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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में मध्यप्रदेश करेगा एआई-सक्षम शासन और डीप-टेक नवाचारों का प्रदर्शन

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा ‘मध्यप्रदेश पैवेलियन’ स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण और शहरी प्रबंधन में एआई समाधान होंगे प्रस्तुत भोपाल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। समिट में प्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग “मध्यप्रदेश पैवेलियन” स्थापित कर राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रदर्शनी हॉल-4, प्रथम तल, बूथ क्रमांक 4F32 एवं 4F34 में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होगी। मध्यप्रदेश पैवेलियन में एआई-सक्षम शासन मॉडल, डीप-टेक नवाचारों और स्टार्टअप आधारित समाधानों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। यह सहभागिता 15 जनवरी 2026 को भोपाल में आयोजित रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस के बाद हो रही है, जहाँ प्रदेश ने शासन, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी तंत्र और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया था। समिट में प्रदेश के चार प्रमुख शासकीय विभागों द्वारा एआई के व्यावहारिक उपयोग प्रस्तुत किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा टीबी जोखिम पूर्वानुमान के लिए पीएटीओ, एआई आधारित मल्टीमॉडल टीबी स्क्रीनिंग के लिए सीएटीबी, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के लिए संवादात्मक एआई आधारित सुमन सखी और शासकीय अस्पतालों में निदान दक्षता बढ़ाने के लिए एआई-सहायित रेडियोलॉजी निर्णय समर्थन पायलट प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के लिए एआई-चालित जिला प्रदर्शन प्रतिवेदन प्रणाली प्रस्तुत करेगा, जो लाइव एपीआई डेटा को केपीआई बेंचमार्किंग, अपवाद पहचान और ब्लॉक एवं पंचायत स्तर तक एआई-जनित अंतर्दृष्टियों में परिवर्तित कर जमीनी स्तर पर योजना निर्माण और पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाती है। शहरी प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी अर्बन लॉकर, जेनरेटिव एआई आधारित जीआईएस गरुड़ लैब, एआई-सक्षम फ्लीट एवं ईंधन प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण ढांचा प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड होलोग्राफिक डिस्प्ले, महाकाल दर्शन अनुभव, इंटरैक्टिव डिजिटल कियोस्क और वीआर आधारित 360 डिग्री पर्यटन सहभागिता उपकरण प्रस्तुत करेगा, जो पर्यटन प्रोत्साहन के लिए उन्नत डिजिटल इंटरफेस को दर्शाते हैं। पैवेलियन में एमपीएसईडीसी की एआई पहलों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। ये पहलें संप्रभु एआई, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और एआई, डीप-टेक, एवीजीसी-एक्सआर, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक एवं औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन को रेखांकित करती हैं।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य नवाचार केंद्रों से स्टार्टअप्स उत्पादन-तैयार एआई समाधान प्रस्तुत करेंगे। इनमें संप्रभु एआई प्लेटफॉर्म, बहुभाषी डिजिटल अवतार, टेली-फिजियोथेरेपी उपकरण, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एआई एजेंट, औद्योगिक पूर्वानुमान एवं डिजिटल ट्विन, एआई आधारित कृषि समाधान, फसल निदान प्रणाली, रोबोटिक्स और जेनेरेटिव एआई आधारित सृजनात्मक तकनीक शामिल हैं। भारत मंडपम, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश पैवेलियन में सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक स्वचालन, शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों को समाहित करते हुए राज्य के समग्र एआई पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करेगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश एआई आधारित शासन एवं आर्थिक परिवर्तन की दिशा में अग्रसर होते हुए स्वयं को टियर-2 प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है।  

अब AI कंटेंट पोस्ट करना नहीं होगा आसान, केंद्र सरकार करने जा रही है IT कानून में बड़ा बदलाव

