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दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला, हाई कोर्ट बोला- लंबे समय तक युवक को पति मानकर शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं

बिलासपुर दुष्कर्म के एक मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अपने फैसले में कहा है कि पीड़िता बालिग है, और लंबे समय तक युवक को पति मानकर शारीरिक संबंध बनाया गया है, तो इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता. इसके साथ चीफ जस्टिस ने रायगढ़ फास्ट ट्रैक कोर्ट के आरोपी के खिलाफ दोष के आदेश को रद्द कर दिया है. महिला ने रायगढ़ के चक्रधर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने साल 2008 में शादी करने का झांसा देकर उसका यौन शोषण करना शुरू किया. महिला पहले बिलासपुर में एक एनजीओ में काम करती थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी से हुई थी, उसने पीड़िता से शराबी पति को छोड़ने कहा, और उससे शादी करने का वादा किया. आरोपी ने उसे किराए का मकान दिलवाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. इस बीच उसके तीन बच्चे भी हुए. फिर साल 2019 में आरोपी यह कहकर रायपुर गया कि वह एक हफ्ते में लौट आएगा. लेकिन आरोपी वापस नहीं आया. इस पर महिला ने वापस आने के लिए उस पर दबाव बनाया. युवक के मना करने पर परेशान होकर महिला ने थाने में रिपोर्ट लिखाई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत दुष्कर्म का केस दर्ज कर आरोपी को अरेस्ट किया, और कोर्ट में चालान पेश किया. ट्रॉयल के दौरान फास्ट ट्रैक कोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ आरोप तय कर दिया. इस आदेश को आरोपी युवक ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें बताया गया कि पीड़िता और वह लंबे समय तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे. पीड़िता ने सभी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, गैस कनेक्शन फॉर्म, बैंक स्टेटमेंट और राशन कार्ड में खुद को पत्नी के रूप में दर्ज कराया है. यहां तक कि महिला बाल विकास विभाग के सखी वन स्टॉप सेंटर में भी उसने अपनी शिकायत में आरोपी को अपना पति बताया था. मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अगर महिला और पुरुष लंबे समय तक साथ रहे हैं, और महिला ने आरोपी को अपना पति स्वीकार किया है, तो यह मानना मुश्किल है कि उसे धोखे में रखकर यौन संबंध बनाए गए. जिसके बाद हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के 3 जुलाई 2021 के आदेश को निरस्त कर दिया है.

27 जून को रिलीज होगी ब्रैड पिट की फिल्म ‘एफ1- द मूवी’

  लॉस एंजेलिस ऑस्कर विजेता अभिनेता ब्रैड पिट की फिल्म ‘एफ1- द मूवी’, भारत में 27 जून को रिलीज होगी। एप्पल ओरिजिनल फिल्म्स और टॉप गन: मैवरिक की टीम लेकर आ रही है एक्शन और रोमांच से भरपूर फीचर फिल्म ‘एफ1- द मूवी’, जिसमें ऑस्कर विजेता ब्रैड पिट मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन जोसेफ कोसिंस्की ने किया है। वहीं, फिल्म को जेरी ब्रुकहाइमर, कोसिंस्की, सात बार के फॉर्मूला 1 वर्ल्ड चैंपियन लुईस हैमिल्टन, ब्रैड पिट, डीडी गार्डनर, जेरेमी क्लेनर और चैड ओमान ने निर्मित किया है। इस शानदार टीम में जब लुईस हैमिल्टन जैसे अनुभवी रेसर निर्माता के तौर पर जुड़े और माहिर लेखक एरेन क्रूगर ने स्क्रीनप्ले की कमान संभाली, तो मेकर्स ने लीड रोल- सॉनी हेज़ के लिए जिस पहले नाम को चुना, वे थे- ब्रैड पिट। निर्देशक कोसिंस्की ने बताया, “ब्रैड पिट ने इस भूमिका में वह सब कुछ दिया, जिसकी हमें जरूरत थी। उन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को एक नई ऊर्जा दी है। जोसेफ कोसिंस्की ने कहा , “ब्रैड एक आइकॉन हैं, और मैं चाहता था कि सॉनी हेज़ भी वैसे ही आइकॉनिक लगे। वैसे तो यह किरदार ब्रैड के लिए ही लिखा गया था, लेकिन उन्होंने उसे और भी ऊँचाई पर पहुँचा दिया। उन्हें इस किरदार यानि सॉनी हेज़ से क्या चाहिए था, इसकी समझ उनमें बहुत स्पष्ट थी। वे न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता हैं, बल्कि एक शानदार निर्माता भी हैं। वे स्क्रिप्ट से लेकर फिल्म के हर पहलू में शामिल रहे। और सबसे खास बात, वे स्वाभाविक रूप से एक जबरदस्त ड्राइवर हैं, जिन्हें रेसिंग से सच में प्यार है। यदि उनमें ये सभी खूबियाँ न होतीं, तो शायद यह फिल्म बन ही नहीं पाती।” एफ1-*द मूवी में ब्रैड पिट* के साथ डैमसन इद्रिस, केरी कॉन्डन, टोबायस मेंज़ीज़, किम बॉडनिया और जेवियर बार्डेम जैसे शानदार कलाकार भी हैं। इस फिल्म की शूटिंग असली ग्रैंड प्री वीकेंड्स के दौरान हुई, जब पूरी टीम असली रेसिंग ट्रैक्स पर प्रोफेशनल टीम्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही थी। एप्पल ओरिजिनल फिल्म्स और वॉर्नर ब्रदर्स पिक्चर्स प्रस्तुत कर रहे हैं मोनोलिथ पिक्चर्स / जेरी ब्रुकहाइमर / प्लान बी एंटरटेनमेंट / डॉन अपोलो फिल्म्स प्रोडक्शन- जोसेफ कोसिंस्की निर्देशित फिल्म ‘एफ1 द मूवी’, जो दुनियाभर में वॉर्नर ब्रदर्स पिक्चर्स द्वारा वितरित की जाएगी। भारत में यह फिल्म 27 जून, 2025 को सिनेमा और आईमैक्स में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषाओं में रिलीज़ होने के लिए तैयार है।  

पुतिन ने इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश, ट्रंप ने लताड़ा

