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रोड सेफ्टी पर फोकस, हादसे रोकने के लिए चल रहे विशेष मैनेजमेंट कोर्स

भोपाल  पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्यप्रदेश में सड़क पर होने वाली वाहन दुर्घटना एवं दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के उद्देश्य से लगातार सड़क सुरक्षा प्रबंधन कोर्स हो रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेक शर्मा के निर्देशन पर पीटीआरआई में अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक से उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा प्रबंधन कोर्स के माध्यम से दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने, पदयात्रियों तथा सायकिल, वाहन चालकों को प्राथमिकता और भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्‍या एवं सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्‍या में कमी लाना है । प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई श्री टी.के. विद्यार्थी ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता को प्रशिक्षणार्थियों के सम्मुख रखा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को मूलभूत यातायात सेवा में अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देना है। उनके द्वारा यातायात प्रवर्तन को दृष्टिगत रखते हुये ई-इनफोर्समेंट पर जोर दिया गया। साथ ही ओवर स्‍पीडिंग से निदान के लिये इन्‍टरसेप्‍टर व्‍हीकल की उपयोगिता को बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया। वर्तमान में भारत सरकार की योजनाओं राहवीर एवं केशलैस उपचार के साथ गोल्‍डर ऑवर की अवधारणा से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया। इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिजीत कुमार रंजन, श्री राजेश मिश्रा, उपुअ श्री मनोज खत्री एवं प्रशिक्षण टीम के अधिकारी उपस्थित थे। कोर्स के समापन के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को पीटीआरआई द्वारा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदाय किया गया।

पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना और गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर. गुरु घासीदास के अनुयायियों का दल पावन गिरौदपुरी धाम के लिए हुआ रवाना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।             मुख्यमंत्री  साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी।  साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।              कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी। कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब, विधायक  ललित चंद्राकर, विधायक  मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।                   गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।

मुख्यमंत्री साय बोले – सुप्रिया से प्रेरणा लेकर युवाओं को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए

देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथा रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुश्री सुप्रिया को सम्मानित किया। उन्होंने सुप्रिया और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और मुँह मीठा कराया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रिया का अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को सुप्रिया से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य पाने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम टेढ़ाधौंरा की 23 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर ने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त कर मुंगेली जिला सहित राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशसेवा के अटूट संकल्प के बल पर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुई हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी है।            साधारण परिवेश से असाधारण उपलब्धि तक ग्राम टेढ़ाधौंरा निवासी सुप्रिया सिंह श्रीनेत एक किसान परिवार से आती हैं। उनकी माता संतोषी सिंह श्रीनेत और पिता वैदेही शरण सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने सदैव उन्हें शिक्षा और संस्कारों का मजबूत आधार दिया। परिवार के स्नेहिल और अनुशासित वातावरण में पली-बढ़ी सुप्रिया ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं में 71 प्रतिशत और 12वीं में 58 प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसके बाद उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन) में स्नातक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग अध्ययन के दौरान ही उन्होंने एनसीसी को अपनाया और अपने नेतृत्व कौशल के बल पर जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुंचीं। एनसीसी के प्रशिक्षण ने उनके भीतर अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया। यहीं से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का उनका संकल्प आकार लेने लगा। दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूर्ण करने के बाद सुप्रिया ने पूरी एकाग्रता के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की। कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन के अंतर्गत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली प्रेरक कहानी है। शैक्षणिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ सुप्रिया सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। नृत्य उनकी प्रमुख रुचि है, जो उनके व्यक्तित्व को ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है। सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह सफलता न केवल मुंगेली, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुसुम सिन्हा को दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  रमेश सिन्हा की पूज्य माता स्वर्गीय  कुसुम सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की।  मुख्यमंत्री  साय ने  बिलासपुर के बोदरी स्थित मुख्य न्यायाधीश निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर कुसुम सिन्हा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों  से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि माता जी का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। मती कुसुम सिन्हा का सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा।  इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री एवं सांसद  तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, विधायक  सुशांत शुक्ला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

