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‘अमृत हरित अभियान’ पर एक दिवसीय कार्यशाला 13 जून को

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 13 जून, शुक्रवार को प्रातः 8:30 बजे भोपाल के रवीन्द्र भवन में ‘अमृत हरित अभियान’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यशाला का सीधा प्रसारण किया जाएगा जिसे समस्त नगरीय निकायों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सजीव देखा जा सकेगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, महापौर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।  

मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में दो चरणों में बीस हजार से अधिक बसाहटों को सड़क बनाकर जोड़ा जाएगा

भोपाल छह हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्रों को अब मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा जहां 20 आवास और 100 से अधिक लोग रहते हैं पर बारहमासी सड़क से 50 मीटर दूर हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में दो चरणों में बीस हजार से अधिक बसाहटों को 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क बनाकर जोड़ा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 21 हजार 630 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। यह राशि सरकार अपने बजट से लगाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कैबिनेट बैठक में यह योजना प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहला और वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में निर्माण कार्य किया जाएगा।   आयातित तुअर पर मंडी शुल्क नहीं प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता को देखते हुए बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया गया। अभी सौ रुपये पर एक रुपये मंडी शुल्क लेने का प्रविधान है। सरकार लगातार इसमें छूट दे रही है। वर्ष 2024-25 में मंडी समितियों को मंडी शुल्क से 1,329 करोड़ रुपये की आय हुई। छूट देने से लगभग 20 करोड़ रुपये की आय प्रभावित होगी। प्रदेश में 134 तुअर दाल प्रसंस्करण इकाइयां हैं, जिनकी क्षमता छह लाख टन है। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में बनेंगे कामकाजी महिलाओं के छात्रावास बैठक में झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने का निर्णय लिया गया। ये 350 सीट की क्षमता वाले होंगे। योजना निजी सार्वजनिक भागीदार माडल पर संचालित होगी और इस पर 40 करोड़ 59 लाख रुपये व्यय होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी जिला विकास सलाहकार समिति प्रत्येक जिले की विकास योजना का रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति बनाई जाएगी। इसके उपाध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाजसेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार दीर्घकालीन विकास की योजनाएं बनाएगी। वोकल फार लोकल के सिद्धांत के दृष्टिगत जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी

मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का मिले उचित दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी। प्रदेश के बाहर से व्यापारियों को भी मूंग खरीदी के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और प्रोत्साहित किया जाएगा। मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का उचित दाम मिल सके इसके लिए व्यापारियों को बोली लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उनसे भेंट करने आए भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल से यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मूंग पर मंडी शुल्क में राहत दी जा सकती है या नहीं इसकी जांच की जायेगी। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और आईटीसी को मूंग नीलामी में शामिल करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। हमारा प्रयास यह है कि मंडियों में मूंग की मॉडल दरे बढ़कर लगभग 7500 रूपये प्रति क्विंटल हो जाये। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बाहर से आने वाले व्यापारियों को नये मंडी लायसेंस भी दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। खेती और किसानी राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए कोई कसर छोड़ी नहीं जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गौ-शाला संचालित करने के लिए 20 रुपए से बढ़ाकर प्रति गाय 40 रुपए अनुदान राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान, फसल चक्र अपना कर उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान संघ, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, चंद्रकात गौर और अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।  

जुलाई में मिल सकता है बीजेपी को नया अध्यक्ष, पीएम मोदी की हरी झंडी का इंतज़ार, इन नामों की चर्चा तेज

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर बड़ी अहम जानकारी सामने आई है. पार्टी के करीबी सूत्रों के मुताबिक अगले महीने यानी जुलाई में हर हाल में पार्टी के नए ड्राइवर यानी राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा. इस तरह लगभग साफ हो गया है कि जुलाई में मिलेगा भाजपा को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा, जिस पद को लेकर साल भर से अटकलों का दौर लगातार जारी है. संसद सत्र से पहले होगा फैसला: सूत्र संसद सत्र  21 जुलाई को शुरू होने से पहले दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई जा सकती है. भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर राष्ट्रीय परिषद से लगेगी मुहर. वहीं इसी सिलसिले से पहले और 21 जून के बाद भाजपा के 10 राज्यो के प्रदेश अध्यक्ष के नामों की घोषणा होगी. राष्ट्रीय अध्यक्ष से पहले भाजपा को कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी चुनना है। उत्तराखंड में एक ब्राह्मण चेहरा सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले ब्राह्मण उम्मीदवार पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब पिछड़े वर्ग से अध्यक्ष बनाने की मांग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में अब तक का फार्मूला था – मुख्यमंत्री OBC और प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण, लेकिन अब पार्टी जनजातीय नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है क्योंकि वर्तमान में कोई आदिवासी प्रतिनिधित्व नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जिन दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान (केंद्रीय मंत्री), शिवराज सिंह चौहान (कैबिनेट मंत्री), मनोहर लाल खट्टर (कैबिनेट मंत्री) जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनमें से कुछ नाम संगठनात्मक अनुभव के आधार पर मजबूत माने जा रहे हैं, तो कुछ नाम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर सामने आए हैं। संगठनात्मक पुनर्गठन की कवायद अब जोर पकड़ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनका कार्यकाल पहले ही लोकसभा चुनाव तक बढ़ाया जा चुका है। नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे और 2023 में उनका कार्यकाल 2024 के आम चुनाव तक बढ़ाया गया था। अब जबकि लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं, पार्टी नेतृत्व में बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जून के दूसरे सप्ताह में अधिसूचना सूत्रों के अनुसार, बीजेपी जून के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकती है। इसके तहत सबसे पहले राज्य स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह पूरी प्रक्रिया पार्टी के संविधान के अनुसार होगी, जिसमें नामांकन, छंटनी और मतदान जैसे चरण शामिल होंगे। चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति गठित की जाएगी, जो इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जे. पी. नड्डा दोबारा चुनाव लड़ेंगे या कोई नया चेहरा सामने आएगा, लेकिन पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही स्तर पर उत्सुकता चरम पर है। बीजेपी का नया अध्यक्ष 2026 के विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ संगठनात्मक परिवर्तन नहीं बल्कि पार्टी की भविष्य की दिशा और प्राथमिकताओं को भी तय करेगा। विपक्ष की भी नजर इस चुनाव पर बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव पर सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है, क्योंकि इससे पार्टी की नीतियों, संगठनात्मक प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर बड़ा असर पड़ेगा। यह चुनाव पार्टी के राजनीतिक भविष्य का रोडमैप तैयार करेगा। पैनल तैयार नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के लिए कई नामों का पैनल तैयार है. अंतिम फैसला जल्द होने की उम्मीद लगाई जा रही है. आपको बताते चलें कि बीजेपी अध्यक्ष के पद को लेकर तमाम विपक्षी दलों ने भी बीजेपी को घेरने की कोशिश की लेकिन वो अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए. देरी क्यों हुई इसे लेकर पार्टी का कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है

