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iPhone खोया, किस्मत जागी: Apple ने बदले में दे दिया 2TB वाला मॉडल

नई दिल्ली एक शख्स के लिए उसके iPhone का खो जाना बेहद फायदेमंद साबित हुआ। दरअसल Reddit यूजर ‘ScienceFuture2300’ ने आप बीती शेयर करते हुए बताया कि किस तरह उसका 256GB स्टोरेज वाला iPhone 17 Pro Max खो गया था। इसके बाद जब उसने AppleCare+ प्लान के तरह फोन के चोरी या गुमशुदगी का क्लेम फाइल किया, तो ऐपल ने उसे 8 गुना ज्यादा स्टोरेज वाला iPhone लौटा दिया। गौर करने वाली बात है कि इस शख्स का iPhone सिर्फ 256 GB का था लेकिन बदले में उसे 2TB वाला मॉडल मिल गया। सर्विस सेंटर की गलती से यूजर की मौज रेडिट पर शेयर किया गया ये मामला,(REF.) काफी दिलचस्प है। Reddit यूजर ‘ScienceFuture2300’ को उनके 256GB वाले iPhone 17 Pro Max के बदले 2TB वाला मॉडल थमा दिया गया। इसे लेकर यूजर ने अपने पोस्ट में फोन के सीरियल नंबर और स्टोरेज से जुड़ी तस्वीरें भी शेयर की हैं। बता दें कि iPhone के सीरियल नंबर के जरिए पता लगाया जा सकता है कि फोन नया है या Apple द्वारा रिप्लेस किया गया यूनिट। खोने पर क्यों मिला रिप्लेसमेंट? आपके मन में सवाल आ सकता है कि इस यूजर को आखिर फोन खोने पर रिप्लेसमेंट क्यों मिला। बता दें कि AppleCare+ प्लान लेने पर यूजर फोन खराब होने, टूटने और खो जाने पर ऐपल से रिप्लेसमेंट मांग सकता है। iPhone के टूटने या खराब होने पर अगर फोन रिपेयर हो सकता है, तो ऐपल फोन ठीक करके देता है। वहीं अगर फोन ठीक होने की हालत में न हो या खो जाए, तो AppleCare+ प्लान के तहत बदले में फोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए कुछ चार्ज ऐपल लेता है। हालांकि जिस फोन के खोने की शिकायत की जाती है, उसे ऐपल बैकएंड से ब्लॉक कर देता है ताकि उसका इस्तेमाल कोई न कर पाए। ऐपल ने क्यों दिया ज्यादा महंगा फोन? कई बार यूजर जिस फोन के लिए क्लेम करता है, वह अगर ऐपल के पास न हो तो ऐपल हर्जाने के तौर पर उससे बेहतर मॉडल अपने यूजर को उपलब्ध कराता है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि संभव है इस यूजर के फोन का मॉडल ऐपल के पास स्टॉक में नहीं होगा। इसके साथ ही ऐसा होने पर ऐपल किसी तरह का एक्सट्रा चार्ज नहीं लेता। ऐसा ही इस यूजर के साथ भी हुआ है। Apple ने पहले भी दिखाई है उदारता ऐसा पहली बार नहीं है कि ऐपल ने किसी के साथ इतनी उदारता दिखाई हो। 2018 में इंटेल मैकबुक प्रो के मालिक को रिपेयर के बदले सीधे M4 Max चिप वाला मैकबुक प्रो दे दिया गया था। इसी तरह 2019 में मैकबुक प्रो के मालिक को M5 मॉडल वाला लेटेस्ट मैकबुक प्रो रिप्लेसमेंट में मिला था। यही वजह है कि अक्सर लोग ऐपल के प्रोडक्ट लेते समय Apple का Care+ प्लान जरूर लेते हैं।

गुप्त बंकर में छिपी थी करोड़ों की साजिश: नरसिंहपुर पुलिस ने 50 लाख की अवैध शराब जब्त कर दो तस्करों को दबोचा

