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हाई कोर्ट ने BCCI को दिया जोरदार झटका, इस पूर्व IPL टीम को देने होंगे 538 करोड़ रुपये, पढ़ें पूरा मामला

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कोची टस्कर्स नाम की आईपीएल टीम के पक्ष में 538 करोड़ रुपये से ज्यादा के जुर्माने को सही ठहराया है। ये टीम अब बंद हो चुकी है। कोर्ट ने बीसीसीआई की चुनौती को खारिज कर दिया है। जस्टिस आर आई चागला ने कहा कि आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 34 के तहत कोर्ट का अधिकार सीमित है। कोर्ट, आर्बिट्रेटर के फैसले पर दोबारा विचार नहीं कर सकता। क्या है पूरा मामला? विवाद तब शुरू हुआ जब बीसीसीआई ने 2011 में कोची टस्कर्स टीम को खत्म कर दिया। बीसीसीआई का कहना था कि टीम अपने मालिकाना हक के विवादों के बीच 10% बैंक गारंटी देने में नाकाम रही। कोची टस्कर्स टीम ने 2011 में Rendezvous Sports World (RSW) के नेतृत्व में आईपीएल में भाग लिया था। इसे कोची क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (KCPL) चलाती थी। KCPL ने बैंक गारंटी में देरी के लिए कई वजहें बताईं। इनमें स्टेडियम की उपलब्धता, शेयरहोल्डिंग पर सरकारी मंजूरी और आईपीएल मैचों की संख्या में कमी शामिल थी। इन सबके बावजूद, बीसीसीआई ने KCPL के साथ बातचीत जारी रखी और टीम को खत्म करने से पहले भुगतान भी स्वीकार किए। जस्टिस चागला ने कहा, ‘आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 34 के तहत इस कोर्ट का अधिकार बहुत सीमित है। बीसीसीआई का विवाद के गुण-दोषों में जाने का प्रयास एक्ट की धारा 34 के दायरे के खिलाफ है। सबूतों और गुण-दोषों के संबंध में दिए गए निष्कर्षों से बीसीसीआई की असंतुष्टि, फैसले पर हमला करने का आधार नहीं हो सकती।’ इसका मतलब है कि कोर्ट, आर्बिट्रेटर के फैसले को आसानी से नहीं बदल सकता। 2015 में पक्ष में आया था फैसला 2012 में, KCPL और RSW दोनों ने आर्बिट्रेशन की कार्यवाही शुरू की। 2015 में फैसला उनके पक्ष में आया। ट्रिब्यूनल ने KCPL को मुनाफे के नुकसान के लिए 384 करोड़ रुपये और RSW को बैंक गारंटी के गलत इस्तेमाल के लिए 153 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया। इसके साथ ही, ब्याज और कानूनी खर्च भी देने को कहा गया। बीसीसीआई ने इन फैसलों का विरोध किया। उनका कहना था कि ट्रिब्यूनल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया है और कानूनी सिद्धांतों को गलत तरीके से लागू किया है। बीसीसीआई ने तर्क दिया कि KCPL की बैंक गारंटी देने में विफलता एक गंभीर उल्लंघन था, जिसके कारण टीम को खत्म करना सही था। KCPL और RSW ने जवाब दिया कि बीसीसीआई ने अपने आचरण से गारंटी की समय सीमा को माफ कर दिया था। उन्होंने कहा कि टीम को खत्म करना गलत और अनुचित था। उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेटर का फैसला सही सबूतों पर आधारित था। कोर्ट ने कहा, ‘आर्बिट्रेटर का यह निष्कर्ष कि बीसीसीआई द्वारा कोची टीम को खत्म करना अनुबंध का उल्लंघन था, आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 34 के तहत इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।’ कोर्ट ने नहीं किया बीसीसीआई को सपोर्ट कोर्ट को आर्बिट्रेटर के निष्कर्षों में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई दूसरा विचार संभव भी हो, तो भी फैसले में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा, ‘इस प्रकार, रिकॉर्ड पर मौजूद इन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर, विद्वान आर्बिट्रेटर का यह निष्कर्ष कि बीसीसीआई ने 22 मार्च, 2011 को या उससे पहले 2012 सीजन के लिए बैंक गारंटी देने की KCPL-FA की धारा 8.4 की आवश्यकता को माफ कर दिया था।’ इसका मतलब है कि बीसीसीआई ने बैंक गारंटी की समय सीमा को माफ कर दिया था। बीसीसीआई के पास अब इस फैसले को चुनौती देने के लिए छह सप्ताह का समय है। सीधे शब्दों में कहें तो, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कोची टस्कर्स टीम के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई ने गलत तरीके से टीम को खत्म किया था और टीम को मुआवजा मिलना चाहिए।

वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी ने राजस्थान पीटीईटी परीक्षा की उत्तर कुंजी की जारी

जयपुर राजस्थान में बी.एड कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET) 2025 की उत्तर कुंजी वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU), कोटा ने आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.com पर जारी कर दी है। चारों सेटों की उत्तर कुंजी जारी यूनिवर्सिटी द्वारा चारों सेट (A, B, C, D) की उत्तर कुंजी अपलोड कर दी गई है। जो भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, वे वेबसाइट पर जाकर PDF फॉर्मेट में उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं और अपने अंकों का मिलान कर सकते हैं। 21 जून तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका अगर किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर अभ्यर्थियों को आपत्ति है, तो वे 19 जून से 21 जून 2025 के बीच ऑनलाइन मोड में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 100 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, संबंधित प्रमाण (डॉक्युमेंट या प्रमाणित स्रोत) अपलोड करना अनिवार्य होगा। ध्यान दें कि बिना उचित साक्ष्य के भेजी गई आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। 15 जून को हुई थी परीक्षा राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा राजस्थान के विभिन्न कॉलेजों में दो वर्षीय बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित हुई थी। यह परीक्षा राज्यभर के 41 जिलों में बनाए गए कुल 736 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई। इस वर्ष पीटीईटी में कुल 2.73 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो कि पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी कम है। वर्ष 2023 में जहां 5.21 लाख छात्रों ने आवेदन किया था, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 4.27 लाख रह गई थी। अब 2025 में यह आंकड़ा और घटते हुए 2.73 लाख पर आ गया है। ऐसे करें डाउनलोड     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.com पर जाएं।     होमपेज पर “Rajasthan PTET Answer Key 2025” लिंक पर क्लिक करें।     अब अपने संबंधित सेट (A, B, C, D) को चुनें।     PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करें और मिलान करें।  

