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1800 करोड़ घोटाले में नया ट्विस्ट, अजित पवार के बेटे बेदाग, दो अफसरों पर गिरेगी गाज

मुंबई महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को 1800 करोड़ रुपये के जमीन सौदे के मामले में क्लीन चिट मिल गई है। अजित पवार का बीते महीने ही प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। इसके बाद राज्य में हुए नगर परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में एनसीपी को बड़ी जीत मिली है। इस बीच अजित पवार के बेटे के लिए भी राहत भरी खबर आई है। इस मामले की जांच के लिए आईएएस अधिकारी विकास शंकर खरागे के नेतृत्व में जांच समिति गठित हुई थी। इस पैनल ने 1000 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसमें पार्थ पवार को क्लीन चिट दी गई है, जबकि जमीन सौदे की प्रक्रिया में लापरवाही के लिए दो सरकारी अधिकारियों के खिलाफ ऐक्शन की सिफारिश की गई है। इस मामले में आरोप था कि पुणे के एक पॉश इलाके में करीब 1800 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन महज 300 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इस जमीन सौदे में अजित पवार के बेटे का नाम भी आया था। इस केस की जांच करने वाले अधिकारी विकास शंकर खरागे फिलहाल राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस केस की जांच रिपोर्ट विभाग के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को सौंप दी। अब इस रिपोर्ट को सीएम देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखा जाना है। यह मामला कुल 41 एकड़ जमीन का है, जो पुणे के तेजी से विकसित इलाके मुंधवा की है। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में सीधे तौर पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि पार्थ पवार ने लैंड डील में कोई आपराधिक गलती की थी। इसलिए उन्हें क्लीन चिट दी जाती है। हालांकि इस रिपोर्ट में कुछ प्रक्रिया से जुड़ी खामियां पाई गई हैं। इसके लिए दो सरकारी अधिकारियों सूर्यकांत येवाले और रविंद्र तारू के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। येवाले फिलहाल हवेली तहसील के तहसीलदार हैं। इसके अलावा रविंद्र असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर तैनात हैं। दोनों ही अधिकारियों को इस लैंड डील पर सवाल उठने के बाद सस्पेंड कर दिया गया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। 1800 करोड़ की डील और 300 करोड़ का सौदा, किसके नाम पर इस मामले में विवाद यह था कि जमीन का मूल्य 1800 करोड़ रुपये बताया गया था, जबकि इसकी खरीद सिर्फ 300 करोड़ में हुई। यह डील Amedia Enterprises LLP के नाम से हुई थी। इस फर्म में मुख्य हिस्सेदारी पार्थ पवार की ही है, जबकि उनके साथ चचेरे भाई दिग्विजय भी इसमें हिस्सेदार हैं। यही नहीं आरोप यह भी लगे थे कि इस डील में स्टांप ड्यूटी भी नहीं वसूली गई, जो 21 करोड़ रुपये बनती थी। पार्थ पवार खुद राजनीति में बहुत दखल नहीं रखते हैं, लेकिन उनके पिता डिप्टी सीएम थे। इसके चलते वह भी आरोपों के घेरे में आए थे।  

परंपरागत बीज संरक्षण के लिये बीज सखी का हुआ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण

भोपाल . आजीविका मिशन की पहल मध्‍यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा अभिनव पहल करते हुए 27 जिलों की बीज सखियों को परंपरागत बीज संरक्षण एवं बीज बैंक स्थापना के सम्बन्ध में दो दिवसीय राज्‍य स्‍तरीय प्रशिक्षण का आयोजन क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान भोपाल में 9 एवं 10 फरवरी को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पद्म,  बाबूलाल दहिया जिला सतना द्वारा बीज संरक्षण के अनुभव साझा किए गए एवं बीज बैंक स्थापना पर व्याख्यान भी दिया गया। कर्नाटक राज्य की बी.बी. जान जो विगत 9 वर्षों से परंपरागत बीज संरक्षण का कार्य कर रही है, उनके द्वारा भी प्रतिभागियों को बीज संरक्षण के लिये प्रशिक्षण दिया। विगत 16 वर्षों से देशी बीजों का संरक्षण कर रहीं जिला डिंडोरी की सु फुलझरिया बाई द्वारा भी प्रशिक्षण में अपने अनुभव साझा किए एवं बीज संरक्षण के तरीके भी बताए। इसके अलावा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रतिनिधियों ने भी जानकारी दी। मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह की पहल पर प्रदेश में महिला समूहों की सदस्‍यों को प्राकृतिक खेती को बढावा देने के उद्देश्‍य से परंपरागत बीज संरक्षण के लिये जिलों में बीज बैंक की स्‍थापना के लिये काम शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत प्रारंभिक चरण में हितग्राहियों का चयन, प्रशिक्षण आदि किया जाना है। इसी क्रम में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान भोपाल में प्रशिक्षणों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण में देशी बीजों को महत्‍व देते हुये उनके फायदे के संबंध में प्रतिभागियों को बताया गया। देशी बीज स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार ढले होने के कारण कम पानी, खाद व कीटनाशकों में भी बेहतर पैदावार देते हैं। इनकी अन्‍य विशेषतायें भी हैं जैसे यह अन्‍य की तुलना में अत्यधिक पौष्टिक होते हैं, सूखा-रोग प्रतिरोधी होते हैं जो किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को किफायती व टिकाऊ बनाते हैं। उद्यानिकी विभाग से  दीनानाथ धोटे द्वारा देशी सब्जी बीज संरक्षण पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। कृषि विभाग से  जितेंद्र सिंह परिहार द्वारा भी प्राकृतिक खेती एवं परंपरागत बीज संरक्षण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। आजीविका मिशन के राज्य परियोजना प्रबंधक कृषि,  मनीष सिंह एवं युवा सलाहकार सु पायल कुमारी द्वारा बीज बैंक की कार्ययोजना एवं आगामी 6 माह की कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में जानकारी दी गई। आगामी समय में जिला स्तर पर बीज सखी के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे और बीज बैंक की स्थापना की जावेगी। परंपरागत बीज की विशेषताएँ आत्मनिर्भरता: किसान हर साल बीज खरीदकर खर्च करने के बजाय अपनी पिछली फसल से ही बीज सुरक्षित कर सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत बहुत कम हो जाती है। जलवायु-प्रतिरोधी – ये स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, इसलिए सूखे, अत्यधिक बारिश या कीटों का सामना करने की इनमें बेहतर क्षमता होती है। उच्च पौष्टिकता – देसी फसलों में संकर बीजों की तुलना में प्राकृतिक रूप से अधिक विटामिन, खनिज और पोषक तत्व होते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे हैं। पर्यावरण संरक्षण – इन बीजों में कम रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और जल स्रोत भी सुरक्षित रहते हैं। जैव विविधता का संरक्षण: विभिन्न प्रकार की देसी किस्में पारंपरिक ज्ञान को अगली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखती हैं।  