 इंदौर इंटरनेट मीडिया पर एआई टूल्स के जरिए फोटो, वीडियो और टेक्स्ट बनाकर पोस्ट करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार 20 फरवरी से नए आईटी नियम लागू करने जा रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ाना और डीपफेक तथा फर्जी सामग्री पर रोक लगाना है। AI कंटेंट की जानकारी देना होगी अनिवार्य नई व्यवस्था के तहत यदि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है या उसमें किसी व्यक्ति की शक्ल, आवाज या घटना को बदला गया है, तो पोस्ट करते समय इसकी स्पष्ट जानकारी देना जरूरी होगा। इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट और दिखाई देने वाला लेबल भी लगाएंगे, ताकि दर्शकों को तुरंत पता चल सके कि सामग्री वास्तविक नहीं है। सामान्य एडिटिंग पर नहीं लागू होगा नियम सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य संपादन कार्य इन नियमों के दायरे में नहीं आएंगे। जैसे- फिल्टर लगाना, रंग सुधारना, अनुवाद करना, शोर हटाना या प्रस्तुति तैयार करना ‘सिंथेटिक कंटेंट’ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अलग से घोषणा करना आवश्यक नहीं होगा। AI उपयोग की सीमा तय आम यूजर, कंटेंट क्रिएटर और छोटे कारोबारी एआई का इस्तेमाल डिजाइन, लेखन, पोस्टर निर्माण, अनुवाद या सामान्य एडिटिंग जैसे कार्यों में कर सकेंगे। लेकिन किसी की फोटो या आवाज बदलकर फर्जी वीडियो बनाना, पहचान का दुरुपयोग करना, फेक न्यूज या नकली दस्तावेज तैयार करना और बिना अनुमति निजी या आपत्तिजनक सामग्री बनाना सीधे अपराध माना जाएगा। डीपफेक पर कड़ी नजर सरकार का मानना है कि AI के दुरुपयोग से गलत सूचना तेजी से फैल रही है। इसलिए नए नियमों के जरिए लोगों को वास्तविक और कृत्रिम सामग्री में अंतर समझाने तथा डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

जब धर्म से ऊपर राजनीति: चीन में चर्चों पर शिकंजा, बाइबिल पढ़ने से पहले ‘शी जिनपिंग थॉट’ जरूरी

बीजिंग चीन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लागू किए गए नए वैचारिक और राजनीतिक कार्य नियम अब हर क्षेत्र में सख्ती से लागू किए जा रहे हैं। इन नियमों का मकसद पूरे समाज को शी जिनपिंग की विचारधारा के अनुरूप ढालना है। इस प्रक्रिया में सरकारी नियंत्रण वाला थ्री-सेल्फ पैट्रियॉटिक मूवमेंट (थ्री-सेल्फ चर्च) सबसे आगे नजर आ रहा है। जनवरी में दिए एक इंटरव्यू में थ्री-सेल्फ नेतृत्व ने इन नए नियमों को “मील का पत्थर” और “मार्गदर्शक सिद्धांत” बताया।  चर्च बैठकों में अब ‘शी जिनपिंग थॉट’ को पहला एजेंडा बनाया गया है। सेमिनरी छात्रों को केवल धर्मशास्त्र नहीं, बल्कि “राजनीतिक चेतना” भी पढ़ाई जा रही है ताकि वे पार्टी की दिशा के अनुरूप सोचें। चर्च परिसरों में राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान, समाजवादी मूल्यों और पारंपरिक चीनी कला को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। फुजियान जैसे इलाकों की धार्मिक सेमिनरियों में अब अलग से वैचारिक-राजनीतिक कक्षाएं चलाई जा रही हैं और राजनीतिक पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं। कई चर्चों को देशभक्ति शिक्षा केंद्रों में बदला जा रहा है, जहां ‘रेड थीम’ प्रदर्शनी कक्ष, सुलेख, हस्तशिल्प और कन्फ्यूशियस ग्रंथों पर व्याख्यान हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में मौसम सामान्य, रायपुर में दो दिन से चुभती धूप ने बढ़ाई गर्मी

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है. पश्चिमी हवाएं तेज होने की वजह से रात में तापमान में हल्के उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. शहर में ढाई डिग्री तक चढ़ चुका न्यूनतम तापमान थोड़ा कम होगा. रायपुर में पिछले दो दिन से प्रदेश में सबसे ज्यादा दिन का पारा दर्ज किया गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा. अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई. अगले दो दिनों मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने मौसम को लेकर फ्रेश अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि सब ट्रॉपिकल पश्चिमी जेटस्ट्रीम के प्रबल हो जाने के कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की (गिरावट) उतार-चढ़ाव के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. प्रदेश में 15 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 15 फरवरी को सुबह के वक्त धुंध छाए रहने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतन तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है.

