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UPSC IES ISS परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड, 20 जून से एग्जाम, देखें लिंक और स्टेप्स

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने भारतीय आर्थिक सेवा/ भारतीय संख्यायिकी सेवा परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। जिसे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत पड़ेगी। एडमिट कार्ड के लिए लिंक 22 जून 2025 रहेगा। इसके साथ “उम्मीदवारों को महत्वपूर्ण निर्देश” का प्रिन्ट आउट जरूर निकालें। एग्जाम हॉल में ई-एडमिट कार्ड और निर्देशों की हार्डकॉपी के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। एडमिट कार्ड (UPSC IES ISS 2025 Admit Card) में उम्मीदवार का काम, रजिस्ट्रेशन नंबर, परीक्षा की तारीख, समय और जानकारी उपलब्ध रहेगी। यूपीएससी आईएएस/आईएसएस परीक्षा देश भर के विभिन्न शहरों में 20 जून से लेकर 22 जून के बीच आयोजित की जाएगी। इस साल किल 48 पदों पर भर्ती होने वाली है। जिसमें से भारतीय आर्थिक सेवा के लिए 18 और भारतीय संख्यायिकी सेवा के लिए 30 पद खाली हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। एग्जाम पेन एंड पेपर मोड में होगा। ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश पत्र?  सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर इंडियन इकोनॉमिक सर्विस एग्जामिनेशन/इंडियन स्टैटिसटिक्स सर्विस एग्जामिनेशन 2025 ई-एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें। नया पेज खुलेगा जरूरी दिशानिर्देशों को पढ़ें। फिर आगे बढ़ें। अब रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और कैप्चा कोड दर्ज करके “:सबमिट” बटन को दबाएं। स्क्रीन पर प्रवेश पत्र नजर आएगा। इसे अच्छे से चेक करें। भविष्य के संदर्भ में हॉल टिकट का प्रिंटआउट निकाल कर अपने पास जरूर रख लें। समस्या होने पर क्या करें? यदि उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय की कोई परेशानी होती है वे हेल्पडेस्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। तकनीकी समस्याओं के लिए system-upsc@gov.in पर ईमेल भेजें। वहीं उम्मीदवार के डेटा से संबंधित समस्याओं के लिए uscms-upsc@nic.in पर ईमेल भेज सकते हैं। आयोग ने सभी उम्मीदवारों को सावधानी पूर्वक ई-प्रवेश पत्र की जांच करने की सलाह दी है। कोई भी विसंगति होने पर तत्काल प्रभाव ने यूपीएससी को सूचित कर सकते हैं।

रिपोर्ट में बताया- चाहकर भी बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे 14 पर्सेंट भारतीय, 38 फीसदी लोगों को एक बात का डर

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से जारी एक रिपोर्ट में भारत समेत दुनिया के कई देशों में घटती जन्म दर को लेकर अलर्ट किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में जन्म दर अब प्रति कपल 1.9 ही रह गई है, जो कि रिप्लेसमेंट लेवल से कम है। जनसंख्या विज्ञानियों का मानना है कि आबादी का रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 है, ऐसे में प्रजनन दर 1.9 ही रह जाना चिंता का विषय है। भले ही भारत की आबादी में अभी सीधे तौर पर असर नहीं दिख रहा है, लेकिन एक पीढ़ी यानी कुछ दशकों में बाद गंभीर चिंता की स्थिति बन सकती है। अब सवाल यह है कि जन्म दर में इस गिरावट के क्या कारण हैं? संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस सवाल का भी जवाब दिया गया है। दुनिया के 14 देशों के सर्वे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। इस सर्वे में घटती जन्मदर को लेकर भी लोगों से एक सवाल भी पूछा गया कि आखिर आप जितने बच्चे पैदा करना चाहते हैं, उससे कम क्यों किए या फिर एक भी क्यों नहीं किया। इसके जो जवाब लोगों ने दिए हैं, उनसे कई चीजें स्पष्ट होते हैं और लोगों की चिंताएं भी समझ में आती हैं। भारत की बात करें तो 13 फीसदी लोगों ने कहा कि वे इसलिए बच्चे पैदा नहीं कर पाए क्योंकि वे बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं या फिर गर्भ ठहरने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा 14 फीसदी लोगों का कहना था कि वे प्रेग्नेंसी से जुड़ी मेडिकल समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं 15 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनका कहना है कि वे खराब स्वास्थ्य या फिर किसी गंभीर बीमारी के चलते पैरेंट नहीं बन पा रहे हैं। एक चिंता आर्थिक भी है, जिसके बारे में 38 फीसदी लोगों ने राय जाहिर की है। इन लोगों का कहना है कि आर्थिक सीमाओं के चलते वे परिवार नहीं बढ़ाना चाहते। उन्हें लगता है कि यदि परिवार बहुत बढ़ा लिया तो फिर बच्चों की परवरिश, शिक्षा, रिहायश जैसी चीजें व्यवस्थित तरीके से पूरी नहीं हो सकेंगी। वहीं 22 फीसदी लोगों की चिंता आवास से जुड़ी है और 21 फीसदी लोग रोजगार के अवसरों की कमी के कारण बच्चे नहीं पैदा करना चाहते। दिलचस्प बात है कि आर्थिक चिंता के चलते परिवार बढ़ाने से बचने वालों की संख्या अमेरिका में भी 38 फीसदी ही है।  

