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समंदर में बड़ी चुनौती की तैयारी, चीन के खिलाफ ड्रोन सेना खड़ी करने जा रहा यह देश

चीन  चीन की चुनौती के बीच ताइवान ने भी युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है। ताइवान ने समंदर में हथियार ले जाने वाले ड्रोन का परीक्षण किया है। बीजिंग आए दिन ताइवान को धमकाने के लिए अपने एयरक्राफ्ट भेज देता है। इसी दबाव के बीच ताइवान ने भी युद्ध स्तर परतैयारी शुरू कर दी है। ताइवान अब ऐसे ड्रोन तैयार कर रहा है जिनका इस्तेमाल रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में हो रहा है। चीन दावा करता है कि ताइवान उसका ही हिस्सा है। वह ताइवान को कब्जे में लेने की धमकी देता रहत है। ताइवान के यिलान में अनक्रूड सी वीइकल यानी ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। इसमें दुनियाभर की कम से कम 12 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। ताइवान का कहना है कि भविष्य में इस तरह के आधुनिक ड्रोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। समंदर में युद्ध के लिए ये ड्रोन बहुत उपयुक्त हैं। ताइवान ने ब्लैक टाइड सी ड्रोन का प्रदर्शन किया जो कि 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसके अलावा यह इंटेलिजेंस, सर्विलांस और हमले में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा बमबारी करने वाला स्टील्थ ड्रोन काफी सस्ता है। ताइवान की सरकार का कहना है कि इस तरह के ड्रोनों का उत्पादन भी बहुत आसान होगा। अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन ने ताइवान के साथ समझौता करके आधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन बनाने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति लाइ चिंग ते ने संकल्प लिया कि वह ताइवान को ड्रोन प्रोडक्शन के मामले में एशियन हब बनाएंगे। फिलहाल ताइवान के पास हर साल 8 से 10 हजार ड्रोन उत्पादन की क्षमता है। वहीं सरकार ने 2028 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखा है। ताइवान का कहना है कि फोकस कम कीमत में ड्रोन प्रोडक्शन करने पर रहेगा। इस समय चीन के ड्रोन के आगे ताइवान के ड्रोन ज्यादा कीमत की वजह से नहीं टिक पाते हैं।  

459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास को मिलेगा बल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुचंद्रिका, प्रदान से सुअर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुजॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर नवाचार और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहन दे रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर संभव नवाचार और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहन दे रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत के विजन को मूर्त रूप देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी स्तरों पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मंत्रालय में ट्रिवीट्रॉन हेल्थकेयर के प्रतिनिधि मंडल से शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश में नवजात शिशुओं में कंजेनिटल मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए न्यू बॉर्न स्क्रीनिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रयोगशाला की स्थापना से जन्म के कुछ दिनों के भीतर ही शिशुओं में गंभीर आनुवांशिक विकारों की पहचान की जा सकेगी, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे नवाचार अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनहितैषी तकनीकों को प्राथमिकता देती है। इस प्रस्ताव पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक परीक्षण उपरांत सकारात्मक विचार किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने बताया कि स्क्रीनिंग लैब में चार प्रमुख आनुवांशिक विकारों कंजेनिटल हाइपोथायरोडिज्म, कंजेनिटल एड्रेनल हाइपरप्लेशिया, ग्लूकोज-6-फास्फेट डीहाइड्रोजनेज डेफिशियेंसी और गैलेक्टोजीमिया की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रिवीट्रॉन हेल्थकेयर द्वारा यह सेवा केरल में पहले से ही प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व के अन्य देशों में इस तकनीक के सफल प्रयोगों और परिणामों की जानकारी भी साझा की। कंपनी द्वारा संचालित मोबाइल टेस्टिंग वैन सेवाओं की जानकारी दी। इसमें मैमोग्राफी और सिकल सेल स्क्रीनिंग की सुविधाएँ हैं। यह सेवा वर्तमान में तमिलनाडु में कंपनी द्वारा प्रदान की जा रही हैं।  

