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राष्ट्र निर्माण में अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से लें प्रेरणा : राज्यपाल

भोपाल. राज्यपाल एवं कुलाधिपति  मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर राजनीतिक शुचिता, महिला सशक्तिकरण और सेवा की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने अनेक कल्याणकारी सेवा कार्य किए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने गुजरात के जूनागढ़ के 60 परिवारों को इंदौर में बसाया। लोकमाता का व्यक्तित्व और कृतित्व लगभग 300 वर्षों के बाद आज भी प्रेरणादायक है। विद्यार्थी, लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन से प्रेरणा लेकर निरंतर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। राज्यपाल  पटेल मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि और पदक प्रदान करने के साथ बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि दीक्षांत उपाधि केवल प्रमाण-पत्र नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज उपाधियां प्राप्तकर्ताओं में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या अधिक है। यह “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आहवान किया कि हमेशा सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 में भारत को विकसित बनाने में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होगा। राज्यपाल  पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करें विद्यार्थी राज्यपाल  पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हमेशा अडिग रहे। ईमानदार रहे। सच्चाई के रास्ते पर चलें। कभी असत्य नहीं बोलें। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम राम के जीवन में भी अनेक कठिनाईयां आई थी। इसके बाद भी उन्होंने अपनी मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा कभी नहीं छोड़ी। माता-पिता ने भगवान  राम को जो आदेश दिया, उसका उन्होंने अक्षरश: पालन किया। विद्यार्थियों को रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करना चाहिए। दीक्षांत समारोह में स्थानीय सांसद  शंकर लालवानी ने भारत को विकसित बनाने में योगदान देने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का आहवान किया। पद्म से सम्मानित  नारायण व्यास ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य बनाए और उसे पूरा करने के लिये परिश्रम करें। उत्कृष्ट पढ़ाई करें जिससे कि उन्हें रोजगार के समुचित अवसर मिल सके। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के उन्मुखीकरण और गुणवत्तापूर्ण मूल्य संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। समारोह में कुल सचिव, प्राचार्य, प्रोफेसर्स, विद्यार्थी, उनके परिजन तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।  

सत्ता से पहले ही तारिक रहमान का संदेश, संविधान में बदलाव से किया इंकार

ढाका पड़ोसी देश बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में आज (मंगलवार, 17 फरवरी को) नई सरकार शपथ लेने जा रही है। उससे पहले तारिक रहमान और उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNS) ने संविधान बदलने से इनकार कर दिया है और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें कहा गया था कि सभी सांसदों को नई “कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल” के सदस्य के तौर पर एक शपथ पत्र पर दस्तखत करने हैं। सांसदों के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में ही मोहम्मद यूनुस के इस मनमानीपूर्ण फैसले को BNP ने खारिज कर दिया। BNP नेता सलाउद्दीन अहमद ने तारिक रहमान की मौजूदगी में कहा कि पार्टी प्रमुख तारिक रहमान के निर्देशों के बाद सभी नवनिर्वाचित BNP सांसदों से कहा गया है कि वे कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल फॉर्म पर साइन न करें, क्योंकि वे काउंसिल के सदस्य के तौर पर नहीं चुने गए हैं। BNP के इस कदम से यूनुस की उन कोशिशों को बड़ा झटका लगा है, जिसके तहत वह संविधान को बदलना चाह रहे थे। बता दें कि इस काउंसिल का मकसद पार्लियामेंट चुनावों के साथ हुए रेफरेंडम के हिसाब से बांग्लादेश के संविधान को बदलना है। कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल संविधान में शामिल नहीं डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सलाउद्दीन अहमद ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल संविधान में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि काउंसिल को पहले रेफरेंडम के नतीजों के हिसाब से संविधान में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उसमें कई जरूरी नियमों की भी जरूरत है, जिसमें यह भी शामिल है कि कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के सदस्यों को शपथ कौन दिलाएगा। BNP MPs ने सिर्फ बांग्लादेश संसद के सदस्य के तौर पर शपथ ली इसके बाद BNP के सांसदों ने सिर्फ बांग्लादेश संसद के सदस्य के तौर पर शपथ ली। BNP का कहना है कि कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के नियम अभी मौजूदा संविधान का हिस्सा नहीं हैं और इस पर संसद में विचार-विमर्श की जरूरत है। बतौर सांसद शपथ लेने तारिक रहमान अपनी बेगम जुबैदा रहमान और बेटी ज़ाइमा रहमान के साथ करीब 10:28 बजे शपथ लेने वाले कमरे में दाखिल हुए। इसके बाद चीफ इलेक्शन कमिश्नर AMM नासिर उद्दीन ने 12 फरवरी को हुए 13वें पार्लियामेंट्री इलेक्शन में चुने गए सांसदों को शपथ दिलाई। ढाका पहुंचे ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मंगलवार को ढाका पहुंच चुके हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अन्य अधिकारियों के साथ ढाका पहुंचने के बाद, बिरला ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण है जो दोनों पड़ोसी देशों के बीच जन-संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा। बिरला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”तारिक रहमान के नेतृत्व में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ढाका में उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह एक महत्वपूर्ण क्षण है जो हमारे दोनों देशों के बीच जन-संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा।”  

मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26:सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है। प्रमुख बिंदु 1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। 3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। 4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत। 5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही। 6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा। 8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा। 10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा। अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि एवं ग्रामीण विकास वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए। औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा। नगरीय विकास अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया। शिक्षा एवं कौशल विकास वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन

रायपुर. प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है। जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं। उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

कृषि को मजबूती देने सहकारिता आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन

भोपाल मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने सोमवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य महासंघ (सहकारी) मर्यादित के सभागार में विभाग की समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, प्रदेश में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्य योजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार आगामी 2 वर्षों में प्रदेश में मत्स्य उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि “किसान कल्याण वर्ष” में मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले मछुआरों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला स्तर पर मत्स्य महासंघ के माध्यम से मछुआरों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा रोजगार के नवीन अवसर सृजित किए जाएं। राज्यमंत्री  पंवार ने मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर को प्रोत्साहित करने के लिये “फार्म पॉन्ड मॉडल” की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। साथ ही सहकारिता के माध्यम से मछली पालन के साथ सिंघाड़ा, कमलगट्टा एवं मखाना जैसी पूरक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिससे मत्स्य पालकों की आय में बहुआयामी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न वर्गों की 2645 मछुआ समितियां पंजीकृत हैं, जिनकी कुल सदस्य संख्या 1,00,197 है। प्रदेश में 4.42 लाख हैक्टेयर जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें से 99 प्रतिशत क्षेत्र को मत्स्य पालन के अंतर्गत लाया जा चुका है। मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। मंत्री  पंवार ने कहा कि जिन तालाबों में 6 से 9 महीने तक पानी रहता है, वहां बोनसाई सीड के जरिए मत्स्य उत्पादन किया जाए। मत्स्य समितियों की जांच कर फर्जी और निष्क्रिय सदस्यों को हटाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि असली मछुआरों को लाभ मिल सके। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव  स्वतंत्र कुमार सिंह, एमडी  अनुराग चौधरी, डायरेक्टर  मनोज कुमार पथरोलिया उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।  

‘कैलासा’ पर सुप्रीम कोर्ट का तंज! असली देश को लेकर उठे सवाल, जज ने ली मजेदार चुटकी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका के दौरान अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब जस्टिस संदीप मेहता ने वानुअतु देश के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए उसकी तुलना भगोड़े नित्यानंद के ‘कैलासा’ से कर दी। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों खारिज हुई आरोपी की जमानत। मंगलवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बेहद हैरान करने वाला वाकया सामने आया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक वास्तविक देश वानुअतु के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिया। क्या है पूरा मामला? यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 406 (विश्वासघात) के तहत आरोपी एक विदेशी नागरिक की जमानत याचिका से जुड़ा था। आरोपी खुद को वानुअतु का नागरिक बता रहा था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जब आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल वानुअतु का रहने वाला है, तो जस्टिस मेहता ने आश्चर्य जताते हुए उनसे पूछा कि क्या वह कभी वहां गए हैं? कैलासा से की गई तुलना जस्टिस मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा- क्या आप वहां कभी गए हैं? ऐसा कोई देश नहीं है… यह देश ‘कैलासा’ जैसा है। गौरतलब है कि ‘कैलासा’ एक स्वयंभू हिंदू राष्ट्र है जिसे भगोड़े भारतीय गुरु नित्यानंद ने 2019 में बसाने का दावा किया था। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। वहीं, इसके विपरीत वानुअतु एक वास्तविक संप्रभु राष्ट्र है, जो संयुक्त राष्ट्र (UN) और कॉमनवेल्थ का सदस्य है। भौगोलिक भ्रम और कोर्ट की टिप्पणी बहस के दौरान जब वकील सिद्धार्थ दवे से पूछा गया कि यह देश कहां है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह कैरिबियन में कहीं है। हालांकि, भौगोलिक रूप से यह जानकारी भी गलत थी, क्योंकि वानुअतु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित है, न कि कैरिबियन में। कोर्ट को जब यह जानकारी दी गई कि आरोपी ने अलग-अलग समय पर कई पहचानों का इस्तेमाल किया है, तो जस्टिस मेहता ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- हमें इस व्यक्ति पर शोध करने पर विचार करना चाहिए। अंततः आरोपी की जमानत याचिका पर कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए इसे वापस ले लिया गया और कोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया।  