ढाई लाख में की शादी दुल्हन टॉयलेट के बहाने भागी, कैलासर से आए दूल्हे को दलालों ने फंसाया

रोहतास/ कैलासर  सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि बिहार के सासाराम में एक भगोड़ी दुल्हन की खबर सामने आई है। जहां मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलासर का रहने वाला मोनू राज शिवहरे दलाल के जरिए ढाई लाख रुपये देकर रोहतास जिले के तिलौथू की काजल कुमारी से शादी रचाने पहुंचा। सासाराम के धर्मशाला मोड़ पर स्थित एक धर्मशाला में फर्जी पंडित ने मोनू राज की धर्मशाला के कमरे में ही शादी कर दी। शादी के बाद टॉयलेट के बहाने भागी दुल्हन शादी के बाद टॉयलेट जाने के बहाने नई नवेली दुल्हन फरार हो गई। बाद में कथित रूप से पता चला कि लड़की के फर्जी चाचा, फर्जी बहन, फर्जी मामा भी ढाई लाख रुपये लेकर फरार हो गए। इसके बाद रोता-गाता हुआ दूल्हा सासाराम के नगर थाना फरियाद लेकर पहुंचा। धर्मशाला के कमरे में नकली पंडित ने कराई शादी इस पूरे प्रकरण में सासाराम के तकिया मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही पिंकी देवी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उसने ही धर्मशाला के एक कमरे में शादी कराने के लिए ढाई लाख रुपये कैश लिए थे। आरोप है कि फर्जी शादी कराकर दुल्हन सहित सभी फर्जी बहन, फर्जी चाचा, फर्जी मामी फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने एक नकली चाची को पूछताछ के लिए अपने पास बिठाया है। राजो देवी नामक एक महिला जो करगहर की रहने वाली है, जो दुल्हन की चाची बनी थी। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। लड़की की कमी के चलते MP से बिहार पहुंचा था शादी करने पीड़ित दूल्हा और उसके भाई ने बताया कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास वे लोग रहते हैं। वहां लड़कियों की कमी है। कई लड़के कुंवारे ही जीवन बिता रहे हैं। ऐसे में दलाल के माध्यम से संपर्क हुआ कि बिहार में ढाई लाख रुपये में शादी के लिए लड़की मिल रही है। चूंकि इस पूरे प्रकरण में पिंकी देवी नामक महिला ही मास्टरमाइंड है। दूल्हा पक्ष ने पैसे के लेनदेन का वीडियो भी बना लिया है। जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसकी हम पुष्टि नहीं करते। बताया जाता है कि लड़की अपने साथ आभूषण और कई उपहार भी लेकर भाग गई। दूसरे राज्यों में बेची जाती रही हैं रोहतास की लड़कियां रोहतास जिले के पर्वतीय इलाकों की गरीब लड़कियों को पहले भी दलाल टारगेट करते रहे हैं। उन्हें हरियाणा, मध्य प्रदेश जैसे इलाके में पैसे लेकर बेचने का धंधा चलता रहा है। इस बार मामला उलटा पड़ा है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस से शादी करने आया दूल्हा ही यहां लूट गया है। कल रात से ही दूल्हा, उसका भाई संजय शिवहरे सासाराम के नगर थाने में ही अपनी गुहार लेकर बैठा है। उधर, पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है। पूरे प्रकरण के पीछे एक बड़ा गैंग कम कर रहा है। पूरे मामले पर सासाराम अनुमंडल पुलिस अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि मामले का जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा। इसके बाद रोता बिलखता दूल्हा नगर थाने में शिकायत करने पहुंचा। पीड़ित युवक की पहचान मुरैना जिले के कैलासर निवासी संजय शिवहरे (40) के रूप में हुई है। 5 दिन पहले मुरैना से सासाराम आया था दूल्हा दूल्हा संजय शिवहरे ने बताया, ‘मेरे गांव में लड़कियों की कमी है। एक महीने पहले गांव में एक दलाल से मेरी मुलाकात हुई। उसने मेरी शादी करवाने का वादा किया।’ ‘इसके लिए उसने लड़की वालों को ढाई लाख रुपए देने की शर्त रखी। उसकी बातों में आकर मैं तैयार हो गया। 5 दिन पहले मैं अपने बड़े भाई के साथ सासाराम आया।’ ‘बिक्रमगंज के होटल में बिहार की दलाल पिंकी देवी ने लड़की को दिखलाया। लड़की पसंद आने पर शादी की बात तय हो गई। ‘मंगलवार की रात सासाराम की धर्मशाला के कमरे में फर्जी पंडित ने साड़ी, फुल, मिठाई और 551 रुपए दिलवाए। इसके बाद कमरे में ही हमारी शादी हुई।’ सब भाग गए फर्जी चाची पकड़ी गई पुलिस को दिए आवेदन में दूल्हे ने बताया ‘इस पूरे मामले में सासाराम के तकिया मोहल्ले में किराए पर रहने वाली पिंकी देवी मुख्य आरोपी है। उसने ही धर्मशाला में शादी कराने के लिए पैसे लिए।’ जिसका हमने वीडियो बना लिया।’ ‘शादी के थोड़े देर बाद लड़की टॉयलेट जाने के बहाने कमरे से निकली और भाग गई। धीरे-धीरे करके फर्जी बहन, फर्जी चाचा, फर्जी मामी सब फरार हो गए। लेकिन आखिर में हमने नकली चाची राजो देवी को पकड़ लिया। जिसे हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।’ बहन के मना करने पर भी कराई शादी दूल्हे के बड़े भाई मोनू राज शिवहरे ने बताया कि ‘छोटे भाई की शादी करने एमपी से सासाराम आए थे। यहां आने के बाद हमें लड़की दिखाई गई। लड़की पसंद आने के बाद मैंने अपनी बहन को फोन किया। उसे जब बताया कि लड़की हमें पसंद आई है और शादी के लिए ढाई लाख की डिमांड की है।’ ‘इतने में दीदी ने शादी के लिए मना करते हुए बोला कि दलाल के चक्कर में मत पड़ो। वापस आ जाओ, यहीं शादी करवा देंगे। लेकिन हमने उनकी बात नहीं मानी और पैसे देकर धर्मशाला में शादी करवा दी।’ पुलिस हिरासत में फर्जी चाची करगहर निवासी राजो देवी ने बताया कि ‘पिंकी देवी से बाजार में खरीदारी के दौरान दोस्ती हुई थी। उसके बोलने पर वो शादी में शामिल होने आई थी। उन्हें भगोड़ी दुल्हन और फर्जी शादी के बारे में जानकारी नहीं थी।’ हालांकि, पीड़ित युवक का कहना है कि ये दुल्हन की चाची बनकर मुझसे मिली थी। शादी होने के बाद मुझे पकड़कर फूट-फूटकर रो रही थी। सासाराम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि ‘पैसे लेकर दुल्हन के भागने का मामला आया है। पीड़ित के आवेदन पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।’

