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कांग्रेस ने हवाई यात्रा का किया इंतजाम, कहा- पीएम मोदी, बस उड़ान भरिए, लोग आपका इंतजार कर रहे

  नई दिल्ली असम के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने की अपील की है.  X पर एक पोस्ट में, खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “चुनाव वाले राज्य हमेशा आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होते हैं, लेकिन मणिपुर को “छोड़ा नहीं जाना चाहिए. राज्य 2023 से जल रहा है, और अब फिर से जल रहा है.” खेड़ा ने दोनों राज्यों के बीच कम दूरी की तरफ इशारा करते हुए लिखा, “आप आज असम में हैं. मणिपुर यहां से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है. कृपया वहां भी जाइए. प्रधानमंत्री की उपस्थिति मणिपुर के लोगों को आश्वस्त करने में बहुत मददगार साबित हो सकती है.”  ‘मेरे पास आपका नंबर नहीं था…’: कांग्रेस नेता ने फ्लाइट टिकट की फोटो साझा करते हुए लिखा, “आपकी आसानी के लिए हमने गुवाहाटी से इम्फाल का टिकट बुक कर दिया है, आपको बस विमान में सवार होना है. चूंकि मेरे पास आपका नंबर नहीं था, इसलिए मैं टिकट यहीं साझा कर रहा हूं.” उन्होंने केंद्र के ‘PM CARES’ फंड पर कटाक्ष करते हुए संदेश दिया कि प्रधानमंत्री वहां जाकर दिखाएं कि वह वाकई मणिपुर की परवाह करते हैं. मणिपुर में 2023 से जारी हिंसा और बीच-बीच में भड़कती घटनाओं को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है. वहीं सरकार का कहना है कि शांति बहाली के प्रयास जारी हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इस अनूठे राजनीतिक विरोध ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. जहां कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं आलोचक इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं.

बिना पार्लर जाए पाएं परफेक्ट आइब्रो! ये जेल देगा नेचुरल लुक मिनटों में

सही आई मेकअप के बाद भी आइब्रोज के सही सेटिंग ना होने से लुक अधूरा नजर आता है। ऐसे में आइब्रो जैल कमाल कर सकता है। खासकर जिनके आइब्रोज के बाल छितरे हुए या एकसमान रूप से सेट नहीं होते। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि इस जैल की मदद से कैसे आप अपने आइब्रोज को भी स्टाइल कर सकते हैं। सबसे पहले करें क्लीन भौंहों पर किसी भी प्रकार का प्रोडक्ट लगाने से पहले उसे क्लीन करना जरूरी होता है। उन पर ऑयल या मेकअप नहीं होना चाहिए। इससे जैल ज्यादा अच्छी तरह काम करेगा और लंबे समय तक टिका रहेगा। भौंहों को ऊपर की तरफ ब्रश करें आइब्रो ब्रश की मदद से भौंहों को ऊपर की तरफ ले जाएं। इससे एक फुलर और डिफाइन लुक आएगा। अब आपको आइब्रो जैल लगाने का एक अच्छा आधार मिल चुका है। इससे भौंहें ज्यादा नेचुरल नजर आएंगी। बस थोड़ा ही लें भौंहों को सेट करने के लिए जैल की ज्यादा मात्रा लेने की जरूरत नहीं। इसे लगाने की शुरुआत नाक के पास कॉर्नर से करें। ऊपर की तरफ स्ट्रोक करते हुए जैल लगाना है, इससे भौंहें नेचुरल तरीके से सेट नजर आएंगी। इस तरह शेप दें और सेट करें जैल लगाने के बाद उसे मनचाहा शेप देने के लिए स्पूली की मदद से लगातार ब्रश करते रहें। लेमिनेटेड लुक के लिए आप ऐसे ही अपवर्ड डायरेक्शन मे छोड़ सकते हैं या फिर आप अपने भौंहों के शेप के साथ-साथ उसे सेट कर सकते हैं। यदि किसी हिस्से में आइब्रोज की ग्रोथ कम है तो जैल लगाने से पहले उन हिस्सों में आइब्रो पेंसिल का इस्तेमाल करें। जब तक ड्राई न हो जाए वैसे तो जैल सूखने में ज्यादा वक्त नहीं लगता, लेकिन उसके सूख जाने तक भौंहों को हाथ ना लगाएं। इससे पूरे दिन आपके आइब्रोज सेट रहेंगे और उनका शेप भी नहीं बिगड़ेगा। इस तरह के जैल होते हैं ज्यादा फायदेमंद ऐसा जैल लें, जो आपके आइब्रोज को सेट करने के साथ-साथ उनकी ग्रोथ में भी मदद करे। इन तत्वों से युक्त जैल उन्हें फिनिशिंग भी देते हैं और पोषण भी:     कैस्टर ऑयल: भौंहों की ग्रोथ और थिकनेस को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।     विटामिन ई: भौंहों को पोषण देता है और उनकी कंडिशनिंग करता है।     जोजोबा ऑयल: आइब्रोज के बालों को मजबूती देता और झड़ने से बचाता है।  

Toyota की नई 3-रो इलेक्ट्रिक SUV से हटाया पर्दा, भारतीय बाजार में कब होगी एंट्री?

