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ग्वालियर के जाने-माने जिम ट्रेनर सूरज शर्मा की दुबई में मौत

ग्वालियर मध्यप्रदेश के ग्वालियर के जिम ट्रेनर सूरज शर्मा की दुबई में संदिग्ध मौत हो गई है। दुबई प्रशासन ने सूरज की मौत की सूचना दे दी है। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली एम्बेसी पहुंच गए हैं। शव को भारत लाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। दरअसल 26 मई को दुबई में जिम ट्रेनर सूरज शर्मा की मौत हो गई है। 32 साल के सूरज की संदिग्ध रूप से मौत हुई है। 23 मई को सूरज दिल्ली से दुबई पहुंचा था। दुबई प्रशासन ने सूरज की मौत की सूचना दी है। सूरज के परिजन दिल्ली स्थित एम्बेसी पहुंचे है और शव को भारत लाने के लिए आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। 

टीम अब भी यह तय कर रही है कि नंबर 3 पर कौन उतरेगा, गिल नंबर चार पर बल्लेबाजी करेंगे : ऋषभ पंत

लीड्स भारत के उपकप्तान ऋषभ पंत ने पुष्टि की है कि शुभमन गिल को टेस्ट क्रिकेट में भारत के पूर्व कप्तान और चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज विराट कोहली की जगह नंबर 4 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी जाएगी। पंत ने कहा कि टीम अब भी यह तय कर रही है कि नंबर 3 पर कौन उतरेगा। यह वह स्थान है जहां पिछली बार गिल बल्लेबाजी कर रहे थे, जो अब रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टीम के नए कप्तान हैं। नंबर 3 के लिए जो विकल्प सामने हैं, उनमें वापसी कर रहे करुण नायर और डेब्यू का इंतजार कर रहे बी साई सुदर्शन का नाम है, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा काफी सराहा गया है। पंत के बाद नंबर 5 पर एक और विशेषज्ञ बल्लेबाज की जरूरत को देखते हुए, ऐसे में दोनों खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। लीड्स टेस्ट से दो दिन पहले और एक ट्रेनिंग सेशन बाकी रहते हुए, ऐसा लग रहा है कि करुण नायर नई गेंद के खिलाफ नंबर 3 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी निभाने के लिए सबसे मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने इंडिया ए के खिलाफ अभ्यास मैच में नंबर 3 पर बल्लेबाजी की थी, जो बंद दरवाजों के पीछे खेला गया था। स्लिप कैचिंग प्रैक्टिस में भी वो पहली स्लिप में नजर आए, जबकि केएल राहुल, गिल और यशस्वी जायसवाल उनके बाद की पोजिशन पर खड़े थे। जायसवाल और राहुल एक बार फिर ओपनिंग जोड़ी बनाएंगे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत और अंत में बतौर ओपनर साथ खेला था, बाद में रोहित ने अपनी जगह ली थी। अगर नायर को वाकई नंबर 3 पर उतारा जाता है और रवींद्र जडेजा को बतौर ऑलराउंडर लगभग तय माना जाए, तो पंत के बाद जो एक अतिरिक्त बल्लेबाज की ज़रूरत है, वो स्थान या तो सुदर्शन या फिर ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने वाले नितीश कुमार रेड्डी को मिल सकता है। टीम चयन की सबसे अहम बहस गेंदबाजों को लेकर है। ऑस्ट्रेलिया में पांचवें गेंदबाज के रूप में रेड्डी या वॉशिंगटन सुंदर को खेलाना आलोचना का विषय बना क्योंकि यह पिछले छह सालों की सफल भारतीय टीमों की उस नीति से अलग था, जिसमें बैटिंग डेप्थ से ज्यादा 20 विकेट लेने को प्राथमिकता दी जाती थी। शार्दुल ठाकुर की मौजूदगी, जो नंबर 8 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं और कुछ बल्लेबाजी गहराई भी दे सकते हैं, भारत को एक चौथा सीम बॉलिंग विकल्प भी दे सकती है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ठाकुर को रेड्डी पर प्राथमिकता दी जाएगी या नहीं। दोनों खिलाड़ियों ने हेडिंग्ले में भारत के पहले ट्रेनिंग सेशन में लंबी गेंदबाजी की। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करना लगभग तय है। भारत ने इस टेस्ट के लिए हर्षित राणा को सिराज और आकाशदीप की किसी भी फिटनेस समस्या के मद्देनजर कवर के तौर पर बुलाया था, लेकिन दोनों खिलाड़ी फिट नजर आए। हालांकि आकाश की प्लेइंग इलेवन में जगह तय नहीं मानी जा सकती, क्योंकिप्रसिद्ध कृष्णा की ऊंची रिलीज और अजीबोगरीब उछाल भारतीय टीम को एक अलग विकल्प दे सकती है। अगर ऐसा लगा कि वीकेंड में हेडिंग्ले की पिच गर्म मौसम के चलते टर्न ले सकती है, तो कुलदीप यादव एक अहम भूमिका निभा सकते हैं। अन्यथा, बल्लेबाजी गहराई को प्राथमिकता देकर टीम वॉशिंगटन सुंदर को भी चुन सकती है।  