राज्यपाल पटेल से केरल राज्य के पार्षदगणों ने की मुलाकात

राजधानी के स्वच्छता प्रबंधन कार्यों की सराहना की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल पटेल ने सभी का आत्मीय स्वागत कर परिचय प्राप्त किया। उनके क्षेत्र के राजनैतिक और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। प्रदेश सरकार के अनुकरणीय नवाचारों और भ्रमण के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी और विकासात्मक कार्यों  में लागू करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाएं। हमेशा गरीब, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा के संकल्प का पालन करें। राज्यपाल पटेल से केरल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। देश की स्वच्छतम राजधानी के रूप में भोपाल के सफ़ाई प्रबन्धन की सराहना की। प्रदेश के जल प्रबन्धन, स्मार्ट सिटी परियोजना, कचरा निस्तारण, सौर ऊर्जा आदि की चर्चा की। शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

महाशिवरात्रि पर बड़ा हादसा: नर्मदा नदी में डूबा 15 वर्षीय ओम, बचाव अभियान तेज

नरसिंहपुर ठेमी थाना अंतर्गत ग्राम महादेव पिपरिया स्थित नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक 15 वर्षीय बालक डूबकर लापता हो गया। घटना रविवार को महाशिवरात्रि के दिन की है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान व दर्शन के लिए पहुंचे थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल कॉलोनी जबलपुर निवासी टीकाराम राजोरिया अपने पुत्र ओम राजोरिया के साथ ग्राम बड़गवा में रिश्तेदार के यहां आए थे। महाशिवरात्रि के अवसर पर दोनों महादेव पिपरिया स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। सुबह लगभग 11.30 बजे पिता-पुत्र नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। स्नान के बाद टीकाराम मंदिर में स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए चले गए, जबकि ओम नदी में ही नहाता रहा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ओम गहरे पानी में चला गया और डूब गया।   भीड़ अधिक होने के कारण अधिकांश लोगों को तत्काल घटना की जानकारी नहीं लग सकी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा शोर मचाने पर लोगों का ध्यान इस ओर गया। स्थानीय गोताखोरों और मौजूद लोगों ने नदी में गोता लगाकर बालक की तलाश की, परंतु सफलता नहीं मिल सकी।   जब पिता को घटना की जानकारी मिली तो वे व्याकुल हो उठे। सूचना मिलने पर पुलिस और होमगार्ड तैराक दल मौके पर पहुंचा और बालक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। शाम 5 बजे तक बालक का कोई सुराग नहीं लग सका था। ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा ने बताया कि रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार तलाश की जा रही है। नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण खोज कार्य में कठिनाई आ रही है।

एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट, पैदा करेगा रोजगार के लाखों अवसर

96 लाख इकाइयों को मजबूती, तीन करोड़ परिवारों की आजीविका को मिलेगा स्थायित्व क्लस्टर, आधारभूत संरचना और बाजार विस्तार से प्रतिस्पर्धी बनेगा प्रदेश का उद्योग लखनऊ, प्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बजट 2026-27 में जिस प्राथमिकता के साथ रखा गया है, वह आने वाले वर्षों की औद्योगिक तस्वीर को बदलने का संकेत देता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो करीब तीन करोड़ परिवारों की आजीविका का आधार हैं। इस बजट में 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीते साल की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि केवल बजटीय विस्तार ही नहीं बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रदेश सरकार एमएसएमई को अनुदान आधारित व्यवस्था से आगे बढ़ाकर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर प्रतिवर्ष एक लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पांच वर्षों में पांच लाख से अधिक नई इकाइयां खड़ी हो सकती हैं जिनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार सृजित होने का अनुमान है। बैंक ऋण और सरकारी प्रोत्साहन के संयोजन से निवेश का मल्टीप्लायर इफेक्ट्स (गुणक) कई गुना बढ़ सकता है। एमएसएमई क्षेत्र की सबसे बड़ी बाधा ऋण हासिल करना है। छोटे उद्यमियों के पास पर्याप्त जमानत (कोलैटरल) न होने से वे औपचारिक बैंकिंग तंत्र से दूर रह जाते हैं। बजट में ऋण गारंटी तंत्र को सुदृढ़ करने और बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे बड़ी जमानत के बिना ऋण लेने की राह आसान होगी। इसका सीधा असर यह होगा कि बड़ी संख्या में इकाइयां असंगठित क्षेत्र से निकलकर औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगी जिससे कर संग्रह, पारदर्शिता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। क्लस्टर आधारित विकास मॉडल को भी बजट में बल मिला है। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। समूह आधारित औद्योगिक क्षेत्रों में साझा मशीनरी, परीक्षण प्रयोगशालाएं और सामान्य सुविधाएं उपलब्ध होने से उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे छोटे उद्यम बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। ओडीओसी के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की रणनीति को मजबूती देती है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यदि प्रत्येक नया उद्यम औसतन पांच से 10 लोगों को रोजगार देता है तो केवल इस योजना से ही हजारों युवाओं के लिए अवसर बन सकते हैं। यह ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि को नई गति देगा। प्रत्यक्ष प्रावधानों के अलावा बजट में आधारभूत संरचना पर निरंतर निवेश भी एमएसएमई के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन है। एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक गलियारे और बेहतर विद्युत आपूर्ति से उत्पादन लागत घटती है और समयबद्ध आपूर्ति संभव होती है। परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधा बेहतर होने से छोटे उद्योग भी निर्यात बाजार की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। व्यापार सुगमता सुधार, एकल खिड़की प्रणाली और ऑनलाइन स्वीकृति व्यवस्था निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रही है। आज जब 96 लाख इकाइयां तीन करोड़ परिवारों की आजीविका का आधार हैं, तब लक्ष्य केवल संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने का है। बजट 2026-27 इस दिशा में बहुस्तरीय हस्तक्षेप का संकेत देता है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि रोजगार सृजन का सबसे बड़ा इंजन भी साबित होगा।