भारत के हृदय प्रदेश में पर्यटन ने बनाए नए रिकॉर्ड

“अतुल्य मध्यप्रदेश” बना पर्यटकों की पहली पसंद वर्ष 2024 में पहुंचे 13 करोड़ 41 लाख सैलानी भारत के हृदय प्रदेश में पर्यटन ने बनाए नए रिकॉर्ड भोपाल पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। इसकी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा का आकर्षण “अतुलनीय मध्यप्रदेश” के रूप में पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है। प्रदेश ने वर्ष 2024 में पर्यटन के क्षेत्र में कीर्तिमान रचा है। मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड 13 करोड़ 41 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ। यह उपलब्धि वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत, 2019 से लगभग 50.6 प्रतिशत और 2020 की तुलना में 526 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।    प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत का एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक धरोहरें और वन्यजीव विविधता, पर्यटकों को एक सम्पूर्ण अनुभव प्रदान करती हैं। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश देश ही नहीं, वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूती से उभर रहा है। यह उपलब्धि शासन की दूरदर्शी नीतियों, आधारभूत ढांचे के विकास और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी का प्रतिफल है।   विदेशी पर्यटकों का आगमन वर्ष 2024 में 1.67 लाख विदेशी पर्यटकों ने भी मध्यप्रदेश की सैर की। खजुराहो में 33 हजार 131, ग्वालियर में 10 हजार 823 और ओरछा में 13 हजार 960 विदेशी पर्यटक पहुंचे। शहरी पर्यटन में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई, जिसमें इंदौर में 9,964 और भोपाल में 1,522 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। बांधवगढ़ में 29 हजार 192, कान्हा में 19 हजार 148, पन्ना में 12 हजार 762 और पेंच में 11 हजार 272 विदेशी पर्यटक आए, जो मध्यप्रदेश की वैश्विक अपील को दर्शाता है।  धार्मिक पर्यटन : देश की आस्था का नया केंद्र प्रदेश के धार्मिक स्थलों ने वर्ष 2024 में 10.7 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 21.9% अधिक है। प्रदेश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में से 6 धार्मिक स्थल शामिल हैं। उज्जैन 7.32 करोड़ पर्यटकों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहा, जो वर्ष 2023 के 5.28 करोड़ की तुलना में 39% अधिक है। चित्रकूट में भी 1 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2023 के 90 लाख की तुलना में 33% अधिक है। मैहर में 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख, सलकनपुर में 26 लाख और ओंकारेश्वर में 24 लाख पर्यटक पहुंचे। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर महालोक, श्रीराम वनगमन पथ, देवी लोक, राजा राम लोक, हनुमान जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। विरासत पर्यटन : इतिहास की जीवंत गाथा मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत ने 2024 में 80 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया, जो 2023 के 64 लाख की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाता है। ग्वालियर में पर्यटकों की संख्या में 3 गुना वृद्धि देखी गई, जहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो 2023 की तुलना में 3.69 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि है। खजुराहो (4.89 लाख), भोजपुर (35.91 लाख) और महेश्वर (13.53 लाख) में भी पर्यटकों ने इन समृद्ध विरासतों का आनंद लिया। यूनेस्को ने हाल ही में भोजपुर को अपनी टेंटेटिव सूची में शामिल किया है और ग्वालियर को “क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक” के रूप में मान्यता दी है। मध्यप्रदेश में अब 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव सूची में कुल 18 यूनेस्को धरोहरें हैं। स्थायी सूची में खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं और सांची स्तूप शामिल हैं। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर, बुंदेला शासकों के महल और किले, ग्वालियर किला, बुराहनपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित राम नगर के गोंड स्मारक, धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू के स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट–लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी टेंटेटिव लिस्ट में हैं।  वन्यजीव पर्यटन : प्रकृति और रोमांच का संगम ग्रीन, क्लीन और सेफ मध्यप्रदेश “टाइगर स्टेट”, “लेपर्ड स्टेट”, “घड़ियाल स्टेट”, “चीता स्टेट” और “वल्चर स्टेट” के रूप में जाना जाता है, जिसमें देश का सबसे अधिक वन क्षेत्र है। राज्य में 12 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य और 9 टाइगर रिजर्व हैं। कान्हा (2.48 लाख), पेंच (1.92 लाख), बांधवगढ़ (1.94 लाख), पन्ना (3.85 लाख) और मढ़ई (4.34 लाख) जैसे प्रमुख वन्यजीव स्थलों पर पर्यटकों का आगमन हुआ। कुनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकी चीतों की पुनर्स्थापना परियोजना ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। प्राकृतिक पर्यटन : प्रकृति की गोद में अविस्मरणीय अनुभव मध्यप्रदेश का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए एक अनमोल खजाना है। पचमढ़ी, अमरकंटक, भेड़ाघाट, हनुवंतिया, गांधीसागर, तामिया, सैलानी आइलैंड और सरसी आइलैंड जैसे स्थल प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। वर्ष 2024 में पचमढ़ी में 2.87 लाख पर्यटक और भेड़ाघाट में 2.34 लाख पर्यटक पहुंचे। यहां रिसॉर्ट्स, एडवेंचर, स्पोर्ट्स, ट्रेकिंग ट्रेल्स और कैंपिंग सुविधाओं ने पर्यटकों को नया अनुभव दिया। गांधीसागर डैम, सैलानी आइलैंड, तामिया की पातालकोट घाटी और सरसी आइलैंड में प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाया।  ग्रामीण पर्यटन : संस्कृति और आतिथ्य का जीवंत अनुभव मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटन ने स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 63 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं। प्रदेश में 470 से अधिक होमस्टे का निर्माण किया गया है, जिनसे अब तक 24 हजार से अधिक अतिथि स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव ले चुके हैं। पचमढ़ी, कान्हा और अमरकंटक जैसे क्षेत्रों के आसपास के गांवों में होम स्टे सुविधाएं पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव बन गई है। चंदेरी में भारत के पहले हैंडलूम गांव प्राणपुर ने स्थानीय शिल्पकारों को वैश्विक पहचान दिलाई है। आदिवासी समुदायों की कला जैसे गोंड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।  फिल्म पर्यटन : सिनेमाई जादू का नया गंतव्य मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना रहा है। चंदेरी और महेश्वर जैसे स्थल फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन गए हैं। “स्त्री 2” की शूटिंग ने चंदेरी को पर्यटकों के … Read more