कम कीमत में दमदार फीचर्स: ₹7499 में लॉन्च हुआ Lava Bold N2, फ्री सर्विस का फायदा

नई दिल्ली Lava Bold N2 को ग्राहकों के लिए भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया गया है. इस बजट स्मार्टफोन को IP64 रेटिंग (डस्ट और स्प्लैश रेजिस्टेंस) के साथ उतारा गया है. 5000 एमएएच की दमदार बैटरी से पैक्ड इस फोन के पिछले हिस्से में 13 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर मिलता है. इस फोन को ब्लैक और व्हाइट दो रंगों में खरीदा जा सकता है, कंपनी की तरफ से इस फोन के साथ फ्री डोर स्टेप सर्विस भी ऑफर की जा रही है. कंपनी का दावा है कि ये हैंडसेट ब्लोटवेयर या ऐड्स के साथ नहीं आता है और यूजर्स को क्लीन Android एक्सपीरियंस मिलता है. सिक्योरिटी के लिए फोन के साइड में फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है जिसे पावर बटन में इंटीग्रेट (शामिल) किया गया है. Lava Bold N2 Price in India भारत में इस लेटेस्ट लावा स्मार्टफोन की कीमत 7,499 रुपए तय की गई है, इस दाम में आप लोगों को इस फोन का 4GB रैम और 64GB स्टोरेज मिलेगी. उपलब्धता की बात करें तो इस फोन की बिक्री 27 फरवरी से Amazon पर ग्राहकों के लिए शुरू होगी. इस प्राइस रेंज में ये फोन MOTOROLA g06 power, Samsung Galaxy F07, POCO C71 और Ai+ Pulse जैसे स्मार्टफोन्स को कांटे की टक्कर देगा. Lava Bold N2 Specifications     स्क्रीन: Android 15 Go पर काम करने वाले इस डुअल सिम स्मार्टफोन में 6.75 इंच एचडी+ रिजॉल्यूशन डिस्प्ले है जो 90Hz तक रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है.     चिपसेट: स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए इस हैंडसेट में Unisoc SC9863A प्रोसेसर दिया गया है.     रैम और स्टोरेज: इस फोन में 4 जीबी रैम के साथ 4 जीबी वर्चुअल रैम सपोर्ट भी है, इसका मतलब ये हुआ कि इस बजट फोन में आपको 8 जीबी रैम का फायदा मिलेगा. इसके अलावा ये फोन 64 जीबी की इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है.     कैमरा सेटअप: इस फोन के पिछले हिस्से में 13 मेगापिक्सल डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 5 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर मिलेगा.     बैटरी: 5000 एमएएच की बैटरी फोन में जान फूंकने का काम करती है.  

राम मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या की आर्थिक स्थिति में ऐतिहासिक सुधा

