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किसानों के लिए गेमचेंजर बनेगा AI-पावर्ड भारत-विस्तार, लॉन्च से पहले जानें इसके बड़े फायदे

नई दिल्ली कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाकर भारत मंगलवार (17 फरवरी) को एक इतिहास रचने जा रहा है क्योंकि उस दिन केंद्र सरकार भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) नाम का एक क्रांतिकारी AI-पावर्ड मल्टीलिंगुअल टूल लॉन्च करने जा रही है। यह किसानों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने हालिया बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिसजेंस (AI) पर आधारित कृषि प्लेटफॉर्म भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) को जल्द लॉन्च करने का ऐलान किया था। इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा जयपुर में किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य किसानों तक तकनीक को सरल तरीके से और सरल भाषा में पहुंचाना है, ताकि वे सही समय पर सही खेती संबंधी निर्णय ले सकें। यह टूल किसानों को उनकी अपनी भाषा में खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी मोबाइल ऐप या फोन कॉल के जरिए उपलब्ध कराएगा। क्या है Bharat-VISTAAR यह AI आधारित एक मल्टीलिंगुअल अत्याधुनिक टूल है, जो देश के करोड़ों किसानों के लिए ‘डिजिटल कृषि विशेषज्ञ’ की भूमिका निभाएगा। इसका पूरा नाम ‘वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस एग्रीकल्चरल रिसोर्सेज’ (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources _VISTAAR) है। यह डिजिटल सिस्टम किसानों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा और इसमें ‘भारती’ नाम का AI वॉइस असिस्टेंट होगा। किसान इसे मोबाइल ऐप या साधारण वॉइस कॉल यानी हेल्पलाइन नंबर 155261 नंबर डायल करके सीधे जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। शुरुआत में यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी, बाद में इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी शुरू किया जाएगा। ओला-बारिश, बाढ़-सुखाड़ का पूर्वानुमान इस टूल के माध्यम से किसानों को फसल योजना, खेती की तकनीक, कीट नियंत्रण, मौसम पूर्वानुमान, बाजार कीमत और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। इसके जरिए किसान प्रधानमंत्री किसान योजना, फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कई सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी लेकर आवेदन भी कर सकेंगे। सरकार के अनुसार यह सिस्टम देश के कृषि डेटा और रिसर्च को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम करेगा। इसमें कृषि अनुसंधान संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की जानकारी और राष्ट्रीय AI ढांचे जैसे India AI Mission और BHASHINI का सहयोग लिया जाएगा। परियोजना पर इस वर्ष 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में इस परियोजना पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का हालिया बजट में आवंटन किया गया है। सरकार का मानना है कि यह सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि देश का डिजिटल कृषि ढांचा बनेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने, खेती का जोखिम कम करने और कृषि नीति को डेटा के आधार पर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो यह भारत के कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति साबित हो सकती है और छोटे किसानों को भी तकनीक का पूरा लाभ मिल सकेगा। बजट में सीतारमण ने किया था ऐलान बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2026 को अपना लगातार 9वां बजट पेश करते हुए इस स्कीम की घोषणा की थी और कहा था, “मैं भारत-विस्तार लॉन्च करने का प्रस्ताव करती हूं—एक मल्टीलिंगुअल AI टूल जो एग्रीस्टैक पोर्टल्स और खेती के तरीकों पर ICAR पैकेज को AI सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करेगा। इससे खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी और कस्टमाइज्ड एडवाइजरी सपोर्ट देकर रिस्क कम होगा।” विशेषज्ञों के मुताबिक, “भारत विस्तार इंटरैक्टिव है। इसके जरिए किसानों का फीडबैक सरकारी सिस्टम में वापस आएगा। इसके सबूतों के आधार पर पॉलिसी बनाने और रिसर्च को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी।”  