एम्स नागपुर में सीनियर रेजिडेंट के पदों पर निकली कई भर्ती, एज लिमिट58 साल, सैलरी 2 लाख

नागपुर  मेडिकल की पढ़ाई के बाद एम्स में सरकारी नौकरी करने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन आप इसे हकीकत में बदल सकते हैं। जी हां, एम्स नागपुर ने प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इस डायरेक्ट रीक्रूटमेंट के लिए 17 मई से ही आवेदन जारी हैं, जिसकी अब आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। 16 जून 2025 तक अभ्यर्थी इस फैकल्टी भर्ती के लिए फॉर्म भर सकते हैं। इन पदों पर मंथली सैलरी भी दमदार है। AIIMS Lecturer Vacancy 2025: पद की डिटेल्स एम्स नागपुर ने यह नई भर्ती ग्रुप A फैकल्टी के लिए शुरू की है। जिसमें अभ्यर्थी कार्डियोलॉजी, डर्मिटोलॉजी, ईएनटी, जनरल सर्जरी, रेडियो डायग्नोसिस समेत कुल 28 विषयों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? यह डिटेल्स अभ्यर्थी नीचे टेबल से चेक कर सकते हैं। पद का नाम    वैकेंसी प्रोफेसर    11 एडिशनल प्रोफेसर    11 एसोसिएट प्रोफेसर    18 असिस्टेंट प्रोफेसर    18 कुल    58 योग्यता एम्स नागपुर की इस लेटेस्ट भर्ती में सभी पदों के लिए अलग-अलग योग्यता तय की गई है। प्रोफेसर के पद पर MBBS/पोस्ट ग्रेजुएशन MD या MS के साथ करीब 14 साल टीचिंग एक्सपीरियंस होना चाहिए। एडिशनल प्रोफेसर के लिए 10 साल का अनुभव, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 6 साल का अनुभव और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 3 साल का टीचिंग अनुभव होना चाहिए। योग्यता संबंधित डिटेल्स अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। योग्यता     आयुसीमा- एज लिमिट भी सभी पदों के लिए अलग-अलग है। प्रोफेसर/एडिशनल प्रोफेसर पद अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र 58 वर्ष से ऊपर नहीं होनी चाहिए। इसी तरह एसोसिएट प्रोफएसर/असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 50 वर्ष से ऊपर के अभ्यर्थी अयोग्य होंगे। हालांकि आरक्षित वर्गों को ऊपरी उम्र में छूट मिलेगी।     सैलरी- प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को 168900-220200 रुपये, एडिशनल प्रोफेसर को 148200-211400 रुपये, एसोसिएट प्रोफेसर 138300-209200 रुपये और असिस्टेंट प्रोफेसर 101500-209200 रुपये प्रति माह सैलरी दी जाएगी। वेतन के साथ उम्मीदवारों को भत्ते और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। कॉन्ट्रैक्चुअल प्रोफेसर कंसल्टेंट को 2,20,000/- और एडिशनल प्रोफेसर कंसल्टेंट को 2,00,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।     आवेदन शुल्क- सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को 2000 रुपये एप्लीकेशन फीस सब्मिट करनी होगी। वहीं एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 500 रुपये है। पेमेंट का लिंक एम्स नागपुर वैकेंसी पेज पर उपलब्ध है।     रिक्रूटमेंट मोड- डायरेक्ट रिक्रूटमेंट, डेप्यूटेशन बेस, कॉन्ट्रेक्ट बेस (रिटायर्ड फैकल्टी) अभ्यर्थी वैकेंसी की उलब्धता के आधार पर किसी भी मोड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती मेडिकल भर्ती से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को एम्स नागपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करने की सलाह दी जाती है।

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 21.66% गिरकर 19,013 करोड़ पर आया, यहां निवेशकों का भरोसा बरकरार