आरडीएसएस अंतर्गत पश्चिम मप्र में 7500 नए ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली वितरण क्षमता बढ़ाई

भोपाल. शासन की महत्वपूर्ण योजना रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत पश्चिम मप्र यानि मालवा निमाड़ में अब तक 7500 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इन नए ट्रांसफार्मरों से औद्य़ोगिक क्षेत्र, व्यापारिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, आबादी क्षेत्र की बिजली वितरण क्षमता का विस्तार किया गया हैं। लाखों उपभोक्ताओं की बिजली वितरण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार किया गया है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि आरडीएसएस के तहत 100 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर कंपनी क्षेत्र के इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर, शाजापुर में स्थापित कर उपभोक्ताओं की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गई है। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में 900 से ज्यादा ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। उज्जैन जिले में 1200, देवास जिले में 940, रतलाम 540, खरगोन 496, धार 490, खंडवा 485, झाबुआ 400, आलीराजपुर 381, मंदसौर 403, शाजापुर 333, नीमच 290, बुरहानपुर 289 में, बड़वानी में 229 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाकर वितरण क्षमता विस्तार किया गया है। इसी तरह अन्य जिलों में भी ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं।  

रायपुर–दुर्ग स्टेशन विकास कार्य की सुस्त प्रगति पर उठे सवाल, जीएम तरुण प्रकाश से सांसदों की दो-टूक

रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के साथ आज रायपुर रेल मंडल में संसदीय क्षेत्रों के सांसदों की बैठक हुई. सांसदों ने रायपुर और दुर्ग स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य की धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी जाहिर की. डीआरएम दयानंद के इसके पीछे तकनीकी बताए जाने पर सांसदों ने रोष व्यक्त किया. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के साथ बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महेश कश्यप, भोजराज नाग और रूपकुमारी चौधरी मौजूद रहे. बैठक में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और रावघाट रेल लाइन सहित विभिन्न लंबित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. विशेष रूप से रायपुर और दुर्ग के अमृत रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया. बैठक के दौरान रायपुर और दुर्ग स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य की धीमी प्रगति को लेकर सांसदों ने नाराजगी जाहिर की. सांसदों ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक चरण में कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिससे आम जनता में भी असंतोष है. इस पर डीआरएम दयानंद ने स्पष्ट किया कि परियोजना के शुरुआती चरण में ड्रॉइंग और डिजाइन से जुड़े कई तकनीकी मुद्दे सामने आए थे. जिस पर सांसदों ने रोष व्यक्त किया. इन तकनीकी कारणों से कार्य की गति प्रभावित हुई. उन्होंने बताया कि संशोधित ड्रॉइंग और डिजाइन की प्रक्रिया अब पूरी कर ली गई है और आगे कार्य तेजी से किया जाएगा. समय-समय पर कार्य की समीक्षा भी की जाएगी ताकि तय समयसीमा में परियोजना पूरी हो सके. यह वर्ष की पहली बैठक थी, जिसमें स्टेशन डेवलपमेंट, यात्री सुविधाएं, साफ-सफाई, ट्रेनों के संचालन और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. कुछ लंबित परियोजनाओं के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पुनः भेजने पर सहमति बनी है. रायपुर-दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर की मांग सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रायपुर से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने, रायपुर-जगन्नाथपुरी तथा दुर्ग-अंबिकापुर के लिए वंदे भारत सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है. राजधानी एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन के बजाय प्रतिदिन चलाने और जोधपुर – जयपुर रूट की ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी मांग की गई. इसके अलावा भाटापारा और अन्य छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, मंडी गेट, जोरा व पिरदा में अंडरपास निर्माण तथा कचना और जोरा में अंडरब्रिज निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. रायपुर – धमतरी रेल लाइन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया.

वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन 72 लाख रूपए की राशि के विभिन्न निर्माण कार्यों का करेंगे भूमिपूजन

रायपुर. प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन 18 फरवरी दिन बुधवार को कोरबा में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में शामिल होंगे एवं नगर निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में 72 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।  निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंत्री  देवांगन चारपारा कोहड़िया कोरबा से सुबह 10.45 बजे रवाना होकर 11 बजे टी.पी.नगर कोरबा में स्थित इंडोर ऑडिटोरियम में श्रम विभाग कोरबा द्वारा आयोजित श्रमिक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात अपरान्ह 3.30 बजे एम.पी.नगर कोरबा के दशहरा मैदान में आयोजित विभिन्न निर्माण कार्याे का भूमिपूजन करेंगे। इन कार्यो में वार्ड क्र. 27 में आर.सी.सी. नाली एवं कल्वर्ट निर्माण कार्य राशि 12.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 25 कुंआ भट्ठा बुधवारी बाई पास में स्थित विवेकानंद सेवा सदन के द्धितीय तल में हॉल व कक्ष निर्माण एवं अन्य विस्तार कार्य राशि 25.00 रूपए, वार्ड क्र. 25 अंतर्गत कोरबा के महिला महाविद्यालय के पीछे ब्रम्हवाटिका के पास किचन शेड निर्माण कार्य राशि 5.00 लाख रूपए, एवं वार्ड क्र. 28 अंतर्गत अहाता निर्माण एवं अन्य विस्तार कार्य राशि 30.00 लाख रूपए शामिल है।

इमरान खान को तुरंत मेडिकल सुविधा देने की अपील, कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत 14 हस्तियों का खत

नई दिल्ली सुनील गावस्कर, कपिल देव, एलन बॉर्डर, स्टीव वॉ समेत दुनियाभर के 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। इन क्रिकेट दिग्गजों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खत लिखकर इमरान खान की जेल में उनके पसंद के डॉक्टरों से तत्काल इलाज कराने की मांग की है। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत में खराब होती सेहत और आंखों की रोशनी कमजोर पड़ने की रिपोर्ट के बीच क्रिकेट जगत ने गंभीर चिंता जताई है। महान सुनील गावस्कर, कपिल देव, एलन बॉर्डर, स्टीव वॉ समेत दुनियाभर के 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। इन क्रिकेट दिग्गजों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खत लिखकर इमरान खान की जेल में उनके पसंद के डॉक्टरों से तत्का इलाज कराने, परिवार से नियमित मुलाकात और बिना किसी देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया का अधिकार देने की मांग की है। इमरान खान अपने दौर के महान ऑलराउंडर रहे हैं और उनकी ही कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने की ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की थी। हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल ने क्रिकेट की दुनिया के दिग्गजों की पाकिस्तान सरकार को लिखे खत की कॉपी देखी है। खत में पूर्व कप्तानों ने ये भी साफ किया है कि उन्होंने ये अपील खेल भावना और मानवता के नाते किया है। किसी कानूनी कार्यवाही में दखल देने की मंशा नहीं है। इन 14 हस्तियों के हैं दस्तखत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संबोधित खत पर दस्तखत करने वालों में सुनील गावस्कर, कपिल देव, ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल अथर्टन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियर्ली, डेविड गॉवर, किम ह्यूज, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं। दिलचस्प बात ये है कि इस खत पर दस्तखत करने वाले पूर्व कप्तानों में पाकिस्तान का कोई भी पूर्व कप्तान शामिल नहीं है। वैसे पिछले हफ्ते वसीम अकरम, वकार यूनुस, शाहिद अफरीदी समेत पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर ये गुजारिश की थी कि इमरान खान को उचित डॉक्टरी देखभाल दी जाए। क्रिकेट की हस्तियों का पाकिस्तान पीएम को लिखा पूरा खत ‘हम अधोहस्ताक्षरी राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान हैं और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विश्व क्रिकेट की महान हस्ती इमरान खान के साथ हो रहे व्यवहार और उनकी जेल की स्थितियों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। क्रिकेट के खेल में इमरान खान के योगदान की पूरी दुनिया तारीफ करती है। एक कप्तान के रूप में उन्होंने 1992 में पाकिस्तान को ऐतिहासिक विश्व कप जीत दिलाई। यह एक ऐसी जीत थी जो उनके कौशल, अटूट साहस और नेतृत्व पर आधारित थी, जिसने सीमाओं के पार कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। हममें से कई लोग उनके खिलाफ खेले हैं, उनके साथ मैदान साझा किया है या उनके खेल और करिश्मे को देखते हुए बड़े हुए हैं। वे खेल के अब तक के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक हैं, जिन्हें खिलाड़ियों और प्रशंसकों से समान सम्मान मिला है। क्रिकेट के अलावा इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में भी सेवा की। राजनीतिक विचारों से इतर उन्हें अपने देश के सर्वोच्च पद पर लोकतांत्रिक रूप से चुने जाने का सम्मान प्राप्त है। उनकी सेहत को लेकर आ रही हालिया खबरें, खासकर हिरासत के दौरान उनकी आंखों की रोशनी कम होने की चिंताजनक रिपोर्ट और पिछले ढाई साल से जेल की स्थितियों ने हमें बहुत परेशान किया है। हम साथी क्रिकेटर होने के नाते ‘फेयर प्ले’ और सम्मान के मूल्यों को समझते हैं। हमारा मानना है कि इमरान खान जैसे कद के व्यक्ति के साथ वह गरिमा और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, जो एक पूर्व राष्ट्रीय नेता और वैश्विक खेल रत्न के योग्य हो। हम सम्मानपूर्वक पाकिस्तान सरकार से आग्रह करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि इमरान खान को- अपनी पसंद के विशेषज्ञों से तुरंत और उचित चिकित्सा सुविधा मिले। जेल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मानवीय और सम्मानजनक स्थितियां दी जाएं, जिसमें परिवार से नियमित मुलाकात शामिल हो। बिना किसी देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया का अधिकार मिले। क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक पुल रहा है। मैदान पर हमारा साझा इतिहास हमें याद दिलाता है कि मुकाबला स्टंप उखड़ने के साथ खत्म हो जाता है, लेकिन सम्मान हमेशा बना रहता है। इमरान खान ने अपने पूरे करियर में इसी भावना को जिया है। हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे शालीनता और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए इसका सम्मान करें। यह अपील हम किसी कानूनी कार्रवाई में दखल देने के लिए नहीं, बल्कि खेल भावना और मानवता के नाते कर रहे हैं।’  