सेंट पीटर्सबर्ग  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की. अपनी यूक्रेन वाली जंग में फंसकर चारों खाने चित हो रहे पुतिन अब इजरायल और ईरान के बीच शांति का ‘मसीहा’ बनने चले हैं. सेंट पीटर्सबर्ग इकोनॉमिक फोरम में पुतिन ने बड़े जोश में कहा, ‘हम इजरायल-ईरान के झगड़े को सुलझा सकते हैं. रूस इस संकट के समाधान के लिए एक ऐसा समझौता कराने में मदद कर सकता है जिससे ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम चलाने की अनुमति मिले और इजराइल की सुरक्षा चिंताएं भी दूर हों.’ लेकिन इस बयान को सुनकर दुनिया हैरान है. क्योंकि पुतिन अभी अपना युद्ध ही नहीं रोक पाए हैं. पुतिन ने कहा, ‘यह एक संवेदनशील मामला है, लेकिन मेरी नजर में इसका समाधान संभव है.’ लेकिन पुतिन को ट्रंप ने नसीहत दी है कि वह पहले अपनी जंग से निपटें और दूसरों की फिक्र करना छोड़ दें. पुतिन का यह बयान तब आया है जब यूक्रेन ने दावा किया है कि अब तक 10 लाख रूसी सैनिक इस युद्ध में मारे गए हैं. जब रूसी राष्ट्रपति से यह पूछा गया कि अगर इजराइल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दे तो रूस की प्रतिक्रिया क्या होगी, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया. पुतिन ने कहा, ‘मैं इस संभावना पर चर्चा भी नहीं करना चाहता. लगातार बढ़ रहा है ईरान-इजरायल का संघर्ष ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका ने भी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है. वहीं दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध दो साल से ऊपर चला गया है और हालात सुधरने की जगह और बिगड़ते जा रहे हैं. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन युद्ध में मारे गए लोगों की असली संख्या छुपाई जा रही है. उन्होंने कहा, “बहुत ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जितना बताया जा रहा है उससे कहीं ज़्यादा. वहां एक बिल्डिंग गिरती है और कहा जाता है कि कोई घायल नहीं हुआ  क्या ये मजाक है?” वहीं, यह देखना दिलचस्प होगा कि पुतिन इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं. रूस के लिए यूक्रेन युद्ध का समाधान जितना दूर है, उतना ही जटिल इजरायल-ईरान संकट भी बनता जा रहा है. पुतिन ने की थी पेशकश बुधवार को पुतिन ने इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने में मध्यस्थता करने की पेशकश की थी. अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के पत्रकारों के साथ एक गोलमेज सत्र में बोलते हुए, पुतिन ने कहा कि “यह एक नाजुक मुद्दा है. मेरे विचार से, एक समाधान पाया जा सकता है.” पुतिन ने कहा कि उन्होंने ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मास्को के प्रस्तावों को साझा किया. ट्रंप ने पुतिन को सुना दिया इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने इजरायल के हमलों के आगे झुकने से इनकार करते हुए चेताया कि अगर अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप करता है, तो यह उसके लिए ‘अपूरणीय क्षति’ साबित हो सकती है. पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस ने ईरान, इजराइल और अमेरिका को अपने प्रस्ताव साझा कर दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘हम किसी पर कुछ थोप नहीं रहे हैं. हम सिर्फ इस स्थिति से बाहर निकलने का एक रास्ता सुझा रहे हैं. लेकिन अंतिम निर्णय इन देशों के राजनीतिक नेतृत्व का है, खासकर ईरान और इजरायल का.’ हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन की मध्यस्थता की पेशकश पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘मैंने पुतिन से कहा, मुझ पर अहसान करो. पहले अपने ही मुद्दे सुलझा लो. बाद में बाकी की चिंता करना.’ ईरान से रिश्तों की दुहाई दे रहे पुतिन पुतिन ने बड़े गर्व से बताया कि रूस और ईरान की दोस्ती ‘पक्की’ है. रूस ने ईरान के बुशहर में परमाणु संयंत्र बनाया, और अब वहां दो और रिएक्टर बना रहा है. वहां 200 से ज्यादा रूसी कर्मचारी दिन-रात जुटे हैं. पुतिन ने ये भी कहा कि ईरान ने कभी उनसे सैन्य मदद नहीं मांगी. रूस ने इजरायल के साथ बातचीत कर यह सुनिश्चित किया है कि उसकी सुरक्षा से समझौता न हो. यूक्रेन युद्ध पर रूस का रुख पुतिन ने यह भी कहा कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत को तैयार हैं, लेकिन दोहराया कि जेलेंस्की का कार्यकाल खत्म हो चुका है और अब वह वैध नेता नहीं हैं. हालांकि कीव और उसके सहयोगी देशों ने इस दावे को खारिज करते हैं. उन्होंने कहा, ‘हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो हम अपने लक्ष्यों को सैन्य माध्यम से प्राप्त करेंगे.’

IPL 2025 फाइनल में टूटे सारे रिकॉर्ड, RCB के व‍िन‍िंग मोमेंट ने तो इत‍िहास ही रच द‍िया

मुंबई    IPL 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जहां पहली बार खिताब जीतकर अपने सालों पुराने ख्वाब को पूरा किया, वहीं दर्शकों की दीवानगी ने व्यूअरशिप के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.   JioStar की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन को टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कुल 840 अरब मिनट देखा गया. कुल मिलाकर 1 अरब से ज्यादा दर्शकों ने किसी न किसी रूप में टूर्नामेंट का लुत्फ उठाया.  वहीं 3 जून 2025 को हुआ RCB और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला टी20 इतिहास का सबसे ज्यादा देखा गया मैच बन गया. इस फाइनल को 31.7 अरब मिनट देखा गया.  सिर्फ टीवी पर इसे 169 मिलियन (16.9 करोड़) दर्शकों ने देखा.  डिजिटल पर 892 मिलियन वीडियो व्यूज और 5.5 करोड़ की पीक व्यूअरशिप दर्ज की गई.  आईपीएल के 18वें सीजन में फैंस को काफी धमाल देखने को मिला। इस बार टूर्नामेंट को नया चैंपियन मिला। आईपीएल 2025 ने व्यूअरशिप के मामले में भी पिछले सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम खिताबी मुकाबले में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार चैंपियन बनी थी। फाइनल मुकाबले की भी व्यूअरशिप ने भी नया रिकॉर्ड कायम किया है। ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर जियोस्टार के मुताबिक आईपीएल 2025 को टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कुल 840 बिलियन मिनट से ज्यादा देखा गया। एक बिलियन से ज्यादा लोगों ने इस टूर्नामेंट को देखा। आईपीएल के शुरुआती मैचों में भी व्यूअरशिप में काफी बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी। जियो हॉटस्टार पर पहले तीन मैचों की ‘व्यूअरशिप’ पिछले सत्र की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक थी, जबकि इसे कुल 137 करोड़ लोगों ने देखा । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला टी20 के इतिहास का सबसे ज्यादा देखे जाने वाला मैच बन गया है। इस मैच को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 31.7 बिलियन मिनट वॉचटाइम’ मिला, जो अब तक का रिकॉर्ड है। टीवी पर इस खिताबी मुकाबले को 169 मिलियन लोगों ने देखा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 892 मिलियन वीडियो व्यू और 55 मिलियन दर्शकों ने देखा। टेलीविजन पर, स्टार स्पोर्ट्स ने 456 बिलियन मिनट का लाइव कवरेज दिया, जो टूर्नामेंट के लिए अब तक का सबसे अधिक है। JioHotstar ने पिछले साल की तुलना में 29% अधिक डिजिटल व्यूअरशिप दर्ज की, खासकर बड़ी स्क्रीन डिवाइसेज पर वहीं, Star Sports ने टेलीविजन पर 456 अरब मिनट की लाइव कवरेज दी, जो किसी भी IPL सीजन के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.  JioStar के CEO संजोग गुप्ता ने कहा- इन अद्भुत आंकड़ों से साफ है कि फैन्स IPL को कितना पसंद करते हैं. इस बार हमने कोशिश की कि हर तरह के दर्शकों को कुछ न कुछ अलग और खास अनुभव मिले, चाहे वो पहली बार देखने वाले हों या हर बॉल का इंतजार करने वाले पक्के फैन…  IPL 2025 को बीच सीजन में कुछ दिनों के लिए रोका गया था, लेकिन फैन्स का उत्साह कम नहीं हुआ. ओपनिंग वीकेंड पर ही 49.5 अरब मिनट की व्यूअरशिप रिकॉर्ड की गई, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड रहा.   

