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गिलगित-बाल्टिस्तान में खनिज दोहन विवाद: रेअर अर्थ की चाह में पाकिस्तान, स्थानीयों ने लगाए ज्यादती के आरोप

वाशिंगटन पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में सियासी हालात संजीदा हो चले हैं। चीन के अलावा, पाकिस्तान अब अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों से भी इस इलाके में संसाधनों के दोहन में शामिल होने की गुजारिश कर रहा है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने गिलगित- बाल्टिस्तान के सोने और तांबे की माइन्स में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। कई स्थानीय कार्यकर्ता मानते हैं, “गिलगित-बाल्टिस्तान में अस्थिरता की एक मुख्य वजह स्ट्रेटेजिक लोकेशन और रेयर अर्थ्स की मौजूदगी है। पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों को मुआवजा दिए बिना उनके संसाधनों का फायदा उठाना चाहती है। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में एक गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक लैंड रिफॉर्म एक्ट लागू किया है, जिससे प्राकृतिक संसाधन का गलत इस्तेमाल जारी है। जब स्थानीय सही हिस्सा मांगते हैं, तो पाकिस्तान रॉयल्टी देने से मना कर देता है, यह कहते हुए कि सियासी दिक्कत यह है कि जमीन विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनी हुई है और इसलिए संवैधानिक और आर्थिक मजबूरियों के चलते इस पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता।” पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के रहने वाले सेंगे सेरिंग ने वाशिंगटन के ग्लोबल स्ट्रैट व्यू के जरिए ये खुलासा किया है। सेरिंग, जो अब वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (आईजीबीएस) के प्रमुख हैं, ने विस्तार से बताया कि यह देखते हुए कि रेयर अर्थ एलिमेंट का प्रसंस्करण और आपूर्ति कुछ ही देशों में केंद्रित है, गिलगित बाल्टिस्तान की भौगोलिक स्थिति प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के रेयर अर्थ सप्लाई चेन में विविधता लाने के प्रयासों को पूरा करती है। उन्होंने बताया कि तंगिर और गिलगित बाल्टिस्तान की आस-पास की घाटियां दुनिया भर में जानी-मानी मिनरल हॉटस्पॉट हैं – जहां मोनाजाइट, चेवकिनाइट, लैंथेनम, समैरियम, प्रेज़ोडायमियम, नियोडिमियम, सेरियम, टाइटेनियम, थोरियम और दूसरे रेयर अर्थ एलिमेंट्स बहुत अधिक हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की कोशिशों से पाकिस्तान को (अपने कब्जे वाले इलाके को) एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के चौराहे पर एक रेयर-अर्थ हब बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने वर्तमान हालातों को ध्यान में रख एक अपील की है। कहा है, “इन हालात में, गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को एकजुट रहना चाहिए और कब्जा करने वाले पाकिस्तानी औपनिवेशिक मालिकों को निकालने की अपनी कोशिशें जारी रखनी चाहिए, जो सिर्फ कुदरती दौलत और आने-जाने के रास्तों का फायदा उठाने और उनका गलत इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि वहां के लोगों को उनके जरूरी सियासी और संवैधानिक अधिकार नहीं देते। यह लगन और हिम्मत आखिरकार गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को भारत के संवैधानिक नागरिक के तौर पर लद्दाख में शामिल होने और इलाके और पहचान दोनों की रक्षा करने में मदद करेगी।” गुरुवार को, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि पीओजीबी में डायमर की तंगिर घाटी में एक गाड़ी के पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक आर्मी मेजर समेत तीन अन्य घायल हो गए। सेरिंग, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके के सबसे जाने-माने जानकारों में से एक हैं, ने कहा कि कमांडर मौलाना आमिर हमजा से जुड़े एक आतंकवादी सेल ने हमले से पहले एक बयान दिया था, जिसमें बताया गया था कि वे गिलगित बाल्टिस्तान के डायमर जिले से हैं और पाकिस्तानी सेना, जिसमें आईएसआई और एमआई जैसी सीक्रेट एजेंसियां के अलावा पुलिस भी शामिल हैं, पर हमले करते हैं। सेरिंग ने ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में लिखा, “उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना गिलगित बाल्टिस्तान को कंट्रोल करने के लिए फूट डालो और राज करो की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करती है। गिलगित बाल्टिस्तान के शिया और सुन्नी नेताओं, जिसमें आगा राहत भी शामिल हैं, को दिए एक बयान में, ग्रुप ने कहा कि अगर पहले आगा राहत या काजी निसार पर सांप्रदायिक हमले हुए हैं, तो यह पाकिस्तान की सेना और उनके एजेंटों का काम है ताकि स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा और फूट पैदा की जा सके।”

फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

इस्लामाबाद    पाकिस्तान के स्टार स्पिनर उस्मान तारिक भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी बॉलिंग एक्शन को लेकर काफी चर्चा में है। इस हाईवोल्टेज मैच से पहले स्पिनर उस्मान तारिक ने अपनी क्रिकेट करियर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि एमएस धोनी की वजह से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट छोड़कर दुबई में सेल्समैन की नौकरी कर ली थी और क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन 2016 में एमएस धोनी की बायोपिक देखने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। इस फिल्म ने उन पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि उनके सोचने का तरीका ही बदल गया। उस्मान तारिक ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैंने क्रिकेट में नाम कमाने का ख्याल छोड़ दिया था, लेकिन एक दिन मैंने यह फिल्म देखी और उसने मुझे विश्वास दिलाया कि मैं भी ऐसा ही कुछ कर सकता हूं।” फिल्म में धोनी की संघर्षपूर्ण जिंदगी, टिकट कलेक्टर की नौकरी के साथ क्रिकेट का सपना और आखिरकार सफलता की कहानी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने दुबई की नौकरी छोड़ दी और पाकिस्तान लौटकर क्रिकेट पर फोकस किया। उन्होंने आगे कहा, ”पिछले साल जब मैं अपनी शादी की रस्मों में व्यस्त था, तब मेरे कोच ने मुझे पाकिस्तान टीम में चुने जाने की खबर दी। शुरुआत में मुझे लगा कि कोई मेरे साथ मजाक कर रहा है। लेकिन वह खबर सच थी, इसलिए मुझे लगता है कि मेरी पत्नी मेरे लिए लेडी लक (किस्मत) लेकर आई हैं।” उस्मान तारिक अपनी रहस्यमयी स्पिन और अनोखे गेंदबाजी एक्शन (जिसमें वे गेंद फेंकने से पहले एक पल के लिए रुकते हैं) के कारण चर्चा में हैं। उन्हें भारत के खिलाफ होने वाले मैच में पाकिस्तान का एक्स फैक्टर माना जा रहा है। भारत के खिलाफ मुकाबले पहले उस्मान तारिक की गेंदबाजी एक्शन पर सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन उस्मान ने साफ किया कि उनकी कोहनी में ‘डबल जॉइंट’ (दो कोहनियां) होने के कारण उनका हाथ प्राकृतिक रूप से मुड़ता है। उन्हें आईसीसी के नियमों के तहत दो बार क्लियर किया जा चुका है। मैदान पर भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है। पिच धीमे गेंदबाजों की मददगार है और पाकिस्तान के पास उस्मान तारिक, सईम अयूब, अबरार अहमद, शादाब खान और मोहम्मद नवाज जैसे स्पिनर हैं। तारिक का गेंदबाजी एक्शन पहले ही र्चा का विषय बन चुका है और भारतीय बल्लेबाजों से उनकी टक्कर रोचक रहेगी।

पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर

कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) का 27वां मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं टीम इंडिया के उन तीन खिलाड़ियों के बारे में जो कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में इंडियन कैप्टन सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते हैं। हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya): हमने अपनी इस लिस्ट में सबसे पहले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का नाम रखा है। ये 32 साल का खिलाड़ी अपनी बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों के दम पर ही पाकिस्तानी टीम की धज्जियां उड़ाने की काबिलियत रखता है। टी20 इंटरनेशनल में हार्दिक के नाम 131 मैचों में लगभग 145 की स्ट्राइक रेट से 2,128 रन और 107 विकेट दर्ज हैं। बता दें कि उन्होंने T20I में पाकिस्तान के 9 मैचों में 15 विकेट निकाले हैं और 98 रन बनाए हैं। तिलक वर्मा (Tilak Varma): इस खास लिस्ट में हमने दूसरे नंबर पर 23 साल के युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा को जगह दी है। याद दिला दें कि पिछली बार जब एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत-पाक की टक्कर हुई थी तब तिलक ही संकटमोचन साबित हुए थे। उन्होंने दुबई के मैदान पर 53 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी। खास बात ये है कि तिलक पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 130 की औसत से 130 रन ठोक चुके हैं। उनके नाम T20I में 42 मैचों में 48 की औसत से 1233 रन दर्ज हैं। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav): कोलंबो के मैदान पर स्पिन गेंदबाज़ों के लिए जरूर मदद रहेगी, यही वज़ह है हमारी लिस्ट में शामिल तीसरे और आखिरी खिलाड़ी टीम इंडिया के सबसे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव हैं। 31 साल के कुलदीप देश के लिए 53 टी20 इंटरनेशनल में 94 विकेट चटका चुके हैं। सबसे जरूरी बात उन्होंने पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 8 विकेट निकाले हैं। एशिया कप 2025 के फाइनल में तो उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर पाकिस्तान के 4 खिलाड़ियों को समेट दिया था। चामिंडा वास ने बताया, फाइनल को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी  श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास ने साफ कहा, भारत-पाक मैच का नतीजा स्किल से ज्यादा प्रेशर हैंडलिंग तय करेगी. वास के मुताबिक, “जो टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, वही बाजी मारेगी.” पाकिस्तान के किन खिलाड़ियों से भारत को खतरा? चामिंडा वास ने पाकिस्तान की ओर से दो नाम खास तौर पर लिए जो बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी का रहा. उन्होंने कहा कि भारत को जीत के लिए इन दोनों के असर को सीमित करना होगा. भारत के मैच-विनर कौन? भारतीय टीम पर बात करते हुए वास ने कई खिलाड़ियों को गेम-चेंजर बताया जिसमे अभिषेक शर्मा जो तेज शुरुआत से विपक्ष पर दबाव डालते हैं और जसप्रीत बुमराह जो डेथ ओवरों के सबसे भरोसेमंद हथियार हैं. इसके साथ ही वास ने सूर्यकुमार यादव का नाम भी लिया, सूर्या 360-डिग्री शॉट्स से किसी भी अटैक को तोड़ने की क्षमता रखते है और USA के खिलाफ इसकी झलक भी दिखाई. इस कड़ी में उन्होंने हार्दिक पांड्या का भी नाम शामिल किया जो बैट-बॉल दोनों से संतुलन बनाने में माहिर हैं और संजू सैमसन को भी मैच विनर कि लिस्ट में शामिल किया जो मिडिल ऑर्डर में एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं. वास का मानना है कि भारत की ताकत उसकी गहराई और हरफनमौला खिलाड़ी हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में मैच जीता सकते हैं. इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें अभिषेक शर्मा भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। अभिषेक अगर फिट होकर पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलते हैं, तो ये पाक टीम के लिए बुरी खबर होगी। शर्मा ने एशिया कप में पाकिस्तानी गेंदबाजों को खूब परेशान किया था और उन्होंने शाहीन अफरीदी को पहली गेंद पर छक्का लगाया था। अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाज दबाव में आ जाते हैं और इसी वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज पर सभी निगाहें रहने वाली हैं। वरुण चक्रवर्ती भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती अपनी स्पिन के जाल से बल्लेबाजों को फंसाने में माहिर है। वे इस समय टी20 के दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं और उनकी विविधता के कारण बल्लेबाजों को पढ़ने में आसानी नहीं होती। कोलंबो की पिच आमतौर पर स्पिनर्स को मदद करती है और ऐसे में वरुण और भी घातक हो सकते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ होने इस मुकाबले में वरुण पर भी सभी की नजरें टिकी होंगी।  