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में आया ऐतिहासिक उछाल राम मंदिर पर आईआईएम लखनऊ की विस्तृत केस स्टडी ने साबित किया प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन, निवेश, रोजगार और राजस्व में हुई व्यापक वृद्धि अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का किया गया तुलनात्मक विश्लेषण, मंदिर निर्माण से पूर्व पवित्र तीर्थस्थान तक सीमित थी अयोध्या की पहचान, प्राण प्रतिष्ठा के बाद आर्थिक गतिविधियों में आया अभूतपूर्व उछाल पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व ₹20,000-25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान, आतिथ्य, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में हुआ तीव्र विस्तार मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में हुआ ₹1 लाख करोड़ से अधिक का व्यापारिक कारोबार, महत्वपूर्ण रही अयोध्या की हिस्सेदारी, प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से आतिथ्य और उससे जुड़े उद्योगों को मिली नई गति, 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे हुए स्थापित प्रतिष्ठित होटल चेन्स ने अयोध्या में विस्तार योजनाओं को बढ़ाया आगे, ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में चार गुना तक दर्ज की गई वृद्धि, स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में तेज उछाल से कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला लगभग 6,000 एमएसएमई स्थापित हुए, अगले 4–5 वर्षों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का अनुमान, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय ₹2,500 तक पहुंची, रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तीव्र वृद्धि लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘टेंपल इकॉनमी मॉडल’ पर भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (आईआईएम लखनऊ) ने अपनी मुहर लगाई है। आईआईएम लखनऊ की ताजा अध्ययन रिपोर्ट “इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या” (अयोध्या का आर्थिक पुनर्जागरण) बताती है कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापक आर्थिक सक्रियता, निवेश प्रवाह और रोजगार सृजन देखने को मिला है। अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए यह दर्शाया गया है कि धार्मिक अवसंरचना, यदि सुविचारित नीति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से जुड़ जाए, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला उत्प्रेरक बन सकती है। गौरतलब है कि 2017 में प्रदेश की कमान संभालने के बाद सीएम योगी ने टेंपल इकॉनमी को तेज गति दी और अयोध्या में मंदिर निर्माण के साथ-साथ आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर देकर आर्थिक समृद्धता के रास्ते खोल दिए। मंदिर से पहले दायरे में सिमटी अयोध्या की अर्थव्यवस्था अध्ययन के अनुसार, मंदिर निर्माण से पूर्व अयोध्या की पहचान मुख्यतः एक पवित्र तीर्थस्थान तक ही सीमित थी, जहां आगंतुकों की वार्षिक संख्या लगभग 1.7 लाख के आसपास ठहर जाती थी। स्थानीय बाजार छोटे पैमाने पर संचालित होते थे और अधिकांश दुकानदारों की औसत दैनिक आय ₹400–₹500 के बीच सीमित थी, जिससे आर्थिक गतिविधि का दायरा संकुचित बना रहता था। राष्ट्रीय स्तर की होटल श्रृंखलाओं की उपस्थिति लगभग नगण्य थी, रेलवे स्टेशन बुनियादी सुविधाओं तक सीमित था और हवाई अड्डे का अभाव क्षेत्र की कनेक्टिविटी को प्रभावित करता था। रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन, एक सामान्य प्रवृत्ति बन चुका था। पर्यटन से होने वाला राजस्व राज्य की व्यापक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान नहीं दे पा रहा था और अचल संपत्ति बाजार में भी ठहराव की स्थिति दिखाई देती थी। कुल मिलाकर, अयोध्या की आर्थिक संरचना पारंपरिक तीर्थ-आधारित गतिविधियों तक सीमित थी, जिसमें विस्तार और निवेश की संभावनाएं स्पष्ट रूप से अविकसित थीं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व उछाल अध्ययन के अनुसार, जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की आर्थिक तस्वीर ने तेजी से करवट ली। रिपोर्ट बताती है कि पहले ही छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया, जिसने स्थानीय बाजार, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया। अब अयोध्या में वार्षिक स्तर पर 5–6 करोड़ आगंतुकों की संभावना जताई गई है, जो अयोध्या को देश के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा करती है। यहां लगभग ₹85,000 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं, जिनका प्रभाव केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं, बल्कि निवेश और सेवा क्षेत्र तक फैला हुआ है। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी व्यापक निवेश हो रहा है। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक रेलवे स्टेशन, विस्तारित सड़क नेटवर्क और नगर सौंदर्यीकरण के कार्य प्रगति पर हैं। सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा जैसी पहलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे अयोध्या को “मॉडल सोलर सिटी” के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में मिली नई पहचान आईआईएम की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक उत्तर प्रदेश में पर्यटन व्यय ₹4 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें अयोध्या की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व ₹20,000-25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। आतिथ्य, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में तीव्र विस्तार हुआ है। साथ ही, अयोध्या ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नई पहचान प्राप्त की है, जहां प्रवासी भारतीय, शोधकर्ता और वैश्विक श्रद्धालु आकर्षित हो रहे हैं।  आतिथ्य क्षेत्र में निवेश का नया दौर अध्ययन बताता है कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही। प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने आतिथ्य और उससे जुड़े उद्योगों को नई गति दी है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हुए हैं, जबकि देश-विदेश की प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाएं ताज होटल्स, मैरियट इंटरनेशनल और विंडहैम होटल्स एंड रिसॉर्ट्स ने अयोध्या में अपने विस्तार की योजनाएं घोषित की हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर अयोध्या के लिए बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में तेज उछाल आया है, जिससे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। उद्यमिता और रोजगार पर भी पड़ा प्रभाव आईआईएम रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक सक्रियता का प्रभाव उद्यमिता और रोजगार सृजन में भी स्पष्ट है, विशेषकर युवाओं … Read more

कोर्ट का अहम निर्णय: बिरनपुर हिंसा मामले में सभी 17 आरोपी बरी, पूरी रिपोर्ट पढ़ें

बेमेतरा छत्तीसगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर बेमेतरा से निकलकर सामने आई. बेमेतरा जिले के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है. जिला न्यायालय ने जिन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है, उनमें चेचानमेटा बिरनपुर थाना निवासी डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम पिता गौतम सिन्हा (28 साल), ग्राम खैरी, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी मनीष वर्मा पिता नंदकुमार वर्मा (23 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी समारू नेताम पिता जेठूराम नेताम (43 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी पूरन पटेल पिता खेमकुमार पटेल (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी राजकुमार निषाद पिता संजय निषाद (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी भोला निषाद पिता श्रवण निषाद (23 साल), पेंण्डरवानी, थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी दूधनाथ साहू पिता कमल साहू (27 साल), पेण्डरवानी, थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी अरुण रजक पिता मनहरण रजक (18 साल), कोरवाय, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी चंदन साहू पिता देवकुमार साहू (20 साल), कोरवाय, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी होमेन्द्र नेताम पिता नीलकंठ नेताम (25 साल), कोगियाखुर्द, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा निवासी टाकेन्द्र साहू पिता परसराम साहू (22 साल), कोगियाखुर्द, थाना परपोडी, जिला बेमेतरा निवासी राम निषाद पिता हिरेश निषाद (19 साल) मासुलगोदी, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा निवासी संजय कुमार साहू पिता नेमराम साहू (25 साल), निवासी कोरवाय, थाना साजा, जिला बेमेतरा निवासी चिंताराम साहू पिता स्व. बिरझुराम साहू (68 साल), निवासी कोगियाखुर्द, थाना परपोडी, जिला बेमेतरा निवासी लोकेश साहू पिता चतुरराम साहू (23 साल) निवासी कोगियाखुर्द, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा वरूण साहू पिता रामकुमार साहू (18 साल 3 माह) और मासुलगोदी, थाना परपोडी जिला बेमेतरा निवासी राजेश साहू पिता बल्लु साहू (23 साल) शामिल हैं. बिरनपुर मामले में साजा थाना में कुल 173 लोगों के विरूद्ध दर्ज धारा 302, 147, 148, 149, 153 (3) भादवि तथा 201, 109, 34 भादवि के अपराध में अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दिक्षित की न्यायालय में विचारण किया गया है. 64 अभियोजन साक्षियों का कथन के बाद आज संदेह का लाभ देकर न्यायालय से सभी 17 लोगों को छोड़ दिया गया है. क्या था बिरनपुर हिंसा मामला? बिरनपुर हिंसा मामला शुरू हुआ था दो बच्चों की मामूली लड़ाई से, जो देखते-देखते हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया. 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद तनाव इतना बढ़ा कि 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया. गांव में आगजनी हुई और मुस्लिम समुदाय के रहीम (55) व उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या हो गई. प्रशासन ने धारा 144 लागू किया, जो करीब दो सप्ताह तक जारी रहा. पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI ने अपनी जांच में 6 नए आरोपियों का उल्लेख किया है.

