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जेल से बाहर आते ही फिर हत्या! दमोह में युवक पर रॉड-हथौड़े से हमला, मौके पर मौत

दमोह दमोह जिले के दमोह देहात थाना अंतर्गत ग्राम सम्मना में गुरुवार की दोपहर पत्नी की हत्या के मामले में जेल से रिहा हुए एक युवक ने बाइक सवार युवक पर लोहे की रॉड और हथौड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का क्या कहना घटना के संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय ने बताया कि देहात थाना अंतर्गत ग्राम सम्मना में गुरुवार की दोपहर भरत पुत्र रामगोपाल विश्वकर्मा (20) निवासी अर्थखेड़ा चौकी इमलिया अपनी बहन से टीका लगवाने के लिए ग्राम सम्मना आया हुआ था और टीका लगवाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में बैठे युवक गुड्डा पटैल (58) ने अचानक बाइक सवार रामगोपाल पर लोहे की रॉड और हथौड़े से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान आरोपी खेत में भाग गया और रॉड घुमाने लगा। गांव के लोग भी लाठी आदि लेकर उसे पकड़ने दौड़े और उसे घेर लिया। उसी समय पुलिस पहुंच गई, अन्यथा ग्रामीण उसकी हत्या कर देते। खून पीने और मांस खाने की बात पुलिस के अनुसार आरोपी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें खून पीने और मांस खाने की बात कही जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी दो वर्ष पूर्व अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काटकर जेल से रिहा हुआ था। पुलिस के अनुसार आरोपी के मानसिक रूप से असामान्य होने की भी जानकारी सामने आई है।  

ईरान वॉर के बीच भारत को रूस का सहारा, पुतिन ने 95 लाख बैरल तेल सप्लाई का दिया ऑफर

 नई दिल्‍ली मिडिल में तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्‍चे तेल आने का रास्‍ता बंद हो चुका है, जो वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है. ऐसे में रूस कच्चे तेल की खेप को भारत की ओर मोड़ने के लिए तैयार है।  रॉयटर्स की रिपोर्ट का दावा है कि इस समय भारतीय जलक्षेत्र के पास जहाजों पर लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल मौजूद है और इसे कुछ ही हफ्तों में भारत पहुंचाया जा सकता है.  गौरतलब है कि यह खबर तब सामने आई है, जब मिडिल ईस्‍ट से तेल आयात करने का रास्‍ता बंद है, जहां से भारत करीब 50 फीसदी तेल आयात करता था. यह भारत के लिए एक बड़ी राहत है।  रिपोर्ट का कहना है कि आपूर्ति में रुकावट बढ़ने के बीच भारतीय रिफाइनर्स के लिए यह एक बड़ी राहत है. हालांकि सूत्र ने यह स्‍पष्‍ट नहीं किया है कि जहाजों पर रखा माल कहां जा रहा था, लेकिन यह जरूर बताया कि गैर-रूसी बेड़े के जहाजों द्वारा ले जाए गए माल को जरूरत पड़ने पर जल्दी से भारत की ओर मोड़ा जा सकता है।  ऑप्‍शन की तलाश में भारत  भारत के पास अभी सीमित तेल भंडार पड़ा हुआ है, जिस कारण वह किसी विकल्‍प की तलाश में है, जहां से उसे तेल की सप्‍लाई होती रहे. रिपोर्ट का कहना है कि भारत के पास कच्चे तेल का भंडार लगभग 25 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, जबकि डीजल, पेट्रोल और पेट्रोलियम गैस जैसे रिफाइन उत्पादों का भंडार भी कम है।  रॉयटर्स ने कहा कि भारत के सरकारी सूत्र ने बताया कि नई दिल्ली ने वैकल्पिक आपूर्ति विकल्पों की खोज शुरू कर दी है क्योंकि मध्य पूर्व संघर्ष अगले 10-15 दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे शिपमेंट प्रभावित हो सकते हैं. भारत के लिए कच्‍चे तेल का रिस्‍क होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अस्थिरता पैदा होने के कारण आया है।  रूस ने तेल भेजने को दिखाई तत्परता  भारत की रिफाइनरियां हर दिन लगभग 5.6 मिलियन बैरल तेल को रिफाइन करती हैं, जिसका अर्थ है कि शिपिंग मार्गों में किसी भी प्रकार की लंबी रुकावट से आपूर्ति में तेजी से कमी आ सकती है. उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि अगर मध्य पूर्वी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी आती है तो मॉस्को इस अंतर को पाटने में मदद करने के लिए तैयार है, और संभावित रूप से भारत की कच्चे तेल की जरूरतों का 40% तक पूरा कर सकता है। 