कोका-पेप्सी को लगेगा झटका ! अंबानी का कैम्पा लेकर आ रहा है करंट , 8000 करोड़ से हिलेगा बाजार

मुंबई  मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) अपने बेवरेज ब्रांड्स पर बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी अगले 12-15 महीनों में 8000 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी। यह निवेश कैम्पा और अन्य पेय पदार्थों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। रिलायंस कंज्यूमर इस निवेश के साथ बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। रिलायंस कंज्यूमर Coca-Cola और PepsiCo जैसी बड़ी कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार है। साथ ही, कंपनी का लक्ष्य देश भर में मौजूद छोटे, क्षेत्रीय ब्रांड्स को भी चुनौती देना है। के मुताबिक कंपनी लगभग 10-12 नए कारखाने खोलने की योजना बना रही है। कुछ कारखाने कंपनी खुद बनाएगी और कुछ में दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी। अब तक का सबसे बड़ा निवेश एक अधिकारी ने बताया कि यह RCPL द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। RCPL ने 2022 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की सहायक कंपनी के रूप में काम करना शुरू किया था। अधिकारी ने यह भी बताया कि यह निवेश रिलायंस और उसके कुछ साझेदारों द्वारा मिलकर किया जा रहा है। कुल मिलाकर 6000 से 8000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बिहार में भी लगेगा प्लांट फरवरी में रिलायंस ने गुवाहाटी में एक प्लांट शुरू किया था। यह प्लांट स्थानीय कंपनी Jericho Foods and Beverages LLP के साथ मिलकर शुरू किया गया है। इस प्लांट में सॉफ्ट ड्रिंक्स और पानी बनाया जाता है। यह प्लांट पूर्वोत्तर क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करता है। कंपनी बिहार में भी एक और प्लांट लगाने जा रही है। अभी तक कैम्पा और अन्य पेय पदार्थ 18 प्लांट्स में बनाए जा रहे हैं। ये सभी प्लांट्स सह-निवेश के तहत बने हैं। इसका मतलब है कि इनमें रिलायंस के साथ-साथ दूसरी कंपनियों ने भी पैसा लगाया है। मुरलीधरन के साथ साझेदारी रिलायंस कंज्यूमर के बेवरेज पोर्टफोलियो में कई ब्रांड शामिल हैं। इनमें कैम्पा कोला, ऑरेंज और लेमन जैसे फ्लेवर हैं। इसके अलावा, सोस्यो सॉफ्ट ड्रिंक्स, स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक, सन क्रश जूस, फ्रूट-बेस्ड हाइड्रेशन ब्रांड RasKik और इंडिपेंडेंस वाटर भी शामिल हैं। रिलायंस कंज्यूमर ने श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर मुथैया मुरलीधरन के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी में स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक को बनाया और बेचा जाएगा। यह ड्रिंक 250 ml की बोतल में 10 रुपये में मिलेगी। यह PepsiCo के Gatorade और Sting जैसे ब्रांड्स से काफी सस्ती है। पोर्टफोलियो में कई ब्रांड रिलायंस कंज्यूमर कंपनी सिल जैम और स्प्रेड्स भी बनाती और बेचती है। इसके अलावा, Lotus Chocolate, Toffeeman और Ravalgaon जैसे कन्फेक्शनरी ब्रांड्स भी कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल हैं। एलन’स बगल्स स्नैक्स, वेलवेट शैम्पू और इंडिपेंडेंस स्टेपल्स जैसे ब्रांड्स भी कंपनी बनाती है। कंपनी के ज्यादातर 15 ब्रांड्स खरीदे हुए हैं। हालांकि, कंपनी के ब्रांड्स अभी कुछ ही बाजारों में उपलब्ध हैं। कंपनी चाहती है कि मार्च 2027 तक उसके सभी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स पूरे देश में मिलने लगें।