मुंबई इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के लिए एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) मई में करीब 4.85 प्रतिशत बढ़कर 72.2 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि अप्रैल में 70 लाख करोड़ रुपए पर था। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) की ओर से मंगलवार को जारी किए गए डेटा में यह जानकारी दी गई।   इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के एयूएम बढ़ने की वजह मई में निफ्टी और सेंसेक्स के मजबूत प्रदर्शन को माना जा रहा है इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के एयूएम बढ़ने की वजह मई में निफ्टी और सेंसेक्स के मजबूत प्रदर्शन को माना जा रहा है। मई में निफ्टी ने 1.71 प्रतिशत और सेंसेक्स ने 1.51 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। सैपिएंट फिनसर्व के संस्थापक निदेशक अमित बिवलकर ने कहा कि आने वाले समय में भी बाजार की चाल और एसआईपी अनुशासन एयूएम वृद्धि को समर्थन देना जारी रखेगा। मई में एयूएम के आंकड़े अप्रैल की तुलना में मामूली रूप से बढ़े हैं, लेकिन मई 2024 की तुलना में इसमें 12 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है मई में एयूएम के आंकड़े अप्रैल की तुलना में मामूली रूप से बढ़े हैं, लेकिन मई 2024 की तुलना में इसमें 12 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है। स्मॉलकेस मैनेजर और ग्रोथ इन्वेस्टिंग के संस्थापक नरेंद्र सिंह ने कहा कि ओपन-एंडेड स्कीम का वार्चस्व लगातार बना हुआ है और मई 2024 के मुकाबले इसमें 12 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। SIP इन्फ्लो से AUM ग्रोथ को मिलेगा सपोर्ट सैपिएंट फिनसर्व के संस्थापक निदेशक अमित बिवलकर ने कहा कि आने वाले समय में भी बाजार की चाल और एसआईपी अनुशासन AUM वृद्धि को समर्थन देना जारी रखेगा. मई में AUM के आंकड़े अप्रैल की तुलना में मामूली रूप से बढ़े हैं, लेकिन मई 2024 की तुलना में इसमें 12 फीसदी की मजबूत वृद्धि है. स्मॉलकेस मैनेजर और ग्रोथ इन्वेस्टिंग के संस्थापक नरेंद्र सिंह ने कहा कि ओपन-एंडेड स्कीम का वर्चस्व लगातार बना हुआ है और मई 2024 के मुकाबले इसमें 12 फीसदी की मजबूत वृद्धि देखने को मिली है. मई में 11.3 लाख नए फोलियो जोड़े गए महीने के दौरान लगभग 11.3 लाख नए फोलियो जोड़े गए, जो म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है. वहीं, एसआईपी इनफ्लो मई में ऑल-टाइम हाई 26,688 करोड़ रुपए पर रहा है. अप्रैल में यह आंकड़ा 26,632 करोड़ रुपए था. मई में एसआईपी योगदान देने वाले खातों की संख्या बढ़कर 8.56 करोड़ हो गई है, जो कि पिछले महीने में 8.38 करोड़ पर थी. SIP की मदद से लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग पर फोकस एसआईपी का लगातार बढ़ता इनफ्लो दिखाता है कि लोग लंबी अवधि के नजरिए से म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं. वहीं, एसआईपी के तहत कुल असेट्स अंडर मैनेजमेंट(AUM) अप्रैल के 13.90 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 14.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है. एसआईपी AUM म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल AUM का करीब 20.24 फीसदी रहा, जबकि अप्रैल में यह 19.9 फीसदी था. 59 लाख न्यू SIP शुरू और 43 लाख बंद हुई AMFI के डेटा के मुताबिक, मई में कई महीनों के बाद एसपीआई स्टोपेज रेश्यो में कमजोरी देखने को मिली है. मई में करीब 59 लाख एसआईपी खाते ओपन हुए हैं, जबकि 43 लाख खातों में एसआईपी बंद या मैच्योर हुई. मई में कुल एसआईपी खातों की संख्या 9.06 करोड़ थी.   महीने के दौरान लगभग 11.3 लाख नए फोलियो जोड़े गए, जो म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है महीने के दौरान लगभग 11.3 लाख नए फोलियो जोड़े गए, जो म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। वहीं, एसआईपी इनफ्लो मई में ऑल-टाइम हाई 26,688 करोड़ रुपए पर रहा है। अप्रैल में यह आंकड़ा 26,632 करोड़ रुपए था। मई में एसआईपी योगदान देने वाले खातों की संख्या बढ़कर 8.56 करोड़ हो गई है, जो कि पिछले महीने में 8.38 करोड़ पर थी मई में एसआईपी योगदान देने वाले खातों की संख्या बढ़कर 8.56 करोड़ हो गई है, जो कि पिछले महीने में 8.38 करोड़ पर थी। एसआईपी का लगातार बढ़ता इनफ्लो दिखाता है कि लोग लंबी अवधि के नजरिए से म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। एसआईपी के तहत कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट(एयूएम) अप्रैल के 13.90 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 14.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है वहीं, एसआईपी के तहत कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट(एयूएम) अप्रैल के 13.90 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 14.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एसआईपी एयूएम म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एयूएम का करीब 20.24 प्रतिशत रहा, जबकि अप्रैल में यह 19.9 प्रतिशत था।  

50 सालों से जल रहा ‘गेटवे टू हेल’ क्रेटर अब ‘अंतिम सांसे’ ले रहा, तुर्कमेनिस्तान में बना ‘नर्क का दरवाजा’ क्या अब बंद हो जाएगा