मासिक पेंशन और निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट से थैलीसीमिया मरीजों को राहत, बायोमेट्रिक के बिना भी मिलेगा

 जयपुर  राजस्थान में थैलीसीमिया पीड़ितों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ 1250 रुपए मासिक पेंशन मिल रही है। विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने चिकित्सा सहायता से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक के प्रावधानों को लेकर जवाब पेश किया है। निःशुल्क चिकित्सा और डे-केयर की सुविधा सरकार ने अवगत कराया कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में थैलीसीमिया मरीजों के लिए विशेष ‘डे-केयर सेंटर’ संचालित हैं । इन केंद्रों पर मरीजों को बिना किसी रिप्लेसमेंट के ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी और सभी प्रकार की जाँचे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं । इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में भर्ती होने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा भी सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही है । आर्थिक संबल : 1250 रुपए की मासिक पेंशन सामाजिक सुरक्षा के तहत, राज्य सरकार थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को ‘मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना’ का लाभ दे रही है । इस श्रेणी के बच्चों को वर्तमान में 1250 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन दर से सहायता दी जा रही है । सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि थैलीसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर इन बच्चों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं । आधार और बायोमेट्रिक नियमों पर स्पष्टीकरण सदन में आधार कार्ड की अनिवार्यता और बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट की। 5 वर्ष से कम आयु: जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों का उपचार माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाता है । छोटे बच्चों का आधार नामांकन ‘हेड ऑफ फैमिली’ (HoF) के सत्यापन से किया जाता है । बायोमेट्रिक की बाध्यता नहीं : सरकार ने विशेष आदेश जारी कर यह सुविधा दी है कि जिन बच्चों के बायोमेट्रिक (हाथों के निशान) अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी । ओटीपी आधारित सत्यापन : ऐसे मामलों में जहाँ फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन संभव नहीं है, वहाँ संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से आवेदन स्वीकार कर स्वतः स्वीकृति जारी कर सकते हैं । यह वैकल्पिक प्रक्रिया उन विशेष मामलों के लिए ‘अपवाद स्वरूप’ लागू की गई है, ताकि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बच्चा सहायता से वंचित न रहे ।

Apple का सबसे ताकतवर फोन! iPhone 18 Pro सीरीज के फीचर्स आए सामने

नई दिल्ली Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 लाइनअप को लॉन्च कर सकता है. कयास हैं कि कंपनी इस साल सिर्फ प्रो वेरिएंट को ही लॉन्च करेगी. लेटेस्ट लीक रिपोर्ट्स की मानें, तो ब्रांड Pro मॉडल्स में कई बड़े अपग्रेड करेगा. ऐपल दो स्मार्टफोन्स- iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर सकता है. दोनों ही स्मार्टफोन्स में A20 Pro प्रोसेसर दिया जाएगा. कंपनी इन फोन्स में C2 मॉडम दे सकती है, जो ब्रांड का इन-हाउस चिप होगा. दोनों ही फोन्स में छोटा डायनैमिक आईलैंड मिलेगा. आइए जानते हैं इन फोन्स में क्या कुछ खास हो सकता है. मिलेंगे मैक्स अपग्रेड Macrumors की रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में बड़ा अपग्रेड मिलेगा. दोनों ही फोन्स में डायनैमिक आईलैंड का साइज छोटा किया जा सकता है. स्मार्टफोन से कुछ फेस आईडी टेक्नोलॉजी को हटाया जा सकता है. दोनों ही स्मार्टफोन्स में A20 Pro प्रोसेसर मिलेगा. ये चिप 2nm प्रॉसेस पर तैयार किया जाएगा. प्रोसेसर नए आर्किटेक्चर और पैकेजिंग डिजाइन पर बेस्ड होगा. इसकी वजह से परफॉर्मेंस के साथ ही पावर एफिशिएंसी भी बेहतर होगी. इसके अलावा सेल्यूलर और नेटवर्किंग फीचर के मामले में भी कंपनी अपग्रेड्स करेगी. अपकमिंग स्मार्टफोन सीरीज में N2 चिप मिलेगा. कंपनी इन दोनों ही फोन्स में 48MP का प्राइमरी फ्यूजन कैमरा दे सकती है. नए अपग्रेड के बाद iPhone में लाइट को कंट्रोल करना आसान होगा. नॉन प्रो मॉडल्स नहीं होंगे लॉन्च रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी इस साल iPhone 18 को लॉन्च नहीं करेगी. इस फोन को कंपनी अगले साल यानी 2027 में लॉन्च कर सकती है. वहीं iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को कंपनी इस साल यानी 2026 सितंबर में लॉन्च कर सकती है. प्रो सीरीज के डिजाइन में इस बार कुछ नया देखने को संभवतः नहीं मिलेगा.