संघर्ष से सफलता तक: कुनकुरी की नेहा खाखा बनीं नवगुरुकुल की प्रेरक पहचान

जशपुरनगर संघर्ष से सफलता तक: कुनकुरी की नेहा खाखा बनीं नवगुरुकुल की प्रेरक पहचान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्थान ग्रामीण एवं सामान्य पृष्ठभूमि के युवाओं को आधुनिक कौशल से सुसज्जित कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है, बल्कि जिले के युवाओं को आत्मविश्वास के साथ भविष्य निर्माण की ओर अग्रसर कर रही है। इसी नवाचारपूर्ण पहल का सशक्त उदाहरण हैं कुनकुरी की नेहा खाखा। वर्तमान में नेहा नवगुरुकुल में फाइनेंस जूनियर एसोसिएट टीम में ग्रोथ रोल पर कार्यरत हैं, जहाँ उन्हें 2.52 लाख रुपये वार्षिक पैकेज प्राप्त हो रहा है। अपनी भूमिका में वे अन्य विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करती हैं, उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करती हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहयोग प्रदान करती हैं। नेहा का कहना है कि नवगुरुकुल ने उन्हें केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। यहाँ का सहायक और प्रेरक वातावरण उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है। आत्मविश्वास से भरी नई उड़ान नेहा बताती हैं कि उनके पिता के निधन पश्चात उनकी माता मती ललिता खाखा परिवार की जिम्मेदारियाँ संभाल रही हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच नेहा ने शिक्षा को अपनी ताकत बनाया। उन्होंने डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, कांसाबेल से उच्च माध्यमिक शिक्षा पूर्ण की। नवगुरुकुल के बारे में उन्हें अपनी माता से जानकारी मिली। तत्पश्चात उन्होंने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, मनोरा में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेकर संस्थान के लर्निंग मॉडल को समझा। प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर उन्होंने नवगुरुकुल, जशपुर में अध्ययन प्रारंभ किया। नेहा ने नवगुरुकुल में स्कूल ऑफ फाइनेंस का चयन किया। एक वर्ष के अध्ययन के दौरान उन्होंने वित्तीय विवरण, मैनेजमेंट अकाउंटिंग, कॉस्ट अकाउंटिंग तथा टैली में दक्षता प्राप्त की। साथ ही संचार कौशल, टीम वर्क और समस्या समाधान जैसे सॉफ्ट स्किल्स में भी उल्लेखनीय सुधार किया। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें नवगुरुकुल में ही जॉब मिल गया। जहाँ वे अपनी शिक्षा जारी रखते हुए रोजगार भी प्राप्त कर रही है। वे पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, कुनकुरी से स्नातक शिक्षा भी पूर्ण कर रही हैं। नवगुरुकुल: कौशल विकास का सशक्त मंच जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्थान जिले के युवाओं एवं छात्राओं के लिए कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अनुशासित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। संस्थान में प्रोग्रामिंग, बिजनेस एवं फाइनेंस जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों के साथ जीवन कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी रोजगारोन्मुखी बनते हैं। नेहा खाखा की यह कहानी दर्शाती है कि समर्पित प्रयास, उचित मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलने पर ग्रामीण अंचल की बेटियाँ भी आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयाँ छू सकती हैं। नवगुरुकुल जैसी पहलें जशपुर जिले को कौशल संपन्न और सशक्त युवाओं की नई पहचान दे रही हैं।