MP में पांच दिन में बदल दिए 10482 अधिकारी-कर्मचारी, DGP की पहल पर फेरबदल

भोपाल  इस माह के अंत तक प्रदेश के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों के चेहरे बदले-बदले नजर आएंगे। कारण यह कि एक सप्ताह के भीतर डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर जारी तीन आदेश हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव तो यह होने वाला है कि चार साल से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे। जिलों से पुलिस मुख्यालय को भेजी गई जानकारी के अनुसार इनकी संख्या आठ हजार से अधिक है। इनमें आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक तक सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त एक ही अनुभाग में दस साल से अधिक समय से काम कर रहे पुलिसकर्मियों का तबादला करने के आदेश दिए गए हैं। यही नहीं जिनके विरुद्ध जांच लंबित है, उन्हें भी हटाने का निर्देश है। थानों में बड़ा फेरबलद दिखाई देगा इन आदेशों का पालन करने से थानों में बड़ा फेरबदल दिखाई देगा। इन आदेशों के तहत 12 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों का तबादला संभावित है। पहली बार एक साथ इस तरह से बदलाव की कोशिश की जा रही है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन की शिकायतें कम होंगी। मध्यप्रदेश पुलिस में 5 दिन में 10482 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए  मपी पुलिस में बीते पांच दिनों में सब डिवीजन में पदस्थ सिपाही से सब इंस्पेक्टर तक के 10482 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में 4 साल से अधिक समय से थानों में जमे पुलिसकर्मियों के तबादले के निर्देश दिए थे। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में सबसे अधिक 1029 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर हुआ है। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिसकर्मियों को 1 हफ्ते के अंदर ही नई जगह ज्वाइनिंग भी करनी है।  5 दिन में 10,482 तबादले     आरक्षक, प्रधान आरक्षक, ASI और SI के तबादले     4 साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर     पुलिस मुख्यालय ने 11 जून सभी एसपी को दिए थे निर्देश     DGP कैलाश मकवाना की पहल पर हुई बड़ी सर्जरी     5 दिन में प्रदेश के 1100 थानों में ट्रांसफर की कार्रवाई हुई     10482 पुलिस कर्मियों को किए ट्रांसफर     15 सूबेदार, 196 SI, 1083 ASI      3622 हेड कांस्टेबल, 5566 कांस्टेबल के ट्रांसफर     सबसे ज्यादा इंदौर में 1029 तबादला      ग्वालियर में 828      भोपाल में 699      जबलपुर में 535 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर   16 जून तक तबादला प्रोसेस पूरी करने के थे निर्देश यह कार्रवाई 11 जून को स्पेशल डीजी प्रशासन शाखा आदर्श कटियार द्वारा जारी आदेश के बाद शुरू हुई। सभी जिलों को 16 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इसे पुलिस तंत्र में सुधार, निष्पक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में जरूरी कदम बताया। इस पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तर पर मॉनिटरिंग की गई।  इंदौर में सबसे ज्यादा तबादले     एमपी पुलिस में 5 दिनों में 5 कैटेगरी के में अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हुए।  जिसमें हवलदार, एएसआई, एसआई और कांस्टेबल शामिल हैं। एमपी के 1100 थानों में हुए ट्रांसफर में से इंदौर में सबसे ज्यादा इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में 1029 तबादले हुए। वहीं ग्वालियर में 828, भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में 699, जबलपुर में 535 और नर्मदापुरम में 372 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए। ‘दागदार’ पुलिसवालों पर अब कड़ी नजर तबादले के तुरंत बाद एक और आदेश जारी कर दिया गया। इसके तहत थानों में अब किसी भी दागी पुलिसकर्मी की पोस्टिंग नहीं की जाएगी। जिन पर भ्रष्टाचार, नैतिक गिरावट, मारपीट या अवैध गतिविधियों के आरोप हैं, वे थाने या क्राइम ब्रांच में तैनात नहीं किए जाएंगे। आपराधिक मामलों में जांच या कोर्ट केस झेल रहे पुलिसकर्मी भी इससे बाहर रहेंगे। केवल दुर्घटना से जुड़े केस वाले इससे अछूते रहेंगे। चार साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मी हटेंगे मुख्यालय के निर्देश पर तीन श्रेणी के पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। चार वर्ष से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों की जानकारी 16 जून तक पुलिस मुख्यालय को भेजने के लिए आदेशित किया गया था। अभी तक की जानकारी के अनुसार यह आंकड़ा लगभग आठ हजार है। दूसरा आदेश, दागी पुलिसकर्मियों को थाना, चौकी और कार्यालयों में पदस्थापना में नहीं रखने को लेकर है। मुख्यालय की तरफ से पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर जिलों में अमल नहीं किया गया। इस कारण मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ने फिर आदेश जारी कर सख्ती से लागू कराने के लिए कहा है। हर थाने में तीन से चार पुलिसकर्मी ऐसे हो सकते हैं जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हैं या विभागीय जांच चल रही है। ऐसे में इनकी संख्या भी तीन हजार से चार हजार के बीच हो सकती है। अन्य को मिला लें तो यह आंकड़ा 12 हजार से अधिक रहेगा। कुछ जिलों में चार वर्ष से अधिक समय से जमे पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित करने का काम भी प्रारंभ हो गया है।

सोनम -राज समेत पांच आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी, शिलांग पुलिस करेगी ये मांग

इंदौर    इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर शिलांग पुलिस आज सोनम समेत पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने वाली है. पांचों आरोपियों की 8 दिन की पुलिस रिमांड अब खत्म हो चुकी है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस कोर्ट से पांचों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी. माना ये भी जा रहा है कि कोर्ट से उन्हें इसकी मंजूरी मिल भी सकती है. शिलांग पुलिस ने इंदौर में मंगलवार और बुधवार को सोनम, राजा और राज के परिजन समेत कई लोगों से भी इंदौर पहुंचकर पूछताछ की है. बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिलांग पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम सोनम रघुवंशी के घर पहुंची. उसकी मां और भाई गोविंद से करीब 2 घंटे पूछताछ की थी. इसके बाद टीम विजय नगर इलाके में उनके ऑफिस और गोडाउन पर भी जांच करने पहुंची. इस दौरान गोविंद अपनी गाड़ी में अधिकारियों के साथ मौजूद रहा. यही टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर भी पहुंची, जहां सोनम 30 मई से 8 जून के बीच छिपकर ठहरी थी. फ्लैट को किराए पर देने वाले शिलोम जेम्स ने बताया कि टीम ने फ्लैट की भी तलाशी ली है. 25 साल की सोनम की 29 वर्षीय राजा से 11 मई को इंदौर में धूमधाम से शादी हुई थी. फिर दोनों 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे. इसके बाद दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंग्रियाट गांव में एक होम स्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद ही लापता हो गए थे. 2 जून को फिर राजा का क्षत-विक्षत शव वेई साडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था. बाद में सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी. पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था. राज कुशवाह को इंदौर से पकड़ा गया सोनम के साथ हत्या में शामिल दो आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे. इसके बाद राज कुशवाहा को इंदौर से पकड़ा गया. वहीं, पांचवां आरोपी सागर से गिरफ्तार हुआ. सोनम और उसके प्रेमी राज ने तीन लोगों को हत्या के लिए सुपारी दी थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा किया. अब सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस सीन रीक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. वहीं, राजा की हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच रही है. इंदौर में शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी 17 जून से इंदौर में हैं। वे यहां इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों पर जाकर पूछताछ कर रहे हैं। सबसे पहले टीम राजा के घर पहुंची थी। इसके बाद बुधवार को टीम ने सोनम के घर उसकी मां और भाई से पूछताछ की। इसके अलावा अफसरों ने आरोपी राज कुशवाह के घर जाकर भी पूछताछ की है। शिलॉन्ग पुलिस के तीन अधिकारी और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार रात को राजा रघुवंशी के घर पहुंची थी। यहां पर राजा के परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। पुलिस की टीम यहां करीब दो घंटे रुकी थी। इसके पहले टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर जांच करने पहुंची थी, जहां पर सोनम हत्याकांड के बाद रुकी थी।  