 नरसिंहपुर  नरसिंहपुर पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन ईगल क्लॉ” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब जब्त की है। कार्रवाई में पुलिस ने दो अंतर्राज्जीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में जिले भर में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 फरवरी की रात्रि में विश्वस्त मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि महाराष्ट्र पासिंग एक आयशर ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता के नेतृत्व में दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। एक टीम को नरसिंहपुर से लखनादौन मार्ग पर तथा दूसरी टीम को राजमार्ग चौराहे की ओर तैनात कर सघन वाहन चेकिंग प्रारंभ की गई। बरमान के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक चेकिंग के दौरान थाना करेली पुलिस को राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक आयशर ट्रक नरसिंहपुर की ओर से आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक ट्रक को तेज गति से भगाने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर बैहर तिराहा, बरमान के पास ट्रक को घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी में ट्रक में बड़ी संख्या में मिठाई पैक करने के खाली डिब्बे भरे मिले। चालक की घबराहट को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ। बारीकी से जांच करने पर जब डिब्बों में नुकीली रॉड डाली गई तो नीचे किसी भारी वस्तु की आवाज आई। डिब्बे हटाने पर लगभग तीन फीट नीचे बनाए गए गुप्त बंकर में 286 पेटी अंग्रेजी शराब (इम्पीरियल ब्लू) छिपाकर रखी मिली। हरियाणा व दिल्ली के निवासी हैं आरोपी आरोपियों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला और वे शराब नरसिंहपुर से सिलीगुड़ी ले जाने की बात कह रहे थे, किंतु कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने अवैध शराब एवं आयशर ट्रक क्रमांक एमएच 04 के एफ 3613 जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सतीश नंदड निवासी उदेशीपुर, थाना गनोर, जिला सोनीपत हरियाणा एवं मनोज यादव निवासी जफरपुर साउथ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं। प्रकरण में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक करेली रत्नाकर हिग्वे, सउनि संतराम मरकाम, प्रधान आरक्षक कुलदीप सोमकुवर, आरक्षक राजेश बागरी, विपिन पटेल, सैनिक रियाज खान एवं रमेश सिसोदिया की विशेष भूमिका रही।  

जहाँ सफर में घुली मिठास और बजा संगीत: भारत के पहले ‘मेलोडी रोड’ की शुरुआत

मुंबई क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सड़क पर आप गाड़ी चला रहे हैं, वही आपके लिए सुरीला संगीत बजाने लगे? भारत में यह कल्पना अब हकीकत बन चुकी है। देश में पहली बार एक ऐसी सड़क तैयार की गई है, जहां टायरों की गड़गड़ाहट नहीं, बल्कि मधुर संगीत सुनाई देगा। इस अनूठी पहल से न सिर्फ ड्राइविंग का अनुभव बदलेगा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस जादुई सफर की शुरुआत की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई के नवनिर्मित कोस्टल रोड (Coastal Road) पर इस ‘मेलोडी रोड’ खंड का उद्घाटन किया। समुद्र के किनारे सफर का आनंद अब संगीत के साथ दोगुना हो जाएगा। कैसे काम करती है यह जादुई तकनीक? यह कोई लाउडस्पीकर का कमाल नहीं, बल्कि हंगरी की एक विशेष तकनीक है। इसे वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किया गया है…     खास मार्किंग: सड़क के एक निश्चित हिस्से पर विशेष प्रकार की बारीक खांचें (Grooves) बनाई गई हैं।     संगीत का ट्रिगर: जैसे ही गाड़ी के टायर इन खांचों के ऊपर से गुजरते हैं, घर्षण (Friction) से एक खास फ्रीक्वेंसी पैदा होती है जो संगीत की धुन में बदल जाती है।     स्पीड की शर्त: संगीत का पूरा आनंद तभी मिलता है जब वाहन की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा हो। यदि गाड़ी इससे तेज या धीमी होगी, तो धुन बदल जाएगी। सुरक्षा और मनोरंजन का मेल फिलहाल इसे कोस्टल रोड के कुछ मीटर के हिस्से में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है। सरकार की योजना भविष्य में इसकी लंबाई बढ़ाने और अन्य प्रमुख सड़कों पर भी इसे लागू करने की है। यह तकनीक न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि ड्राइवर को एक निश्चित गति सीमा (60 kmph) बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित भी करती है, जिससे हादसों का खतरा कम होता है।

