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नशेड़ी शिक्षक ने दुकान में घुसकर पिता पर किया हमला

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के भीड़भाड़ वाले सदर बजार में नशेड़ी बेटे ने अपने पिता पर दुकान में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया. आरोपी युवक ने चाकू से लगातार हमला किया, जिसे बुजुर्ग को गंभीर चोटें आई है. आरोपी युवक पेशे से शिक्षक है. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त नरेंद्र सिंह चावला (70 साल) अपनी दुकान पर मौजूद थे. अचानक उनका बेटा अमरजीत चावला बाइक पर आया और शीशे पर वार करने लगा. वह बाइक लेकर अंदर घुसा और चाकू निकलकर अपने पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. घायल बुजुर्ग के शरीर पर खून बहने लगा. परिजनों ने उन्हें घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंची। जांच के बाद आरोपी युवक अमरजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या के प्रयास) के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. डीईओ हिमांशु भारतीय ने बताया कि अमरजीत चावला नाम का शिक्षक, पहले से ही अन्य मामलों में निलंबित चल रहा है. अब जानकारी आई है कि उसने अपने पिता पर जानलेवा हमला किया है. कोर्ट से जो आदेश जारी होगा, उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई करेंगे. बच्चों और दूसरे शिक्षकों की सुरक्षा के लिए ऐसे शिक्षक को बहाल करने से पहले 10 बार सोचेंगे. कोशिश रहेगी कि ऐसे शिक्षक को बर्खास्त किया जाए.

द ग्रेट इंडियन कपिल शो का सीजन 3 में सलमान खान पहले गेस्ट के रूप में आएंगे नजर

मुंबई ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो का सीजन 3’ 21 जून से शुरु होने वाला है. शो का नया प्रोमो रिलीज कर दिया गया है. शो के पहले एपिसोड में सुपरस्टार सलमान खान बतौर पहले गेस्ट नजर आने वाले हैं. सामने आए प्रोमो में वो अपने मजाकिया अंदाज में दिखाई दे रहे हैं. प्रोमो में वो अपनी फिल्म ‘सिकंदर’ और आमिर खान की गर्लफ्रेंड पर बात करते दिख रहे हैं. इस सीजन के पहले मेहमान बने सलमान खान बता दें कि सलमान खान ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो का सीजन 3’  के पहले गेस्ट हैं. प्रोमों में सबसे पहले कपिल शर्मा सलमान से कहते हैं कि आमिर खान ने हाल ही में अपनी गर्लफ्रेंड को दुनिया से रूबरू कराया. वो रुक नहीं रहे हैं और आप कर ही नहीं रहे हैं. जिसका जवाब देते हुए सलमान खान कहते हैं आमिर की बात दी कुछ और है. वो परफेक्शनिस्ट है. जब तक वो शादी को एकदम परफेक्ट नहीं करते. जिसके बाद सभी उनका मजाकिया जवाब सुनकर हंसी से लोटपोट हो जाते हैं. सलमान ने खुद की फिल्म ‘सिकंदर’ पर कसा तंज इसके अलावा शो के प्रोमो में सलमान खान अपनी फिल्म ‘सिकंदर’ के बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन को लेकर भी मजाक उड़ाया है. शो में सलमान खान ब्लैक टी-शर्ट और ब्लू डेनिम में स्वैग में दिखाई दिए हैं. प्रोमो में एक और मजेदार पल तब आया जब सलमान ने कपिल शर्मा को याद दिलाया कि वह पहले उनके शो ‘द कपिल शर्मा शो’ के प्रोड्यूसर थे. लेकिन अब नेटफ्लिक्स ने कपिल को अपने साथ जोड़ लिया. इसपर कपिल मुस्कराते हुए मजाक में कहते हैं कि “नेटफ्लिक्स ने उन्हें आपसे छीन लिया.” पुराने चेहरों की शो में हुई वापसी बता दें कि ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो का सीजन 3’ के प्रोमो में नवजोत सिंह सिद्धू और अर्चना पूरन सिंह भी नजर आ रहे हैं. इनके अलावा शो में कृष्णा अभिषेक, सुनील ग्रोवर और कीकू शारदा जैसे पुराने चेहरे भी नजर आ रहे हैं.