पंजाब-हरियाणा तक फैला था नेटवर्क

रायपुर. खैर लकड़ी की अंतर्राज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ जिला प्रशासन के निर्देश पर वन विभाग रायगढ़ ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 16 फरवरी को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रायगढ़ वन मंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में उप वनमंडलाधिकारी और उड़नदस्ता दल की टीम ने कार्रवाई की। दबिश के दौरान तस्कर लकड़ी से भरा ट्रक लेकर भागने लगे, लेकिन वन विभाग की सतर्कता से चंद्रपुर मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक क्रमांक सीजी-06-2022 को पकड़ लिया गया। चालक प्रारंभ में फरार हो गया था, परंतु बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी चालक और उसके साथी मेलाराम ने बताया कि गिरोह आसपास के जंगलों से खैर की कीमती लकड़ी काटकर सहसपुरी क्षेत्र में जमा करता था। इसके बाद लकड़ी को चांपा स्थित एक गुप्त गोदाम में पहुंचाया जाता था। रात लगभग एक बजे रायगढ़ की टीम ने चांपा के अकलतरा भांटा क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की। इस कार्रवाई में वन विभाग चांपा का भी सहयोग रहा। छापे में भारी मात्रा में खैर लकड़ी बरामद की गई। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह रायगढ़ और चांपा को केंद्र बनाकर लकड़ी को ऊंचे दामों पर पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में बेचता था। वन विभाग ने प्रकरण में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इस पूरे अभियान में उप वनमंडलाधिकारी श्री तन्मय कौशिक, वन परिक्षेत्राधिकारी श्री संजय लकड़ा तथा उड़नदस्ता प्रभारी श्री संदीप नामदेव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि जिले में कहीं भी अवैध वन अपराध की जानकारी मिलने पर मोबाइल नंबर +91-99263-21401 अथवा टोल फ्री नंबर 1800-233-2631 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। राज्य शासन की वन संरक्षण एवं हरित छत्तीसगढ़ की मंशा के अनुरूप वन संपदा की सुरक्षा हेतु ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

शिक्षकों के पक्ष में हाईकोर्ट का अहम फैसला, VSK ऐप के आधार पर कार्रवाई पर रोक

बिलासपुर। VSK ऐप को लेकर प्रदेश के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर आई है। हाईकोर्ट ने VSK ऐप को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल याचिकाकर्ता शिक्षक को ऐप इंस्टॉल करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा और याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी रोक रहेगी। मामले की सुनवाई जस्टिस एन के चंद्रवंशी की सिंगल बेंच में हुई। दरअसल, शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने VSK ऐप की अनिवार्यता को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया, कि सरकार किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को शिक्षकों पर जबरन लागू नहीं कर सकती। उन्होंने इसे शिक्षकों की निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि शिक्षकों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन का उपयोग शासकीय कार्यों के लिए बाध्यकारी रूप से नहीं कराया जा सकता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत तर्कों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत जवाब पेश करने कहा है। हालांकि ये आदेश कोर्ट ने सिर्फ याचिकाकर्ता शिक्षक के संदर्भ में ही जारी किया है, इसका लाभ अन्य शिक्षकों को भी मिलेगा या नहीं, ये अभी साफ नहीं है। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक राज्य सरकार शिक्षकों को VSK ऐप लागू करने के लिए बाध्य नहीं करेगी। साथ ही, इस मुद्दे को लेकर किसी भी शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले में याचिकाकर्ता कमलेश सिंह बिसेन ने खुद अदालत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिका में दो प्रमुख मुद्दों को उठाया गया है। पहला, शिक्षकों की निजता का प्रश्न और दूसरा, निजी संसाधनों के अनिवार्य उपयोग का विषय। उनके अनुसार, यह केवल व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील विषय है।

मेडिकल पेशे को शर्मसार करने वाली घटना, इलाज का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म