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा- AI 143 दिक्कत की वजह से कैंसल किया जा रहा है, एक ही दिन में दूसरी फ्लाइट कैंसल

नई दिल्ली  अहमदाबाद में गुरुवार को प्लेन क्रैश की घटना के पांच दिन बाद ही एअर इंडिया को एक दिन में ही दो फ्लाइट कैंसल करनी पड़ गई। एयर इंडिया ने इसके पीछ तकनीकी खामी की बात कही है। पहले फ्लाइट संख्या 159को कैंसल किया गया था। यह दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर अहमदाबाद से लंदन जाने वाली थी। इसके बाद एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि AI 143 को भी कुछ दिक्कत की वजह से कैंसल किया जा रहा है। यह फ्लाइट दिल्ली से पेरिस के लिए रवाना होने वाली थी। एअर इंडिया ने कहा, उड़ान से पहले अनिवार्य जांच के दौरान एक कमी पाई गई थी। इसे सुधारने की कोशिश की जा रही है। हम यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा टिकट कैंसल करने वालों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। इसके अलावा AI142 पेरिस से दिल्ली की फ्लाइट को भी कैंसल किया जा रहा है। यह 18 जून को पेरिस से रवाना होने वाली थी। बता दें कि सोमवार को भी अहमदाबाद से लंदन की फ्लाइट रद्द कर दी गई थी। एअर इंडाया का कहना है कि विमानों की कमी के चलते भी फ्लाइट कैंसल की जा रही हैं। एयर इंडिया का कहना है कि एयर स्पेस प्रतिबंधित होने और अतिरिक्त जांच के चलते अब एयरक्राफ्ट्स को समय ज्यादा लग रहा है। अहमदाबाद से लंदन के लिए एअर इंडिया की सीधी उड़ान को पहले इसके निर्धारित कोड ‘एआई-171’ से जाना जाता था। अधिकारी ने कहा, ‘दुर्घटना के बाद विमानन कंपनी ने अहमदाबाद से लंदन की उड़ानें निलंबित कर दी थीं। एयरलाइन ने सोमवार (16 जून) को सेवा फिर से शुरू की, लेकिन नए उड़ान कोड एआई-159 के साथ।’ उन्होंने बताया कि वापसी की उड़ान जिसका कोड एआई-160 था, निर्धारित समय के अनुसार मंगलवार दोपहर को एसवीपीआईए में उतरी।  