रूस के कलाकारों को अयोध्या दीपोत्सव में मंच उपलब्ध करा चुकी है योगी सरकार

एवगेनी बनेंगे राम, दारिया निभाएंगी सीता का किरदार, मुरात लक्ष्मण और दिमित्री बनेंगे हनुमान दोनों देशों के बीच संबंधों को मिलेगी नई गति, 20 फरवरी को रामलीला में पहुंचकर मॉस्को और आसपास के लोग होंगे भाव विभोर लखनऊ, अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राममंदिर से जुड़े विकास कार्यों और दीपोत्सव समेत किए जा रहे अभूतपूर्व आयोजनों की ख्याति अब सात समंदर पार तक पहुंच रही है। योगी सरकार के सांस्कृतिक विजन और अयोध्या में हुए आध्यात्मिक नवजागरण से प्रेरित होकर रूस की राजधानी मॉस्को में 20 फरवरी को भव्य रामलीला का आयोजन होगा। यह रामलीला अयोध्या में विगत दिनों हुए दीपोत्सव से प्रेरणा लेकर दिव्य और भव्य रूप में आयोजित की जा रही है। इसे भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। रूस में भारत के दूतावास और जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र (JNCC) के सहयोग से होने वाली इस रामलीला में रूस के कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। राम की भूमिका में एवगेनी, सीता के रूप में दारिया, लक्ष्मण के रूप में मुरात और हनुमान के रूप में दिमित्री मंच पर भारतीय आस्था की सजीव प्रस्तुति देंगे। रूसी दर्शकों में विशेष उत्सुकता रूसी-भारतीय मैत्री संस्था ‘दिशा’ इस आयोजन की मुख्य संचालक है। डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में यह संस्था वर्षों से नाट्य प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक उत्सवों और शैक्षिक पहल के जरिए भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक सेतु का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का सार्वभौमिक संदेश है। यही वजह है कि रूसी दर्शकों में भी इसके प्रति विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। अयोध्या में दीपोत्सव की भव्यता से मिली प्रेरणा उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अयोध्या का दीपोत्सव वैश्विक पहचान बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लाखों दीपों से जगमगाती अयोध्या की तस्वीरों ने दुनिया भर के सांस्कृतिक संगठनों और कलाकारों को प्रभावित किया है। योगी सरकार ने रूस के कलाकारों की टीम को अयोध्या दीपोत्सव में मंच प्रदान किया। यह टीम रामलीला प्रस्तुत कर पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है। अयोध्या की आध्यात्मिक आभा और आयोजन की भव्यता देखकर रूस से यहां आए आयोजक और कलाकार इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मॉस्को में भी उसी भाव को साकार करने का निर्णय लिया। दोनों देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों में रामलीला की परंपरा का इतिहास भी उल्लेखनीय रहा है। 1960 के दशक में सोवियत अभिनेता पद्मश्री गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव ने मॉस्को में रामलीला का मंचन कर दोनों देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को नई ऊंचाई दी थी। यह पहल दोनों देशों के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अयोध्या की प्रेरणा से मॉस्को की रामलीला आयोजन का नेतृत्व कर रहे रामेश्वर सिंह ने बताया कि रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार के विशेष सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया दीपोत्सव और सांस्कृतिक नवजागरण अब वैश्विक प्रभाव दिखा रहा है। मॉस्को की रामलीला अयोध्या की प्रेरणा से आयोजित की जा रही है। 20 फरवरी को भाव-विभोर होगा रूस 20 फरवरी को मॉस्को में होने वाली रामलीला के लिए भव्य मंच सज्जा, पारंपरिक वेशभूषा और संगीत की विशेष तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रूसी नागरिक, भारतीय समुदाय और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां शामिल होंगी। जब मंच पर श्रीराम की लीला सजीव होगी तो पूरा वातावरण भारतीय संस्कृति की भक्ति, मर्यादा और आदर्शों से सराबोर नजर आएगा। यह आयोजन नाट्य प्रस्तुतियों, उत्सवों और शैक्षिक पहल के माध्यम से दोनों देशों की एकता की सशक्त मिसाल पेश करेगा।