भोपाल ग्वालियर के एक डॉक्टर ने इलाज के बहाने महिला मरीज को भोपाल लाकर उससे दुष्कर्म किया। डॉक्टर सात महीने से महिला के चर्म रोग का इलाज कर रहा था। सुधार न होने पर वह 14 फरवरी को उसे टेस्ट व विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज के लिए भोपाल लेकर पहुंचा। यहां डॉक्टर इलाज के लिए अस्पताल की बजाए होटल लेकर पहुंच गया और दवाई के साथ नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बाद में बेहोशी का फायदा उठाकर उससे दुष्कर्म किया। मरीज को झांसा देकर होटल ले गया आरोपी डॉक्टर महिला ने तुरंत अपने पति को फोन कर घटना बताई। शिकायत पर एमपी नगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एसआइ अर्चना तिवारी ने बताया कि 30 वर्षीय महिला ग्वालियर की रहने वाली है। वहां के ही डॉक्टर अमरीश सेंगर से सात महीने पहले उसने चर्मरोग का इलाज कराना शुरू किया। इस दौरान सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर अमरीश ने कहा कि आगे के इलाज के लिए हमें भोपाल जाकर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाना होगा तथा कुछ टेस्ट भी करवाने होंगे। नशीला पदार्थ पिलाकर वारदात को दिया अंजाम 14 फरवरी को डॉक्टर अमरीश और महिला मरीज भोपाल पहुंचे तथा एमपी नगर जोन टू स्थित एक होटल में ठहर गए। महिला को शक हुआ तो उसने अपने पति को फोन कर पति को होटल में जाने की बात बताई। यह सुनने के बाद पति ग्वालियर से भोपाल के लिए निकल गया। इधर रात को डॉक्टर ने नशीला पदार्थ पिलाया और बेहोशी की हालत में उससे दुष्कर्म किया। मंगलवार को महिला और उसके पति ने एमपी नगर थाने में शिकायत की है।

स्टोर रूम में लगी आग से अस्पताल में भगदड़, भोपाल के जेपी हॉस्पिटल में बड़ा हादसा टला

भोपाल।  राजधानी के प्रमुख शासकीय जय प्रकाश (जेपी) अस्पताल में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब ओपीडी ब्लॉक की पहली मंजिल पर स्थित स्टोर रूम से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। दोपहर में हुई इस घटना ने अस्पताल के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी। प्लास्टिक और सर्जिकल सामान जलने से निकला काला धुआं चंद मिनटों में पूरे परिसर में फैल गया, जिससे ओपीडी में मौजूद डॉक्टर और मरीज जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। करीब 45 मिनट तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा गार्ड हरिदेव का अदम्य साहस… ताला तोड़कर बुझाई आग जब आग लगी, तब स्टोर रूम का गेट बंद था और चाबी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में सुरक्षा गार्ड हरिदेव यादव ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गेट का ताला तोड़ा और फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने में जुट गया। एक के बाद एक करीब आठ कंटेनर खाली करने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान धुआं फेफड़ों में भरने से हरिदेव की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। दमकल की गाड़ियां सूचना के 30 मिनट बाद पहुंचीं, तब तक गार्ड आग बुझा चुका था। लाखों के स्प्रिंकलर हुए फेल, सिस्टम का नहीं हुआ था हैंडओवर हैरानी की बात यह है कि बीते साल अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए ऑटोमैटिक वाटर स्प्रिंकलर और फायर डिटेक्शन सिस्टम ने काम ही नहीं किया। जांच में सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन ने अब तक फायर सेफ्टी एजेंसी को सिस्टम का हैंडओवर ही नहीं दिया था, जिसके चलते आधुनिक उपकरण केवल दीवार की शोभा बढ़ा रहे थे। जेपी अस्पताल में हुई आगजनी की घटना की प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आ रही है। अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरणों के हैंडओवर और उनके संचालन में हुई देरी को लेकर सिविल सर्जन से रिपोर्ट तलब की गई है। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी जिला अस्पतालों को पुनः फायर ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। – डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल  

भोपाल में पारिवारिक विवाद बना हिंसा की वजह, कजलीखेड़ा थाने की पहली FIR में बेटे पर पिता से मारपीट का आरोप

 भोपाल भोपाल के कोलार क्षेत्र को विभाजित कर बनाए गए 38वें थाने ‘कजलीखेड़ा’ में सोमवार रात से कामकाज औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। उद्घाटन के कुछ ही घंटों के भीतर थाने में मारपीट और सड़क दुर्घटना के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। कजलीखेड़ा थाने की डायरी में दर्ज होने वाला सबसे पहला अपराध एक पारिवारिक विवाद रहा। टावर के पास रहने वाले 45 वर्षीय जगदीश वाल्मीकि ने अपने बेटे देवा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। विवाद की वजह बेहद मामूली थी, जहां जगदीश ने अपने बेटे को बाहर का खाना खाने से मना किया था। यह बात देवा को इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपने पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी और उनका सिर दीवार से टकरा दिया। सिर फटने और खून निकलने के बाद पिता ने नवगठित थाने पहुंचकर बेटे के खिलाफ केस दर्ज कराया। दूसरा मामला- तेज रफ्तार कार की टक्कर थाने में दूसरी रिपोर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर हर्ष जैन ने दर्ज कराई। सोमवार रात करीब 9:30 बजे कोलार रोड पर उनकी खड़ी कार को एक तेज रफ्तार अज्ञात कार चालक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में हर्ष की कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  