घरेलू श्रृंखला में जीत के साथ एक नया चक्र शुरू करने का यह एक शानदार अवसर: धनंजय डी सिल्वा

गॉल श्रीलंका क्रिकेट टीम मंगलवार से बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज की शुरुआत करेगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 की यह शुरुआत होगी। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा इस क्षण का इंतजार बेसब्री से कर रहे थे। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा का मानना है कि अगर टीम ने पिछले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन किया होता तो लॉर्ड्स में उसे फाइनल खेलने का अवसर मिल सकता था। श्रीलंका बीते चक्र के अपने चार में से तीन मैच जीतकर फाइनल खेल सकता था, लेकिन सभी मैचों में हार के बाद वह छठे स्थान पर चला गया था। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर खिताब जीता। श्रीलंकाई कप्तान दक्षिण अफ्रीका की इस जीत से प्रेरणा लेकर अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत कर रहे हैं। आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंकाई कप्तान कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर डी सिल्वा ने संवाददाताओं से कहा, “जैसा कि हम एक नया चक्र शुरू कर रहे हैं, हम जानते हैं कि हमें अपनी घरेलू श्रृंखला जीतनी है। हमें वे सभी अंक हासिल करने की जरूरत है। घरेलू श्रृंखला में जीत के साथ एक नया चक्र शुरू करने का यह एक शानदार अवसर है।” दिमुथ करुणारत्ने संन्यास ले चुके हैं और गॉल टेस्ट एंजेलो मैथ्यूज का आखिरी टेस्ट होगा। ऐसे में श्रीलंका के लिए अगले दो साल आसान नहीं रहने वाले। श्रीलंका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र (2025-27) में 12 टेस्ट खेलने हैं। इसमें छह टेस्ट घर में और छह टेस्ट दूसरे देशों में खेलना है। श्रीलंकाई कप्तान का लक्ष्य अधिकांश टेस्ट में जीत दर्ज कर अगले फाइनल में जगह बनाना है।  

प्रयागराज में विश्व योग दिवस को खास बनाने के लिए यमुना नदी में जलयोग का किया गया आयोजन

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विश्व योग दिवस को खास बनाने के लिए बरगद घाट के पास यमुना नदी में जलयोग का आयोजन किया गया। इसके लिए तैराकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तैराक योगासन के पोस्टर हाथों में लिए लोगों को योग के प्रति जागरूक भी करते नजर आए। इसमें तैराकी सीखने वाले प्रशिक्षुओं के साथ ही शहर के युवाओं और छात्रों ने हिस्सा लिया। इन लोगों में योग दिवस को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। तैराकी प्रशिक्षक ने लोगों से विभिन्न योग मुद्राओं में जलयोग करवाया। इसमें सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन, मत्स्यासन, अनुलोम-विलोम के साथ ही ‘ओम’ का उच्चारण कराया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके भी जलयोग का आयोजन किया जाएगा। जलयोग के बारे में बात करते हुए प्रशिक्षक प्रणव उपमन्‍यु ने बताया कि पानी के अंदर सांस को रोकने और उसको छोड़ने से शरीर की क्षमता बढ़ती है। जलयोग हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी है। इससे भौतिक और आध्यात्मिक रूप से फायदा पहुंचता है। विश्व योग दिवस को भव्‍य तरीके से मनाने के लिए हम तैयारी कर रहे हैं। वही प्रशिक्षण लेने पहुंचे तैराकों का कहना है कि जलयोग से दोहरा फायदा होता है। उन्होंने कहा कि यह हमारे फेफड़े के लिए बहुत फायदेमंद है। योग के जरिए हम बीमारियों से बच सकते हैं। लोगों को अपने स्वास्थ्य के लिए 10 मिनट का समय जरूर निकालना चाहिए। एक अन्‍य तैराक ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि स्वस्थ शरीर के लिए योग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि कि योग से निरोगी काया मिलती है। योग बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद होता है। इससे शरीर को मजबूत मिलती है। शारीरिक और मानसिक दिक्कतें दूर होती हैं। योग करने से कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। वंशिका ने बताया कि पानी के साथ जब हम योग करते हैं तो मन को शांति मिलती है। पीएम मोदी ने भी कहा है कि शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए योग जरूरी है।  

