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राहुल गांधी ने हाशिए पर पड़े छात्रों को बेहतर छात्रावास और समय पर छात्रवृत्ति के लिए पीएम मोदी को लिखा पत्र

 नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति में देरी की ओर ध्यान दिलाया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पत्र में देश के दलित, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों के हित में फैसले लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आवासीय छात्रावासों की स्थिति ‘दयनीय’ है। कांग्रेस सांसद ने मैट्रिक पास करने के बाद  हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के भुगतान में होने वाली देरी का मुद्दा भी उठाया। 90 फीसदी छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि छात्रों से जुड़े इन दो मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि हाशिए पर पड़े समुदायों से आने वाले 90 प्रतिशत छात्रों की शिक्षा में छात्रवृत्ति और छात्रावास के कारण बाधा आती है। बिहार दौरे पर छात्रों से मुलाकात का भी जिक्र अपने बिहार दौरे के अनुभव का उल्लेख कर राहुल ने कहा, बिहार के दरभंगा में आंबेडकर छात्रावास के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की। एक ही कमरे में 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय बदहाल हैं। पीने का पानी भी असुरक्षित है। भोजनालय की सुविधा नहीं मिलती। पुस्तकालयों या इंटरनेट जैसी बुनियादी सेवाएं भी नदारद हैं। पोर्टल ठप रहने के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिली राहुल ने कहा, हाशिए पर पड़े समुदायों से आने वाले छात्रों को मैट्रिक के बाद सही समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। बिहार का उदाहरण देते हुए राहुल ने अपने पत्र में दावा किया कि छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक ठप रहा। 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली।

वर्ल्ड क्रिकेट अब बदलाव की ओर अग्रसर है, अब कौन होंगे अगले ‘फैब-4’, दो भारतीय लिस्ट में

नई दिल्ली वर्ल्ड क्रिकेट अब बदलाव की ओर अग्रसर है, पिछले डेढ़ दशक में जिन स्टार खिलाड़ियों ने यहां राज किया है वह अब लुप्त होते जा रहे हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली, स्टीव स्मिथ, केन विलियमसन और जो रूट जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल हैं जिन्हें फैब-4 के नाम से जाना जाता था। कोहली ने टी20 के बाद टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया है। वहीं स्टीव स्मिथ वनडे तो जो रूट अब T20I नहीं खेलते हैं। वहीं केन विलियमसन का भी फोकस टी20 से हट चुका है वह अब वनडे और टेस्ट में ही नजर आते हैं। यह सभी खिलाड़ी अब 30 से अधिक की उम्र के है, ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि हम एक युग के अंत के करीब है। ऐसे में फैंस के जहन में एक ही सवाल है, इन खिलाड़ियों के जाने के बाद फैब-4 में कौन से नए खिलाड़ी शामिल होंगे? ऐसे में इस कठिन सवाल का जवाब मौजूदा फैब-4 में शामिल न्यूजीलैंड के केन विलियमसन ने देने की कोशिश की है। उन्होंने नए फैब-4 में एक नहीं बल्कि दो भारतीय खिलाड़ियों को रखा है। विलियमसन ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए कहा, “मल्टी-फॉर्मेट के मामले में जो खिलाड़ी दिमाग में आते हैं, वे हैं यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, रचिन रवींद्र और हैरी ब्रूक हैं।” इस लिस्ट में पांचवें खिलाड़ी को जोड़ते हुए वह बोले, “और साथ ही, कैमरून ग्रीन। ये सभी बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने सभी फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है। सभी युवा हैं और उनका खेल अभी निखर रहा है।” इंग्लैंड में होगा यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल का टेस्ट भारत को 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस सीरीज में शुभमन गिल औ यशस्वी जायसवाल का असली टेस्ट होगा। रोहित शर्मा और विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद इंग्लैंड दौरे पर रन बनाने का बोझ इन दोनों के कंधों पर ही होगा। गिल अपने कप्तानी करियर का आगाज भी इसी दौरे से करने जा रहे हैं।  

मंत्री शाह ने बताया है कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिये वचनबद्ध है

भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिये वचनबद्ध है। प्रदेश की प्रमुख पिछड़ी जनजाति में कोल जनजाति तीसरी प्रमुख पिछड़ी जनजाति है। उन्होंने कहा कि कोल जनजाति स्वतत्रंता आंदोलन में गौरवमयी संघर्ष की याद दिलाती है। संघर्षमयी इतिहास, उनकी शैली और संस्कृति स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के लिये जानी जाती है। मध्यप्रदेश में 10 लाख से भी ज्यादा कोल जनजाति के लोग निवासरत है। रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, जबलपुर और डिण्डौरी में मुख्यत: निवासरत है। बढ़ी आबादी कोल जनजाति केवल मध्यप्रदेश ही नहीं देश के उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य में भी निवास करती है। यह खरवार समूह की एक प्राचीन जनजाति है। ये स्वयं को शबरी माता का वंशज मानते है। कोल शब्द कुल से निकला है, जो समस्त का रूप है। ग्रामीण सांस्कृति की धड़कन है वाद्ययंत्र मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि कोल जनजाति का मुख्य जीविकोपार्जन वनोपज संग्रहण, कृषि और मजदूरी पर आधारित है। प्रकृति की पूजा करने वाली यह जनजाति जंगल, नदियों और पहाड़ों से गहरा नाता रखती है। कोल समाज के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और वाद्ययंत्र आज भी ग्रामीण संस्कृति की धड़कन है। सरकार और समाज मिलकर कोल जनजाति के उत्थान और सम्मान के लिये कार्य कर रहे है। सरकार द्वारा जनजातियों के विकास के लिये संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से और औद्योगिकरण के विकास से कोल जनजाति भी विकास की और अग्रसर है। शिक्षा और रोजगार पर शासन का फोकस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजाति वर्ग के चहुँमुखी उत्थान के लिये राज्य और केन्द्र सरकार के द्वारा छात्र-छात्राओं के विकास के लिये किये जा रहे समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि कोल जनजाति के छात्र-छात्राएँ आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे है। राज्य शासन द्वारा म.प्र. प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में सफल होने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल होने वाले अभ्यर्थियों को देय राशि प्रारम्भिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 40 हजार मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 60 हजार एवं साक्षात्कार उपरांत सफल होने पर 50 हजार की राशि प्रदान की जाती है। इसमें प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की पात्रता के लिए आय सीमा का बंधन नहीं है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल होने वाले जनजातीय वर्ग के सफल अभ्यार्थी जिनके माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय रुपये 8 लाख से अधिक न हो को प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 20 हजार मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 30 हजार साक्षात्कार उपरांत सफल होने पर 25 हजार की राशि प्रदान की जाती है। दूसरी बार सफलता प्राप्त करने पर अभ्यर्थी को उपरोक्त उल्लेखित राशि की 50 प्रतिशत राशि एवं तीसरी बार योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जाता। अंगेजी हुकुमत के विरूद्ध हुआ कोल विद्रोह मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में कोल समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोल जनजाति ने अंग्रेजी हुकुमत के अन्याय के विरूद्ध 1831 में अंग्रेजों से लोहा लिया, जिसे कोल विद्रोह के रूप में याद किया जाता है। बुधू भगत और मदारा महतो के नेतृत्व में कोल विद्रोह असमानता, शोषण और अत्याचार के विरूद्ध अन्य जनजातियों के लिये प्रेरणा का स्त्रोत बना। कोल विद्रोह से प्रभावित होकर इसका अनुसरण करते हुए अन्य कई जनजातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।  

राज्यपाल ने कहा वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी

लक्ष्य को समय सीमा से पहले पूरा करने का भाव जरूरी : राज्यपाल मंगुभाई पटेल सिकल सेल मिशन के कार्य मानवता की सेवा का माध्यम : राज्यपाल राज्यपाल ने कहा वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी राजभवन में सिकल सेल समीक्षा बैठक हुई भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी है। कार्य का भाव लक्ष्य को समय सीमा से पूर्व पूरा करने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल मिशन के कार्य मानवता की सेवा के माध्यम है। ईश्वरीय कृपा के भागी होने का यह बड़ा अवसर है। राज्यपाल पटेल राजभवन में सिकल सेल मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के द्वारा सिकल सेल उपचार, प्रबंधन और नियंत्रण प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उनको बताया गया कि मिशन के अंतर्गत 19 जून से 3 जुलाई तक समस्त ग्राम पंचायतों, एकलव्य आवासीय स्कूलों एवं छात्रावासों में मेगा शिविर आयोजित होंगे। अधिक से अधिक स्क्रीनिंग जांच की जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से लेकर जिला चिकित्सालयों में पीओसी किट  के द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रतिदिन स्क्रीनिंग जांच का डेटा पोर्टल में दर्ज होगा। जेनेटिक काउंसलिंग की जाएगी। जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर चिह्नित सिकल सेल रोगियों के लिए शिविर लगेंगे। उन्हें विशेषज्ञों की परामर्श सेवायें उपलब्ध कराई जाएगी। सिकल सेल रोगियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यू.डी.आई.डी. कार्ड प्रदान कर पेंशन की सुविधा प्रदान की जाएगी। आयुष विभाग द्वारा बताया गया कि विश्व सिकल सेल दिवस के तारतम्य में जनजातीय बहुल 20 जिलों में संचालित 78 आयुष औषधालयों में शिविर का आयोजन किया जाएगा। सिकल सेल उपचार में सहायक आयुर्वेद दवाओं की किट का वितरण होगा। रोग उपचार में सहायक स्थानीय वनस्पति के संरक्षण, संवर्धन के प्रति जन जागरूकता के कार्य होंगे। सिकल सेल एनीमिया प्रभावित प्रत्येक ग्राम में जनजागृति के लिए प्रभात फेरी, योगाभ्यास, ग्राम-सभा आदि के आयोजन किए जाएंगे। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती जमुना भिड़े, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुसलोनी सिडाना, आयुक्त आयुष संजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