अजित पवार की मौत के बाद ताबड़तोड़ निर्णय? 75 स्कूलों के दर्जे पर फडणवीस का हस्तक्षेप

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को उन 75 विद्यालयों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिनके बारे में खबरें थीं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद इन विद्यालयों को मंजूरी दी गई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। अजित पवार की मौत के 9 मिनट बाद ही जारी हुआ पहला सर्टिफिकेट अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी से दो फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया। बताया जाता है कि पहला प्रमाण पत्र 28 जनवरी को दोपहर तीन बजकर नौ मिनट पर जारी किया गया था, उसी दिन अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उस दिन सात संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई। जांच के आदेश उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे। यह विभाग अब सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। सरकार में सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान जारी की गई सभी स्वीकृतियों, अनुदानों और प्रमाणपत्रों को व्यापक समीक्षा लंबित रहने तक रोक दिया जाए। स्वीकृतियां कैसे दी गईं, उचित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं, और क्या अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने पर पहले लगाए गए किसी भी प्रतिबंध को औपचारिक रूप से हटाया गया था, यह पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के अल्पसंख्यक दर्जे पर रोक लगाना पर्याप्त नहीं है और उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इस घटना को ‘बेहद चिंताजनक’ बताया और उच्च स्तरीय जांच और सीआईडी ​​जांच सहित जवाबदेही की मांग की। अजित पवार पर लिखे लेख पर बवाल एनसीपी (एसपी) और एनसीपी के नेताओं ने दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया के साथ-साथ अजित पवार पर लिखे गये एक लेख को लेकर एक-दूसरे पर शनिवार को निशाना साधा। एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने जहां एक ओर लेख के लिए माफी की मांग करते हुए दावा किया कि इसमें पवार की मृत्यु के बाद भी उन्हें बदनाम किया गया है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) की राज्य इकाई के प्रमुख शशिकांत शिंदे ने कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने विलय के मुद्दे को बंद कर दिया है। शशिकांत शिंदे ने पार्टी के मुखपत्र ‘राष्ट्रवादी’ में यह लेख लिखा था।

सुनेत्रा पवार ने संभाला मोर्चा, NCP के मर्जर पर गहराया सियासी संकट

मुंबई  महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम का पद संभालने के बाद से अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अब फुल एक्शन में नजर आ रही हैं. सोमवार को एनसीपी के तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर सहमति बन गई है. अब सुनेत्रा पवार सरकार में भूमिका के साथ ही संगठन की कमान भी संभालेंगी. ऐसे में अजित पवार की सियासी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सुनेत्रा पवार पूरी तरह से तैयार हैं.  एनसीपी नेताओं की बैठक में सुनेत्रा पवार को NCP की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति जताई गई है. एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने हाथ उठाकर अपना पूर्ण समर्थन दिया.सुनेत्रा पवार को अधिकारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले पर 26 फरवरी को फाइनल मुहर लगेगी. एनसीपी के दोनों गुटों के प्रस्तावित विलय पर विचार-विमर्श की मांग के बीच पार्टी नेताओं के साथ डिप्टीसीएम सुनेत्रा पवार ने मुंबई में सोमवार शाम पार्टी नेताओं के साथ बैठक की. इस दौरान विलय के मुद्दे पर चर्चा तक नहीं हुई. ऐसे में सवाल उठता है कि एनसीपी के मर्जर प्लान पर क्या पूर्ण विराम लग गया है?  एनसीपी के विलय पर क्या लग गया ग्रहण डिप्टीसीएम बनने के बाद सुनेत्रा पवार ने पहली बार एनसीपी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की. सुनेत्रा पवार ने यह कदम कई नेताओं के उन बयानों के बाद उठाया है, जिनमें उन्होंने कहा था कि कोई भी निर्णय लेने से पहले पार्टी नेताओं की राय को ध्यान में रखा जाना चाहिए. इसके साथ ही यह बात भी उठी थी कि सभी विधायकों की एक बैठक बुलाई जानी चाहिए, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाए और विलय पर सामूहिक निर्णय लिया जाए. यह बात एनसीपी नेताओं के द्वारा लगातार उठाई जा रही थी.  सुनेत्रा पवार के साथ सोमवार को पार्टी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें शरद पवार और अजित पवार गुट के एक साथ आने और एनसीपी के विलय के मुद्दे पर चर्चा भी नहीं हुई. ऐसे में एनसीपी विलय की चर्चा पर फिलहाल फैसला टाल दिया गया है. साथ ही विधायकों को सख़्त हिदायत दी गई है कि विलय के संबंध में बाहर मीडिया में कोई भी बयान न दें. डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को पार्टी में भी लीड रोल देने की बात पर चर्चा जरूर हुई है. ऐसे में सवाल उठता है कि एनसीपी के मर्जर प्लान पर क्या ग्रहण लग गया है क्या? एनसीपी की कमान संभालेंगी सुमेत्रा पवार महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम का पद संभालने के बाद अब अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार एनसीपी की कमान संभालेंगी. सोमवार को हुई एनसीपी नेताओं की बैठक में सुनेत्रा पवार को एनसीपी की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति जताई गई है. बताया गया कि सुनेत्रा पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले पर 26 फरवरी को आधिकारिक मुहर लगेगी. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने हाथ उठाकर अपना पूर्ण समर्थन दिया.एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 26 फरवरी को मुंबई में होने की उम्मीद है, जहां उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होगी. महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी किस रास्ते जा रही. अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाएंगी सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में हुई बैठक में विधायकों ने उन्हें पार्टी संगठन को मजबूत करने और दिवंगत अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने में अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया.एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल, राज्य इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे और वरिष्ठ पार्टी मंत्री छगन भुजबल ने बैठक को संबोधित किया और एनसीपी के विकास में अजित पवार की भूमिका और राज्य भर में इसके विस्तार की उनकी इच्छा को याद किया. डिप्टीसीए सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के साथ अपने सियासी जुड़ाव और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया, जिनके कारण वह विधायक दल की नेता और उपमुख्यमंत्री बनीं. उन्होंने एनसीपी विधायकों से कहा कि मैंने पार्टी को एकजुट रखने और उसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए नई जिम्मेदारी स्वीकार करने का फैसला किया है.