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में बीमा का पैसा तो दे दें लेकिन लेने वाला है कौन? एयर इंडिया क्रैश के बाद इंश्योरेंस कंपनियों के सामने बड़ा संकट

नई दिल्ली गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश के मामले में बीमा कंपनियों को अनोखी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इन कंपनियों के सामने कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें पॉलिसीधारक और उनके नॉमिनी दोनों की ही इस हादसे में मौत हो चुकी है। ऐसे में बीमा कंपनियां दावे की राशि का भुगतान किसे करें, इसी बात को लेकर परेशान हैं। इस विमान दुर्घटना ने बैंक डिपॉजिट, इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स और बचत योजनाओं में नॉमिनी बनाने की अहमियत सतह पर ला दी है। इस दुर्घटना में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पति-पत्नी के साथ बच्चों की भी मृत्यु हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खाताधारक या बीमाधारक और उनके साथ ही नॉमिनी की भी मृत्यु होने के ऐसे मामलों में सक्सेसिव नॉमिनेशन करने और वसीयत बनाने का महत्व बढ़ जाता है। बना सकते हैं चार नॉमिनी इस साल बैंकिंग लॉज अमेंडमेंट ऐक्ट 2024 लागू होने के साथ बैंक खातों में अब एक के बजाय अधिकतम चार नॉमिनी बनाए जा सकते हैं। पीपीएफ सहित स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में भी चार तक नॉमिनी बनाए जा सकते हैं। सेबी के नियमों के मुताबिक, डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियों में अधिकतम 10 नॉमिनी बनाने की सुविधा है। सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर तारेश भाटिया ने कहा, ‘अधिकतर लोग पत्नी या पति के रूप में एक नॉमिनी बनाते हैं। कुछ साइमल्टेनियस नॉमिनेशन करते हुए एक से ज्यादा नॉमिनी भी बनाते हैं और तय कर देते हैं कि उनके बाद किस नॉमिनी को कितना हिस्सा दिया जाएगा। सक्सेसिव नॉमिनेशन इतना प्रचलन में नहीं है। हालांकि नॉमिनेशन करने के अलावा वसीयत बना लेना ज्यादा बेहतर होता है।’ क्या है साइमल्टेनियस और सक्सेसिव नॉमिनेशन साइमल्टेनियस नॉमिनेशन में एक से अधिक नॉमिनी बनाए जाते हैं। बीमाधारक या खाताधारक की मृत्यु के पहले अगर किसी नॉमिनी की मृत्यु हो जाए और नॉमिनेशन में कोई बदलाव न किया गया हो तो मृत नॉमिनी के लिए तय हिस्से का आनुपातिक बंटवारा बाकी नॉमिनीज में होता है। खाताधारक के जीवित रहते ही किसी नॉमिनी की मृत्यु हो और वह नॉमिनेशन में बदलाव करें तो उसी बदलाव को लागू माना जाता है। वहीं, सक्सेसिव नॉमिनेशन में जितने भी नॉमिनी होते हैं, उनका वरीयता क्रम देना होता है। इसमें खाताधारक या बीमाधारक की मृत्यु होने पर पहले नंबर के नॉमिनी को पूरी रकम दी जाती है। इसमें हिस्सा यानी पर्सेंटेज तय करने का मामला नहीं बनता। अगर बीमाधारक के साथ पहले नंबर के नॉमिनी की भी मृत्यु हो जाए, तो उनके बाद जिनका नंबर हो, उनकी बारी आएगी और इसी तरह क्रम तय होता है। बीमा कंपनियों, बैंकों और डीमैट अकाउंट में सक्सेसिव नॉमिनेशन हो सकता है, लेकन म्यूचुअल फंड फोलियो में सुविधा नहीं है। वहीं, बैंक लॉकर के मामले में केवल सक्सेसिव नॉमिनेशन होता है। कानूनी वारिस को करना होगा भाटिया ने कहा, ‘अहमदाबाद विमान हादसे जैसे मामलों में यह स्थिति बन सकती है कि पति, पत्नी और बच्चों की एकसाथ मृत्यु के चलते बीमाधारक और सक्सेसिव नॉमिनीज में से कोई भी जीवित न हो। ऐसी सूरत में जो भी कानूनी वारिस होगा, उसका क्लेम बनेगा। हालांकि उसे दस्तावेजों के साथ साबित करना होगा कि वह कानूनी वारिस है। किसी और ने दावा कर दिया तो मामला कोर्ट से तय होगा। वसीयत ऐसी सूरत में उपयोगी होती है।’ परिवार के लोगों को ही नॉमिनी बनाएं नॉमिनी बनाते समय अपने प्रियजन को कानूनी पचड़ों से बचाने के लिए बेहतर यही होता है कि उन्हीं लोगों को नॉमिनी बनाएं, जो परिवार के हों और उनका कानूनी वारिस होने का दावा भी बनता हो। नामित व्यक्ति अगर बेईमानी पर उतर आए, तो कानूनी वारिसों को ऐसा मामला कोर्ट-कचहरी तक ले जाना पड़ता है। सेबी के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से यह स्पष्ट हो चुका है कि कोई भी नॉमिनी सिर्फ संबंधित रकम का रिसीवर होता है और अगर कानूनी वारिस दावा करें तो रकम उन्हें मिलेगी। बड़ी कानूनी चुनौती यह स्थिति बीमा कंपनियों के लिए एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक चुनौती बन गई है, क्योंकि अब यह देखना होगा कि ऐसे मामलों में बीमा राशि किसे दी जाए – खासकर तब जब परिवार का कोई सदस्य बचा ही न हो. ऐसे मामलों में उत्तराधिकारी तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती है, जिससे क्लेम की प्रक्रिया लंबी हो सकती है. क्या हो रहा है अब यह हादसा न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि बीमा सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है. बीमा कंपनियां अब पीड़ित परिवारों तक पहुंच रही हैं और प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कई परिवारों में अब कोई नहीं बचा जिसे मुआवजा दिया जा सके. ऐसे मामलों में सरकार को भी हस्तक्षेप कर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की जरूरत है. वसीयत न बनाई हो तो क्या? भाटिया ने कहा कि हिंदू उत्तराधिकार के नियमों के मुताबिक, वसीयत न बनाई गई हो तो किसी व्यक्ति की खुद कमाई गई संपत्ति पर उसके बाद उनकी पत्नी, उनके बाद संतान और अगर पत्नी और संतान भी न हों तो व्यक्ति की मां का कानूनी हक बनता है। मां के बाद व्यक्ति के पिता का और उनके बाद भाई और फिर बहन का नंबर आता है। कोर्ट में रजिस्टर कराएं वसीयत भाटिया ने कहा कि वसीयत में यह भी बताना होता है कि एग्जिक्यूटर कौन होगा। आमतौर पर वकील यह काम करते हैं और इसकी फीस लेते हैं। वसीयत को कोर्ट में रजिस्टर करा लेना चाहिए। वसीयत में किसे कितना हिस्सा तय किया गया है, यह बताएं या न बताएं, घरवालों को यह जरूर बताएं कि वसीयत बना ली है और कोर्ट में रजिस्टर भी करा ली है। इससे आपके बाद पत्नी या किसी दूसरे आश्रित को जरूरत पड़ी तो कोर्ट से उसकी कॉपी या प्रोबेट ऑर्डर लेकर बैंक या किसी भी जरूरी जगह पर देने से काम आसानी से हो जाता है।  