मौसम विभाग पर बड़ा अपडेट…आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

नई दिल्ली भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के कई राज्यों को राहत मिलने के आसार हैं। दक्षिण पश्चिम पश्चिम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की गई है। आईडीएम के मुताबिक, मॉनसून की गतिविधियां तेज होने वाली हैं।देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मॉनसून पहुंच चुका है और अच्छी बारिश का सिलसिला जारी है. कई राज्य बारिश से बेहाल हो गए हैं तो कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि राजधानी दिल्ली में अभी मॉनसून ने दस्तक नहीं दी है लेकिन यहां प्री मॉनसून बारिश से कुछ राहत देखी जा रही है. आज, 19 जून भी मौसम विभाग ने लगभग आधे भारत में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा मौसम का पूर्वानुमान लगाने  वाली एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्से, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है. वहीं, इन्हीं राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली के मौसम का हाल राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो मौसम विभाग ने यहां आज मध्यम श्रेणी की बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा दिनभर बादल छाए रहेंगे. आईएमडी के मुबातिक शाम के वक्त दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं रात के वक्त तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं, चक्रवाती हवाओं की वजह से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत में तूफान की भी आशंका है. मौसम विभाग ने 23 जून तक पूरे भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुंबई में देर शाम से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के लिए खराब मौसम की आशंका है। इसी तरह, असम और मेघालय में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि, यहां मॉनसून की एंट्री 22-23 जून तक पहुंच सकता है। कहीं 21 तो कहीं 23 जून तक बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट पर गौर करें तो 19 जून से 23 जून तक देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून की रफ्तार बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 21 जून तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली भी चमक सकती है और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्व भारत में भारी बारिश का रेड अलर्ट दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में भी इस दौरान तेज बारिश की आशंका है। पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की तैयारी है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। पूर्वी भारत के राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में 20 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 और 23 जून को यहां और भी तेज बारिश हो सकती है। इस क्षेत्र में हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी बरसेंगे बदरा उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 19 जून से 21 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में 20 जून से 22 जून के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने तटीय इलाकों और समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। सुबह 82 फीसदी आर्द्रता और 28°C का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान 36°C रहने का अनुमान है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।  

इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट मैच से पहले चोटिल हुआ ये बल्लेबाज, शुभमन गिल और गौतम गंभीर की बढ़ी मुश्किलें!

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला टेस्ट लीड्स में 20 जून से खेला जाना है। मगर इस मैच के शुरू होने से पहले भारतीय कैंप से बुरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे करुण नायर प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हो गए हैं। प्रैक्टिस के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद उनके पेट पर जाकर लगी। करुण नायर ने कुछ देर तो बैटिंग करना जारी रखा, मगर वह सहज नहीं दिखे। कुछ देर बाद उन्होंने प्रैक्टिस बंद कर दी और उन्हें फिजियो के साथ देखा गया। करुण नायर की यह चोट कितनी गंभीर है अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। करुण नायर ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मार्च 2017 में खेला था। 8 साल बाद उन्होंने अब भारतीय टीम में वापसी की है और उनके पहले टेस्ट की प्लेइंग XI में शामिल होने की संभावनाएं काफी अधिक है। हालांकि मैच से पहले उनकी यह चोट उनका इंतजार बढ़ा भी सकती है। ऋषभ पंत ने कन्फर्म किया कि नवनियुक्त कप्तान शुभमन गिल विराट कोहली की विरासत को संभालेंगे और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में नंबर-4 पर बैटिंग करेंगे। वहीं पंत ने यह भी बताया कि वह खुद नंबर-5 पर बैटिंग करने वाले हैं। ऐसे में नंबर-3 और 6 का पायदान ही करुण नायर के लिए खाली है। नायर ने 2016 में डेब्यू करने के बाद से छह टेस्ट मैच खेले हैं। पहले दो टेस्ट में कुछ खास प्रदर्शन न करने के बाद, उन्होंने इतिहास रच दिया और इस प्रारूप में तिहरा शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान उन्हें संघर्ष करना पड़ा जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। अब डोमेस्टिक क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद उनकी 8 साल बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे कल से होगा शुरू, 91 KM लंबे लिंक रोड से पूर्वांचल को मिलेगी रफ्तार