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन 06 मार्च को करेंगे 3.08 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर कोरबा नगर विधायक, प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग , सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन शुक्रवार 06 मार्च 2026 को नगर पालिक निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में  3.08 करोड़ रु के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।  मंत्री  देवांगन शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन अंतर्गत वार्ड क्रमांक 56 (प्राथमिक शाला आगरखार)में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए) शामिल हैं। मंत्री  देवांगन सायं 4.30 बजे सरस्वती शिशु मंदिर, सीएसईबी, कोरबा पहुंचकर नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल हैं।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में होली मिलन

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में होली मिलन कार्यक्रम पारंपरिक उत्साह और हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) मनोज दयाल ने सभी प्राध्यापकों, अतिथि व्याख्याताओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित विश्वविद्यालय परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।       कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने विश्वविद्यालय के ‘रेडियो संवाद’ के माध्यम से भी होली पर्व पर अपना शुभकामना संदेश प्रसारित किया। होली मिलन कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में रंगों के इस पर्व का आनंद लिया          कुलपति प्रो. दयाल ने कहा कि रंगों का यह पावन पर्व समाज में प्रेम, भाईचारे, समरसता और एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार ही नहीं, बल्कि कुटुंब प्रबोधन और सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने का अवसर भी है। उन्होंने सभी से अपील की कि त्योहार को स्वदेशी जीवन शैली के अनुरूप मनाते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी को किसी प्रकार की असुविधा या कष्ट न पहुंचे। कुलपति ने कामना की कि होली का यह पर्व विश्वविद्यालय परिवार तथा विद्यार्थियों के जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई उमंग लेकर आए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा सहित सभी प्राध्यापकगण, अतिथि व्याख्याता, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

देशसेवा का सुनहरा मौका! 25,000 से अधिक पदों पर अग्निवीर भर्ती 2026, पात्रता से लेकर चयन प्रक्रिया तक जानें सब कुछ

नई दिल्ली अगर आपके सीने में भी देशभक्ति की आग जल रही है और आप भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सरहदों की हिफाजत करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद ही शानदार और बड़ी खबर है। भारतीय सेना (Indian Army) ने साल 2026 के लिए ‘अग्निवीर’ (Agniveer) भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह उन लाखों युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है, जो सेना में जाकर अपने देश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं। इस साल जनरल ड्यूटी (GD), ट्रेड्समैन, क्लर्क, टेक्निकल और अन्य पदों के लिए 25,000 से ज्यादा (संभावित) पदों पर बंपर भर्तियां निकाली गई हैं। अगर आप 8वीं, 10वीं या 12वीं पास हैं, तो आप इस शानदार मौके का फायदा उठा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए बिना किसी देरी के अपनी कमर कस लीजिए। आवेदन से जुड़ी अहम तारीखें और फीस भारतीय सेना की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद आपका ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 250 रुपये की एग्जामिनेशन फीस देनी होगी, जिसे आप ऑनलाइन माध्यम से आसानी से जमा कर सकते हैं। कौन कर सकता है अप्लाई? (शैक्षणिक योग्यता) सेना ने अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यताएं तय की हैं। 10वीं पास (मैट्रिक): अगर आप जनरल ड्यूटी (GD) के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो आपको कम से कम 45% अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही हर विषय में कम से कम 33% अंक होने चाहिए। (भारतीय गोरखाओं के लिए सिर्फ 10वीं पास होना ही काफी है)। 8वीं और 12वीं पास: ट्रेड्समैन और क्लर्क/टेक्निकल जैसे पदों के लिए 8वीं और 12वीं पास युवा भी अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अगर आपने अभी 10वीं की परीक्षा दी है और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, तो भी आप फॉर्म भर सकते हैं, लेकिन रैली के वक्त आपको अपनी ओरिजिनल मार्कशीट दिखानी होगी। उम्र की सीमा अग्निवीर बनने के लिए युवाओं की उम्र साढ़े 17 साल (17.5 years) से लेकर 21 साल के बीच होनी चाहिए। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, आपका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। हालांकि, ड्यूटी के दौरान शहीद हुए रक्षा कर्मियों की विधवाओं के लिए अधिकतम उम्र सीमा में 30 साल तक की छूट का भी प्रावधान रखा गया है। शारीरिक मापदंड और फिटनेस टेस्ट (Physical Standards) फौज में जाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आपका शारीरिक रूप से फौलाद होना भी जरूरी है। आपकी कम से कम लंबाई 162 सेंटीमीटर होनी चाहिए (पूर्वोत्तर राज्यों, गोरखा, गढ़वाली और आदिवासियों के लिए लंबाई में 4 सेंटीमीटर की खास छूट दी गई है)। इसके अलावा आपके सीने का फुलाव कम से कम 5 सेंटीमीटर होना चाहिए और आपका वजन आपकी लंबाई और उम्र के हिसाब से (BMI के अनुसार) बिल्कुल फिट होना चाहिए। रैली (Phase II) के दौरान आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) होगा। इसमें आपको 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। अगर आप यह दौड़ 7 मिनट 45 सेकंड में पूरी करते हैं तो आप ‘एक्सीलेंट’ ग्रुप में आएंगे। इसके साथ ही आपको 10 फीट की लंबी कूद (Long Jump) और 3 फीट की ऊंची कूद (High Jump) भी क्वालीफाई करनी होगी। कैसे होगा चयन? (Selection Process) चयन की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण (Phase I): सबसे पहले एक ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CEE) होगा। दूसरा चरण (Phase II): जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा पास करेंगे, उन्हें उनके अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट करके भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा। रैली वाली जगह पर ही आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट, शारीरिक माप तौल, मेडिकल टेस्ट और आपके सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा। सेना ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ है। यह सिर्फ आपकी मेहनत और मेरिट पर आधारित है। इसलिए किसी भी दलाल या धोखेबाज के झांसे में बिल्कुल न आएं और न ही किसी को पैसे दें। कितनी मिलेगी सैलरी? अग्निवीर के तौर पर चुने जाने वाले युवाओं को एक शानदार कस्टमाइज्ड पैकेज मिलेगा। पहले साल आपकी सैलरी 30,000 रुपये महीने होगी। दूसरे साल यह बढ़कर 33,000 रुपये, तीसरे साल 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इसके अलावा आपको रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन, ड्रेस और ट्रैवल अलाउंस भी नियमों के मुताबिक दिए जाएंगे। आवेदन कैसे करें? (How to Apply) आवेदन करने का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले आपको भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाना होगा। अगर आप नए यूजर हैं, तो अपनी बेसिक जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन करें और अपना लॉगिन आईडी बनाएं। इसके बाद लॉगिन करके फॉर्म को ध्यान से भरें, अपनी फोटो, साइन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अंत में 250 रुपये की फीस भरकर फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका एक प्रिंटआउट जरूर निकालकर अपने पास रख लें। रैली के वक्त आपको अपने एडमिट कार्ड, 20 पासपोर्ट साइज फोटो, एजुकेशन सर्टिफिकेट, डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र, सरपंच का कैरेक्टर सर्टिफिकेट, अनमैरिड सर्टिफिकेट और पैन/आधार कार्ड जैसे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स ओरिजिनल और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जानी होगी। तो देर किस बात की? आज ही अपनी दौड़ और पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दें और देश सेवा के इस सुनहरे मौके को अपने हाथ से न जाने दें।  