मुंबई  जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने आखिरकार अपनी पहली फ्लैगशिप तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV से पर्दा उठा दिया है। लंबे समय से इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मौजूद रहने के बावजूद टोयोटा के पास अब तक ऐसी कोई फुल-साइज़ EV नहीं थी, जो सीधे तौर पर फैमिली और प्रीमियम SUV खरीदारों को टारगेट कर सके। इसी खाली जगह को भरने के लिए कंपनी ने नई Toyota Highlander EV को पेश किया है, जिसे 2027 से बिक्री के लिए उतारा जाएगा। इस मॉडल को खास तौर पर Kia EV9 और Hyundai Ioniq 9 जैसी इलेक्ट्रिक SUVs को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है। बदला हुआ डिजाइन, ज्यादा दमदार रोड प्रेजेंस 2027 Toyota Highlander EV को कंपनी की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज पर तैयार किया गया है। इसका फ्रंट लुक काफी बोल्ड रखा गया है, जिसमें हैमरहेड-स्टाइल फेस, फुल-लेंथ LED DRL और अलग से सेट किए गए LED हेडलैंप्स देखने को मिलते हैं। साइड प्रोफाइल में शार्प लाइन्स, उभरे हुए फेंडर्स और लंबा ग्लासहाउस इसे एक स्लीक लेकिन मजबूत सिल्हूट देते हैं। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और स्पॉइलर इसे मॉडर्न EV पहचान देते हैं। आकार के लिहाज से नई Highlander EV पहले से बड़ी हो गई है। इसकी चौड़ाई और व्हीलबेस में बढ़ोतरी की गई है, जिससे केबिन में तीनों रो के लिए ज्यादा स्पेस मिलता है और थर्ड रो में बैठना पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक हो गया है। टेक-फॉरवर्ड और प्रीमियम इंटीरियर Toyota Highlander EV का केबिन पूरी तरह मॉडर्न अप्रोच के साथ डिजाइन किया गया है। डैशबोर्ड पर बड़ा 14-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो वायरलेस कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है। ड्राइवर के सामने 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है, जिसमें फुल-स्क्रीन नेविगेशन की सुविधा दी गई है। इसके अलावा हेड-अप डिस्प्ले, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा पैनोरमिक ग्लासरूफ इसे और प्रीमियम बनाते हैं। फ्रंट सीट्स हीटेड हैं, दूसरी रो में कैप्टन सीट्स दी गई हैं और तीनों रो में चार्जिंग पोर्ट्स की सुविधा मौजूद है, जिससे लंबी यात्राएं ज्यादा सुविधाजनक बनती हैं। पावरट्रेन और रेंज के विकल्प नई Toyota Highlander EV को XLE और Limited वेरिएंट्स में उतारा जाएगा। इसमें फ्रंट-व्हील ड्राइव और ऑल-व्हील ड्राइव, दोनों ऑप्शन मिलते हैं। बेस वेरिएंट में 77 kWh की बैटरी दी गई है, जो सिंगल मोटर सेटअप के साथ एक चार्ज में करीब 462 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है। ऑल-व्हील ड्राइव वर्जन में डुअल मोटर सेटअप मिलता है, जिससे पावर और टॉर्क में बढ़ोतरी होती है, हालांकि रेंज थोड़ी कम हो जाती है। वहीं बड़े 95.8 kWh बैटरी पैक के साथ यह SUV एक चार्ज में 515 किलोमीटर तक चल सकती है, जो इसे लंबी दूरी की फैमिली EV के तौर पर मजबूत बनाता है। भारत में लॉन्च की क्या है संभावना? Toyota Highlander EV को पहले अमेरिकी बाजार में लॉन्च किया जाएगा और इसकी बिक्री 2027 की शुरुआत से शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी ने भारत में इसके लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, अगर इसे भारतीय बाजार में लाया जाता है, तो संभावना है कि यह CBU रूट के जरिए पेश की जाए। भारत में इस समय प्रीमियम तीन-रो इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में Kia EV9 अकेली मजबूत दावेदार है, जबकि लग्ज़री सेगमेंट में Mercedes-Benz EQS और Mercedes-Benz EQB मौजूद हैं। ऐसे में अगर Toyota Highlander EV भारत आती है, तो यह सीधे तौर पर Kia EV9 को कड़ी टक्कर दे सकती है।