अंतिम संस्कार कर वापस लौट रहे भाजपा नेता की सड़क हादसे में मौत

मैहर  मैहर के भाजपा नेता की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार के पांच सदस्य घायल भी हुए हैं। सभी लोग अपने परिवार की महिला का प्रयागराज में अंतिम संस्कार कर वापस आ रहे थे।  मैहर के भाजपा नेता और पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम चौरसिया(55) की चाची और लवकुश चौरसिया की मां का मंगलवार को निधन हो गया था। चाची की इच्छा के अनुसार परिवार के 6 सदस्य उनका अंतिम संस्कार करने प्रयागराज गए थे। वापस लौटते समय हादसा हो गया। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक मौके से फरार हो गया। एंबुलेंस में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में पोलो चौरसिया (28), दिवाकर चौरसिया (60), लखन चौरसिया (46), रामलाल चौरसिया (55) और प्रमोद चौरसिया (45) शामिल हैं। सभी घायलों को सतना के बिड़ला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमरपाटन थाना प्रभारी केपी. त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घायलों को तत्काल बचाव दल की मदद से एंबुलेंस से निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। फरार चालक की तलाश जारी है।

बिजली खपत कम करेंगे तो बिल भी कम ही आएगा, रीडिंग में भी कोई गड़बड़ी नहीं हो रही

बिजली खपत कम करेंगे तो बिल भी कम ही आएगा, रीडिंग में भी कोई गड़बड़ी नहीं हो रही घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने बताए फायदे  भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में घरेलू स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। भोपाल शहर वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो अनेक सकारात्मक पहलू सामने आए। अधिकतर स्मार्टमीटर उपभोक्ताओं ने फायदा होने की बात कही है। मकान नंबर 23, देवीनगर कॉलोनी करोंद भोपाल के उपभोक्ता महेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा, लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। बल्कि अब तो ऐप के माध्मय से अपने घर के बिजली उपयोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि जो उपकरण हम अधिक समय चलाते थे, उन पर नियंत्रण करने से बिल में अब कमी आई है। इसी तरह करोंद के ही देवकी नगर की उपभोक्ता श्रीमती देव कुमारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप रीडिंग हो रही है और सटीक रीडिंग हो रही है। अब तो न कोई रीडिंग लेने आता है, बल्कि अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। एक अन्य स्मार्ट मीटर उपभोक्ता मकान नंबर 87, गांधीनगर निवासी शेरू रजक ने बताया कि अब हमें बिजली की खपत की हर पंद्रह मिनट में जानकारी मिल रही है। इससे अंदाजा लगाना आसान हो गया कि हम किस समय कितनी बिजली की खपत करते हैं। इससे एक तो बिजली की बचत करने में आसानी हो रही है, दूसरी बात यह कि बिल में पूरी पारदर्शिता आ गई है, क्योंकि रीडिंग में गलती होने की अब जरा सी भी गुंजाइश नहीं है। मकान नंबर 53, एकतापुरी निवासी अमित सेमल ने बताया कि वे जिस किराए के मकान में रहते हैं, वहां स्मार्ट मीटर लगा है। हमें डर था कि कहीं बिल अधिक आया तो कैसे भरेंगे। लेकिन नया मीटर लगने के बाद पहले ही महीने में हमने देखा कि सब्सिडी घटाकर बिल तो 82 रूपये ही आया है। इसके बाद लगातार तीन माह हो गए 100 रुपये से कम ही बिल आ रहा है, क्योंकि हमारी बिजली खपत कम है। इसलिए हमारे लिए तो यह मीटर फायदेमंद है। घरेलू स्मार्ट मीटर के फायदे              ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।              बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।              एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।              ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।              ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।              ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।              ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद कर सकता है।  