देशभर में कोरोना की बढ़ रही रफ्तार, अबतक 74 मौत…इस नए वेरिएंट की हुई एंट्री

नई दिल्ली  देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को कर्नाटक में कोरोना से 3 मौतों के बाद देश में कुल मृतकों की संख्या 71 हो गई है। इसी के साथ एक्टिव मरीजों की संख्या 7121 पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में 306 नए मामले और 6 लोगों की मौत हुई है। इनमें कर्नाटक के दो, केरल और दिल्ली में 1 मरीज ने संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है। महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें कोरोना से अब तक महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 19 मौतें हुई हैं। इसके बाद केरल में 19, दिल्ली में 8 और कर्नाटक में 11 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है।  इसके साथ ही गुजरात में 114 और कर्नाटक में 100 नए मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में बीते 10 दिन में 3000 से ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, इस दौरान 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। केरल में कोरोना के सर्वाधिक मामले देश में कोरोना वायरस से केरल के हालात सबसे ज्यादा नाजुक बने हुए हैं। केरल में एक्टिव मरीजों की संख्या 2941 से ज्यादा हो चुकी है। राज्य में बढ़ते मामलों के बीच सरकार और स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो चुका है। मीडिया को संबोधित करते हुए केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना का नया वैरिएंट बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से मास्क का इस्तेमाल और सैनिटाइजर का उपयोग करने की अपील की है। कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर पर तैयारी चालू देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर इससे बचाव के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न राज्यों में कोरोना के मरीजों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड का निर्माण किया जा रहा है। ऑक्सीजन और अन्य दवाओं की पूर्ति के लिए अस्पताल और प्रशासन तैयारी कर रहा है। PM से मिलने के पहले कराना होगा RT-PCR टेस्ट कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा आदेश जारी किया गया है कि मंत्रियों और अन्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने से पहले अपना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। टेस्ट कराने के बाद ही मंत्री प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पाएंगे। आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही अधिकारी और मंत्री पीएम मोदी से मुलाकात कर पाएंगे। क्या है RT-PCR टेस्ट? जानकारी के लिए बता दें कि रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (RT-PCR) टेस्ट कोरोना का का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के जरिए कोरोना संक्रमण के आनुवंशिक पदार्थ (RNA) का पता लगाने के लिए नाक-गले से स्वाब नमूने लेते हैं। आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिए 4 स 5 घंटों के भीतर ही इस बात की जानकारी मिल जाती है कि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं। कोरोना के 4 नए वैरिएंट का डर भारत में वर्तमान में कोरोना वायरस के 4 नए वैरिएंट देखें जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में कोविड-19 के ओमिक्रोन की सब‑वैकिएंट XFG, LF.7, JN.1, NB.1.8.1 के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना के इन नए वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, थकान शामिल हैं । कोरोना से बचाव के उपाय कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए एक बार फिर इससे बचाव के लिए उपायों को अपनाना जरूरी है। आइए जानते हैं इसके बारे में।     भीड़भाड़ वाले क्षेत्र जैसे बाजार और मॉल में जाने से बचें।     सार्वजनिक स्थान और वाहन का इस्तेमाल करते समय मास्क लगाएं।     बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोए।     अगर आपके पास पानी मौजूद नहीं है तो सैनेटाइजर का उपयोग करें।     खांसी और छींकते समय नैपकिन या कोहनी मुंह के पास रखें। अगर आपको स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाएं। टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टर से सलाह लें।

टेस्ला ने लॉन्च से कुछ दिनों पहले किया बिना ड्राइवर के Tesla Robotaxi का टेस्ट ड्राइव