अब और महंगी हुई सिगरेट, कंपनियों के शेयरों में भी आई तेजी से गिरावट

 नई दिल्‍ली सिगरेट बनाने वाली कंपनियों ने सिगरेट के दाम में इजाफा करने का ऐलान कर दिया है. ITC लिमिटेड ने कुछ कैटेगरी में सिगरेट की कीमतों में तेज बढोतरी की है. कंपनी ने एक्‍सपाइज बढ़ोतरी के असर को कम करने के लिए सिगरेट के दाम मे इजाफा किया है. सिगरेट की कीमतों में 2 रुपये से लेकर 10 रुपये तकी की बढ़ोतरी हुई है. अलग-अलग कैटेगरी में सिगरेट के दाम में इजाफा हुआ है. Godfrey Phillips India ने Marlboro Compact की कीमत 9.5 रुपये प्रति स्टिक से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति स्टिक कर दी है. इस बीच, सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी रही.  अब कितनी महंगी हुईं सिगरेट आईटीसी के 50 फीसदी से ज्‍यादा हिस्‍से वाले सिगरेट में इजाफा देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही कंपनी 74mm कैटेगरी में कीमत बढ़ोतरी के साथ ही नए प्रोडक्‍ट्स पेश करने की भी योजना बना रही है. Dual Sensory Filter Technology के साथ 64mm से बड़ी सिगरेट के दाम प्रति स्टिक 1 से 2 रुपये का इजाफा हुआ है.  किंग साइज फिल्‍टर  टिप वाले 74mm कैटेगरी में 7 रुपये तक का इजाफा हुआ है. स्लिम्‍स  64mm कैटेगरी की सिगरेट में 6.21 रुपये एक्साइज बढ़ोतरी के मुकाबले 5 से 10 रुपये कीमतों में इजाफा हुआ है.      1 फरवरी 2026 से लागू हो चुकी है बढ़ोतरी गौरतलब है कि सरकार ने  1 फरवरी 2026 से सिगरेट समेत तंबाकू उत्‍पादों पर एक्‍स्‍ट्रा डयूटी लगा दिया है, जिसके बाद से कंपनियों पर राजस्‍व का दबाव बढ़ा रहा था, लेकिन अब इन कंपनियों ने कीमतों में इजाफा कर दिया है. कंपनियों के पोर्टफोलियो में शामिल सिगरेट के दामों में 2 रुपये लेकर 10 रुपये तक का इजाफा किया गया है .                 शेयरों में आई तेजी  आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को 3 प्रतिशत से ज्‍यादा की तेजी देखी, क्योंकि कंपनी द्वारा सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें आईं. एनएसई पर आईटीसी के शेयर ₹318.45 पर बढ़त के साथ खुले और दिन के दौरान ₹328.05 के उच्चतम स्तर तक पहुंचे, जो 3.18 फीसदी की तेजी थी. हालांकि कारोबार बंद होने तक यह शेयर 2.34% चढ़कर 325.40 रुपये था. इसी के साथ ही गॉडफ्रे फिलिप्‍स का शेयर 2.50 फीसदी चढ़कर 2,065 रुपये पर बंद हुए. 

नगर निगम के अधीन आएंगी आरडीए–हाउसिंग बोर्ड की 9 कॉलोनियां, आदेश जारी

रायपुर राज्य शासन के आदेश व नियमावली के अनुसार नगर निगम द्वारा आरडीए और हाउसिंग बोर्ड के कॉलोनियों के हैंडओवर की कार्यवाही की जाएगी। राज्य शासन द्वारा रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 9 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इस पर आगे की प्रक्रिया और कार्यवाही के लिए शासन स्तर से जारी होने वाली विस्तृत नियमावली का इंतजार है। इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने पर तीनों एजेंसियां संयुक्त सर्वे कर वास्तविक स्थिति का आंकलन करेंगी। रायपुर नगर निगम के नगर निवेशक ने बताया कि सर्वे में पेयजल आपूर्ति तंत्र, सीवरेज नेटवर्क, आंतरिक सड़कों, स्ट्रीट लाइट, उद्यानों और सफाई व्यवस्था की मौजूदा हालत का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। कई कालोनियों में 15 से 20 वर्ष पुरानी पाइपलाइन, जर्जर नालियां और खराब सड़कें हैं। हैंडओवर लेने के पहले इनका सही आंकलन जरूरी है। हैंडओवर से पहले वित्तीय भार, अतिरिक्त स्टॉफ और रखरखाव की रूपरेखा तय करना निगम के लिए अत्यावश्यक है। अधिकांश कालोनियों में जलापूर्ति की पाइपलाइन डेढ़ दशक से अधिक पुरानी है, जिनकी उपयोग अवधि लगभग समाप्ति पर है। हैंडओवर के लिए शासन से आदेश व नियमावली प्राप्त होने पर कॉलोनियों की वास्तविक स्थितियों का सर्वे किया जाएगा। इसके अनुसार ही सभी कार्यवाहियां की जाएगी। अद्यतन किसी भी प्रकार का निर्देश निगम को प्राप्त नहीं हुआ है।