सरकार ने बदले AC के नियम! अब नहीं मिलेगी 20°C से नीचे की बर्फीली हवा, जानिए Plan

नई दिल्ली भारत सरकार अब एयर कंडीशनर (AC) के उपयोग को लेकर एक नया नियम लागू करने जा रही है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐलान किया है कि अब देशभर में ACs के तापमान को एक तय सीमा में रखा जाएगा. इस नई योजना के तहत AC को 20 डिग्री सेल्सियस से कम ठंडा नहीं किया जा सकेगा, जबकि अधिकतम तापमान सीमा 28 डिग्री सेल्सियस रखी जाएगी. मनोहर लाल खट्टर ने बताया साहसिक कदम मंत्री ने इसे ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) की दिशा में एक “साहसिक कदम” बताया है. उनका कहना है कि ये कदम AC के जरिए जरूरत से ज्यादा बिजली खपत को रोकने में मदद करेगा. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में जब बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है, तब ऐसे छोटे बदलाव भी बड़े असर डाल सकते हैं. लक्ष्य है बिजली की बचत करना भारत में अक्सर देखा गया है कि घरों और दफ्तरों में AC का तापमान 18 डिग्री या उससे भी कम तक सेट कर दिया जाता है. इससे बिजली की खपत बहुत ज्यादा हो जाती है और बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ता है. अब सरकार चाहती है कि सभी यूजर्स के लिए एक समान नियम हो, जिससे बिजली की बचत की जा सके. क्यों जरूरी हुआ ये बदलाव? केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि जितना कम तापमान पर एसी चलता है, उतनी ही ज्यादा बिजली की खपत होती है. इससे न केवल ऊर्जा की बर्बादी होती है, बल्कि पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इस कदम से क्लाइमेट चेंज से लड़ने और बिजली की बचत में मदद मिलेगी. जापान और इटली में पहले से लागू है ऐसा नियम प्रेस कॉन्फ्रेंस में खट्टर ने बताया कि दुनिया के कई देशों में यह प्रणाली पहले से लागू है. जापान में एसी का तापमान 26°C पर फिक्स किया गया है. इटली में यह सीमा 23°C है. भारत भी अब इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है ताकि 2030 और 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. अभी कितने डिग्री पर चलते हैं एसी? वर्तमान में बाजार में उपलब्ध अधिकतर एसी 16°C तक के न्यूनतम तापमान पर चल सकते हैं. लेकिन सरकार के इस प्रस्ताव के बाद नई तकनीक वाले एसी में यह लिमिट पहले से फिक्स होगी. यानी उपभोक्ता चाहकर भी एसी को 20 डिग्री से कम या 28 डिग्री से अधिक पर सेट नहीं कर पाएंगे. यूजर्स पर क्या असर होगा? अगर यह नियम लागू होता है, तो बाजार में मौजूद ऐसे AC जिनका तापमान 16°C या 18°C तक जाता है, वे अब 20°C से कम पर कूल नहीं करेंगे और अधिकतम तापमान 28°C तक सीमित रहेगा. इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि लंबे समय में उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में राहत भी मिलेगी. जनता से राय मांगी गई सरकार ने इस फैसले से पहले mygov.in पोर्टल पर एक पब्लिक सर्वे भी शुरू किया है, जिसमें लोगों से पूछा गया है कि उनके लिए सबसे उपयुक्त AC का तापमान क्या है. यह सर्वे 25 मार्च 2025 तक खुला रहेगा, और इसका उद्देश्य जनता की आदतों और कूलिंग की जरूरतों को समझना है. बिजली बचत में कितना असर पड़ेगा? ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के अनुसार, AC का तापमान बढ़ाकर बिजली की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, यदि AC को 20°C से 24°C पर सेट किया जाए, तो करीब 24% तक बिजली की बचत होती है. हर 1 डिग्री तापमान बढ़ाने पर लगभग 6% बिजली की बचत होती है. अगर भारत के 50% AC उपयोगकर्ता यह आदत अपना लें, तो 10 अरब यूनिट बिजली सालाना बचाई जा सकती है, करीब ₹5,000 करोड़ की बचत हो सकती है और 8.2 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन भी घटाया जा सकता है. यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी जरूरी कदम है. 