इंदौर में जोरदार बारिश से राहत, अगले चार दिन में क्या होगा मौसम का हाल

इंदौर इंदौर में बुधवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार तक चलता रहा। गुरुवार को सुबह से बारिश शुरू हुई और लगातार रुक-रुककर होती रही। तेज ठंडी हवाओं ने मौसम पूरी तरह बदल दिया और गर्मी और उमस पूरी तरह से गायब हो गई। इससे पहले बुधवार को दोपहर बाद बादल छाए और शाम को कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। इससे कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिली, लेकिन बाद में उमस का असर तेज हो गया था। पिछले 24 घंटों में इंदौर का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 4 डिग्री कम था। इस दौरान तापमान में 1 डिग्री की गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों ने अब लगातार बारिश की संभावना जताई है। जून के तीसरे हफ्ते में बढ़ेगी बारिश जून का तीसरा हफ्ता चल रहा है, और इस महीने इंदौर की औसत बारिश 5 इंच रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आगामी 12 दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। गुरुवार को इंदौर, उज्जैन और पूरे मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, दो लो प्रेशर एरिया और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके कारण अगले 4 दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है, और 24 घंटों में ढाई से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। इससे शहरवासियों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी। एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर बुधवार रात 8.30 बजे तक तीन मिमी वर्षा दर्ज हुई। रीगल स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वेदर स्टेशन पर 8.50 मिमी वर्षा दर्ज हुई।भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र मध्य राजस्थान पर बना हुआ है। शहर में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी वहीं एक द्रोणिका पंजाब होते हुए उत्तरी गुजरात तक जा रही है। इसके अलावा मध्य उत्तर प्रदेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से इंदौर में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में निरंतरता दिखाई देगी। इंदौर में अगले दो दिन 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलेंगी। वही गरज-चमक के साथ बारिश होगी। बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य था। दो वेदर सिस्टम एक्टिव मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बने वेदर सिस्टम की वजह से कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार है। इस कारण रुक-रुककर बारिश का यह सिलसिला अभी जारी रहेगा। मानसून का एक दिन देर से आगमन इस बार मानसून देश में तय समय से 8 दिन पहले ही पहुंच चुका था। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में मानसून तय समय से पहले ही आया था, जिसके कारण यह अनुमान था कि मध्य प्रदेश में मानसून जून के पहले हफ्ते में आ जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ, और मानसून पिछले 15 दिनों से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में ही ठहरा हुआ था। 13-14 जून को मानसून ने आगे बढ़कर मध्य प्रदेश में प्रवेश किया, लेकिन यह प्रदेश में एक दिन लेट हो गया। गुजरात में बने सिस्टम से तेज बारिश की संभावना तीन दिन के भीतर ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून होती है, जबकि पिछले साल यह 21 जून को आया था। अब गुजरात में बना सिस्टम मध्य प्रदेश में सक्रिय होगा, जिसमें एक-दो दिन का समय लगेगा। इस दौरान प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। 

श्रीलंका के खिलाफ गॉले में जारी पहले टेस्ट की पहली पारी में बांग्लादेश 495 रन पर सिमट गई, तिकड़ी का जलवा

नई दिल्ली श्रीलंका के खिलाफ गॉले में जारी पहले टेस्ट की पहली पारी में बांग्लादेश 495 रन पर सिमट गई। शुरुआती झटकों से उबरकर बांग्लादेश को इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने का श्रेय उसके तीन बल्लेबाजों को जाता है। मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम 45 के स्कोर तक अपने टॉप-3 बल्लेबाजों को गंवा चुकी थी। अमानुल हक (0), शादमान इस्लाम (14) और मोमिनुल हक (29) पवेलियन लौट चुके थे। यहां से कप्तान नजमुल शांतो ने मुशफिकुर रहीम के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 264 रन की साझेदारी की। यह बांग्लादेश के टेस्ट इतिहास में चौथे विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी रही। शांतो 279 गेंदों में 148 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शांतो के पवेलियन लौटने के बाद रहीम ने लिट्टन दास के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 149 रन जोड़े। रहीम 350 गेंदों में 163 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस पारी में नौ चौके शामिल रहे। लिट्टन दास ने 90 रन टीम के खाते में जोड़े। मुशफिकुर रहीम ने टेस्ट इतिहास में सातवीं बार 150 प्लस का आंकड़ा छुआ है। इस पारी के साथ वह श्रीलंका में टेस्ट शतक जड़ने वाले सबसे उम्रदराज गैर-ओपनर बल्लेबाज भी बने हैं। मुशफिकुर रहीम ने 38 साल और 39 दिन की उम्र में नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई सरजमीं पर यह पारी खेली है, जबकि पाकिस्तान के यूनुस खान ने साल 2015 में श्रीलंका के विरुद्ध पल्लेकेले में 37 साल और 216 दिन की उम्र में नंबर-4 पर बैटिंग करते हुए शतक लगाया था। विपक्षी टीम की ओर से असिथा फर्नांडो ने सर्वाधिक चार विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा मिलान रत्नायके और थारिंदु रत्नायके ने तीन-तीन विकेट चटकाए। श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच दूसरा टेस्ट मैच 25 जून से कोलंबो में शुरू होगा। इस सीरीज के बाद दोनों देश तीन वनडे और इतने ही टी20 मुकाबलों की सीरीज खेलेंगे।  