नई दिल्ली तुर्कमेनिस्तान में 50 सालों से जल रहा ‘गेटवे टू हेल’ क्रेटर अब ‘अंतिम सांसे’ ले रहा है। विज्ञानियों का कहना है कि यह अद्भुत क्रेटर अब बुझने वाला है। आइए जानते हैं क्यों अब तक जल रहा है यह क्रेटर? क्या है गेटवे टू हेल? ‘गेटवे टू हेल’, जिसे आधिकारिक तौर पर ‘शाइनिंग ऑफ काराकुम’ के नाम से जाना जाता है। यह तुर्कमेनिस्तान के काराकुम रेगिस्तान में स्थित 230-फुट चौड़ा (70 मीटर) सिंकहोल है। यह गड्ढा मीथेन के विशाल भूमिगत भंडार से जुड़ा हुआ है, जिससे इसे जलाने के लिए गैस की लगभग असीमित आपूर्ति मिलती है। इस गड्ढे में सैकड़ों गैस की आग लगी हुई है, जो इसे एक अलौकिक चमक देती है। एक दुर्घटना के कारण बना था क्रेटर जब यह क्रेटर बना था उस समय तुर्कमेनिस्तान सोवियत संघ का हिस्सा था। तब अधिकारियों ने क्रेटर से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया था। अब क्रेटर को लेकर सबसे आम सिद्धांत यह है कि यह प्राकृतिक गैस की खोज में हुई दुर्घटना के कारण बना था। 1971 में एक सोवियत गैस ड्रिलिंग स्टेशन ने एक गैस पाकेट को छेद दिया, जिससे एक गड्ढा बन गया और हवा में गैस लीक होने लगी। विज्ञानियों ने जहरीली गैसों को बाहर निकलने से रोकने के लिए गड्ढे को जलाने का निर्णय लिया। विज्ञानियों को उम्मीद थी कि आग कुछ दिनों में बुझ जाएगी, लेकिन नरक के प्रवेश द्वार की आग तब से जल रही है। सरकारी स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनी तुर्कमेनगाज की निदेशक इरिना लुरीवा कहती हैं कि पहले आग की एक चमक कई किलोमीटर दूर से दिखाई देती थी, अब इसे केवल आस-पास के इलाकों से ही देखा जा सकता है। आज केवल आग का एक हल्का स्रोत बचा हुआ है। तुर्कमेनिस्तान में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है, जो रेगिस्तान के नीचे बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। आग बुझाने के लिए शुरू की थी परियोजना? पहले की तुलना में तीन गुना छोटी हो गई आग 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति बर्डीमुखमेदोव ने आग को बुझाने के लिए एक परियोजना शुरू की थी। उन्होंने कहा था कि हम मूल्यवान प्राकृतिक संसाधनों को खो रहे हैं। इस परियोजना के तहत आग को बढ़ाने वाली गैस को बाहर निकालने के लिए कई नए गैस कुएं खोदे गए। प्राकृतिक ज्वलनशील गैस के कम प्रवाह के कारण क्रेटर में लपटें कम होने लगी हैं। आग अब पहले की तुलना में तीन गुना छोटी हो गई है।

जयशंकर की पाकिस्तान को चेतावनी- ‘अब हम आतंकवाद के साथ और नहीं जीएंगे, हमला हुआ तो फिर जवाब देंगे’

ब्रूसेल्स  जयशंकर ने कहा कि ‘भारत के हमले में पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा और भारत के लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य उपकरणों ने बेहद सटीकता से हमले किए और पाकिस्तान के तबाह एयरबेस की तस्वीरें गूगल पर मौजूद हैं।’ भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के करीब तीन हफ्ते बाद भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है औऱ कहा है कि अगर फिर से आतंकी हमला हुआ तो भारत फिर से करारा जवाब देने में बिल्कुल नहीं हिचकेगा। जयशंकर इन दिनों ब्रूसेल्स के दौरे पर हैं। वहां एक इंटरव्यू के दौरान जयशंकर ने कहा कि ‘अगर आतंकी ठिकाने पाकिस्तान के भीतर मौजूद हैं तो हम पाकिस्तान में भीतर जाकर ही हमला करेंगे।’ भारत सरकार की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान की तरफ से फिर से आतंकी हमला हुआ तो भारत फिर से सैन्य कार्रवाई से हिचकेगा नहीं। विदेश मंत्री ने भी सरकार के इसी स्टैंड को दोहराया। विदेश मंत्री ने कहा कि ‘आतंकवाद इस देश (पाकिस्तान) की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है। यही समस्या है।’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ संघर्ष बीती अप्रैल में भारत के जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने इसका आरोप पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन पर लगाया। इसके बाद मई में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश की। भारत ने 10 मई को बड़ा हमला कर पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह कर दिए। जिसके बाद पाकिस्तान ने लड़ाई रोकने की अपील की, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया।    लड़ाकू विमान गिराने के दावे पर क्या बोले विदेश मंत्री पाकिस्तान ने भारत के लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया था। जब इसे लेकर विदेश मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन जल्द ही संबंधित प्राधिकरण द्वारा सही समय आने पर इस पर पूरी जानकारी दी जाएगी।’ जयशंकर ने कहा कि ‘भारत के हमले में पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा और भारत के लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य उपकरणों ने बेहद सटीकता से हमले किए और पाकिस्तान के तबाह एयरबेस की तस्वीरें गूगल पर मौजूद हैं।’ ‘अब आतंकवाद के साथ नहीं जीएंगे’ जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को पनाह और प्रशिक्षण देता आ रहा है और हजारों आतंकी दक्षिणी सीमा पर मौजूद हैं। जयशंकर ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘हम आतंकवाद के साथ अब और नहीं जीएंगे। हमारा संदेश साफ है कि अगर आगे भी अप्रैल जैसे हमले जारी रहे तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे और यह कार्रवाई आतंकी संगठनों और आतंकी नेतृत्व के खिलाफ होगी।’ 