दिल की बीमारियों से बचाव का आसान तरीका: गेहूं नहीं, इस अनाज की रोटी खाएं

चाहे घर में दाल बनी हो या कोई मसालेदार सब्जी, गेहूं की रोटी के बिना हमारी थाली अधूरी होती है। यह हमारे भोजन का अहम हिस्सा है, पर अब समय बदल रहा है। आजकल बदलती लाइफस्टाइल और फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग अपनी डाइट में बदलाव कर रहे हैं। इसलिए, अब क्विनोआ रोटी लोगों की थाली में जगह बना रही है। क्विनोआ कैलोरी, प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और अन्य जरूरी विटामिन से भरपूर होती है। यही वजह है कि इसे आज सुपरफूड कहा जाता है। बता दें कि अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में क्विनोआ रोटी की मांग बढ़ी है, लेकिन सच यह है कि दक्षिण अमेरिका में इसे हजारों सालों से उगाया और खाया जाता रहा है। चलिए जानते हैं इसे डाइट में शामिल करने के कुछ फायदों के बारे में। दिल की सेहत के लिए अच्छा दिल के मरीजों के लिए क्विनोआ रोटी को डाइट में शामिल करना काफी फायदेमंद माना गया है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि क्विनोआ खाने से मेटाबॉलिज्म बेहतर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मददगार है। डायबिटीज के लिए फायदेमंद क्विनोआ की रोटी खाना डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होती है। अगर आप रोजाना इसे डाइट में शामिल करते हैं, तो यह ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करती है।   वजन घटाने में मददगार वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए क्विनोआ की रोटी किसी वरदान से कम नहीं है। एक स्टडी में पाया गया है कि क्विनोआ मोटापे को भी कम करने का एक बेहतरीन सुपरफूड है। अगर आप भी बढ़ते वजन को लेकर परेशान हैं, तो क्विनोआ की रोटी को डाइट में जरूर शामिल करें। ग्लूटेन-फ्री रोटी का बेस्ट ऑप्शन जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है या सीलिएक डिजीज है, तो उनके लिए गेंहू की रोटी की जगह क्विनोआ की रोटी एक सुरक्षित और पौष्टिक ऑप्शन माना जाता है। क्विनोआ को खरीदने से पहले मिलावट या गंदगी की जांच के लिए पैकेट पर लगे लेबल को ध्यान से जरूर पढ़ें। पाचन को बनाए हेल्दी क्विनोआ में कई अनाजों से ज्यादा फाइबर होता है, जो पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या कम करता है। साथ ही, क्विनोआ की रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने शनिवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल  पटेल के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल  पटेल का प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. मिश्रा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल  पटेल ने डॉ. मिश्रा को अंग वस्त्रम् और साँची स्तूप की प्रतिकृति स्मृति स्वरूप भेंट की।  

अगले 7 दिन बड़े बदलाव के संकेत नहीं, वैलेंटाइन डे पर मौसम रहेगा साफ!

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम स्थिर बना हुआ है. वेलेंटाइन डे पर अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह मौसम राहत भरा रहने वाला है. राजधानी में दिन के वक्त हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, हालांकि सुबह धुंध भी छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले 7 दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं जताई है. पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इस दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई. अगले दो दिन मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली प्रभावी नहीं है. इसके कारण पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है. फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में शनिवार को मौसम शुष्क रहने वाला है. सुबह के वक्त धुंध छाए रहने के आसार हैं. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

23 लाख लोगों पर हुई स्टडी: डायबिटीज के साथ हार्ट फेलियर का खतरा क्यों बढ़ाता है कम फिजिकल एक्टिविटी

क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में हार्ट फेलियर और दिल की अन्य बीमारियों का एक बहुत बड़ा कारण केवल ‘शारीरिक निष्क्रियता’ है? हाल ही में हुए एक शोध ने इस बात की पुष्टि की है कि अगर डायबिटीज के मरीज फिजिकली एक्टिव नहीं रहते हैं, तो उनके लिए जानलेवा जोखिम काफी बढ़ जाते हैं। भारत के लिए चिंताजनक आंकड़े ‘जर्नल ऑफ स्पोर्ट एंड हेल्थ साइंस’ में प्रकाशित एक नए शोध के अनुसार, भारत में डायबिटीज के मरीजों में हार्ट फेलियर के 13 प्रतिशत से भी ज्यादा मामलों के पीछे मुख्य वजह शारीरिक गतिविधि की कमी है। यह शोध बताता है कि भारत में डायबिटीज पीड़ितों में: कोरोनरी हृदय रोग के 9.6 प्रतिशत मामले, और हृदय संबंधी अन्य जटिलताओं के 9.4 प्रतिशत मामले केवल इसलिए होते हैं क्योंकि मरीज पर्याप्त शारीरिक व्यायाम या गतिविधि नहीं करते। विशेषज्ञों की क्या है राय? ब्राजील के रियो ग्रांडे डो सुल संघीय विश्वविद्यालय की शोधकर्ता जेन फेटर ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि डायबिटीज होने के बाद अन्य जटिल बीमारियां होना तय है, लेकिन यह सच नहीं है। जेन फेटर के अनुसार, “हमारे निष्कर्ष इस पुरानी धारणा को चुनौती देते हैं। यह साफ है कि अगर डायबिटीज के मरीज अपनी शारीरिक गतिविधि को उचित तरीके से बढ़ा लें, तो इन गंभीर बीमारियों के एक बड़े हिस्से को रोका जा सकता है।” 23 लाख लोगों पर हुआ शोध शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए दक्षिण एशिया सहित दुनिया भर के अलग-अलग क्षेत्रों से 23 लाख से अधिक वयस्क डायबिटीज मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि वैश्विक स्तर पर भी बड़ी रक्त वाहिकाओं की समस्याओं और आंखों की बीमारी के दस में से एक मामले का कारण निष्क्रियता ही है। बीमारियों का खतरा कितना ज्यादा? विश्लेषण में यह बात सामने आई कि शारीरिक निष्क्रियता के कारण डायबिटीज मरीजों में कई गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है:     स्ट्रोक: 10 प्रतिशत से अधिक मामले     डायबिटिक रेटिनोपैथी : 9.7 प्रतिशत     हार्ट फेलियर: 7.3 प्रतिशत     कोरोनरी हार्ट डिजीज: लगभग 5 से 7 प्रतिशत क्या है बचाव का रास्ता? इस खतरे को कम करने का उपाय बहुत ही सरल है- व्यायाम। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह है कि हर व्यक्ति को प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए। थोड़ी-सी सक्रियता डायबिटीज के मरीजों को हार्ट फेलियर और स्ट्रोक जैसे बड़े खतरों से बचा सकती है।  