बिलासपुर में महिला के मर्डर से मची सनसनी

बिलासपुर कोटा क्षेत्र के ग्राम खुरदुर में 65 वर्षीय महिला की खून से सनी लाश मिली है। महिला पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या की गई है। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया गया है। पुलिस की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है। महिला के परिवार से पूछताछ कर जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा गांव के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। महिला का पोस्टमार्टम गुरुवार को कराया जाएगा। कोटा क्षेत्र के ग्राम खुरदुर में रहने वाली कुंवरिया बाई बघेल (65) गृहणी थीं। बुधवार की दोपहर वह खेत की ओर गई थी। देर तक जब वह घर नहीं लौटी तो उसके परिवार वाले उसकी तलाश में निकले। गांव के बाहर टावर लाइन के पास उनकी खून से सनी लाश मिली। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। तब तक गांव के लोग भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए थे। शाम की वजह से नहीं हो सका पोस्टमार्टम महिला के पास ही पालस के कटे हुए डंगाल पड़े थे। हत्या की सूचना पर कोटा पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। प्राथमिक पूछताछ के बाद शव चीरघर भेज दिया गया है। शाम हो जाने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। इधर पुलिस की एक टीम गांव में ही डटी हुई है। हत्यारों का नहीं मिला कोई सुराग गांव के लोगों से महिला और उसके परिवार के लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही महिला के परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है। इसके आधार पर हत्या के कारण और हत्यारों की जानकारी मिलने की बात कही जा रही है। देर रात तक पुलिस को हत्यारों की जानकारी नहीं मिल पाई थी।

अमरनाथ यात्रा के लिए इस वर्ष नहीं उड़ेंगे हेलीकॉप्टर, सुरक्षा कारणों से नो-फ्लाइंग जोन घोषित

भोपाल  बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) 3 जुलाई से शुरू हो रही है, यह अगस्त तक चलेगी। इस बार यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी। अमरनाथ यात्रा के पूरे मार्ग को श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक जुलाई से 10 अगस्त तक नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। ऐसे में पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर यात्रियों के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।  तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा तक या तो पैदल जाना होगा या फिर टट्टू या पालकी से पहुंचना होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन इससे तीर्थयात्रियों की संख्या पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में यात्री हेलिकॉप्टर से पवित्र गुफा तक जाते हैं। इनमें बीमार, बुजुर्ग, दिव्यांग भी शामिल होते हैं। ग्वालियर में भी बड़ी संख्या में ऐसे यात्री हैं, जो हेलिकॉप्टर सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। बता दें कि 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर सेवाएं बंद करने के पीछे आधिकारिक तौर पर कोई कारण नहीं बताया गया है. लेकिन सुरक्षा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी हेलिकॉप्टरों को निशाना बना सकते थे. इसलिए सरकार को यह फैसला लेना पड़ा हैं. वैसे कारण चाहे जो भी हों, इस निर्णय का असर व्यापक और गहरा पड़ा है. इसने कश्मीर को एक बार फिर डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पूरे देश में कश्मीर की नकारात्मक छवि बनेगी. उन्होंने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बैसरन हमले के बाद कश्मीरियों ने दो महीने तक कड़ी मेहनत कर हालात सामान्य किए थे. लेकिन एक फैसले ने सब पर पानी फेर दिया. श्राइन बोर्ड के इस फैसले से उन हजारों श्रद्धालुओं में भी रोष है जो हेलिकॉप्टर से यात्रा करने की योजना बना रहे थे. खासकर ऐसे श्रद्धालु जो उबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्तों में चल पाने में असमर्थ हैं . कई यात्रियों को अब यह संदेह सताने लगा है कि क्या सचमुच में अमरनाथ यात्रा करना पूरी तरह सुरक्षित होगा. इस बार जिस तरह सुरक्षा प्रबंधों को लेकर शोर मचा हुआ है. उससे यह आभास होता है कि कोई बड़ा खतरा वाकई यात्रा पर मंडरा रहा है. ऐसे में यात्रा करने से तो डर तो मन मे बना ही रहेगा. बताते चलें कि बाबा अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरु हो रही है जो 38 दिन की होगी और रक्षा बंधन वाले दिन 9 अगस्त को संपन्न होगी। पहलगाम व बालटाल रूट से हेलीकॉप्टर सेवा हर साल से चलती आ रही थी। दोनों तरफ के रूट के लिए आनलाइन बुकिंग होती थी और अलग अलग किराया निर्धारित होता था। नो फ्लाइंग जोन घोषित होने से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं करवाने का फैसला किया गया है।

छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट, गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना

रायपुर छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून प्रदेश के उत्तर क्षेत्र में हिस्सों में सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं अगले तीन दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बीते 24 घंटों में उत्तर छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। करतला और दुलदुला में सर्वाधिक 5 सेमी, कोरबा, कटघोरा में 4 सेमी तथा रामानुजनगर, पेंड्रा, सीतापुर सहित कई अन्य स्थानों में 2-3 सेमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि 19 जून को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ अंधड़ तथा वज्रपात होने की संभावना है। बारिश के मुख्य आंकड़े (मिमी में ): करतला-50, दुलदुला-50, कोरबा- 40, कटघोरा-40, रामानुजनगर-30, पेंड्रा -30, भैसमा-30, सीतापुर-30, सोनहत-30, वांड्राफनगर-30, पुसौर-30, खरसिया-30, पटना-30, छाल-30, चिरमिरी-20, बैकुंठपुर -20, ढाभरा-20, बागबहार- 20, डौरा कोचली-20, पेंड्रा रोड-20, जशपुरनगर-20, पाली -20, बगीचा-20, रायगढ़ – 20, रघुनाथनगर -20, सामरी -20, मोहला 20, बलरामपुर-10, दर्री-10, जनकपुर भरतपुर-10, कुसमी 10, कांसाबेल – 10, चांदो-10, नया बाराद्वार-10, मैनपाट 10, कुकदूर-10, अड़भार-10, अंबिकापुर-10, जांजगीर-10, मनोरा-10, लटोरी-10, चंद्रपुर-10, अंबागढ़ चौकी-10, बरपाली-10, सारागांव-10, शंकरगढ़-10, सन्ना-10, कुनकुरी-10, सक्ती-10 बरिश हुई। सिस्टम का प्रभाव वर्तमान में एक चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र गंगीय पश्चिम बंगाल पर स्थित है, जिसके साथ 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह तंत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना रखता है। इसके अतिरिक्त एक पश्चिमी विक्षोभ भी 72° पूर्व और 30° उत्तर में सक्रिय है, जिससे मानसूनी गतिविधियों को और बल मिल रहा है। रायपुर के लिए मौसम पूर्वानुमान राजधानी में 19 जून को आसमान सामान्यतः बादल छाए रहेंगे तथा गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बाबा बागेश्वर को फिजी में सुनने राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज पहुंचे, एयरपोर्ट पर भक्त भाव विभोर हो गए

