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इन मंदिरों के दर्शन से होगी आपकी हर मनोकामना पूरी

भारत में 2 करोड़ देवी देवताओं की पूजा की जाती है। भारतीय पूजन में अधिक विश्वास करते हैं जो की संस्कृति में ही है जिसकी शुरुआत भगवन से हुई। भारत में पूजे जाने वाले मंदिरों में 5 जगह ऐसी हैं जहां पर आपकी हर मनोकामना पूरी होती है। काशी विश्वनाथ काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर पिछले कई हजारों वर्षों से वाराणसी में स्थित है। काशी विश्वननाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्टे स्थामन है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्ना न कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आदि शंकराचार्य, सन्त एकनाथ रामकृष्ण परमहंस, स्वाकमी विवेकानंद, महर्षि दयानंद, गोस्वाामी तुलसीदास सभी का आगमन हुआ हैं। यहि पर सन्त एकनाथजीने वारकरी सम्प्रदायका महान ग्रन्थ श्रीएकनाथी भागवत लिखकर पुरा किया और काशिनरेश तथा विद्वतजनोद्वारा उस ग्रन्थ कि हाथी पर से शोभायात्रा खूब धूम धामसे निकाली गयी। जगन्नाथ जगन्नाथ हिन्दू भगवान विष्णु के पूर्ण कला अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप हैं। इनका एक बहुत बड़ा मन्दिर ओडिशा राज्य के पुरी शहर में स्थित है। इस शहर का नाम जगन्नाथ पुरी से निकल कर पुरी बना है। यहां वार्षिक रुप से रथ यात्रा उत्सव भी आयोजित किया जाता है। पुरी की गिनती हिन्दू धर्म के चार धाम में होती है। वेंकेटेश्वर वेंकटेश्वर जिन्हें गोविंदा, श्रीनिवास, बालाजी, वेंकट आदि के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि प्रभु विष्णु ने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था। यह तालाब तिरुमला के पास स्थित है। तिरुमाला-तिरुपति के चारों ओर स्थित पहाड़ियां, शेषनाग के सात फनों के आधार पर बनीं सप्तगिरी कहलाती हैं। वैकुंठ एकादशी के अवसर पर लोग तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर पर प्रभु के दर्शन के लिए आते हैं, जहां पर आने के पश्चात उनके सभी पाप धुल जाते हैं। मान्यता है कि यहां आने के पश्चात व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है। वैष्णो देवी वैष्णो देवी मंदिर शक्ति को समर्पित एक पवित्रतम हिंदू मंदिर है, जो भारत के जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है। हिंदू धर्म में वैष्णो देवी, जो माता रानी और वैष्णवी के रूप में भी जानी जाती हैं, देवी मां का अवतार हैं। मदिर, जम्मू और कश्मीर राज्य के जम्मू जिले में कटरा नगर के समीप अवस्थित है। यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है। मंदिर, 5,200 फीट की ऊंचाई और कटरा से लगभग 12 किलोमीटर (7.45 मील) की दूरी पर स्थित है। हर साल लाखों तीर्थयात्री मंदिर का दर्शन करते हैं और यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ-स्थल है। इस मंदिर की देख-रेख श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ मंडल द्वारा की जाती है। तीर्थ-यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए उधमपुर से कटरा तक एक रेल संपर्क बनाया गया है। सोमनाथ मंदिर सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। यह मंदिर हिंदू धर्म के उत्थान-पतन के इतिहास का प्रतीक रहा है। अत्यंत वैभवशाली होने के कारण इतिहास में कई बार यह मंदिर तोड़ा तथा पुनर्निर्मित किया गया। वर्तमान भवन के पुनर्निर्माण का आरंभ भारत की स्वतंत्रता के पश्चात् लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करवाया और पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। सोमनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थल है। मंदिर प्रांगण में रात साढ़े सात से साढ़े आठ बजे तक एक घंटे का साउंड एंड लाइट शो चलता है, जिसमें सोमनाथ मंदिर के इतिहास का बड़ा ही सुंदर सचित्र वर्णन किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार यहीं श्रीकृष्ण ने देहत्याग किया था। इस कारण इस क्षेत्र का और भी महत्व बढ़ गया।  

राजा रघुवंशी हत्याकांड के चारों आरोपियों ने कुबूला जुर्म, जाने क्या कहा?