अति संवेदनशील केन्द्रों का दिन में दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। परीक्षाओं को पूर्णतः नकलविहीन, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रदेश में कुल 8033 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का शुभारंभ माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने परीक्षा से पूर्व मंगलवार को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), लखनऊ शिविर कार्यालय में स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस वर्ष परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है। 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई को पूरी परीक्षा अवधि में सक्रिय रखा जाएगा तथा अति संवेदनशील केन्द्रों का दिन में दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। हर कक्ष में सीसीटीवी और लाइव वेबकास्टिंग परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सम्पूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी। परीक्षा केन्द्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रहेंगे। इसके अतिरिक्त सभी 75 जनपदों के प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सीलिंग-पैकिंग कक्ष की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए 8033 केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 427 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। साथ ही 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दल गठित किए गए हैं। शासन स्तर से सभी 75 जनपदों और 18 मंडलों के लिए राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता न रहे। लखनऊ से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक कंट्रोल सेंटर परीक्षार्थियों और अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम, लखनऊ में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 एवं 18001806608 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 एवं 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। ईमेल, फेसबुक, एक्स हैंडल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत एवं सुझाव दर्ज कराए जा सकेंगे। प्रयागराज मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। नकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध नकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। आकस्मिक स्थिति के लिए सभी विषयों के अतिरिक्त रिजर्व प्रश्नपत्र सेट डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो तथा सूक्ष्म “UPMSP” अंकन सहित विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिससे अदला-बदली की संभावना समाप्त हो सके। इस वर्ष पहली बार यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा की भी ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। अनुचित क्रियाकलाप पर होगा सख्त एक्शन प्रदेश में लागू ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत प्रश्नपत्र निर्माण, मुद्रण, वितरण, मूल्यांकन आदि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई का प्रावधान है। मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे बिना तनाव और भय के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें तथा इसे एक सकारात्मक अवसर के रूप में लें। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, सचिव, माध्यमिक शिक्षा चन्द्र भूषण सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा उमेश चन्द्र और शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ महेन्द्र देव उपस्थित रहे।

गरमाये मुद्दे के बीच हाथापाई की नौबत!, राजस्थान विधानसभा में हाई-वोल्टेज ड्रामा

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को उस वक्त भारी बवाल मच गया जब विपक्ष ने जयपुर की हिंगोनिया गौशाला के पास गाय के बछड़े का कटा सिर मिलने का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को सत्ता पक्ष के एक विधायक का संरक्षण प्राप्त है। इस बयान ने सदन में ऐसी आग सुलगाई कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज आमने-सामने आ गए। बालमुकुंदाचार्य का सवाल: क्या गाय बनेगी ‘राज्य पशु’? हंगामा तब शुरू हुआ जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सरकार से सवाल किया कि क्या राजस्थान में गाय को ‘राज्य पशु’ (State Animal) का दर्जा देने का कोई विचार है? इस पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्री के इस जवाब ने हिंदूवादी राजनीति करने वाले धड़े को असहज कर दिया, लेकिन असली विस्फोट अभी बाकी था। टीकाराम जूली का ‘पोस्टर’ वार और गंभीर आरोप सदन में माहौल तब गरमाया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने खड़े होकर राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। जूली ने कहा, ‘जयपुर में हिंगोनिया गौशाला के पास से बछड़े का कटा सिर लाकर लटकाया गया। यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है।’ जूली ने दावा किया कि इस मामले में जो आरोपी है, उसे भाजपा का एक विधायक बचा रहा है। जूली ने इशारों-इशारों में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की ओर संकेत किया। गोपाल शर्मा का पलटवार: ‘इस्तीफा दे दूँगा’ अपना नाम घसीटे जाने पर सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने सदन में खड़े होकर दहाड़ते हुए कहा, “आप मेरा नाम ले रहे हैं? अगर इस मामले में कोई भी मेरा आदमी शामिल पाया गया, तो मैं इसी वक्त विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूँगा।” शर्मा के इस तेवर ने सत्ता पक्ष के खेमे में जोश भर दिया, वहीं विपक्ष ने शोर-शराबा और तेज कर दिया। सदन में हाथापाई की नौबत !  राजस्थान के विधानसभा में उस वक्त हाथापाई की नौबत बनती दिखाई दी, जब भाजपा विधायक गोपाल शर्मा सदन की कार्यवाही के बीच ना पक्ष की वेल की तरफ़ आक्रोश के साथ बढ़ने लगे। तभी कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना भी गोपाल शर्मा की तरफ़ आक्रोशित होकर बढ़ गए .इससे माहौल और ज़्यादा गरमा गया। स्पीकर की फटकार, “पहले से तय थी प्लानिंग” हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने बछड़े के कटे सिर वाले पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सख्त नजर आए। उन्होंने पोस्टर लहराने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “जिस तरह से पोस्टर लहराए जा रहे हैं, उससे साफ लगता है कि आप लोग सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए पहले से प्लानिंग करके आए थे।” स्पीकर ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को निर्देश देकर गोपाल शर्मा को शांत कराया और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच तीखी बहस सदन में उस वक्त मर्यादा की सीमाएं लांघती दिखीं जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच सीधी बहस शुरू हो गई। दोनों ओर से तीखी टिप्पणियां की गईं। विपक्ष का आरोप था कि सरकार गौवंश की रक्षा के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि हकीकत में राजधानी में ही गौवंश सुरक्षित नहीं है।

ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में आग लगने से मचा हंगामा, यात्री दहशत में