किरगी पंचायत में नहीं है ऑटो स्टैंड की सुविधा पंचायत नहीं है खतरों से खाली

राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर के समीप ग्राम पंचायत किरंगी में इन दोनों खतरे का संकेत माना जाता है देखा जाए तो रीवा अमरकंटक मार्ग में ऑटो की भारी संख्या में लगाई जा रही ऑटो की भीड़ जहां आवा जाहि करने वाले अधिकारी कर्मचारी व आम नागरिकों को हो रही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लगातार घटना का संकेत दिखता नजर आ रहा है जहां रीवा अमरकंटक मार्ग में सारे ऑफिस स्थित हैं जहां अधिकारी रोज आवा गवन करते हैं लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी को दिखाई नहीं पड़ रहा है अगर सड़क किनारे  ऑटो लगेगी तो खतरा हो सकता है आए दिनों जहां अमरकंटक तिराहा राजेंद्र ग्राम में घटना भी हो चुकी है लेकिन अभी भी शासन प्रशासन मौन है और पूरी तरह दुर्घटना ही दुर्घटना दिखाई दे रही है वही देखा जाए तो अमरकंटक तिराहा में बनी यात्री प्रतीक्षालय जहां यात्रियों को बैठने की जगह दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा रखें है और यात्रियों को बैठने के लिए रास्ता ढूंढना पड़ रहा है और असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है रोज इस मार्ग से पंचायत कर्मचारी सरपंच सचिव थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम एसडीओपी पुष्पराजगढ़ एसडीएम पुष्पराजगढ़ जनपद सीईओ पुष्पराजगढ़ व तहसीलदार एवं सभी अधिकारी कर्मचारी इस मार्ग से आवा गमन करते हैं लेकिन किसी को दिखाई नहीं पड़ता है कहा जाए तो वही पशु चिकित्सालय भी स्थित है जहां आने-जाने या घुसने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जहां शासन प्रशासन इन दिनों बाहर से आए हुए हैंडलूम वालों को पशु चिकित्सालय के अंदर मेला लगाने की अनुमति दी जाती है अगर बाहर के व्यापारियों को मेला लगाने की अनुमति दी जाती है न कि ऑटो स्टैंड बनाने की सुविधा नहीं दी जाती है जहा इन दिनों अतिक्रमण देखा जा रहा है और पुलिस प्रशासन के द्वारा ऑटो संचालकों से हफ्ता वसूली कर अपना जेब भरने में लगे रहते हैं नहीं कि उनको सुविधा दिलाने में और उसी मार्ग से लखौरा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व कस्तूरबा गांधी हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थीयो को कतार में आना जाना पड़ता है लेकिन विद्यार्थियों को हो रही है सुविधा किसी अधिकारी या कर्मचारी के नजरों में दिखाई नहीं पड़ रहा है और सड़क के किनारे पचासा में चलने की तो जगह ही नहीं है तो विद्यार्थी रोड में चलने को मजबूर हो रहे हैं जहां घटना का संकेत माना गया है।

पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान को प्रेरणादायी स्थान बताया स्कूल शिक्षा मंत्री ने