दिव्यांगजनों के लिये तहसील स्तर पर शिविर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अंत्येष्टि सहायता राशि बढ़ाने का प्रस्ताव

सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न भोपाल दिव्यांगजनों के चिन्हांकन के लिये तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अंत्येष्टि सहायता योजना की राशि बढ़ाये जाने का प्रस्ताव सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई परामर्शदात्री समिति की बैठक में पारित किया गया। बैठक में समिति सदस्य विधायक सर्वश्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, प्रीतम लोधी और भैरो सिंह बापू उपस्थित रहे। मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सामाजिक रूप से कमजोर और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिये अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिये विधायकगणों को परामर्शदात्री समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है। इनके महत्वपूर्ण सुझाव और अनुभवों के माध्यम से सामाजिक न्याय विभाग जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेगा। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में भागीदारी के लिये आमजन को प्रेरित किया जाना आसान होता है। उन्होंने समिति सदस्यों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों और जिलों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के नये प्रावधानों अनुसार आयोजित कराने की अपेक्षा की। नये प्रावधानों के तहत सामूहिक विवाह/निकाह योजना में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों को शामिल कर आयोजन किया जा सकता है। चालू वित्त वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 54 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह/निकाह करावाएं जा चुके हैं। बैठक में सदस्यों ने दिव्यांगजनों के चिन्हांकन के लिये तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने तथा अंत्येष्टि सहायता योजना की राशि बढ़ाए जाने का सुझाव दिया। समिति द्वारा उक्त प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की कार्य-प्रणाली और प्रगति के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह योजना के अंतर्गत 551 हितग्राहियों को 11 करोड़ 2 लाख रुपये, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना में 736 हितग्राहियों को 13 करोड़ 38 लाख रुपये, दिव्यांग व्यक्तियों को सहायक उपकरण वितरण में 17 हजार 503 हितग्राहियों को 8 करोड 75 लाख रुपये के उपकरण प्रदान किये गये हैं। विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 53 लाख से अधिक हितग्राहियों को 325 करोड़ रुपये की राशि प्रतिमाह उनके खातों में अंतरित की जा रही है। साथ ही विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं।  