बेगमपेट एयरपोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, किया हाई अलर्ट, हुआ ऑपरेशन शुरू

हैदराबाद  हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एयरपोर्ट प्रशासन को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट ऑपरेशन शुरू कर दिया। बेगमपेट डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के अनुसार, खतरे की सूचना सुबह ही मिल गई थी। इसके बाद बम निरोधक दस्ते को तैनात किया गया और हवाई अड्डे तथा उसके आसपास के परिसर में गहन जांच की गई। इससे पहले कोच्चि से ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचने के वाद दिल्ली आ रहे इंडिगो के विमान में बम की धमकी के बाद मंगलवार को नागापुर में आपातकालीन लैंडिंग करायी गयी। यह विमान मस्कट से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचा था और वहां से सुबह 9.31 बजे दिल्ली के लिए घरेलू उड़ान के रूप में रवाना हुआ था। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधिकारिक ईमेल आईडी पर इंडिगो की उड़ान में बम की धमकी मिली थी। इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस कंट्रोल ब्यूरो (बीएपीसी) को बुलाया गया और धमकी को विशिष्ट घोषित किया गया। सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद नागपुर हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करायी गयी। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद 157 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों के साथ विमान दिल्ली के लिए रवाना होगा।  

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ‘शानदार’ प्रदर्शन करने वाले करुण नायर पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करें: रवि शास्त्री

लीड्स भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री युवा साई सुदर्शन के टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने और इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के पहले मैच में महत्वपूर्ण तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का समर्थन कर रहे हैं और चाहते हैं कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ‘शानदार’ प्रदर्शन करने वाले करुण नायर पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करें। पांच मैचों की श्रृंखला का पहला मैच शुक्रवार से यहां शुरू होगा जो भारतीय कप्तान के रूप में शुभमन गिल की पहली श्रृंखला होगी। शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू में कहा, ”यह (यशस्वी) जायसवाल होंगे और उनके साथ लोकेश राहुल होंगे क्योंकि मुझे लगता है कि यह उनके लिए एक बड़ा दौरा है। वह बल्लेबाजों में सबसे अनुभवी हैं।” उन्होंने कहा, ”जब भारत ने पिछली बार इंग्लैंड का दौरा किया था तब उन्होंने (राहुल) पारी की शुरुआत की थी, शतक बनाया था और अच्छा दौरा रहा था। इसलिए मैं उनसे पारी की शुरुआत करने की उम्मीद करूंगा।” शास्त्री ने कहा, ”तीसरे नंबर पर मैं युवा खिलाड़ी साई सुदर्शन के साथ जाऊंगा। मैंने उन्हें जितना भी देखा है, वह बहुत प्रभावशाली हैं। यह दौरा उनके लिए अच्छा अनुभव होगा।” तेइस वर्षीय सुदर्शन शानदार फॉर्म में हैं, हाल ही में वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सफल प्रदर्शन के बाद एक ही आईपीएल सत्र में 700 रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूर्व भारतीय कप्तान ने नए टेस्ट कप्तान गिल को चौथे नंबर पर रखा जिन्होंने अपने शुरुआती 32 टेस्ट मैच में नंबर तीन पर बल्लेबाजी की है। शास्त्री के अनुसार वर्तमान फॉर्म के आधार पर आठ साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी करने वाले करुण नायर हेडिंग्ले में नंबर पांच पर आदर्श विकल्प होंगे। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के अलावा नायर का काउंटी क्रिकेट खेलने का अनुभव भी उनके पक्ष में है। शास्त्री ने कहा, ”वर्तमान फॉर्म के आधार पर करुण नायर ही सबसे बेहतर विकल्प होंगे। वह पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं, उन्हें भारत के लिए खेले हुए काफी समय हो गया है। छठे नंबर पर (ऋषभ) पंत होंगे।” जहां तक गेंदबाजी आक्रमण का सवाल है तो शास्त्री ने कहा कि लीड्स की परिस्थितियों को देखते हुए वह तीन तेज गेंदबाजों के साथ जाएंगे। उन्होंने कहा, ”मुझे पता है कि शार्दुल (ठाकुर) और नितीश रेड्डी के बीच मुकाबला मुश्किल होगा लेकिन आपको देखना होगा कि कौन कितना गेंदबाजी करता है। अगर रेड्डी आपको 12, 14 ओवर देने जा रहे हैं तो उनकी बल्लेबाजी के कारण उन्हें मौका मिल सकता है।” शास्त्री ने कहा, ”और तीन तेज गेंदबाज होंगे, मैं प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और निश्चित रूप से जसप्रीत बुमराह को चुनूंगा। लीड्स में अगर आसमान में बादल छाए हुए हैं तो बाएं हाथ के गेंदबाज अर्शदीप सिंह को भी चुना जा सकता है। तो यह प्रसिद्ध कृष्णा/अर्शदीप होंगे लेकिन अन्य दो सिराज और बुमराह होंगे।’  