इंदौर  इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल चार मुख्य आरोपियों को मेघालय पुलिस ने एक साथ मीडिया के सामने पेश किया. चारों आरोपियों की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें हत्या का आरोपी और सोनम का प्रेमी राज कुशवाह सफेद शर्ट में अकेले बैठा दिख रहा है, उसके बगल में आनंद बैठा है, जबकि आकाश काले टी-शर्ट में और विशाल सफेद चेक्स की शर्ट में नजर आ रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अन्य तीन आरोपी सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने हायर किए थे. इनकी प्लानिंग के अनुसार, राजा और सोनम मेघालय के वेसॉडोंग वॉटरफॉल्स घूमने गए थे, जहां पहले से मौजूद इन तीनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी. इस दौरान सोनम भी मौके पर मौजूद थी. इस मामले के खुलासे में उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस को सोनम द्वारा छोड़े गए सूटकेस में ‘मंगलसूत्र’ और अंगूठी मिली. इसके बाद पुलिस ने सोनम को यूपी के गाजीपुर में ट्रेस किया, जहां वह खुद ही सरेंडर करने पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने उसके प्रेमी राज और तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. इन चारों आरोपियों को अब शिलॉन्ग की कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस इनसे हत्या की योजना, पैसे के लेन-देन और साजिश से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है. हत्या के इस मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. सूटकेस और उसमें मिले मंगलसूत्र से सुलझी हत्या की गुत्थी दरअसल, इंदौर से शादी के बाद मेघालय हनीमून मनाने पहुंचे राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. केस की गुत्थी एक छोड़े गए सूटकेस और उसमें मिले ‘मंगलसूत्र’ से सुलझी. राजा की पत्नी सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और तीन सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया गया है. सभी आरोपी शिलॉन्ग पुलिस कस्टडी में हैं. 29 साल के राजा रघुवंशी और 25 साल की सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय के मशहूर पर्यटन स्थल चेरापूंजी (सोहरा) पहुंचे. 22 मई को ये कपल बिना बुकिंग के एक होमस्टे में पहुंचा, लेकिन कमरा न मिलने पर उन्होंने अपना सूटकेस वहीं छोड़ दिया और करीब 3,000 सीढ़ियों की चढ़ाई वाले नोंग्रियात गांव में रात बिताई. 23 मई को दोनों नोंग्रियात से वापस सोहरा आए, जहां से स्कूटर उठाकर वे वेसॉडोंग फॉल्स गए. यहीं राजा की हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, इस वारदात को सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर की मदद से अंजाम दिलवाया. हैरान कर देने वाला यह हनीमून मर्डर केस उस वक्त सुलझा जब पुलिस को छोड़े गए सूटकेस में सोनम का ‘मंगलसूत्र’ और एक अंगूठी मिली. मेघालय की पुलिस महानिदेशक (DGP) एल. नोंग्रांग ने बताया कि शादीशुदा महिला द्वारा मंगलसूत्र छोड़ जाना सामान्य नहीं था, जिससे पुलिस को शक हुआ और सोनम पर फोकस किया गया. इसी आधार पर जांच ने मोड़ लिया और सोनम के यूपी के गाजीपुर में पकड़े जाने के साथ पूरा षड्यंत्र सामने आ गया. पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान सोनम मौके पर मौजूद थी और राजा की हत्या उसकी आंखों के सामने की गई.  

महिलाओं के कपड़ों और ड्रेस कोड को लेकर सीरिया की नई सरकार ने लागू किया ड्रेस कोड

दमिश्क सीरिया में बशर अल-असद की दमनकारी शासन का जिस विद्रोही समूह ने अंत किया अब वो सीरिया पर शासन कर रहा. अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाली सीरिया की नई अंतरिम सरकार ने  एक नया रुढ़िवादी इस्लामिक ड्रेस कोड जारी किया जिसके तहत, समुद्र तटों और स्विमिंग पूल में स्विमसूट पहनकर नहाने की मनाही हो गई है. महिलाओं को अब समुद्री तटों और स्विमिंग पूल में नहाने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले ढीले-ढाले स्विमवियर जिसे बुर्किनी कहा जाता है, पहनना होगा. पिछले साल दिसंबर में इस्लामिक विद्रोहियों के असद की सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद से यह पहला सांस्कृतिक बदलाव है. सीरिया की अंतरिम सरकार में पर्यटन मंत्री माजेन अल-सलहानी ने कहा कि नए दिशानिर्देश ‘सार्वजनिक हित की जरूरतों’ को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. पर्यटन मंत्री माजेन अल-सलहानी ने फेसबुक पर जारी निर्देश में कहा, ‘पब्लिक समुद्र तटों और स्विमिंग पूलों पर आने वाले सभी लोगों को, चाहे वो पर्यटक हों या स्थानीय लोग, सही स्विमवियर पहनना जरूरी है. स्विमसूट ऐसा होना चाहिए जो लोगों को देखने में बुरा न लगे और जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया हो. निर्देश में आगे कहा गया है, ‘पब्लिक समुद्र तटों और पूलों पर अधिक शालीन स्विमवियर (बुर्किनी या स्विमसूट जो शरीर के अधिकांश हिस्से को ढकता हो) की जरूरत है. समुद्र से किसी अन्य जगह पर जाते समय स्विमसूट के ऊपर समुद्र तट कवर-अप या ढीले-ढाले कपड़े पहनने महिलाओं के लिए जरूरी है.’ दिशा-निर्देशों में पुरुषों के लिए कही गई ये बात नए दिशा-निर्देशों के तहत पुरुषों को शर्ट पहनना अनिवार्य है, जिसके अनुसार ‘तैराकी की जगहों, होटल लॉबी और खाने-पीने की जगहों में टॉपलेस कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है.’ निर्देश में कहा गया है, ‘समुद्र तटों और स्विमिंग पूलों के बाहर पब्लिक जगहों में, कंधों और घुटनों को ढकने वाले ढीले कपड़े पहनना बेहतर तरीका है, पारदर्शी या अत्यधिक तंग कपड़े पहनने से बचें.’ मंत्रालय ने कहा कि हालांकि, अंतरराष्ट्रीय रिजॉर्ट्स और प्रीमियम होटलों, प्राइवेट समुद्र तटों और स्विमिंग पूल में पश्चिमी स्विमवियर पहनने की इजाजत होगी. मंत्रालय ने कहा कि लाइफगार्ड और समुद्र तटों की निगरानी करने वाले लोग नए नियमों को लागू कराना सुनिश्चित करेंगे. सीरिया में दिख रहा इस्लामिक शासन का प्रभाव स्विमसूट को लेकर नए नियम इस्लामिक समूह हयात अल-शाम (HTS) के प्रभाव को दिखाते हैं जो अब सीरिया पर शासन कर रहा है. HTS पहले अल-नुसरा फ्रंट के नाम से मशहूर था जिसे अमेरिका और ब्रिटेन ने आतंकवादी समूह घोषित कर रखा है. सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अल-शरा जिन्होंने ड्रेस कोड के निर्देश पर हस्ताक्षर किए हैं, वो एचटीएस का नेतृत्व करते हैं. HTS अलकायदा से जुड़ा समूह है जो 2016 में आतंकी समूह से अलग हो गया था. HTS के विद्रोह से ही असद की सत्ता का अंत हुआ. मार्च में अल-शरा ने एक अंतरिम संविधान पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत सीरिया पर पांच सालों तक इस्लामी शासन अनिवार्य रहेगा. अल-शरा ने दिसंबर में कहा था कि सीरिया के संविधान को फिर से लिखने में तीन साल लग सकते हैं, और संभवतः पांच साल के भीतर चुनाव हो सकते हैं. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स वॉच ने मार्च में कहा था कि अल-शरा का शासन मानवाधिकार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है.  कभी जिसे आतंकी मानता था अमेरिका, उसी से मिलाया ट्रंप ने हाथ कुछ समय पहले तक अमेरिका अल-शरा को आतंकवादी घोषित कर रखा था. उनके सिर पर एक करोड़ डॉलर (85 करोड़ रुपये से ज्यादा) का इनाम घोषित था लेकिन सीरिया की सत्ता संभालते ही अमेरिका ने अल-शरा से हाथ मिला लिया. मई में सऊदी अरब के अनुरोध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रियाद में अल-शरा से गर्मजोशी से हैंडशेक किया और 1979 से सीरिया पर लगाए सभी प्रतिबंधों को भी हटा दिया था. हालांकि, एचटीएस को अभी भी संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और ब्रिटेन एक आतंकी संगठन ही मानते हैं.   