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान होगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान : स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र में एकात्म मानववाद के जनक की प्रतिमा का अनावरण विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ किया सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बच्चों को किया प्रेरित भोपाल  ‘एकात्म मानववाद’ के जनक पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भोपाल के बर्राई क्षेत्र को 11 जनवरी को दो सौगातें मिलीं। विधासनभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से बने उद्यान की शुरुआत और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में भी प्रवेश कराया। बच्चों को गुलाब के फूल दिए गए और उन्हें विकसित भारत में योगदान के लिए प्रेरित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर, स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह और विधायक  रामेश्वर शर्मा ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने से परिचित कराया और उनके पद चिन्हों पर चलने के लिए कहा। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आज के दिन इस क्षेत्र के लोगों को खुशियां मिलने वाली हैं। इस पार्क को पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से उद्यान के रूप में जाना जाएगा। उनकी प्रतिमा का आज लोकार्पण हुआ है। यह प्रतिमा आपके लिए आगे आने वाले समय में प्रेरणा का काम करेगी, प्रेरक का काम करेगी। ये पार्क इस क्षेत्र में पर्यावरण की दृष्टि से श्रेष्ठ स्थान होगा, जहां बच्चे-बुजुर्ग-नौजवान, सभी यहां पर सुबह और शाम अपना समय यहां व्यतीत कर सकते हैं। ये उद्यान आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान के रूप में जाना जाएगा। पहले लक्ष्य तय करें, फिर उसे पाने की कोशिश करें स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी देश में और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में सच कर रहे हैं। उस सपने को साकार करने के लिए पीढ़ियां संघर्ष कर रही हैं। हमारे प्रधानमंत्री  मोदी कहते हैं कि पहले लक्ष्य तय करो फिर उसे पाने की कोशिश करो। मैं बच्चों से कहूंगा कि जब तक जीवन में आप लक्ष्य तय नहीं करोगे, तब तक उस तक नहीं पहुंच पाओगे। इसलिए पहले तय करो कि हमको कहां जाना है। पूजे जाते हैं देश को समर्पित लोग विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि हमारे देश में व्यक्ति की पूजा नहीं होती, हमेशा गुणों की पूजा होती है। इन गुणों के साथ जो व्यक्ति अपना जीवन भारत माता को और इस देश के लोगों को समर्पित करता है, वह हमारे देश में पूजा के योग्य हो जाता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की कद-काठी साधारण थी, उन्होंने गरीब परिवार में जन्म लिया। उन्होंने व्यक्तित्व से, सादा जीवन से, विद्वत्ता से कम समय में भारत माता की जो सेवा की और भारत से जुड़ा जो चिंतन इस धरती को दिया, उसके कारण आज भारत ही नहीं सारी दुनिया उनके चरणों में शीश झुकाती है। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि आज यहां सांदीपनि विद्यालय में बच्चों का स्कूल प्रवेश होगा। इस विद्यालय को स्थापित करने की विचारधारा पं. दीनदयाल उपाध्याय का ही चिंतन है, यही सबका साथ और सबका विकास है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश की साख मजबूत हो रही है। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि ये बच्चे साल 2047 के साक्षी बनेंगे। ये बच्चे विकसित भारत के नागरिक होने का गौरव प्राप्त करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो काम किया है, उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। प्रधानमंत्री  मोदी का सपना सच करेंगे विद्यार्थी विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय भारत के चिंतन को जनमानस तक पहुंचाया, उसे अमर कर दिया। पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्राण जनमानस में बसते थे। आज बच्चे सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश कर रहे हैं। इस विद्यालय में उन्हें अच्छी सुविधाएं दी गई हैं। ये बच्चे भारत का भविष्य हैं। ये हमारे लिए गौरव की बात है कि हमें प्रधानमंत्री के रूप में  मोदी जैसी शख्सियत मिली। उनका सपना देश को विश्वगुरू बनाना है। ये बच्चे उनके इस सपने को साकार करने में अहम योगदान देंगे। विधायक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास की अभूतपूर्व गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब-युवा-अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। विधायक शर्मा ने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए झागरिया में स्टेडियम का निर्माण भी होगा।  

डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को याद किया, समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे वे

पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नमो वन में लगाया रुद्राक्ष का पौधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब विश्व में सभी ओर साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं का प्रभाव था, तब पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि प्रदान की। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को निरंतरता प्रदान करने का प्रभावी प्रयास था। पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक, संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक रहे। दीनदयाल जी का विचार था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होती है, जब वो हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। उनके विचारों ने समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी के विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदायल उपाध्याय की प्रतिमा के निकट विकसित नमो वन का अवलोकन कर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, गरीब-किसान-युवा और महिलाओं कल्याण के साथ सभी को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर सक्रिय है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विश्व में देश का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर केश शिल्पियों को उपलब्ध कराई जा रही किट उनके अंत्योदय के विचारों को व्यावहारिक रूप देने का सार्थक प्रयास है।  इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मती मालती राय सहित  रविन्द्र यति जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

भूपेश ने बताया- मोदी और शाह ने BJP में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, मना करने पर दबाव का सामना करना पड़ा