 गोरखपुर  पूर्वांचल को रफ्तार की सौगात मिलने जा रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे खुलने को तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद चालू हो जाएगा। प्रवेश नियंत्रित मार्ग होने के कारण गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल 91.35 किमी की दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकती है। यही नहीं, इस लिंक एक्सप्रेसवे से होकर, आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लोगों को गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। इसके साथ लखनऊ के बाद भी आगरा, यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल से दिल्ली तक सफर आसान होगा। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के साथ ही रफ्तारपूर्ण यातायात सुगमता, उद्योग और इसके जरिये रोजगार को लेकर सरकार ने जो पूर्वानुमान लगाए थे, वे साकार भी होने लगे हैं। लिंक एक्सप्रेसवे की बेहतरीन कनेक्टिविटी से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का नक्शा और सुनहरा होना तय माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अनुसार, गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिले में पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7283 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत आई है। इसमें भूमि अधिग्रहण की लागत भी शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 ग्राम जैतपुर के पास से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त हो रहा है। इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ रहा है। राज्य सरकार का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ करने पर सतत जोर है। गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र है और चारों तरफ फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी से यह विकास के नए मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। विकास की इस प्रक्रिया में नवनिर्मित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 91 किमी से अधिक लंबाई वाला यह एक्सप्रेसवे आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर राजधानी लखनऊ और फिर वहां से अन्य प्रमुख महानगरों की राह सुगम करेगा। यातायात सुगमता का सकारात्मक असर व्यापार और उद्योग पर भी पड़ेगा। खुल गया गोरखपुर एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश को सड़क मार्ग के जरिए रफ्तार देने की दिशा में एक कदम और बढ़ चुका है। जी हां, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी और राइडिंग कंफर्ट का टेस्ट होते ही वाहनों के लिए 20 जून को खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ा सकेंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPIEDA) ने गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में वाइब्रेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ईटीएच यूनिवर्सिटी ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड और इसी यूनिवर्सिटी की स्वतंत्र कंपनी (स्पिन ऑफ कंपनी) आरटीडीटी लैबोरेटरी एजी की तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया है। इस तकनीकि का किया गया इस्तेमाल इसके अंतर्गत वाइब्रेशन टेक्नोलॉजी एंड एक्सीलरोमीटर बेस्ड 7 सेंसर (4 राइडिंग क्वालिटी और 3 राइडिंग मोशन के लिए), एस मोशन सेंसर, मिजरमेंट और डाटा कलेक्शन के आवश्यक उपकरण इनोवा वाहन में स्थापित किए गए। यूपीडा ने इस तकनीक से प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे के प्रत्येक लेन की राइडिंग क्वालिटी और राइडिंग कंफर्ट सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण जांच तथा सुधारात्मक उपाय करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद फोर लेन की जांच पूर्ण की जा चुकी है और प्राप्त मूल्यांकित आंकड़ों और परिणाम के आधार पर राइडिंग क्वालिटी एवं राइडिंग कंफर्ट में सुधार कर इसे विश्व स्तरीय बना लिया गया है। एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस एक्सप्रेसवे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (Advanced Traffic Management System एटीएमएस) से लैस किया गया है। इससे पहले, यूपीडा द्वारा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhnad Expressway) को भी आईटीएमएस युक्त करने की प्रक्रिया को लेकर भी कार्य शुरू किया गया था जो कि निरंतर प्रगति पर है। गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से आर्थिक विकास के साथ कृषि क्षेत्र, व्यापार, पर्यटन और उद्योग धंधों, होटल रेस्टोरेंट में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा। साथ रियल स्टेट क्षेत्र को बूस्ट मिलेगा। लखनऊ पहुंचने में नहीं लगेगी देर पूर्वी यूपी यानी गोरखपुर से लखनऊ को जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे अहम भूमिका निभाएगा। 91 किलोमीटर लंबा तक फैला यह 4 लेन एक्सप्रेसवे गोरखपुर और आजमगढ़ को सीधे जोड़ेगा। इसके अलावा यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे लखनऊ और गोरखपुर के बीच अधिक सुविधाजनक मार्ग और कम समय में यात्रा पूरी हो सकेगी। इस हाईटक मार्ग से गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की खासियत गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को आईटीएमएस इनेबल्ड बनाने की कार्ययोजना के तहत ट्रैफिक मैनेजमेंट कमांड सेंटर की स्थापना की गई। इसके जरिए ट्रैफिक मॉनिटरिंग व मैनेजमेंट प्रक्रिया को बल मिलेगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट कंट्रोल (Traffic Management Control) यूनिट को रिकॉर्डिंग सर्वर स्टोरेज व बैकअप रिकॉर्डिंग्स सर्वर युक्त किया जाएगा। टीएमसी यूनिट को फैसिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम कंट्रोलर, ग्राफिक डिस्पले, इंटरनेट व एसएमएस सर्वर तथा फाइबर चैनल होस्ट से युक्त किया जाएगा। इमर्जेंसी टेलिफोन हेल्पलाइन कंसोल, स्टाफ के लिए आधार इनेबल्ड बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन समेत विभिन्न प्रकार की सुविधाओं से टीएमसी यूनिट को युक्त किया जाएगा। कैमरा रखेगा निगरानी मोशन डिटेक्शन सर्विलांस कैमरा व व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ इंस्टॉल किया गया है। इससे, ओवरस्पीडिंग (Overspeeding) करने वाली गाड़ियों के विषय में अलर्ट जारी हो सकेगा और कंट्रोल रूम द्वारा इसे तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा। वहीं, वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एनफोर्स्ड सिस्टम (वीआईडीएस) तथा इंसिडेंट डिटेक्शन एनफोर्स्ड सिस्टम (आईडीएस) को भी आईटीएमएस प्रक्रिया के अंतर्गत लागू किया जाएगा। चयनित एजेंसी को इन सभी इक्विप्मेंट्स की प्रोक्योरमेंट, इस्टॉलेशन, ऑपरेशन व मेंटिनेंस से संबंधित कार्यों को पूर्ण करना होगा। इसके अतिरिक्त यूपीडा स्टाफ को इसके संचालन के लिए ट्रेनिंग भी उपलब्ध करायी जाएगी। इस क्रम में, टेक्निकल स्टाफ व कंट्रोल रूम ऑपरेशन स्टाफ की नियुक्ति का कार्य भी एजेंसी द्वारा पूर्ण किया जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : एक नजर में -प्रारंभ बिंदु : जैतपुर (गोरखपुर) -अंतिम बिंदु : सालारपुर (आजमगढ़) -पूर्णतः प्रवेश नियंत्रित फोरलेन (सिक्सलेन में विस्तारणीय) -2 टोल प्लाजा 3 रैम्प प्लाजा -7 फ्लाईओवर -16 वेहिकुलर अंडरपास -50 लाइट वेहिकुलर अंडरपास … Read more