प्रेम बाईसा केस अपडेट: मौत अस्थमा अटैक से, जहर की संभावना खारिज

जोधपुर. कथावाचक प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है. इन रिपोर्ट्स में प्रेम बाईसा की मौत का संभावित कारण अस्थमा अटैक बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार सांस रुकना उनकी मौत की मुख्य वजह मानी जा रही है. एफएसएल जांच में जहर या किसी भी प्रकार के विषाक्त पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे जहरीला पदार्थ देने की आशंका लगभग खत्म मानी जा रही है. गौरतलब है कि 28 जनवरी को प्रेम बाईसा की आश्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. 29 जनवरी को उनके पिता ने मर्ग दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की थी. इसके बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया, जो महात्मा गांधी अस्पताल में किया गया. पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई. एफआईआर में मौत को संदिग्ध बताते हुए गहन जांच की मांग की गई थी. इसके बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने का निर्णय लिया. महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया संपन्न हुई थी, ताकि मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह का संदेह न रहे. मामले में इंजेक्शन रिएक्शन के एंगल से भी जांच की गई थी. इसी क्रम में एमडीएम अस्पताल के कम्पाउंडर देवी सिंह से एक बार फिर पूछताछ की गई. उन्हें करीब चार घंटे तक एसीपी कार्यालय में बैठाकर सवाल-जवाब किए गए. पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही या गलत दवा का इस्तेमाल तो नहीं हुआ. फिलहाल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. रिपोर्ट में जहर या नशीले पदार्थ के अंश नहीं मिले सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में अस्थमा अटैक के चलते अचानक सांस रुकने को मौत का संभावित कारण बताया गया है. साथ ही, एफएसएल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार के जहर या नशीले पदार्थ के अंश नहीं मिलने की पुष्टि हुई है. इससे पहले मामले में इंजेक्शन रिएक्शन के एंगल से भी गहन जांच की गई थी. पुलिस ने इस बिंदु पर भी पड़ताल करते हुए संबंधित मेडिकल स्टाफ और अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की थी. एमडीएम अस्पताल के कंपाउंडर से पूछताछ लगातार जारी इसी क्रम में एमडीएम अस्पताल के कंपाउंडर देवी सिंह से भी लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, देवी सिंह से एक बार फिर करीब चार घंटे तक एसीपी कार्यालय में पूछताछ की गई. इस दौरान इंजेक्शन देने की प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई दवाओं और उस समय मौजूद अन्य स्टाफ के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई. पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कहीं किसी प्रकार की लापरवाही या गलत दवा देने की स्थिति तो नहीं बनी थी. आपराधिक साजिश के नहीं मिले हैं ठोस सबूत पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में किसी आपराधिक साजिश या जहरीले पदार्थ के प्रयोग के ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं. हालांकि, पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है, ताकि सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके. मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रेम बाईसा को पहले से अस्थमा की समस्या थी या नहीं और क्या उन्हें नियमित रूप से कोई दवा दी जा रही थी. प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत से उनके अनुयायियों और स्थानीय लोगों में शोक और असमंजस का माहौल है. आश्रम से जुड़े लोग और परिजन अब भी पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

मोबाइल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: मोटोरोला का धांसू 5G फोन कम दाम में उपलब्ध