आदिवासी परंपराओं के संरक्षण पर जोर, राज्यपाल रमेन डेका की अपील

रायपुर आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा राज्यपाल रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों से कहा कि अपनी समृद्ध, पारंपरिक संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय भाषाओं, लोकगीतों, कलाओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने समृद्ध संस्कृति ओर परंपरा को सहेजकर रखनेे का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें।  राज्यपाल रमेन डेका आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर आदिवासियों से शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा स्व-सहायता समूह द्वारा आजीविका गतिविधियां संचालित राज्यपाल डेका ने लखपति दीदीमती प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह कीमती रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण), राशन की उपलब्धता, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी कीमती मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई कीमती ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।  जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत राज्यपाल ने कहा कि बांस के उत्पाद और पारंपरिक गहने बनाना सिखाने के लिए प्रशिक्षक की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यहां पीएम जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में निवासरत हैं। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 21 सड़कों का निर्माण किया गया है। टाटीधार में बहुद्देशीय केंद्र बनाया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए      राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पीएम जनमन योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोतियाबिंद की समस्या है, तो वे एम्स आ सकते हैं, वहां उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपहार भी प्रदान किया।  इस अवसर पर बैगा समाज के प्रमुख लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया तथा बैगा महिलाओं ने खुमरी पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ मनोज पांडे, एडीएम शिव कुमार बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सरकारी नौकरी पर विवाद, राजस्थान हाईकोर्ट ने एग्जाम में शून्य अंक पाने वालों को नौकरी देने पर जताई आपत्ति