प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया, डाक्यूमेंट की जांच में पकड़ा गया आरोपी, पुलिस ने किया केस दर्ज

 इंदौर  मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। मल्हारगंज पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसने लिखित एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कर ली थी। बुधवार को दस्तावेजों का परीक्षण करने के दौरान उसकी पोल खुल गई। पूछताछ में पता चला परीक्षा तो साल्वर ने पास की थी। मामला 15वीं वाहिनी (महेश गार्ड लाइन) का है। निरीक्षक रोहित कास्डे द्वारा दुर्गेश राठौर और राघवेंद्र रावत के विरुद्ध केस दर्ज करवाया गया है। पुलिस के अनुसार एमएस रोड द्वारकापुरी बस्ती जौरा (मुरैना) निवासी दुर्गेश ने आरक्षक (जेडी) एवं आरक्षक (रेडियो) चयन परीक्षा वर्ष-2023 में भाग लिया था। दुर्गेश का केंद्र रतलाम (मारुति एकेडमी) आया था। उसके द्वारा शारीरिक एवं लिखित परीक्षा पास कर ली गई थी। चयनित अभ्यर्थियों को आधार इतिहास, दस्तावेज परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन के लिए कमेटी द्वारा बुलाया गया था। पूछताछ में उसने बहाना बनाया 4 जून को दुर्गेश लिखित हस्तलिपि में संदिग्ध प्रतीत हुआ। पूछताछ में उसने बहाना बनाया और कहा कि चाकू से चोट लगने के कारण उस वक्त छोटे भाई ने लिखा था। परंतु हस्ताक्षर उसने ही किए हैं। शक होने पर अफसरों ने फोटो, बायोमेट्रिक आदि की जांच की गई। सख्ती से पूछताछ भी की दुर्गेश से सख्ती से पूछताछ भी की गई। उसने साल्वर राघवेंद्रसिंह रावत निवासी सबलगढ़ (मुरैना) का नाम स्वीकार कर लिया। बुधवार को उसके विरुद्ध थाना में एफआईआर दर्ज करवा दी गई। टीआई वेदेंद्रसिंह कुशवाह के मुताबिक दुर्गेश का परीक्षा केंद्र रतलाम का है। शून्य पर केस दर्ज कर डायरी रतलाम भेजी जा रही है।

भारत के लिए यह ना सिर्फ नए डब्ल्यूटीसी चक्र की शुरुआत है बल्कि नए टेस्ट युग की भी शुरूआत

लीड्स भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों के सीरीज़ की शुरूआत हेडिंग्ले के लीड्स टेस्ट से हो रही है। यह दोनों टीमों के लिए नए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र की भी शुरूआत होगी। भारत पहले दोनों डब्ल्यूटीसी चक्र के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज और फिर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (बीजीटी) में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद वे लगातार तीसरा फाइनल खेलने से चूक गए। अब भारत की नजरें नए डब्ल्यूटीसी चक्र की सकारात्मक शुरूआत पर होगी, ताकि वे तीसरी बार फाइनल में पहुंचे। भारत के लिए यह ना सिर्फ नए डब्ल्यूटीसी चक्र की शुरुआत है बल्कि नए टेस्ट युग की भी शुरूआत है। विराट कोहली, आर अश्विन और रोहित शर्मा की अनुभवी टेस्ट तिकड़ी के संन्यास लेने के बाद भारत की यह पहली पूर्ण टेस्ट सीरीज है। इसके अलावा इस टीम में पिछले कुछ इंग्लैंड दौरों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अनुभवी मोहम्मद शमी भी नहीं हैं। रवींद्र जडेजा 19-सदस्यीय भारी भरकम दल के एकमात्र सदस्य हैं, जिनके नाम 60+ टेस्ट मैचों का अनुभव है, जबकि टीम की कमान युवा शुभमन गिल के पास है। टीम का बल्लेबाजी क्रम एकदम नया है और सलामी बल्लेबाजी से शुरूआत कर तीसरे नंबर पर आने वाले गिल अब कोहली की जगह नंबर चार पर खेलने के लिए तैयार हैं। इसका मतलब यह भी है कि करूण नायर की लगभग आठ साल बाद टेस्ट टीम में वापसी होगी, वहीं साई सुदर्शन को भी डेब्यू का मौका मिल सकता है। बीजीटी के पांच में से चार टेस्ट मैचों में पारी की शुरूआत करने वाले केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल अब भारत के नए स्थायी टेस्ट सलामी बल्लेबाज होंगे। वहीं इंग्लैंड की बात करें तो इंग्लैंड के लिए पिछला डब्ल्यूटीसी चक्र बहुत निराशाजनक रहा था और 22 में से 10 टेस्ट हारकर वह पांचवें स्थान पर रहे थे। ‘बैजबॉल’ उनके लिए पिछले चक्र में बिल्कुल भी काम नहीं किया था और वे भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी टेस्ट सीरीज हारे थे, जबकि एशेज में भी उन्हें अपने घरेलू सरजमीं पर 2-2 के ड्रॉ का सामना करना पड़ा था। उनका बल्लेबाजी क्रम तो अनुभवी है और जेकब बेथेल की जगह ऑली पोप को एकादश में प्राथमिकता देकर उन्होंने दिखाया है कि वे फिलहाल अनुभव को ही तवज्जो देंगे। लेकिन जो रूट को छोड़कर उनके अधिकतर बल्लेबाजों में निरंतरता और फॉर्म की कमी है। वहीं इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण उनके बल्लेबाजी क्रम जितना अनुभवी नहीं है। मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर अब भी चोट के कारण बाहर हैं, जबकि ऋषभ पंत ने कहा कि जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड का इस बार ना होना, उनके लिए “निश्चित रूप से” फायदे का सौदा है। टीम को अपने सबसे अनुभवी गेंदबाज क्रिस वोक्स से बड़ी उम्मीदें होगी, जिन्होंने भारत के पिछले इंग्लैंड दौरे पर सिर्फ एक मैच खेला था, लेकिन सात विकेट लिए थे। भारत ने जनवरी के बीजीटी के बाद कोई भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। बीजीटी में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके पहले उन्हें घर पर भी न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 3-0 की शर्मनाक हार मिली थी। वहीं इंग्लैंड ने हाल में ही जिम्बाब्वे को इकलौते टेस्ट में पारी से हराया था, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी उन्होंने विदेशी धरती पर 2-1 से सीरीज जीत दर्ज की थी। कुल मिलाकर हालिया फॉर्म और घरेलू परिस्थितियों का लाभ फिलहाल तो इंग्लैंड के साथ है। जब ये दोनों टीमें पिछले साल भारत के खिलाफ भारत में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने उतरी थीं, तो पहले टेस्ट में मिली अप्रत्याशित हार के बाद भारत ने शानदार वापसी की थी और सीरीज को 4-1 के बड़े अंतर से जीता था। वहीं पिछली बार दोनों देशों के बीच इंग्लैंड में हुई पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर रही थी, लेकिन सीरीज के बड़े हिस्से पर भारत का दबदबा कायम था।  