मुंबई  मोटोरोला के फोन पर कमाल की डील मिल रही है। हम कंपनी के इस धांसू फोन की बात कर रहे हैं, उसका नाम Motorola G35 5G है। अमेजन की डील में आप 24जीबी तक की रैम (रैम बूस्ट फीचर के साथ) वाले इस फोन को 12500 रुपये से कम में खरीद सकते हैं। 8जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन की कीमत अमेजन इंडिया पर 13225 रुपये है। फोन पर 1 हजार रुपये तक का बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस डिस्काउंट के साथ यह फोन 12500 रुपये से कम में आपका हो सकता है। फोन पर 661 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। आप इस डिवाइस को एक्सचेंज बोनस के साथ भी खरीद सकते हैं। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा। फोन में कंपनी 50MP का कैमरा, 5000mAh की बैटरी और डॉल्बी साउंड जैसे धांसू फीचर दिए गए है। मोटोरोला G35 5G के फीचर और स्पेसिफिकेशन मोटोरोला के इस फोन में 2400 x 1080 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.72 इंच का फुल एचडी+ LCD पैनल दिया गया है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 1000 निट्स का है। डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए फोन में गोरिल्ला ग्लास 3 दिया गया है। फोन 4जीबी LPDDR4x रैम और 128जीबी के UFS 2.2 स्टोरेज से लैस है। फोन रैम बूस्ट फीचर के साथ आता है। इससे इसकी रैम 24जीबी तक की हो जाती है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में कंपनी Unisoc T760 दे रही है। फोटोग्राफी के लिए फोन में एलईडी फ्लैश के साथ दो कैमरे दिए गए हैं। इनमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल कैमरा शामिल है। मोटोरोला के इस फोन में सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में दी गई बैटरी 5000mAh की है, जो 18 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है। ओएस की बात करें, तो फोन ऐंड्रॉयड 15 पर काम करता है। फोन के ओएस को कंपनी दो साल तक सिक्योरिटी पैच ऑफर कर रही है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए आपको इस फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर देखने को मिलेगा। दमदार साउंड के लिए फोन में कंपनी डॉल्बी ऐटमॉस ऑफर कर रही है। यह फोन IP52 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है।

सूर्य ग्रहण और अर्घ्य का रहस्य: शास्त्र क्या कहते हैं, क्या करना है सही?

भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण का गहरा अध्यात्मिक महत्व माना जाता है. ग्रहण के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है. ग्रहण के दौरान सूतक काल, खान-पान के नियम और शुद्धिकरण का विशेष ध्यान रखा जाता है. आमतौर पर रोजाना लोग सूर्य देव की कृपा पाने के लिए उनको अर्घ्य यानी जल दिया करते हैं. मान्यताओं के अनुसार, रोजाना सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन की नकारात्मकता दूर हो जाती है, लेकिन सूर्य ग्रहण के समय लोगों के मन में ये सवाल हमेशा उठता है कि इस दौरान सूर्य देव को अर्घ्य दिया जा सकता है या नहीं. ऐसे में आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को अर्घ्य देना सही है गलत. इसको लेकर शास्त्र क्या कहते हैं? सूर्य ग्रहण में सूर्य को जल देना वर्जित वैदिक काल से ही भगवान सूर्य को सुबह के समय जल चढ़ाना दिनचर्या का एक भाग रहा है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि तांबे के लोटे में सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. सेहत अच्छी रहती है और कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, लेकिन ग्रहण काल में हालात पूरी तरह बदल जाते हैं. धार्मिक सिद्धांतों और ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य देना वर्जित है. मान्यता है कि ग्रहण के समय राहु-केतु का प्रभाव बढ़ता जाता है, जिससे सूर्य की सकारात्मक उर्जा बाधित होती है. ऐसे समय में जल चढ़ाने से शुभ फलों के स्थान पर प्रतिकूल प्रभाव जीवन पर पड़ सकते हैं. अर्घ्य सूर्य को देखकर दिया जाता है, लेकिन धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टियों से ग्रहण के समय सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक और अशुभ माना गया है. ग्रहण के समय से पहले सूतक काल में पूजा-पाठ करना मना होता है. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब? सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन लगता है. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुन माह की अमावस्या के दिन 17 फरवरी को लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहते हैं. 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर लगेगा. इसका समापन 07 बजकर 57 मिनट पर होगा. ये ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. ऐसे में इसका सूतक भी नहीं माना जाएगा.

नकल माफिया पर STF का शिकंजा: SSC MTS परीक्षा घोटाले में दो गिरफ्तार

मेरठ आज के समय में सरकारी नौकरी ज्यादातर युवाओं का सपना होता है. इसके लिए वह बहुत तैयारी भी करते हैं लेकिन कई बार कुछ लोगों के कारण परीक्षाएं रद्द कर दी जाती है. उत्तर प्रदेश के मेरठ और उत्तराखंड STF ने SSC MTS भर्ती में नकल कर रहे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. इस गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी की गई है. ये उत्तर प्रदेश की मेरठ STF और उत्तराखंड STF ने साझा कार्रवाई के तहत एक्शन लिया है. दोनों आरोपी देहरादून और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं.  हुई आरोपियों की पहचान  गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार के रूप में हुई है जो, देवरिया का रहने वाला है. वहीं, दूसरे आरोपी की पहचान भास्कर नैथानी के रूप में हुई है जो, देहरादून का रहने वाला है. जानकारी की माने तो दोनों आरोपी परीक्षा केंद्र में “मास्टर कंप्यूटर” लगाकर सिस्टम से छेड़छाड़ कर लोकल नेटवर्किंग के जरिए प्रॉक्सी सर्वर सेटअप कर रिमोट एक्सेस से पेपर सॉल्व कर रहे थे.  ऐसा किया आरोपियों को गिरफ्तार  एसटीएफ के मुताबिक, 4 फरवरी से कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की एमटीएस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. इस परीक्षा में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर तकनीकी तरीके से नकल कराए जाने की सूचना मिलने के बाद STF ने ये कार्रवाई की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.  आरोपियों के पास से मिले ये सामना  वहीं, STF की टीम ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक इंटरनेट राउटर बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये उपकरण परीक्षा के दौरान बाहरी मदद उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे. फिलहाल इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद अन्य लोगों की होने की जानकारी मिली है. हालांकि, जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकें. 