पुणे में दर्दनाक सड़क हादसा, Car- Pickup की टक्कर में 8 लोगों की मौत

पुणे  महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को बेहद ही दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. जेजुरी मोरगांव रोड पर हुए इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है. जेजुरी पुलिस स्टेशन की सीमा में बुधवार को शाम 6:45 बजे के करीब किर्लोस्कर कंपनी के पास श्रीराम ढाबे के सामने जेजुरी-मोरगांव रोड पर ये भीषण हादसा हुआ. दरअसल, श्रीराम ढाबे के मालिक वायसे अपने ढाबे के लिए फ्रिज को पिकअप वाहन से नीचे उतार रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही स्विफ्ट डिजायर कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में सात पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक पुरुष, एक महिला और दो छोटे बच्चे घायल हो गए हैं. मृतकों के शव जेजुरी ग्रामीण अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए लाए गए हैं. घायलों में एक पुरुष, एक महिला और दो छोटे बच्चों का उपचार शांताई हॉस्पिटल, जेजुरी में चल रहा है. मृतकों के नाम निम्नलिखित हैं: 1. सोमनाथ रामचंद्र वायसे – निवासी, तालुका पुरंदर, जिला पुणे 2. रामू संजीवनी यादव – निवासी, तालुका पुरंदर, जिला पुणे 3. अजय कुमार चव्हाण – निवासी, उत्तर प्रदेश 4. अजित अशोक जाधव – निवासी, कांजळे, तालुका भोर, जिला पुणे 5. किरण भारत राऊत – निवासी, पवारवाड़ी, तालुका इंदापुर, जिला पुणे 6. अश्विनी संतोष एस.आर. – निवासी, सोलापुर 7. अक्षय संजय राऊत – निवासी, झारगडवाड़ी, तालुका बारामती, जिला पुणेृ 8. एक अज्ञात पुरुष – पहचान शिनाख्त नहीं हो सकी है पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने पुष्टि की कि स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और क्रेन की मदद से मलबे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की. घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने बताया कि अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.  मृतकों में से एक की पहचान अभी नहीं हो पाई है.     

Delhi-Leh Indigo Flight आधे रास्ते से लौटा, यात्री परेशान, कारण पर सवालिया निशान

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2006 को तकनीकी कारणों से आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी है। विमान लेह पहुंचने के कुछ ही देर बाद वापस लौट आया और सुरक्षित तरीके से दिल्ली में उतर गया। विमान में चालक दल के सदस्यों सहित करीब 180 लोग सवार थे। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सभी को विमान से नीचे उतार लिया गया है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद कई भारतीय एयरलाइन के विमानों को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। 16 जून को गोवा से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट को उड़ान भरने के तुरंत बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान में सवार यात्रियों ने इस अनुभव को भयावह बताया। अशांति के कारण केबिन के अंदर दहशत फैल गई। हालांकि. चालक दल ने शांति बहाल करने और विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में कामयाबी हासिल की। इसके अगले दिन 17 जून को कोच्चि से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक और फ्लाइट 6E 2706 को नागपुर डायवर्ट कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों को बम की धमकी मिली थी। इसमें विशेष रूप से फ्लाइट नंबर का उल्लेख था। धमकी को विश्वसनीय माना गया, जिसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई। तब तक फ्लाइट उड़ान भर चुकी थी। सुबह 9:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान सुरक्षित रूप से नागपुर में उतरा। हालांकि, बाद में जांच के दौरान विमान में कुछ नहीं मिला। 18 जून को भुवनेश्वर से कोलकाता के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E 6101 टेक-ऑफ की तैयारी कर रही थी, जब पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को संदिग्ध तकनीकी गड़बड़ी के बारे में सूचित किया। तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ATC ने विमान को टेक-ऑफ को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पार्किंग बे में लौटने का निर्देश दिया। विमान को तुरंत रनवे से वापस ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतार दिया गया। उसी दिन रायपुर एयरपोर्ट पर एक तकनीकी खराबी के कारण तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब दिल्ली-रायपुर इंडिगो की एक उड़ान में यात्री विमान के दरवाजे के जाम होने के कारण उतरने के बाद लगभग आधे घंटे तक विमान के अंदर फंसे रहे। छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे ने दावा किया कि बुधवार को दिल्ली से रायपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे इंडिगो के विमान का दरवाजा नहीं खुलने के कारण यात्री 30 मिनट से अधिक समय तक विमान में बैठे रहे। विमान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेता भी मौजूद थे। चौबे ने फोन पर पीटीआई को बताया कि अपराह्न दो बजकर 20 मिनट पर रायपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद विमान संख्या 6E-6312 का दरवाजा 30 मिनट से अधिक समय तक बंद रहा। उन्होंने कहा, “जब हमने गेट खुलने में देरी का कारण पूछा तो चालक दल ने हमें बताया कि कुछ तकनीकी समस्या है।”