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को जिले भर में भव्य और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाने की तैयारियाँ प्रारंभ हो चुकी

एमसीबी : 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन ने दिए निर्देश योगा संगम और हरित योग के संदेश के साथ हर गांव-हर शहर में आयोजित होंगे विशेष योग शिविर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को जिले भर में भव्य और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाने की तैयारियाँ प्रारंभ हो चुकी एमसीबी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को जिले भर में भव्य और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाने की तैयारियाँ प्रारंभ हो चुकी हैं। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला समाज कल्याण विभाग, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा समस्त संबंधित कार्यालय प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। समाज कल्याण संचालनालय, रायपुर के मार्गदर्शन में इस वर्ष योग दिवस की थीम “योगा संगम“ और “हरित योग“ पर आधारित रहेगी। कार्यक्रमों का आयोजन प्रातः 6 बजे से शुरू होकर जिले के समस्त नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत/नगरीय निकायों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा। जिला कार्यालय समाज कल्याण द्वारा जारी आदेश में नगर निगम आयुक्त, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर पंचायत अधिकारी गण एवं अन्य विभाग प्रमुखों से आग्रह किया गया है, कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में व्यापक स्तर पर जनसहभागिता सुनिश्चित करें। वहीं सभी आयोजन स्थलों पर फोटो एवं वीडियो दस्तावेजीकरण अनिवार्य होगा, जिसे dpsw.mcb@gmail.com पर ईमेल या विशेष वाहक के माध्यम से जिला कार्यालय समाज कल्याण को भेजना होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष शुभकामना संदेश भी साझा किया जाएगा, जिसमें उन्होंने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का गौरव बताया है। प्रधानमंत्री ने “योगः एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य“ थीम को वैश्विक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संतुलन और सर्वांगीण मानव कल्याण से जोड़ते हुए इसे सामूहिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में सामूहिक योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे बच्चे, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सभी सक्रिय भागीदारी कर सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय, 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

कलेक्टर ने मानसून के आगमन के साथ ही जिले में सघन पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए

उत्तर बस्तर कांकेर  कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मानसून के आगमन के साथ ही जिले में सघन पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। इसके तहत जिले में स्थित शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं छात्रावास परिसर, खाली मैदानों, मिनी स्टेडियम के अलावा सड़कों के किनारे व मार्ग विभाजकों में पौधे रोपकर उन्हें संरक्षित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने हेतु निर्देशित किया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले 10वें  अंतरराष्ट्रीय   योग दिवस के लिए अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों के बारे में बताया, साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के सीईओ हरेश मण्डावी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय आयोजन शासकीय नरहरदेव विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इसी तरह धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के सफल आयोजन को लेकर कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देशित किया। बैठक में कलेक्टर ने बाढ़ आपदा प्रबंधन के अंतर्गत सभी अनुविभागीय अधिकारियों को ऐसी जगहों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए, जहां बाढ़ की आशंका बनी रहती है। ऐसे स्थानों पर पहले से ही तीन माह का राशन वितरण करने, मितानिन पेटी में आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्षा जल के ठहराव वाले स्थलों की साफ-सफाई कराने, खाद-बीज की उपलब्धता तथा वर्षा मापी यंत्र के समुचित रख-रखाव व अन्य जरूरी राहत सामग्री व उपकरणों की पूर्व-व्यवस्था करने के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। इसी तरह उन्होंने निर्माण कार्यों के लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्कूल मरम्मत, छात्रावास निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण तथा उचित मूल्य की दुकान निर्माण की मदवार जानकारी लेकर जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पंजीयन की जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि लक्ष्य के विरूद्ध जिले में अब तक 51 प्रतिशत पंजीयन पूर्ण हो चुका है। इसी तरह डीएमएफ मद से निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यां की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जल्द से जल्द पूर्ण कर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, नियद नेल्लानार, पीएमस्कूल सहित विभिन्न एजेंडों के संबंध में साप्ताहिक प्रगति की जानकारी ली। इस अवसर पर एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी, जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद रहे।

अमरनाथ यात्रा रूट ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित, चेहरा पहचान करने वाली प्रणाली तैनात