छतरपुर   देश के जाने माने कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की कथाओं का रसपान इन दिनों न्यूजीलैंड के लोग कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के बाद फिजी में तीन दिनों की हनुमंत कथा के बाबा बागेश्वर न्यूजीलैंड पहुंचे तो एयरपोर्ट पर भक्त भाव विभोर हो गए. एयरपोर्ट पर मौजूद भारतीय समुदाय के विदेशी नागरिकों ने अपने-अपने अंदाज में बाबा का स्वागत किया, जिसे देख कर बाबा हैरान रह गए. न्यूजीलैंड से पहले फिजी में कथा की, महाभारत काल के नाग मंदिर पहुंचे भारत के चर्चित कथा वाचक पर्ची बाले बाबा के नाम से फेमस पंडित धीरेन्द्र शास्त्री न्यूजीलैंड से पहले फिजी के नाडी शहर में थे. यहां तीन दिवसीय हनुमंत कथा हुई और इसके बाद उन्होंने फिजी के विश्व प्रसिद्ध नाग मंदिर पहुंचकर प्राचीन मंदिर के दर्शन किए. मान्यता है कि यहां महाभारत काल का नाग मंदिर है. फिजी के लंबासा में स्थित यही नाग मंदिर भगवान कृष्ण द्वारा महाभारत काल में किए गए कालिया मर्दन से जुड़ा है. बाबा को सुनने राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज पहुंचे न्यूजीलैंंड से पहले फिजी में आयोजित बाब बागेश्वर की कथा में सभी राजनीतिक पार्टियों के बड़े-बड़े राजनीतिक दिग्गज भी मौजूद रहे. यहां फिजी के दो उप-प्रधानमंत्री जिनमें चंद्र प्रसाद और उप प्रधानमंत्री मानोआ कमिकमिदा मौजूद रहे. इतना ही नहीं यहां पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र पाल चौधरी और सांसद प्रवीण बाला भी उपस्थित रहे. कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने प्रवचन माला के माध्यम से हनुमान जी के चरित्र को सभी के समक्ष रखा. उन्होंने कहा कि हनुमान जी का चरित्र संपूर्ण विश्व को आनंद देने वाला चरित्र है और लोगों को संकटों से मुक्ति दिलाने वाला चरित्र है. न्यूजीलैंड में बाबा बागेश्वर के दीवाने हुए भक्त फिजी में तीन दिनों की हनुमंत कथा के बाद बाबा बागेश्वर न्यूजीलैंड पहुंचे तो एयरपोर्ट पर भक्तों ने अपने अंदाज में बाबा का स्वागत किया. महिलाओं ने तिलक लगाकर बाबा का स्वागत किया और मंगल गीत गाए. इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने अपनी भाषा, वेषभूषा और नृत्य के साथ बाबा का अभिनदंन किया. इस दौरान न्यूजीलैंड के युवा बाबा के साथ सेल्फी लेने को आतुर दिखे.    

इजरायल ने ईरान पर हमले किए हैं, सहयोगी असामान्य रूप से चुप्पी साधे हुए हैं, दशकों बाद अकेला पड़ा ईरान