रक्षा क्षेत्र में तेज रफ्तार भारत: एयरो इंजन को लेकर रक्षामंत्री की बड़ी रणनीति

नई दिल्ली रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि देश एडवांस्ड मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट यानी एमका के डिजाइन और डेवलपमेंट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पूर्व में भी एयरो इंजन के क्षेत्र में महारथ हासिल करने के कई प्रयास किए हैं। अब समय आ गया है कि हमारे जो प्रयास अधूरे रह गए थें, उनको हम पूरा करें। रक्षा मंत्री सोमवार को गैस टरबाइन रिसर्च स्टेब्लिशमेंट बेंगलुरु में विशेषज्ञों के बीच बोल रहे थे। रक्षामंत्री ने विशेषज्ञों व शोधकर्ताओं से कहा, “अगर किसी इंजन को विकसित करने में 25 साल लग रहे हैं, तो भारत की मौजूदा स्थिति , हमारी रणनीतिक जरूरत और हमारी महत्वाकांक्षा ऐसी हैं कि आप मानकर चलिए कि आपके 20 साल पहले ही खत्म हो चुके हैं और अब सिर्फ 5 साल ही आपके पास बचे हैं। यह कोई अचरज वाली बात नहीं है, यह एक चुनौती है। हमें 5 साल में वो कर दिखाना है, जो दूसरे देश 20 साल में करते हैं। इसी में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।” उन्होंने कहा कि हमें भविष्य की तरफ भी देखना होगा। हम सिर्फ 5वीं पीढ़ी के इंजन तक सीमित नहीं रह सकते। छठी पीढ़ी की एडवांस टेक्नोलॉजी का विकास भी हमें जल्द से जल्द शुरू करना होगा। उस पर रिसर्च , समय की मांग है। जैसे-जैसे दुनिया में टेक्नोलॉजी बदल रही है, आर्टिफिशियल मशीन लर्निंग और न्यू मटीरियल का प्रयोग बढ़ रहा है, हमें उनमें आगे रहना होगा। उन्होंने यहां मौजूद वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं से कहा कि आप इंग्लैंड के साथ एयरो इंजन विकसित करने के लिए संयुक्त अध्ययन कर रहे हैं। यह बहुत अच्छी पहल है। इसके अलावा, फ्रांस के साथ भी, एयरो इंजन के लिए, हम नेशनल एयरो इंजन मिशन के तहत प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। फ्रांस और यूके, दोनों ही देश एयरो इंजन टेक्नोलॉजी में बहुत आगे रहे हैं। उनके साथ यह समझौता हमें न सिर्फ नई टेक्नोलॉजी सीखने का मौका देगा बल्कि उन चुनौतियों को भी समझने में सहायता करेगा, जिनका हमने पिछले दशकों में सामना किया है। रक्षामंत्री ने कहा कि जब हम सरकार में आए, तो हमने आत्मनिर्भरता की ओर अपने कदम बढ़ाए। रक्षा क्षेत्र में भी,आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के हमने कई प्रयास किए। उन्होंने कहा, “मैंने अपने लगभग 7 साल के कार्यकाल में, अपना पूरा प्रयास किया कि हम एयरो इंजन के डेवलपमेंट को प्राथमिकता पर रखें और ऐसा हमने किया भी। आज की वैश्विक राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, इस तरह की महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता कितनी जरूरी है, यह मैं समझता हूँ कि बताने की जरूरत नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर में हमने साफ देखा, कि हमारी अपनी टेक्नोलॉजी ने, हमारे देश में बने हथियारों ने, हमारी फोर्स का कितना सहयोग किया। चाहे संचार सिस्टम हो, सर्विलांस के साधन हों, या फिर अटैक करने वाले हथियार, सबमें स्वदेशी टेक्नोलॉजी की झलक साफ दिखी।” उन्होंने कहा कि इससे सेना का मनोबल और बढ़ा व देश के लोगों को भी गर्व हुआ। अब जैसे-जैसे समय बदल रहा है, चुनौतियां बदल रही हैं, हमारे लिए बहुत जरूरी हो गया है कि हम स्वदेशी तौर-तरीकों पर और ज्यादा फोकस करें, और हमारी फोर्स को विश्व स्तरीय प्रणालियां और उपकरण उपलब्ध कराएं। रक्षामंत्री ने कहा कि आज भारत के सामने बहुत सारे अवसर हैं। हमें उन अवसरों को भुनाने की जरूरत है। उन्होंने भारत और यूरोपीय यूनियन के फ्री ट्रेड समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता 18 सालों से नहीं हो पा रहा था, वह अब पूरा हो गया। यह ट्रेड एग्रीमेंट भारत की बढ़ती आर्थिक और राजनीतिक शक्ति की स्वीकार्यता भी है। रक्षामंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही, वह ग्रीक के रक्षामंत्री से मिले थे। उस बातचीत के दौरान, उन्हें एक बहुत सुखद सरप्राइज मिला। दरअसल इस मुलाकात में ग्रीक के रक्षामंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि वह भारत को एक उभरती हुई ताकत के तौर पर नहीं, बल्कि एक सुपर पावर की तरह देख रहे हैं। उनकी नजर में भारत अब कोई साधारण राष्ट्र नहीं, बल्कि एक ग्लोबल लीडर है।

असम कांग्रेस में हाई वोल्टेज ड्रामा: इस्तीफे के बाद बदला फैसला, भूपेन बोरा का बयान चर्चा में

गुवाहाटी असम कांग्रेस में सोमवार को खूब ड्रामा देखने को मिला। पहले तो असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद यू-टर्न लेते हुए उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया। बताया जा रहा है कि इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की भूमिका भी है। असम कांग्रेस में सोमवार को खूब ड्रामा देखने को मिला। पहले तो असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद यू-टर्न लेते हुए उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया। बताया जा रहा है कि इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की भूमिका भी है। कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने भी यही दावा किया। बोरा के इस्तीफा देने के बाद सिंह और पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बोरा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बीच, बोरा ने अपने आवास के बाहर मीडिया से कहा कि उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कांग्रेस आलाकमान से समय मांगा है। गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बोरा से बात की है और उनका इस्तीफा आलाकमान ने स्वीकार नहीं किया है। गोगोई ने कहाकि अगर पार्टी में कुछ मुद्दों के कारण भूपेन बोरा को ठेस पहुंची है तो हम उनसे माफी मांगते हैं। किस तरफ बोरा का इशारा मीडिया से बातचीत में भूपेन बोरा ने विस्तार से जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहाकि मैं अभी इस पर बोलना ठीक नहीं समझता कि मैंने इस्तीफा क्यों दिया। हां, मैंने इस्तीफा दिया था। इसे आलाकमान को भी भेजा था। जब भी मुझे जरूरी लगेगा, मैं आप लोगों को बुलाऊंगा और विस्तार से बात करूंगा। हालांकि उन्होंने इशारों-इशारों में इस्तीफे की वजह का भी जिक्र कर दिया। बोरा ने कहाकि थोड़ा-बहुत तो आप लोग भी जानते ही हैं कि मैंने इस्तीफा क्यों दिया। इस सबकी शुरुआत बेहाली से हुई थी। इसके अलावा उन्होंने पार्टी में निर्णय लेने की अंदरूनी प्रक्रिया को लेकर भी असहमति जताई। खासतौर पर मजुली यात्रा में भाग लेने को लेकर। उन्होंने कहाकि मैंने पीसीसी चीफ से कहाकि अगर कांग्रेस पार्टी यह भी तय नहीं कर पा रही है कि मजुली यात्रा में कौन जाएगा तो मुझे लगता है कि फिर भविष्य की तरफ ध्यान देना चाहिए। इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने भूपेन बोरा के इस्तीफे पर कहाकि भाजपा के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। सरमा ने यह भी कहा कि अगर बोरा भाजपा में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी सेफ सीट से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में बोरा ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है और राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है। बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे और पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं।  