Air defense system : दुश्मन को खोज कर मारने में कामयाब है क्यूआर-एसएएम सिस्टम

नई दिल्ली: भारतीय सेना को जल्द ही एक नया स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम मिलने वाला है। इसपर लगभग 30,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके तहत क्यूआर-एसएएम (QR-SAM:Quick Reaction Surface to Air Missile) सिस्टम खरीदे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय जल्द ही इस प्रस्ताव पर विचार करने वाला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद इस महीने के अंत तक इस प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इस मंजूरी को ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (Acceptance of Necessity) यानी एओएन कहा जाता है। QR-SAM सिस्टम बहुत तेजी से काम करने वाला स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम है। इसे दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन को 25-30 किलोमीटर की दूरी तक अचूक तरीके से मार गिराने के लिए बनाया गया है। हर तरह की कसौटी पर खरा उतरा है क्यूआर-एसएएम सिस्टम यह कदम भारत के मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम की कामयाबी पर विचार के बाद उठाया जा रहा है। हाल ही में इस सिस्टम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की ओर से भेजे गए तुर्की मूल के ड्रोन और चीनी मिसाइलों को मार गिराने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह ऑपरेशन 7 से 10 मई को हुआ था। डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) और भारतीय सेना ने पिछले तीन-चार सालों में QR-SAM सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। उन्होंने इसे अलग-अलग तरह के खतरों का सामना करने के लिए जांचा और परखा है। यह परीक्षण दिन और रात दोनों समय किया गया है। भारत इलेक्ट्रोनिक्स (Bharat Electronics) और भारत डिनामिक्स (Bharat Dynamics) नाम की सरकारी कंपनियां मिलकर QR-SAM सिस्टम बनाएंगी। दुश्मन को खोज कर मारने में कामयाब है क्यूआर-एसएएम सिस्टम एक अधिकारी के मुताबिक,यह ‘QR-SAM सिस्टम चलते-फिरते भी काम कर सकता है। यह दुश्मन को खोज और ट्रैक कर सकता है और थोड़े समय के लिए रुककर भी हमला कर सकता है। इसे टैंकों और पैदल सेना के वाहनों के साथ चलने के लिए बनाया गया है, ताकि युद्ध के मैदान में उन्हें हवाई हमलों से बचाया जा सके। सेना की वायु रक्षा (AAD) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्हें QR-SAM की 11 रेजिमेंट चाहिए। इसके साथ ही, वे स्वदेशी आकाश सिस्टम को भी शामिल कर रहे हैं, जिसकी मारक क्षमता लगभग 25 किलोमीटर है। और मजबूत होगी वायु सेना और थल सेना की रक्षा प्रणाली QR-SAM सिस्टम के आने से IAF (भारतीय वायु सेना) और सेना की मौजूदा वायु रक्षा प्रणाली और मजबूत हो जाएगी। इस प्रणाली में लंबी दूरी की रूसी एस-400 ट्रिम्फ ‘S-400 Triumf’ मिसाइलें (380 किलोमीटर की मारक क्षमता) और बराक-8 (Barak-8) मध्यम दूरी की एसएएम(Surface to Air Missile) सिस्टम (70 किलोमीटर) शामिल हैं, जिसे इजराइल के साथ मिलकर बनाया गया है। इसके अलावा, इसमें रूसी इगला-एस (Igla-S) मिसाइलें (6 किलोमीटर), एल-70 एंटी-एयरक्राफ्ट गन (3.5 किलोमीटर) और स्वदेशी ड्रोन का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने वाले सिस्टम (1 किलोमीटर-2 किलोमीटर) भी शामिल हैं। स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम में आगे और बड़ी योजना पर काम डीआरडीओ बहुत कम दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली (VSHORADS) भी तैयार कर रहा है, जिसकी मारक क्षमता 6 किलोमीटर है। लेकिन, असली गेम-चेंजर ‘प्रोजेक्ट कुशा’ के तहत विकसित की जा रही 350 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली वायु रक्षा प्रणाली होगी। भारत इस लंबी दूरी की प्रणाली को 2028-2029 तक तैनात करने की योजना बना रहा है। रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2023 में भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए इसके पांच स्क्वाड्रन खरीदने के लिए 21,700 करोड़ रुपये की एओएन को मंजूरी दी थी।  