 टेक्सास  अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने घोषणा की है कि, टेस्ला 22 जून को टेक्सास के ऑस्टिन में अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित रोबोटैक्सी सर्विस शुरू करने जा रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए एलन मस्क ने इस बात की जानकारी दी. एलन मस्क ने कहा कि, इसे पहले ऑस्टिन में लॉन्च किया जाएगा. हालांकि अभी इसके लॉन्च की तारीख पूरी तरह से फाइनल नहीं है क्योंकि इसे ‘अस्थायी रूप से 22 जून’ बताया गया है. ऑस्टिन में हो रही है टेस्टिंग:  बता दें कि, हाल ही में Tesla RoboTaxi को टेस्टिंग के दौरान ऑस्टिन की सड़कों पर स्पॉट भी किया गया है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस रोबो टैक्सी को बिना किसी परेशानी के भीड़-भाड़ वाले इलाके से गुजरते हुए देखा जा सकता है. हालांकि इस ड्राइवरलेस टेस्टिंग मॉडल के पीछे टेस्ला की और कार चल रही है. जो संभवत: सड़क पर इस कार के परफॉर्मेंस को मॉनिटर कर रही है.  एलन मस्क ने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के अलावा ऑटोनॉमस ड्राइविंग के क्षेत्र में एक बड़ा दांव लगाया है. इस नए रोबोटैक्सी के सड़क पर उतरने के बाद लोगों में सेफ्टी को लेकर काफी चिंता हो रही है. क्योंकि हाल के दिनों में टेस्ला के ऑटोनॉमस ड्राइविंग कारों के दुर्घटनाग्रस्त होने के कई मामले सामने आ चुके हैं.  लेकिन एलन मस्क ने ‘X’ पर एक पोस्ट में पब्लिक रोबोटैक्सी के सवारी के बारे में एक यूजर के सवाल के जवाब में कहा कि, “हम सुरक्षा को लेकर बहुत अधिक चिंतित हैं, इसलिए तारीख बदल सकती है.” शायद यही कारण है कि टेस्ला इस रोबोटैक्सी को जनता के बीच आधिकारिक तौर पर लॉन्च करने से पहले हर रोड कंडिशन में टेस्ट कर रही है. मस्क ने यह भी कहा कि 28 जून से टेस्ला की कारें फैक्ट्री लाइन से सीधे ग्राहक के घर तक स्वयं पहुंचेंगी. कैसी है Tesla Robotaxi: रोबोटैक्सी एक पर्पज-बिल्ट ऑटोनॉमस व्हीकल (स्वयं चलने वाली) व्हीकल है, जिसमें स्टीयरिंग व्हील या पैडल नहीं है. जिसका अर्थ है कि प्रोडक्शन में जाने से पहले इसे सरकारी नियामकों से मंजूरी लेनी होगी. इसका डिज़ाइन काफी फ्यूचरिस्टिक है. शुरुआती चरण में इसकी सर्विस ऑस्टिन में पेश किया जाएगा, जहां सफल होने के बाद इसे दूसरे शहरों में भी शुरू किया जा सकता है. ड्राइवरलेस कारों को लेकर आमतौर पर हमेशा से यही धारणा रही है कि, ये ड्राइविंग के लिए सुरक्षित नहीं है. टेल्सा के ऑटोनॉमस ड्राइविंग से लैस कारों में भी कइर्द बार खामियां देखने को मिली हैं. लेकिन बावजूद इसके एलन मस्क ने कहा कि ऑटोनॉमस कारें किसी भी आम कार (मौजूदा समय की ड्राइवर वाली कारें) की तुलना में 10-20 गुना अधिक सुरक्षित होंगी तथा इनकी लागत शहरी बसों के लिए 1 डॉलर प्रति मील की तुलना में मात्र 0.20 डॉलर प्रति मील हो सकती है.

आठ आईपीएस अफसरों के तबादले, रायगढ़ के नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला को भेजा गया दुर्ग

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने एक बार फिर से तबादला आदेश जारी करते हुए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ आठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत रायगढ़ के नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला को अब दुर्ग भेजा गया है।   गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता द्वारा  देरशाम को इसका आदेश जारी किया। नक्सली वारदात में सुकमा के एडिशनल एसपी आकाश राव गिरिपुंजे के शहीद होने के बाद राज्य शासन ने डायरेक्ट आईपीएस को बस्तर के जिलों में एडिशनल एसपी बनाने का बड़ा फैसला किया है। जिन जिलों में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चल रहे, वहां डायरेक्टर आईपीएस एएसपी ऑपरेशन बनाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा जारी आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहे उदित पुष्कर को जगदलपुर से दंतेवाड़ा, आकाश कुमार शुक्ला को रायगढ़ से दुर्ग, रोहित कुमार शाह को सरगुजा से सुकमा, रविन्द्र कुमार मीणा को कोरबा से बीजापुर, अमन कुमार रमन को रायपुर से बीजापुर, आकाश श्रीश्रीमाल को जगदलपुर से कांकेर, अजय कुमार को सिविल लाइन्स रायपुर से नारायणपुर, अक्षय प्रमोद साबद्रा को बिलासपुर से नारायणपुर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