जेल में इमरान खान की सेहत पर अपडेट: कानून मंत्री बोले- चश्मा लगाकर देखने में नहीं दिक्कत

इस्लामाबाद पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सोमवार को दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत दुरुस्त है, चिंता की कोई बात नहीं है, और चश्मे के साथ उनकी एक आंख की रोशनी 70 फीसदी बची है। इसके साथ ही उन्होंने पीटीआई शासित केपी में किए जा रहे रोड ब्लॉक को भी गैर कानूनी करार दिया। कानून मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक की दूसरी आंख की रोशनी 6/6 है। तरार ने कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है।” पंजाब के शाहदरा में बार एसोसिएशन फिरोजवाला को संबोधित करते हुए, तरार ने इमरान की सेहत के बारे में “नवीनतम रिपोर्ट जो जमा करनी थी” का जिक्र किया। मंत्री ने कहा कि बार एसोसिएशन आने से पहले उन्होंने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) मंसूर उस्मान अवान और “संबंधित” लोगों से इस बारे में चर्चा की थी। इसके साथ ही उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई सरकार के राज में जगह-जगह किए गए घेराव और प्रदर्शन को भी गलत बताया। उन्होंने कहा, “मेडिकल टीम ने विपक्षी नेताओं और पीटीआई संस्थापक के निजी चिकित्सकों को उनकी सेहत के बारे में जानकारी दे दी है। मोटरवे और जीटी रोड को बंद करना गैर-कानूनी है।” कानून मंत्री ने धमकी भरे अंदाज में खैबर पख्तूनख्वा सरकार से संविधान और कानून का पालन करने की अपील की। ​​उन्होंने पीटीआई लीडरशिप से अपील की कि वे केपी में अपनी सरकार से सड़कें खोलने के लिए कहें। तरार ने कहा, “शिकायत मत करो, अगर सड़कें नहीं खोली गईं तो फेडरल सरकार कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।” कानून मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए राजनीतिक स्थिरता जरूरी है। तरार का यह बयान सुप्रीम कोर्ट (एससी) को खान के खराब विजन की जानकारी देने के बाद आया है। कोर्ट को वकील ने बताया था कि इमरान की दाहिनी आंख में सिर्फ 15 फीसदी रोशनी बची है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी (सोमवार) से पहले उनकी जांच के लिए एक मेडिकल टीम बनाई थी। इसके बाद, पांच डॉक्टरों की एक टीम रविवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल पहुंची। जेल में बंद इमरान खान की आंखें जांची, ब्लड सैंपल लिए और उनका ब्लड प्रेशर चेक किया। हालांकि, पीटीआई ने उनके परिवार और निजी चिकित्सकों के बिना किए गए चेक-अप को खारिज कर दिया था।

21 फरवरी को मेसी के बिना ही उतरेगी इंटर मियामी

फोर्ट लॉडरडेल इंटर मियामी को 21 फरवरी को होने वाले मेजर लीग फुटबॉल (एमएलएस) कप के पहले मैच में  स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के बिना ही उतरना होगा। मैसी के बायीं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण इस मैच तक फिट होने की संभावना नहीं है।इंटर मियामी की टीम ने कहा है कि मेसी चोटिल और उपचार के दौर से गुजर रहे हैा। एमएलएस सत्र में लगातार दो बार के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे मेसी ने पिछले सप्ताह मेंइक्वाडोर में अभ्यास सत्र से पहले खेले गए मैच में एक गोल दागा था पर दूसरे हाफ के दौरान ही उन्हें हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया था। इस कारण वह मैदान से बाहर आ गये थे। इसी को लेकर इंटर मियामी ने कहा, अभ्यास में उनकी वापसी आने वाले दिनों में उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। वहीं अगर मेसी नहीं खेलते तो ये टीम के लिए करारा झटका होगा। मेसी को क्लब कितन अहम मानना है उसका अंदाजा इसी से होता है कि पिछले अक्टूबर में इंटर मियामी ने उनके साथ अनुबंध को तीन साल के लिए बढ़ा दिया था।  

‘ममता बनर्जी बनें चेहरा’, राहुल गांधी पर उठे सवाल; मनमोहन सिंह के पूर्व सहयोगी की बड़ी सलाह, TMC का समर्थन