अगर ईरान का दावा सही है तो यह पहली बार है जब इस मिसाइल का मौजूदा संघर्ष में उपयोग किया गया: रिपोर्ट

ईरान  ईरान ने अपनी सबसे खतरनाक मिसाइल ‘फतह-1 को इजरायल पर दागने का दावा किया है। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसे ईरान ने ‘इजरायल-स्ट्राइकर की उपाधि दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरान का दावा सही है तो यह पहली बार है जब इस मिसाइल का मौजूदा संघर्ष में उपयोग किया गया है। इससे पहले अक्तूबर 2024 में भी इसे यरुशलम पर दागा गया था। विशेषज्ञों का कहना है, फतह-1 मिसाइल का इस्तेमाल या दावा, दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि पश्चिम एशिया एक बार फिर एक बड़ी जंग की ओर बढ़ रहा है। वहीं, इजरायल ने अब तक कोई ऐसी मिसाइल सार्वजनिक रूप से पेश नहीं की है जिसे ‘हाइपरसोनिक श्रेणी में रखा जा सके। यानी ऐसी मिसाइल जिसकी गति आवाज की गति से 5 गुना ज्यादा हो और जो उड़ान के दौरान दिशा बदल सके। खासियत रेंज: 1,400 किलोमीटर गति: 6,100 किलोमीटर प्रति घंटा विशेषता: उड़ान के दौरान दिशा बदलने में सक्षम, इंटरसेप्ट करना मुश्किल आयरन डोम के लिए भी चुनौती – फतह-1 इजरायल के आयरन डोम जैसे हवाई रक्षा तंत्रों के लिए बड़ी चुनौती – आयरन डोम के लिए हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकना कठिन कार्य ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल फतह-1 को 2023 में पहली बार सार्वजनिक किया गया था और इसका नाम खुद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रखा था। इसे ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल माना जाता है, जिसकी रफ्तार, सटीकता और दुश्मन की मिसाइल डिफेंस को चकमा देने की क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है। तेल अवीव 400 सेकंड में तेहरान में इस मिसाइल के अनावरण के समय एक विशाल बैनर लगाया गया था, जिस पर हिब्रू में लिखा था, ‘तेल अवीव तक 400 सेकंड में। इसका मतलब है कि फतह-1 इतनी तेज गति से इजरायल तक पहुंच सकता है कि उसे रोकने के लिए इजरायल के पास बहुत कम समय रहेगा। विस्फोटक विशेषज्ञ ट्रेवर बॉल बताते हैं कि यह ईरान की सबसे नई मिसाइलों में से एक है। अगर यह इस्तेमाल की गई और नाकाम रही, तो इजरायल को इसकी क्षमताओं का पूरा अंदाजा हो जाएगा। ईरान इस मिसाइल का इस्तेमाल कर ‘प्रोपेगेंडा कर सकता है, लेकिन जोखिम भी बड़ा है।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना : पायल को मिली एक लाख रूपए की सहायता