दहेज कानून का दुरुपयोग बना मुसीबत: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति के हक में आया न्याय

बिलासपुर बिलासपुर से एक अहम कानूनी फैसले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी द्वारा पति और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज कराई गई झूठी और निराधार दहेज प्रताड़ना शिकायत को मानसिक क्रूरता करार दिया है। कोर्ट ने माना कि इस तरह के आरोप लगाकर पति और उसके परिजनों को जेल भिजवाने की कोशिश करना वैवाहिक रिश्ते को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। मामले में पति ने धमतरी परिवार न्यायालय में क्रूरता के आधार पर तलाक की याचिका दायर की थी, जिसे परिवार न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में अपील की। जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद पति की अपील स्वीकार करते हुए उसे तलाक का हकदार माना। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी द्वारा सास के खिलाफ निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाना, पति और उसके परिवार के बरी होने के बावजूद उच्च अदालतों में अपील दायर करना और उन्हें सजा दिलाने के प्रयास करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि महिला ने 2017 में आईपीसी की धारा 498A के तहत पति, उसके भाई और मां के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। ट्रायल कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के इस फैसले को वैवाहिक मामलों में झूठे आपराधिक आरोपों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।  

आस्था पर हमला: खजराना मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश, सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में

इंदौर शहर के आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को मंदिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, अनाधिकृत प्रवेश के लिए दबाव बनाने वाले आकाश रावत पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इंटरनेट मीडिया में खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में बदमाश सतीश भाऊ के प्रवेश का वीडियो शनिवार को बहुप्रसारित हुआ, जबकि गर्भगृह में प्रवेश करना प्रतिबंधित है। मामले को कलेक्टर शिवम वर्मा ने संज्ञान में लेकर सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई तो 11 फरवरी की शाम करीब 7.41 से 7.45 बजे के बीच कुछ व्यक्तियों के गर्भगृह में प्रवेश की पुष्टि हुई। जांच में क्या निकला जांच में सामने आया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने चैनल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत की, जिसके बाद गेट खोला गया। उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद एजेंसी की सुरक्षा गार्ड ज्योति वरुण ने जांच में बताया कि आकाश ने ही दबाव बनाकर गर्भगृह में प्रवेश दिलाया था। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही बालाजी सिक्युरिटी सर्विस के गार्ड ज्योति वरुण की भूमिका लापरवाहीपूर्ण पाई गई, इसलिए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा और केवल विशेष परिस्थितियों में पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा। पुजारी अशोक भट्ट का कहना है कि मंदिर में सभी श्रद्धालुओं से समानता का व्यवहार किया जाता है, पूर्व अनुमति से ही गर्भगृह में प्रवेश किया जा सकता है। अनाधिकृत प्रवेश पर निगरानी रखी जाएगी और श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा। पहले भी सामने आए हैं वीडियो गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद अनाधिकृत प्रवेश के वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। विधायक गोलू शुक्ला के बेटे के विवाह के बाद गर्भगृह में पूजन का वीडियो सामने आया था। उस दौरान भी हंगामा हुआ था, लेकिन प्रशासन ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।