तेहरान इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने क्षेत्रीय और वैश्विक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। 13 जून को इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इसके बाद दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। इस बीच, एक सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या ईरान दशकों बाद पहली बार इस युद्ध में अपने पारंपरिक सहयोगियों के बिना अकेला लड़ रहा है? दरअसल पिछले चार दशकों से, ईरान ने मध्य पूर्व में अपनी शक्ति का विस्तार करने और अमेरिका व इजरायल के प्रभाव को कम करने के लिए एक “प्रतिरोध की धुरी” यानी एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस के रूप में प्रॉक्सी ताकतों का गठन किया है। यह गठबंधन अभी तक ईरान को सीधे टकराव से बचाते रहे हैं और खुद ही इजरायल और अमेरिकी हितों पर हमले करते रहे हैं। लेकिन अब, जब इजरायल ने ईरान की धरती पर अभूतपूर्व हमले किए हैं, तो ये सहयोगी असामान्य रूप से चुप्पी साधे हुए हैं। यह सवाल उठता है कि क्या ईरान, दशकों बाद पहली बार, अकेला लड़ रहा है? आइए, समझते हैं। कहां गायब है कि ईरान के “प्रतिरोध की धुरी”? ईरान ने लेबनान में हिजबुल्लाह, फिलिस्तीन में हमास, यमन में हूती विद्रोहियों और इराक में शिया मिलिशिया जैसे संगठनों को हथियार, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता प्रदान की है। ये समूह ईरान के लिए क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन का माध्यम रहे हैं। लेकिन वर्तमान में ये संगठन कमजोर, आंतरिक रूप से विभाजित और अपनी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इराक: इराक में ईरान समर्थित शिया मिलिशिया ने लंबे समय तक अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए और बगदाद में ईरान के हितों की रक्षा की। लेकिन हाल के वर्षों में, ये समूह आंतरिक संघर्ष और स्थानीय विरोध का सामना कर रहे हैं। इजरायल के हमलों के बाद, इन मिलिशियाओं ने कोई बड़ा जवाबी कदम नहीं उठाया है। लेबनान: यहां हिजबुल्लाह ईरान का सबसे मजबूत सहयोगी है। लेकिन हिजबुल्लाह भी इजरायल के हाथों भारी नुकसान उठा चुका है। 2023 से इजरायली सेना लगातार हिजबुल्लाह को निशाना बना रही है। लेबनान में संघर्ष में इसके वरिष्ठ कमांडरों की हत्या और संसाधनों की कमी ने इसे कमजोर किया है। फिलिस्तीन: हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अभूतपूर्व हमले किए थे। इस हमले के बाद से हमास गाजा में इजरायल के सैन्य अभियानों का सामना कर रहा है और अपनी सैन्य क्षमता खो चुका है। वहीं इजरायल ने लगभग पूरी गाजा पट्टी को तबाह कर दिया है। यमन: हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में शिपिंग पर हमले करके वैश्विक ध्यान खींचा था, लेकिन इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों ने उनकी क्षमता को सीमित कर दिया है। रूस और अन्य सहयोगी: रूस, जो पहले ईरान का रणनीतिक साझेदार रहा है, वह यूक्रेन युद्ध और अपनी क्षेत्रीय रणनीति के कारण इस संघर्ष में तटस्थ दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे युद्ध की स्थिति में रूस को नुकसान हो सकता है, क्योंकि ईरान में सरकार बदलने से उसका एक महत्वपूर्ण सहयोगी खत्म हो सकता है। इजरायल-ईरान संघर्ष का वर्तमान परिदृश्य कैसा है? इजरायल ने हाल ही में ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। ईरान ने जवाब में इजरायल पर लगभग 400 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 40 ने हवाई रक्षा को भेदकर 24 नागरिकों की जान ले ली। ईरान ने अपनी हवाई रक्षा को सक्रिय किया, ड्रोन को मार गिराया और 18 संदिग्ध इजरायली जासूसों को गिरफ्तार किया। साथ ही, सुरक्षा कारणों से अस्थायी इंटरनेट प्रतिबंध भी लगाए गए। लेकिन इसके बावजूद, ईरान के प्रॉक्सी सहयोगी खामोश हैं, जिसने तेहरान की क्षेत्रीय रणनीति पर सवाल उठाए हैं।   अमेरिका और ट्रंप की भूमिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करने की मांग की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका इस युद्ध में सीधे शामिल होगा या नहीं। ट्रंप ने कहा, “मैं यह नहीं कह सकता कि अमेरिका ईरान पर हमला करेगा या नहीं।” इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि वे ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को “चरणबद्ध तरीके से” नष्ट कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के फोर्डो परमाणु संवर्धन केंद्र को नष्ट करने की संभावना पर विचार किया है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिक्रियाएं क्या हैं? सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन जैसे खाड़ी देशों ने इजरायल के साथ सहयोग की इच्छा जताई है, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को क्षेत्र के लिए खतरा बताया है। वैश्विक स्तर पर, रूस, चीन और उत्तर कोरिया के साथ ईरान का गठबंधन है जिसे पश्चिमी देश “अराजकता की चौकड़ी” या “CRINK धुरी” कहते हैं। यह संगठन भी इस संकट में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहा। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन इसका प्रभाव सीमित दिख रहा है।

एमएलसी 2025: काइल मेयर्स पर भारी पड़ी मोनांक पटेल की पारी, एमआई न्यूयॉर्क ने खोला जीत का खाता

न्यूयॉर्क एमआई न्यूयॉर्क ने मेजर लीग क्रिकेट-2025 (एमएलसी) के नौवें मैच में सिएटल ऑर्कस के खिलाफ सात विकेट से दमदार जीत दर्ज की। इस सीजन ये एमआई की पहली जीत रही, जिसके साथ टीम प्वाइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। दूसरी ओर, सिएटल ऑर्कस को लगातार तीन हार का सामना करना पड़ा है। यह टीम फिलहाल पांचवें पायदान पर है। मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी सिएटल ऑर्कस ने 20 ओवरों में पांच विकेट गंवाकर 200 रन बनाए। टीम 30 के स्कोर तक अपने दो बड़े विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन इसके बाद शायन जहांगीर ने काइल मेयर्स के साथ मिलकर टीम को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी हुई। जहांगीर 34 गेंदों में 43 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें तीन छक्के और इतने ही चौके शामिल थे। काइल मेयर्स ने चौथे विकेट के लिए कप्तान हेनिक क्लासेन के साथ 72 रन जोड़े। मेयर्स ने 46 गेंदों की तूफानी पारी में 88 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और तीन चौके शामिल रहे। इनके अलावा क्लासेन ने 27 और शिमरोन हेटमायर ने 21 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। विपक्षी टीम की ओर से नवीन-उल-हक ने दो विकेट चटकाए, जबकि माइकल ब्रेसवेल, ट्रेंट बोल्ट और सनी पटेल ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। विशाल टारगेट का पीछा करने उतरी एमआई न्यूयॉर्क ने 25 के स्कोर पर क्विंटन डी कॉक (14) के रूप में बड़ा विकेट गंवा दिया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज मोनांक पटेल ने दूसरे विकेट के लिए ब्रेसवेल के साथ मिलकर 119 रन की साझेदारी करते हुए टीम को जीत की पटरी पर ला दिया। गुजरात में जन्मे मोनांक पटेल ने 50 गेंदों में 93 रन जड़ दिए। इस पारी में सात छक्के और आठ चौके भी शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद कप्तान निकोलस पूरन मैदान पर उतरे, लेकिन सात रन से ज्यादा नहीं बना सके। एमआई न्यूयॉर्क 152 के स्कोर तक तीन विकेट गंवा चुकी थी। उसके पास यहां से महज 22 गेंदें शेष थीं। ऐसे में ब्रेसवेल ने किरोन पोलार्ड के साथ तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए टीम को एक ओवर शेष रहते जीत दिला दी। ब्रेसवेल ने 35 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाए, जबकि पोलार्ड ने 10 गेंदों में नाबाद 26 रन की पारी खेली। विपक्षी टीम के लिए सिकंदर रजा ने दो, जबकि काइल मेयर्स ने एक शिकार किया।  