‘Blast of Colours 3.0’ लाएगा गोवा वाली होली वाइब्स — DJ बीट्स और नियॉन लाइट्स संग लखनऊ करेगा धमाका

लखनऊ  लखनऊ में इस बार होली का खुमार कुछ अलग ही होने वाला है। 21st सेंचुरी प्रोडक्शंस द्वारा आयोजित ‘BLAST OF COLOURS 3.0’ अपने तीसरे संस्करण के साथ शहर में दस्तक दे रहा है। यह आयोजन केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि एक बड़े स्तर के कार्निवल का अनुभव प्रदान करेगा। जनेश्वर मिश्रा पार्क में होने वाला यह तीन दिवसीय उत्सव उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े होली समारोहों में से एक बनने जा रहा है।  जनेश्वर मिश्रा पार्क में बीच-पार्टी जैसी ‘गोवा वाइब्स’ होली के पारंपरिक उल्लास को आधुनिकता के रंग में रंगते हुए, आयोजकों ने गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क (गेट नंबर 5) को एक अनोखे ‘मिनी गोवा’ में तब्दील करने का फैसला किया है। 28 फरवरी, 1 मार्च और 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाला यह फेस्ट पूरी तरह से गोवा की बीच-पार्टियों की थीम पर आधारित होगा। शहर के बीचों-बीच स्थित यह ओपन-एयर वेन्यू राजधानी वासियों को एक ऐसा अनुभव देगा, जो अब तक केवल तटीय शहरों तक सीमित था। जंगल और नियॉन थीम होली डेकोर  इस साल के उत्सव का सबसे मुख्य आकर्षण यहां का अद्भुत विजुअल सेटअप है। इवेंट में जंगल और नियॉन-थीम वाले डेकोरेशन का उपयोग किया जाएगा, जो शाम के समय पूरे माहौल को खुशनुमा बनाएगा। दोपहर 1:00 बजे से रात 8:00 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हर घंटे मनोरंजन के नए स्तर देखने को मिलेंगे, जिससे युवाओं और परिवारों को एक यादगार अनुभव प्राप्त होगा। टॉप DJs और लाइव परफॉरमेंस की शानदार गूँज संगीत के शौकीनों के लिए यह फेस्टिवल किसी बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट से कम नहीं है। पूरे दिन हाई-एनर्जी पावर DJs और लाइव बैंड्स अपनी धुन पर लोगों को झूमने पर मजबूर करेंगे। खास तौर पर डिजाइन किया गया ‘डांस एरिना’ उन लोगों के लिए बनाया गया है जो रंगों के साथ-साथ हाई-बीट संगीत का लुत्फ उठाना चाहते हैं। यहाँ का वाइब्रेंट साउंड सिस्टम और लाइटिंग शो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। स्किन-फ्रेंडली रंगों और सुरक्षा के कड़े इंतजाम मेहमानों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजकों ने केवल ऑर्गेनिक और स्किन-सेफ कलर्स का उपयोग अनिवार्य किया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए, बाहर से रंग, भोजन या किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आयोजन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल एड की टीमें तैनात रहेंगी ताकि एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में लोग त्योहार मना सकें।  जायकेदार व्यंजन, ठंडाई और फेस्टिवल बाजार होली का आनंद बिना पकवानों के अधूरा है। इस इवेंट में विशेष फूड स्टॉल्स लगाए जाएंगे जहाँ लखनऊ के मशहूर लजीज व्यंजनों के साथ पारंपरिक होली ठंडाई का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा, एक शॉपिंग जोन भी बनाया गया है जहाँ से पर्यटक अपनी पसंद की चीजें खरीद सकते हैं। कानूनी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए यहाँ बार काउंटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जो उत्सव के आनंद को दोगुना कर देगी। इसलिए देर न करे जल्दी से टिकट बुक करें। आप टिकट बुक माई शो पर जाकर बुक कर सकते है।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा बोले- डिजिटल ऋण पुस्तिका राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम

पारदर्शी और तकनीक-सक्षम राजस्व व्यवस्था की ओर ऐतिहासिक कदम रायपुर,      छत्तीसगढ़ में आज डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग 1से 4 पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर संचालक भू अभिलेख श्री विनीत नन्दनवार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।      डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसानों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भुइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे।      डिजिटल प्रणाली में आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे जानकारी संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही, संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने  कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी। मंत्री ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी तथा शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करें। डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में राजस्व सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