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में कहा कि मुझे भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। जब कमिटमेंट नहीं दिया तो मेरे यहां लगातार छापे पड़ने लगे। भूपेश बघेल ने कहा कि एक-दो बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मिलने के लिए बुलाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। शुरुआत में समझ नहीं आया कि किस मकसद से बुलाया जा रहा है। बाद में एहसास हुआ कि जब-जब वे इन मुलाकातों से लौटते थे, उसके कुछ दिनों के भीतर छापा पड़ जाता था। भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी। 8-10 दिन अंदर फिर से पड़ता था छापा पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे। ज्ञात हो कि कई बड़े मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता कपिल सिब्बल यू ट्यूब में दिल से विद कपिल सिब्बल नाम का एक शो संचालित करते हैं. अपने इस शो में उन्होंने देश की कई नामचीन हस्तियों से बातचीत की है. अभी चंद दिनों पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अपने शो में आमंत्रित किया था. इस शो में जब कपिल सिब्बल ने बघेल से पूछा कि क्या मोदी और शाह ने कभी भाजपा में शामिल होने के लिए कोई दबाव डाला था तो जवाब में बघेल ने कहा कि एक-दो बार मुझे गृहमंत्री अमित शाह ने बुलाया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आमंत्रित किया था. जब दोनों नेताओं ने मुझे बुलाया तो मैं यह समझ नहीं पाया कि मुझे किसलिए बुलाया गया है, लेकिन उनका इशारा बाद में समझ में आया. जब मैं उनसे मिलकर आता था तो उसके बाद और ज्यादा छापा पड़ता था…फिर वे पूछते थे कि आपको कैसे मदद करें. उनकी लाइन यहीं होती थी कि आपके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं ? कौन-कौन से अधिकारी आपके विश्वसनीय है. बघेल ने कपिल सिब्बल को बताया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात के बाद उन्हें इस बात का सुखद आश्चर्य भी होता था कि विपक्ष में होने के बावजूद दोनों नेता उनकी मदद के लिए तत्पर है. इंटरव्यूह में बघेल यह कहते हुए भी दिखाई देते है कि- जब-जब मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलता था तो यह जरूर कहता था कि मैं विपक्ष में हूं और विपक्ष का धर्म है कि आपकी आलोचना करुं…बावजूद इसके आप सहयोग करना चाहते हैं. बस…इतना कहकर जाता था और आठवें दिन फिर से  छापा पड़ जाता था. एक बार मैंने प्रधानमंत्री को फोन पर कहा कि आपने तो मदद करने को कहा था, लेकिन इधर तो रेड डलवा दी आपने. प्रधानमंत्री का जवाब था-मैं अधिकारियों से बात करता हूं. बघेल के इस बयान के बाद राजनीति के गलियारों में हलचल मची हुई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि देश के कई अन्य नेताओं की तरह बघेल भी भाजपा की वाशिंग मशीन में प्रवेश लेते तो उन पर और उनके पुत्र चैतन्य बघेल पर जबरिया लादे गए प्रकरणों से उन्हें निजात तो मिल जाती, लेकिन उनकी इमेज संकट के समय भी कांग्रेस का साथ न छोड़ने वाले एक प्रतिबद्ध कांग्रेसी नेता के तौर पर बनी हुई है तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा नुकसान झेलना भी पड़ता. भाजपा में आने का इशारा था- भूपेश भूपेश बघेल ने कहा कि शुरुआत में समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां छापे पड़ते थे। भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी। 8-10 दिन के अंदर फिर से पड़ता था छापा पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे। भाजपा में आने का इशारा था- भूपेश भूपेश बघेल ने कहा कि शुरुआत में समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां छापे पड़ते थे। 18 जुलाई 2025 को ED ने किया था चैतन्य को गिरफ्तार दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था, हालांकि अब उन्हें जमानत मिल गई है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया। साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई। हालांकि, शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य को 2 जनवरी हाईकोर्ट से जमानत … Read more