जयपुर सचिवालय के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में तड़के अचानक लगी आग, कई महत्वपूर्ण फाइलें जलकर

जयपुर जयपुर सचिवालय परिसर स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) के कार्यालय में तड़के अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह करीब 5 से साढ़े 5 बजे के बीच की है, जब अधिकांश कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। आग लगते ही सचिवालय के ऑटोमैटिक फायर फाइटिंग अलार्म सक्रिय हो गए और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए। विभागीय अग्निशमन प्रणाली की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे किसी बड़े नुकसान या जनहानि की स्थिति नहीं बनी। आग पर समय रहते काबू पाने के कारण फायर ब्रिगेड को बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालांकि आग से कार्यालय का एक कमरा प्रभावित हुआ है, जहां रखा फर्नीचर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा। सुरक्षा स्टाफ की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। विभागीय स्तर पर आग की जांच शुरू कर दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए अतिरिक्त उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।

दीपावली से लाड़ली बहनों को मोहन सरकार देगी 1500, साल 2028 तक तीन हजार कर देंगे

इंदौर   मध्य प्रदेश के बड़वानी में आज सिकल सेल एनिमिया दिवस के मौके पर कार्यक्रम चल रहा है। पहले इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होने वाली थीं, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते उनका शेड्यूल कैंसिल हो गया। वहीं, खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बड़वानी नहीं पहुंच सके, पर उन्होंने इंदौर से वर्चुअली जुड़कर आयोजन को संबोधित किया। यहां पत्रकारों से चर्चा के दौरान सीएम मोहन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने पर उठाए सवालों पर खासा हमला किया। यही नहीं, सीएम ने उन्होंने राशि बढ़ाए जाने के समय की भी घोषमा कर दी। 2028 तक 3000 रुपए कर देंगे उन्होंने कहा कि साल 2028 तक इसे 3000 रुपए कर दिया जाएगा। सीएम ने कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि बीजेपी सरकार जवाबदेही से काम करती है। उन्होंने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी के मामले में कहा कि कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। कांग्रेसी नेता सभी जमानत पर चल रहे सीएम यादव ने कहा कि बीजेपी की सरकार जवाबदेही से चलती है। अय्याशी कांग्रेस करती है और यह उनका रिकॉर्ड है कि सभी नेता जमानत पर चल रहे हैं। बीजेपी सरकार जनता के लिए काम करती है। वहीं कांग्रेसी पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत के लव जिहाद के लिए फंडिंग के मामले में फरारी पर सीएम ने कहा कि हमारी सरकार में कानून का राज चलता है, कानून तोड़ने वालों से निपटना जानते हैं, चाहे वह डकैत हो या डकैत का बाप हो। हमने प्रशासन से भी कहा है जो जहां मिले उसे पकड़ो, हर हाल में कानून का शासन रहेगा। बता दें कि सीएम अचानक कार से भोपाल से इंदौर पहुंचे थे। दरअसल उन्हें बड़वानी कार्यक्रम में जाना था लेकिन मौसम के चलते वह इंदौर आए और यहां वर्चुअली पर शामिल हुए। सीएम के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, चिंटू वर्मा व अन्य नेता थे। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने पटवारी को दी नसीहत- मर्यादा से राजनीति करें सीएम ने कहा कि कांग्रेस के लोग कहते हैं कि लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाओ नहीं तो चोरी होगी, इन्हें पाप लगेगा। यह तो डाके डालते थे, कभी चिंता नहीं की, कांग्रेसी सरला मिश्रा कांड भूल गए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को शर्म आना चाहिए, उन्होंने जिस भाषा से बात की, उन्हें जवाब देना चाहता हूं, राजनीति करना है तो मर्यादा से करना चाहिए। हमने डंके की चोट पर कहा कि लाड़ली बहना को तीन हजार देंगे।  हमारी सरकार के समय दो हजार दाम बढ़े गेंहू के सीएम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि से लेकर किसानों को बिजली देना, सोलर उर्जा जैस कई प्रयास किए। हमारी सरकार ने औद्योगीकरण विकास दर 25 फीसदी कर किया है, खासकर फूड प्रोसेसिंग ध्यान दिया, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का सही दाम मिले।  गेंहू पर हमने एमएसपी के साथ बोनस देकर सबसे ज्यादा दाम 2600 रुपए प्रति क्विटंल दिए हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में 55 साल सरकार रही। साल 1956 में 94 रुपए प्रति क्विंटल गेंहू था जब दिग्विजय सिंह की सरकार गई तब 550 का दाम था, 55 साल में केवल 500 रुपए दाम बढ़ाए। वही हमारी 20 साल की सरकार ने दो हजार रुपए प्रति क्विंटल गेंहू के दाम बढ़ाए हैं। किसानों पर कुछ नहीं बोलती कांग्रेस- सीएम सीएम ने आगे कहा कि, कांग्रेस ने किसानों के लिए भी कुछ नहीं कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के गेहूं को देश में सबसे ज्यादा एमएसपी राशि 2500 रुपये क्विंटल में खरीदा। कांग्रेस की सरकार में वर्ष 1956 में 94 रुपये गेहूं के दाम क्विटंल थे, जब दिग्विजय सिंह की सरकार थी तो साढ़े पांच सौ रुपएं क्विंटल पर सरकारी खरीदी होती थी। 55 वर्षों में सिर्फ 500 रुपए क्विंटल दाम बढ़े। भाजपा की सरकार में 20 वर्षों में दो हजार रुपये क्विंटल भाव बढ़ाए है। किसानों को लाभ देने का प्रयास उन्होंने कहा कि अटल बिहारी जन्म शताब्दी वर्ष पर हमारी सरकार कई काम करेगी। आठ घंटे से ज्यादा बिजली किसानों को खेतों में दी जा रही है। हम फूड इंडस्ट्री पर भी ध्यान दे रहे है, ताकि किसानों को भी इसका लाभ मिल सके। हम वादे पर हैं कायम सीएम मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए देने के अपने वादे पर कायम है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जो कहती है, वो करती है। पांच साल में पूरा करेंगे संकल्प पत्र मोहन यादव ने कहा कि सरकार अपने संकल्प पत्र को 5 साल में पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत राशि को हर साल बढ़ाया जाएगा। दिवाली पर यह राशि 1500 रुपए होगी। इसके बाद 2026, 2027 और 2028 में भी राशि बढ़ाई जाएगी। कांग्रेस नेता जमानत पर बाहर सीएम ने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि वे सभी जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जबकि कांग्रेस अय्याशी करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रिकॉर्ड खराब है और उनके सभी नेता जमानत पर चल रहे हैं। बीजेपी सरकार हमेशा जनता के लिए काम करती है।  