पीएम मोदी से मिलने के पहले मंत्रियों को कराना होगा RT-PCR टेस्ट, कोरोना के बढ़ते केस के बीच फैसला

नई दिल्ली कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सरकार भी अलर्ट मोड पर है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले मंत्रियों को आरटी पीसीआर टेस्ट कराना जरूरी होगा। हालांकि, इसे लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया जा रहा है, जब कई राज्यों में कोविड-19 के एक्टिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीएम मोदी से मिलने वाले मंत्रियों को RT-PCR टेस्ट कराना होगा। आंकड़े बता रहे हैं कि देश में एक्टिव केस की संख्या 7 हजार के पार हो चुकी है। भारत में कोविड के हाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार के आंकड़ों के अनुसार, देश में 7 हजार 121 एक्टिव केस हैं। सबसे ज्यादा केस केरल में 2 हजार 223 हैं। वहीं, गुजरात में उनकी संख्या 1 हजार 223 है। तीसरे स्थान पर 757 एक्टिव केस के साथ राजधानी दिल्ली है। इनके अलावा पश्चिम बंगाल में 747, महाराष्ट्र में 615, उत्तर प्रदेश में 229, कर्नाटक में 459, तमिलनाडु में 204, राजस्थान में 138, हरियाणा में 125 हैं। आंध्र प्रदेश में 72, असम में 6, बिहार में 47, चंडीगढ़ में 3, छत्तीसगढ़ में 48, गोवा में 6, हिमाचल प्रदेश में 2, जम्मू और कश्मीर में 9, झारखंड में 10, मध्य प्रदेश में 65, मणिपुर में 1, ओडिशा में 41, पुडुचैरी में 10, पंजाब में 33, सिक्किम में 33, तमिलनाडु में 204, तेलंगाना में 11, त्रिपुरा में 1, उत्तराखंड में 3 मरीजों का इलाज जारी है।

यूपी के प्रयागराज में कलेक्ट्रेट और कचहरी परिसर के बाहर अवैध अतिक्रमण पर हुआ ऐक्शन

प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में कलेक्ट्रेट और कचहरी परिसर के बाहर अवैध अतिक्रमण पर ऐक्शन हुआ है। बुधवार को प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में बुलडोजर से कई अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए गए। इस दौरान कई अधिवक्ताओं (वकीलों) के चैंबर भी कार्रवाई के दायरे में आ गए। कार्रवाई से गुस्साए वकीलों ने कचहरी के सामने चक्का जाम कर दिया। उन्होंने इसे प्रशासन द्वारा जल्दबाजी में की गई कार्रवाई बताया और कहा कि जब तक अधिवक्ताओं के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके चैंबर नहीं हटाए जाने चाहिए। कार्रवाई से नाराज कई अधिवक्ताओं ने बुधवार को खुद को न्यायिक कार्यों से विरत रखा। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके कुछ जरूरी कागजात भी इधर-उधर हो गए। अधिवक्ता सड़क पर टिनशेड और टूटे फर्नीचर रखकर चक्का जाम और प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, पुलिस ने एहतियातन कई कदम उठाए हैं। मौके पर भारी संख्या में बल तैनात किया गया है। रैपिड ऐक्शन फोर्स और यूपी पुलिस की कई यूनिट्स को तैनात किया गया है। लक्ष्मी टाकीज चौराहे से ही बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया गया है। वकीलों के आंदोलन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। कलेक्ट्रेट और कचहरी परिसर के सामने कार्रवाई की शुरुआत बुधवार की सुबह 4 बजे से ही हो गई थी। विकास भवन और कचहरी के सामने सड़क के किनारे रखे वकीलों की कुर्सी-मेज और चैंबर को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में जुटे अधिवक्ता कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक अभियान चला। मिली जानकारी के अनुसार अभियान के अंत में पहुंचे कुछ लोगों ने पत्थर भी चलाए। इसमें 3 वाहनों के शीशे टूटने की सूचना है। नाराज अधिवक्ताओं ने अभियान को लेकर रणनीति बनाने के लिए बैठक भी बुलाई।  