जयपुर  राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार से यह बताने को कहा कि उसने रिज़र्व कैटेगरी के तहत क्लास IV सरकारी कर्मचारियों की भर्ती के लिए कट-ऑफ मार्क्स ज़ीरो क्यों तय किए हैं. कोर्ट ने यह सवाल विनोद कुमार बेटे प्यारेलाल बनाम राजस्थान राज्य के मामले में सुनवाई के दौरान पूछी है. इस हालात को चौंकाने वाला बताते हुए, जस्टिस आनंद शर्मा ने कहा कि इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है, क्योंकि यह सरकारी नौकरी में बेसिक स्टैंडर्ड बनाए रखने को लेकर चिंता पैदा करता है। ‘सरकारी कर्मचारी को बेसिक काम तो ठीक से आना ही चाहिए’ कोर्ट ने कहा, ‘अपॉइंटिंग अथॉरिटी के तौर पर, राज्य से उम्मीद की जाती है कि वह रिज़र्व कैटेगरी के लिए भी भर्ती में मिनिमम स्टैंडर्ड पक्का करे, ताकि चुने गए उम्मीदवार बेसिक काम ठीक से कर सकें, चाहे वे क्लास-IV कर्मचारी ही क्यों न हों. जो व्यक्ति लगभग ज़ीरो या नेगेटिव मार्क्स लाता है, उसे सही नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह आदेश एक रिट पिटीशन पर दिया जिसमें कहा गया था कि हाल ही में एक सरकारी डिपार्टमेंट में क्लास-IV एम्प्लॉई के लिए एक रिक्रूटमेंट प्रोसेस में, कुछ रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए कट-ऑफ मार्क्स 0.0033 जितने कम थे। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक उम्मीदवार ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि हाल ही में हुई एक भर्ती प्रक्रिया में कुछ आरक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ महज 0.0033 रखी गई थी। माइनस में नंबर, फिर भी नौकरी ना मिलने की शिकायत दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा इसलिए खटखटाया क्योंकि उसके अंक शून्य से भी कम थे और इसी आधार पर उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। उसने कोर्ट से शिकायत की कि जब सरकार ने पास होने के लिए कोई न्यूनतम नंबर तय ही नहीं किए हैं, तो उसे फेल क्यों किया गया? जांच में पता चला कि कुछ श्रेणियों में कट-ऑफ महज 0.0033 थी। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि या तो परीक्षा का पेपर जरूरत से ज्यादा कठिन था या फिर भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि उन्होंने पास होने के लिए कम से कम नंबर की सीमा तय क्यों नहीं की? अब राजस्थान हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से जवाब मांगा है। उन्हें हलफनामा देकर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।  

युवा जोश का कमाल: अंडर-17 टीम ने मैत्री मुकाबले में म्यांमार को हराकर किया आगाज शानदार

म्यांमार भारतीय अंडर-17 पुरुष राष्ट्रीय टीम ने पहले मैत्री मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान म्यांमार को 2-1 से हराया। यांगून के थ्वुन्ना स्टेडियम में मंगलवार को खेले गये मुकाबले के पहले हाफ में वाशिंगटन सिंह न्गांगोम (11वें) और गुनलेइबा वांगखेइराकपाम (24वें) मिनट में गोलकर भारतीय टीम को बढ़त दिलाई। हाफ-टाइम के बाद म्यांमार की ओर म्यिंट म्याट को ने (54वें) मिनट में गोल करके स्कोरशीट में जगह बनाई, लेकिन अंतत: भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 जीत दर्ज की। भारतीय टीम इस साल के आखिर में होने वाले एएफसी अंडर-17 एशियन कप सऊदी अरब 2026 की तैयारी कर रहे हैं।  

हार हमारे चेहरे पर थप्पड़ की तरह थी: दक्षिण अफ्रीका के कोच शुकरी कॉनराड

कोलकाता दक्षिण अफ्रीका का नॉक आउट गेम्स में हारने का पुराना रिकॉर्ड रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में भी इस रिकॉर्ड से दक्षिण अफ्रीका का पीछा नहीं छूटा। बुधवार को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका के कोच शुकरी कॉनराड ने इस हार को ‘खूनी मार’ की संज्ञा दी है। मैच के बाद शुकरी कॉनराड ने कहा, “मुझे नहीं पता कि आज रात चोक थी या नहीं। मुझे लगा कि यह एक खूनी मार थी। चोक होने के लिए, आपको गेम में थोड़ी सी भी पकड़ होनी चाहिए। हमें कोई पकड़ नहीं मिली। यह ऐसा था जैसे चेहरे पर थप्पड़ मारा गया हो।” कॉनराड ने कहा, “आज रात बहुत कुछ ठीक नहीं हुआ, लेकिन शायद ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे बहुत अच्छे थे और उन्होंने हमें कभी मौका नहीं दिया। मैं यहां बैठकर बुरी रात के लिए बहाने नहीं बनाऊंगा। हम अच्छे नहीं थे और वे बहुत अच्छे थे। उन्होंने हमें आगे से रोक दिया, हमने विकेट गंवाए और हमें कोई मोमेंटम नहीं मिला।” दक्षिण अफ्रीका के कोच ने कहा, “आज रात की गेंदबाजी की क्षमता और विकेट ने हमारे लिए मैच को मुश्किल बना दिया।” न्यूजीलैंड की तारीफ करते हुए कॉनराड ने कहा, “न्यूजीलैंड ने आज रात सच में बहुत, बहुत अच्छा खेला। उन्होंने हमें बिल्कुल मौका नहीं दिया और सच में बहुत अच्छा दबाव बनाया। उनके स्पिनर बहुत अच्छे रहे।” टी20 विश्व कप 2026 में अजेय रही और ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड को हरा चुकी दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। टॉस गंवाकर दक्षिण अफ्रीका ने 8 विकेट पर 169 रन बनाए थे। फिन एलन के 33 गेंदों पर बनाए 100 रन और टिम साइफर्ट के 33 गेंदों पर बनाए 58 रन की मदद से न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 173 रन बनाकर मैच 9 विकेट से जीतते हुए फाइनल में जगह बना ली।  

कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने राज्यपाल से की सौजन्य भेंट

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने मंगलवार को कुलाधिपति एवं राज्यपाल माननीय श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करने का अवसर देने और विकास के प्रति विश्वास जताने के लिए कुलाधिपति के प्रति आभार व्यक्त किया।  प्रोफेसर दयाल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय के हित, प्रगति और शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी प्रयास कुलाधिपति के मार्गदर्शन में किए जाएंगे। भेंट के दौरान विश्वविद्यालय के भावी विकास के लिए तैयार रोडमैप, रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने उच्च शिक्षा सचिव तथा उच्च शिक्षा आयुक्त से भी मुलाकात कर विश्वविद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता और विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

बीकानेर कोर्ट पर बम धमकी का मेल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच

बीकानेर बीकानेर शहर के न्यायालय परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना सामने आई। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया और एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाया जाने लगा। ई-मेल के जरिए मिली धमकी मिली जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने ई-मेल भेजकर बीकानेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, पक्षकारों और कर्मचारियों को बाहर निकलने के निर्देश दिए गए। मौके पर पहुंची एडीएसपी घटना की सूचना पर एडीएसपी चक्रवती सिंह राठौड़ भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने सभी अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों को तुरंत अदालत परिसर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। सुरक्षा एजेंसियों ने चलाया तलाशी अभियान अजय पुरोहित ने कहा कि अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, इसलिए सभी लोग तत्काल परिसर खाली कर दें। साथ ही जो अधिवक्ता अभी तक कोर्ट नहीं पहुंचे हैं, उन्हें भी फिलहाल अपने घरों में ही सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

एमपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए चिंता की खबर, वेतन कटौती मामले में मोहन सरकार SC जाएगी, 400 करोड़ भुगतान अटका