जनता को केवल इलाज नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना भी मिले, यही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा और सामुदायिक विकास दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बैठक लेकर कांकेर जिले में  समीक्षा की। मंत्री जायसवाल ने जिले के नांदनमारा स्थित इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित स्वशासी समिति की बैठक लेकर कॉलेज की कार्यप्रणाली, आधारभूत ढांचे और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने साफतौर पर निर्देश दिए कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों को इस रूप में विकसित किया जाए कि वे जनता की पहली पसंद बनें। उन्होंने कहा कि बाह्य रोगी विभाग व अंतःरोगी सेवाओं में संवेदनशीलता और उत्कृष्टता लाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। “जनता को केवल इलाज नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना भी मिले, यही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए।  स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं है, अपितु आमजनता के प्रति संवेदनशीलता और उन्हें सम्मान भी मिले। स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।          बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कॉलेज में पारदर्शिता, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, स्टाफ की नियमित नियुक्ति और उत्तरदायित्व तय करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।  इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ उपस्थित रहे।

वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया

रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की। वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे। भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि “उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।” संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है। वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के करीब ढाई सौ ऑब्जर्वर प्रक्रिया में जुटे

भोपाल  मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के करीब ढाई सौ ऑब्जर्वर प्रक्रिया में जुट गए हैं. कांग्रेस प्रदेश के 55 जिलों में नए जिला और ब्लॉक अध्यक्ष का चयन करेगी. उधर जिले और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए कांग्रेस ने उम्र का बंधन खत्म कर दिया है. जिले और ब्लॉक में पार्टी संगठन के लिए योग्य कार्यकर्ता को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. हालांकि पार्टी ने साफ कर दिया है कि 2023 के चुनाव के दौरान बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में आए नेताओं को संगठन के इस चुनाव में तवज्जो नहीं दी जाएगी. कांग्रेस ने ऐसे बाहरी नेताओं के लिए लॉयटी टेस्ट की समय सीमा 5 साल निर्धारित कर दी है. कांग्रेस में 5 साल पूरे करने वाले आयातित नेता के नाम पर ही विचार किया जाएगा. 5 साल में पूरा होगा लॉयटी टेस्ट विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 3 जून को भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरूआत की है. इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 55 जिलों में 165 ऑब्जर्वर्स तैनात किए हैं. यह ऑब्जर्वर्स सभी जिलों में पहुंच गए हैं. पार्टी में जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए जमीनी स्तर पर नए नेतृत्व की तलाश शुरू कर दी है. कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए उम्र का क्राइटेरिया निर्धारित नहीं किया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि “उम्र को लेकर कोई क्राइटेरिया नहीं है. इसमें योग्यता ही पैमाना होगा, जो सबसे योग्य व्यक्ति समन्वय का निकलेगा, जो पार्टी की विचारधारा के प्रति ईमानदार होगा, उसे ही मौका दिया जाएगा. जीतू पटवारी ने कहा कि पिछले 5 साल के दौरान बीजेप से कांग्रेस में आए नेताओं को अभी इसमें जगह नहीं दी जाएगी.    एआईसीसी को जाएगी रिपोर्ट संगठन सृजन के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस ने 60 और प्रदेश कांग्रेस ने 180 पर्यवेक्षकों को नियुक्ति दी है. यह सब अब करीबन एक हफ्ते जिलों में रहेंगे और इसके बाद वहां के दौरे करते रहेंगे. इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों से चर्चा कर एक पैनल तैयार करेगी. इसमें जिले का जातिगत समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा. पहला चरण 30 जून तक चलेगा. एसआईसीसी से बनाए गए पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट सीधे एआईसीसी को ही देगी.

मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सैनिक-राजनयिक निकालेंगे ट्रंप, ईरान पर हमले की तैयारी, बढ़ेगा तनाव!

वॉशिंगटन  मिडिल ईस्‍ट में हालात एक बार फिर से विस्‍फोटक होने लगे हैं. ईरान अपने न्‍यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने पर अभी तक सहमत नहीं हुआ है. अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तेहरान की परमाणु महत्‍वाकांक्षाओं को हर हाल में रोकने की बात कही है. अब इजरायल ने ईरान के न्‍यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए सैन्‍य टकराव का रास्‍ता अपनाने की मंशा को स्‍पष्‍ट कर दिया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि इज़राइल अब ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. बताया जा रहा है कि इजरायल अब जल्द ही ईरान के खिलाफ अपना स्‍पेशल ऑपरेशन शुरू कर सकता है. अमेरिकी अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इज़राइल ईरान के खिलाफ सैन्‍य ऑपरेशन करने के लिए अब पूरी तरह से तैयार है. इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की पूरी तैयारी कर रखी है. वहीं, अमेरिका मिडिल ईस्ट से अपने सैनिकों को हटाने की बात कही है. CBS न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका को उम्मीद है कि इजरायल के कदम पर ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की जा सकती है. अमेरिका को डर है कि इराक में मौजूद उसके ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है. इसी वजह से अमेरिका ने पहले ही वहां के कुछ क्षेत्रों से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को निकालने की सलाह दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे मध्य पूर्व से अपने सैनिकों को हटा रहे हैं, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. राष्‍ट्रपति ट्रंप ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि वहां स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है. बता दें कि इजरायल पहले से ही हमास के साथ जंग लड़ रहा है. ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर इजरायल एक और मोर्चा खोलने जा रहा है.  ईरानी अधिकारी का बड़ा दावा सामने आया है. उनका कहना है कि इज़राइल के हमले पर दुश्‍मन को तगड़ा जवाब देने की पूरी तैयारी है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि देश के सैन्य और सरकारी शीर्ष अधिकारी पहले ही एक साथ बैठकर इज़राइल के संभावित हमले का सामना करने के लिए रणनीति तैयार कर चुके हैं. तेहरान ने ऐसी प्रतिक्रिया योजना बनाई है, जिसके तहत इज़राइल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार जवाबी हमला किया जाएगा. वहीं, हूती विद्रोहियों का अमेरिका और इज़राइल को खुली चेतावनी देते हुए कहा – ईरान पर हमला होगा तो होगा बड़ा युद्ध.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी कर्मियों को मध्य पूर्व से बाहर निकाला जा रहा है, क्योंकि यह एक खतरनाक स्थान हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा. रॉयटर्स ने बुधवार को पहले बताया कि अमेरिका अपने इराकी दूतावास को आंशिक रूप से खाली करने की तैयारी कर रहा है और अमेरिकी और इराकी स्रोतों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़े हुए सुरक्षा जोखिमों के कारण सैन्य आश्रितों को मध्य पूर्व के आसपास के स्थानों को छोड़ने की अनुमति देगा.  अमेरिका द्वारा कुछ कर्मचारियों को निकालने का निर्णय क्षेत्र में अस्थिर समय में लिया गया है. ईरान के साथ परमाणु समझौते पर पहुंचने के ट्रम्प के प्रयास गतिरोध में फंसते दिखाई दे रहे हैं और अमेरिकी खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि इजरायल ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला करने की तैयारी कर रहा है. ट्रम्प ने कहा, ‘उन्हें वहां से हटाया जा रहा है, क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है. हम देखेंगे कि क्या होता है. हमने वहां से हटने का नोटिस दे दिया है.’ समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बुधवार को पहले खबर दी थी कि अमेरिका अपने इराकी दूतावास को आंशिक रूप से खाली करने की तैयारी कर रहा है और क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को मिडिल ईस्ट छोड़ने कह रहा है.   अब अमेरिकी विदेश विभाग ने आतंकवाद, किडनैपिंग, हथियारबंद लड़ाई और आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए इस क्षेत्र में आने के खिलाफ लेवल-4 कैटेगरी की चेतावनी जारी की है और लोगों ने से कहा है कि वे इन इलाकों की यात्रा न करें. अमेरिका ने कहा है कि इस समय इराक की यात्रा करना अत्यधिक और जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाला जोखिम हो सकता है.   चार अमेरिकी और दो इराकी सूत्रों ने यह नहीं बताया कि किस सुरक्षा जोखिम के कारण यह निर्णय लिया गया.  मध्य पूर्व से अमेरिका के बाहर आने की खबरों ने मार्केट में शंका देखी गई.वहीं तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो गई.  एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि विदेश विभाग ने बहरीन और कुवैत से वैसे लोगों को एरिया छोड़ देने को कहा है जो इस क्षेत्र को छोड़ना चाहते हैं. ये स्वैच्छिक फैसला होगा. विदेश विभाग ने बुधवार शाम को अपने विश्वव्यापी ट्रेवल एडवाइजरी को अपडेट करते हुए कहा, “11 जून को विदेश विभाग ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी स्टाफ को यहां से प्रस्थान करने का आदेश दिया है.” बता दें कि अमेरिका द्वारा मध्यपूर्व से अपने स्टाफ को निकालने का फैसला उन नाजुक क्षणों में आया है जब ट्रंप ईरान के साथ परमाणु समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पा रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु डील लगातार अटक रहा है.  इस बीच अमेरिकी खुफिया संकेत देते हैं कि इजरायल ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमले की तैयारी कर रहा है.  इस मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट से अमेरिकी कर्मियों को निकाला जा रहा है क्योंकि ये खतरनाक जगह हो सकता है और हम देखते हैं कि आगे क्या होता है. हमने उन्हें बाहर जाने का नोटिस दिया है.  जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि पूरे क्षेत्र का राजनीतिक और सैन्य तापमान कम करने के लिए कुछ किया जा सकता है या नहीं. इसके जवाब में ट्रंप ने साफ साफ कहा कि, ‘ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है, ये बहुत ही सिंपल सी बात है, उनके पास परमाणु बम नहीं हो सकता है.’ यूरेनियम का संवर्धन रोके ईरान, नहीं तो… बता दें कि ट्रम्प ने बार-बार ईरान पर हमला करने की धमकी दी है. उन्होंने कहा है … Read more

मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री अपेक्स बैंक के  नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के पदभार ग्रहण में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज पहुंचेंगे मसूरी, करेंगे LBS अकादमी में संबोधित

देहरादून मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127वां इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज मसूरी पहुंचेंगे। वह एलबीएस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वह कल पौने दस बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद 11 बजकर 30 मिनट पर मसूरी पहुंचेंगे। लोकसभा अध्यक्ष उसी दिन दिल्ली वापस लौट जाएंगे। बता दें कि मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127वां इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम में 19 राज्यों की सेवाओं से प्रोन्नत 97 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 73 पुरुष अधिकारी और 24 महिला अधिकारी हैं। यह कार्यक्रम ‘विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय दृष्टि और ‘मिशन कर्मयोगी’ के रूपांतरणीय लक्ष्यों से प्रेरित होकर अधिकारियों को राज्य-स्तरीय प्रशासनिक भूमिकाओं से राष्ट्रीय-स्तर की नेतृत्वकारी जिम्मेदारियों में सुगम रूपांतरण के एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करता है।  

विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण सत्रों में व्याख्यान के साथ हुई कार्यशाला

दो दिवसीय इनक्यूबेटर कार्यशाला विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण सत्रों में व्याख्यान के साथ हुई कार्यशाला भोपाल उच्च शिक्षा एवं मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय इनक्यूबेटर कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत उपयोगी विषयों पर व्याख्यान दिए गए। प्रथम सत्र में श्री रोनाल्ड फर्नांडीज़ द्वारा “फायनेशियल प्लानिंग एंड रेवेन्यू मॉडल फॉर इनक्यूबेटर” विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने इनक्यूबेटर के दीर्घकालिक संचालन हेतु वित्तीय योजना, संसाधनों के विविधीकरण तथा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उपायों पर प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में डॉ. संजीव पाटनी, सीईओ, एआईसी-प्रेस्टिज इंदौर द्वारा “क्रिएटिंग विजिबिलिटी एंड इन्क्यूबेटी पाइपलाइन” विषय पर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक इनक्यूबेटर को सामाजिक एवं औद्योगिक स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है तथा नवाचारकर्ताओं की एक सतत पाइपलाइन कैसे तैयार की जाए। तृतीय सत्र में श्री अपूर्व गैवक, निदेशक, सेंटर फॉर इनोवेशन, डिजाइन एंड इनक्यूबेशन, SGSITS इंदौर ने “HR Planning for Incubators” पर सारगर्भित जानकारी साझा की। उन्होंने मानव संसाधन नियोजन की रणनीतियों एवं टीम निर्माण की प्रक्रिया को रेखांकित किया। अंतिम सत्र में श्री प्रदीप करंबेलकर, निदेशक, VASPL Initiative Pvt. Ltd., भोपाल द्वारा “Mentorship in Incubation Ecosystem” विषय पर प्रस्तुति दी गई। उन्होंने एक प्रभावशाली मेंटरशिप प्रणाली के निर्माण और मेंटर्स की भूमिका के महत्व पर बल दिया। कार्यशाला में प्रदेश के 12 निजी विश्वविद्यालयों, 16 शासकीय विश्वविद्यालयों, 18 स्वायत्त महाविद्यालयों एवं 1 संबद्ध महाविद्यालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला की समाप्ति के बाद सभी सहभागियों ने फीडबैक दिया एवं सभी सहभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किये गए।  