इंडिगो ने उठाया कदम: 5000 से ज्यादा उड़ानों के रद्द होने के बाद पायलटों की भर्ती शुरू, फ्रेशर्स भी चयनित होंगे

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को पिछले साल दिसंबर में पायलट और अन्य क्रू की भारी किल्लत की वजह से 7 दिनों के भीतर 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा था। अब इंडिगो अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती करने जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की इस भर्ती में ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन शामिल हैं। अगर इंडिगो इस भर्ती को सफलतापूर्वक पूरा करती है तो यह भारतीय एयरलाइन कंपनी द्वारा की गई अभी तक की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक होगी। फ्रेशर भी रखे जाने की प्लानिंग  रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती नोटिस से पता चलता है कि एयरलाइन अपने नेटवर्क के प्रमुख विमान एयरबस ए320 पर बिना अनुभव वाले आवेदकों की भी भर्ती करने के लिए तैयार है। वहीं, एयरलाइन के नए नियमों के तहत पायलट द्वारा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की जाने वाली लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है, साथ ही साप्ताहिक विश्राम की आवश्यकताएं भी बढ़ा दी गई हैं। पायलटों के भर्ती की तैयारी एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन अपने विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पायलटों की निरंतर भर्ती के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है। एयरलाइन के इंटरनल ट्रेनिंग सिस्टम पहले से मजबूत है, जिसके तहत प्रति माह लगभग 20-25 फर्स्ट ऑफिसर को कप्तान के पद पर पदोन्नत किया जाता है। एयरलाइन औसतन प्रति माह लगभग चार नए विमान शामिल करती है। दिसंबर में क्यों रद हुई थी उड़ानें? नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के लिए पर्याप्त भर्ती नहीं की और न ही ट्रेनिंग में तेजी लाई, जिससे पायलटों पर बार-बार ट्रांसफर, लंबे वर्किंग डेज और लंबे समय तक खाली उड़ान के कारण प्रेशर बढ़ गया। इंडिगो को 2,422 कप्तानों की आवश्यकता थी, लेकिन एयरलाइन के अनुसार उसके पास केवल 2,357 कप्तान ही थे। जिसकी वजह से रोस्टर पूरी तरह से लागू नहीं हो सका और उड़ानों को रद करना पड़ा।  

सुपरफास्ट ट्रेनों में भीड़ बढ़ी, होली को लेकर मालदा मंडल ने मांगी 6 नई ट्रेनें

मालदा  4 मार्च को होली मनाई जाएगी. इस मौके पर बिहार आने वाली ट्रेनों में अक्सर भीड़भाड़ की स्थिति होती है. ऐसे में रेलवे की तरफ से कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला लिया गया. इस बीच मालदा मंडल की तरफ से 6 स्पेशल ट्रेनें मांगी गई हैं. यात्रियों को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए 6 ट्रेनों की डिमांड की गई है. 3 LHB और 3 ICF कोच की ट्रेन की मांग जानकारी के मुताबिक, तीन एलएचबी और 3 आईसीएफ कोच की ट्रेनों की मांग की गई है. दरअसल, होली को लेकर कई ट्रेनों में सीटें फुल हैं. इसके अलावा कुछ ट्रेनों में वेटिंग है. लंबी वेटिंग होने की वजह से टिकट कंफर्म होने की संभावना काफी कम है. विक्रमशिला एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग है. तेजस राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस समेत प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकीं हैं. मालदा टाउन-आनंद विहार के परिचालन की तारीख रेलवे बोर्ड की तरफ से एक ट्रेन मालदा मंडल को दी गई है. यह ट्रेन भागलपुर से चलेगी और आनंद विहार तक जाएगी. मालदा टाउन-आनंद विहार होली स्पेशल ट्रेन भागलपुर से दिल्ली के लिए 2 मार्च, 9 मार्च और 16 मार्च को मालदा टाउन से सुबह खुलेगी. इसके बाद दोपहर 1 बजे के आस-पास भागलपुर आएगी. वापसी में आनंद विहार-मालदा टाउन होली स्पेशल 3 मार्च, 10 मार्च और 17 मार्च को आनंद विहार से दोपहर 3:35 बजे खुलेगी और अगले दिन देर शाम भागलपुर पहुंच जाएगी. मालदा टाउन-आनंद विहार होली स्पेशल ट्रेन के प्रमुख स्टेशनों की बात की जाए तो इसमें पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, किऊल, गया, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज और टूंडला शामिल है.