110 छात्र को वॉर जोन से निकाला, ऑपरेशन ‘सिंधु’ के तहत पहला जत्था स्वदेश पहुंचा

नई दिल्ली ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “ऑपरेशन सिंधु” की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकालने का कार्य तेज़ कर दिया है। राहत की पहली खबर गुरुवार सुबह तब आई, जब 100 से अधिक भारतीय छात्रों का पहला जत्था सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचा।  मिसाइलों के साए से वतन वापसी वतन लौटे छात्रों ने वहां के हालात को दिल दहला देने वाला बताया। एक छात्र यासिर गफ्फार ने बताया, “रात में हमारे ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं, आसमान में धमाके होते थे। हर वक्त डर का माहौल था। लेकिन जैसे ही भारत की ज़मीन पर कदम रखा, एक सुकून महसूस हुआ।” छात्रों का कहना है कि हालात बिगड़ने के साथ ही उनकी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू किया। कई छात्रों को पहले उत्तरी ईरान से निकालकर आर्मेनिया पहुंचाया गया, फिर वहां से कतर के रास्ते भारत लाया गया।  जानकारी के मुताबिक भारतीय छात्र 18 जून को एक विशेष फ्लाइट में येरेवन के ज़्वार्टनोट्स अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुए थे। विमान 19 जून की सुबह नई दिल्ली में लैंड हुआ। इससे पहले भारत ने ईरान में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए ऑपरेशन सिंधु की शुरुआत की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की थी। उन्होंने लिखा, “भारत ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। भारत विदेश में अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।” भारतीय अधिकारियों ने भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान और अर्मेनिया की मदद की सराहना भी की है। बता दें कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है, जिससे फंसे नागरिकों की मुसीबतें और बढ़ गईं। वहीं आस पास के देशों में भी दर्जनों एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद भारत ने नागरिकों की वापसी के लिए ईरान से बॉर्डर तक सुरक्षित रास्ता मुहैया कराने का अनुरोध किया था। ईरान के इस अनुरोध को स्वीकारने के बाद छात्रों को अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के जरिए बाहर निकलने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने ईरान में 24*7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। बता दें कि ईरान में 4,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जून को खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं। वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला : मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहाँ खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान के समन्वय के रूप में डोंगला को “डोंगला मीन टाइम (DMT)” की अवधारणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक ऐतिहासिक पहल है। देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष श्री हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।

जंग में कूदने जा रहा है अमेरिका ईरान-इजरायल के बीच, ट्रंप ने दी हमले की योजना को मंजूरी

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना को मंजूरी दे दी है. उन्होंने फाइनल आदेश के लिए रुकने को कहा है. ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ एक अहम बैठक की. इस दौरान उन्होंने हमले को मंजूरी दी. उन्होंने कहा कि फाइनल आदेश के बाद हमला किया जाएगा, और इस दौरान उन्होंने यह देखने के लिए कहा कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़ने के लिए राजी है या नहीं. रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर का हवाला दिया है. रिपोर्ट में मीटिंग में शामिल तीन लोगों ने इस बारे में बताया है. रॉयटर्स ने जिस रिपोर्ट का हवाला दिया है उसमें कहा गया है, “राष्ट्रपति को उम्मीद है कि इजरायल के हमलों में शामिल होने की धमकी से तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ देगा.” ईरान के सुप्रीम लीडर की अमेरिका को चेतावनी ट्रंप की मीटिंग से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई उनकी धमकियों को नकार चुके हैं, और ट्रंप को ही धमकी दी है कि अगर अमेरिका हमले में शामिल होता है तो उसके “बुरे परिणाम होंगे.” उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी झुकेगा नहीं. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का करारा जवाब दिया जाएगा, जिससे अमेरिका को “अपूरणीय क्षति” होगी. डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे “बिना शर्त सरेंडर” करने की मांग की थी. हालांकि खामेनेई ने कहा, “ईरान, ईरानी राष्ट्र और उसके इतिहास को जानने वाले बुद्धिमान लोग इस राष्ट्र से कभी भी धमकी भरी भाषा में बात नहीं करेंगे, क्योंकि ईरानी राष्ट्र सरेंडर नहीं करेगा.” अमेरिका को एक नई जंग में धकेलने का ट्रंप के समर्थक कर रहे विरोध राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन जिन ग्रुप्स ने उन्हें राष्ट्रपति बनने में मदद की, वे नहीं चाहते कि देश को मिडिल ईस्ट की एक नई जंग में धकेला जाए. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को सत्ता में लाने वाले समर्थकों के बीच विभाजन पैदा हो गया है. उनके कुछ समर्थकों ने उनसे देश को मिडिल ईस्ट के नए युद्ध में शामिल न करने की अपील की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के कुछ सबसे प्रमुख रिपब्लिकन सपोर्टर्स में शामिल शीर्ष लेफ्टिनेंट स्टीव बैनन ईरान पर हमले के विरोध में हैं. वे नहीं चाहते कि देश को मिडिल ईस्ट की नई जंग में शामिल किया जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, वे ट्रंप के देश को आइसोलेट करने वाली नीतियों के समर्थक हैं. ट्रंप और MAGA के समर्थक बैनन ने कहा कि इजरायल को ‘जो शुरू किया था, उसे पूरा करने दें.’ हालांकि, ट्रंप का कहना है कि उनके समर्थक उनसे प्यार करते हैं. रिपब्लिकन पार्टी में कुछ अन्य ऐसे नेता भी हैं जो ईरान के खिलाफ इजरायल के मिलिट्री कैंपेन में अमेरिका को शामिल करने का विरोध कर रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके कुछ समर्थक “अब थोड़े नाखुश हैं” लेकिन अन्य लोग उनसे सहमत हैं कि ईरान परमाणु शक्ति नहीं बन सकता. ट्रंप ने कहा, “मैं युद्ध नहीं करना चाहता, लेकिन अगर उनके पास लड़ने या परमाणु हथियार रखने के बीच कोई विकल्प है, तो आपको वही करना होगा जो आपको करना है.” नेतन्याहू चाहते हैं ईरान के खिलाफ मिलिट्री कैंपेन में अमेरिका का समर्थन इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू चाहते हैं कि ट्रंप अमेरिका को ईरान के खिलाफ मिलिट्री कैंपेन में शामिल करें और उसके संभावित अंडरग्राउंड हथियार बनाने वाले न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म कर दें. इजरायल की वायु सेना ने पहले दावा किया है कि उसने फॉर्डो न्यूक्लियर साइट समेत, नतांज, इशफहान, कराज जैसे न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए हैं और नुकसान पहुंचाए हैं. इजरायल का दावा है कि इनमें फॉर्डो साइट सबसे अहम है, जहां ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसे इजरायली सेना नुकसान नहीं पहुंचा पा रही है. ट्रंप अगर हमले का अंतिम आदेश देते हैं तो संभव है कि अमेरिकी वायु सेना ईरान के अंडरग्राउंड Fordow न्यूक्लियर प्लांट पर B2 बॉम्बर से “बंकर बस्टर” बम गिरा सकती है, जिससे नेतन्याहू को उम्मीद है कि प्लांट को तबाह किया जा सकता है. इस बम का पेलोड 30 हजार पाउंड है, जिससे अंडरग्राउंड फैसिलिटीज को तबाह किया जा सकता है.  