छगमाशिमं की दूसरी मुख्य परीक्षा 8 जुलाई से

रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की दूसरी मुख्य परीक्षा 8 जुलाई से आयोजित की जाएगी. 12वीं की परीक्षा 8 जुलाई और 10वीं की परीक्षा 9 जुलाई प्रारंभ होगी. गत वर्ष से पूरक परीक्षा के बजाय माशिमं द्वारा दूसरी बार बोर्ड परीक्षा आयोजित की जा रही है. इन दिनों पहली परीक्षा के बाद पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है. इस बीच दूसरी परीक्षा के लिए फॉर्म भी भरे जा रहे हैं. सामान्य शुल्क के साथ फॉर्म भरने की अंतिम तिथि खत्म हो चुकी है. अब विलंब शुल्क के साथ 20 जून तक तथा विशेष विलंब शुल्क के साथ 21 से 30 जून तक फॉर्म भरे जा सकते हैं. परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक आयोजित होगी. माशिमं ने दूसरी मुख्य परीक्षा की समय सारणी आज जारी कर दी. कक्षा 12वीं की परीक्षा 8 जुलाई से प्रारंभ होकर 22 जुलाई तक चलेगी. वहीं 10वीं की परीक्षा 9 जुलाई से 21 जुलाई तक आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में पहली परीक्षा में अनुत्तीर्ण के अलावा पूरक तथा कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी श्रेणी सुधार के लिए सम्मिलित हो सकेंगे. पिछले साल बड़ी संख्या में प्रथम श्रेणी में आए विद्यार्थियों ने भी दूसरी परीक्षा दी थी. दूसरी परीक्षा की समय सारणी कक्षा बारहवीं 8 जुलाई- हिन्दी, 10 जुलाई- अंग्रेजी, 11 जुलाई- संस्कृत, 12 जुलाई- इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, कृषि विज्ञान के तत्व एवं गणित, ड्राइंग एंड पेंटिंग, आहार एवं पोषण, 14 जुलाई- मराठी, उर्दू पंजाबी, सिंधी, बंगाली, गुजराती, तेलगू, तमिल, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, 15 जुलाई-भूगोल, भौतिक शास्त्र, 16 जुलाई- समाज शास्त्र, 17 जुलाई- राजनीति विज्ञान, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन, शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा, 18 जुलाई- मनोविज्ञान, 19 जुलाई- रिटेल मार्केटिंग मैनेजमेंट, आईटी, ऑटोमोबाइल सर्विस टेक्निशियन, हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, टेलीकम्प्यूनिकेशन, बैंकिंग फाइनेंसियल सर्विस एंड इंश्युरेंस, ब्यूटी एंट वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, 21 जुलाई- गणित, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, भारतीय संगीत, चित्रकला, नृत्यकला, स्टेनो टायपिस्ट, कृषि, गृह विज्ञान, वाणिज्यिक गणित, औद्योगिक संगठन के मूल तत्व, 22 जुलाई- जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, पशुपालन, दुग्व प्रौद्योगिकी मत्स्य एवं कुक्कट पालन, भारतीय कला का इतिहास, विज्ञान के तत्व. कक्षा दसवीं- 9 जुलाई-गणित, 11 जुलाई प्रथम भाषा हिन्दी, 14 जुलाई- द्वितीय भाषा अंग्रेजी, 15 जुलाई- व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विषय, 16 जुलाई- विज्ञान, 18 जुलाई सामाजिक विज्ञान, 19 जुलाई- तृतीय भाषा, 21 जुलाई- केवल दृष्टिहीन छात्रों के लिए संगीत, केवल मूक बधिर छात्रों के लिए ड्राइंग एंड पेंटिंग.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री नव्या तिवारी को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन निवासी सुश्री नव्या तिवारी को एयर फोर्स फ्लाइंग ब्रांच में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि सुश्री तिवारी मध्यप्रदेश की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनकर प्रदेश को गौरवान्वित करेंगी।  

एमबीबीएस में दाखिला पाने वाले छात्रों को अब सिर्फ नीट यूजी पास करना ही काफी नहीं, एनएमसी लाया नए नियम