Mahindra ने पेश किया Udo थ्री-व्हीलर ऑटो, 3 ड्राइव मोड और रेंज-प्राइस डिटेल्स के साथ

मुंबई  महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड (MLMML), जो ऑटोमेकर की छोटी कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी है, उसने भारत में Mahindra UDO नाम का एक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि UDO की प्रेरणा हवाई जहाज़ से मिली है और वह इसे ‘ऑटोप्लेन’ के तौर पर देखती है. कंपनी का यह भी कहना है कि Mahindra UDO शब्द का हिंदी में मतलब ‘उड़ना’ है. Mahindra का कहना है कि 1948 से पारंपरिक ऑटो डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें ड्राइवरों और यात्रियों के कम्फर्ट का ध्यान नहीं रखा गया है. क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा थ्री-व्हीलर EV मार्केट है, Mahindra UDO के साथ, Mahindra का मकसद ऑटो ड्राइवरों की इज्ज़त बढ़ाना और उनकी प्रोफेशनल इमेज और ओनरशिप एक्सपीरियंस को बदलना है. Mahindra Udo की कीमत और वारंटी Mahindra Udo ऑटो को कंपनी ने 3,84,299 रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है, लेकिन कुछ समय के लिए, यह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर 3,58,999 रुपये (एक्स-शोरूम) में बेचा जाएगा. इस पर 1.5 लाख km या 6 साल की वारंटी मिलेगी, जो भी पहले हो. Mahindra का कहना है कि Mahindra Udo इंडस्ट्री की पहली इलेक्ट्रिक ऑटो है, जो 1 लाख km तक फ्री सर्विस के साथ आती है. कंपनी का कहना है कि Udo खरीदने वाले कस्टमर UDAY NXT स्कीम में खुद को एनरोल कर सकते हैं. यह गाड़ी के मालिक को 20 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, फाइनेंशियल काउंसलिंग और भी बहुत कुछ देती है. Mahindra Udo का डिजाइन और इंटीरियर Mahindra ने Udo को सेगमेंट में पहली बार फुल मोनोकोक कंस्ट्रक्शन पर बनाया है, जिससे ऑटो का स्ट्रक्चर और भी बेहतर हो गया है. इसमें हेडलैंप, मिरर और एक बड़ी विंडशील्ड के साथ एक स्लीक, एयरोडायनामिक डिज़ाइन दिया गया है, जो इसे सड़क पर एक ऐसी पहचान देता है, जो इसे दूसरे इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा से अलग बनाती है. Mahindra Udo में एर्गोनॉमिक डिज़ाइन वाली सीटें मिलती हैं, जिनमें ड्राइवर और पैसेंजर के आराम का ध्यान रखा गया है. इसमें ड्राइवर के लिए एक पायलट सीट मिलती है, जो इस सेगमेंट की दूसरी गाड़ियों से लगभग 20 परसेंट मोटी है. इस इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर में लंबी यात्राओं के लिए लाउंज जैसे आराम के लिए काफी हेडरूम और लेगरूम है. इसमें इंडिपेंडेंट रियर सस्पेंशन और डुअल फोर्क फ्रंट सस्पेंशन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह ऑटो बेहतर राइड क्वालिटी दे पाता है. Mahindra Udo की बैटरी, रेंज और फीचर्स नए Mahindra Udo में IP67 रेटेड 11.7kWh लेज़र-वेल्डेड लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है. यह एक परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस (PMS) मोटर को पावर देती है. यह इलेक्ट्रिक मोटर 13.41 bhp का पीक पावर आउटपुट और 52 Nm का पीक टॉर्क आउटपुट देती है. रेंज की बात करें तो इस इलेक्ट्रिक ऑटो की असल रेंज 200 km (265 km ARAI-सर्टिफाइड रेंज) है. इतना ही नहीं, यह इलेक्ट्रिक ऑटो तीन राइड मोड्स के साथ आता है, जिसमें रेंज, राइड और रेस शामिल हैं. इस ऑटो की टॉप स्पीड 55 kmph (रेस मोड में) है. फीचर्स की बात करें तो इस ऑटो में हिल होल्ड असिस्ट और क्रीप फ़ंक्शन मिलते हैं. Mahindra Udo में 12-इंच के ट्यूबलेस टायर लगाए गए हैं.

महादेव मेहरबान: महाशिवरात्रि पर इन 4 राशियों के जीवन में आएगा सुख-समृद्धि का उछाल

हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और कई स्थानों पर धूमधाम से शिव बारात भी निकाली जाती है। वर्ष 2026 में यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से शिव-शक्ति की पूजा करने पर अविवाहित कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है, जबकि विवाहित दंपतियों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इन राशियों पर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं यह कौन सी राशियां हैं। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए महाशिवरात्रि शुभ संकेत लेकर आ सकती है। इस दौरान आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। मानसिक तनाव में कमी आएगी और परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा का भगवान शिव से गहरा संबंध है, और वृषभ राशि पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव माना जाता है। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए भी यह पर्व सकारात्मक परिणाम दे सकता है। करियर में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं और व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है। आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। यदि पहले से कोई निवेश किया हुआ है, तो उससे भी लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। जीवन में खुशियों का आगमन होगा। मकर राशि मकर राशि के जातकों को महाशिवरात्रि के आसपास धन लाभ के योग दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं। किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है। ज्योतिष में शनि देव को मकर राशि का स्वामी माना जाता है और धार्मिक मान्यता के अनुसार शनि देव भगवान शिव के बड़े भक्त हैं। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह पर्व आर्थिक और पेशेवर जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। करियर में सफलता मिलने के योग हैं और आय में वृद्धि संभव है। पुराने निवेश से भी फायदा हो सकता है। साथ ही मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-समृद्धि बनी रहने के संकेत हैं।