कौनसा मोबाइल कवर हैं आपके फोन के लिए सही

नई दिल्ली अपने फोन के साथ मोबाइल कवर हर कोई इस्तेमाल करता है लेकिन एक सवाल सबके मन में आता है कि क्या स्मार्टफोन के लिए महंगे कवर लेने चाहिए? दरअसल मार्केट में आपका 100 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक के मोबाइल कवर देखने को मिल जाते हैं। ऐसे में क्या स्मार्टफोन कवर पर इतना पैसा खर्च करने का कोई मतलब बनता है? या फिर जो सस्ते कवर आमतौर पर लोग इस्तेमाल करते हैं उनसे स्मार्टफोन को कोई नुकसान होता है। इस सवाल का जवाब आज हमेशा-हमेशा के लिए जान लेते हैं। इंश्योरेंस का विकल्प हैं महंगे कवर सस्ते और महंगे कवर के बीच जो सबसे बड़ा फर्क होता है वह प्रोटेक्शन का होता है। एक महंगा कवर, सस्ते कवर के मुकाबले में और कुछ अलग भले न कर पाए लेकिन प्रोटेक्शन के मामले में काफी अच्छा होता है। इसे आप अपने फोन के लिए इंश्योरेंस का विकल्प मान सकते हैं। अगर आप अपने फोन की सुरक्षा के लिए 2 से 4 हजार का इंश्योरेंस लेते हैं, तो उसकी जगह एक अच्छे फोन कवर में इनवेस्ट करके फोन को लाइफटाइम के लिए सिक्योर कर सकते हैं। दरअसल Spigen, ESR, Ringke, Totem जैसे ब्रांड के कवर खास ड्रॉप टेस्टिंग के साथ बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल करते हुए आपका फोन अगर ऊंचाई से गिर भी जाए, तो फोन खराब होने के चांस काफी कम होते हैं। मन की यह शांति आपको सस्ते कवर्स के साथ नहीं मिलती। फिटिंग और डिजाइन में बेस्ट ब्रांडेड कवर फिटिंग और डिजाइन में बेस्ट होते हैं। अगर आप एक ब्रांडेड कवर इस्तेमाल करते हैं, तो आपके फोन के किसी भी सेंसर के कवर में छिप जाने का डर नहीं रहता। इन कवर्स को फोन की हर डायमेंशन और सेंसर को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। वहीं अगर आप एक नॉन ब्रांडेड या सस्ते कवर इस्तेमाल करते हैं, तो हो सकता है कि आपके फोन का कोई सेसंर या माइक कवर के नीचे छिप जाए और फोन की परफॉर्मेंस पर असर डाले। जैसे कि अगर आपके फोन का माइक कवर के नीचे छिपा रह जाए, तो सामने वाले तक आपकी आवाज पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इस वजह से ब्रांडेड कवर फोन के लिए अच्छे रहते हैं। बेहतर हीट मैनेजमेंट गिरने के अलावा जिस चीज से आपके फोन को सबसे ज्यादा खतरा होता है वह है हीटिंग। जब-जब आपका फोन गर्म होता है, तब-तब उसकी बैटरी की हेल्थ पर खराब असर पड़ता है। बता दें कि फोन की हीटिंग की सबसे बड़ी वजह आपका फोन का कवर भी हो सकता है। अगर आपके फोन का कवर फोन के ऐसे हिस्सों को कवर कर देता है, जहां से फोन की हीट बाहर निकलती है, तो आपके फोन की बैटरी जल्द खराब हो सकती है। ब्रांडेड फोन कवर बनाने वाली कंपनियां इन बारीकियों का ख्याल रखती हैं। वहीं लोकल या सस्ते फोन कवर फोन में हीटिंग की बड़ी वजह साबित हो सकते हैं। कितना पैसा लगाना है सही? अब सवाल उठता है कि एक फोन कवर पर कितना पैसा खर्च किया जाना चाहिए। दरअसल मार्केट में तो 6 हजार रुपये तक के भी फोन कवर मिल जाते हैं, लेकिन इतना पैसा फोन कवर पर लगाना कहीं से भी समझदारी नहीं हो सकता। दरअसल फोन कवर पर पर कितना खर्च करना चाहिए इसका अंदाजा आप फोन के इंश्योरेंस के दाम को ध्यान में रखकर लगा सकते हैं। नए फोन का इंश्योरेंस 2 से 4 हजार रुपये में मिलता है। इसमें आपके फोन को एक साल की सुरक्षा दी जाती है। ऐसे में अगर आप फोन की लाइफटाइम सुरक्षा चाहते हैं, तो दो हजार रुपये तक ब्रांडेड कवर पर खर्च कर सकते हैं। बता दें कि अच्छे कवर 1000 रुपये तक में भी मिल जाते हैं, यह आप अपने बजट और पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं।