 नागपुर नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रैक पर दौड़ रही ट्रेन में आग लग गई। जीटी एक्सप्रेस ( ट्रेन नंबर 12616) के स्लीपर कोच में मंगलवार दोपहर आग लग गई। यह घटना सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन में सिंधी और तुलजापुर स्टेशनों के बीच हुई। ट्रेन चल रही थी तभी SLR कोच से धुआं निकलता देखा गया. धुआं देखते ही ट्रेन को सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित रखा गया और किसी को चोट नहीं आई है। रेलवे स्टाफ ने तेजी से कार्य करते हुए प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। रेलवे कर्मचारियों ने शुरुआती तौर पर कोच में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करके आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारी मामले की आगे जांच कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता संजय मुले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रेन 12616 नई दिल्ली-चेन्नई (तंबरम) ग्रांट ट्रंक एक्सप्रेस सुबह नागपुर से रवाना हुई थी। वर्धा के सिंधी रेलवे स्टेशन की ओर जाते समय सुबह 11:09 बजे ट्रेन के आखिरी गार्ड कोच में धुआं देखा गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को सिंधी-तुलजापुर खंड पर रोक दिया गया, प्रभावित डिब्बे को तुरंत अलग कर दिया गया और दमकल कर्मियों को बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन और उस डिब्बे में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं. विस्तृत जांच के बाद आग लगने का कारण पता चलेगा। अधिकारी ने बताया कि प्रभावित डिब्बे के बिना ट्रेन कुछ समय बाद रवाना होगी।

रिश्तों पर शक पड़ा भारी: मर्डर के बाद अमानवीय हरकतें, इंदौर की वारदात ने झकझोरा

नई दिल्ली प्यार, शादी का दवाब, शक, हत्या, लाश से रेप और फिर आत्मा से मुलाकात की कोशिश। इंदौर में एमबीए की एक स्टूडेंट के साथ हुई दरिंदगी और उसके कातिल की हैवानियत ने सबको झकझोर दिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि किस तरह शादी के दबाव और शक के उपजे गुस्से में उसने गर्लफ्रेंड को बेरहमी से मार डाला और फिर बार-बार लाश के साथ रेप करता रहा। बाद में उसने तंत्र-मंत्र के जरिए गर्लफ्रेंड की आत्मा से बात करने की कोशिश की थी। मंदसौर के पीयूष धामनोदिया को मां-बाप ने इंदौर में पढ़लिखकर अपना करियर बनाने के लिए भेजा था। उसके पिता एक किराना व्यापारी हैं। एक बहन और एक भाई जो पढ़ाई कर रहे हैं। इंदौर में पीयूष एक निजी कॉलेज में पढ़ता था, जहां उसकी मुलाकात द्वारकापुरी की रहने वाली एक एमबीए स्टूडेंट से हुई। डीसीपी कृष्णलाल चंदानी ने बताया कि दोनों करीब एक साल से रिलेशन में थे। दोनों शादी करना चाहते थे पर लड़के के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। इस बात पर दोनों के बीच झगड़े होते थे। डीसीपी ने कहा कि आरोपी ने यह भी कहा है कि उसे शक था कि डेटिंग ऐप के जरिए वह दूसरे लड़कों के साथ संपर्क में थी। आधार कार्ड बनवाने निकली लड़की हो गई थी लापता मृतक लड़की 10 फरवरी को घर से यह कहकर निकली थी कि आधार कार्ड अपडेट कराने जा रही है। लेकिन वह लौटकर नहीं आई। लड़की के परिजनों ने काफी तलाश के बाद 11 फरवरी को पंढरीनाथ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तलाश के बीच 13 फरवरी को द्वारकापुरी के ही अंकल वाली गली में उस कमरे से उठी दुर्गंध ने लड़की की गुमशुदगी का राज खोला। पड़ोसियों की शिकायत के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो 25 वर्षीय लड़की की निर्वस्त्र लाश देखकर हैरान रह गई। शरीर को चाकू से गोदा गया था। उधर मुंबई में गर्लफ्रेंड की आत्मा बुलाने की कोशिश में जुटा था पीयूष इधर, पुलिस लड़की हत्यारे की तलाश में जुटी थी तो दूसरी तरफ इंदौर से भागकर मुंबई पहुंचा पीयूष ‘जादू-टोने’ में जुट गया था। यूट्यूब से कथित तौर पर कुछ ‘तंत्र-मंत्र’ सीखकर वह उस लड़की की आत्मा को बुलाना चाहता था। जिंदा रहते उसने जिसकी ‘ना’ नहीं सुन सका उसकी आत्मा को अब वह अपनी बात समझाना चाहता था। अगले ही दिन पकड़ा गया आरोपी हत्या के बाद आरोपी ने पीड़िता की लाश के साथ कई बार संबंध बनाए और अपनी इस गंदी हरकत को उसने लड़की के मोबाइल में कैद किया। आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उसने उस मोबाइल को तोड़कर चलती ट्रेन से रास्ते में कहीं फेंक दिया। पुलिस अभी इस मोबाइल को बरामद नहीं कर पाई है, जिसमें कई तरह के सबूत हो सकते हैं। पुलिस ने आरोपी का लोकेशन ट्रेस कर उसे 14 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था। वह 18 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर है। डेटिंग ऐप्स की वजह से हुआ झगड़ा आरोपी का कहना है कि पीड़िता ने उसे बताया था कि वह कुछ और लड़कों के साथ भी उसके अफेयर रहे हैं, लेकिन उसने वादा किया था अब उसके साथ ही रहेगी। लेकिन हाल ही में उसने देखा कि उसके मोबाइल में डेटिंग ऐप है और वह लड़कों से बातचीत करती है। उसे शक हो गया कि प्रेमिका उसे धोखा दे रही है और इस बात से वह बहुत गुस्से में था। हत्या वाले दिन दिन क्या-क्या किया उसने पीयूष ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उस दिन जब वह पीड़िता को अपने साथ कमरे पर लेकर पहुंचा तो उसे बहुत भूख लगी थी। उसने लड़की के लिए मैगी बनाई। मैगी खिलाने के बाद वह उससे संबंध बनाना चाहता था। लेकिन लड़की ने इससे इनकार कर दिया। लड़की ने उसे बताया कि उसके पीरियड्स चल रहे हैं। उसने जबरन उसने छात्रा से संबंध बनाए। छात्रा का गला दबाकर दोबारा ज्यादती की। इस दौरान अप्राकृतिक कृत्य भी किया। उसने लड़की के हाथ-पैर बांध दिए थे और रस्सी से गला घोंट दिया। इसके बाद वह बीयर पीने चला गया। लौटा तो उसे लगा कि लड़की के प्राण बाकी हैं तो उसने चाकू से 18 बार गोद डाला। इसके बाद भी वह लाश के साथ बार-बार संबंध बनाता रहा। छात्रा के मोबाइल से वीडियो बनाया। बाद में कमरे में लाश को बंद कर वह मुंबई भाग गया। साइको जैसी कर रहा हरकत पुलिस सत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पीयूष कभी हंसने लगता है तो कभी रोने लगता है। वह लगातार साइको जैसी हरकत कर रहा है। वह खुद को साइको साबित करना चाहता है।