टीम कॉम्बिनेशन पर मंथन, भारत मुकाबले के लिए नई प्लेइंग XI ला सकता है पाकिस्तान

कोलंबो. पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों ( दो स्पिनर और दो तेज गेंदबाज) के साथ उतर सकता है। टीम के करीबी एक सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच माइक हेसन और कप्तान सलमान अली आगा इस मैच में दोनों विशेषज्ञ स्पिनरों अबरार अहमद और उस्मान तारिक के साथ-साथ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी और सलमान मिर्जा को खिलाने के इच्छुक हैं। टीम प्रबंधन शादाब खान, मोहम्मद नवाज और फहीम अशरफ में से एक ऑलराउंडर को बाहर करने पर भी विचार कर सकता है। सूत्र ने कहा, ”टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र समस्या यह है कि यदि वे चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ जाते हैं तो फहीम, शादाब और नवाज में से किसे बाहर बिठाना है, इस पर फैसला लेना होगा। ” उन्होंने बताया कि सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा, बाबर आजम और उस्मान खान बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पांच स्थान पर हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को छठे और सातवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा जिसके बाद चार गेंदबाज होंगे। सूत्र ने कहा कि नवाज के बाहर बैठने की संभावना है क्योंकि वह बाएं हाथ के स्पिनर हैं और भारत के पास अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दूबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सूत्र ने कहा, ”माहौल यह है कि फहीम को खिलाना बेहतर होगा क्योंकि वह अच्छी फॉर्म में हैं और जरूरत पड़ने पर तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही शादाब की लेग स्पिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी होगी। ” उन्होंने कहा कि अबरार, उस्मान, शादाब और सईम अयूब स्पिन विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं इसलिए टीम प्रबंधन को भरोसा है कि इस ‘हाई-प्रोफाइल’ मैच में नवाज के बिना भी काम चलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच का अंतिम मुआयने और मौसम की स्थिति देखने के बाद अंतिम फैसला बदल भी सकता है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहली बार प्रेमदासा स्टेडियम में खेलेगा। पिछले महीने पाकिस्तान ने श्रीलंका में टी20 सीरीज जीती थी लेकिन सभी मैच दांबुला में खेले गए थे जबकि टीम ने अपने दोनों टी20 विश्व कप मुकाबले नीदरलैंड और अमेरिका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले हैं। पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन: सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान, शादाब खान, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।

Kisan Credit Card में बदलाव, RBI ने जारी किया 2026 का मास्टर प्लान, किसानों को फायदा

भोपाल  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और ज्यादा आसान, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं। इन बदलावों का मकसद है कि खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किसानों को एक ही नियम, एक जैसा लोन ढांचा और ज्यादा लचीलापन मिल सके। इस फैसले से देश के करोड़ों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। अब खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए कर्ज लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। किन बैंकों पर लागू होंगे नए नियम? RBI के नए ढांचे के तहत ये नियम इन सभी बैंकों पर लागू होंगे: कॉमर्शियल बैंक,स्मॉल फाइनेंस बैंक,रीजनल रूरल बैंक (RRBs),ग्रामीण सहकारी बैंक ,मतलब देश के लगभग हर किसान तक KCC सुविधा की पहुंच और बढ़ेगी। KCC के लिए एक जैसा नियम – देशभर में एक ही सिस्टम अब KCC लोन के लिए Single Framework लागू करने का प्रस्ताव है। इससे: सभी बैंकों के नियम एक जैसे होंगे ,किसानों में कन्फ्यूजन कम होगा,लोन प्रक्रिया तेज और सरल बनेगी। फसल चक्र भी होगा एक जैसा: छोटी अवधि की फसलें: 12 महीने ,लंबी अवधि की फसलें: 18 महीने ,इससे लोन चुकाने की तारीखें पूरे देश में एक समान होंगी। KCC लोन की अवधि बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव अब तक KCC लोन की अवधि कम होने से लंबी अवधि वाली फसल उगाने वाले किसानों को दिक्कत होती थी। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक: KCC लोन अब 6 साल तक के लिए मिल सकता है। इससे बागवानी, गन्ना, फलदार फसलें उगाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। अब खेती की असली लागत के हिसाब से मिलेगा लोन अब किसानों को मिलने वाली KCC ड्रॉइंग लिमिट सरकार द्वारा तय की गई वास्तविक खेती लागत पर आधारित होगी। इससे: कम लोन मिलने की शिकायत खत्म होगी,किसानों को जरूरत के मुताबिक पैसा मिलेगा,महंगाई के असर को भी ध्यान में रखा जाएगा।आधुनिक खेती के लिए भी मिलेगा KCC से पैसा, अब KCC लोन का इस्तेमाल सिर्फ बीज-खाद तक सीमित नहीं रहेगा। नए नियमों में शामिल: मिट्टी की जांच,मौसम की जानकारी से जुड़ी सेवाएं ,ऑर्गेनिक खेती के सर्टिफिकेट ,आधुनिक खेती के उपकरण ,फसल देखभाल के लिए अतिरिक्त 20% फंड, यानी अब किसान Smart Farming की ओर आसानी से बढ़ सकेंगे। क्यों है यह बदलाव किसानों के लिए गेमचेंजर? आसान नियम, लंबी अवधि तक लोन, सही लागत के अनुसार पैसा, आधुनिक खेती के लिए फंड, सभी बैंकों में एक जैसा सिस्टम RBI का यह कदम KCC योजना को सच में “किसानों का सच्चा साथी” बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