आने वाले समय में अंग्रेजी बोलने में आएगी शर्म ‘, भाषा विवाद के बीच अमित शाह बोले- अब बदलाव का समय

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर देते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत में लोग अंग्रेजी बोलने पर शर्मिंदगी महसूस करेंगे. उन्होंने भारतीय भाषाओं को देश की संस्कृति के रत्न बताते हुए कहा कि ये भाषाएं हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं और इनके बिना हम भारतीय नहीं कहला सकते. दिल्ली में पूर्व सिविल सेवक आईएएस आशुतोष अग्निहोत्री द्वारा लिखी किताब के विमोचन के मौके पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ‘मेरी बात ध्यान से सुनिए और याद रखिए, इस देश में अंग्रेजी बोलने वालों को शर्म आएगी, ऐसे समाज का निर्माण अब दूर नहीं है. चीजों को वो ही कर पाते हैं जो एक बार अपने मन में ठान लेते हैं और मैं मानता हूं कि हमारे देश की भाषाएं, हमारा गहना है. इनके बिना हम भारतीय नहीं हैं. आप किसी विदेशी भाषा में अपने इतिहास, संस्कृति और धर्म को नहीं समझ सकते.’ देश को समझने के लिए विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं शाह ने कहा कि इस देश में अंग्रेजी बोलने वालों को जल्द ही शर्म आएगी। ऐसे समाज का निर्माण दूर नहीं है, केवल दृढ़ निश्चयी लोग ही बदलाव ला सकते हैं। मेरा मानना है कि हमारे देश की भाषाएं हमारी संस्कृति के रत्न हैं। अपनी भाषाओं के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं हैं। अपने देश, अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपने धर्म को समझने के लिए कोई भी विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं हो सकती है।  प्रधानमंत्री के पंच प्रण उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पंच प्रण कै जिक्र किया। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना, गुलामी की हर सोच से मुक्ति पाना, विरासत पर गर्व करना, एकता और एकजुटता, प्रत्येक नागरिक में कर्तव्य की भावना जगना। उन्होंने कहा कि ये पांच प्रतिज्ञाएं देश के नागरिकों का संकल्प बन गई हैं। 2047 के विकसित भारत की यात्रा में हमारी भाषाएं प्रमुख भूमिका निभाएंगी।  प्रशासनिक प्रशिक्षण मॉडल में सहानुभूति को करना होगा शामिल  गृह मंत्री पूर्व आईएएस आशुतोष अग्निहोत्री की लिखी गई पुस्तक मैं बूंद स्वयं, खुद सागर हूं, के विमोचन में गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण मॉडल में सहानुभूति लाने पर जोर दिया। शाह ने कहा कि यह मॉडल ब्रिटिश काल से प्रेरित है, इसलिए यहां सहानुभूति की कोई जगह नहीं है। मेरा मानना है कि कोई शासक अगर सहानुभूति के बिना शासन करता है, तो वह अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकता है।  प्रशिक्षण में बदलाव की जरुरत शाह ने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में बदलाव की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को प्रशासन में अधिक महत्व देना चाहिए ताकि देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिले। इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। कुछ लोगों ने इसे भारतीय भाषाओं के प्रति गर्व का प्रतीक बताया, जबकि कुछ ने इसे भाषाई विवाद के रूप में देखा। विवादों में बयान यह बयान कुछ हलकों में विवादास्पद भी हो सकता है, क्योंकि अंग्रेजी देश में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली भाषा है, खासकर शहरी क्षेत्रों और पेशेवर माहौल में। इस बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस पर बहस की संभावना है। उन्होंने आगे कहा कि अधूरी विदेशी भाषाओं के साथ संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं की जा सकती. मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ हूं कि लड़ाई कितनी कठिन है. मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय समाज इस लड़ाई को जीतेगा और अपनी भाषाओं पर गर्व करते हुए हम अपने देश को चलाएंगे, विचार करेंगे, शोध करेंगे, निर्णय लेंगे और दुनिया पर शासन करेंगे. इसमें किसी को संदेह करने की कोई जरूरत नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि 2047 में दुनिया में शीर्ष पर रहने में हमारी भाषाओं का बहुत बड़ा योगदान होगा.  