खामेनेई के भतीजे ने किया इस्लामिक शासन खत्म करने का ऐलान, युद्ध के बीच ईरान में पलटी सत्ता

तेहरान  ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, और इस बीच खुद ईरान के शासक वर्ग से एक चौंकाने वाली आवाज़ उठी है, वह भी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार से. फ्रांस में रह रहे खामेनेई के निर्वासित भतीजे महमूद मोरदखानी ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह युद्ध के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि इस्लामिक गणराज्य का अंत ही असली शांति का रास्ता है. मोरदखानी ने कहा, “जो भी इस शासन को मिटा सके, वो ज़रूरी है. अब जब हम यहां तक आ पहुंचे हैं, तो ये करना ही होगा.”  1986 में ईरान छोड़ चुके मोरदखानी अपने चाचा के निरंकुश शासन के कटु आलोचक रहे हैं. उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि इज़राइल से सैन्य टकराव दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन ऐसी व्यवस्था में यह अपरिहार्य है जो न तो झुकती है और न ही सुधार स्वीकार करती है. खत्म हो इस्लामी शासन- मोरदखानी मोरदखानी ने कहा, “मुझे गहरा दुख है कि बात यहां तक पहुंच गई है… लेकिन क्या खामेनेई की हत्या से शासन तुरंत खत्म हो जाएगा? ये अलग सवाल है.”  ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण मोरदखानी अपने लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि “कई ईरानी लोग शासन की कमजोरी के संकेत देखकर खुश हैं.” उन्होंने कहा, “जितनी जल्दी यह खत्म हो, उतना अच्छा है. इसका अंत इस्लामिक गणराज्य के खात्मे से होना चाहिए. वरना यह एक बेकार हार होगी और मेरा अब भी मानना है कि यह शासन बदला जरूर लेगा.”  इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग करते हुए खामेनेई की हत्या को लेकर भी संकेत दिए. उनके सहयोगियों के अनुसार, ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के सैन्य विकल्पों को निजी रूप से मंजूरी दे दी है, हालांकि अंतिम आदेश अब तक नहीं दिया गया है. पूर्व शाह के बेटे रेज़ा पहलवी का तीखा हमला ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रेजा पहलवी ने भी सोशल मीडिया पर शासन बदलाव का आह्वान किया. उन्होंने दावा किया कि खामेनेई “किसी डरे हुए चूहे की तरह अंडरग्राउंड हो गए हैं और इस्लामिक गणराज्य अपने अंत की तरफ है.’ उन्होंने आगे कहा, “इस्लामिक गणराज्य का अंत आ चुका है. जो शुरू हुआ है, वह अब पलटाया नहीं जा सकता. भविष्य उज्जवल है, और हम इतिहास के इस तीखे मोड़ से साथ मिलकर गुजरेंगे. खामेनेई ने हालात पर से नियंत्रण खो दिया है. 46 वर्षों से ईरानी जनता के खिलाफ छेड़े गए युद्ध का अंत इस शासन के अंत से ही होगा.”    

राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की

विश्व सिकल सेल दिवस 2025 पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संदेश भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदार एकजुट होकर करें कार्य: राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की भोपाल  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासी स्वस्थ हों। स्वस्थ नागरिक ही अपने जीवन, अपने राज्य और हमारे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने 19 जून 2025 को मध्यप्रदेश के जिला बड़वानी में ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ आयोजित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की सराहना की है। उन्होंने संदेश में कहा कि दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली सिकल सेल एनीमिया, भारत में जनजातीय आबादी को विशेष रूप से प्रभावित करती है। इसके विरुद्ध दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की दिशा में इस दिवस का मनाया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दशकों से हमारे आदिवासी समुदाय और पिछड़े क्षेत्रों में कई लोग सिकल सेल एनीमिया का कष्ट झेलते रहे हैं। बीमारी के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक प्रसार को रोकने के लिए समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग जांच द्वारा पहचान कर जेनेटिक काउंसलिंग एवं प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने का राष्ट्रीय संकल्प इस समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया मुक्ति मिशन के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित लोगों के लिए एकीकृत उपचार केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहां पर रोगियों को आवश्यक औषधियाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत हो रहे प्रयासों से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई जनजातीय समुदायों में बीमारी की पहचान समय पर हो रही है जिससे इलाज और जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब सभी हितधारक मिलकर एक सतत, समर्पित और मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, तभी इस समस्या का जड़ से उन्मूलन संभव हो पाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि विकसित भारत के हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासी स्वस्थ हों। स्वस्थ नागरिक ही अपने जीवन, अपने राज्य और हमारे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों को एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सब निरंतर एकजुट होकर कार्य करें।”  

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