सिपरी साफ्टवेयर की बारीकियां सीखने गुरूवार को भोपाल आया महाराष्ट्र का 9 सदस्यीय दल

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल  जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचार का अध्ययन करने महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा। यह दल 12 जून को भोपाल आएगा। साथ ही फील्ड में जाकर सिपरी साफ्टवेयर खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल चयन में किस तरह से काम करता है, दल के सदस्य इसकी बारीकियां सीखेंगे। इसके साथ ही मनरेगा परिषद द्वारा कार्ययोजना को लेकर तैयार किए गए प्लानर ऐप के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। इस दौरान दल के सदस्य 12 जून को भोपाल एवं 13 जून को रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण करेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बारिश के पानी को बचाने के लिए बनाए जा रहे खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का कार्य देखेंगे। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग द्वारा बीते दिनों राष्ट्रीय समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समीक्षा कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद ने मध्य प्रदेश में “जल संरक्षण व संवर्धन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के कार्यों के चयन तथा मॉनिटरिंग के लिए किए गए नवाचार सिपरी SIPRI सॉफ्टवेयर (A Decision Support System) का प्रस्तुतीकरण किया था, जिसकी भारत सरकार द्वारा प्रशंसा की गई थी। साथ ही भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के इस नवाचार को समीक्षा कार्यवाही विवरण में रेखांकित किया। राष्ट्रीय समीक्षा में आए हुए अन्य राज्यों के प्रमुख सचिवों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भी सिपरी (SIPRI) की उपयोगिता की सराहना की और अपने राज्यों में भी इसके उपयोग की रुचि दिखाई थी। अन्य राज्यों से भी सिपरी (SIPRI) के अध्ययन के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हो रहे है। इसी के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रानादेवी के नेतृत्व में 9 सदस्यों का दल 12 और 13 जून को मध्य प्रदेश प्रवास पर आ रहा है। वे यहां आकर SIPRI सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे। साथ ही इसे कैसे बनाया गया है, इसमें किस-किस तरह के डेटाबेस का उपयोग किया जा रहा है इसका गहन अध्ययन करेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि इसका उपयोग वे किस तरीके से महाराष्ट्र में प्राकृतिक संसाधन संरक्षण के कार्यों के लिए कर सकते हैं। इस दल में महाराष्ट्र शासन के मंत्रालय, जिला और विकास खंड स्तर के अधिकारी शामिल है।  