महाशिवरात्रि 2026: 300 वर्षों बाद शुभ-राजयोग का संयोग, जानें संपूर्ण साधना विधि

सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का एक विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं. इस बार महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा. यह एक मात्र पर्व नहीं है बल्कि ये हमें याद दिलाता है कि घोर अंधकार की रात में शिव दर्शन प्रकाश के रूप में प्रकट होता है. ऐसा माना जाता है कि इस रात शिव लिंगम के रूप में समस्त सृष्टि में विराजमान होते हैं. शिव का अर्थ विनाश नहीं है. इसका अर्थ है अहंकार का नाश, अज्ञान का निवारण. मौन में ध्यान, जागृति में ज्ञान, घृणा से मुक्ति. महाशिवरात्रि का शुभ समय 15 से 16 फरवरी तक है. आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों पर एक नजर डालते हैं. यह महाशिवरात्रि खास क्यों है? इस वर्ष शिवरात्रि में दिव्य और ज्योतिषीय शक्तियों का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. ऐसा माना जाता है कि यह शुभ योगों का ऐसा संयोजन है जो लगभग 300 सालों में एक बार ही होता है. ये विशेष राज योग और शुभ योग इस पर्व को और भी अधिक शुभ बनाते हैं. 11 शुभ योगों की विशेषताएं     शिव योग- शिव के लिए सबसे शुभ योग, सुबह 5.45 बजे से पूरे दिन चलता है.     सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 6.43 बजे से 9.37 बजे तक सभी कार्यों में सफलता.     प्रीति योग- प्रेम और मित्रता की शक्ति, सुबह 11.19 बजे से 11.23 बजे तक.     आयुष्मान योग- दीर्घायु, दोपहर 12.17 बजे से रात 1.54 बजे तक.     सौभाग्य योग- शाम 5.07 बजे से शाम 5.53 बजे तक.     शोभना योग- सौंदर्य, विकास, शाम 7.47 बजे से रात 8.34 बजे तक.     सत्य योग- साधना में सफलता, रात 8.54 बजे से रात 10.02 बजे तक.     शुक्ल योग- शुद्ध विचार, रात 10.42 बजे से रात 11.58 बजे तक.     ध्रुव योग- स्थिरता, सुबह 2.57 बजे से अगली सुबह 5.53 बजे तक. महाशिवरात्रि पर पांच दुर्लभ राजयोग     बुद्धादित्य राज योग -बुद्धि, आदर और सम्मान की एक अद्भुत अवस्था.     लक्ष्मी-नारायण योग- आर्थिक शक्ति, धन और सफलता     शुक्रदित्य योग- सुख, कला और सौंदर्य     साशा राज योग कुछ लाभ, स्थिरता     चतुर्ग्राही योग- एक दुर्लभ स्थिति जिसमें सूर्य, बुध, शुक्र और राहु एक साथ आते हैं. इन पांच राज योगों के लाभ आम दिनों में शायद ही देखने को मिलते हैं. ये दुर्लभ योग धन, समृद्धि, विलासिता और व्यापार में भारी लाभ लाते हैं. महाशिवरात्रि पर आराधना का समय अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक. शाम की पूजा का समय: राहु काल के बाद से शाम 7:28 बजे तक. निशीत काल (पूजा का सबसे शुभ समय): दोपहर 12:09 बजे से रात 1:00 बजे तक. राहु काल: 15 फरवरी, शाम 4:47 से 6:11 बजे तक. ज्योतिष के अनुसार, इस समय पूजा-अर्चना शुरू नहीं करनी चाहिए.

इलाके में मचा हड़कंप, जगदलपुर में कार में SDO का मिला शव

जगदलपुर. शहर के इंदिरा स्टेडियम के पास खड़ी एक ब्रेज़ा कार से युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत बोधघाट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी. मृतक की पहचान वृन्दावन कॉलोनी निवासी शोभा राम देहारी के रूप में हुई है. वह छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के नियानार कार्यालय में एसडीओ के पद पर पदस्थ थे. जांच में जुटी पुलिस जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद बोधघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेजा गया. बताया जा रहा है कि युवक बीती रात शराब सेवन की हालत में किसी से फोन पर तेज आवाज में बात कर रहा था. पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण हृदयाघात माना जा रहा है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

कृतज्ञता ज्ञापित करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग: सीएम योगी

