़, तीसरे दिन 32.5 करोड़ की कमाई की।वहीं, अब चौथे दिन का कलेक्शन भी सामने आ गया है। सैकनिल्क की अर्ली रिपोर्ट के अनुसार फिल्म हाउसफुल 5 ने चौथे दिन 13 करोड़ का कारोबार किया है।इस तरह फिल्म हाउसफुल 5 भारतीय बाजार में चार दिनों में 100 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर चुकी है।  

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल से मचा हड़कंप, कार्रवाई स्थगित

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट के आधिकारिक वेबसाइट पर मिली इस धमकी के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। हाईकोर्ट परिसर को खाली कराकर तत्काल जांच की गई।हालांकि, इस दौरान कहीं कुछ नहीं मिला। ईमेल आईडी अब्दुल abdia@outlook.com से धमकी भरे मैसेज भेजा गया है, जिसमें “मद्रास टाइगर्स फॉर अजमल कसाब” संगठन का जिक्र है।पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए इसे एक “पवित्र मिशन” बताया गया। ईमेल में “अमोनियम-सल्फर आधारित आईईडी” (Improvised Explosive Devices) कोर्ट परिसर में लगाए जाने का दावा किया गया। धमकी में एक कथित संगठन “मद्रास टाइगर्स फॉर अजमल कसाब” का नाम लिया गया और “ट्विनिंग आईईडी मेकनिज़्म” की बात कही गई, जिसमें मानव आत्मघाती हमलावरों द्वारा RFID तकनीक से लैस विस्फोटकों को सक्रिय किए जाने की बात थी। हालांकि ईमेल में यह भी कहा गया कि इस हमले का उद्देश्य केवल “संपत्ति को नुकसान पहुंचाना” है, लेकिन निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर परिसर खाली न करने पर जनहानि की चेतावनी भी दी गई। संदेश में कई राजनीतिक और सांप्रदायिक संदर्भ भी दिए गए, जिनमें कुछ राजनीतिक नेताओं के नाम और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से कथित संबंधों का उल्लेख शामिल था। धमकी मिलने के बाद ऐहतियातन कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। स्निफर डॉग्स और बम डिटेक्शन उपकरणों के साथ सुरक्षाकर्मियों ने पूरे परिसर की गहन जांच की। अब तक की जानकारी के अनुसार, किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच में जुटी हैं।जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और जानकारी सामने आने की संभावना है। Gujarat हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल से मचा हड़कंप, कार्रवाई स्थगित गुजरात हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. हाईकोर्ट के आधिकारिक ईमेल आईडी पर सोमवार को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया. इसमें कोर्ट परिसर को उड़ाने की बात कही गई थी. धमकी की जानकारी मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस की टीम बम और डॉग स्क्वाड के साथ हाईकोर्ट पहुंची और पूरे परिसर की गहन जांच शुरू कर दी गई. किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए कोर्ट की कार्यवाही दोपहर 1.30 बजे के बाद स्थगित कर दी गई. गुजरात हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी हाईकोर्ट भवन को पूरी तरह खाली करवा लिया गया है. अब किसी भी व्यक्ति को भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही. ईमेल भेजने वाले ने धमकी के पीछे दो कारण बताए हैं. पहला, सावुक्कु शंकर की कथित अवैध गिरफ्तारी और दूसरा, अजमल कसाब को दी गई फांसी को अनुचित ठहराया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की धमकी सिर्फ हाईकोर्ट तक सीमित नहीं थी. ईमेल में एडैपडी के पलानीसामी के ग्रीनवेज रोड स्थित निवास को भी निशाना बनाने की बात कही गई है. पुलिस ने ईमेल मिलने और जांच शुरू होने की पुष्टि की है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा. फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं.  