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का रास्ता साफ

जयपुर राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।  

बस से उतरते वक्त हुआ जानलेवा हादसा, प्रधान आरक्षक की मौके पर मौत

दुर्ग जिले के महिला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की मौत की खबर सामने आई है. यह घटना दुर्ग बस स्टैंड में हुई. 15 दिन की छुट्टी से वापस लौटे प्रधान आरक्षक बस से उतरते समय फिसल कर नीचे गिर गए. जिससे उन्हें चोंट आई. उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के महिला थाना भिलाई में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह (आरक्षक क्रमांक 33) मूलतः मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के निवासी थे. वह 15 दिनों की छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव गए हुए थे. छुट्टी समाप्त होने के बाद वह अपनी बेटी के साथ बस से दुर्ग वापस लौटे. यहां दुर्ग लौटकर उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करना था. दुर्ग बस स्टैंड में बस पहुंचने के बाद वह बस से उतर रहे थे. इस दौरान उनका पैर फिसल गया और अचानक वे असंतुलित होकर जमीन पर गिर पड़े. जमीन पर गिरने से उनकी आंख के नीचे गंभीर चोटें आई. साथ में मौजूद उनकी बेटी और अन्य लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया. जहां परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. गिरने से लगी गंभीर चोट के बाद मौत डॉक्टरों ने मौत की प्रारंभिक वजह बस से उतरने के दौरान गिरने से लगी चोट बताई है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है.

कर्मचारियों को मिलेगा ₹9 लाख तक एरियर, 8वें वेतन आयोग का लाभकारी फॉर्मूला

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशें आने में एक साल से भी ज्यादा लगेंगे लेकिन लोग अपनी सैलरी का कैल्कुलेशन अभी से करने लगे हैं। दरअसल, वेतन आयोग की सिफारिशें फिटमेंट फॉर्मूले के तहत लागू होने की उम्मीद है। वहीं, सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू होंगी तो ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि उन्हें एरियर भी मिलेगा। एरियर की अवधि 18 से 24 महीनों तक की हो सकती है। अब सवाल है कि आखिर कितना तक एरियर मिल सकता है। आइए फिटमेंट फॉर्मूले के अलग-अलग आंकड़ों के हिसाब से समझ लेते हैं। लाखों रुपये का एरियर लेवल 1 से लेवल 5 तक के कर्मचारियों के लिए यह एरियर लाखों रुपये में मिल सकता है। अगर 1 जनवरी 2026 को प्रभावी तिथि मानते हुए 20 महीनों का एरियर लिया जाए और फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 या 2.57 के आधार पर गणना की जाए, तो लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिलने की संभावना बनती है। 9 लाख रुपये से ज्यादा एरियर मान लीजिए कि सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल 1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। वहीं,लेवल 5 कर्मचारियों की सैलरी 29,200 रुपये है। अब आठवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का 20 महीने का एरियर 3.60 लाख रुपये से 9.17 लाख रुपये तक बन जाता है। यह कैल्कुलेशन फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 के आधार पर किया गया है। बता दें कि एरियर की गणना का तरीका सीधा होता है। इसमें 7वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा बेसिक पे पर स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर लागू कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इसके बाद पुरानी और नई सैलरी के बीच का मासिक अंतर निकाला जाता है और उसे देरी के महीनों की संख्या से गुणा किया जाता है। आमतौर पर एरियर में बेसिक पे का अंतर और संशोधित वेतन के अनुसार महंगाई भत्ते (DA) का अंतर शामिल होता है। मांगे गए हैं सुझाव हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने MyGov पोर्टल पर एक संरचित प्रश्नावली के जरिए मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं। मतलब ये कि आप वेतन आयोग को किसी भी तरह के सुझाव दे सकते हैं। अगर सुझाव सही होंगे तो उस पर अमल भी किया जा सकता है। बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी, जबकि वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर को इसकी अधिसूचना जारी की।