नई दिल्ली भारतीय राजनीति में इस समय पर सत्ताधारी पार्टी भाजपा के पास एक चेहरा प्रधानमंत्री मोदी के रूप में मौजूद है। लेकिन सामने की तरफ बिखरा हुआ विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, समय- समय पर इस पद को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर ममता बनर्जी का नाम आगे बढ़ाया है। उन्होंने लिखा कि वर्तमान समय में ममता बनर्जी ही एक ऐसी नेता है जो एक राजनीतिक दल और सरकार दोनों का नेतृत्व कर रही हैं। वह राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं के बीच में एक अलग पहचान रखती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू ने टेलीग्राफ में लिखे अपने लेख में ममता को एक कद्दावर नेत्री करार दिया। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से अपनी ताकत से उभरी हैं, और पहली पीढ़ी की नेता है, जो कि उन्हें और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाता है। इतना ही नहीं बारू ने कांग्रेस नेतृत्व के ऊपर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी-मनमोहन सिंह मॉडल को राहुल और खरगे के साथ दोहराने का कोई खास लाभ भी पार्टी और इंडिया ब्लॉक को नहीं हुआ है। ऐसे में अब ममता को नेतृत्व संभालना चाहिए। एक महिला प्रधानमंत्री का समय बारू ने लिखा कि काफी समय हो गया है कि अब देश को एक महिला प्रधानमंत्री मिलना चाहिए। उन्होंने लिखा, “यह देखते हुए कि सत्ताधारी भाजपा एक पुरुष प्रधान पार्टी है, अगर विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व किसी महिला नेत्री के हाथ में हो तो यह महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार होगा। इससे भाजपा के महिला मतदाताओं में सेंध लग सकती है। वैसे भी काफी समय हो गया है, जब हमारे पास महिला प्रधानमंत्री रही हो।” गौरतलब है कि आजाद भारत के इतिहास में केवल इंदिरा गांधी ही भारत की महिला प्रधानमंत्री रही हैं। बारू के इस लेख को तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी शेयर किया। उन्होंने लिखा,”एक विचार ऐसा भी जिसका समय आ गया है।’ भारत की राजनीति में कांग्रेस भले ही अभी कमजोर स्थिति में हो लेकिन उसके सामने कोई भी नेता अभी इतनी मजबूत स्थिति में नहीं आया है। ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल में एक मजबूत आधार है, लेकिन दूसरे राज्यों में उनकी खास पहचान नहीं है। इसके अलावा विरोधी प्रचार की वजह से आम जनमानस के मन ममता की छवि एक तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली महिला नेता के तौर पर बनी हुई है, जबकि राहुल गांधी अभी भी एक मजबूत राष्ट्रीय नेता के तौर पर उभर रहे हैं। कई राज्यों में कांग्रेस का एक मजबूत आधार है। ऐसे में भले ही ममता का नाम आगे बढ़ाया जा रहा हो, लेकिन इसका कोई मजबूत आधार नजर नहीं आता।  

PM मोदी की इजरायल यात्रा से पहले नेतन्याहू का बयान, बोले—भारत अब बेहद पावरफुल देश

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह इजरायल के दौरे पर जाएंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में खास होगा। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि PM मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं। इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के संबंधों पर चर्चा करते हुए इसे बेहद अहम बताया है। हालांकि भारत ने इस दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं है, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के न्योते के बाद पीएम मोदी आगामी 24-25 फरवरी को इजरायल की यात्रा पर रवाना हो सकते हैं। दौरे से पहले नेतन्याहू ने भी इसके संकेत दिए हैं। हाल ही में मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट के कॉन्फ्रेंस में अपने भाषण में, नेतन्याहू ने देशों के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “संसद में भाषण होने वाला है। अगले हफ्ते यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी।” उन्होंने आगे कहा, “इजरायल और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध है, और हम हर तरह के सहयोग पर बात करेंगे।” उन्होंने आगे भारत को एक पावरफुल देश बताया। नेतन्याहू ने कहा, “जैसा की आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। यहां 1.4 बिलियन लोग रहते हैं। भारत बहुत पावरफुल है, बहुत पॉपुलर है।… मैं चाहता हूं कि आप सभी इसे जानें।” उन्होंने भारत में इजरायल की प्रसिद्धि की भी बात कही। किन मुद्दों पर होगी चर्चा? पीएम मोदी के दौरे पर उनके और नेतन्याहू के बीच बातचीत रक्षा सहयोग के साथ-साथ काउंटर-टेररिज़्म की कोशिशों को तेज करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। दोनों नेताओं ने हाल के दिनों में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करने की बात कही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम रिसर्च और एडवांस्ड एग्रीकल्चर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों के भी समझौतों की उम्मीद है।  

बैंक में ही हुई सबसे बड़ी चोरी, डिप्टी मैनेजर ने 3.5 करोड़ का सोना सट्टे में झोंक दिया