कांग्रेस को रेस के घोड़े नहीं बल्कि सर्कस के घोड़े चाहिए : नेहा बग्गा

भोपाल  कांग्रेस के वरिष्ठ, अनुभवी एवं संगठन के लिए समर्पित नेता श्री लक्ष्मण सिंह जी को कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा 6 वर्ष के लिए निष्कासित करना स्पष्ट बताता है की जो भी पार्टी की गतिविधियों या वरिष्ठ नेतृत्व को सही दिशा में चलने का आईना दिखाएगा उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। कांग्रेस में आज के समय में पार्टी के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं का कोई स्थान नहीं है। जो गांधी परिवार की शरण वंदना और चाटुकारिता करेगा बस उसे स्थान मिलेगा। आज मूल प्रश्न तो यह उठता है की पीसीसी अध्यक्ष जिन्होंने पार्टी को तेल लेने भेजा हो या फिर दिग्विजय सिंह जिन्होंने 370 बहाल कर देश विरोधी बयान दिया ऐसे लोगों को सहेज कर रखना और सत्य बोलने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना, क्या यही कांग्रेस की मूल नीति बन गई है? विगत दिवस भोपाल में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने पार्टी में विभिन्न प्रजातियों के “घोड़े” का विश्लेषण किया था पर आज के निर्णय से यह स्पष्ट दिखाई देता है कि कांग्रेस को रेस के घोड़े नहीं बल्कि सर्कस के घोड़े चाहिए।

जबलपुर में गंदगी फैलाने वालों पर अब लगेगा 50000 रुपए तक का जुर्माना

जबलपुर  जबलपुर नगर निगम में शहर में गंदगी फैलाने वाले के खिलाफ अब कड़ा रुख अख्तियार किया है, शहर में गंदगी फैलाने वाले पर नगर निगम ने 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। सदन की बैठक में इस बात का निर्णय लिया कि जो लोग बार-बार शहर की व्यवस्था बिगाड़ने पर उतारू है उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। यही वजह है कि निगम ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया है। जिसमें कहा गया है कि सड़क में कचरा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ 1000 से लेकर 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति   सदन की बैठक में कचरा फैलाने वालों पर 50 हजार रुपए तक की जुर्माने के प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष रमेश मिश्रा ने भारी विरोध किया, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों के घरों तक डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है, सफाई व्यवस्था भ्रष्टाचार है ऐसे में कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाना कहीं से भी उचित नहीं है। निगम की बैठक में मुआवजा राशि, महापुरुषों के नाम के मार्गों का नामकरण, आउटसोर्स श्रमिकों को समय वृद्धि एवं एक राष्ट्र एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विषय पारित किए गए। खास बात यह रही कि सदन की इस बैठक में 18 मिनट में 18 प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास किए गए।

सौरव गांगुली ने कहा- टीम इंडिया के मुख्य विकेट लेने वाले गेंदबाज के तौर पर जसप्रीत बुमराह का इस्तेमाल करना चाहिए

नई दिल्ली भारत के इंग्लैंड दौरे का आगाज 20 जून से होने जा रहा है। इस टूर पर टीम इंडिया मेजबानों के साथ 5 मैच की टेस्ट सीरीज खेलेगी। विराट कोहली और रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद कई क्रिकेट दिग्गज पहले ही भारत की हार की भविष्यवाणी कर चुके हैं, वहीं कई एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इस टूर पर अच्छा परफॉर्म कर सकती है। इस कड़ी में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने उस खिलाड़ी का नाम बताया है जो इंग्लैंड दौरे पर भारत की जीत की कूंजी बन सकता है। रेवस्पोर्ट्ज़ से बातचीत में सौरव गांगुली ने कहा कि शुभमन गिल को जसप्रीत बुमराह का समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्हें उन्हें दिन में सिर्फ 12 ओवर ही गेंदबाजी करने देना चाहिए और टीम इंडिया के मुख्य विकेट लेने वाले गेंदबाज के तौर पर उनका इस्तेमाल करना चाहिए। सौरव गांगुली ने कहा,  बुमराह आपके लिए सबसे सही गेंदबाज हैं। आपको समझना होगा कि आप उनसे सिर्फ गेंदबाजी नहीं करवा सकते। शुभमन गिल को इस बात का ध्यान रखना होगा। उन्हें विकेट लेने वाले गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल करें। उन्हें दिन में 12 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी न करवाएं। दूसरे गेंदबाजों को आगे आने दें। अगर आप बुमराह को बचा सकते हैं और उन्हें विकेट लेने वाले गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं, तो आपके पास निश्चित तौर पर मौका है।” हालांकि गांगुली ने भी इंग्लैंड को सीरीज का फेवरेट बताया है। उन्होंने कहा, “मैं इंग्लैंड को पसंदीदा मानता हूं, लेकिन फिर मैं पसंदीदा में विश्वास नहीं करता। अगर भारत अच्छी बल्लेबाजी करता है, तो उनके पास मौका है। हाँ, जरूर। हमें बस दो चीजों की जरूरत है, अच्छी बल्लेबाजी और [जसप्रीत] बुमराह का फिट रहना।”  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने निर्देशित किया है कि डाटा अपडेशन में देरी पर संबंधित डीडीओ की जिम्मेदारी तय की जाए