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा प्रोबेशन पीरियड वेतन कटौती मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में बड़ा फैसला सुनाते हुए तत्कालीन कमलनाथ सरकार के 12 दिसंबर 2019 के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसमें नए नियुक्त कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि के दौरान पूरा वेतन देने के बजाय 70%, 80% और 90% वेतन देने का प्रावधान किया गया था। अदालत ने इसे भेदभावपूर्ण और अवैध करार देते हुए स्पष्ट कहा था कि प्रभावित कर्मचारियों को काटी गई राशि एरियर सहित लौटाई जाए। इस निर्णय से करीब 1 लाख कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी कि उन्हें लगभग 400 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान मिल सकेगा। अब सर्वोच्च अदालत की शरण में जाने की तैयारी हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामला थमता नजर आ रहा था, लेकिन अब मोहन सरकार ने इसे चुनौती देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने की योजना बना रही है। यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाती है तो एरियर भुगतान पर फिलहाल रोक लग सकती है, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक उम्मीदों को बड़ा झटका लगेगा। इस कदम को लेकर कर्मचारी संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। वेतन कटौती केस, SC जाएगी सरकार मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) के दौरान वेतन कटौती का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचने वाला है। जबलपुर हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तत्कालीन कमलनाथ सरकार के 12 दिसंबर 2019 के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें नए कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड के दौरान शत-प्रतिशत वेतन न देकर 70%, 80% और 90% वेतन देने का प्रावधान था। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि प्रभावित कर्मचारियों को काटा गया वेतन एरियर्स समेत लौटाया जाए। हालांकि, अब मोहन सरकार इस फैसले को मानने के बजाय इसे चुनौती देने का मन बना चुकी है। एमपी हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला  बीजेपी ने कमलनाथ सरकार की तरफ से लागू किए गए इस नियम को बदलने का वादा किया था. लेकिन, एमपी सरकार की तरफ से अब तक यह नियम नहीं बदला गया है. ऐसे में कर्मचारी संगठनों ने एमपी का हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और प्रोबेशन पीरियड 2 साल ही करने और पूरी सैलरी देने को लेकर याचिका लगाई. जहां एमपी हाईकोर्ट ने मामले में बड़ा फैसला सुनाया. जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोत की डिवीजन बेंच ने मामले में कहा कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह से न केवल भेदभावपूर्ण है. बल्कि कर्मचारियों को वेतन कम देना भी नियम नहीं है. क्योंकि जब कर्मचारियों से काम पूरा लिया जा रहा है तो फिर उन्हें वेतन भी पूरा देना चाहिए. हाईकोर्ट ने इसे समानता के अधिकार का खुला उल्लंघन मानते हुए कर्मचारियों को सामान वेतन और एरियर देना का फैसला सुनाया.  सु्प्रीम कोर्ट जाएगी एमपी सरकार  अब इस मामले में एमपी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है. क्योंकि एमपी हाईकोर्ट ने एमपीपीएससी का हवाला दिया था. जिसमें कहा गया था कि एमपीपीएससी के तहत होने वाली नियुक्तियों में दो साल का प्रोबेशन पीरियड और सैलरी भी पूरी दी जाती है. तो फिर कर्मचारी चयन मंडल में यह अंतर क्यों हो रहा है. अब सरकार का कहना है कि एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती प्रक्रियाओं में अंतर है. एमपीपीएससी में प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार होता है, जबकि कर्मचारी चयन मंडल में केवल एक परीक्षा होती है. ऐसे में दोनों की चयन प्रक्रिया अलग है.  400 करोड़ मामला अगर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाती है तो इस अवधि में चयनित 1 लाख सरकारी कर्मचारियों को हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक एरियर के जो 400 करोड़ रुपए मिलने थे. वह फिलहाल अटक सकते हैं. क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जो फैसला आएगा यह एरियर उस फैसले पर मायने रखेगा.   सरकार के वादे और कर्मचारियों का संघर्ष साल 2019 में कमलनाथ सरकार ने प्रोबेशन पीरियड को 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दिया था और वेतन में कटौती लागू की थी। 2020 में सत्ता परिवर्तन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कई बार सार्वजनिक मंचों से इस नियम को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन यह कभी लागू नहीं हो सका। शिवराज सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो थक-हारकर कर्मचारियों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 2019 का आदेश और बढ़ी परिवीक्षा अवधि का प्रभाव विवाद की जड़ 2019 का वह शासनादेश है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार ने प्रोबेशन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष कर दी थी। साथ ही इस अवधि में पूर्ण वेतन के स्थान पर चरणबद्ध वेतन देने का नियम लागू किया गया था। नए कर्मचारियों को पहले वर्ष 70%, दूसरे वर्ष 80% और तीसरे वर्ष 90% वेतन दिया जाता था। चौथे वर्ष के बाद ही उन्हें नियमित वेतनमान का लाभ मिलता था। इस नीति का तर्क वित्तीय भार कम करना बताया गया था, लेकिन कर्मचारियों ने इसे अन्यायपूर्ण माना। सत्ता परिवर्तन के बाद अधूरे रहे वादे 2020 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई मंचों से इस वेतन कटौती नियम को समाप्त करने का आश्वासन दिया था। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि नई सरकार इस प्रावधान को खत्म कर देगी, लेकिन व्यवहार में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लंबे इंतजार और अनदेखी के बाद कर्मचारी संगठनों ने न्यायिक हस्तक्षेप का रास्ता चुना और हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 1 लाख कर्मचारियों की उम्मीदों पर असमंजस हाईकोर्ट के फैसले के बाद कर्मचारियों को राहत की उम्मीद बंधी थी। अनुमान है कि लगभग 1 लाख कर्मचारियों को मिलाकर करीब 400 करोड़ रुपये का एरियर बनता है। यदि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहता है तो भुगतान प्रक्रिया अनिश्चित काल तक टल सकती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह केवल वेतन का मामला नहीं, बल्कि सम्मान और समानता का प्रश्न भी है। आगे क्या? कानूनी और राजनीतिक दोनों दांव अब यह मामला कानूनी लड़ाई के अगले चरण में प्रवेश कर सकता है। यदि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश पर स्थगन देता है … Read more

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, महंगाई भत्ते में 4% का बढ़ा भुगतान