लोगों से बोले सीएम योगी – चिंता मत करें, हर समस्या का होगा समाधान, सबकी होगी भरपूर मदद

  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश- निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता से करें जन समस्याओं का निराकरण गोरखपुर, गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात की और समस्याएं सुनकर अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। रविवार को देवाधिदेव महादेव की आराधना के विशेष पर्व महाशिवरात्रि पर आनुष्ठानिक व्यस्तता में भी उन्होंने जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा, ‘चिंता मत करें, हर समस्या का समाधान होगा, सबकी भरपूर मदद की जाएगी।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जो लोग पात्र हैं और किसी कारण से उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। सीएम ने पुकारा, ‘ओ भोलू’ और भाव विह्वल हो दौड़ आया गोवंश दृढ़ संकल्पों वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुपरिचित पहचान गोसेवक की भी है। जब भी वह गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं गोशाला में जाकर गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। रविवार सुबह भी मंदिर की गोशाला में जाकर उन्होंने गोसेवा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। सीएम योगी यहां कई गोवंश को उनके लिए रखे नामों से बुलाते हैं। रविवार सुबह उन्होंने एक गोवंश को जब यह कहकर पुकारा, ‘ओ भोलू’ तो श्याम रंग का यह बछड़ा भाव विह्वल होकर सीएम योगी की तरफ दौड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने भोलू को खूब दुलारा और उसे अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। मंदिर की गोशाला में जब भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचते हैं तो प्रायः एक मोर भी उनके इर्द-गिर्द आ जाता है। मुख्यमंत्री ने मोर को भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी के टुकड़े करके उसे खिलाया। मंदिर परिसर में सीएम ने बच्चों पर लुटाया प्यार, कराया अन्नप्राशन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर परिजनों के साथ मंदिर आए बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने बच्चों को अपने पास बुला लिया, उन पर खूब प्यार लुटाया। उन्होंने बच्चों से उनका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा। उनसे ठिठोली भी की और फिर स्नेहाशीष से खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी बच्चों को अपने हाथ से चॉकलेट भी दी। इस अवसर पर उन्होंने एक बच्चे को गोद में लेकर अन्नप्राशन भी कराया।