जनगणना 2027: MP में अप्रैल से पहला चरण, आधुनिक तकनीक से होगी पूरी आबादी की गिनती

इंदौर  देश में 2011 के बाद से पूरे 15 साल बाद एक बार फिर जनगणना हो रही है. मध्य प्रदेश में 16वीं जनगणना के लिए फिलहाल दो चरणों में कार्य प्रारंभ होगा, जो 2 साल तक चलेगा. देश में रहने वाले नागरिकों की संख्या और जनसंख्या के अनुपात में विकास योजनाओं तथा अन्य सांख्यिकी महत्व के लिए जनगणना की जा रही है. इधर, इंदौर में जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जो अगले साल फरवरी तक चलेगा. 15 साल बाद शुरू होने जा रही जनगणना इसी प्रकार फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसके तहत देशभर में जनगणना पूरी की जाएगी. लंबे समय बाद हो रही जनगणना उन युवाओं के लिए भी कुतूहल का विषय है, जिन्होंने कभी भी जनगणना जैसी प्रक्रिया में भागीदारी नहीं की है. हालांकि, इस बार जनगणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की लगभग पूरी जानकारी सांख्यिकी आंकड़ों में दर्ज की जाएगी. घर-घर जाकर पूछे जाएंगे ये सवाल सांख्यिकी विभाग के मुताबिक इस बार की जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें नागरिक का मकान और भूमि स्वामी की स्थिति, पक्का अथवा कच्चा मकान, पीने के पानी का उपलब्ध साधन, खाना पकाने का ईंधन और इंटरनेट के अलावा फोन, टीवी, वाहन आदि जानकारी भी ली जाएगी. इसके अलावा आहार एवं जीवन शैली से जुड़े अन्य सवाल और परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर भी पूछा जाएगा जो पहली बार रिकॉर्ड में दर्ज होंगे. मोबाइल ऐप से दर्ज होगी जानकारी जनगणना को लेकर इंदौर में तैयारी शुरू हो गई है. इसे लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, “जनगणना में गुणवत्ता और उच्च स्तर से प्राप्त नियमों और निर्देशों का विशेष ध्यान रखा जाएगा.” उन्होंने बताया, “जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा. इस चरण में 1 से 30 मई 2026 तक घर-घर जाकर मकानों को सूचीबद्ध कर गणना की जाएगी. इसके पूर्व 15 दिन की समयावधि में ऐप के माध्यम से स्व गणना का विकल्प भी मौजूद रहेगा.” प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है. इस दूसरे चरण में डिजिटल माध्यम से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी. इसके लिए इंदौर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी. इन्हें विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की जा रही है.” 

कांग्रेस नेताओं पर भारी मामला: 500 करोड़ का मानहानि केस, CM हिमंता ने सवाल उठाए—सबूत दिखाइए

रायपुर   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर 500 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. सीएम सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने का आरोप लगाया है. यह मुकदमा गुवाहाटी की अदालत में दाखिल किया गया. इस बात से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है. उसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी को पता चला कि राज्य भर में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की ओर से लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है. इसके अलावा, AI जनित वीडियो को लेकर भी तनाव बढ़ा है, जिसमें कथित तौर पर सीएम सरमा के खिलाफ गलत सामग्री प्रसारित की गई. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए सरमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोप में घेरा गया. 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। सरमा ने कांग्रेस नेताओं दावों को पूरी तरह से “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक” करार दिया है। सीएम ने एक्स पर किया पोस्ट सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “आरोप लगाकर भागने वाली राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. गांधी परिवार की इस साजिश को अदालत में देखूंगा.” उन्होंने 9 फरवरी को सिविल और क्रिमिनल मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की थी, जो अब अमल में आ गई. भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. गांधी परिवार पर भी हमला मुकदमे के पहले सीएम कह चुके थे कि वह कांग्रेस नेताओं के आरोपों को लेकर लीगल एक्शन लेंगे. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस लीडरशिप पर मिलकर बदनामी करने और पॉलिटिकल ड्रामा करने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि यह हमला गांधी परिवार के कहने पर किया गया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पर्सनल बुराई के बजाय मुद्दों और गवर्नेंस पर फोकस करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक” करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है।

त्योहार पर रेल सुविधा बढ़ी: छत्तीसगढ़–बिहार के बीच दुर्ग–मधुबनी होली स्पेशल ट्रेन का संचालन