नई दिल्ली   नेशनल मेडिकल कमीशन ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी छात्र की जानकारी कॉलेज के पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, तो वह डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएगा। यानी कि मेडिकल कॉलेज की लापरवाही के चलते एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने लेने के बाद भी स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक सकता है। हजारों छात्रों की जानकारी अब भी पोर्टल पर नहीं एकेडमिक सेशन 2024-25 के लिए पूरे भारत में MBBS की करीब 1.18 लाख सीटें हैं, लेकिन अब तक केवल 1.15 लाख छात्रों की जानकारी ही NMC पोर्टल पर अपलोड की गई है। इसका मतलब है कि करीब 3,000 छात्रों की जानकारी अभी भी अपूर्ण या गायब है। एनएमसी ने नोटिस में क्या कहा? एनएमसी ने अपने नोटिस में कहा कि कुछ कॉलेजों ने एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों की डिटेल्स अपलोड नहीं की है और कुछ कॉलेजों ने अधूरा डेटा अपलोड किया। विभिन्न परिपत्र और सार्वजनिक नोटिस जारी करने के बावजूद, यह पाया गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए कुल 1,15,250 छात्रों ने दाखिला लिया है और उनकी डिटेल्स एनएमसी पोर्टल पर अपलोड किया गया है। एनएमसी ने कहा कि जिन छात्रों की डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड की गई है, वे भारत में आधुनिक चिकित्सा/एलोपैथ की प्रैक्टिस करने के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए एलिजिबल होंगे। कई मेडिकल कॉलेजों ने छात्रों की जरूरी जानकारी जैसे नाम, रोल नंबर, मेरिट नंबर, डेट ऑफ बर्थ और एडमिशन डेट जैसे डाटा अपलोड नहीं किए हैं। कुछ संस्थानों ने तो बिना योग्यता के छात्रों को भी प्रवेश दे दिया, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ है। डेडलाइन बढ़ाने के बाद भी अपलोड नहीं की जानकारी NMC ने पहले 8 नवंबर 2024 तक डाटा अपलोड करने की आखिरी तारीख तय की थी, जिसे बढ़ाकर 23 नवंबर और फिर 10 दिसंबर 2024 कर दिया गया। इसके बावजूद कई कॉलेजों ने जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की। अब NMC ने साफ चेतावनी दी है कि जिन छात्रों की जानकारी पोर्टल पर नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की परमिशन ही नहीं दी जाएगी। योग्यता के नियमों में भी हो रही हैं गड़बड़ियां इतना ही नहीं जांच में तो यह भी सामने आया कि कई मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 50% से कम अंक हासिल करने वाले छात्रों को भी प्रवेश दे दिया। कई संस्थानों ने तो अप्रूव्ड सीट कैपेसिटी से ज्यादा छात्रों को दाखिला दे दिया है। MBBS छात्रों के लिए जरूरी सलाह NMC ने सभी MBBS छात्रों को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने कॉलेज या काउंसलिंग अथॉरिटी से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि उनकी जानकारी NMC पोर्टल पर दर्ज है। अगर डाटा अपलोड नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द इसे सही करवाएं। ऐसे में अब मेडिकल में करियर बनाने की चाह रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए नीट यूजी क्वालिफाई कर लेना ही डॉक्टर बनने की आखिरी सीढ़ी नहीं है। छात्रों को खुद अवेयर रहना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका मेडिकल कॉलेज NMC के नियमों को फॉलो कर रहा है। वरना डिग्री होने के बाद भी आपके कॉलेज की लापरवाही आपके भविष्य को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। क्या है एमबीबीएस में दाखिले की पात्रता?     12वीं में PCB में कम से कम 50% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 40%) जरूरी।     NEET-UG पास करना अनिवार्य है।     जनरल केटैगरी के कैंडिडेट्स के लिए NEET में कम से कम 50 परसेंटाइल जरूरी है।     PwD कैंडिडेट्स के लिए 45 परसेंटाइल और SC/ST/OBC के लिए 40 परसेंटाइल मेंडेटरी है।     अन्य शैक्षणिक और आयु संबंधी योग्यता भी जरूरी है। NMC की सख्ती क्यों जरूरी है? मेडिकल सेक्टर में योग्य और प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। अगर कॉलेज ही नियमों की अनदेखी करें, तो न केवल छात्रों का करियर खतरे में पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की क्वालिटी पर भी इसका असर देखने को मिलता है।

राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा नया सिलेबस

जयपुर राज्य सरकार प्रदेश के स्कूल एजुकेशन सिलेबस में बदलाव की तैयारी कर रही है। नए सिलेबस को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देश के आधार पर ही तैयार किया जा रहा है। इसमें कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के लिए प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा या स्थानीय भाषा में भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए जिलेवार स्थानीय स्थानीय बोलियों का शब्दकोष तैयार किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के अनुसार नई शिक्षा नीति में भारतीय संस्कृति, इतिहास और भूगोल को व्यावहारिक व रोचक तरीके से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जड़ से जोड़ते हुए भविष्य को मजबूत बनाना है। छात्रों को महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, वीर दुर्गादास, सुभाषचंद्र बोस, स्वामी दयानंद सरस्वती और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्र नायकों का जीवन परिचय भी बताया जाएगा। इसमें कक्षा तीन से हिंदी, इंग्लिश और ईवीएस की नई किताबों में भारत और राजस्थान के महापुरुषों के बारे में रोचक और मूल्य आधारित जानकारी दी जाएगी। वहीं लोकतंत्र की मूल अवधारणा भी प्रारंभिक शिक्षा में सिखाई जाएगी। इसे बाद कक्षा पांच तक आते-आते छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सामाजिक सुधारकों के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा।