नौकरी की गारंटी होगी प्रदेश के वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री: मुख्यमंत्री जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का सीएम योगी ने किया उद्घाटन कृतज्ञता ज्ञापित करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग: सीएम योगी यूपी में विकास के साथ दमघोंटू वातावरण से मुक्ति: सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी) की डिग्री नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी होगी। इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए देश और दुनिया में रोजगार के व्यापक अवसर होंगे। साथ ही यह विश्वविद्यालय अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीएम योगी शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे लिए किसी ने कुछ किया तो उसके प्रति कृतज्ञ होना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। गिद्धराज जटायु की मानव जाति पर बड़ी कृपा रही। माता सीता का हरण कर ले जा रहे रावण का पहला प्रतिकार गिद्धराज जटायु ने किया था। वह सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की सवारी भी हैं। आज केमिकल और पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल के चलते गिद्धराज की संख्या कम होती जा रही, वे मर रहे हैं। ऐसे में गिद्धराज के प्रति कृतज्ञता जताने और उनको संरक्षण देने के लिए कैम्पियरगंज में संरक्षण केंद्र बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। यहां युवाओं को जो डिप्लोमा व डिग्री मिलेगी, वह देश-दुनिया में नौकरी की गारंटी वाली होगी। आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण की है। वायु प्रदूषण से फेफड़े खराब होंगे और धीरे-धीरे पूरा शरीर खराब हो जाएगा। जब प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारी भी नहीं होगी। उन्होंने वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां डॉक्टर दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। यह स्थिति पर्यावरण के साथ खिलवाड़ से बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास भी है और दमघोंटू वातावरण से मुक्ति भी। इसी क्रम में कैम्पियरगंज में बनने जा रहा वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में और कारगर सिद्ध होगा। यह वनाच्छादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि का भी नया प्रयास होगा।  नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और गोरखपुर के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं। अच्छी दिशा में किए गए प्रयास से आज गोरखपुर में खाद कारखाना चालू हो चुका है। गोरखपुर में एम्स सेवाएं दे रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। पिपराइच में चीनी मिल दोबारा चालू हो गई है। धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस का प्लांट लग चुका है। गीडा में उद्योग ही उद्योग नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश में विकास के बहुत बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। विकास की सोच ही वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक होगी।  जंगल कौड़िया के हर गांव से जुड़ाव अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया ब्लॉक के हर गांव से जुड़ाव का जिक्र किया। कहा कि वह यहां एक-एक गांव गए हैं। हर गांव की समस्या जानते हैं, समस्या समाधान के लिए संघर्ष किया है। बाढ़ की स्थिति में पानी में घुसकर लोगों तक पहुंचे हैं। समस्याओं की तस्वीर पहले से सामने थी तो लखनऊ से उन सभी समस्याओं का समाधान भी करा दिया है।  जंगल कौड़िया, कैम्पियरगंज का विकास कल्पनाओं से भी परे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जंगल कौड़िया ब्लॉक व कैम्पियरगंज विधानसभा क्षेत्र में आज विकास की जो स्थिति है, वह लोगों की कल्पनाओं से भी परे है। यहां कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास बन जाने से लोग सीधे लखनऊ पहुंच जाते हैं, वह भी सिर्फ तीन-साढ़े तीन घंटे में। चिउटहा से कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगता है। क्षेत्र की हर प्रमुख सड़क फोरलेन हो गई है। बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। जंगल कौड़िया में पूज्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में डिग्री कॉलेज बन गया है। यहां 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। स्टेडियम बन गया है। कुश्ती के प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा से क्षेत्र के पहलवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। विकास के साथ ही गरीबों के कल्याण के कार्य हुए हैं। आवास, शौचालय, राशन, आयुष्मान भारत, पेंशन का लाभ हर पात्र को उपलब्ध हुआ है। यह सब विकास के प्रति भाव रखने का ही परिणाम है।  पूर्व प्रमुख रामपति यादव को याद किया सीएम ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। कहा कि 1952 से आजीवन गोरक्षपीठ से जुड़े रहे रामपति यादव 1962 में जंगल कौड़िया के प्रमुख बने और तभी इस ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना हुई थी। उन्होंने शालीनता और सहजता के साथ लंबे समय तक लोगों की सेवा की।  वर्तमान प्रमुख के कार्यों की सराहना की मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के वर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव के कार्यों की सराहना की। कहा कि उन्होंने सवा करोड़ रुपये की ब्लॉक निधि और विकसित भारत जीरामजी योजना का बेहतर उपयोग किया है। ब्लॉक भवन में वातानुकूलित सभागार बनवाया है, साथ में सोलर पैनल की भी व्यवस्था की है। विकास के पैसे का ऐसा ही इस्तेमाल हो तो हर ब्लॉक चमकता दिखेगा। सीएम योगी ने भरोहिया ब्लॉक के विकास की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जंगल कौड़िया के लोगों के साथ वह हमेशा खड़े हैं। विकास की हर मांग को वह पूरा करने के लिए तैयार हैं। सीएम योगी ने सभी लोगों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व शुभता का प्रतीक है।  सीएम की प्रेरणा से कैम्पियरगंज में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी : फतेह बहादुर सिंह … Read more