बेंगलुरु कर्नाटक के बेंगलुरु में इंडियन बैंक के एक डिप्टी मैनेजर पर ग्राहकों के सोने के आभूषणों की हेराफेरी करने और उन्हें बिना अनुमति के गिरवी रखने का आरोप है। जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 2,780 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है।   बैंक लॉकर में सोना रखना अब भी सुरक्षित है या नहीं? यह सवाल बेंगलुरु के एक चौंकाने वाले मामले ने सबके मन में उठा दिया है। जहां लोग बैंक को सबसे भरोसेमंद जगह मानते हैं, वहां ही बैंक का उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) ग्राहकों के सोने का सेंधमार निकला। रिपोर्ट के अनुसार डिप्टी मैनेजर ने कथित तौर पर 15 ग्राहकों के लॉकर से करीब 2.78 किलो (2,780 ग्राम) सोने के आभूषण चुराए, उन्हें बिना अनुमति गिरवी रखा और मिली रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी में उड़ा दी। पुलिस के अनुसार, कर्नाटक के बेंगलुरु में इंडियन बैंक के एक उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) पर ग्राहकों के सोने के आभूषणों की हेराफेरी करने और उन्हें बिना अनुमति के गिरवी रखने का आरोप है। जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 2,780 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है। खबर के मुताबिक, बैंक के मुख्य प्रबंधक ने 5 फरवरी को बेंगलुरु के गिरिनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने उच्च अधिकारियों को बताए बिना बैंक लॉकरों से ग्राहकों के 2,780 ग्राम सोने के आभूषण निकाल लिए और उन्हें एक फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रख दिया। जांच के दौरान प्रारंभिक सबूत मिले हैं कि इस तरीके से प्राप्त पैसे को आरोपी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी (ऑनलाइन बेटिंग/जुआ) पर खर्च कर दिया था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) लोकेश बी जगलासर ने बताया कि आरोपी उप प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम बाकी सोना बरामद करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक करीब 700 ग्राम सोना बरामद हो चुका है। उन्होंने आगे बताया कि फाइनेंस कंपनी से जरूरी सहयोग नहीं मिल रहा है, इसलिए हम अदालत का रुख करेंगे और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। फिलहाल मामले की जांच अभी जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।  

फिडे फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चैंपियनशिप : मैग्नस कार्लसन बने पहले आधिकारिक चैंपियन

जर्मनी नॉर्वे के विश्व नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करते हुए पहले आधिकारिक फिडे फ्रीस्टाइल विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को 2.5–1.5 से हराकर खिताब जीता। वाइसेनहाउस में खेले गए चार गेम के फाइनल मुकाबले में कार्लसन ने चौथा और अंतिम गेम ड्रॉ खेलकर खिताब पक्का किया। 35 वर्षीय कार्लसन को निर्णायक मुकाबले में सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने बराबरी के एंडगेम में यह परिणाम हासिल कर लिया। 33 वर्षीय कारुआना वापसी के कुछ अवसरों को भुना नहीं सके। रविवार को खेले गए तीसरे गेम ने मैच की दिशा बदल दी। कार्लसन ने लगभग हारी हुई स्थिति से शानदार जीत दर्ज कर मुकाबले का रुख अपने पक्ष में कर लिया। यही जीत अंततः निर्णायक साबित हुई। इस खिताब के साथ कार्लसन अब विभिन्न प्रारूपों में कुल 21 विश्व खिताब अपने नाम कर चुके हैं। यह विश्व चैंपियनशिप फिडे और निजी आयोजक फ्रीस्टाइल चेस के बीच सहयोग का परिणाम थी। यह इस प्रारूप में पहला आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त खिताब रहा। इससे पहले कार्लसन फिडे फिशर रैंडम विश्व चैंपियनशिप नहीं जीत पाए थे, इसलिए यह जीत उनके लिए खास मानी जा रही है। कांस्य पदक मुकाबले में उज़्बेकिस्तान के नोडिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराया। अंतिम गेम ड्रॉ रहने के बावजूद अब्दुसत्तोरोव ने जीत सुनिश्चित की। कार्लसन, कारुआना और अब्दुसत्तोरोव ने अगले वर्ष होने वाली चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। पांचवें स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में अमेरिका के हांस नीमन ने भारत के अर्जुन एरिगैसी को 2-0 से हराया। वहीं सातवें स्थान के लिए आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन ने उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को आर्मगेडन गेम में मात दी। महिला प्रदर्शनी मुकाबले में कजाखस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने स्विट्ज़रलैंड की अलेक्ज़ांद्रा कोस्टेनियुक को हराया। अंतिम मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद भी अस्साउबायेवा विजेता रहीं।  

IND vs PAK मुकाबले में ईशान किशन का जलवा, T20 वर्ल्ड कप में खास रिकॉर्ड किया अपने नाम