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया। इसमें पहलगाम और बालटाल दोनों मार्ग शामिल हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर जम्मू-कश्मीर गृह विभाग द्वारा जारी घोषणा में कहा गया है कि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक यूएवी, ड्रोन, गुब्बारे सहित किसी भी तरह के विमान की उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी के मामलों में प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित आदेश में कहा गया है कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथजी यात्रा के मद्देनजर यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। आदेश में कहा गया है कि सभी हितधारकों ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की है और अतिरिक्त रसद प्रावधानों का प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि श्री अमरनाथजी यात्रा के पूरे मार्ग को 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया जा सकता है।  पहलगाम आतंकी हमले ने बढ़ाई चिंता, खुफिया एजेंसियां अलर्ट हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और अधिक बढ़ गई है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों की ओर से यात्रा के दौरान किसी बड़े हमले की योजना बनाए जाने की आशंका जताई गई है. इस इनपुट के बाद, यात्रा मार्ग पर सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है. 29 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा बता दें कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगी. हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे. यात्रा के दो पारंपरिक रूट- पहलगाम और बालटाल हैं. प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करना है. यात्रियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं, राशन और पेयजल की व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, साइन बोर्ड, इंटरनेट कनेक्टिविटी और हेल्पलाइन सेवाएं भी तेजी से तैयार की जा रही हैं. चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली तैनात 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर बालटाल और पहलगाम मार्ग पर चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली (एफआरएस) तैनात की है।  एफआरएस निगरानी कैमरे के फीड से चेहरे की विशेषताओं का विश्लेषण करके और उन्हें एक केंद्रीकृत डेटाबेस से मिलान करके सक्रिय आतंकवादियों और संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों सहित ब्लैक लिस्टेड व्यक्तियों की पहचान करता है। जब किसी चिह्नित व्यक्ति का पता चलता है, तो एक हूटर अलर्ट ट्रिगर करता है। यह सुरक्षा कर्मियों को तत्काल कार्रवाई करने और वास्तविक समय में खतरे को बेअसर करने में सक्षम बनाता है। अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी   इसके इलावा अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। ये सभी बड़े बदलाव पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आतंक पर पूरी तारा से नकली कसने के लिए उठाए जा रहे हैं है।

ईरान पर इजरायल के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 224 नागरिक मारे गए और 1257 अन्य घायल

इजरायल इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हवाई हमलों में कितने लोग मारे गए हैं? ईरान की इस्लामिक गणराज्य के नई दिल्ली स्थित दूतावास ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। इसमें इजरायल पर 13 जून को ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। दूतावास के अनुसार, इजरायल ने ईरान के कई स्थानों, विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों पर सैन्य हमले किए। इसमें महिलाओं और बच्चों सहित 224 नागरिक मारे गए और 1257 अन्य घायल हुए हैं। ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का स्पष्ट उल्लंघन बताया, जो किसी देश के खिलाफ आक्रामकता को रोकता है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा में उचित जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है। विज्ञप्ति में कहा गया कि जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दों सहित विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहा था, तब इजरायल ने ये हमले शुरू किए। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के सभी देशों से इन हमलों की निंदा करने और इजरायल के इस कदम को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। ईरानी दूतावास का कहना है कि इजरायल ने वैश्विक शांति और सुरक्षा को अभूतपूर्व खतरे में डाल दिया है। ईरान ने इजरायल पर लगाए गंभीर आरोप ईरान ने इजरायल पर परमाणु हथियार विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रति जवाबदेही न होने का भी आरोप लगाया। साथ ही, इजरायल पर ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने और वैज्ञानिकों व विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की हत्या करने का इल्जाम लगाया। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘जवाबी कार्रवाई के तौर पर ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने आत्मरक्षा के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत के आधार पर इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।’ ईरान ने इजरायल को पश्चिम एशिया में अस्थिरता और युद्ध का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि यह शासन अपने पड़ोसियों पर लगातार हमले करता है और उनकी संप्रभुता का उल्लंघन करता है।  

21 जून को पीएमश्री नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में ‘योग संगम’ के थीम पर आयोजित किया जाएगा