प्रदेश में उपलब्ध बजट को पांच साल में दोगुना करने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार कर रही है कार्य

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़ते हुए समयानुकूल बनाना आवश्यक है। व्यक्ति को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने में सक्षम शिक्षा व्यवस्था ही देश को समृद्ध और सशक्त बनाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति इन्हीं उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में सार्थक प्रयास है। शिक्षा व्यवस्था की जटिलता को कम करना भी नीति का उद्देश्य है। प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “कर्मयोगी बनें” की सर्वोच्च परामर्शदात्री समिति की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने के केंद्र नहीं है, राष्ट्र के भविष्य की कार्यशालाएं हैं। भगवद्गीता में कहा गया है कि कर्म को उत्कृष्टता और दक्षता के साथ करना ही योग है। आज जब हम “कर्म योगी शिक्षाविद्” की बात करते हैं, तो हम केवल एक आदर्श नहीं गढ़ रहे, बल्कि एक ऐसे शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करना चाहते हैं, जहाँ शिक्षक केवल पाठ न पढ़ाए, बल्कि प्रेरणा दें। संस्थान नियमों के साथ उद्देश्य पूर्ति के लिये संचालित हों। विद्यार्थी केवल नौकरी न खोजें, बल्कि राष्ट्र-निर्माण में भागीदार बनें। हमें शिक्षण को अधिक प्रासंगिक और जीवन सापेक्ष बनाना होगा। अनुसंधान की सामाजिक उपयोगिता पर भी और ध्यान अपेक्षित है। डिग्री और रोजगार के बीच जो दूरी है, उसे हमें खत्म करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, इसे दृष्टिगत रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कृषि संकाय आरंभ किया गया है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों में अलग-अलग दक्षता वाले कर्मियों की आवश्यकता है। राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप वहां के इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि तकनीकी संस्थाओं में कोर्स आरंभ कर रही है। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और युवा अपनी क्षमता और योग्यता का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इन्हीं गतिविधियों से कर्मयोगी बनने का स्वप्न साकार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध बजट को 5 वर्ष में दोगुना करने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार कार्य कर रही है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए चरणबद्ध रूप से पांच लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। हर वर्ष एक क्षेत्र पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। इस क्रम में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सम्बद्ध 16 विभागों के लक्ष्य समग्र रूप से तय किए गए हैं। इससे किसान की आय को दोगुना करने का राज्य सरकार का संकल्प भी पूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें सहकर्मी संस्कृति को पुनर्जीवित करना होगा। गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कि अपने कर्तव्य का पालन ही श्रेष्ठ है। हमने “अभ्युदय मध्यप्रदेश” का जो संकल्प लिया है, उसमें शिक्षा केंद्रीय भूमिका निभाती है। हम यदि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमें विकसित विश्वविद्यालयों का निर्माण करना होगा। मध्यप्रदेश को मूल्य आधारित, गुणवत्ता संपन्न और रोजगार सक्षम शिक्षा का मॉडल राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। ‘कर्मयोगी बने’ कार्यशाला इसी दिशा में एक गंभीर और प्रतिबद्ध प्रयास है। कार्यशाला में मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रो. आर. बालासुब्रमणियम, जेएनयू नई दिल्ली की कुलपति प्रो. शांति धुलिपुडी पंडित, यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के कन्वीयर डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, एपेक्स एडवाइजरी कमेटी के सदस्य, देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, कुलसचिव और शिक्षाविद उपस्थित थे।  

‘किसी से डर नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी’— मोहन भागवत का हिंदू परिवारों को तीन बच्चों का संदेश

लखनऊ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन उसे सजग और संगठित रहना चाहिए। उन्होंने यह बात लखनऊ स्थित विद्या भारती के भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, सरस्वती कुंज, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कही। डॉ. भागवत ने कहा कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चों का संकल्प लेना चाहिए। उनका तर्क था कि जिन समाजों में जनसंख्या वृद्धि दर बहुत कम हो जाती है, वे धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। ‘घर वापसी’ अभियान को गति देने की आवश्यकता इसके बाद माधव सभागार में आयोजित ‘कार्यकर्ता कुटुंब मिलन’ कार्यक्रम में उन्होंने ‘घर वापसी’ अभियान को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग पुनः हिंदू धर्म में लौटते हैं, उनके साथ संवाद और सहयोग बनाए रखना चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों की भागीदारी इस कार्यक्रम में सिख, बौद्ध और जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम और ब्रह्म विद्या निकेतन सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