नींद ने छीन ली मजदूरों की ज़िंदगी, थककर पटरियों पर ही सो गए थे मजदूर, ट्रेन से कटकर हुई दो की मौत, कई हिस्सों में बंटा शरीर…

बालोद  छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां मजदूरी करने झारखंड से दल्लीराजहरा आए 2 मजदूरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं दुर्घटना में 2 मजदूर घायल हुए हैं। हादसा दल्लीराजहरा-कुसुमकसा रेलवे लाइन का है। बताया जा रहा है कि झारखंड से मजदूरी के लिए आए 11 युवक रेलवे लाइन पर दल्लीराजहरा से पैदल चलते हुए कुसुमकसा की ओर जा रहे थे। रास्ते में थकावट के कारण पांच मजदूर रेलवे पटरी पर बैठ गए। इसी दौरान युवकों को नींद आ गई। सुबह 4 बजे के करीब ट्रेन के आने पर पटरी से उठ पाते ही चार युवक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिनमें से दो की मौके पर मौत हो गई, वहीं दो घायल हो गए, जिन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है। सभी 11 युवक झारखंड के निवासी बताए जा रहे हैं, जो मजदूरी के सिलसिले में दल्लीराजहरा क्षेत्र में आए थे। इनके अन्य छह साथी आगे निकल गए थे, जो हादसे से बच गए। घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र की है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। 11 मजदूर पहुंचे थे दल्लीराजहरा, 7 आगे निकल चुके थे पुलिस के अनुसार झारखंड से आए 11 मजदूर दल्लीराजहरा पहुंचे थे और सभी पटरी के सहारे पैदल चलते हुए अपने सामान के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान थकान की वजह से चार मजदूर रेलवे ट्रैक पर ही सो गए, जबकि बाकी 7 मजदूर उनसे कुछ दूरी पर आगे निकल चुके थे। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो सोए हुए साथियों को आवाज देकर जगाने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही वहां 2 युवकों के ऊपर से ट्रेन गुजर गई। कई हिस्सों में बिखर गया शरीर, पटरी पर फैला था सामान हादसे की सूचना मिलते ही जब रेलवे और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो दृश्य बेहद भयावह था। ट्रेन से कटने के कारण दोनों युवकों के शव कई हिस्सों में बंट चुके थे, जबकि 2 अन्य युवक पटरी के किनारे तड़पते हुए मिले। आसपास उनका सामान, मोबाइल और बैग बिखरे पड़े थे। जिन्हें दल्लीराजहरा पुलिस ने मौके से जब्त कर लिया है। दल्लीराजहरा पुलिस मौके पर, घायलों का चल रहा इलाज दल्लीराजहरा सीएसपी डॉ. चित्रा वर्मा ने बताया कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। सूचना मिलते ही घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज जारी है। घायल मजदूरों ने बताया कि वे झारखंड से आए हैं। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और अन्य मजदूरों से पूरी जानकारी ली जा रही है। मृतकों के शवों को मरच्यूरी में शिफ्ट कर दिया गया है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। मृतकों के नाम-     कृष्णा राय, उम्र -20 वर्ष, निवासी-लक्ष्मणपुर, थाना-चपचाची, जिला-धनबाद, झारखंड     ढिल्लू राय, उम्र-19 वर्ष, निवासी-लक्ष्मणपुर, थाना-चपचाची, जिला-धनबाद, झारखंड  

ज्योति ने 4 प्रीमैच्योर बच्चों को दिया था जन्म, 60 दिन विशेष इलाज के बाद किया गया डिस्चार्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ा सुखद समाचार सामने आया है. जहां एक साथ जन्मे 4 प्रीमेच्योर बच्चों को स्वस्थ इलाज देकर डिस्चार्ज किया गया. दरअसल, 2 महीने पहले भोपाल के कैलाशनाथ काटजू हॉस्पिटल में महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया था, जो काफी चर्चा का विषय बना. ये बच्चे प्रीमैच्योर थे, इसलिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनका विशेष उपचार और ध्यान दिया गया. 60 दिन तक चला उपचार चारों बच्चों को लगभग 60 दिन तक हॉस्पिटल में रखकर विशेष पद्धति से इलाज किया गया. जिसके बाद अब ये चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और 9 जून को अपनी मां के साथ घर भेज दिए गए. बताया गया कि प्राइवेट हॉस्पिटलों में सर्फेक्टेंट थेरेपी बहुत महंगी होती है. लेकिन शासकीय काटजू चिकित्सालय में चारों बच्चों को नि:शुल्क सर्फेक्टेंट थेरेपी प्रदान की गई. इन बच्चों की पूरी देखभाल डॉक्टर सुजाता जनवदे, डॉक्टर स्मिता सक्सेना, डॉक्टर ममता वर्मा, डॉक्टर प्रतिभा रैकवार, डॉक्टर अमित कुमार चौहान और नर्सिंग स्टाफ द्वारा की गई. जन्म के समय बहुत कम था बच्चों का वजन जन्म के बाद चारों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं थे. काटजू चिकित्सालय की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया, “कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में ज्योति नाम की महिला ने 4 बच्चों को जन्म दिया. ज्योति की डिलीवरी 9 अप्रैल 2025 को हुई थी, यह डिलीवरी प्री टर्म थी और चारों बच्चों का वजन बहुत कम था. 4 में से 1 बच्चा 1 किलो से भी कम का था और 3 बच्चों का वजन लगभग 1 किलो के आस पास ही था. काटजू चिकित्सालय में चारों बच्चों को सीपैप (CPAP) में रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई.” क्या होती है सीपैप और सर्फेक्टेंट थेरेपी सीपैप एक ऐसी मशीन है, जो लोगों को सांस लेने में मदद करता है. ये मशीन हवा को फेफड़ों में लगातार दबाव के साथ भेजती है ताकि वायुमार्ग खुले रहें और सांस लेने में मदद मिल सके. इसकी मदद से नवजात शिशुओं में खासकर प्रीमैच्योर बच्चों में श्वसन संकट सिंड्रोम के इलाज के लिए सर्फेक्टेंट थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है. जो फेफड़ों में वायुकोश को खुला रखने और सांस लेने में मदद करता है.