फरहान अख्तर की फिल्म 120 बहादुर में मेजर शैतान सिंह पीवीसी की कहानी दिखाई जायेगी

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता फिल्मकार फरहान अख्तर की फिल्म 120 बहादुर में मेजर शैतान सिंह पीवीसी की कहानी दिखाई जायेगी। फिल्म 120 बहादुर में मेजर शैतान सिंह पीवीसी की कहानी दिखाई गई है, एक ऐसे जांबाज़ सिपाही जिनकी बहादुरी ने 1962 की भारत-चीन जंग में भारतीय सेना की सबसे ऐतिहासिक आखिरी लड़ाइयों में से एक को अमर बना दिया। वर्ष 1924 में राजस्थान में जन्मे मेजर शैतान सिंह पीवीसी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के कमांडिंग अफसर थे। 18 नवंबर 1962 को लद्दाख के बर्फ से ढके रेजांग ला पर उन्होंने और उनकी टुकड़ी के 119 जवानों ने भारी चीनी हमले का डटकर सामना किया। उनकी बहादुरी की वजह से चुशूल एयरस्ट्रिप की हिफाजत हो सकी और उनका नाम हमेशा के लिए वीरता की मिसाल बन गया। अपनी बेमिसाल नेतृत्व क्षमता और बलिदान के लिए मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया, जो भारत का सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। 120 बहादुर को रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और अमित चंद्रा ने एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म का निर्देशन रजनीश ‘रेज़ी’ घई ने किया है। कहानी और स्क्रीनप्ले राजीव जी. मेनन ने लिखी है, डायलॉग सुमित अरोड़ा के हैं। म्यूज़िक अमित त्रिवेदी का है और गाने जावेद अख्तर ने लिखे हैं। एक्सेल एंटरटेनमेंट की यह फिल्म 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है।  

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया में तनाव लंबे समय से बना हुआ है, तो किम जोंग उन के देश पर US फेंक देगा परमाणु बम

दक्षिण कोरिया ईरान और इजरायल में चल रहे युद्ध के बीच एक और देश ने परमाणु हथियारों का जिक्र छेड़ दिया है। दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी का दावा है कि उनपर हमला होने की स्थिति में अमेरिका उत्तर कोरिया पर अटैक कर सकता है। हालांकि, दक्षिण कोरिया की सरकार या अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया में तनाव लंबे समय से बना हुआ है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसी के निदेशक पद के उम्मीदवार ली जॉन्ग सोक का कहना है कि उन्हें लगता है कि अगर प्योग्यांग उनपर हमला करता है, तो अमेरिका उत्तर कोरिया पर परमाणु बम से हमला कर देगा। उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन हैं। उन्होंने का कि वॉशिंगटन नॉर्थ पर हमला करेगा और अमेरिका को खतरे में डालेगा, फिर भले ही प्योग्यांग ने बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात कर दी हों। किसके पास कितने परमाणु हथियार सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 तक दुनिया भर में अनुमानित 12,241 परमाणु हथियार मौजूद थे। जिसमें से करीब 9,614 हथियार सैन्य उपयोग के लिए तैनात थे यानी यह या तो मिसाइलों पर लगे हुए थे, या सैन्य ठिकानों पर रखे थे, या ऐसे गोदामों में थे जहां से जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनात किए जा सकते हैं। इनमें से लगभग 3,912 परमाणु हथियार मिसाइलों और लड़ाकू विमानों के साथ तैनात थे. और इनमें से भी करीब 2,100 हथियार ‘हाई अलर्ट’ स्थिति में थे, यानी तुरंत उपयोग के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों पर तैयार थे। अमेरिका- 5177 रूस- 5459 ब्रिटेन- 225 फ्रांस- 290 चीन- 600 भारत- 180 पाकिस्तान- 170 उत्तर कोरिया- 50 इजरायल- 90  

राजगढ़‌ में डिवाइडर से टकराई कार चार की मौत, अयोध्या से गुजरात लौट रहा था परिवार

 राजगढ़  मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या से सूरत लौट रहा एक परिवार उस वक्त हादसे का शिकार हो गया जब उनकी XUV 500 कार हाईवे पर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। झपकी के चलते हुआ हादसा पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के दुबेपुरवा भवानीपुर के निवासी हैं। वे अयोध्या दर्शन के बाद दो कारों में सूरत के लिए रवाना हुए थे। राजगढ़ के पास ड्राइवर को झपकी आने से गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। एक कार में कुल सात लोग सवार थे। अनमोल दुबे (16) और प्रियांशु पांडे (11) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रमिला पांडे (55) और शिवदेवी तिवारी (45) ने इलाज के दौरान शाजापुर जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पचोर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को पचोर अस्पताल भेजा गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें शाजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। अयोध्या दर्शन कर लौट रहा था परिवार घायलों के परिजन आयुष दुबे ने बताया, हमने बुधवार को अयोध्या दर्शन किए। शाम को यूपी के गोंडा जिले के दुबेपुरवा भवानीपुर से दो कारों में सूरत के लिए निकले थे। रास्ते में हम सभी ने ढाबे पर चाय पी। इसके एक घंटे बाद ही एक कार का एक्सीडेंट हो गया। अहमदाबाद जा रहे एम्बुलेंस चालक यग्नेश भाई रावल ने बताया, हाईवे पर कार से धुआं उठता देखा। इसके बाद ट्रक चालकों की मदद से कार से सभी को बाहर निकाला। कार सवार सभी रिश्तेदार थे हादसे के बाद दूसरी कार के परिजन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस कार का एक्सीडेंट हुआ, उसे भोलेनाथ दुबे चला रहे थे। साथ में उनकी पत्नी पुष्टम दुबे (50), बेटा अनमोल दुबे, बेटी अंशिका दुबे, बहन प्रमिला पांडे, उनका बेटा प्रियांशु पांडे और बड़ी बहन शिवदेवी तिवारी बैठे थे। अनमोल दुबे (16) और प्रियांशु पांडे (11) की मौके पर ही मौत हो गई। प्रमिला पांडे (55) और शिव देवी तिवारी (45) की मौत शाजापुर जिला अस्पताल में हुई। पुष्टम दुबे, अंशिका दुबे (14) और भोलेनाथ दुबे घायल हैं। शाजापुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर दीपक पाटीदार ने बताया, 4 घायलों को पचोर से अस्पताल से लाया गया था। उपचार के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। एक बच्ची और एक महिला का इलाज जारी है। वहीं, भोलेनाथ को मामूली चोटें आई हैं। यूपी के रहने वाला है परिवार कार सवार सभी मूलतः उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के दुबेपुरवा भवानीपुर मोजा के रहने वाले हैं और सूरत में काम करते हैं। परिवार शादी समारोह में शामिल होने यूपी में अपने गांव गया था। वहां से लौटते समय अयोध्या दर्शन कर बुधवार शाम को दो कार से सूरत के लिए रवाना हुए थे। एम्बुलेंस चालक और ट्रक ड्राइवरों ने निभाई मानवता घटना के समय अहमदाबाद की ओर जा रहे एक एम्बुलेंस चालक यग्नेश भाई रावल ने बताया कि हाईवे पर कार से धुआं उठता देखा। उन्होंने ट्रक चालकों की मदद से कार का दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। दुर्घटना की पूरी जानकारी परिजनों के अनुसार, हादसे के कुछ देर पहले कार ड्राइवर भोलेनाथ दुबे ने बताया था कि उन्हें नींद आ रही है। इस पर परिवार ने एक ढाबे पर रुककर चाय पी थी, लेकिन एक घंटे बाद ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। दुर्घटनाग्रस्त कार में सवार लोग     भोलेनाथ दुबे (ड्राइवर)     पत्नी पुष्टम दुबे (50)     बेटा अनमोल दुबे (16)     बेटी अंशिका दुबे (14)     बहन प्रमिला पांडे (55)     प्रमिला का बेटा प्रियांशु पांडे (11)     बड़ी बहन शिवदेवी तिवारी (45) अस्पताल प्रशासन की जानकारी शाजापुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर दीपक पाटीदार ने बताया कि हादसे में घायल चार लोगों को पचोर से लाया गया था। इनमें से दो महिलाओं की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक बच्ची और एक महिला का इलाज जारी है।