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को श्रम विभाग अंतर्गत संचालित योजना मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत टॉप टेन में आने वाले बच्चों को 1,00,000 (एक लाख रूपये) प्रोत्साहन राशि से लाभान्वित किया जाता है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि श्रम विभाग में संचालित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत जांजगीर चांपा जिले के विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम कुम्हारीकला निवासी श्रीमती सीता बाई का रेजा कुली प्रवर्ग में पंजीयन था। श्रीमती सीता बाई के प्रथम पुत्री पायल कुमारी राज ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर कक्षा 10वीं में मेरिट स्थान में 6वां स्थान प्राप्त किया है। जिसे योजना के तहत नवीन सर्किट हाऊस, सिविल लाईन रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं भवन एवं अध्यक्ष अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा  पायल कुमारी राज को चेक के माध्यम से 1,00,000 (एक लाख रूपये) प्रोत्साहन सहायता राशि से लाभान्वित किया गया।

बीजापुर के सेन्ट्रल लाईब्रेरी का राज्यपाल डेका ने किया अवलोकन

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान वहां के सेन्ट्रल लाईब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने सुदूर क्षेत्रों के कम्प्यूटर प्रशिक्षार्थियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। प्रशिक्षार्थियों ने श्री डेका से अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल  डेका ने कहा कि आज के युग में कम्प्यूटर सभी क्षेत्रों के लिए आवश्यक है। नौकरी हो या स्वयं का व्यवसाय, कम्प्यूटर ट्रेनिंग के पश्चात छोटे-छोटे व्यवसाय से आय अर्जित करने एवं व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन कर आय अर्जित करने के लिए प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित किया। राज्यपाल डेका ने लाइब्रेरी में रखे गए माईंड गेम, वीआर सेट का अवलोकन किया और जिला प्रशासन के इस अभिनव पहल की सराहना की। उन्होंने बच्चों के साथ फोटो सेशन भी कराया। इस दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव उपस्थित थे।

इजरायल ने साफ कहा है कि उसका इरादा ईरान में सत्ता परिवर्तन का है, खामेनेई को भी खत्म करने की बात कही