महाशिवरात्रि पर आध्यात्मिक एकता का संदेश विश्व पटल पर हुआ प्रसारित

ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ और सिद्धपीठों से प्रसाद अर्पण की परंपरा हुई प्रारंभ ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम वाराणसी,  महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, वाराणसी द्वारा एक अद्वितीय और अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों और प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल तथा श्रद्धा उपहार अर्पित किए जाने की परंपरा प्रारंभ की गई है। इस आध्यात्मिक समन्वय का उद्देश्य संपूर्ण सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को मूर्त रूप प्रदान करना और वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ करना है। 62 मंदिरों से अब तक पहुंची पावन भेंट इस क्रम में, शनिवार तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश के कुल 62 मंदिरों से पावन भेंट और प्रसाद प्राप्त हो चुके हैं। इन मंदिरों में तमिलनाडु से भक्त मंडली, श्री रत्नगिरिस्वरर मंदिर चेन्नई, श्री अनंता पद्मनाभा स्वामी मंदिर चेन्नई, तेन सबनायाकर मंदिर कोविलूर, अरुल्मिगु वामनपुरफेश्वरर तिरुमणिकुझी, अरुल्मिगु द्रौपथी अम्मन मंदिर, अरुल्मिगु रीना विमोशनर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु तिरु सनगरी काली अम्मन वझापेट, अरुल्मिगु भूलोगा नाथर नेल्लिकुप्पम, अरुल्मिगु भूमिनाथ ईश्वरर वैटिपक्कम, श्री मदुरै वीरन मंदिर, अरुल्मिगु कुमारा गुरु परमस्वामी एस कुमारापुरम, अरुल्मिगु वेधा अरुल्पुरीश्वर कंदरकोट्टई, अरुल्मिगु सबनायगर कीरापालयम, अरुल्मिगु काशी विश्वनाथर गेडिलम नदी, सीयूओ, अरुल्मिगु विरुथा गिरिश्वरर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु अमृत लिंगेश्वर पेरिया, अरुल्मिगु मार्गबंधु तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु नादन पाथेश्वरर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु सिंगारणाथर कोंगरायनूर शामिल हैं। श्री कृष्ण जन्मस्थान, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड समेत कई मंदिरों से आए उपहार इसी प्रकार, मथुरा से श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, जम्मू कश्मीर से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड जम्मू, मलेसिया से श्री महा मरिअम्मन मंदिर, अरुल्मिगु श्री राजाकलियम्मन ग्लास मंदिर, श्री कंदस्वामी कोविल, श्री वीरा मुनिस्वरर मंदिर, श्री नगराथर शिवन मंदिर, अरुल्मिगु बालथंडायुथपानी मंदिर, श्री कुंज बिहार मंदिर भी इस आध्यात्मिक अभियान में सहभागी बने हैं। काशी के प्रमुख मंदिरों से भी सहभागिता वाराणसी से सप्तमात्रिका सिद्धपीठ श्री बड़ी शीतलाधाम शीतलाघाट, काशी त्रिलोचन महादेव मंदिर, सिद्ध पीठ बड़ी काली जी मंदिर कालिका गली, श्री बड़ा गणेश मंदिर लोहटिया, श्री केदारेश्वर मंदिर केदार घाट, श्री ओम कालेश्वर मंदिर कोयला बाजार, श्री कालभैरव मंदिर भैरोनाथ, विन्ध्यवासिनी, दशाश्वमेध, तुलजा देवी, दशाश्धमध्येश्वर, जमेश्वर, प्राचीन रुद्रसरोवर, श्री श्रीयन्त्रराज, श्री दक्षिणी आदि शीतला बुढ़ीय माई, कपिलधारा पंचकोशी, शूलटंकेश्वर, प्रयागघाट, रामेश्वर पंचकोशी, महिषासुर मां मंदिर, लोलार्क कुंड, बैजनाथ मंदिर बैजनत्था, श्री चन्द्रेश्वर मंदिर केदारघाट, श्री लोलार्क कुंड मंदिर भदैनी, श्री अन्नपूर्णा मंदिर विश्वनाथ गली, श्री महालक्ष्मी मंदिर लक्सा, श्री बटुक भैरव मंदिर कमच्छा, श्री कामख्या मंदिर कमच्छा, अन्य प्रमुख मंदिर काशी और विशालाक्षी मंदिर काशी से भी पावन भेंट प्राप्त हुई है। देश-विदेश के अन्य तीर्थस्थलों की सहभागिता उत्तराखंड से श्री केदारनाथ, मुंबई से लाल बाग के राजा और श्री सिद्धिविनायक मंदिर, गुजरात से द्वारकाधीश मंदिर, श्रीलंका से श्री ऐश्वर्या लक्ष्मी मंदिर कोलंबो तथा राजस्थान से नाथद्वारा मंदिर उदयपुर से भी पावन प्रसाद और भेंट काशी विश्वनाथ धाम पहुंच चुकी है। पवित्र सामग्री में जल, रज, वस्त्र और पुष्प शामिल इन भेंटों में विभिन्न तीर्थस्थलों का पवित्र जल, मंदिरों में पूजित पुष्पमालाएं, रज, चंदन, वस्त्र तथा अन्य पूजनीय सामग्री सम्मिलित है। यह संपूर्ण प्रक्रिया सनातन परंपरा की आध्यात्मिक एकता का सजीव प्रतीक बनकर सामने आई है। कूरियर और प्रतिनिधियों के माध्यम से जारी है क्रम इसके अतिरिक्त, अनेक मंदिरों से प्रसाद कूरियर माध्यम से प्रेषित किया जा रहा है, जबकि कुछ प्रतिष्ठित मंदिरों के प्रतिनिधि स्वयं पावन भेंट लेकर धाम में पधारने वाले हैं। इस प्रकार, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर संपूर्ण राष्ट्र और विश्व के विविध तीर्थों के मध्य भावनात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु के रूप में स्थापित हो रहा है। आध्यात्मिक एकात्मता का वैश्विक संदेश मंदिर न्यास की यह अभिनव पहल सनातन संस्कृति में निहित पारिवारिक समरसता, आध्यात्मिक बंधुत्व और सांस्कृतिक अखंडता के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित कर रही है। महाशिवरात्रि के दिव्य अवसर पर प्रारंभ की गई यह परंपरा न केवल काशी की आध्यात्मिक गरिमा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करती है, बल्कि समस्त सनातन आस्थाओं को एकात्म भाव से जोड़ते हुए धार्मिक सद्भाव और आध्यात्मिक समन्वय के नए अध्याय का उद्घाटन कर रही है। निश्चय ही, यह पहल राष्ट्र और विश्व के विविध तीर्थस्थलों को एक आध्यात्मिक सूत्र में संगठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम सिद्ध हो रही है।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल को विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने 16 फ़रवरी से प्रारम्भ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर पारस्परिक चर्चा हुई।