नई दिल्ली  बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने आखिरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दे दी है। सरकार ने महंगाई भत्ता यानी DA और महंगाई राहत यानी DR में 4% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा मिलेगा। ऐसे समय में जब रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने यह फैसला उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW के ताजा आंकड़ों के आधार पर लिया है। महंगाई के कारण कर्मचारियों की जेब पर जो असर पड़ रहा था, उसे संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आसान शब्दों में कहें तो यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करेगी। DA और DR का महत्व: आपकी सैलरी पर सीधा असर महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के बेसिक वेतन का एक तय प्रतिशत होता है। वहीं पेंशनभोगियों को इसी तरह की सहायता महंगाई राहत (DR) के रूप में दी जाती है। जब महंगाई बढ़ती है तो सरकार समय-समय पर DA और DR में संशोधन करती है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय का वास्तविक मूल्य बना रहे। मान लीजिए किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 30,000 रुपये है। अगर पहले 50% DA मिल रहा था, तो उसे 15,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलता था। अब 4% की बढ़ोतरी के बाद DA 54% हो जाएगा, यानी 16,200 रुपये। इस तरह हर महीने 1,200 रुपये की अतिरिक्त रकम सीधे सैलरी में जुड़ जाएगी। हालांकि यह सिर्फ एक उदाहरण है। असल बढ़ोतरी आपके पे-मैट्रिक्स और बेसिक पे पर निर्भर करेगी। एरियर और भुगतान की तारीख सरकार ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी पिछली तारीख से लागू मानी जाएगी, जो आमतौर पर 1 जनवरी से प्रभावी होती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया यानी एरियर भी मिलेगा। यह एरियर एकमुश्त उनके बैंक खाते में जमा किया जाएगा। त्योहारों या घरेलू खर्चों के समय यह अतिरिक्त राशि काफी काम आएगी। पेंशनभोगियों को भी एरियर का लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें मेडिकल खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत होगी। आमतौर पर बढ़ोतरी की घोषणा के बाद 1-2 महीनों के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। अर्थव्यवस्था और समाज पर असर DA में बढ़ोतरी का असर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे बाजार पर पड़ता है। जब लाखों लोगों की आय बढ़ती है, तो उनकी खर्च करने की क्षमता भी बढ़ती है। इससे बाजार में मांग बढ़ती है और स्थानीय व्यापार को फायदा होता है। पेंशनभोगियों के लिए यह बढ़ोतरी खास मायने रखती है। कई बुजुर्ग पूरी तरह पेंशन पर निर्भर होते हैं। दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा के खर्चों के बीच यह अतिरिक्त रकम उन्हें आर्थिक सहारा देती है। इसी वजह से DA और DR में संशोधन को सामाजिक सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जाता है। क्या आगे और बढ़ सकता है DA? कर्मचारी संगठनों की मांग है कि भविष्य में DA को और बढ़ाया जाए और 8वें वेतन आयोग के गठन पर भी जल्द फैसला लिया जाए। हालांकि फिलहाल 4% की बढ़ोतरी को तात्कालिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। महंगाई के आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार DA की समीक्षा की जाती है, इसलिए आगे भी बदलाव संभव है। सरकार का कहना है कि वह आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेगी। फिलहाल यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है और इससे उनकी मासिक आय में साफ फर्क दिखाई देगा। कुल मिलाकर 4% DA बढ़ोतरी का फैसला केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह अतिरिक्त रकम घर के बजट को संभालने में मदद करेगी। एरियर के साथ मिलने वाली राशि त्योहारों और जरूरी खर्चों में सहारा बनेगी। आने वाले समय में अगर महंगाई के आंकड़े इसी तरह बढ़ते रहे, तो DA में और संशोधन की संभावना भी बनी रहेगी। फिलहाल यह घोषणा लाखों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए काफी है।

टी20 वर्ल्ड कप: वरुण चक्रवर्ती के पास नंबर वन बनने का मौका, इंग्लैंड के आदिल रशीद भी रेस में