एआई भविष्य को लेकर गूगल प्रमुख का बड़ा बयान— भारत है असाधारण प्रगति के लिए तैयार

नई दिल्ली गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की। पिचाई भारत में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने आए हैं और 20 फरवरी को समिट में मुख्य भाषण देंगे। भारत पहुंचने पर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर खुशी हो रही है और यहां हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत पहुंचने पर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर खुशी हो रही है और यहां हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत किया गया।   पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान श्री सुंदर पिचाई से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमने एआई के क्षेत्र में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों और इस क्षेत्र में हमारे प्रतिभाशाली छात्रों और पेशेवरों के साथ गूगल कैसे काम कर सकता है, इस बारे में चर्चा की। गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध पिचाई ने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में असाधारण प्रगति के लिए तैयार है और गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एआई हमारे जीवन का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर डायग्नोस्टिक्स से लेकर किसानों को रियल-टाइम अलर्ट देने जैसे बड़े स्तर की चुनौतियों को हल करने में सक्षम है। पिचाई ने भारत की विविधता, बहुभाषी पारिस्थितिकी और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नवाचार के लिए मजबूत आधार बताते हुए कहा कि यह वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतांत्रिक उपयोग का एक मॉडल बन सकता है। उन्होंने जोर दिया कि एआई का विकास भरोसे, सुरक्षा और समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए, ताकि तकनीक स्थानीय भाषाओं और संदर्भों में लोगों तक वास्तविक लाभ पहुंचा सके। इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव की घोषणा इस दौरान पिचाई ने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ की भी घोषणा की, जिसके तहत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई क्षेत्रों के बीच एआई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए सबसी केबल रूट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गूगल भारत में फुल-स्टैक कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है और भविष्य को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई हब की योजना का भी जिक्र किया, जिसमें गीगावॉट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा, जिससे रोजगार सृजन और उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की घोषणा इसके साथ ही गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की भी घोषणा की, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल है, जो छात्रों और शुरुआती करियर के पेशेवरों को लक्षित करेगा। अन्य पहलों में कर्मयोगी भारत के साथ 2 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को समर्थन, अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ 10,000 स्कूलों में जेन एआई टूल्स की शुरुआत और 30 मिलियन डॉलर का ‘एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज’ भी शामिल है। पिचाई ने कहा कि एआई का सबसे बड़ा प्रभाव तब होता है जब इसे समुदायों को समझने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर विकसित और लागू किया जाए, और इसी दिशा में आईआईटी, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय संस्थानों के साथ साझेदारी के जरिए जिम्मेदारीपूर्ण और व्यापक स्तर पर एआई पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।  

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नागरिकों के हितों से जुड़ी भू-अभिलेख पुस्तकों का किया विमोचन

रायपुर  राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में भू-अभिलेख नियमावली भाग 1 से 4 पुस्तक का विमोचन किया। उमेश पटेल और  कांत वर्मा द्वारा लिखित इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग के सर्कुलर और आदेशों का संकलन है। अभी तक मार्केट में जो पुस्तक थी, उसके लेखक और प्रकाशक मध्य प्रदेश के हैं। इसके कारण मध्यप्रदेश के सर्कुलर और आदेश उस पुस्तक में मिलते हैं, परंतु छत्तीसगढ़ के नहीं।       अब इस पुस्तक में, वर्ष 2000 के बाद मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी सर्कुलर जो छत्तीसगढ़ राज्य में लागू नहीं है, उन्हें नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ द्वारा जारी अद्यतन सर्कुलर को अध्याय-वार दिया गया है। परिशिष्ट के रूप में सर्वे, राजस्व वन भूमि के अभिलेख, गिरदावरी,  डिजिटल क्रॉप सर्वे आदि महत्वपूर्ण विषयों पर जारी लेटेस्ट सर्कुलर शामिल किए गए हैं। विषय से संबंधित प्रश्न, इकाई परिवर्तन, शब्दार्थ आदि का भी समावेश किया गया है।       छत्तीसगढ़ विशेष के लिए नियमावली की यह पुस्तक बाजार के साथ-साथ अमेजन और जेम पोर्टल पर उपलब्ध होगा

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