तेहरान अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरान की सत्तारूढ़ व्यवस्था वर्तमान में इजरायल के हवाई हमलों के कारण भारी दबाव में है। इजरायली सेना उच्च पदस्थ अधिकारियों, सुरक्षा तंत्र और सरकारी मीडिया को निशाना बना रही है। ईरान के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी पहले ही मारे जा चुके हैं। इजरायल ने साफ कहा है कि उसका इरादा ईरान में सत्ता परिवर्तन का है। यहां तक कि इजरायल ने खामेनेई को भी खत्म करने की बात कही है। ऐसे में सवाल उठता है कि मौजूदा सत्ताधारी लोगों के अलावा, ईरान में विपक्ष कौन है? दशकों से चली आ रही राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों की लहर के बावजूद, ईरान का विपक्ष खंडित और असंगठित नजर आता है। विभिन्न गुटों और वैचारिक मतभेदों के कारण यह विपक्ष देश के भीतर कोई मजबूत संगठित उपस्थिति स्थापित करने में असमर्थ रहा है। आइए ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को विस्तार से समझते हैं। ईरान की सत्तारूढ़ व्यवस्था के खिलाफ विरोध का इतिहास लंबा और जटिल रहा है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से, विभिन्न समूहों ने समय-समय पर शासन के खिलाफ आवाज उठाई है। हालांकि, ये समूह एकजुट होने में असफल रहे हैं, जिसके कारण उनका असर सीमित रहा है। विपक्षी समूहों में राजशाही समर्थक, इस्लामी सुधारवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्रवादी, और जातीय/क्षेत्रीय स्वायत्तता आंदोलन शामिल हैं। इसके अलावा, निर्वासित समूह जैसे मोजाहेदीन-ए-खल्क (MEK) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शाही समर्थक गुट (Monarchists) 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी देश के अंतिम शासक थे। क्रांति के बाद ईरानी राजा को देश छोड़ना पड़ा और 1980 में मिस्र में उनका निधन हो गया। उनके पुत्र रजा पहलवी अब अमेरिका में रहते हैं। वह शांतिपूर्ण असहयोग और जनमत संग्रह के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की मांग करते हैं। हालांकि प्रवासी ईरानियों के एक वर्ग में शाही व्यवस्था यानी राजा की वापसी के प्रति झुकाव है, लेकिन ईरान के भीतर इस विचार की लोकप्रियता को लेकर संदेह बना हुआ है। अधिकांश ईरानी आज उस दौर को याद भी नहीं कर सकते क्योंकि वे क्रांति के बाद पैदा हुए हैं। शाही युग की यादें एक ओर जहां आधुनिकता और समृद्धि से जुड़ी हैं, वहीं कई लोग उस समय की असमानता और दमन को भी नहीं भूलते। स्वयं शाही समर्थकों के बीच भी एकजुटता का अभाव देखा जाता है। रजा पहलवी ने हाल के वर्षों में एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की स्थापना के लिए “महसा चार्टर” जैसे पहलों का समर्थन किया है, जिसमें मसीह अलीनेजाद, नाजनीन बोनियादी, शिरीन एबादी, हामेद इस्माईलियोन, अब्दुल्ला मोहतादी जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया। यह चार्टर शांतिपूर्ण तरीके से शासन को उखाड़ फेंकने का एक ढांचा प्रस्तुत करता है। मुजाहिदीन-ए-खल्क (MEK) मुजाहिदीन-ए-खल्क (MEK) कभी शाह शासन और अमेरिका विरोधी लेफ्ट विचारधारा का बड़ा नाम हुआ करता था। परंतु 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान इराक के साथ खड़ा होने के कारण इस संगठन को आज भी देश में गद्दार की नजरों से देखा जाता है- यहां तक कि इस्लामी गणराज्य के विरोधी भी इसे क्षमा करने को तैयार नहीं हैं। 2002 में ईरान के गुप्त यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का खुलासा करने वाला यही समूह था। लेकिन वर्तमान में ईरान के भीतर इसकी सक्रियता न के बराबर है। संगठन के संस्थापक मसूद रजवी बीते दो दशकों से लापता हैं और उनकी पत्नी मरियम रजवी अब इसका नेतृत्व कर रही हैं। हालांकि पश्चिमी देशों में इसका सक्रिय नेटवर्क है, परंतु मानवाधिकार समूह इसे एक “संप्रदाय” की तरह चलाने का आरोप भी लगाते हैं, जिसे संगठन नकारता है। इस्लामी सुधारवादी (Reformists) ईरान के भीतर कुछ विपक्षी समूह इस्लामी गणतंत्र के ढांचे के भीतर सुधार की वकालत करते हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातामी, हसन रूहानी और अली अकबर हाशमी रफसंजानी जैसे नेताओं के समर्थक शामिल हैं। ये सुधारवादी सख्त इस्लामी नियमों में ढील और अधिक व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग करते हैं। हालांकि, ये समूह मौजूदा शासन के खिलाफ पूर्ण विद्रोह के बजाय सिस्टम के भीतर बदलाव पर जोर देते हैं, जिसके कारण इनकी विश्वसनीयता विपक्ष के अन्य कट्टरपंथी गुटों के बीच कम हो जाती है। जातीय अल्पसंख्यक समूह ईरान में कुर्द, अजरबैजानी, अरब और बलोच जैसे जातीय समूह भी विपक्ष का हिस्सा हैं, जो अधिक स्वायत्तता या कुछ मामलों में पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करते हैं। ये समूह अक्सर केंद्र सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में शामिल रहे हैं। हालांकि, इनके बीच वैचारिक और क्षेत्रीय मतभेदों के कारण एकजुटता की कमी है, जिससे ये समूह राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी विपक्ष के रूप में उभरने में असमर्थ रहे हैं। कुर्द और बलूच जैसे सुन्नी मुस्लिम अल्पसंख्यक लंबे समय से शासन व्यवस्था से असंतुष्ट हैं। देश के पश्चिमी हिस्से में कुर्द समूहों ने अक्सर हथियारबंद विद्रोह किया है। वहीं, बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थिति और अधिक जटिल है- कुछ समूह जहां केवल धार्मिक स्वतंत्रता की मांग करते हैं, वहीं कुछ चरमपंथी तत्व अल-कायदा जैसे संगठनों से जुड़े हुए हैं।