मुंबई भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को शाम 7 बजे से खेला जाना है। भारतीय टीम के रहस्यमयी लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के लिए यह मैच खास हो सकता है। वरुण चक्रवर्ती अगर इंग्लैंड के खिलाफ अपनी प्रतिष्ठा के अनरुप प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं, तो इस विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन सकते हैं। वरुण विश्व कप के 7 मैचों में 12 विकेट ले चुके हैं। अगर वरुण सेमीफाइनल में 2 विकेट लेने में कामयाब रहते हैं तो उनके 14 विकेट हो जाएंगे और वह इस विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे। वरुण का सुपर-8 में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। सुपर-8 के तीन मैचों में वह 3 विकेट ही ले सके हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। वह इस टीम के खिलाफ 5 मैचों में 14 विकेट ले चुके हैं, जिसमें एक फाइफर भी शामिल है। इस आंकड़े को देखते हुए भारतीय टीम वरुण से इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। इस विश्व कप में शीर्ष गेंदबाज बनने का मौका इंग्लैंड के स्पिनर आदिल रशीद के पास भी है। रशीद ने 7 मैचों में 11 विकेट लिए हैं। भारत के खिलाफ रशीद ने 18 मैचों में 14 विकेट लिए हैं। टी20 विश्व कप 2026 में पहले सेमीफाइनल के बाद शीर्ष 5 गेंदबाजों की सूची पर गौर करें तो पहले स्थान पर अमेरिका के एससी वैन शाल्कविक हैं। उनके 4 मैचों में 13 विकेट हैं। दूसरे स्थान पर जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी हैं। मुजरबानी ने 6 मैचों में 13 विकेट लिए थे। तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के लुंगी एंगिडी हैं। एंगिडी ने 7 मैचों में 12 विकेट लिए थे। ये तीनों टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। इसलिए इन गेंदबाजों के विकेटों की संख्या नहीं बढ़ेगी। चौथे स्थान पर भारत के वरुण हैं। वरुण के 7 मैचों में 12 विकेट हैं। न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र 8 मैचों में 11 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर हैं। आदिल रशीद भी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं।  

सेमीफाइनल से पहले बढ़ी धड़कनें! वानखेड़े की इन हालातों से चिंतित दिखे गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल

नई दिल्ली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल ने वानखेड़े की पिच को लेकर अपना आंकलन बताया है। उन्होंने कहा कि पिच पर अतिरिक्त उछाल हो सकती है। इसके साथ ही मोर्कल ने ओस को एक बड़ी चिंता करार दिया। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो सकती है।   मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप सेमीफाइनल के लिए तैयार है। भारत को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलने की संभावना है। इस बीच भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल ने वानखेड़े की पिच को लेकर अपना आंकलन बताया है। उन्होंने कहा कि पिच पर अतिरिक्त उछाल हो सकती है। इसके साथ ही मोर्कल ने ओस को एक बड़ी चिंता करार दिया। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो सकती है। वानखेड़े में अक्सर बल्लेबाजों के बड़े-बड़े शॉट देखने को मिलते हैं और इसे बल्लेबाजी के लिए अनुकूल माना जाता है। पिच और ड्यू फैक्टर को लेकर मोर्कल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ओस हमेशा से एक बड़ी चिंता रही है। लेकिन ये एक ऐसी चीज है जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते- टॉस को आप कंट्रोल नहीं कर सकते। मैं समझता हूं कि वानखेड़े में हमशा से थोड़ी अतिरिक्त उछाल होती है।’ भारत के गेंदबाजी कोच ने कहा, ‘हमारे गेंदबाज बाउंस पर भरोसा कर सकते हैं और सही लाइन से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मुझे लगता है कि यहां मार्जिन बहुत कम होगा। ये ग्राउंड छोटा है।’ मोर्कल ने कहा कि बल्लेबाजों के लिए मदद का मतलब ये नहीं कि गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हर गेंद पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इस पिच पर बल्लेबाजी की ताकत ही उसकी कमजोरी भी हो सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है। आक्रामक गेंदबाजी करते रहिए क्योंकि मौके आ सकते हैं।’ सेमीफाइनल में भारत उम्मीद करेगी कि इंग्लैंड के खिलाफ उसे लक्ष्य का पीछा करने को मिले। इसकी वजह ये है कि इंग्लैंड ने मुश्किल लक्ष्यों का भी सफलता से पीछा करने की काबिलियत रखती है। उसने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार इस तरह का प्रदर्शन किया। टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत और इंग्लैंड की टीमें तीसरी बार सेमीफाइनल में भिड़ने जा रही हैं। इससे पहले 2022 और 2024 में भी दोनों टीमें सेमीफाइनल में आपस में भिड़ चुकी हैं। संयोग से दोनों टीमों के बीच इससे पहले हुए दोनों सेमीफाइनल में जिस भी टीम ने जीत हासिल की, उसने फाइनल भी फतह किया। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को सेमीफाइनल में हराया था और बाद में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर विश्व कप पर कब्जा किया था। उसके अगले ही विश्व कप में भारत और इंग्लैंड एक बार फिर सेमीफाइनल में आमने-सामने थे। तब भारत ने इंग्लैंड को हराया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को शिकस्त देकर विश्व कप अपने नाम किया था। इस बार ये देखना भी दिलचस्प रहेगा कि भारत बनाम इंग्लैंड के सेमीफाइनल की विजेता टीम के विश्व कप जीतने का ट्रेंड बरकरार रहता है या नहीं।

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