आज WTC का फाइनल साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित होगा

लंदन आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC के तीसरे सीजन का फाइनल मुकाबला आज से खेला जाना है, जो साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित होगा। इसे अगर ‘टेस्ट क्रिकेट का वर्ल्ड कप’ कहा जाए तो बुरा नहीं होगा, क्योंकि इस खिताब के लिए लड़ाई दो साल तक चलती है। अभी तक दो बार इसका आयोजन हुआ है। एक बार न्यूजीलैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता है। दोनों बार भारत फाइनल में था। इस बार साउथ अफ्रीका के सामने मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया है। इस महामुकाबले को आप कब और कहां लाइव देख सकते हैं, ये जान लीजिए।   कब, कहां और किन टीमों के बीच खेला जाएगा? वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार 11 जून से लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित होगा। कितने बजे शुरू होगा और टॉस कब होगा? साउथ अफ्रीका वर्सेस ऑस्ट्रेलिया WTC Final लोकल टाइम यानी इंग्लैंड के समय के अनुसार सुबह 11 बजे शुरू होगा। वहीं, उस समय भारत में दोपहर को साढ़े 3 बजे होंगे। वहीं, अगर बात टॉस की करें तो लंदन में उस समय सुबह के साढ़े 10 बजे होंगे और भारत में दोपहर के साढ़े 3 बजे होंगे। कहां देखें? आप भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख पाएंगे, जहां अलग-अलग भाषाओं में आपको कमेंट्री सुनने को मिलेगी। कैसे देखें? अगर आपको साउथ अफ्रीका वर्सेस ऑस्ट्रेलिया देखनी है तो आपको जियोहॉटस्टार पर लॉगइन करना होगा। आप अपने स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, टैबलेट और लैपटॉप या कंम्प्यूटर पर जियोहॉटस्टार एप या वेबसाइट की मदद से इस खिताबी भिड़ंत को लाइव देख सकते हैं। वहीं, अगर आपको इस महामुकाबले के लाइव अपडेट्स और दिलचस्प खबरें पढ़नी हैं तो आपको लाइव हिन्दुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट करना होगा।  

प्रदेश के मॉडल स्कूल में 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग वर्तमान में 145 शासकीय मॉडल स्कूल का संचालन कर रहा है। इनमें से 143 मॉडल स्कूल के स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। इन मॉडल स्कूल में करीब 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। मॉडल स्कूल शैक्षणिक रूप से प्रदेश के पिछड़े विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला मुख्यालय पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 43 जिला मुख्यालय एवं 96 विकासखंड मुख्यालय पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के कॅरियर काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से बच्चों को भविष्य में किस क्षेत्र में अध्ययन करना है, उसकी समझाइश विशेषज्ञों के माध्यम से मिलती है।  

भारत में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 27 हजार 434 करोड़ रुपए हुआ

सैन्य प्रौद्योगिकी से मिली नई वैश्विक पहचान, भारत अब अमेरिका, फ्रांस और 80 देशों को बेच रहा रक्षा सामान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत बना दुनिया का 5वां सबसे बड़ा रक्षा निर्यातक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 27 हजार 434 करोड़ रुपए हुआ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश का रक्षा क्षेत्र सुदृढ़ हुआ है। वर्ष 2014 के मुकाबले भारत में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 27 हजार 434 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है, वहां भारत अब दुनिया का 5वां सबसे बड़ा रक्षा निर्यातक (डिफेंस एक्सपोर्टर) बन गया है। यह निर्यात 100 से अधिक देशों तक फैला हुआ है, जो 2014 में लगभग शून्य था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से रक्षा से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में भारत ने श्रेष्ठता सिद्ध की है और देश को सैन्य प्रौद्योगिकी के मामले में नई वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षा गलियारों में 50 हजार 83 करोड़ रुपए के निवेश के साथ भारत अपनी निर्माण क्षमताओं को बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया के समक्ष अपना पराक्रम दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों से जम्मू-कश्मीर में 2023 से पत्थरबाजी की एक भी घटना सामने नहीं आई है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की शुरुआत कई दशक पहले हो गई थी, लेकिन पिछले 11 सालों में इसने अभूतपूर्व गति पकड़ी है. आज भारत दुनिया में अपनी रक्षा क्षमताओं के मामले में कई एलीट ग्रुप्स का सदस्य बन गया है. भारत न केवल अपनी सेना को स्वदेशी सैन्य उपकरणों से मजबूत कर रहा है. बल्कि इन्हें दुनिया भर के देशों को बेच भी रहा है. भारत की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं. रक्षा निर्यात की वृद्धि     निर्यात का आंकड़ा: 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये पहुंच गया है.     वृद्धि: पिछले साल 2023-24 में यह 21,083 करोड़ रुपये था, जो 12.04 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है. इसमें 2,539 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई.     लक्ष्य: 2029 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.     पहले का आंकड़ा: 2004-2014 में रक्षा निर्यात सिर्फ 4,312 करोड़ रुपये था, जो 2014-2024 में 88,319 करोड़ रुपये हो गया. स्वदेशी उत्पादन भारत अब अपनी जरूरतें स्वदेशी हथियारों से पूरी कर रहा है. रक्षा मंत्रालय ने पॉजिटिव इंडिजिनाइजेशन लिस्ट के तहत सैकड़ों तरह के हथियार, उपकरण और स्पेयर पार्ट्स के आयात पर रोक लगा दी है. आज भारत हथियारों को विदेश से खरीदने की जगह, उन्हें दुनिया को बेच रहा है. डीपीएसयू और प्राइवेट कंपनियां 2024-25 में निर्यात: कुल निर्यात में से डीपीएसयू (डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) ने 8,389 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जबकि प्राइवेट कंपनियों ने 15,233 करोड़ रुपये कमाए. पिछले साल की तुलना में: 2023-24 में डीपीएसयू का निर्यात 5,874 करोड़ रुपये और प्राइवेट कंपनियों का 15,209 करोड़ रुपये था. डीपीएसयू का निर्यात 42.85 प्रतिशत बढ़ा है. उत्पादन वृद्धि: पिछले 10 सालों में रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़ा है. 2014-15 में यह 46,429 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 1,27,265 करोड़ रुपये हो गया. 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है. वैश्विक बाजार     शीर्ष खरीदार: 2023-24 में अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया शीर्ष खरीदार देश रहे. आज भारत 80 देशों को सैन्य उपकरण बेच रहा है.     अमेरिका और फ्रांस: दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्माता और निर्यातक देश, अब भारत से रक्षा उत्पाद खरीद रहे हैं.     दुनिया का रुझान: दुनिया के सभी हथियार बनाने वाले देश भारत से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं. 11 साल की आत्मनिर्भरता की यात्रा में भारत ने रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है. अब भारत न केवल अपनी सेना को मजबूत कर रहा है, बल्कि दुनिया को हथियार बेचकर अपनी वैश्विक उपस्थिति भी बढ़ा रहा है. 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के निर्यात और 3 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन का लक्ष्य भारत को शक्ति बनाएगा.  

समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से कमारों के जीवन में आयी स्थिरता मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना, विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में अभूतपूर्व परिवर्तन ला रही है। इस समाज के हजारों लोगों को अब सुरक्षित आवास, स्वच्छ जल और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। जनमन योजना केवल एक आवास योजना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, स्वच्छता, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी साथ लेकर चल रही है।     प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का सकारात्मक असर राज्य के कई जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों के जीवन में दिखायी देने लगा है। अपनी अलग संस्कृति को सहेजे हुए कच्चे झोपड़ी नुमा मकानों में रहकर अपना जीवन यापन करने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में स्थिरता आने लगी है और ये स्थिरता प्रदान की है, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने। शासन की योजनाएँ जब धरातल पर सही ढंग से कार्यान्वित होती हैं, तो आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक  बदलाव होता है।          धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम सिंगपुर निवासी श्री समारू के जीवन में बदलाव अब साफ देखने को मिल रहा है। समारू राम को अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् आवास योजना के साथ- साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे बचपन से वे इसी गांव में निवासरत हैं। उनके पास स्वयं की संपत्ति के रूप में जो कुछ था, तो वह था पुश्तैनी जर्जर कच्चा मकान। प्रत्येक व्यक्ति के समान उसकी भी इच्छा थी कि उसका खुद का पक्का मकान हो, इस सपना को प्रधानंत्री जनमन योजना ने पूरा किया। योजना की जानकारी मिलते ही समारूराम ने अपना आवस बनवाने के लिए आवेदन किया, ग्राम सभा के अनुमोदन पश्चात् उनका चयन उनका चयन पक्का आवास बनाने के लिए किया गयाा। योजनांतर्गत उसके बैंक खाते में पहली किस्त आते ही समारू ने मकान निर्माण की नींव रखी और शासन के सहयोग से देखते ही देखते सुंदर आवास का सपना सकार हुआ। समारू राम जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर रहा था, वे अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित पक्के आवास में परिवार के साथ सम्मानजनक सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उनके चेहरे पर उमंग साफ देखी जा सकती है।    समारू राम का कहना है कि अब हमें बारिश, ठंड या गर्मी की चिंता नहीं है। मेरा परिवार सुरक्षित है। यह घर मेरे लिए सिर्फ दीवारें और छत नहीं है, यह हमारे सपनों की बुनियाद है। शासन के सहयोग से बना  यह आवास न केवल उसके सपने को पूरा किया बल्कि मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से भी आजादी दिलाई। उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजनांतर्गत 01 हजार 469 आवास स्वीकृत है, जिनमें से 815 आवासों को पूर्ण कर लिया गया है, शेष 654 आवास निर्माणधीन है, जो शीघ्र पूर्ण हो जायेंगे। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तह्त हितग्राहियों को 2 लाख रूपये की सहायता राशि 4 किश्तों में प्रदान की जाती है। पहली किश्त 40 हजार, दूसरी किश्त 60 हजार, तीसरी किश्त 80 हजार और चौथी किश्त 20 हजार रुपए है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् हितग्राही को 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की जाती है।

मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केन्द्रीकृत वेब आधारित ई-नगरपालिका 2.0 योजना प्रारंभ की है। यह योजना डिजिटल इण्डिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी और त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गयी है। यह योजना ई-गवर्नेंस का अनूठा उदाहरण है। ई-नगरपालिका 1.0 द्वारा नगरीय निकायों द्वारा प्रदत्त समस्त नागरिक सेवाओं, जन-शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य-प्रणाली, समस्त भुगतान और बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग आदि एवं भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप जैसे उमंग से भी एकीकृत किया गया है। प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को प्रदाय करने के लिये एकीकृत एकल एसएपी, ईआरपी प्लेटफार्म आधारित ई-नगरपालिका 1.0 लागू की गयी थी। इसके बाद ई-नगरपालिका 2.0 नगरीय निकायों में लागू कर दी गयी है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल तथा 24 नागरिक सेवाएँ शामिल हैं। भौतिक अवसंरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 में जीआईएस एकीकरण और ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग किया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगरपालिका 2.0 का एकीकरण किया जा रहा है। ई-नगरपालिका 2.0 ओपन सोर्स प्लेटफार्म टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ई-नगरपालिका 2.0 पोर्टल का विकास 2 वर्ष तथा 5 वर्ष के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य वेंडर द्वारा किया जायेगा। विभाग द्वारा अपनी वेबसाइट भी प्रारंभ की गयी है, जिसका यूआरएएल www.mpurban.gov.in है। वेबसाइट पर विभाग द्वारा नगरीय निकायों से संबंधित आवश्यक जानकारी स्टेटिक और डॉयनेमिक रूप में उपलब्ध करायी गयी है।  