आगरा में बनेगा हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉलेज, अब मंडल में ही निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

– योगी सरकार ने मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए मंजूर किए 80 करोड़ रुपये   – पढ़ाई के साथ मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, 2036 के ओलंपिक के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी   आगरा, उत्तर प्रदेश को खेलों की दुनिया में ‘नंबर वन’ बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को एक बड़ी सौगात दी है। बजट 2026-27 में सरकार ने खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में आगरा समेत प्रदेश के 10 मंडलों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके निर्माण के लिए सरकार ने 80 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। अब ताजनगरी और आसपास के खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एत्मादपुर में 50 हेक्टेयर जमीन, आठ करोड़ का प्रावधान योगी सरकार की ‘एक मंडल- एक स्पोर्ट्स कॉलेज’ नीति के तहत आगरा में बनने वाले स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। एत्मादपुर क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद जल्द ही इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बजट में इस कॉलेज के निर्माण के लिए शुरुआती तौर पर करीब आठ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल मैदान, प्रशासनिक भवन, आवासीय सुविधाएं (हॉस्टल) और शिक्षा व्यवस्था एक ही परिसर में विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ पढ़ाई की सुविधा देना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में होगा विकसित यह संस्थान केवल एक कॉलेज नहीं बल्कि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक में भारत की भागीदारी और पदक संभावनाओं को मजबूत करना है। आगरा का यह कॉलेज भविष्य के ओलंपियन तैयार करने की नर्सरी बनेगा। खेल दिग्गजों ने सराहा योगी सरकार के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक है। आगरा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। कमी थी तो बस उच्च स्तरीय संसाधनों की। स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से यहाँ की बेटियों और युवाओं को अब अपने घर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सकेगी। यह कदम आगरा से नए स्टार खिलाड़ी निकालने में मदद करेगा।   – हेमलता काला, पूर्व अध्यक्ष, चयन समिति, भारतीय महिला क्रिकेट टीम/ पूर्व क्रिकेटर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने खेलों को जो प्राथमिकता दी है, वह अभूतपूर्व है। मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भविष्य के ओलंपियंस तैयार करने की फैक्ट्री साबित होगी। – संजय गौतम, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हॉकी संघ आगरा में स्पोर्ट्स कॉलेज का सपना अब साकार होने जा रहा है। एक ही परिसर में पढ़ाई और खेल की व्यवस्था होने से अभिभावक भी बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। यह आगरा के खेल जगत के लिए संजीवनी समान है। – कमल चौधरी, अध्यक्ष, आगरा हॉकी संघ

MP हाईकोर्ट में गरमाया रज्जाक मामला, NSA लगाने पर सरकार का बयान; विधायक ने उठाए सवाल

 जबलपुर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरके वाणी के समक्ष जबलपुर निवासी अब्दुल रज्जाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर किए जाने की तारीख तक रज्जाक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। राज्य सरकार का पक्ष राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने अदालत को बताया कि रज्जाक की पत्नी सुबीना बेगम पहले अपनी याचिका वापस ले चुकी हैं। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में जिस आपराधिक मामले में जेल में है, उसमें उसे नियमित जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। साथ ही, वह चाहें तो संबंधित आपराधिक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग भी कर सकते हैं। याचिकाकर्ता की दलील रज्जाक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित कर दी। विधायक पर लगाए गए आरोप मामले में अब्दुल रज्जाक ने विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई है। गिरफ्तारी को बताया प्रक्रिया का दुरुपयोग रज्जाक का आरोप है कि एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरे प्रकरण में गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल बताया है।  

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