CM साय ने शहीद गिरपुंजे के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद श्री गिरपुंजे के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लगातार हो रही सुरक्षाबलों की सफल कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शहीद श्री गिरपुंजे की वीरता और देशभक्ति को सदैव याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, शहीद के परिजन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

डियाजियो कर रही हिस्सेदारी हटाने पर विचार, 18 साल बाद पहली बार आरसीबी बिकने की कगार पर

नई दिल्ली आईपीएल शुरू होने के 18 साल बाद पहली बार उसका खिताब जीतने वाली आरसीबी क्या बिक जाएगी? ब्लूमबर्ग की मंगलवार को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, डियाजियो पीएलसी आईपीएल की इस फ्रेंचाइजी को बेचने पर विचार कर रही है। वह आरसीबी में अपनी कुछ हिस्सेदारी या फिर पूरा का पूरा स्टेक बेचने की संभावना तलाश रही है। ब्रिटिश डिस्टिलरी डियाजियो के पास अपने भारतीय यूनिट यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के तहत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का मालिकाना हक है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरसीबी को बेचना ही है, अभी इस पर डियाजियो ने अंतिम फैसला नहीं किया है। इसे लेकर डियाजिओ और यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड ने चुप्पी साध रखी है। ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि डियाजिओ के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यूनाइटेड स्पिरिट्स के एक प्रतिनिधि से भी इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय की सख्ती है वजह? डियाजियो के आरसीबी से हाथ पीछे खींचने को लेकर चर्चा ऐसे वक्त में उठी है जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय आईपीएल के दौरान तंबाकू, गुटखा और शराब के ब्रैंड्स के अप्रत्यक्ष प्रचार पर प्रतिबंध के मूड में है। मंत्रालय यह भी चाहता है कि खेल से जुड़ीं हस्तियां किसी भी ऐसी चीज का प्रचार न करें जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। भारत में पहले ही तंबाकू और शराब का विज्ञापन प्रतिबंधित है। लेकिन इसका तोड़ निकालने के लिए इनसे जुड़ी कंपनियां इलायची या फिर सोडा या नॉन-एल्कोहलिक पेय पदार्थ की आड़ में अपने ब्रैंड्स का अप्रत्यक्ष प्रचार करती हैं। क्रिकेट से जुड़ी कई हस्तियां भी ऐसे प्रचार में दिखते हैं। अब स्वास्थ्य मंत्रालय सख्त तेवर अपनाते हुए इस पर पूरी तरह रोक चाहता है। यूनाइटेड स्पिरिट लिमिटेड जानी-मानी बेवरेज कंपनी है। वह अलग-अलग नाम से विस्की, स्कॉच विस्की, ब्रैंडी, रम, वोडका, जिन और वाइन बेचती है। कभी विजय माल्या के पास था आरसीबी का स्वामित्व डियाजियो से पहले आरसीबी का स्वामित्व विजय माल्या के हाथ में था। 2016 में माल्या के वित्तीय संकट के कारण उसका स्वामित्व यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के पास चला गया। अभी यूनाइटेड स्पिरिट्स में डियाजियो की 54.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है।  

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