मेजबान टीम ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए उप कप्तान ओली पोप को बेथेल की जगह तीसरे नंबर पर रखा

नई दिल्ली इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए  अपनी अंतिम एकादश की घोषणा की जिसमें अनुभवी तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की मेजबान टीम के लाइन अप में वापसी हुई है। ओली पोप को जैकब बेथेल की जगह तरजीह दी गई है। टखने की चोट के कारण पिछले दो टेस्ट से बाहर रहने वाले वोक्स को सैम कुक की जगह टीम में शामिल किया गया है जबकि गुस एटकिंसन की जगह ब्रायडन कार्स को शामिल किया गया है जो हैमस्ट्रिंग के कारण बाहर हैं। आठवें नंबर पर वोक्स को शामिल किया गया जिससे इंग्लैंड ने मजबूत बल्लेबाजी लाइन अप बरकरार रखते हुए जेमी स्मिथ को सातवें नंबर पर विशेषज्ञ विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उतारने का फैसला किया। मेजबान टीम ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए उप कप्तान ओली पोप को तीसरे नंबर पर रखा है और 21 वर्षीय बेथेल को बाहर कर दिया। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने अभी तक अपने अंतिम एकादश की घोषणा नहीं की है क्योंकि रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद उनके नया शीर्ष क्रम उतारने की उम्मीद है। ऋषभ पंत ने पुष्टि की है कि वह पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे जबकि नए कप्तान गिल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की एकादश : जैक क्रॉउली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग और शोएब बशीर।  

अंडर-16 साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारत ने जीता स्वर्ण पदक, मोहम्मद रजा चमके

जैसलमेर मालदीव में 12 से 15 जून 2025 तक आयोजित अंडर-16 साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। FIBA (फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन) द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत ने बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका जैसी टीमों को मात देते हुए खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में भारत ने बांग्लादेश को 117-29, मालदीव को 151-20 और श्रीलंका को लीग मुकाबले में 111-79 से हराया। फाइनल में भारत ने एक बार फिर श्रीलंका को 93-62 के बड़े अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत में जैसलमेर बास्केटबॉल अकादमी के उभरते खिलाड़ी मोहम्मद रजा ने शानदार प्रदर्शन किया। रज़ा ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 86 अंक बनाए और भारतीय टीम के टॉप स्कोरर रहे। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अकेले 38 अंक जुटाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। तीन साल से ले रहे प्रशिक्षण, कई राष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं रज़ा जिला खेल अधिकारी राकेश बिश्नोई ने जानकारी दी कि मोहम्मद रज़ा पिछले तीन वर्षों से राजस्थान सरकार की बास्केटबॉल अकादमी, जैसलमेर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब तक वे चार बार राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और एक स्वर्ण, दो रजत तथा एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं। राजस्थान में जश्न का माहौल, नेताओं और अफसरों ने दी बधाई मोहम्मद रजा की इस उपलब्धि पर जैसलमेर सहित पूरे राजस्थान में खुशी की लहर है। राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, कलेक्टर प्रताप सिंह, एसपी सुधीर चौधरी, और राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह सिसोदिया सहित कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें और उनके कोच को बधाई दी।  

सीएम मोहन यादव का ऐतिहासिक फैसला, कर्मचारियों का डिमोशन होने से बचाने SC जाएगी मोहन सरकार

भोपाल  प्रमोशन नियम 2002 से पदोन्नत हुए अधिकारियों-कर्मचारियों के ऊपर डिमोशन किए जाने की तलावर लटक रही है। पदोन्नत नियम 2002 को हाई कोर्ट ने 2016 में में निरस्त कर दिया था। ऐसे में इस नियम के तहत पदोन्नत हुए कर्मचारियों को डिमोशन करने की मांग तभी से उठ रही है। हालांकि, सरकार किसी पर कार्रवाई के पक्ष में नहीं है इसलिए सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के निर्णय को चुनौती दी गई थी , जिस पर अंतिम निर्णय होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश मिले। अब चूंकि सरकार नए पदोन्नति नियम बना चुकी है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट से यह आग्रह किया जाएगा कि उस समय के नियम से जो पदोन्नतियां हुईं, उन्हें मान्य किया जाए और विचाराधीन मामले को समाप्त किया जाए। पदोन्नति की वैधता पर सवाल उठे थे हाई कोर्ट के अप्रैल 2016 में पदोन्नति नियम को निरस्त करने से पदोन्नति की वैधता पर सवाल उठे थे। अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने 2002 के नियम से पदोन्नत हुए कर्मचारियों को डिमोशन करने की मांग की। इसका आधार पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मामले में एम नागराज के निर्णय का पालन सुनिश्चित न होने को बनाया गया। इसी आधार पर नियम भी निरस्त हुए थे पर सरकार किसी को नाराज नहीं करना चाहती है इसलिए निर्णय आते ही तत्काल सुप्रीम कोर्ट चली गई और वहां से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश मिले। अब नए पदोन्नति नियम को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। सपाक्स ने की यह मांग अब उससे पदोन्नतियां भी मिलने लगेंगी पर अनारक्षित वर्ग के जो कर्मचारी वरिष्ठ होने के बाद भी 2002 के नियम के कारण पीछे हो गए थे, अब भी पिछड़े रहेंगे। इसे लेकर सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था (सपाक्स) ने सरकार से मांग की है कि जो अन्याय अनारक्षित वर्ग के साथ हुआ था, उसे गलत पदोन्नत हुए कर्मचारियों को डिमोशन करके ठीक किया जाए, तब नए नियम पर सहमति की बात होगी। इसका लाभ पदोन्नत हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में विधि एवं विधायी विभाग से परामर्श किया जा रहा है। चूंकि, तत्समय पदोन्नतियां उपलब्ध नियम के आधार पर हुईं थीं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया जाएगा कि याचिका को निराकृत कर दिया जाए। यदि ऐसा होता है तो इसका लाभ 2002 के नियम से पदोन्नत हुए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा।

मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को NHAI ने किया ब्लैकलिस्ट

नई दिल्ली कश्मीर में इन दिनों जोजिला टनल (Zojila Tunnel) बनाने का काम चल रहा है। यह काफी चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। इस सुरंग को बनाने वाली कंपनी का नाम मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) है। हैदराबाद मुख्यालय वाली इसी कंपनी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जी हां, एनएचएआई ने मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक साल के लिए टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से ही रोक लगा दी है। इसका मतलब है कि MEIL अब एक साल तक NHAI के किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए बोली नहीं लगा पाएगी। क्यों हुई कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एमईआईएल पर यह कार्रवाई केरल में NH-66 के चेंगला-नीलेश्वरम सेक्शन में सड़क के किनारे ढलानों को ठीक से सुरक्षित नहीं करने और पानी की निकासी का सही सिस्टम नहीं बनाने की वजह से की गई है। आसान भाषा में कहें तो, MEIL को सड़क के किनारे की मिट्टी को गिरने से बचाने और बारिश के पानी को निकालने का काम ठीक से करना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। NHAI ने MEIL को एक नोटिस भेजा है। इसमें पूछा गया है कि उन्हें एक साल के लिए क्यों न बैन कर दिया जाए। साथ ही, उन पर 9 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कंपनी को मिला था यह काम MEIL को NH-66 के 77 किलोमीटर लंबे चेंगला-नीलेश्वरम से थालिपरम्बा तक के हिस्से को चौड़ा करने का काम मिला था। यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जा रहा था। HAM का मतलब है कि कंपनी को सड़क बनाने के साथ-साथ 15 साल तक उसकी देखभाल भी करनी होगी। अब MEIL को अपने खर्च पर ढलानों को फिर से ठीक करना होगा। यानी, जितना भी नुकसान हुआ है, उसे MEIL ही ठीक करेगी। अधिकारियों ने MEIL को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें एक साल के लिए बैन लगाने और 9 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने की बात कही गई है। जांच के लिए कमेटी इस मामले की जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है। इसमें सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) के एक सीनियर वैज्ञानिक, IIT-पलक्कड के एक रिटायर्ड प्रोफेसर और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के एक्सपर्ट शामिल हैं। यह कमेटी देखेगी कि डिजाइन कैसा था, निर्माण की क्वालिटी कैसी थी और क्या सुधार किया जा सकता है। NHAI ने कहा है कि वे सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि आगे से ऐसे प्रोजेक्ट में सुरक्षा और जवाबदेही बनी रहे। यानी, NHAI यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में जो भी सड़कें बनें, वे सुरक्षित हों और अगर कोई गलती करे तो उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके। पहले भी हुआ है विवाद मई के महीने में महाराष्ट्र में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने 14,000 करोड़ रुपये के दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के टेंडर रद्द कर दिए थे। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद हुआ। इन प्रोजेक्ट के ठेके मेघा इंजीनियरिंग को दिए गए थे, जिस पर काफी विवाद हुआ था। L&T नाम की एक कंपनी ने MMRDA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस किया था। L&T का कहना था कि मुंबई के कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के दो जरूरी प्रोजेक्ट के लिए उनकी बोली को गलत तरीके से रिजेक्ट कर दिया गया। इन प्रोजेक्ट में गैमुख और फाउंटेन होटल जंक्शन के बीच एक रोड टनल और ठाणे-घोड़बंदर कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड रोड बनाना शामिल था। टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए जुलाई 2024 में L&T, MEIL और तीन अन्य कंपनियों ने बोली लगाई थी। L&T की बोली को टेक्निकल जांच के दौरान ही रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद L&T ने बॉम्बे हाई कोर्ट में फिर से विचार करने के लिए अर्जी दी, लेकिन 20 मई, 2025 को उसे खारिज कर दिया गया। MMRDA ने MEIL को सफल बोली लगाने वाला घोषित कर दिया। इसके बाद L&T ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दिया। इसमें L&T ने कहा कि MEIL की बोली 3,100 करोड़ रुपये ज्यादा थी, फिर भी उसे चुना गया। L&T का कहना था कि जब उनकी बोली कम थी, तो उन्हें प्रोजेक्ट क्यों नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को देखने के बाद हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने पब्लिक के पैसे का गलत इस्तेमाल किया है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका क्यों दिया गया। इसके बाद MMRDA ने 30 मई को टेंडर रद्द करने का फैसला किया। चुनावी बॉन्ड के लिए चर्चा में रही है कंपनी साल 2024 में मेघा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को चुनावी बॉन्ड के जरिए राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने वाली बड़ी कंपनी के तौर पर पहचाना गया। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के डेटा के मुताबिक, मेघा इंजीनियरिंग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लगभग 60% चंदा दिया, जो कुल 966 करोड़ रुपये था। डेटा के अनुसार, MEIL ने एक-एक करोड़ रुपये के कुल 966 बॉन्ड खरीदे, जिनमें से ज्यादातर 584 बॉन्ड BJP को गए। भारत राष्ट्र समिति को 195 बॉन्ड, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 85 बॉन्ड और YSR कांग्रेस पार्टी को 37 बॉन्ड मिले। इसके अलावा, तेलुगु देशम पार्टी को 28 बॉन्ड, INC को 18 बॉन्ड, बिहार प्रदेश जनता दल को 10 बॉन्ड, जनता दल को पांच बॉन्ड और जनसेना पार्टी को चार बॉन्ड मिले। MEIL की एक सहायक कंपनी, एवे ट्रांस प्राइवेट ने 6 बॉन्ड खरीदे, जिनकी कीमत 1 करोड़ रुपये प्रति बॉन्ड थी। ये सभी बॉन्ड भारत राष्ट्र समिति को दिए गए। इसके अलावा, कंपनी की एक और सहायक कंपनी, SEPC पावर ने 40 बॉन्ड खरीदे, जिनकी कीमत 1 करोड़ रुपये प्रति बॉन्ड थी।

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