सलीम खान अस्पताल में भर्ती, सलमान और परिवार के अन्य सदस्यों ने की मुलाकात

मुंबई बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता और इंडस्ट्री के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान की अचानक तबीयत बिगड़ी है। इसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता की सेहत की जानकारी मिलते ही सलमान खान भी तुरंत ही अस्पताल पहुंचे हैं। हालांकि, सलीम की सेहत को लेकर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। चिंतित दिखे सलमान पिता सलीम खान की तबियत बिगड़ने की खबर सुनते ही सलमान खान तुरंत लीलावती अस्पताल पहुंचे। हॉस्पिटल से सलमान खान का वीडियो सामने आया है। इसमें सलमान का चेहरा उतरा हुआ नजर आ रहा है और वो काफी चिंतित दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बाद फैंस सलीम खान के स्वास्थ्य को लेकर और भी चिंतित हैं। सलमान खान के चारोंओर भारी सुरक्षा भी दिखाई दे। उन्होंने काले रंग की टी-शर्ट और पैंट पहनी हुई है। अलवीरा और आयुष समेत परिवार के कई सदस्य पहुंचे सलीम खान की तीबयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही अब परिजनों का अस्पताल पहुंचना जारी है। सलमान खान के बाद अब बहन अलवीरा और उनके पति अतुल अग्निहोत्री भी लीलावती अस्पताल पहुंचे हैं। इस दौरान दोनों ही उदास नजर आए। जबकि अलवीरा इस दौरान काफी जल्दी में दिखीं और कार से उतरकर भागते हुए अस्पताल पहुंचीं। बेटे अरबाज समेत परिवार के कई सदस्य भी अस्पताल पहुंचे।   सलीम खान की गिनती बॉलीवुड के दिग्गज लेखकों में होती है। जावेद अख्तर के साथ मिलकर सलीम-जावेद की जोड़ी ने कई कल्ट फिल्में दी हैं। इनमें ‘शोले’ से लेकर ‘दीवार’, ‘डॉन’, ‘जंजीर’, ‘त्रिशूल’ और ‘सीता और गीता’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। सलीम खान ने इससे पहले बतौर अभिनेता भी कुछ फिल्में की हैं। हेलन से की दूसरी शादी, अर्पिता खान को लिया गोद सलमान खान के अलावा सलीम खान के तीन और बच्चे भी हैं, इनमें अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने अर्पिता को गोद लिया है। सलीम खान ने सलमा खान से पहली शादी की थी। जबकि वेटरन एक्ट्रेस हेलन सलीम खान की दूसरी पत्नी हैं। उन्होंने साल 1981 में हेलन से शादी की थी। पहले उनकी दूसरी शादी से उनका परिवार नाराज था, हालांकि बाद में हालात सुधर गए। अब सभी एकसाथ रहते हैं।

दृष्टि दिव्यांगता पर संकल्प की जीत: आत्मनिर्भरता की मिसाल बने अभिनंदन, अब गढ़ रहे नई प्रतिभाओं का भविष्य

रायपुर. दृष्टि दिव्यांगता पर संकल्प की जीत: आत्मनिर्भरता की मिसाल बने  अभिनंदन, अब गढ़ रहे नई प्रतिभाओं का भविष्य दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में अवरोध नहीं बनतीं। दृष्टि दिव्यांगता को चुनौती देते हुए  अभिनंदन नशीने ने आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐसी प्रेरक कहानी रची है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित रायपुर मठपुरैना  स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय  में वर्ष 2006 में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले  अभिनंदन ने वर्ष 2019 में बारहवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यालयीन शिक्षा के दौरान वे विद्यालय के ऑर्केस्ट्रा ग्रुप “रोशनी” के सक्रिय सदस्य रहे और अपनी मधुर आवाज से अनेक मंचों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।संगीत के प्रति गहरी लगन ने उन्हें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर किया। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से संगीत विषय में स्नातक शिक्षा पूर्ण कर अपनी प्रतिभा को शैक्षणिक आधार प्रदान किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और आज उसी विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी। वर्तमान में  अभिनंदन दृष्टि दिव्यांग बच्चों को संगीत की विधिवत शिक्षा देकर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान कर रहे हैं। वे केवल शिक्षक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके मार्गदर्शन में कई बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।  अभिनंदन द्वारा संचालित “अभिनंदन म्यूजिकल परिवार” ऑर्केस्ट्रा समूह दिव्यांग कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। यह समूह विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मोहला-मानपुर जिले में समाज कल्याण विभाग के कार्यक्रमों हेतु जागरूकता गीतों की रचना कर सामाजिक सरोकारों से भी अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।  अभिनंदन की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि यदि संकल्प अडिग हो तो चुनौतियां भी सफलता की सीढ़ियां बन जाती हैं। उनका संघर्ष और उपलब्धियां प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए आशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।राज्य सरकार की समावेशी नीतियों और सशक्तिकरण के प्रयासों के परिणामस्वरूप आज ऐसे अनेक प्रतिभाशाली दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं।  अभिनंदन की उपलब्धियां इसी सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।

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