उत्तर बस्तर कांकेर 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को जिला स्तर पर सामूहिक योग दिवस का कार्यक्रम पीएमश्री नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में ‘योग संगम’ के थीम पर आयोजित किया जाएगा। सामूहिक योग कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन के लिए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के सभी विकासखण्ड के नगरीय निकायां, ग्राम पंचायतों में ‘हरित योग’ के संदेश को प्रोत्साहित करने विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आयोजन में गणमान्य नगरिकों, दिव्यांगजन, उभयलिंगी व्यक्ति, वंचित समूह, विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह, समस्त आयु वर्ग के महिला, पुरूष, एनजीओ, विभिन्न संस्थाओं एवं छात्र-छात्राओं को सम्मिलित किया जाएगा। कलेक्टर ने उक्त सम्पूर्ण कार्यक्रम हेतु जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने कार्यक्रम स्थल में मुख्य नगरपालिका अधिकारी कांकेर को स्थल की साफ-सफाई एवं नगर में प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने, छात्र-छात्राओं, एनसीसी, एनएसएस, रेडक्रॉस आदि की उपस्थिति मंच व्यवस्था की तैयारी हेतु जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, सर्वशिक्षा अभियान को दायित्व सौंपा है। इसी प्रकार जिला खाद्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग, जिला आयुर्वेद विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण एवं जनसम्पर्क विभाग, पुलिस वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, आयुर्वेद विभाग को भी आदेश जारी कर उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं। साथ ही उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग द्वारा कार्यक्रम से पूर्व अथवा कार्यक्रम दिवस पर पौधरोपण, पौधा वितरण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुष विभाग को कार्यक्रम उपरांत प्रत्येक योग करने वाले व्यक्ति का पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ल्वहंण्ंलनेण्हवअण्पद में पंजीयन कराने, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, नोडल महाविद्यालय को खेल संगठन, एनएसएस/एनसीसी की उपस्थिति एवं योगाभ्यास कराने एवं समापन पर संकल्प वाचन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों स्तर पर कार्यक्रम कराने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल नियुक्त किया है। उक्त नोडल अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर के कार्यक्रम में विद्यालयों को शामिल करते हुए ‘हरित योग’ के संदेश को प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला स्तर के समारोह के अतिरिक्त महाविद्यालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्रों, वृद्धाश्रम, छात्रावास-आश्रम में आयोजन की जवाबदारी जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास की होगी। प्रत्येक हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में योग शिविर का आयोजन किया जाना अनिवार्य है। इसके प्रभारी संबंधित संस्था के प्राचार्य तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी की देखरेख में शिविर का आयोजन सम्पन्न करायेंगे। आयोजन सम्पन्न होने के बाद आयोजन स्थल, उपस्थिति की जानकारी संकलित करने की जवाबदारी जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान कांकेर की होगी। उक्त दिवस को जिले में पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक, कमाण्डेंट जिला सेनानी द्वारा जेल के कैदियों, होम गॉर्ड, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सैनिक जवानों को भी योग कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल, मंत्री सारंग ने ली तैयारियों की बैठक

सहकारिता में हुए नवाचारों और उपलब्धियों से अवगत होगी केन्द्र सरकार केन्द्रिय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होगी उच्च स्तरीय बैठक  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल, मंत्री सारंग ने ली तैयारियों की बैठक भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 20 जून को केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की तैयारियों संबंधी आवश्यक बैठक ली। प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा। बैठक में सहकारिता विभाग से जुड़े मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, लघु वनोपज संघ के अधिकारी भी शामिल होंगे। मंत्री सारंग ने कहा कि बैठक में मध्यप्रदेश में विकास की ओर सहकारिता के कदम में किये गये सीपीपीपी मॉडल और बीज संघ द्वारा जारी चीता ब्रांड आदि की जानकारी दी जाये। मध्यप्रदेश में बहुउद्देशीय व्यवसायिक केन्द्र के रूप में पैक्स का रूपांतरण, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में किये गये और प्रस्तावित कार्यक्रमों से अवगत करवाया जाये। साथ ही सहकारिता विभाग में किये जा रहे हर आयामों जैसे विशेष कार्यक्रम, प्रशिक्षण, एडवांस स्टोरेज, माइक्रो एटीएम सहित 1 से 6 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों का भी समावेश किया जाये। मंत्री सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी जाये। मंत्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन एवं भविष्य की कार्य-योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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