‘युवा पीढ़ी अदालत के तौर-तरीके नहीं सीखना चाहती: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को टिप्पणी की कि आज की पीढ़ी अदालत के तौर-तरीके (कोर्ट क्राफ्ट) नहीं सीखना चाहती। न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की, जब एक युवा वकील अदालत का आदेश पढ़े जाते समय बहुत सामान्य तरीके से वहां से जाने लगीं। जब मामला सुनवाई के लिए आया तो वकील ने अदालत से कहा कि कार्य स्थगन के लिए एक पत्र वितरित किया गया है। जब पीठ ने आदेश पढ़ना शुरू किया तो वह वहां से जाने लगीं। पीठ ने इस पर नाखुशी जताते हुए कहा, ‘युवा पीढ़ी अदालत के तौर-तरीके नहीं सीखना चाहती। मामलों को पढ़ना केवल 30 प्रतिशत है, बाकी 70 प्रतिशत अदालत के तौर-तरीके हैं।’ जब कोर्ट में अचानक सिगरेट पीने लगा वादी मामला मार्च का है। दिल्ली के एक कोर्ट में सुनवाई के बीच वादी सुशील कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सिगरेट पीने लगे। तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शिव कुमार सुनवाई कर रहे थे। कोर्ट ने सुशील कुमार से सवाल किया है कि कोर्ट की कार्यवाही के बीच वीसी पर सिगरेट पीने के लिए आपके खिलाफ ऐक्शन क्यों न लिया जाए? आदेश में कहा गया है कि जब दूसरे मामलों की सुनवाई चल रही थी, तब कुमार को फोन पर बात करते हुए देखा गया था। तब उन्हें ऐसा न करने की चेतावनी दी गई थी, क्योंकि इससे अदालत की कार्यवाही पर असर पड़ रहा था। हालांकि, उन्होंने कोर्ट की आपत्ति पर ध्यान नहीं दिया और उसके बाद उनका ऑडियो म्यूट कर दिया गया। जब उनके केस पर सुनवाई शुरू हुई, तो इस बर्ताव के बारे में पूछा गया। उन्होंने अदालत से माफी मांगी और दोबारा ऐसा नहीं करने का वादा किया।  

सोम प्रदोष व्रत, जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. शिव पुराण में इस व्रत का महिमा मंडन है. इस दिन भगवान शिव के भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा और व्रत का पालन करते हैं. कहते हैं कि इस व्रत को करने से साधक की सभी मनोकामना पूरी होती है. साथ ही जीवन में व्याप्त संकटों से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा अविवाहितों के विवाह के योग बनने के साथ मनपसंद जीवन साथी भी मिल सकता है. वहीं अगल-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत की महिमा भी अलग-अलग होती है. आषाढ़ माह का पहला प्रदोष व्रत कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 23 जून को देर रात 1 बजकर 21 मिनट पर होगी, वहीं तिथि का समापन 23 जून को रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष व्रत 23 जून को किया जाएगा. सोम प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के पहले ,सोम प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा का शुभ मुहूर्त की शुरुआत शाम 7 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 23 मिनट पर होगी. इस दौरान व्रत विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकते हैं. सोम प्रदोष व्रत का महत्व सोमवार के दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. वहीं इस दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवों के देव महादेव को समर्पित इस व्रत को करने से यह प्रदोष व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते है और उन्हें शिव धाम की प्राप्ति होती है.