कार्नी बोले- G7 में भारत की मौजूदगी सम्मान की बात, Modi वैश्विक नेतृत्व का प्रतिबिंब, 10 साल बाद कनाडा पहुंचे PM मोदी

कनाडा  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार व गतिशीलता और भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है। कार्नी ने मंगलवार को कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कार्नी ने कहा, “G7 में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति की जहां तक बात है, तो प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 से हर जी7 में भाग लिया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार, भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता, भारतीय प्रौद्योगिकी, G20 और उससे आगे के कई स्थानों पर भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है।” कार्नी ने कहा, “इसलिए जी7 के अध्यक्ष के रूप में, उस संदर्भ में प्रधानमंत्री की मेजबानी करना पूरी तरह से स्वाभाविक, पूरी तरह से सुसंगत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री, अगले साल जी7 में उपस्थित रहेंगे।” कार्नी ने मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक को “महत्वपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता फिर से उच्चायुक्तों की नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कनाडा ने भारत को खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ने का प्रयास किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।   तनाव के बीच पिछले साल भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। भारत ने कनाडा के इतने ही राजनयिकों को निष्कासित भी कर दिया था। भारत ने जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर कनाडा में खालिस्तानी समर्थक तत्वों को गतिविधियां संचालित करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था। ट्रूडो के बाद कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बने। ट्रूडो के जाने के बाद, भारत ने कहा था कि उसे कनाडा के साथ फिर से संबंध बेहतर होने की उम्मीद है।    

इजरायल के लॉन्ग-रेंज मिसाइल इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है, 10 दिनों का ही स्टॉक बाकी

इजरायल ईरान के साथ जारी भीषण मिसाइल युद्ध में इजरायल भले ही ईरान के सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहा हो, लेकिन उसकी मिसाइल रक्षात्मक प्रणाली पर जबरदस्त दबाव बन गया है। अमेरिका की खुफिया रिपोर्टों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने बताया कि इजरायल के लॉन्ग-रेंज मिसाइल इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है, जिससे उसकी रक्षा क्षमताओं की स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ईरान ने पिछले शुक्रवार से अब तक इजरायल पर करीब 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। वहीं, इजरायल के पास लगभग 10–12 दिन का ही इंटरसेप्टर स्टॉक बचा है। यदि हमले इसी गति से जारी रहे तो इजरायल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आपको बता दें कि सिर्फ Arrow सिस्टम का एक इंटरसेप्टर लगभग 25 करोड़ रुपये का पड़ता है। इजरायली अखबार The Marker ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि रातभर के मिसाइल रक्षा पर 1 अरब शेकेल यानी कि 2380 करोड़ रुपये तक खर्च हो रहा है। “ऑपरेशन राइजिंग लायन” की शुरुआत के बाद से इजरायल ने ईरान पर कई हवाई हमले किए। सैन्य, परमाणु और संबंधित ठिकानों को निशाना बनाया गया। WSJ के अनुसार, इजरायल ने ईरान के तीन में से एक मिसाइल लॉन्चर को तबाह कर दिया है। हालांकि, ईरान की 2000 मिसाइलों में से आधे से अधिक अब भी उसके पास मौजूद हैं। उनमें से कई गुप्त भूमिगत ठिकानों में छिपी होने की आशंका है। मुश्किल में इजरायल इजरायल की मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम में Iron Dome, David’s Sling, Arrow और अमेरिका से मिली Patriot और THAAD शामिल हैं। ये सभी अब अत्यधिक दबाव में हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि सिस्टम पहले ही थक चुका है। जल्द ही इजरायल को यह तय करना पड़ सकता है कि कौन सी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया जाए और किन्हें नहीं। इजरायल पर तेज हो रहे ईरान के हमले शुक्रवार की रात कुछ ईरानी मिसाइलें इजरायली डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए तेल अवीव में आईडीएफ मुख्यालय के पास गिरीं। रविवार को, एक मिसाइल हमले के चलते हाइफा के पास एक तेल रिफाइनरी बंद करनी पड़ी। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया वीडियो में तेल अवीव के उत्तर में खुफिया परिसर के पास कई मिसाइल विस्फोट देखे गए। अब तक इजरायल की सरकार ने 24 लोगों की मौत और 600 से अधिक घायल होने की पुष्टि की है। इजरायल के लिए अब सबसे महंगे और एडवांस्ड डिफेंस शील्ड को बचाए रखने की चुनौती गंभीर होती जा रही है। ऐसे में यदि अमेरिका से जल्द इंटरसेप्टर की आपूर्ति या प्रत्यक्ष सैन्य मदद नहीं मिलती है तो इजरायल की रक्षा प्रणाली अगले कुछ दिनों में चरमरा सकती है।  

राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 30 जून अंतिम तिथि

कोरिया, भारत सरकार के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत पंजीकृत सभी राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में कुल 89,220 राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 2,78,764 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 2,58,951 सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जबकि 19,813 सदस्यों का ई-केवाईसी अब भी लंबित है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है। विभाग द्वारा हितग्राहियों को सूचित किया गया है कि वे किसी प्रकार की असुविधा से बचने हेतु 30 जून 2025 तक अपना ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कर लें। ई-केवाईसी की सुविधा सभी उचित मूल्य दुकानों में उपलब्ध ई-पॉस मशीनों के माध्यम से उपलब्ध है। साथ ही, ‘मेरा ई-केवाईसी‘ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी लाभार्थी स्वयं घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर, आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवाईसी किया जा सकता है। खाद्य विभाग ने अपील की है कि शेष हितग्राही समयसीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूर्ण करें, जिससे उन्हें राशन वितरण में कोई बाधा न हो।

राज्यपाल रमेन डेका ने बीजापुर कलेक्टोरेट परिसर में किया वृक्षारोपण

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत कलेक्टोरेट परिसर में वृक्षारोपण किया। डेका ने सभी अधिकारियों को कम से कम एक पेड़ लगाने एवं उसकी समुचित देख-रेख करने करने के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने कहा।

राणा ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, अब इंग्लैंड दौरे के बतौर बैकअप शामिल

नई दिल्ली युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम में बैकअप खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। वह मुख्य टीम के साथ इंग्लैंड पहुंच चुके हैं और 20 जून से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने दी जानकारी। 23 वर्षीय राणा ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए घोषित 18 सदस्यीय मूल टीम में उनका नाम नहीं था। हालांकि, वह इंडिया ए टीम का हिस्सा थे और कैंटरबरी में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ पहले अनाधिकारिक टेस्ट में खेले थे। हर्षित राणा अब तक दो टेस्ट, पांच वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल चुके हैं। टीम के अन्य सदस्यों के साथ वह लंदन से ट्रेन के जरिए लीड्स पहुंचे, जहां उन्हें टीम के साथ देखा गया। वहीं केएल राहुल, करुण नायर, यशस्वी जायसवाल, शार्दुल ठाकुर, ध्रुव जुरेल और नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी पहले से ही इंडिया ए टीम के साथ यूके में मौजूद थे और उन्हें वहां मैच अभ्यास का अच्छा मौका मिला। भारत ने इंग्लैंड दौरे की तैयारी के तहत बेकनहम में इंडिया ए के खिलाफ एकमात्र अभ्यास मैच खेला था। टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान एवं विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और हर्षित राणा (बैकअप)।  