इमाम का विरोध: वंदे मातरम् अनिवार्य होने पर उज्जैन के बच्चों को बाहर निकालने की अपील

 उज्जैन  शहर के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने वंदे मातरम की अनिवार्यता पर (Vande Mataram is compulsory) कहा कि हमारा मुल्क जम्हूरी मुल्क है, लोकतांत्रिक मुल्क है और यहां पर सब धर्मों के लोगों को अपने मजहब पर प्रैक्टिस की पूरी आजादी है। उन्होंने कहा कि हमारा इस्लाम हमें यह सिखाता है कि एक खुदा के अलावा किसी की पूजा नहीं कर सकते। लिहाजा हम न किसी और इंसान को मान सकते हैं, न किसी देवी-देवताओं को मान सकते हैं। उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने इस आदेश को इस्लाम विरोधी बताया है। उन्होंने कहा- यह आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। वंदे मातरम् में कहा गया है कि हिंदुस्तान की भूमि की हम पूजा करते हैं, लेकिन मुसलमान के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं है कि वह अल्लाह के साथ किसी और को शरीक कर अपनी पूजा में शामिल करे। हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, वहां से सभी मुसलमान अपने बच्चों को निकाल लें। हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते कि वह इस्लाम में रहकर किसी और खुदा की इबादत करे। यह फैसला कानून के खिलाफ है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि अपना फैसला वापस ले। इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता उन्होंने कहा कि हम किसी जमीन, चाहे वह हिंदुस्तान की भूमि क्यों न हो या मक्का-मदीना की भूमि क्यों न हो, उसको पूजा में नहीं ला सकते। हमारा मजहब इस्लाम है और वह हमें एकेश्वरवाद, यानी एक खुदा को मानने की तालीम देता है। लिहाजा हम किसी और को खुदा में शामिल नहीं कर सकते। ऐसा करना हमारे लिए सबसे बड़ा गुनाह है, शिर्के अजीम है और गुनाह-ए-कबीरा है। इस्लाम इसी पर आधारित है। मुफ्ती नासिर अली नदवी ने कहा कि इस्लाम में अगर कोई शख्स मुसलमान रहते हुए किसी और को कबूल करता है या पूजा में शामिल करता है तो वह इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता है। हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी भी शैक्षणिक संस्था, धारा या डिपार्टमेंट में गवर्नमेंट कंपलसरी करती है कि वंदेमातरम कहना होगा, यानी धरती की पूजा करनी होगी, तो ऐसी जगहों पर हम अपने बच्चों को अलाउ नहीं करेंगे और न किसी और को अलाउ करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अलग संस्था बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने हुकूमत से अनुरोध किया कि वह अपने इस फैसले को वापस ले। उन्होंने कहा कि यह मजहबी आजादी के खिलाफ है और हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ है। कानून सबके लिए एक लेकिन धर्म कभी नहीं उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक हो सकता है, लेकिन धर्म कभी भी सबके लिए एक नहीं हो सकता। धर्मनिरपेक्षता का मतलब यह है कि किसी पर जबरदस्ती न की जाए कि वह एक से ज्यादा को कबूल करे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान शुरू से रहते आए हैं और यहाँ अलग-अलग समुदायों की अपनी-अपनी मजहबी आजादियां हैं। कानून मुसलमानों को एक खुदा को मानने की मजहबी आजादी देता है, लिहाजा उन्हें यह कंपलसरी नहीं किया जा सकता कि वे धरती को भी पूजा में शामिल करें। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी जता चुके विरोध इससे पहले भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जता चुके हैं। मसूद ने 12 फरवरी को कहा था- भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। हमें संविधान के आर्टिकल 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला हुआ है। वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। विवाद केवल वंदे मातरम् की कुछ लाइनों को लेकर है, जो हमारी मजहबी आजादी पर अंकुश लगाती हैं। जो लोग आज वंदे मातरम् पर बहस कर रहे हैं, वही सबसे ज्यादा संविधान का मजाक उड़ाते हैं। मसूद ने कहा- हमने पहले भी वंदे मातरम् की कुछ लाइनों पर एतराज जताया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस नए कानून की स्टडी कर रहा है। जब तक बोर्ड अपनी राय नहीं बना लेता, तब तक हम कोई निर्णय नहीं लेंगे। कांग्रेस विधायक के इस बयान पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- जो भी राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र का कानून मानना ही होगा। चाहे मदरसा हो या कोई अन्य स्कूल, सभी को वंदे मातरम् का गायन करना होगा। वंदे मातरम् को लेकर मुस्लिम समुदाय की आपत्ति अब तक वंदे मातरम् का केवल पहला हिस्सा ही गाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने पूरे 6 छंदों को अनिवार्य किया है। मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं का तर्क है कि बाद के छंदों में मातृभूमि की वंदना जिस स्वरूप में की गई है, वह उनके मजहबी सिद्धांतों (एकेश्वरवाद) के खिलाफ है।

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