एक मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, नागरिकों को 33 सवालों के उत्तर देने होंगे स्वयं

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया। अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है। लैपटाप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन, घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और मोबाइल नंबर।

दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर को ईरान के पास तैनात, ऑपरेशन मादुरो में ट्रंप की अहम कदम

न्यूयॉर्क अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच तनाव फिर चरम पर है. अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड को पारस की खाड़ी में भेजने का फैसला किया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी चार अमेरिकी अधिकारियों ने दी है. इससे पहले खबरें थीं कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश को भेजा जाएगा, लेकिन अब फोर्ड को चुना गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका ईरान पर हमला करने को तैयार है. क्या हुआ नया?     USS गेराल्ड आर. फोर्ड की तैनाती: यह दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसमें 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान, हजारों सैनिक और एस्कॉर्ट जहाज होते हैं.     पहले यह, यह कैरेबियन सागर में था. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े ऑपरेशन में शामिल था.     अब इसे मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है. अप्रैल अंत या मई तक यह घर (नॉरफोक, वर्जीनिया) नहीं लौटेगा – क्रू के लिए लंबी तैनाती और मेंटेनेंस में देरी होगी.     पहले की रिपोर्ट: वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा था कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (वर्जीनिया तट पर ट्रेनिंग कर रहा) को भेजा जा सकता है. लेकिन अब फोर्ड को चुना गया.     पहले से मौजूद ताकत: USS अब्राहम लिंकन कैरियर और कई अन्य जहाज पहले से मिडिल ईस्ट में तैनात हैं. गेराल्ड आर फोर्ड क्लास  यह अमेरिकी जंगी जहाज है दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर है. अपने क्लास का पहला विमानवाहक पोत, जिसे मई 2017 में कमीशन किया गया. इसके चार और पोत तैयार हो रहे हैं. यह 337 मीटर लंबा है. इसकी बीम 748 मीटर की है. इसका फुल लोड डिस्प्लेसमेंट 1 लाख टन है. इसपर 78 मीटर चौड़ा फ्लाइट डेक है. इसपर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्चिंग सिस्टम लगा है. एडवांस्ड अरेस्टिंग गीयर की सुविधा है. इसपर एक बार में 75 एयरक्राफ्ट तैनात किए जा सकते हैं. इसके आलावा यह 4539 सैनिकों को अपने साथ ले जा सकता है.  ट्रंप का बयान: हमला करने को तैयार ट्रंप ने इजरायली चैनल N12 को इंटरव्यू में कहा…     या तो हम डील करेंगे, या बहुत सख्त कदम उठाएंगे – जैसे पिछली बार.      अगर ईरान के साथ बातचीत फेल हुई, तो सैन्य कार्रवाई होगी.     ट्रंप मैक्सिमम प्रेशर नीति अपना रहे हैं – प्रतिबंध, सैन्य तैनाती और धमकी से ईरान को नया परमाणु समझौता करने पर मजबूर करना. क्यों हो रहा है यह सब?     ईरान का परमाणु कार्यक्रम: ईरान यूरेनियम को हथियार बनाने लायक स्तर तक समृद्ध कर रहा है. अमेरिका और इजरायल इसे बड़ा खतरा मानते हैं.     ट्रंप का रुख: 2018 में ट्रंप ने पुराना समझौता (JCPOA) तोड़ा था. अब नई डील चाहते हैं – ईरान को पुरानी से बेहतर शर्तें माननी होंगी.     रणनीतिक महत्व: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ताकत बढ़ाकर ट्रंप ईरान को दबाव में रखना चाहते हैं. कैरियर से F-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर इस्तेमाल हो सकते हैं.     क्षेत्रीय तनाव: इजरायल-ईरान संघर्ष, हूती हमले और गाजा युद्ध के बीच अमेरिका अपने सहयोगियों (इजरायल, सऊदी) की रक्षा कर रहा है. क्या होगा आगे? फोर्ड की तैनाती से अमेरिका की हवाई ताकत दोगुनी हो जाएगी. अगर दूसरा कैरियर (बुश) भी आया, तो क्षेत्र में अमेरिकी मौजूदगी और मजबूत होगी. विशेषज्ञ कहते हैं कि यह ‘सिग्नलिंग’ है – अमेरिका दिखा रहा है कि वह गंभीर है. दुनिया शांति की अपील कर रही है, ताकि बातचीत से हल निकले. अमेरिका ईरान को परमाणु डील के लिए मजबूर करने के लिए सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े कैरियर की तैनाती तनाव को और बढ़ा रही है. फिलहाल बातचीत का मौका है, लेकिन फेल होने पर मिडिल ईस्ट में बड़ा संघर्ष हो सकता है.   

क्रिप्टो बाजार में हलचल: उछाल के बाद भी Bitcoin कमजोर, क्या खतरे में है इसकी दुनिया?