किसानों के खाते में इस दिनआएंगे 2000 रुपये, पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं तो निपटा लें ये 4 जरूरी काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए अच्छी खबर है। ताजा अपडेट मिली है कि किसानों के खाते में 2000 रुपये जल्द ही आने वाले हैं। पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को साल में 6000 रुपये मिलते हैं। यह पैसा 2000-2000 की तीन किस्तों में आता है। पिछली किस्त फरवरी में आई थी। इसके बाद 20वीं किस्त के 2000 रुपये का इंतजार सभी को है। जानकारी मिली है कि 20 जून, 2025 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 2000 रुपये खाते में ट्रांसफर हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह तारीख बताई जा रही है। ऐसे में अगर आपने अभी भी पीएम किसान सम्मान योजना से जुड़े काम पूरे नहीं किए हैं तो उन अधूरे कामों केा तुरंत निपटा लें। सरकार इसके लिए सैचुरेशन ड्राइव चला रही है। सिर्फ इन किसानों के खाते में आएगा पैसा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आ रही गड़बड़ियों की शिकायतों के मद्देनजर सरकार ने यह तय कर लिया है कि सिर्फ उन्हीं किसानों के खाते में पैसा जाएगा, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। अगर अभी तक आपने फार्मर रजिस्ट्री कराकर फार्मर आईडी नहीं बनाई है तो फिर 20 जून को 20वीं किस्त खाते में नहीं आएगी। हालांकि अभी भी समय है और यह काम आप ऑनलाइन कर सकते हैं। ईकेवाईसी भी करा लें अगर किसी ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है तो उनके खाते में आने वाला पैसा अटक सकता है। आप ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर अभी भी यह काम कर सकते हैं। आपको बस Farmer Corner में जाकर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना है। आधार नंबर और बायोमैट्रिक के जरिए आप यह काम कर सकते हैं। आप नजदीक के CSC जाकर भी यह काम करा सकते हैं। पिछली बार फरवरी में पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त केंद्र सरकार की ओर से 10,04,67,693 किसानों के खाते में भेजी गई थी।. ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य PM Kisan Yojana की किस्त पाने के लिए सबसे जरूरी शर्त ई-केवाईसी है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई होगी, उन्हें अगली किस्त नहीं दी जाएगी. ई-केवाईसी आप अपने नजदीकी CSC केंद्र या खुद पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर करा सकते हैं. इसके लिए आपके आधार नंबर और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी. भूमि सत्यापन (Land Verification) पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को लैंड वेरीफिकेशन कराना जरूरी है. इसके जरिए ये जांचा जाता है कि किसान के नाम पर वास्तविक कृषि भूमि मौजूद है और वह योजना की पात्रता की सभी शर्तें पूरी करता है. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान समेत देश के करीब 14 राज्यों में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत लैंड वेरीफिकेशन का काम जारी है. अपात्र लोगों को योजना से बाहर किया जा सके इसके लिए इन राज्यों द्वारा जमीन की जांच की जा रही है. बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर अब तक 14 राज्यों के 6.1 करोड़ (61 मिलियन) किसानों को डिजिटल आईडी (फार्मर आईडी या किसान आईडी) दी है. हाल ही सामने आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) तक 11 करोड़ (110 मिलियन) किसानों को “किसान पहचान पत्र” नाम की यह यूनिक ID दी जाए. इस पहचान पत्र में किसान की जमीन, फसलों और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी. मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस ID की मदद से किसानों को कर्ज (Loan) और फसल बीमा की सुविधा जल्दी और आसान तरीके से मिल सकेगी. साथ ही पीएम किसान योजना की रकम भी अब सीधे इस ID से लिंक की जा रही है. अब तक सबसे ज्यादा IDs इन राज्यों में बनी हैं: उत्तर प्रदेश – 1.3 करोड़ महाराष्ट्र – 99 लाख मध्य प्रदेश – 83 लाख राजस्थान – 75 लाख आंध्र प्रदेश – 45 लाख गुजरात – 44 लाख तमिलनाडु – 30 लाख असम, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरल, तेलंगाना और अन्य राज्यों में भी काम जारी है. यह पूरी प्रक्रिया AgriStack नाम की सरकारी डिजिटल योजना के तहत हो रही है, जिसका मकसद किसानों तक सरकारी योजनाओं के लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है. यह डिजिटल ID बिल्कुल आधार कार्ड जैसी होगी. सरकार की योजना है कि FY26 में 3 करोड़ और FY27 में 2 करोड़ किसान और जोड़े जाएंगे. अगर आपने अभी तक अपनी भूमि से जुड़ी जानकारी को अपडेट नहीं किया है या वेरीफिकेशन नहीं कराया है, तो आपकी अगली किस्त अटक सकती है.  आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए पीएम किसान योजना की किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. ऐसे में यह जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो. यदि आपका आधार आपके खाते से लिंक नहीं है या खाता NPCI मैपिंग में नहीं है, तो भुगतान फेल हो सकता है. बैंक शाखा में जाकर यह जानकारी चेक करें और जरूरत हो तो लिंकिंग प्रक्रिया पूरी कराएं. पीएम किसान पोर्टल पर स्टेटस चेक करें कई बार तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से किसानों की किस्तें अटक जाती हैं. ऐसे में आपको पीएम किसान योजना की वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” और “Payment Status” चेक करते रहना चाहिए. इससे आपको यह पता चल जाएगा कि आपकी पिछली किस्तें मिलीं या नहीं, और अगली किस्त में कोई अड़चन है या नहीं. किसानों के खाते में किस दिन आएगी 20वीं किस्त? पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त जून के तीसरे या चौथे सप्ताह में किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. कुछ मीडिया रिपोर्ट की मानें तो लाभार्थी किसानों के खाते में योजना के तहत 2000 रुपये 20 जून को आ सकते हैं. हालांकि, आधिकारिक तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है. इसलिए किसान नियमित रूप से वेबसाइट और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले SMS पर नजर बनाए रखें. अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं और समय पर 2000 रुपये की 20वीं किस्त पाना चाहते हैं, तो ऊपर बताए गए चार जरूरी काम जरूर पूरा कर लें. सरकार की ओर से यह योजना किसानों … Read more

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