नई दिल्ली पाक के खिलाफ ईशान किशन ने 40 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 77 रन बनाए। अपनी इस शानदार पारी के साथ अब ईशान किशन टी-20 विश्व कप के भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली और मोहम्मद रिजवान के खास ग्रुप में एंट्री कर ली है। रविवार 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो शहर के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम पाकिस्तान मैच में ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की है। बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने 40 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 77 रन बनाए। अपनी इस शानदार पारी के साथ अब ईशान किशन टी-20 विश्व कप के भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली और मोहम्मद रिजवान के खास ग्रुप में एंट्री कर ली है। टी-20 विश्व कप के इतिहास सें भारत बनाम पाकिस्तान मैच में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है। उन्होंने टी-20 विश्व कप 2022 में मेलबर्न के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 82 रनों की पारी खेली थी और भारत को हारा हुआ मैच जिता दिया था। इस सूची में दूसरे नंबर पर पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान हैं, जिन्होंने 2021 के टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ नाबाद 79 रन की पारी खेली थी और बाबर आजम के साथ मिलकर भारत को एकतरफा हरा दिया था। इस सूची में एक बार फिर विराट कोहली का नाम है। उन्होंने साल 2012 के टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे। विराट कोहली और मोहम्मद रिजवान की सूची में अब भारतीय सलामी बल्लेबाज ईशान किशन का नाम जुड़ गया है। वे भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने रविवार को खेले गए मुकाबले में 40 गेंदों में 77 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इस सूची में पांचवें नंबर पर भारत के वर्तमान कोच और पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का नाम है। उन्होंने साल 2007 के वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। टी-20 विश्व कप में भारत पाकिस्तान मैच में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में टॉप-10 में बाबर आजम का नाम 6वें नंबर पर है। उन्होंने भारत के खिलाफ साल 2022 में नाबाद 68 रनों का पारी खेली थी। इस सूची में 7वें और 8वें नंबर पर फिर से विराट कोहली हैं, जिन्होंने क्रमश: 2021 और 2016 विश्व कप में 57 और 55 रन बनाए थे। इस लिस्ट में मिसबा-उल-हक, शान मसूद, इफ्तिकार अहम और रॉबिन उथ्थपा के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने क्रमश: 53, 52, 51 और 50 रनों की पारी खेली थी। टी20 विश्व कप में INDvsPAK में सर्वोच्च स्कोर: 82* – विराट कोहली, 2022 79* – मोहम्मद रिजवान, 2021 78* – विराट कोहली, 2012 ईशान किशन 77, 2026 75 – गौतम गंभीर, 2007 68* – बाबर आजम, 2022 57 – विराट कोहली, 2021 55* – विराट कोहली, 2016 53 – मिस्बाह-उल-हक, 2007 52* – शान मसूद 2022 51 – इफ्तिखार अहमद, 2022 50 – रॉबिन उथप्पा, 2007  

‘डर से भरोसे तक का सफर’: विधान परिषद में सीएम योगी का विपक्ष पर निशाना

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश ‘फियर जोन’ से ‘फेथ जोन’ में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है।” सीएम योगी ने सदन में राज्यपाल के प्रति कथित अभद्र व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का आचरण उसकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।  उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की यात्रा तय की है। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और निर्णायक नेतृत्व ने शासन-प्रशासन की दिशा बदली है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। पहले ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ जैसी स्थिति थी, गुंडा टैक्स और अवैध वसूली आम बात थी, जबकि अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन’ के मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में नई दिशा तय कर रहा है और उत्तर प्रदेश भी उसी सोच के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य बनने की ओर अग्रसर है और निवेश, नवाचार व पारदर्शिता का केंद्र बन रहा है। सीएम योगी ने कहा, “विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक स्वार्थ में राष्ट्र प्रतीकों और आस्था स्थलों का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का विकास और प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प नई पहचान का प्रतीक है। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के केंद्र भी हैं। मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और विश्वविद्यालय, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थापना सहित सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ और माघ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी सुशासन और सुरक्षा पर बढ़े विश्वास का प्रमाण है। जो प्रदेश पहले दंगों के लिए जाना जाता था, वह आज दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव के लिए पहचाना जा रहा है। सीएम ने बताया कि पिछले वर्षों में 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट, साइबर थाने, फॉरेंसिक लैब और आधुनिक पुलिसिंग मॉडल से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में 12 अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब संचालित हैं और सभी 75 जिलों में फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है। पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करने और तीन महिला बटालियन- वीरांगना झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी- के गठन का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय, अराजकता और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, निवेश, आस्था और आत्मविश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

जय सोमनाथ के लिये संजय लीला भंसाली–केतन मेहता ने मिलाया हाथ

मुंबई,  बॉलीवुड फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने केतन मेहता के साथ मिलकर भारतीय सभ्यता की एक बेहद महत्वपूर्ण कहानी ‘जय सोमनाथ’ का ऐलान किया है। भारतीय सिनेमा की इन दो सबसे बड़ी क्रिएटिव ताकतों का एक साथ आना वाकई एक्साइटिंग है, जो पर्दे पर एक अनोखा और भव्य नज़ारा पेश करने का वादा करता है।’जय सोमनाथ’ की कहानी हमें 1025–1026 ईस्वी के उस दौर में ले जाएगी, जब गजनी के महमूद ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसे लूटा था। यह भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जो विनाश के बाद फिर से खड़े होने की ताकत को दिखाता है। इस साल इस हमले और मंदिर के विध्वंस को 1000 साल पूरे हो रहे हैं, और यह फिल्म भारत की कभी न टूटने वाली हिम्मत और हमारी सभ्यता के गौरव का प्रतीक बनेगी। हैरानी की बात है कि इतने गहरे इमोशनल और कल्चरल महत्व वाले इस विषय पर आज तक सिनेमा में कभी काम नहीं हुआ। अब पहली बार यह ऐतिहासिक घटना बड़े पर्दे पर जीवंत होने जा रही है, जो यकीनन हर भारतीय के दिल को छू लेगी। ‘जय सोमनाथ’ को जो बात सबसे खास बनाती है, वो है संजय लीला भंसाली और केतन मेहता का साथ आना। जहाँ भंसाली अपनी भव्यता और बड़े पर्दे पर एक जादुई दुनिया रचने के लिए मशहूर हैं, वहीं केतन मेहता अपनी बेबाक कहानियों, ऐतिहासिक विज़न और इंटरनेशनल लेवल की फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म इतिहास की गहराई और सिनेमा के विशाल स्केल को एक साथ लेकर आएगी, जो दर्शकों को एक जबरदस्त अनुभव देने का वादा करती है। क्योंकि ये दोनों ही फिल्ममेकर गुजरात से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे इस कहानी में असलियत और जज्बातों का वो मेल दिखा पाएंगे जो सीधे लोगों के दिलों को छुएगा।’जय सोमनाथ’ का निर्माण भंसाली प्रोडक्शंस और माया मूवीज (केतन मेहता की प्रोडक्शन कंपनी) के बैनर तले किया जा रहा है। केतन मेहता खुद इस फिल्म के लेखन और निर्देशन की कमान संभाल रहे हैं। फिल्म 2027 में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी।  

रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन गया है उत्तर प्रदेश: योगी

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम योगी ने प्रस्तुत की प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर सीएम योगी बोले, जनता जनार्द़न पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं, चोरी को रोका गया लखनऊ विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने राजस्व अनुशासन, किसानों की आय वृद्धि और कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। कहा कि बिना अतिरिक्त कर लगाए टैक्स चोरी पर अंकुश और विकास के संतुलित मॉडल से प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी मात्र 13 लाख करोड़ रुपये थी। 1947 से लेकर 2017 तक इस यात्रा को तय करने में 70 वर्ष लगे। 2017 के बाद मात्र आठ से साढ़े आठ वर्ष के बीच में डबल इंजन सरकार ने इसमें 23 लाख करोड़ अतिरिक्त जोड़े हैं। सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 36 लाख करोड़ की हो चुकी है। जब देश आजाद हुआ था, यूपी का शेयर 14 प्रतिशत था। लगातार घटते-घटते 2016-17 में यह आठ प्रतिशत रह गया। अब लगातार आगे बढ़ते हुए 9.5 प्रतिशत तक पहुंचने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर कैपिटा इनकम को तीन गुना करने में सफलता मिली है। इसके लिए जनता जनार्दन पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया। हमने टैक्स चोरी को जरूर रोका है। रेवेन्यू लीकेज पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया। आज प्रदेश पिछले पांच वर्षों में लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। जोरदार वित्तीय अनुशासन और विकास दोनों का संतुलन आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। सीएम ने कहाकि बैंकों में पहले उत्तर प्रदेश के अंदर 100 रुपए जमा होते थे जो मात्र 43 रुपये जनता के उपयोग में खर्च होते थे। हमने इसे बढ़ाकर 61-62 रुपये तक पहुंचा दिया है। उत्तर प्रदेश के नौजवानों और व्यापारियों तक इसके उपयोग को पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। यानी सीडी रेशियो 43 से बढ़कर 62 प्रतिशत पहुंचाने में हमने सफलता प्राप्त की है। मुझे इस बात का गर्व है कि उत्तर प्रदेश आज सही दिशा में बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश करता है सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के लोग भी गाहे-बगाहे अन्नदाता की चर्चा करते हैं, लेकिन नीयत उनकी साफ नहीं है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य भी है। सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन भी करता है लेकिन अन्नदाता किसानों की स्थिति उनके समय में क्या थी। इन्होंने कहां पहुंचा दिया था? भारत आज से 2000 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था का सिरमौर था। 44 प्रतिशत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का अधिकार था। वह भारत का स्वर्ण युग था। आज से 400 वर्ष पहले भी भारत की स्थिति यही थी और ग्लोबल इकॉनामी में भारत का शेयर 24-25 प्रतिशत था। किसानों के साथ पिछली सरकारों में औपनिवेशिक मानसिकता का व्यवहार हुआ सीएम योगी ने कहा कि औपनिवेशिक काल में यहां शोषण हुआ, लूट हुई, परंपरागत उद्यम समाप्त किए गए। अन्नदाता किसानों को, जो पहले उत्पादक था, उसे उपभोक्ता बनाकर रख दिया गया। कच्चा माल यहां से बाहर जाता था, फिर पक्का माल बनकर आता था और उस पर भारी टैक्स लगाकर महंगा बेचा जाता था। आज हम कह सकते हैं कि पिछली सरकारों में भी औपनिवेशिक मानसिकता के साथ अन्नदाता किसानों, एमएसएमई सेक्टर और परंपरागत उद्यम से जुड़े कारीगरों के साथ यही व्यवहार हुआ। किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ आज पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान, कारीगर सभी को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है। हम मानते हैं कि किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ है। हर गांव हमारे यहां एक आधारभूत इकाई हुआ करता था। ग्राम स्वराज इसकी आधारशिला थी। चाहे पशुपालन हो, कृषि हो, हस्तशिल्प हो हर क्षेत्र में किसान उत्पादक था, कारीगर स्वयं में उद्यमी था और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु हुआ करता था। डबल इंजन की डबल स्पीड लागत कम, उत्पादन ज्यादा 2017 के पहले कृषि के बारे में कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अन्नदाता केवल वोट बैंक बन गया था। लागत अधिक, उत्पादन कम था और बिचौलियों का वर्चस्व था। 2017 के बाद डबल इंजन की डबल स्पीड से लागत कम, उत्पादन ज्यादा अन्नदाता को विकास में भागीदार बनाया गया। अन्नदाता से उद्यमी बनने की कहानी आज उत्तर प्रदेश में देखी जा सकती है। भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन हमारा संकल्प कृषि को इनकम-बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। आज उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8.5 से बढ़कर साढ़े 18 प्रतिशत तक पहुंची है। एमएसपी पर पारदर्शी खरीद हो रही है और डीबीटी का पैसा सीधे अन्नदाता किसानों के खाते में जा रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के कुल कृषि भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास है, लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। अन्नदाता को खेत से बाजार तक ग्लोबल मार्केट उपलब्ध है। किसानों को खेती संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में भी उत्तर प्रदेश के किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित हुई है। आज अन्नदाता किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाई जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और प्रगतिशील किसानों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान ड्रोन दीदी, एफपीओ, एग्री स्टार्टअप और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से फसलों का मूल्यवर्धन हो रहा है। यूपी एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम” परियोजना के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले धड़ल्ले से चलते थे स्लॉटर हाउस 2017 के पहले प्रदेश में स्लॉटर हाउस धड़ल्ले से चलते थे। व्यापक तस्करी होती थी और आस्था के साथ खिलवाड़ … Read more