प्रदेश में 15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्रीमानसून की हलचल

भोपाल मानसून 2025, 14 दिन से महाराष्ट्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे नहीं बढऩे से मानसून सीजन में हीटवेव ने घुसपैठ कर दी है। सोमवार 9 जून से राजस्थान से चली गर्म हवा की वजह से मध्य प्रदेश में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यहां कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। मानसून 2025, 14 दिन से महाराष्ट्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे नहीं बढऩे से मानसून सीजन में हीटवेव ने घुसपैठ कर दी है। 9 जून से राजस्थान से चली गर्म हवा की वजह से मध्य प्रदेश में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यहां कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन समेत एमपी के कई शहरों में आसमान से आग बरसी। गर्मी ने जैसे शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। दोपहर का आलम ये है कि व्यस्ततम सड़कें खाली नजर आ रही हैं। नौतपा जैसी गर्मी का दौर अब चल रहा है। ग्वालियर में 24 दिन में दूसरी बार सबसे ज्यादा गर्मी इस सीजन में ग्वालियर में 24 दिन बाद दूसरी बार अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इससे पहले 16 मई को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हीटवेव भी चलीं। मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है। आज 11 जून को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो सकता है। गर्म हवाओं से आसमान साफ, चलीं हीट वेव्ज दरअसल जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं आ रही है। राजस्थान की गर्म हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही है। इस हवा की वजह से आसमान साफ हो गया है। दोपहर में हीटवेव चलने से गर्मी बढ़ गई। छह घंटे तक तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। शहर भीषण गर्मी से तप गया। सूर्य अस्त के बाद भी गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। 15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्री-मानसून बंगाल की खाड़ी में 13 जून को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से सुस्त अवस्था में पड़ा मानसून एक बार फिर एक्टिव हो जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा। 16 जून से शहर में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाएगी। आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी तब भी झेलनी पड़ेगी। 14 साल का रिकॉर्ड टूटा! इस बार नहीं पड़ी नौतपे की मार मध्य प्रदेश में इस बार मौसम (MP Weather) ने पिछले 14 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है. 14 वर्षों के मुकाबले इस बार का नौतपा (Nautapa) सबसे ज़्यादा ठंडा रहा है. नौतपे के दौरान अत्यधिक तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया है, जो बीते सालों के मुकाबले सबसे कम है. कब से कब तक था नौतपा? भोपाल में इस साल का नौतपा बीते सोमवार को समाप्त हो गया. 25 मई से 2 जून तक चलने वाले नौतपा ने इस बार तापमान के लिहाज से नया रिकॉर्ड बना दिया. बीते 14 साल में यह सबसे ‘ठंडा’ नौतपा रहा. इन 9 दिनों में दिन का औसत अधिकतम तापमान महज 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. नौतपा में सिर्फ एक दिन ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंच सका. इसकी विदाई भी आंधी और हल्की बौछारों के साथ हुई. इसने गर्मी और उमस को गायब कर दिया. जहां नौतपे के दौरान आम तौर पर भीषण गर्मी और हीट वेव के अलर्ट जारी होते थे तो वहीं, इस बार लगभर हर दिन 30 से 35 जिलों में बारिश के अलर्ट जारी रहे. गर्म हवाओं से आसमान साफ, चलीं हीट वेव्ज दरअसल जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं आ रही है। राजस्थान की गर्म हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही है। इस हवा की वजह से आसमान साफ हो गया है। दोपहर में हीटवेव चलने से गर्मी बढ़ गई। छह घंटे तक तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। शहर भीषण गर्मी से तप गया। सूर्य अस्त के बाद भी गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। पहला सप्ताह बीता राहत का, दूसरे में झुलसे लोग वैसे जून का पहला सप्ताह ज्यादा तपता है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह में काफी राहत रही। तापमान सामान्य से ऊपर नहीं आ सका था, लेकिन दूसरे सप्ताह में भीषण गर्मी रही। जबकि दूसरे सप्ताह में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाती है। जून के तीसरे सप्ताह में आंधी व बारिश का दौर चलेगा। चौथे सप्ताह में मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। इस बार ग्वालियर में बारिश औसत से पीछे चल रही है। पारे की चाल समय – तापमान 0530 – 31.0 0830 – 36.8 1130 – 42.4 1430 – 44.2 1730 – 43.4 जून में अगले छह दिन में दर्ज होने वाला अधिकतम तापमान तारीख- पारा 10 – 45 11 – 46 12 – 45 13 – 45 14 – 42 15 – 43 15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्रीमानसून बंगाल की खाड़ी में 13 जून को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से सुस्त अवस्था में पड़ा मानसून एक बार फिर एक्टिव हो जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा। 16 जून से शहर में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाएगी। आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी तब भी झेलनी पड़ेगी। एमपी में 19-25 जून के बीच मानसून देगा दस्तक 19 से 25 जून के बीच मानसून की ग्वालियर चंबल संभाग में दस्तक हो सकता है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर से तेज बारिश की संभावना है। मानसून की पूर्वी शाखा से अंचल में मानसून आता है। हीटवेव का अलर्ट, इस दिन होगी मानसून की एंट्री ग्वालियर चंबल, बुंदेलखंड क्षेत्र में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे है। … Read more

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