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों के डाटा को समय पर अपडेट करने के निर्देश जिम्मेदार अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि डाटा अपडेशन में देरी पर संबंधित डीडीओ की जिम्मेदारी तय की जाए। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि डाटा क्लीनिंग एक्सरसाइज एक सतत् प्रक्रिया है, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले, प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारियों, मृत कर्मचारियों एवं अन्य विभिन्न स्थितियों में अन्य स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का डाटा अपडेट किया जाता है।  उन्होंने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों का डाटा सत्यापन किया गया है और अभी तक कोई भी कर्मचारी संदिग्ध नहीं पाया गया है अर्थात किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रकार से कोई भी आर्थिक लाभ नियमों के विपरीत नहीं मिला है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि डाटा क्लीन करने की प्रक्रिया के बाद IFMIS NEXT GEN मे Data Migration करना सुविधाजनक होगा। इससे शुद्ध डाटा की फीडिंग हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा गठित स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल (SFIC) द्वारा विभिन्न डाटा सेट्स का परीक्षण तथा विश्लेषण निरंतर हो रहा है। सरकार द्वारा सुशासन के दृष्टिगत की जाने वाली कार्यवाही में IFMIS डाटा से संज्ञान में आया कि प्रदेश में 36 हजार 26 नियमित, 8 हजार 784 गैर नियमित कुल मिलाकर 44 हजार 810 कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं किया गया है। शासन स्तर से वेतन आहरण नहीं होने के कारणों का पता लगाने के लिये निर्देश जारी किये गये। संभावित कारणों की पड़ताल होने पर जांच में सामने आया कि त्यागपत्र देने वाले कर्मचारी, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी, प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले कर्मचारी,बगैर एम्पलाई कोड वाले कर्मचारी और मृत कर्मचारियों का डाटा समय पर अपडेट नहीं होने से कर्मचारियों का डाटा मिसमेच हुआ है। शासन स्तर से इनकी वास्तविक संख्या ज्ञात करते हुए IFMIS में DDO तथा कोषालय अधिकारी स्तर से डेटाबेस में आवश्यक अपडेट कराने के उद्देश्य से समस्त DDO से जानकारी कोषालय अधिकारियों के माध्यम से एकत्रित कर भविष्य में सभी प्रविष्टियां समय पर करने के निर्देश दिये गये हैं। आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया है कि इस सन्दर्भ में ऐसे नियमित एवं गैर नियमित कर्मचारियों की डाटा सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की गई है, जिनका वेतन IFMIS  कोषालय प्रणाली से आहरित नहीं हुआ है, (यह अन्य किसी प्रणाली से आहरित हो सकता है यथा प्रतिनियुक्ति, स्थानीय निकाय आदि)। इसके साथ अन्य संभावित कारणों को DDO के माध्यम से एकत्रित किया गया है। आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि प्रथम दृष्टया DDO से सत्यापन उपरांत जानकारी विश्लेषण करने पर अभी तक कोई संदिग्ध कर्मचारी परिलक्षित नहीं हुआ है। समस्त DDO को एम्पलाई कोड के समक्ष उपयुक्त flagging करने तथा एग्जिट एंट्री इत्यादि के माध्यम से डेटाबेस अद्यतन करने के निर्देश दिये गये हैं।

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सौगात देने जा रही मोहन यादव सरकार, पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द होगा लागू