लाइफ शांति और सुकून बितानी हो तो इन लोगों से रहे दूर

हर कोई चाहता है कि उनकी लाइफ शांति और सुकून से भरी रहे। जीवन में खूब तरक्की करना भी सभी चाहते हैं। कुल मिलाकर किसी के लाइफ गोल पूछें तो मोटा-मोटा यही तीन-चार चीजें निकल कर आती हैं। अब सवाल है कि खुद के लिए ऐसी लाइफ कैसे बनाई जाए। मेहनत और किस्मत, तो दो जरूरी फैक्टर्स हैं ही लेकिन आपके इर्द गिर्द कैसे लोग हैं, ये भी बहुत मायने रखता है। आपने बड़े-बुजुर्गों से भी सुना होगा कि आपकी संगति ही आपके जीवन की दिशा और दशा तय करती है। कई बार हमारे सर्कल में ऐसे लोग मौजूद होते हैं, जो आसपास एक नेगेटिविटी का जैसे घेरा सा बना देते हैं। इनके आसपास रहकर शांति, सुकून और सफलता की तलाश करना, लगभग नमकुकिन होता है। अगर आप भी जीवन में पॉजिटिव बदलाव चाहते हैं, तो इन खास किस्म के लोगों से दूर रहें। जो हमेशा करें आपकी तुलना ‘अरे तुम्हारी दोस्त तुमसे ज्यादा सुंदर है ‘, ‘देखो उन्होंने तो ये कर लिया लेकिन तुम अभी तक नहीं कर पाए’। ऐसा कितनी बार कुछ लोग मजे-मजे में बोल जाते हैं, जो कहीं ना कहीं आपके मन में बैठ जाता है। ये उस किस्म के लोग होते हैं, जिन्हें खूब मजा आता है आपकी दूसरों से तुलना करने में। इनका मकसद ही होता है कि कैसे आपको छोटा दिखाया जाए, ताकि आप भी अपनी नजरों में खुद को ले कर ऐसा ही सोचें। अगर आसपास भी आपको ऐसे लोग दिखते हैं, तो इन्हें अवॉइड करने की कोशिश करें। कभी अवॉइड ना कर पाएं तो खुद के लिए जरूर स्टैंड लें। जो दूसरों की चुगली में हों एक्सपर्ट इस खास किस्म के लोग हमारे आसपास अक्सर मिल जाते हैं। इन्हें दूसरों की बुराई करने, किसी को छोटा दिखाने में खूब मजा आता है। लेकिन एक बात याद रखिएगा जितनी शिद्दत से ये दूसरों की चुगली आपके साथ करते हैं, उतने ही मजे से आपकी चुगलियां भी दूसरों के आगे उड़ेलते नजर आएंगे। वैसे भी किसी की बुराई कर के खुशी कभी मिलने से तो रही। इसलिए आसपास शांति और सुकून चाहिए जो ऐसे लोगों को अपनी लाइफ से कट कर दें। जो आपके सपनों का उड़ाते हों मजाक कुछ लोग होते हैं जो आपके सपनों का मजाक उड़ाते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने कहा कि आपको फ्यूचर में एक बड़ा घर या गाड़ी लेनी है। तो इनका सबसे पहला रिएक्शन यही होगा ‘रहने दो आपसे हो गया’, ‘अरे अपनी औकात में रहकर सपने देखो’। इस तरह के टॉक्सिक लोग कभी आपको कुछ ऊंचा सोचने ही नहीं देंगे। आप कुछ अच्छा भी कर लें तो उसमें कमियां निकाल देंगे कि ये तो हर कोई कर लेता है। ऐसे लोगों से अगर समय रहते ना बचे, तो ये आपको नेगेटिविटी, डर, इनसिक्योरिटी जैसी नेगेटिव चीजें दिए बिना नहीं छोड़ने वाले। सिर्फ अपना मतलब निकालने वाले कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो आपके आसपास सिर्फ तभी दिखाई पड़ते हैं, जब इन्हें आपसे कुछ चाहिए होता है। सिर्फ अपने मतलब के लिए ये आपसे अपने रिश्ते ठीक रखते हैं। वहीं जैसे ही आपको इनकी कभी जरूरत पड़ जाए, ये फोन उठाना तक बंद कर देते हैं। ऐसे मतलबी लोगों को पहचानना सीखें और जितना हो सके इनसे दूर रहें। इन्हें आपके इमोशन, आपके स्ट्रगल किसी की कोई परवाह नहीं होती। ऐसे टॉक्सिक लोगों सिर्फ आपकी एनर्जी, टाइम और पैसा जाया करते हैं; बिना किसी वैल्यू एडिशन के। हमेशा नेगेटिव रहने वाले वाले लोग कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ थोड़ी देर बैठ जाने से ही सबकुछ बड़ा नेगेटिव सा लगने लगता है। ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने सारी एनर्जी सोख ली हो। ये होते हैं नेगेटिव किस्म के लोग, जो हर चीज में नेगेटिविटी ढूंढ लेते हैं। ये हमेशा सिर्फ दुखड़ा रोते हैं, हर चीज की शिकायत करते रहते हैं लेकिन उसे बदलने के लिए करना कुछ भी नहीं चाहते। ऐसे लोगों के साथ रहने से ना सिर्फ आपकी मेंटल पीस खराब होती है, बल्कि जिंदगी को देखने का आपस रवैया की नेगेटिव होने लगता है।  

श्रीनाथजी मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी और पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्नान उत्सव

राजसमंद नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी और पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रभु श्रीनाथजी का पारंपरिक ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस धार्मिक आयोजन में वैष्णव भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेवा कार्य में निरंतर योगदान दिया। तिलकायत राकेश कुमार महाराज एवं उनके पुत्र विशाल बावा (लाल बावा) ने वल्लभ कुल परिवार, श्रीजी व नवनीतप्रिया जी के निज सेवकों सहित यमुना स्वरूप भीतर की बावड़ी से स्वर्ण और रजत घटों में जल भरकर श्रीजी के स्नान हेतु संग्रह किया। स्नान से पूर्व जल का आरती दर्शन कर अधिवासन किया गया, जिसमें अष्टफूल, चंदन, केसर, गुलाब जल, बरास, अर्गजा सहित अनेक सुगंधित द्रव्यों का मिश्रण किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान को ग्रीष्म ऋतु में शीतलता प्रदान करना और उन्हें भक्ति भाव से सुगंधित जल से स्नान कराना था। परंपरा अनुसार यह मान्यता है कि यमुना जी स्वयं प्रभु को स्नान कराती हैं। स्नान के उपरांत श्रीजी प्रभु को सवा लाख आमों का विशेष भोग अर्पित किया गया। मोती महल चौक और श्रीनाथजी हवेली के विभिन्न द्वारों पर वैष्णवजन आमों की सेवा में रत रहे। भक्तगण अपने भावपूर्वक आम अर्पित कर प्रभु की सेवा का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं। इस विशेष अवसर पर श्रीजी प्रभु के मुखिया इंद्रवदन गिरनारा, प्रदीप सांचिहर, रजनीकांत सांचिहर, घनश्याम सांचिहर, मंदिर के अधिकारी सुधाकर शास्त्री, मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास, तिलकायत के सलाहकार अंजन शाह, मंदिर मंडल सदस्य सुरेश सांगवी, समीर चौधरी, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, मीडिया प्रभारी गिरीश व्यास, पंड्या परेश नागर, समाधानी उमंग मेहता, जमादार हर्ष सनाढ्य, जनम गांधी, कमल सनाढ्य सहित सैकड़ों वैष्णवजन उपस्थित रहे।    