 नई दिल्‍ली बिटकॉइन की कीमतों में इस हफ्ते भी गिरावट तेज रही, लेकिन शनिवार को इसमें 4 फीसदी की तेजी रही और इसकी कीमत  लगभग 68,864 डॉलर पर आ चुकी है. हालांकि एक्‍सपटर्स को इस तेजी पर कुछ खास भरोसा नहीं हो रहा है.  उनका कहना है कि इस बड़ी गिरावट के बीच यह एक छोटी सी उछाल है और गिरावट अभी भी हावी है.  बिटकॉइन अभी भी अपने  रिकॉर्ड स्‍तर से करीब आधा गिर चुका है. क्रिप्टोकरेंसी अक्टूबर में अपने उच्चतम स्तर से लगभग 44% गिर चुकी है, जो पिछले कई महीनों में हुए करेक्शन के कारण हुआ है. शुक्रवार को बिटकॉइन लगभग $69,180 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले साल के अंत में आई तेजी के दौरान देखे गए स्तरों से काफी नीचे है. अभी और गिर सकता है बिटकॉइन मिड टर्म को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, नेड डेविस रिसर्च (एनडीआर) के रणनीतिकारों ने चेतावनी दी है कि भारी बिकवाली के बाद भी आगे और गिरावट आ सकती है. इस महीने की शुरुआत में ग्राहकों को जारी एक नोट में, एनडीआर ने कहा कि अगर मौजूदा मंदी एक पूरे बिटकॉइन विंटर में बदल जाती है, तो कीमतें मौजूदा स्तरों से काफी नीचे तक गिर सकती हैं.  55 फीसदी तक टूट सकता है बिटकॉइन नेड डेविस रिसर्च के मुख्य रणनीतिकार पैट त्सचोसिक और विश्लेषक फिलिप मौल्स के अनुसार, गंभीर मंदी की स्थिति में बिटकॉइन की कीमत गिरकर 31,000 डॉलर तक जा सकती है. इस तरह की गिरावट का मतलब मौजूदा कीमतों से लगभग 55% की और गिरावट होगी, जिससे हाल के उच्चतम स्तर के करीब निवेश करने वाले निवेशकों को और अधिक ज्‍यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  75 फीसदी तक टूट चुका है बिटकॉन एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन की ऐतिहासिक गिरावट विश्लेषण पर आधारित है. उन्होंने बताया कि पिछली बड़ी बिकवाली के दौरान, बिटकॉइन में आमतौर पर लगभग 70% से 75% की गिरावट देखी गई है, जब गिरावट लंबे समय तक मंदी के दौर में बदल गई. अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो मौजूदा गिरावट अभी भी जारी रह सकती है. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, नेड डेविस रिसर्च ने यह भी बताया कि 2011 से लेकर अब तक बिटकॉइन की मंदी के दौर में औसतन लगभग 84% की गिरावट आई है. ये गिरावटें न केवल गहरी थीं, बल्कि लंबी भी रहीं.  औसतन, पिछले बिटकॉइन की मंदी के दौर लगभग 225 दिनों तक चले, जो लंबे समय तक कमजोरी की संभावना को उजागर करते हैं.  

8 लाख की धोखाधड़ी मामले में VIP ट्रेड कंपनी के चार आरोपी पकड़े गए, छत्तीसगढ़ में खुलासा

लौदाबाजार  थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। ये आरोपी राजस्थान के किशनगढ़ और आसपास के इलाकों से जुड़े थे और उन्होंने वीआईपी ट्रेड नाम की फर्जी कंपनी बनाकर पूरे देश में ठगी का जाल फैलाया था। इस मामले में एक शिकायतकर्ता से ही 8 लाख 6 हजार 640 रुपये की ठगी हुई है। लेकिन, पुलिस को संदेह है कि इससे कहीं ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। श्याम कॉलोनी बलौदाबाजार के निवासी रामचंद्र वस्त्रकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 के अंत से अक्टूबर 2025 के मध्य तक आरोपियों ने संपर्क किया और वीआईपी ट्रेड कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 10 से 12 प्रतिशत की गारंटी के साथ मुनाफा मिलने का वादा किया। कहा गया कि पैसों में रोजाना ग्रोथ होगी और जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सकता है। इस झांसे में आकर रामचंद्र ने कुल 8 लाख 6 हजार 640 रुपये कंपनी में जमा कर दिए। जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया और बाद में अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इससे उन्हें ठगी का पता चला। इस शिकायत पर 13 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 307/2025 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने थाना प्रभारी और साइबर सेल को सख्त निर्देश दिए। टीम ने तकनीकी जांच और विश्लेषण से पता लगाया कि ठगी का पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा था। एक मुख्य आरोपी अजमेर के केंद्रीय कारागार में पहले से बंद था। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने वीआईपी ट्रेड कंपनी बनाकर ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की। 13 फरवरी 2026 को इन आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला अभी जांच के दौर में है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी वीआईपी ट्रेड कंपनी ने ठगी की हो या निवेश के नाम पर पैसे मांगे गए हों, तो वह तुरंत थाना सिटी कोतवाली या स्थानीय साइबर सेल में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराए। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: अब्दुल समद (60 वर्ष), निवासी भिश्ती मोहल्ला, गांधीनगर, किशनगढ़, राजस्थान; लोकेश चौधरी (26 वर्ष), निवासी रामदेव कॉलोनी, किशनगढ़, राजस्थान; कैलाश चौधरी (26 वर्ष), निवासी जाटो का मोहल्ला, थाना नारायणा, जयपुर ग्रामीण, राजस्थान; धीरज गट्टानी (25 वर्ष), निवासी न्यू कॉलोनी, कुचामन सिटी, राजस्थान। पुलिस का कहना है कि ऐसी फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी अनजान कंपनी में पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें।

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