रायपुर मार्च महीने में होली के महापर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने दुर्ग से बिहार के मधुबनी के बीच ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टेशनों जैसे रायपुर, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ से होते हुए झारखंड और बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचेगी। होली के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे विशेष पहल बता दें कि अक्सर होली के दौरान नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को सुलझाने और यात्रियों को सुगम सफर प्रदान करने के लिए रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 08753/08754 का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन की समय-सारणी और रूट 1. दुर्ग-मधुबनी होली स्पेशल (08753): यह ट्रेन 1 मार्च 2026 को दुर्ग से रवाना होगी।     प्रस्थान: दुर्ग से रात 00:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: रायपुर (01:20), बिलासपुर (03:30), रायगढ़ (05:28), झारसुगुड़ा (07:15), हटिया (12:10), रांची (12:30), धनबाद (17:00), जसीडीह (20:25), बरौनी (00:40) और दरभंगा (03:15)।     आगमन: मधुबनी स्टेशन पर 2 मार्च को सुबह 04:45 बजे। 2. मधुबनी-दुर्ग होली स्पेशल (08754): वापसी में यह ट्रेन 2 मार्च 2026 को मधुबनी से प्रस्थान करेगी।     प्रस्थान: मधुबनी से सुबह 06:15 बजे।     वापसी का मार्ग: समस्तीपुर (08:40), क्यूल (12:00), चितरंजन (16:05), बोकारो स्टील सिटी (21:35), राउरकेला (03:18) और बिलासपुर (09:50)।     आगमन: रायपुर (11:40) और दुर्ग दोपहर 12:45 बजे (3 मार्च)। कोच संरचना यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं, जिसका विवरण निम्नानुसार है:     एसी थ्री टायर: 02 कोच     स्लीपर क्लास: 09 कोच     जनरल (सामान्य): 05 कोच     एसटीआरडी (गार्ड एवं दिव्यांग): 02 कोच     यात्रियों के लिए सलाह: रेलवे ने अपील की है कि यात्री अपनी टिकट रेलवे काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट www.indianrail.gov.in के माध्यम से समय रहते बुक करा लें ताकि अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचा जा सके।

थाईलैंड में दिल दहला देने वाली घटना: डे-केयर सेंटर में फायरिंग, 34 मरे

बैंकाक थाईलैंड से दहशतगर्दी की बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. यहां दो अलग-अलग घटनाओं में 34 लोगों की हत्या कर दी गई है, जिसमें 22 बच्चे शामिल हैं. इन घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सामने आया है कि एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने डे-केयर सेंटर में घुसकर 34 लोगों की हत्या कर दी. इसके अलावा साउथ थाईलैंड के हाट याई में मौजूद एक स्कूल में 18 साल के युवक ने फायरिंग कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और एक महिला कर्मचारी को बंधक बना लिया. इसे थाईलैंड के इतिहास की सबसे भयावह घटना के तौर पर देखा जा रहा है. एक पूर्व पुलिस अफसर ने एक डे-केयर सेंटर में अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस हमले में कम से कम 22 बच्चों और 12 वयस्कों की मौत हो गई. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह देश के इतिहास की सबसे घातक मास शूटिंग है. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक पसर गया और लोगों में गुस्सा भी है.  पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

NH-30 पर तेज रफ्तार का तांडव, सड़क हादसे में DRG जवान शहीद

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से सटे आसना क्षेत्र में मंगलवार की रात दर्दनाक सड़क हादसे ने सुरक्षा बल के एक जांबाज को छीन लिया. नेशनल हाइवे 30 पर अज्ञात वाहन ने जगदलपुर की ओर जा रहे डीआरजी जवान भरत भारती की बाइक को जोरदार टक्कर से मारी. हादसा इतना भीषण था कि जवान की मौके पर ही मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना इलाके की है. लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पंहुची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस हादसे के कारणों और चालक की तलाश में जुट गई है. अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. 2022 में बस्तर फाइटर में हुथा था चयन बताया गया कि वर्ष 2022 में भरत भारती का चयन बस्तर फाइटर में हुआ था, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग डीआरजी दस्ते में की गई थी. हादसे के बाद पुलिस महकमे और जवान के साथियों में शोक की लहर है. पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की पड़ताल तेज कर दी है.

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