यूपी के कई जिलों में पारा 45 के पार, हीटवेब की चेतावनी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। मंगलवार को झांसी का तापमान 46 डिग्री के पार निकल गया। प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा ऐसे शहर रहे जहां तापमान 43 डिग्री के पार रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में भीषण गर्मी पड़ सकती है। पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में जरूर मौसम मंगलवार की तुलना में थोड़ा बेहतर हो सकता है। प्रदेश में हीटवेब की चेतावनी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि हीटवेब के मरीजों के लिए कूलिंग वार्ड तैयार रखा जाए। उनके उपचार संबंधी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। दवा, जांच आदि के माकूल इंतजाम रखे जाएं। अन्य वार्डों में भी कूलर, पंखे और एसी को नियमित रूप से संचालित किया जाए। बिजली नहीं होने की स्थिति में जनरेटर सुविधा दी जाए। पूर्वी यूपी में मौसम में मामूली बदलाव  समूचा उत्तर प्रदेश प्रचंड गर्मी की चपेट में है। आसमान से बरस रही आग झुलसाने वाली तपिश दे रही है। मंगलवार को बुंदेलखंड, आगरा मंडल और दिल्ली एनसीआर के जिले सर्वाधिक गरम रहे। झांसी में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। 12 जिलों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री से ज्यादा रहा। इस बीच मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी के लिए कुछ राहत के संकेत दिए हैं। यहां 11 से 12 जून के बीच हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में अभी राहत की उम्मीद नहीं हैं। अगले दो दिन तक यहां लू चलने के संकेत हैं। भीषण गर्मी के चलते नौ बजे के बाद ही घर से निकलना भारी पड़ रहा है और दोपहर आते-आते खून सूखा देने वाली गर्मी महसूस हो रही है। प्रयागराज में 10 जून का दिन पिछले तीन साल में सबसे अधिक गर्म रहा। अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लखनऊ, आगरा, बांदा, वाराणसी, बुलंदशहर में भी तपिश और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। लखनऊ में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। लू चलने का अलर्ट जारी बुधवार से पूर्वी यूपी में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। बंगाल की खाड़ी से उठे नमी के असर से 11 से 12 जून के बीच पूर्वांचल के जिलों में गरज चमक और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में अगले एक दो दिन लू चलने के साथ-साथ रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहने की संभावना है।- वरिष्ठ वैज्ञानिक, अतुल कुमार सिंह, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ बुंदेलखंड के जिलों में लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग ने बुधवार को पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के 17 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें बांदा, चित्रकूट, कानपुर देहात, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर शामिल हैं। 43 डिग्री से ज्यादा गर्म जिले झांसी 46 उरई 45.2 आगरा 45.1 बांदा 44.8 कानपुर देहात 44.6 हमीरपुर 44.6 कानपुर शहर 43.9 इटावा 43.4 प्रयागराज 44.3 अलीगढ़, वाराणसी, बलिया 43  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बिस्मिल जी का पुण्य स्मरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां भारती की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जीवन समर्पित करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, श्रद्धेय रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की जयंती पर उन्हें नमन् किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काकोरी केस सहित विभिन्न प्रयासों से बिस्मिल जी ने दमनकारी हुकूमत की जड़ें हिला दीं और असंख्य देशवासियों को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। स्वतंत्रता सेनानी बिस्मिल जी  का योगदान स्मरणीय रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संत कबीर को नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान समाज सुधारक, कवि और संत कबीरदास जी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों, आडंबर एवं अंधविश्वास के विरुद्ध संत कबीर की जागृति अनंत काल तक समाज को लोक कल्याण की दिशा प्रदान करती रहेगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रख्यात साहित्यकार प्रो. हाशमी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रतलाम निवासी प्रख्यात साहित्यकार प्रो. अजहर हाशमी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। प्रो. अजहर हाशमी का कल रतलाम में निधन हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहित्य की विभिन्न विधाओं में श्री हाशमी ने निरंतर कार्य किया। वे विभिन्न धर्म ग्रंथों के अध्ययन में भी रुचि रखते थे। उनके निधन से मध्यप्रदेश ने एक शीर्ष और प्रतिष्ठित साहित्यकार खो दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रो. हाशमी की आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।  

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