अतीक अहमद के बेटे अली की बैरक से नकदी बरामद, नैनी जेल के जेलर और चीफ वार्डन सस्पेंड

प्रयागराज  नैनी सेंट्रल जेल में माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की बैरक से नकदी बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को सस्‍पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है कि अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे ताकि वह जेल में उपयोग के लिए कूपन खरीद सके, लेकिन उसने कूपन नहीं खरीदे और पैसे छुपाकर रख लिए। नैनी सेंट्रल जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की बैरक से नकदी बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में खलबली मची है। मंगलवार को जेल डीआईजी राजेश श्रीवास्तव की रूटीन चेकिंग के दौरान यह घटना सामने आई। डीआईजी राजेश श्रीवास्तव ने हाई सिक्योरिटी बैरक की तलाशी ली, जहां अली अहमद बंद है। तलाशी के दौरान बैरक से 1100 रुपये नकद बरामद हुए हैं। जेल अधीक्षक ने दी जानकारी  जेल अधीक्षक रंग बहादुर के बताया कि अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे, ताकि वो जेल में इस्तेमाल के लिए कूपन खरीद सके. जेल व्यवस्था के तहत, बंदियों को नकदी रखने की अनुमति नहीं होती और वह केवल कूपन के जरिए ही जरूरी सामान खरीद सकते हैं. जेल अधीक्षक ने बताया, अली ने ये कूपन नहीं खरीदे और पैसे अपने पास छिपाकर रख लिए. अब यही 1100 रुपये डीआईजी चेकिंग के दौरान बरामद कर लिए गए.  इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने नैनी जेल की डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वहीं, डीआईजी ने जेलर, डिप्टी जेलर समेत अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह पूरा मामला मिलीभगत का हिस्सा तो नहीं है.  गौरतलब है कि अली अहमद इस समय हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद है. वह रंगदारी मांगने के एक मामले में सरेंडर करने के बाद से जेल में है.  इसके अलावा, वह उमेश पाल हत्याकांड की साजिश जेल से रचने का भी आरोपी है.  अली अहमद पर अपने पिता अतीक अहमद की मौत के बाद गैंग आईएस 227 की कमान संभालने का भी आरोप है. ऐसे में उसकी बैरक से नकदी की बरामदगी और जेलकर्मियों की संलिप्तता पर सवाल खड़े हो गए हैं.  डीजीआई की चेकिंग में हुआ खुलासा जेल अधीक्षक रंग बहादुर के अनुसार, अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे ताकि वह जेल में उपयोग के लिए कूपन खरीद सके। जेल व्यवस्था के तहत, बंदियों को नकदी रखने की अनुमति नहीं होती और वे केवल कूपन के जरिए ही जरूरी सामान खरीद सकते हैं। लेकिन अली ने ये कूपन नहीं खरीदे और पैसे अपने पास छुपाकर रख लिए। यही 1100 रुपये बाद में डीआईजी की चेकिंग में बरामद हुए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है।

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, रात के सन्नाटे में दिखा तेंदुए का आतंक

हिमाचल  हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां अर्की उपमंडल के मलावन गांव में देर रात एक तेंदुआ एक घर में घुस गया और पालतू कुत्ते का शिकार करके फरार हो गया। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसकी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रात लगभग 1 बजकर 21 मिनट पर हुई। मलावन गांव स्थित एक दो मंजिला मकान की बालकनी की तरफ से एक तेंदुआ चुपचाप घर में दाखिल हुआ। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ बेहद सावधानी से घर में घुसता है और लगभग 10 सेकंड के भीतर, वह एक कुत्ते को अपने मुंह में दबाकर वहां से चला जाता है. तेंदुए की यह फुर्ती और अचानक हमला करने की रणनीति हैरान करने वाली है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज किसी कंप्यूटर से रिकॉर्ड किया गया है, जिसमें एक महिला की आवाज भी सुनाई दे रही है. वह महिला कुत्ते के इस तरह से शिकार होने पर दुख और चिंता व्यक्त कर रही है। हालांकि, अभी तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह मकान किसका है। यह पहली बार नहीं है जब हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने की घटना सामने आई है. अक्सर पानी और भोजन की तलाश में ये जानवर शहरी या ग्रामीण इलाकों में आ जाते हैं. लेकिन जिस तरह से इस तेंदुए ने एक घर के अंदर घुसकर पालतू कुत्ते का शिकार किया है, उसने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीण अब रात के समय घर से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं. उन्हें डर है कि कहीं कोई और जंगली जानवर उन पर हमला न कर दे. वन विभाग को इस तरह की घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान देने और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से अपील की है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके. इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।  

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