एसडीएम की मारपीट का आरोप, आदिवासी ग्रामीण की मौत के बाद सड़क पर उतरी कांग्रेस

बलरामपुर बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा की गई मारपीट से आदिवासी किसान की मौत के मामले को लेकर दूसरे दिन भी माहौल गरमाया रहा। कुसमी बस स्टैंड में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए मृतक परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। इस दौरान शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। यह है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक स्थित हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध खनन की जांच के लिए कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पहुंचे थे। आरोप है कि वे निजी वाहन से कुछ निजी लोगों को साथ लेकर आए थे। सरना के पास उन्होंने तीन ग्रामीणों को रोककर अवैध खनन का आरोप लगाया और रॉड, डंडे तथा लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को बेहोश होने तक पीटा गया। मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 62 वर्षीय रामनरेश राम की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया का इलाज जारी है। यह घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बिना किसी पूछताछ या जांच के एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने ग्रामीणों पर आरोप लगा लाठी डंडों से हमला कर दिया। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि मारपीट में ग्रामीणों के घायल होने के बाद एसडीएम ने सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा को भी फोन कर बुलवाया ताकि यह दिखाया जा सके की पूरा राजस्व अमला अवैध खनन की जांच के लिए गया हुआ था। खेत में पानी की सिंचाई करने के लिए गए थे ग्रामीण मामले में घायल ग्रामीण आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेहूं के खेत में पानी की सिंचाई करने गए हुए थे। लौटने के दौरान बिना किसी पूछताछ या जांच अवैध खनन का आरोप लगा उनकी पिटाई की गई। मामला सामने आने के बाद एसडीएम और उनके तीनों साथियों को पुलिस ने हिरास्त में ले लिया था और पूछताछ कर रही थी। पहले भी विवादों में रहे हैं एसडीएम एसडीएम करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने एक छात्र को तमाचा मार दिया था जिसके बाद छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रशिक्षण के दौरान गरियाबंद जनपद सीईओ रहने के दौरान नवंबर 2022 में उन्हें नलकूप खनन का बिल पास करने बीस हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने भी गिरफ्तार किया था। मामले में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई मामले में घायल दो ग्रामीणों के बयान के आधार पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया सहित उनके साथ गए विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ राजपुर थाने में धारा 103, 115(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसके बाद सभी से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।

जनदर्शन में मिली त्वरित राहत: लगनी बाई को मिला राशन कार्ड

रायपुर. शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में  कोंडागांव जिले  के केशकाल विकासखंड के ग्राम गौरगांव निवासी मती लगनी बाई को त्वरित राहत मिली। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक के उपरांत कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लगनी बाई ने राशन कार्ड बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने उनके आवेदन पर खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा उसी दिन आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर लगनी बाई को राशन कार्ड बनाकर प्रदान किया गया। राशन कार्ड प्राप्त होने से लगनी बाई और उनका परिवार अब नियमित रूप से शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले राशन सामग्री के साथ साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने इस त्वरित सहायता के लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अविनाश भोई, खाद्य अधिकारी  नवीनचंद वास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

शैक्षणिक उत्थान से ही श्रमिक परिवारों का होगा विकास : मंत्री पटेल

भोपाल  मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक में श्रमिकों के बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को केंद्र में रखते हुए मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन देने और प्रारंभिक स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग की व्यवस्था विकसित करने पर प्राथमिकता दी गई। श्रम मंत्री  प्रहलाद पटेल ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मंडल की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को इन अवसरों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में मंडल का आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट माननीय सदस्यों द्वारा चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में श्रम सचिव  रघुराज राजेन्द्रन, कल्याण आयुक्त  संजय कुमार एवं श्रमिकों एवं नियोजकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री  पटेल ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना शासन की जिम्मेदारी है। वेतनमान से जुड़े मामलों में देरी कार्यकुशलता को प्रभावित करती है, इसलिए सभी लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सामाजिक सुरक्षा अंशदान जमा न करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति, खेल एवं कौशल विकास गतिविधियों तथा नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में श्रम सचिव  रघुराज राजेन्द्रन ने बताया कि श्रम कल्याण बोर्ड में संपूर्ण कंप्यूटरीकरण एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा नवीन श्रम संहिताओं पर संभागीय स्तर की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें से एक भोपाल में संपन्न हो चुकी है। इन संहिताओं के आधार पर राज्य में श्रम कानूनों में संशोधन किए जा रहे हैं। सिलाई केंद्रों का पुनः संचालन, 17 केंद्र सक्रिय बैठक में बताया गया कि चचाई और इंदौर में सिलाई केंद्रों को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। वर्तमान में 27 श्रम कल्याण केंद्रों में से 17 में सिलाई-कढ़ाई केंद्र संचालित हो रहे हैं। कौशल विकास विभाग द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का परीक्षण कराया गया है। मंडल के अंतर्गत संचालित श्रम कल्याण केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण, राष्ट्रीय पर्व, विश्वकर्मा जयंती जैसे आयोजन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। श्रमिकों के लिए कंप्यूटर केंद्र भी संचालित हैं। खेलों को बढ़ावा, समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक में खेल प्रतियोगिताओं की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि खेलों के माध्यम से श्रमिकों का सर्वांगीण विकास संभव है। साथ ही नियमित कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के एरियर भुगतान को शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही गई। भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई। अंत में सभी सदस्यों ने श्रमिक एवं कर्मचारी हितों को सर्वोपरि रखते हुए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।  

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