भोपाल  पिछले 9 सालों से पदोन्नति का रास्ता देख रहे मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार जल्द ही बड़ी राहत देने जा रही है. प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द ही लागू करने की तैयारी करने जा रही है. इसके प्रारूप को देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सभी मंत्रियों ने इसमें अपनी सहमति दे दी है. नए प्रारूप में तय किया गया है कि पहले जिनकी पदोन्नति हो चुकी है, उन्हें न तो रिवर्ट किया जाएगा और न ही रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. पदोन्नति में आरक्षण के लाभ के लिए सबसे पहले एससी के 16 फीसदी और एसटी के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. इसके बाद बाकी वर्गों को इसका फायदा मिलेगा. माना जा रहा है कि जून माह के अंतिम सप्ताह में इस प्रारूप पर कैबिनेट अपनी मुहर लगा देगी. 9 साल से देख रहे पदोन्नति की राह मध्य प्रदेश में पदोन्नति का मामला पिछले 9 सालों से उलझा हुआ है. इन 9 सालों के दौरान हजारों कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर्ड हो गए और बड़ी संख्या में कर्मचारी पदोन्नति का रास्ता देख रहे हैं, लेकिन अब इसका रास्ता खुलने जा रहा है. राज्य सरकार ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है. इस प्रारूप को दो बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी देख चुके हैं. मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में सभी मंत्रियों के साथ इसका प्रजेंटेशन दिया. अब माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जा सकता है. इस तरह मिलेगा पदोन्नति का आरक्षण का लाभ     प्रारूप में तय किया गया है कि पदोन्नति में आरक्षण का सबसे पहले जनजातीय वर्ग को लाभ दिया जाएगा. इसमें जनजातीय वर्ग के खाली पदों को भरा जाएगा. इसके बाद अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जाएगा. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षिण पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता तो दूसरे वर्ग के कर्मचारी को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे.     पदोन्नति के लिए जितने भी पद खाली होंगे, उससे दो गुना के साथ 4 अतिरिक्त नाम बुलाए जाएंगे. इस तरह यदि 10 पद खाली हैं तो उसके लिए 20 और 4 अतिरिक्त यानी 24 लोग बुलाए जाएंगे.     पदोन्नति के लिए हर साल सितंबर से लेकर नवंबर के बीच डीपीसी की जाएगी. इसके अलावा 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण किया जाएगा. हर साल 1 जनवरी को रिक्त होने वाले पदों पर पात्र लोगों को प्रमोशन का लाभ मिलता जाएगा.     पदोन्नति के लिए दो तरह की लिस्ट तैयार होंगी. इसमें क्लास वन अधिकारियों को पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियेरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए नीचे के पदों के लिए सीनियेरिटी कम मैरिट के आधार पर लिस्ट तैयार की जाएगी. इससे सभी वर्गों को फायदा पहुंचेगा. प्रक्रिया दो आधारों पर होगी निर्धारित क्लास-1 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए “मेरिट कम सीनियरिटी” का फार्मूला लागू होगा। क्लास-2 व उससे नीचे के पदों के लिए “सीनियरिटी कम मेरिट” का आधार अपनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संतुलित व्यवस्था आरक्षित और अनारक्षित दोनों वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी की पदावनति (रिवर्ट) नहीं की जाएगी और पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था उस दिन से लागू मानी जाएगी जिस दिन इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। पात्रता की अंतिम तिथि 31 दिसंबर सरकार ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल सितंबर से नवंबर के बीच संपन्न होगी। पात्रता का निर्धारण 31 दिसंबर तक किया जाएगा और 1 जनवरी से पद रिक्तियों के अनुसार योग्य अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति की रिक्तियों की संख्या के दोगुना दावेदारों के साथ चार अतिरिक्त अभ्यर्थियों को सूची में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि 6 पद रिक्त हैं, तो 12 (दोगुना) + 4 अतिरिक्त = कुल 16 लोगों को प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पिछले कई वर्षों से प्रमोशन पर लगी रोक के कारण लगभग एक लाख कर्मचारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकार अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति देने की दिशा में कार्य कर रही है। 

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में तबादले,100 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञों को इधर से उधर किया पदस्थापना आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में लगातार तबादला आदेश जारी होने का सिलसिला चल रहा है, सभी विभाग अपने यहाँ की ट्रांसफर लिस्ट जरी कर रहे हैं, इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सूची जारी की है इस लिस्ट में 100 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञों के नाम हैं जिनके तबादले किये गए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग थोकबंद तबादले किये हैं, इसके लिए कई ट्रांसफर लिस्ट एक एक बाद एक जारी की गई , जिसमें मेडिकल ऑफिसर, चिकित्सा विशेषज्ञ के नाम है, इन डॉक्टर्स को आदेश दिया गया है कि वे निर्धारित समयावधि में नई पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करें और शासन की सूचित करें। Transfer आदेश eHRMS पोर्टल के माध्यम से जारी  आदेश में कहा गया है कि यह ट्रांसफर आदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा eHRMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटली रूप से जारी किया गया है, जो विभागीय कार्यप्रणाली एवं शासन की ई-गवर्नेस प्रणाली के अंतर्गत विधिसम्मत माना जाएगा। अतः संबंधित शासकीय सेवक के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन कार्यमुक्ति (Relieving) एवं नवीन पदस्थापना पर कार्यग्रहण (Joining) की प्रक्रिया पूर्ण करे। किसी अन्य माध्यम से की गई कार्यवाही अमान्य मानी जाएगी। अधिकारियों के ये दिए आदेश  आदेशित किया गया है कि संबंधित कार्यालय प्रमुख एवं आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरित शासकीय सेवक की कार्यमुक्ति निर्धारित समयावधि में विधिवत संपन्न की जाए, तथा eHRMS पोर्टल पर उसकी सेवा पुस्तिका (Service Book) एवं अन्य वैधानिक प्रविष्टियाँ यथासमय अपडेट की जाए।  

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