SKY का अनुशासन मंत्र: स्लेजिंग पर लगाम लगाने की दी हिदायत, BCCI वीडियो से सामने आई अंदर की बात

दुबई भारतीय टीम ने रविवार को टी20 विश्व कप मुकाबले में पाकिस्तान को 61 रनों से धूल चटाई। एक बार फिर फैंस को कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को नहीं मिला क्योंकि भारतीय टीम ने एकतरफा इस मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा था और अंत तक पाकिस्तान पर हावी रहा। मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खिलाड़ियों से कहा था कि किसी से कुछ बोलना नहीं है। टीम हडल में खिलाड़ियों को निर्देश दिया कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों से कोई बात या स्लेजिंग न करें, बल्कि सिर्फ अपने खेल पर फोकस करें। बीसीसीआई ने सोमवार को सोशल मीडिया पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच के दौरान का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम हडल में खिलाड़ियों को पाकिस्तानी बल्लेबाजों को स्लेजिंग न करने के लिए कह रहे हैं। सूर्यकुमार यादव ने वीडियो में कहा, ”बीच के ओवरों में दौड़ते रहो। किसी को कुछ भी मत कहो। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है। हम अच्छे स्किल के दम पर ये मैच जीतेंगे।” कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह से पाकिस्तान पर हावी रही। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करने का फैसला किया था। हालांकि आईसीसी और बांग्लादेश से बातचीत के बाद पीसीबी ने यूटर्न लिया और मैच खेलने के तैयार हो गया। हालांकि टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। स्पिनरों से भरी पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन दिए। वहीं बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी खराब रहा। पाकिस्तान के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की टीम पूरे ओवर भी नहीं खेल सकी और 18 ओवर में 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान पर 61 रनों से जीत दर्ज करने के बाद सूर्यकुमार ने कहा, ” यह जीत के लिए भारत के लिए है। लेकिन हम इसी तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं और टॉस के दौरान जैसा कि मैंने कहा था कि हम पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे। शुरुआत में हमने विकेट गंवा दिया था लेकिन किशन ने बढ़िया बल्लेबाजी की। 155 का स्कोर मुकाबले को करीबी बना सकता था लेकिन 175 पार स्कोर था। तिलक, रिंकू, शिवम सबने बढ़िया बल्लेबाजी की और गेंदबाजी में सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया। ”  

रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेशः सीएम योगी

  बोले- समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। सीएम ने विधान परिषद की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है। सीएम ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी। रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सभी सेक्टर में अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश और देश में जब टीमवर्क से काम होता है, तब परिणाम आता है। आज हर तबके (गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान, हस्तशिल्पी) के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। आज यूपी में कानून का राज, अपराधी भयभीत, गरीब को सम्मान, किसान खुशहाल, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर, हर गांव में बिजली और हर हृदय में गर्व है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। सपा ने न कुछ अच्छा किया और न ही अच्छा बोल पाएगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार के साथ ही सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित व समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान को बनाया है। हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के रूप में स्थापित करना है। हमने बजट भी उस दिशा में ही प्रस्तुत किया है। सीएम योगी ने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। सीएम ने कहाकि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं। समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई सीएम ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। बोले कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित/मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता सीएम ने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, य़ह अस्वीकार्य है। यूपी में शिक्षा व स्कूलों की स्थिति हुई बेहतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के अंदर अब शिक्षा व स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, श्रमिकों व निराश्रित बच्चों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय समेत यूपी ने बहुत सारे मॉडल प्रस्तुत किए हैं। हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इसकी नेटवर्किंग को न्याय पंचायत स्तर तक फैलाकर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को एक कैंपस में बेहतरीन इंफ्रास्ट्राक्चर के साथ पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो। एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (एआई, ड्रोन, रोबोटिक) समेत इन सभी में प्रदेश ने कार्य प्रारंभ किया है। राजकीय व निजी क्षेत्र में भी लगभग 75 विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जो यह उच्च शिक्षा के बेहतरीन केंद्र बनकर उभरे हैं।

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