सूर्यकुमार यादव ‘स्पोर्ट्स हर्निया’ से संबंधित चोट के इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेने इंग्लैंड गए, हो सकती है सर्जरी

नई दिल्ली भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ‘स्पोर्ट्स हर्निया’ से संबंधित चोट के इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेने इंग्लैंड गए हैं और यदि आवश्यक हुआ तो उनकी सर्जरी भी हो सकती है। 33 वर्षीय सूर्यकुमार ने मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 700 से अधिक रन बनाए और इसके तुरंत बाद मुंबई प्रीमियर लीग टी20 टूर्नामेंट में भी खेले।  यह पता नहीं है कि क्या मुंबई टी20 लीग के दौरान उनका दर्द बढ़ गया था क्योंकि सूर्यकुमार तीन महीने तक लगातार यात्रा कर रहे थे और खेल रहे थे। इस क्रिकेटर के एक करीबी सूत्र ने नाम नहीं छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘सूर्या पेट के निचले हिस्से में दाहिनी तरफ स्पोर्ट्स हर्निया से पीड़ित हैं। वह परामर्श के लिए ब्रिटेन गए हैं। यदि आवश्यक हुआ तो वह सर्जरी करवाएंगे।’  अपने करियर में दर्द के बावजूद कई मैच खेलने वाले सूर्यकुमार आईपीएल और मुंबई टी20 की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहते थे। बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘अगस्त-सितंबर से पहले कोई टी20 क्रिकेट नहीं होने के कारण सूर्यकुमार ने सोचा कि यह सबसे अच्छा समय है जब वह अपनी चोट का इलाज करा सकते हैं और बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इससे उबरने के लिए पर्याप्त समय भी मिल जाएगा।’ 

श्रीराम पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले यासिर को हिंदू संगठन वाले मंदिर में ले गए, माथे पर तिलक लगाया और माफी मंगवाई

फतेहपुर  फतेहपुर जिले में एक मुस्लिम युवक को सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना महंगा पड़ गया. अभद्र टिप्पणी से आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ता आरोपी यासिन के घर पहुंच गए. हिंदूवादी संगठन के लोग यासिन को पकड़कर स्थानीय मंदिर ले गए, जहां उसके माथे पर तिलक लगवाकर उससे माफी मंगवाई गई. आखिर में उसे छोड़ दिया गया.  आपको बता दें कि जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र के अहमदगंज का रहने वाला यासिन घर में अपनी पत्नी नगमा के साथ रहता है. बीते दिनों उसके द्वारा सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी. जिसे देखने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए. वे यासिन की जानकारी जुटाने में लग गए.  जैसे ही उन्हें यासिन के घर का पता चला दर्जनों लोग उसके दरवाजे पहुंच गए. बजरंग दल वाले और वीएचपी के लोग यासिन को मंदिर ले जाकर भगवान की मूर्ति के सामने माफी मंगवाने की मांग करने लगे. लेकिन वह साथ चलने को तैयार नहीं हुआ. इस बीच वीएचपी कार्यकर्ताओं और यासिन के बीच मारपीट भी हुई. हालांकि, बाद में यासिन की पत्नी नगमा के कहने पर वह मंदिर जाने के लिए राजी हो गया.  मंदिर में यासिन ने भगवान की मूर्ति के सामने दोबारा इस तरह की गलती न करने की बात की, साथ ही सबसे माफी भी मांगी. इस दौरान उसकी पत्नी भी साथ रही. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.  बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षित के मुताबिक, यासिन नाम के युवक ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भगवान श्रीराम के ऊपर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद हमलोग उसके घर गए और मंदिर चलकर भगवान के सामने माफी मांगने की बात कही. लेकिन वह नहीं माना. उसके पास एक चाकू था.  जिससे उसने मेरी जांघ पर हमला किया. इस दौरान हल्की मारपीट भी हुई. लेकिन पत्नी के कहने पर यासिन ने हमारे साथ वर्मा चौराहा स्थित मंदिर जाकर माफी मांगी, जिसपर उसे छोड़ दिया गया. 

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